
निरसन और संशोधन अधिनियम 1960 ( 1960 का 58) की धारा 2 और अनुसूची 1 द्वारा निरसित
इस अधिनियम में अन्तर्विष्ट कोई भी बात इस अधिनियम के प्रारम्भ के पूर्व किए गए किसी भी दत्तक पर प्रभाव नहीं डालेगी तथा ऐसे किसी भी दत्तक की विधिमान्यता और प्रभाव का अवधारण ऐसे किया जाएगा मानो यह अधिनियम पारित न किया गया हो।