धारा 12 से 14 अध्याय 7 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली, 2021

धारा 12 से 14 अध्याय 7 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद नियमावली, 2021

[*"12. परिसरों को सीलबंद करनाः-

(1) यदि इस अधिनियम के अधीन किसी परिसर (पूरे या उसके किसी भाग) में कोई अपराध होता हो या किया गया हो तो अधिनियम की धारा-73 के अर्थान्तर्गत कोई पदाधिकारी तुरत परिसर (पूरे या उसके किसी भाग) को सीलबंद कर सकेगा।

यहाँ "तुरत" से अभिप्रेत है कि छापा के दौरान ही सीलबंद किया जाना चाहिए। किसी भी दशा में प्रथम सूचना रिपोर्ट संस्थित करने के 24 घंटे के अंदर सीलबंद की कार्रवाई की जाएगी।

(2) सीलबंद करने के 24 घंटे के अंदर इसे कलक्टर को रिपोर्ट किया जाएगा।

(3) यदि प्रयुक्त परिसर अस्थायी संरचना हो जिसे प्रभावी ढंग से सीलबंद नहीं किया जा सके तो पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी कलक्टर से आदेश प्राप्त कर यथासंभव शीघ्रता से अस्थायी संरचना को ध्वस्त कर देगा।

(4) जहाँ किसी परिसर या उसके किसी भाग में किसी मादक द्रव्य का विनिर्माण, बोतलबंद, वितरण, संग्रहण, भंडारण, विक्रय, आयात, निर्यात या परिवहन होता हो या किया गया हो तो ऐसे परिसरों को पूर्ण रूप से सीलबंद कर दिया जाएगा।

(5) जहाँ तक संभव हो केवल वह भाग या निजी आवासीय परिसर जिसे अपराध करने के लिए प्रयोग किया जाता है, को ही सीलबंद किया जाएगा न कि पूरे परिसर या सम्पूर्ण आवास को।

(6) जहाँ किसी आवासीय परिसर या उसके किसी भाग का उपयोग दूसरे व्यक्तियों को मादक द्रव्य (द्रव्यों) के सेवन के लिए सुविधा उपलब्ध कराने हेतु किया जा रहा हो तो ऐसे परिसरों को अनिवार्य रूप से सीलबंद कर दिया जाएगा।"

स्पष्टीकरणः- यदि कोई परिसर विभिन्न स्वामित्व वाले अनेक इकाई से बना हो तो केवल विशिष्ट इकाई जहाँ अपराध किया गया हो, सीलबंद किए जाने का भागी होगा।] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा प्रतिस्थापित)

 

"12क. शास्ति के भुगतान पर वाहनों, सवारी आदि को छोड़ना-

(1) यदि इस अधिनियम के अधीन किसी पुलिस या उत्पाद पदाधिकारी द्वारा किसी वाहन, सवारी, बर्तन, पशु आदि जब्त किया गया हो तो इस अधिनियम की धारा-57 (ख) के निबंधनों के अनुसार कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई पदाधिकारी उक्त सवारी या वाहन आदि के स्वामी से प्रपत्र IV में आवेदन प्राप्त कर उक्त सवारी या वाहन को ऐसी शास्ति के भुगतान करने पर छोड़ सकेगा जो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा आदेशित किया जाय।

परन्तु जहाँ वाहन के स्वामी का अभिनिश्चय करना संभव नहीं है या स्वामी वाहन का दावा करने के लिए नहीं आता है तो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी जब्ती की तिथि से 15 दिनों तक इंतजार करने के पश्चात् अधिनियम के उपबंधों के अनुसार वाहन के अधिहरण और नीलामी की कार्यवाही करेगा।

(2) शास्ति, वाहन / सवारी के नवीनतम बीमाकृत मूल्य के 50 प्रतिशत होगी। बीमा कंपनी द्वारा निर्धारित वाहन का मूल्य बीमाकृत मूल्य होता है। जहाँ बीमाकृत मूल्य उपलब्ध नहीं हो या कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी को विश्वास करने का कारण हो कि वाहन का मूल्य कम आँका गया है तो वह जिला परिवहन पदाधिकारी से उसका मूल्य निर्धारित करवाएगा और उस मूल्य का 50 प्रतिशत शास्ति की रकम होगी।

