
जो कोई, भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करता है, या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्न करता है या ऐसा युद्ध करने का दुष्प्रेरण करता है, वह मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
क भारत सरकार के विरुद्ध विद्रोह में सम्मिलित होता है। क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
जो कोई, धारा 147 द्वारा दण्डनीय अपराधों में से कोई अपराध करने के लिए भारत के भीतर या बाहर षड्यंत्र करता है या केन्द्रीय सरकार को या किसी राज्य की सरकार को आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करने का पड्यंत्र करता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
इस धारा के अधीन षड्यंत्र गठित होने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि उसके अनुसरण में कोई कार्य या अवैध लोप गठित हुआ हो।
जो कोई, भारत सरकार के विरुद्ध या तो युद्ध करने, या युद्ध करने की तैयारी करने के आशय से पुरुष, आयुध या गोलाबारूद संग्रह करता है, या अन्यथा युद्ध करने की तैयारी करता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दस वर्ष से अधिक की नहीं होगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
जो कोई, भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने की परिकल्पना के अस्तित्व को किसी कार्य द्वारा, या किसी अवैध लोप द्वारा, इस आशय से कि इस प्रकार छिपाने के द्वारा ऐसे युद्ध करने को सुकर बनाए, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि इस प्रकार छिपाने के द्वारा ऐसे युद्ध करने को सुकर बनाएगा, छिपाएगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
जो कोई, भारत के राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल की विधिपूर्ण शक्तियों में से किसी शक्ति का किसी प्रकार प्रयोग करने के लिए या प्रयोग करने से विरत रहने के लिए उत्प्रेरित करने या विवश करने के आशय से, ऐसे राष्ट्रपति या राज्यपाल पर हमला करता है या उसका सदोष अवरोध करता है, या सदोष अवरोध करने का प्रयत्न करता है या उसे आपराधिक बल द्वारा या आपराधिक बल के प्रदर्शन द्वारा आतंकित करता है या ऐसे आतंकित करने का प्रयत्न करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
जो कोई, प्रयोजनपूर्वक या जानबूझकर, बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा या संकेतों द्वारा, या दृश्यरूपण या इलैक्ट्रॉनिक संसूचना द्वारा या वित्तीय साधन के प्रयोग द्वारा या अन्यथा अलगाव या सशस्त्र विद्रोह या विध्वंसक क्रियाकलापों को प्रदीप्त करता है या प्रदीप्त करने का प्रयत्न करता है या अलगाववादी क्रियाकलापों की भावना को बढ़ावा देता है या भारत की सम्प्रभुता या एकता और अखण्डता को खतरे में डालता है या ऐसे कृत्य में सम्मिलित होता है या उसे कारित करता है, वह आजीवन कारावास से, या ऐसे कारावास से जो सात वर्ष तक हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
इस धारा में निर्दिष्ट क्रियाकलाप प्रदीप्त किए बिना या प्रदीप्त करने का प्रयत्न के बिना विधिपूर्ण साधनों द्वारा उनको परिवर्तित कराने की दृष्टि से सरकार के उपायों या प्रशासनिक या अन्य क्रिया के प्रति अननुमोदन प्रकट करने वाली टीका-टिप्पणियां, इस धारा के अधीन अपराध का गठन नहीं करती है।
जो कोई, भारत सरकार से शांति का सम्बन्ध रखने वाले किसी विदेशी राज्य की सरकार के विरुद्ध युद्ध करता है या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्न करता है, या ऐसा युद्ध करने के लिए दुष्प्रेरण करता है, वह आजीवन कारावास से, जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकेगा या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकेगा या जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।
जो कोई, भारत सरकार से शांति का सम्बन्ध रखने वाले किसी विदेशी राज्य के राज्यक्षेत्र में लूटपाट करता है, या लूटपाट करने की तैयारी करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और वह जुर्माने का और ऐसी लूटपाट करने के लिए उपयोग में लाई गई या उपयोग में लाई जाने के लिए आशयित, या ऐसी लूटपाट द्वारा अर्जित सम्पत्ति की जब्ती का भी दायी होगा।
जो कोई, किसी सम्पत्ति को यह जानते हुए प्राप्त करता है कि वह धारा 153 और धारा 154 में वर्णित अपराधों में से किसी के किए जाने में ली गई है वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक को हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और वह जुर्माने से और इस प्रकार प्राप्त की गई सम्पत्ति की जब्ती का भी दायी होगा।
जो कोई, लोक सेवक होते हुए और किसी राजकैदी या युद्धकैदी को अभिरक्षा में रखते हुए, स्वेच्छया ऐसे कैदी को किसी ऐसे स्थान से, जिसमें ऐसा कैदी परिरुद्ध है, निकल भागने देता है, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
जो कोई, लोक सेवक होते हुए और किसी राजकैदी या युद्धकैदी को अभिरक्षा में रखते हुए उपेक्षा से ऐसे कैदी का किसी ऐसे परिरोध स्थान से, जिसमें ऐसा कैदी परिरुद्ध है, निकल भागना सहन करता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
जो कोई, यह जानते हुए किसी राजकैदी या युद्धकैदी को विधिपूर्ण अभिरक्षा से निकल भागने में मदद करता है या सहायता देता है, या किसी ऐसे कैदी को छुड़ाता है, या छुड़ाने का प्रयत्न करता है, या किसी ऐसे कैदी को, जो विधिपूर्ण अभिरक्षा से निकल भागा है, संश्रय देता है या छिपाता है या ऐसे कैदी के फिर से पकड़े जाने का प्रतिरोध करता है या करने का प्रयत्न करता है, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
कोई राजकैदी या युद्धकैदी, जिसे अपने पैरोल पर भारत में कतिपय सीमाओं के भीतर, समग्र रूप से विचरण की अनुमति है, विधिपूर्ण अभिरक्षा से निकल भागा है, यह तब कहा जाता है, जब वह उन सीमाओं से, जिनके भीतर उसे समग्र रूप से विचरण की अनुमति है, परे चला जाता है।