धारा 35 से 39 अध्याय 7 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

अध्याय 7

1[इलैक्ट्रानिक चिह्नक] प्रमाणपत्र

35. प्रमाणकर्ता प्राधिकारी द्वारा 2[इलैक्ट्रानिक चिह्नक प्रमाणपत्र जारी किया जाना -

(1) कोई भी व्यक्ति, 5[इलैक्ट्रानिक चिह्नक] प्रमाणपत्र जारी करने के लिए प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को ऐसे प्ररूप में आवेदन कर सकेगा, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए ।

(2) ऐसे प्रत्येक आवेदन के साथ प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को संदेय की जाने वाली पच्चीस हजार रुपए से अधिक उतनी फीस संलग्न होगी, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए:

परन्तु उपधारा (2) के अधीन फीस विहित करते समय, आवेदकों के विभिन्न वर्गों के लिए विभिन्न फीसें विहित की जा सकेंगी।

(3) ऐसे प्रत्येक आवेदन के साथ प्रमाणन पद्धति विवरण संलग्न होगा या जहां ऐसा विवरण नहीं है, वहां ऐसी विशिष्टियों वाला विवरण संलग्न होगा, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए ।

(4) उपधारा (1) के अधीन आवेदन प्राप्त होने पर, प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, उपधारा (3) के अधीन प्रमाणन पद्धति विवरण या अन्य विवरण पर विचार करने और ऐसी जांच करने के पश्चात्, जो वह ठीक समझे, 6(इलैक्ट्रानिक चिह्नक) प्रमाणपत्र मंजूर कर सकेगा या आवेदन को, उन कारणों से जो लेखबद्ध किए जाएंगे, नामंजूर कर सकेगा

7**** [ (7.2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा विलुप्त (27-10-2009 से प्रभावी)

8[परन्तु] कोई भी आवेदन तब तक नामंजूर नहीं किया जाएगा जब तक कि आवेदक को प्रस्तावित नामंजूरी के विरुद्ध कारण दर्शित करने के लिए उचित अवसर न दे दिया गया हो ।

(1-8) 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)

36. अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र जारी करने पर अभ्यावेदन

अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र जारी करते समय प्रमाणकर्ता प्राधिकारी यह प्रमाणित करेगा कि

(क) उसने इस अधिनियम, उसके अधीन बनाए गए नियमों और विनियमों का अनुपालन किया है,

(ख) उसने अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र प्रकाशित किया है या उसे उस पर विश्वास करने वाले व्यक्ति को उपलब्ध कराया है और हस्ताक्षरकर्ता ने उसे स्वीकार किया है;

(ग) हस्ताक्षरकर्ता के पास अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध लोक कुंजी के अनुरूप प्राइवेट कुंजी है;

3[(गक) उपयोगकर्ता के पास ऐसी प्राइवेट कुंजी है, जो अंकीय चिह्नक का सृजन करने में समर्थ है;

(गख) प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध की जाने वाली लोक कुंजी का उपयोगकर्ता द्वारा धारित प्राइवेट कुंजी द्वारा लगाए गए अंकीय चिह्नक का सत्यापन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है ।]

(घ) हस्ताक्षरकर्ता की लोक कुंजी और प्राइवेट कुंजी मिलकर एक कार्यकारी कुंजी युग्म बनाती है,

(ङ) अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में अंतर्विष्ट सूचना सही है; और

(च) उसके पास किसी ऐसे सारवान् तथ्य की जानकारी नहीं है जिसे यदि अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में सम्मिलित किया गया होता तो उसका खंड (क) से खंड (घ) में किए गए व्यपदेशनों की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता ।

(3. 2009 के अधिनियम सं० 10 की धारा 18 द्वारा अंतःस्थापित )

37. अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र का निलंबन -

(1) ऐसा प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, जिसने अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र जारी किया है, उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, -

(क) (i) अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध हस्ताक्षरकर्ता से, या

(ii) उस उपयोगकर्ता की ओर से कार्य करने के लिए सम्यक् रूप से प्राधिकृत किसी व्यक्ति से ;

(ख) यदि उसकी यह राय है कि अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र लोकहित में निलंबित किया जाना चाहिए,

ऐसे अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र को निलंबित कर सकेगा।

(2) अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र पन्द्रह दिन से अधिक के लिए तब तक निलंबित नहीं किया जाएगा जब तक कि उपयोगकर्ता को उस विषय पर सुने जाने का अवसर न दे दिया गया हो ।

(3) इस धारा के अधीन अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र के निलंबन पर प्रमाणकर्ता प्राधिकारी उपयोगकर्ता को उसकी संसूचना देगा 

38. अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र का प्रतिसंहरण -

(1) प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, अपने द्वारा जारी किया गया अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र उस दशा में प्रतिसंहृत कर सकेगा—

(क) जहां हस्ताक्षरकर्ता या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य व्यक्ति उस आशय का अनुरोध करे; या

(ख) हस्ताक्षरकर्ता की मृत्यु हो जाती है, या

(ग) फर्म का विघटन या कंपनी का परिसमापन हो जाता है, यदि उपयोगकर्ता फर्म या कंपनी है।

(2) उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, और उपधारा (1) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, अपने द्वारा जारी किए गए अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र को किसी भी समय प्रतिसंहृत कर सकेगा, यदि उसकी यह राय है कि

(क) अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में दिया गया कोई सारवान् तथ्य मिथ्या है, या उसे रद्द दिया गया है,

(ख) अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र के जारी किए जाने से संबंधित अपेक्षाएं पूरी नहीं की गई हैं;

(ग) प्रमाणकर्ता प्राधिकारी की प्राइवेट कुंजी या सुरक्षा प्रणाली ऐसी रीति से गोपनीय नहीं रह गई है जिससे अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र की विश्वसनीयता तात्त्विक रूप से प्रभावित होती है;

(घ) हस्ताक्षरकर्ता को दिवालिया या मृत घोषित किया गया है या जहां हस्ताक्षरकर्ता फर्म या कंपनी है वहां उसका विघटन या परिसमापन हो गया है या वह अन्यथा अस्तित्व में नहीं रह गई है।

(3) कोई अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र तब तक प्रतिसंहृत नहीं किया जाएगा जब तक कि हस्ताक्षरकर्ता को मामले में सुनवाई का अवसर न दे दिया गया हो ।

(4) इस धारा के अधीन अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र का प्रतिसंहरण होने पर प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, उसकी संसूचना हस्ताक्षरकर्ता को देगा ।

39. निलंबन या प्रतिसंहरण की सूचना -

(1) जहां कोई अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र, धारा 37 या धारा 38 के अधीन निलंबित या प्रतिसंहृत किया जाता है वहां प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, यथास्थिति, ऐसे निलंबन या प्रतिसंहरण की सूचना, ऐसी सूचना के प्रकाशन के लिए अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट निधान में प्रकाशित करेगा ।

(2) जहां एक से अधिक निधान विनिर्दिष्ट किए गए हैं वहां प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, ऐसे सभी निधानों में, यथास्थिति, ऐसे निलंबन या प्रतिसंहरण की सूचनाएं प्रकाशित करेगा ।

 

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