बिहार सिविल जज (प्रारम्भिक) परीक्षा-2018
(विधि)
1. "दृष्कृत्यपूर्ण दायित्व का जन्म विधि द्वारा पूर्व-निर्धारित कर्तव्य के उल्लंघन से होता है।" इस कथन को किसने कहा?
a. सामन्ड
b. विनफील्ड
c. फ्रेसर
d. अन्डरहिल
2. क्या एक दोष के लिए दृष्कृत्यपूर्ण एवं आपाधिक दोनों दायित्व उत्पन्न हो सकते हैं?
a. सिर्फ दुष्कृत्यपूर्ण दायित्व उत्पन्न हो सकता है
b. सिर्फ आपराधिक दायित्व उत्पन्न हो सकता है
c. दोनों दायित्व उत्पन्न हो सकते हैं
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
3. कबूतरखाने का सिद्धान्त प्रतिपादित किया था-
a. सामन्ड ने
b. विनफील्ड ने
c. आर. पाउन्ड ने
d. ब्लैकस्टोन ने
4. मुगल स्टीमशिप कं. बनाम मैकग्रेगर, गो ऐन्ड कं. (1892) AC25 वाद निम्नलिखित में से किस सूत्र से सम्बन्धित है?
a. स्वेच्छा से आमंत्रित हानि विधिक क्षति नहीं होती है
b. हानि के बिना विधिक क्षति
c. विधिक क्षति के बिना हानि
d. जहाँ अधिकार है वहाँ उपाय है
5. सूत्र 'साइन्टी नॉन फिट इंजूरिया' का अर्थ है
a. जहाँ दोष नहीं है वहाँ उपाय नहीं है
b. सिर्फ ज्ञान खतरे को आमंत्रित करना नहीं है
c. सिर्फ सहमति देना खतरे को आमंत्रित करना नहीं है
d. क्षति कारित करने हेतु वैज्ञानिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है
6. "एक या अन्य पक्षकार की मृत्यु पर वाद करने का अधिकार समाप्त हो जाता है।" यह कथन
a. सत्य है
b. मिथ्या है
c. सत्य है, कुछ मामलों को छोड़कर
d. मिथा है, कुछ मामलों को छोड़कर
7. दुष्कृत्य विधि में नाममात्र की क्षतिपूर्ति हो जाती है
a. नाममात्र की क्षति हेतु अनुतोष के रूप में
b. विधिक अधिकार की मान्यता हेतु
c. मानव-पीड़ा की मान्यता हेतु
d. हानि हेतु अनुतोष के रूप में
8. 'डिस्ट्रेस डैमेज फीसेन्ट' का अर्थ है
a. वस्तु पर निरूद्धि का अधिकार जब तक अनुतोष प्राप्त न हो
b. जब विधिक अधिकार का उल्लंघन हो, अनुतोष प्राप्त करने का अधिकार
c. पक्षकार की मृत्यु होने पर अनुतोष प्राप्त करने का अधिकार समाप्त हो जाता है
d. उपयुक्त में से कोई नहीं
9. "व्यक्ति की भूमि या उससे सम्बन्धित किसी अधिकार के उपयोग या उपभोग पर विधिविरूद्ध हस्तक्षेप” निम्नलिखित दुष्कृति के रूप में जाना जाता है
a. अतिचार
b. अपदूषण
c. लापरवाही
d. संपरिवर्तन
10. किस वाद में सावधानी रखना के कर्तव्य के आधारभूत परीक्षण को प्रतिपादित किया गया था?
a. बौरहिल बनाम यंग
b. डोनोघु बनाम स्टीवेंसन
c. हायन्स बनाम हारउड
d. हीवेन बनाम पेन्डर
11. अपलेखन के मामले को स्थापित करने में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व नहीं है?
a. प्रकाशन
b. एक अपमानसूचक संकथन
c. लोगों का एक वर्ग जो वादी के बारे में अल्प ज्ञान रखता है
d. वादी से सम्बद्ध होना
12. यदि एक व्यक्ति दुष्कृत्य विधि में लोक अपदूषण के दुष्कृत्य हेतु वाद लाना चाहता है, तो उसे सिद्ध करना पड़ेगा कि
a. क्षति प्रत्यक्ष, सारभूत और सिर्फ उसे ही थी
b. क्षति आपराधिक प्रकृति की थी
c. क्षति सामान्य लोगों को प्रभावित करती थी
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
13. 'विद्वेषपूर्ण अभियोजन' की दृष्कृति में 'अभियोजन' का अर्थ है
a. एक व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने वाले पुलिस स्टेशन पर की गयी कार्यवाही
b. एक व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने वाले विधि के न्यायालय में की गयी कार्यवाही
c. लोक अभियोजक द्वारा की गयी कार्यवाही
d. पुलिस अधिकारी एवं लोक अभियोजक, दोनों के द्वारा की गयी कार्यवाही
14. 'मिथ्या बंदीकरण' का अर्थ है
a. बिना किसी विधिक औचित्य के एक व्यक्ति की स्वतंत्रता पर मिथ्या अवरोध
b. बिना किसी विधिक औचित्य के एक व्यक्ति की स्वतंत्रता अवरोध पर आंशिक
c. बिना किसी विधिक औचित्य के एक व्यक्ति की स्वतंत्रता प पूर्ण अवरोध
d. एक व्यक्ति को मिथ्या आरोपों पर एक दुष्कृति के लिए कारावास दिया जाना
15. एक व्यक्ति जो जानबूझकर एवं बिना किसी विधिक औचित्य व्यक्ति को किसी तीसरे व्यक्ति से संविदा भंग करने औचित्य के किसी अन्य करने हेतु दुष्प्रेरित करता है जिससे तीसरे व्यक्ति को क्षति होती है, एक दुष्कृत्य है, एक दुष्कृत्य है। यह प्रथम बार निम्नलिखित में से किस वाद में स्थापित हुआ था?
a. फोर्ड बनाम लिंडसे
b. लुमले बनाम गे
c. डेरी बनाम पीक
d. एम.सी. मानस बनाम बोनिस
16. एक संविदा विधि द्वारा अप्रवर्तनीय हो जाने से अप्रवर्तनीय हो जाती है। यह कहलाती है
a. अप्रवर्तनीय संविदा
b. शून्य संविदा
c. शून्यकरणीय संविदा
d. सांयोगिक संविदा
17. विधिक सिद्धान्त, जो हार्वे बनाम फेसी के वाद में प्रतिपादित हुआ था, प्रथम बार भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा निम्नलिखित वाद में अनुसरित किया गया
a. बद्री प्रसाद बनाम मध्य प्रदेश राज्य
b. ब्योमकेश बनर्जी बनाम ननी गोपाल बनिक
c. डी.आई. मैकफरसन बनाम एम.एन. अप्पन्ना
d. कारलिल बनाम कारबोलिक स्मोक बॉल कं.
