जो कोई किसी बालक का मीडिया के ( जिसमें टेलीविजन चैनलों या इंटरनेट या कोई अन्य इलेक्ट्रानिक प्ररूप या मुद्रित प्ररूप द्वारा प्रसारित कार्यक्रम या विज्ञापन चाहे ऐसे कार्यक्रम या विज्ञापन का आशय व्यक्तिगत उपयोग या वितरण के लिए हो या नहीं, सम्मिलित हैं) किसी प्ररूप में ऐसे लैंगिक परितोषण के प्रयोजनों के लिए उपयोग करता है, जिसमें निम्नलिखित सम्मिलित हैं
(क) किसी बालक की जननेंद्रियों का प्रतिदर्शन करना;
(ख) किसी बालक का उपयोग वास्तविक या नकली लैंगिक कार्यों में (प्रवेशन के साथ या उसके बिना) करना;
(ग) किसी बालक का अशोभनीय या अश्लीलतापूर्ण प्रतिदर्शन करना, वह किसी बालक का अश्लील प्रयोजनों के लिए उपयोग करने के अपराध का दोषी होगा।
इस धारा के प्रयोजनों के लिए "किसी बालक का उपयोग" पद में अश्लील सामग्री को तैयार उत्पादन, प्रस्थापन, पारेषण, प्रकाशन, सुकर और वितरण करने के लिए मुद्रण, इलेक्ट्रानिक, कम्प्यूटर या किसी अन्य तकनीक के किसी माध्यम से किसी बालक को अंतर्वलित करना सम्मिलित है।
(1) जो कोई अश्लील प्रयोजनों के लिए किसी बालक या बालकों का उपयोग करेगा, वह ऐसे कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम की नहीं होगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी दायी होगा तथा दूसरे या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि की दशा में, ऐसे कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष से कम की नहीं होगी, दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी दायी होगा ।
(2) जो कोई उपधारा (1) के अधीन अश्लील प्रयोजनों के लिए किसी बालक या बालकों का उपयोग करके ऐसे अश्लील कृत्यों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर धारा 3 या धारा 5 या धारा 7 या धारा 9 में निर्दिष्ट कोई अपराध करेगा, वह उक्त अपराधों के लिए उपधारा (1) में उपबंधित दंड के अतिरिक्त क्रमशः धारा 4 धारा 6 धारा 8 और धारा 10 के अधीन भी दंडित किया जाएगा ।]
(1. 2019 के अधिनियम सं. 25 की धारा 7 द्वारा धारा 14 (16-8-2019 से) प्रतिस्थापित। धारा 14 प्रतिस्थापन से पूर्व निम्न थी-
"14. अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक के उपयोग के लिए बंड (1) जो कोई, अश्लील प्रयोजनों के लिए किसी बालक या बालकों का उपयोग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा तथा दूसरे या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि की दशा में, वह दोनों में से किसी भाति के कारावास से जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
(2) यदि अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग करने वाला व्यक्ति धारा 3 में निर्दिष्ट किसी अपराध को, अश्लील कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर करेगा, वह किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दस वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
(3) यदि अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग करने वाला व्यक्ति धारा 5 में निर्दिष्ट किसी अपराध को, अश्लील कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर, करेगा, वह कठोर आजीवन कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
(4) यदि अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग करने वाला व्यक्ति धारा 7 में निर्दिष्ट किसी अपराध को, अश्लील कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर करेगा, वह किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि छह वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जो आठ वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।
(5) यदि अश्लील प्रयोजनों के लिए बालक का उपयोग करने वाला व्यक्ति धारा 9 में निर्दिष्ट किसी अपराध को, अश्लील कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर करेगा, वह किसी भाति के कारावास से जिसकी अवधि आठ वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, दडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।" )
(1) कोई भी व्यक्ति, जो बालक संबंधी अश्लील सामग्री को साझा या पारेषित करने के आशय से किसी बालक को संलिप्त करने वाली अश्लील सामग्री का किसी भी रूप में भंडारकरण करता है या रखता है, किंतु उसे मिटाने या नष्ट करने या ऐसे अभिहित प्राधिकारी को जो विहित किया जाए, रिपोर्ट करने में असफल रहता है. वह पांच हजार रूपए से अन्यून के जुर्माने से और दूसरे या पश्चात्वर्ती अपराध की दशा में ऐसे जुर्माने से, जो दस हजार रूपए से कम का नहीं होगा, दायी होगा ।
(2) कोई भी व्यक्ति, जो किसी बालक को संलिप्त करने वाली अश्लील सामग्री का रिपोर्टिंग के ऐसे प्रयोजन के सिवाय, जो विहित किया जाए, या न्यायालय में उसका साक्ष्य के रूप में उपयोग करने के सिवाय किसी भी समय किसी भी रीति में पारेषण या प्रदर्शन या प्रचार या वितरण करता है, वह किसी भी भांति के कारावास से, जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) कोई भी व्यक्ति, जो किसी बालक को सम्मिलित करने वाली अश्लील सामग्री का किसी भी रूप में वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए भंडारकरण करता है या रखता है. वह पहली दोषसिद्धि पर किसी भी भांति के कारावास से, जो तीन वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु जो पांच वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा और दूसरी और पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि की दशा में किसी भी भांति के कारावास से, जो पांच वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु जो सात वर्ष तक का हो सकेगा से दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
(1. 2019 के अधिनियम सं. 25 की धारा 8 द्वारा धारा 15 (16-8-2019 से) प्रतिस्थापित।
धारा 15 प्रतिस्थापन से पूर्व निम्न थी- "15. बालक को सम्मिलित करने वाले अश्लील सामग्री के भंडारकरण के लिए दंड- कोई व्यक्ति जो वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए बालक को सम्मिलित करते हुए किसी अश्लील सामग्री का किसी भी रूप में भंडारकरण करेगा, वह किसी भांति के कारावास से, जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जाएगा। )