धारा 61-ख से 61-च अध्याय 8-क छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915

धारा 61-ख से 61-च अध्याय 8-क छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915

अध्याय 8-

अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विशेष उपबन्ध

61-. परिभाषाएं

इस अध्याय में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित हो, -

() "अनुसूचित क्षेत्र" से अभिप्रेत है भारत के संविधान के अनुच्छेद 244 के खण्ड (1) में निर्दिष्ट किए गए अनुसार अनुसूचित क्षेत्र;

() "ग्राम पंचायत" तथा "ग्राम-सभा" का वही अर्थ होगा जो छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 (क्रमांक 1 एन् 1994) में उनके लिए दिया गया है;

() "अनुसूचित जनजाति" से अभिप्रेत कोई जनजाति या जनजाति समुदाय अथवा ऐसी जनजाति या जनजाति समुदाय का भाग या उसमें का यूथ जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अधीन छत्तीसगढ़ राज्य के संबंध में अनुसूचित जनजातियों के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है।

61-. कार्य क्षेत्र तथा विस्तार

इस अध्याय के उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों को लागू होंगे और यदि इस अधिनियम में कोई बात प्रतिकूल हो, तो इस अध्याय के उपबंध अभिभावी होंगे।

61-. अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को अधिनियम के कतिपय उपबंधों से छूट.

(1) इस अधिनियम के उपबंध आसवन द्वारा देशी मदिरा के विनिर्माण, उसके कब्जे तथा उपभोग के सम्बन्ध में अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर लागू नहीं होंगे।

(2) अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के सदस्य निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए आसवन द्वारा देशी मदिरा का विनिर्माण कर सकेंगे, अर्थात्: -

(एक) अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के सदस्यों द्वारा देशी मदिरा का विनिर्माण केवल घरेलू उपभोग तथा सामाजिक और धार्मिक समारोहों पर उपभोग के प्रयोजनों के लिए ही किया जाएगा;

(दो) इस प्रकार विनिर्मित की गई देशी मदिरा का विक्रय नहीं किया जाएगा;

(तीन) इस प्रकार विनिर्मित की गई देशी मदिरा के कब्जे की अधिकतम सीमा किसी एक समय पर 5 लीटर प्रति गृहस्थी होगी:

परन्तु ग्राम सभा देशी मदिरा के कब्जे की सीमा को कम कर सकेगी।

स्पष्टीकरण.

गृहस्थी से अभिप्रेत है ऐसे व्यक्तियों का कोई समूह जो एक ही घरेलू इकाई के सदस्यों के रूप में संयुक्त रूप से निवास तथा भोजन करता है।

61- मादक द्रव्यों के विनिर्माण, विक्रय आदि को विनियमित करने तथा प्रतिषिद्ध करने की ग्राम पंचायत की शक्ति

(1) ग्राम सभा को अपनी क्षेत्रीय अधिकारिता के भीतर मादक द्रव्यों के विनिर्माण, कब्जे, परिवहन, विक्रय और उपभोग को विनियमित करने तथा प्रतिषिद्ध करने की शक्ति होगी :

परन्तु ग्राम सभा द्वारा पारित किया गया प्रतिबंध का कोई आदेश ऐसी विनिर्माणशालां को लागू नहीं होगा जो किसी मादक द्रव्य के विनिर्माण में लगी हुई है और इस अध्याय के उपबंधों के प्रवृत्त होने के पूर्व स्थापित की गई हो।

(2) ग्राम सभा को क्षेत्रीय अधिकारिता के भीतर समाविष्ट किसी क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा ग्राम सभा की सहमति या अनुज्ञा के बिना किसी मादक द्रव्य के विनिर्माण के लिए कोई नई विनिर्माणशाला स्थापित नहीं की जाएगी और मादक द्रव्यों के विक्रय के लिए कोई नया निकास नहीं खोला जाएगा।

(3) यदि कोई ग्राम सभा अपने क्षेत्र में किसी मादक द्रव्य के विनिर्माण, कब्जे, विक्रय और उपभोग को प्रतिषिद्ध करती है, तो उसके निम्नलिखित परिणाम होंगे: -

() ग्राम सभा की अधिकारिता के भीतर मादक द्रव्यों की कोई भी नई विनिर्माणशाला स्थापित नहीं की जाएगी;

() किसी मादक द्रव्य के विक्रय के लिए कोई नया निकास नहीं खोला जाएगा और विद्यमान निकास, यदि कोई हो, प्रतिषेध के आदेश के जारी होने के ठीक पश्चात् आने वाले आगामी वित्तीय वर्ष के प्रथम दिन से बन्द कर दिए जाएंगे;

() कोई भी व्यक्ति, किसी ग्राम सभा क्षेत्र के भीतर किसी मादक द्रव्य का विनिर्माण, कब्जा, परिवहन, विक्रय या उपभोग नहीं करेगा।

61-. ग्राम सभा के विनिश्चयों का प्रवर्तन

इस अध्याय के उपबंधों के अधीन किसी ग्राम सभा द्वारा किए गए विनिश्चयों तथा पारित किए गए आदेशों को ग्राम पंचायत द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी किया जाएगा। जहां, राज्य सरकार के प्रवर्तन अभिकरण की सहायता आवश्यक समझी जाए, वहां ग्राम पंचायत, क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट या उसके द्वारा प्राधिकृत किए गए किसी ऐसे अधिकारी के पास जाने की कार्यवाही करेगी जो अपेक्षित सहायता देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा।

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