18. एक संविदा के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व आवश्यक नहीं है?
a. समर्थ पक्षकार
b. औचित्यपूर्ण निबन्धन एवं शर्तें
c. स्वतंत्र सहमति
d. विधिपूर्ण प्रतिफल
19. मानकरूपी संविदा में
a. व्यक्ति के पास स्वीकार करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होता
b. व्यक्ति के पास स्वीकारने एवं अस्वीकारने के कई विकल्प होते हैं
c. करार बिना प्रतिफल के होता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
20. एक संविदा पर भारत में प्रवर्तनीय विधि सम्बन्धी भूल का क्या प्रभाव होता है?
संविदा हो जायेगी-
a. शून्य
b. शून्यकरणीय
c. शून्य नहीं
d. शून्यकरणीय नहीं
21. एक गुरु (आध्यात्मिक सलाहकार) ने अपने चेले (भक्त) को स्वर्ग में अपनी आत्मा के लाभ हेतु अपनी समस्त सम्पत्ति उसे दान करने हेतु दुष्प्रेरित किया। यह दान होगा-
a. शून्य
b. शून्यकणीय
c. विधिक
d. अनैतिक
22. भारतीय-संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 128 सम्बन्धित है
a. प्रतिभू के दायित्व से
b. चल प्रत्याभूति से
c. चल प्रत्याभूति के से खण्डन
d. प्रत्याभूति हेतु प्रतिफल से
23. एक चल प्रत्याभूति पश्चात्वर्ती संव्यवहार हेतु खण्डित की जा सकती है
a. एक वर्ष पश्चात्
b. छः माह पश्चात्
c. तीन मा पश्चात्
d. किसी भी समय
24. यदि निक्षेपग्रहीता बिना निक्षेपी की सहमति के निक्षेपी के माल को अपने माल में में इस इस तरह से मिला लेता है कि माल को अलग करना एवं निक्षेप को वापस वापस प्रदान करना असंभव हो जाता है, तो निक्षेपी अधिकारी होगा-
a. निक्षेपग्रहीता द्वारा माल की हानि हेतु अनुतोष प्राप्त करने का
b. निक्षेपग्रहीता द्वारा माल की हानि का 1/2 भाग अनुतोष प्राप्त करने का
c. निक्षेपग्रहीता द्वारा माल की हानि का 1/4 भाग अनुतोष प्राप्त करने का
d. अधिकतम छः माह के व्यवहार कारावास का
25. ऋण के भुगतान या वचन पूर्ति हेतु प्रतिभूति के रूप में माल का निक्षेप करना कहलाता है
a. बन्धक
b. गिरवी
c. प्रत्याभूति
d. हानिरक्षा
26. अभिकर्ता कौन नियुक्त कर सकता है?
a. कोई वयस्क व्यक्ति
b. कोई स्वस्थचित व्यक्ति
c. कोई वयस्क एवं स्वस्थचित्त व्यक्ति
d. भारत का नागरिक
27. निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में एक अभिकर्ता अपना प्राधिकार किसी अन्य व्यक्ति में उपप्रत्यायोजित कर सकता है?
a. जब यह प्रधान को लाभ पहुँचाए
b. जब यह अभिकर्ता के अनुकूल हो
c. जब अभिकर्ता रोगग्रस्त हो जाए
d. जब व्यापारिक प्रथाओं में ऐसा प्रत्यायोजन हो
28. हानिरक्षाधारी अपने प्राधिकार के अन्तर्गत कार्य करते हुए वचनदाता से निम्नलिखित वसूली करने का अधिकारी है
a. समस्त क्षतिपूर्ति जिसे किसी वाद में उसे देने को बाध्य होना पड़ा
b. समस्त खर्चे जिसे किसी वाद में उसे में उसे देने को बाध्य होना पड़ा
c. समस्त धनराशि जिसे उसे किसी वाद के अन्तर्गत समझौते की शर्तों के अनुसार देना पड़ा
d. उपर्युक्त सभी
29. मोसेज बनाम मैकफरलान वाद निम्नलिखित से सम्बद्ध है
a. अर्द्ध-संविदा
b. सांयोगिक संविदा
c. नैराश्य का सिद्धांत
d. हानिरक्षा का संविदा
30. जब संविदा के पक्षकार विद्यमान संविदा को नयी संविदा से प्रतिस्थापित करने को सहमत होते हैं, तो यह कहलाता है
a. प्रतिस्थापना
b. नवीनीकरण
c. नैराश्य
d. भंग
31. एक असंदत्त विक्रेता धारणाधिकार का प्रयोग कर सकता है
a. जब उसने क्रेता को माल का परिदान कर दिया हो
b. जब क्रेता ने विधिपूर्ण तरीके से माल का कब्जा प्राप्त कर लिया हो
c. जब विक्रेता ने धारणाधिकार का परित्याग कर दिया हो
d. जब क्रेता दिवालिया हो गया हो
32. निम्नलिखित में से किसे माल की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया है?
a. अनुयोज्य दावे
b. सभी चल सम्पत्तियाँ
c. उगती फसलें
d. घास
33. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
a. शर्तें एवं वारन्टियाँ विक्रय की संविदा के उपबन्ध हैं।
b. वारन्टी के रूप में उपबन्ध को शर्त नहीं माना जा सकता है।
c. शर्त संविदा के मुख्य प्रयोजन के लिए आवश्यक उपबन्ध है।
d. वारन्टी संविदा के मुख्य प्रयोजन के लिए संपाश्विक उपबन्ध है।
34. विक्रेता द्वारा बेचे गये अंतःवस्त्र के क्रेता को चर्म रोग हो गया। विक्रेता का दायित्व क्या है?
a. वह वारन्टी के उल्लंघन का दोषी है
b. वह शर्त के उल्लंघन का दोषी है
c. वह दयी नहीं है
d. क्रेता को सावधान होना चाहिए
35. निम्नलिखित में से कौन-सा 'नेमा डेट कोड नॉन हैबेट' के सिद्धान्त का एक अपवाद नहीं है?
a. शून्यकरणीय संविदा के अन्तर्गत कब्जा रखने वाले व्यक्ति द्वारा विक्रय
b. विक्रय के पश्चात् कब्जायुक्त विक्रता द्वारा विक्रय
c. विक्रय के पूर्व कब्जायुक्त क्रेता द्वारा विक्रय
d. विक्रय के पश्चात् कब्जायुक्त क्रेता द्वारा विक्रय
36. निम्नलिखित में से कौन भागीदार है?
