झारखंड ए०पी०ओ0 मॉक टेस्ट -1
विधि (Law)
1. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
a. जाँच से आशय ऐसी प्रत्येक जाँच से है जिसमें किसी मजिस्ट्रेट अथवा न्यायालय द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन किया गया विचारण भी शामिल हो ।
b. जाँच से आशय किसी मजिस्ट्रेट अथवा न्यायालय द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन संपन्न विचारण के अलावा प्रत्येक जाँच से है।
c. जाँच में एक मजिस्ट्रेट द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत साक्ष्य के संग्रह हेतु की गई सभी कार्यवाहियाँ शामिल होती हैं। -
d. उपरोक्त सभी।
2. 31.12.2009 से प्रभावी दंड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2008 (2009 का 5वाँ) के अनुसार 'पीड़ित' में ऐसे व्यक्ति, जिसे किसी ऐसे कार्यवश हानि अथवा शारीरिक क्षति हुई हो जिसके लिए आरोपी व्यक्ति को आरोपित किया गया हो, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 2 में निविष्ट खंड (ब क) में परिभाषित किया गया है, शामिल हैं-
a. केवल पीड़ित के अभिभावक
b. पीड़ित के संरक्षक तथा विधिक उत्तराधिकारी
c. पीड़ित के पड़ोसी
d. पीड़ित के घनिष्ठ मित्र
3. निम्नलिखित में से कौन सा कथन दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन सही नहीं है?
a. जहाँ एक प्राइवेट अथवा अधिकृत व्यक्ति को किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने तथा उसे पुलिस अभिरक्षा में साँप देने का अधिकार हो, वहाँ ऐसा प्राइवेट व्यक्ति ऐसे गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की तलाशी भी ले सकता है।
b. जाँच तथा विचारण दोनों ही 'न्यायिक कार्यवाही' में शामिल होते हैं।
c. परिवाद किसी भी व्यक्ति द्वारा की जा सकती है तथा यह आवश्यक नहीं है कि केवल आहत अथवा प्रभावित व्यक्ति ही शिकायत करे
d. आरोप केवल वारंट मामलों में ही तय किए जाते हैं, तुच्छ समन मामलों में आरोप तय करने की कोई आवश्यकता नहीं होती
4. परीक्षण पहचान परेड का सम्बन्ध किस क्षेत्र से है ?
a. अन्वेषण
b. विचारण
c. अन्वेषण अधिकारी की संतुष्टि से कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनो
5. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के अंतर्गत गिरफ्तारी का वारंट तथा उद्घोषणा साथ-साथ जारी की गई थी तथा बाद में धारा 83 के अंतर्गत कुर्की का आदेश भी जारी कर दिया गया था। इन आदेशों की वैधता क्या है?
a. उपरोक्त सभी आदेश पूर्णतः वैध हैं।
b. धारा 82 के अंतर्गत पारित आदेश वैध है किन्तु धारा 83 का आदेश अवैध है
c. धारा 82 के अंतर्गत पारित आदेश अवैध तथा अनुचित है जो कुर्की के अनुक्रमिक आदेश को दूषित करता है
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
6. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के अंतर्गत एक कार्यपालक मजिस्ट्रेट परिशान्ति कायम रखने हेतु एक बंधपत्र निष्पादित करने की माँग कर सकता है जिसकी अधिकतम अवधि होगी-
a. एक वर्ष
b. दो वर्ष
c. तीन वर्ष
d. छह माह
7. किसी आभ्यासिक अपराधी से सदाचार के लिए प्रतिभूति की मांग नहीं की जा सकती-
a. यदि वह कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अधीन आभ्यासिक अपराधी हो ।
b. यदि वह सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अधीन आभ्यासिक अपराधी हो।
c. यदि वह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अधीन आभ्यासिक अपराधी हो ।
d. यदि वह विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946 के अधीन आभ्यासिक अपराधी हो ।
8. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 125 के अंतर्गत पत्नी को भरण-पोषण के रूप में भुगतान किए जाने वाले 500 रुपयों की अधिकतम सीमा को कब हटाया गया था-
a. 1973
b. 1989
c. 2001
d. 2007
9. निम्नलिखित में से किस / किन अधिकारी/अधिकारियों को किसी आयुध सहित जलूस या सामूहिक क्वायद या सामूहिक प्रशिक्षण के प्रतिरोध की शक्ति प्राप्त है?
a. जिला मजिस्ट्रेट अथवा उप खंड मजिस्ट्रेट अथवा कार्यपालक मजिस्ट्रेट
b. कार्यपालक मजिस्ट्रेट अथवा प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
c. केवल जिला मजिस्ट्रेट
d. केवल कार्यपालक मजिस्ट्रेट
10. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के अंतर्गत शक्तियों को संज्ञान के पश्चात के प्रक्रम पर भी मजिस्ट्रेट अन्वेषण आदेशित कर सकता है, यह कहा गया है-
a. विनू भाई हरी भाई एवं अन्य बनाम गुजरात राज्य (2019) में।
b. आलोक वर्मा बनाम भारत संघ (2019)
c. बी. के. पवित्रा बनाम भारत
d. पट्टू राजन बनाम भारत
11. जब कोई न्यायाधीश अथवा मजिस्ट्रेट किसी मामले में व्यक्तिगत हित रखता हो तो वह न तो ऐसे मामले का विचारण करेगा न ही उसे विचारण हेतु प्रेषित करेगा, न ही ऐसे मामले में कोई अपील सनेगा, बशर्ते-
a. उच्च न्यायालय से पूर्व अनुमति प्राप्त कर ली गई हो
b. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से पूर्व अनुमति प्राप्त कर ली गई हो
c. अपने अपीली न्यायालय से पूर्व अनुमति प्राप्त कर ली गई हो
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
12. दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत, किसी भी अपराध का संज्ञान लेने की परिसीमा काल 3 वर्ष होगा........
a. यदि अपराध 1 वर्ष से अधिक किंतु 3 वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास से दंडनीय है।
b. यदि अपराध 3 वर्ष से अधिक किंतु 7 वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास से दंडनीय है।
c. यदि अपराध 1 वर्ष से अधिक किंतु 10 वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास से दंडनीय है।
d. यदि अपराध 1 वर्ष से अनधिक अवधि के लिए कारावास से दंडनीय है।
13. निम्नलिखित में से किसी मजिस्ट्रेट की कौन सी अनियमितता, जिसके लिए वह कानून द्वारा अधिकृत नहीं है, कार्यवाही को दूषित करती है?
a. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 176 के अंतर्गत मृत्युसमीक्षा करना
b. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 192(2) के अंतर्गत एक मामला हवाले करना
c. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 192 (1) के खंड के अंतर्गत किसी अपराध का संज्ञान लेना
d. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 306 के अंतर्गत सह- अभियुक्त को माफी देना
14. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 451 एवं 452 अनिवार्यतः आपराधिक न्यायालय द्वारा संपत्ति के व्ययन से सम्बन्धित हैं। दोनों के बीच बुनियादी अंतर है-
a. दोनों ही प्रावधानों का सम्बन्ध न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत संपत्ति के निर्मोचन से है
b. धारा 451 विचारण की जाँच के दौरान आकर्षित होती है। जबकि धारा 452 आपराधिक विचारण के पूरा होने पर
c. दोनों प्रावधानों में कोई अंतर नहीं है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
15. 'जमानत नियम है, कारागार अपवाद है।' यह कथन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कहा गया-
a. जोगिंदर सिंह बनाम प्रदेश राज्य
b. प्रीतम सिंह बनाम पंजाब राज्य
c. मोतीराम बनाम म. प्र. राज्य
d. राजूमारी बनाम उ प्र. राज्य
16. किस प्रावधान के अंतर्गत न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दोषमुक्त करते समय उसकी उच्चतर न्यायालय में उपस्थिति हेतु उससे बंधपत्र लेना अपेक्षित है?
a. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 439
b. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 436क
c. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 436
d. दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 437क
17. निम्नलिखित में से किस प्रावधान का सम्बन्ध सत्र न्यायाधीश के पुनरीक्षण के अधिकार से है-
a. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 401
b. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 400क
c. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 402
d. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 399
18. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है-
a. दोषसिद्धि तथा मृत्युदंड की सजा पारित हो जाने पर कार्यवाही को पुष्टि हेतु उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा
b. मृत्युदंड की कार्यवाही की पुष्टि में उच्च न्यायालय आगे जाँच नहीं कर सकता अथवा अतिरिक्त साक्ष्य नहीं ग्रहण कर सकता, केवल दंड की पुष्टि अथवा बातिल करने का निर्णय ले सकता है
c. मृत्युदंड की पुष्टि का निर्णय उच्च न्यायालय के दो अथवा अधिक न्यायाधीशों द्वारा लिया जा सकता है।
d. उच्च न्यायालय द्वारा मृत्युदंड के आदेश की पुष्टि अथवा रद्द किए जाने पर उच्च न्यायालय आदेश की एक सीलबंद एवं सत्यापित प्रतिलिपि सत्र न्यायालय को भेजेगा
19. दंड प्रक्रिया संहिता की किस धारा के अंतर्गत (जब अर्थदंड सजा का हिस्सा न हो) न्यायालय प्रतिकर के रूप में अभियुक्त द्वारा किसी भी राशि के भुगतान का आदेश दे सकता है-
a. 357(1)
b. 357(2)
c. 357(3)
d. 357(4)
20. निम्नलिखित वादों में से किसमें भारत के उच्चतम न्यायालय ने आदेशित किया कि किसी वर्तमान या भूतपूर्व एम. पी. / एम.एल.ए. के विरुद्ध किसी भी अभियोजन को उच्च न्यायालय की अनुमति बिना दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के अंतर्गत वापस नहीं लिया जाएगा-
a. केरल राज्य बनाम के. अजित एवं अन्य
b. शियोनन्दन पासवान बनाम बिहार राज्य
c. अश्विनी उपाध्याय बनाम भारत संघ एवं अन्य
d. पी. वी. नरसिम्हा राव बनाम राज्य (सीबीआई/ एसपीआई) आदि
21. 'क' पर जानबूझकर चोट पहुँचाने का विचारण किया गया और उसपर दोषसिद्ध हुआ। बाद में पीड़ित का देहांत हो गया। राज्य 'क' पर भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध के अपराध का विचारण करवाना चाहता है। निम्नलिखित विधिक स्थितियों में से कौन सी सही है-
a. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 300 के अंतर्गत 'क' का दोबारा विचारण नहीं किया जा सकता
b. क' पहले ही दोषी सिद्ध और दंडित हो चुका है और इसलिए विधि के अंतर्गत उसपर दोबारा विचारण नहीं किया जा सकता
c. क' पर हत्या की कोटि में न आने वाले मानववध के लिए दोबारा विचारण किया जा सकता है।
d. क' पर उसी अपराध के लिए दोबारा विचारण किया जा सकता है जिसके कारण मृत्यु हुई हो
22. मजिस्ट्रेट अपने विवेकानुसार अभियुक्त को कब उन्मोचित कर सकता है-
a. आरोप विरचित होने के पूर्व किसी भी समय पर तथा परिवादी के मामले की सुनवाई हेतु नियत तिथि पर अनुस्थित रहने पर
b. अपराध में विधिसम्मत समझौता हो चुका हो अथवा संज्ञेय न हो
c. उपरोक्त दोनों आरोप तय होने के पूर्व तथा मामले की सुनवाई हेतु नियत तिथि पर परिवादी के अनुपस्थित रहने पर तथा अपराध में विधिसम्मत समझौता हो जाने पर अथवा इसके संज्ञेय अपराध न होने पर
d. किसी भी संज्ञेय तथा शमनीय अपराध के सम्बन्ध में आरोप विरचित होने के पूर्व किसी भी समय पर
23. यदि अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 232 के अंतर्गत दोषमुक्त नहीं किया गया है तब न्यायालय उससे क्या करने हेतु कहेगा-
a. अपनी प्रतिरक्षा
b. अपने अधिवक्ता
c. अपना पक्ष
d. अपना कथन
24. दंड प्रक्रिया संहिता की कौन सी धाराएं किसी सेशन न्यायालय के समक्ष विचारण का प्रावधान करती हैं?
