
छत्तीसगढ़ शासन ने अधिसूचना क्र. 6700/21-अ/प्रा०/2001/छ. ग. दिनांक 27-12-2001 द्वारा विधियों का अनुकूलन आदेश 2000 बनाया है। जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 1 नवम्बर, 2000 से प्रवृत्त हुआ है। इस आदेश के अनुसार उन सभी केन्द्रीय अधिनियमों को जिनका म० प्र० विधान-मण्डल द्वारा संशोधन अधिनियमों द्वारा अनुकूलन कर लिया गया है, छत्तीसगढ़ राज्य पर विस्तारित किया गया है। तदनुसार न्यायालय फीस अधिनियम, 1870 को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में लागू किया गया है। इस अधिनियम में 31-10-2000 तक के म० प्र० के स्थानीय संशोधनों को यथास्थान समाविष्ट किया गया है। इन संशोधनों को अलग से नहीं दर्शाया गया है। केवल उन्हीं संशोधनों को अलग से दर्शाया गया है, जो 1 नवम्बर, 2000 के बाद छत्तीसगढ़ शासन या केन्द्रीय अधिनियमों द्वारा किए गए हैं।
अधिसूचना क्र० 6700/21-अ/प्रा./2001/छ.ग. दिनांक 27 दिसम्बर, 2001.- मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (क्रमांक 28 सन् 2000) की धारा 79 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार एतद्वारा निम्नलिखित आदेश बनाती है, अर्थात् :-
1. (1) इस आदेश का संक्षिप्त नाम विधियों का अनुकूलन आदेश, 2000 है।
(2) यह नतम्बर, 2000 के प्रथम दिन से संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवृत्त होगा।
2. समय-समय पर यथा संशोधित ऐसी विधियां जो इस आदेश की अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं और जो छत्तीसगढ़ राज्य की संरचना के अव्यवहित पूर्व मध्य प्रदेश राज्य में प्रवृत्त थीं, एतद्द्वारा तब तक विस्तारित तथा प्रवृत्त रहेंगी जब तक कि वे निरसित या संशोधित न कर दी जाएं, उपान्तरणों के अध्यधीन रहते हुए समस्त विधियों में शब्द "मध्यप्रदेश" जहां कहीं भी वे आए हों, के स्थान पर शब्द "छत्तीसगढ़" स्थापित किए जाएं।
3. अनुसूची में विनिर्दिष्ट विधियों के द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कोई बात या की गई कोई कार्रवाई (किसी नियुक्ति, अधिसूचना, सूचना, आदेश, प्ररूप, विनियम, प्रमाण-पत्र या अनुज्ञप्ति को सम्मिलित करते हुए) छत्तीसगढ़ राज्य में लगातार प्रवृत्त रहेंगी।
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अनुक्रमांक (2) ( (1) विधियों के नाम
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13. वे समस्त केन्द्रीय अधिनियम जिनका मध्यप्रदेश विधान मण्डल द्वारा संशोधित अधिनियमों द्वारा अनुकूलन कर लिया गया है। |