a. लाभांश प्राप्त करने वाला ऋणदाता
b. सभी के द्वारा या सबकी ओर से किसी एक द्वारा चलाये जा रहे कारोबार में लाभांश प्राप्त करने वाला व्यक्ति
c. संयुक्त संपत्ति से उत्पन्न लाभ में हिस्सा प्राप्त करने वाला व्यक्ति
d. कारोबार में लाभांश प्राप्त करने वाला गुडविल का विक्रेता
37. भागीदारी को इच्छाधीन भागीदारी माना जाता है
a. यदि भागीदारी की अवधि का उपबन्ध न हो
b. यदि भागीदारी की परिसमाप्ति का उपबन्ध न हो
c. उपरोक्त दोनों सत्य हैं
d. (a) अथवा (b) सत्य हैं
38. भागीदारी अधिनियम की धारा 28 के अन्तर्गत व्यपदेशन का आवश्यक तत्व क्या नहीं है?
a. भागीदार के रूप में व्यपदेशन
b. व्यपदेशन का ज्ञान
c. फर्म को उधार देना
d. बिना ज्ञान के व्यपदेशन
39. अवयस्क के विषय में क्या सत्य नहीं है?
a. वह भागीदारी नहीं बन सकता है
b. उसे भागीदारी के लाभों में शामिल किया जा सकता है
c. वह फर्म के कार्यों के लिए व्यक्तिगत रूप से दायी है
d. वयस्कता प्राप्त करने पर भागीदार बनने या न बनने का विकल्प प्रयोग कर सकता है।
40. भागीदारी अधिनियम की धारा 69 के अधीन निम्नलिखित में से क्या वाद लाने की पूर्व शर्तें नहीं है?
a. फर्म पंजीकृत हो
b. वाद लाने वाले व्यक्ति का नाम फर्मों के रजिस्टर में भागीदार के रूप में है
c. संविदा-जनित या भागीदारी अधिनियम द्वारा प्रदत्त अधिकार का प्रवर्तन
d. किसी सांविधिक अधिकार का प्रवर्तन
41. परक्राम्य लिखत का अनादर होने पर दायी पक्षकार प्रतिकर देता है
a. धारक को
b. बैंक को
c. पृष्ठांकनकर्ता को
d. न्यायालय को
42. निम्नलिखित में से कौन-सा परक्राम्य लिखत का एक उदाहरण नहीं है?
a. वचनपत्र
b. विनियमपत्र
c. शेयर प्रमाणपत्र
d. चेक
43. A एक अवयस्क C के पक्ष में चेक आहरित करता है। B इसका पृष्ठांकन C के पक्ष में तथा इसका पृष्ठांकन D के पक्ष में करता है। चेक अनावृत हो जाता है। पक्षकारों के दायित्व के विषय में निम्नलिखित में से क्या सत्य नहीं है?
a. C एवं D,B से दावा कर सकते हैं
b. C,A से भुगतान का दावा कर सकता है
c. D,C एवं A से दावा कर सकता है
d. C एवं D,B से दावा नहीं कर सकते हैं।
44. स्वीकृति हेतु उपस्थापन के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से क्या सत्य नहीं है?
a. केवल बिल का धारक या उसका अभिकर्ता बिल को उपस्थापित कर सकता है
b. आहरक स्वयं बिल को उपस्थापित कर सकता है
c. यदि बिल स्वीकृति के पहले परक्रामित हो, तो पृष्ठांकिती उपस्थापित कर सकता है
d. आहरिती की मृत्यु हो जाने पर बिल उसके विधिक प्रतिनिधियों के प्रति उपस्थापित नहीं किया जा सकता है
45. चेक बाउंस होने के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
a. चेक बाउंस होना एक शमनीय अपराध है
b. चेक बाउंस के मामले का विचारण 3 माह के भीतर पूरा होना चाहिए।
c. ऐसे मामलों के विचारण में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धाराएँ 262 से 265 लागू न होंगी।
d. ऐसे मामलों के संक्षिप्त विचारण में दोष सिद्ध होने पर मजिस्ट्रेट 2 वर्ष की अवधि के कारावास का दण्डादेश दे सकता है
46. किसी कम्पनी में अन्यायपूर्ण आचरण एवं कुप्रबन्ध को रोकने के लिए आवेदन किया जा सकता है
a. उच्च न्यायालय को
b. केन्द्र सरकार को
c. राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण को
d. कम्पनी के रजिस्ट्रार को
47. कम्पनी के विघटन के लिए ट्रिब्यूनल आदेश पास करेगा
a. परिसमापन आदेश के तुरन्त बाद
b. जब कम्पनी के कार्य पूर्णतः परिसमाप्त हो जाएँ
c. केन्द्र सरकार के आग्रह पर
d. कम्पनी लॉ बोर्ड के आग्रह पर
48. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
a. कम्पनी में एक ही समय में एक से अधिक प्रबन्धक नहीं हो सकते हैं।
b. कम्पनी में एक ही समय में एक से अधिक प्रबन्धक हो सकते हैं।
c. फर्म को कम्पनी का प्रबन्धक नहीं बनाया जा सकता है।
d. एक व्यक्ति को एक बार में 5 वर्ष की अवधि के लिए प्रबन्धक नियुक्त किया जा सकता है।
49. नैमित्तिक रिक्ति को भरने के लिए नियुक्त निदेशक पद धारण करेगा
a. 5 वर्ष के लिए
b. 3 वर्ष के लिए
c. बोर्ड की अगली बैठक तक के लिए
d. बाहर जाने वाले निदेशक के कार्यकाल की अवधि समाप्ति तक के लिए
50. सूची-I के साथ सूची-II को मिलाइए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिएः
सूची-1 सूची-II
a. रॉयल ब्रिटिश बैंक 1. निगमित व्यक्त्वि
बनाम टरकान्ड
b. सालोमन बनाम 2. बहुमत का नियम
सालोमन एन्ड कं.लि.
с. फॉस बनाम हरबॉटल 3. शक्तिबाह्य का
सिद्धान्त
d. ऐशबरी रेलवे कैरिज एन्ड 4. आन्तरिक प्रबन्ध
आयरन कं.लि. बनाम रिचे
a b c d
a. 4 1 2 3
b. 4 3 2 1
c. 3 2 1 4
d. 1 2 3 4
51. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को…….. भागों एवं……… अध्यायों में विभाजित किया गया है।
a. 2,10
b. 3, 11
c. 4, 12
d. 3, 12
52. A की पत्नी C के साथ व्यभिचार के लिए A, B पर मुकदमा चलाता है। B इस बात का खण्डन करता है कि C, A की पत्नी है, परंतु न्यायालय B को व्यभिचार का दोषी ठहराता है। बाद में A के जीवित रहते B से विवाह करने के लिए C पर मुकदमा चलाया जाता है। C कहती की वह कभी भी A की पत्नी नहीं थी। B के विरुद्ध किया गया निर्णय
a. उतना ही उचित है जितना कि C के विरूद्ध
b. उतना ही अनुचित है जितना कि C के विरुद्ध
c. C के विरूद्ध उचित एवं स्वीकार्य है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
53. साक्ष्य का कानून
a. मौलिक कानून है
b. विशेषता दर्शाने वाला कानून है
c. उपरोक्त सभी
d. न तो (a) और न ही (b)
54. हिफाजत में रखा गया इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड डिजिटल हस्ताक्षर के समान होने की धारणा को जन्म देता है, जिसे उस व्यक्ति-विशेष द्वारा भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 90A के अधीन लगाया जाता है, यदि प्रस्तुत किया गया इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड
a. 20 वर्ष पुराना हो
b. 15 वर्ष पुराना
c. 10 वर्ष पुराना हो
d. 5 वर्ष पुराना हो
55. साक्ष्य की स्वीकार्यता संबंधी 'अनिवार्यता का नियम' को शामिल किया गया है
a. भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 31 में
b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 32 में
c. भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 60 में
d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 61 में
56. भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 105 लागू होती है
a. आपराधिक मुकदमों की सुनवाई में
b. दीवानी मुकदमों की सुनवाई में
c. उपरोक्त दोनों में
d. न तो (a) और न ही (b)
57. निम्नलिखित में से कौन-सा मिलान सही नहीं है?
