
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने तारीख 30 जनवरी, 1997 के संकल्प ए आर ई एस / 51 / 162 द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि से संबंधित संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अंगीकार की गई इलैक्ट्रानिक वाणिज्य संबंधी आदर्श विधि को अंगीकार कर लिया है,
उक्त संकल्प में, अन्य बातों के साथ, यह सिफारिश की गई है कि सभी राज्य, जब वे अपनी विधियों का अधिनियमन या पुनरीक्षण करें, संसूचना और सूचना के भंडारण के कागज आधारित तरीकों के अनुकल्पों को लागू होने वाली विधि की एकरूपता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, उक्त आदर्श विधि पर अनुकूल ध्यान दें;
उक्त संकल्प को प्रभावी करना और विश्वसनीय इलैक्ट्रानिक अभिलेखों द्वारा सरकारी सेवाएं दक्षतापूर्वक देने का संवर्धन करना आवश्यक समझा गया है.
भारत गणराज्य के इक्यावनवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 है।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण भारत पर होगा और इस अधिनियम में जैसा अन्यथा उपबंधित है उसके सिवाय, यह किसी व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर किए गए किसी अपराध या इसके अधीन उल्लंघन को भी लागू होता है।
(3) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा, जो केन्द्रीय सरकार अधिसूचना द्वारा नियत करे और इस अधिनियम के भिन्न-भिन्न उपबंधों के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी और किसी ऐसे उपबंध में इस अधिनियम के प्रारंभ के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस उपबंध के प्रारंभ के प्रति निर्देश है।
(4) इस अधिनियम की कोई बात पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट दस्तावेजों या संव्यवहारों को लागू नहीं होगी :
परंतु केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा पहली अनुसूची का उसमें प्रविष्टियों को जोड़कर या हटाकर संशोधन कर सकेगी।
(5) उपधारा (4) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी ।]
(1) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो.-
(क) “अभिगम” से, इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित, अभिप्रेत है कंप्यूटर, कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में प्रवेश प्राप्त करना, उसके तर्कसंगत, अंकगणितीय अथवा स्मृति फलन संसाधनों के द्वारा अनुदेश देना या संसूचना देना
(ख) “प्रेषिती” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्राप्त करने के लिए प्रवर्तक द्वारा आशयित है किन्तु इसके अंतर्गत कोई मध्यवर्ती नहीं है;
(ग) “न्यायनिर्णायक अधिकारी" से धारा 46 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त न्यायनिर्णायक अधिकारी अभिप्रेत है;
(घ) 1[ इलैक्ट्रानिक चिह्नक] लगाना" से, इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित अभिप्रेत है किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख को 1[इलेक्ट्रानिक चिह्नक] द्वारा अधिप्रमाणित करने के प्रयोजन के लिए किसी व्यक्ति द्वारा कोई कार्यपद्धति या प्रक्रिया अंगीकार करना,
2[(घक) "अपील अधिकरण” से धारा 48 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपील अधिकरण अभिप्रेत है ।]
( वित्त अधिनियम, 2017 (2017 का 7) द्वारा अंतःस्थापित)
(ङ) "समुचित सरकार" से,—
(i) संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 2 में प्रगणित,
