
(1) दिव्यांगजनों के लिए राष्ट्रीय निधि नामक एक निधि का गठन किया जाएगा जिसमें निम्नलिखित जमा किया जाएगा-
(क) अधिसूचना सं. का.आ. 573 (अ), तारीख 11 अगस्त, 1983 द्वारा गठित दिव्यांगजनों के लिए निधि और पूर्त विन्यास अधिनियम, 1890 ( 1890 का 6 ) के अधीन अधिसूचना सं. का.आ० 30-03/2004-डीडी II, तारीख 21 नवंबर, 2006 द्वारा गठित दिव्यांगजन सशक्तिकरण न्यास निधि के अधीन उपलब्ध सभी राशियां;
(ख) 2000 की सिविल अपील सं० 4655 और 5218 में तारीख 16 अप्रैल, 2004 को माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसरण में बैंकों, निगमों, वित्तीय संस्थाओं द्वारा संदेव सभी राशियां;
(ग) अनुदान, दानों, संदानों, उपकृतियों, वसीयतों या अंतरणों के माध्यम से प्राप्त सभी राशियां
(घ) केन्द्रीय सरकार से प्राप्त सभी राशियां जिनके अंतर्गत सहायता अनुदान भी हैं;
(ङ) अन्य ऐसे स्रोतों से जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विनिश्चित किए जाएं, सभी राशियां ।
(2) दिव्यांगजनों के लिए निधि का उपयोग और प्रबंध ऐसी रीति में किया जाएगा जो विहित की जाए ।
87. लेखा और संपरीक्षा -
(1) केन्द्रीय सरकार, उचित लेखाओं और अन्य सुसंगत अभिलेखों को रखेगी और भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के परामर्श से ऐसे प्ररूप में जो विहित किया जाए, निधि के लेखाओं का वार्षिक विवरण जिसके अंतर्गत आय और व्यय लेखा भी है, तैयार करेगी।
(2) निधि के लेखे भारत के नियंत्रक - महालेखापरीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर संपरीक्षित किए जाएंगे जो उसके द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं और ऐसी संपरीक्षा के संबंध में उसके द्वारा उपगत किसी भी व्यय का संदाय भारत के नियंत्रक - महालेखापरीक्षक को निधि से किया जाएगा।
(3) भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक और निधि के लेखाओं की संपरीक्षा करने के संबंध में उसके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी संपरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो सरकारी लेखाओं की संपरीक्षा के संबंध में साधारणतया भारत के नियंत्रक - महालेखापरीक्षक को प्राप्त होते हैं और विशिष्टया लेखा बहियों, संबद्ध वाउचरों और अन्य दस्तावेजों तथा कागज-पत्रों को पेश करने की मांग करने तथा निधि के किसी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक या इस निमित्त नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यथाप्रमाणित निधि के लेखे, उन पर संपरीक्षा रिपोर्ट सहित केन्द्रीय सरकार द्वारा संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखे जाएंगे।