बिहार सिविल जज (प्रारम्भिक) परीक्षा-2016
(विधि)
1. 'बिना किसी पूर्वधारणा' से जारी किये गये संदेश सुरक्षित होते हैं।
a. साक्ष्य कानून की धारा 22 के अन्तर्गत
b. साक्ष्य कानून की धारा 23 के अन्तर्गत
c. साक्ष्य कानून की धारा 24 के अन्तर्गत
d. साक्ष्य कानून की धारा 21 के अन्तर्गत
2. साक्ष्य की स्वीकार्यता से सम्बन्धित 'अनिवार्य नियम' किसमें शामिल है?
a. साक्ष्य कानून की धारा 31
b. साक्ष्य कानून की धारा 32
c. साक्ष्य कानून की धारा 60
d. साक्ष्य कानून की धारा 61
3. दिल्ली उच्च न्यायालय ने किस मुकदमे में गवाहों की सुरक्षा के बारे में मार्गदर्शक निर्देश जारी किया था?
a. नीलम कटारा मुकदमा (2003)
b. नैना साहनी मुकदमा (2007)
c. उपहार सिनेमा मुकदमा (2005)
d. संसद भवन पर हमला मुकदमा (2006)
4. A अपनी पत्नी C के साथ व्यभिचार के आधार पर, B के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाता है। B, C को A की पत्नी मानने से इंकार करता है, परंतु न्यायालय B को व्यभिचार का दोषी ठहराता है। तत्पश्चात् A के जीवनकाल में B से विवाह करके दो पति रखने के लिए C पर मुकदमा चलाया जाता है। C कहती है कि वह कभी A भी पत्नी नहीं थी। B के विरुद्ध न्यायालय का फैसला-
a. C के विरुद्ध फैसले के अनुसार उचित है
b. C के विरुद्ध फैसले के अनुसार अनुचित है
c. उचित है और C पर भी लागू होता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
5. भारतीय साक्ष्य कानून के निम्नलिखित अध्यायों में से कौन-सा अध्याय 'गवाहों' से सम्बन्धित है?
a. अध्याय VI
b. अध्याय VII
c. अध्याय VIII
d. अध्याय IX
6. 2002 में पारित संशोधन कानून के द्वारा भारतीय साक्ष्य कानून के निम्नलिखित प्रावधानों में से किस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया था?
a. धारा 155 (2)
b. धारा 155 (3)
c. धारा 155 (4)
d. धारा 155 (5)
7. फौजदारी प्रक्रिया संहिता, 1973 की निम्नलिखित धाराओं में से कौन-सी धारा 'न्यायिक कार्यवाही' पद को परिभाषित करती है?
a. धारा 2 (i)
b. धारा 2 (j)
c. धारा 2 (k)
d. धारा 2 (1)
8. निम्नलिखित मुकदमों में से किस मुकदमे में सर्वोच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी के सम्बन्ध में विशेष मार्गदर्शक निर्देश जारी किया है?
a. विशाखा बनाम राजस्थान सरकार में
b. ए. आर. अंतुले के मुकदमे में
c. डी. के. बसु के मुकदमे में
d. नंदिनी सत्पथी के मुकदमे में
9. फौजदारी प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 125 के अधीन किसी दण्डाधिकारी द्वारा निर्वाह के लिए मासिक भत्ते के रूप में दी जा सकने वाली अधिकतम राशि क्या है?
a. रु. 1,000
b. रु. 500
c. रु. 2,000
d. कोई सीमा नहीं
10. फौजदारी प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 164-A के अधीन बलात्कार की किसी भी पीड़िता को ऐसे अपराध की घटना की सूचना प्राप्त होने के……………..के अन्दर-अन्दर परीक्षण के लिए किसी पंजीकृत स्वास्थ्य चिकित्सक के पास भेजना होगा।
a. 6 घण्टों
b. 12 घण्टों
c. 24 घण्टों
d. 36 घण्टों
11. निम्नलिखित में से किस किन उपधारा/उपधाराओं को फौजदारी संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2005 द्वारा फौजदारी प्रक्रिया संहिता की धारा 176 में शामिल किया गया था?
a. 176 (1-A)
b. 176 (1-A) तथा 176 (1-B)
c. 176 (5) तथा 176 (6)
d. 176 (1-A) तथा 176 (5)
12. फौजदारी प्रक्रिया संहिता में निर्धारित सीमा की अवधि निम्नलिखित में से किसके तहत आने वाले अपराधों पर लागू नहीं होती?
a. लागू नहीं आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) 1961 (1961 का 43)
b. सीमा-कर अधिनियम, 1962 (1962 का 52)
c. विदेशी मुद्रा प्रबन्ध अधिनियम, 1999 (1999 का 42)
d. उपर्युक्त सभी
13. सिविल प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1999 एवं 2002 ……….के सुझाव पर बनाये गये थे।
a. संथानम कमेटी
b. मलीमथ कमेटी
c. ठक्कर कमेटी
d. उपर्युव उपर्युक्त में से कोई नहीं
14. सर्वोच्च न्यायालय के निम्नलिखित ऐतिहासिक फैसलों में से किसका सम्बन्ध रिट पिटीशन्स में रेस जूडीकेटा के लागू होने से है?
a. सत्यधन घोषाल बनाम देओराजिन देवी
b. दारायो बनाम यू.पी. सरकार
c. जीवन बीमा निगम बनाम इण्डिया ऑटोमोबाइल्स एण्ड कं.
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
15. कोई भी न्यायालय किसी वाद-पत्र को लौटा सकता है, यदि
a. यह उसके क्षेत्राधिकार में न हो
b. यह आर्थिक अधिकार से बाहर हो
c. इसका विषय न्यायालय के अधिकार में न हो
d. उपर्युक्त में से कोई भी
16. सिविल प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2002………. से लागू हुआ।
a. 1 अप्रैल, 2002
b. 1 जून, 2002
c. 6 जून, 2002
d. 1 जुलाई, 2002
17. मध्यस्थ द्वारा दिये गये निर्णय को निरस्त करने की प्रक्रिया का प्रावधान………..में किया गया है।
a. सम्बन्धित अधिनियम की धारा 32
b. सम्बन्धित अधिनियम की धारा 36
c. सम्बन्धित अधिनियम की धारा 34
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
18. मध्यस्थता सहमति से सम्बन्धित पक्ष………… के अन्दर-अन्दर मध्यस्थ की नियुक्ति करेंगे।
a. तीन दिन
b. साठ दिन
c. चालीस दिन
d. नब्बे दिन
19. तुच्छ विषयों से सम्बन्धित न्यायालयों द्वारा दी गयी डिक्री अथवा आदेशों पर…….. द्वारा पुनर्विचार किया जा सकता है।
a. न्ययालय जिला
b. उच्च न्यायालय
c. (A) और (B) दोनों
d. उपर्युक्त में से काई नहीं
20. तुच्छ विषयों से सम्बन्धित न्यायालयों को समाप्त करने का अधिकार किसके पास है?
a. सम्बन्धित उच्च न्यायालय
b. सम्बन्धित राज्य सरकार
c. सम्बन्धित जिला न्यायालय
d. सम्बन्धित उच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार से विचार-विमर्श के बाद सम्बन्धित जिला न्यायालय
21. निम्नलिखित मामलों में से किसमें यह तर्क था कि हमारे संविधान की प्रस्तावना को इसकी व्याख्या में मार्गदर्शक होना चाहिये और इसीलिए अनुच्छेद 21 के अधीन बनाये गये किसी भी कानून को शून्य माना जाना चाहिये अगर वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हो?
a. गोपालन बनाम मद्रास राज्य
b. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
c. भीम सिंह बनाम भारत संघ
d. एक्सेल विअर बनाम भारत संघ
22. प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष (secular)' शब्द के डाले जाने के भी पहले, निम्नलिखित मामलों में से किसमें 'धर्मनिरपेक्षता (secularism)' को भारतीय संविधान की एक मूलभूत विशेषता माना गया था?
a. इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण
b. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
c. वामन राव बनाम भारत संघ
d. समता बनाम आन्ध्र प्रदेश राज्य
23. निम्नलिखित मामलों में से किसमें न्याय के बहुमत की सहमति थी कि संविधान का मूल ढाँचा, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत शक्ति के अभ्यास में संविधान संशोधन द्वारा, नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं किया जा सकता?
a. वामन राव बनाम भारतीय संघ
b. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
c. कुलदीप नैयर बनाम भारत संघ
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
24. एक व्यक्ति जो या जिसका पिता भारत के राज्यक्षेत्र में पैदा नहीं हुआ था, लेकिन "(क) जिसका 'भारत के राज्यक्षेत्र में' अपना अधिवास है, और (ख) जो आमतौर पर संविधान के प्रारंभ होने से ठीक पहले से कम-से-कम 5 वर्ष के लिए 'भारत के राज्य 'भारत के राज्यक्षेत्र में भीतर' रहा हो" उसे भारतीय नागरिक के रूप में माना जाता है। यह भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में वर्णित है?
a. अनुच्छेद 5
b. अनुच्छेद 5-B
c. अनुच्छेद 5-A
d. अनुच्छेद 5-C
25. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 का खण्ड (4), जिसे 24वें संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा डाला गया था, उसमें कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के अनुसार पारित एक संविधान संशोधन अधिनियम अनुच्छेद 13 के अर्थ में एक कानून है और तद् नुसार शून्य (कोई कानूनी प्रभाव के बिना) हो जायेगा, अगर वह मूलभूत अधिकार के खिलाफ हो। इस संशोधन को किस मामले में कानूनी प्रभावहीन (शून्य) ठहराया गया?
a. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
b. एडवर्ड मिल्स कम्पनी लिमिटेड बनाम अजमेर राज्य
c. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
d. गुलाम सरवर बनाम भारत संघ
26. निम्नलिखित में से कौन-सा कानून के शासन और न्यायपालिका की स्वतंत्रता का एक अनिवार्य हिस्सा है?
a. न्यायिक समीक्षा
b. न्यायाधीशों की निष्पक्ष नियुक्ति
c. महाभियोग
d. मूल न्यायिक क्षेत्र
27. तर्कसंगतता की कसौटी एक पूर्ण…………… परीक्षण नहीं है और इसकी आकृति संविधान द्वारा संकेतिक की गयी है।
a. विषयपरक
b. लक्ष्यपरक
c. वर्णनात्मक
d. योगात्मक
28. कराधान राज्य के अधीन एक………… शक्ति है और मौलिक अधिकार कराधान से प्रतिरक्षित नहीं है।
a. स्वतंत्र
b. वैधानिक
c. आधिकारिक
d. शासन प्रबन्ध
29. 'अपराधों के लिए दोषसिद्धि के प्रति सुरक्षा' के सम्बन्ध में भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में वर्णन आया है?
a. अनुच्छेद 22
b. अनुच्छेद 21
c. अनुच्छेद 20
d. अनुच्छेद 19
30. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के खण्ड (1) के अनुसार धर्म की स्वतंत्रता किसके हित के अधीन है?
a. सार्वजनिक व्यवस्था
b. नैतिकता
c. स्वास्थ्य
d. उपर्युक्त सभी
31. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में भारत में प्रधानमंत्री पद के प्रावधान का उल्लेख है?
a. अनुच्छेद 73
b. अनुच्छेद 74
c. अनुच्छेद 75
d. अनुच्छेद 74(1)
32. एक व्यक्ति को संसद के किसी भी सदन का सदस्य होने के लिए……... अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।
a. छठवीं
b. आठवीं
c. सातवीं
d. दसवीं
33. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को उनके कार्यालय से किसके द्वारा हटाया जा सकता है?
a. महाभियोग
b. राष्ट्रपति
c. मंत्रिमंडल
d. लोकसभा
34. निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्यों का प्रश्न होगा और कानून का प्रश्न नहीं होगा?
a. जब पक्ष और विपक्ष में सबूत ठीक से प्राप्त किया गया है, तो क्या एक तथ्य साबित हो गया है
b. क्या एक सांविधिक धारणा का खण्डन किया गया है
c. एक बन्दोबस्ती (endownment) निजी है या सार्वजनिक है, यहाँ शामिल दस्तावेजों के गलत होने का कोई सवाल नहीं किया जा रहा है
d. उपर्युक्त सभी
35. मुख्यमंत्री किसके द्वारा नियुक्त किया जायेगा?
a. प्रधानमंत्री
b. राज्यपाल
c. राष्ट्रपति
d. विधान सभा
36. निरंकुश शासन का मतलब है।
a. निरंकुश होने की दशा या गुण
b. एक तरह की सरकार जिसमें जनता की शक्ति किसी व्यक्ति या किन्हीं व्यक्तियों में निहित है, जो किसी भी कानून या संस्था द्वारा बाधित या नियंत्रित नहीं है
c. बिना शर्त शक्ति या संप्रभुता, जो एक सम्राट, एक तानाशाह या एक कुलीन तंत्र में निहित है
d. उपर्युक्त सभी
37. परमादेश (Mandamus)
a. सार्वजनिक प्रकृति वाले कर्तव्यों के निष्पादन की जाँच करने के लिए जारी किया जाता है
b. निजी प्रकृति के कर्तव्यों के निष्पादन में बाधा डालने के लिए जारी किया जाता है
c. सार्वजनिक प्रकृति के कर्तव्यों के निष्पादन को बाध्य करने के लिए जारी किया जाता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
38. निम्नलिखित में से किसमें राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यो का विस्तार करने की शक्ति है?
a. राज्यपाल
b. राज्य विधान सभा
c. मुख्यमंत्री
d. महाधिवक्ता
39. अगर आपातकालीन स्थिति घोषित की गयी हो, तो
I. संघ की कार्यपालिका शक्ति किसी भी राज्य को निर्देश देने तक उसी रूप में विस्तार करेगा, जिस रूप में सम्बन्धित कार्यपालिका शक्ति का प्रयोग किया जा रहा है
II. किसी भी मामले के सम्बन्ध में कानून बनाने की संसद की शक्ति में उस विषय, जो संघ सूची में उल्लिखित नहीं है, के सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति शामिल है।
ऊपर दिये गये कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
a. केवल ।
b. केवल ॥
c. I और II दोनों
d. न तो I और न ही II
40. राज्यपाल को अपने संवैधानिक दायित्वों के प्रति सचेत रहना चाहिये और 'राजनीतिक स्वार्थ' की वेदी पर या तो राजनीतिक जिम्मेदारी या संसदीय परंपराओं का त्याग नहीं करना चाहिये। निम्नलिखित में से किस मामले में राज्यपाल के संवैधानिक दायित्वों का उल्लेख किया गया?
a. एस. आर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य
b. बी. आर. कपूर बनाम तमिलनाडु राज्य
c. कृष्णा बल्लभ सहाय बनाम जाँच आयोग
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
41. "प्रशासनिक कानून प्रशासन से सम्बन्धित कानून है। यह संस्था, शक्ति और प्रशासनिक अधिकारियों के कर्तव्यों का निर्धारण करता है।"
a. आइवर जेनिंग्स
b. के. सी. डेविस
c. ओवेन हुड फिल्प्सि
d. कीथ
42. संवैधानिक और प्रशासनिक कानून के बीच में समानता बताइये।
a. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून निजी कानून हैं
b. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून राज्य के उच्चतम मानदण्डों को विनियमित करते हैं
c. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून संगठन और सुप्त सरकार के कार्यों से सम्बन्धित हैं
d. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून सार्वजनिक कानून हैं
43. प्रशासनिक कानून के तहत दस्तावेज/जानकारी पर रोक लगाने के लिए विशेषाधिकार निम्न में से किस धारा (साक्ष्य अधिनियम की) में अधिनियमित किया जाता है?
a. धारा 120
b. धारा 126
c. धारा 123
d. धारा 98
44. डायसी के अनुसार, कानून के शासन के अर्थ की चर्चा निम्नलिखित में से किसके अन्तर्गत है?
a. कानून के
b. कानून के तहत नियमों की समानता
c. कानून के तहत समानता
d. कानून के समक्ष समानता
45. अपनी पुस्तक ऐड्ड्मिनिस्ट्रेटिव लॉ में के.सी. डेविस ने 'कानून के शासन' के कई अर्थ दे दिये हैं। तद्नुसार सही विकल्प चुनिये।
a. कानून के निश्चित नियम
b. विवेक का बहिष्कार
c. (A) और (B) दोनों
d. न तो (A) और न ही (B)
46. 'सेपरेशन ऑफ पावर' के सिद्धांत को निम्न में से किसके द्वारा समझाया जा सकता है?
a. एक ही व्यक्ति को सरकार के तीन अंगों में से एक से अधिक अंगों का हिस्सा नहीं होना चाहिये
b. एक ही व्यक्ति को सरकार के तीन अंगों में से दो से अधिक अंगों का हिस्सा नहीं होना चाहिये
c. एक ही व्यक्ति को सरकार के तीन अंगों में से किसी भी अंगा का हिस्सा नहीं होना चाहिये
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
47. आधुनिक राज्यों में कार्यकारी जिम्मेदारी को, अर्ध-विधायी, अर्द्ध-न्यायिक, मिनिस्टेरियल और विशुद्ध प्रशासनिक कार्य के रूप में में वर्गीकृत किया जाता है। यह अवलोकन निम्नलिखित न्यायिक वादों में से किस पर आधारित है?
a. हरिशंकर बागला बनाम मध्य प्रदेश राज्य
b. मेनका गाँधी बनाम भारतीय संघ
c. हमदर्द दवाखाना बनाम भारतीय संघ
d. उपर्युक्त सभी
48. भारत में प्रत्यायोजित विधान (डेलीगेटेड लेजिस्लेशन) संविधान बनने की अवधि के पश्चात् भी तय हो सकता है। यह किस केस में तय किया गया?
a. रानी बनाम बुराह
b. री. डेल्ही लॉज ऐक्ट, 1912 [AIR 1951 SC 332]
c. जे. एन. गुप्ता बनाम बिहार प्रान्त
d. (A) और (B) दोनों
49. उस कार्य को चुनिये प्रशासनिक नियम के तहत प्रत्यायोजित नहीं किया जा सकता है।
a. पूर्वव्यापी प्रभाव देने के लिए शक्ति
b. नियत दिन या अधिनियम के प्रारम्भ का दिन
c. मौजूदा कानूनों को लागू करना
d. सभी प्रावधानों का निलंबन/अधिनियम के किसी भी प्रावधान का निलंबन
50. प्रत्यायोजित विधान (डेलीगेटेड लेजिस्लेशन) की क्या कमी है?
a. लोगों के अधिकारों के घोर उल्लंघन के मामले में, प्रत्यायोजित विधान वापस लिया जा सकता है / ज्यादा देरी के बिना इसमें उपयुक्त संशोधन किया जा सकता है
b. यहाँ मूल अधिनियम द्वारा दी गयी शक्तियों के दुरुपयोग करने का अवसर है और इस तरह कार्यकारी (executive) संसद की तुलना में अधिक शक्ति का आनन्ठ उठा सकती है।
c. (A) और (B) दोनों
d. न तो (A) और न ही (B)
51. प्रशासनिक कानून के तहत सर्शत विधान-
a. अधीनस्थ विधान के रूप में भी जाना जाता है। अधीनस्थ अधिकारी कानून बनाने के समय अपने विवेक का उपयोग कर सकते हैं
b. सापेक्ष विधान (कन्टिन्जेन्ट लेजिस्लेशन) के रूप में में भी जाना जाता है। कार्यकारिणी कोई नियम बनाने की शक्ति शक्ति का उपयोग नहीं कर सकती क्योंकि नियम बनाने की शक्ति नहीं होती है
c. न तो (A) और न ही (B)
d. (A) और (B) दोनों
52. "प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत प्रशासनिक कार्रवाई के लिए एक प्रक्रियात्मक नियम है।" उपर्युक्त कथन को विचार करते हुए निम्न में से कौन-सा/से न्यायसंगत है/हैं?
a. किसी भी व्यक्ति को अपने ही कारण में न्याय नहीं देना चाहिये
b. सभी व्यक्तियों को अपने स्वयं के कारण में न्याय देना चाहिये
c. उपर्युक्त सभी
d. न तो (A) और न ही (B)
53. लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में अदालत प्रशासनिक कानून के तहत प्रत्यायोजित विधान की वैधता तय करती है और कुछ प्रमाण तय करती है।
निम्न में में से किससे उपर्युक्त वक्तव्य सम्बन्धित है?
a. A मूल अधिकारातीत प्रमाण (substantive ultra vires) प्रक्रियात्मक अधिकारातीत प्रमाण (test of procedural ultra vires)
b. B) जहाँ मूल अधिनियम असंवैधानिक और प्रत्यायोजित विधान असंवैधानिक हैं
c. C) न तो (A) और न ही (B)
d. (A) और (B) दोनों
54. पक्षपाती के खिलाफ नियम के पालन पर निम्न बन्दु के तहत चर्चा की जा सकती है:
I. आर्थिक पूर्वाग्रह
II. व्यक्तिगत पूर्वाग्रह
III. विषय के रूप में पूर्वाग्रह
व्यक्ति पूर्वाग्रह के तहत सर्वोच्च न्यायालय ने किस केस में फैसला किया है?
a. डाइप्स बनाम ग्रैन्ड जंक्शन कनाल
b. गुल्लापल्ली नागेश्वरा राव बनाम APSRTC
c. ए. के. करइपाक बनाम भारतीय संघ
d. मानकलाल बनाम डॉ. प्रेमचंद
55. बन्दी प्रत्यक्षीकरण का शाब्दिक अर्थ है 'शरीर को प्रस्तुत करें'। किस केस में बन्दी प्रत्यक्षीकरण नहीं जारी की जा सकेगी?
a. ए. के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य
b. बातुलचंद्र बनाम पश्चिम बंगाल राज्य
c. (A) और (B) दोनों
d. न तो (A) और न ही (B)
56. अडि अल्टेरम पार्टेम की क्या मुख्य विशेषता है?
a. सुनवाई के बिना नोटिस जारी करना
b. उनके खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई करना
c. अधिकारों से वंचित रखना
d. नोटिस
57. परमादेश (Mandamus) की आवश्यक शर्त क्या है?
a. यह याचिकाकर्ता का कानूनी अधिकार है जो न्यायिक रूप से लागू किया जा सकता है
b. सम्बन्धित लोक प्राधिकारी को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिये
c. याचिकाकर्ता को कर्तव्य के प्रदर्शन की माँग नहीं करनी चाहिये
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
58. राज्य के संविदात्मक दायित्वों के सम्बन्ध में संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार एक अनुबन्ध को बैध बनाने के क्रम में, जिसमें सरकार एक पार्टी के रूप में है, निम्न में से किस शर्त को पूरा किया जाना चाहिये?
a. किया गया अनुबन्ध राष्ट्रपति या सरकार की ओर से, जैसा सम्भव हो, क्रियान्वित हो
b. कोई भी अधिकारी अपने दम पर अनुबन्ध में प्रवेश करता है
c. कोई भी अनुबन्ध किसी भी अधिकारी के द्वारा बिना किसी अधिकार के किया गया हो तो
d. उपर्युक्त सभी
59. "न्यायाधिकरण केवल सेवा सम्बन्धित मामलों को लेता है।"
a. यह न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में होता है।
b. सी.पी.सी. और साक्ष्य के नियमों का पालन किया जाना चाहिये
c. यह कानून के नियम, प्रक्रिया और साक्ष्य के नियम के आधार पर फैसला करता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
60. लोकपाल (Ombudsman) की योग्यता क्या है?
a. लोकपाल कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा
b. लोकपाल संसद का सदस्य भी हो सकेगा
c. लोकपाल किसी भी व्यवसाय या पेशे में कार्य कर सकेगा
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
61. हिन्दी विधि है।
a. सिविल विधि
b. वैयक्तिक विधि
c. संवैधानिक विधि
d. दाण्डिक विधि
62. हिन्दू विधि का/के प्राचीन स्रोत है / हैं।
a. श्रुति
b. स्मृति
c. सार-संग्रह, टीकाएँ और रूढ़ियाँ
d. उपर्युक्त सभी
63. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 5 (i) के अन्तर्गत उपबंधित किया गया है।
a. एकविवाह
b. द्विविबाह
c. बहुपत्नीत्व
d. बहुपतित्व
64. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की किस धारा के अन्तर्गत 'न्यायिक पृथक्करण' के आधार दिये गये हैं?
a. धारा 9
b. धारा 10
c. धारा 11
d. धारा 13
65. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 16...... के अपत्यों की धर्मजता से सम्बन्धित है।
a. शून्य विवाहों
b. शून्यकरणीय विवाहों
c. शून्य और शून्यकरणीय विवाहों
d. वैध विवाहों
66. एक हिन्दू विवाह किसके रूढ़िगत आचारों और संस्कारों के अनुरूप अनुष्ठापित किया जा सकता है?