(ii) संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 3 के अधीन अधिनियमित किसी राज्य विधि से संबंधित किसी विषय के संबंध में राज्य सरकार और किसी अन्य दशा में केन्द्रीय सरकार अभिप्रेत है;
(च) “असममित गूड प्रणाली” से सुरक्षित कुंजी युग्म की कोई प्रणाली अभिप्रेत है जिसमें 1[इलैक्ट्रानिक चिह्नक] सृजित करने के लिए एक प्राइवेट कुंजी और 1[इलेक्ट्रानिक चिह्नक] को सत्यापित करने के लिए एक लोक कुंजी है,
(छ) “प्रमाणकर्ता प्राधिकारी" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसे धारा 24 के अधीन 1 [ इलेक्ट्रानिक चिह्नक] प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अनुज्ञप्ति दी गई है,
(ज) प्रमाणीकरण पद्धति विवरण" से प्रमाणकर्ता प्राधिकारी द्वारा उन पद्धतियों को विनिर्दिष्ट करने के लिए जारी किया गया विवरण अभिप्रेत है जो प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, 1[ इलेक्ट्रानिक चिह्नक] प्रमाणपत्र जारी करने में प्रयोग करता है;
3[(जक) “संचार युक्ति" से सैलफोन, वैयक्तिक अंकीय सहायता या दोनों का संयोजन या कोई ऐसी अन्य युक्ति अभिप्रेत है जिसका उपयोग कोई पाठ, वीडियों, आडियो या आकृति संसूचित करने, भेजने वा पारेषित करने के लिए किया जाता है;]
[3. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा अंतः स्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)।
(झ) "कंप्यूटर" से ऐसी इलैक्ट्रानिक, चुम्बकीय, प्रकाशीय या अन्य द्रुत डाटा संसाधन युक्ति या प्रणाली अभिप्रेत है। जो इलेक्ट्रानिक, चुम्बकीय या प्रकाशीय तरंगों के अभिचालनों द्वारा तर्कसंगत, अंकगणितीय और स्मृति फलन के रूप में कार्य करता है और इसके अंतर्गत सभी निवेश उत्पाद, प्रक्रमण, भंडारण, कंप्यूटर साफ्टवेयर या संचार सुविधाएं भी हैं जो किसी कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में कंप्यूटर से संयोजित या संबंधित होती हैं,
1(ञ) "कंप्यूटर नेटवर्क" से,—
(i) उपग्रह, सूक्ष्म तरंग, भौमिक लाइन, तार, बेतार, या अन्य संचार मीडिया के उपयोग और
(ii) दो या अधिक अंत:संबद्ध कंप्यूटरों या संचार युक्ति से मिलकर बने टर्मिनलों या किसी कंप्लेक्स, चाहे अंतःसंबंध निरंतर रखा जाता है या नहीं, के माध्यम से एक या अधिक कंप्यूटरों या कंप्यूटर प्रणालियों या संचार युक्ति का अंतःसंबंध अभिप्रेत है;]
[1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)।
(ट) "कंप्यूटर साधन" से कंप्यूटर कंप्यूटर प्रणाली, कंप्यूटर नेटवर्क, डाटा, कंप्यूटर डाटा संचय या साफ्टवेयर अभिप्रेत है;
(ठ) "कम्प्यूटर प्रणाली" से ऐसी युक्ति या युक्तियों का संग्रह अभिप्रेत है जिसके अन्तर्गत निवेश और निर्गम समर्थन युक्तियां भी हैं और जिसके अन्तर्गत ऐसे परिकलित्र नहीं आते जो क्रमादेश नहीं हैं और जो बाह्य संचिकाओं के संयोजन में उपयोग किए जाने योग्य हैं जिनमें कम्प्यूटर क्रमादेश, इलैक्ट्रानिक अनुदेश, निवेश डाटा और निर्गम डाटा अन्तर्विष्ट है जो तर्कसंगतता, अंकगणितीय, डाटा भण्डारण और पुनः प्राप्ति, संचार नियंत्रण और अन्य कृत्य कार्य करती है;
(ड) "नियंत्रक" से धारा 17 की उपधारा (1) के अधीन नियुक्त प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों का नियंत्रक अभिप्रेत है
(ढ़) 4[***] (4. वित्त अधिनियम, 2017 (2017 का 7) द्वारा विलुप्त।)
4 [(ढक) "साइबर कैफे' से ऐसी कोई सुविधा अभिप्रेत है, जहां से किसी व्यक्ति द्वारा, जनता को कारबार के साधारण अनुक्रम में इंटरनेट तक पहुंच प्रस्थापित की जाती है;
(4. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा अंतःस्थापित (27-10-2009 से प्रभावी)।