a. धारा 225 से 237
b. धारा 238 से 243
c. धारा 251 से 259
d. धारा 260 से 265
25. जब कभी विचारण प्रारंभ होने के बाद किसी आरोप में न्यायालय द्वारा परिवर्तन अथवा वृद्धि किया जाता है-
a. अभियोजन का अधिकार है कि वह किसी भी साक्षी, जिसका परीक्षण पहले ही हो चुका हो, पुनः बुलाए
b. अभियुक्त को ऐसे किसी साक्षी को दोबारा बुलाने का अधिकार नहीं है जिसका परीक्षण पहले किया जा चुका हो
c. अभियोजन को किसी अन्य साक्षी को बुलाने का कोई अधिकार नहीं है
d. उपरोक्त सभी
26. 'क' जो भारत का नागरिक है, इंग्लैंड में हत्या कर देता है। उसे इंदौर में पाया और गिरफ्तार किया जाता है। उसपर कहाँ विचारण किया जा सकता है-
a. भारत की राजधानी नई दिल्ली में
b. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में
c. इंदौर में, जहाँ उसे पाया गया
d. भारत में किसी भी स्थान पर
27. "एक कार्य को दण्डनीय होने के लिये इसे नैतिक रूप से दोषपूर्ण होना चाहिये। इसे अवश्य ही एक पाप होना चाहिए"। यह कथन निम्नलिखित में से किसके द्वारा दिया गया है-
a. सालमंड
b. न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर
c. लार्ड डेनिंग
d. स्टीफेन
28. "न्यायालय" शब्द को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में परिभाषित किया गया है-
a. धारा 17
b. धारा 18
c. धारा 19
d. धारा 20
29. भारतीय न्याय संहिता की धारा 34 एवं धारा 149 में क्या अंतर है?
a. धारा 34 में कम से कम पांच व्यक्तियों का होना अनिवार्य है, जबकि धारा 149 के लिए केवल दो व्यक्तियों की आवश्यकता होती है
b. धारा 149 केवल 'साक्ष्य का नियम' है, जबकि धारा 34 एक विशिष्ट अपराध बनाता है और इसकी सजा का प्रावधान करता है।
c. धारा 34 सक्रिय भागीदारी माँगता है, जबकि धारा 149 में गैरकानूनी असेंबली की मात्र निष्क्रिय सदस्यता की आवश्यकता होती है।
d. धारा 34 को मुख्य अपराध के साथ नहीं जोड़ा जाता है जबकि धारा 149 को जोड़ा जाता है।
30. आजीवन कारावास की सजा को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत लघुकरण किया जा सकता है-
a. धारा 52
b. धारा 53
c. धारा 54
d. धारा 55
31. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत पूर्व दोषसिद्धि के लिए वर्धित न्याय दिया जाता है-
a. धारा 76
b. धारा 71
c. धारा 68
d. धारा 75
32. निम्नलिखित में से किस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 81 के अंतर्गत 'आवश्यकता' की दलील बचाव के रूप में नहीं दी जा सकती-
a. आत्मरक्षा तथा हिंसा को रोकना
b. किसी निर्दोष व्यक्ति की लागत पर आरोपी को क्षति से बचाना
c. आत्मसंरक्षण एक संपूर्ण आवश्यकता होती है
d. आरोपी के अलावा अन्य वाली बुराईयों का चयन
33. चित्त विकृति अभिव्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता में परिभाषित नहीं है और मुख्यतः इसे पागलपन के समान्तर माना जाता है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 84 के अन्तर्गत किसी कृत्य के दायित्व से छूट भागने वाले अभियुक्त को विधिक पागलपन और न कि चिकित्सकीय पागलपन सिद्ध करना होता है।" यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निम्न बाद में धारित किया गया है-
a. अबरार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
b. सुरेन्द्र मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य
c. सी. एम. शर्मा बनाम ए. पी. राज्य
d. गीता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य
34. 'क' एक शल्य चिकित्सक है जो 'ग' की सहमति से 14 वर्षीय भिखारी 'ग' के दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली इस सद्भाव से काट देता है कि इससे 'ग' को और अधिक भीख मिलने में सहायता मिलेगी
a. 'क' कोई अपराध नहीं करता क्योंकि यह कार्य 'ग' की सहमति से किया गया था
b. 'क' एक अपराध करता है क्योंकि 14 वर्षीय बच्चे की सहमति का कोई महत्व नहीं होता
c. 'क' कोई अपराध नहीं करता क्योंकि यह कार्य सद्भावपूर्वक तथा 'ग' की सहमति से किया गया था
d. 'क' को इस कार्य के आपराधिक दायित्व से छूट नहीं प्राप्त है क्योंकि यह कार्य भारतीय न्याय संहिता के अर्थ के अंतर्गत सद्भावपूर्वक नहीं किया गया था।
35. 'विधि तुच्छ बातों पर ध्यान नहीं देती' का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बन्धित है-
a. धारा 95
b. धारा 89
c. धारा 94
d. धारा 93
36. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 97 स्पष्ट उल्लेख करती है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कुछ प्रतिबंधों के अधीन होता है जो उल्लिखित हैं-
a. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 99 में
b. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 100 में
c. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 98 में
d. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 102 में
37. संपत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार दोषी की जानबूझकर मृत्यु कारित किए जाने अथवा किसी अन्य हानि पहुँचाए जाने तक विस्तारित होता है। यह प्रावधान किया गया है-
a. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 103 में
b. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 105 में
c. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 96 में
d. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 106 में
38. क' 'ख' को 'ग' की हत्या के लिए उकसाता है। 'ख' ऐसा करने से इंकार कर देता है।'क' का निम्नलिखित में से क्या दायित्व है-
a. चूंकि दुबेरण के अपराध को पूरा करने हेतु अनिवार्य कृत्य नहीं किया गया है, अतः 'क' 'ख' को 'ग' की हत्या हेतु उकसाने का दोषी नहीं है
b. 'ख' द्वारा 'क' के उकसावे पर कार्य करने से इंकार करना मामले को समाप्त कर देता है और 'क' किसी दुष्प्रेरण का दोषी नहीं है
c. क' 'ख' को हत्या के लिए दुबेरित करने का दोषी है क्योंकि दुष्प्रेरण गठित करने हेतु यह आवश्यक नहीं है कि दुष्प्रेरित कार्य पूरा किया गया होना चाहिए
d. चूंकि अपराध नहीं किया गया है अतः ऐसे अपराध के लिए कोई दुष्प्रेरण नहीं हो सकती जो किया ही न गया हो अतः 'क' उत्तरदायी नहीं है
39. षड़यंत्र द्वारा किसी अपराध की दुष्प्रेरणा तथा आपराधिक षड़यंत्र के अपराध के बीच बुनियादी अंतर क्या होता है-
a. षड़यंत्र के मामले में केवल समझौता ही पर्याप्त होता है किन्तु षड़यंत्र द्वारा दुष्प्रेरण के मामले में षड़यंत्र की पूर्ति में कोई कार्य अवश्य किया गया होना चाहिए
b. कोई भी अंतर नहीं होता
c. षड़यंत्र के मामले में कार्य भी किया गया होना चाहिए, किन्तु षड़यंत्र द्वारा दुष्प्रेरण के मामले में किसी कार्य का किया गया होना आवश्यक नहीं होता
d. षड़यंत्र द्वारा दुष्प्रेरण के मामले में किसी समझौते का होना आवश्यक नहीं होता, जबकि आपराधिक षड़यंत्र में समझौता होना आवश्यक होता है।
40. भारतीय दण्ड संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा. के अंतर्गत 'तैयारी' न्यायनीय है-
a. धारा 121, 125, 398
b. धारा 122 125, 399
c. धारा 122, 126, 399
d. धारा 121, 126, 398
41. धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का सम्प्रवर्तन करना भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत न्यायनीय होता है-
a. धारा 151
b. धारा 153
c. धारा 153 क
d. धारा 153ख
42. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है-
a. बलवा तथा दंगा भारतीय दण्ड संहिता की क्रमशः 146 एवं 159 धाराओं में परिभाषित किए गए हैं।
b. बलवा किसी लोक स्थान पर किया जाना आवश्यक होता है, जबकि दंगा किसी भी स्थान पर किया जा सकता है
c. बलवा दो वर्ष तक के कारावास से न्यायनीय होता है जबकि दंगा एक माह के कारावास से न्यायनीय होता है
d. बलवा 5 अथवा अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। जबकि दंगा 2 अथवा अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जाता है।
43. अ' एक प्राइवेट चिकित्सक जो स्वयं क्लिनिक चलाता है 'ब' को जो अम्लं आक्रमण (एसिड अटैक) का पीड़ित है, उपचार देने से इंकार करता है।'अ' भारतीय दण्ड संहिता के निम्नलिखित किस धारा में दायी है?
a. धारा 166 में
b. धारा 166-ए में
c. धारा 166-बी में
d. धारा 167 में
44. 'क', जो जिला न्यायालय के समक्ष एक साक्षी के रूप में उपस्थित होने हेतु विधिक तौर पर बाध्य था, जानबूझकर उपस्थित नहीं होता। 'क' ने भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित अपराध किया है-
a. धारा 172
b. धारा 173
c. धारा 174
d. धारा 175
45. भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा में न्यायालय में मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु न्याय का प्रावधान किया गया है-
a. धारा 198
b. धारा 193 में
c. धारा 196 में
d. धारा 197 में
46. किसी लोक स्थान के निकट अश्लील शब्द का उच्चारण-
a. अपराध नहीं होता
b. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 294 के अंतर्गत अपराध है
c. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 290 के अंतर्गत अपराध है
d. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 292(2)(ख) के अंतर्गत अपराध है
47. 'X' एवं 'Y' झगड़ा कर रहे हैं। झगड़ा लड़ाई में बदल जाता है जिसमें दोनों को शारीरिक चोट लगती है। 'Y' को अधिक घोर उपहति होती है और तीन बाद अस्पताल में उसकी मृत्यु हो जाती है। X' दायी होगा I
a. घोर उपहति कारित करने के लिए
b. हत्या के लिए
c. सदोष मानव वध के लिए
d. कोई अपराध नहीं
48. आपराधिक मानववध हत्या नहीं होती यदि इसे तब किया गया हो जब-
a. अपराधी क्रोध में कार्य करे
b. अपराधी पागलपन के दौरे के अधीन कार्य करे
c. न्यूनतम 18 वर्ष आयु के पीड़ित की सहमति से करे
d. न्यूनतम 12 वर्ष आयु के पीड़ित की सहमति से करे
49. 'क' का आशय 'ख' को मारने का था किन्तु उसकी जगह उसने 'ग' को मार दिया जिसे मारने का उसका कोई आशय नहीं था। किस सिद्धांत के अंतर्गत 'क' 'ख' की हत्या का उत्तरदायी है-
a. विस्तारित विद्वेष का सिद्धांत
b. आपराधिक मनःस्थिति का सिद्धांत
c. कम उत्तरदायित्व का सिद्धांत
d. हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत
50. भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 304(क) के अंतर्गत प्रत्येक चिकित्सक किसी व्यक्ति के आपरेशन में उपेक्षावश होने वाली मौत का तब तक उत्तरदायी नहीं होगा जबतक उसका इरादा आपराधिक न रहा हो-
a. ज्ञानेन्द्र बनाम राज्य, 1972 एससी
b. सर्वेश्वर प्रसाद शर्मा बनाम राज्य, 1978 एससी
c. जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य, 2005 एससी
d. मुन्ना बनाम राज्य, 2005 एससी
51. निम्नलिखित में से किस तथ्य को भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 92 के अंतर्गत साबित किया जा सकता है-