a. वधू
b. वर
c. वर, वधू दोनों के
d. वर या वधू, दोनों में से कोई भी
67. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की अनुसूची के क्लास (B) में उल्लिखित 'पुत्र' में शामिल नहीं है।
a. दत्तक पुत्र
b. सौतेला पुत्र
c. अधर्मज पुत्र
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
68. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 10 के अन्तर्गत पुरुष निर्वसीयत के उत्तरजीवी पुत्रों, उत्तरजीवी पुत्रियों और माता पाता में से-
a. निर्वसीयत की प्रत्येक को निर्वसीयत की सम्पत्ति का एक अंश मिलेगा
b. सभी को निर्वसीयत की सम्पत्ति का एक अंश मिलेगा
c. सभी उत्तरजीवी पुत्रों को और उत्तरजीवी पुत्रियों को एक अंश मिलेगा और माता को एक अंश मिलेगा
d. सभी उत्तरजीवी पुत्रों, उत्तरजीवी पुत्रियों को एक अंश मिलेगा और माता को कोई अंश नहीं मिलेगा
69. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 14 के अन्तर्गत प्रावधान है कि हिन्दू नारी के कब्जे वाली कोई भी सम्पत्ति, चाहे वह इस अधिनियम के पूर्व या पश्चात् अर्जित की गयी हो, उसके द्वारा रखी जायेगी
a. पूर्ण स्वामी के तौर पर
b. परिसीमा स्वामी के तौर पर
c. पति के साथ सहस्वामित्व के तौर पर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं।
70. हिन्दू दत्तक तथा भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के अनुसार 'अवयस्क (अप्राप्तवय)' से वह व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसने अपनी आयु पूरी न की हो
a. 14 वर्ष
b. 16 वर्ष
c. 18 वर्ष
d. 21 वर्ष
71. कोई भी हिन्दू नारी जो स्वस्थचित्त है और वयस्क है, पुत्र या पुत्री को दत्तक लेने की विधिक सामर्थ्य रखती है, यदि
a. वह विधवा है या जिसका विवाह विघटित कर दिया गया है
b. वह अविवाहित है
c. उसके पति ने पूर्ण या अन्तिम रूप से संसार का त्याग कर दिया है या उसके पति हिन्दू नहीं रहा है या उसके पति को किसी न्यायालय ने अस्वस्थ मस्तिष्क का घोषित कर दिया है
d. उपर्युक्त सभी
72. संयुक्त हिन्दू परिवार का एक अवर (कनिष्ठ) (Junior) सदस्य उस परिवार का 'कर्ता' हो सकता है
a. जब वह सक्षम और बुद्धिमान है
b. परिवार के सहदायिकों की सहमति के बिना, यदि वह सक्षम व चतुर है
c. सिर्फ परिवार के अन्य सहदायिकों की सहमति से
d. सिर्फ माता के आदेश से आदेश से
73. मुस्लिम विधि के मुख्य स्रोत को मुख्य स्रोत कौन-से हैं?
a. कुरान
b. सुन्नत और आद्दीस
c. इज्मा और कियास
d. उपर्युक्त सभी
74. एक मुस्लिम स्त्री किस पुरुष के वैध विवाह कर सकती है?
a. हिन्दू
b. मुस्लिम (मुसलमान)
c. किताबिया
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
75. किसी स्त्री के साथ एक 'शिया' मुस्लिम पुरुष अस्थायी विवाह अर्थात् वैध 'मुता' की संविदा का हकदार है?
a. मुस्लिम स्त्री के साथ
b. ईसाई स्त्री के साथ
c. यहूदी या अग्रिपूजक स्त्री के साथ
d. उपर्युक्त में से किसी के भी साथ
76. क्या एक मुस्लिम पुरुष नशे या दबाव ही हालत में 'तलाक' दे सकता है?
a. हाँ, 'सुन्नी' मुस्लिम विधि में मान्य
b. हाँ, 'शिया, मुस्लिम विधि में मान्य
c. हाँ, 'इस्लाइलिया' विधि के अनुसार
d. हाँ, 'उसूली' विधि के अनुसार
77. 'तलाक' की तीसरी घोषणा (उच्चारण) से कौन-सी किस्म का 'तलाक' प्रभावी हो जाता है?
a. तलाक-ए-हसन
b. तलाक-ए-अहसान
c. तलाक-ए-तफवीज
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
78. जनकता से सम्बन्धित एक बार की गयी अभिस्वीकृति को मुस्लिम विधि के तहत
a. प्रतिसंहरित (revoked) नहीं किया जा सकता है सकता
b. प्रतिसंहरित किया जा सकता है
c. सक्षम न्यायालय की पूर्व अनुमति से प्रतिसंहरित किया जा सकता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
79. मुस्लिम नाजायज बच्चों को किसकी अभिरक्षा में रखा जायेगा?
a. पिता
b. माता
c. पिता और माता दोनों
d. नानी
80. निम्नलिखित उपहारों में से कौन-सा वैध नहीं है?
a. भविष्य में उपहार
b. सशर्त उपहार
c. बाजी के समझौते या अनिश्चित समझौते पर आधारित उपहार
d. उपर्युक्त सभी
81. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 के अन्तर्गत दिया गया 'शाश्वत्ता के विरुद्ध नियम' किसी नियम पर प्रभाव नहीं डालता।
a. हिन्दू विधि के
b. मोडमेडन विधि के
c. क्रिश्चिन विधि के
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
82. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 के अन्तर्गत खड़ा काष्ठ है।
a. केवल स्थावर सम्पत्ति जब तक भूमि से अलग नह कर दिया गया हो
b. स्थावर सम्पत्ति जब तक भूमि से अलग करने की संविदा न हो
c. स्थावर सम्पत्ति नहीं
d. स्थावर सम्पत्ति यदि मूल्य रु. 100 से अधिक हो
83. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 के अन्तर्गत लिखत से अभिप्रेत है।
a. एक वसीयती लिखत
b. एक वसीयती तथा एक अवसीयती लिखत दोनों
c. एक अवसीयती लिखत
d. कोई लिखित दस्तावेज
84. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 के अन्तर्गत एक लिखत के वैध अनुप्रमाणन हेतु यह आवश्यक है कि
a. प्रत्येक अनुप्रमाणक साक्षी ने निष्पादन को लिखत पर हस्ताक्षर करते या अपना चिन्ह लगाते देखा हो
b. निष्पादक ने अनुप्रमाणक साक्षी को लिखत पर हस्ताक्षर करते देखा हो
c. प्रत्येक अनुप्रमाणक साक्षी ने निष्पादक की उपस्थिति में लिखत पर हस्ताक्षर किये हों
d. उपर्युक्त सभी
85. A की एक पत्नी B और एक पुत्र C है। C अपनी माँ B से रु. 5 लाख के प्रतिफल भुगतान पर A की सम्पत्ति में अपने हिस्से के उत्तराधिकार को छोड़ते हुए एक रजिस्ट्रीकृत लिखत निष्पादित करता है। A की मृत्यु हो जाती है एवं की A सम्पत्ति में C अपने हिस्से का दावा करता है। निम्न में से कौन-सास सही है?
a. C अपने लिखत से बाध्य है तथा A की सम्पत्ति में अपने हिस्से का दावा नहीं कर सकता है
b. C अपने लिखत में बाध्य नहीं है तथा A की सम्पत्ति में अपने हिस्से का दावा कर सकता है
c. C अपने लिखत से बाध्य होगा यदि लिखत न्यूनतम दो साक्षियों द्वारा अनुप्रमाणित हो
d. C केवल अपनी माँ की मृत्यु के पश्चात् ही A की सम्पत्ति में अपने हिस्से का दावा कर सकता है
86. A कुछ टाटा के बोरे B को बेचने हेतु, जो भविष्य में एक दिन दी जानी हैं, करार करता है। देय तिथि के पूर्व B संविदा में अपने लाभप्रद हित को C को अन्तरित कर देता है। A संविदा भंग करता है। निम्न में से कौन-सा सही है?
a. C, टाट के बोरे ने देने हेतु A पर नुकसानी का वाद लाने का हकदार है
b. C नुकसानी हेतु वाद लाने का हकदार नहीं है, क्योंकि यह B के द्वारा वाद लाने के अधिकार मात्र का अन्तरण है
c. C नुकसानी का वाद A के प्रति लाने का हकदार नहीं है, क्योंकि A एवं C के बीच संविदात्मक सम्बन्ध नहीं है
d. C केवल B से अपना धन वापस लेने के वाद का हकदार है
87. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 के अन्तर्गत त्वरण के सिद्धांत पर आधारित उपबन्ध है।
a. धारा 29
b. धारा 28
c. धारा 27
d. धारा 30
88. A दो परस्पर सटी हुई सम्पत्तियों X एवं Y का स्वामी है। A सम्पत्ति X, B को बेच देता है तथा एक शर्त अधिरोपित करता है कि सम्पत्ति Y के अधिक फायदाप्रद उपभोग हेतु B सम्पत्ति A, X के एक भाग को खुला रखेगा तथा उस पर कोई निर्माण नहीं करेगा। निम्न में से कौन-सा सही है?
a. शर्त वैध नहीं है क्योंकि A ने सम्पत्ति बेच दी है जो एक आत्यन्तिक अन्तरण है, इसलिए A सम्पत्ति X के उपभोग के ढंग पर कोई शर्त नहीं लगा सकता है
b. शर्त वैध है
c. शर्त वैध होती यदि केवल अन्तरण बिना प्रतिफल के होता
d. शर्त वैध होगी केवल यदि A सिद्ध करता है कि सम्पत्ति Y पर पहुँचने हेतु उसके पास कोई रास्ता नहीं है, मात्र सम्पत्ति X के खुले भाग को छोड़कर
89. A एक भूमि का दान B को करता है। C उक्त भूमि के कब्जा हेतु A पर वाद दाखिल करता है। वाद लम्बित रहे के दौरान B उक्त भूमि D को अन्तरित कर देता है। A की मृत्यु हो जाती है तथा A के विधिक प्रतिनिधि के रूप में B के विरुद्ध C कब्जा की डिक्री प्राप्त करता है। क्या D का हक C की डिक्री के विषय हेतु लम्बित वाद के नियम से प्रभावित है?
a. हाँ, क्योंकि अन्तरा बिना प्रतिफल के था
b. नहीं, क्योंकि B से D को अन्तरण समय B वाद का पक्षकार नहीं था
c. C की डिक्री हेतु B, A का विधिक प्रतिनिधि नहीं है
d. B को दान किये जाने के पश्चात् C कब्जा हेतु A पर वाद दाखिल नहीं कर सकता
90. बन्धक सम्पत्ति का कब्जा प्रदान करना आवश्यक है।
a. सशर्त विक्रय द्वारा बन्धक में
b. अंग्रेजी बन्धक में
c. हक विलेख के निक्षेप द्वारा बन्धक में
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
91. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
a. पाश्चिक क्रेता - धारा 81
द्वारा क्रमबन्धन
b. मोचन करने का - धारा 60A
बन्धककर्ता का अधिकार
c. कब्जा प्रत्युद्धरण का भोग - धारा 62
बन्धककर्ता का अधिकार
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
92. साम्य न्यायालय से अनुतोष प्राप्त किया जा सकता था
a. कॉमन लॉ न्यायालयों में अधिनिर्णयन के पूर्व
b. कॉमन लॉ न्यायालयों में निर्णय के पश्चात्
c. कॉमन लॉ न्यायालयों में निर्णय के पूर्व या पश्चात् दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
93. साम्य न्यायालय में पहुँच हो सकती थी।
a. अधिकार स्वरूप
b. अनुग्रह स्वरूप
c. (A) और (B) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं कोई नहीं
94. साम्य हित एक हित है जिसे मान्यता प्रदान की गयी थी
a. चान्सरी न्यायालय द्वारा
b. कॉमन लॉ न्यायालयों द्वारा
c. (A) और (B) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
95. A चार प्रतिशत में रु. 10,000 का हस्तान्तरण B को न्याय में करता है कि B प्रतिवर्ष प्रोद्भूत होने वाला ब्याज C को जीवन-पर्यन्त भुगतान करता रहेगा। C मर जाता है। फिर C मर जाता है। निम्न में से कौन-सा सही है?
a. B निधि का संधारण C के विधिक प्रतिनिधि के फायदे के लिए करता है
b. B निधि का संधारण A के विधिक प्रतिनिधि के फायदे के लिए करता है
c. B अब निधि का स्वयं हेतु उपभोग कर सकता है
d. निधि राज्य द्वारा जब्त होने के दायित्व के अधीन है
96. जहाँ कि न्यास सम्पत्ति मुद्रा (धन) है तथा वह न्यास के प्रयोजनों के लिए अविलम्ब या नजदीकी तारीख पर उपयोजित नहीं की जा सकती वहाँ न्यासी (न्यास लिखत में अन्तर्विष्ट किसी निर्देश के अधीन रहते हुए) उस मुद्रा को विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों में निवेश हेतु बाध्य है, न कि किन्हीं अन्य में। भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की किस धारा में यह उपबन्ध है?
a. धारा 18
b. धारा 19
c. धारा 20
d. धारा 21
97. भारतीय न्यास अधिनियम की निम्न में से कौन-सी धारा न्यास-भंग के लिए दायित्व की चर्चा करती है?
a. धारा 20
b. धारा 21
c. धारा 22
d. धारा 23
98. ऐसे शब्द एवं पद जो विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम में प्रयुक्त हैं किन्तु अधिनियम में परिभाषित है।
a. साधारण खण्ड अधिनियम में
b. भारतीय संविदा अधिनियम में
c. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता में
99. प्रत्युद्धरण विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम अधिनियम की निम्न में से कौन-सी धारा विनिर्दिष्ट जंगम सम्पत्ति के प्रत्युद्धरण की चर्चा करती है?
a. धारा 5
b. धारा 7
c. धारा 8
d. धारा 9
100. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
a. संविदायें जो विनिर्दिष्टत - धारा 15
प्रवर्तनीय नहीं हैं
b. कतिपय मामलों में प्रतिकर - धारा 21
दिलाने की शक्ति
c. नुकसानी का परिनिर्धारण - धारा 23
विनिर्दिष्ट पालन के
लिए वर्जन न होगा
d. अस्थायी एवं - धारा 37
शाश्वत व्यादेश
101. प्रत्येक वचन और ऐसे वचनों का प्रत्येक संवर्ग, जो एक-दूसरे के लिए प्रतिफल हों, कहलाता है।
a. एक प्रस्ताव
b. एक करार
c. एक स्वीकृति
d. एक संविदा
102. स्वीकृति की संसूचना प्रतिग्रहीता के विरुद्ध पूर्ण होती है।
a. जब यह संप्रेषित करने के अनुक्रम में भेजी जाती है
b. जब प्रस्तावक स्वीकृति प्रतिग्रहीता को देता है
c. जब प्रतिग्रहीता को यह संसूचित किया जाता है कि स्वीकृति, प्रस्तावक के पास पहुँच गयी है
d. जब यह प्रस्तावक की जानकारी में आ जाती है
103. 'टेण्डर' है
a. एक प्रस्ताव
b. प्रस्ताव के लिए एक आमंत्रण
c. बातचीत के लिए एक आमंत्रण
d. वचन
104. विवाह-अवरोधित करार होता है
a. वैध
b. अवैध
c. शून्य
d. शून्यकरणीय
105. एक प्रस्ताव को वचन में परिवर्तन करने लिए
a. प्रस्ताव की स्वीकृति पूर्ण और बिना और बिना किसी शर्त की होनी चाहिए
b. प्रस्ताव की स्वीकृति फेरबदल के साथ हो सकती है
c. प्रस्ताव की स्वीकृति शर्त के साथ हो सकती है
d. प्रस्ताव की स्वीकृति स्वीकृति पूर्ण, फेरबदल के साथ या शर्त के साथ हो सकती है
106. प्रस्तावक द्वारा एक प्रस्ताव वापस लिया जा सकता है
a. प्रस्तावक द्वारा दूसरे पक्ष को नोटिस देकर
b. प्रस्ताव के अन्तर्गत विहित स्वीकृति के लिए समय सीमा के समाप्त होने पर
c. प्रतिग्रहीता द्वारा स्वीकृति से पहले निर्धारित शर्त को पूर्ण न करने पर
d. उपर्युक्त सभी
107. निम्न में से कौन-सा सही है?
a. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि एक बार वो पक्षकारों के बीच एक प्रतिफल के गठित होती हैं
b. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि एक बार वो पक्षकारों के बीच उनकी स्वतंत्र सहमति से गठित होती हैं
c. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि एक बार वो सक्षम पक्षकारों के बीच गठित होती हैं
d. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि वे सक्षम पक्षकारों के बीच स्वतंत्र सहमति से विधिमान्य प्रतिफल और उद्देश्य के लिए गठित होती हैं और विधि द्वारा अभिव्यक्त रूप से शून्य करार घोषित न हों
108. आरम्भ में एक वैध संविदा जो कुछ अदृश्य कारणों के हस्ताक्षेप के कारण प्रवर्तनीय नहीं हो पाती, ऐसी संविदा
a. विधिमान्य बनी रहेगी
b. संविदा के किसी पक्षकार की इच्छा द्वारा शून्यकरणीय हो जायेगी जिस समय से वह प्रवर्तनीय नहीं रही
c. आरम्भ से शून्य करार दी जायेगी
d. जिस समय से उसका प्रवर्तन नहीं किया जा सकता, शून्य करार दी जायेगी
109. भारतीय विधि में पंद्यम करार (बाजी करार)-
a. शून्यकरणीय माना जाता है
b. शून्य माना जाता है
c. लोक-नीति के विरुद्ध माना जाता है
d. वैध माना जाता है
110. एक व्यक्ति जो किसी दूसरे व्यक्ति का सामान पाता है और उसे अपने अभिरक्षण में रखता है, उसका दायित्व उसी प्रकार का होता है जैसा एक-
a. स्वामी का होता है
b. गिरवीदार का होता है
c. उपनिहिती का होता है
d. अभिरक्षक का होता है
111. संविदा विधि के अन्तर्गत एक अभिकरण (एजेन्सी) समाप्त हो जाती है, जब
a. स्वामी अपना अधिकार वापस ले लेता है
b. स्वामी या अभिकर्ता में से किसी एक की मृत्यु हो जाती है
c. स्वामी दिवालिया घोषित हो जाता है
d. उपर्युक्त सभी
112. प्रत्याभूत-संविदा के अन्तर्गत जमानतकर्ता का दायित्व होता है
a. मुख्य ऋणदाता से अलग
b. मुख्य ऋणदाता के विकल्प के रूप में
c. मुख्य ऋणदाता के साथ समविस्तीर्ण
d. उपर्युक्त सभी
113. A रु. 5,000 मूल्य का एक घोड़ा, रु. 1,000 में B को बेचने के लिए करार करता है। A ने करार के लिए अपनी स्वीकृति स्वतंत्र रूप से दी। यह करार
a. एक संविदा है
b. प्रतिफल उचित मूल्य से कम होने के कारण एक संविदा नहीं है
c. प्रवर्तनीय नहीं है
d. संविदा विधि प्रावधान के विरुद्ध है
114. सामान्य प्रस्ताव से सम्बन्धित कौन-सा प्रसिद्ध वाद है?
a. लालमन शुक्ला बनाम गौरी दत्त
b. मोहरी बीबी बनाम धरमोदास घोष
c. कार्लिल बनाम कार्बेलिक स्मोक बॉल कं.
d. मैक्फर्ज़न बनाम अपन्ना
115. सहमति स्वतंत्र तब कही जायेगी जब वह प्रपीड़न, असम्यक् असर, कपट, दुर्व्यपदेशन और भूल से प्रभावित नहीं है। 'स्वतंत्र सहमति' पद संविदा विधि की किस धारा के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है?
a. धारा 14
b. धारा 15
c. धारा 16
d. धारा 17
116. एक अपकृत्य के लिए कौन-सा कथन सही है?
a. यह एक सिविल दोष है
b. सभी सिविल दोष अपकृत्य नहीं होते
c. यह एक सर्वबन्धी अधिकार देता है
d. उपर्युक्त सभी
117. एक अपकृत्य दायित्व का निर्वहन भंग करना होता है, जो
a. पक्षकारों के द्वारा अधिरोपित होता है
b. विधि द्वारा अधिरोपित होता है
c. दण्ड विधि द्वारा अधिरोपित होता है
d. समाज द्वारा अधिरोपित होता है
118. किसने कहा था कि अपकृत्य विधि के अन्तर्गत दायित्व तभी बनता है जब कि दोष किसी एक या अन्य नामांकित अपकृत्य के अन्तर्गत आता है?
a. फ्रेजर
b. विनफिल्ड
c. ब्लैकस्टोन
d. सामन्ड
119. की फैसिट पर एलियस फैसिट पर सी सूत्रवाक्य, अपकृत्य विधि के अन्तर्गत किसी अपकृत्य से सम्बन्धित है?
a. वाद करने की क्षमता
b. उपेक्षा
c. प्रतिनिधिक दायित्व
d. मानहानि
120. द्वेषपूर्ण अभियोजन के आधार पर क्षति के लिए वाद लाने के लिए वादी द्वारा क्या सत्यापित करने की जरूरत है?
a. कि वह प्रतिवादी द्वारा अभियोजित किया गया
b. कि अभियोजन बिना किसी उचित और सम्भावित कारण के संस्थित किया गया
c. द्वेषपूर्ण अभियोजन की कार्यवाही वादी के पक्ष में समाप्त हुई
d. उपर्युक्त सभी
121. सूत्रवाक्य उबी जस इबी रिमिडियम का मतबल है
a. जहाँ भी उपचार उपलब्ध है, वहाँ अधिकार है
b. जहाँ अधिकार है, वहाँ उपचार है
c. जहाँ दोष किया गया है, वहाँ उपचार है
d. जहाँ दोष नहीं किया गया है, वहाँ उपचार
122. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रसिद्ध वाद 'बचाव' वदों के आधार पर वॉलेन्टी नॉन फिट इन्जूरिया सिद्धांत के प्रयोग के अपवाद से सम्बन्धित है?
a. हेन्स बनाम हार्बुड
b. पद्यावती बनाम डुग्गानायिका
c. एस्बाई बनाम ह्वाइट
d. उल्ट्रीज बनाम सम्नर
123. किस वाद के अन्तर्गत का सिद्धांत प्रतिपादित किया गया था?
a. भीम सिंह बनाम जम्मू और कश्मीर राज्य
b. रैलेन्ड्स बनाम फ्लेचर
c. एम. सी. मेहता बनाम भारत संघ
d. लॉएड बनाम ग्रेस, स्मिथ ऐन्ड कं.
124. रेस इप्सा लॉकीटर नियम है
a. आपराधिक विधि का
b. सांविधिक विधि का
c. सारभूत विधि का
d. साक्ष्य विधि का
125. 'उपेक्षा' अपकृत्य के अन्तर्गत प्रतिवादी के द्वारा सावधानी का मानक अपेक्षित होता है।
a. अत्यधिक निपुण व्यक्ति का
b. कम-से-कम समझ वाले व्यक्ति का
c. एक युक्तियुक्त और कुशल व्यक्ति का
d. एक ऐसे व्यक्ति का जिसे विधिक ज्ञान हो
126. वह प्रमुख वाद, जिसमें उपेक्षा से सम्बन्धित सिद्धांत का नियम प्रतिपादित किया गया था, है
a. ग्लास्गो कॉर्पोरेशन बनाम म्योर
b. डोनोघ बनाम स्टीवेन्सन
c. विन्टरबॉटम बनाम राइट
d. ईश्वरी देवी बनाम भारत संघ
127. जहाँ कोई व्यक्ति इच्छा से और बिना किसी औचित्य के किसी दूसरे व्यक्ति के सामान से इस प्रकार संव्यवहार करता है कि वह व्यक्ति जो इस सामान का तुरंत प्रयोग और कब्जे का अधिकार रखता है वह इससे वंचित होता है, उसके कहते हैं।
a. संपरिवर्तन का अपकृत्य
b. बन्दी का अपकृत्य
c. वस्तु अतिचार का अपकृत्य
d. उपद्रव का अपकृत्य
128. कठोर दायित्व का नियम लागू करने के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्कय है?
a. किसी व्यक्ति द्वारा अपनी जमीन पर खतरनाक वस्तु को रखना या इकट्ठा करना
b. किसी व्यक्ति द्वारा जमीन का जाना का उपयोग अप्राकृतिक तरीके से किया
c. किसी व्यक्ति द्वारा इकट्ठा की गयी या रखी हुई खतरनाक वस्तु का जमीन से पलायन करना और क्षति या हानि पहुँचाना
d. उपर्युक्त सभी
129. कौन-सा कथन सही है?
a. सार्वजनिक उपद्रव सिविल दोष है और साथ ही साथ अपराध है
b. व्यक्तिगत उपद्रव सिविल दोष है और साथ ही साथ अपराध है
c. सार्वजनिक उपद्रव अपराध है, सिविल दोष नहीं
d. व्यक्तिगत उपदव अपराध है, सिविल दोष नहीं
130. वह प्रमुख वाद, जिसमें क्षति की दूरस्थता का सिद्धांत प्रत्यक्ष जाँच के आधार पर अन्तिम रूप से निर्धारित किया गया, है
a. स्मिथ बनाम लन्डन साउथ वेस्टर्न रेलवे कं.
b. वैगन माउन्ड केस
c. री पॉलिमिस ऐन्ड फर्नेस विदी ऐन्ड कं.
d. ओवरसीज टैंकशिप (यू.के.) लि. बनाम मॉर्ट्स डॉक एण्ड इन्जीनियरिंग कं. लि.
131. विनिर्दिष्ट माल के विक्रय की संविदा में यदि संविदा के समय माल, विक्रेता के ज्ञान में नहीं होकर, नष्ट हो चुका है, तब
a. संविदा क्रेता के लिए वैध है
b. संविदा क्रेता के विकल्प पर शून्यकरणीय है
c. संविदा दोनों पक्षकारों के लिए शून्य है
d. संविदा अवैध हो चुकी है
132. माल के विक्रय के करार में यह निबन्धन है कि इसकी कीमत तीसरे पक्षकार द्वारा किये गये मूल्यांकन पर निर्धारित होगी परन्तु मूल्यांकन करने में असफल हो गया है, तब
a. मूल्यांकन विक्रेता द्वारा जारी किया जा सकता है
b. मूल्यांकन क्रेता द्वारा किया जा सकता है
c. मूल्यांकन क्रेता एवं विक्रेता द्वारा सामूहिक रूप से किया जा सकता है
d. क्रेता एवं विक्रेता मूल्यांकन नहीं कर सकते हैं और संविदा शून्य हो जायेगी
133. सोहन, जो एक कपटी व्यक्त है, ने अपने-आप को सम्मानीय व्यक्ति दिखाते हुए दुकानदार मोहन को चेक देकर उससे एक मूल्यवान अँगूठी खरीदी। चेक अनादरित हो गया परन्तु इस इस कपट का पता चलने से पहले ही सोहन ने अँगूठी रोहन के पास गिरवी रख दी। रोहन ने सद्भावना में काम किया और उसे सोहन के हक में त्रुटि की सूचना नहीं थी। निम्न में से सही स्थिति कौन-सी है?
a. मोहन सोहन से, जो क्रेता है, अँगूठी वापस लेने के लिए वाद कर सकता है
b. रोहन का अँगूठी पर हक मोहन एवं सोहन से अधिक बेहतर है, इसलिए वह अँगूठी को प्रतिस्थापित करेगा
c. सोहन का अँगूठी पर हक त्रुटिपूर्ण था, इसलिए मोहन रोहन पर वाद कर अँगूठी वापस लेने में सफल होगा
d. संविदा कपट पर आधारित है, इसलिए शून्य घोषित किया जा सकेगा और शून्य संविदा में पक्षकारों का कोई दायित्व नहीं होगा
134. A, एक खिलौना बेचने वाला, ने अपनी दुकान की खिड़की में कुछ प्लास्टिक के गुलेल जैसे खिलौने सजा रखे थे। B, एक छः वर्षीय बच्चा, खिलौनों की ओर आकर्षित हुआ और दुकान के मालिक से वार्ता करने के बाद उसने प्लास्टिक का एक गुलले जैसा खिलौना खरीद लिया। जब बच्चा इसे चला रहा था, तो यह प्लास्टिक का गुलेलनुमा खिलौना टूट गया और बच्चे की बायीं आँख में घुस गया जिसे आँख निकालनी पड़ी। विक्रेता के विरुद्ध क्षतिपूर्ति का केस दर्ज हुआ। निम्नलिखित में से कौन-सा तर्क सही है?
a. यह वर्णन द्वारा विक्रय था, इसलिए विक्रेता क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी है क्योंकि खिलौने वाणिज्यिक कालिटी का नहीं था
b. यह एक सामान्य विक्रय था, जिसे पर 'क्रेता सावधान' का सिद्धांत लागू होता है एवं विक्रेता क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं है
c. यह नमूना द्वारा विक्रय था और प्लास्टिक का गुलेलनुमा खिलौना नमूने के अनुरूप था, इसलिए विक्रेता क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं है
d. विक्रया के बाद सामान का स्वामित्व क्रेता को अन्तरित हो गया था, इसलिए क्रेता की असावधानी के लिए विक्रेता को उत्तरदायी नहीं बनाया जा सकता है
135. A ने B को उधार पर माल बेचा और माल का परिदान क्रेता के पोत-परिवहन प्रतिनिधि को कर दिया, जिसने माल पोत पर लदवा दिया। बाद में माल की पुनः गाँठे बनाने (पैकिंग) के लिए माल विक्रेता को वापस कर दिया गया। माल अभी विक्रेता के कब्जे में ही था कि क्रेता दिवालिया हो गया। विक्रेता को मूल्य का भुगतान नहीं हुआ था, इसलिए उसने माल वापस करने के लिए मना कर दिया। निम्न विकल्पों का परीक्षण कर सही उत्तर दीजिये।
a. क्योंकि क्रेता दिवालिया हो गया और वह मूल्य का भुगतान करने में असमर्थ है, इसलिए वह विक्रेता से माल देने के लिए वाद नहीं कर सकता है
b. क्योंकि विक्रेता का अभी भी भुगतान नहीं हुआ है और माल उसके कब्जे में है, उसका माल पर धारणाधिकार है और इसलिए वह माल को रोकने का अधिकार रखता है
c. यद्यपि क्रेता दिवालिया हो गया है लेकिन विक्रेता का भी माल पर धारणाधिकार समाप्त हो गया है और माल का स्वामी क्रेता है
d. विक्रेता माल का पुनः विक्रय करेगा और विक्रय मूल्य में से अपना आरम्भिक मूल्य काटकर शेष मूल्य क्रेता को लौटा देगा
136. परक्राम्य लिखत में परक्राम्यता का विशिष्ट तत्त्व पक्षकार का अपने आचरण द्वारा न कि दूसरे के आचरण द्वारा सम्पत्ति का अर्जन है, जैसे कि यदि तुम सम्पत्ति सद्भावपूर्वक तथा मूल्य के लिए लेते हो, तो कोई व्यक्ति तुम्हें इससे वंचित नहीं कर सकता है। इस प्रतिपादन की प्रामाणिकता निम्न में से किसमें है?
a. व्हिस्लर बनाम फोर्स्टर
b. राफल बनाम बैंक ऑफ इंग्लैण्ड
c. कार्लोस बनाम फैनकोर्ट
d. रॉबर्ट्स बनाम पीके
137. विधि की अपेक्षा है कि परक्राम्य लिखत का प्रत्येक पक्षकार संविदा की विधि के अनुसार संविदा करने में समर्थ हो। जब कोई अवयस्क लिखत का लेखीवाल या रचयिता या पृष्ठांकन करने वाले के रूप में पक्षकार होता है, तो निम्न में से कौन-सा सही होगा?
a. पूर्ण लिखत शून्य है और सभी पक्षकार अपने दायित्व से मुक्त हैं
b. लिखत शून्यकरणीय है एवं प्रत्येक पक्षकार को यह अधिकार है कि वह इसे शून्य घोषित करा दे
c. लिखत वैध है और अवयस्क सहित सभी पक्षकार लिखत के अन्तर्गत उत्तरदायी हैं
d. लिखत पर अवयस्क उत्तरदायी नहीं है परन्तु यह अन्य सभी पक्षकारों पर बन्धनकारी है
138. जब किसी लिखत के पृष्ठांकन की अपेक्षा है और इसे पृष्ठांकित कर दिया गया है, तब इस पर दायित्व निर्मित करने का नियम का नियम निम्न में से कौन-सा है?
a. प्रत्येक पृष्ठांकन करने वाला अपने बाद के सभी पक्षकारों के प्रति दायित्वाधीन है
b. केवल प्रथम पृष्ठांकन करने वाला, न कि उसके बाद के पृष्ठांकन करने वाले, सभी पक्षकारों के प्रति उत्तरदायी होंगे
c. यदि कोई पृष्ठांकन करने वाला लिखत की वास्तविकता/सत्यता को मना करता है, तो वह अपने दायित्व से मुक्त हो सकता है
d. यदि कोई पृष्ठांकन करने वाला यह प्रकट करता है कि उसके द्वारा प्राप्त करने से पहले ही लिखत को बदल दिया गया था, तो वह अपने दायित्व से मुक्त होगा
139. निम्न में से कौन-सा विकल्प सही नहीं है?
एक विनिमय-पत्र भुगतान के लिए उपस्थापित करने से पहले स्वीकृति के लिए उपस्थापित किया जा सकता है। स्वीकृति के लिए उपस्थापन केवल तभी आवश्यक है, जबकि-
a. पत्र दर्शनार्थ के बाद निर्धारित समय में भुगतान योग्य है
b. पत्र स्पष्ट रूप से अनुबन्ध करता है कि भुगतान के लिए उपस्थापित करने से पहले यही स्वीकृति के लिए उपस्थापित किया जायेगा
c. पत्र व्यापार के स्थान या निवास के अलावा अन्य स्थान पर भुगतान योग्य है
d. पत्र को स्वीकृति के लिए उपस्थापित करने में लेखीवाल एवं ऊपरवाल (अदाकर्ता) दोनों का सामूहिक हित है
140. जब चेक का धारक बैंक से यह सूचना प्राप्त करता है कि चेक अनादित हो गया है, तो उसे…………… चेक के लेखीवाल को पैसे के भुगतान के लिए लिखित में सूचना देकर माँग करनी चाहिये।
a. पन्द्रह दिन की अवधि के अन्दर
b. तीन दिन की अवधि के अन्दर
c. इक्कीस दिन की अवधि के अन्दर
d. पैंतालीस दिन की अवधि के अन्दर
141. एक लघु कम्पनी वह है, जिसका व्यापरावर्त उसके अंतिम/गत लाभ-हानि लेखे के अनुसार……….. से अधिक न हो या ऐसी उच्च राशि हो, जो विहित की गयी है लेकिन…………. से अधिक न हो।
a. रु. 2 करोड़, रु. 10 करोड़
b. रु. 2 करोड़, रु. 50 करोड़
c. रु. 2 करोड़, रु. 20 करोड़
d. रु. 5 करोड़, रु. 50 करोड़
142. निष्क्रिय कम्पनी का अर्थ वह कम्पनी है, जो कोई व्यापार नहीं कर रही है या जिसने अपना वित्तीय विवरण एवं वार्षिक विवरण …………… दाखिल नहीं किया है।
a. पिछले तीन वित्तीय वर्षों से
b. पिछले दो वित्तीय वर्षों से
c. पिछले चार वित्तीय वर्षों से
d. पिछले पाँच वित्तीय वर्षों से
143. कम्पनी अधिनियम, 2013 में प्रावधान किया गया है कि सूचीकृत कम्पनियों में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति आज्ञासूचक है एवं ऐसे स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति की जायेगी।
a. कम्पनी विधि बोर्ड द्वारा दी द्वारा दी गयी सूची में
b. विधि एवं कम्पनी मामलात मंत्रालय द्वारा दी गयी व्यक्तियों की सूची से
c. इसी उद्देश्य के लिए अनुरक्षित डाटा बैंक से
d. कम्पनी के अंशधारकों द्वारा मनोनीत व्यक्तियों की सूची से
144. कम्पनी से सामाजिक दायित्व (सी. एस. आर.) की आज्ञासूचक कर्मण्यता का प्रावधान करके कम्पनी अधिनियम, 2013 ने असाधारण कार्य किया है। आज्ञासूचक सी.एस.आर. नियमों को मानने के लिए कम्पनी का दायित्व तभी है, जब
a. कम्पनी की शुद्ध आस्ति 1,000 करोड़ या इससे अधिक भारतीय राष्ट्रीय रुपया (आई. एन. आर.) हो
b. कम्पनी का व्यापारावर्त 1,000 करोड़ या इससे अधिक भारतीय राष्ट्रीय रुपया हो
c. किसी भी वित्तीय वर्ष में कम्पनी का शुद्ध लाभ 50 करोड़ या इससे अधिक भारतीय राष्ट्रीय रुपया हो
d. कम्पनी की प्रदत्त अंश पूँजी 200 करोड़ या इससे अधिक भारतीय राष्ट्रीय रुपया हो
145. राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपीली अधिकरण में न्यायिक एवं तकनीकी सदस्य होते हैं। इसका अध्यक्ष्या उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, जो वर्तमान में हो या रहा हो, होता है। राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपीली अधिकरण (एन. सी. एल. ए. टी.) में अधिकतम सदस्यों की संख्या होती है।
a. ग्यारह
b. नौ
c. तेरह
d. सात
146. A, B और C इच्छाधीन भागीदारी के लिए करार करते हैं। भागीदारी विलेख में निम्न प्रावधान रखे गये हैं। निम्न प्रावधानों का विश्लेषण कर बताइये कि विलेख का कौन-सा प्रावधान इच्छाधीन भागीदारी से असंत है।
a. कि उत्तरजीवी भागीदार को मृतक भागीदार का अंश नियत मूल्य पर खरीदने का विकल्प होगा
b. कि भागीदारों के मध्य विवाद, यदि हों, माध्यस्थम को सौंपे जायेंगे
c. कि प्रत्येक भागीदार को यह अधिकार होगा कि वह अपना वारिस मनोनीत कर सके
d. कि यदि कोई भागीदार भागीदारी से निवृत होना चाहे, तो निवृत्ति से पहले निश्चित नियत अवधि की सूचना देनी होगी
147. विवक्षित अधिकार के प्रत्येक भागीदार अन्य भागीदारों को अपने कार्यों से सभी मामलों में, जो भागीदारी के उद्देश्यों एवं परिधि में आते हैं, बाँधता है। एक सामान्य व्यापारिक प्रकृति की भागीदारी में निम्न में से कौन-सा कार्य भागीदारों के विवक्षित अधिकार में नहीं आता है?
a. कि प्रत्येक भागीदार भागीदारी की सम्पत्ति को गिरवी रखने या बेचने का कार्य कर सकेगा
b. कि कोई भी भागीदार फर्म के विरुद्ध वाद में कोई भी दायित्व स्वीकार कर सकेगा
c. कि प्रत्येक भागीदार भागीदारी के खाते में धन उधार ले सकेगा
d. कि प्रत्येक भागीदार भागीदारी व्यापार के लिए नौकर नियुक्त कर सकेगा
148. यदि कोई व्यक्ति, अपने पर लागू विधि के अधीन अवयस्क है, भागीदारी के लाभ में प्रवेशित हो जाता है, तो यह दावा किया जाता है कि
a. फर्म की सम्पत्ति में उसका अंश फर्म के ऋणों के लिए उत्तरदायी नहीं है
b. वह भागीदारों के विरुद्ध खाता दिखाने के लिए वाद ला सकता है
c. वह वयस्क होने के बाद भी कुछ समय तक अवयस्कता का लाभ ले सकता है
d. वह फर्म के लाभ में अपने अंश के भुगतान के लिए भागदारों पर वाद ला सकता है
149. जब कोई भागीदार दिवालिया हो जाता है, तो फर्म में भागीदार के रूप में उसका अन्त हो जाता है, ऐसा
a. उस तारीख को होता है जब वह अपने आप को दिवालिया घोषित करता है
b. उस तारीख को होता है जब उसकी अन्य भागीदारों से उसे दिवालिया घोषित करने पर सहमति होती है
c. उस तारीख को होता है जब शेष भागीदारों द्वारा भागीदार के दिवालियापन को सार्वजनिक रूप से विज्ञापित किया जाता है
d. उस तारीख को होता है जब न्याय निर्णयन का आदेश होता है
150. A, B एवं C भागीदारी के लिए एक करार करते हैं, जिसमें C सुप्त भागीदार रहता है। यह पाया जाता है कि C का B की पत्न से व्यभिचारी सम्बन्ध है। कार्यवाही की कौन-सी दिशा सही होगी?
a. B आग्रह करता है कि इस आधार पर फर्म समाप्त कर दी जाये और इसके लिए वह अपनी कार्यवाही करता है
b. A, C को फर्म से निकाल देने की सलाह देता है और B से फर्म का व्यापार जारी रखने का आग्रह करता है
c. C अपने कर्म के लिए पश्चात्ताप करता है और आग्रह करता है कि फर्म को समाप्त ना किया जाय, बल्कि वह फर्म का घाटा, जो भी हुआ हो, उसकी पूर्ति करेगा
d. A फर्म की समाप्ति का विरोध विरोध करता है कि यह विघटन के लिए उचित आधार नहीं है और सलाह देता है कि व्यापार को नये सिरे से जारी रखा जाय