(ढख) “साइबर सुरक्षा” से सूचना, उपस्कर, युक्तियों, कंप्यूटर, कंप्यूटर संसाधन, संचार युक्ति और उनमें भंडारित सूचना को अप्राधिकृत पहुंच, उपयोग, प्रकटन, विच्छिन्न, उपांतरण या नाशन से संरक्षित करना अभिप्रेत है;]
(ण) “डाटा” से सूचना, जानकारी, तथ्यों, संकल्पनाओं या अनुदेशों का निरूपण अभिप्रेत है जिन्हें एक निश्चित रीति से तैयार किया जा रहा है या तैयार किया गया है और जो कंप्यूटर प्रणाली या कंप्यूटर नेटवर्क में संसाधित किए जाने के लिए आशयित है, संसाधित किया जा रहा है या संसाधित किया गया है और जो किसी रूप में (जिसके अंतर्गत कंप्यूटर प्रिन्टआउट, चुम्बकीय या प्रकाशीय भंडारण मीडिया, छिद्रित कार्ड, छिद्रित टेप हैं) या कंप्यूटर की स्मृति में आंतरिक रूप से भंडारित हो सकता है;
(त) “अंकीय चिह्नक” से किसी उपयोगकर्ता द्वारा धारा 3 के उपबंधों के अनुसार किसी इलैक्ट्रानिक पद्धति या प्रक्रिया द्वारा किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख का अधिप्रमाणन अभिप्रेत है;
(थ) “अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र" से धारा 35 की उपधारा (4) के अधीन जारी किया गया अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र अभिप्रेत है;
(द) सूचना के संदर्भ में, “इलैक्ट्रानिक प्ररुप " से किसी मीडिया, चुम्बकीय, प्रकाशीय कंप्यूटर स्मृति, माइक्रोफिल्म, कंप्यूटर उत्पादित सूक्ष्मका या समरूप युक्ति में उत्पादित, प्रेषित, प्राप्त या भंडारित कोई सूचना अभिप्रेत है;
(ध) इलैक्ट्रानिक राजपत्र" से इलैक्ट्रानिक प्ररूप में प्रकाशित शासकीय राजपत्र अभिप्रेत है;
(न) “इलैक्ट्रानिक अभिलेख" से किसी इलैक्ट्रानिक प्ररुप या माइक्रो फिल्म या कंप्यूटर उत्पादित माइक्रो फिश में डाटा, अभिलेख या उत्पादित डाटा, भंडारित प्राप्त या प्रेषित प्रतिबिंब या ध्वनि अभिप्रेत है;
1[(नक) “इलैक्ट्रानिक चिह्नक" से किसी उपयोगकर्ता द्वारा दूसरी अनुसूची में विनिर्दिष्ट इलैक्ट्रानिक तकनीक के माध्यम से किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख का अधिप्रमाणन अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत अंकीय चिह्नक भी है;
(1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा अंतः स्थापित
(नख) “इलैक्ट्रानिक चिह्नक प्रमाणपत्र" से धारा 35 के अधीन जारी किया गया इलैक्ट्रानिक चिह्नक प्रमाणपत्र अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र भी है;]
(प) किसी कंप्यूटर के संबंध में, “फलन" के अंतर्गत किसी कंप्यूटर से अथवा उसमें तर्क, नियंत्रण, अंकगणितीय प्रक्रम, विलोप, भंडारण और पुनः प्राप्ति तथा संचार या दूरसंचार भी आता है,
1[(पक) “भारतीय कंप्यूटर आपात मोचन दल" से धारा 70ख की उपधारा (1) के अधीन स्थापित अभिकरण अभिप्रेत है;] (1. 2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा अंतः स्थापित)
(फ) "सूचना" के अंतर्गत [डाटा, संदेश, पाठ] प्रतिबिंब, ध्वनि, वाणी, कोड, कंप्यूटर क्रमादेश, साफ्टवेयर और डाटा संचय या माइक्रोफिल्म या कंप्यूटर उत्पादित सूक्ष्मका भी आती है;
(ब) किसी विशिष्ट इलैक्ट्रानिक अभिलेख के संबंध में "मध्यवर्ती" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई अभिलेख प्राप्त करता है, भंडारित करता है या पारेषित करता है या उस अभिलेख के संबंध में कोई सेवा प्रदान करता है और जिसके अंतर्गत दूर संचार सेवा प्रदाता, नेटवर्क सेवा प्रदाता, इंटरनेट सेवा प्रदाता, वैब होस्टिंग सेवा प्रदाता, तलाश इंजन, आन लाइन संदाय स्थल, आन लाइन नीलामी स्थल, आन लाइन विपणन स्थान और साइबर कैफे भी हैं;] (2009 के अधिनियम संख्या 10 द्वारा प्रतिस्थापित