a. शत्रुतापूर्ण प्रत्यक्षदर्शी - -धारा 154
b. स्वामित्व के प्रमाण देने का दायित्व -धारा 110
c. स्मरणशक्ति को ताजा करना -धारा 159
d. व्यवसाय संचार -धारा 124
58. निम्नलिखित में से किसके अंतर्गत सी.आर.पी.सी. से संबंधित अपराधों को वर्गीकृत किया गया है?
a. धारा 320
b. प्रथम सूची
c. द्वितीय सूची
d. धारा 482
59. निम्नलिखित में से किस धारा के अधीन गिरफ्तार किए गए किसी व्यक्ति को 24 घंटों के अंदर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है?
a. सी.आर.पी.सी की धारा 56
b. सी.आर.पी.सी की धारा 57
c. सी.आर.पी.सी की धारा 58
d. सी.आर.पी.सी की धारा 59
60. सी.आर.पी.सी की धारा 167 के अधीन निम्नलिखित में से किस सजा से संबंधित अपराधों की जाँच-पड़ताल के दौरान मजिस्ट्रेट कुल मिलाकर 90 दिनों की अवधि के लिए हिरासत का अधिकार दे सकता है?
a. मृत्युदण्ड
b. उम्रकैद
c. कैद की सजा 10 वर्ष से कम न हो
d. उपर्युक्त सभी
61. 'पीड़ित' शब्द को निम्नलिखित में से किसके अंतर्गत परिभाषित किया जाता है?
a. धारा 2(w)
b. धारा 2 (wa)
c. धारा 2(u)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
62. निम्नलिखित में से किस व्याख्या के आधार पर किसी मुकदमे का फैसला उन व्यक्तियों के विरुद्ध 'रेस जूडिकेटा' के रूप में लागू हो सकता है जिनका नाम उस मुकदमे में विशेष रूप से शामिल न हो?
a. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 498A
b. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302
c. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 324
d. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 448
63. निम्नलिखित में से किस व्याख्या के आधार पर किसी मुकदमे का फैसला उन व्यक्तियों के विरुद्ध रेस जूडिकेटा' के रूप में लागू हो सकता है जिनका नाम उस मुकदमे में विशेष रूप से शामिल न हो?
a. सी.पी.सी. की धारा 11 की व्याख्या II
b. सी.पी.सी. की धारा 11 की व्याख्या IV
c. सी.पी.सी. की धारा 11 की व्याख्या VI
d. सी.पी.सी. की धारा 11 की व्याख्या VIII
64. किसी ऐसे व्यक्ति पर, जिसे सी पी सी की धारा 30 (b) के अधीन गवाही देने अथवा दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया गया हो, न्यायालय से अनुपस्थित रहने पर धारा 32 (c) के तहत जुर्माना किया जा सकता है, जो निम्नलिखित राशियों में से किससे अधिक नहीं हो सकता?
a. 500
b. 1,000
c. 5,000
d. 10,000
65. निम्नलिखित में से किसके अधीन रिसीवर की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित की गयी है?
a. आदेश XLIV
b. आदेश XLII
c. आदेश XL
d. आदेश XLV
66. प्रतिवादियों को वैकल्पिक सम्मन भेजने के बारे में प्रावधान निम्नलिखित में से किसके अधीन किया गया है?
a. आदेश V, सी.पी.सी. का नियम 19
b. आदेश V, सी.पी.सी. का नियम 19-A
c. आदेश V, सी.पी.सी. का नियम 20
d. आदेश V, सी.पी.सी. का नियम 21
67. अति आवश्यक अथवा तात्कालिक राहत के उन मामलों में जहाँ सी पी सी की धारा 86 के अधीन मुकदमे की जाँच-पड़ताल से नोटिस दिए जाने की अनिवार्यता से छूट दी गई हो
a. किसी भी प्रकार की अंतरिम अथवा कोई अन्य इकतरफा राहत नहीं दी जा सकती
b. साधारण तौर पर अंतरिम या कोई अन्य एकतरफा राहत दी जा सकती है
c. कुछ निश्चित परिस्थितियों में अंतरिम अथवा कोई अन्य इकतरफा राहत दिए जाने की संभावना हो सकती है।
d. यो (a) तो या (c)
68. अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक मध्यस्थता के मामले में मध्यस्थ की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
a. स्वयं पक्षकार
b. भारत के महा-अधिवक्ता
c. भारत के मुख्य न्यायाधीश
d. (a) एवं (c) दोनों
69. मध्यस्थता एवं समझौता (संशोधन) अधिनियम, 2015 कब अमल में आया?
a. 23 अक्टूबर, 2015
b. 31 दिसम्बर, 2015
c. 23 सितम्बर, 2015
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
70. लघु उद्देश्यों पर आधारित अदालतों के फैसलों या आदेशों पर पुनर्विचार किया जा सकता है
a. जिला अदालत द्वारा
b. उच्च न्यायालय द्वारा
c. उपरोक्त दोनों
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
71. अनुच्छेद 51A में खण्ड (k) किसके द्वारा जोड़ा गया था?
a. संविधान (73वाँ संशोधन) अधिनियम, 1992
b. संविधान (85वाँ संशोधन) अधिनियम, 2001
c. संविधान (86वाँ संशोधन) अधिनियम, 2002
d. संविधान (93वाँ संशोधन) अधिनियम, 2005
72. निम्नलिखित में से किस मामलें में स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव भारतीय संविधान की मूल संरचना के रूप में पहचाना जाता है?
a. इन्दिरा गाँधी बनाम राज नारायण
b. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
c. के. प्रभाकरण बनाम पी. जयराजन
d. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
73. निम्नलिखित में से कौन-सा मामला पृथक्करण के सिद्धान्त से सम्बन्धित नहीं है?
