धारा 19 से 23 अध्याय 5 मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रक्रिया

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

अध्याय 5

मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रक्रिया

19. अपराधों की रिपोर्ट करना -

(1) दंड प्रक्रिया संहिता 1973 ( 1974 का 2) में किसी बात के होते हुए भी कोई व्यक्ति (जिसके अंतर्गत बालक भी है) जिसको यह आशंका है कि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किए जाने की संभावना है या यह जानकारी रखता है कि ऐसा कोई अपराध किया गया है, वह निम्नलिखित को ऐसी जानकारी उपलब्ध कराएगा :-

(क) विशेष किशोर पुलिस यूनिट या

(ख) स्थानीय पुलिस ।

(2) उपधारा (1) के अधीन दी गई प्रत्येक रिपोर्ट में

(क) एक प्रविष्टि संख्या अंकित होगी और लेखबद्ध की जाएगी;

(ख) सूचना देने वाले को पढ़कर सुनाई जाएगी;

(ग) पुलिस यूनिट द्वारा रखी जाने वाली पुस्तिका में प्रविष्ट की जाएगी।

(3) जहां उपधारा (1) के अधीन रिपोर्ट बालक द्वारा दी गई है, उसे उपधारा (2) के अधीन सरल भाषा में अभिलिखित किया जाएगा जिससे बालक अभिलिखित की जा रही अंतर्वस्तुओं को समझ सके ।

(4) यदि बालक द्वारा नहीं समझी जाने वाली भाषा में अंतर्वस्तु अभिलिखित की जा रही है या बालक यदि वह उसको समझने में असफल रहता है तो कोई अनुवादक या कोई दुभाषिया जो ऐसी अर्हताएं, अनुभव रखता हो और ऐसी फीस के संदाय पर जो विहित की जाए, जब कभी आवश्यक समझा जाए, उपलब्ध कराया जाएगा।

(5) जहां विशेष किशोर पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस का यह समाधान हो जाता है कि उस बालक को, जिसके विरुद्ध कोई अपराध किया गया है, देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता है तब रिपोर्ट के चौबीस घंटे के भीतर कारणों को लेखबद्ध करने के पश्चात् उसको यथाविहित ऐसी देखरेख और संरक्षण में (जिसके अंतर्गत बालक को संरक्षण गृह या निकटतम अस्पताल में भर्ती किया जाना भी है) रखने की तुरन्त व्यवस्था करेगी।

(6) विशेष किशोर पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस अनावश्यक विलंब के बिना किन्तु चौबीस घंटे की अवधि के भीतर मामले को बालक कल्याण समिति और विशेष न्यायालय या जहां कोई विशेष न्यायालय पदाभिहित नहीं किया गया है वहां सेशन न्यायालय को रिपोर्ट करेगी, जिसके अंतर्गत बालक की देखभाल और संरक्षण के लिए आवश्यकता और इस संबंध में किए गए उपाय भी हैं।

(7) उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए सद्भावपूर्वक दी गई जानकारी के लिए किसी व्यक्ति द्वारा सिविल या दांडिक कोई दायित्व उपगत नहीं होगा ।

20. मामले को रिपोर्ट करने के लिए मीडिया स्टूडियो और फोटो चित्रण सुविधाओं की बाध्यता -

मीडिया या होटल या लॉज या अस्पताल या क्लब या स्टूडियो या फोटो चित्रण संबंधी सुविधाओं का कोई कार्मिक, चाहे जिस नाम से ज्ञात हो, उनमें नियोजित व्यक्तियों की संख्या को दृष्टि में लाए बिना किसी ऐसी सामग्री या वस्तु की किसी माध्यम से, जो किसी बालक के लैंगिक शोषण संबंधी है, (जिसके अंतर्गत अश्लील साहित्य, लिंग संबंधी या बालक या बालकों का अश्लील प्रदर्शन करना भी है), यथास्थिति, विशेष किशोर पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस को ऐसी जानकारी उपलब्ध कराएगा।

21. मामले की रिपोर्ट करने या अभिलिखित करने में विफल रहने के लिए दंड

(1) कोई व्यक्ति जो धारा 19 की उपधारा (1) या धारा 20 के अधीन किसी अपराध के किए जाने की रिपोर्ट करने में विफल रहेगा या जो धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन ऐसे अपराध को अभिलिखित करने में विफल रहेगा, वह किसी भी भांति के कारावास से, जो छह मास तक का हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

(2) किसी कंपनी या किसी संस्था (चाहे जिस नाम से ज्ञात हो) का भारसाधक कोई व्यक्ति जो अपने नियंत्रणाधीन किसी अधीनस्थ के संबंध में धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन किसी अपराध के किए जाने की रिपोर्ट करने में विफल रहेगा, वह ऐसी अवधि के कारावास से, जो एक वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।

(3) उपधारा (1) के उपबंध इस अधिनियम के अधीन किसी बालक को लागू नहीं होंगे ।

22. मिथ्या परिवाद या मिथ्या सूचना के लिए दंड -

( 1 ) कोई व्यक्ति जो धारा 3, धारा 5, धारा 7 और धारा 9 के अधीन किए गए किसी अपराध के संबंध में किसी व्यक्ति के विरुद्ध उसको अपमानित करने, उद्दापित करने या धमकाने या उसकी मानहानि करने के एकमात्र आशय से मिथ्या परिवाद करेगा या मिथ्या सूचना उपलब्ध कराएगा, वह ऐसे कारावास से, जो छह मास तक का हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

(2) जहां किसी बालक द्वारा कोई मिथ्या परिवाद किया गया है या मिथ्या सूचना उपलब्ध कराई गई है, वहां ऐसे बालक पर कोई दंड अधिरोपित नहीं किया जाएगा।

(3) जो कोई, बालक नहीं होते हुए, किसी बालक के विरुद्ध कोई मिथ्या परिवाद करेगा या मिथ्या सूचना उसको मिथ्या जानते हुए उपलब्ध कराएगा जिसके द्वारा ऐसा बालक इस अधिनियम के अधीन किन्हीं अपराधों के लिए उत्पीड़ित हो, वह ऐसे कारावास से, जो एक वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा।

23. मीडिया के लिए प्रक्रिया -

(1) कोई व्यक्ति, किसी भी प्रकार के मीडिया या स्टूडियो या फोटो चित्रण संबंधी सुविधाओं से, कोई पूर्ण या अधिप्रमाणित सूचना रखे बिना किसी बालक के संबंध में कोई ऐसी रिपोर्ट नहीं करेगा या उस पर कोई ऐसी टीका- टिप्पणी नहीं करेगा जिससे उसकी ख्याति का हनन या उसकी निजता का अतिलंघन होना प्रभावित होता हो ।

(2) किसी मीडिया में कोई रिपोर्ट, बालक की पहचान को, जिसके अंतर्गत उसका नाम, पता, फोटोचित्र, परिवार के ब्यौरे, विद्यालय, पड़ोस या कोई ऐसी अन्य विशिष्टियां भी हैं, जिनसे बालक की पहचान का प्रकटन होता हो, प्रकट नहीं करेगी

परन्तु ऐसे कारणों से जो अभिलिखित किए जाएंगे, अधिनियम के अधीन मामले का विचारण करने के लिए सक्षम विशेष न्यायालय ऐसे प्रकटन के लिए अनुज्ञात कर सकेगा यदि उसकी राय में ऐसा प्रकटन, बालक के हित में है ।

(3) मीडिया या स्टूडियो या फोटो चित्रण संबंधी सुविधाओं का कोई प्रकाशक या स्वामी, संयुक्त रूप से और पृथक् रूप से अपने कर्मचारी के कार्यों और लोपों के लिए दायित्वाधीन होगा ।

(4) कोई व्यक्ति जो उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंधों का उल्लंघन करेगा, किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास से कम की नहीं होगी किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किए जाने के लिए दायी होगा ।

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