a. कोलकाता से लंदन के लिए जलयान पर माल पर बीमा पॉलिसी प्रदान की गई। माल का परिवहन एक विशिष्ट 2 जलयान द्वारा किया गया जो खो गया। एक पक्षकार का कथन है कि विशिष्ट जलयान को मौखिकतौर पर पॉलिसी से अपवर्जित कर दिया गया था।
b. क 1 मार्च 2002 को 1000 रुपए देने के लिए लिखित में सहमति प्रदान करता है। एक पक्षकार का कथन है कि उसी समय पर यह मौखिक समझौता हुआ था कि धन का भुगतान 31 मार्च 2002 तक नहीं किया जाना चाहिए।
c. रामपुर चाय बागान नामक एक संपदा को एक विलेख द्वारा बेचा गया जिसमें विक्रीत संपदा का मानचित्र निहित था। एक पक्ष का कथन है कि मानचित्र में शामिल नहीं की गई भूमि को सदैव ही संपदा का हिस्सा माना गया था तथा इसे विलेख के द्वारा हस्तांतरित किया जाना था।
d. क ख के साथ एक लिखित अनुबंध करता है जिसके अनुसार उसे कतिपय शर्तों के अंतर्गत कुछ नियत खदानों में कार्य करना था जो ख की संपत्ति थी। क का कथन है
52. तथ्य, जिसे साबित किया जाना हो, को कहा जाता है-
a. फैक्टम प्रोबैन्स
b. फैक्टम प्रोबैन्डम
c. लेक्स फोरी
d. लेक्स लोकी
53. परिस्थितिजन्य साक्ष्य के लिए निम्नलिखित परीक्षण पास करना आवश्यक होता है
a. परिस्थितियों, जिनसे अपराध अनुमानित किया जाना है, का अकाट्य तथा ठोस रूप से स्थापित होना अनिवार्य है
b. परिस्थितियाँ एक निश्चित प्रवृत्ति की होनी चाहिए जो बिना शक अभियुक्त के अपराध की ओर इशारा करती हों
c. सामूहिक तौर पर ग्रहण की गई परिस्थितियों द्वारा एक ऐसी श्रृंखला गठित की जानी चाहिए कि इस निष्कर्ष से बचने का कोई उपाय न रहे कि समस्त मानवीय संभाव्यता के अंतर्गत अपराध अभियुक्त द्वारा ही किया गया था
d. उपरोक्त सभी
54. 'क' पर 'ख' की हत्या के लिए विचारण किया गया है। वह आत्मरक्षा की दलील देता है किन्तु उसके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य उसके वाद को इस अपवाद के अधीन लाने हेतु पर्याप्त नहीं हैं, यद्यपि ये इस संदेह को उत्पन्न करने हेतु पर्याप्त हैं कि क्या उसके विरूद्ध लगाए गए आरोप सकारात्मक रूप से साबित हुए हैं। इस मामले में-
a. क' हत्या का दोषी है क्योंकि उसने अपने सबूत के भार का उन्मोचन नहीं किया है
b. 'क' हत्या की श्रेणी में न आने वाले आपराधिक मानववध को दोषी है क्योंकि उसका मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 300 के अपवादों के अंतर्गत आता है
c. 'क' ने कोई अपराध नहीं किया है क्योंकि आत्मरक्षा आपराधिक उत्तरदायित्व से छूट का एक मान्यताप्राप्त
d. क' दोषमुक्त होने का अधिकारी है क्योंकि अभियोजन समुचित संदेह से परे उसके दोषी को साबित करने में विफल रहा है
55. 'क' पर एक सशस्त्र विप्लव, जिसमें संपत्ति नष्ट की जाती है, सैनिकों पर हमले किए जाते हैं तथा जेल को तोड़कर खोली जाती है, में भाग लेने के कारण भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध करने का अभियुक्त है। 'क' इन सभी कार्यवाहियों में उपस्थित नहीं था तथापि इन तथ्यों की उत्पत्ति सुसंगत है क्योंकि-
a. सुसंगत तथ्य हेतु एक उद्देश्य स्थापित करते हैं
b. ये सुसंगत तथ्यों की तैयारी प्रदर्शित करते हैं।
c. वे सुसंगत तथ्यों के प्रभाव है
d. वे एक ही संव्यवहार का हिस्सा बनते हैं।
56. मूक साक्षी के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है-
a. एक मूक साक्षी खुले न्यायालय में अपना साक्ष्य लिखित में दे सकता है.
b. एक मूक साक्षी खुले न्यायालय में अपना साक्ष्य संकेत द्वारा दे सकता है।
c. किसी मूक साक्षी द्वारा खुले न्यायालय में लिखित में दिया गया साक्ष्य दस्तावेजी साक्ष्य माना जाएगा
d. एक मूक साक्षी ऐसे किसी भी तरीके से साक्ष्य दे सकता हैं जिससे इसे बोधगम्य माना जा सके
57. निम्न में से कौन सा कथन सही है? 'क' पर 'ख' की हत्या हेतु विचारण किया गया है। इस तथ्य के साक्ष्य मौजूद हैं कि 'ख' ने 'क' पर अपमान लेखन हेतु अभियोजन किया था तथा 'क' दोषी सिद्ध हुआ था तथा उसे सजा हुई थी। यह निर्णय-
a. 'क' द्वारा 'ख' की हत्या का निश्चायक सबूत है क्योंकि यह लोकलक्षी निर्णय है
b. सुसंगत किन्तु निश्चायक सबूत नहीं है क्योंकि यह सार्वजनिक प्रकृति के मामले से सम्बन्धित है जो जाँच हेतु सुसंगत है
c. सुसंगत है क्योंकि ऐसे निर्णय की मौजूदगी विवाद्यक तथ्य होता है
d. धारा 8 के अंतर्गत सुसंगत है क्योंकि यह 'ख' की हत्या के हेतु को दर्शाता है
58. अप्रत्यक्ष संदिग्धार्थता एक दस्तावेज है जिसका अर्थ संदिग्धार्थता होता है:
a. मौखिक साक्ष्य द्वारा स्पष्टीकरण का विषय नहीं होता
b. दस्तावेज में प्रत्यक्षतः स्पष्ट हो
c. छिपी हुई प्रकृति की हो तथा जिसके स्पष्टीकरण के लिए मौखिक साक्ष्य दिया जा सकता हो
d. मौखिक साक्ष्य द्वारा सिद्ध किए जाने की अनुमति नहीं है (पीजेएस 2011)
59. दूधनाथ पाण्डे बनाम उत्तर प्रदेश राज्य का सम्बन्धित है—
a. रेस जेस्टे से
b. अन्यत्र उपस्थित रहने से
c. स्वीकृति से
d. सह अपराधी से
60. किसी दस्तावेज को अवैध ठहराने वाला मौखिक साक्ष्य, साक्ष्य अधिनियम की किस धारा में ग्राह्य होता है- देता
a. धारा 92 के परन्तुक
b. धारा 92 के परन्तुक 2
c. धारा 92 के परन्तुक 4
d. धारा 92 के परन्तुक 6
61. एक ग्रामीण महिला हमला तथा दुर्व्यवहार की आशंका से ग्राम पंचायत के समक्ष अपनी सास की हत्या की संस्वीकृति करती है। क्या यह संस्वीकृति ग्राह्य है?