a. किहोटो होलोहन बनाम जचिल्लू
b. आर.एम.डी.सी. बनाम भारत संघ
c. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
d. ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य
74. संसद को राज्य सूची में किसी मामले के सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति है, बशर्ते यह है
a. सार्वजनिक हित में
b. राष्ट्रीय हित में
c. केन्द्रीय हित में
d. क्षेत्रीय हित में
75. "अदालतों में बड़ी संख्या में लोकहित मुकदमे की बाढ़ आ गयी है, इसलिये अदालतों को चाहिए कि निराशाजनक याचिकाओं को फिल्टर करे और उनको लागत के साथ खारिज करे।" निम्नलिखित में से किस निर्णय में यह कहा गया था?
a. एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ
b. धर्मपाल बनाम उ.प्र. राज्य
c. होलीकाऊ पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम प्रेमचन्द्र मिश्रा
d. पी.यू.सी.एल. बनाम भारत संघ
76. इनमें से किसने इस विचार को व्यक्त किया कि भारतीय संविधान उतना ही संघीय है जितना इसे दोहरी राजनीति कहा जा सकता है?
a. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
b. सर विलियम आइवर जेनिंग्स
c. सर बी.एन. राव
d. प्रो. के.सी. हीव्यरे
77. उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि, भूमि की विधि बन जाती
a. अनुच्छेद 131 के अन्तर्गत
b. अनुच्छेद 136 के अन्तर्गत
c. अनुच्छेद 141 के अन्तर्गत
d. अनुच्छेद 151 के अन्तर्गत
78. भारत के राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति है
a. विधायी शक्ति
b. कार्यकारी शक्ति
c. अर्ध-न्यायिक शक्ति
d. न्यायिक शक्ति
79. पहली ही अवस्था में राष्ट्रपति किस अवधि के लिए वित्तीय आपातकाल की घोषणा जारी कर सकते हैं?
a. पन्द्रह दिन
b. दो महीने
c. एक महीना
d. छः महीने
80. निम्नलिखित में से किस ऐतिहासिक निर्णय गोपनीयता के अधिकार को एक मौलिक अधिकार घोषित किया गया?
a. श्रेया घोषाल बनाम उ.प्र. राज्य
b. न्यायमूर्ति के.एस. केएस पुट्टस्वामी (सेवा निवृत्त) बनाम भारत संघ
c. नरेन्द्र बनाम के. मीना
d. खड़क सिंह बनाम उ.प्र. राज्य
81. निम्नलिखित निर्णयों में से किसमें उच्चतम न्यायालय में तीन तलाक को असंवैधानिक बताया?
a. शायरा बानो बनाम भारत संघ
b. गुलशन परवीन बनाम भारत संघ
c. उपरोक्त दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
82. निम्नलिखित में से किसे भारतीय संविधान की प्रस्तावना में स्थान नहीं मिला?
a. विचार और अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता
b. सभी के लिए आर्थिक न्याय
c. सभी के लिए शिक्षा
d. व्यक्ति की विनम्रता
83. प्रो.के.सी. व्हियर के अनुसार भारतीय संविधान है
a. कमजोर संघ
b. गैर-संघीय
c. मजबूत संघ
d. अर्ध-संघीय
84. किस मामले में राज्यपाल द्वारा बिहार विधान सभा को सरकार के गठन से पहले भंग किए जाने को असंवैधानिक घोषित किया गया था?
a. बनारसी दास बनाम तेकू दत्ता और अन्य
b. रामेश्वर प्रसाद बनाम भारत संघ
c. के.के. मिश्रा बनाम बिहार राज्य
d. बी.पी. सिंघल बनाम भारत संघ
85. राज्य लोक सेवा आयोग के एक सदस्य को उसके विरूद्ध जाँच के बाद दुर्व्यवहार के आधार पर हटाया जा सकता है
a. भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा, राष्ट्रपति सन्दर्भित किए जाने पर
b. राज्यपाल के द्वारा उच्च न्यायालय के माध्यम से
c. बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा
d. संयुक्त संसदीय समिति द्वारा
86. "आगे बढ़ने का नियम अधिकारातीत है'-
किस वाद में घोषित किया गया था?
a. देवदासन बनाम भारत संघ
b. बी.एन. तिवारी बनाम भारत संघ
c. केरल राज्य बनाम एन.एम. एन.एम. थॉमस
d. बालाजी बमान मैसूर राज्य
87. निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?
a. अनुच्छेद 21 में निहित प्राकृतिक न्याय
b. गोपनीयता का अधिकार मौलिक अधिकार है
c. विदेश जाने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है
d. जीवन के अधिकार में स्वास्थ्य का अधिकार है
88. धर्म की स्वतन्त्रता का अधिकार किस आधार पर प्रतिबिन्धित नहीं किया जा सकता है?
a. नैतिकता
b. स्वास्थ्य
c. राज्य की सुरक्षा
d. सार्वजनिक आदेश
89. विधिक सूत्र 'autrefois' सम्बन्धित है
a. दोहरा खतरा से
b. पूर्ववर्ती ऑपरेशन से
c. आत्मसंस्कार से
d. एक्स पोस्ट फैक्टो कानून से
90. "सार्वभौमिक प्रतिरक्षा का सिद्धान्त मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए मुआवजे के पुरस्कार हेतु कार्यवाही पर लागू नहीं होगा।"
भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा किस वाद में उपर्युक्त अवलोकन किया गया था?
a. नीलाबती बेहरा बनाम उड़ीसा राज्य
b. रुदल शाह बनाम बिहार राज्य
c. कस्तूरीलाल बनाम उ.प्र. राज्य
d. राम सिंह बनाम पंजाब राज्य
91. ए.वी. डायसी के अनुसार भारत में 'विधि का शासन' किसमें निहित है?
a. भारत के संविधान का अनुच्छेद 12
b. भारत के संविधान का अनुच्छेद 13
c. भारत के संविधान का अनुच्छेद 14
d. भारत के संविधान का अनुच्छेद 21
92. "प्रशासनिक कानून एक विकासशील समाज में सत्ता के पैथोलॉजी का एक अध्ययन है। सार्वजनिक शक्ति धारकों की जवाबदेही जवाबदेही शासन के लिए इस फॉर्मूलेशन का केन्द्र बिन्दु है।"
निम्न न्यायविदों में से किसने इस परिभाषा को दिया?
a. ए.वी. डायसी
b. डेविस
c. सर विलियम आइवर जेनिंग्स
d. प्रो. उपेन्द्र बख्शी
93. किस मामले में मुख्य न्यायाधीश रे ने कहा था कि 'संविधान कानून का नियम है और कोई भी संविधान में कानून के शासन से ऊपर नहीं हो सकता है'?
a. केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य
b. ए.डी.एम. जबलती बनाम एस. के. शुक्ला
c. एस.पी. गुप्ता बनाम भारत संघ
d. भगत राजा बनाम संघ
94. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद 'विधि का शासन' से सम्बन्धित नहीं है?
