
(1) राज्य सरकार पहुँच योग्य स्थान पर वृद्धावस्था गृहों की ऐसी संख्या का, जिसे वह आवश्यक समझे, चरणबद्ध ढंग में प्रत्येक जिले में ऐसे गृहों में एक सौ पचास वरिष्ठ नागरिकों, जो अकिंचन है, का समायोजित करने के लिए कम से कप प्रारम्भ में एक गृह की स्थापना कर सकेगी और अनुरक्षण कर सकेगी।
(2) राज्य सरकार वृद्धावस्था गृह के प्रबन्धन के लिए, जिसमें उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं का मानक और विभिन्न प्रकार सम्मिलित है, योजना विहित कर सकेगी जो ऐसे गृह के निवासियों के चिकित्सीय देख-रेख और मनोरंजन के साधन के लिए आवश्यक है।
स्पष्टीकरण-
इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "अकिंचन" का तात्पर्य कोई वरिष्ठ नागरिक से है, जिसके पास पर्याप्त साधन नहीं है, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समय समय से अवधारित किया जाय।