Hindi Medium One Liner Notes · उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 वन-लाइनर नोट्स
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 वन-लाइनर नोट्स
19 min read
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 (THE UTTAR PRADESH PROHIBITION OF UNLAWFUL CONVERSION OF RELIGION ACT, 2021) | |
[ उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 3, 2021] [U. P. ACT No. 3 of 2021] | |
| इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? | उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 |
| उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम भारत गणराज्य के किस वर्ष में बनाया गया? | बहत्तरवें वर्ष में |
| राज्यपाल महोदय ने कब उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 को अनुमति प्रदान की? | 4 मार्च, 2021 |
| उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 राज्यपाल की अनुमति के बाद किस दिनांक को प्रकाशित हुआ? | 5 मार्च 2021 |
| भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अधीन राज्यपाल महोदय ने इस अधिनियम को अनुमति प्रदान की- | अनुच्छेद 200
|
| उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम किस उद्देश्य से अधिनियमित किया गया है? | दुर्व्यपदेशन, बल, असम्यक असर, प्रपीड़न, प्रलोभन, कपट या विवाह द्वारा धर्म संपरिवर्तन का प्रतिषेध करने और उससे सम्बंधित या आनुषंगिक विषयों का उपबन्ध करने के लिए |
| उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार धर्म संपरिवर्तन का आशय है— | एक धर्म को त्याग कर दूसरे धर्म को स्वीकार करना |
| बल द्वारा कराया गया धर्म संपरिवर्तन किस श्रेणी में आता है? | विधि विरुद्ध |
| यह सिद्ध करने का दायित्व कि धर्म संपरिवर्तन विधि विरुद्ध नहीं है, किस पर होगा? | धर्म परिवर्तन कराने वाले व्यक्ति पर |
| संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ, (Short title, extent and commencement) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 1 |
| उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम का विस्तार किस क्षेत्र तक है? | सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में |
| उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम किस दिनांक से प्रवृत्त हुआ माना जाएगा? | 27 नवम्बर, 2020 |
| परिभाषा, (Definition) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2 |
| "प्रलोभन" (Allurement) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(क) |
| “प्रलोभन” का तात्पर्य किससे है? | नकद या वस्तु के रूप में किसी उपहार, परितोषण, सुलभधन या भौतिक लाभ; रोजगार, किसी धार्मिक निकाय द्वारा संचालित प्रतिष्ठित विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा; या बेहतर जीवन शैली, दैवी अप्रसाद या अन्यथा के रूप में प्रलोभित करने के प्रस्ताव से है और उसमें वे सम्मिलित हैं, |
| नकद या वस्तु के रूप में उपहार देना किसकी श्रेणी में आता है? | प्रलोभन |
| भौतिक लाभ का प्रस्ताव देना किस परिभाषा में सम्मिलित है? | प्रलोभन |
| रोजगार देने का आश्वासन देकर धर्म संपरिवर्तन कराना किस श्रेणी में आएगा? | प्रलोभन |
| किसी धार्मिक निकाय द्वारा संचालित प्रतिष्ठित विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा देना किसका उदाहरण है? | प्रलोभन |
| निःशुल्क शिक्षा का प्रस्ताव किस उद्देश्य से दिया जाए तो वह “प्रलोभन” माना जाएगा? | धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से |
| बेहतर जीवन शैली का आश्वासन देना किसका भाग है? | प्रलोभन |
| “दैवी अप्रसाद” का भय दिखाकर किया गया प्रस्ताव किस श्रेणी में आएगा? | प्रलोभन |
| "प्रपीड़न" (Coercion) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ख) |
| “प्रपीड़न” का मूल तात्पर्य किससे है? | मनोवैज्ञानिक दबाव या भौतिक बल प्रयोग द्वारा किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरूद्ध कार्य करने के लिए बाध्य करने से है. जिसमें शारीरिक क्षति या धमकी सम्मिलित है |
| प्रपीड़न में किसे कार्य करने के लिए बाध्य किया जाता है? | किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध |
| शारीरिक क्षति पहुँचाना किसका अंग है? | प्रपीड़न |
| शारीरिक क्षति की धमकी देना किस श्रेणी में आएगा? | प्रपीड़न |
| यदि किसी व्यक्ति को भय दिखाकर कोई कार्य कराया जाए, तो वह क्या कहलाएगा? | प्रपीड़न |
| यदि किसी व्यक्ति पर लगातार मानसिक दबाव डालकर उसे विरोध करने की स्थिति में न रखा जाए, तो वह क्या माना जाएगा? | प्रपीड़न |
| “धर्म संपरिवर्तन’’ (Conversion) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ग) |
| “धर्म संपरिवर्तन” का तात्पर्य क्या है? | किसी व्यक्ति द्वारा स्वधर्म का त्याग करने और अन्य धर्म को ग्रहण करने से है |
| धर्म संपरिवर्तन के लिए आवश्यक तत्व क्या है? | स्वधर्म का त्याग ,अन्य धर्म को ग्रहण करना ,दोनों उपर्युक्त |
| यदि कोई व्यक्ति बिना स्वधर्म त्यागे किसी अन्य धर्म की प्रथा अपनाता है, तो क्या वह धर्म संपरिवर्तन होगा? | नहीं |
| धर्म संपरिवर्तन केवल स्वेच्छा से किया जाना चाहिए या बाध्यता से भी किया जा सकता है? | केवल स्वेच्छा से |
| "बल" (Force) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(घ) |
| “बल” क्या है? | धर्म संपरिवर्तित या धर्म संपरिवर्तित होने हेतु इप्सित व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति या सम्पत्ति के लिये बल प्रदर्शित करना या किसी प्रकार की क्षति की धमकी देना सम्मिलित है; |
| इस अधिनियम में “बल” किससे संबंधित है? | किसी व्यक्ति या उसकी सम्पत्ति के लिए जबरदस्ती या क्षति की धमकी |
| किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना किस श्रेणी में आता है? | बल |
| बल का उद्देश्य क्या हो सकता है? | धर्म संपरिवर्तन करवाना, संपत्ति पर अधिकार जताना, दोनों उपर्युक्त |
| यदि किसी व्यक्ति को या उसकी संपत्ति को क्षति पहुँचाने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन कराया जाए, तो वह क्या होगा? | अवैध धर्म संपरिवर्तन |
| बल और प्रपीड़न में मुख्य अंतर क्या है? | बल में प्रत्यक्ष या धमकी द्वारा शक्ति का प्रयोग, प्रपीड़न में मनोवैज्ञानिक दबाव या भौतिक बल |
| यदि कोई व्यक्ति या उसकी संपत्ति के लिए बल प्रदर्शित किया जाए, तो इसका परिणाम क्या होगा? | धर्म परिवर्तन अवैध माना जाएगा |
| "कपटपूर्ण साधन" (Fraudulent Means) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ङ) |
| “कपटपूर्ण साधन” का तात्पर्य क्या है? | किसी प्रकार का प्रतिरूपण, मिथ्या नाम, उपनाम, धार्मिक प्रतीक या अन्यथा द्वारा प्रतिरूपण किया जाना सम्मिलित है; |
| यदि किसी व्यक्ति को धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाए, तो यह किस श्रेणी में आएगा? | कपटपूर्ण साधन |
| कपटपूर्ण साधन का उद्देश्य क्या हो सकता है? | किसी व्यक्ति को भ्रमित करना या धर्म परिवर्तन करवाना |
| यदि कोई व्यक्ति अपने असली नाम को बदलकर या धार्मिक प्रतीक धारण करके किसी अन्य धर्म को अपनाने के लिए प्रेरित करता है, तो वह क्या होगा? | कपटपूर्ण साधन |
| यदि कोई व्यक्ति किसी धार्मिक प्रतीक का उपयोग करके धर्म परिवर्तन कराता है, तो वह क्या माना जाएगा? | कपटपूर्ण साधन |
| "सामूहिक धर्म संपरिवर्तन" (Mass Conversion) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(च) |
| “सामूहिक धर्म संपरिवर्तन” का तात्पर्य क्या है? | दो या दो से अधिक व्यक्तियों का धर्म संपरिवर्तन किया जाना |
| सामूहिक धर्म संपरिवर्तन के लिए न्यूनतम कितने व्यक्तियों का होना आवश्यक है? | दो |
| "अवयस्क" (Minor) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(छ) |
| इस अधिनियम में “अवयस्क” का तात्पर्य किससे है? | अठारह वर्ष से कम आयु का व्यक्ति |
| अवयस्क की आयु-सीमा क्या निर्धारित की गई है? | अठारह वर्ष |
| यदि किसी व्यक्ति की आयु सत्रह वर्ष है, तो वह इस अधिनियम के अनुसार क्या कहलाएगा? | अवयस्क |
| "धर्म" (Religion) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ज) |
| इस अधिनियम में “धर्म” का तात्पर्य किससे है? | भारत में या उसके किसी भाग में प्रचलित और तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या परम्परा के अधीन यथा परिभाषित पूजा पद्धति, आस्था, विश्वास, पूजा या जीवन शैली की किसी संगठित प्रणाली से है; |
| “धर्म” की परिभाषा में कौन-सा तत्व अनिवार्य है? | संगठित प्रणाली |
| धर्म की परिभाषा के अनुसार वह किसके अधीन परिभाषित होना चाहिए? | प्रवृत्त विधि या परम्परा |
| धर्म की परिभाषा में जीवन शैली का उल्लेख क्यों किया गया है? | सामाजिक आचरण को शामिल करने के लिए |
| यदि कोई विश्वास संगठित प्रणाली के रूप में न हो, तो क्या वह इस अधिनियम के अंतर्गत धर्म कहलाएगा? | नहीं |
| "धर्म परिवर्तक" (Religion Convertor) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(झ) |
| इस अधिनियम में “धर्म परिवर्तक” से क्या अभिप्राय है? | किसी ऐसे धार्मिक व्यक्ति से है. जो एक धर्म से दूसरे धर्म में संपरिवर्तन का कोई कार्य सम्पादित करता है और जिसे किसी भी नाम से पुकारा जाय, यथा पादरी, कर्मकाण्डी, मौलवी या मुल्ला इत्यादि |
| “धर्म परिवर्तक” किस प्रकार का व्यक्ति हो सकता है? | कोई भी धार्मिक व्यक्ति |
| धर्म परिवर्तक का निर्धारण किससे होता है? | कार्य से |
| यदि कोई व्यक्ति धार्मिक अनुष्ठान कराता है, परंतु धर्म परिवर्तन नहीं कराता, तो वह क्या कहलाएगा? | धर्म परिवर्तक नहीं |
| धर्म परिवर्तक की परिभाषा में “किसी भी नाम से पुकारा जाय” का क्या आशय है? | पदनाम अप्रासंगिक है |
| "असम्यक असर’’ (Undue Influence) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ञ) |
| “असम्यक असर” का तात्पर्य किससे है? | ऐसे असर का प्रयोग करने वाले व्यक्ति की इच्छा के अनुसार कार्य करने हेतु अन्य व्यक्ति को प्रेरित करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति द्वारा अपनी शक्ति का अंतःकरण के विरूद्ध प्रयोग करने या अन्य व्यक्ति पर असर डालने से है |
| असम्यक असर में किस तत्व का प्रयोग किया जाता है? | पद, शक्ति या प्रभाव |
| यदि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रभावित किया जाए, तो यह किसका संकेत है? | असम्यक असर |
| असम्यक असर और बल में मुख्य अंतर क्या है? | बल में धमकी या शारीरिक शक्ति, असम्यक असर में प्रभाव या पद का दुरुपयोग |
| "विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन" (Unlawful Conversion) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ट) |
| इस अधिनियम के अनुसार “विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन” का तात्पर्य क्या है? | ऐसे किसी धर्म संपरिवर्तन से है, जो देश की विधि के अनुसार न हो। |
| यदि कोई धर्म संपरिवर्तन विधि के अनुसार किया गया हो, तो वह क्या होगा? | विधि सम्मत |
| दुर्व्यपदेशन, बल, कपट, असम्यक् असर, प्रपीड़न, प्रलोभन द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में संपरिवर्तन का प्रतिषेध, (Prohibition of Conversion from One Religion to Another Religion by Misrepresentation, Force, Fraud, Undue Influence, Coercion, Allurement) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 3 |
| धारा 3 के अनुसार कौन-सा धर्म संपरिवर्तन निषिद्ध है? | दुर्व्यपदेशन, बल, कपट, असम्यक असर, प्रपीड़न या प्रलोभन द्वारा किया गया धर्म संपरिवर्तन |
| धारा 3 के अंतर्गत कौन-सा कृत्य प्रतिबंधित है? | धर्म परिवर्तन का प्रयास करना |
| कोई व्यक्ति किस प्रकार से धर्म संपरिवर्तन नहीं कर सकता? | प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दोनों रूपों से |
| धारा 3 के अनुसार कौन-सा कार्य अपराध की श्रेणी में आता है? | षड्यन्त्र द्वारा धर्म संपरिवर्तन कराना |
| कौन-सा कार्य धारा 3 में स्पष्ट रूप से निषिद्ध है? | धर्म परिवर्तन के लिए उत्प्रेरित करना |
| धारा 3 के स्पष्टीकरण के अनुसार विवाह के माध्यम से किया गया धर्म संपरिवर्तन कब निषिद्ध माना जाएगा? | जब विवाह के द्वारा कारकों के आधार पर धर्म संपरिवर्तन किया जाए |
| विवाह या विवाह की प्रकृति के संबंध द्वारा किया गया कौन-सा धर्म संपरिवर्तन सम्मिलित माना गया है? | निषिद्ध कारकों के आधार पर किया गया |
| यदि कोई व्यक्ति षड्यन्त्र के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराता है, तो यह किस धारा के अंतर्गत निषिद्ध है? | धारा 3 |
| धारा 3 की उपधारा (2) के अनुसार किस स्थिति में धर्म संपरिवर्तन नहीं माना जाएगा? | ठीक पूर्व धर्म में लौटने पर |
| प्रथम सूचना रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सक्षम व्यक्ति, (Person Competent to Lodge First Information Report) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 4 |
| धारा 4 के अनुसार अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित सूचना कौन दे सकता है? | कोई भी व्यक्ति |
| धारा 4 में किस प्रकार की सूचना की बात की गई है? | अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन से संबंधित सूचना |
| धारा 4 के अनुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने की रीति किसके अनुसार होगी? | दंड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के अनुसार |
| भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का कौन-सा अध्याय प्रथम सूचना रिपोर्ट से संबंधित है? | दंड प्रक्रिया संहिता अध्याय 12 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता अध्याय 13) |
| यदि अधिनियम का उल्लंघन होता है, तो सूचना देने की विधि क्या होगी? | दंड प्रक्रिया संहिता अध्याय 12 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अध्याय 13 के अनुसार |
| धारा 3 के उपबंधों का उल्लंघन करने पर दण्ड, (Punishment for Contravention of Provisions of Section 3) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 5 |
| धारा 3 के उपबंधों का सामान्य उल्लंघन करने पर कारावास की अवधि क्या है? | तीन वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक हो सकेगी |
| धारा 3 के उपबंधों का सामान्य उल्लंघन करने पर जुर्माना कितना होगा? | पचास हजार रुपये |
| यदि अपराध अवयस्क, महिला, दिव्यांग, मानसिक रूप से दुर्बल या अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति के संबंध में किया गया हो, तो कारावास कितना होगा? | कठोर कारावास, जो पांच वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो चौदह वर्ष तक हो सकेगी |
| यदि अपराध अवयस्क, महिला, दिव्यांग, मानसिक रूप से दुर्बल या अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति के संबंध में किया गया हो तो जुर्माना कितना होगा? | एक लाख रुपये |
| सामूहिक धर्म संपरिवर्तन के मामले में कारावास कितना है? | कठोर कारावास जो सात वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो चौदह वर्ष तक हो सकेगी |
| सामूहिक धर्म संपरिवर्तन के लिए न्यूनतम जुर्माना कितना निर्धारित है? | एक लाख रुपये |
| विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन के सम्बन्ध में विदेशी या अवधिक संस्थाओं से धन लेने पर कारावास की अवधि क्या है? | कठोर कारावास, जो सात वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो चौदह वर्ष तक हो सकेगी |
| विदेशी या अवधिक संस्थाओं से धन लेने के अपराध में न्यूनतम जुर्माना कितना है? | दस लाख रुपये |
| यदि कोई जीवन या संपत्ति के लिए भय, हमला या बल प्रयोग करता है या विवाह या विवाह करने का वचन देता है या उसके लिए उत्प्रेरित करता है या षडयंत्र करता है या उन्हें प्रलोभन दकर किसी नाबालिक महिला या व्यक्ति की तस्करी करता है या अन्यथा उन्हें विक्रीत करता है या इस निमित्त दुष्प्रेरण, प्रयास अथवा षडयंत्र करता है, के मामलों में अधिकतम दण्ड क्या हो सकता है? | कठोर कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, जिसका तात्पर्य उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास से होगा, दंडित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा I |
| धारा 5(3) के अंतर्गत लगाया गया जुर्माना किसे प्रदान किया जाएगा? | पीड़ित को चिकित्सीय खर्चों को पूरा करने और पुनर्वास के लिए |
| न्यायालय द्वारा धर्म संपरिवर्तन के पीड़ित को दिया जाने वाला प्रतिकर कितना हो सकता है? | पांच लाख रुपये (जुर्माने के अतिरिक्त होगा) |
| यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत पुनः अपराध करता है, तो दण्ड कितना हो सकता है? | दो गुना तक दण्ड |
| विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन के एकमात्र प्रयोजन से किया गया विवाह या विपर्ययेन शून्य घोषित होगा, (Marriage done for Sole Purpose of Unlawful Conversion or Vice-Versa to be Declared Void) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 6 |
| धारा 6 के अनुसार किस उद्देश्य से किया गया विवाह शून्य घोषित होगा? | विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन के एकमात्र प्रयोजन से किया गया विवाह |
| धारा 6 के अंतर्गत किस स्थिति में विवाह शून्य घोषित किया जा सकता है? | विवाह के पूर्व या पश्चात् धर्म परिवर्तन कर विवाह किए जाने पर |
| धारा 6 के अनुसार विवाह शून्य घोषित करने का अधिकार किसे है? | कुटुम्ब न्यायालय |
| जहाँ कुटुम्ब न्यायालय स्थापित न हो, वहाँ विवाह को शून्य कौन घोषित करेगा? | सक्षम अधिकारिता वाला न्यायालय |
| धारा 6 के अंतर्गत याचिका कौन प्रस्तुत कर सकता है? | विवाह का कोई एक पक्षकार |
| यदि एक धर्म का पुरुष अन्य धर्म की महिला से विवाह के लिए स्वयं का धर्म परिवर्तित करता है, तो ऐसा विवाह किस स्थिति में शून्य होगा? | जब धर्म परिवर्तन विधि विरुद्ध हो |
| यदि विवाह के बाद महिला का धर्म परिवर्तन कराया जाए और उद्देश्य विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन हो, तो विवाह का क्या परिणाम होगा? | शून्य |
| धारा 6 के अनुसार विवाह शून्य घोषित होने का अर्थ क्या है? | विवाह प्रारंभ से ही अमान्य |
| धारा 6 में किन धाराओं के उपबन्ध ऐसे विवाहों पर लागू होंगे? | धारा 8 और 9 |
| अपराध गैर जमानतीय और संज्ञेय होंगे, (Offences to be Non-Bailable and Cognizable) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 7 |
| इस अधिनियम के अंतर्गत सभी अपराध किस प्रकृति के होंगे? | गैर जमानतीय और संज्ञेय |
| इस अधिनियम के अंतर्गत अपराधों का विचारण कौन-सा न्यायालय करेगा? | सत्र न्यायालय |
| धारा 7 में किस संहिता के होते हुए भी अपराधों को संज्ञेय और गैर जमानतीय घोषित किया गया है? | दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023) |
| इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध के अभियुक्त को जमानत कब नहीं दी जाएगी? | जब अभियुक्त अभिरक्षा में हो और शर्तें पूर्ण न हों |
| अभियुक्त को जमानत दिए जाने से पूर्व किसे अवसर देना अनिवार्य है? | लोक अभियोजक को |
| लोक अभियोजक को किस उद्देश्य से अवसर दिया जाना आवश्यक है? | जमानत आवेदन का विरोध करने हेतु |
| जमानत देने से पूर्व सत्र न्यायालय को किस तथ्य का समाधान होना चाहिए? | जमानत पर रहते हुए अभियुक्त द्वारा अपराध किया जाना संभाव्य न है |
| धर्म संपरिवर्तन के पूर्व घोषणा और धर्म संपरिवर्तन के सम्बंध में पूर्व रिपोर्ट, (Declaration before Conversion of Religion and Pre-Report about Conversion) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 8 |
| धर्म संपरिवर्तन करना चाहन वाले व्यक्ति को कितने दिवस पूर्व घोषणा करनी होगी? | साठ दिवस |
| धर्म संपरिवर्तन की घोषणा किसके समक्ष की जानी आवश्यक है? | जिला मजिस्ट्रेट या उनके द्वारा प्राधिकृत अपर जिला मजिस्ट्रेट |
| धर्म संपरिवर्तन की घोषणा किस अनुसूची के प्रपत्र में की जाएगी? | अनुसूची-एक |
| घोषणा में क्या आवश्यक है? | स्व-आधार पर एवं स्वतंत्र सहमति से धर्म संपरिवर्तन |
| धर्म संपरिवर्तन की घोषणा में किन साधनों के अभाव का उल्लेख अनिवार्य है? | बल, प्रपीड़न, असम्यक असर एवं प्रलोभन |
| धर्म परिवर्तक को धर्म संपरिवर्तन से संबंधित नोटिस कितने समय पूर्व देना होगा? | एक माह |
| धर्म परिवर्तक द्वारा दिया जाने वाला नोटिस किस अनुसूची में विहित है? | अनुसूची-दो |
| धर्म परिवर्तक नोटिस किस अधिकारी को देगा? | जिला मजिस्ट्रेट या उनके द्वारा नियुक्त अपर जिला मजिस्ट्रेट स्तर से अनिम्न अधिकारी |
| जिला मजिस्ट्रेट सूचना प्राप्त होने के पश्चात् क्या कार्य कराएगा? | पुलिस के माध्यम से जांच |
| जांच किस विषय से संबंधित होगी? | प्रस्तावित धर्म संपरिवर्तन का वास्तविक आशय, प्रयोजन और कारण |
| धारा 8 उपधारा (1) या (2) का उल्लंघन होने पर धर्म संपरिवर्तन का क्या प्रभाव होगा? | अवैध एवं शून्य हो जाएगा |
| धारा 8 उपधारा (1) का उल्लंघन करने पर कारावास कितना है? | कारावास से जो छः माह से कम नहीं होगी किन्तु जो तीन वर्ष तक हो सकेगी |
| धारा 8 उपधारा (1) के उल्लंघन पर जुर्माना कितना है? | दस हजार रूपये |
| धारा 8 उपधारा (2) का उल्लंघन करने पर कारावास कितना है? | कारावास से जो एक वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो पांच वर्ष तक हो सकेगी |
| धारा 8 उपधारा (2) के उल्लंघन पर न्यूनतम जुर्माना कितना है? | पच्चीस हजार रुपये |
| पश्च धर्म संपरिवर्तन की घोषणा, (Declaration Post Conversion of Religion) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 9 |
| धर्म संपरिवर्तित व्यक्ति को पश्च घोषणा किस अनुसूची के प्रपत्र में करनी होगी? | अनुसूची-तीन |
| धर्म संपरिवर्तन के पश्चात् घोषणा कितने दिवस के भीतर की जानी चाहिए? | साठ दिवस |
| पश्च धर्म संपरिवर्तन की घोषणा किस अधिकारी को भेजी जाएगी? | उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट को जहाँ व्यक्ति सामान्यतः निवास करता है |
| जिला मजिस्ट्रेट को घोषणा की प्रति कहाँ प्रदर्शित करनी होगी? | कार्यालय के सूचना पट्ट पर |
| घोषणा की प्रति कितने समय तक सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाएगी? | पुष्टि किये जाने के दिनांक तक |
| घोषणा में किस पते का उल्लेख आवश्यक है? | स्थायी पता एवं वर्तमान निवास स्थान दोनों |
| घोषणा में किसका नाम उल्लिखित किया जाना आवश्यक है? | पिता या पति का नाम |
| घोषणा में किस-किस धर्म का उल्लेख किया जाएगा? | मूल धर्म तथा परिवर्तित धर्म दोनों |
| घोषणा में क्या सम्मिलित होना अनिवार्य है? | धर्म संपरिवर्तन का दिनांक एवं स्थान |
| धर्म संपरिवर्तित व्यक्ति को घोषणा दाखिल करने के बाद कितने दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित होना होगा? | इक्कीस दिन |
| यदि आपत्तियाँ संज्ञान में लाई जाती हैं तो जिला मजिस्ट्रेट क्या अभिलिखित कर सकता है? | नाम, आपत्ति की विशिष्टियाँ और आपत्ति की प्रकृति |
| घोषणा की सत्यापित प्रति किसे उपलब्ध करायी जाएगी? | घोषणा देने वाले पक्षकार को |
| सत्यापित प्रति किसे उसके अनुरोध पर दी जा सकती है? | प्राधिकृत विधिक प्रतिनिधि को |
| उपधारा (1) से (4) का उल्लंघन होने पर धर्म संपरिवर्तन का क्या प्रभाव होगा? | अवैध एवं शून्य हो जाएगा |
| पश्च धर्म संपरिवर्तन की घोषणा का पालन न करने पर परिणाम किस प्रकृति का है? | संपरिवर्तन को शून्य घोषित करने वाला |
| किसी संस्था या संगठन द्वारा अधिनियम के उपबन्धों का अतिक्रमण किये जाने पर दण्ड, (Punishment for Violation of Provisions of Act by an Institution or Organization) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 10 |
| धारा 10 किस स्थिति में लागू होती है? | संस्था या संगठन द्वारा अधिनियम के उपबंधों का अतिक्रमण करने पर |
| संस्था द्वारा उल्लंघन होने पर दण्ड का उत्तरदायित्व किस पर होगा? | संस्था के मामलों का प्रभारी व्यक्ति या व्यक्तिगण |
| संस्था के प्रभारी व्यक्ति को किस धारा के अधीन दण्डित किया जाएगा? | धारा 5 |
| संस्था या संगठन का रजिस्ट्रीकरण किस आधार पर रद्द किया जा सकता है? | जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कृत निर्देश |
| रजिस्ट्रीकरण रद्द करने की शक्ति किसके पास होगी? | सक्षम प्राधिकारी |
| संस्था का रजिस्ट्रीकरण किस विधि के अधीन रद्द किया जा सकता है? | तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन |
| धारा 10(2) के अनुसार राज्य सरकार क्या नहीं करेगी? | वित्तीय सहायता या अनुदान प्रदान |
| वित्तीय सहायता या अनुदान न देने का निर्णय कौन लेता है? | राज्य सरकार |
| धारा 10(2) किस संस्था पर लागू होती है? | अधिनियम का अतिक्रमण करने वाली संस्था या संगठन पर |
| संस्था द्वारा अपराध होने पर दण्ड किस प्रकृति का होगा? | धारा 5 के अनुसार दाण्डिक |
| धारा 10 के अंतर्गत कार्यवाही का प्रारम्भ किस आधार पर होगा? | अधिनियम के उपबंधों का अतिक्रमण |
| अपराध के पक्षकार, (Parties to Offence) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 11 |
| धारा 11 के अनुसार अपराध में कौन सहभागी होगा? | केवल वह व्यक्ति जो अपराध करता है, वह व्यक्ति जो अपराध करने में सक्षम बनाता या सहायता करता है, वह व्यक्ति जो अन्य को दुष्प्रेरित या परामर्श देता है |
| धारा 11 के अंतर्गत किसी व्यक्ति को अपराध का दोषी मानने के लिए क्या आवश्यक है? | मानो उसने वास्तव में अपराध किया हो |
| कौन अपराध को संरचित करने वाले कृत्य को करता है? | वास्तव में अपराध करने वाला व्यक्ति |
| कौन अपराध कारित करने में सक्षम बनाने या सहायता देने के प्रयोजन से कोई कृत्य करता/करती है? | वह व्यक्ति जो अपराध में सहायता या प्रेरणा देता है |
| कौन अपराध करने में अन्य व्यक्ति की सहायता करता/करती है या उसे दुष्प्रेरित करता/करती है? | सहायक या प्रेरक व्यक्ति |
| कौन अपराध करने के लिए परामर्श देता, विश्वास दिलाता या उपाप्त करता है? | कोई व्यक्ति जो अपराध में अन्य को मार्गदर्शन या प्रेरणा देता है |
| धारा 11 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अपराध में सहभागी सभी व्यक्तियों को दोषी मानना |
| धारा 11 में “सहभागी” की परिभाषा में कौन-सा तत्व शामिल है? | प्रत्यक्ष कृत्य, सहायता या प्रेरणा, परामर्श और विश्वास दिलाना |
| धारा 11 के अनुसार कौन व्यक्ति अपराध का दोषी नहीं माना जाएगा? | केवल दर्शक या अप्रभावित व्यक्ति |
| अपराध के पक्षकार को किस प्रकार आरोपित किया जाएगा? | मानो उसने स्वयं अपराध किया हो |
| सबूत का भार, (Burden of Proof) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 12 |
| किस तथ्य के सबूत का भार धारा 12 में निर्धारित किया गया है? | धर्म संपरिवर्तन दुर्व्यपदेशन, बल, असम्यक असर, प्रपीड़न, प्रलोभन या कपटपूर्ण साधन से प्रभावित नहीं है |
| धारा 12 के अनुसार सबूत का भार सामान्यतः किस पर होगा? | जिसने धर्म संपरिवर्तन कराया है, उस व्यक्ति पर |
| यदि धर्म संपरिवर्तन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सुकर बनाया गया हो, तो सबूत का भार किस पर होगा? | उस अन्य व्यक्ति पर जिसने धर्म संपरिवर्तन सुकर बनाया हो |
| धारा 12 में किन साधनों को अपवर्जित किया गया है जिनसे धर्म संपरिवर्तन प्रभावित नहीं होना चाहिए? | बल और प्रपीड़न, प्रलोभन और कपटपूर्ण साधन, दुर्व्यपदेशन और असम्यक असर |
| धारा 12 के अनुसार धर्म संपरिवर्तन किस माध्यम से प्रभावित नहीं होना चाहिए? | विवाह द्वारा, बल या कपट द्वारा, प्रलोभन द्वारा, उपरोक्त सभी से नहीं |
| “सबूत का भार” से क्या अभिप्राय है? | किसी तथ्य को सिद्ध करने का दायित्व |
| धारा 12 किस सिद्धान्त को अपवाद स्वरूप स्थापित करती है? | सामान्य आपराधिक विधि में अभियोजन पर सबूत का भार |
| यदि कोई व्यक्ति यह सिद्ध नहीं कर पाता कि धर्म संपरिवर्तन अवैध साधनों से प्रभावित नहीं था, तो परिणाम क्या हो सकता है? | विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन मानने का आधार बनेगा |
| धारा 12 का प्रत्यक्ष संबंध किन धाराओं से है? | धारा 3 और 5 |
| धारा 12 के अनुसार सबूत का भार स्थानांतरित होने की स्थिति कब उत्पन्न होती है? | जब धर्म संपरिवर्तन कराया गया हो या सुकर बनाया गया हो |
| कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति, (Power to Remove Difficulties) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 13 |
| अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कठिनाई उत्पन्न होने पर किसे आदेश जारी करने की शक्ति है? | राज्य सरकार |
| धारा 13 के अंतर्गत आदेश किस माध्यम से किया जाता है? | सरकारी गजट में प्रकाशित आदेश द्वारा |
| राज्य सरकार द्वारा किया गया आदेश किस शर्त के अधीन होना चाहिए? | अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हो |
| धारा 13 के अंतर्गत आदेश किस उद्देश्य से किया जा सकता है? | कठिनाई को दूर करने के लिए |
| धारा 13 के अनुसार आदेश कब तक किया जा सकता है? | अधिनियम के प्रारम्भ से दो वर्ष तक |
| अधिनियम के प्रारम्भ के कितने समय पश्चात धारा 13 के अंतर्गत कोई आदेश नहीं किया जा सकता? | दो वर्ष |
| धारा 13(1) के अंतर्गत आदेश करने की शक्ति किस प्रकार की है? | सीमित अवधि की |
| धारा 13 के अंतर्गत किया गया प्रत्येक आदेश किसके समक्ष रखा जाना आवश्यक है? | राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों |
| धारा 13 का प्रावधान किस प्रकार का है? | सक्षमकारी |
| धारा 13 के अंतर्गत आदेश का संसदीय/विधायी नियंत्रण किस रूप में है? | विधान मण्डल के समक्ष प्रस्तुतीकरण |
| नियम बनाने की शक्ति, (Power to Make Rules) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 14 |
| धारा 14 के अंतर्गत नियम बनाने की शक्ति किसे प्रदान की गई है? | राज्य सरकार |
| निरसन और व्यावृत्ति, (Repeal and Saving) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 15 |
| धारा 15(1) के अनुसार किस विधिक दस्तावेज को निरसित किया गया है? | उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 |
| धारा 15 के अंतर्गत पूर्व अध्यादेश को निरसित करने का अधिकार किसके माध्यम से लागू होता है? | विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम |
