धारा 8 से 14 अध्याय 3 प्रतिषेध, नियंत्रण और विनियमन

धारा 8 से 14 अध्याय 3 प्रतिषेध, नियंत्रण और विनियमन

अध्याय 3

प्रतिषेध, नियंत्रण और विनियमन

8. कुछ संक्रियाओं का प्रतिषेध. -

कोई व्यक्ति-

() किसी कोका के पौधे की खेती या कोका के पौधे के किसी भाग का संग्रह; या

() अफीम पोस्त या किसी कैनेबिस के पौधे की खेती ; या

() किसी स्वापक ओषधि या मनःप्रभावी पदार्थ का उत्पादन, विनिर्माण, कब्जा, विक्रय, क्रय, परिवहन, भांडागारण, उपयोग, उपभोग, अंतरराज्य आयात, अंतरराज्य निर्यात, भारत में आयात, भारत से बाहर निर्यात या यानांतरण

चिकित्सीय या वैज्ञानिक प्रयोजनों के लिए और इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों या निकाले गए आदेशों के उपबंधों द्वारा उपबंधित रीति और विस्तार तक ही और ऐसी किसी दशा में जहां ऐसे किसी उपबंध में अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र, या प्राधिकार के रूप में कोई अपेक्षा अधिरोपित की गई है वहां ऐसी अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र या प्राधिकार के निबंधनों और शर्तों के अनुसार भी करेगा अन्यथा नहीं :

परन्तु इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, गांजा के उत्पादन के लिए कैनेबिस के पौधे की खेती या चिकित्सीय और वैज्ञानिक प्रयोजनों से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए गांजा के उत्पादन, कब्जे, उपयोग, उपभोग, क्रय, विक्रय, परिवहन, भाण्डागारण, अंतरराज्यिक आयात और अंतरराज्यिक निर्यात के विरुद्ध प्रतिषेध केवल उस तारीख से प्रभावी होगा जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे :

1[ परन्तु यह और कि इस धारा की बात आलंकारिक प्रयोजनों के लिए पोस्ततृण के निर्यात को लागू नहीं होगी।] (1. अधिनियम क्र० 2 सन् 1989 द्वारा दिनांक 29-5-89 से अन्त स्थापित।)

2[8-. अपराध से व्युत्पन्न संपत्ति से संबंधित कतिपय क्रियाकलापों का प्रतिषेध. -

कोई भी व्यक्ति, -

() किसी संपत्ति का यह जानते हुए कि ऐसी संपत्ति, उस संपत्ति का अवैध उद्गम छिपाने या उसके रूपान्तरण के प्रयोजन के लिए या अपराध के किए जाने में किसी व्यक्ति की सहायता करने के लिए या विधिक परिणामों से बचने के लिए, इस अधिनियम के अधीन या किसी अन्य देश की किसी अन्य तत्स्थानी विधि के अधीन किए गए किसी अपराध से या ऐसे अपराध में भाग लेने के किसी कार्य से व्युत्पन्न की गई है, संपरिवर्तन या अंतरण नहीं करेगा; या

() किसी संपत्ति की सही प्रकृति, स्रोत, अवस्थिति, व्ययन की, यह जानते हुए कि ऐसी सम्पत्ति इस अधिनियम के अधीन या किसी अन्य देश की किसी अन्य तत्स्थानी विधि के अधीन किए गए किसी अपराध से व्युत्पन्न की गई है, नहीं छिपाएगा या उसका रूप नहीं बदलेगा; या

() जानते हुए कि ऐसी संपत्ति का, जो इस अधिनियम के अधीन या किसी अन्य देश की किसी अन्य तत्स्थानी विधि के अधीन किए गए किसी अपराध से व्युत्पन्न की गई थी, अर्जन नहीं करेगा, उसे कब्जे में नहीं रखेगा या उसका उपयोग नहीं करेगा।] (2.अधिनियम क्र० सन् 2001 द्वारा दिनांक 2-10-2001 से अंतः स्थापित।)

9. अनुज्ञा देने, नियन्त्रण और विनियमन करने की केन्द्रीय सरकार की शक्ति. -

(1) धारा 8 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, केन्द्रीय सरकार, नियमों द्वारा-

() निम्नलिखित के लिए अनुज्ञा दे सकेगी और उनका विनियमन कर सकेगी-

(i) कोका के पौधे की खेती या उसके किसी भाग का संग्रह (जब ऐसी खेती या संग्रह केवल केंद्रीय सरकार के लिए ही हो) या कोका की पत्तियों का उत्पादन, कब्जा, विक्रय, क्रय, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, उपयोग या उपभोग;