a. न्यायिकेत्तर संस्वीकृति के रूप में
b. अनैच्छिक होने के कारण अग्राह्य
c. अन्य साक्षियों के प्रस्तुत तथ्य के सहायक साक्ष्य के रूप में
d. आंशिक तौर पर ग्राह्म
62. क लिखित में ख को 1,000 अथवा 1,500 रुपयों में एक घोड़ा बेचने हेतु करार करता है। यह दर्शित करने के लिये कि कौन सा मूल्य दिया जाना था, भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत-
a. साक्ष्य दिया जा सकता है।
b. साक्ष्य नहीं दिया जा सकता
c. न्यायालय की अनुमति से साक्ष्य दिया जा सकता है
d. द्वितीयक साक्ष्य के रूप में साबित किया जा सकता है।
63. एक यात्री से यात्रा के दौरान टिकट परीक्षक द्वारा टिकट माँगा गया, यात्री ने जवाब दिया कि उसने टिकट खरीदा है। टिकट परीक्षक यात्री को बिना टिकट यात्रा के लिए अभियोजित करता है। इस मामले में किस धारा के अंतर्गत सबूत का भार निर्धारित किया जाएगा-
a. धारा 106
b. धारा 105
c. धारा 107
d. धारा 104
64. एक व्यक्ति, जो सात वर्ष से अदृश्य रहा और जिसे उन लोगों द्वारा नहीं सुना गया जिन्हें, यदि वह जीवित रहा होता तो स्वाभाविक रूप से उसे सुनना चाहिए था, तब यह उपधारणा उत्पन्न होती है कि वह मर चुका है। ऐसे व्यक्ति की मृत्यु के समय को लेकर क्या उपधारणा होगी-
a. उपधारणा यह है कि वह व्यक्ति पिछली बार सुने जाने के बाद की सात वर्ष की तिथि पर मर चुका है।
b. उपधारणा यह है कि वह व्यक्ति इन सात वर्षों की विशिष्ट अवधि के प्रारंभ होने के दौरान मर चुका है।
c. जो लोग आरोप लगाते हैं कि मृत्यु किसी विशेष समय पर हुई होनी चाहिए, को इस तथ्य को साबित करना होगा
d. उपधारणा यह है कि व्यक्ति न्यायिक उद्घोषणा की तिथि को मर चुका है
65. भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है-
a. जब यह प्रदर्शित किया गया हो कि एक व्यक्ति तीस वर्षों के अंदर जीवित रहा है, तब उसकी मृत्यु को साबित करने का भार उस व्यक्ति का होता है जो मौत की पुष्टि करता है
b. जब यह प्रदर्शित किया गया हो कि किसी व्यक्ति को उन लोगों द्वारा सात वर्षों से नहीं सुना गया है जिन्हें, यदि वह जीवित रहा होता तो, स्वाभाविकतौर पर उसे सुनना चाहिए था, तब वह जीवित है यह साबित करने का भार उस व्यक्ति पर होता है जो इसकी पुष्टि करता है।
c. जब यह प्रदर्शित किया गया हो कि एक व्यक्ति के कब्जे में कोई वस्तु है, तो यह साबित करने कि वह व्यक्ति उसका स्वामी नहीं है, का भार उस व्यक्ति का होता है जो यह पुष्टि करता है कि वह उसका स्वामी नहीं है।
d. जब यह प्रदर्शित किया गया हो कि एक व्यक्ति सक्रिय आत्मविश्वास की स्थिति में दूसरे का साथ देता है, तब उनके बीच किसी संव्यवहार में सद्भाव को साबित करने का भार उस पक्ष पर होता हैं जिसने दूसरे में आत्मविश्वास प्रदर्शित किया हो
66. विवाह की वैधता अथवा विच्छेद के बाद 280 दिनों के अंदर जन्मी किसी संतान की धर्मजता, जिसमें माँ साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 के अंतर्गत अविवाहित रही हो, होती है-
a. अखंडनीय उपधारणा
b. खंडनीय उपधारणा
c. निश्चयात्मक सबूत
d. उपरोक्त में कोई नहीं
67. निम्नलिखित में से किस मामले में न्यायालय धारा 114 के अंतर्गत उपधारणा कर सकता है-
a. यह कि चोरी के बाद चोरी के सामान का कब्जादार एक व्यक्ति या तो चोर होता है अथवा यह जानते हुए सामान प्राप्त करता है कि सामान चोरी का है।
b. यह कि न्यायिक एवं आधिकारिक कार्यवाहियाँ नियमित तौर पर संपन्न की गई हैं
c. यह कि साक्ष्य, जिसे प्रस्तुत किया जा सकता है और प्रस्तुत नहीं किया गया है, यदि प्रस्तुत किया जाता है तो यह इसे रोके रखने वाले व्यक्ति के विरूद्ध होगा (उदाहरणार्थ पुलिस द्वारा साक्ष्य को रोके रखना)
d. उपरोक्त सभी
68. किस संशोधन के द्वारा धारा 114क को भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 में अंतर्विष्ट किया गया था-
a. आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1986
b. आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1984
c. आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1983
d. उपरोक्त में कोई नहीं
69. एक मामले, जिसमें एक चिकित्सक अपनी चिकित्सा के अधीन एक 30 वर्षीया महिला का बलात्संग करता है और महिला कहती है कि उसकी सहमति नहीं थी, तो न्यायालय-
a. को सबूत की आवश्यकता होगी
b. उपधारणा करेगा कि उसने सहमति नहीं दी थी
c. को पुष्टिकरण की आवश्यकता होगी
d. उसकी सहमति की उपधारणा कर अथवा नहीं कर सकता है
70. भारतीय साक्ष्य अधिनियम में धारा 114 A निम्न में से किस निर्णय के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन के बाद जोड़ी गयी?
a. तुकाराम बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र
b. मोगिनबाई बनाम गुजरात राज्य
c. हरपाल सिंह वाद
d. प्रमोद महतो बाद
71. 'क' ने जानबूझकर तथा झूठे तरीके से 'ख' को विश्वास दिलाया कि वह एक भूखंड का स्वामी है। इस आधार पर उसने 'ख' को इसे खरीदने और भुगतान करने का प्रलोभन दिया। बाद में भूखंड 'क' की संपत्ति बन गया। 'क' ने 'ख' के पक्ष में की गई बिक्री को रह करने हेतु इस आधार पर एक वाद प्रस्तुत किया कि बिक्री के समय उसके पास इसका स्वामित्व नहीं था । ऐसे बाद में-
a. 'क' बिक्री के समय पर स्वामित्व के अभाव को साबित कर सकता है
b. 'क' को अपने स्वामित्व के अभाव को साबित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती
c. यह संपत्ति के मूल्य पर निर्भर करता है-
d. उपरोक्त सभी गलत हैं
72. समाचार पत्र के एक समाचार में उल्लेख था कि जो लोग उत्तरपूर्वीय भारत में औद्योगिक इकाईयाँ स्थापित करेंगे उन्हें 5 वर्षों के लिए निगम कर से छूट प्रदान की जाएगी। क, जो एक उद्योग स्थापित करना चाहता था, ने उद्योग महानिदेशक के साथ-साथ राज्यों के मुख सचिवों के समक्ष आवेदन किया और दोनों ने छूट की उपलब्धता की पुष्टि कर दी। क ने अपनी योजना को लागू करना प्रारंभ कर दिया। हालांकि, राज्य सरकार ने एक वर्ष के बाद अपनी नीति वापस ले ली। क्या क राज्य के विरूद्ध विबन्ध ला सकता है?
a. नहीं, क्योंकि विवन्ध राज्य के विरूद्ध नहीं हो सकता
b. नहीं, क्योंकि राज्य तथा क के बीच कोई प्रत्यक्ष वादा नहीं था
c. हाँ, क विबन्ध का वाद ला सकता है क्योंकि राज्य द्वारा किए गए वादे के कारण उसे हानि हुई है।
d. यह न्यायालय के विवेकाधीन होगा
73. भारतीय साक्ष्य कानून के निम्नलिखित अध्यायों में से कौन सा अध्याय 'गवाहों' से सम्बन्धित है ?
a. अध्याय VI
b. अध्याय VII
c. अध्याय VIII
d. अध्याय IX
74. साक्षी कौन नहीं हो सकता है-
a. एक सह-अपराधी
b. बच्चा
c. पागल व्यक्ति जो प्रश्न समझने एवं तर्कसंगत उत्तर देने में असमर्थ हो
d. मूक व्यक्ति
75. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के अंतर्गत किसी पति द्वारा पत्नी के विरूद्ध तथा विलोमतः दिए गए साक्ष्य का साक्षिक मूल्य क्या होता है-
a. दोनों साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकते
b. दोनों को विधि में एक पहचान माना जाता है, अतः एक दूसरे के विरूद्ध साक्ष्य नहीं दे सकता
c. दोनों के द्वारा मात्र आपराधिक मामले में साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
d. दोनों के द्वारा सिविल तथा आपराधिक दोनों मामलो में
76. भारत के संविधान की उद्देशिका में प्रयुक्त 'पंथनिरपेक्ष' शब्द का अर्थ है
a. राज्य का अपना खुद का कोई धर्म नहीं है'
b. सभी धर्मों के साथ एकसमान व्यवहार किया जाता है
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों सही हैं
d. राज्य का कोई साझा धर्म नहीं है।
77. निम्नलिखित में से किस मामले में जस्टिस हिदायतुल्ला ने कहा कि प्रस्तावना संविधान की आत्मा है शाश्वत और अटल?
a. गोलकनाथ मामला
b. स. आर. बोम्मई मामला
c. केशवानंद भारती मामला
d. मिनर्वा मिल्स मामला
78. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13(3) के अनुसार विधि में सम्मिलित हैं-
a. कोई अध्यादेश, आदेश, उपविधि, रूढ़ि अथवा प्रथा
b. कोई नियम, विनियमन अथवा भारत में अधिसूचना
c. देश में अधिकृत अधिकरण द्वारा बनाई गई कोई विधि
d. कोई अध्यादेश, आदेश, उपविधि नियम, विनियमन, अधिसूचना, रूढ़ि अथवा भारत के क्षेत्र में विधि से सशक्त प्रथा
79. शैक्षिक संस्थानों में अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के हक में सीटों का आरक्षण किस प्रावधान द्वारा शासित होता है-
a. संविधान के अनुच्छेद 16(4)
b. संविधान के अनुच्छेद 29(2)
c. संविधान के अनुच्छेद 15(5)
d. संविधान के अनुच्छेद 14
80. निम्नलिखित में से कौन ऐसा आधार है जिसके द्वारा संपूर्ण भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र अबाध संचरण के अधिकार पर समुचित प्रतिबंध आरोपित किए जा सकते हैं-
a. राज्य की सुरक्षा
b. शालीनता
c. किसी अनुसूचित जनजाति के हितों का संरक्षण
d. नैतिकता
81. संवैधानिक संशोधन के अनुपालन में "सहकारी समिति" को मूल अधिकारों में किस अनुच्छेद के अंतर्गत स्थान प्राप्त हुआ है-
a. अनुच्छेद 19 (1) (क)
b. अनुच्छेद 19(1)(ख)
c. अनुच्छेद 19(1)(ग)
d. उपरोक्त में कोई नहीं
82. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है- दोहरे संकट का अर्थ होता है--
a. एक ही अपराध के लिए उसी व्यक्ति का दो बार विचारण किया जाना
b. एक ही अपराध के लिए दो व्यक्तियों द्वारा संयुक्त प्रयास किया जाना
c. एक ही व्यक्ति पर दो अलग-अलग समयों पर किए गए दो अपराधों के लिए विचारण किया जाना
d. किसी व्यक्ति द्वारा एक घटना में किए गए दो अपराधों का विचारण किया जाना
83. निम्नलिखित में से कौन सा समूह भारतीय संविधान का स्वर्णिम त्रिभुज कहा जाता है-
a. अनुच्छेद 14, 15 एवं 16
b. अनुच्छेद 14, 19 एवं 21
c. अनुच्छेद 20, 21 एवं 22
d. उद्देशिका, मूलभूत अधिकार एवं निदेशक तत्व
84. किसी लोकसेवक द्वारा अधिकार विरूद्ध कार्य किए 212जाने के मामले में निम्नलिखित में से कौन सी रिट जारी की जा सकती है-
a. अधिकार पृच्छा
b. बंदी प्रत्यक्षीकरण
c. परमादेश
d. उत्प्रेषण लेख
85. अभिकथन (अ) भारत के संविधान का अनुच्छेद 30 सभी अल्पसंख्यक समुदायों को शैक्षिक संस्थान स्थापित करने का अधिकार प्रदान करता है।
तर्क (त): अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा शैक्षिक संस्थानों की स्थापना करने एवं उन्हें प्रशासित करने का अधिकार विशुद्धतौर पर धर्म पर आधारित है।
a. उपरोक्त (अ) तथा (त) दोनों अलग-अलग सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
b. उपरोक्त (अ) तथा (त) दोनों अलग-अलग सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है।
c. उपरोक्त (अ) गलत हैं किन्तु (त) सही है।
d. उपरोक्त (अ) सही है किन्तु (त) गलत है।
86. राज्य कृषि एवं पशुपालन को आधुनिक तथा वैज्ञानिक प्रणालियों से संगठित करने का प्रयास करेगा जैसा कि निर्धारित है-
a. संविधान के अनुच्छेद 42 में
b. संविधान के अनुच्छेद 48 में
c. संविधान के अनुच्छेद 38 में
d. संविधान के अनुच्छेद 52 में
87. भारत के संविधान के अनुच्छेदों की निम्नलिखित जोड़ियों में से कौन भारत के राष्ट्रपति की शपथ अथवा अभि कथन तथा महाभियोग से सम्बन्धित है-
a. अनुच्छेद 60 एवं अनुच्छेद 61
b. अनुच्छेद 62 एवं अनुच्छेद 63
c. अनुच्छेद 99 एवं अनुच्छेद 100
d. अनुच्छेद 72 एवं अनुच्छेद 73
88. प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद् में कुल मंत्रियों की संख्या किससे अधिक नहीं होनी चाहिए-
a. लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15%
b. लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 20%
c. राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या के 20%
d. दोनों सदनों की कुल सदस्य संख्या के 15%
89. भारत की सर्वप्रथम महिला राज्यपाल कौन थीं?
a. डॉ. कमला बेनीवाल
b. अम्बिका सोनी
c. सरोजिनी नायडू
d. मार्गेट अल्वा
90. संविधान में दल-बदल विरोधी प्रावधान किस संविधान संशोधन द्वारा अंतर्विष्ट किया गया था-
a. 51वें संशोधन
b. 53वें संशोधन
c. 52वें संशोधन
d. 54वें संशोधन
91. किसी राज्य की विधान परिषद्, जिसमें ऐसी परिषद् मौजूद हो, में सदस्यों की कुल संख्या किससे अधिक नहीं होगी-
a. विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के दो-तिहाई से
b. विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के आधे से
c. विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से
d. उपरोक्त में कोई नहीं
92. भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को अपने पद से हटाया जा सकता है:
a. केवल साबित कदाचार के आधार पर
b. केवल असमर्थता के आधार पर
c. केवल भ्रष्टाचार के आधार पर
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
93. संविधान में अनुच्छेद 131 क किसके द्वारा अंतर्विष्ट किया गया था-
a. संविधान (43वें संशोधन) अधिनियम, 1977
b. संविधान (44वें संशोधन) अधिनियम, 1978
c. संविधान (46वें संशोधन) अधिनियम, 1980
d. संविधान (42 वें संशोधन) अधिनियम, 1976
94. भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपचारात्मक याचिका (Curative Petition) का प्रावधान किया गया है-
a. संविधान के अनुच्छेद 136
b. संविधान के अनुच्छेद 143 में
c. संविधान के अनुच्छेद 32 में
d. संविधान के अनुच्छेद 142 में
95. निम्नलिखित में से किस अधिकारिता का उपयोग उच्च न्यायालयों द्वारा नहीं किया जाता-
a. परामर्शदात्री अधिकारिता
b. रिट की अधिकारिता
c. अपीली अधिकारिता
d. मौलिक अधिकारिता
96. भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक नहीं है क्योंकि उच्च न्यायालय इस अधिकार का उपयोग कर सकते हैं-
a. सिविल एवं आपराधिक मामलों के सम्बन्ध में
b. मूल एवं अन्य वैधानिक अधिकारों के सम्बन्ध में
c. मूल अधिकारों तथा अपील सम्बन्धी मामलों में
d. मूल अधिकारों तथा रोक के मामलों में
97. सार और तत्व का सिद्धांत संबंधित है-
a. प्रादेशिक क्षेत्राधिकार से उत्पन्न समस्याओं को हल करने के 25 लिए विधियों का निर्वाचन
b. एक ही क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के विषयां से संबंधित विधायिका की समस्याओं को हल करने हेतु विधियों की व्याख्या
c. मौलिक अधिकारों से अधित्यजन की समस्याओं को हल करने के लिए विधियों का निर्वाचन
d. उपर्युक्त सभी
98. वन्य पशुओं एवंपक्षियों का संरक्षण' विषय किसकी अंतर्गत आता है-
a. राज्य सरकार
b. केन्द्र सरकार
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. स्थानीय अधिकरण
99. पंचायतों के गठन का उल्लेख भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?
a. अनुच्छेद 243ण
b. अनुच्छेद 243ब
c. अनुच्छेद 243ख
d. अनुच्छेद 243क
100. अनुच्छेद 352 के अंतर्गत आपातकाल की उद्घोषणा को इसे जारी करने के कितनी अवधि के अंदर संसद के दोनों सदनों द्वारा स्वीकृति अवश्य ही प्रदान कर दी जानी चाहिए?
a. दो माह
b. तीन माह
c. एक माह
d. छह माह