धारा 4 से  10 -क अध्याय 3 (इलैक्ट्रानिक नियमन) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

धारा 4 से 10 -क अध्याय 3 (इलैक्ट्रानिक नियमन) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

अध्याय 3

इलैक्ट्रानिक नियमन

4. इलैक्ट्रानिक अभिलेखों की विधिमान्यता-

जहां कोई विधि यह उपबंध करती है कि सूचना या कोई अन्य विषय लिखित या टंकित या मुद्रित रूप में होगा, वहां, ऐसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि ऐसी सूचना या विषय,—

() किसी इलैक्ट्रानिक रूप में दिया जाता है या उपलब्ध कराया जाता है, और

() इस प्रकार पहुंच योग्य है कि वह किसी पश्चात्वर्ती निर्देश के लिए उपयोग किए जाने योग्य है।

5. 1 [इलैक्ट्रानिक चिह्नकों] की विधिमान्यता

जहां किसी विधि में यह उपबंध किया गया हो कि सूचना या कोई अन्य विषय, उस पर हस्ताक्षर कर के अधिप्रमाणित किया जाए, या कोई दस्तावेज हस्ताक्षरित किया जाए अथवा उस पर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर हों, वहां ऐसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि ऐसी सूचना या विषय, ऐसी रीति से जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, ' [ इलैक्ट्रानिक चिह्नक] लगा कर अधिप्रमाणित किया गया हो

स्पष्टीकरण

इस धारा के प्रयोजनों के लिए इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों के साथहस्ताक्षरित" से, किसी व्यक्ति के संदर्भ में, अभिप्रेत है किसी दस्तावेज पर अपने हस्तलिखित हस्ताक्षर करना या कोई चिह्न लगाना और "हस्ताक्षर " पद का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा

[1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

6. सरकार और उसके अभिकरणों में इलैक्ट्रानिक अभिलेखों और  1 [इलैक्ट्रानिक चिह्नकों] का प्रयोग

(1) जहां किसी विधि में,

() समुचित सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी कार्यालय, प्राधिकरण, निकाय या अभिकरण में कोई प्ररूप, आवेदन या कोई अन्य दस्तावेज किसी विशिष्ट रीति से फाइल करने का;

() किसी अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र, मंजूरी या अनुमोदन, वह चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो किसी विशिष्ट रीति से जारी या मंजूर करने का

() किसी विशिष्ट रीति से धन की प्राप्ति या संदाय का,

उपबंध है, वहां, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी, यदि, यथास्थिति, ऐसा फाइल किया जाना, जारी किया जाना, मंजूरी, प्राप्ति या संदाय ऐसे इलैक्ट्रानिक रूप से, जो समुचित सरकार द्वारा विहित किया जाए, किया जाता है।

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, समुचित सरकार, नियमों द्वारा निम्नलिखित विहित कर सकेगी-

() वह रीति जिससे और वह रूपविधान जिसमें ऐसे इलैक्ट्रानिक अभिलेख फाइल, सृजित या जारी किए जाएंगे;

() खंड () के अधीन किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख के फाइल, सृजन या जारी किए जाने के लिए किसी फीस या प्रभारों के संदाय की रीति या पद्धति  

(1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

1[6. सेवा प्रदाता द्वारा सेवाओं का परिदान-

(1) समुचित सरकार इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए और इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से, जनता को सेवाओं के दक्ष परिदान के लिए, आदेश द्वारा, किसी सेवा प्रदाता को कंप्यूटरीकृत सुविधाओं की स्थापना, अनुरक्षण और उन्नयन और ऐसी अन्य सेवाओं का अनुपालन करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी, जो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे।

स्पष्टीकरण-

इस धारा के प्रयोजनों के लिए, इस प्रकार प्राधिकृत सेवा प्रदाता के अंतर्गत कोई व्यष्टि, प्राइवेट अभिकरण, प्राइवेट कंपनी, भागीदारी फर्म, एकल स्वत्वधारी फर्म या कोई ऐसा अन्य निकाय या अधिकरण है जिसे ऐसे सेवा सेक्टर को शासित करने वाली नीति के अनुसरण में इलेक्टानिक माध्यम से सेवाएं प्रस्थापित करने के लिए समुचित सरकार द्वारा अनुज्ञा दी गई है।

(2) समुचित सरकार, उपधारा (1) के अधीन प्राधिकृत किसी सेवा प्रदाता को, ऐसे सेवा प्रभार, जो ऐसी सेवा का उपभोग करने वाले व्यक्ति से ऐसी सेवा प्रदान करने के प्रयोजन के लिए समुचित सरकार द्वारा विहित किए जाएं, संगृहीत, प्रतिधारित और विनियोजित करने के लिए भी प्राधिकृत कर सकेगी।

(3) उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, समुचित सरकार इस तथ्य के होते हुए भी कि इस अधिनियम, नियम, विनियम या अधिसूचना के अधीन ऐसा कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं है, जिसके अधीन सेवा प्रदाताओं द्वारा -सेवा प्रभारों का संग्रहण, प्रतिधारण और विनियोजन करने के लिए सेवा प्रदान की जाती है, इस धारा के अधीन सेवा प्रदाताओं को सेवा प्रभारों का संग्रहण, प्रतिधारण, विनियोजन करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी।

(4) समुचित सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, उन सेवा प्रभारों का मापमान विनिर्दिष्ट करेगी जो इस धारा के अधीन सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रभारित और संगृहीत किए जा सकेंगे :

परंतु समुचित सरकार विभिन्न प्रकार की सेवाओं के लिए सेवा प्रभारों के विभिन्न मापमान विनिर्दिष्ट कर सकेगी।]

(1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

7. इलैक्ट्रानिक अभिलेखों का प्रतिधारण -

(1) जहां किसी विधि में यह उपबंध है कि दस्तावेज, अभिलेख या सूचना किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए प्रतिधारित की जाए, वहां ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी यदि ऐसे दस्तावेज, अभिलेख या सूचना इलैक्ट्रानिक रूप में प्रतिधारित की जाती है, यदि

() उसमें अन्तर्विष्ट सूचना इस प्रकार पहुंच योग्य बनी रहती है कि पश्चात्वर्ती निर्देश के लिए उपयोग की जा सके

() इलैक्ट्रानिक अभिलेख उसी रूपविधान में, जिसमें मूलतः उत्पादित, प्रेषित या प्राप्त किया गया था या उस रूपविधान में, जिसमें मूलतः उत्पादित, प्रेषित या प्राप्त की गई सूचना ठीक-ठीक निरूपित करने के लिए निदर्शित की जा सकती है, प्रतिधारित किया जाता है;

() वे ब्यौरे, जो ऐसे इलैक्ट्रानिक अभिलेख के उद्भव, गंतव्य, प्रेषण या प्राप्ति की तारीख और समय के अभिज्ञान को सुकर बनाएंगे, इलैक्ट्रानिक अभिलेख में उपलब्ध हैं:

परंतु यह खंड किसी ऐसी सूचना को लागू नहीं होता है जो किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख को केवल प्रेषित या प्राप्त करने में समर्थ बनाने के प्रयोजन के लिए स्वतः उत्पादित की जाती है

(2) इस धारा की कोई बात किसी ऐसी विधि को लागू नहीं होगी जिसमें इलैक्ट्रानिक अभिलेखों के प्ररूप में दस्तावेजों, अभिलेखों या सूचना के प्रतिधारण के लिए अभिव्यक्त रूप में उपबंध है।

1[7. इलैक्ट्रानिक रूप में संसाधित दस्तावेजों की सम्परीक्षा, आदि-

जहाँ तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में दस्तावेजों, अभिलेखों या सूचना की संपरीक्षा का उपबंध है वहाँ वह उपबंध इलैक्ट्रानिक रूप में संसाधित और रखे गए दस्तावेजों, अभिलेखों या सूचना की सम्परीक्षा के संबंध में भी लागू होगा।

(1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा अंतःस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

8. इलैक्ट्रानिक गजट में नियम, विनियम, आदि का प्रकाशन

जहां किसी विधि में यह उपबंध है कि कोई नियम, विनियम, आदेश, उपविधि, अधिसूचना या कोई अन्य विषय शासकीय राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा वहां ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी यदि ऐसा नियम, विनियम, आदेश, उपविधि, अधिसूचना या कोई अन्य विषय राजपत्र या इलैक्ट्रानिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाता है :

परन्तु जहां शासकीय राजपत्र या इलैक्ट्रानिक राजपत्र में कोई नियम, विनियम, आदेश, उपविधि, अधिसूचना या किसी अन्य सामग्री को प्रकाशित किया जाता है वहां वही प्रकाशन की तारीख, उस राजपत्र की तारीख समझी जाएगी, जिसको वह प्रथमतः किसी रूप में प्रकाशित हुआ था।

9. धारा 6, धारा 7 और धारा 8 इस बात पर जोर देने का अधिकार प्रदान नहीं करती कि दस्तावेज इलैक्ट्रानिक रूप में स्वीकार किया जाए

धारा 6, धारा 7 और धारा 8 में अंतर्विष्ट कोई बात किसी व्यक्ति को इस बात पर जोर देने का अधिकार प्रदान नहीं करेगी कि केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार के किसी मंत्रालय या विभाग अथवा किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित या केन्द्रीय या राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या वित्तपोषित किसी प्राधिकरण या निकाय को कोई दस्तावेज इलैक्ट्रानिक अभिलेखों के रूप में स्वीकार, जारी, सृजित, प्रतिधारित, संरक्षित करना चाहिए या इलैक्ट्रानिक रूप में कोई धनीय संव्यवहार करना चाहिए

10. 1[इलैक्ट्रानिक चिह्नक] से संबंधित नियम बनाने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति -

केन्द्रीय सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, नियमों द्वारा, निम्नलिखित विहित कर सकेगी. -

() 2[इलैक्ट्रानिक चिह्नक] का प्रकार;

() वह रीति और रूपविधान जिसमें 1[ इलैक्ट्रानिक चिह्नक] लगाया जाएगा;

() वह रीति या प्रक्रिया जो 3[ इलैक्ट्रानिक चिह्नक] लगाने वाले व्यक्ति की पहचान को सुकर बनाती है;

() इलैक्ट्रानिक अभिलेखों या संदायों की यथोचित समग्रता, सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण पद्धति और प्रक्रियाएं और

() कोई अन्य विषय, जो 4[ इलैक्ट्रानिक चिह्नक] को विधिक प्रभाव देने के लिए आवश्यक हो

(1-4. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

1[10-() . इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से की गई संविदाओं की विधिमान्यता

जहां किसी संविदा को तैयार करने में, यथास्थिति, प्रस्थापनाओं की संसूचना, प्रस्थापनाओं की स्वीकृति, प्रस्थापनाओं का प्रतिसंहरण और स्वीकृतियां, इलैक्ट्रानिक रूप में या किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख के साधनों द्वारा, अभिव्यक्त की जाती है वहां ऐसी संविदा केवल इस आधार पर कि ऐसा इलैक्ट्रानिक रूप या साधन उस प्रयोजन के लिए उपयोग किया गया था, अप्रवर्तनीय नहीं समझी जाएगी

(1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा अंतःस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

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