किसी भी दशा में कलक्टर जब्ती तिथि से 15 दिन से अधिक इंतजार नहीं करेगा और यदि इस अवधि के दौरान अभियुक्त / स्वामी शास्ति का भुगतान नहीं करता है तो वह अधिहरण / नीलामी की कार्यवाही करेगा।

(3) ऊपर किसी बात के होते हुए भी यदि पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी के रिपोर्ट पर कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी का समाधान हो जाता है कि वाहन या सवारी को छोड़ा जाना लोक हित में नहीं है तो वह उक्त वाहन या सवारी के अधिहरण की और तत्पश्चात् उसकी नीलामी / निपटान की कार्यवाही प्रारंभ करेगा।

(4) जहाँ सवारी ऐसी हो कि उसका मूल्यांकन / बीमा संभव नहीं हो तो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी ऐसा जुर्माना अधिरोपित करेगा जो वह उचित समझे। ऐसा जुर्माना लगाते समय कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, अपराध में उसकी संलिप्तता की प्रकृति तथा बरामद किए गए मादक द्रव्य की मात्रा को ध्यान में रखेगा।

(5) ऐसी शास्ति, विचारण यदि कोई हो, के परिणाम को ध्यान में रखे बिना विशेष न्यायालय के समक्ष वापसी योग्य नहीं होगी।

(6) वाहन / सवारी का स्वामी, वाहन / सवारी को छोड़े जाने के पश्चात् प्राधिकारी द्वारा जब कभी अपेक्षित हो वाहन / सवारी को प्रस्तुत करेगा।"

[स्पष्टीकरण-

वाहनों का अधिहरण / नीलामी संबंधी सभी लंबित / चालू मामलों में कलक्टर अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी पूर्वोक्त शास्ति का भुगतान करने और वाहन मुक्त पाने के लिये वर्तमान मालिक को एक अवसर प्रदान कर सकेगा। स्वामित्व और ऐसे शास्ति का भुगतान के ऊपर संतुष्टि होने पर चल रही अधिहरण / नीलामी की कार्यवाही बन्द की जा सकेगी और वाहन मुक्त किया जा सकेगा।] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा अन्तःस्थापित)

"12ख. शास्ति के भुगतान पर परिसर को छोड़ा जानाः-

(1) यदि इस अधिनियम के अधीन किसी पुलिस या उत्पाद पदाधिकारी द्वारा किसी परिसर या उसके किसी भाग को जब्त या सीलबंद किया गया हो तो अधिनियम की धारा-57 ख (2) के निबंधनों के अनुसार कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई पदाधिकारी उक्त परिसर के स्वामी से प्रपत्र V में आवेदन प्राप्त कर उक्त परिसर या उसके किसी भाग को ऐसी शास्ति के भुगतान पर छोड़ सकेगा या सीलमुक्त कर सकेगा जो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा आदेशित किया जाय।

परन्तु जहाँ परिसर के स्वामी का अभिनिश्चय करना संभव नहीं है या स्वामी आगे नहीं आता है तो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी जब्ती / सीलबंद करने की तिथि से 15 दिनों का इंतजार करने के पश्चात् अधिनियम के उपबंधों के अनुसार परिसर के अधिहरण की कार्यवाही करेगा।

(2) कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी, व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, अपराध में उसकी संलिप्तता की प्रकृति, परिसर की अवस्थिति और बरामद मादक द्रव्यों की मात्रा को व्यक्ति द्वारा भुगतान किए जाने वाले जुर्माने की राशि का निर्णय करते समय ध्यान में रखेगा। किन्तु किसी भी दशा में जुर्माना एक लाख रूपये से कम नहीं होगा।

