धारा 24 से 27 अध्याय 6 बालक के कथनों को अभिलिखित करने के लिए प्रक्रिया

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

अध्याय 6

बालक के कथनों को अभिलिखित करने के लिए प्रक्रिया

24. बालक के कथन को अभिलिखित किया जाना -

(1) बालक के कथन को, बालक के निवास पर या ऐसे स्थान पर जहां वह साधारणतया निवास करता है या उसकी पसंद के स्थान पर और यथासाध्य, उप-निरीक्षक की पंक्ति से अन्यून किसी महिला पुलिस अधिकारी द्वारा अभिलिखित किया जाएगा।

(2) बालक के कथन को अभिलिखित किए जाते समय पुलिस अधिकारी वर्दी में नहीं होगा।

(3) अन्वेषण करने वाला पुलिस अधिकारी, बालक की परीक्षा करते समय यह सुनिश्चित करेगा कि बालक किसी भी समय पर अभियुक्त के किसी भी प्रकार से संपर्क में न आए।

(4) किसी बालक को किसी भी कारण से रात्रि में किसी पुलिस स्टेशन में निरुद्ध नहीं किया जाएगा।

(5) पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बालक की पहचान पब्लिक मीडिया से तब तक संरक्षित की है जब तक कि बालक के हित में विशेष न्यायालय द्वारा अन्यथा निदेशित न किया गया हो ।

25. मजिस्ट्रेट द्वारा बालक के कथन का अभिलेखन –

(1) यदि बालक का कथन, दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( 1974 का 2) (जिसे इसमें इसके पश्चात् संहिता कहा गया है) की धारा 164 के अधीन अभिलिखित किया जाता है तो उसमें अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसे कथन को अभिलिखित करने वाला मजिस्ट्रेट, बालक द्वारा बोले गए अनुसार कथन को अभिलिखित करेगा :

परंतु संहिता की धारा 164 की उपधारा (1) के प्रथम पंरतुक में अंतर्विष्ट उपबंध, जहां तक वह अभियुक्त के अधिवक्ता की उपस्थिति अनुज्ञात करता है, इस मामले में लागू नहीं होगा ।

(2) मजिस्ट्रेट, उस संहिता की धारा 173 के अधीन पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट फाइल किए जाने पर बालक और उसके माता-पिता या उसके प्रतिनिधि को संहिता की धारा 207 के अधीन विनिर्दिष्ट दस्तावेज की एक प्रति प्रदान करेगा।

26. अभिलिखित किए जाने वाले कथन के संबंध में अतिरिक्त उपबंध -

(1) यथास्थिति, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी, बालक के माता-पिता या ऐसे किसी अन्य व्यक्ति, जिसमें बालक का भरोसा या विश्वास है, उपस्थिति में बालक द्वारा बोले गए अनुसार कथन अभिलिखित करेगा।

(2) जहां आवश्यक है, वहां यथास्थिति, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी, बालक का कथन अभिलिखित करते समय किसी अनुवादक या किसी दुभाषिए की, जो ऐसी अर्हताएं, अनुभव रखता हो और ऐसी फीस के संदाय पर जो विहित की जाए, सहायता ले सकेगा।

(3) यथास्थिति, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी किसी बालक का कथन अभिलिखित करने के लिए मानसिक या शारीरिक निःशक्तता वाले बालक के मामले में किसी विशेष शिक्षक या बालक से संपर्क की रीति से सुपरिचित किसी व्यक्ति या उस क्षेत्र में किसी विशेषज्ञ की, जो ऐसी अर्हताएं, अनुभव रखता हो और ऐसी फीस के संदाय पर जो विहित की जाए की सहायता ले सकेगा।

(4) जहां संभव है, वहां, यथास्थिति, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि बालक का कथन श्रव्य-दृश्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से भी अभिलिखित किया जाए।

27. बालक की चिकित्सीय परीक्षा -

(1) उस बालक की चिकित्सीय परीक्षा, जिसके संबंध में इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया है, इस बात के होते हुए भी कि इस अधिनियम के अधीन अपराधों के लिए कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट या परिवाद रजिस्ट्रीकृत नहीं किया गया है, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 164क के अनुसार की जाएगी।

(2) यदि पीड़ित कोई बालिका है तो चिकित्सीय परीक्षा किसी महिला डॉक्टर द्वारा की जाएगी।

(3) चिकित्सीय परीक्षा बालक के माता-पिता या किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति में की जाएगी जिसमें बालक भरोसा या विश्वास रखता हो ।

(4) जहां उपधारा (3) में निर्दिष्ट बालक के माता-पिता या अन्य व्यक्ति, बालक की चिकित्सीय परीक्षा के दौरान किसी कारण से उपस्थित नहीं हो सकता है तो चिकित्सीय परीक्षा, चिकित्सा संस्था के प्रमुख द्वारा नामनिर्दिष्ट किसी महिला की उपस्थिति में की जाएगी।

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