a. इन्दिरा गाँधी बनाम राज नारायण
b. ए.डी.एम. जबलपुर बनाम एस. के. शुक्ला
c. एस.पी. गुप्ता बनाम भारत संघ
d. जयसिंधानी बनाम भारत संघ
95. कई अपवादों के कारण प्रशासनिक कानून का कौन-सा सिद्धान्त 'निराशाजनक' सिद्धान्त है?
a. शक्ति पृथक्करण का सिद्धान्त
b. विधि का शासन
c. खुशी का सिद्धान्त
d. आनुपातिकता का सिद्धान्त
96. ऐसे कई कानून हैं जो विधायिका से नहीं बल्कि प्रशासनिक कक्षों से आते हैं। इसे प्रतिनिधि (डेलिगेटेड) कानून कहा जाता है और यह
a. अर्ध-विधायी कार्यवाही से अलग है
b. प्रशासनिक नियम बनाने की शक्ति से अलग है
c. अधीनस्थ विधायन से अलग है
d. कार्यकारी कानून से अलग है
97. प्रतिनिधि कानून का नियन्त्रण होना चाहिए ताकि इसका उचित ढंग से प्रयोग किया जा सके। प्रतिनिधि कानून का नियन्त्रण क्या है?
a. संसदीय नियन्त्रण
b. प्रक्रियात्मक नियन्त्रण
c. न्यायिक नियन्त्रण
d. उपर्युक्त सभी
98. पूर्वाग्रह निर्धारित करने के लिए परीक्षण का नाम है
a. सामान्य देयता परीक्षण
b. आपराधिक देयता परीक्षण
c. उचित सम्भावना परीक्षण
d. सामूहिक उत्तरदायित्व परीक्षण
99. 'विधि का शासन' का मतलब है
a. प्रकृति का नियम
b. प्रक्रिया का नियम
c. मनुष्य का नियम
d. कानून की भावना की व्यापकता और मनमानीपन से बचना
100. "धर्म-निरपेक्ष जीवन का एक सार्वभौमिक तथ्य प्राकृतिक न्याय है जिसने विधायिका प्रशासन और न्यायिक निर्णय के लिए एक नया जीवन दिया है तथा उद्देश्यपूर्ण जीवन के लिए रास्ता प्रदान किया है। ये नियम सामाजिक न्याय का हिस्सा हैं।" यह कथन किसने दिया था?
a. न्यायमूर्ति प्रफुल्लचन्द्र नटवरलाल भगवती
b. न्यायमूर्ति वैद्यनाथपुरम रामा अय्यर कृष्णा अय्यर
c. न्यायमूर्ति हंसराज खन्ना
d. न्यायमूर्ति ए.एन.रे.
101. भारत में में प्रशासनिक कार्यों को नियन्त्रित करने के लिए न्यायालय द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सा/से सिद्धान्त विकसित किया गया था/किए एक थे?
a. प्रॉमीसरी इस्टॉपल और न्यायिक उम्मीदों का सिद्धान्त
b. शक्ति पृथक्करण, न्यायिक सक्रियता और विधि के शासन का सिद्धान्त
c. उपरोक्त दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
102. परमादेश (मंडमस) की रिट किसके विरूद्ध नहीं हो सकती?
a. भारत के राष्ट्रपति
b. संसद
c. स्थानीय प्राधिकरण
d. न्यायालय एवं न्यायाधिकरण
103. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 310 किस सिद्धान्त का प्रतीक है?
a. प्रसाद का सिद्धान्त
b. पृथक्करण का सिद्धान्त
c. आनुपातिका का सिद्धान्त
d. रेस जूडिकेटा सिद्धान्त
104. प्रशासनिक कार्यवाही पर 'ऑडी अल्टेरम पार्टम' के उल्लंघन का क्या प्रभाव पड़ता है?
a. मात्र अनियमितता
b. शून्य और शून्य
c. एक अवैध
d. शून्यकरणीय
105. निम्नलिखित में से किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त प्रशासनिक कार्यवाही पर भी लागू होते हैं?
a. एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ
b. मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
c. ए.के. क्रैपक बनाम भारत संघ
d. श्रीमती इन्दिरा नेहरू गाँधी बनाम बनाम राज नारायण
106. प्रशासनिक कार्यवाही की समीक्षा करते समय न्यायालय का कर्त्तव्य खुद को वैधता के सवाल पर सीमित रखना हैं
न्यायिक समीक्षा का के क्या आधार है / हैं?
a. कानून की एक त्रुटि या अपनी शक्तियों का अतिक्रमण
b. प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन या बिना किसी कारण के निर्णय
c. उपर्युक्त दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
107. प्रतिषेध रिट किसके विरुद्ध जारी नहीं हो सकती?
a. कार्यकारी निकाय
b. न्यायिक निकाय
c. अर्ध-न्यायिक निकाय
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
108. रिट ऑफ वारन्टो को दायर किया जा सकता है
a. सार्वजनिक कार्यालय से पीड़ित किसी भी व्यक्ति द्वारा
b. एक कार्यकारी अधिकारी द्वारा अपनी आधिकारिक क्षमता में
c. किसी भी निजी व्यक्ति द्वारा चाहे पीड़ित हो या नहीं
d. केवल (a) और (b)
109. लोकपाल का विचार सबसे पहले इनमें से किनके द्वारा सुझाया गया था?
a. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
b. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
c. न्यामूर्ति पी.एन. भगवती
d. मोतीलाल चिमनलाल सीतलवाड
110. प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की कार्यवाही को किस प्रकार का माना जाता है?