(भ) "कुंजी युग्म" से, असममित गूढ़ प्रणाली में, प्राइवेट कुंजी और उसकी अंकगणितीय रूप से संबंधित लोक कुंजी अभिप्रेत है जो इस प्रकार संबंधित है कि लोक कुंजी उस अंकीय चिह्नक को सत्यापित कर सकती है जो प्राइवेट कुंजी द्वारा सृजित किया गया है;
(म) “विधि” के अन्तर्गत संसद् या राज्य विधान मंडल का कोई अधिनियम, यथास्थिति, राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश, अनुच्छेद 240 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए विनियम, संविधान के अनुच्छेद 357 के खंड (1) के उपखंड (क) के अधीन राष्ट्रपति के अधिनियमों के रूप में अधिनियमित विधेयक आते हैं और इनके अंतर्गत उनके अधीन बनाए गए नियम, विनियम, उपविधियां और जारी किए गए आदेश भी हैं,
(य) “अनुज्ञप्ति” से धारा 24 के अधीन किसी प्रमाणकर्ता प्राधिकारी को अनुदत्त अनुज्ञप्ति अभिप्रेत है;
(यक) "प्रवर्तक" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी इलेक्ट्रॉनिक सन्देश को भेजता है, उत्पादित, भण्डारित या किसी अन्य व्यक्ति को पारेषित करता है अथवा किसी इलैक्ट्रानिक सन्देश को भिजवाता, उत्पादित, भण्डारित या किसी अन्य व्यक्ति को पारेषित करवाता है किन्तु इसके अन्तर्गत मध्यवर्ती नहीं है;
(यख) “विहित” से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है,
(यग) “प्राइवेट कुंजी” से कुंजी युग्म की वह कुंजी अभिप्रेत है जो अंकीय चिह्नक सृजित करने के लिए प्रयोग की जाती है;
(यघ) “लोक कुंजी” से कुंजी युग्म की वह कुंजी अभिप्रेत है जो अंकीय चिह्नक को सत्यापित करने के लिए प्रयोग की जाती है और अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध है;
(यङ) "सुरक्षित प्रणाली" से ऐसे कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाएं अभिप्रेत हैं, जो
(क) अप्राधिकृत प्रवेश और दुरुपयोग से युक्तियुक्त रूप से सुरक्षित है,
(ख) विश्वसनीयता और सही संचालन का युक्तियुक्त स्तर उपबंधित करती है;
(ग) आशयित कृत्य करने के लिए युक्तियुक्त रूप से उपयुक्त है,
(घ) साधारणतः स्वीकार्य सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप है,
(यच) “सुरक्षा प्रक्रिया” से धारा 16 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित सुरक्षा प्रक्रिया अभिप्रेत है;
(यछ) “उपयोगकर्ता” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके नाम से 1[ इलैक्ट्रानिक चिह्नक] प्रमाणपत्र जारी किया जाता है;
(यज) अंकीय चिह्नक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख या लोक कुंजी के संबंध में, “सत्यापित करना" से इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित अभिप्रेत है यह अवधारण करना कि क्या-
(क) प्रारंभिक इलैक्ट्रानिक अभिलेख पर उपयोगकर्ता की लोक कुंजी के तत्स्वरूप प्राइवेट कुंजी का उपयोग करते हुए अंकीय चिह्नक लगाया गया था;
(ख) प्रारंभिक इलैक्ट्रानिक अभिलेख, ऐसे इलैक्ट्रानिक अभिलेख पर अंकीय चिह्नक इस प्रकार लगाए जाने के समय से ही अक्षुण्ण रखे गए हैं या उसे उपांतरित किया गया है।
(2) इस अधिनियम में किसी अधिनियमिति या उसके किसी उपबंध के प्रति किसी निर्देश का, उस क्षेत्र के संबंध में जिसमें ऐसी अधिनियमिति या ऐसा उपबंध प्रवृत्त नहीं है, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस क्षेत्र में प्रवृत्त तत्स्थानो विधि या तत्स्थानी विधि से सुसंगत उपबंध, यदि कोई है, के प्रति निर्देश है।