किसी भी दशा में कलक्टर जब्ती/सीलबंद करने की तिथि से 15 दिनों से अधिक इंतजार नहीं करेगा और यदि इस अवधि के दौरान अभियुक्त / स्वामी शास्ति का भुगतान नहीं करता है तो जब्ती / नीलामी की कार्यवाही की जाएगी।

(3) ऊपर किसी बात के होते हुए भी यदि पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी के रिपोर्ट पर कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी का समाधान हो जाय कि परिसर को छोड़ना लोक हित में नहीं है तो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी उक्त परिसर या उसके भाग का अधिहरण और तत्पश्चात् उसकी नीलामी / निपटान की कार्यवाही प्रारंभ करेगा।

(4) ऐसी शास्ति, विचारण यदि कोई हो, के परिणाम को ध्यान में रखे बिना विशेष न्यायालय के समक्ष वापसी योग्य नहीं होगी।

(5) परिसर का स्वामी, परिसर को छोड़े जाने के पश्चात् प्राधिकारियों द्वारा जब कभी वांछित हो परिसर के निरीक्षण की अनुमति देगा।"

[स्पष्टीकरण-

परिसरों का अधिहरण / नीलामी संबंधी सभी लंबित / चालू मामलों में कलक्टर अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी पूर्वोक्त शास्ति का भुगतान करने और परिसर मुक्त पाने के लिये वर्त्तमान मालिक को एक अवसर प्रदान कर सकेगा। स्वामित्व और ऐसे शास्ति का भुगतान के ऊपर संतुष्टि होने पर चल रही अधिहरण / नीलामी की कार्यवाही बन्द की जा सकेगी और परिसर मुक्त किया जा सकेगा।] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा अन्तःस्थापित)

[*"13. परिसर/वाहनों आदि की जब्ती जब शास्ति पर नहीं छोड़ा जायः-

जब कभी कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी पाता है कि शास्ति का भुगतान करने पर वाहन / परिसर को छोड़ा जाना उचित या संभव नहीं है या जब स्वामी / अभियुक्त ऐसे वाहन / परिसर की जब्ती / सीलबंद करने के दो सप्ताह के अंदर शास्ति की राशि जमा करने में विफल रहता है तो वह नियम 13क, नियम 13ख और नियम 14 के निबंधनों के अनुसार ही अधिहरण और नीलामी की कार्यवाही करेगा।"] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा प्रतिस्थापित)

"13क. वाहन / सवारी आदि के अधिहरण की प्रक्रिया :-

(1) जहाँ कलक्टर द्वारा यह विनिश्चित किया जाता है कि वाहन को शास्ति के भुगतान पर नहीं छोड़ा जाना है या जहाँ स्वामी अपेक्षित शास्ति का भुगतान नहीं करता है तो अधिहरण की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। सवारी के अधिहरण का प्रस्ताव पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी द्वारा कलक्टर (या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी पदाधिकारी) को जब्ती की तिथि से 30 दिनों के अंदर भेजा जाएगा। सम्बद्ध पदाधिकारी अधिहरण की कार्यवाही तुरंत प्रारंभ करेगा।

अधिहरण का प्रस्ताव देने में 30 दिनों से अधिक विलंब होने की दशा में पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी को विलंब का स्पष्टीकरण देना होगा।

(2) पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी से किसी वाहन (वाहनों) या अन्य सवारियों के अधिहरण का प्रस्ताव प्राप्त होने पर सम्बद्ध पदाधिकारी उक्त वाहन या बर्तन या अन्य सवारी के स्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। साथ-साथ वह जिला परिवहन पदाधिकारी और रसायन परीक्षक को उनके प्रतिवेदन के लिए नोटिस जारी करेगा।

(3) पदाधिकारी द्वारा जारी ऐसी नोटिस का तामीला, समन की तामील के लिए दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 में विहित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाएगा। वह जिला परिवहन पदाधिकारी या सवारी के रजिस्ट्रीकरण के प्रयोजनार्थ प्राधिकृत किसी प्राधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करेगा और जब्ती के 30 दिनों के अन्दर रासायनिक परीक्षक का रिपोर्ट लेगा।

(4) पदाधिकारी, स्वामी को सुने जाने का समुचित अवसर प्रदान करेगा। ऐसी सुनवाई में अन्वेषक / जाँच पदाधिकारी को भी भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।

(5) यदि वह व्यक्ति जिसे विधिमान्य रूप से सुनवाई की नियत तिथि का नोटिस तामीला करायी गयी है, सुनवाई के लिए नियत लगातार दो तिथियों में कार्यवाही में उपस्थित होने में विफल रहता है तो अधिहरण प्राधिकारी एकपक्षीय आदेश पारित करने की कार्यवाही करेगा।

(6) पक्षकारों को सुनने के पश्चात् पदाधिकारी का समाधान होने पर कि अधिनियम के निबंधनों के अनुसार अपराध किया गया है, यथास्थिति जब्त किए गए वाहन या बर्तन या सवारी के संबंध में समुचित आदेश पारित करेगा।

(7) पदाधिकारी वाहन की जब्ती के 90 दिनों के अंतर्गत अधिहरण आदेश पारित हो जाना सुनिश्चित करेगा।

(8) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन कलक्टर द्वारा पारित आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति इन नियमों में विहित रीति से अपील दाखिल कर सकेगा।"] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा अन्तःस्थापित) 

"13ख परिसर के अधिहरण की प्रक्रियाः-

(1) जहाँ कलक्टर द्वारा यह विनिश्चित किया जाता है कि

परिसर को शास्ति के भुगतान पर नहीं छोड़ा जाना है या जहाँ स्वामी अपेक्षित शास्ति का भुगतान नहीं करता है तो अधिहरण की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। परिसर के अधिहरण का प्रस्ताव पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी द्वारा कलक्टर (या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी पदाधिकारी) को जब्ती / सीलबंद करने की तिथि से 30 दिनों के अन्दर भेजी जाएगी। सम्बद्ध पदाधिकारी तुरत अधिहरण की कार्यवाही प्रारंभ करेगा।

अधिहरण का प्रस्ताव देने में 30 दिनों से अधिक विलंब होने की दशा में पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी को विलंब का स्पष्टीकरण देना होगा।

(2) पुलिस / उत्पाद पदाधिकारी से किसी परिसर या उसके किसी भाग या अधिहरण के भागी किसी संपत्ति के अधिहरण के प्रस्ताव की प्राप्ति पर सम्बद्ध पदाधिकारी परिसर या संपत्ति के स्वामी (स्वामियों) को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। साथ-साथ वह रसायन परीक्षक अथवा ऐसे राजस्व पदाधिकारी को उनके प्रतिवेदन के लिए नोटिस जारी करेगा।

(3) पदाधिकारी द्वारा जारी ऐसी नोटिस का तामीला समन की तामील के लिए दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 में विहित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाएगा।

(4) पदाधिकारी, परिसर या संपत्ति के स्वामी (स्वामियों) को सुने जाने का समुचित अवसर प्रदान करेगा। ऐसी सुनवाई में अन्वेषक / जाँच पदाधिकारी को भी भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।

(5) यदि वह व्यक्ति जिसे विधिमान्य रूप से नोटिस तामीला करायी गयी है, सुनवाई के लिए नियत लगातार दो तिथियों में कार्यवाही में उपस्थित रहने में विफल रहता है तो अधिहरण प्राधिकारी एकपक्षीय आदेश पारित करने की कार्यवाही करेगा।

(6) पक्षकारों को सुनने के पश्चात् पदाधिकारी अपनी संतुष्टि के आधार पर कि क्या अधिनियम के निबंधनों के अनुसार अपराध किया गया है अथवा नहीं, सीलबंद / जब्त परिसर या संपत्ति की बाबत यथास्थिति अधिहरण या सीलमुक्त करने का समुचित आदेश पारित करेगा।

(7) पदाधिकारी परिसर की जब्ती/सीलबंदी के 90 दिनों के अंदर अधिहरण आदेश पारित हो जाना सुनिश्चित करेगा।

(8) इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन कलक्टर द्वारा पारित आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति इन नियमों में विहित रीति से अपील दाखिल कर सकेगा।" (बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा अन्तःस्थापित)

[*"14. जब्त / अधिकृत वस्तुओं की नीलामी अथवा नष्टकरणः-

कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी पदाधिकारी द्वारा जब्त / अधिहृत वस्तुओं का निपटान, नीलामी या नष्टकरण दोनों में से एक द्वारा निम्नलिखित रीति से किया जाएगा:-

(1) यदि कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी का समाधान हो जाय कि कोई जब्त वस्तु तेजी से और प्राकृतिक रूप से नष्ट होने का भागी है या तुच्छ मूल्य का है या इसका दुरूपयोग किया जा सकता है या लोक सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाले हैं या सार्वजनिक स्थान लेने वाले हैं तो वह अधिनियम की धारा-57 और धारा-57क के अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए अधिहरण का आदेश पारित करने के पूर्व उसे किसी भी समय नष्ट करने का आदेश दे सकेगा। कलक्टर या सम्बद्ध पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि किसी जब्त शराब को लम्बे समय तक भंडारित रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वह सुनिश्चित करेगा कि उक्त शराब को रसायनज्ञ का रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद उसकी जब्ती के 15 दिनों के अन्दर नष्ट कर दिया जाता है।

(2) अधिकृत पशु/वाहन / बर्तन/अन्य सवारी / परिसर या उसके किसी भाग को सार्वजनिक नीलामी के लिए रखा जाएगा और अधिहरण प्राधिकारी के आदेश की परिसमाप्ति की तिथि से एक माह या ऐसी बढ़ी हुई तिथि जो कलक्टर / प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा उचित समझी जाय, के अन्दर सबसे ऊँची बोली लगाने वाले को बेच दिया जाएगा या विहित रीति से सरकारी उपयोग के लिए रखा जा सकेगा।

(3) नीलामी से पूर्व कलक्टर या पदाधिकारी, वाहन / सवारी / परिसर का मूल्यांकन कराएगा। तत्पश्चात् वह कम से कम एक स्थानीय / देशी भाषा के समाचार पत्र में सार्वजनिक विज्ञापन के माध्यम से बोली (बिड) आमंत्रित करेगा। जहाँ नीलामी के पहले प्रयास में किसी विशेष वस्तु के लिए वह कोई बोली प्राप्त नहीं करता हो तो वह दुबारा बोली आमंत्रित कर सकेगा। यदि ऐसे तीन प्रयासों के बाद भी कोई बोली लगाने वाला नहीं मिले तो वह उक्त वाहन / सवारी का "जैसे है जहाँ है" आधार पर निपटान कर सकेगा, चाहे उसका मूल्यांकन कुछ भी हो।

स्पष्टीकरण-

ऊपर उप नियम (2) में "परिसमाप्ति" शब्द इस अधिनियम की धारा- 92 के अधीन पारित उत्पाद आयुक्त के आदेश की तिथि की ओर संकेत करता है।] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा प्रतिस्थापित)

[*"परन्तु-

(क) जहाँ कोई व्यक्ति / मालिक पर्याप्त सूचना के बावजूद अधिहरण की कार्यवाही में कलक्टर अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी के समक्ष पेश नहीं हुआ है, और

(ख) जहाँ अधिहरण का आदेश, एकपक्षीय पारित किया गया हो, और

(ग) जहाँ वस्तु की जब्ती के 90 दिन बीत चुके हैं और कोई व्यक्ति / मालिक न तो कलक्टर अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी या आयुक्त उत्पाद से संपर्क स्थापित किया है,

आयुक्त उत्पाद, कलक्टर के प्रतिवेदन पर कलक्टर अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी को ऐसे सभी मामलों में सार्वजनिक नीलामी की कार्यवाही करने के लिये निदेश दे सकेगा।"] (*बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा अन्तःस्थापित)

 

 

Free Judiciary Coaching
Free Judiciary Notes
Free Judiciary Mock Tests
Bare Acts