(ii) अफीम पोस्त की खेती (जब ऐसी खेती) केन्द्रीय सरकार के लिए ही हो।

(iii) अफीम का उत्पादन और विनिर्माण तथा पोस्त तृण का उत्पादन:

1[iii) ऐसे पौधों से, जिनसे चीरा लगाकर रस नहीं निकाला गया है, उत्पादित पोस्त तृण का कब्जा रखने, परिवहन, अन्तरराज्यिक आयात, अन्तरराज्यिक निर्यात, भांडागारण, विक्रय, क्रय, उपभोग और उपयोग;] (1. अधिनियम क्र० 16 सन् 2014, धारा 4 () (1) द्वारा दिनांक 1-5-2014 से अंत: स्थापित।)

(iv) भारत से निर्यात या राज्य सरकारों या विनिर्माण करने वाले रसायनज्ञों को विक्रय के लिए केन्द्रीय सरकार का कारखानों से अफीम और अफीम के व्युत्पादों का विक्रय;

(v) विनिर्मित ओषधियों (निर्मित अफीम से भिन्न) का विनिर्माण किंतु इसके अंतर्गत ओषधीय अफीम या ऐसी सामग्री से, जिसका कब्जा रखने के लिए बनाने वाला विधिसम्मत रूप से हकदार है, विनिर्मित ओषधि अंतर्विष्ट करने वाली किसी निर्मिति का विनिर्माण नहीं है:

2[v) आवश्यक स्वापक ओषधियों का विनिर्माण, कब्जा, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, विक्रय, क्रय, उपभोग और उपयोग : (2. अधिनियम क्र० 16 सन् 2014, धारा 4 () (11) द्वारा दिनांक 1-5-2014 से अंतःस्थापित)

परंतु जहां किसी आवश्यक स्वापक ओषधि की बाबत, राज्य सरकार ने स्वापक ओषधि और मनः प्रभावी पदार्थ (संशोधन) अधिनियम, 2014 के प्रारंभ से पूर्व धारा 10 के उपबंधों के अधीन अनुज्ञप्ति या अनुज्ञापत्र दिया है, वहां ऐसी अनुज्ञप्ति या अनुज्ञापत्र, उसकी समाप्ति की तारीख तक या ऐसे प्रारंभ से बारह मास की अवधि तक, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, विधिमान्य बना रहेगा;]

(vi) मनः प्रभावी पदार्थों का विनिर्माण, कब्जा, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात/अंतरराज्यिक निर्यात, विक्रय, क्रय, उपभोग या उपयोग:

(vii) स्वापक ओषधियों और मनः प्रभावी पदार्थों का भारत में आयत और भारत से निर्यात तथा यानांतरण ;

() खंड () में विनिर्दिष्ट किसी विषय पर केंद्रीय सरकार का प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए अपेक्षित कोई अन्य विषय विहित कर सकेगी।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम-

() केन्द्रीय सरकार को, समय-समय पर, ऐसी सीमाएं नियत करने के लिए सशक्त कर सकेंगे जिनके अन्दर, अफीम पोस्त की खेती के लिए अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी;

() यह अपेक्षा कर सकेंगे कि सभी अफीम ऐसी भूमि के सभी उत्पाद, जिस पर अफीम पोस्त की खेती की गई है, खेतिहरों द्वारा ऐसे अधिकारियों को परिदत्त किए जाएंगे जिन्हें केंद्रीय सरकार इस निमित्त प्राधिकृत करे;

(ग) अफीम पोस्त की खेती के लिए और अफीम के उत्पादन और विनिर्माण के लिए अनुज्ञप्तियों के प्ररूप और शर्तें, ऐसी फीसें जो उनके लिए प्रभारित की जा सकेंगी, ऐसे प्राधिकरण, जिनके द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियां अनुदत्त, प्रतिधारित, इंकार और रद्द की जा सकेंगी और ऐसे प्राधिकरण जिनके समक्ष अनुज्ञप्तियों के प्रतिधारण, इंकार या रद्दकरण के आदेशों के विरुद्ध अपीलें की जा सकेंगी, विहित कर सकेंगे;

() वह विहित कर सकेंगे कि अफीम को उसकी क्वालिटी और गाढ़ेपन के अनुसार ऐसे अधिकारियों द्वारा, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किए जाएं, खेतिहर द्वारा परिदान के समय खेतिहर को उपस्थिति में तोला जाएगा, उसकी परीक्षा की जाएगी और उसका वर्गीकरण किया जाएगा;

() केंद्रीय सरकार को सशक्त कर सकेंगे कि वह परिदत्त की गई अफीम के लिए खेतिहर को संदत्त की जाने वाली कीमत समय-समय पर नियत करे।

() कारखाने में प्राप्त अफीम का उसकी क्वालिटी और गाढ़ेपन के अनुसार तोल, परीक्षा और वर्गीकरण के लिए तथा ऐसी परीक्षा के परिणाम के अनुसार मानक कीमत में की जाने वाली कटौतियों या परिवर्धनों (यदि कोई हों) के लिए; और ऐसे प्राधिकरणों का, जिनके द्वारा तोल, परीक्षा, वर्गीकरण, कटौतियों या परिवर्धनों के बारे में विनिश्चिय किया जायेगा और ऐसे प्राधिकरणों का जिसके समक्ष ऐसे विनिश्चिय के विरुद्ध अपीलें की जाएंगी, उपबंध कर सकेंगे;

() यह अपेक्षा कर सकेंगे कि किसी खेतिहर द्वारा परिदत्त अफीम यदि केंद्रीय सरकार के कारखाने के परीक्षा में परिणामस्वरूप अपमिश्रित पाई जाती है तो इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा अधिहृत की जा सकेगी:

() विनिर्मित ओषधियों के विनिर्माण के लिए अनुज्ञप्तियों के प्ररूप और शर्तें, ऐसे प्राधिकरण, जिनके द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियां दी जाएंगी और ऐसी फीसें, जो उनके लिए प्रभारित की जा सकेंगी, विहित कर सकें;

1[(जक) आवश्यक स्वापक ओषधियों के विनिर्माण, कब्जे, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, विक्रय, क्रय, उपभोग और उपयोग के लिए अनुज्ञप्तियों या अनुज्ञापत्रों के प्ररूप और शर्तें, ऐसे प्राधिकारी, जिनके द्वारा ऐसी अनुज्ञप्ति या अनुज्ञापत्र दिया जा सकेगा और वह फीस, जो उसके लिए प्रभारित की जा सकेगी, विहित कर सकेंगे;] (1. अधिनियम क्र० 16 सन् 2014, धारा 4 () द्वारा दिनांक 1-5-2014 से अंतःस्थापित।)

() मनः प्रभावी पदार्थों के विनिर्माण, कब्जे, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, विक्रय, क्रय, उपभोग या उपयोग के अनुज्ञप्तियों या अनुज्ञापत्रों के प्ररूप और शर्ते, वे प्राधिकरण, जिनके द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियां या अनुज्ञापत्र दिए जा सकेंगे तथा वे फीसें, जो उनके लिए प्रभारित की जा सकेंगी, विहित कर सकेंगे;

() ऐसे पत्तन और अन्य स्थान, जिन पर किसी प्रकार की स्वापक ओषधियों या मनः प्रभावी पदार्थों का भारत में आयात या भारत से निर्यात या यानांतरण किया जा सकेगा; ऐसे आयात या निर्यात या यानांतरण के लिए, यथास्थिति, प्रमाणपत्र, प्राधिकारों या अनुज्ञापत्रों के प्ररूप और शर्तें, वे प्राधिकरण जिनके द्वारा ऐसे प्रमाणपत्र, प्राधिकार या अनुज्ञापत्र दिए जा सकेंगे और वे फीस, जो उनके लिए प्रभारित की जा सकेंगी, विहित कर सकेंगे।

1[9-. नियन्त्रित पदार्थों को नियंत्रित और विनियमित करने की शक्ति.-

(1) यदि केन्द्रीय सरकार की यह राय है कि किसी स्वापक ओषधि या मनः प्रभावी पदार्थ के उत्पादन या विनिर्माण में किसी नियंत्रित पदार्थ के प्रयोग को ध्यान में रखते हुए, लोकहित में ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है तो वह, आदेश, द्वारा, उसके उत्पादन विनिर्माण प्रदाय और वितरण तथा उसके व्यापार और वाणिज्य को विनियमित या प्रतिषिद्ध करने का उपबंध कर सकेगी।

(2) उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उसके अधीन किया गया कोई आदेश किसी नियंत्रित पदार्थ के उत्पादन, विनिर्माण, कब्जा, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अन्तरराज्यिक निर्यात, विक्रय, उपभोग, उपयोग, भंडारण, वितरण, व्ययन या उसके अर्जित करने की अनुज्ञप्ति, अनुज्ञापत्र द्वारा या अन्यथा विनियमित करने क्रय, का उपबंध कर सकेगा।] (1. अधिनियम क्र० 2 सन् 1989 द्वारा दिनांक 29-5-89 से अन्तः स्थापित।)

10. अनुज्ञा देने, नियन्त्रण और विनियमन करने की राज्य सरकार की शक्ति.-

(1) धारा 8 के उपबंधों के अधीन रहते हुए राज्य सरकार, नियमों द्वारा, -

() निम्नलिखित के लिए अनुज्ञा दे सकेगी और उसका विनियमन कर सकेगी-

(i) पोस्त तृण का 2[ ऐसे पौधों से, जिनसे चीरा लगाकर रस नहीं निकाला गया है, उत्पादित पोस्त तृण के सिवाय, कब्जा, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अन्तरराज्यिक निर्यात, भांडागारण, विक्रय, क्रय, उपभोग; (2.अधिनियम क्र० 16 सन् 2014, धारा 5 () द्वारा दिनांक 1-5-2014 से अंतःस्थापित।)

(ii) अफीम का कब्जा, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अन्तरराज्यिक निर्यात, विक्रय, क्रय, उपभोग और उपयोग;

(iii) किसी कैनेबिस पौधे की खेती, कैनेबिस (जिसके अंतर्गत चरस नहीं है) का उत्पादन, विनिर्माण, कब्जा, परिवहन अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, विक्रय, क्रय, उपभोग या उपयोग;

(iv) ऐसी सामग्री से, जिसका कब्जा करने के लिए बनाने वाला विधिसम्मत रूप से हकदार है ओषधीय अफीम का या किसी विनिर्मित ओषधि को अंतर्विष्ट करने वाली किसी निर्मिति का विनिर्माण;

(v) 3[ विनिर्मित ओषधियों (विनिर्मित अफीम और आवश्यक स्वापक ओषधियों से भिन्न)] का तथा कोका की पत्ती का और किसी विनिर्मित ओषधि को अन्तर्विष्ट करने वाली किसी निर्मिति का कब्जा, परिवहन, क्रय, विक्रय, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, उपयोग या उपभोग; (3. अधिनियम क्र० 16 सन् 2014, धारा 5 () द्वारा "विनिर्मित अफीम से भिन्न विनिर्मित ओषधियों" शब्दों के स्थान पर दिनांक 1-5-2014 से प्रतिस्थापित।)

(vi) चिकित्सीय सलाह के आधार पर राज्य सरकार के पास रजिस्ट्रीकृत किसी व्यसनी द्वारा अपने वैयक्तिक उपभोग के लिए विधिसम्मत रूप से कब्जे में रखी गई अफीम से निर्मित अफीम का विनिर्माण और कब्जा :

परन्तु उपखंड (iv) और (v) के अधीन बनाए गए नियमों में, जहां तक अभिव्यक्त रूप में उपबंधित किया जाए उसके सिवाय, धारा 8 की कोई बात ऐसी विनिर्मित ओषधियों को, जो सरकार की संपत्ति है और उसके कब्जे में हैं, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, परिवहन, कब्जा, क्रय, विक्रय, उपयोग या उपभोग को लागू नहीं होगी

परन्तु यह और कि ऐसी ओषधियों का, जो पूर्ववर्ती परन्तुक में निर्दिष्ट हैं, ऐसे किसी व्यक्ति को विक्रय या अन्यथा परिदान नहीं किया जाएगा जो पूर्वोक्त उपखंडों के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अधीन उनके कब्जे के लिए हकदार नहीं है;

() खंड () में विनिर्दिष्ट किन्हों विषयों पर राज्य सरकार का प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए अपेक्षित किसी अन्य विषय का उपबंध कर सकेगी।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम-

() किसी स्थान को भांडागार घोषित करने के लिए, जिसमें स्वामी का यह कर्तव्य होगा कि वह ऐसे सभी पोस्त तृण को, जिसका विधिसम्मत रूप से अंतरराज्यिक आयात किया गया है और जिसका अंतरराज्य निर्यात या भारत से निर्यात किए जाने का आशय है, निक्षेप करे भांडागारित ऐसे पोस्त तूण की सुरक्षित अभिरक्षा का और विक्रय या अंतरराज्यिक निर्यात या भारत से निर्यात के लिए ऐसे पोस्त तृण के हटाने के विनियमन करने के लिए ऐसे भांडागारण के लिए फीसें  उद्ग्रहीत करने के लिए और वह रीति जिससे और वह अवधि, जिसके पश्चात् भांडागारित पोस्त तृण का फीसों के संदाय के व्यतिक्रम में व्ययन किया जाएगा, विहित करने के लिए राज्य सरकार को सशक्त कर सकेंगे;

() यह उपबंध कर सकेंगे कि वह सीमा जिसके भीतर किसी कैनेबिस के पौधे की खेती के लिए अनुज्ञप्तियां दी जा सकेंगी राज्य सरकार द्वारा या उसके आदेश के अधीन, समय-समय पर, नियत की जाएंगी;

() यह उपबंध कर सकेंगे कि राज्य सरकार के विहित प्राधिकरण द्वारा अनुज्ञप्त खेतिहर ही किसी कैनेबिस के पौधे की खेती में लगने के लिए प्राधिकृत होंगे;

() यह अपेक्षा कर सकेंगे कि सभी कैनेबिस, और ऐसी भूमि की उपज जिस पर कैनेबिस के पौधे की खेती की गई है, खेतिहरों द्वारा राज्य सरकार के ऐसे अधिकारियों को परिदत्त की जाएगी जो इस निमित्त प्राधिकृत किए गए हैं;

() परिदत्त कैनेबिस के लिए खेतिहरों को संदत्त की जाने वाली कीमत समय-समय पर नियत करने के लिए राज्य सरकार को सशक्त कर सकेंगे;

() उपधारा (1) के खंड () के उपखंड (i) से उपखंड (vi) में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए अनुज्ञप्तियों या अनुज्ञापत्रों के प्ररूप और शर्तें तथा ऐसे प्राधिकरण जिसके द्वारा ऐसी अनुज्ञप्तियां या अनुज्ञापत्र दिए जा सकेंगे और ऐसी फीसें जो उनके लिए प्रभारित की जा सकेंगी, विहित कर सकेंगे।

11. स्वापक ओषधियों या मनः प्रभावी पदार्थों आदि का करस्थम् या कुर्की के दायित्वाधीन होना. -

किसी विधि या संविदा में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, कोई स्वापक ओषधि मनःप्रभावी पदार्थ, कोका का पौधा, अफीम पोस्त या कैनेबिस का पौधा किसी न्यायालय या प्राधिकारी के किसी आदेश या डिक्री के अधीन किसी धन की वसूली के लिए या अन्यथा किसी व्यक्ति द्वारा करस्थम् या कुर्की के दायित्वाधीन नहीं होगा।

12. स्वापक ओषधियों और मनः प्रभावी पदार्थों के बाह्य व्यवहार पर निर्बंधन. -

कोई व्यक्ति, केन्द्रीय सरकार के पूर्व प्राधिकार से ही और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जो वह सरकार इस निमित्त अधिरोपित करे ऐसे किसी व्यापार में लगेगा या उसका नियंत्रण करेगा जिसके द्वारा कोई स्वापक ओषधि या मनः प्रभावी पदार्थ भारत से बाहर अभिप्राप्त किया जाता है और भारत से बाहर किसी व्यक्ति को प्रदाय किया जाता है अन्यथा नहीं।

13. सुरुचि कर्मक की निर्मिति में उपयोग के लिए कोका के पौधे और कोका की पत्तियों के संबन्ध में विशेष उपबंध. -

धारा 8 में किसी बात के होते हुए भी, केन्द्रीय सरकार किसी शर्त सहित या उसके बिना और सरकार की ओर से ऐसे किसी सुरुचि कर्मक की निर्मिति में जिसमें कोई ऐल्केलाइड नहीं है, उपयोग के लिए और ऐसे उपयोग के लिए आवश्यक विस्तार तक किसी कोका के पौधे की खेती या उसके किसी भाग के संग्रह की या कोका की पत्तियों के उत्पादन, कब्जे, विक्रय, क्रय, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात या भारत में आयात की अनुज्ञा दे सकेगी।

14. कैनेबिस के बारे में विशेष उपबन्ध.-  

धारा 8 में किसी बात के होते हुए भी, सरकार, साधारण या विशेष आदेश द्वारा और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो ऐसे आदेश में विहित की जाएं, केवल फाइबर या बीज प्राप्त करने में औद्योगिक प्रयोजनों के लिए या उद्यान-कृषि के प्रयोजनों के लिए किसी कैनेबिस के पौधे की खेती करने की अनुज्ञा दे सकेगी।

 

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