जब कभी पीठासीन न्यायाधीश की राय में दण्ड न्यायालय में किसी ऐसी दस्तावेज का, जिसके बारे में उचित फीस संदत्त नहीं की गई है, फाइल या प्रदर्शित किया जाना न्याय की निष्फलता के निवारण के लिये आवश्यक है तब धारा 4 या धारा 6 में अंतर्विष्टि कोई भी बात ऐसे फाइल या प्रदर्शित किये जाने का प्रतिषेध करने वाली न समझी जायगी।
(1) समुचित सरकार इस अधिनियम के अधीन उपयोग में लाये जाने वाले स्टाम्पों के विक्रय के लिये, उन व्यक्तियों के लिये जिनके द्वारा ही ऐसा विक्रय किया जायगा ओर ऐसे व्यक्तियों के कर्तव्यों और पारिश्रमिक के लिये समय-समय पर नियम बना सकेगी।
(2) ऐसे सब नियम शासकीय राजपत्र में प्रकाशित किये जायेंगे और तदुपरि उन्हें विधि का बल प्राप्त होगा।
(3) स्टाम्प बेचने के लिये नियुक्त किया गया व्यक्ति जो इस धारा के अधीन बनाए गये किसी नियम की अवज्ञा करेगा और ऐसे नियुक्त न किया गया व्यक्ति जो स्टाम्प बेचेगा या विक्रय के लिये प्रस्थापित करेगा, कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डित किया जायगा।
समुचित सरकार इस अधिनियम से उपाबद्ध प्रथम या द्वितीय अनुसूची में वर्णित सब फीसों को या उनमें से किसी को भी अपने प्रशासनाधीन सम्पूर्ण राज्य क्षेत्र में या उसके किसी भाग में समय-समय पर शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा कम कर सकेगी या परिहारित कर सकेगी, और उसी रीति से आदेश को रद्द कर सकेगी या उसमें फेरफार कर सकेगी।
इस अधिनियम के अध्याय 2 और 5 की कोई वात बात फोर्ट विलियम के उच्च न्यायालय के महालेखपाल को संदेय कमीशन को, या उन फीसों को जिन्हें उच्च न्यायालय का कोई अधिकारी अपने संबलम के अतिरिक्त प्राप्त करने के लिये अनुज्ञात है, लागू नहीं होगी।