a. शुद्ध-न्यायिक
b. शुद्ध प्रशासनिक
c. अर्ध-न्यायिक
d. उपर्युक्त सभी
111. मिताक्षरा टिप्पणी आधारित है
a. मनु-स्मृति पर
b. याज्ञवल्क्य-स्मृति पर
c. नारद-स्मृति पर
d. पराशर-स्मृति पर
112. हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 के द्वारा
a. एक हिन्दू परिवार की सभी महिलाएँ सहदायिक हो गयी
b. एक सहदायिक की पत्नी सहदायिक बन गई न गई
c. पुत्र-वधू सहदायिक बन गई
d. एक सहदायिक की पुत्री सहदायिक बन गई
113. एक हिन्दू सहदायिक का एक हिन्दू या किसी अन्य लड़की के साथ विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत विवाह
a. सहदायिक की संयुक्त परिवार स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं डालता
b. स्वतः सहदायिक का सहदायिकी और संयुक्त परिवार
c. एक हिन्दू सहदायिक विशेष विवाह अधिनियम, 1954
d. उसकी स्थिति एक संयुक्त परिवार और सहदायिकी के सदस्य के रूप में कुछ समय के लिए विलम्बित हो जाती है
114. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अर्न्तगत विवाह के समय क्या का गर्भवती होना
a. विवाह को प्रभावित नहीं करेगा
b. तथ्य के आधार पर विवाह को अवैधानिक कर देगा
c. विवाह को शून्य करार देने में एक आधार बन जाएगा
d. विवाह को शून्यकरणीय करार देने में एक आधार बन जाएगा
115. सपिण्ड नातेदारी पिता और माता के तरफ हिन्दू विधि में फैला होता है
a. पिता के तरफ छः श्रेणी और माता की तरफ तीन श्रेणी
b. पिता के तरफ पाँच श्रेणी और माता की तरफ चार श्रेणी
c. पिता के तरफ पाँच श्रेणी और माता की तरफ तीन श्रेणी
d. पिता की तरफ सात श्रेणी और माता की तरफ पाँच श्रेणी
116. वैवाहिक पक्षकारों के बीच एक न्यायिक पृथक्करण की आज्ञप्ति, जो एक सक्षम अदालत द्वारा पारित किया गया हो
a. पति-पत्नी के बीच वैवाहिक संबंध की समाप्ति कर देती है
b. पक्षकारों को किसी दूसरे व्यक्ति से विवाह की स्वतन्त्रता देती है
c. पति-पत्नी के सम्बन्ध को प्रभावित करती है और वे पति-पत्नी नहीं रह जाते
d. पति-पत्नी के सम्बन्धों को प्रभावित नहीं करती किन्तु वैवाहिक सम्बन्ध को आज्ञप्ति के प्रभावी समय तक विलम्बित कर देती है
117. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 कि अन्तर्गत पुत्री का पुत्र और पिता जो एक पुरुष हिन्दू से सम्बन्धित हैं, विधिक उत्तराधिकारी हैं और उन्हें
निम्नलिखित के अनुसार रखा गया है।
a. दोनों को उत्तराधिकारी अनुसूची के प्रथम दर्जे में रखा गया है
b. पिता को उत्तराधिकारी अनुसूची के प्रथम दर्जे और पुत्री के पुत्र को दूसरे दर्जे में रखा गया है
c. पुत्री के पुत्र को उत्तराधिकारी अनुसूची के प्रथम दर्जे और पिता को द्वितीय दर्जे में रखा गया है
d. दोनों को उत्तराधिकारी अनुसूची के दूसरे दर्ज में रखा गया है
118. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अन्तर्गत एक हिन्दू पुरुष या महिला का विवाह एक ऐसे व्यक्ति, जो अस्वस्थचित्त या मानसिक रोगी हो, के साथ होना
a. वैध नहीं है
b. शून्य होगा
c. शून्यकरणीय होगा
d. पूर्णतया वैध होगा
119. हिन्दू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत दत्तक ग्रहण किया जाने वाला बच्चा होना चाहिए
a. किसी भी धर्म से सम्बन्धित
b. एक हिन्दू बच्चा और 15 वर्ष की आयु से कम
c. हिन्दू हो या न हो किन्तु 18 वर्ष की आयु से कम
d. हिन्दू हो या न हो किन्तु 21 वर्ष की आयु से कम
120. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अन्तर्गत एक विवाह शून्य होता है, यदि
a. वह हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 (i) और (ii) के उल्लंघन से हुआ है
b. वह हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 (ii) और (iii) के उल्लंघन से हुआ है
c. बह हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 (i), (iii) और (v) के उल्लंघन से हुआ है
d. वह हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 (i), (iv) और (v) के उल्लंघन से हुआ है
121. मुस्लिम विधि में एक विवाह जो धर्म का अन्तर होने के कारण वर्जित है, यदि किया जाता है, तो
a. वैध है
b. शून्यकणीय है
c. अनियमित है
d. शून्य है
122. मुस्लिम विवाह विच्छेदन अधिनियम, 1939 की धारा 4 के अनुसार एक मुस्लिम पत्नी का धर्म परिवर्तन करना
a. स्वयमेव उसके विवाह का विच्छेदन कर देता है
b. स्वयमेव उसे विवाह का विच्छेदन नहीं करता
c. उसका विवाह-विच्छेदन कर देता है और वह मेहर से अपना दावा खो देती है
d. उसका विवाह-विच्छेद कर देता है किन्तु मेहर पर उसका दावा नहीं खोता है
123. निम्नलिखित में से कौन-सा एक वैध हिबा या दान के लिए मुस्लिम विधि में जरूरी नहीं है?
a. दान देने की घोषणा करना
b. दान की स्वीकृति
c. दानदाता द्वारा सम्पत्ति का कब्जा दानग्रहीता को देना
d. दान सम्बन्धित लिखित दस्तावेज
124. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद मुस्लिम विधि के अन्तर्गत प्रमुख वाद है, जो विधवा मुस्लिम पत्नी को अपने पति की सम्पत्ति को अवरूद्ध करने का अधिकार देता है?
a. मुहम्मद सादिक बनाम फक्र जहाँ
b. मुहम्मद अहमद खान बनाम खाह बानो बेगम
c. मुहम्मद मुमताज बनाम जुबैदा जान
d. मुसम्मात मैना बीबी बनाम चौधरी वकील अहमद
125. मुस्लिम विधि में पूर्वक्रय की माँग कौन कर सकता है?
a. शफी-ए-शरीक (सम्पत्ति में एक सह-अंशधारक)
b. शफी-ए-खालित (एक सहभागीदार, संलग्न सम्पत्ति में)
c. शफी-ए-जार (एक जुड़ी हुई सम्पत्ति का मालिक)
d. इनमें से सभी
126. मुस्लिम विधि में निम्नलिखित में से किस नातेदार के हित में वसीयत वैध है?
a. एक पुत्र
b. एक विधवा
c. एक पूर्व-मृत पुत्र के बेटे के पक्ष में
d. इनमें से सभी
127. एक वक्फ में वक्फ सम्पत्ति निहित होती है
a. वाकिफ में
b. मुतावली में
c. अल्लाह में
d. हिताधिकारियों में
128. 'तलाक' की तीसरी घोषणा (उच्चारण) से किस किस्म का 'तलाक' प्रभावी हो जाता है?
a. तलाक-ए-हसन
b. तलाक-ए-अहसान
c. तलाक-एक-तफवीज
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
129. सुन्नी मुस्लिम विरासत विधि के अन्तर्गत सम्पूर्ण अंशधारियों की संख्या है
a. 10
b. 15
c. 13
d. 12
130. सुन्नी विधि के अन्तर्गत कौन प्राथमिक वारिस है?
a. अपना दादा
b. अपनी दादी
c. अपनी सगी बहन
d. इनमें से कोई नहीं
131. निम्नलिखित में से कौन-सा अभियोज्य दावा नहीं है?
a. मकान का बकाया कियारा कियारा प्राप्त करने का अधिकार
b. भरण-पोषण का बकाया धन प्राप्त करने का अधिकार
c. अज्ञाप्ति के अन्तर्गत देय धन प्राप्त करने का अधिकार
d. जीवन बीमा पॉलिसी के अधीन देय धन प्राप्त करने का अधिकार
132. विधि का सामान्य सिद्धान्त यह है कि "कोई भी व्यक्ति सम्पत्ति में अपने से अच्छा हक अन्तरित नहीं कर सकता है।" इस विषय का अपवाद निम्नलिखित में से किस धारा में है?
a. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 35
b. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 41
c. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 43
d. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 41 व 43
133. कोई भी सम्पत्ति हस्तान्तरण ऐसे हित सृष्ट करने के लिए प्रवृत्त नहीं हो सकता जो ऐसे अन्तरण की तारीख को जीवित एक या अधिक व्यक्तियों के जीवनकाल के पश्चात् प्रभावी हो। यह प्रावधान आता है।
a. भविष्यलक्षी हस्तान्तरण के विरूद्ध नियमों के अन्तर्गत
b. निर्बन्धनात्मक हस्तान्तरण के विरूद्ध नियमों के अन्तर्गत
c. शाश्वतता के विरूद्ध नियमों के अन्तर्गत
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
134. 'लम्बित वाद' का सिद्धान्त सम्बन्ध रखता है
a. लोक उपयोगिता से
b. नीलामी द्वारा विक्रय से
c. वास्तविक क्रय से
d. कपटपूर्ण अन्तरण से
135. सशर्त विक्रय द्वारा बन्धक है
a. विक्रय
b. बन्धक
c. विक्रय की संविदा
d. न तो विक्रय और न ही बन्धक
136. सम्पत्ति में निहित हित निर्भर करता है किसी ऐसी घटना के घटित होने पर जो
a. अनिश्चित प्रवृत्ति की है
b. निश्चित रूप से घटित होने वाली है
c. निश्चित तथा अनिश्चित दोनों प्रवृत्ति की है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
137. A अपनी सम्पत्ति को B को जीवनकाल के लिए एवं उसकी मृत्यु के पश्चात् C और D को उनके बीच बराबर या उनमें से जीवित व्यक्ति को हस्तान्तरित करता है। C, B के जीवनकाल में ही मर जाता है। B की मृत्यु D के जीवनकाल में हो जाती है। B की मृत्यु के पश्चात् सम्पत्ति
a. किसी भी व्यक्ति को चली जाएगी
b. उस व्यक्ति को, जिसका नाम हस्तान्तरण में विशेष रूप से लिखा है, चली जायेगी
c. D को चली जायेगी
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
138. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 58 के अन्तर्गत भोग बन्धक की निम्नलिखित कुछ विशेषताएँ हैं:-
1. बन्धककर्ता पर कोई व्यक्तिगत उत्तरदायित्व नहीं है।
2. कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है।
3. बनधकदार पूर्ण या भाग में किराया या लाभ लेता है।
a. सिर्फ एवं 2 सुसंगत है
b. सिर्फ 2 एवं 3 सुसंगत है
c. सिर्फ 1 सुसंगत है
d. उपर्युक्त सभी सुसंगत हैं।
139. "ऐसी शर्त शून्य होगी जो एक से अधिक सम्भावनाओं पर निर्भर हो।" इस सिद्धान्त को कालान्तर में मान्यता दी गयी
a. ह्विटबी बनाम मिशेल के सिद्धान्त में
b. चोमले के वाद में
c. प्रबोध कुमार दास बनाम दन्तमारा टी कम्पनी में
d. डायसन बनाम फार्स्टर में
140. A, B से 5,000 का कर्ज लेता है एवं प्रतिभूति के रूप में अपना मकान बन्धक रख देता है। बन्धक विलेख में यह प्रावधान था कि यदि वह 5 वर्ष के अन्दर पैसा अदा न कर सका तो B को मकान बेचकर पैसा वसूल करने का अधिकार होगा और यदि मकान को बेचकर पैसा वसूल नहीं हो सका तो A व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा। यह है
a. सशर्त विक्रय द्वारा बन्धक
b. अंग्रेजी बन्धक
c. भोग बन्धक
d. सादा बन्धक
141. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम में साम्या के सिद्धान्तों की सांविधिक मान्यता सम्बन्धित है
a. विशिष्ट पालन से
b. व्यादेश से
c. शोधन या विखण्डन से
d. उपरोक्त सभी से
142. "जो साम्या की अपेक्षा करता है उसे साम्या का पालन करना होगा"-यह निम्नलिखित में से किसमें विशेष रूप से सम्मिलित है?
a. व्यवहार प्रक्रिया संहिता की धारा 9
b. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 38
c. उपर्युक्त दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
143. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 48, 78 एवं 79 निम्नलिखित में से किस सूत्र का उदाहरण प्रस्तुत करती है?
a. जहाँ साम्या समान हो, समयपूर्व न हो, समयपूर्व अभिभावी होगा
b. साम्या समता में विश्वास करती है
c. जो साम्या की अपेक्षा करता है उसे साम्या का पालन करना होगा
d. साम्या विधि की अनुगामी है
144. "जहाँ साम्या समान हो वहाँ विधि अभिभावी होगी।" भारतीय विधि का कौन-सा सिद्धान्त इस सूत्र पर आधारित है?
a. व्यतिरेक का सिद्धान्त
b. क्रमबन्धन का सिद्धान्त
c. चुनाव का सिद्धान्त
d. उपर्युक्त सभी
145. सही विकल्प चुनिए।
a. भारतीय विधि के अन्तर्गत चुनाव का सिद्धान्त प्रतिफल की ओर केन्द्रित है
b. इंग्लिश विधि के अन्तर्गत चुनाव का सिद्धान्त समपहरण या अधिहरण की ओर केन्द्रित है
c. उपरोक्त दोनों
d. न तो (a) और न ही (b) सही है
146. निम्नलिखित में से कौन व्यक्ति न्यास के सृजन के लिए आवश्यक नहीं है?
a. लाभार्थी
b. न्यासी
c. न्यास का सृजनकर्ता
d. विधिक प्रतिनिधि
147. न्यासी के दायित्वों का प्रावधान किया गया है
a. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 23 से 29 के
b. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 11 से 18
c. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 55 से 69
d. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 51 से 65
148. न्यास भंग के लिए उत्तदायित्व का प्रावधान है
a. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 23 के अन्तर्गत
b. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 22 के अन्तर्गत
c. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 24 के अन्तर्गत
d. भारतीय न्यास अधिनियम की धारा 25 के अन्तर्गत
149. संविदा के विशिष्ट अनुपालन के मामलों में पक्षकारों के अधिकार शासित होते हैं।
a. विधि के सिद्धान्त पर
b. साम्या के सिद्धान्त पर
c. साम्या और विधि के सिद्धान्त पर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
150. आज्ञापक व्यादेश द्वारा दिया गया उपचार
a. विवेकाधीन है
b. निषेधात्मक है
c. आज्ञापक है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं