Hindi Medium One Liner Notes · बीएनएसएस (BNSS) वन-लाइनर नोट्स
बीएनएसएस (BNSS) वन-लाइनर नोट्स
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भारतीयनागरिकसुरक्षासंहिता,2023 | |
(2023 काअधिनियमसंख्या 46) | |
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अध्याय 1 | |
प्रारंभिक (Preliminary) | |
इस अधिनियम का संक्षिप्त क्या नाम है? | भारतीयनागरिकसुरक्षासंहिता, 2023 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का अधिनियम क्रमांक (Act no.) क्या है? | 2023 का 46 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता को राष्ट्रपतिकीस्वीकृतिकबप्राप्तहुई? | 25 दिसंबर, 2023 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 विधेयक लोकसभा में कब पारित किया गया? | 20-12-2023 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 विधेयक राज्यसभा में कब पारित किया गया? | 21-12-2023 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के लागूहोनेकीतिथि क्या है? | 1 जुलाई, 2024 |
भारतीय न्याय संहिता में कितनी धाराएं और कितने अध्याय है? | 531 धाराएं, 39 अध्याय |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता,2023 के अध्याय 9,11 और 12 सेसंबंधितप्रावधानोंकोछोड़कर, शेषप्रावधानकिसमेंलागूनहींहोगें? | क. नागालैंडराज्यको; जनजातिक्षेत्रोंको, |
किस धारा में परिभाषाएँ वर्णित की गई हैं? | धारा2मे |
श्रव्यदृश्य (Audio-video)इलेक्ट्रॉनिक को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(क) |
वीडियोकांफ्रेंसिंगकेप्रयोजनोंकेलिए, पहचानकीआदेशिकाओंकोअभिलिखितकरना, तलाशी और अभिग्रहण या साक्ष्य, इलैक्ट्रानिकसंसूचनाकापारेषण और ऐसे अन्य प्रयोजनों के लिए किसी संसूचना युक्ति का प्रयोग और ऐसे अन्य साधन हैं, जिसे राज्य सरकार नियमों द्वारा उपबंधित करे, ऐसे साधन क्या कहलाते है? | श्रव्यदृश्यइलेक्ट्रॉनिक (Audio-video electronic) |
जमानत(Bail) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1) (ख) |
किसीअधिकारीयान्यायालयद्वारा अधिरोपित कतिपय शर्तों पर किसी अपराध के कारित किए जाने के अभियुक्त या संदिग्धव्यक्ति द्वारा किसी बंधपत्र या जमानतपत्र के निष्पादन पर विधि की अभिरक्षा से ऐसे व्यक्ति का छोड़ा जाना क्या कहलाता है? | जमानत (Bail) |
जमानतीयअपराध(Bailable offence) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(ग) |
जमानतीयअपराध (Bailable offence) का क्या अर्थ है? | जोप्रथमअनुसूचीमेंजमानतीयकेरूपमेंदिखायागयाहैया तत्समयप्रवृत्तकिसीअन्यविधिद्वाराजमानतीयबनायागयाहैऔर “अजमानतीयअपराध” सेकोईअन्यअपराधअभिप्रेतहै; |
जमानतपत्र (Bail bond) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(घ) |
जमानतपत्र (Bail bond) का क्या अर्थ है? | प्रतिभूतिकेसाथछोड़ेजानेकेलिएकोईवचनबंधअभिप्रेतहै |
बंधपत्र(Bond) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(ड़) |
बंधपत्र(Bond) का क्या अर्थ है? | प्रतिभूतिकेबिनाछोड़ेजानेकेलिएकोईवैयक्तिकबंधपत्रयावचनबंधअभिप्रेतहै |
आरोप(Charge) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(च) |
आरोप(Charge) का क्या अर्थ है? | जबआरोपमेंएकसेअधिकशीर्षहों, आरोपकाकोईभीशीर्षहै |
संज्ञेयअपराध(Cognizable offence) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(छ) |
संज्ञेयअपराध(Cognizable offence) का क्या अर्थ है? | जिसमें, कोईपुलिसअधिकारी प्रथमअनुसूचीकेया तत्समयप्रवृत्तकिसीअन्यविधिकेअनुसारवारण्टकेबिनागिरफ्तारकरसकताहै |
परिवाद(Complaint) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(ज) |
परिवाद(Complaint) किससेसम्बन्धित हो सकता है? | किसीसंज्ञेययाकिसीअसंज्ञेयअपराधसे |
क्या परिवादअज्ञातव्यक्तिकेविरुद्ध भी किया जा सकता हैं? | हां |
परिवाद किस प्रकार किया जा सकता है? | यातोलिखितयामौखिक |
परिवाद मेंशामिलनहींकियागयाहै? | पुलिसरिपोर्टको |
किसी भी परिवाद का सर्वाधिक आवश्यक तत्व क्या है- | कोईकार्यवाहीकिएजानेकेदृष्टिकोणसेकिएगएकिसीअपराधकाआरोप |
इस संहिता के अधीन मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई किए जाने की दृष्टि से मौखिकयालिखित रूप में उससे किया गया यह अभिकथन कि किसी व्यक्ति ने, चाहे वह ज्ञातहोयाअज्ञात, अपराध किया है, किंतु इसमें पुलिस रिपोर्ट सम्मिलित नहीं है,क्या कहलाता है? | परिवाद (Complaint) |
ऐसी रिपोर्ट जो पुलिसअधिकारी द्वारा किसी मामले में, अन्वेषणकेपश्चात्किसीअसंज्ञेयअपराधकाकियाजानाप्रकट करती है, ऐसी रिपोर्ट क्या समझी जाएगी? | परिवाद (Complaint) स्पष्टीकरणधारा 2(1)(ज) |
इलैक्ट्रानिकसंसूचना (Electronic communication) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(झ) |
उच्चन्यायालय (High court) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(ञ) |
जांच (Inquiry) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(ट) |
जाँचकिसकेद्वारा संपन्न की जाती है? | मजिस्ट्रेटअथवान्यायालयद्वारा |
विचारणसेभिन्न, जो इस संहिता के अधीन किसी मजिस्ट्रेट या न्यायालय द्वारा की जाए,क्याहै? | जांच |
अन्वेषण (Investigation) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(ठ) |
अन्वेषणकिसकेद्वारा संपन्न किया जाता है? | केवलपुलिसद्वारा |
अन्वेषण(Investigation) का क्या उद्देश्य है? | आरोपीकेविरूद्धसाक्ष्यएकत्रितकरना |
न्यायिककार्यवाही(judicial proceding)कोकिसधारामेंपरिभाषितकियागयाहै? | धारा2(1) (ड.) |
ऐसी कोई भी कार्यवाही, जिसके दौरान शपथ पर साक्ष्य एकत्रित किए जाते हैं, को क्या कहा जाता है? | न्यायिककार्यवाही |
किसी माध्यस्थ के समक्ष सुनवाई क्या एक न्यायिक कार्यवाही है? | नहीं |
स्थानीयअधिकारिता(local jurisdiction) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(ढ) |
असंज्ञेयअपराध (Noncognizable offence) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा2(1)(ण) |
किसी असंज्ञेयअपराध के मामले में पुलिस के पास क्या अधिकार नहीं है-
| वारंटकेबिनाअभियुक्तकोगिरफ्तारकरनेका |
किसी असंज्ञेयअपराध के अन्वेषण हेतु अनुमति किसके द्वारा प्रदान की जा सकती है? | वादकेविचारणकाक्षेत्राधिकाररखनेवालेमजिस्ट्रेटद्वारा |
क्या अन्वेषणस्वयंमजिस्ट्रेटद्वारा संपन्न किया जा सकता है? | हां |
अपराध (Offence) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(थ) |
असंज्ञेयअपराध(Noncognizable offence) की प्रकृति होती है- | जमानतीयएवंसाधारण |
जो तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा दण्डनीय बनाया गया है और इसके अंतर्गत कोई ऐसा कार्य भी है जिसके संबंध में पशुअतिचारअधिनियम, 1871 कीधारा20 केअधीन कोई परिवाद किया जा सकेगा, वह कहलाता है? | अपराध |
पुलिसथानेकाभारसाधकअधिकारी (Officer in charge of a police station) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(द) |
स्थान(Place) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(ध) |
गृह, भवन, तम्बू, यानऔरजलयान क्या हैं? | स्थान |
पुलिसरिपोर्ट (Police report) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(न) |
पुलिसरिपोर्ट (Police report) पुलिस अधिकारी के द्वारा मजिस्ट्रेट को किस धारा अंतर्गत भेजी जाती है? | धारा193 |
पुलिसथाना (Police station) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(प) |
लोकअभियोजक (Public prosecutor) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(फ) |
धारा18 केअधीन नियुक्त कोई व्यक्ति क्या है? | लोकअभियोजक |
लोकअभियोजककेनिदेशोंकेअधीन कार्य करने वाला कोई व्यक्ति क्या है? | लोकअभियोजक |
उपखण्ड (Subdivision) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(ब) |
समन- मामले (Summon case) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(भ) |
समन-मामलेकाअर्थहै, अपराधसेसंबंधितहै ऐसा मामला जो दण्डनीय है- | दोवर्षसेअनधिककीअवधिकेकारावाससे |
पीड़ित(Victim) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(म) |
पीड़ितमें कौन शामिल है? | जिसेकोईक्षतिकरितहुईहै, उसकासंरक्षक, उसकाविधिकउत्तराधिकारी |
वारंटमामले (Warrant case) को किस धारा में परिभाषित किया गया है? | धारा 2(1)(य) |
दो वर्ष से अधिक के कारावास के साथ दंडनीय किसी अपराध का सम्बन्ध किससेहै | वारंटमामलासे |
वारंट मामले से आशय ऐसे मामले से होता है जिसमें- | ऐसाअपराधजुड़ाहोजो मृत्युदंड, आजीवनकारावासअथवा दोवर्षसेअधिककेकारावास से दंडनीयहो |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अधीन सभी अपराधों का अन्वेषण, जांच, विचारणऔरउनकेसंबंधमेंअन्यकार्यवाहीकाप्रावधान किस धारा में है? | धारा4 |
अध्याय 2 | |
दंडन्यायालयोंऔरकार्यालयोंकागठन (Constitution Of Criminal Courts and Offices) | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 धारा 6 क्या उपबंधित करती है? | दंडन्यायालयोंऔरकार्यालयोंकागठन (Classes of Criminal Courts) |
दंडन्यायालयोंऔरकार्यालयोंकागठन से संबंधित प्रावधानकिसअध्यायमेंदिएगयेहै | अध्याय2 |
उच्चन्यायालयों और इस संहिता से भिन्न किसी विधि के अधीन गठितन्यायालयोंकेअतिरिक्त, प्रत्येक राज्य में किन वर्गों के दंड न्यायालय होंगे? | सेशनन्यायालय; प्रथमवर्गन्यायिकमजिस्ट्रेट; द्वितीयवर्गन्यायिकमजिस्ट्रेट; और कार्यपालकमजिस्ट्रेट | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 प्रावधानों के अनुसार सेशनन्यायालय, प्रथमवर्गन्यायिकमजिस्ट्रेटऔरकार्यपालकमजिस्ट्रेट क्या है? | दंडन्यायालय |
सबसे बड़ा आपराधिकमामलोंकान्यायालय कौन सा है? | उच्चन्यायालय |
धारा7(3)केअंतर्गतजिलोंकाविभाजनसत्रों में किसके द्वारा किया जाएगा? | उच्चन्यायालयसेपरामर्शकेबादराज्यसरकार |
सत्रन्यायालयऔरउसकेन्यायाधीशोंकीनियुक्ति का प्रावधान किस धारा में है? | धारा8 |
धारा8केअंतर्गतसत्रन्यायालयकीस्थापना किसके द्वारा की जाएगी? | राज्यसरकार |
प्रत्येकसत्रन्यायालयकेन्यायाधीशोंकीनियुक्ति किसके द्वारा की जाएगी? | उच्चन्यायालय |
अतिरिक्तसत्रन्यायाधीशऔरसहायकसत्रन्यायाधीशकीनियुक्ति न्यायालय द्वारा की जाएगी। | उच्चन्यायालय |
सत्रन्यायालयकीबैठक कहा होगी? | जैसाकिउच्चन्यायालयअधिसूचनाद्वारानिर्दिष्टकरसकताहै |
एकन्यायाधीशतथामजिस्ट्रेटकेअधिकारोंएवंकर्तव्योंकाउपयोगअथवानिर्वहन किसके द्वारा किया जा सकता है? | कार्यालयमेंउसकेअनुवर्तीद्वारा |
मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट की नियुक्ति कौन करेगा? | उच्चन्यायालय |
न्यायिकमजिस्ट्रेटोंन्यायालय (Court of judicial magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा9 |
न्यायिकमजिस्ट्रेटन्यायालय किसके द्वारा स्थापित की जाएंगी? | उच्चन्यायालयसेपरामर्शकेबादराज्यसरकार |
प्रथमश्रेणीयाद्वितीयश्रेणीकेन्यायिकमजिस्ट्रेटकेविशेषन्यायालयोंकीस्थापना किसके द्वारा की जाएगी | राज्यसरकारनेउच्चन्यायालयसेपरामर्शकेबाद, |
न्यायिकमजिस्ट्रेटकीस्थानीयअधिकारिता किसके द्वारा नियंत्रित की जाती है? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
उच्चन्यायालय, प्रथमश्रेणीयाद्वितीयश्रेणीकेन्यायिकमजिस्ट्रेटकीशक्तियां कब प्रदान कर सकता है। | राज्यकीन्यायिकसेवाओंकाकोईभीसदस्यजोसिविलन्यायालयमेंन्यायाधीशकेरूपमेंकार्यकररहाहो। |
किसी भी जिले में न्यायिकमजिस्ट्रेटन्यायालयोंकीसंख्या किसके द्वारा निर्धारित की जाती है? | राज्यसरकार
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मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेटऔरअपरमुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट, आदि(Chief Judicial Magistrate and Additional Chief Judicial Magistrate, etc.) किस धारा से संबंधित है? | धारा10 |
प्रत्येक जिले में किसीप्रथमवर्गन्यायिकमजिस्ट्रेटकोमुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेटनियुक्त कौन करेगा। | उच्चन्यायालय |
विशेषन्यायिकमजिस्ट्रेट(Special judicial magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा11 |
विशेषन्यायिकमजिस्ट्रेटकीनियुक्ति किसके द्वारा की जाएगी? | उच्चन्यायालय, यदिकेन्द्रयाराज्यसरकारद्वाराअनुरोधकियाजाए |
विशेषन्यायिकमजिस्ट्रेटकीनियुक्तिएकनिश्चितअवधिकेलिएकीजाएगी। | एकसमयमेंएकवर्षसेअधिकनहीं |
न्यायिकमजिस्ट्रेटोंकी स्थानीयअधिकारिता (Local Jurisdiction of Judicial Magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा12 |
न्यायिकमजिस्ट्रेटोंकास्थनीयक्षेत्राधिकार किसके द्वारा निश्चित किया जाएगा? | उच्चन्यायालयकेनियंत्रणकेअधीन, मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
न्यायिकमजिस्ट्रेटोंकाअधीनस्थहोना (Subordination of Judicial Magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा13 |
प्रत्येक मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट किसके के अधीनस्थ होगा? | सेशनन्यायाधीश |
कार्यपालकमजिस्ट्रेट (Executive Magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा 14 |
कार्यपालकमजिस्ट्रेटनियुक्त कौन कर सकेगा? | राज्यसरकार |
विशेषकार्यपालकमजिस्ट्रेट (Special Executive Magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा15 |
विशेषकार्यपालकमजिस्ट्रेटकेरूपमें नियुक्त की जाएगी? | कार्यपालकमजिस्ट्रेटयाऐसेकिसीपुलिसअधिकारीको, जोपुलिसअधीक्षककीपंक्तिसेनीचेकानहो |
कार्यपालकमजिस्ट्रेटोंकीस्थानीयअधिकारिता (Local jurisdiction of Executive Magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा16 |
कार्यपालकमजिस्ट्रेटोंकास्थनीयक्षेत्राधिकार किसके द्वारा निश्चित किया जाएगा? | जिलामजिस्ट्रेटकेनियंत्रणकेअधीनराज्यसरकारका |
कार्यपालकमजिस्ट्रेटोंकाअधीनस्थहोना (Subordination of Executive Magistrates) किस धारा से संबंधित है? | धारा17 |
धारा17केअनुसारसभीकार्यपालकमजिस्ट्रेट, किसके अधीनस्थ होंगे? | जिलाअधिकारी |
किसी उपखंड में शक्तियों का प्रयोग करने वाला प्रत्येक कार्यपालकमजिस्ट्रेट (उपखंडमजिस्ट्रेटसेभिन्न), किसके अधीनस्थ होगा? | जिलामजिस्ट्रेटकेसाधारणनियंत्रणकेअधीनरहतेहुए,उपखंडमजिस्ट्रेट |
कौन समय-समय पर अपने अधीनस्थ कार्यपालक मजिस्ट्रेटों के बीच कार्य के वितरण या आबंटन के बारे में इस संहिता से संगत नियम बना सकेगा या विशेष आदेश दे सकेगा? | जिलामजिस्ट्रेट |
लोकअभियोजक (Public Prosecutors) की नियुक्ति किस धारा से संबंधित है? | धारा18 |
लोकअभियोजक नियुक्त कौन कर सकेगा? | केन्द्रसरकारयाराज्यसरकारउच्चन्यायालयसेपरामर्शकेबाद |
धारा18 के अंतर्गत प्रत्येक जिले के लिए लोक अभियोजक तथा जिले के लिए एक या एक से अधिक अपर लोक अभियोजक नियुक्त कौन कर सकेगा? | राज्यसरकार |
धारा18(4) के अनुसार, जिलेकेलिएलोकअभियोजकयाअतिरिक्तलोकअभियोजककेरूपमेंनियुक्तकिएजानेकेलिएउपयुक्तव्यक्तियोंकापैनल कौन तैयार करेगा। | जिलामजिस्ट्रेट, सत्रन्यायाधीशकेपरामर्शसे |
धारा18(7) के अनुसार, कोई व्यक्ति लोक अभियोजक या अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र कब होगा? | केवलतभीजबवहकमसेकमसातवर्षोंसेअधिवक्ताकेरूपमेंविधिव्यवसायकररहाहो |
धारा18(8) के अनुसार, कोई व्यक्ति विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र कब होगा? | केवलतभीजबवहकमसेकमदसवर्षोंसेअधिवक्ताकेरूपमेंविधिव्यवसायकररहाहो |
विशेषलोकअभियोजक नियुक्त कौन कर सकेगा? | केन्द्रसरकारयाराज्यसरकार |
सहायकलोकअभियोजक (Assistant Public Prosecutors) की नियुक्ति किस धारा से संबंधित है? | धारा19 |
सहायकलोकअभियोजक नियुक्त कौन कर सकेगा? | राज्यसरकार |
जहां कोई सहायक लोक अभियोजक किसी विशिष्ट मामले के प्रयोजनों के लिए उपलब्ध नहीं है……किसी अन्य व्यक्ति को उस मामले का भारसाधक सहायक लोक अभियोजक कौन नियुक्त कर सकता है? | जिलामजिस्ट्रेट |
धारा19(2) के अनुसार मजिस्ट्रेट न्यायालय में किसी मामले या मामलों के वर्ग के लिए सहायक लोक अभियोजकों की नियुक्ति कौन कर सकता है? | केन्द्रसरकार |
धारा19(3) के अनुसार जहांकोईसहायकलोकअभियोजकउपलब्धनहींहै, वहां किसी अन्य व्यक्ति को सहायक लोक अभियोजक कौन नियुक्त कर सकता है? | जिलामजिस्ट्रेट |
अभियोजननिदेशालय (Directorate of Prosecution) की स्थापना और नियुक्ति किस धारा से संबंधित है? | धारा20 |
अभियोजननिदेशालय(Directorate of Prosecution) की स्थापना कौन करेगा? | राज्यसरकार राज्यमेंएकअभियोजननिदेशालयस्थापितकरसकेगी, जिसमेंएकअभियोजननिदेशकऔरउतनेअभियोजनउपनिदेशकहोसकेंगे, जैसावहठीकसमझे |
धारा20(2)(क) के अनुसार, अभियोजन निदेशक या अभियोजन उप-निदेशक के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र कब होगा? | केवलतभीजबवहअधिवक्ताकेरूप में कमसेकमपंद्रहवर्षसेअधिवक्ताकेरूपमेंविधिव्यवसायकररहा है,सेशनन्यायाधीशहैयारहाहै |
धारा20(2)(ख) के अनुसार, अभियोजन सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र कब होगा? | केवलतभीजबवहअधिवक्ताकेरूपमेंकमसेकमसातवर्षतकव्यवसायमेंरहाहोयाप्रथमवर्गमजिस्ट्रेटरहाहो |
अभियोजननिदेशालयकेप्रमुखनिदेशकप्रशासनिक किसके नियंत्रण के अधीन कृत्य करेगा? | राज्यमेंगृहविभागकेप्रशासनिकनियंत्रणकेअधीन |
कब एक पुलिसअधिकारी को लोकअभियोजकनियुक्त किया जा सकता है? | जबवहनिरीक्षककीश्रेणीसेनीचेकानहोतथाउसअन्वेषणकाहिस्सानरहाहो |
अध्याय 3 | |
न्यायालयोंकीशक्ति (Power Of Courts) | |
न्यायालय, जिनकेद्वाराअपराधविचारणीयहैं, (Courts by which offences are triable) किस धारा से संबंधित है? | धारा21 |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अधीन किसी अपराध का विचारण किन न्यायालयो के द्वारा किया जा सकेगा? | उच्चन्यायालय; या सेशनन्यायालय; या किसीअन्यन्यायालय, जिसकेद्वाराऐसेअपराधकाविचारणीयहोनाप्रथमअनुसूचीमेंदर्शायागयाहै: |
धारा21(ख) के प्रावधानों के अनुसार, किसीअन्यकानूनकेअधीनकोईअपराधजबकोईन्यायालयऐसाउल्लेखितनहो, तब उसका विचारण किन न्यायालयो द्वारा किया जा सकेगा? | उच्चन्यायालय; या कोईअन्यन्यायालय, जिसकेद्वाराऐसेअपराधकाविचारणीयहोनाप्रथमअनुसूचीमेंदर्शायागयाहै |
उच्चन्यायालयऔरसत्रन्यायाधीशद्वारा पारित किये जाने वाले दण्ड (Sentences which High Courts and Sessions Judges may pass) किस धारा से संबंधित है? | धारा22 |
उच्चन्यायालय कौन से दण्ड पारित कर सकता है? | विधिद्वाराप्राधिकृतकोईभीदंडादेश |
सेशन न्यायाधीश विधि द्वारा प्राधिकृत कोई भी दंडादेश दे सकेगा, किंतु ऐसे किसी न्यायाधीश द्वारा दिया गया मृत्यु दंडादेश, किसके द्वारा पुष्ट किया जाना आवश्यक होगा? | उच्चन्यायालयद्वारा |
दंडादेश, जोदेसकेंगे(Sentences which High Courts and Sessions Judges may pass) किस धारा से संबंधित है? | धारा23 |
मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट कौन सा दण्ड पारित कर सकता है? | सातवर्षसेअनधिककीअवधि |
प्रथमश्रेणीमजिस्ट्रेट कौन से दण्ड पारित कर सकते है? | तीनवर्षसेअनधिकअवधिकेलिएकारावासकाया पचासहजाररुपएसेअनधिकजुर्मानेका, यादोनोंका, या सामुदायिकसेवाका |
द्वितीयश्रेणीमजिस्ट्रेट कौन से दण्ड पारित कर सकते है? | एकवर्षसेअनधिकअवधिकेलिएकारावासकाया दसहजाररुपएसेअनधिकजुर्मानेका, यादोनोंका, या सामुदायिकसेवाका |
जुर्मानादेनेमेंव्यतिक्रमहोनेपरकारावासकादंडादेश (sentence of imprisonment in default of fine) किस धारा से संबंधित है? | धारा 24 |
सामुदायिकसेवा का अर्थ क्या है? | जिसकोकिसीदोषसिद्धव्यक्तिकोदंडकेऐसेरूपमें, जोसमुदायकेलाभकेलिएहो, करनेकेलिएन्यायालयआदेशकरे, जिसकेलिएवहकिसीपारिश्रमिककाहकदारनहींहोगा |
एकहीविचारणमेंकईअपराधोंकेलिएदोषसिद्धहोनेकेमामलोंमेंदंडादेश (Sentence in cases of conviction of several offences at one trial) किस धारा से संबंधित है? | धारा25 |
शक्तियांप्रदानकरनेकाढंग (Mode of conferring powers) किस धारा से संबंधित है? | धारा26 |
नियुक्तअधिकारियोंकीशक्तियां (Powers of officers appointed) किस धारा से संबंधित है? | धारा27 |
शक्तियोंकोवापसलेना (Withdrawal of powers) किस धारा से संबंधित है? | धारा28 |
न्यायाधीशोंऔरमजिस्ट्रेटोंकीशक्तियोंकाउनकेपद- उत्तरवर्तियोंद्वाराप्रयोगकियाजासकना (Powers of Judges and Magistrates exercisable by their successors-in office) किस धारा से संबंधित है? | धारा29 |
अध्याय 4 | |
वरिष्ठपुलिसअधिकारियोंकीशक्तियांऔरमजिस्ट्रेटतथापुलिसकोसहायता (Powers Of Superior Officers of Police and Aid to The Magistrates and The Police) | |
वरिष्ठपुलिसअधिकारियोंकीशक्तियां (Powers of superior officers of police) किस धारा से संबंधित है? | धारा30 |
मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी की सहायता करने के लिए कौन आबद्ध है? | प्रत्येकव्यक्ति |
कौन सी धारा के अधीन जनता मजिस्ट्रेट और पुलिस की सहायता करेगी? | धारा31 |
पुलिसअधिकारीसेभिन्नऐसेव्यक्तिकोसहायताजोवारंटकानिष्पादनकररहाहै (Aid to person, other than police officer, executing warrant) किस धारा से संबंधित है? | धारा32 |
कौन सी धारा अपराधों की सूचना जनता द्वारा दिया जाने से संबंधित है? | धारा33 |
ग्रामकेमामलोंकेसंबंधमेंनियोजितअधिकारियोंकाकतिपयरिपोर्टकरनेकाकर्तव्य(Duty of officers employed in connection with affairs of a village to make certain report) किस धारा से संबंधित है? | धारा34 |
अध्याय 5 | |
व्यक्तियोंकीगिरफ्तारी (Arrest Of Persons) | |
कौन सा अध्याय संज्ञेय और असंज्ञेय मामलों में व्यक्तियों की गिरफ्तारी के संबंध में प्रावधान प्रदान करता है? | अध्याय 5 |
किस प्रावधान के अंतर्गत पुलिसअधिकारीबिनावारंटकेगिरफ्तारी(when police may arrest without warrant) कर सकती है? | धारा35 |
धारा35 के अंतर्गत कितने आधार बताए गए हैं जिनके अंतर्गत पुलिस अधिकारी बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकता है? | 10आधार |
एक पुलिस अधिकारी को समुचित संदेह है कि 'क' एक हत्या के मामले में संलिप्त है। तो वह- | 'क' कोवारंटकेबिनाहीगिरफ्तारकरसकताहै |
कौन सा पुलिस अधिकारी बिना वारंट के किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है जिस पर संघ के सशस्त्र सेनाबलों में से किसी एक के भगोड़ा होने का संदेह हो- | कोईभीपुलिसअधिकारी |
पुलिस बिना वारंट के कब गिरफ्तारी कर सकती है? | जोपुलिसअधिकारीकीउपस्थितिमेंसंज्ञेयअपराधकरताहै जोराज्यसरकारद्वाराअपराधीउद्घोषितकियाजाचुकाहै |
गिरफ्तारीकीप्रक्रियाऔरगिरफ्तारीकरनेवालेअधिकारीकेकर्तव्य (Procedure of arrest and duties of officer making arrest) किस धारा से संबंधित है? | धारा 36 |
किसी गिरफ्तार व्यक्ति की गिरफ्तारी केज्ञापनपरकिसकेअनुप्रमाणनऔरसत्यापनकीआवश्यकता है? | कुटुंबकासदस्यहैयाउसपरिक्षेत्रकेसदस्यगिरफ्तारकिएगएव्यक्तिद्वाराप्रतिहस्ताक्षरित |
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41गजिलेमेंनियंत्रणकक्ष को बदलकर किस धारा में अन्तर्निहित कर दिया गया हैं? | धारा 37 पदाभिहितपुलिसअधिकारी |
एकपुलिसनियंत्रणकक्षकी स्थापना कौन करेगी? | राज्यसरकार |
धारा 38 किसअधिकार से संबंधित है? | गिरफ्तारव्यक्तिकाअधिवक्तासेमिलनेकाअधिकार (Right of arrested person to meet an advocate of his choice during interrogati) |
गिरफ्तार व्यक्ति को किस समय अपने अधिवक्ता से मिलने का अधिकार है? | पूछताछकेदौरानसमय-समयपर |
क्या अधिवक्ता पूछताछ के पूरे समय उपस्थित रह सकता है? | नहीं, सिर्फसमय-समयपरमिलनेकीअनुमतिहै |
किस धारा के अंतर्गत एकमजिस्ट्रेटकिसीव्यक्तिकोगिरफ्तारकरसकताहै? | धारा 43 |
गिरफ्तारव्यक्तिकाअधिवक्तासेमिलनेकाअधिकार किस संविधानिक अधिकार से भी जुड़ा हुआ है? | अनुच्छेद 21 (जीवनऔरव्यक्तिगतस्वतंत्रताकाअधिकार) |
क्या पुलिस को वकील से मिलने के अधिकार की सूचना गिरफ्तार व्यक्ति को देना अनिवार्य है? | हाँ |
धारा 38 के अनुसार वकील की उपस्थिति किस तरह की होती है? | समय-समयपर |
नामऔरनिवासबतानेसेइंकारकरनेपरगिरफ्तारीकिसधारा से संबंधित है? | धारा 39 |
यदि कोई व्यक्ति पुलिस को अपना नाम और पता बताने से मना करता है, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है? | तुरंतगिरफ्तारी |
गिरफ्तारीकामुख्यउद्देश्य क्या है? | पहचानसुनिश्चितकरना |
धारा 40 किससे संबंधित है? | निजीव्यक्तिद्वारागिरफ्तारी |
एक निजी व्यक्ति किस परिस्थिति में गिरफ्तारी कर सकता है? | जबअपराधसंज्ञेयहो |
धारा 40 के अनुसार गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को कहाँ प्रस्तुत करना अनिवार्य है? | नजदीकीपुलिसअधिकारीकेसमक्ष |
क्या प्राइवेटव्यक्तिकोगिरफ्तारीकेलिएवारंटलेना आवश्यक है? | नहीं |
गिरफ्तारीकरनेवालाव्यक्तियदिपुलिसकोसुपुर्दनहींकरताहै, तो...? | यहअवैधहिरासतमानीजासकतीहै |
प्राइवेटव्यक्तिद्वाराकीगईगिरफ्तारीमें क्या प्राथमिक आवश्यकता है? | संज्ञेयअपराधकाघटितहोना |
पुलिसकेसमक्षगिरफ्तारीसौंपनेमेंदेरीहोना किसका उल्लंघन है? | अनुच्छेद 21 |
क्या निजी व्यक्ति अपराध करने के शक में किसी को गिरफ्तार कर सकता है? | नहीं, केवलअपराधहोतेदेखेजानेपर |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने निजीव्यक्तिद्वारागिरफ्तारीकोवैधमानाथाजबअपराधप्रत्यक्षदेखागयाथा? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामरामसागरयादव |
कौन-सा केस ‘अवैधहिरासत’ केखिलाफचेतावनीकेलिएप्रसिद्धहै, जो धारा 40 के अनुपालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
किस मामले में कहा गया कि पुलिसकोनिजीव्यक्तिद्वाराकीगईगिरफ्तारीकेतुरंतबादजाँचकरनीचाहिए? | पंजाबराज्यबनामअजायबसिंह
|
क्या निजी व्यक्ति बल प्रयोग कर सकता है गिरफ्तारी करते समय? | हाँ, केवलआवश्यकसीमातक |
यदि प्राइवेट व्यक्ति गलत व्यक्ति को गिरफ्तार करता है, तो...? | अवैधहिरासतकामामलाबनसकताहै |
निजी व्यक्ति गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को किस समय सीमा में पुलिस को सौंपे? | यथाशीघ्र (without unnecessary delay) |
यदि कोई नागरिक किसी अपराधी को पकड़ता है और पुलिस के पास नहीं ले जाता, तो वह...? | कानूनीरूपसेदोषीहोसकताहै |
क्या एक दुकान मालिक चोरी करते समय पकड़े गए व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है? | हाँ, यदिअपराधप्रत्यक्षहुआहो |
प्राइवेटगिरफ्तारीकाप्राथमिकउद्देश्य क्या है? | पुलिसकीमददकरना |
किस स्थिति में निजी व्यक्ति गिरफ्तारी नहीं कर सकता? | अपराधउसकीउपस्थितिमेंनहुआहो |
धारा 41 किससे संबंधित है? | मजिस्ट्रेटद्वारागिरफ्तारी (Arrest by Magistrate) |
मजिस्ट्रेट किस स्थिति में गिरफ्तारी कर सकता है? | जबअपराधीकोअपराधकरतेदेखे |
मजिस्ट्रेटद्वारागिरफ्तारी किस प्रकार का अधिकार है? | वैधानिकअधिकार |
मजिस्ट्रेट किसे गिरफ्तार कर सकता है? | अपनेसमक्षअपराधकरतेहुएव्यक्तिको |
क्या मजिस्ट्रेट को गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधिकारी को आदेश देना पड़ता है? | नहीं, स्वयंगिरफ्तारकरसकताहै |
मजिस्ट्रेट किस अपराध में गिरफ्तारी कर सकता है? | केवलसंज्ञेयअपराध |
यदि कोई व्यक्ति मजिस्ट्रेट के समक्ष अदालत में दंगा कर रहा हो, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | स्वयंगिरफ्तारकरसकताहै |
मजिस्ट्रेटगिरफ्तारीकेपश्चात किस प्रक्रिया का पालन करेगा? | उसेट्रायलकेलिएप्रस्तुतकरेगा |
क्या मजिस्ट्रेट बिना वर्दी के गिरफ्तारी कर सकता है? | हाँ |
मजिस्ट्रेटद्वारागिरफ्तारीकेसमय क्या वारंट आवश्यक है? | नहीं |
मजिस्ट्रेटद्वारागिरफ्तारीकाउद्देश्य क्या है? | अपराधरोकना |
मजिस्ट्रेट द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति को कितने समय के भीतर न्यायालय में पेश करना चाहिए? | 24 घंटे |
मजिस्ट्रेटद्वाराकीगईगिरफ्तारीकीवैधता किस न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है? | उच्चन्यायालय |
यदि मजिस्ट्रेटकेसमक्षकोईव्यक्तिहत्याकरतेपकड़ाजाए, तो मजिस्ट्रेट? | तुरंतगिरफ्तारकरसकताहै |
क्या मजिस्ट्रेट अदालत परिसर में अपराध होते ही आरोपी को पकड़ सकता है? | हाँ |
किस मामले में सर्वोच्चन्यायालयनेगिरफ्तारीमेंमजिस्ट्रेटकीभूमिका को स्पष्ट किया था? | जोगिंदरकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
किस मामले में अदालत ने गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया पर जोर दिया? | अरनेशकुमारबनामबिहारराज्य |
यदि मजिस्ट्रेट के समक्ष कोई व्यक्ति हत्या करते पकड़ा जाए, तो मजिस्ट्रेट? | तुरंतगिरफ्तारकरसकताहै |
धारा 42 कामुख्य विषय क्या है? | सशस्त्रबलोंकेसदस्योंकागिरफ्तारीसेसंरक्षण (Protection of members of Armed Forces from arrest) |
किस कानून के तहत सशस्त्रबलोंकेसदस्योंकोगिरफ्तारीसेसंरक्षण दिया गया है? | भारतीयनागरिकसुरक्षासंहिता (BNSS), धारा 42 |
धारा 42 के तहत सशस्त्र बलों के सदस्य कब तक गिरफ्तारी से संरक्षित हैं? | जबवेअपनेअधिकारक्षेत्रमेंकर्तव्योंकापालनकररहेहों |
सशस्त्रबलोंकेसदस्योंकीगिरफ्तारीकेलिए किसकी पूर्व अनुमति आवश्यक है? | केंद्रसरकारकी |
धारा 42कासंरक्षण किस प्रकार के अपराधों पर लागू होता है? | केवलकर्तव्यपालनकेदौरानकिएगएकृत्योंपर |
यदिसशस्त्रबलकाकोईसदस्यअपनेकर्तव्यकापालनकरतेहुएगलतीसेनागरिककोचोटपहुँचाताहै, तो क्या बिना अनुमति गिरफ्तारी संभव है? | नहीं |
धारा 42 केअंतर्गतसंरक्षण पाने वाले बल कौन से हैं? | अर्धसैनिकबल |
सशस्त्र बलों के सदस्यों की गिरफ्तारी का मामला किस अदालत में सुनवाई के लिए जाता है? | केंद्रसरकारकेनिर्देशानुसार |
गिरफ्तारीसेपहलेकेंद्रसरकारसेअनुमतिप्राप्तकरनेकीप्रक्रिया को क्या कहते हैं? | पूर्वस्वीकृत |
क्या राज्यसरकारसशस्त्रबलोंकेसदस्यकीगिरफ्तारीकेलिएस्वीकृति दे सकती है? | नहीं |
क्या सशस्त्र बलों के सदस्य को व्यक्तिगत दुश्मनी के आरोप में बिना अनुमति गिरफ्तार किया जा सकता है? | नहीं |
किस मामले में सर्वोच्चन्यायालयनेकहाथाकिसशस्त्रबलोंकेसदस्योंकीगिरफ्तारीकेलिएसरकारकीपूर्वस्वीकृतिआवश्यकहै? | नागापीपुल्समूवमेंटबनामभारतसंघ |
किस मामले में यह तय हुआ किसशस्त्रबलोंद्वाराकार्यकरतेसमयकृत्यपरसामान्यआपराधिकप्रक्रियालागूनहींहोगीजबतकसरकारस्वीकृतिनदे? | अतिरिक्तन्यायिकनिष्पादनपीड़ितपरिवारएसोसिएशनबनामभारतसंघ |
यदिसेनाकाअधिकारीनक्सलप्रभावितक्षेत्रमेंकार्यवाहीकेदौरानगलतीसेनागरिककोघायलकरताहै, तो गिरफ्तारी हेतु क्या करना होगा? | केंद्रसरकारकीस्वीकृतिलेनीहोगी |
क्या छुट्टीपरगएसशस्त्रबलसदस्यकोबिनाअनुमतिगिरफ्तार किया जा सकता है? | नहीं, यदिकार्यसेसंबंधितहो |
केंद्रसरकारकीअनुमतिकिसदस्तावेजीरूपमें दी जाती है? | लिखितआदेश |
धारा 43 किससे संबंधित है? | गिरफ्तारीकैसेकीजाएगी (Arrest how made) |
गिरफ्तारीकरतेसमयपुलिसको क्या करना अनिवार्य है? | गिरफ्तारीकाकारणबताना |
गिरफ्तारीकरतेसमयपुलिसद्वाराआरोपीको किस अधिकार की जानकारी देना आवश्यक है? | जमानतकाअधिकार |
गिरफ्तारीकरतेसमयबलकाप्रयोग कब किया जा सकता है? | जबआरोपीविरोधकरे |
धारा 43 केअनुसार, किसेअधिकृतकियागयाहै गिरफ्तारी करने के लिए? | पुलिसअधिकारीयाअधिकृतव्यक्ति |
गिरफ्तारीकेसमयमहिलाआरोपीको कैसे गिरफ्तार किया जाएगा? | केवलमहिलाअधिकारीद्वारा |
क्या गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को स्पर्श किया जाना अनिवार्य है? | नहीं, केवलयदिवहसहयोगनकरे |
महिलाकोगिरफ्तारीकेसमय किस प्रकार का बल प्रयोग किया जा सकता है? | यथासंभवकमबल |
गिरफ्तारीकेसमयपुलिस को किसे सूचना देना आवश्यक है? | आरोपीकेपरिवारको |
गिरफ्तारीकेबादआरोपीको किस समय सीमा में मजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुत करना होता है? | 24 घंटे |
गिरफ्तारी के बाद कौन-सा दस्तावेज आवश्यक होता है? | गिरफ्तारीज्ञापन (Arrest Memo) |
किस मामले में गिरफ्तारीकेदौरानअधिकारोंकीजानकारीदेनेकीअनिवार्यताकोसर्वोच्चन्यायालयनेरेखांकितकिया? | जोगिंदरकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेगिरफ्तारीज्ञापन (Arrest Memo) कीआवश्यकतापरबलदियाथा? | डी.के. बसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
गिरफ्तारीकेमानकोंकाउल्लंघनकरनेपर कौन-सा मूल अधिकार प्रभावित होता है? | अनुच्छेद 21 |
धारा 44 किससे संबंधित है? | उसस्थानकीतलाशीजिसमेंऐसाव्यक्तिप्रविष्टहुआहैजिसकीगिरफ्तारीकीजानीहै (Search of place entered by person sought to be arrested) |
यदिपुलिसकोविश्वासहैकिवांछितव्यक्तिकिसीस्थानमेंछिपाहै, तो वह क्या कर सकती है? | उसस्थानकीतलाशीलेसकतीहै |
यदि तलाशी का आदेश न मिले तो पुलिस क्या कर सकती है? | वारंटप्राप्तकरतलाशीलेसकतीहै |
यदि घर का मालिक प्रवेश से मना करता है, तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है? | प्रवेशकरनेकेलिएबलकाप्रयोगकरसकताहै |
तलाशीकेदौरानपुलिसअधिकारीको क्या दिखाना आवश्यक है? | गिरफ्तारीवारंट |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तलाशीऔरगिरफ्तारीकेसमयउचितप्रक्रियाकापालनकरनाअनिवार्यहै? | डी.के. बसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
किस मामले में तयकियागयाकितलाशीकेदौरानस्वतंत्रगवाहोंकीउपस्थितिअनिवार्यहै? | पंजाबराज्यबनामबलबीरसिंह |
सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में कहा किमहिलाकेघरमेंप्रवेशकरनेसेपहलेउसेबाहरआनेकाअवसरदियाजानाचाहिए? | शीलाबरसेबनाममहाराष्ट्रराज्य
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धारा 45 किस विषय से संबंधित है? | अन्यअधिकारिताओंमैंअपराधियोंकापीछाकरना (Pursuit of offenders into other jurisdictions) |
क्या एक पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार के बाहर अपराधी का पीछा कर सकता है? | हाँ |
अपराधीकापीछा किस सीमा तक किया जा सकता है? | भारतकेकिसीभीभागमें |
अपराधी का पीछा करते समय, पुलिस अधिकारी को अन्य क्षेत्राधिकार में क्या करना चाहिए? | वहाँकीस्थानीयपुलिसकोसूचितकरना |
यदि पुलिस अधिकारी अन्य राज्य में प्रवेश करता है, तो उसे क्या करना चाहिए? | संबंधितपुलिसस्टेशनकोसूचितकरनाचाहिए |
अन्य राज्य में अपराधी का पीछा करने पर किस प्रकार का सहयोग अपेक्षित है? | स्थानीयपुलिससे |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपराधीकापीछाक्षेत्राधिकारकीसीमासेप्रभावितनहींहोनाचाहिए? | हरियाणाराज्यबनामभजनलाल
|
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिसकेअधिकारोंऔरकर्तव्योंकाविस्तारसेवर्णनकियाहै, जिसमेंपीछाकरनाभीशामिलहै? | प्रकाशसिंहबनामभारतसंघ
|
क्या पुलिस अधिकारी बिना वारंट के अपराधी का पीछा कर सकता है? | हाँ |
अपराधीकोपकड़नेकेबाद किस न्यायिकअधिकारीकेसामनेउसेप्रस्तुतकियाजानाचाहिए? | मजिस्ट्रेटकेसामने |
धारा 46 किस विषय से संबंधित है? | अनावश्यकअवरोधनकरना (No unnecessary restraint) |
गिरफ्तारी के समय "अनावश्यकअवरोध" का क्या अर्थ है? | गिरफ्तारीमेंअनावश्यकदेरीकरना |
गिरफ्तारी करते समय अनावश्यक अवरोध से बचना क्यों आवश्यक है? | आरोपीकीगरिमाकीरक्षाकेलिए |
गिरफ्तारीकेसमयअनावश्यकअवरोधसे क्या परिणाम हो सकता है? | गिरफ्तारीअमान्यहोसकतीहै |
गिरफ्तारी के समय यदि आवश्यक अवरोध उत्पन्न होता है, तो आरोपी क्या कर सकता है? | उच्चन्यायालयमेंयाचिकादायरकरसकताहै |
गिरफ्तारीकेदौरानन्यूनतमबलप्रयोगकरनेकीनीति किस न्यायसिद्धांत से जुड़ी है? | प्राकृतिकन्याय |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेगिरफ्तारीकेदौरानन्यूनतमबलकेप्रयोगकानिर्देशदिया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
किस मामले में ने गिरफ्तारव्यक्तिकेमानवाधिकारोंकीरक्षापरबलदिया, जिसमेंअनावश्यकअवरोधनकरनेकासिद्धांतशामिलहै? | मेनकागांधीबनामभारतसंघ
|
किस मामले में यह कहा गया कि गिरफ्तारीकेवलतभीहोजबबिल्कुलआवश्यकहो? | अरनेशकुमारबनामबिहारराज्य
|
गिरफ्तारी के समय अनावश्यक अवरोध उत्पन्न करने पर आरोपी किस संवैधानिक अधिकार के उल्लंघन का दावा कर सकता है? | जीवनऔरव्यक्तिगतस्वतंत्रताकाअधिकार |
धारा 46 का अनुपालन न करने पर कौन सी कार्यवाही हो सकती है? | पुलिसअधिकारीकेखिलाफअनुशासनात्मककार्यवाही |
अनावश्यकअवरोध से बचने का सिद्धांत किस प्रकार से "न्यायकासिद्धांत" का अंग है? | प्रक्रियाकेअनुसारविधिसिद्धांत |
धारा 47 किस विषय से संबंधित है? | गिरफ्तारकिए गएव्यक्तिकोगिरफ्तारीकेआधारोंऔरजमानतकेअधिकारकीसूचनादियाजाना (Person arrested to be informed of grounds of arrest and of right to bail) |
गिरफ्तारीकेसमयपुलिसअधिकारीकोगिरफ्तारव्यक्तिको क्या बताना अनिवार्य है? | गिरफ्तारीकेआधार |
धारा 47 पुलिस को किस अधिकार के बारे में भी बताना होगा? | जमानतकाअधिकार |
गिरफ्तारीकेआधारोंकीसूचना किस समय दी जानी चाहिए? | गिरफ्तारीकेतुरंतबाद |
गिरफ्तारीकेसमयसूचनानदेना किस संवैधानिकअधिकार का उल्लंघन है? | अनुच्छेद 21 |
गिरफ्तारीकेसमयआरोपीकोजानकारी देना किस सिद्धांतकापालन करना है? | प्राकृतिकन्याय |
धारा 47 केतहतगिरफ्तारीकेआधारोंकीसूचना किस प्रकार दी जानी चाहिए? | मौखिकरूपसे |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारीकेसमयगिरफ्तारीकेकारणबतानेकीआवश्यकताकोअनिवार्यकिया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
किस निर्णय में कहा गया किगिरफ्तारव्यक्तिकोतुरंतअपनेजमानतकेअधिकारकीजानकारीदीजानीचाहिए? | जोगिंदरकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
किस केस ने गिरफ्तारीकेसमयपारदर्शिताकोन्यायकाएकअनिवार्यतत्वमाना? | मेनकागांधीबनामभारतसंघ |
अगर गिरफ्तारी के आधार और जमानतकाअधिकार नहीं बताया गया, तो क्या परिणाम हो सकता है? | गिरफ्तारीअमान्यहोसकतीहै |
गिरफ्तारीकेसमयसूचनानमिलनेपरआरोपी किस अदालत में रिटयाचिका दायर कर सकता है? | उच्चन्यायालय |
गिरफ्तारीकेसमयसूचनादेनेकाकर्तव्य किसके ऊपर है? | गिरफ्तारकरनेवालापुलिसअधिकारी |
गिरफ्तारी के समय जानकारी देना किस सिद्धांत को लागू करता है? | दूसरीओरकोसुननेकासिद्धांत (Audi Alteram Partem) |
धारा 48 कामुख्य विषय क्या है? | गिरफ्तारीकरनेवालेव्यक्तिकी,गिरफ्तारीआदिकेबारेमें, नातेदारयामित्रकोजानकारीदेनेकीबाध्यता |
धारा 48 के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति के किसे सूचना दी जानी चाहिए? | नातेदारयामित्रको |
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सूचना देना क्यों आवश्यक है? | गिरफ्तारव्यक्तिकीसुरक्षासुनिश्चितकरनेकेलिए |
गिरफ्तारी की सूचना देने की जिम्मेदारी किसकी होती है? | गिरफ्तारीकरनेवालेअधिकारीकी |
यदिनातेदारयामित्रकीसूचनानहींदीजातीहै तो किस संवैधानिकअधिकार का उल्लंघन होता है? | अनुच्छेद 21 |
गिरफ्तारी के समय आरोपी को किस बात का अवसर मिलना चाहिए? | नातेदारयामित्रसेसंपर्ककरनेका |
धारा 48 गिरफ्तारीकीसूचना किस समय दी जानी चाहिए? | गिरफ्तारीकेतुरंतबाद |
गिरफ्तार व्यक्ति को सूचना देने के बाद किस दस्तावेज में उसका उल्लेख करना अनिवार्य है? | गिरफ्तारीअवैधघोषितहोसकतीहै |
गिरफ्तार व्यक्ति को नातेदार से संपर्क करने का अधिकार किस सिद्धांत पर आधारित है? | प्राकृतिकन्यायसिद्धांत |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेगिरफ्तारीकेसमयनातेदारयामित्रकोसूचनादेनाअनिवार्यकरारदिया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
किस मामले में न्यायालयने "गिरफ्तारीपारदर्शिता" परबलदिया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
नातेदार को सूचना न देने पर गिरफ्तार व्यक्ति किस उपाय का सहारा ले सकता है? | उच्चन्यायालयमेंबंदीप्रत्यक्षीकरणयाचिका |
गिरफ्तारीकेसमयनातेदारयामित्रकोसूचनादेनेकासिद्धांत किस प्रकार का है? | बाध्यकारी |
गिरफ्तार व्यक्ति से उसकी सूचना किस भाषा में ली जानी चाहिए? | आरोपीकीसमझनेयोग्यभाषामें |
धारा 49 कामुख्य विषय क्या है? | गिरफ्तारकिएगएव्यक्तियोंकीतलाशी (Search of arrested person) |
गिरफ्तारव्यक्तिकीतलाशी किसके द्वारा की जाती है? | गिरफ्तारकरनेवालाअधिकारी |
तलाशीकेदौरानजब्तवस्तुएं किसे सौंपी जानी चाहिए? | मजिस्ट्रेटको |
गिरफ्तार व्यक्ति की तलाशी के दौरान क्या तैयार करना अनिवार्य है? | तलाशीसूची |
यदिगिरफ्तारव्यक्तिमहिलाहै, तोतलाशी किसके द्वारा की जाएगी? | महिलापुलिसकर्मी |
तलाशीकेसमयजब्तवस्तुओंकाउल्लेख किस दस्तावेज़ में किया जाता है? | लाशीज्ञापन (Search Memo) |
तलाशी के दौरान गिरफ्तार व्यक्ति से जब्त की गई वस्तुओं की जानकारी किसे दी जानी चाहिए? | गिरफ्तारव्यक्तिको |
तलाशीकेसमयगिरफ्तारव्यक्तियदिमहिलाहै,तोप्रक्रिया किस सिद्धांत पर आधारित होगी? | गरिमाऔरनिजताकासिद्धांत |
किस केस ने पुलिसहिरासतमेंगिरफ्तारव्यक्तिकेअधिकारोंकीसुरक्षाकोसुनिश्चितकरनेकेलिएतलाशीसूचीकोअनिवार्यबताया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
यदि तलाशी के दौरान कोई अवैध वस्तु पाई जाती है, तो उसे किसके समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है? | मजिस्ट्रेटकेसमक्ष |
तलाशी के समय जब्त वस्तुओं की सूची तैयार न करने पर क्या परिणाम हो सकता है? | आरोपीकोदोषमुक्तकियाजासकताहै |
धारा 50 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का मुख्य विषय क्या है? | आक्रामकआयुधकाअभिग्रहणकरनेकीशक्ति |
"आक्रामकआयुध" से क्या तात्पर्य है? | हथियारऔरअन्यखतरनाकवस्तुएं |
पुलिसअधिकारीआक्रामकआयुध कब जब्त कर सकता है? | जबउसेसंदेहहोकिवहअपराधमेंप्रयुक्तहोसकताहै |
आक्रामकआयुधकाअभिग्रहण किस अधिकारी द्वारा किया जा सकता है? | कोईभीपुलिसअधिकारी |
आक्रामकआयुधकाजब्ती किसका उल्लंघन नहीं करती? | अनुच्छेद 21 |
जब आक्रामक आयुध जब्त किया जाता है, तो उसे किसके समक्ष प्रस्तुत किया जाता है? | मजिस्ट्रेटकेसमक्ष |
आक्रामकआयुधकाजब्ती किस प्रकार से दर्ज किया जाता है? | लिखितजब्तीज्ञापनद्वारा |
यदि आक्रामक आयुध का कब्जा आरोपी से लिया गया है, तो उसे किस प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाता है? | जब्तीज्ञापनकेसाथ |
जब्त आक्रामक आयुध का प्रयोग कब वैध माना जाएगा? | मजिस्ट्रेटकीअनुमतिकेबाद |
आक्रामक आयुध की जब्ती के समय किसकी उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है? | स्वतंत्र साक्षी की |
नारकोटिकड्रग्सऔरसाइकोट्रोपिकपदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत जब्तीकेसिद्धांत को किस प्रकार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 50 के सिद्धांत से जोड़ा जा सकता है? | स्वतंत्र साक्षी कीउपस्थिति |
किस मामले में कहा गया किबिनाउचितप्रक्रियाकेजब्तवस्तुकोसबूतनहींमानाजासकता? | पंजाबराज्यबनामबलबीरसिंह |
आक्रामक आयुध की जब्ती का दस्तावेज कौन तैयार करता है? | गिरफ्तारीकरनेवालाअधिकारी |
जब्तकिएगएआक्रामकआयुधकानियंत्रण किसके अधीन रहता है? | मजिस्ट्रेटके |
जब्ती के समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति क्यों आवश्यक है? | पारदर्शिताऔरनिष्पक्षतासुनिश्चितकरनेकेलिए |
जब्तवस्तुओंकीसूचीमें किसकी पुष्टि आवश्यक होती है? | स्वतंत्र साक्षी की |
यदि जब्ती के नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उस वस्तु को किस रूप में माना जाएगा? | अवैधसबूत |
धारा 51 किससे संबंधित है? | पुलिसअधिकारीकीप्रार्थनापरचिकित्सा- व्यवसायीद्वाराअभियुक्तकीपरीक्षा |
अभियुक्तकीचिकित्सकीयपरीक्षा किसके अनुरोध पर की जाती है? | पुलिसअधिकारीकीप्रार्थनापर |
अभियुक्त की चिकित्सकीय परीक्षा कौन कर सकता है? | चिकित्सा-व्यवसायी |
चिकित्सापरीक्षा किस उद्देश्य से कराई जाती है? | अपराधसेसंबंधितसाक्ष्यएकत्रकरनेकेलिए |
महिलाअभियुक्तकीचिकित्सा परीक्षा कौन करेगा? | महिलाचिकित्सा-व्यवसायी |
अभियुक्तकीचिकित्सकीयपरीक्षा के लिए क्या आवश्यक है? | पुलिसअधिकारीकाअनुरोध |
चिकित्सकीय परीक्षा में क्या प्रकार के साक्ष्य एकत्र किए जा सकते हैं? | DNA नमूने |
क्या अभियुक्तकीचिकित्सकीयपरीक्षाबलपूर्वक कराई जा सकती है? | हाँ, कानूनअनुमतिहै |
चिकित्साव्यवसायी किसके तहत अभियुक्त की जाँच करेगा? | भारतीयनागरिकसुरक्षासंहिता केदिशा-निर्देशोंकेअनुसार |
अभियुक्तकीचिकित्सकीय परीक्षा किस प्रकार होनी चाहिए? | न्यायसंगतऔरसम्मानजनक |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेगिरफ्तारीकेबादअभियुक्तकीचिकित्सकीयजांचकेअधिकारपरबलदिया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
DNA नमूना लेना अभियुक्त के किस मौलिक अधिकार से संबंधित प्रश्न उठाता है? | जीवनऔरस्वतंत्रताकाअधिकार |
किस मामले में अदालतनेकहाकिडीएनएटेस्टकरवानानिजताकाउल्लंघननहींहैयदिवहकानूननआवश्यकहो? | सेल्वीबनामकर्नाटकराज्य |
अभियुक्त की चिकित्सकीय परीक्षा से प्राप्त रिपोर्ट किसका साक्ष्य बन सकती है? | अभियोजनसाक्ष्य |
अभियुक्तकीचिकित्सकीयपरीक्षामें कौनसा सिद्धांत लागू होता है? | प्राकृतिकन्यायसिद्धांत |
महिलाअभियुक्तकीपरीक्षाकरनेमें किसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए? | निजताऔरगरिमाका |
चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान अभियुक्त को किस बात की जानकारी दी जानी चाहिए? | परीक्षणकाउद्देश्य |
यदि अभियुक्त की चिकित्सकीय परीक्षा कानून के अनुसार नहीं होती है, तो क्या परिणाम हो सकता है? | साक्ष्यअवैधघोषितकियाजासकताहै |
धारा 52 किस विषय से संबंधित है? | बलात्संगकेअपराधीव्यक्तिकीचिकित्सा- व्यवसायीद्वारापरीक्षा (Examination of person accused of rape by medical practitioner) |
बलात्कारकेअभियुक्तकीचिकित्सकीयपरीक्षा किसके अनुरोध पर होती है? | पुलिसअधिकारीकीप्रार्थनापर |
बलात्कार के आरोपी की चिकित्सा परीक्षा कौन करता है? | पंजीकृतचिकित्सा-व्यवसायी |
बलात्कार के अभियुक्त की चिकित्सा परीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अपराधकेसबूतएकत्रकरना |
बलात्कार के अभियुक्त से कौनसे प्रकार के साक्ष्य एकत्र किए जा सकते हैं? | DNA नमूना |
बलात्कारकेअभियुक्तकीचिकित्सापरीक्षा किस समय की जानी चाहिए? | यथाशीघ्रगिरफ्तारीकेबाद |
बलात्कार के अभियुक्त की चिकित्सा परीक्षा में किसका विशेष ध्यान रखा जाता है? | आरोपीकीगरिमाका |
बलात्कारकेआरोपीकीचिकित्सापरीक्षाकेबादतैयाररिपोर्टको किसे सौंपा जाता है? | पुलिसअधिकारीको |
बलात्कारकेआरोपीकेपरीक्षणसेप्राप्तसबूत किसके तहत प्रयोग किए जा सकते हैं? | आपराधिकन्यायप्रक्रियामें |
क्या बलात्कार के अभियुक्त की चिकित्सा परीक्षा बलपूर्वक कराई जा सकती है? | हाँ, कानूनकेप्रावधानोंकेअनुसार |
बलात्कारकेमामलोंमेंअभियुक्तकीचिकित्सापरीक्षाकीआवश्यकतापरबल किस केस ने दिया? | पंजाबराज्यबनामगुरमितसिंह
|
बलात्कारकेमामलोंमें DNA साक्ष्यको किस मामले में निर्णायक माना गया? | मुकेशऔरअन्यबनामराज्य (निर्भयाकेस) |
बलात्कारकेअभियुक्तकीचिकित्सकीयपरीक्षारिपोर्टमें क्या उल्लेख किया जाता है? | शरीरपरचोटकेनिशान |
बलात्कारकेआरोपीसेजो DNA नमूनालियाजाताहै, वह किस प्रक्रिया का हिस्सा है? | अपराधसेजुड़ेसाक्ष्यएकत्रणका |
बलात्कारकेआरोपीकीचिकित्सापरीक्षाकेदौरान किन सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए? | पारदर्शिताऔरसम्मान |
बलात्कार के अभियुक्त की चिकित्सा परीक्षा में असफलता का क्या प्रभाव हो सकता है? | अभियोजनपक्षकेसाक्ष्यकमजोरहोसकतेहैं |
बलात्कार के मामलों में अभियुक्त की चिकित्सकीय परीक्षा रिपोर्ट किस प्रकार के साक्ष्य के रूप में काम करती है? | प्राथमिकसाक्ष्य |
धारा 53 किससे संबंधित है? | गिरफ्तारव्यक्तिकीचिकित्साअधिकारीद्वारापरीक्षा (Examination of arrested person by medical officer) |
धारा 53 केअनुसारगिरफ्तारीकेबादचिकित्सापरीक्षा किसके अनुरोध पर होती है? | पुलिसअधिकारी |
गिरफ्तारव्यक्तिकीचिकित्सा-परीक्षा कराने का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकेशरीरपरअपराधसेसंबंधितसबूतएकत्रकरनाअभियुक्त |
गिरफ्तारव्यक्तिकीचिकित्सा-परीक्षा कौन कर सकता है? | कोईभीरजिस्टर्डमेडिकलप्रैक्टिशनर |
यदिअभियुक्तमहिलाहै, तोउसे कौन परीक्षण करेगा? | महिलारजिस्टर्डचिकित्सा-व्यवसायी |
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के शरीर से कौन से नमूने लिए जा सकते हैं? | रक्त, बाल, DNA |
गिरफ्तारी के समय अभियुक्त से नमूने लेने के लिए किसकी अनुमति आवश्यक होती है? | चिकित्सा-व्यवसायीकी, यदिआवश्यकताहो |
गिरफ्तारव्यक्तिकीमेडिकलजाँचकारिकॉर्डकहाँ प्रस्तुत किया जाता है? | संबंधितमजिस्ट्रेटकेसमक्ष |
गिरफ्तार व्यक्ति की चिकित्सा-परीक्षा का मुख्य लाभ क्या है? | वैज्ञानिकसाक्ष्यएकत्रकरना |
“कस्टडीमेंकिसीव्यक्तिकेशारीरिकअधिकारोंकाउल्लंघननहींकियाजासकता" यह किस मामले में कहा गया था? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
गिरफ्तारव्यक्तिकेशरीरसे DNA नमूनालेनेकीवैधानिकता किस मामले मेंचर्चा का विषय रही? | सेल्वीबनामकर्नाटकराज्य |
गिरफ्तारी के बाद मेडिकल परीक्षण का अस्वीकार करने पर क्या परिणाम हो सकता है? | अदालतद्वाराप्रतिकूलअनुमानलगायाजासकताहै |
गिरफ्तारव्यक्तिसे "Forceful Blood Sample" लेना किस स्थिति में अनुमेय है? | जबकानूनविशेषरूपसेइसकीअनुमतिदे |
गिरफ्तारव्यक्तिकीचिकित्सा-परीक्षाकेदौरान कौन से नियमों का पालन किया जाना चाहिए? | गोपनीयताऔरगरिमा |
गिरफ्तार व्यक्ति की चिकित्सा-परीक्षा में दोषपूर्ण प्रक्रिया का प्रभाव क्या होगा? | अभियुक्तदोषमुक्तहोसकताहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 54 किससे संबंधित है? | गिरफ्तारव्यक्तिकीशिनाख्त (Identification of person arrested) |
धारा 54 के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तिकीशिनाख्त पर कौन आदेश दे सकता है? | मजिस्ट्रेट |
शिनाख्तपरेड किस उद्देश्य से कराई जाती है? | मजिस्ट्रेटकीउपस्थितिमेंअपराधसाबितकरनेहेतु |
शिनाख्तपरेडकेदौरान गिरफ्तार व्यक्ति को किन अधिकारोंकीरक्षा मिलती है? | गोपनीयताकाअधिकार |
शिनाख्तपरेड का आयोजन कब किया जाता है? | जल्दसेजल्द |
शिनाख्तपरेडमेंअभियुक्तकोअन्यव्यक्तियों के साथ रखा जाता है ताकि: | निष्पक्षपहचानहोसके |
यदि गिरफ्तार व्यक्ति शिनाख्तपरेडकेलिएसहयोगनहींकरतातो: | न्यायालयप्रतिकूलअनुमानलगासकताहै |
शिनाख्तपरेडआयोजितकरनेकीप्रक्रिया किसके नियंत्रण में होती है? | मजिस्ट्रेट |
गिरफ्तारी के बाद देरी से शिनाख्तपरेडकरानेकाप्रभाव क्या होता है? | साक्ष्यकीविश्वसनीयताकमहोसकतीहै |
शिनाख्तपरेडकीसाक्ष्यात्मकवैधतापरमहत्वपूर्णनिर्णय कौन सा है? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुरेश |
किस मामले में कहा गया किशिनाख्तपरेडपुलिसजांचकाहिस्साहैऔरसाक्ष्यनहींहै? | कांताप्रसादबनामदिल्लीराज्य |
किस निर्णय में कहा गया किशिनाख्तपरेडमेंदेरीहोनेसेसाक्ष्यकीगुणवत्ताप्रभावितहोसकतीहै? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामराजेशगौतम
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शिनाख्तपरेड किस स्थान पर कराई जानी चाहिए? | मजिस्ट्रेटद्वारानियंत्रितस्थानपर |
शिनाख्तपरेडकेदौरानअभियुक्तकीगोपनीयता क्यों महत्वपूर्ण है? | निष्पक्षपहचानसुनिश्चितकरनेकेलिए |
शिनाख्त परेड के लिए अभियुक्त की सहमति आवश्यक है क्या? | नहीं, सहमतिआवश्यकनहीं |
शिनाख्तपरेडकेविफलरहनेपरअभियोजनपक्ष को क्या करना चाहिए? | अन्यस्वतंत्रसाक्ष्यप्रस्तुतकरना |
गिरफ्तारव्यक्तिकेखिलाफशिनाख्तपरेडकीरिपोर्ट किसके समक्ष प्रस्तुत की जाती है? | संबंधितमजिस्ट्रेट |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 55 किससे संबंधित है? | जबपुलिसअधिकारीवारंटकेबिनागिरफ्तारकरनेकेलिएअपनेअधीनस्थप्रतिनियुक्तकरताहैतबप्रक्रिया (Procedure when police officer deputes subordinate to arrest without warrant) |
धारा 55 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार, वरिष्ठपुलिसअधिकारी किसे वारंट के बिना गिरफ्तारी के लिए निर्देश दे सकता है? | अपनेअधीनस्थपुलिसअधिकारीको |
अधीनस्थपुलिसअधिकारीकोगिरफ्तारीकेनिर्देश किस रूप में देने होते हैं? | लिखितआदेशसे |
लिखितआदेशमें क्या-क्या उल्लेख होना चाहिए? | गिरफ्तारकिएजानेवालेव्यक्तिकानाम अपराधकाविवरण गिरफ्तारीकाकारण |
अधीनस्थअधिकारीगिरफ्तारीकरतेसमय किसे प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है? | वरिष्ठअधिकारीकालिखितआदेश |
वरिष्ठअधिकारीद्वारालिखितआदेशनहींदेनेपरगिरफ्तारीकीवैधता क्या होगी? | गिरफ्तारीअवैधमानीजाएगी |
क्या अधीनस्थ अधिकारी अपनी मर्जी से गिरफ्तारी कर सकता है बिना लिखित आदेश के? | नहीं |
लिखितआदेशमेंयदिअपराध का विवरण न दिया जाए तो गिरफ्तारी होगी: | संदिग्ध |
गिरफ्तारी के समय क्या गिरफ्तार व्यक्ति को आदेश दिखाना अनिवार्य है? | हाँ |
अधीनस्थअधिकारीकोगिरफ्तारीकरतेसमय किस स्तर का व्यवहार करना चाहिए? | यथासंभवसंयमितऔरकानूनी |
वरिष्ठपुलिसअधिकारी किस श्रेणी के मामले में अधीनस्थकोबिनावारंटगिरफ्तारी के लिए भेज सकता है? | संज्ञेयअपराध |
अधीनस्थपुलिसअधिकारी किस आधार पर गिरफ्तारी करेगा? | वरिष्ठअधिकारीकेलिखितआदेशपर |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 56 किससे संबंधित है? | गिरफ्तारकिएगएव्यक्तिकास्वास्थ्यऔरसुरक्षा (Health and safety of arrested person) |
गिरफ्तार व्यक्ति के स्वास्थ्य की देखभाल कब तक करनी होती है? | पूरीहिरासतअवधिकेदौरान |
क्या पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार व्यक्ति को यातना देना अनुमन्य है? | नहीं, बिल्कुलनहीं |
यदि गिरफ्तार व्यक्ति घायलहोयाबीमार हो तो पुलिस का कर्तव्य क्या है? | उसेचिकित्सासुविधाउपलब्धकराना |
गिरफ्तारीकेदौरानयदिकोईव्यक्तिबीमारपड़ताहैतोपुलिसको क्या करना चाहिए? | अस्पताललेजाना |
क्या गिरफ्तार व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी पुलिस का दायित्व है? | हाँ |
गिरफ्तार व्यक्ति को मेडिकल सुविधा न देने पर उसके पास कौन सा उपाय उपलब्ध है? | मजिस्ट्रेटकेसमक्षयाचिकादायरकरना |
गिरफ्तारव्यक्तिकीचिकित्साजाँच कब कराई जानी चाहिए? | गिरफ्तारीकेतुरंतबाद |
गिरफ्तारव्यक्तिकोयदिजानबूझकरचोटपहुंचाईजातीहै, तोपुलिसकर्मीकेविरुद्ध कौन-सा कार्यवाही हो सकती है? | आपराधिककार्यवाही |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 57 किस विषय से संबंधित है? | गिरफ्तारकिएगएव्यक्तिकामजिस्ट्रेटयापुलिसथानेकेभारसाधकअधिकारीसमक्षलेजायाजाना |
धारा 57 के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति को किस समय सीमाकेभीतरमजिस्ट्रेटयाअधिकारीकेसमक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है? | 24 घंटे |
यदिगिरफ्तारव्यक्तिको 24 घंटेकेभीतरमजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतनहींकियागया, तो यह किसका उल्लंघन है? | संविधानकेअनुच्छेद 22(2) का |
क्या पुलिस अधिकारी को गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को बिना प्रस्तुत किए हिरासत में रखने का अधिकार है? | नहीं |
गिरफ्तार व्यक्ति को प्रस्तुत करते समय अधिकारी को क्या सुनिश्चित करना चाहिए? | व्यक्तिकेस्वास्थ्यकीस्थिति |
यदिमजिस्ट्रेटउपलब्धनहींहो, तोगिरफ्तारव्यक्तिको किसके समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है? | पुलिसथानेकेभारसाधकअधिकारी |
मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान यदि आरोपी को चोट लगी हो तो मजिस्ट्रेट का कर्तव्य क्या है? | चिकित्साजांचकाआदेशदेना |
मजिस्ट्रेटकेसमक्षपेशकिएबिनाहिरासतबढ़ानेकेलिए कौन-सी कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है? | रिमांडआदेशलेना |
किस मामले में कहा गया किगिरफ्तारीकेबादबिनादेरीकेव्यक्तिकोमजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतकरनाआवश्यकहै? | जोगिंदरकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
यदि पुलिस गिरफ्तार व्यक्ति को निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत नहीं करती, तो यह किस प्रकार का अधिकार हनन है? | संवैधानिकअधिकार |
किस मामले में अदालत ने कहा कि "गिरफ्तारव्यक्तिकोबिनाविलम्बमजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतकरनाउसकेमानवाधिकारकाअभिन्नअंगहै? | हुस्नआराखातूनबनामबिहारराज्य
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गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने में देरी किस परिस्थिति में उचित मानी जा सकती है? | यातायातबाधा |
मजिस्ट्रेटद्वारागिरफ्तारव्यक्तिकोहिरासतमेंरखनेकेलिए अधिकतम कितने दिनोंकापुलिसरिमांड दिया जा सकता है? | 15 दिन |
गिरफ्तारीकेबादमजिस्ट्रेटद्वाराहिरासतकीअवधिबढ़ानेकेलिए किसे प्रमाण प्रस्तुत करना पड़ता है? | अभियोजनपक्ष |
यदिगिरफ्तारीकेबादमजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतकिएबिनाव्यक्तिकोहिरासतमेंरखाजाए, तो आरोपी किस कोर्ट में याचिकादायर कर सकता है? | उच्चन्यायालय |
पुलिसद्वारागैर-कानूनीहिरासतमेंरखागयाव्यक्ति किस प्रकार के मुआवजेकेलिएदावा कर सकता है? | संविधानकेतहतमुआवजा |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 58 किस विषय से संबंधित है? | गिरफ्तारकिएगएव्यक्तिकाचौबीसघंटेसेअधिकनिरुद्धनकियाजाना (Person arrested not to be detained more than twenty-four hours) |
धारा 58 के अनुसार किसी गिरफ्तार व्यक्ति को बिना मजिस्ट्रेटकेसमक्ष प्रस्तुत किए अधिकतम कितने घंटेहिरासतमेंरखाजासकताहै? | 24 घंटे |
गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटेसेअधिकनिरुद्धकरनेकेलिए कौन सा आदेश आवश्यक है? | मजिस्ट्रेटकाआदेश |
धारा 58 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | गिरफ्तारव्यक्तिकेमौलिकअधिकारोंकीरक्षा |
यदि किसी व्यक्ति को 24 घंटेसेअधिकहिरासतमेंरखनाहो, तोपुलिस को क्या करना होगा? | मजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतकरना |
24 घंटेमें कौन-सी अवधि शामिल नहीं की जाती है? | सफरमेंलगासमय |
पुलिसद्वारा 24 घंटेसेअधिकहिरासतमेंरखनेकेउल्लंघनपरगिरफ्तारी को क्या माना जाएगा? | अवैध |
गिरफ्तार व्यक्ति को मजिस्ट्रेटकेसमक्ष प्रस्तुत न करने पर कौन सी रिटयाचिकादायर की जा सकती है? | हेबियसकॉर्पस |
पुलिस द्वारा बिना मजिस्ट्रेटकेआदेशकेहिरासतबढ़ाना किस धारा का उल्लंघन होगा? | धारा 58 |
अनुच्छेद 22(2) भारतीय संविधान के तहत गिरफ्तारी के बाद क्या गारंटी दी गई है? | गिरफ्तारीकेबाद 24 घंटेमेंमजिस्ट्रेटकेसमक्षपेशी |
पुलिसद्वारा 24 घंटेकीअवधिमेंसफर के समय को कैसे लिया जाता है? | अवधिसेघटायाजाताहै |
गिरफ्तारव्यक्तिकीहिरासतबढ़ानेकेलिए किस प्रकार के मजिस्ट्रेट से आदेश लेना होता है? | न्यायिकमजिस्ट्रेट |
यदि मजिस्ट्रेट गिरफ्तार व्यक्ति को पुलिस हिरासत में भेजते हैं तो उसकी अवधि क्या हो सकती है? | अधिकतम 15 दिन |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 59 किस विषय से संबंधित है? | पुलिसकागिरफ्तारियोंकीरिपोर्टकरना (Police to report apprehensions) |
धारा 59 के अनुसार पुलिसकोगिरफ्तारीकीरिपोर्ट कहाँ भेजनी होती है? | मजिस्ट्रेटको |
गिरफ्तारीरिपोर्टभेजनेका मुख्य उद्देश्य क्या है? | गिरफ्तारीप्रक्रियामेंपारदर्शिताबनाएरखना |
धारा 59 के अंतर्गत गिरफ्तारीकीरिपोर्ट किस समय पर भेजी जानी चाहिए? | गिरफ्तारीकेशीघ्रबाद |
गिरफ्तारीरिपोर्टमें क्या विवरण अनिवार्य है? | गिरफ्तारीकास्थान, समयऔरकारण |
पुलिस द्वारा भेजी गई गिरफ्तारीरिपोर्ट किसके आदेश पर आवश्यक हो जाती है? | मजिस्ट्रेटकेआदेशपर |
यदि पुलिस गिरफ्तारीरिपोर्टसमयपरनभेजे तो क्या प्रभाव पड़ता है? | गिरफ्तारीअवैधहोसकतीहै |
गिरफ्तारी रिपोर्ट भेजने की अनिवार्यता किस बड़े सिद्धांत का हिस्सा है? | विधिकेशासनकासिद्धांत |
गिरफ्तारी की रिपोर्ट न भेजने पर आरोपी किस अदालतमेंराहतकेलिएआवेदन कर सकता है? | उच्चन्यायाल |
गिरफ्तारी रिपोर्ट भेजने का जिम्मा किस अधिकारी पर होता है? | अन्वेषणअधिकारी |
गिरफ्तारीकीरिपोर्टकिसफॉर्मेट में भेजी जाती है? | लिखितरूपमें |
गिरफ्तारीरिपोर्टभेजनेकाप्रावधान किस उद्देश्य से है? | गिरफ्तारीकीप्रक्रियामेंपारदर्शितासुनिश्चितकरनेकेलिए |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 60 किस विषय से संबंधित है? | पकड़ेगएव्यक्तिकाउन्मोचन |
धारा 60 केतहतपकड़ेगएव्यक्तिकाउन्मोचन कब किया जा सकता है? | जबगिरफ्तारीकीआवश्यकतानहो (Discharge of person apprehended) |
उन्मोचन का क्या अर्थ है? | पकड़ेगएव्यक्तिकोछोड़देना |
किस परिस्थिति में व्यक्ति को पकड़े जाने के बाद छोड़ा जा सकता है? | यदिगिरफ्तारीअनावश्यकहो |
पकड़ेगएव्यक्तिकेउन्मोचनकेलिए क्या आवश्यक है? | कारणोंकाउल्लेख |
धारा 60 केतहतपकड़ेगएव्यक्तिको किस पर छोड़ा जा सकता है? | उसकेस्वयंकेमुचलकेपर |
व्यक्तिकाउन्मोचनकरतेसमयपुलिस को क्या करना चाहिए? | लिखितआदेशदेना |
अगरपुलिसअधिकारीउन्मोचनकाआदेशदेताहै तो उसे किसे सूचित करना होता है? | मजिस्ट्रेट |
उन्मोचनआदेश में क्या उल्लेख करना आवश्यक नहीं है? | व्यक्तिकीव्यक्तिगतसंपत्ति |
उन्मोचनआदेश में क्या अवश्य होना चाहिए? | आरोपीकीरिहाईकास्पष्टआदेश |
धारा 60 के तहत उन्मोचन करने के बाद पुलिस को क्या करना चाहिए? | आरोपीकोरिहाकरना |
उन्मोचनकाआदेश किसके अनुरूप होना चाहिए? | विधिद्वारास्थापितप्रक्रिया |
पुलिस द्वारा उन्मोचननकरनेपरआरोपीको किस अदालत से राहत मिल सकती है? | उच्चन्यायालय |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 61 किस विषय से संबंधित है? | निकलभागनेपरपीछाकरनेऔरपकड़नेकीशक्ति (Power, on escape, to pursue and retake) |
धारा 61 के अनुसार यदिकोईगिरफ्तारव्यक्तिनिकलभागताहै तो पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है? | उसकापीछाकरकेफिरसेगिरफ्तारकरसकताहै |
पीछा करते समय पुलिसअधिकारीकोकौन-कौनसेस्थानमेंप्रवेशकरनेकाअधिकारहोताहै? | किसीभीस्थानमें |
धारा 61 के तहत पुलिस अधिकारी द्वारा पीछा करते समय कौन सा अधिकार प्राप्त होता है? | बिनावारंटप्रवेशकरनेका |
किसी व्यक्ति को बिनावारंटकेपकड़तेसमयकिनबातोंकापालनकरनाअनिवार्यहै? | कारणबताना |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 62 किस विषय से संबंधित है? | गिरफ्तारीकासर्वथासंहिताकेअनुसारहीकियाजाना |
धारा 62 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुसार गिरफ्तारी कैसे की जानी चाहिए? | संहितामेंनिर्धारितप्रक्रियाकेअनुसार (Arrest to be made strictly according to Sanhita) |
गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारी को क्या करना आवश्यक है? | आरोपीकोगिरफ्तारकरनेकाकारणबताना |
धारा 62 के तहत गिरफ्तारीकाउल्लंघनहोनेपरगिरफ्तारी क्या होगी? | अवैध |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के किस खंड में गिरफ्तारीकेनियमोंकोविनियमितकियागयाहै? | अध्याय V |
अध्याय6 | |
हाजिरहोनेकोविवशकरनेकेलिएआदेशिकाएं (Processes To Compel Appearance) | |
समन (Summons) | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 63 किससे संबंधित है? | समनकाप्ररूपसे (Form of summons) |
समन में किन विवरणों का होना आवश्यक है? | नामऔरपता |
कौन सी धाराओं का समूह समन से सम्बंधित है? | 63 से 71 |
समनमें किसकी मोहरऔरहस्ताक्षर होना आवश्यक है? | मजिस्ट्रेटका |
समन किस माध्यम से भेजा जा सकता है? | डाकद्वारा |
समन का उद्देश्य क्या है? | किसीव्यक्तिकोन्यायालयमेंउपस्थितकराना |
समन में कौन-सा विवरण देना अनिवार्य है? | तारीख, समयऔरस्थान |
समन से संबंधित कौन-सा प्रसिद्धकेसहै? | के.टी.एम.एस. मोहम्मदबनामभारतसंघ |
समनकोस्वीकारनहींकरनेकीस्थितिमें क्या हो सकता है? | वारंटजारीकियाजासकताहै |
समनकापालननहींकरनेपर क्या कार्रवाई की जा सकती है? | दंडात्मककार्यवाही |
समन में अनुपस्थित रहने पर न्यायालय क्या कर सकता है? | गिरफ्तारीवारंटजारीकरसकताहै |
हाजिरहोनेकोविवशकरनेकेलिएआदेशिकाएं को किस खंड में विनियमित किया गया है? | अध्याय6 |
भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के अनुसार समन किसके माध्यम से तामील किया जा सकता है? | व्यक्तिकोव्यक्तिगतरूपसे |
समनकीतामीलकाप्रमाण कौन प्रस्तुत करता है? | तामीलकर्ताअधिकारी |
क्या कोई समनएकसेअधिकबारतामील किया जा सकता है? | हाँ, जबतकयहविधिवततामीलनहोजाए |
यदि समनप्राप्तकर्ताघरपरनहींहै, तोतामील कैसे की जा सकती है? | घरमेंरहनेवालेकिसीवयस्कसदस्यकोदियाजासकताहै |
समनकीवैधतामीलकेलिए किन दो तत्वों की पूर्ति आवश्यक है? | तामीलकीविधिवतसूचनाऔरसंबंधितव्यक्ति |
क्या समनकीतामीलडाकद्वारा की जा सकती है? | हाँ, रजिस्टर्डडाकसे |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने समनकीतामीलमेंउचितप्रक्रियाकापालन, पर टिप्पणी की? | एम.पी. राज्यबनामहाजीमोहम्मद |
अगर समनकीतामीलवयस्कसदस्य के माध्यम से की जाती है, तो उसमें क्या आवश्यक है? | सदस्यकीहस्ताक्षरितस्वीकृति |
समनकीतामीलमेंदेरीहोनेपर कौन जिम्मेदार हो सकता है? | तामीलकरनेवालाअधिकारी |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 65 किससे संबंधित है? | निगमितनिकायों, फर्मोंऔरसोसाइटियोंपरसमनकीतामील (Service of summons on corporate bodies, firms and societies) |
धारा 65 के अंतर्गत समनतामील किस पर लागू होती है? | कंपनियों, फर्मोंऔरसोसाइटियोंपर |
कंपनीकोसमनतामीलकरतेसमय किसे समन दिया जाता है? | कंपनीकेपंजीकृतकार्यालयमेंनियुक्तप्रमुखअधिकारीयानिदेशकको |
यदि कंपनी का पंजीकृत कार्यालय बंद है, तो समन तामील कैसे की जाती है? | समनकोकंपनीकेबाहरचिपकायाजाताहै |
फर्म पर समनकीतामील करते समय किसे तामील किया जाएगा? | किसीसाझेदार (partner) को |
समनकीवैधतामीलकेलिएकंपनी को किस प्रकार की सूचना दी जाती है? | लिखितसमनउचितअधिकारीको |
अगर कोई सोसाइटी अपने पंजीकृत कार्यालय से कार्य नहीं कर रही है, तो समनकीतामील कहाँ की जा सकती है? | सोसाइटीकेअंतिमज्ञातकार्यालयपर |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनीकोसमनकीविधिवततामील, पर बल दिया? | मेसर्सजीएचसीएलएम्प्लॉइजस्टॉकऑप्शनट्रस्टबनामइंडियाइन्फोलाइनलिमिटेड |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समनजारीकरनेसेपहलेन्यायिकसंतोषकीआवश्यकता, को स्पष्ट किया? | मेसर्सपेप्सीफूड्सलिमिटेडबनामविशेषन्यायिकमजिस्ट्रेट |
यदि किसी कंपनीकाकोईअधिकृतअधिकारी उपलब्ध नहीं है, तो समन किस प्रकार तामील होगा? | समनकोकंपनीकेकार्यालयकेद्वारपरचिपकादियाजाएगा |
धारा 66 के अनुसार यदि समनप्राप्तकरनेवालाव्यक्ति नहीं मिलता है, तो तामील कैसे की जाती है? | समनकोउसकेनिवासस्थानपरचस्पाकियाजाताहै |
समनचस्पा करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? | चस्पातामील (Affixation or Substituted Service) |
चस्पातामील के बाद क्या अनिवार्य होता है? | अधिकारीद्वारालिखितरिपोर्ट |
चस्पातामीलकीरिपोर्ट में क्या शामिल होना चाहिए? | समय, स्थानऔरपरिस्थितिकाविवरण |
समनचस्पा करने से पहले किसका प्रयासकरनाअनिवार्यहै? | समनकीव्यक्तिगततामील |
यदि समन गलत व्यक्ति को चस्पा किया जाए, तो क्या होगा? | कार्यवाहीनिरस्तहोसकतीहै |
कौन सा मामला समनकीवैकल्पिकतामील, से संबंधित है? | भारतसंघबनामघनश्यामदासगुप्ता |
किसमामलेमें सुप्रीम कोर्ट ने चस्पातामीलकीविधि, पर निर्णय दिया? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी.देसाई |
धारा 67 किससे संबंधित है? | जबपूर्व उपबंधितप्रकारसेतामीलनकीजासकेतबप्रक्रिया (Procedure when service cannot be effected as before provided) |
यदि समनकीतामीलव्यक्तिगतरूपसे, डाकसे, याचस्पा करके नहीं हो पा रही हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | वैकल्पिकतामीलकाआदेशदेसकताहै |
धारा 67 में न्यायालय किसकी अनुमति से वैकल्पिकतामीलकाआदेश दे सकता है? | स्वयंकेविवेकाधिकारसे |
समनकीतामीलनहींहोपानेकीस्थिति में कौन सा माध्यम उपयोग में लाया जा सकता है? | अखबारमेंप्रकाशन, सोशलमीडियापरपोस्ट, ईमेल |
क्या धारा 67 केवल आरोपी पर लागू होती है? | नहीं, यहगवाहोंपरभीलागूहोसकतीहै |
न्यायालय धारा 67 के अंतर्गत किस प्रकार की तामीलकोनिर्देशित कर सकता है? | वैकल्पिकविधियोंसेजैसेसमाचारपत्रमेंप्रकाशन |
समाचारपत्र में प्रकाशन के लिए न्यायालय को क्या करना होता है? | कारणोंकाउल्लेखकरनाहोताहै |
किस मामले में, वीडियोकॉन्फ्रेंसिंगकेमाध्यमसेसमनस्वीकार्यहै, में क्या निर्णय दिया गया था? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी.देसाई (2003) |
किस मामले में, किस सिद्धांत आरोपीकोअंतिमअवसरदेना, पर जोर दिया गया? | बच्चनसिंहबनामपंजाबराज्य |
धारा 68 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस प्रकार के व्यक्ति पर तामीलकीप्रक्रिया को विनियमित करती है? | सरकारीसेवक |
जब कोई सरकारी सेवक न्यायालय द्वारा समनित होता है, तब तामील किसके माध्यम से की जाती है? | संबंधितविभागकेमुखियाको |
धारा 68 के अनुसार, क्या समनकीतामीलसीधेसरकारीसेवककोदीजासकतीहै? | नहीं, केवलविभागकेप्रमुखकेमाध्यमसे |
यदि सरकारी सेवक तामीलकेबावजूदन्यायालयमेंउपस्थितनहींहोता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | वारंटजारीकरसकताहै |
सरकारीसेवककोतामीलकरतेसमय कौन-सा दस्तावेज अनिवार्य होता है | न्यायालयकाहस्ताक्षरितसमन |
यदि विभागप्रमुखसमनकोसंबंधितकर्मचारीकोनहींभेजता, तो वह क्या माना जाएगा? | अवज्ञा (Contempt of Court) |
क्या सेवानिवृत्तसरकारी सेवक पर धारा 68 लागू होती है? | नहीं |
यदि सरकारी सेवक विदेशपोस्टेडहो, तो समनकीतामील कैसे की जा सकती है? | भारतीयदूतावासकेमाध्यमसे |
किस मामले में सेवासेबर्खास्तगीमेंन्यायिकहस्तक्षेप, मुख्य बिंदु था? | भारतसंघबनामतुलसीरामपटेल (1985) |
किस मामले में समनकीतामीलसेइंकारसेवाअनुशासनकाउल्लंघनहै, निर्णय दिया गया? | एस.सी. शर्माबनामपंजाबराज्य |
धारा 69 किस विषय से संबंधित है? | स्थानीयक्षेत्रकेबाहरसमनकीतामील (Service of summons outside local limit) |
जब किसी व्यक्ति को अन्यराज्ययास्थानीयक्षेत्र में समनतामील करना हो, तो यह कार्य कौन करता है? | संबंधितक्षेत्रकामजिस्ट्रेटयापुलिसअधिकारी |
यदि आरोपीदूसरेराज्यमेंरहताहै, तो समन की तामील कैसे होती है? | उसराज्यकेमजिस्ट्रेटकेमाध्यमसे |
क्या न्यायालय अपने क्षेत्र के बाहर सीधे समन तामील करवा सकता है? | नहीं, केवलसंबंधितक्षेत्रकेमजिस्ट्रेटकीसहायतासे |
क्या न्यायालय इलेक्ट्रॉनिकमाध्यम (जैसेईमेल) से समन भेज सकता है यदि व्यक्ति अन्य राज्य में है? | हाँ, यदिवहविधिकरूपसेअनुमतहो |
समनकीप्रतिलिपितामील के समय किसे दी जाती है? | संबंधितव्यक्तिकोयाकिसीवयस्कपरिजनको |
स्थानीयसीमासेबाहरसमनभेजतेसमयन्यायालय किस धारा के तहत प्रक्रिया अपनाता है? | धारा 69 |
धारा 70 किससे संबंधित है? | तामीलकर्ताकीअनुपस्थितिमेंसमनकीतामीलकाप्रमाण (Proof of service in such cases and when serving officer not present) |
यदि तामीलकर्तान्यायालयमेंउपस्थितनहींहोपाताहै, तो उसकी ओर से कौन गवाही दे सकता है? | जिसेतामीलकेसमयउपस्थितिमेंरखागयाहो (गवाह) |
क्या समन की तामील पर प्रश्न उठने पर न्यायालय तामीलकर्ताकोबुला सकता है? | हाँ, न्यायालयऐसाकरसकताहै |
धारा 71 का संबंध किससेहै? | साक्षीपरसमनकीतामील (Service of summons on witness) |
साक्षी पर समन की तामील किस उद्देश्य से की जाती है | साक्ष्यदेनेहेतुन्यायालयमेंउपस्थितिसुनिश्चितकरनेहेतु |
क्या समन की तामील व्यक्तिगत रूप से साक्षी को करना आवश्यक है? | हाँ |
यदि साक्षी उपलब्ध न हो, तो समन किसे दिया जा सकता है? | साक्षीकेनजदीकीरिश्तेदारयावयस्कसदस्यको |
यदि साक्षी समन प्राप्त करने से इंकार करता है, तो अधिकारी क्या कर सकता है? | इसेदर्जकरन्यायालयमेंरिपोर्टप्रस्तुतकरसकताहै |
समन की प्रतिलिपि पर कौन-से हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं? | तामीलकर्ताके |
साक्षी को समन की सेवा किस प्रकार की जानी चाहिए? | व्यक्तिगतरूपसेयाडाक, दोनों |
क्या साक्षी समन प्राप्त करने के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है, तो क्या कार्रवाई की जा सकती है? | वारंटजारीकियाजासकताहै |
किस मामले में साक्षी के संबंध में उसेपहलेबुलानाअनिवार्यनहीं, निर्देश दिया गया? | सतीशमेहराबनामदिल्लीप्रशासन |
किस मामले में साक्षीकोकानूनीसहायतादेना, महत्वपूर्ण बिंदु था? | खत्रीबनामबिहारराज्य |
ख - गिरफ्तारीकावारंट (Warrant of arrest) | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 72 किस विषय से संबंधित है? | गिरफ्तारीकेवारंटकाप्ररूपऔरअवधि |
कौन सी धाराओं का समूह गिरफ्तारीकावारंट से सम्बंधित है? | 72 से 83 |
गिरफ्तारी के वारंट पर किसकी मुहर और हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं? | मजिस्ट्रेट |
क्या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 72 के तहत गिरफ्तारी वारंट की कोई वैधता अवधि निर्धारित हैं? | नहीं, यहतबतकवैधहैजबतकरद्दनकियाजाए |
गिरफ्तारी वारंट किस प्रकार का दस्तावेज है? | लिखितआदेश |
क्या वारंट में आरोपी का नाम और विवरण स्पष्ट होना आवश्यक है? | हाँ |
क्या गिरफ्तारी वारंट को केवल एक बार निष्पादित किया जा सकता है? | नहीं, यहतबतकवैधरहताहैजबतकनिष्पादितयारद्दनकियाजाए |
क्या गिरफ्तारी का वारंट एक स्थान से दूसरे राज्य में भी लागू होता है? | हाँ |
यदि वारंट में आरोपी का नाम अज्ञात हो, तो क्या किया जा सकता है? | केवलउसकीपहचानकेपर्याप्तविवरणहोनेचाहिए |
वारंट में किस अपराध का उल्लेख किया जाना चाहिए? | अपराधकासंक्षिप्तविवरण |
यदि वारंट की तिथि पुरानी हो गई है, तो क्या यह अमान्य हो जाता है? | नहीं, जबतकउसेरद्दनहींकियाजाए |
किस मामले में गिरफ्तारीकेदौरानहथकड़ीलगानेकीवैधता, सिद्धांत से संबंधित है? | प्रेमशंकरशुक्लाबनामदिल्लीप्रशासन |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारीकेअधिकारोंकीसीमाएँतयकी, महत्वपूर्ण निर्देश दिया? | जोगिंदरकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
किस मामले में गिरफ्तारीकेसमयदस्तावेजदेना, प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
किस मामले में गिरफ्तारीसेपूर्वजांचआवश्यक, मुख्य निष्कर्ष था? | अर्नेशकुमारबनामबिहारराज्य |
धारा 73 किससे संबंधित है? | प्रतिभूतिलिएजानेकानिदेशदेनेकीशक्ति (Power to direct security to be taken) |
धारा 73 के अंतर्गत कौन न्यायालय प्रतिभूति लेने का निर्देश दे सकता है? | सत्रन्यायालययाप्रथमश्रेणीमजिस्ट्रेट |
प्रतिभूति का उद्देश्य क्या होता है? | व्यक्तिकीभविष्यमेंउपस्थितिसुनिश्चितकरना |
यदि व्यक्ति प्रतिभूति देने में असफल रहता है, तो क्या हो सकता है? | उसेहिरासतमेंलियाजासकताहै |
क्या न्यायालय आरोपी की पहचान और आचरण के लिए भी प्रतिभूति की मांग कर सकता है? | हाँ |
क्या न्यायालय यह निर्देश दे सकता है कि यदि कोई व्यक्ति भविष्य में अपराध करता है तो प्रतिभूति ज़ब्त होगी? | हाँ |
कितनी अधिकतम अवधि तक प्रतिभूति ली जा सकती है? | 3 वर्ष |
क्या न्यायालय बिना सुनवाई के किसी व्यक्ति से प्रतिभूति मांग सकता है? | नहीं |
प्रतिभूति की शर्तें पूरी न करने पर व्यक्ति को कहाँ भेजा जा सकता है? | न्यायिकहिरासत |
धारा 74 किससे संबंधित है? | वारंटकिसकोनिदिष्टहोंगे (Warrants to whom directed) |
गिरफ्तारी वारंट सामान्यतः किसे निदिष्ट किया जाता है? | किसीपुलिसअधिकारीको |
क्या कोई वारंट एक से अधिक व्यक्तियों को निदिष्ट किया जा सकता है? | हाँ |
क्या वारंट किसी प्राइवेट व्यक्ति को निदिष्ट किया जा सकता है? हाँ, | विशेषपरिस्थितियोंमें |
यदि किसी पुलिस अधिकारी को निदिष्ट वारंट निष्पादित नहीं किया जा सकता, तो क्या किया जाना चाहिए? | वहअधिकारीउसेअन्यअधिकारीकोसौंपसकताहै |
वारंट का निदेशन किस प्रपत्र में होना चाहिए? | लिखितरूपमें |
क्या किसी अन्य राज्य के पुलिस अधिकारी को वारंट निदिष्ट किया जा सकता है? | हाँ, उचितप्रक्रियासे |
वारंट पर किसकी मुहर और हस्ताक्षर आवश्यक हैं? | मजिस्ट्रेट |
धारा 76 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का मुख्य विषय क्या है? | पुलिसअधिकारीकोनिदिष्टवारंट (Warrant directed to police officer) |
गिरफ्तारी वारंट सामान्यतः किसे निदिष्ट किया जाता है? | किसीपुलिसअधिकारीको |
क्या गिरफ्तारी वारंट एक से अधिक पुलिस अधिकारियों को निदिष्ट किया जा सकता है? | हाँ |
यदि वारंट किसी विशेष पुलिस अधिकारी को निदिष्ट किया गया है और वह अनुपलब्ध है, तो क्या किया जा सकता है? | वैकल्पिकअधिकारीकोविशेषअनुमतिसेनिष्पादनकरनाहोगा |
गिरफ्तारी वारंट कितने दिनों के लिए वैध होता है? | जबतकरद्दनकियाजाए |
क्या कोई न्यायालय वारंट को एक निजी व्यक्ति को निदिष्ट कर सकता है? | हाँ, विशेषपरिस्थितिमें |
गिरफ्तारी वारंट तामील करने के बाद पुलिस अधिकारी को क्या करना चाहिए? | मजिस्ट्रेटकोसूचितकरना |
कौन-सा दस्तावेज गिरफ्तारी वारंट के साथ आवश्यक रूप से संलग्न होता है? | मजिस्ट्रेटकेहस्ताक्षरऔरमुहर |
किस मामले में कहा गया कि “गिरफ्तारीकेवलएकप्रक्रियाहै, दंडनहीं”? | जोगिंदरकुमारबनामयूपीराज्य |
किस मामले में पुलिसकोवारंटनिष्पादनकेस्पष्टनिर्देश, सिद्धांत स्पष्ट किया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामक्रिश्चियनकम्युनिटीवेलफेयरकाउंसिलऑफइंडिया |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केवलगंभीरमामलोंमेंहीगिरफ्तारीहो, निर्देश दिए?
| अर्नेशकुमारबनामबिहारराज्य |
धारा 77 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | वारंटकेसारकीसूचना (Notification of substance of warrant) |
धारा 78 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | गिरफ्तारकिएगएव्यक्तिकान्यायालयकेसमक्षअविलम्बलायाजाना (Person arrested to be brought before Court without delay) |
गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को किसके समक्ष प्रस्तुत करना होता है? | नजदीकीमजिस्ट्रेट |
क्या पुलिस गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को सीधे जेल भेज सकती है बिना मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए? | नहीं |
मजिस्ट्रेट को गिरफ्तार व्यक्ति को प्रस्तुत किए बिना कितने समय तक पुलिस उसे हिरासत में रख सकती है? | 24 घंटे (यात्राकासमयछोड़कर) |
मजिस्ट्रेट द्वारा पुलिस हिरासत अधिकतम कितने दिनों के लिए दी जा सकती है? | 14 दिन (प्रारंभिक) |
पुलिस हिरासत के बाद न्यायिक हिरासत कितने दिनों तक दी जा सकती है (गंभीर मामलों में)? | 90 दिन |
धारा 79 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | वारंटकहांनिष्पादितकियाजासकताहै (Where warrant may be executed) |
वारंटकहांनिष्पादित किया जा सकता है? | भारतकेकिसीभीस्थानमें |
धारा 80 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | अधिकारिताकेबाहरनिष्पादनकेलिएभेजागयावारंट (Warrant forwarded for execution outside jurisdiction) |
जब कोई मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्राधिकार से बाहर किसी व्यक्ति के विरुद्ध वारंट जारी करता है, तो उसे कैसे निष्पादित किया जाता है? | संबंधितजिलेकेमजिस्ट्रेटयापुलिसअधिकारीकेमाध्यमसे |
वारंट का निष्पादन किसी दूसरे जिले में करवाने के लिए किसे प्राधिकृत किया जाता है? | संबंधितजिलेकेपुलिसप्रमुखयामजिस्ट्रेट |
वारंट किस रूप में भेजा जाता है यदि उसे दूरस्थ क्षेत्र में निष्पादित करना हो? | प्रमाणितप्रति |
वारंट निष्पादन में यदि कोई कानूनी समस्या आती है तो उसका समाधान कौन करेगा? | निष्पादनस्थलकामजिस्ट्रेट |
धारा 81 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | अधिकारिताकेबाहरनिष्पादनकेलिएपुलिसअधिकारीकोनिदिष्टवारंट |
धारा 82 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | जिसव्यक्तिकेविरुद्धवारंटजारीकियागयाहै,उसके गिरफ्तारहोनेपरप्रक्रिया (Procedure on arrest of person against whom warrant issued) |
धारा 83 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | उसमजिस्ट्रेटद्वाराप्रक्रियाजिसकेसमक्षऐसेगिरफ्तारकियागयाव्यक्तिलायाजाए (Procedure by Magistrate before whom such person arrested is brought) |
ग- उद्घोषणाऔरकुर्की (Proclamation and attachment) | |
धारा 84 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | फरारव्यक्तिकेलिएउद्घोषणा (Proclamation for person absconding) |
कौन सी धाराओं का समूह उद्घोषणाऔरकुर्की से सम्बंधित है? | 84 से 89 |
उद्घोषणा कब की जाती है? | जबगिरफ्तारीवारंटनिष्पादितनहींहोपारहाहो, जबमजिस्ट्रेटकोलगताहैकिव्यक्तिजानबूझकरछिपाहै |
उद्घोषणा किस न्यायिक अधिकारी द्वारा की जा सकती है? | न्यायिकमजिस्ट्रेटप्रथमश्रेणी |
उद्घोषणा में अभियुक्त को कितने दिनों के भीतर न्यायालय में उपस्थित होने को कहा जाता है? | न्यूनतम 30 दिन |
उद्घोषणा कैसे प्रकाशित की जाती है? | आरोपीकेनिवासस्थानपरचिपकायाजाताहै |
क्या उद्घोषणा आदेश में समय और स्थान स्पष्ट करना आवश्यक है? | हाँ |
उद्घोषणा आदेश की अवहेलना पर अगला कदम क्या हो सकता है? | कुर्कीकाआदेश |
धारा 85 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | फरारव्यक्तिकीसंपत्तिकीकुर्की (Attachment of property of person absconding) |
धारा 85 के तहत कुर्की का आदेश कब दिया जा सकता है? | जबआरोपीउद्घोषणाकेबादभीउपस्थितनहो |
कुर्क की जाने वाली संपत्ति क्या हो सकती है? | चलऔरअचलदोनोंसंपत्तियाँ |
क्या बिना उद्घोषणा किए सीधे संपत्ति कुर्क की जा सकती है? | नहीं |
क्या धारा 85 के अंतर्गत कुर्क की गई संपत्ति की बिक्री तुरंत हो सकती है? | नहीं, मजिस्ट्रेटद्वाराआदेशकेबिनानहीं |
क्या आरोपी की कुर्क की गई संपत्ति को बहाल किया जा सकता है यदि वह बाद में उपस्थित हो जाए? | हाँ, यदिन्यायालयसंतुष्टहो |
धारा 86 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | उद्घोषितव्यक्तिकीसंपत्तिकीपहचानऔरकुर्की |
क्या धारा 86 के अंतर्गत ऐसी संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है जो नामतः उद्घोषित व्यक्ति की न हो? | हाँ, यदिवहवास्तवमेंउसीकीहो |
धारा 86 के अनुसार संपत्ति की कुर्की कब की जाती है? | उद्घोषितअपराधीघोषितहोनेकेबाद (Identification and attachment of property of proclaimed person) |
संपत्ति को किसके आदेश से कुर्क किया जा सकता है? | सक्षममजिस्ट्रेट |
उद्घोषित व्यक्ति की संपत्ति की पहचान किस आधार पर की जाती है? | व्यवहारिकस्वामित्व |
क्या मजिस्ट्रेट संपत्ति कुर्क करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर सकता है? | हाँ, किसीभीअधिकृतअधिकारीको |
यदि संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर हो पर वास्तव में उद्घोषित व्यक्ति की हो, तो क्या कुर्की संभव है? | हाँ |
क्या अन्य व्यक्ति को अपनी आपत्ति दर्ज करने का अधिकार है? | हाँ |
धारा 87 का संबंध किससेहै? | कुर्कीकेबारेमेंदावेऔरआपत्तियां (Claims and objections to attachment) |
क्या अन्य व्यक्ति को कुर्की के खिलाफ दावा या आपत्ति उठाने का अधिकार है? | हाँ |
धारा 87 के अंतर्गत दावे की सुनवाई कौन करता है? | सक्षममजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट को धारा 87 के तहत क्या करना होता है? | आपत्तियोंकीजांचकरउचितआदेशदेना |
दावेऔरआपत्तियों की सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट को क्या करना होता है? | गवाहोंकोबुलाना |
क्या दावा और आपत्ति की सुनवाई दीवानी प्रक्रिया की तरह होती है? | हाँ |
क्या सुप्रीम कोर्ट ने तृतीय पक्ष के अधिकारों की रक्षा को संवैधानिक संरक्षण माना है? | हाँ |
धारा 88 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | कुर्ककीहुईसंपत्तिकोनिर्मुक्तकरना, विक्रयऔरवापसकरना (Release, sale and restoration of attached property) |
यदि उद्घोषित व्यक्ति आत्मसमर्पण करता है, तो कुर्क संपत्ति का क्या होता है? | उसेमुक्तकियाजासकताहै |
कुर्क संपत्ति की वापसी का अधिकार किसके पास है? | मजिस्ट्रेट |
क्या मजिस्ट्रेट बिना कारण कुर्क संपत्ति बेच सकता है? | नहीं |
उद्घोषित व्यक्ति गिरफ्तारी से पहले आत्मसमर्पण करता है, तो संपत्ति की स्थिति क्या होगी? | मजिस्ट्रेटउसेवापसकरनेपरविचारकरसकताहै |
धारा 88 के अंतर्गत संपत्ति की वापसी किसकी स्वीकृति से होती है? | सक्षममजिस्ट्रेट |
क्या कुर्क संपत्ति का विक्रय तभी संभव है जब उसकी देखरेख महंगी हो या वह खराब होने योग्य हो? | हाँ |
क्या संपत्ति के मुक्तिकरण के लिए आवेदन देना आवश्यक है? | हाँ |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संपत्तिकीविक्रयसेपूर्वकारणदर्शानाआवश्यकहै, कहा? | राजस्थानराज्यबनामकल्याणसिंह |
किस मामले में के अनुसार जब्त संपत्ति का दीर्घकालीन रखाव न्यायकेविरुद्धहै? | सुंदरभाईअंबालालदेसाईबनामगुजरातराज्य |
धारा 89 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | कुर्कसंपत्तिकीवापसीकेलिएआवेदननामंजूरकरनेवालेआदेशनामंजूरकरनेवालेआदेशसेअपील |
घ - आदेशिकाओंसंबंधीअन्यनियम (Other Rules Regarding Processes) | |
धारा 90 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | समनकेस्थानपरयाउसकेअतिरिक्तवारंटकाजारीकियाजाना (Issue of warrant in lieu of, or in addition to, summons) |
कौन सी धाराओं का समूह आदेशिकाओंसंबंधीअन्यनियम से सम्बंधित है? | 90 से 93 |
मजिस्ट्रेट किस स्थिति में समन के स्थान पर वारंट जारी कर सकता है? | जबव्यक्तिछिपताहो जबव्यक्तिउपस्थितहोनेकीसंभावनानहींहो जबव्यक्तिपहलेभीसमनकाउल्लंघनकरचुकाहो |
क्या मजिस्ट्रेट समन और वारंट दोनों एक साथ जारी कर सकता है? | हाँ |
क्या धारा 90 केवल संज्ञेय अपराधों पर लागू होती है? | नहीं |
यदि आरोपी समन के बाद भी उपस्थित नहीं होता, तो अगला कदम क्या हो सकता है? | गिरफ्तारीकावारंट |
क्या मजिस्ट्रेट बिना समन दिए सीधे वारंट जारी कर सकता है? | हाँ, यदिउसेकारणज्ञातहों |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेटकेपासवारंटसीधेजारीकरनेकीशक्तिहै, स्पष्ट किया? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामपूसू |
किस मामले मेंयह माना गया कि मजिस्ट्रेट का वारंट जारी करना न्यायिक विवेक का विषय है? | महाराष्ट्रराज्यबनामतुलसीराम
|
क्या धारा 91 केवल संज्ञेय अपराधों पर लागू होती है? | हाजिरीकेलिएबंधपत्रयाजमानतपत्रलेनेकीशक्ति |
समन या वारंट जारी करने के लिए कौन सशक्त है? | न्यायालयकापीठासीनअधिकारी |
क्या धारा 92 केवल संज्ञेय अपराधों पर लागू होती है? | नहीं |
अध्याय7 | |
चीजेंपेशकरनेकोविवशकरनेकेलिएआदेशिकाएं (Process To Compel the Production of Things) | |
क- पेशकरनेकेलिएसमन (Summons To Produce) | |
धारा 94 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | दस्तावेजयावस्तुकोप्रस्तुतकरनेहेतुसमन (Summons to produce document or other thing) |
कौन सी धाराओं का समूह पेशकरनेकेलिएसमन से सम्बंधित है? | 94-95से |
धारा 94 के अंतर्गत कौन समन जारी कर सकता है? | मजिस्ट्रेटयापुलिसअधिकारी
|
समन के द्वारा किसे आदेश दिया जा सकता है? | व्यक्तिकोदस्तावेजयावस्तुन्यायालयमेंप्रस्तुतकरनेका |
यदि कोई व्यक्ति समन के बावजूद दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता तो क्या हो सकता है? | न्यायालयउसेदंडितकरसकताहै |
क्या पुलिस अधिकारी भी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने हेतु समन जारी कर सकता है? | हाँ, यदिवहजाँचकररहाहो |
क्या धारा 94 के अंतर्गत कोई भी वस्तु या दस्तावेज मांगा जा सकता है? | नहीं, केवलजोन्यायिककार्यवाहीमेंसहायकहो |
यदि कोई वस्तु अदालत में प्रस्तुत नहीं की जाती, तो अदालत क्या कर सकती है? | जब्तीयातलाशीवारंटजारीकरसकतीहै |
दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का समन अस्वीकार करने पर क्या किया जा सकता है? | तलाशीवारंटजारी |
धारा 95 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस विषय से संबंधित है? | पत्रोंकेसंबंधमेंप्रक्रिया (Procedure as to letters) |
ख- तलाशीवारंट (Search-Warrants) | |
कौन सी धाराओं का समूह तलाशीवारंट से सम्बंधित है? | 96 से 101 |
“तलाशीवारंटकबजारीकियाजासकताहै” से सम्बंधित धारा कौन सी है? | धारा 96 |
धारा 96 के अंतर्गत तलाशी वारंट किसके द्वारा जारी किया जाता है? | न्यायिकमजिस्ट्रेट |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने तलाशीवारंटकेबिनातलाशीअवैधहैजबतकआपातकालीनपरिस्थितिनहो, निर्णय दिया? | महाराष्ट्रराज्यबनामकचरूसिंहसंतरामसिंहराजपूत |
यदि मजिस्ट्रेट को विश्वास हो कि कोई दस्तावेज या संपत्ति किसी स्थान पर छिपाई गई है जो किसी अपराध से संबंधित है, तो वह क्या कर सकता है? | तलाशीवारंटजारीकरसकताहै |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तलाशीवारंटपूर्वजांचकेलिएभीजारीकियाजासकताहै, सिद्धांत को मान्यता दी? | दीपकमहाजनबनामप्रवर्तननिदेशालय |
धारा 97 के अंतर्गत किस परिस्थिति में तलाशी ली जा सकती है? | जबमजिस्ट्रेटकोविश्वासहोकिकिसीस्थानमेंचुराईहुईसंपत्तियाकूटरचितदस्तावेजरखेहैं |
धारा 97 में उल्लिखित कौन-सी वस्तुएँ तलाशी का आधार बन सकती हैं? | चुराईगईसंपत्ति |
यदि मजिस्ट्रेट को संदेह हो कि कोई कूटरचित दस्तावेज किसी स्थान में छिपाया गया है, तो वह क्या कर सकता है? | तलाशीवारंटजारीकरसकताहै |
तलाशी वारंट निष्पादन के बाद जब्त की गई सामग्री कहाँ प्रस्तुत की जाती है? | मजिस्ट्रेटकेसमक्ष |
धारा 97 के अंतर्गत तलाशीवारंटजारीकरनेकेलिएमजिस्ट्रेट को किस प्रकार की जानकारी की आवश्यकता होती है? | उचितसंदेहयाविश्वास |
किस मामले में तलाशीवारंटवैधहैयदिकानूनद्वारास्वीकृतप्रक्रियाकापालनकियागयाहो, विचार व्यक्त किया गया? | एम.पी. शर्माबनामसतीशचंद्र (1954) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट का तलाशीवारंटकेबिनातलाशीअवैधहै, निर्णय था? | जिलारजिस्ट्रारएवंकलेक्टरबनामकेनराबैंक (2004) |
यदि तलाशी वारंट जारी होने के बाद तलाशी नहीं की जाती है, तो वह वारंट...? | स्वतःसमाप्तहोजाताहै |
धारा 99 के अंतर्गत किसे यह अधिकार है कि वह कुछ प्रकाशनों को समपहृत(forfeit) घोषित कर सकता है? | राज्यसरकार |
धारा 99 के तहत किन प्रकाशनों को जब्त किया जा सकता है? | जोअश्लीलहों |
कोई हित रखने वाला व्यक्ति समपहरण की घोषणा के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से कितने समय के भीतर घोषणा को अपास्त कराने के लिए उच्चन्यायालयमें आवेदन कर सकता है? | २मासकेभीतर |
कोई हित रखने वाला व्यक्ति समपहरण की घोषणा को अपास्त कराने के लिए कहाँ आवेदन कर सकता है? | उच्चन्यायालयमें |
क्या राज्य सरकार को प्रकाशनों के जब्त की सूचना राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशित करनी होती है? | हाँ |
राज्य सरकार द्वारा जब्त प्रकाशन की वैधता को कौन चुनौती दे सकता है? | कोईभीसंबंधितव्यक्तिउच्चन्यायालयमें |
यदि उच्च न्यायालय राज्य सरकार की समपहृत (forfeiture) घोषणा को रद्द कर देता है, तो क्या होगा? | आदेशनिरस्तमानाजाएगा |
क्या पुलिस बिना वारंट के धारा 99 के तहत तलाशी कर सकती है? | नहीं |
कौन सा केस आपत्तिजनकप्रकाशनोंकीजब्ती बात से संबंधित है? | बाबूलालपरातेबनाममहाराष्ट्रराज्य (1961) |
यदि किसी प्रकाशन को सरकार ने जब्त घोषित कर दिया है, और वह न्यायालय में चुनौती नहीं दी जाती है, तो उसका प्रभाव क्या होगा? | वहवैधबनारहेगा |
धारा 100 का क्या उद्देश्य है? | ऐसेव्यक्तिकोढूँढनाजोअवैधरूपसेपरिरुद्ध (confined) है |
धारा 100 के अंतर्गत किसे तलाशीवारंट जारी करने का अधिकार है? | जिलामजिस्ट्रेट, उपखण्डमजिस्ट्रेटयाप्रथमवर्गमजिस्ट्रेट |
धारा 100 के तहत तलाशीवारंट कब जारी किया जा सकता है? | जबमजिस्ट्रेटकोयहविश्वासहोकिकोईव्यक्तिअवैधरूपसेबंदकियागयाहै |
धारा 100 के तहत, तलाशी किस स्थान पर की जा सकती है? | किसीघरयापरिसरमेंजहाँव्यक्तिकेपरिरुद्धहोनेकीआशंकाहो |
क्या तलाशी के दौरान स्वतंत्र साक्षी की उपस्थिति आवश्यक होती है? | हाँ |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निजताकाअधिकार (Right to Privacy), रेखांकित किया? | खड़कसिंहबनामउत्तरप्रदेशराज्य (1963) |
किस मामले में अवैधपरिरुद्धव्यक्तिकोन्यायिकसंरक्षणमिलनाचाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया? | सुनीलबत्राबनामदिल्लीप्रशासन (1978) |
किस मामले में अवैधरूपसेबंदव्यक्तियोंकीरिहाई से संबंध है? | हुस्नआराखातूनबनामबिहारराज्य |
धारा 101 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता किस विषय से संबंधित है? | अपहृतस्त्रियोंकोवापसकरनेकेलिएविवशकरनेकीशक्ति |
धारा 101 के तहत किसे यह अधिकार प्राप्त है कि वह अपहृत स्त्री को उसके अभिभावक को सौंपने का आदेश दे सके? | जिलामजिस्ट्रेट, उपखंडमजिस्ट्रेटयाप्रथमवर्गमजिस्ट्रेट |
धारा 101 के तहत आदेश किस प्रकार का होता है? | अनिवार्यपालनहेतुबाध्यकारी |
यदि कोई महिला बालिग है और अपनी मर्जी से अपहरणकर्ता के साथ रह रही है, तो क्या मजिस्ट्रेट उसे जबरन वापस भेज सकता है? | नहीं, यदिवहबालिगहैऔरउसकीसहमतिहै |
ग. - तलाशीसंबंधीसाधारणउपबंध (General Provision relating to searches) | |
तलाशीवारंटोंकानिदेशनआदि किस धारा में वर्णित है | धारा 102 |
धारा 103 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता किस विषय से संबंधित है? | बदस्थानकेभारसाधकव्यक्तितलाशीलेनेदेंगे |
धारा 103 के अंतर्गत किस व्यक्ति से दरवाजा खोलने और तलाशी देने की अपेक्षा की जाती है? | जोउसस्थानकाभारसाधक (occupier) हो |
यदि भारसाधक व्यक्ति तलाशी देने से इनकार करता है, तो क्या किया जा सकता है? | दरवाजातोड़ाजासकताहै |
क्या पुलिस को तलाशी से पहले भारसाधक व्यक्ति को तलाशी का उद्देश्य बताना होता है? | हाँ |
क्या धारा 103 महिलाओं के संबंध में कोई विशेष निर्देश देती है? | हाँ, यदिमहिलाघरमेंहैतोउसेसूचितकरबाहरआनेकाअवसरदेनाचाहिए |
तलाशी के समय किनकी उपस्थिति आवश्यक मानी जाती है? | दोस्वतंत्रगवाहोंकी |
क्या तलाशी के समय वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति है? | हाँ, तकनीकीसहूलियतहोनेपर |
किस मामले में बंदस्थानसेसोनेकीबरामदगी, विषय पर विचार किया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामनटवरलालदामोदरदाससोनी (1980) |
किस मामले में साक्ष्यकेरूपमेंतलाशीमेंप्राप्तवस्तुएँमान्यहैंयानहीं, संबंध है? | पूरनमलबनामनिरीक्षणनिदेशक (1974) |
अधिकारिताकेपरेतलाशीमेंपाईगईचीजोंकाव्ययन किस धारा में वर्णित है? | धारा 104 |
कौन सी धाराओं का समूह तलाशीसंबंधीसाधारणउपबंध से सम्बंधित है? | 102 से 104 |
घ- प्रकीर्ण (Miscellaneous) | |
धारा 105 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता किस विषय से संबंधित है? | श्रव्य-दृश्यइलैक्ट्रानिकसाधनोंकेमाध्यमसेतलाशीऔरअभिग्रहणकाअभिलेखकरना |
धारा 105 के अनुसार, तलाशीऔरअभिग्रहणकीरिकॉर्डिंग किस माध्यम से की जानी चाहिए? | श्रव्य-दृश्यइलैक्ट्रानिकसाधनोंद्वारा |
धारा 105 के अंतर्गत वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए प्राथमिक रूप से कौन जिम्मेदार होता है? | थानाप्रभारीयातलाशीकरवानेवालाअधिकारी |
कौन सी धाराओं का समूह कुछसंपत्तिकोअभिगृहीतकरनेकीपुलिसअधिकारीकीशक्ति से सम्बंधित है? | धारा 106 |
धारा 107 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता किस विषय से संबंधित है? | कुर्ककीगईयाजब्तसंपत्तिकेनिपटारेहेतुप्रावधान |
मजिस्ट्रेट संपत्ति के संबंध में क्या आदेश दे सकता है? | उसकीवापसीयाउचितअभिरक्षाका |
धारा 107 के अंतर्गत कौन संपत्ति की वापसी हेतु आवेदन कर सकता है? | कोईभीव्यक्तिजोउसकावैधस्वामीहै |
धारा 107 के अनुसार, यदि संपत्तिकोईजीवितवस्तुहो (जैसेपशु), तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | उसेबेचसकताहै |
जब्त संपत्ति का अस्थायी निपटारा कब होता है? | न्यायालयकीअनुमतिसे |
यदि संपत्ति का मालिक ज्ञात न हो, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | संपत्तिकोजप्तकरकेराजकोषमेंजमाकरवासकताहै |
धारा 107 किस प्रकार की संपत्ति पर लागू होती है? | चलऔरअचलदोनोंसंपत्तियोंपर |
किस मामले मेंजब्तसंपत्तिकोयथासंभवजल्दलौटानाचाहिए कहा गया?
| सुंदरभाईअंबालालदेसाईबनामगुजरातराज्य (2002) |
वाहनदुर्घटनामेंजब्तसंपत्तिकीवापसी से संबंधित कौन सा केस है?
| जनरलइंश्योरेंसकाउंसिलबनामस्टेटऑफए.पी. (2007) |
किस निर्णय में कहा गया कि जब्तसंपत्तिउचितसावधानीसेरखीजानीचाहिए? | बसवलिंगप्पाबनाममैसूरराज्य (1964) |
उचितमालिककोसंपत्तिलौटाना से संबंधित कौन सा केस है? | गोपालदासबनामभारतसंघ (2004) |
वाहनकीजब्तीकेबादउचितभंडारण से संबंधित केस कौन सा था? | म.प्र. राज्यबनामउदयसिंह (2020) |
धारा 108 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत किसे तलाशी की प्रक्रिया में उपस्थित रहने का अधिकार है? | मजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट किस परिस्थिति में तलाशी में उपस्थित हो सकता है? | जबवहस्वयंतलाशीकोउचितरूपसेदेखनाचाहताहो |
क्या मजिस्ट्रेट तलाशी का आदेश स्वयं लिखित रूप में दे सकता है? | हाँ |
धारा 108 किस प्रकार की तलाशी को अधिक प्रभावी बनाती है? | मजिस्ट्रेटकीदेखरेखमेंपारदर्शीतलाशी |
मजिस्ट्रेट किस श्रेणी का अधिकारी होना चाहिए जो तलाशी में उपस्थित रह सकता है? | कार्यपालिकामजिस्ट्रेटयान्यायिकमजिस्ट्रेट |
यदि मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तलाशी ली जाती है, तो उसका दस्तावेज़ीकरण कैसे होना चाहिए? | मजिस्ट्रेटकीलिखितटिप्पणीसहित |
क्या मजिस्ट्रेट किसी विशेष कारण से तलाशी का आदेश दे सकता है? | हाँ, यदिउसेसंदेहहोकितलाशीबिनानिष्पक्षताकेनहींहोपाएगी |
पेशकीगईदस्तावेजआदि,को परिबद्धकरनेकीशक्ति किस धारा में वर्णित है | धारा 109 |
धारा 110 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता किस विषय से संबंधित है? | आदेशिकाओंकेबारेमें व्यतिकारीव्यवस्था |
यदि दो आदेश परस्पर विरोधी हों, तो कौन-सा आदेश लागू होगा? | उच्चप्राधिकारीद्वारापारितआदेश |
धारा 110 किस प्रकार की व्यवस्था प्रदान करती है? | आदेशोंकेटकरावकोसुलझानेकेलिएव्यतिकारीव्यवस्था |
क्या मजिस्ट्रेट का आदेश जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कर सकता है? | नहीं |
यदि एक उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और एक जिला मजिस्ट्रेट दोनों ने परस्पर विरोधी आदेश जारी किए हों, तो किसका पालन किया जाएगा? | जिलामजिस्ट्रेटका |
क्या धारा 110 केवल प्रशासनिक आदेशों पर लागू होती है? | हाँ |
व्यतिकारी व्यवस्था का क्या अर्थ है? | एकआदेशकेप्रभावमेंहोनेपरअन्यआदेशकानचलना |
क्या एक वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थ के आदेश को अधिरोहित (override) कर सकता है? | हाँ |
यदि कोई आदेश उच्च अधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से निरस्त नहीं किया गया हो, तब भी क्या उसका आदेश प्रभावी रहेगा? | हाँ |
उच्चप्राधिकारीकेआदेशकीप्रधानता का सिद्धांत किस मामले मेंदिया गया? | सम्राटबनामसिबनाथबनर्जी (1945) |
आदेशोंकेटकरावऔरनिष्पक्षप्रक्रिया से संबंधित केस कौन सा है? | पी. रामचन्द्ररावबनामकर्नाटकराज्य (2002) |
किस निर्णय में कहा गया कि व्यतिकारीआदेशोंमेंवरीयतामहत्वपूर्णहै? | बसंतलालबनामबिहारराज्य (2001) |
किस निर्णय में प्रशासनिकआदेशोंकीवरीयतासिद्धांत पर बल दिया गया? | कलेक्टरऑफकस्टम्सबनामनाथेलासंपथुचेट्टी (1962) |
अध्याय8 | |
कुछमामलोंमेंसहायताकेलिएव्यतिकारीव्यवस्थातथासंपत्तिकीकुर्कीऔरसमपहरणकेलिएप्रक्रिया (Reciprocal Arrangements for Assistance in Certain Matters and Procedure for Attachment and Forfeiture of Property) | |
संविदाकारीराज्य किस धारा में वर्णित है? | धारा 111 क |
पहचानकरना किस धारा में वर्णित है? | धारा 111 ख |
अपराधकेआगम किस धारा में वर्णित है? | धारा 111 ग |
संपत्ति किस धारा में वर्णित है? | धारा 111घ |
धारा 112 किस विषय से संबंधित है? | भारतकेबाहरकिसीदेशयास्थानमेंअन्वेषणकेलिएसक्षमप्राधिकारीकोअनुरोधपत्र |
अन्य देश में स्थित साक्ष्य प्राप्त करने के लिए भारत सरकार क्या जारी करती है? | अनुरोधपत्र (Letter of Request) |
अनुरोधपत्र किसके माध्यम से भेजा जाता है? | भारतसरकार |
अनुरोध पत्र किसके अनुरोध पर जारी किया जाता है? | न्यायालयकेनिर्देशपर |
यदि साक्ष्य किसी विदेशी देश में हैं, तो उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है? | अनुरोधपत्रकेमाध्यमसे |
धारा 112 किस प्रकार की विधिक सहायता की श्रेणी में आती है? | अंतरराष्ट्रीयआपराधिकसहयोग |
किस मामले में भारत सरकार ने अनुरोध पत्र माध्यम से विदेश में स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया अपनाई? | सीबीआईबनामदाऊदइब्राहिम (2002) |
किस मामले में विदेशी डेटा के लिए अनुरोध पत्र प्रक्रिया अपनाई गई? | रतनटाटाबनामभारतसंघ (राडियाटेपकेस) |
धारा 113 किस विषय से संबंधित है? | भारतकेबाहरकेकिसीदेशयास्थानसेभारतमेंअन्वेषणकेलिएकिसीन्यायालययाप्राधिकारीकोअनुरोधपत्र |
धारा 114 किस विषय से संबंधित है? | व्यक्तियोंकाअंतरणसुनिश्चितकरनेमेंसहायता |
धारा 115 किस विषय से संबंधित है? | संपत्तिकीकुर्कीयासमपहरणकेआदेशोंकेसंबंधमेंसहायता |
धारा 116 किस विषय से संबंधित है? | विधिविरुद्धताअर्जितसंपत्तिकीपहचानकरना |
धारा 117 किस विषय से संबंधित है? | सम्पत्तिकाअभिग्रहणयाकुर्की |
धारा 119 किस विषय से संबंधित है? | संपत्तिकेसमपहरणकीसूचना |
धारा 121 किस विषय से संबंधित है? | समपहरणकेबदलेजुर्माना |
धारा 122 किस विषय से संबंधित है? | कुछअंतरणोंकाअकृतऔरशून्यहोना |
धारा 123 किस विषय से संबंधित है? | अनुरोधपत्रकीबाबतप्रक्रिया |
अध्याय9 | |
परिशांतिकायमरखनेकेलिएऔरसदाचारकेलिएप्रतिभूति (Security For Keeping the Peace and For Good Behaviour) | |
धारा 125 किस विषय से संबंधित है? | दोषसिद्धव्यक्तिसेपरिशांतिबनाएरखनेहेतुप्रतिभूति |
धारा 125 के तहत न्यायालय किस परिस्थिति में प्रतिभूति की मांग करता है? | जबदोषसिद्धव्यक्तिकेभविष्यमेंपरिशांतिभंगकरनेकीआशंकाहो |
प्रतिभूति की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? | 3 वर्षतक |
क्या न्यायालय दोषसिद्ध व्यक्ति को प्रतिभूति न देने पर कारावास दे सकता है? | हाँ |
धारा 125 में प्रतिभूति न देने पर क्या विकल्प है? | कारावास |
प्रतिभूति किस रूप में ली जा सकती है? | नकदयाजमानती |
किस निर्णय में कहा गया कि प्रतिभूतितबलीजासकतीहैजबस्पष्टआधारहों? | मदनगोपालबनामपंजाबराज्य (AIR 1968 SC 1438) |
किस निर्णय में कहा गया कि दोषसिद्धिकेबादहीप्रतिभूतिकाआदेशदियाजासकताहै | बालकरामबनामउत्तरप्रदेशराज्य (1974) |
किस निर्णय में कहा गया कि प्रतिभूतिदेनेमेंअसफलतापरकारावासदियाजासकताहै? | महाराष्ट्रराज्यबनामरामलालदेवजी (1973) |
किस निर्णय में कहा गया कि यहएकनिवारकउपायहै? | सुरेशचंद्राबनाममध्यप्रदेशराज्य (1985) |
मजिस्ट्रेट को विवेक से कार्य करना चाहिए केस में क्या निर्देश दिया गया? | किशनलालबनामराज्य (1991) |
धारा 126 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 किससे संबंधित है? | अन्यदशाओंमेंपरिशांतिकायमरखनेकेलिएप्रतिभूति |
धारा 126 के अंतर्गत प्रतिभूति किससेली जाती है? | किसीऐसेव्यक्तिसेजिसकेविरुद्धपरिशांतिभंगकीआशंकाहो |
धारा 126 में कौन आदेश जारी कर सकता है? | कार्यपालिकमजिस्ट्रेट |
प्रतिभूति देने का उद्देश्य क्या है? | परिशांतिबनाएरखना |
क्या व्यक्ति को दोषसिद्ध होना आवश्यक है इस धारा के तहत प्रतिभूति लेने हेतु? | नहीं |
धारा 126 का प्रयोजन क्या है? | निवारकउपाय (Preventive Measure) |
यदि व्यक्ति प्रतिभूति देने से इंकार करता है, तो क्या किया जा सकता है? | उसेहिरासतमेंलियाजासकताहै |
प्रतिभूति का समय कितनी अवधि तक हो सकता है? | 3 वर्ष |
क्या धारा 126 के तहत कार्यवाही अपील योग्य है? | हाँ |
सुप्रीमकोर्टनेधारा 107 (अब 126 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा को निवारक रूप में माना? | मधुलिमयेबनामएसडीएम (एआईआर 1971 एससी 2486) |
किस निर्णय में कहा गया कि केवलपूर्वअपराधपरआधारितकार्यवाहीअवैधहै? | रामरंजनबनामएम्परर (AIR 1915 Cal 545) |
किस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रियाकेपालन पर बल दिया? | गुलामअब्बासबनामउत्तरप्रदेशराज्य (1981 एआईआर 2198) |
किस मामले में मजिस्ट्रेटकीमनमानीप्रतिभूतिआदेशदेनेसेशक्तियोंकोसीमितकियागयाथा? | जगदीशबनामबिहारराज्य (एआईआर 1972 पैट 252) |
धारा 127 किससे संबंधित है? | कतिपयमामलोंकोफैलानेवाले व्यक्तियोंसेसदाचारकेलिएप्रतिभूति |
मजिस्ट्रेट किससेप्रतिभूति की मांग कर सकता है? | ऐसेव्यक्तिसेजोकिसीसंज्ञेयअपराधमेंसंलग्नहोनेकीसंभावनामेंहो |
धारा 127 के अंतर्गत प्रतिभूति लेने का अधिकतम समय क्या हो सकता है? | 1 वर्ष |
मजिस्ट्रेट किसके आधार पर आदेश जारी कर सकता है? | विश्वसनीयसूचनायापुलिसरिपोर्ट |
धारा 127 की प्रकृति कैसी होती है? | निवारक |
किस मामले मेंसुप्रीम कोर्ट ने कहा न्यायिकविवेकऔरप्रक्रियात्मकन्यायआवश्यकहै? | महाराष्ट्रराज्यबनामभाऊरावपंजाबरावगावंडे (AIR 2008 SC 3056) |
किस निर्णय में कहा गया कि प्रतिभूतिआदेशतर्कसंगतहोनीचाहिए? | के. पी. मुश्रानबनाममध्यप्रदेशराज्य (1959) |
किस निर्णय में बिनाउचितआधारकेप्रतिभूतिआदेश को अवैध दोषी ठहराया गया? | रामचरणबनामउत्तरप्रदेशराज्य (1980) |
धारा 128 किससे संबंधित है? | संदिग्धव्यक्तियोंसेसदाचारकेलिएप्रतिभूति |
धारा 128 किस प्रकार के व्यक्तियों पर लागू होती है? | संदिग्धउद्देश्यसेघूमनेवालेव्यक्ति |
इस धारा के अंतर्गत किससेप्रतिभूति ली जाती है? | ऐसेव्यक्तिजोकिसीस्थानमेंबिनाउद्देश्यकेघूमरहेहों |
क्या मजिस्ट्रेट को कारण बताना आवश्यक है? | हाँ, मजिस्ट्रेटकोलिखितरूपमेंकारणबतानाआवश्यकहै |
धारा 129 किससे संबंधित है? | आभ्यासिकअपराधियोंसेसदाचारकेलिएप्रतिभूति |
धारा 129 में कौन आदेश जारी कर सकता है? | कार्यपालिकमजिस्ट्रेट |
धारा 129 का प्रयोग किन व्यक्तियों पर होता है? | आभ्यासिकअपराधी |
इस धारा के तहत अधिकतम प्रतिभूति की अवधि कितनी हो सकती है? | 3 वर्ष |
आभ्यासिक अपराधी का क्या अर्थ है? | जिसनेबार-बारसंज्ञेयअपराधकिएहों |
धारा 129 की प्रकृति कैसी है? | निवारक |
क्या इस धारा के अंतर्गत व्यक्ति को सुनवाई का अधिकार है? | हाँ, व्यक्तिकोसुनवाईकापूर्णअवसरमिलनाचाहिए |
मजिस्ट्रेट किस आधार पर इस धारा के अंतर्गत कार्यवाही कर सकता है? | विश्वसनीयसूचनायापुलिसरिपोर्टपर |
आभ्यासिकअपराधियोंपरविशेषनियंत्रणआवश्यक निष्कर्ष किस मामले में दिया गया था? | सम्राटबनामदुर्गाप्रसाद (1911 आईएलआर 33 सभी 1) |
धारा 130 किससे संबंधित है? | आदेशकादियाजाना |
क्या आदेश मौखिक रूप से दिया जा सकता है? | नहीं, केवललिखितरूपमें |
धारा 130 के अंतर्गत आदेश में क्या स्पष्ट होना चाहिए? | जिसकारणसेउसेप्रतिभूतिदेनेकीआवश्यकताहै |
क्या आदेश में यह बताना आवश्यक है कि कितने समय के लिए प्रतिभूति चाहिए? | हाँ |
क्या आरोपी को आदेश की एक प्रति दी जानी चाहिए? | हाँ |
धारा 130 किस प्रकार के आदेश से संबंधित है? | न्यायिक |
किस निर्णय में कहा गया कि आदेशकास्पष्ट, लिखितऔरसूचना-सहितहोनाआवश्यकहै? | महाराष्ट्रराज्यबनामभाऊरावगावंडे (2008) |
किस निर्णय में कहा गया कि आदेशस्पष्ट, ठोसकारणोंकेसाथहोनेचाहिए? | के.पी. मुशरानबनामएमपीराज्य (1959 एमपीएलजे 437) |
किस निर्णय में कहा गया कि आदेशमेंआवश्यकविवरणऔरअवधिशामिलहोनाचाहिए? | सुरेशचंद्रबनामराज्य (एआईआर 1976 सभी 326) |
किस निर्णय में कहा गया कि स्पष्टआधारऔरन्यायसंगतस्पष्टीकरणआवश्यकहैं? | के.के. बिड़ला (एआईआर 1962 कैल 592) |
धारा 131 किससे संबंधित है? | न्यायालयमेंउपस्थितव्यक्तिकेबारेमेंप्रक्रिया |
धारा 132 किससे संबंधित है? | ऐसेव्यक्तिकेबारेमेंसमनयावारंटजोउपस्थितनहींहै |
यदि कोई व्यक्ति न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | उसकेखिलाफसमनयावारंटजारीकरसकताहै |
क्या धारा 132 केवल अभियुक्त पर लागू होती है? | नहीं, यहगवाहोंपरभीलागूहोसकतीहै |
समनयावारंट जारी करने का उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकीउपस्थितिसुनिश्चितकरना |
समनऔरवारंट में मुख्य अंतर क्या है? | समनसूचनाहै, वारंटगिरफ्तारीहेतुआदेश |
यदि व्यक्ति विदेश में है और न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा है, तो क्या धारा 132 लागू की जा सकती है? | हाँ |
क्या धारा 132 न्यायिक प्रक्रिया को बाधा से बचाने के लिए है? | हाँ |
किस निर्णय में कहा गया कि न्यायालयकोसमनयावारंटजारीकरनेकापूर्णअधिकारहैयदिव्यक्तिअनुपस्थितहो?
| महाराष्ट्रराज्यबनामनारायणशामरावपुराणिक (AIR 1982 SC 1198) |
किस निर्णय में कहा गया कि अनुपस्थितरहनेपरसीधेगिरफ्तारीवारंटजारीकियाजासकताहै? | कैलाशचंद्रबनामराज्य (एआईआर 1985 राज 56) |
किस निर्णय में कोर्टनेवारंटजारीकरकेआरोपीकोपेशकरनेकाआदेशदिया? | हरिओमबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2007 CrLJ 1638) |
धारा 133 किससे संबंधित है? | समनयावारंटकेसाथआदेशकीप्रतिहोगी |
धारा 134 किससे संबंधित है? | वैयक्तिकहाजिरीसेअभिमुक्तिदेनेकीशक्ति |
धारा 134 के अंतर्गत कौन व्यक्ति छूट की मांग कर सकता है? | अभियुक्त |
न्यायालय किस आधार पर वैयक्तिक उपस्थिति से छूट प्रदान कर सकता है? | जबआरोपीदूरस्थस्थानपरहोऔरउसकीउपस्थितिआवश्यकनहो |
क्या मजिस्ट्रेट धारा 134 के अंतर्गत बिना कारण बताए उपस्थिति से छूट दे सकता है? | नहीं, कारणउल्लेखितकरनाआवश्यकहै |
धारा 134 किस प्रकार की सुनवाई में विशेष उपयोगी हो सकती है? | हल्के/संज्ञेयअपराधोंमेंजहाँआरोपीकीउपस्थितिजरूरीनहो |
धारा 135 किससे संबंधित है? | इत्तिलाकीसच्चाईकेबारेमेंजांच |
धारा 135 में प्रतिभूति किसके लिए ली जाती है? | परिशांतियासदाचारबनाएरखनेकेलिए |
धारा 136 किससे संबंधित है? | प्रतिभूतिदेनेकाआदेश |
धारा 136 के अंतर्गत हिरासत की अवधि क्या है? | जबतकवहप्रतिभूतिनहींदेतायानिर्देशितअवधिपूरीनहींहोजाती |
क्या धारा 136 केवल धारा 135 के उल्लंघन पर लागू होती है? | हाँ |
धारा 136 के अंतर्गत हिरासत में लेने का अधिकार किसे है? | मजिस्ट्रेट |
क्या हिरासत में लिया गया व्यक्ति प्रतिभूति देने के बाद रिहा हो सकता है? | हाँ |
धारा 137 किससे संबंधित है? | उसव्यक्तिकाउन्मोचनजिसकेविरुद्धइत्तिलादीगईहै |
धारा 138 किससे संबंधित है? | जिसअवधिकेलिएप्रतिभूतिअपेक्षितकीगईहैउसकाप्रारंभ |
प्रतिभूतिकीनिर्धारितअवधि कब प्रारंभ होती है? | जबप्रतिभूतिनिष्पादित (execute) कीजातीहै |
यदि अदालत 1 मई को प्रतिभूति देने का आदेश देती है और अभियुक्त 5 मई को प्रतिभूति देता है, तो अवधि कब से मानी जाएगी? | 5 मई |
धारा 138 किससे संबंधित है? | प्रतिभूतिकीअवधिकीसटीकगणनासुनिश्चितकरना |
यदि अभियुक्त प्रतिभूति देने में देरी करता है, तो क्या प्रतिभूति की अवधि पीछे से लागू होगी? | नहीं |
प्रतिभूति निष्पादन के बिना क्या अवधि प्रारंभ मानी जाती है? | नहीं, निष्पादनआवश्यकहै |
यदि अभियुक्त ने प्रतिभूति आदेश की तारीख के 10 दिन बाद प्रतिभूति निष्पादित की, तो कौन-सी तारीख से अवधि प्रारंभ मानी जाएगी? | प्रतिभूतिनिष्पादनकीतिथि |
धारा 139 किससे संबंधित है? | बंधपत्रकीअंतर्वस्तुएं |
बंधपत्र में क्या अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए? | प्रतिभूतिकीराशिऔरउद्देश्य |
क्या बंधपत्रमेंजमानतदाता का विवरण आवश्यक है? | हाँ, अगरजमानतदाताहै |
यदि बंधपत्र में आवश्यक विवरण नहीं हैं, तो उसका प्रभाव क्या होगा? | वहविधिकरूपसेअमान्यहोसकताहै |
किस निर्णय में उचितअवसरऔरकारणकाउल्लेख को सर्वोपरि माना गया? | मेनकागांधीबनामभारतसंघ (1978) |
किस निर्णय में न्यायालय ने बंधपत्रकीस्पष्टशर्तोंऔरउद्देश्यकावर्णनआवश्यकहै पर बल दिया? | समरेंद्रनाथबनामपश्चिमबंगालराज्य |
क्या कोई व्यक्ति बिना स्पष्ट शर्तों के बंधपत्र निष्पादित कर सकता है? | नहीं, सभीशर्तोंकास्पष्टउल्लेखआवश्यकहै |
धारा 140 किससे संबंधित है? | प्रतिभुओंकोअस्वीकारकरनेकीशक्ति |
न्यायालय किस स्थिति में प्रतिभूति को अस्वीकार कर सकता है? | जबन्यायालयकोसंदेहहोकिवहसक्षमनहींहै |
क्या मजिस्ट्रेट को बिना कारण बताए प्रतिभूति अस्वीकार करने का अधिकार है? | नहीं, कारणबतानाआवश्यकहै |
क्या अभियुक्त दूसरी बार नई प्रतिभूति प्रस्तुत कर सकता है यदि पहली अस्वीकार हो जाए? | हाँ |
मजिस्ट्रेट द्वारा प्रतिभूति अस्वीकार करने का अधिकार किस पर आधारित होता है? | न्यायिकविवेक (Judicial Discretion) पर |
अस्वीकृत प्रतिभूति का क्या प्रभाव होता है? | अभियुक्तकोन्यायिकहिरासतमेंलियाजाताहै |
किस निर्णय में सख्त जमानत नियमों पर पुनर्विचार की चर्चा थी? | हुस्नाराखातूनबनामबिहारराज्य (AIR 1979 SC 1369) |
यदि प्रतिभूति केवल नाम मात्र की हो और वह सक्षम नहीं हो, तो क्या मजिस्ट्रेट उसे अस्वीकार कर सकता है? | हाँ, स्पष्टआधारदेकर |
धारा 141 किससे संबंधित है? | प्रतिभूतिदेनेमेंव्यतिक्रमहोनेपरकारावास |
यदि अभियुक्त प्रतिभूति देने में असफल होता है, तो उसे किसके आदेश पर कारावास में डाला जा सकता है? | मजिस्ट्रेट |
क्या धारा 141 के अंतर्गत कारावास एक दंडात्मक सजा है? | नहीं, यहनिवारकहै |
कारावास की अवधि कितनी होती है जब तक प्रतिभूति न दी जाए? | वहअवधिजोआदेशमेंनिर्दिष्टहो |
क्या अभियुक्त प्रतिभूति न दे पाने की स्थिति में पुनःआवेदन कर सकता है? | हाँ |
प्रतिभूति देने में असफल व्यक्ति को हिरासत में क्यों लिया जाता है? | यहसुनिश्चितकरनेकेलिएकिवहबादमेंप्रतिभूतिदेगा |
धारा 142 किससे संबंधित है? | प्रतिभूतिदेनेमेंअसफलताकेकारणकारावासितव्यक्तियोंकोछोड़नेकीशक्ति |
यदि कोई व्यक्ति प्रतिभूति नहीं देता है, तो उसे अधिकतम कितने समय तक कारावास में रखा जा सकता है? | जबतकप्रतिभूतिनदीजाएयाअधिकतमअवधिसमाप्तनहोजाए |
किस निर्णय में कहा गया कि रिहाईकेलिएमजिस्ट्रेटकाविवेकजरूरीहै? | सुरेशचंद्रबनामबिहारराज्य (पटनाउच्चन्यायालय) |
धारा 142 के अंतर्गत रिहाई आदेश किस स्थिति में नहीं दिया जा सकता? | यदिव्यक्तिअभीभीप्रतिभूतिदेनेकोतैयारनहींहै |
धारा 143 किससे संबंधित है? | बंधपत्रकीशेषअवधिकेलिएप्रतिभूति |
यदि कोई व्यक्ति प्रतिभूति की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो धारा 143 के अंतर्गत क्या किया जा सकता है? | उसेशेषअवधिकेलिएपुनःप्रतिभूतिदेनेकाआदेशदियाजाताहै |
बंधपत्र की शेष अवधि का तात्पर्य किससेहै? | बंधपत्रसमाप्तहोनेतककीशेषअवधि |
किस निर्णय में कहा गया कि बंधपत्रकीशर्तेंन्यायालयद्वारास्पष्टरूपसेनिर्दिष्टहोनीचाहिए? | रामनारायणसिंहबनामदिल्लीराज्य (एआईआर 1953 एससी 277) |
किस निर्णय में कहा गया कि न्यायालयकाक्याकर्तव्यहोताहैजबकोईव्यक्तिबंधपत्रकीशर्तोंकाउल्लंघनकरताहै, उसेशेषअवधिकेलिएपुनःप्रतिभूतिदेनेकोकहना? | गुरबख्शसिंहसिब्बियाबनामपंजाबराज्य (एआईआर 1980 एससी 1632) |
अध्याय 10 | |
पत्नी, संतानऔरमाता-पिताकेभरणपोषणलिएआदेश (Order For Maintenance of Wives, Children and Parents) | |
धारा 144 किससे संबंधित है? | पत्नी, संतानऔरमाता-पिताकेभरणपोषणलिएआदेश |
धारा 144 के तहत भरणपोषण के लिए आदेश किसे दिया जा सकता है? | पति, जोभरणपोषणदेनेमेंअसफलहै |
धारा 144 के तहत किन व्यक्तियों को भरणपोषण प्राप्त करने का अधिकार है? | पत्नी, नाबालिगसंतानऔरमाता-पिता |
क्या धारा 144 के अंतर्गत विवाहित पुत्री को भरणपोषण मिल सकता है? | हाँ, यदिवहशारीरिकयामानसिकरूपसेअक्षमहो |
क्या मजिस्ट्रेट बिना साक्ष्य के भरणपोषण आदेश दे सकता है? | नहीं |
किस निर्णय में कहा गया कि मुस्लिममहिलाकोभीधारा 125 CrPC (अबधारा 144 BNSS) केअंतर्गतभरणपोषणकाअधिकारहै? | मो. अहमदखानबनामशाहबानोबेगम (1985 एआईआर 945) |
किस निर्णय में कहा गया कि भरणपोषणयाचिकाकोशीघ्रनिपटानाआवश्यकहै? | भुवनमोहनसिंहबनाममीना (2014 SC) |
किस निर्णय में कहा गया कि पूर्वन्यायालयकोपत्नीकीआवश्यकताऔरपतिकीआयपरविचारकरनाचाहिए? | चतुर्भुजबनामसीताबाई (2008 SC) |
किस निर्णय में कहा गया कि पत्नीकाकमानेयोग्यहोनाभरणपोषणरोकनेकाआधारनहीं? | शैलजाऔरअन्य. वी. खोब्बान्ना (2017 SC) |
यदि पति भरणपोषण आदेश का पालन नहीं करता तो क्या हो सकता है? | मजिस्ट्रेटउसेकारावासकीसजादेसकताहै |
भरण-पोषणकीप्रक्रियाकोसुव्यवस्थितकरना किस केस से संबंधित है? | रजनेशबनामनेहा (2020) |
किस निर्णय में कहा गया कि भरण-पोषणआदेशकेमामलोंमेंदेरीन्यायसेवंचितकरनाहै? | भुवनमोहनसिंहबनाममीनाएवंअन्य (2014) |
किस निर्णय में कहा गया कि पत्नीकोअलगरहनेकाकारणसिद्धकरनाजरूरीनहींहैयदिवहअलगरहरहीहैऔरभरण-पोषणमांगरहीहै | चतुर्भुजबनामसीताबाई (2008)
|
धारा 144 के तहत भरण-पोषण आदेश की अवहेलना करने पर क्या सजा हो सकती है? | जबतकभुगताननहोतबतककारावास |
क्या धारा 144 के अंतर्गत अंतरिम भरण-पोषण (interim maintenance) का आदेश भी दिया जा सकता है? | हाँ, सभीको |
धारा 144 के अंतर्गत आवेदन किस न्यायालय में दायर किया जाता है? | प्रथमश्रेणीकामजिस्ट्रेट |
धारा 144 के अंतर्गत अधिकतम मासिक भरण-पोषण राशि कितनी हो सकती है? | कोईनिश्चितसीमानहीं |
धारा 144 के अंतर्गत भरण-पोषण पाने का अधिकार किसे प्राप्त है? | पत्नी, संतानऔरमाता-पिता |
धारा 145 किस विषय से संबंधित है? | भरण-पोषणआदेशकीप्रक्रिया |
धारा 145 में आदेश पारित करने के लिए किन बातों का विचार किया जाता है? | आरोपीकीआमदनी पत्नीयामाता-पिताकीआवश्यकता |
धारा 145 के तहत मजिस्ट्रेट किसका ध्यान रखते हुए आदेश देता है? | व्यक्तिकीआर्थिकस्थितिऔरभरण-पोषणकीज़रूरत |
क्या धारा 145 में आदेश पारित करने से पहले पक्षों को सुनवाई का अधिकार होता है? | हाँ, दोनोंपक्षोंको |
क्या मजिस्ट्रेट धारा 145 के तहत अंतरिम आदेश पारित कर सकता है? | हाँ |
यदि व्यक्ति आदेश का पालन नहीं करता, तो क्या हो सकता है? | उसकीसंपत्तिजब्तकीजासकतीहै उसकेविरुद्धगिरफ्तारीवारंटजारीकियाजासकताहै |
धारा 145 के तहत मजिस्ट्रेट किसके विरुद्ध आदेश पारित कर सकता है? | वहव्यक्तिजोभरण-पोषणदेनेमेंअसफलरहाहो |
क्या धारा 145 के तहत आदेश संशोधित किया जा सकता है? | हाँ |
किस निर्णय में कहा गया कि पत्नीकोसम्मानपूर्वकजीवनजीनेकाअधिकारहै | शमीमाफारूकीबनामशाहिदखान (2015) |
अंतरिमभरण-पोषण से संबंधित है? | राजथीबनामसी. गणेशन (2017) |
किस निर्णय में कहा गया कि भरण-पोषणविलम्बसेनहींमिलनाचाहिए? | भुवनमोहनसिंहबनाममीना (2014) |
किस निर्णय में कहा गया कि सौतेलीमाँकोभरण-पोषणअधिकारनहींहै | कीर्तिकांतडी. वडोदरियाबनामगुजरातराज्य (1996) |
किस निर्णय में कहा गया कि नौकरीनहोनेपरभीपत्नीभरण-पोषणकीहकदार? | सुनीताकछवाहाबनामअनिलकछवाहा (2014) |
धारा 146 का संबंध किससेहै? | भत्ते (Maintenance Allowance) मेंपरिवर्तन |
धारा 146 के अंतर्गत किसे भत्ते में परिवर्तन की मांग करने का अधिकार है? | भत्ताप्राप्तकरनेवालायादेनेवालाकोईभीपक्ष |
भत्ते में परिवर्तन के लिए क्या आवश्यक है? | आर्थिकस्थितिमेंपरिवर्तन |
मजिस्ट्रेट को भत्ते में परिवर्तन का आदेश पारित करने के लिए क्या देखना होता है? | आयमेंवृद्धियाकमी |
धारा 146 के अंतर्गत आदेश पारित कौन करता है? | प्रथमश्रेणीमजिस्ट्रेट |
भत्तेमेंसंशोधनकेलिए कौन सा केस मार्गदर्शकसिद्धांतों को स्पष्ट करता है? | रजनेशबनामनेहा (2020) |
धारा 147 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | भरण-पोषणआदेशोंकाप्रवर्तन (Enforcement) |
धारा 147 के अंतर्गत भरण-पोषण की अदायगी न करने पर क्या दंड हो सकता है? | आर्थिकदंडकारावास |
धारा 147 के तहत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है? | 3 महीने |
भरण-पोषण की राशि का भुगतान न करने पर अदालत क्या कर सकती है? | वारंटजारीकरसकतीहै संपत्तिज़ब्तकरसकतीहै |
किस निर्णय में कहा गया कि अदालतकारावासकेसाथ-साथराशिकीवसूलीभीकरसकतीहै | शैलकुमारीदेवीबनामकृष्णभगवानपाठक (2008) |
अध्याय11 | |
लोकव्यवस्थाऔरप्रशांतिबनाएरखना (Maintenance Of Public Order and Tranquillity) | |
क - विधिविरुद्धजमाव (Unlawful Assemblies) | |
| धारा 148 का संबंध किससे है? | सिविलबलकेप्रयोगद्वाराजमाव कोतितर-बितरकरना |
| धारा 149 का संबंध किससे है? | जमावकोतितर-बितरकरनेकेलिएसशस्त्रबलकाप्रयोग |
| धारा 150 का संबंध किससे है? | जमावकोतितर-बितरकरनेकीसशस्त्रबलकेकतिपयअधिकारियोंकीशक्ति |
| धारा 151 का संबंध किससे है? | धारा148, धारा149 तथाधारा150 केअधीनकिएगएकार्योंकेलिएअभियोजनसेसंरक्ष |
| |
ख - लोकन्यूसेन्स (Publice Nuisances) | |
धारा 152 किससे संबंधित है? | न्यूसेन्सहटानेकेलिएसशर्तआदेशसे |
धारा 152 के अंतर्गत कौन अधिकारी सशर्त आदेश दे सकता है? | जिलामजिस्ट्रेटया उपखंडमजिस्ट्रेटया राज्यसरकारद्वाराइसनिमित्तविशेषतयासशक्तकिसीअन्यकार्यपालिकामजिस्ट्रेट |
धारा 152 के तहत उपद्रव में क्या शामिल नहीं होता? | वैधव्यवसाय |
धारा 152 के अंतर्गत किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारितसशर्तआदेशकोसिविलन्यायालयमेंचुनौतीनहींदीजासकती। यह कथन- | सहीहै |
किस धारा के अंतर्गत एकजिलामजिस्ट्रेटअथवाउपखंडमजिस्ट्रेटपर्यावरणीयप्रदूषणकोरोकसकताहै- | धारा 152 |
सार्वजनिक स्थल पर प्रदूषण फैलाने वाला कारखाना किस धारा के अंतर्गत हटाया जा सकता है? | धारा 152 |
किस मामले मेंसर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिकहितमेंउपद्रवहटानाआवश्यकहै, पर बल दिया? | कचरूलालभागीरथअग्रवालबनाममहाराष्ट्रराज्य (2005) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने नगरपालिकाकीजिम्मेदारीहैकिवहन्यूसेन्सदूरकरे कहा? | नगरपरिषद, रतलामबनामवरदीचन (AIR 1980 SC 1622) |
धारा 153 किस विषय से संबंधित है? | आदेशकीतामीलयाअधिसूचना |
धारा 153 के अनुसार आदेश की तामील कैसे की जा सकती है? | जोसमनोंकीतामीलकेलिएउपबंधितहै |
यदि आदेश की व्यक्तिगत तामील संभव न हो, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | आदेशकीसार्वजनिकअधिसूचनाकरसकताहै |
धारा 153 के तहत सार्वजनिक अधिसूचना का क्या अर्थ है? | स्थानपरआदेशकीप्रतिचिपकानायास्थानीयसमाचारपत्रमेंप्रकाशितकरना |
धारा 153 के अंतर्गत आदेश तामील करने का दायित्व किसका है? | पुलिसअधिकारी |
किस स्थिति में आदेश की तामील अधिसूचना के माध्यम से की जाती है? | जबआरोपीफरारहो |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अधिसूचनाकेमाध्यमसेतामीलविधिसम्मतहै कहा था? | पंजाबराज्यबनामअमरसिंह (AIR 1974 SC 994) |
किस मामले में डिक्री की अधिसूचना से सार्वजनिकहितकेमामलोंमेंअधिसूचनाजरूरीहै, संबंध है? | एम.सी. मेहताबनामभारतसंघ (1987) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तामील पर न्यायपूर्णतामीलन्यायसंगतप्रक्रियाकाहिस्साहै टिप्पणी की? | हरिशंकरबनामरावगिरधारीलालचौधरी (AIR 1963 SC 698) |
धारा 154 में किसका प्रावधान है? | जिसव्यक्तिकोआदेशसंबोधितहैवहउसकापालनकरेयाकारणदर्शितकरे |
यदि कोई व्यक्ति धारा 154 के अंतर्गत आदेश का पालन नहीं करता और कारण नहीं दर्शाता, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | दंडात्मककार्यवाहीकरसकताहै |
किस मामले मेंकारणनदेनेपरन्यायालयदंडात्मककार्यवाहीकरसकताहै, स्थापित किया गया? | गोपालदासबनामराजस्थानराज्य (एआईआर 1961 राज 153) |
किस मामले में कारणबतानेकाअवसरदेनाअनिवार्यहै, सर्वोच्च न्यायालय ने किसका सिद्धांत स्पष्ट किया? | बिहारराज्यबनामकामेश्वरसिंह (1952 SC) |
यदिव्यक्तियहदावाकरेकिवहआदेशप्राप्तनहींकरसका, तो कौन-सा केस लागू हो सकता है? | राज्यबनामहरिशंकरएआईआर 1970 एमपी 234 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की किस धारा के अंतर्गत एकमजिस्ट्रेटसीधेस्थानीयअन्वेषणकानिर्देशजारीकरसकताहै? | धारा 158 |
किस समुचित धारा के अंतर्गत एक मजिस्ट्रेट व्यादेश जारी कर सकता है? | धारा 161 |
एक मजिस्ट्रेटकोआशंकितखतरेअथवान्यूसेंसके 'अर्जेण्ट मामलों से निपटने हेतु शक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की किस धारा में प्राप्त हैं- | धारा 164 |
धारा 162 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यूसेंसयाआशंकितखतरेकेअर्जेंटमामलोंमैंआदेशजारीकरनेकीशक्ति |
धारा 162 का आदेश किस परिस्थिति में जारी किया जा सकता है? | जबतत्कालखतरा |
ग- न्यूसेंसयाआशंकितखतरेकेअर्जेंटमामले (Urgent Cases of Nuisance or Apprehended Ddanger) | |
| धारा 163 में किसका प्रावधान है? | जिलामजिस्ट्रेट |
घ-स्थावरसंपत्तिकेबारेमेंविवाद; (Disputes as to Immovable Property) | |
धारा 164 किस प्रकार की संपत्ति के विवाद पर लागू होती है? | स्थावरसंपत्ति |
धारा 164 किससे सम्बंधित है? | जहांभूमियाजलसेसंबद्धविवादोंसेपरिशन्तिभांगहोनासंभाव्यहैवहांप्रक्रिया |
धारा 164 के अंतर्गत कौन अधिकारी आदेश दे सकता है? | जिलामजिस्ट्रेटया उपखंडमजिस्ट्रेटया राज्यसरकारद्वाराइसनिमित्तविशेषतयासशक्तकिसीअन्यकार्यपालिकामजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट किस स्थिति में धारा 164 के तहत हस्तक्षेप कर सकता है? | जबविवादसेलोक-शांतिभंगहोनेकीआशंकाहो |
धारा 164 के तहत आदेश जारी करने से पहले मजिस्ट्रेट को क्या करना आवश्यक है? | पक्षकारोंकोनोटिसदेना |
धारा 164केआदेशको कौन चुनौती दे सकता है? | उच्चन्यायालयकेसमक्ष |
धारा 165 किससे सम्बंधित है? | विवादकीविषयवस्तुकाकुर्ककरनेकीऔररिसीवरनियुक्तकरनेकीशक्ति |
धारा 166 किससे सम्बंधित है? | भूमियाजलकेउपयोगकेअधिकारसेसंबद्धविवाद |
धारा 167 किससे सम्बंधित है? | स्थानीयजांच |
अध्याय12 | |
पुलिसकानिवारककार्य (Preventive Action of the Police) | |
धारा 168 किससे सम्बंधित है? | पुलिसकासंज्ञेयअपराधोंकानिवारणकरना |
क्या पुलिस बिना वारंट के निवारक गिरफ्तारी कर सकती है? | हाँ, यदिउसेसंदेहहोकिव्यक्तिअपराधकरसकताहै |
“प्रत्येक पुलिस अधिकारी किसी संज्ञेय अपराध के किए जाने का निवारण करने के प्रयोजन से अन्तःक्षेप कर सकेगा और अपनी पूरी सामर्थ्य से उसे निवारित करेगा”, | धारा 168 |
निवारक कार्यवाही के तहत पुलिस किसे सूचित करने की बाध्यता रखती है? | मजिस्ट्रेट |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट का निवारकगिरफ्तारीमेंमौलिकअधिकारस्थगितहोसकतेहैं, मुख्य निष्कर्ष क्या था? | एडीएमजबलपुरबनामशिवकांतशुक्ला (1976) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिसकोस्वतंत्ररूपसेकार्यकरनेकीशक्तिहै, बात को स्पष्ट किया? | बिहारराज्यबनामजे.ए.सी. सल्दान्हा (1980) |
धारा 169 किससे सम्बंधित है? | संज्ञेयअपराधोंकेकिएजानेकीपरिकल्पनाकीइत्तिला |
धारा 170 किससे सम्बंधित है? | संज्ञेयअपराधोंकाकियाजानारोकनेकेलिएगिरफ्तारी |
धारा 171 किससे सम्बंधित है? | लोकसंपत्तिकीहानिकानिवारण |
धारा 172 किससे सम्बंधित है? | व्यक्तियोंकापुलिसकेयुक्तियुक्तनिदेशोंकेअनुरूपबाध्यहोना |
अध्याय13 | |
पुलिसकोइतिलाऔरउनकीअन्वेषणकरनेकीशक्तियां (Information To the Police and Their Powers to Investigate) | |
धारा 173 के अंतर्गत कौन-सा अपराध शामिल होता है? | संज्ञेयअपराध |
धारा 173 किससे सम्बंधित है? | संज्ञेयमामलोंमेंइत्तिला |
किसी प्रथम सूचना में एक अपराध संज्ञेय है तो संपूर्ण मामले को क्या माना जाएगा- | संज्ञेय |
किसी संज्ञेय अपराध के घटित होने की प्रत्येक सूचना पर किसके हस्ताक्षर होने आवश्यक हैं- | सूचनादेनेवालेके |
किस मामले में संज्ञेयअपराधमें FIR दर्जकरनाअनिवार्यहै, सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया? | ललिताकुमारीबनामसरकारयूपीके (2014) |
किस मामले में गलत FIR रद्दकीजासकतीहै, कोर्ट ने क्या स्पष्ट किया? | हरियाणाराज्यबनामभजनलाल (1992) |
किस मामले में एकअपराधकेलिएकेवलएक FIR वैधहोतीहै, मुख्य निष्कर्ष था? | टी.टी. एंटनीबनामकेरलराज्य (2001) |
प्रथम सूचना रिपोर्ट एक सारभूत साक्ष्य नहीं होता, विचारण के दौरान इसका उपयोग किस प्रयोजन से किया जा सकता है? | केवलसूचनादेनेवालेकेसाक्ष्यकीपुष्टिकरनेहेतु, केवलसूचनादेनेवालेकेसाक्ष्यकेखंडनहेतु |
बलात्संगपीड़ित द्वारा दी जाने वाली सूचना को कौन दर्ज करेगा? | महिलापुलिसअधिकारीअथवाकोईमहिलाअधिकारी |
धारा 174 का संबंध किस प्रकार के अपराधों से है? | असंज्ञेयअपराध |
धारा 174 के तहत पुलिस अधिकारी असंज्ञेयअपराध की सूचना पर क्या कर सकता है? | मजिस्ट्रेटकीपूर्वअनुमतिसेजांचकरसकताहै |
यदि कोई असंज्ञेय अपराध घटित होता है, तो पुलिस सबसे पहले क्या करेगी? | सूचनाकोरजिस्टरमेंदर्जकरेगी |
असंज्ञेयअपराधमेंजांचप्रारंभ करने के लिए पुलिस को किसकी अनुमति लेनी होती है? | मजिस्ट्रेट |
धारा 175 का संबंध किससेहै? | संज्ञेयमामलोंकाअन्वेषणकरनेकीपुलिसअधिकारीकीशक्ति |
संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है? | तुरंतअन्वेषणप्रारंभकरसकताहै |
पुलिस को संज्ञेय अपराध की जांच प्रारंभ करने के लिए किसकी अनुमति लेनी होती है? | कोईअनुमतिआवश्यकनहीं |
यदि पुलिससंज्ञेयअपराधकीसूचनापर FIR दर्जनहींकरती, तो पीड़ित क्या कर सकता है? | मजिस्ट्रेटकेपासजासकताहै |
धारा 176 का संबंध किससेहै? | अन्वेषणकेलिएप्रक्रिया |
धारा 176 के अंतर्गत अन्वेषण कौन करता है? | धारा 176 केअंतर्गतअन्वेषणकौनकरताहै? |
अन्वेषण के बाद पुलिस किस रिपोर्ट को न्यायालय में प्रस्तुत करती है? | आरोपपत्र (चार्जशीट) |
यदि अन्वेषण में कोई अपराध नहीं पाया गया, तो पुलिस क्या दाखिल कर सकती है? | फाइनलरिपोर्ट (क्लोजररिपोर्ट) |
धारा 177 किससे संबंधित है? | रिपोर्टकैसेदीजाएंगी |
धारा 177 के अनुसार रिपोर्ट किसे दी जानी चाहिए? | मजिस्ट्रेटकोजोइसपरसंज्ञानलेनेकेलिएसक्षमहै |
अन्वेषणकेपश्चातपुलिसअधिकारी द्वारा रिपोर्ट किस रूप में प्रस्तुत की जाती है? | लिखितरूपमेंऔरहस्ताक्षरसहित |
क्या रिपोर्ट में संपूर्ण विवरण देना आवश्यक है? | हाँ, अन्वेषणकेसमस्ततथ्योंकासंक्षेप |
धारा 177 के अंतर्गत रिपोर्ट में किन तथ्यों को शामिल करना आवश्यक होता है? | अपराध, साक्ष्य, औरगवाहोंकीजानकारी |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया मजिस्ट्रेटरिपोर्टकेआधारपरअभियोजनचलासकताहै? | भगवंतसिंहबनामपुलिसआयुक्त (1985) |
रिपोर्टकीमजिस्ट्रेटकेपासवैधता किस केससे संबंधित है? | बिहारराज्यबनामजेएसीसलदान्हा (1980) |
धारा 178 किससे संबंधित है? | अन्वेषणयाप्रारंभिकजांचकरनेकीशक्ति |
धारा 178 किसे प्रारंभिक जांच या अन्वेषण की शक्ति प्रदान करती है? | पुलिसअधिकारी |
क्या धारा 178 पुलिस अधिकारी को असंज्ञेय अपराधों की प्रारंभिक जांच की अनुमति देती है? | हाँ, यदिमजिस्ट्रेटकीअनुमतिप्राप्तहो |
धारा 179 किससे संबंधित है? | साक्षियोंकीहाजिरीकीअपेक्षाकरनेकीपुलिसअधिकारीकीशक्ति |
धारा 179 के अंतर्गत पुलिस अधिकारी किसे उपस्थित होने के लिए कह सकता है? | साक्षी |
धारा 179 के अंतर्गत, क्या पुलिसअधिकारीऐसेकिसीव्यक्तिकोभीबुलासकताहै जो घटनास्थल के पास रहता हो? | हाँ |
यदि कोई व्यक्ति धारा 179 के अंतर्गत पुलिसकीउपस्थितिमाँगकापालननहींकरताहै, तो क्या हो सकता है? | पुलिसउसेगिरफ्तारकरसकतीहै |
धारा 179 में किस मामले मेंकहा गया कि "पुलिसजांचकेदौरानसाक्षीकासहयोगअत्यंतआवश्यकहै"? | पाखरसिंहबनामराजस्थानराज्य (AIR 1972 SC 482) |
धारा 180 किससे संबंधित है? | पुलिसद्वारासाक्षियोंकीपरीक्षा |
साक्षी का बयान धारा 180 में किस रूप में रिकॉर्ड किया जाता है? | पुलिसडायरीमेंलिखितरूपमें |
किस मामले मेंसुप्रीमकोर्टनेयहस्पष्टकियाकिपुलिसकेसमक्षदिएगएसाक्ष्यकाप्रयोगकेवलपुष्टिकरनेहेतुहोसकताहै? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामरमेशप्रसादमिश्रा (एआईआर 1996 एससी 2766) (AIR 1996 SC 2766) |
धारा 181 किससे संबंधित है? | पुलिसकोकियागयाकथनऔरउसकाउपयोग |
धारा 181 के अनुसार पुलिस अधिकारी को दिया गया कथन कब साक्ष्य के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता? | जबवहमजिस्ट्रेटकेसामनेनदियागयाहो |
क्या पुलिस को किया गया कथन अभियोजन के दौरान प्रत्यक्ष साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया जा सकता है? | नहीं |
धारा 181 के अनुसार पुलिस के समक्ष कथन को साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया जा सकता है — | केवलतभीजबवहमजिस्ट्रेटकेसामनेदर्जहो |
धारा 182 किससे संबंधित है? | कोईउत्प्रेरणानदियाजाना |
धारा 182 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोउत्प्रेरणासेबचाना |
धारा 183 किससे संबंधित है? | संस्वीकृतियोंऔरकथनोंकोअभिलिखितकरना |
धारा 183(1) के अनुसार, किसे संस्वीकृतियाकथनअभिलिखित करने का अधिकार है? | कोईभीमजिस्ट्रेट |
संस्वीकृति अभिलिखित करने से पहले मजिस्ट्रेट को क्या करना आवश्यक है? | आरोपीकोयहबतानाकिवहसंस्वीकृतिदेनेकेलिएबाध्यनहींहै |
यदि कोई व्यक्ति संस्वीकृति देने से मना करता है, तो मजिस्ट्रेट को क्या करना चाहिए? | उसेपुलिसहिरासतमेंरखनेकीअनुमतिनहींदेना |
यदि कोई व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम है, तो उसका बयान कैसे अभिलिखित किया जाएगा? | अनुवादकयाविशेषशिक्षककीसहायतासे, ऑडियो-वीडियोरिकॉर्डिंगद्वारा |
धारा 183(6) के तहत, महिलापीड़िताकाकथन किसे अभिलिखित करना चाहिए? | महिलामजिस्ट्रेट |
धारा 183(7) के अनुसार, अभिलिखितसंस्वीकृतियाबयान को कहाँ भेजा जाएगा? | संबंधितमजिस्ट्रेटको |
इलाहाबादहाईकोर्टने किस मामले में कहा किजांचअधिकारीकोधारा 183 केतहतकिसीविशेष साक्षी काबयानदर्जकरनेकेलिएमजबूरनहींकियाजासकता? | काजलबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
किस मामले में इलाहाबादहाईकोर्टनेनिर्देशदियाकिचार्जशीटपरसंज्ञानलिएजानेतकपीड़ितोंकेबयानकीप्रमाणितकॉपीकिसीकोभीजारीनहींकरनीचाहिए? | उजालाऔरअन्यबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
धारा 184 किससे संबंधित है? | बलात्संगकेपीड़ितव्यक्तिकीचिकित्सीयपरीक्षा |
धारा 184(1) के अनुसार, बलात्कारपीड़िताकाचिकित्सीयपरीक्षण किसके द्वारा किया जाएगा? | कोईभीपंजीकृतचिकित्साप्रैक्टिशनर, यदिमहिलाउपलब्धनहो |
बलात्कार पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कब किया जाना चाहिए? | घटनाके 24 घंटेकेभीतर |
यदि पीड़िता मानसिकयाशारीरिकरूपसेअसमर्थहै, तो उसकी ओर से कौन सहमति दे सकता है? | कोईसक्षमव्यक्ति |
चिकित्सीय रिपोर्ट में क्या जानकारी शामिल होनी चाहिए? | पीड़िताकानामऔरपता डीएनएप्रोफाइलिंगकेलिएसामग्रीकाविवरण शरीरपरचोटकेनिशानकाविवरण |
चिकित्सीय रिपोर्ट में क्या होना चाहिए? | निष्कर्षोंकेकारण |
चिकित्सीय परीक्षण के लिए सहमति कब आवश्यक नहीं है? | जबपीड़ितामानसिकरूपसेअसमर्थहै जबपीड़ितासहमतिदेतीहै जबपीड़ितासहमतिनहींदेतीहै |
चिकित्सीय रिपोर्ट को जांच अधिकारी को कितने दिनों के भीतर भेजना चाहिए? | 7 दिन |
यदि पीड़िता सहमति नहीं देती है, तो क्या चिकित्सीय परीक्षण किया जा सकता है? | नहीं, सहमतिकेबिनापरीक्षणनहींकियाजासकता |
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने किस मामले में सुझाव दिया कि बलात्कारपीड़िताकीचिकित्सीयजांचकेवलमहिलाचिकित्सकोंद्वाराकीजानीचाहिए? | अजयकुमारबेहराबनामकर्नाटकराज्य |
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बलात्कारपीड़िताकीचिकित्सीयजांचकेलिएकिसकीदेखरेखकीआवश्यकताबताई? | महिलाचिकित्सकयाउनकीदेखरेखमें |
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने किस रिपोर्ट को अपठनीय बताया? | चिकित्सीयरिपोर्ट |
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने चिकित्सीय रिपोर्ट के लिए किस प्रकार की रिपोर्ट की आवश्यकता बताई? | कंप्यूटरद्वारातैयारयास्पष्टरूपसेलिखीगईरिपोर्ट |
पुलिस अधिकारी किस स्थिति में धारा185 के अंतर्गत तलाशी ले सकता है? | अपनीरायमेंआवश्यकवस्तुकीबरामदीकेलिए |
धारा 185 किससे संबंधित है? | पुलिसअधिकारीद्वारातलाशी |
धारा185 के अनुसार, तलाशी के समय क्या अनिवार्य है? | स्वतंत्रसाक्षीकीउपस्थिति |
यदि तलाशी किसी महिला के स्थान पर की जाती है, तो क्या प्रावधान है? | महिलापुलिसअधिकारीकीउपस्थितिआवश्यकहै |
पुलिस अधिकारी द्वारा की गई तलाशी का रिकॉर्ड कौन तैयार करता है? | पुलिसअधिकारीस्वयं |
तलाशी के बाद जब्ती की गई वस्तुओं की सूची पर किसके हस्ताक्षर होने चाहिए? | स्वतंत्रसाक्षी |
कौन-सा मामला पुलिसद्वारातलाशीकीवैधतासेसंबंधितहै? | पंजाबराज्यबनामबलबीरसिंह |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि तलाशीकेदौराननारकोटिकड्रग्सऔरसाइकोट्रोपिकपदार्थ (एनडीपीएस) मामलोंमेंविशेषप्रावधानोंकापालनआवश्यकहै? | पंजाबराज्यबनामबलबीरसिंह |
किस मामले में न्यायालय ने कहा कि अवैधतलाशीसेप्राप्तसाक्ष्यभीस्वीकार्यहोसकतेहैं | पूरनमलबनामनिरीक्षणनिदेशक(1974) |
किस मामले में कोर्ट ने तलाशीमेंस्वतंत्रसाक्षीकीआवश्यकतासिद्धांत पर जोर दिया? | के.एल. सुब्बैयाबनामकर्नाटकराज्य |
तलाशीवज़ब्तीसेजुड़ेअनुच्छेद20(3) केअधिकार से संबंधित केस है- | एम.पी. शर्माबनामसतीशचंद्र |
यदि पुलिस अधिकारी किसी स्थान पर रात में तलाशी लेना चाहता है, तो उसे क्या करना चाहिए? | मजिस्ट्रेटसेअनुमतिप्राप्तकरे |
एक अकेली महिला के घर में तलाशी के दौरान पुलिस को क्या करना चाहिए? | महिलापुलिसअधिकारीकीउपस्थितिअनिवार्यहै |
पुलिस तलाशी के समय जब्ती सूची तैयार करता है, तो उसे किसे देना आवश्यक है? | वस्तुकेस्वामीको |
यदि कोई व्यक्ति तलाशी देने से मना करता है, तो पुलिस: | धारा185 केअंतर्गतबलप्रयोगकरसकतीहैयदिकानूनअनुसारहो |
पुलिसथानेकाभारसाधकअधिकारीकबकिसीअन्यअधिकारीसेतलाशीवारंटजारीकरनेकीअपेक्षाकरसकताहै, से संबंधित कौन सी धारा है? | धारा 186 |
धारा186 के अनुसार पुलिस थाने का भारसाधकअधिकारी कब तलाशी वारंटकेलिए किसी अन्य अधिकारी से अपेक्षा कर सकता है? | जबमजिस्ट्रेटअनुपलब्धहो |
धारा186 में उल्लिखित 'अन्यअधिकारी' से तात्पर्य किससेहै? | कोईअन्यवरिष्ठपुलिसअधिकारी |
यदि पुलिस अधिकारी को विश्वास है कि अपराध से संबंधित साक्ष्य को हटाया जा सकता है और मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं है, तो वह किस धारा के अंतर्गत कार्यवाही कर सकता है? | धारा186 |
धारा186 का उद्देश्य क्या है? | आपातकालीनस्थितिमेंशीघ्रतलाशीकराना |
धारा186 के तहत तलाशी किसके आदेश से ली जाती है, जब मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हो? | वरिष्ठपुलिसअधिकारीकेआदेशसे |
मजिस्ट्रेटकेबिनातलाशीकीवैधतासिद्धांत से संबंधित केस है? | महाराष्ट्रराज्यबनामनटवरलालदामोदरदाससोनी |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा अवैधतलाशीसेप्राप्तसाक्ष्यभीमान्यहोसकतेहैं? | पूरनमलबनामनिरीक्षणनिदेशक |
तलाशीऔरज़ब्तीकेमौलिकअधिकारोंपरप्रभाव से संबंधित केस है? | एम.पी. शर्माबनामसतीशचंद्र |
यदि पुलिस अधिकारी को जानकारी मिलती है कि अपराध से संबंधित साक्ष्य एक गोदाम में छिपा है और मजिस्ट्रेट अनुपलब्ध है, तो वह किस धारा का प्रयोग कर सकता है? | धारा186 |
एक दूर-दराज के गांव में, मजिस्ट्रेट तक पहुंचने में 12 घंटे लगते हैं, लेकिन एक संदिग्ध घर में साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश कर रहा है — पुलिस कैसे कार्य करेगी? | वरिष्ठपुलिसअधिकारीसेस्वीकृतिलेकरतलाशीलेसकतीहै (धारा186) |
यदि धारा186 के अंतर्गत तलाशी की जाती है, तो क्या दस्तावेज़ीकरण आवश्यक है? | हां, स्वतंत्रगवाहोंकीउपस्थितिऔरदस्तावेज़कीआवश्यकताहोतीहै |
धारा186 में वर्णित तलाशी का उद्देश्य क्या है? | आपातकालीनस्थितिमेंसाक्ष्यसुरक्षितकरना |
पुलिस थाने का भारसाधकअधिकारी किसे रिपोर्ट करेगा जब वह धारा186 के अंतर्गत तलाशी करता है? | मजिस्ट्रेटकोपश्चातरिपोर्ट |
यदि पुलिस 24 घंटे में अन्वेषण पूरा नहीं कर पाती है, तो उसे क्या करना आवश्यक है? | मजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतकरना |
धारा 187 किससे संबंधित है? | जबचौबीसघंटेकेअंदरअन्वेषणपूरानकियाजासके, तबप्रक्रिया |
धारा187 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुसार, मजिस्ट्रेट अधिकतम कितने दिनों की रिमांड दे सकता है? | 15 दिन |
यदि मजिस्ट्रेट पुलिस रिमांड देता है, तो वह किस प्रकार की हिरासत होगी? | पुलिसकस्टडी |
किसी व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखने के लिए कौन अनुमति देता है? | न्यायिकमजिस्ट्रेट |
धारा187 के अनुसार, पुलिस हिरासतऔरन्यायिकहिरासत की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? | 15 दिन (एकयादोनोंमिलाकर) |
धारा 187 के अंतर्गत अभिरक्षा की प्रकृति को न्यायिक अभिरक्षा से पुलिस अभिरक्षा में और विलोमतः परिवर्तित किया जा सकता है। ऐसा परिवर्तन किया जा सकता है- | पहलेपंद्रहदिनोंमें |
धारा 187 के तहत अपराधों, जिनके लिए सजा है मृत्यु, आजीवन कारावास या कम से कम 10 सालकीअवधि के कारावास की सजा के अलावा अन्यअपराधोंकेलिएजांचकेदौराननजरबंदीकीकुलअवधिकेलिएसीमा क्या है? | 60 दिन
|
जहां अन्वेषण ऐसे अपराध के संबंध में है जो मृत्यु, आजीवनकारावासयादसवर्षसेअधिककेकारावाससेदंडनीयहै वहां मजिस्ट्रेट अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में अधिकतम किस अवधि के लिए निरोध करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगा? | 90 दिन |
एक कार्यपालक मजिस्ट्रेट किसी अभियुक्त को अधिकतम कितनी अवधि हेतु अभिरक्षा में रखे जाने को अधिकृत कर सकता है- | 7 दिन |
किस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिसरिमांडकीअवधि पर मार्गदर्शन दिया? | सी.बी.आई. बनामअनुपमजे. कुलकर्णी (1992) |
किस मामले में मजिस्ट्रेटद्वारारिमांडदेनेसेपूर्वआरोपीसेबातकरनाआवश्यकहै पर ज़ोर दिया गया? | राज्यबनामधरमपाल(2003) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि 24 घंटेसेअधिकबिनामजिस्ट्रेटकीअनुमतिकेहिरासतअवैधहै? | खत्रीबनामबिहारराज्य (1981) |
पुलिस ने एक व्यक्ति को शाम 5 बजे गिरफ्तार किया, लेकिन अन्वेषण 24 घंटे में पूरा नहीं हुआ। उसे कब तक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना होगा? | अगलेदिनशाम5 बजेतक |
यदि मजिस्ट्रेटकेसमक्षप्रस्तुतकिएबिनापुलिसकिसीआरोपीको48 घंटेहिरासतमेंरखतीहै, तो यह किस अनुच्छेद का उल्लंघन है? | अनुच्छेद21 |
यदि मजिस्ट्रेट को लगता है कि पुलिस रिमांड जरूरी नहीं है, तो वह क्या कर सकता है? | आरोपीकोजेलभेजसकताहै (न्यायिकहिरासत) |
धारा 188 किससे संबंधित है? | अधीनस्थपुलिसअधिकारीद्वाराअन्वेषणकीरिपोर्ट |
धारा188 के तहत अन्वेषणरिपोर्ट प्रस्तुत करने का कर्तव्य किसका है? | अधीनस्थपुलिसअधिकारी |
जब अन्वेषण रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारी को प्रस्तुत की जाती है, तो वे क्या कर सकते हैं? | रिपोर्टकोसुधारनेकाआदेशदेसकतेहैं |
किसे अन्वेषण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अधीनस्थ पुलिस अधिकारी जिम्मेदार होता है? | वरिष्ठपुलिसअधिकारी |
धारा188 के अनुसार, यदि रिपोर्ट में कोई त्रुटि पाई जाती है तो क्या होगा? | वरिष्ठअधिकारीइसेसुधारसकतेहैं |
धारा188 में अन्वेषण रिपोर्ट में त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया किस प्रकार से होती है? | वरिष्ठअधिकारीद्वारानिर्देशितसुधार |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि अन्वेषणरिपोर्टमेंत्रुटियाँसुलझानेकाअधिकारवरिष्ठअधिकारीकोहै? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामएस.एन. शर्मा (1996) |
किस निर्णय में अन्वेषणरिपोर्टमेंसुधारकीप्रक्रियापरनिर्णयदियागयाथा? | के.के. वर्माबनामहरियाणाराज्य (1984) |
किस निर्णय में पुलिसद्वारारिपोर्टकेसुधारकाअधिकार पर चर्चा हुई थी? | रमेशचंदबनामराजस्थानराज्य (2003) |
अगर किसी अधीनस्थ पुलिस अधिकारी ने अन्वेषण की रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी दी हो, तो वरिष्ठ अधिकारी को क्या करना चाहिए? | रिपोर्टमेंसुधारकेलिएआदेशदेना |
यदि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अन्वेषण रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी पाता है, तो वह रिपोर्ट को किस स्तर पर वापस भेज सकता है? | पुलिसविभागकेउच्चअधिकारियोंकेपास |
एक पुलिस उपनिरीक्षक ने अन्वेषण रिपोर्ट में त्रुटि की पहचान की और वरिष्ठ अधिकारी को सुधारने के लिए प्रस्तुत किया, यह किस धारा के अंतर्गत आता है? | धारा188 |
धारा 189 किससे संबंधित है? | जबसाक्ष्यअपर्याप्तहोतबअभियुक्तकाछोड़ाजाना |
धारा189 के अनुसार, यदिसाक्ष्यअपर्याप्तहोतेहैं, तो क्या होता है? | अभियुक्तकोरिहाकरदियाजाताहै |
किस स्थिति में अभियुक्त को धारा189 के तहत रिहा किया जा सकता है? | जबअभियुक्तकेखिलाफकोईठोससाक्ष्यनहींहैं |
क्या साक्ष्य की अपर्याप्तता के आधार पर अभियुक्त की रिहाई को चुनौती दी जा सकती है? | हां, उच्चन्यायालयसेअपीलकीजासकतीहै |
धारा189 के तहत, यदिसाक्ष्यअपर्याप्तहैं, तोअदालतकोक्याकरनाचाहिए? | अभियुक्तकोरिहाकरदेनाचाहिए |
साक्ष्य की अपर्याप्तता के आधार पर अभियुक्त की रिहाई के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाती है? | न्यायालयद्वाराउचितसमयपररिहाईकाआदेश |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि यदिसाक्ष्यअपर्याप्तहो, तोअभियुक्तकोरिहाकियाजासकताहै? | राजस्थानराज्यबनामरमेश (1989) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि साक्ष्यअपर्याप्तहोनेपरअभियुक्तकोरिहाकियाजासकताहै? | जगन्नाथबनामबिहारराज्य (1995) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तकीरिहाईसेपहलेअदालतकोसाक्ष्यपरविचारकरनाचाहिए? | हरियाणाराज्यबनामबलवानसिंह (1998) |
अगर एक आरोपी के खिलाफ केवल संदेहपूर्ण साक्ष्य हैं और जांच में कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं, तो अदालत क्या निर्णय ले सकती है? | आरोपीकोरिहाकरदियाजाएगा |
धारा189 के तहत साक्ष्य अपर्याप्त होने पर अभियुक्त को रिहा किए जाने के बाद क्या प्रक्रिया होती है? | अभियुक्तकोउच्चन्यायालयमेंअपीलदायरकरनेकाअधिकारहोताहै |
धारा 190 किससे संबंधित है? | जबसाक्ष्यपर्याप्तहैतबमामलोंकामजिस्ट्रेटकेपासभेजदियाजाना |
धारा190 के तहत, साक्ष्य पर्याप्त होने पर किसे मामले को मजिस्ट्रेटकेपासभेजनेकाअधिकारहोताहै? | पुलिसअधिकारीयामजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट के पास भेजे गए मामलों में, अगर साक्ष्य अपर्याप्त हो, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकते हैं? | मामलेकोबंदकरसकतेहैं |
धारा190 के अनुसार, साक्ष्य पर्याप्त होने पर पुलिस द्वारा भेजे गए मामलों में, मजिस्ट्रेट का क्या कार्य होता है? | साक्ष्यकीजांचकरना |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि जब साक्ष्य पर्याप्त हो, तब मामले को मजिस्ट्रेट के पास भेजा जा सकता है? | के.के. वर्माबनामदिल्लीराज्य (1986) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि साक्ष्यकेपर्याप्तहोनेपरमामलेकोमजिस्ट्रेटकेपासभेजनेकाआदेशदियागया? | रमेशकुमारबनामपंजाबराज्य (2000) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि जबसाक्ष्यपर्याप्तहोतेहैं, तोमजिस्ट्रेटकोमामलेकीसुनवाईकरनीचाहिए? | महाराष्ट्रराज्यबनामपी.आर. कामत (1997) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि साक्ष्यकेआधारपरमामलेकोमजिस्ट्रेटकेपासभेजनाआवश्यकहोताहै? | अशोककुमारबनामहरियाणाराज्य (1992) |
यदि एक पुलिस अधिकारी किसी अपराधी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करता है, तो क्या होगा? | मामलामजिस्ट्रेटकेपासभेजाजाएगा |
धारा190 के तहत, साक्ष्य के पर्याप्त होने पर पुलिस क्या कर सकती है? | मामलेकोमजिस्ट्रेटकेपासभेजसकतीहै |
परिवादीऔरसाक्षियोंसेपुलिसअधिकारीकेसाथजानेकीअपेक्षानकियाजानाऔरउनकाअवरुद्धनकियाजाना किससे संबंधित है? | धारा 191 |
धारा191 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का मुख्य उद्देश्य क्या है? | साक्षियोंकीरक्षाकरनाऔरउन्हेंअनावश्यकरूपसेनबुलाना |
यदि कोई व्यक्ति साक्ष्य देने से रोके जा रहा है, तो यह किसका उल्लंघन है? | धारा191 |
क्या पुलिस अधिकारी किसी परिवादी को अनिवार्य रूप से थाने बुला सकता है? | नहीं, सिवायविशेषकारणोंके |
धारा191 के अंतर्गत कौन सुरक्षित माना गया है? | परिवादीऔरसाक्षी |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि पुलिसकोपूछताछकेलिएबुलानेसेपहलेकारणबतानाआवश्यकहै? | जोगिंदरकुमारबनामयूपीराज्य (1994) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि गिरफ्तारीकेसमयअधिकारोंकीजानकारीदेनाआवश्यकहै? | डी.केबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य (1997) |
किस मामले के अनुसार साक्षियोंकीसुरक्षाक्योंआवश्यकमानीगईक्योंकिन्यायिकप्रक्रियासाक्षी पर आधारित होती है? | शीलाबरसेबनाममहाराष्ट्रराज्य (1983) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि साक्षियोंकेसाथपुलिसकोअच्छाव्यवहारकरनाचाहिए? | गुजरातराज्यबनामकिशनभाई (2014) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि पुलिसकोसाक्षीसेउचितसम्मानऔरव्यवहारकरनाचाहिए? | स्वातिवर्माबनामराजस्थानराज्य |
यदि एक महिला साक्षी को पुलिस बिना कारण बार-बार थाने बुला रही है, तो कौन-सी धारा का उल्लंघन हो रहा है? | धारा191 |
एक अभियुक्त साक्षी को धमका रहा है कि वह पुलिस को बयान न दे। यह किसका उल्लंघन है? | धारा191 का |
धारा 192 किससे संबंधित है? | अन्वेषणमेंकार्यवाहियोंकीडायरी |
धारा192 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अन्वेषणकीपारदर्शिताऔरप्रमाणिकतासुनिश्चितकरना |
अन्वेषणडायरी किसके द्वारा लिखी जाती है? | अन्वेषणकरनेवालापुलिसअधिकारी |
डायरी में क्या अंकित किया जाना आवश्यक नहीं है? | गवाहोंकेबयानोंकीप्रति |
अन्वेषणडायरीकाउपयोग न्यायालय में किस प्रयोजन के लिए किया जा सकता है? | मजिस्ट्रेटद्वारासंदर्भकेलिए |
क्या अभियुक्त को अन्वेषण डायरी का निरीक्षण करने का अधिकार है? | केवलमजिस्ट्रेटकीअनुमतिसे |
पुलिसडायरीकीप्रविष्टियाँ किस प्रकार की होती हैं? | दिन-प्रतिदिनकीकार्यवाही |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि डायरीन्यायालयकीसहायताकेलिएहोतीहै? | शिवलालबनामराजस्थानराज्य |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि पुलिसडायरीट्रायलकोर्टकेवलसंदर्भहेतुप्रयोगकरसकताहै? | सिद्धार्थवशिष्ठमनुशर्माबनामराज्य (राष्ट्रीयराजधानीक्षेत्रदिल्ली) |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि डायरीकोअभियुक्तकोनहींदिखायाजासकताहै? | मुकुंदलालबनामभारतसंघ |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि पुलिसडायरीकामहत्वयहहैकिन्यायालयकेविवेकमेंसहायकदस्तावेज? | भगवंतसिंहबनामपुलिसआयुक्त |
यदि पुलिस अधिकारी किसी भी कार्यवाही को डायरी में अंकित नहीं करता है, तो इसका क्या प्रभाव होगा? | अन्वेषणअमान्यमानाजासकताहै |
मजिस्ट्रेट ने अन्वेषण डायरी में कुछ विरोधाभास पाए, वह क्या कर सकता है? | डायरीकीप्रविष्टियोंकोसंदिग्धमानकरआदेशदेसकताहै |
यदि बचाव पक्ष पुलिस डायरी को देखना चाहता है, तो वह किस माध्यम से देख सकता है? | मजिस्ट्रेटकीअनुमति |
अन्वेषण डायरी का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी होती है? | अन्वेषणकरनेवालेअधिकारीकी |
धारा 193 किससे संबंधित है? | अन्वेषणसमाप्तजानेपरपुलिसअधिकारीकीरिपोर्ट |
धारा193 के अंतर्गत रिपोर्ट किसे सौंपी जाती है? | मजिस्ट्रेटको |
पुलिस अधिकारी द्वारा धारा193 के तहत दी गई रिपोर्ट क्या कहलाती है? | अंतिमरिपोर्टयाचार्जशीट |
यदि पुलिस यह पाती है कि अपराध नहीं हुआ है, तो वह क्या रिपोर्ट प्रस्तुत करती है? | क्लोजररिपोर्ट |
कौन-सी रिपोर्ट धारा193 के अंतर्गत नहीं आती है? | गिरफ्तारीरिपोर्ट |
क्या मजिस्ट्रेट पुलिस द्वारा दायर रिपोर्ट को स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है? | हाँ, विवेकाधिकारसे |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि मजिस्ट्रेटकोशिकायतकर्ताकोसुनवाईकाअवसरदेनाअनिवार्यहै? | भगवंतसिंहबनामपुलिसआयुक्त |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि जांचअधिकारियोंकोसमयपरचार्जशीटप्रस्तुतकरनीचाहिए | गुजरातराज्यबनामकिशनभाई |
मजिस्ट्रेटपुलिसकोचार्जशीटदाखिलकरनेकेलिएबाध्यनहींकरसकता, के लिए प्रसिद्ध केस है? | अभिनंदनझाबनामदिनेशमिश्रा |
अंतरराष्ट्रीयमामलोंमेंजांचकीप्रक्रिया से संबंधित केस है? | भारतसंघबनामप्रकाशपी. हिंदुजा |
यदि पुलिस अधिकारी जांच के बाद यह निष्कर्ष निकालता है कि अभियुक्त दोषी है, तो वह क्या करेगा? | दोषारोपणरिपोर्ट (चार्जशीट) मजिस्ट्रेटकोभेजेगा |
यदि मजिस्ट्रेट को चार्जशीट में कोई त्रुटि प्रतीत होती है, तो वह क्या कर सकता है? | रिपोर्टकोखारिजकरसकताहैऔरपुलिसकोदोबाराजांचकानिर्देशदेसकताहै |
क्या मजिस्ट्रेट क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार कर स्वत: संज्ञान ले सकता है? | हाँ |
यदि मजिस्ट्रेट क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करता है, तो क्या अभियोजन समाप्त माना जाएगा? | नहीं, पीड़ितपुनःशिकायतदर्जकरसकताहै |
धारा 194 किससे संबंधित है? | आत्महत्या, आदिपरपुलिसकाजांचकरनाऔररिपोर्टदेना |
धारा194 का उद्देश्य किस प्रकार की मृत्यु से संबंधित है? | आत्महत्या, संदेहास्पद, हिरासतमेंयादहेजमृत्यु |
यदि कोई महिला विवाह के 7 वर्षों के भीतर संदेहास्पद परिस्थिति में मर जाती है, तो पुलिस को क्या करना चाहिए? | मजिस्ट्रेटकोसूचितकरजांचकरना |
धारा194 के अंतर्गत कौन-सी संस्थान को सूचना देना अनिवार्य है? | कार्यपालिकमजिस्ट्रेट |
क्या धारा194 के तहत मजिस्ट्रेट को मृत शरीर का निरीक्षण करने का अधिकार है? | हाँ, यदिआवश्यकसमझे |
दहेज हत्या की स्थिति में जांच की निगरानी कौन करता है? | कार्यपालिकमजिस्ट्रेट |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि दहेजमृत्युमेंमजिस्ट्रेटजांचआवश्यकहै? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामसंतोषकुमार |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि हिरासतमेंमौतपरमजिस्ट्रेटजांचकीअनिवार्यहै? | पंचाभाईपोपटभाईबनाममहाराष्ट्रराज्य |
दहेजमृत्युकीरिपोर्टिंगप्रक्रिया से संबंधित केस है? | विशाखाबनामराजस्थानराज्य |
हिरासत में मौत का मामला – पुलिसहिरासतमेंमृत्युकीस्वतंत्रजांचआवश्यकहै कोर्ट ने निर्देश दिए? | डीकेबसुबनामपश्चिमबंगालराज्य |
एक महिला की मृत्यु विवाह के 5 वर्षों के भीतर आग से जलकर हुई है। पुलिस क्या करेगी? | मजिस्ट्रेटकोसूचितकरधारा194 केअंतर्गतजांचकरेगी |
एक व्यक्ति की हिरासत में मृत्यु हो जाती है। धारा194 के अनुसार कौन जिम्मेदार होगा जांच कराने के लिए? | मजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट को पुलिस की रिपोर्ट कब तक प्राप्त होनी चाहिए? | जैसेहीसूचनामिले |
दहेज मृत्यु की जांच में कौन-कौन शामिल हो सकता है? | कार्यपालिकमजिस्ट्रेट पुलिसउपनिरीक्षक |
धारा195 किससे संबंधित है? | व्यक्तियोंकोसमनकरनेकीशक्ति |
कौन धारा195 के अंतर्गत किसी व्यक्ति को समन कर सकता है? | अन्वेषणकररहापुलिसअधिकारी |
क्या धारा195 के अंतर्गत समनित व्यक्ति को अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा? | हाँ |
धारा195 के अंतर्गत समन करने का उद्देश्य क्या है? | गवाहयासाक्ष्यएकत्रकरना |
समन किस प्रकार जारी किया जा सकता है? | लिखितआदेशद्वारा |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि पुलिससमनदेसकतीहैलेकिनजबरदस्तीनहींकरसकती | भगवानसिंहबनामपंजाबराज्य |
किस निर्णय में धारा195 के संदर्भ में विचार रखे गए- I. समन केवल आपराधिक मामलों में लागू होता है II. समन देने के लिए अन्वेषण का होना आवश्यक है पुलिस को बिना कारण समन का अधिकार नहीं | हरियाणाराज्यबनामभजनलाल
|
किस निर्णय में अनुच्छेद20(3) (स्वयंकेविरुद्धगवाहीनदेनेकाअधिकार)कीव्याख्याकीगईजोधारा195 केसमनसेजुड़ाहै? | नंदिनीसत्पथीबनामपी.एल. दानी |
यदि कोई व्यक्ति समन का पालन नहीं करता है, तो पुलिस क्या कर सकती है? | अदालतसेवारंटजारीकरवासकतीहै |
क्या धारा195 के तहत आरोपीकोभीसमन किया जा सकता है? | हाँ, साक्ष्यकेलिए |
समनित व्यक्ति को किन कारणों से बुलाया जा सकता है? | पूछताछ |
समन का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर कौन सी कार्रवाई हो सकती है? | जमानतीवारंटजारीकियाजासकताहै |
क्या पुलिस अधिकारी समन भेजने के लिए न्यायालय की पूर्व अनुमति लेता है? | केवलगंभीरमामलोंमें |
यदि समन भेजा गया व्यक्ति महिला है, तो क्या कोई विशेष प्रावधान है? | उसेथानेनहींबुलायाजासकताबिनाविशेषकारणके (नंदिनीसत्पथीकेसकेसंदर्भमें) |
अध्याय14 | |
जांचोंऔरविचारणोंमेंदंडन्यायालयोंकीअधिकारिता (Jurisdiction Of the Criminal Courts in Inquiries and Trials) | |
धारा196 किससे संबंधित है? | मृत्युकेकारणकीमजिस्ट्रेटद्वाराजांच |
धारा196 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | मृत्युकेकारणोंकीजांचकरना |
कौन सी स्थिति धारा196 के तहत मजिस्ट्रेट जांच के लिए उपयुक्त मानी जाती है? | पुलिसहिरासतमेंमृत्यु |
धारा196 के अनुसार मजिस्ट्रेट किस स्थिति में अनिवार्य रूप से जांच करेगा? | न्यायिकहिरासतमेंमृत्युहो |
धारा196 के तहत मजिस्ट्रेट की जांच किस प्रकार होती है? | न्यायिकप्रकृतिकी |
क्या मजिस्ट्रेट को धारा196 के तहत स्वप्रेरणा से जांच का अधिकार है? | हाँ |
हिरासतमेंमृत्युपरन्यायिकजांच किससे संबंधित है? | नीलाबतीबेहराबनामउड़ीसाराज्य |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हिरासतमेंमृत्युकेमामलोंमेंमजिस्ट्रेटजांचअनिवार्यहै का निर्देश दिया? | पीपुल्सयूनियनफॉरसिविललिबर्टीजबनाममहाराष्ट्रराज्य |
यदि कोई महिला 7 साल के भीतर ससुराल में जलकर मरती है, तो धारा196 के तहत क्या किया जाएगा? | मजिस्ट्रेटद्वाराविशेषजांच |
यदि किसी व्यक्ति की मौत पुलिस लॉकअप में हो जाती है, तो किसे जांच करनी होगी? | कार्यपालिकामजिस्ट्रेट |
यदि मजिस्ट्रेट को संदेह हो कि मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है, तो वह क्या कर सकता है? | विस्तृतन्यायिकजांचकरसकताहै |
क्या मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट अंतिम होती है? | नहीं, उसपरआगेजांचसंभवहै |
धारा197 किससे संबंधित है? | जांचऔरविचारणकामामूलीस्थान (Ordinary place of inquiry and trial) |
धारा197 का उद्देश्य क्या है? | अपराधकीजांचऔरविचारणकेलिएस्थाननिर्धारितकरना |
सामान्य रूप से अपराध का विचारण किस न्यायालय में होता है? | जहाँअपराधकियागयाहो |
यदि किसी अपराध की घटना दो अलग-अलग स्थानों पर हुई है, तो मामला कहाँ चलाया जा सकता है? | दोनोंस्थानोंमेंसेकिसीएकपर |
यदि अपराध का स्थान ज्ञात नहीं है, तो विचारण कहाँ हो सकता है? | अभियुक्तकेनिवासस्थानपर |
यदि अपराध एक रेल यात्रा के दौरान हुआ, तो विचारण कहाँ किया जा सकता है? | यात्राकेकिसीभीभागकेदौरानजहाँट्रेनगुज़रीहो |
कौन सा केस अपराधकेस्थानकेआधारपरविचारण सिद्धांत को स्पष्ट करता है? | आंध्रप्रदेशराज्यबनामचीमालापतिगणेश्वरराव |
किस मामले में चेकबाउंसमामलोंकेअंतर्गतसुनवाईकेस्थानकाअधिकारक्षेत्र पर ज़ोर दिया गया? | के. भास्करनबनामशंकरनवैध्यनबालन (1999) |
एक व्यक्ति A ने दिल्ली में एक व्यक्ति B को फोन पर धोखा दिया, लेकिन B मुंबई में था। विचारण कहाँ हो सकता है? | दिल्लीयामुंबईमें |
यदि किसी ने चोरी एक ट्रेन में की जो बिहार से बंगाल जा रही थी, तो विचारण कहाँ हो सकता है? | बिहारयाबंगालकिसीमेंभी |
यदि अपराधकर्ता का निवास स्थान ज्ञात है, लेकिन अपराध का स्थान अज्ञात है, तो विचारण कहाँ होगा? | न्यायालयअपराधीकेनिवासस्थानपरविचारणकरसकताहै |
धारा198 किस विषय से संबंधित है? | जांचयाविचारणकास्थान (Place of inquiry or trial) |
यदि कोई अपराध एक से अधिक स्थानों पर घटित हुआ हो, तो विचारण कहाँ किया जा सकता है? | किसीएकस्थानपरजहाँअपराधघटितहुआहो |
अपराधकीयोजनाएकस्थानपरबनीऔरक्रियान्वयनदूसरेस्थानपरहुआ, तो विचारण कहाँ हो सकता है? | दोनोंमेंसेकिसीस्थानपर |
यदिअपराधकीशुरुआतएकराज्यमेंऔरसमाप्तिदूसरेराज्यमेंहुईहो, तो मामला कहाँ चलाया जा सकता है? | दोनोंमेंसेकिसीभीराज्यमें |
कौन सा केस अधिकारक्षेत्रसिद्धांत से जुड़ा है? | बिहारराज्यबनामदेवकरणनेन्शी (1972) |
एक व्यक्ति ने ईमेलकेमाध्यम से धोखा दिया, जो चेन्नई से भेजा गया और हैदराबाद में प्राप्त हुआ। विचारण कहाँ होगा? | चेन्नईयाहैदराबादमें |
यदि एक ही अपराध विभिन्न न्यायिक क्षेत्रों में प्रभाव डालता है, तो किस न्यायालय में विचारण हो सकता है? | किसीभीप्रभावितक्षेत्रकेन्यायालयमें |
धारा199 किससे संबंधित है? | अपराधवहांविचारणीयहोगाजहांकार्यकियागयायाजहांपरिणामनिकला (Offence triable where act is done or consequence ensues) |
अपराध का परिणाम यदि एक से अधिक स्थानों पर होता है, तो विचारण कहाँ हो सकता है? | किसीभीऐसेस्थानपरजहाँपरिणामघटितहुआ |
किस मामले में प्रादेशिकक्षेत्राधिकारपरआधारितअपराधविचारण सिद्धांत की पुष्टि हुई थी? | के.बी. नागूरबनामभारतसंघ (2009) |
धारा200 किससे संबंधित है? | जहांकार्यअन्यअपराधसेसंबंधितहोनेकेकारणअपराधहै।वहांविचारणकास्थान (Place of trial where act is an offence by reason of relation to other offence) |
यदि कोई कार्य अपने आप में अपराध नहीं है, परंतु किसी अन्य अपराध से संबंधित होने पर अपराध बनता है, तो विचारण कहाँ हो सकता है? | जहाँसंबंधितअपराधघटितहुआ |
जबकार्यअन्यअपराधसेजुड़ाहो, तोविचारणसंबंधितअपराधकेस्थानपरहोसकताहै सिद्धांत स्थापित किया गयाI | पुरूषोत्तमदासडालमियाबनामपश्चिमबंगालराज्य (1961) |
षड़यंत्र से जुड़े मामलों में विचारण का स्थान आधार पर महत्त्वपूर्ण है? | आर. बनामब्रिसैक केस (1803) |
धारा200 का उद्देश्य क्या है? | ऐसेअपराधोंकान्यायसुनिश्चितकरनाजोअन्यअपराधसेजुड़करहीअपराधबनतेहैं |
धारा201 का मुख्य विषय क्या है? | कुछअपराधोंकीदशामेंविचारणकास्थान (Place of trial in case of certain offences) |
धारा201 के अनुसार, अपराधों के विचारण का स्थान किस परिस्थिति पर निर्भर करता है? | जहाँअपराधहुआयाजहाँसेपरिणामउत्पन्नहुआ |
धारा201 के तहत कौन-सा अपराध विचारण के लिए विशेष प्रावधानों के अंतर्गत आता है? | ऐसेसभीअपराधजोएकसेअधिकस्थानोंसेसंबंधितहों |
निर्णय में विचारण का स्थान निर्धारित करने हेतु जहाँ अपराध से परिणाम हुआ वहीं विचारण होगा महत्वपूर्ण निर्णय किस मामले मेंलिया गया? | मध्यप्रदेशराज्यबनामरमेश (2022) |
कौन-सा निर्णय विचारण के स्थान पर न्यायालय की विवेकाधीन शक्ति को स्पष्ट करता है? | सतविंदरकौरबनामराज्य (1999) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपराधकीदोनोंजगहेंविचारणहेतुउपयुक्तहोसकतीहैं, निर्णय दिया था? | राजीवमोदीबनामसंजयजैन (2005) |
धारा201 के प्रावधान किस प्रकार के अपराधों पर लागू होते हैं? | बहु-स्थानीयप्रभाववालेअपराध |
धारा202 किससे संबंधित है? | इलैक्ट्रानिकसंसूचनाके साधनों, पत्रों, आदिद्वाराकिएगए अपराध (Offences committed by means of electronic communications, letters, etc) |
धारा202 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिकसंचारकेमाध्यमसेधोखाधड़ीकरताहै, तो मामले की जांच किस न्यायालय द्वारा की जा सकती है? | जहाँसेसंदेशभेजागयाथा जहाँसंदेशप्राप्तकियागयाथा |
धारा202(2) के अंतर्गत, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा के तहत दंडनीय अपराधों की जांच की जा सकती है? | धारा82 |
यदि कोई व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिकसंचारकेमाध्यम से किसी को संपत्ति देने के लिए प्रेरित करता है, तो मामले की सुनवाई कहाँ हो सकती है? | जहाँधोखाखाएव्यक्तिनेसंपत्तिदीथी जहाँआरोपीनेसंपत्तिप्राप्तकीथी |
धारा202 में "इलेक्ट्रॉनिकसंचार" में कौन-कौन से माध्यम शामिल हैं? | ईमेल |
यदि A, जो दिल्ली में रहता है, मुंबई में रहने वाले B को फर्जी व्यापार अवसर के नाम परईमेलभेजकरधोखादेताहै, तो मामला किस न्यायालय में लाया जा सकता है? | दिल्लीयामुंबईदोनोंमें |
धारा202 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति दूसरीशादीकरतेहुएपहलीपत्नीकोछोड़करकानूनतोड़ताहै, तो मामला कहाँ दर्ज किया जा सकता है? | जहाँअपराधकियागयाथा |
धारा202 किस पुराने कानून की धारा के समतुल्य है? | धारा182 |
धारा202 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति व्हाट्सएपकेमाध्यमसेधोखाधड़ीकरताहै, तो मामला किस न्यायालय में लाया जा सकता है? | जहाँसेसंदेशभेजागयाथा |
धारा202 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति टेलीफोनकॉलकेमाध्यमसेधोखाधड़ीकरताहै, तो मामला किस न्यायालय में लाया जा सकता है? | जहाँसेकॉलकीगईथी |
धारा202 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति दूसरीशादीकरतेहुएपहलीपत्नीकोछोड़करकानूनतोड़ताहै, और वह पुणे में अपनी पहली पत्नी के साथ रह रहा था, लेकिन पत्नी अब हैदराबाद में स्थायी रूप से रहने लगी है, तो मामला कहाँ दर्ज किया जा सकता है? | पुणेयाहैदराबाददोनोंमें |
धारा203 के अंतर्गत, यदि कोई अपराध यात्रा के दौरान होता है, तो किस न्यायालय को उस अपराध की जांच या विचारण का अधिकार है? | उनसभीस्थानोंकेन्यायालयजहाँसेव्यक्तियावस्तुयात्राकेदौरानगुजरी |
यदि एक व्यक्ति दिल्ली से मुंबई की यात्रा के दौरान ट्रेन में अपराध करता है, तो किस स्थान का न्यायालय उस पर विचार कर सकता है? | दिल्ली, मुंबईऔरयात्राकेदौरानआनेवालेअन्यस्थानोंकेन्यायालय |
धारा203 किस प्रकार के अपराधों से संबंधित है? | यात्रायाजलयात्राकेदौरानकिएगएअपराध |
यदि कोई अपराध यात्रा के दौरान होता है, तो किस आधार पर न्यायालय की अधिकारिता निर्धारित की जाती है? | यात्राकेदौरानव्यक्तियावस्तुकेगुजरनेवालेस्थान |
धारा203 का उद्देश्य क्या है? | यात्राकेदौरानअपराधोंकीजांचऔरविचारणकेलिएन्यायालयकीअधिकारितानिर्धारितकरना |
मान लीजिए, एक व्यक्ति ट्रेन से दिल्ली से मुंबई की यात्रा कर रहा है और उत्तर प्रदेश में एक अपराध करता है। इस स्थिति में, किस स्थान का न्यायालय उस अपराध पर विचार कर सकता है? | दिल्ली, मुंबईऔरउत्तरप्रदेश |
यदि एक जहाज भारत से किसी अन्य देश की यात्रा पर है और यात्रा के दौरान एक अपराध होता है, तो किस न्यायालय को उस अपराध की जांच का अधिकार है? | भारतऔरउसदेशदोनोंकेन्यायालय |
एक व्यक्ति बस से यात्रा कर रहा है और यात्रा के दौरान एक अपराध करता है। यदि बस कई राज्यों से होकर गुजरती है, तो किस राज्य का न्यायालय उस अपराध पर विचार कर सकता है? | उनसभीराज्योंकेन्यायालयजहाँसेबसगुजरी |
यदि कोई अपराध यात्रा के दौरान होता है, लेकिन अपराध का स्थान स्पष्ट नहीं है, तो किस न्यायालय को उस पर विचार करने का अधिकार है? | उनसभीन्यायालयोंकोजहाँसेयात्राकेदौरानव्यक्तियावस्तुगुजरी |
धारा203 के अंतर्गत, "वस्तु" से क्या अभिप्रेत है? | व्यक्तियावस्तुदोनों |
धारा204 किससे संबंधित है? | एकसाथविचारणीयअपराधोंकेलिएविचारणकास्थान (Place of trial for offences triable together) |
धारा204 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | एकसाथविचारणीयअपराधोंकेलिएविचारणकेस्थानकोनिर्धारितकरना |
यदि एक व्यक्ति द्वारा किए गए अपराधों के लिए धारा242, 243 या244 के अंतर्गत एक ही विचारण में आरोप लगाया जा सकता है, तो उन अपराधों की जांच या विचारण किस न्यायालय द्वारा की जा सकती है? | उसन्यायालयद्वाराजोउनअपराधोंमेंसेकिसीएककीजांचयाविचारणकरनेकेलिएसक्षमहै |
धारा204 किन धाराओं के अंतर्गत अपराधों के लिए लागू होती है? | धारा242, 243 और 244 |
धारा204 का लाभ क्या है? | एकसाथविचारणीयअपराधोंकीसुनवाईकोसरलबनाना |
यदि एक व्यक्ति ने एक ही लेन-देन में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात जैसे अपराध किए हैं, तो इन अपराधों की सुनवाई किस न्यायालय में की जा सकती है? | उसन्यायालयमेंजोइनअपराधोंमेंसेकिसीएककीजांचयाविचारणकरनेकेलिएसक्षमहै |
यदि दो व्यक्तियों ने मिलकर एक ही अपराध किया है, तो उनके खिलाफ सुनवाई किस न्यायालय में की जा सकती है? | उसन्यायालयमेंजोउसअपराधकीजांचयाविचारणकरनेकेलिएसक्षमहै |
यदि एक व्यक्ति ने बारह महीनों के भीतर पांच बार चोरी की है, तो इन सभी मामलों की सुनवाई किस न्यायालय में की जा सकती है? | उसन्यायालयमेंजोइनअपराधोंमेंसेकिसीएककीजांचयाविचारणकरनेकेलिएसक्षमहै |
यदि एक व्यक्ति ने एक ही श्रृंखला में जुड़े कार्यों में कई अपराध किए हैं, तो इन अपराधों की सुनवाई किस न्यायालय में की जा सकती है? | उसन्यायालयमेंजोइनअपराधोंमेंसेकिसीएककीजांचयाविचारणकरनेकेलिएसक्षमहै |
यदि एक ही कार्य या कार्यों की श्रृंखला कई संभावित अपराधों की ओर इशारा करती हो और यह स्पष्ट न हो कि तथ्य किस अपराध का समर्थन करेंगे, तो आरोपी को कैसे आरोपित किया जा सकता है? | सभीसंभावितअपराधोंकेलिए |
धारा205 किससे संबंधित है? | विभिन्नसेशनखंडोंमेंमामलोंकेविचारणकाआदेशदेनेकीशक्ति (Power to order cases to be tried in different sessions divisions) |
धारा205 के अंतर्गत किसे यह शक्ति प्राप्त है किवहकिसीमामलेकोएकसेशनखंडसेदूसरेसेशनखंडमेंस्थानांतरितकरसके? | राज्यसरकार |
धारा205 के अनुसार, राज्यसरकारकिसप्रकारकेमामलोंकोस्थानांतरितकरसकतीहै? | किसीभीमामलेयामामलोंकीश्रेणीको |
धारा205 के अंतर्गत राज्यसरकारद्वारादिएगएआदेशकीवैधता किन परिस्थितियों में सीमित हो सकती है? | यदिआदेशउच्चन्यायालययासर्वोच्चन्यायालयद्वारापूर्वमेंजारीकिसीनिर्देशकेप्रतिकूलहो |
धारा205 का उद्देश्य क्या है? | मामलोंकेत्वरितनिपटानकेलिएलचीलापनप्रदानकरना |
यदि राज्य सरकार धारा205 के तहत कोई मामला स्थानांतरित करती है, तो क्या वह उच्चन्यायालययासर्वोच्चन्यायालयकेपूर्वआदेशों को अनदेखा कर सकती है? | नहीं, राज्यसरकारकाआदेशउच्चन्यायालययासर्वोच्चन्यायालयकेपूर्वआदेशोंकेप्रतिकूलनहींहोनाचाहिए |
यदि किसी अभियुक्त के खिलाफ मामला जिला A में दर्ज है, लेकिन निष्पक्ष सुनवाई की संभावना नहीं है, तो राज्य सरकार धारा 205 के तहत क्या कर सकती है? | मामलाकिसीअन्यसेशनखंडमेंस्थानांतरितकियाजासकताहै |
यदि उच्च न्यायालय ने किसी मामले को सेशन खंडX में चलाने का निर्देश दिया है, तो क्या राज्य सरकार धारा205 के तहत उसे सेशन खंडY में स्थानांतरित कर सकती है? | हाँ, यदिराज्यसरकारउचितसमझे |
राज्य सरकार ने धारा205 के तहत मामला एक सेशन खंड से दूसरे में स्थानांतरित किया। उच्च न्यायालय ने- स्थानांतरण वैध था क्योंकि यह निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए था निर्णय दिया? | 'राजेशकुमारबनामराज्य' |
धारा206 किससे संबंधित है? | संदेहकीदशामेंउच्चन्यायालयकावहजिलाविनिश्चितकरना, जिसमेंजांचयाविचारणहोगा (High Court to decide, in case of doubt, district where inquiry or trial shall take place) |
धारा206 के अंतर्गत, यदि किसी अपराध की जांच या विचारण के लिए उपयुक्त जिला स्पष्ट नहीं है, तो कौन निर्णय लेता है? | उच्चन्यायालय |
धारा206 का उद्देश्य क्या है? | जांचयाविचारणकेउपयुक्तजिलेकानिर्धारणकरनाजबसंदेहहो |
धारा206 के अंतर्गत उच्च न्यायालय किस परिस्थिति में जिले का निर्धारण करता है? | जबअपराधकेस्थानकोलेकरसंदेहहो |
धारा206 के अंतर्गत उच्च न्यायालय द्वारा किए गए जिले के निर्धारण का प्रभाव क्या होता है? | यहबाध्यकारीहोताहैऔरसंबंधितन्यायालयोंकोपालनकरनाहोताहै |
यदि उच्च न्यायालय ने धारा206 के तहत किसीजिलेकानिर्धारणकरदियाहै, तो क्या उस निर्णय के विरुद्ध अपील की जा सकती है? | हाँ, सर्वोच्चन्यायालयमें |
यदि एक अपराध दो जिलों की सीमा पर हुआ है और यह स्पष्ट नहीं है कि किस जिले में विचारण होना चाहिए, तो धारा206 के अंतर्गत क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी? | उच्चन्यायालयउपयुक्तजिलेकानिर्धारणकरेगा |
यदि पुलिस को यह स्पष्ट नहीं है कि अपराध किस जिले में हुआ है, तो वे किससेमार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं? | उच्चन्यायालय |
उच्च न्यायालय ने धारा206 के अंतर्गत मामला उसजिलेमेंचलेगाजहाँअधिकसाक्ष्यउपलब्धहैंनिर्देशदिया? | राजेशकुमारबनामराज्य |
धारा207 किससे संबंधित है? | स्थानीयअधिकारिताकेपरेकिएगएअपराधकेलिएसमनयावारंटजारीकरनेकीशक्ति (Power to issue summons or warrant for offence committed beyond local jurisdiction) |
धारा207 के अंतर्गत, यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य क्षेत्र में अपराध करता है, तो प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट क्या कर सकते हैं? | उसव्यक्तिकेविरुद्धसमनयावारंटजारीकरसकतेहैं |
धारा207 के अनुसार, मजिस्ट्रेटकिसस्थितिमेंअपराधकीजांचकरसकतेहैं, भले ही वह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर हुआ हो? | जबअपराधभारतमेंविचारणीयहो |
धारा207 के अंतर्गत, यदिअपराधभारतकेबाहरहुआहै, तो क्या मजिस्ट्रेट कार्रवाई कर सकते हैं? | हाँ, यदिअपराधभारतीयकानूनकेतहतविचारणीयहो |
धारा207 के अंतर्गत, मजिस्ट्रेटकिसस्थितिमेंअभियुक्तकोजमानतपरछोड़सकतेहैं? | जबअपराधमृत्युयाआजीवनकारावाससेदंडनीयनहो |
धारा207 के अंतर्गत, मजिस्ट्रेट किसे भेज सकते हैं? | अभियुक्तकोउसमजिस्ट्रेटकेपासभेजसकतेहैंजिसकेपासउसअपराधकीविचारणकीअधिकारिताहै |
यदि एक व्यक्ति ने दिल्ली में अपराध किया है, लेकिन वह मुंबई में रहता है, तो दिल्ली के मजिस्ट्रेट क्या कर सकते हैं? | उसव्यक्तिकेविरुद्धसमनयावारंटजारीकरसकतेहैं |
यदि एक व्यक्ति ने भारत के बाहर अपराध किया है, लेकिन वह भारत में है, तो क्या भारतीय मजिस्ट्रेट कार्रवाई कर सकते हैं? | हाँ, यदिअपराधभारतीयकानूनकेतहतविचारणीयहो |
धारा208 किससे संबंधित है? | भारतसेबाहरकियागयाअपराध (Offence committed outside India) |
धारा208 के अंतर्गत, यदि कोई भारतीयनागरिकभारतकेबाहरअपराधकरताहै, तो उसे कहाँ पर विचारणीय माना जाएगा? | भारतमें, जहाँवहपायाजाताहैयाजहाँअपराधपंजीकृतहै |
धारा208 के अनुसार, भारत में ऐसे अपराध की जांच या विचारण कब किया जा सकता है? | जबकेंद्रसरकारसेपूर्वअनुमतिप्राप्तहो |
धारा208 के अंतर्गत, क्या एकविदेशीनागरिक, जोभारतीय-पंजीकृतजहाजपरअपराधकरताहै,भारतमेंविचारणीयहै? | हाँ, यदिजहाजभारतमेंपंजीकृतहै |
धारा208 के अंतर्गत, "भारतकेबाहरकियागयाअपराध" किसे कहा जाता है? | उनअपराधोंकोजोभारतीयनागरिकोंद्वारायाभारतीय-पंजीकृतजहाजों/विमानोंपरविदेशमेंकिएगए |
धारा208 के अंतर्गत, क्या अपराध को भारत में किया गया मानकर विचारण किया जा सकता है? | हाँ, मानोवहभारतमेंहीहुआहो |
एक भारतीय नागरिक ने फ्रांस में एक व्यक्ति पर हमला किया और भारत लौट आया। क्या भारत में उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है? | हाँ, लेकिनकेवलकेंद्रसरकारकीपूर्वअनुमतिसे |
एक अमेरिकी नागरिक ने एक भारतीय-पंजीकृत क्रूज जहाज पर चोरी की। क्या भारत में उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है? | हाँ, लेकिनकेवलकेंद्रसरकारकीपूर्वअनुमतिसे |
अबूसलेमप्रत्यर्पणमामलेमें, कौन-सा कानूनी प्रावधान लागू हुआ था? | धारा208 |
धारा209 के अंतर्गत, भारत के बाहर किए गए अपराधोंकेसंबंधमेंसाक्ष्यप्राप्तकरनेकीप्रक्रिया किसके निर्देश पर होती है? | केंद्रसरकार |
धारा209 के अनुसार, विदेशमेंएकत्रितकिएगएसाक्ष्यकोभारतीयन्यायालयमेंप्रस्तुतकरनेकेलिए कौन-से माध्यम स्वीकार्य हैं? | भौतिकयाइलेक्ट्रॉनिकदोनोंरूपोंमें |
धारा209 के अंतर्गत, विदेश में किसके समक्ष दिए गए बयानयाप्रस्तुतकिएगएदस्तावेजभारतीयन्यायालयमेंसाक्ष्यकेरूपमेंस्वीकार्यहोतेहैं? | भारतीयराजनयिकयावाणिज्यिकप्रतिनिधिकेसमक्ष |
धारा209 के अंतर्गत, भारतीय न्यायालय किस स्थिति में विदेशसेप्राप्तसाक्ष्यकोस्वीकारकरसकताहै? | जबकेंद्रसरकारनिर्देशदे |
एक भारतीय नागरिक ने दुबई में धोखाधड़ी की और भारत लौट आया। दुबई में न्यायिक अधिकारी के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज हुए। क्या भारतीय न्यायालय इन बयानों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर सकता है? | हाँ, यदिकेंद्रसरकारनिर्देशदे |
अबूसलेमप्रत्यर्पणमामलेमें, पुर्तगाल से प्राप्त साक्ष्यों को भारतीय न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए कौन-सा प्रावधान लागू हुआ था? | धारा209 |
अध्याय15 | |
कार्यवाहियांशुरूकरनेकेलिएअपेक्षितशर्तें (Conditions Requisite For Initiation Of Proceedings) | |
धारा 210 किससे संबंधित है? | मजिस्ट्रेटोंद्वाराअपराधोंकासंज्ञान (Cognizance of offences by Magistrate) |
धारा210 के अंतर्गत, कौन-से मजिस्ट्रेट अपराधों का संज्ञान ले सकते हैं? | प्रथमश्रेणीमजिस्ट्रेटऔरमुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेटद्वारासशक्तद्वितीयश्रेणीमजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट अपराध का संज्ञान किस आधार पर ले सकते हैं? | शिकायतप्राप्तहोनेपर पुलिसरिपोर्टप्राप्तहोनेपर किसीअन्यव्यक्तिसेसूचनाप्राप्तहोनेपरयास्वयंकेज्ञानपर |
धारा210 के अनुसार, द्वितीयश्रेणीमजिस्ट्रेटकोअपराधोंकासंज्ञानलेनेकाअधिकार कौन प्रदान करता है? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
धारा210 के अंतर्गत, क्या मजिस्ट्रेटअभियुक्तकीउपस्थितिकेबिनासंज्ञानलेसकतेहैं? | हाँ |
यदि मजिस्ट्रेट ने अधिकार क्षेत्र की कमी के बावजूद संज्ञान लिया है, तो क्या वह कार्यवाही रद्द की जाएगी? | नहीं, यदिसंज्ञानसद्भावपूर्वकलियागयाथा |
एक द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट ने एक गंभीर अपराध का संज्ञान लिया, जबकि उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा सशक्त नहीं किया गया था। क्या यह वैध है? | नहीं |
उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्व-मुद्रित प्रोफार्मा का उपयोग करके संज्ञान लेने के आदेश को, क्योंकि आदेश में न्यायिक विवेक का प्रयोग नहीं किया गया था रद्द किया? | 'रोशनलालउर्फरोशनराजभरबनामउत्तरप्रदेशराज्य' |
उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेने की प्रक्रिया पर संज्ञान लेने का अर्थ है मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक विवेक का प्रयोग, टिप्पणी की? | 'पश्चिमबंगालराज्यबनामअबनीकुमारबनर्जी' |
धारा211 किससे संबंधित है? | अभियुक्तकेआवेदनपरअंतरण (Transfer on application of accused) |
धारा211 के अंतर्गत, अभियुक्तकोकिसस्थितिमेंमामलाअन्यमजिस्ट्रेटकोस्थानांतरितकरनेकाअधिकारप्राप्तहोताहै? | जबमजिस्ट्रेटधारा210(1)(c) केतहतसंज्ञानलेतेहैं |
धारा211 के अनुसार, अभियुक्त को मामला स्थानांतरित करने के लिए कब सूचित किया जाना चाहिए? | साक्ष्यलेनेसेपहले |
यदि अभियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही पर आपत्ति करता है, तो मामला किसके द्वारा अन्य मजिस्ट्रेट को स्थानांतरित किया जाता है? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
धारा211 का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोनिष्पक्षसुनवाईकाअधिकारप्रदानकरना |
क्या धारा211 के अंतर्गत अभियुक्त की आपत्ति के बिना भी मामला स्थानांतरित किया जा सकता है? | हाँ, यदिमुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेटआदेशदें |
अभियुक्त ने मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही पर आपत्ति की और मामला अन्य मजिस्ट्रेट को स्थानांतरित कर दिया गया। यह प्रक्रिया किसके आदेश से हुई? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
धारा212 किससे संबंधित है? | मामलेमजिस्ट्रेटोंकेहवालेकरना |
धारा212 के अंतर्गत किसे अधिकार प्राप्त है कि वहमामलाकिसीमजिस्ट्रेटकोविचारणहेतुसौंपसके? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेटयासक्षममजिस्ट्रेट |
यदि कोई मजिस्ट्रेट किसी मामले पर संज्ञान नहीं लेना चाहता, तो वह क्या कर सकता है? | उसेकिसीअन्यमजिस्ट्रेटकोसौंपसकताहै |
धारा212 का उद्देश्य क्या है? | मजिस्ट्रेटोंकेकार्यभारकोबांटना |
यदि मजिस्ट्रेट प्रथम दृष्टया यह पाते हैं कि मामला दूसरेश्रेणीकेमजिस्ट्रेटद्वारासुनाजानाचाहिए, तो वह क्या कर सकते हैं? | मामलाउसमजिस्ट्रेटकोसौंपदेंगेजोविचारणहेतुसक्षमहो |
यदि मजिस्ट्रेट को लगता है कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, तो उन्हें क्या करना चाहिए? | मामलासक्षममजिस्ट्रेटकोसौंपदें |
सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेटकेअधिकारोंकेसंबंधमेंमजिस्ट्रेटकोविवेकपूर्वकमामलाउचितन्यायालयकोसौंपनाचाहिए, क्या कहा? | 'बिहारराज्यबनामरामनरेशपांडे' |
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया किमजिस्ट्रेटद्वारामामलास्थानांतरितकरनेकीशक्तिन्यायिकविवेकपर, किस पर आधारित है? | 'हरदीपसिंहबनामपंजाबराज्य' |
धारा213 किससे संबंधित है? | अपराधोंकासेशनन्यायालयोंद्वारासंज्ञान (Cognizance of offences by Court of Session) |
सत्रन्यायालयअपराधोंकासंज्ञान किस प्रकार से ले सकता है? | मजिस्ट्रेटद्वारासंज्ञानलेकरमामलासौंपेजानेपर |
सत्र न्यायालय सीधे किसी अपराध का संज्ञान ले सकता है या नहीं? | नहीं, केवलमजिस्ट्रेटद्वारासौंपेजानेपर |
कौन-से अपराध आमतौर पर सत्र न्यायालय द्वारा विचारण हेतु उपयुक्त होते हैं? | हत्या, बलात्कार, देशद्रोहजैसेगंभीरअपराध |
अगरएकअभियुक्तपरहत्याकाआरोपहै, तो प्रथम दृष्टया कौन संज्ञान लेता है? | मजिस्ट्रेट |
मजिस्ट्रेट को यह मानने पर कि अपराध सत्र न्यायालय में विचारणीय है, क्या करना चाहिए? | मामलासत्रन्यायालयकोसौंपदें |
सुप्रीम कोर्ट ने किस बात को मजिस्ट्रेटद्वाराबिनाकारणबताएसत्रन्यायालयकोमामलासौंपाजासकताहै, स्पष्ट किया? | 'कांतिभद्रशाहबनामपश्चिमबंगालराज्य' |
कोर्ट ने मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही मामला सत्रन्यायालयकोभेजे कहा? | 'धर्मपालबनामहरियाणाराज्य' |
कौन-से केस में कहा गया है मजिस्ट्रेटजांचकेबादहीसंज्ञानलेकरसत्रन्यायालयकोभेजे- | 'बिहारराज्यबनामरामनरेशपांडे' |
धारा213 का उद्देश्य क्या है? | मजिस्ट्रेटकीभूमिकाकेबादगंभीरअपराधोंकोसत्रन्यायालयकोसौंपना |
धारा214 किससे संबंधित है? | अपरसेशनन्यायाधीशोंकोहवालेकिएगएमामलोंपरउनकेद्वाराविचारण (Additional Sessions Judges to try cases made over to them) |
धारा214 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अपरसत्रन्यायाधीशकोसौंपेगएमामलोंकाविचारण |
अपर सत्र न्यायाधीश कौन होता है? | सत्रन्यायालयकासहायकन्यायाधीश |
धारा214 के अंतर्गत अपर सत्र न्यायाधीश किस स्थिति में मामले का विचारण कर सकते हैं? | यदिउन्हेंसत्रन्यायाधीशद्वाराअधिकृतकियागयाहो |
सत्र न्यायाधीश, धारा214 के अनुसार, क्या कार्य कर सकता है? | अपरसत्रन्यायाधीशकोविशिष्टमामलोंकेविचारणहेतुअधिकृतकरना |
एक गंभीर आपराधिक मामला अपर सत्र न्यायाधीश को विचारण हेतु दिया गया है। यह किसके निर्देश पर संभव हुआ होगा? | सत्रन्यायाधीश |
सुप्रीम कोर्ट ने सत्रन्यायाधीशद्वारा मामले के हस्तांतरणकीशक्तिवैधहै, स्पष्ट किया? | 'राजकिशोरप्रसादबनामबिहारराज्य' |
यदि सत्र न्यायाधीश कोई मामला अपर सत्र न्यायाधीश को सौंपता है, तो विचारण कौन करेगा? | अपरसत्रन्यायाधीश |
धारा214 के अंतर्गत कौन विचारण करने हेतु प्राधिकृत कर सकता है? | सत्रन्यायाधीश |
क्या धारा214 का प्रयोग केवल विशिष्ट अपराधों पर लागू होता है? | नहीं, सभीसत्रविचारणीयअपराधोंपर |
धारा215 किससे संबंधित है? | लोकन्यायकेविरुद्धअपराधोंकेलिएऔरसाक्ष्यमेंदिएगएदस्तावेजोंसेसंबंधितअपराधोंकेलिएलोकसेवकोंकेविधिपूर्णप्राधिकारकेअवमानकेलिएअभियोजन |
धारा215 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | लोकसेवकोंकेविधिपूर्णप्राधिकारकीरक्षाकरना |
धारा215 किन अपराधों से संबंधित है? | लोकन्यायकेविरुद्धअपराध |
क्या किसी लोक सेवक के विधिपूर्ण आदेश की अवहेलना पर अभियोजन किया जा सकता है? | हाँ, यदिअधिनियमकेअंतर्गतसशर्तअनुमतिहो |
यदि कोई व्यक्ति न्यायालय के समक्ष दस्तावेज़ को जानबूझकर झूठा प्रस्तुत करता है, तो उस पर किस धारा के अंतर्गत अभियोजन संभव है? | धारा215 |
एक व्यक्ति ने न्यायालय में जानबूझकर झूठे दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। क्या उस पर अभियोजन संभव है? | हाँ, धारा215 केअंतर्गत |
किसकी अनुमति के बिना किसी लोक सेवक के विधिपूर्ण कार्य की अवहेलना पर अभियोजन नहीं किया जा सकता? | सक्षमप्राधिकारी |
क्या धारा215 केवल सरकारी कर्मचारियों पर लागू होती है? | नहीं, यहसभीव्यक्तियोंपरलागूहोतीहै |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि साक्ष्यमेंदिएगएझूठेदस्तावेजोंपरअभियोजनकेवलन्यायालयकीअनुमतिसेहीसंभवहै? | 'इकबालसिंहमारवाहबनाममीनाक्षीमारवाह' (2005) |
क्या धारा215 के तहत अपराध करने वाले पर सीधे अभियोजन संभव है? | नहीं, सक्षमप्राधिकारीकीअनुमतिआवश्यकहै |
किस स्थिति में धारा215 के अंतर्गत अभियोजन की आवश्यकता होती है? | जबकोईव्यक्तिलोकसेवककेआदेशकीअवज्ञाकरताहै |
क्या न्यायालय के समक्ष झूठे दस्तावेज़ देना "लोकन्यायकेविरुद्धअपराध" की श्रेणी में आता है? | हाँ |
धारा216 किससे संबंधित है? | धमकीदेनेआदिकीदशामेंसाक्षियोंकेलिएप्रक्रिया (Procedure for witnesses in case of threatening, etc) |
धारा216 के अंतर्गत यदि साक्षीकोधमकीदीजातीहै, तो अदालत क्या कर सकती है? | साक्षीकीपहचानछिपासकतीहै |
कौन सी सुविधा धारा216 के अंतर्गत साक्षियों को प्रदान की जा सकती है? | वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग |
यदि किसी साक्षी को जान से मारने की धमकी दी जाती है, तो अदालत द्वारा कौन सी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है? | साक्षीकोगोपनीयरखना |
साक्षी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत किसका सहारा ले सकती है? | गोपनीयसुनवाई |
सुप्रीम कोर्ट ने किस सिद्धांत पर निष्पक्ष सुनवाई और साक्षी की सुरक्षा बल दिया? | जाहिराहबीबुल्लाहशेखबनामगुजरातराज्य (2004) |
सर्वोच्च न्यायालय ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंगकेमाध्यमसेसाक्ष्यकीअनुमति, सिद्धांत दिया? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी.देसाई (2003) |
यौनअपराधोंकेमामलोंमेंमहिलागवाहोंकीपहचानछुपानेकीअनुमतिनिर्देशदियेगये? | साक्षीबनामभारतसंघ (2004) |
किस मामले में अदालत ने यह माना कि “गवाहकाभयमुक्तहोकरबयानदेनान्यायकीआत्माहै”? | करतारसिंहबनामपंजाबराज्य (1994) |
यदि किसी बलात्कार के मामले में साक्षी अदालत में अभियुक्त को देखकर भयभीत हो जाती है, तो क्या उपाय किया जा सकता है? | साक्षीकीपहचानगोपनीयरखीजाएऔरवीडियोकॉन्फ्रेंसिंगकीअनुमतिदीजाए |
अगर कोई व्यक्ति किसी साक्षी को धमकी देता है कि वह कोर्ट में गवाही न दे, तो उस व्यक्ति पर कौन सा अपराध लागू होगा? | केवलअपमानजनकव्यवहार गवाहकोप्रभावितकरनेकाअपराध |
गवाह की सुरक्षा से संबंधित किस अनुच्छेद के अंतर्गत ‘निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार’ सुनिश्चित किया गया है? | अनुच्छेद21 |
धारा216 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | गवाहोंकोभयमुक्तवातावरणमेंसाक्ष्यदेना |
धारा217 किससे संबंधित है? | राज्यकेविरुद्ध अपराधोंकेलिएऔरऐसेअपराधकरनेकेलिएआपराधिकषड्यंत्रकेलिएअभियोजन (Prosecution for offences against State and for criminal conspiracy to commit such offence) |
धारा217 के अंतर्गत राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए अभियोजन प्रारंभ करने से पहले किसकी अनुमति आवश्यक है? | केंद्रयाराज्यसरकार |
यदि कोई व्यक्ति भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने की साजिश करता है, तो उसके खिलाफ अभियोजन से पहले क्या करना होगा? | केंद्रसरकारसेअनुमतिप्राप्तकरना |
धारा217 के अंतर्गत अनुमति किस प्रकार की होती है? | लिखित |
किस निर्णय में "पूर्वअनुमति"(sanction) के बिना अभियोजन को अमान्य ठहराया गया? | माताजोगडोबेबनामएच.सी. भारी |
किसी भी राजद्रोह के मामले में अभियोजन प्रारंभ करने से पहले अनुमति न होने पर क्या परिणाम होगा? | अभियोजनअमान्यहोगा |
यदि एक व्यक्ति सोशल मीडिया पर भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध का आह्वान करता है, तो क्या धारा217 लागू होगी? | हाँ, यदिसरकारकीपूर्वअनुमतिकेबादअभियोजनहो |
एक पत्रकार सरकार की आलोचना करता है, क्या वह धारा217 के अंतर्गत आता है? | नहीं, जबतकवहहिंसायाषड्यंत्रमेंनहो |
"देशविरोधीसाहित्य" का प्रचार करना किस स्थिति में धारा217 के तहत अभियोजन योग्य होगा? | जबसाहित्यसेहिंसाभड़कतीहो |
क्या केंद्रसरकारधारा217 के अंतर्गत दिए गए अभियोजन की अनुमति को अस्वीकार कर सकती है? | हाँ, यदिपर्याप्तसाक्ष्यनहों |
क्या धारा217 भारतीय संविधान के किसी अनुच्छेद से प्रभावित होती है? | अनुच्छेद21 – जीवनकाअधिकार |
धारा218 का संबंध किससेहै? | न्यायाधीशोंऔरलोकसेवकोंकाअभियोजन (Prosecution of Judges and public servants) |
धारा218 के अनुसार किसी लोक सेवक के विरुद्ध अभियोजन करने से पहले क्या आवश्यक है? | सक्षमप्राधिकारीकीपूर्वअनुमति |
धारा218 का उद्देश्य क्या है? | लोकसेवकोंकोसंरक्षणदेना |
धारा218 के अंतर्गत "सक्षमप्राधिकारी" कौन हो सकता है? | संबंधितविभागकासक्षमअधिकारी |
यदि किसी न्यायाधीश ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कोई आपराधिक कार्य किया, तो अभियोजन से पहले किसकी अनुमति लेनी होगी? | संबंधितसरकार/विभागकीपूर्वस्वीकृति |
सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व अनुमति हमेशा आवश्यक नहीं कहा ? | माटाजोगडोबेबनामएच.सी. भारी (1955) |
किस मामले में मेडिकललापरवाहीकोलोकसेवानहींमानाजासकता, स्थापित किया गया? | एन.के.गांगुलीबनामसीबीआई (2016) |
सर्वोच्च न्यायालय ने कर्तव्य के दौरान किए गए कार्यों पर ही धारा218 लागू होती है की व्याख्या दी? | पी.के. प्रधानबनामसिक्किमराज्य (2001) |
एक सरकारी डॉक्टर ड्यूटी के दौरान लापरवाही करता है जिससे किसी की मृत्यु हो जाती है। अभियोजन करने के लिए क्या आवश्यक है? | सरकारकीपूर्वअनुमति |
यदि कोई न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच के दौरान व्यक्तिगत दुर्भावना से आदेश पारित करता है, तो उसके विरुद्ध अभियोजन कैसे किया जा सकता है? | सरकारकीपूर्वअनुमतिकेबादहीमुकदमाचलसकताहै |
यदि कोई पुलिस अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर गिरफ्तारी करता है, तो क्या धारा218 लागू होगी? | हाँ, क्योंकियहपदसेसंबंधितकार्यहै |
पूर्व अनुमति नहीं ली गई और मुकदमा चलाया गया, तो उसका क्या प्रभाव होगा? | अभियोजनअमान्यहोगा |
लोक सेवक की सेवा से बाहर होने के बाद भी क्या धारा218 की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है? | हाँ, यदिअपराधपदपररहतेहुएहुआथा |
धारा219 का संबंध किससेहै? | विवाहकेविरुद्धअपराधोंकेलिएअभियोजन (Prosecution for offences against marriage) |
धारा219 के अनुसार विवाह के विरुद्ध अपराधों के अभियोजन के लिए शिकायत कौन दर्ज कर सकता है? | पीड़िता, माता-पितायासंरक्षक |
क्या धारा219 के तहत पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर अभियोजन शुरू कर सकती है? | नहीं |
विवाहकेविरुद्धअपराधोंमेंसे कौन-सा अपराध धारा219 के अंतर्गत आता है? | द्विविवाह (Bigamy) |
यदि कोई महिला शिकायत दर्ज नहीं करना चाहती, लेकिन उसकी माता चाहती है, तो क्या अभियोजन संभव है? | हाँ, यदिमातासंरक्षकहै |
विवाहकानूनमहिलाओंकेविरुद्धभेदभावपूर्णहैं, निर्णय हुआ? | श्रीमतीसौमित्रीविष्णुबनामभारतसंघ (1985) |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेदूसरीपत्नीभीशिकायतकरसकतीहै, स्पष्ट किया? | रीमाअग्रवालबनामअनुपम (2004) |
अदालतनेद्विविवाहमेंकीगईशादीशून्यहोतीहै, कहा? | यमुनाबाईअनंतरावआधवबनामअनंतरावशिवरामआधव (1988) |
एक व्यक्ति ने पहली पत्नी को बताए बिना दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी शिकायत दर्ज कर सकती है: | धारा219 केतहतव्यक्तिगतशिकायतद्वारा |
यदि कोई लड़की नाबालिग है और विवाह कर लिया गया है, तो शिकायत दर्ज करने का अधिकार किसे है? | माता-पितायासंरक्षक |
कोई व्यक्ति विवाह के नाम पर धोखा देता है, यह अपराध किस श्रेणी में आएगा? | विवाहकेविरुद्धअपराध |
धारा219 के तहत यदि शिकायतकर्ताउपलब्धनहींहै, तो कौन अभियोजन प्रारंभ कर सकता है? | कोर्टकीअनुमतिसेकोईअन्यव्यक्ति |
धारा220 का संबंध किससेहै? | भारतीयन्यायसंहिता, 2023 धारा85 केअधीनअपराधोंकाअभियोजन (Prosecution of offences under section 85 of Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) |
धारा221 का संबंध किससेहै? | अपराधकासंज्ञान (Cognizance of offence) |
धारा221 के अनुसार, न्यायिकमजिस्ट्रेटअपराधकासंज्ञान किसके आधार पर ले सकता है? | पुलिसरिपोर्टकेआधारपर किसीव्यक्तिकीशिकायतपर |
धारा221 के अंतर्गत, किस स्तर का न्यायिकमजिस्ट्रेटसंज्ञान ले सकता है? | केवलप्रथमश्रेणी |
"संज्ञानलेना" का तात्पर्य है? | मजिस्ट्रेटद्वारायहतयकरनाकिमामलासुनवाईयोग्यहै |
क्या मजिस्ट्रेट बिना पुलिस रिपोर्ट के भी संज्ञान ले सकता है? | हाँ, स्वयंसंज्ञानलेकर |
सर्वोच्चन्यायालयनेमजिस्ट्रेटस्वतंत्ररूपसेभीसंज्ञानलेसकताहै कहा? | तुलारामबनामकिशोरसिंह (AIR 1977 SC 2401) |
सर्वोच्चन्यायालयनेसंज्ञानलेनाऔरआरोपतयकरनादोभिन्नचरणहैं, फैसला सुनाया? | भूषणकुमारबनामराज्य (एनसीटीदिल्ली), एआईआर 2012 एससी 1747 |
सर्वोच्चन्यायालयनेकहा:मजिस्ट्रेटस्वयंभ्रष्टाचार के मामलों में संज्ञान ले सकता है | सुब्रमण्यमस्वामीबनाममनमोहनसिंह (2012) में |
यदि कोई शिकायतकर्ता सीधे मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत करता है, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | स्वयंसंज्ञानलेकरजांचप्रारंभकरसकताहै |
मजिस्ट्रेट ने चार्जशीट मिलने के बाद पाया कि मामला तुच्छ है। क्या वह संज्ञान लेने से इनकार कर सकता है? | हाँ |
यदि मजिस्ट्रेट धारा221 के तहत संज्ञानलेताहै, तो अगला चरण क्या होगा? | अभियुक्तकोसमनजारीकरना |
क्या मजिस्ट्रेट धारा221 के तहत संज्ञान लेते समय पुलिसकीप्राथमिकरिपोर्ट (FIR) पर ही निर्भर है? | नहीं, वहस्वतंत्ररूपसेसंज्ञानलेसकताहै |
क्या मजिस्ट्रेट संज्ञान लेने से पहले सबूतों का मूल्यांकन करता है? | हाँ, प्रारंभिकतौरपरप्रथमदृष्टयासाक्ष्यदेखताहै |
धारा222 किससे संबंधित है? | मानहानिके लिएअभियोजन (Prosecution for defamation) |
धारा222 के अंतर्गत किन व्यक्तियों के विरुद्ध मानहानि के लिए अभियोजन से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है? | राष्ट्रपति |
धारा222 के अनुसार मानहानिकेअभियोजनकेलिए किसकी स्वीकृति अनिवार्य है? | उपयुक्तसरकार |
क्या किसी सांसद की मानहानि के लिए सीधे मुकदमा चलाया जा सकता है? | नहीं, सरकारकीस्वीकृतिआवश्यकहै |
क्या धारा222 केवल लोक सेवकों की मानहानि पर लागू होती है? | नहीं, यहअन्यसंवैधानिकपदोंपरभीलागूहोतीहै |
यदि कोई व्यक्ति सोशलमीडियापर किसी राज्यपालकीआलोचनाकरताहै, और मानहानिकामुकदमादर्जकरानाचाहताहै, तो क्या आवश्यक है? | उपयुक्तसरकारकीपूर्वस्वीकृति |
कोई पत्रकार प्रधानमंत्री के विरुद्ध एक लेख प्रकाशित करता है जिसमें झूठे आरोप हैं। अभियोजन हेतु कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाएगी? | केंद्रसरकारकीपूर्वस्वीकृतिप्राप्तकरअभियोजन |
एक विधायक के विरुद्ध मानहानि के आरोप लगाए गए हैं, अभियोजन हेतु क्या आवश्यक है? | संबंधितराज्यसरकारकीपूर्वस्वीकृति |
क्या धारा222 संविधान के अनुच्छेद19(1)(a) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन करती है? | नहीं, यहअनुच्छेद19(2) केअंतर्गतएकयुक्तियुक्तप्रतिबंधहै |
अध्याय16 | |
मजिस्ट्रेटोंसेपरिवाद (Complaints To Magistrates) | |
धारा223 किससे संबंधित है? | परिवादीकीपरीक्षा (Examination of complainant) |
धारा223 के अनुसार परिवादीकीपरीक्षा किस प्रकार ली जाती है? | शपथपरलिखितरूपमें |
क्या मजिस्ट्रेट को हर परिवाद की प्रारंभिक जांच करनी आवश्यक है? | नहीं, यदिन्यायालयसीधासंज्ञानलेनाचाहे |
परिवादी की परीक्षा में प्रयुक्त कथन का क्या किया जाता है? | लिखितरूपमेंसंग्रहितकियाजाताहै |
क्या मजिस्ट्रेट परिवादी की परीक्षा को रिकॉर्ड करने से इनकार कर सकता है? | हाँ, यदिमामलास्पष्टरूपसेझूठाहो |
सुप्रीमकोर्टनेमजिस्ट्रेटकोपरिवादीकीशपथपूर्वकपरीक्षाअनिवार्यरूपसेकरनीचाहिए, बात पर बल दिया? | नरसिंहदासतापड़ियाबनामगोवर्धनदासब्यास (1994) 1 एससीसी 371 |
किस मामले के अनुसार मजिस्ट्रेटकोपरिवादीकीशिकायतकीसत्यताजांचनेहेतुप्रारंभिकपरीक्षाकरनीचाहिए, कहा गया है? | भगवंतसिंहबनामपुलिसआयुक्त, एआईआर 1985 एससी 1285 |
यदि कोई महिला मजिस्ट्रेट के समक्ष यौन उत्पीड़न की शिकायत प्रस्तुत करती है, तो मजिस्ट्रेट को क्या करना होगा? | परिवादीकीशपथपूर्वकप्रारंभिकपरीक्षाकरना |
यदिपरिवादीकीपरीक्षाकेदौरानपरिवादझूठीप्रतीतहोतीहै, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | परिवादखारिजकरसकताहै |
परिवादी की परीक्षा में उल्लिखित कथन की सत्यता की जांच किस चरण में होती है? | ट्रायलकेदौरान |
धारा224 किससे संबंधित है? | ऐसेमजिस्ट्रेटद्वाराप्रक्रियाजोसंज्ञानलेनेकेलिएसक्षमनहींहै (Procedure by Magistrate not competent to take cognizance of case) |
धारा224 का उद्देश्य क्या है? | प्रक्रियाकीवैधताकोबनाएरखना, भलेहीमजिस्ट्रेटसक्षमनहो |
क्या किसी अयोग्य मजिस्ट्रेट द्वारा प्रारंभ की गई प्रक्रिया स्वतः अमान्य हो जाती है? | नहीं, जबतकइससेन्यायकोक्षतिनहींहोती |
धारा224 किस कानूनी सिद्धांत को दर्शाती है? | वास्तविकसिद्धांत |
यदि मजिस्ट्रेट विधिक रूप से सक्षम नहीं है और वह प्रक्रिया आरंभ करता है, तो क्या उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है? | नहीं, यदिकोईदुर्भावनानहींहै |
यदि कोई अनियमितता न्याय को प्रभावित नहीं करती, तो प्रक्रिया अवैध नहीं मानी जाएगी कहा गया था? | एच.एन. रिशबडबनामदिल्लीराज्य, एआईआर 1955 एससी 196 |
यदिकार्यवाहीप्रक्रियामेंहोचुकीहैऔरदोषसिद्धिहोचुकीहै, तोतकनीकीत्रुटिसेन्यायालयहस्तक्षेपनहींकरेगा माना? | मप्रराज्यबनामभूराजी, एआईआर 2001 एससी 3372 |
जबमजिस्ट्रेटसक्षमनहींहोसकायदिमजिस्ट्रेटनेईमानदारीसेकार्यकियाहो, तो कार्यवाही अवैध नहीं मानी जाएगी? | के.के. पटेलबनामगुजरातराज्य, AIR 2000 SC 1812 |
यदिउच्चतरन्यायालयपाताहैकिमजिस्ट्रेटसक्षमनहींथा, तो क्या केवल इसी आधार पर कार्यवाही रद्द की जा सकती है? | नहीं, जबतकन्यायिकप्रक्रियापरप्रतिकूलप्रभावनहो |
मजिस्ट्रेट X ने एक ऐसे मामले में प्रक्रिया शुरू कर दी जो केवल सत्र न्यायालय के अधिकार में था। क्या कार्यवाही अमान्य है? | नहीं, जबतककोईगंभीरअन्यायनहींहुआ |
यदि किसी मजिस्ट्रेट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की घटना का संज्ञान लिया हो, तो उसका निर्णय: | तबतकवैधमानाजाएगाजबतकवहदुर्भावनासेग्रस्तनहो |
एक मजिस्ट्रेट जिसने अनजाने में बिना अधिकार के प्रक्रिया चलाई, क्या उसकी कार्यवाही वैध मानी जाएगी? | हाँ, यदिउसकाकृत्यनिष्पक्षऔरन्यायोचितथा |
धारा225 किससे संबंधित है? | आदेशिकाकेजारीकिएजानेकोमुल्तवीकरना (Postponement of issue of process) |
धारा225 के अंतर्गत आदेशिकाकोमुल्तवी करने का क्या आधार है? | उपयुक्तकारणजोन्यायकेहितमेंहो |
क्या न्यायालय आदेशिका जारी करने के स्थान पर उसे स्थगित कर सकता है? | हाँ, जबतकउचितकारणहो |
आदेशिकाकोमुल्तवी करना किसकी शक्ति में आता है? | मजिस्ट्रेटयान्यायालय |
क्या आदेशिका को अनिश्चित काल तक स्थगित किया जा सकता है? | नहीं, कारणस्पष्टकरनाआवश्यकहोताहै |
सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोविवेकाधिकारहैकिकबआदेशिकारोकीजाएमाना? | यूपीराज्यवी. आर.के. श्रीवास्तव, AIR 1989 SC 2222 |
यदि न्यायालय आदेशिका जारी करने से पूर्व यह निर्णय लेता है कि कुछ दस्तावेजों या साक्ष्यों की प्रतीक्षा करना जरूरी है, तो क्या आदेशिका स्थगित की जा सकती है? | हाँ, धारा225 केअंतर्गत |
एक मजिस्ट्रेट को आरोपी के विरुद्ध समन जारी करना था, लेकिन FIR में संदेहास्पद साक्ष्य होने के कारण उसने आदेशिका को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। यह कार्य: | धारा225 केअंतर्गतवैधहै |
क्या धारा225 न्यायालय को गिरफ्तारी आदेश टालने का विवेक देती है? | हाँ, जबतकन्यायकेहितमेंहो |
क्या आदेशिका को स्थगित करने के लिए न्यायालय को कारण लिखित रूप में देना आवश्यक है? | हाँ |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा226 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अभियोजनकोखारिजकरना |
धारा226 के अनुसार, कबएकपरिवादकोखारिज किया जा सकता है? | जबकोईवैधकारणनहोऔरयहबिनाआधारकेहो |
एक न्यायालय किसी परिवाद को खारिज कर सकता है, यदि वह: | उचितऔरपर्याप्तसाक्ष्यपरआधारितनहो |
क्या न्यायालय किसी मामले में केवल पुलिसरिपोर्टकेआधारपरपरिवादकोखारिजकरसकताहै? | हाँ, यदिरिपोर्टमेंपर्याप्तआधारनहो |
यदि न्यायालय मानता है कि परिवाद में कोई दोष नहीं है, तो वह क्या कर सकता है? | परिवादकोखारिजकरसकताहै |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेपरिवादकोखारिजकियाजासकताहैयदिवहअव्यवहारिकहोनिर्णयदियाथा? | के.के. वर्माबनामभारतसंघ, 1989 |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेन्यायालयकोबिनासाक्ष्यकेअभियोजनखारिजकरनेकाअधिकारनहींहै, महत्वपूर्ण निर्णय लिया? | बिहारराज्यबनामके.के. वर्मा, 2002 |
किस मामले में न्यायालय ने कहा, परिवादमेंकोईवैधकानूनीआधारनहींथाऔरपरिवादकोख़ारिजकरदिया? | आर. आर. चारीबनामउत्तरप्रदेशराज्य, 1964 |
यदि एक व्यक्ति एक झूठे आरोप में फंसा हुआ है और न्यायालय को यह स्पष्ट हो जाता है कि परिवाद में कोई आधार नहीं है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | परिवादकोखारिजकरदेनाचाहिए |
एक मजिस्ट्रेट ने पाया कि अभियोजन में कोई वास्तविक आधार नहीं था और उसने उसे खारिज कर दिया। इस निर्णय को चुनौती दी जा सकती है? | हाँ, उच्चन्यायालयसे |
अध्याय17 | |
मजिस्ट्रेटकेसमक्षकार्यवाहीकाप्रारंभकियाजाना (Commencement Of Proceedings Before Magistrates) | |
धारा227 के अनुसार, यदिन्यायालयकोअभियुक्तकेखिलाफपर्याप्तआधारनहींमिलताहै, तो वह क्या करेगा? | अभियुक्तकोरिहाकरेगा |
कौन सा मामला धारा227 के तहत अभियुक्तकोरिहाकरनेकेसंबंधमेंमहत्वपूर्णहै? | महाराष्ट्रराज्यबनामसोमनाथभारती (2015) के. रामकृष्णनबनामकेरलराज्य (2012) जगजीतसिंहबनामपंजाबराज्य (2018) |
धारा227 के तहत, न्यायालय को किस आधार पर अभियुक्त को रिहा करने का अधिकार है? | अभियुक्तकेखिलाफपर्याप्तसाक्ष्यकाअभाव |
धारा228(1) के अनुसार, मजिस्ट्रेट किस स्थिति में अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है? | जबमजिस्ट्रेटउचितकारणदेखे |
धारा228 के तहत, अभियुक्तकीव्यक्तिगतउपस्थितिसेछूट किसके माध्यम से दी जाती है? | अभियुक्तकेवकीलकेमाध्यमसे |
धारा228(2) के अनुसार, मजिस्ट्रेट किस स्थिति में अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग कर सकता है? | जबमजिस्ट्रेटकोआवश्यकताप्रतीतहो |
धारा228 के अंतर्गत, मजिस्ट्रेट अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए क्या कर सकता है? | अभियुक्तकीउपस्थितिकेलिएआवश्यकप्रक्रियाअपनासकताहै |
धारा228 के अंतर्गत, मजिस्ट्रेट किस प्रकार के मामलों में अभियुक्तकीव्यक्तिगतउपस्थितिसेछूटदेनेपरविचारकरसकताहै? | मामूलीअपराधोंमें |
धारा228 के अनुसार, यदिमजिस्ट्रेटअभियुक्तकीव्यक्तिगतउपस्थितिसेछूटदेताहै, तो क्या अभियुक्त को कभी भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी? | नहीं, मजिस्ट्रेटआवश्यकतापड़नेपरव्यक्तिगतउपस्थितिकीमांगकरसकताहै |
धारा228 के तहत, अभियुक्तकीव्यक्तिगतउपस्थितिसेछूटदेनेकानिर्णय किसके विवेक पर निर्भर करता है? | मजिस्ट्रेटके |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा229 किन मामलों में विशेष समन जारी करने की अनुमति देती है? | छोटेअपराधों (petty offences) में |
धारा229 के अंतर्गत विशेषसमन में क्या जोड़ा जा सकता है? | जुर्मानास्वीकारकरनेऔरअदालतमेंनआनेकाविकल्प |
विशेषसमन किस न्यायालय द्वारा जारी किया जा सकता है? | मजिस्ट्रेटद्वारा |
विशेष समन किस प्रकार की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए है? | छोटेअपराधोंकाशीघ्रसमाधान |
यदि आरोपी विशेष समन में वर्णित जुर्माना स्वीकार कर ले, तो क्या होता है? | प्रक्रियासमाप्तहोसकतीहै |
किस मामले में उच्च न्यायालय ने विशेषसमनकाप्रयोगमुकदमोंकीसंख्याकमकरनेकेलिएकियाजासकताहै, बल दिया गया? | कैलाशसिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य (2024) |
विशेष समन के तहत किस आधार पर न्यायालय यह तय करता है कि अपराध "छोटा" है या नहीं? | अपराधकीअधिकतमसजा |
धारा230 किससे संबंधित है? | अभियुक्तकोपुलिसरिपोर्टयाअन्यदस्तावेजोंकीप्रतिलिपिदेना |
धारा230 के अनुसार, अभियुक्त को किन दस्तावेजों की प्रतिलिपि दी जाती है? | पुलिसरिपोर्ट, गवाहोंकेबयानऔरअन्यसाक्ष्य |
अभियुक्त को दस्तावेजों की प्रतिलिपि किस समय तक दी जानी चाहिए? | विचारणप्रारंभहोनेसेपूर्व |
यदि अभियुक्त को दस्तावेजों की प्रतिलिपि समय पर नहीं मिलती है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | सुनवाईस्थगितकरसकताहै |
धारा230 किस संवैधानिकअधिकार की पूर्ति करता है? | अनुच्छेद21 - जीवनऔरव्यक्तिगतस्वतंत्रता |
धारा230 के तहत प्रतिलिपियाँ अभियुक्त को किस प्रकार दी जानी चाहिए? | लिखितरूपमेंनिशुल्क |
अभियुक्त को दस्तावेज प्रदान करना किसका कर्तव्य है? | न्यायाधीशका |
किस मामले में सर्वोच्चन्यायालयनेप्रतिलिपियाँनदेनान्यायकाउल्लंघनहै, सिद्धांत प्रतिपादित किया? | खत्रीबनामबिहारराज्य (1981) |
किस मामले में उच्चन्यायालयनेअभियुक्तकोदस्तावेज़नदेनाArticle 21 काउल्लंघनहै, निर्णय दिया? | केरलराज्यबनामबाबू (2022) में |
किस मामले में सर्वोच्चन्यायालयनेआरोपीकोदोषसिद्धिसेपहलेउचितजानकारीमिलनीचाहिए, पर जोर दिया? | शरदबनाममहाराष्ट्रराज्यमें |
किस मामले में न्यायालयनेउचितसुनवाईकाअधिकार (Right to Fair Trial) अधिकार को संरक्षित किया है? | मो. हुसैनबनामराज्य (दिल्लीप्रशासन) |
यदि दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ जानबूझकर रोकी जाती हैं, तो यह किसका उल्लंघन होगा? | प्राकृतिकन्यायकेसिद्धांतोंका |
धारा231 का संबंध है: | सेशनन्यायालयद्वाराविचारणीयअन्यमामलोंमेंअभियुक्तकोकथनोंऔरदस्तावेजोंकीप्रतिलिपियांदेना |
धारा231 के अंतर्गत प्रतिलिपियाँ किस प्रकार की दी जानी चाहिए? | लिखितरूपमेंऔरनिशुल्क |
कौन सा दस्तावेज़ अभियुक्त को प्रदान किया जाना अनिवार्य है? | अभियोजनपक्षकेगवाहोंकेबयान पुलिसरिपोर्ट |
धारा231 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | उचितसुनवाईसुनिश्चितकरना |
प्रतिलिपियाँ न मिलने की स्थिति में विचारण कब प्रारंभ होगा? | जबदस्तावेज़मिलजाएं |
अभियुक्त को दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ किसके द्वारा दी जाती हैं? | अभियोजनअधिकारी |
यदि अभियुक्त को दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ नहीं दी जाती हैं, तो यह किस अनुच्छेद का उल्लंघन माना जाएगा? | अनुच्छेद21 |
किस मामले में न्यायालय ने अभियुक्तकोनिशुल्कप्रतिलिपियाँमिलनीचाहिए, सिद्धांत को अपनाया? | खत्रीबनामबिहारराज्य (1981) |
उचितसुनवाईकेलिएदस्तावेज़कीपारदर्शिता पर ज़ोर दिया गया? | शिवाजीसाहबरावबोबडेबनाममहाराष्ट्रराज्य |
अभियुक्त को दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ दिए बिना ट्रायल शुरू करना क्या दर्शाता है? | प्राकृतिकन्यायकाउल्लंघन |
धारा231 का उद्देश्य है: | अभियुक्तकोउसकीरक्षाकेलिएपर्याप्तजानकारीदेना |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा232 का मुख्य विषय क्या है? | जबअपराधअनन्यतःसेशनन्यायालयद्वाराविचारणीयहैतबमामलाउसेसुपुर्दकरना |
यदि किसी अपराध का विचारण केवल सेशनन्यायालयद्वाराकियाजासकताहै, तो मजिस्ट्रेट को क्या करना चाहिए? | मामलेकोसेशनन्यायालयकोसुपुर्दकरना |
धारा232 के तहत, मजिस्ट्रेट को किस स्तर पर यह निर्णय लेना होता है कि मामला सेशन न्यायालय को भेजा जाए? | प्रथमदृष्टयासाक्ष्यदेखनेकेबाद |
मजिस्ट्रेट मामला सेशन न्यायालय को कब भेज सकता है? | जबअपराधगंभीरहोऔरकेवलसेशनन्यायालयद्वाराविचारणीयहो |
धारा232 के तहत “अनन्यतःविचारणीय” का क्या अर्थ है? | केवलसेशनन्यायालयद्वाराविचारणीय |
धारा232 के अंतर्गत किस स्तर का मजिस्ट्रेट मामला सेशनन्यायालयकोसुपुर्दकरसकताहै? | प्रथमश्रेणीमजिस्ट्रेट |
मामला सेशन न्यायालय को सुपुर्द करते समय मजिस्ट्रेट को क्या संलग्न करना होता है? | सभीदस्तावेज़वगवाहोंकेबयान |
यदि मजिस्ट्रेट मामला सेशन न्यायालय को नहीं भेजता है, जबकि वह अनन्यतः विचारणीय है, तो इसका क्या परिणाम हो सकता है? | दोषसिद्धिरद्दहोसकतीहै |
कोर्ट ने केवलसेशनन्यायालयकोट्रायलकरनेकाअधिकार बात पर बल दिया? | बलवीरसिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य |
किस मामले में मजिस्ट्रेटकेवलप्रथमदृष्टयासाक्ष्यदेखकरमामलाट्रांसफरकरसकताहै, निर्णय दिया गया? | बिहारराज्यबनामरमेशसिंह (1977) |
क्या मजिस्ट्रेट आरोपी को ज़मानत देकर ही केस सेशन न्यायालय को सुपुर्द कर सकता है? | ज़मानतजरूरीनहीं |
सेशन न्यायालय को सुपुर्द करते समय मजिस्ट्रेट का कार्य क्या कहलाता है? | प्रशासनिककार्रवाई |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा233 किससे संबंधित है? | परिवादऔरउसीअपराधमेंपुलिसअन्वेषणकीस्थितिमेंप्रक्रिया |
यदि किसी मजिस्ट्रेट के समक्ष एक परिवाद लंबित है और उसी अपराध पर एक पुलिस रिपोर्ट दाखिल हो जाती है, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | दोनोंकोएकसाथचलासकताहै |
धारा233 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट को क्या अधिकार प्राप्त है? | दोनोंमामलोंकोएकीकृतकरनेका |
परिवादऔरपुलिसरिपोर्टयदिएकहीअपराधकेसंबंधमेंहैं, तो मजिस्ट्रेट क्या करेगा? | दोनोंकीसंयुक्तसुनवाईकरसकताहै |
धारा233 में कौन-से दो प्रकार की कार्यवाहियों की समानांतरता की बात की गई है? | परिवादऔरपुलिसअन्वेषण |
मजिस्ट्रेट को किस स्थिति में कार्यवाही रोकनी नहीं चाहिए? | जबपुलिसरिपोर्टदाखिलहोचुकीहोलेकिनपरिवादपहलेलंबितथा |
यदिपुलिसरिपोर्टऔरपरिवादमेंविरोधाभासहो, तो मजिस्ट्रेट क्या करेगा? | दोनोंकोसुनकरस्वतंत्रनिर्णयदेगा |
यदि मजिस्ट्रेट को यह ज्ञात हो कि एक ही अपराध पर दो रिपोर्ट हैं, तो किसके प्रति उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए? | दोनोंकोसमानअवसरदेनाचाहिए |
किस मामले में परिवादऔरपुलिसरिपोर्टपरसंज्ञान पुरातन बिंदु पर आधारित था? | भगवंतसिंहबनामपुलिसआयुक्त |
यदि मजिस्ट्रेट ने केवल पुलिस रिपोर्ट पर कार्यवाही की और परिवाद की अनदेखी की, तो क्या यह उचित है? | नहीं, यहन्यायिकचूकहै |
किस मामले में यूपी ने FIR दर्जकरनेकीअनिवार्यता, विषय से है? | ललिताकुमारीबनामसरकार। |
अध्याय 18 | |
आरोप (The Charge) | |
क-आरोपोकाप्ररूप (Form of charges) | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा234 किससे संबंधित है? | आरोपकीअंतर्वस्तु (Contents of charge) |
धारा234 के अनुसार, आरोप में क्या सम्मिलित होना अनिवार्य है? | अपराधकीप्रकृति, तिथि, समयऔरस्थान |
आरोप की भाषा कैसी होनी चाहिए? | स्पष्ट, सरलऔरसमझनेयोग्य |
क्या आरोप पत्र में यह आवश्यक है कि अभियुक्त को बताया जाए कि उस पर किस अधिनियम की कौन सी धारा के अंतर्गत अपराध का आरोप है? | हां |
यदिएकव्यक्तिपरदोयाअधिकअपराधोंकाआरोपहै, तो आरोपपत्र में क्या करना चाहिए? | प्रत्येकअपराधकोअलग-अलगआरोपमेंवर्णितकरनाचाहिए |
धारा234 के अनुसार, आरोप में क्या दिया जाना अनिवार्य नहीं है? | अपराधकेसंबंधमेंगवाहोंकेनाम |
क्या आरोप का स्पष्ट उल्लेख अभियुक्त के मौलिकअधिकारों की रक्षा करता है? | हां |
आरोप का उद्देश्य क्या होता है? | अभियुक्तकोउसकेविरुद्धलगाएगएआरोपोंकीजानकारीदेना |
किस मामले में सर्वोच्चन्यायालयनेआरोपकीस्पष्टताआवश्यकहैताकिअभियुक्तअपनीरक्षाकरसके, पर ज़ोर दिया? | के.सतवंतसिंहबनामपंजाबराज्य (AIR 1960 SC 266) |
किस मामले में सर्वोच्चन्यायालयनेआरोपअभियुक्तकोउचितसूचनाप्रदानकरनेकासाधनहै, माना? | आंध्रप्रदेशराज्यबनामचीमलपतिगणेश्वरराव (AIR 1963 SC 1850) |
किस मामले में अदालतनेकहाआरोपमेंमामूलीदोषसेट्रायलरद्दनहींहोता | विली (विलियम) स्लेनीबनाममप्रराज्य। (एआईआर 1956 एससी 116) |
क्या कोई अभियुक्त दोषसिद्ध हो सकता है यदि उसे सही ढंग से आरोप की जानकारी न दी गई हो? | नहीं, यहप्राकृतिकन्यायकेविरुद्धहै |
किस मामले में आरोपकीस्पष्टताअभियुक्तकेमौलिकअधिकारकाहिस्साहै, सिद्धांत को दोहराता है? | दरबारासिंहबनामपंजाबराज्य (2012) |
धारा235 किससे संबंधित है? | समय, स्थानऔरव्यक्तिकीविशिष्टजानकारी |
धारा235 के अनुसार, आरोप में कौन-कौन से घटक स्पष्ट रूप से होने चाहिए? | अपराधकासमय, स्थानऔरकिसव्यक्तिकेविरुद्धअपराधकियागया |
यदि अपराध के समय या स्थान के बारे में थोड़ी बहुत त्रुटि हो, तो क्या आरोप अमान्य हो जाता है? | नहीं, यदिउससेअभियुक्तकीबचावक्षमतापरअसरनहो |
आरोप में समयऔरस्थान का उल्लेख क्यों आवश्यक है? | अभियुक्तकोअपनेबचावकीयोजनाबनानेमेंसहायताकेलिए |
यदि आरोप में व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं है, तो क्या हो सकता है? | आरोपदोषपूर्णमानाजाएगा |
क्या आरोप में अपराध का दिनांक देना आवश्यक है? | हां, जबतकवहअभियुक्तकीरक्षाकोप्रभावितकरताहो |
आरोप में व्यक्ति की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए बात पर बल दिया गया? | बच्चनसिंहबनामपंजाबराज्य |
धारा236 किससे संबंधित है? | कबअपराधकिएजानेकीरीतिकथितकीजानीचाहिए |
धारा236 के अनुसार, आरोपमेंअपराधकिएजानेकीरीति कब वर्णित की जाती है? | जबअपराधविशेषढंगसेकियागयाहो |
अपराधकी "रीति" से क्या तात्पर्य है? | अपराधकरनेकाविशिष्टढंगयाप्रक्रिया |
क्या प्रत्येक आरोप में अपराध की रीति का वर्णन आवश्यक है? | नहीं, केवलतबजबअपराधकिसीविशिष्टविधिसेकियागयाहो |
किस मामले में आरोपमेंअपराधकरनेकीविधिस्पष्टरूपसेवर्णितहोनीचाहिएयदिवहअभियोजनकामहत्वपूर्णहिस्साहो, निर्णय दिया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान (2004) |
न्यायालय में विधि की सटीकता महत्व था? | राज्यबनामनलिनी (राजीवगांधीहत्यामामला) |
धारा237 के अनुसार, आरोप में प्रयुक्त किसी शब्द का अर्थ किस पर निर्भर करेगा? | उसविधिपरजिसकेअंतर्गतवहअपराधदंडनीयहै |
यदि आरोप में कोई विशेषकानूनीशब्द (जैसे'कूटरचना') प्रयुक्तहो, तो उसका अर्थ किससेतय होगा? | उसविशेषकानूनकीपरिभाषासे |
धारा237 किस प्रकार की समस्या को हल करने में सहायक है? | आरोपकीव्याख्यामेंअस्पष्टता |
जबएकशब्दकीसामान्यभाषाऔरकानूनीभाषामेंभिन्नताहो, तो आरोप में कौन-सा अर्थ मान्य होगा? | कानूनी |
किस मामले में आरोप की भाषा से आरोपमेंप्रयुक्तकानूनीशब्दोंकावहीअर्थलियाजाएगाजोसंबंधितकानूनमेंदियागयाहो, संबंधित निर्णय का सार था? | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) |
किस मामले में धारा 237 से आरोपमेंप्रयुक्तशब्दोंकेकानूनीअर्थपरजोरदियागया, संबंध है? | के. सतवंतसिंहबनामपंजाबराज्य (1960) |
किस मामले में आरोपोंकोविधिकअर्थकेअनुसारपढ़ाजानाचाहिए, कहा गया? | विलीस्लेनीबनामम.प्र. राज्य (1956) |
यदि आरोप में “धोखाधड़ी” शब्द प्रयुक्त हो, तो उसका अर्थ कहां से लिया जाएगा? | भारतीयदंडसंहिता / भारतीयन्यायासंहितासे |
किस मामले में व्याख्या की आरोपोंमेंप्रयुक्तप्रत्येकशब्दकोविधिकरूपसेसमझनाचाहिए, व्याख्या से संबंधित बात पर बल दिया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानखान (2004) |
धारा238 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यायिककार्यवाहीमेंहुईत्रुटियोंकेप्रभावकोपरिभाषितकरना |
धारा238 के अंतर्गत कौन-सी गलतीकार्यवाहीकोअमान्यनहींबनातीहै? | कोईऐसीत्रुटिजिससेअभियुक्तकीन्यायमेंहानिनहुईहो |
न्यायिक प्रक्रिया में त्रुटि होने पर कार्यवाही कब तक वैध मानी जाएगी? | जबवहअभियुक्तकेलिएअन्यायकाकारणनबने |
कौन सी स्थिति कार्यवाहीकोदोषपूर्ण नहीं बनाती है? | आरोपपत्रमेंनामकीस्पेलिंगगलतहोना |
यदि न्यायालय को यह प्रतीत हो कि त्रुटि से अभियुक्त को वास्तविक हानि नहीं हुई है, तो वह क्या कर सकता है? | कार्यवाहीकोवैधमानकरआगेबढ़ासकताहै |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में, कार्यवाहीमेंत्रुटिकेवलतभीमहत्वपूर्णहैजबउससेअभियुक्तकोहानिहो, स्पष्ट किया गया? | विलीस्लेनीबनामम.प्र. राज्य (1956) |
किस मामले में कार्यवाहीकीवैधताजबत्रुटियाँहों, विषय से संबंधित था? | ए.पी. राज्यबनामथाडीनारायण (1962) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तकेपक्षकीसुनवाईकामहत्व, बल दिया? | मो. हुसैनबनामराज्य (2012) |
न्यायालय किन परिस्थितियों में कार्यवाही को त्रुटि के बावजूद वैध मान सकता है? | जबउसत्रुटिसेअभियुक्तकोकोईवास्तविकपूर्वग्रहयाहानिनहुईहो |
किस मामले में तकनीकीत्रुटियोंसेनिर्णयप्रभावितनहींहोनाचाहिए, कोर्ट ने स्पष्ट किया? | बिहारराज्यविद्युतबोर्डबनामपरमेश्वरकुमार (2019) |
धारा239 किससे संबंधित है? | आरोपमेंपरिवर्तनयारूपांतरण |
धारा239 के अंतर्गत न्यायालयआरोपको किस समय परिवर्तित कर सकता है? | किसीभीसमय, जबतकनिर्णयनहींहोजाता |
आरोप के परिवर्तित होने पर न्यायालय को अभियुक्त को क्या अवसर देना आवश्यक है? | नएआरोपकेअनुसारअपनीरक्षाकरनेका |
यदि आरोप में परिवर्तन किया जाता है, तो न्यायालय को अभियुक्त को क्या सूचित करना होता है? | परिवर्तितआरोपकीसंपूर्णजानकारी |
न्यायालय आरोप को परिवर्तित कब नहीं कर सकता? | जबआरोपपरिवर्तनसेअभियुक्तकीहानिहो |
आरोपकेरूपांतरणकीस्थितिमेंकार्यवाही को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाता है? | नएआरोपकेअनुसार |
किस मामले में न्यायालय का आरोपमेंत्रुटियाँअनिवार्यरूपसेकार्यवाहीकोशून्यनहींबनातीं, मुख्य निष्कर्ष क्या था? | विलीस्लेनीबनामम.प्र. राज्य (1956) |
किस मामले में आरोपकाबिनासूचनाकेपरिवर्तनअवैधहै, बल दिया गया? | कांतिलालचंदूलालमेहताबनाममहाराष्ट्रराज्य (1969) |
किस मामले में आरोपकासंशोधनअभियुक्तकेअधिकारोंकोप्रभावितकरताहै, स्पष्ट किया गया कि: | ए.पी. राज्यबनामथाडीनारायण (1962) |
यदि आरोप बदल दिया गया हो तो कौन-सी बात न्याय की मूल भावना के अनुरूप है? | अभियुक्तकोनईसुनवाईकाअवसरदेना |
किस मामले में न्यायालयनेयहनिर्णयदियाकिआरोपमेंबदलावन्यायिकविवेककेअधीनहै, न कि अभियोजन के आदेश पर? | गुरबचनसिंहबनामपंजाबराज्य |
किस मामले में आरोप परिवर्तन के संबंध, बिनाअभियुक्तकोमौकादिएआरोपबदलनागलतहै, बात सामने आई? | एम.सी. सुलकुंटेबनाममैसूरराज्य (1970) |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा240 किस विषय से संबंधित है? | आरोपपरिवर्तितहोनेपरसाक्षियोंकापुनःपरीक्षण |
यदिआरोपपरिवर्तितकियाजाताहै, तो धारा240 के अनुसार क्या किया जाना आवश्यक है? | पूर्वमेंप्रस्तुतसाक्षियोंकोपुनःबुलाना |
धारा240 के अंतर्गत साक्षियों को पुनः बुलाने का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोनएआरोपकेसंदर्भमेंउचितबचावकाअवसरदेना |
क्या अभियुक्त साक्षियों को पुनः बुलाए जाने का अधिकार खो देता है यदि वह चुप रहता है? | नहीं |
यदि आरोप में परिवर्तन के बाद गवाहों को पुनः नहीं बुलाया गया तो क्या प्रभाव होगा? | यहअभियुक्तकेप्राकृतिकन्यायकेअधिकारोंकाउल्लंघनहोगा |
क्या न्यायालय अपने विवेक से गवाहों को पुनः बुलाने से इनकार कर सकता है? | हाँ, यदिवहइसेअनावश्यकमाने |
आरोप परिवर्तन की स्थिति में साक्षी को पुनः बुलाने का अधिकार किस पक्ष को प्राप्त है? | अभियुक्तको |
किस मामले में साक्ष्यकीविश्वसनीयतान्यायकेलिएअनिवार्यहै, सिद्धांतों को लागू किया गया था? | शरदबिरधीचंदसारदाबनाममहाराष्ट्रराज्य (1984) |
यदि आरोप परिवर्तित किया गया और अभियुक्त ने गवाहों को पुनः बुलाने की मांग नहीं की, तो: | उसेउसअधिकारसेवंचितनहींकियाजासकता |
ख-आरोपोकासंयोजन (Joinder of Charges) | |
धारा241 किस विषय से संबंधित है? | सुभिन्नअपराधोंकेलिएपृथक्आरोप |
धारा241 के अनुसार यदिएकव्यक्तिनेविभिन्नअवसरोंपरभिन्न-भिन्नअपराधकिएहैं, तो उसके विरुद्ध क्या किया जाएगा? | प्रत्येकअपराधकेलिएपृथक्आरोपऔरमुकदमाचलेगा |
धारा241 का उद्देश्य है: | प्रत्येकअपराधकीपृथकन्यायिकसमीक्षासुनिश्चितकरना |
धारा241 के अनुसार किन परिस्थितियों में एक से अधिक अपराधों का एक साथ आरोप नहीं लगाया जा सकता? | जबवेसुभिन्नऔरअलग-अलगसमयपरकिएगएहों |
धारा241 के अंतर्गत "सुभिन्नअपराध" का क्या तात्पर्य है? | भिन्न-भिन्नसमयऔरस्थानपरकिएगएअलगअपराध |
क्या न्यायालय अभियुक्त के अनुरोध पर सुभिन्न अपराधों को एक साथ सुन सकता है? | हाँ, यदिन्यायालयकोअनुचितनलगे |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येकसुभिन्नअपराधकेलिएपृथकमुकदमाआवश्यकहै, स्पष्ट किया? | मो. अख्तरबनामस्टेटऑफयूपी, एआईआर 1964 एससी 1438 |
किस मामले में न्यायालय ने आरोपीकीसहमतिसेसुभिन्नअपराधोंकासंयुक्तपरीक्षणहोसकताहै, व्याख्या की? | बाबूलालबनाममध्यप्रदेशराज्य, AIR 1979 SC 1434 |
किस मामले में न्यायालय सुभिन्नअपराधोंकीनिष्पक्षसुनवाई, बल दिया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुखदेवसिंह (1992) |
किस मामले में यह सुभिन्नअपराधोंकोएकसाथजोड़नाआरोपीकेअधिकारकाउल्लंघनकरताहै, तय किया गया कि: | आर.एस. नायकबनामए.आर. अंतुले (1984) |
किस मामले में सिद्धांत की आरोपोंकापृथककरणअभियुक्तकेसंरक्षणकेलिएहै, स्थापना की गई? | के. सतवंतसिंहबनामपंजाबराज्य (1960) |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा242 का मुख्य विषय क्या है? | एकजैसेअपराधोंकेलिएएकसाथआरोप |
धारा242 के अनुसार, यदिकोईव्यक्तिएकवर्षकीअवधिमेंएकहीप्रकृतिकेकितनेअपराधकरताहै, तो उनके लिए एक साथ आरोप लगाया जा सकता है? | अधिकतम3 |
धारा242 के अंतर्गत किन अपराधों को "एकहीप्रकार" के अपराध माने जाएंगे? | जोसमानविधिकधाराकेअंतर्गतआतेहों |
धारा242 का उद्देश्य क्या है? | समानअपराधोंकेपरीक्षणमेंन्यायिकसरलता |
धारा242 किन अपराधों पर लागू नहीं होती? | अलग-अलगप्रकृतिकेअपराध |
किस मामले में न्यायालय ने यदिअपराधएकप्रकृतिकेहोंऔरएकवर्षमेंहों, तोआरोपसंयुक्तहोसकतेहैं कहा? | करमचंदबनामपंजाबराज्य, AIR 1963 SC 313 |
किस मामले में समानअपराधोंकोएकसाथलानाअभियुक्तकेहितमेंहै, सिद्ध हुआ: | बलबीरसिंहबनामहरियाणाराज्य (1987) |
यदि किसी व्यक्ति ने 2023 में मार्च, जून और नवम्बर में तीन अलग-अलग जेबकतरी की घटनाएं कीं, तो किस प्रकार आरोप लगाया जाएगा? | एकसंयुक्तमुकदमाधारा242 केअंतर्गत |
एक ही अपराध की तीन अलग घटनाओं में आरोप तभी एक साथ लगाए जा सकते हैं जब: | वेएकहीधाराकेअंतर्गतआतेहोंऔरएकवर्षमेंहों |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा243 किससे संबंधित है? | एकसेअधिकअपराधोंकेलिएविचारण |
धारा243 के अंतर्गत एक ही आरोपी द्वारा किए गए विभिन्न अपराधों का विचारण एक साथ कब किया जा सकता है? | जबअपराधएकहीकार्यसेउत्पन्नहुएहों |
कौन-सा उद्देश्य धारा243 के अंतर्गत सम्मिलित विचारण का है? | समयऔरसंसाधनोंकीबचतकरना |
एक आरोपी ने किसी व्यक्ति को नकली दस्तावेज बनाकर धोखा दिया और बैंक से पैसे निकाल लिए। इसमें कौन-से अपराधों का विचारण एक साथ किया जा सकता है? | कूटरचनाऔरधोखाधड़ी |
यदि अभियुक्त ने 10 दिनों के अंतराल में अलग-अलग स्थानों पर समान प्रकार के अपराध किए हैं, तो क्या धारा243 लागू होगी? | नहीं, क्योंकितिथियाँऔरस्थानअलगहैं |
धारा243 किन न्यायालयों को अधिकार देती है कि वे संयुक्त विचारण कर सकें? | कोईभीसक्षमन्यायालय |
एक ही अपराध से संबंधित IPC कीधारा420 (धोखाधड़ी), 467 (कूटरचना), और471 (कूटरचितदस्तावेजकाप्रयोग) के अंतर्गत आरोप लगे हों, तो: | एकसाथविचारणसंभवहै |
संयुक्तविचारणसेअभियुक्त को किस प्रकार लाभ मिल सकता है? | सजाकमहोसकतीहै |
धारा244 का मुख्य विषय क्या है? | संदेहकीस्थितिमेंआरोपलगाना |
धारा244 के अंतर्गत, जबयहनिश्चितनहोकिकिसविशेषअपराधकाआरोपलगायाजाए, तो क्या किया जाता है? | एकयाएकसेअधिकअपराधोंकाआरोपलगायाजासकताहै |
क्या धारा244 के अंतर्गत अभियुक्तपरवैकल्पिकअपराधों का आरोप लगाया जा सकता है? | हाँ |
धारा244 के अंतर्गत यदिअपराधकास्वरूपस्पष्टनहींहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | वैकल्पिकरूपसेकईअपराधोंकाआरोपलगासकताहै |
एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपने दस्तावेज़ों में हेराफेरी की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उसने धोखाधड़ी की या जालसाजी। इस स्थिति में न्यायालय क्या करेगा? | दोनोंअपराधोंकेवैकल्पिकआरोपलगाएगा |
एक व्यक्ति पर IPC कीधारा304 (ग़ैरइरादतनहत्या) या302 (इरादतनहत्या) मेंसेकौन-साअपराधहुआहै, यह स्पष्ट नहीं है, न्यायालय क्या कर सकता है? | दोनोंकेवैकल्पिकआरोपलगाएगा |
यदि अभियुक्त पर धारा379 (चोरी) औरधारा420 (धोखाधड़ी) मेंसेकिसीएककासंदेहहो, तो न्यायालय: | दोनोंकेवैकल्पिकआरोपलगासकताहै |
धारा244 के अनुसार वैकल्पिक आरोप लगाए जाने का लाभ क्या है? | न्यायालयकोनिर्णयलेनेमेंसुविधाहोतीहै |
धारा244 के अनुसार आरोप किस स्तर पर तय किए जाते हैं? | विचारणप्रारंभहोनेसेपहले |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा245 किस विषय से संबंधित है? | आरोपकेअंतर्गतकमगंभीरअपराधमेंदोषसिद्धि |
धारा245 के अंतर्गत, जबआरोपितअपराधसिद्धनहींहोता, परंतुउससेकमतरअपराधसिद्धहोताहै, तो न्यायालय: | कमतरअपराधमेंदोषीठहरासकताहै |
क्या धारा245 के अंतर्गत न्यायालय अभियुक्त को ऐसे अपराध में दोषी ठहरा सकता है, जो आरोपित अपराध से भिन्न हो, यदि वह उससे अंतर्गत हो? | हाँ |
यदि आरोप धारा326 (गंभीरउपहति) के तहत हो और केवल धारा324 (साधारणउपहति) सिद्धहो, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | धारा324 केतहतदोषीठहराएगा |
किस मामले में आरोपीकोकमतरअपराधमेंदोषीठहरानेकेलिएअवसरदियाजानाचाहिए, के अनुसार: | शमनसाहबएम. मुल्तानीबनामकर्नाटकराज्य (एआईआर 2001 एससी 921) |
आरोपी परहत्या (धारा302) काआरोपहै, लेकिन केवल गंभीरउपहति (धारा325) सिद्धहोतीहै। न्यायालय: | धारा325 मेंदोषीठहराएगा |
आरोप धोखाधड़ी (धारा420) काहै, लेकिन केवल आपराधिकविश्वासभंग (धारा406) सिद्धहोताहै।धारा245 के अंतर्गत न्यायालय: | 406 मेंदोषीठहरासकताहै |
यदि न्यायालय को संदेह है कि आरोपित अपराध (धारा397 – डकैती) सिद्धनहींहुआ, लेकिनसाधारणचोरी (धारा379) सिद्धहुआ, तो वह: | धारा379 केअंतर्गतदोषीठहरासकताहै |
धारा245 का उद्देश्य क्या है? | न्यायसुनिश्चितकरना, भलेहीकमतरअपराधसिद्धहो |
धारा245 के अंतर्गत न्यायालय की शक्ति किस पर निर्भर करती है? | आरोपितअपराधकीतुलनामेंसिद्धअपराधकीप्रकृतिपर |
अगर आरोप धारा354 (शीलभंग) के अंतर्गत हो, लेकिन केवल धारा509 (शब्दोंयाइशारोंद्वाराशीलभंग) सिद्धहो, तो: | न्यायालय509 मेंदोषसिद्धकरसकताहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 246 किससे संबंधित है? | किनव्यक्तियोंपरसंयुक्तरूपसेआरोपलगायाजासकताहै |
धारा246 के अनुसार, कौन संयुक्त रूप से आरोपित किए जा सकते हैं? | जिन्होंनेएकहीअपराधकोसामूहिकरूपसेकियाहो |
क्या कोई व्यक्ति और उसका सहायक (अभिकर्ता) एक ही मामले में संयुक्त रूप से आरोपित हो सकते हैं? | हाँ |
संयुक्त रूप से आरोप लगाने की अनुमति का उद्देश्य क्या है? | न्यायिकप्रक्रियाकोसरलऔरप्रभावीबनाना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने संयुक्तआरोपन्यायकेहितमेंहोतेहैंयदिअपराधसामूहिकहो, निर्णय दिया? | आंध्रप्रदेशराज्यबनामचीमलपतिगणेश्वरराव (AIR 1963 SC 1850) |
किस मामले में आर्थिकअपराधोंमेंभीसंयुक्तआरोपसंभवहैं, कहा गया है? | बनवारीलालझुनझुनवालाबनामभारतसंघ (AIR 1963 SC 1620) |
किस मामले में एआईआर 1988 एससी 1883 में सभीसाजिशकर्ताऔरक्रियान्वयनकर्ताएकसाथआरोपितकिएजासकतेहैं, कोर्ट ने माना? | केहरसिंहबनामराज्य (दिल्लीप्रशासन), |
A और B ने मिलकर धोखाधड़ी (धारा420) की। C ने केवल बैंक खाता दिया। क्या तीनों पर एक साथ आरोप लगाया जा सकता है? | हाँ, तीनोंपरसंयुक्तरूपसेआरोपलगायाजासकताहै |
एक कंपनी का निदेशक और उसका प्रबंधक, दोनों ने गलत दस्तावेज तैयार किए। क्या दोनों पर एक ही विचारण में आरोप संभव है? | हाँ |
यदि पाँच लोगों ने मिलकर एक ही समय पर एक व्यक्ति को लूटा, तो विचारण कैसे होगा? | सभीकोसामूहिकरूपसेआरोपितकियाजाएगा |
A और B ने अलग-अलग समय पर एक ही दुकान से सामान चुराया, क्या उन पर एक साथ आरोप लगेगा? | नहीं |
कौन-सा संयुक्त आरोप के लिए सही उदाहरण है? | एकहीचोरीमेंभागीदारदोलोग |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा247 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | दोषसिद्धिकेबादशेषआरोपोंकोसमाप्तकरना |
यदि अभियुक्त को एक आरोप में दोषी ठहरा दिया गया है और अन्य आरोप लंबित हैं, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | शेषआरोपोंकोवापसलेसकताहै |
धारा247 का उद्देश्य क्या है? | अनावश्यकमुकदमेबाज़ीसेबचाव |
धारा247 के अनुसार, कौन शेष आरोपों को वापस लेने का अधिकार रखता है? | न्यायालय |
शेष आरोपों को वापस लेने के लिए न्यायालय को किसकी अनुमति लेनी होती है? | किसीकीनहीं, न्यायालयस्वयंनिर्णयलेसकताहै |
किस मामले में, यदिअभियुक्तकोएकगंभीरअपराधमेंदोषीठहरायागयाहै, तोअन्यअभियुक्तोंकाशेषआरोपोंकोवापसलियाजासकताहै | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने, न्यायालयकोविवेककाप्रयोगकरनाचाहिए? | कर्नाटकराज्यबनामएलमुनिस्वामी (1977) |
A परहत्या, लूटऔरहथियार रखने का आरोप है। हत्या में दोषसिद्धि हो जाती है। न्यायालय क्या कर सकता है? | शेषआरोपोंकोवापसलेसकताहै |
अभियुक्त को गंभीर आरोप में दोषी पाया गया, लेकिन कुछ हल्के आरोप बचे हैं। धारा247 के तहत सबसे उपयुक्त कदम क्या है? | शेषआरोपोंकोवापसलेना |
B पर3 आरोपहैं: (1) धोखाधड़ी, (2) जालसाज़ी, (3) दस्तावेज़ोंकीकूटरचना।यदिवह (1) मेंदोषीपायाजाताहै, तो: | शेषआरोपोंकोन्यायालयवापसलेसकताहै |
एक व्यक्ति पर IPC कीधारा304 (ग़ैरइरादतनहत्या) या302 (इरादतनहत्या) मेंसेकौन-साअपराधहुआहै, यह स्पष्ट नहीं है। न्यायालय क्या कर सकता है? | दोनोंकेवैकल्पिकआरोपलगाएगा |
अध्याय 19 | |
सेशनन्यायालयकेसमक्षविचारण (Form of charges) | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा248 के अनुसार, किसे अपराध विचारण का संचालन करने का अधिकार है? | लोकअभियोजक |
धारा248 किससे सम्बन्धित है? | विचारणकासंचालनलोकअभियोजकद्वाराकियाजाना |
धारा248 के तहत लोक अभियोजक के कार्य क्या हैं? | अपराधकेसारेसाक्ष्यप्रस्तुतकरना |
धारा248 में लोक अभियोजक द्वारा विचारणकासंचालन किस उद्देश्य से किया जाता है? | अभियुक्तकेखिलाफएकस्पष्टऔरनिष्पक्षविचारणसुनिश्चितकरना |
धारा248 के तहत अभियोजन पक्ष की ओर से विचारण का संचालन करना किसका दायित्व होता है? | लोकअभियोजक |
A पर हत्या का आरोप है। न्यायालय ने इस मामले में विचारण शुरू किया है। लोक अभियोजक को क्या करना होगा? | साक्ष्यप्रस्तुतकरनाऔरअभियोजनकासंचालनकरना |
यदि लोक अभियोजक किसी मामले में विचारण के दौरान अपने दावे साबित नहीं कर पाता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | अभियोजनपक्षकोअपनापक्षपुनःप्रस्तुतकरनेकाआदेशदेगा |
B पर लूट का आरोप है। न्यायालय में विचारण के दौरान लोक अभियोजक साक्ष्य प्रस्तुत करता है, लेकिन साक्ष्य अपर्याप्त हैं। न्यायालय क्या करेगा? | अभियोजनकोअपनेसाक्ष्यसुधारनेकाआदेशदेगा |
अगर लोक अभियोजक किसी मामले में न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाता है, तो क्या होगा? | नयालोकअभियोजकनियुक्तकियाजाएगा |
A पर गंभीर अपराध का आरोप है और लोक अभियोजक ने विचारण शुरू किया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश नहीं किए। क्या न्यायालय लोक अभियोजक से साक्ष्य पुनः प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है? | हाँ, न्यायालयअभियोजनपक्षकोसाक्ष्यपुनःप्रस्तुतकरनेकाआदेशदेसकताहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा249 के तहत, अभियोजन के मामले के कथन का आरंभ कौन करता है? | लोकअभियोजक |
धारा249 के अनुसार अभियोजनपक्षकाकथन किस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है? | अभियोजनपक्षपहलेअपनेतर्कप्रस्तुतकरताहै |
अभियोजन के मामले के कथन का आरंभ करने के लिए लोक अभियोजक को किसका पालन करना आवश्यक है? | साक्ष्यप्रस्तुतकरनाऔरसंबंधितआरोपोंकाउल्लेखकरना |
धारा249 के तहत, अभियोजन के कथन का आरंभ किस प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है? | साक्ष्यप्रस्तुतकरनेकेपहले |
अभियोजन पक्ष का कथन शुरू करने से पहले न्यायालय किसे सुनेगा? | लोकअभियोजक |
पुन: आपराधिकअपीलसंख्या 268 (2020) मेंन्यायालयनेअभियोजनपक्ष के सम्मिलन को लेकर क्या निर्देश दिए थे? | अभियोजनपक्षकोपहलेअपनेदावेप्रस्तुतकरनेहोंगे |
A पर धोखाधड़ी का आरोप है। न्यायालय में विचारण शुरू होने पर लोक अभियोजक क्या करेगा? | अभियोजनपक्षपहलेधोखाधड़ीकेआरोपोंकोप्रस्तुतकरेगाऔरसाक्ष्यपेशकरेगा |
अगर लोक अभियोजक ने अभियोजन के कथन के आरंभ के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नहीं पेश किए, तो न्यायालय क्या करेगा? | अभियोजनपक्षकोसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेकापुनःअवसरदेगा |
A पर चोरी का आरोप है। विचारण के दौरान लोक अभियोजक पहले ही अपने साक्ष्य पेश कर चुका है। अब न्यायालय के पास क्या विकल्प होते हैं? | अभियोजनपक्षकोसाक्ष्यपुनःप्रस्तुतकरनेकाआदेशदेसकताहै |
अगर अभियोजन पक्ष ने अपने बयान में कोई अनियमितताएँ कीं, तो क्या न्यायालय को उसे सुधारने का अवसर मिलेगा? | हाँ, अभियोजनपक्षकोपुनःअपनेबयानप्रस्तुतकरनेकाअवसरमिलेगा |
यदि लोकअभियोजकविचारणकेदौरानसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेमेंअसफलरहताहै, तो न्यायालय क्या करेगा? | अभियोजनपक्षकोअपनीगलतीसुधारनेकामौकादेगा |
धारा250 के अंतर्गत "उन्मोचन" का क्या अर्थ है? | अभियोजनद्वारामामलेकोसमाप्तकरना |
धारा250 के तहत, किस स्थिति में अभियोजन पक्ष को मामला समाप्त करने का अधिकार प्राप्त होता है? | जबअभियुक्तकेखिलाफपर्याप्तसाक्ष्यनहींहोते |
धारा250 के अनुसार, उन्मोचनकीप्रक्रिया में किसकी भूमिका होती है? | लोकअभियोजक |
जब न्यायालय को लगता है कि अभियोजन के पास पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, तो वह किस प्रक्रिया के तहत मामले को समाप्त करता है? | उन्मोचन |
धारा250 के अनुसार, उन्मोचन के बाद अभियुक्त को क्या होता है? | अभियुक्तकेखिलाफमामलावापसलेलियाजाताहै |
किस मामले में कोर्ट ने उनमोचन के बारे में उन्मोचनतबकियाजासकताहैजबसाक्ष्यअपर्याप्तहों, फैसला लिया था? | राज्यबनामराजेश (2016) |
किस मामले में न्यायालय ने उनमोचन की प्रक्रिया के बारे में अभियोजनपक्षकोउन्मोचनकेलिएपर्याप्तसाक्ष्यपेशकरनेहोतेहैं कहा था? | राज्यबनामशर्मा (2018) |
किस मामले में न्यायालय ने उन्मोचन के मामले में न्यायालयकेपासउन्मोचनकीशक्तिहोतीहैअगरअभियोजनकेपाससाक्ष्यनहों निर्णय लिया था? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामअरुणकुमार (2019) |
यदि लोक अभियोजक ने उन्मोचन का निर्णय लिया है और न्यायालय ने इसे मंजूर किया है, तो इसके परिणामस्वरूप क्या होगा? | अभियुक्तकेखिलाफकोईआरोपनहींरहेगा |
यदिअभियोजनकेपासपर्याप्तसाक्ष्यनहींहैंऔरन्यायालयउन्मोचनकाआदेशदेताहै, तो अभियुक्त पर कोई दंडात्मककार्रवाई की जाएगी? | नहीं, अभियुक्तकोबरीकरदियाजाएगा |
अगर किसी मामले में उन्मोचन के बाद अभियोजन पक्ष फिर से उसी आरोप में अभियुक्त को पेश करता है, तो क्या यह कानूनी रूप से सही है? | यहतभीसंभवहैजबनयासाक्ष्यप्राप्तहो |
यदि किसी मामले में उन्मोचन किया जाता है, तो क्या अभियुक्त को क्षतिपूर्ति प्राप्त होती है? | नहीं, उन्मोचनसेकोईक्षतिपूर्तिनहींमिलती |
उन्मोचन के बाद अभियुक्त को क्या करने की आवश्यकता होती है? | वहतुरंतआरोपितव्यक्तिकेरूपमेंबरीहोजाताहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा251 के अनुसार, आरोप को विरचित करने का क्या अर्थ है? | आरोपकालिखितरूपमेंतैयारकरना |
धारा251 के अंतर्गत आरोप विरचित करने से पहले अभियुक्त को क्या किया जाता है? | अभियुक्तकोआरोपोंकेबारेमेंजानकारीदीजातीहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा251 के अनुसार, आरोप विरचित करने के बाद क्या होता है? | अभियुक्तकोसुनवाईकेलिएबुलायाजाताहै |
यदि किसी आरोपी पर आरोप विरचित किया जाता है, तो आरोप में क्या विवरण शामिल होता है? | अभियुक्तकानाम |
किस मामले में न्यायालय ने आरोप आरोप के संबंध में न्यायालयकोआरोपविरचनसेपहलेअभियुक्तकोअपराधकेबारेमेंपूर्णजानकारीदेनीचाहिए निर्णय लिया था? | राज्यबनामकरण (2017) |
किस मामले में कोर्ट ने आरोप विर्चयन की प्रक्रिया को लेकर आरोपविरचनप्रक्रियामेंअभियुक्तकोसभीकानूनीअधिकारोंकेबारेमेंसूचितकियाजानाचाहिए, टिप्पणी की थी? | राज्यबनामवर्मा (2019) |
किस मामले में कोर्ट ने आरोपविरचनकेदौरानअभियुक्तकोस्पष्टरूपसेअपराधकीजानकारीदीजानीचाहिए कहा? | पंजाबराज्यबनामसुरेश (2021) |
यदि अभियुक्त पर आरोप विरचित किया जाता है और वह आरोप से असहमत है, तो क्या किया जाता है? | न्यायालयअभियुक्तसेसबूतमांगसकताहै |
यदि न्यायालय को लगता है कि आरोप विरचित करते समय अभियुक्त को सभी कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं दी गई, तो क्या किया जाता है? | अभियुक्तकोआरोपफिरसेविरचितकरनेकाअवसरमिलताहै |
यदि अभियुक्त ने अपराध स्वीकार कर लिया है, तो क्या आरोप विरचन की प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा? | आरोपविरचनकेबादसजाकानिर्धारणकियाजाएगा |
यदि अभियुक्त पर आरोप विरचित करने के बाद, आरोप की प्रकृति में बदलाव किया जाता है, तो क्या होता है? | अभियुक्तकोनएआरोपोंकेखिलाफसुनवाईकाअवसरमिलताहै |
यदि न्यायालय में आरोप विरचन के बाद अभियुक्त पर आरोप साबित नहीं होते, तो क्या होता है? | अभियुक्तकोबरीकरदियाजाताहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा252 के अनुसार दोषी होने का अभिवचन किसके समक्ष किया जाना चाहिए? | मजिस्ट्रेटकेसमक्ष |
यदि कोई अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | तुरंतसजासुनासकताहै |
क्या धारा252 के अंतर्गत दोषीहोनेकाअभिवचनमौखिकभीदियाजासकताहै? | मौखिकयालिखितदोनों |
धारा252 के अनुसार, न्यायालय दोषी होने के अभिवचन को कब स्वीकार नहीं करेगा? | जबअभियुक्तमानसिकरूपसेअस्वस्थहो |
यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है, तो क्या यह अपील का अधिकार समाप्त कर देता है? | नहीं, अभियुक्तसजाकीगंभीरताकेविरुद्धअपीलकरसकताहै |
यदि अभियुक्त कहता है कि उसेअपराधसमझनहींआया, औरवहगलतीसे "दोषी" कहबैठा, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | दोषीकेअभिवचनकोअस्वीकारकरपुनःअभियोजनआरंभकरे |
अभियुक्त अदालत में कहता है “मैंदबावमेंहूँ, लेकिनदोषीहूँ” – इस स्थिति में न्यायालय क्या करेगा? | दोषीकेअभिवचनकोअस्वीकारकरेगा |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फांसी होने के अभिवचन के संबंध में दोषीअभिवचनकोहल्केमेंनहींलियाजानाचाहिए कहा था? | गुजरातराज्यबनामसुखदेवसिंह (1995) |
किस मामले में न्यायालय ने यह सिद्धांत दोषीअभिवचनन्यायालयपरबाध्यकारीनहींहै, कहा था?? | राज्यबनाममुरलीधर (2006) |
दोषी होने का अभिवचन कब सबसे अधिक प्रयोग होता है? | त्वरितन्यायप्रक्रियायानिपटानकेलिए |
दोषी अभिवचन के बाद क्या अभियुक्त सजा के विरुद्ध अपील कर सकता है? | हां, लेकिनकेवलसजाकीगंभीरतापर |
धारा253 के अनुसार, आरोप तय होने के बाद क्या किया जाता है? | अभियोजनसाक्ष्यहेतुतारीखनिश्चितकीजातीहै |
धारा253 के तहत अभियोजन को किस बात की अनुमति दी जाती है? | दस्तावेज़प्रस्तुतकरनेवगवाहोंकोबुलानेकी |
धारा253 के अनुसार, अभियोजनसाक्ष्यकीतारीख कब निश्चित होती है? | आरोपविरचितहोनेकेबाद |
अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कौन तारीख निश्चित करता है? | न्यायालय |
मान लीजिए आरोप तय हो गए हैं, लेकिन अभियोजन पक्ष साक्ष्य पेश करने के लिए तैयार नहीं है। इस स्थिति में न्यायालय क्या कर सकता है? | अभियोजनकोसमयदेसकताहै |
यदि अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तिथि पर उपस्थित नहीं होता है, तो क्या होगा? | न्यायालयअभियोजनपक्षकेखिलाफकार्रवाईकरसकताहै |
अभियोजन द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद अगला चरण क्या होता है? | आरोपीसेउसकाकथनदर्जकियाजाताहै |
किस मामले में अभियोजन पक्ष में देरी के बारे में न्यायालय ने अभियोजनसाक्ष्यमेंदेरीआरोपीकेअधिकारोंकाहननहै कहा था? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानखान (2002) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की साक्ष्यकोठोसऔरस्पष्टहोनाचाहिए पर बल दिया? | शरदबिरधीचंदसारदाबनाममहाराष्ट्रराज्य (1984) |
किस मामले में अभियोजनकीनिष्क्रियताअभियुक्तकेअधिकारोंकाउल्लंघनहै, अभियोजन पक्ष से संबंधित, निष्कर्ष निकला? | यूपीराज्यवी. राजेशगौतम (2003) |
अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत करते समय लोक अभियोजक किन बातों का ध्यान रखता है? | गवाहोंकीप्रामाणिकतावदस्तावेजोंकीवैधता |
अभियोजन साक्ष्य की तारीख स्थगित करने की अनुमति कब दी जाती है? | जबन्यायालयकोकारणउचितप्रतीतहो |
धारा254 के अनुसार, अभियोजन पक्ष को क्या करने की अनुमति होती है? | अपनेपक्षमेंसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेकी |
धारा254 के अंतर्गत साक्ष्य प्रस्तुत करने का कार्य किसके द्वारा होता है? | लोकअभियोजक |
अभियोजन साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में न्यायालय क्या कर सकता है? | सभीआवश्यकगवाहोंकोतलबकरसकताहै |
यदि अभियोजन पक्ष कोई साक्ष्य नहीं लाता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | अभियुक्तकोदोषमुक्तकरसकताहै |
एक मामले में अभियोजन ने केवल एक साक्षी प्रस्तुत किया और कोई दस्तावेज नहीं। क्या यह पर्याप्त होगा? | हां, यदिसाक्षीविश्वसनीयहै |
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को न्यायालय किस कसौटी पर परखता है? | प्रामाणिकतावसुसंगतिपर |
यदि अभियोजन पक्ष की गवाहीविरोधाभासीहो, तो न्यायालय क्या करेगा? | गवाहीकोसंदेहकीदृष्टिसेदेखेगा |
किस मामले में अभियोजन पक्ष से संबंधित साक्ष्यकाअभावन्यायिकप्रक्रियाकीविफलताहै सिद्धांत प्रतिपादित किया गया? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामराजेशगौतम (2003) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा: अभियोजनसाक्ष्यकीगुणवत्ता, मात्रात्मकतासेअधिकमहत्वपूर्णहै | लल्लूमांझीबनामझारखंडराज्य (2003) |
अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य में किस प्रकार के साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है? | मौखिकएवंदस्तावेजीदोनों |
अभियोजन द्वारा साक्षी को प्रस्तुत करने से पहले क्या सुनिश्चित करना होता है? | गवाहकीविश्वसनीयता |
धारा255 के अनुसार, दोषमुक्ति का आदेश किस स्थिति में दिया जा सकता है? | जबअभियोजनसाक्ष्यअपर्याप्तहो |
धारा255 के अंतर्गत दोषमुक्ति का आदेश किसके द्वारा पारित किया जाता है? | मजिस्ट्रेटयान्यायालय |
क्या धारा255 के अंतर्गत दोषमुक्ति के आदेश के बाद अभियुक्त को दोबारा उसी अपराध के लिए अभियुक्त बनाया जा सकता है? | नहीं |
न्यायालय किस समय पर धारा255 के तहत दोषमुक्तिकाआदेश दे सकता है? | अभियोजनसाक्ष्यकेपरीक्षणकेपश्चात |
यदिसाक्ष्यन्यायालयकोसंतुष्टनहींकरता, तो वह किस धारा के तहत आरोपी को दोषमुक्त कर सकता है? | धारा255 |
एक अभियुक्त पर हत्या का आरोप है, लेकिन अभियोजन पक्ष कोई पुष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, न्यायालय का उचित कृत्य क्या होगा? | आरोपीकोदोषमुक्तकरदेना |
किस मामले में अभियोजनद्वारापर्याप्तसाक्ष्यप्रस्तुतनकरना आधार पर समस्या को दोषमुक्त किया गया था? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान (2004) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने संदेहकालाभ(Benefit of Doubt) सिद्धांत को प्रतिपादित किया? | कालीरामबनामहिमाचलप्रदेशराज्य (1973) |
धारा255 के अंतर्गत दोषमुक्तिकेआदेश के बाद क्या अभियोजन अपील कर सकता है? | हां, यदिविशेषअनुमतिहो |
क्या धारा255 के तहत दोषमुक्ति न्यायालय द्वारा बिना आरोपी का पक्ष सुने दी जा सकती है? | नहीं |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा255 के अनुसार, दोषमुक्तिकाआदेश किस स्थिति में दिया जा सकता है? | जबअभियोजनसाक्ष्यअपर्याप्तहो |
क्या धारा255 के अंतर्गत दोषमुक्ति के आदेश के बाद अभियुक्त को दोबारा उसी अपराध के लिए अभियुक्त बनाया जा सकता है? | नहीं |
न्यायालय किस समय पर धारा255 के तहत दोषमुक्ति का आदेश दे सकता है? | अभियोजनसाक्ष्यकेपरीक्षणकेपश्चात |
अभियोजन पक्ष अपने साक्षी पेश नहीं कर सका, न्यायालय क्या कर सकता है? | आरोपीकोदोषमुक्तकरसकताहै |
यदि साक्ष्य न्यायालय को संतुष्ट नहीं करता, तो वह किस धारा के तहत आरोपी को दोषमुक्त कर सकता है? | धारा255 |
एक अभियुक्त पर हत्या का आरोप है, लेकिन अभियोजन पक्ष कोई पुष्ट साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, न्यायालय का उचित कृत्य क्या होगा? | आरोपीकोदोषमुक्तकरदेना |
किस मामले में अभियोजनद्वारापर्याप्तसाक्ष्यप्रस्तुतनकरना आधार पर समस्या को दोषमुक्त किया गया था? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान (2004) |
किस मामले में कोर्ट ने दोषमुक्ति के लिए गवाहोंकीविश्वसनीयताऔरसाक्ष्यकीसंगति पर बल दिया? | विजयीसिंहबनामउत्तरप्रदेशराज्य। (1990) |
धारा256 किससे संबंधित है? | प्रतिरक्षाआरंभकरना |
धारा256 के तहत प्रतिरक्षासाक्ष्य किस समय प्रस्तुत किया जाता है? | अभियोजनसाक्ष्यकेपश्चात |
क्या न्यायालय प्रतिरक्षा साक्ष्य हेतु समय निर्धारित कर सकता है? | हाँ, न्यायालयऐसाकरसकताहै |
क्या आरोपी गवाहों को बुलाने के लिए न्यायालय से आग्रह कर सकता है? | हाँ, प्रतिरक्षाकेतहत |
अभियोजन साक्ष्य के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपी को प्रतिरक्षा का अवसर मिलना चाहिए। अगला चरण क्या होगा? | आरोपीप्रतिरक्षासाक्ष्यप्रस्तुतकरेगा |
यदि आरोपी न्यायालय से प्रतिरक्षा गवाहों को बुलाने का आग्रह करता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | गवाहोंकोसमनजारीकरसकताहै |
यदि आरोपी प्रतिरक्षा साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल होता है, तो: | यहदोषसिद्धिकाआधारनहींबनता |
किस मामले मेंसर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि अभियोजनकाभारसमाप्तनहींहोता? | पश्चिमबंगालराज्यबनाममीरमोहम्मदउमर (2000) |
किस मामले मेंन्यायालय ने स्पष्ट किया कि: आरोपीकोप्रतिरक्षाकाअवसरमिलनाचाहिए | शरदबिरधीचंदसारदाबनाममहाराष्ट्रराज्य |
न्यायालय ने किस मामले मेंयह स्पष्ट किया: आरोपीकोसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेकाअधिकारहै? | नारायणस्वामीबनामकर्नाटकराज्य (2018) |
क्या धारा256 के अंतर्गत आरोपी स्वयं को साक्षी के रूप में प्रस्तुत कर सकता है? | हाँ, यदिवहचाहे |
क्या आरोपी गवाहों को न्यायालय द्वारा बुलवाने हेतु आवेदन कर सकता है? | हाँ |
प्रतिरक्षा के दौरान आरोपी किस प्रकार के साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है? | मौखिक |
धारा257 किस विषय से संबंधित है? | बहस (Arguments) |
धारा 257 के अंतर्गत बहसकाक्रम क्या होता है? | पहलेअभियोजन, फिरप्रतिरक्षा |
क्या न्यायालय बहस के बाद कोई स्पष्टीकरण मांग सकता है? | हाँ |
बहसकीप्रक्रिया किस स्तर पर होती है? | अभियोजनऔरप्रतिरक्षासाक्ष्यपूर्णहोनेकेबाद |
अभियोजन ने सभी गवाहों के बयान प्रस्तुत कर दिए हैं, प्रतिरक्षा ने भी अपने गवाहों की जिरह पूरी कर ली है, अब अगला चरण क्या होगा? | अंतिमबहस |
यदि अभियोजन बहस नहीं करता है, तो क्या प्रतिरक्षा बहस कर सकती है? | हाँ |
किस मामले में कोर्ट ने बहस के दौरान निष्पक्षसुनवाईकेलिएदोनोंपक्षोंकोबहसकासमानअवसरमिलनाचाहिए, सिद्धांत स्थापित किया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान |
किस मामले मेंन्यायालय ने निष्पक्षबहसन्यायकामूलहै, पर ज़ोर दिया? | जाहिराहबीबुल्लाहशेखबनामगुजरातराज्य (सर्वश्रेष्ठबेकरीमामला) |
क्या अभियोजन बहस के दौरान नई दलीलेंप्रस्तुत कर सकता है जो साक्ष्य में नहीं थीं? | केवलन्यायालयकीअनुमतिसे |
क्या बहस लिखित रूप में भी प्रस्तुत की जा सकती है? | हाँ, यदिन्यायालयअनुमतिदे |
बहस के लिए न्यायालय क्या कर सकता है? | समयनिर्धारितकरसकताहै |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा258 किससे संबंधित है? | दोषमुक्तियादोषसिद्धिकानिर्णय |
धारा258 के अनुसार, यदि आरोपीदोषीपायाजाताहै, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | उसकीसजाकेलिएसुनवाईकरना |
यदि अभियोजन द्वारा पर्याप्त साक्ष्य नहीं दिए गए हों, तो न्यायालय क्या आदेश देगा? | दोषमुक्ति |
धारा258 के तहत दोषमुक्तियादोषसिद्धिकानिर्णय किन साक्ष्यों के आधार पर होता है? | अभियोजनऔरप्रतिरक्षासाक्ष्यदोनों |
यदिकिसीआरोपीकेविरुद्धअपराधप्रमाणितहोजाताहै, लेकिनउसकीमानसिकस्थितिसंदेहास्पदहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | दोषसिद्धिरोकसकताहैऔरचिकित्सापरीक्षणकाआदेशदेसकताहै |
अभियोजन की ओर से सारे साक्ष्य और बहस हो चुकी है, प्रतिरक्षा भी अपना पक्ष रख चुकी है। न्यायालय क्या करेगा? | दोषमुक्तियादोषसिद्धिकानिर्णयदेगा |
सर्वोच्च न्यायालय ने किस बात को स्पष्ट किया- परिस्थितिजन्यसाक्ष्यदोषसिद्धिकेलिएपर्याप्तहोसकतेहैंयदिवेसभीसंदेहोंकोसमाप्तकरतेहैंI | शरदबिरधीचंदसारदाबनाममहाराष्ट्रराज्य (1984) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि: दोषसिद्धिसंदेहसेपरेहोनीचाहिए | यूपीराज्यकृष्णगोपाल (1988) |
धारा258 के अंतर्गत न्यायालयकानिर्णय किस पर निर्भर करता है? | प्रस्तुतसाक्ष्यऔरबहसपर |
न्यायालय किस स्थिति में आरोपी को दोषी ठहराएगा? | यदिउपलब्धसाक्ष्यसंदेहसेपरेदोषसिद्धकरें |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा259 किससे संबंधित है? | पूर्वदोषसिद्धि |
धारा259 के अंतर्गत "पूर्वदोषसिद्धि" काउपयोगमुख्यरूप से किस उद्देश्य से किया जाता है? | सजानिर्धारितकरनेकेलिए |
धारा259 के अनुसार, क्या पूर्व दोषसिद्धि का उल्लेख आरोप तय करते समय किया जाता है? | नहीं, केवलदोषसिद्धिकेबाद |
क्या आरोपी को पूर्व दोषसिद्धि स्वीकार करने या उसका खंडन करने का अवसर दिया जाता है? | हाँ, दोषसिद्धिकेबाद |
यदिआरोपीपूर्वदोषसिद्धिसेइनकारकरताहै, तो न्यायालय क्या करेगा? | इसविषयमेंसाक्ष्यलेगा |
एक आरोपी को चोरी के अपराध में दोषी पाया गया। अभियोजन कहता है कि वह इससे पहले भी तीन बार चोरी में दोषी ठहराया जा चुका है। न्यायालय क्या करेगा? | आरोपीकोपूर्वदोषसिद्धियोंकोस्वीकारयाअस्वीकारकरनेकाअवसरदेगा |
एक व्यक्ति ने पहले हत्या के लिए सजा भुगती है। अब वह फिर हत्या में दोषी पाया गया है। इस स्थिति में न्यायालय क्या कर सकता है? | पहलेदोषकोध्यानमेंरखकरकठोरसजादेगा |
कोर्ट ने पूर्व दोषसिद्धि के संबंध में आरोपीकोपूर्वदोषसिद्धिस्वीकारकरनेयाउसकाखंडनकरनेकापूराअवसरमिलनाचाहिए कहा? | रविचंद्रनबनामतमिलनाडुराज्यकेस |
किस मामले में पूर्वदोषसिद्धिकोसाबितकरनेकेलिएप्रमाणआवश्यकहै, कोर्ट ने बल दिया? | मोतीलालबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
न्यायालय को सजा सुनाने से पहले किसका ध्यान रखना चाहिए? | पूर्वदोषसिद्धि (यदिकोईहो) |
"पूर्वदोषसिद्धि" किस प्रकार के अपराधों में विशेष रूप से प्रासंगिक होती है? | संगीनअपराध |
क्या अदालत को आरोपी को पूर्व दोषसिद्धि के बारे में सूचित करना चाहिए? | हाँ, दोषसिद्धिकेबाद |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा260 का संबंध किससेहै? | धारा222(2) केअधीनमामलोंमेंविचारणप्रक्रिया |
धारा260 में उल्लिखित प्रक्रिया लागू होती है जब मामला किसके द्वारा संस्थित किया गया हो? | लोकअभियोजकद्वारा |
धारा260 में कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाती है? | धारा248 से259 तकवर्णितप्रक्रिया |
क्या धारा260 के अंतर्गत आरोप तय किया जाता है? | हाँ, धारा251 केअनुसार |
धारा260 में विचारण की प्रक्रिया किस प्रकार की होती है? | संक्षिप्त |
किसी व्यक्ति के विरुद्ध एक लोक अभियोजक ने धारा222(2) के अंतर्गत शिकायतदायरकी। मजिस्ट्रेट ने विचारण हेतु धारा260 लागूकी। अब विचारण किस प्रक्रिया से चलेगा? | संहिताकीधारा248 से259 तककीप्रक्रिया |
यदि अभियोजन अधिकारी धारा222(2) के अंतर्गत अपराधकेलिएशिकायतकरताहै, तो क्या न्यायालय उसी प्रक्रिया का पालन करेगा जो सत्र न्यायालय में होती है? | नहीं, मजिस्ट्रेटन्यायालयकीप्रक्रियाअपनाएगा |
सुप्रीम कोर्ट ने धारा 222 से संबंधित आरोपितअपराधकेअलावाकमअपराधकेलिएभीदोषसिद्धिहोसकतीहै महत्वपूर्ण बात लागू की? | केवलकृष्णबनामसूरजभान, एआईआर 1980 एससी 1780 |
धारा260 में उल्लेखित विचारण प्रक्रिया किस प्रकार की है? | मजिस्ट्रेटद्वारासंक्षिप्तविचारण |
धारा260 किस धारा के साथ सीधे जुड़ी है? | धारा222(2) |
धारा260 की प्रक्रिया में आरोप कब तय किया जाता है? | प्रारंभमें, धारा251 केअनुसार |
अध्याय 20 | |
मजिस्ट्रेटोंद्वारावारण्टमामलोंकाविचारण (Trial Of Warrant-Cases by Magistrates) | |
क - पुलिसरिपोर्टपरसंस्थितमामले (Cases instituted on a police report) | |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा261 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | धारा230 केअनुपालनकीपुष्टिकरना |
धारा261 किससे सम्बन्धित है? | धारा 230 काअनुपालन |
धारा261 किस प्रक्रिया के बीच में लागू होती है? | विचारणप्रारंभकरनेसेपहले |
यदिधारा230 कापालननहींकियागयाहै, तो न्यायालय क्या करेगा? | विचारणकोस्थगितकरेगा |
धारा261 किस बात की प्रक्रिया सुनिश्चित करती है? | यहकिअभियुक्तकोसुसंगतसाक्ष्यउपलब्धकराएगए |
मजिस्ट्रेट विचारण शुरू करने जा रहा है लेकिन उसे ज्ञात होता है कि अभियुक्त को धारा230 के तहत सभीदस्तावेजउपलब्धनहींकराएगएहैं। वह क्या करेगा? | प्रक्रियास्थगितकरदस्तावेजदिलवाएगा |
एक आरोपी ने आरोप लगाया कि उसेचार्जशीटऔरसाक्ष्यकीप्रतियांनहींदीगईहैं। यह स्थिति किस धारा के अंतर्गत न्यायालय को रोकती है विचारण से? | धारा261 |
यदि न्यायालय यह पाता है कि धारा230 के तहत आरोपपत्रकीप्रतियांसमयपरनहींदीगईं, तो न्यायालय का कर्तव्य क्या है? | अभियोजनकोसमयदेना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तकोदस्तावेजप्रदानकरनाप्रक्रियाकाअनिवार्यभागहै, पर जोर दिया था? | सतीशमेहराबनामदिल्लीप्रशासन, एआईआर 1996 एससी 977 |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने चार्जशीटकीप्रतियांनदेनाव्यक्तिकेमौलिकअधिकारकाउल्लंघनहै को अंतिम रूप दिया? | खत्रीबनामबिहारराज्य (1981) |
धारा261 का अनुपालन किसके हित में है? | अभियुक्त |
धारा262 का मुख्य विषय क्या है? | अभियुक्तकाउन्मोचन |
धारा262 के अनुसार अभियुक्त को किस स्थिति में उन्मोचित किया जाएगा? | जबन्यायालयसंतुष्टहोकिअभियोजनआरोपसिद्धनहींकरपायाहै |
धारा262 के तहत "उन्मोचन" का क्या तात्पर्य है? | आरोपसेमुक्ति |
धारा262 किस विचारण प्रक्रिया के दौरान लागू होती है? | अभियोजनपक्षकीसुनवाईकेबाद |
धारा262 अभियुक्त के किस अधिकार की रक्षा करती है? | निष्पक्षसुनवाईकाअधिकार |
धारा262 के तहत अभियुक्त धारा230 दस्तावेज के अधीन की प्रतिलिपि देने की तारिक से कितने दिन की अवधि के भीतर उन्मोचनकेलिएआवेदनकरसकेगा? | 60 दिनकीअवधिकेभीतर |
अभियोजन पक्ष ने अपने सभी साक्षी पेश किए, लेकिन कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे सका, न्यायालय क्या करेगा? | अभियुक्तकोधारा262 केतहतउन्मोचितकरेगा |
यदि अभियोजन की ओर से केवल दोसाक्षीआए और उनमें से कोई भी घटना की पुष्टि नहीं कर पाया, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | अभियुक्तकोआरोपमुक्तकरसकताहै |
एक अभियुक्त पर चोरी का आरोप है, लेकिन अभियोजन पक्ष कोई प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य साक्ष्य नहीं दे सका। इस स्थिति में न्यायालय: | उसेउन्मोचितकरेगा |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यदिअभियोजनसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेमेंविफलरहताहै, तोअभियुक्तकोउन्मोचितकियाजानाचाहिए कहा? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान (2004) |
क्या अभियुक्त के उन्मोचन का आदेश अंतिम आदेश होता है? | हां, जबतकउसपरपुनःमुकदमानचले |
धारा262 का उपयोग न्यायालय कब कर सकता है? | अभियोजनकेसमापनकेपश्चात |
धारा262 का उद्देश्य क्या है? | झूठेमामलोंमेंअभियुक्तकोराहतदेना |
धारा263 किससे संबंधित है? | आरोपविरचितकरना |
धारा 263 के अंतर्गत 'आरोप विरचित करना' किस चरण पर किया जाता है? | जबमजिस्ट्रेटकोलगताहैकिमुकदमाचलानेकेलिएपर्याप्तआधारहै |
क्या आरोपपत्र (charge) केवललिखितरूप में होना चाहिए? | हाँ, यहलिखितहोनाआवश्यकहै |
धारा 263 के अंतर्गत आरोपकिनमामलोंमेंविरचित किए जा सकते हैं? | जबसाक्ष्यप्रथमदृष्टयाअपराधकोदिखातेहैं |
आरोप विरचित होने के पश्चात अभियुक्त को क्या अधिकार होता है? | दोषस्वीकारकरना |
क्या अभियुक्त को आरोप पत्र की प्रति दी जाती है? | हाँ, निःशुल्क |
आरोप विरचित होने के बाद क्या अभियुक्त को जवाब देने का अवसर मिलता है? | हाँ, वहदोषस्वीकारयाअस्वीकारकरसकताहै |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने आरोप की प्रक्रिया में आरोपअभियुक्तकोस्पष्टरूपसेबतायाजानाचाहिए, स्पष्ट की? | नानकचंदबनामपंजाबराज्य (1955) |
किस मामले मेंसुप्रीम कोर्ट ने आरोप विरचित करने की प्रक्रिया को न्यायिककार्य बताया? | अजयअग्रवालबनामभारतसंघ (1993) |
धारा264 किस विषय से संबंधित है? | दोषीहोनेकेअभिवाक्परदोषसिद्धि |
धारा264 के अनुसार, अभियुक्तद्वारादोषीस्वीकार करने पर क्या आवश्यक है? | मजिस्ट्रेटद्वाराजांचकिअभियुक्तनेस्वेच्छासेस्वीकारकियाहै |
क्या धारा264 के अंतर्गत मजिस्ट्रेटकोयहसुनिश्चितकरनाआवश्यकहै कि अभियुक्त को अपराध की प्रकृति समझ में आई है? | हाँ |
धारा264 का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकीस्वेच्छासेअपराधस्वीकारकरनेपरशीघ्रन्याय |
धारा264 के अनुसार, अभियुक्तद्वारादोषीस्वीकारकरनेपरमजिस्ट्रेटक्याकरेगा? | लेखबद्धकरेगाऔरउसकेआधारपरउसे, स्वविवेकानुसार, दोषसिद्धकरसकेगा |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने दोषीहोनेकीस्वेच्छाकीपुष्टिअनिवार्यहै, कहा? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुखदेवसिंह (1992) |
किस मामले के अनुसार दोषसिद्धि जबअभियुक्तमजिस्ट्रेटकेसमक्षदोषस्वीकारकरेऔरन्यायालयउसेसमझाए, वैध होगी? | नारायणस्वामीबनामबॉम्बेराज्य (1958) |
किस केस का अभियुक्तकीस्वीकारोक्तिपरदोषसिद्धिन्यायोचितहैयदिवहस्पष्ट, स्वेच्छाऔरसत्यहो सिद्धांत स्पष्ट है? | दगडूबनाममहाराष्ट्रराज्य (1977) |
यदि मजिस्ट्रेट को लगता है कि अभियुक्त ने दबाव में अपराध स्वीकार किया है, तो वह – | अपराधस्वीकारोक्तिकोअस्वीकारकरसकताहै |
क्या धारा264 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट आरोपकोपढ़करअभियुक्तसेस्वीकारोक्तिमांगसकताहै? | हाँ |
दोषी होने का अभिवाक् दर्ज होते समय न्यायालय का प्राथमिक दायित्व क्या है? | यहजांचनाकिअभिवाक्स्वेच्छासेहैयानहीं |
धारा265 किस विषय से संबंधित है? | अभियोजनकेलिएसाक्ष्य |
धारा265 के अंतर्गत अभियोजन को क्या करने की अनुमति है? | अपनेसाक्ष्यप्रस्तुतकरना |
अभियोजन के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करते समय किस प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है? | न्यायालयकीअनुमति |
अभियोजन द्वारा गवाहों की पेशी किसके अधीन होती है? | न्यायालयकीअनुमति |
यदिअभियुक्तदोषसेइनकारकरताहै, तो धारा265 के अंतर्गत कौन कार्यवाही की जाती है? | अभियोजनसाक्ष्यप्रस्तुतकरताहै |
अभियुक्त आरोप स्वीकार नहीं करता है। अदालत अभियोजन को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश देती है। यह कार्यवाही किस धारा के अंतर्गत है? | धारा265 |
यदि अभियोजन एक दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करता है, तो उसे कैसे सत्यापित किया जाता है? | उसदस्तावेजसेसंबंधितसाक्षीद्वारा |
किस मामले के अनुसार न्यायालय में अभियोजन पक्ष का कर्तव्य अभियोजनकेप्रत्येकसाक्ष्यकीजांचकरना है? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामराजेशगौतम (2003) |
किस मामले के अनुसार के अभियोजन पक्ष के अनुसार परिस्थितिजन्य अध्ययन की मान्यता साक्ष्यकीनिरंतरताऔरसंगतिपर योग्यताओं पर स्वीकृत है? | शरदबिरधीचंदसारदाबनाममहाराष्ट्रराज्य (1984) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि: साक्ष्यपर्याप्त, विश्वसनीयऔरसुसंगतहोनेचाहिए | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) |
अभियोजन द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद अभियुक्त को क्या अधिकार होता है? | गवाहोंसेजिरहकरनेका
|
अभियोजन के किस प्रकार के साक्ष्य को अदालत में प्राथमिकता दी जाती है? | मौखिक |
धारा266 किस विषय से संबंधित है? | प्रतिरक्षाकासाक्ष्य |
धारा266 के अंतर्गत प्रतिरक्षापक्ष को क्या अधिकार दिया गया है? | अपनासाक्ष्यप्रस्तुतकरनेकाअवसर |
प्रतिरक्षा का साक्ष्य प्रस्तुत करने से पहले क्या किया जाता है? | न्यायालयअभियुक्तकोअवसरदेताहै |
अभियुक्त ने धारा266 के तहत कहा कि वह निर्दोष है और साक्षी प्रस्तुत करना चाहता है। न्यायालय क्या करेगा? | उसेसाक्ष्यदेनेकीअनुमतिदेगा |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तकामौनदोषसिद्धिकाआधारनहींहोसकता, पर ज़ोर दिया? | त्रिमुखमारोतीकिरकनबनाममहाराष्ट्रराज्य (2006) |
किस मामले में प्रतिरक्षा का महत्व वहवैकल्पिकहोताहै बताया गया है? | नैनामहापात्राबनामउड़ीसाराज्य (1992) |
क्या अभियुक्त को प्रतिरक्षा साक्ष्य देने से पूर्व गवाहों की सूची देनी होती है? | केवलन्यायालयकीअनुमतिसे |
प्रतिरक्षा साक्ष्य के लिए किस प्रक्रिया का पालन किया जाता है? | अभियोजनकीतरहसमानप्रक्रिया |
क्या अभियुक्त स्वयं गवाही दे सकता है? | हाँ, यदिवहचाहे |
ख- पुलिसरिपोर्टसेभिन्नआधारपरसंस्थितमामले (Cases Instituted Otherwise Than on Police Report) | |
धारा267 किस विषय से संबंधित है? | अभियोजनकासाक्ष्य |
धारा267 के तहत अभियोजन साक्ष्य किस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है? | केवलअभियोजनपक्षद्वारा |
धारा267 के तहत अभियोजन पक्ष का क्या कर्तव्य है? | मामलेकेसभीसाक्ष्यप्रस्तुतकरना |
अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद, प्रतिरक्षा पक्ष को क्या अधिकार होता है? | अपनाबयानदेनेकाअधिकार |
अभियोजन साक्ष्य को न्यायालय में प्रस्तुत करते समय अभियोजन पक्ष क्या प्रस्तुत करता है? | दस्तावेज़,साक्षी औरबयान |
अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए और प्रतिरक्षा पक्ष ने उनका विरोध किया। न्यायालय क्या करेगा? | प्रतिरक्षापक्षकोसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेकाअवसरदेगा |
अभियोजन पक्ष ने गवाहों को प्रस्तुत किया, लेकिन प्रतिरक्षा पक्ष ने किसीसाक्षीका विरोध नहीं किया। क्या न्यायालय इसे संज्ञान में ले सकता है? | हाँ, गवाहोंकेबयानकामहत्वरहेगा |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजनसाक्ष्यकेबिनादोषसिद्धनहींकियाजासकता कहा था? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामराजेशगौतम (2006) |
किस मामले में अभियोजनसाक्ष्यकोहमेशासबसेपहलेप्रस्तुतकियाजाताहै, निर्णय दिया गया था? | के.के. वर्माबनाममहाराष्ट्रराज्य (1997) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सभीसाक्ष्यकोसमानरूपसेमहत्वदियाजाताहै, निर्देश दिया था? | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) |
क्या अभियोजन पक्ष को प्रतिरक्षा के साक्ष्य प्रस्तुत करने से पहले गवाहों को सूचीबद्ध करना आवश्यक है? | हाँ, इसेन्यायालयमेंप्रस्तुतकरनाआवश्यकहै |
यदि अभियोजन साक्ष्य के दौरान कोईसाक्षीअव्यक्त हो जाए तो न्यायालय क्या करेगा? | न्यायालयनएसाक्षीकोबुलासकताहै |
धारा268 के अनुसार, अभियुक्त को कब उन्मोचित किया जाएगा? | जबअभियुक्तकेखिलाफकोईप्रमाणनहींहो |
धारा268 के अनुसार, अभियुक्त को उन्मोचन का क्या कारण हो सकता है? | जबअभियुक्तपरआरोपसाबितनहो |
धारा268 के तहत, उन्मोचन के बाद अभियुक्त पर क्या प्रभाव पड़ेगा? | अभियुक्तकोदोषमुक्तकरदियाजाएगा |
धारा268 में उन्मोचन के बाद अभियुक्त का क्या अधिकार होता है? | उसेदोषमुक्तकियाजाताहै |
क्या अभियुक्त को उन्मोचन के लिए उसके अपराध के प्रमाण की कमी पर्याप्त है? | हाँ, यदिअभियोजनप्रमाणप्रस्तुतनहींकरताहैतोअभियुक्तकोउन्मोचितकियाजासकताहै |
किस मामलेमें सुप्रीम कोर्ट ने यदिसाक्ष्यकीकमीहैतोअभियुक्तकोउन्मोचितकियाजासकताहै, निर्णय दिया था? | महाराष्ट्रराज्यबनामप्रफुल्लकुमार (2003) |
किस मामलेमें उन्मोचनकेबादअभियुक्तकोदोषमुक्तकरनेकाआदेशदियाजासकताहै, निर्णय लिया गया? | के.के.शर्माबनामभारतसंघ (2011) |
सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तकोउन्मोचनकेबाददोषीठहरायाजासकताहैयदिसाक्ष्यमिलतेहैं, कहा था? | गुजरातराज्यबनामअशोककुमार (2015) |
धारा268 में अभियुक्त को उन्मोचन के बाद क्या निर्णय लिया जा सकता है?
| अभियुक्तकोपूर्णरूपसेदोषमुक्तकरदियाजाएगा |
धारा269 के अनुसार, यदि अभियुक्त उन्मोचित नहीं किया जाता है, तो क्या होगा? | अभियुक्तकेखिलाफसुनवाईकीजाएगी |
धारा269 के तहत, अभियुक्त को उन्मोचित न करने का क्या कारण हो सकता है? | अभियुक्तकेखिलाफपर्याप्तसाक्ष्यऔरप्रमाणहोना |
धारा269 के अनुसार, यदिअभियुक्तकोउन्मोचितनहींकियागयाहै, तो क्या उस पर आरोप साबित हो | हाँ, आरोपसाबितहोसकतेहैं |
धारा269 के अनुसार, अगरअभियुक्तकोउन्मोचितनहींकियाजाताहै, तो अभियोजन पक्ष को क्या करना होगा? | अभियोजनपक्षकोनएसाक्ष्यपेशकरनेहोंगे |
अगर किसी अभियुक्त के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और उसे उन्मोचन का अधिकार नहीं मिलता, तो क्या उसे दोषी ठहराया जा सकता है? | हाँ, अगरअभियोजनपक्षकेपासपर्याप्तसाक्ष्यहैं |
यदि किसी अभियुक्त को उन्मोचित नहीं किया गया है, तो वह किस स्थिति में दोषमुक्त हो सकता है? | जबअभियुक्तकाअपराधसिद्धनहो |
अगर अभियुक्त को उन्मोचित किया गया है, तो न्यायालय उस पर क्या कदम उठाएगा? | अभियुक्तकेखिलाफमुकदमासमाप्तकरदियाजाएगा |
यदि अभियुक्त को उन्मोचित नहीं किया जाता, तो मुकदमा कौन से प्रकार से जारी रहेगा? | अभियुक्तकेखिलाफपुरानीसाक्ष्योंकेआधारपरकार्रवाईकीजाएगी |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जबअभियुक्तकेखिलाफपर्याप्तसाक्ष्यथे स्थिति में अभियुक्त को उन्मोचन का अधिकार नहीं दिया था? | महाराष्ट्रराज्यबनामशंकर (2006) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तकोउन्मोचननहींदियागयाक्योंकिप्रमाणथे निर्णय लिया था? | हरियाणाराज्यबनामपूरनसिंह (2009) |
धारा269 के तहत, यदिअभियुक्तकोउन्मोचितनहींकियाजाताहै, तो वह क्या कर सकता है? | अपीलकरसकताहै |
यदि अभियुक्त को उन्मोचित नहीं किया जाता है और मुकदमा जारी रहता है, तो उसे क्या अधिकार मिलेगा? | उसेअपनीरक्षाकरनेकाअवसरमिलेगा |
धारा269 में अभियुक्त के उन्मोचन के बाद क्या कार्रवाई की जाती है? | मुकदमाजारीरखाजाताहै |
धारा270 किस विषय से संबंधित है? | प्रतिरक्षाकासाक्ष्य |
धारा270 के अंतर्गत प्रतिरक्षाकासाक्ष्य किसके द्वारा प्रस्तुत किया जाता है? | अभियुक्तयाउसकेअधिवक्ताद्वारा |
प्रतिरक्षासाक्ष्य कब प्रस्तुत किया जाता है? | अभियोजनसाक्ष्यकेबाद |
यदि अभियुक्त प्रतिरक्षा में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करना चाहता, तो क्या यह अनिवार्य है? | नहीं, यहअभियुक्तकीइच्छापरनिर्भरहै |
धारा270 के अनुसार, यदिअभियुक्तप्रतिरक्षासाक्ष्यप्रस्तुतकरनाचाहताहै, तो क्या उसे इसकी अनुमति दी जाएगी? | हाँ, न्यायालयकीअनुमतिसे |
अभियुक्त पर हत्या का आरोप है। अभियोजन पक्ष ने सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं। अब अभियुक्त अपने बचाव मेंसाक्षीपेश करना चाहता है। किस धारा के तहत यह संभव है? | धारा270 |
यदि अभियुक्त अदालत को बताता है कि वह अपने पक्ष में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करना चाहता, तो न्यायालय— | मुकदमेकीकार्यवाहीजारीरखेगा |
अभियुक्त अदालत में कहता है कि वह कुछ गवाहों को बुलाना चाहता है जो उसे निर्दोष साबित करेंगे। न्यायालय क्या करेगा? | उसेअनुमतिदेगा |
धारा270 में प्रतिरक्षा साक्ष्य प्रस्तुत करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकेपक्षमेंतथ्योंकोस्पष्टकरना |
ग - विचारणकीसमाप्ति (Conclusion of Trial) | |
धारा271 किस विषय से संबंधित है? | दोषमुक्तियादोषसिद्धि |
धारा271 के अंतर्गत किसके आधार पर दोषमुक्तियादोषसिद्धि का निर्णय किया जाता है | न्यायालयद्वारासंपूर्णविचारकेआधारपर |
यदि न्यायालय यह पाता है कि अभियोजन अभियुक्त के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने में असफल रहा है, तो वह क्या आदेश देगा? | दोषमुक्ति |
दोषसिद्धि का अर्थ क्या होता है? | अभियुक्तदोषीसिद्ध |
क्या न्यायालय को दोषसिद्धियादोषमुक्तिकानिर्णय सुनाने से पहले दोनों पक्षों की दलीलों को सुनना अनिवार्य है? | हाँ |
एक मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए, लेकिन वे संदेह से परे अपराध सिद्ध नहीं कर सके। इस स्थिति में न्यायालय क्या आदेश देगा? | दोषमुक्ति |
यदि अभियुक्त ने अपराध स्वीकार कर लिया है, और यह स्वीकारोक्ति न्यायालय को उचित प्रतीत होती है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | दोषसिद्धकरसकताहै |
अभियोजन पक्ष ने 5साक्षीप्रस्तुत किए, परंतु उनके बयान परस्पर विरोधाभासी हैं। न्यायालय का क्या कर्तव्य है? | अभियुक्तकोदोषमुक्तकरना |
अभियुक्त के विरुद्ध ऐसे कोई प्रमाण नहीं हैं जो उसे अपराधी सिद्ध कर सकें। यह स्थिति किस निष्कर्ष की ओर ले जाती है? | दोषमुक्ति |
दोषसिद्धि के बाद न्यायालय क्या करता है? | सजानिर्धारितकरताहै |
धारा272 किस विषय से संबंधित है? | परिवादीकीअनुपस्थिति |
धारा272 के अनुसार, यदिपरिवादीअदालतमेंउपस्थितनहींहोताहै, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकते हैं? | आरोपीकोआरोपमुक्तकरसकतेहैं |
धारा272 का उपयोग किन मामलों में किया जा सकता है? | केवलगैर-संज्ञेयवसमझौतायोग्यअपराधोंमें |
धारा272 के अंतर्गत आरोपी को आरोप मुक्त करने से पहले मजिस्ट्रेट को क्या करना आवश्यक है? | परिवादीको30 दिनकाअवसरदेना |
यदिपरिवादी30 दिनकेभीतरउपस्थितनहींहोताहै, तो क्या परिणाम होगा? | आरोपीकोआरोपमुक्तकियाजासकताहै |
एक परिवादी समझौतायोग्य अपराध की सुनवाई में केवल पहली तारीख पर उपस्थित हुआ, उसके बाद कभी नहीं आया। क्या मजिस्ट्रेट उसे बुलाने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकते हैं? | नहीं |
किस मामले केस में न्यायालय ने परिवादीकीअनुपस्थितिमेंमजिस्ट्रेटआरोपीकोआरोपमुक्तकरसकतेहैं निर्णय दिया? | के.एम. मैथ्यूबनामकेरलराज्य |
किस मामले केस परिवादीकीअनुपस्थितिमेंसुनवाई विषय से संबंधित है? | एस. आनंदबनामवसुमतिचन्द्रशेखर
|
किस मामले मेंयह कहा गया कि न्यायालयको30 दिनकाअवसरदेनेकेबादहीआरोपीकोआरोपमुक्तकरनाचाहिए? | एस. आनंदबनामवसुमतिचन्द्रशेखर |
धारा272 के तहत आरोप मुक्त करने की शक्ति किसके पास होती है? | मजिस्ट्रेट |
धारा272 का उद्देश्य क्या है? | अनावश्यकमुकदमोंसेन्यायालयकासमयबचाना |
धारा273 किससे संबंधित है? | उचितकारणकेबिनाअभियोगकेलिएप्रतिकर |
धारा273 के अंतर्गत प्रतिकर (compensation) किसे दिया जाता है? | अभियुक्तको |
यदि अभियुक्त को आरोपमुक्त कर दिया जाता है और अभियोग झूठा या दुर्भावनापूर्ण सिद्ध होता है, तो क्या किया जा सकता है? | परिवादीकोप्रतिकरदेनेकाआदेशदियाजासकताहै |
धारा273 के अनुसार प्रतिकरकाआदेश कब दिया जा सकता है? | अभियुक्तकेदोषमुक्तहोनेऔरअभियोगझूठा/दुर्भावनापूर्णहोनेपर |
रमेश पर झूठा आरोप लगाया गया कि उसने चोरी की है। न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में उसे आरोपमुक्त कर दिया और पाया कि शिकायत दुर्भावनापूर्ण थी। इस स्थिति में न्यायालय क्या कर सकता है? | शिकायतकर्ताकोप्रतिकरदेनेकाआदेशदेसकताहै |
झूठे अभियोग के लिए प्रतिकर पाने के लिए अभियुक्त को क्या सिद्ध करना होता है? | किअभियोगदुर्भावनापूर्णऔरबिनाउचितकारणकेथा |
किस मामले में कोर्ट में झूठेअभियोगकेविरुद्धप्रतिकरएकनागरिकअधिकारहै, कहा गया? | के. करुणाकरनबनामटी.वी. इचरावारियर |
किस मामले संबंध झूठेअभियोगमेंन्यायालयद्वाराप्रतिकर विषय से है? | दिलीपबनाममध्यप्रदेशराज्य |
धारा273 का उद्देश्य क्या है? | झूठेपरिवादकोहतोत्साहितकरना |
यदि प्रतिकर देने का आदेश दिया जाता है और परिवादी उसे नहीं देता, तो परिणाम क्या हो सकता है? | परिवादीकोजेलभेजाजासकताहै |
झूठे अभियोग में प्रतिकर का निर्णय किस पर निर्भर करता है? | न्यायालयकेविवेकपर |
अध्याय 21 | |
मजिस्ट्रेटद्वारासमनमामलोंकाविचारण (Trial Of Summons-Cases by Magistrates) | |
धारा274 का विषय क्या है? | अभियोगकासारांशअभियुक्तकोबताना |
अभियोगकासारांशबतानेकाउद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोप्रतिरक्षातैयारकरनेकाअवसरदेना |
धारा274 के तहत अभियुक्त को अभियोग का सारांश कब बताया जाना चाहिए? | विचारणशुरूहोनेसेपहले |
यदिअभियोगकासारांशअभियुक्तकोनहींबतायागया, तो क्या हो सकता है? | अभियुक्तकीसुनवाईन्यायसंगतनहींमानीजाएगी |
एक मामले में अभियुक्त को यह नहीं बताया गया कि उस पर चोरी का आरोप है। विचारण पूरा होने के बाद उसे दोषी ठहराया गया। यह किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन है? | अनुच्छेद21 – उचितप्रक्रियाकाअधिकार |
न्यायालय ने अभियुक्त को अभियोग की पूरी जानकारी न देकर केवल चार्जशीट पढ़ने को दी। क्या यह धारा274 के अंतर्गत पर्याप्त होगा? | नहीं |
किस मामले में कहा गया कि धारा 274 से प्रक्रियाकासख्तीसेपालन संबंध है? | नज़ीरअहमदबनामकिंगएम्परर (1936)
|
किस मामले में धारा 274 से प्रतिरक्षाप्रस्तुतकरनेसेपूर्वअभियोगसमझनेकाअधिकार अधिकार का लाभ दिया गया है? | के.एम. नानावटीबनाममहाराष्ट्रराज्य |
किस के निर्णय में अभियुक्तकोअभियोगकीस्पष्टजानकारीदेनाआवश्यकहै सिद्धांत प्रतिपादित हुआ जो धारा 274 से संबंधित है? | करतारसिंहबनामपंजाबराज्य (1994) |
अभियुक्त को अभियोग का सारांश बताना न्याय का कौन-सा रूप है? | प्रक्रियात्मकन्याय |
यदि अभियुक्त शिक्षित नहीं है और उसे अभियोग का सारांश लिखित रूप में दिया जाता है, तो क्या किया जाना चाहिए? | मौखिकरूपसेसमझायाजानाचाहिए |
धारा275 कामुख्यविषय क्या है? | दोषीहोनेकेअभिवाकपरदोषसिद्धि |
यदिअभियुक्तस्वयंकोदोषीबताताहै, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | उसकेअभिवाककीसत्यताऔरमंशाकीजांचकरना |
न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि से पहले अभियुक्त को क्या अवसर देना आवश्यक है? | दंडपरसुनवाईका |
क्या न्यायालय अभियुक्त के दोषी होने के अभिवाक को अस्वीकार कर सकता है? | हाँ, यदिअभिवाकस्वेच्छासेप्रतीतनहो |
दोषी होने के अभिवाक के आधार पर न्यायालय द्वारा क्या किया जाता है? | अभियुक्तकोदोषीठहरायाजाताहैऔरदंडसुनायाजाताहै |
एक अभियुक्त न्यायालय में कहता है कि वह अपराध का दोषी है, लेकिन उसके चेहरे पर चोटों के निशान हैं और वह घबराया हुआ है। न्यायालय को क्या करना चाहिए? | उसकीअभिवाककीस्वेच्छाकीजांचकरना |
एक अभियुक्त दोषी होने की बात स्वीकार करता है लेकिन बाद में कहता है कि उसने डर के कारण ऐसा कहा। इस स्थिति में न्यायालय को क्या करना चाहिए? | पुनःविचारणकरना |
किस मामले में न्यायालय ने, न्यायालयकोअभियुक्तकीमंशाकीजांचकरनीचाहिए, स्पष्ट किया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुखदेवसिंह (1992) |
किस मामले में कोर्ट ने यह फैसला अभियुक्तद्वारादिएगएदोषीअभिवाककीवैधता, स्पष्ट दिया? | के.एन. कुट्टीबनामकेरलराज्य |
कौन-सा सिद्धांत धारा275 के अंतर्गत महत्वपूर्ण है? | फेयरट्रायल |
यदिअभियुक्तअल्पबुद्धि (mentally challenged) होऔरदोषीहोनेकीबातस्वीकारकरे, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | उसकीमानसिकस्थितिकीजांचकरवाना |
न्यायालय दोषसिद्धि से पहले अभियुक्त से क्या सुनिश्चित करता है? | अभियुक्तनेअभिवाकस्वेच्छासेऔरसमझदारीसेदियाहै |
धारा276 किस विषय से संबंधित है? | छोटेमामलोंमेंअभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंदोषीहोनेकेअभिवाक्परदोषसिद्धि |
धारा276 के अंतर्गत किस प्रकार के मामलों में अभियुक्त की अनुपस्थिति में दोषसिद्धि संभव है? | छोटेयालघुअपराध (Petty offences) |
धारा276 के तहत दोषसिद्धि किन परिस्थितियों में अमान्य मानी जा सकती है? | जबअभियुक्तकाअभिवाकस्वेच्छासेनदियागयाहो |
एक व्यक्ति पर ₹500 का चालान कटने पर वह लिखित में अदालत को दोष स्वीकार करता है, लेकिन सुनवाई के दिन वह अनुपस्थित रहता है। क्या अदालत उसे धारा 276 के तहत दोषी घोषित कर सकती है? | हाँ, यदिलिखाहुआअभिवाकस्वेच्छासेदियागयाहो |
किस मामले में कोर्ट ने लघुमामलोंमेंअभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंदोषसिद्धिसंभवहैयदिअभिवाकस्वेच्छासेदियागयाहो, बिंदु पर बल दिया? | रवीन्द्रकुमारबनामबिहारराज्य (2021) |
किस मामले में न्यायालय ने अभियुक्तकादोषीअभिवाकदबावमेंलियागयाथा स्थिति में अनुपस्थिति में दोषसिद्धि को अनुचित ठहराया था? | राज्यबनाममोहनलाल (2019)
|
धारा276 का लाभ किन्हें मिलता है? | छोटेअपराधोंकेअभियुक्तोंको |
कौन-सा कथन सही है? | अभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंभीउसेदोषीठहरायाजासकताहै |
धारा277 किससे संबंधित है? | प्रक्रियाजबदोषसिद्धनकियाजाए |
धारा277 के तहत न्यायालय का क्या कर्तव्य है यदि अभियोजन दोष सिद्ध करने में विफल रहता है? | अभियुक्तकोबरी (उन्मोचित) करे |
कौन सी स्थिति धारा277 के अंतर्गत आती है? | अभियुक्तदोषमुक्तपायाजाए |
एक व्यक्ति पर चोरी का आरोप है लेकिन अभियोजन पक्ष सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, न्यायालय क्या करेगा? | अभियुक्तकोदोषमुक्तकरदेगा |
एक महिला पर अवैधनिर्माणकाआरोपहै लेकिन साक्षी अदालत में झूठे निकले। ऐसी स्थिति में धारा277 के अनुसार न्यायालय का क्या निर्णय हो सकता है? | अभियुक्तदोषमुक्तकरदियाजाएगा |
यदि अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं, तो न्यायालय किस प्रक्रिया का पालन करता है? | उसेदोषमुक्तकरदेताहै |
धारा277 का पालन किस स्तर की न्यायिकइकाईद्वारा किया जा सकता है? | कोईभीसक्षममजिस्ट्रेट |
धारा277 के अंतर्गत अभियुक्त की दोषमुक्ति किस आधार पर होती है? | अभियोजनपक्षद्वाराअपराधसिद्धनकरपानेपर |
कौन-सी स्थिति धारा277 के अंतर्गत नहीं आती है? | अभियुक्तकादोषस्वीकारकरना |
धारा278 किससे संबंधित है? | दोषमुक्तियादोषसिद्धि |
धारा278 के अंतर्गत, किस समय दोषमुक्तियादोषसिद्धि का निर्णय लिया जाता है? | समस्तसाक्ष्योंकेपरीक्षणकेबाद |
यदि न्यायालय यह पाता है कि अभियुक्त द्वारा अपराध किया गया है, तो वह क्या निर्णय देता है? | दोषसिद्धकरताहै |
एक व्यक्ति पर मारपीट का आरोप है। ट्रायल के दौरान सभी साक्षी आरोपी के पक्ष में गवाही देते हैं और अभियोजन कोई ठोस साक्ष्य नहीं दे पाता। न्यायालय क्या करेगा? | दोषमुक्तकरेगा |
यदि न्यायालय साक्ष्यों के आधार पर यह पाता है कि अभियुक्त ने अपराध किया है, तो क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी? | दोषसिद्धिहोगी |
दोषमुक्तियादोषसिद्धिकानिर्णय लेने से पहले न्यायालय को क्या करना आवश्यक है? | सभीसाक्ष्योंऔरगवाहोंकीविवेचनाकरना |
कौन-सा सिद्धांतधारा278 के तहत दोषसिद्धि के लिए आवश्यक है? | संदेहसेपरेप्रमाण |
दोषसिद्धि के समय न्यायालय को क्या सुनिश्चित करना होता है? | अभियुक्तकोअपनीबातरखनेकाअवसरदे |
धारा 279 किस स्थिति से संबंधित है? | परिवादीकाहाजिरनहोनायाउसकीमृत्यु |
यदिपरिवादीकिसीकारणसेहाजिरनहींहोताहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | मामलेकीसुनवाईस्थगितकरदेगायामामलेकोनिरस्तकरसकताहै |
धारा279 के अंतर्गत यदिपरिवादीकीमृत्युहोजातीहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | मामलाजीवितगवाहोंकेआधारपरजारीरखसकताहै |
यदि परिवाद पर समन जारी कर दिया गया हो और अभियुक्त की हाजिरी के लिए नियत दिन या उसके पश्चात्वर्ती किसी दिन, जिसके लिए सुनवाई स्थगित की जाती है, परिवादी हाजिर नहीं होता है तो, मजिस्ट्रेट परिवादी को उपस्थित होने के लिए कितने दिन का समय देने के पश्चात् अभियुक्त को दोषमुक्त कर देगा? | 30 दिन |
यदि परिवादी का निधन हो जाता है और उसकी गवाही की आवश्यकता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | गवाहोंकीअन्यगवाहीपरसुनवाईकरसकताहै |
यदि परिवादी की मृत्यु हो जाती है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | गवाहोंकेबयानकोध्यानमेंरखतेहुएसुनवाईजारीरखनीचाहिए |
यदि परिवादी न्यायालय में हाजिर नहीं होता और उसे उचित कारण नहीं दिया जाता, तो क्या न्यायालय को आदेश देने का अधिकार है? | हां, न्यायालयउसेपुनःहाजिरहोनेकाआदेशदेसकताहै |
धारा280 किस परिप्रेक्ष्य में है? | परिवादकोवापसलेना |
धारा280 के अंतर्गत जबपरिवादीविवादकोवापसलेताहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | मामलेकोरद्दकरसकताहै |
यदि कोई अभियोजन पक्ष अपने आरोप को वापस लेता है, तो वह किस धारा के तहत ऐसा कर सकता है? | धारा280 |
यदि परिवादी किसी कारणवश मामले को वापस लेने का निर्णय लेता है, तो न्यायालय की भूमिका क्या होगी? | न्यायालयमामलेकोनिरस्तकरदेगा |
क्या न्यायालय को किसी अन्य आदेश को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परिवादी ने परिवाद वापस लेने का फैसला स्वतंत्र रूप से लिया है? | हां, यहसुनिश्चितकरनाआवश्यकहै |
यदि कोई अभियोजन पक्ष धारा280 के तहत अपना परिवाद वापस लेता है, तो क्या इसे अभियुक्त की सजा से जोड़ा जा सकता है? | नहीं, यहकेवलमामलेकोरद्दकरेगा |
परिवाद को वापस लेने का क्या प्रभाव होता है जब मामले में अन्य गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं? | न्यायालयगवाहोंकेबयानपरविचारकरकेनिर्णयलेसकताहै |
यदि परिवादी अपनी शिकायत वापस लेता है और बाद में उसे पुनःप्रस्तुत करता है, तो क्या यह कानूनी रूप से संभव है? | हां, लेकिनइसेन्यायालयकीअनुमतिकीआवश्यकताहोतीहै |
धारा281 किससे सम्बन्धित है? | कतिपयमामलोंमेंकार्यवाहीरोकदेनेकीशक्ति |
धारा281 के अनुसार कार्यवाही रोकने का कारण क्या हो सकता है? | न्यायालयकोलगताहैकिकार्यवाहीजारीरखनेसेअन्यायहोसकताहै |
यदि न्यायालय ने धारा281 के तहत कार्यवाहीरोकनेकाआदेशदिया, तो क्या यह कार्यवाही स्थायीरूपसेरुक जाएगी? | नहीं, जबतकन्यायालयआदेशनहींदेता |
यदिन्यायालयकोलगताहैकिकिसीमामलेमेंकार्यवाहीजारीरखनेसेअन्यायहोसकताहै, तो धारा281 के तहत क्या किया जा सकता है? | न्यायालयकार्यवाहीरोकसकताहै |
एक मामले में कार्यवाही रुकने के बाद यदि अभियुक्त को नया साक्ष्य मिलता है, तो वह क्या कर सकता है? | न्यायालयकोपुनःकार्यवाहीशुरूकरनेकाअनुरोधकरसकताहै |
किस मामले में न्यायालय ने धारा 281 के तहत अभियोगकेसंबंधमेंकार्यवाहीकोनिरस्तकरदियागया निर्णय लिया था? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामरमेश (2002) |
धारा282 के तहत, न्यायालय को क्या शक्ति दी गई है? | समनकोवारण्टमेंबदलनेकीशक्ति |
धारा282 के अंतर्गत, न्यायालय समनकोवारण्ट में क्यों बदल सकता है? | जबअभियुक्तपेशनहींहोताहै |
समन को वारण्ट में बदलने का निर्णय किस आधार पर लिया जाता है? | अभियुक्तकीअनुपस्थितिऔरमामलेकीगंभीरता |
जब समन को वारण्ट में बदलने का आदेश दिया जाता है, तो इसका क्या प्रभाव होता है? | अभियुक्तपरगिरफ्तारीकाआदेशजारीकियाजाताहै |
किस मामले में न्यायालय ने समन को वारंट में नियुक्ति का निर्णय अभियुक्तकीअनुपस्थितिऔरअभियुक्तकाकोईप्रतिवादनहींथा लिया? | राज्यबनामराजेश (2009)
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किस मामले में कोर्ट ने समन को वारंट में बदलाव के बाद अभियुक्तकोगिरफ्तारकियागयाऔरउसेअदालतमेंपेशकियागया फैसला लिया? | आर. के. शर्माबनामदिल्लीराज्य (2015) |
किस मामले में उच्च न्यायालय ने समन को वारंट में बदलाव का आदेश अभियुक्तकीगंभीरअनदेखीऔरअदालतमेंअनुपस्थिति दिया था? | महाराष्ट्रराज्यबनामअशोककुमार (2018) |
यदि न्यायालय समन को वारण्ट में बदलता है, तो क्या यह अभियुक्त के अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है? | नहीं, यहपूरीतरहसेन्यायिकप्रक्रियाकाहिस्साहै |
समन को वारण्ट में बदलने के निर्णय को अभियुक्त के खिलाफ कैसे चुनौती दी जा सकती है? | अभियुक्तकोउच्चन्यायालयमेंअपीलदायरकरनीहोतीहै |
अगर समन को वारण्ट में बदलने के बाद अभियुक्त जेल में है, तो क्या उसे तुरंत जमानत मिल सकती है? | हां, यदियहन्यायालयकेविवेकाधिकारपरनिर्भरकरताहै |
अध्याय 22 | |
संक्षिप्तविचारण (Summary Trials) | |
धारा283 किससे सम्बन्धित है? | संक्षिप्तविचारणकरनेकीशक्ति |
संक्षिप्तविचारणकरनेकानिर्णय किस आधार पर लिया जाता है? | मामलेकीजटिलताऔरगंभीरताकेआधारपर |
संक्षिप्तविचारण कौन कर सकता है? | कोईमुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट, कोईप्रथमवर्गमजिस्ट्रेट |
"संक्षिप्तविचारण" के अंतर्गत कारावासदंडकीअधिकतमअवधिहै | तीनमाह |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303 कीउपधारा (2), धारा 305 याधारा 306 केअधीनचोरी, जहांचुराईहुईसंपत्तिकामूल्यबीसहजाररुपएसेअधिकनहींहै, का संक्षिप्त विचारण किया जा सकता है? | हां |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 317 कीउपधारा (2) केअधीनचोरीकीसंपत्तिकोप्राप्तकरनायारखेरखना, जहांऐसीसंपत्तिकामूल्यबीसहजाररुपएसेअधिकनहींहै, का संक्षिप्त विचारण किया जा सकता है? | हां |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 317 कीउपधारा (5) केअधीनचुराईहुईसंपत्तिकोछिपानेयाउसकाव्ययनकरनेमेंसहायताकरना, जहांऐसीसंपत्तिकामूल्यबीसहजाररुपएसेअधिकनहींहै, का संक्षिप्त विचारण किया जा सकता है? | हां |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 331 कीउपधारा (2) औरउपधारा (3) केअधीनअपराध, का संक्षिप्त विचारण किया जा सकता है? | हां |
संक्षिप्त विचारण का निर्णय क्यों लिया जा सकता है? | अगरमामलेमेंगवाहीदेनेवालेव्यक्तिकमहों अगरमामलासरलऔरस्पष्टहोयदिअभियुक्तपहलेसेदोषीस्वीकारकरचुकाहो |
यदि एक मामला संक्षिप्त विचारण के लिए चुना गया है, तो क्या अभियुक्त को संक्षिप्त प्रक्रिया से पहले कानूनी प्रतिनिधित्व देने का अधिकार होता है? | हां, अभियुक्तकोकानूनीप्रतिनिधित्वकाअधिकारहोताहै |
न्यायालय यदि संक्षिप्त विचारण का निर्णय देता है और अभियुक्त जेल में है, तो क्या उसे अदालत में जल्दी पेश किया जा सकता है? | हां, जल्दीपेशकियाजासकताहै |
यदि न्यायालय ने किसी मामले में संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया शुरू की है, तो क्या इस प्रक्रिया में अभियुक्त को अपील करने का अधिकार है? | हां, वहअपीलकरसकताहै |
यदि किसी मामले में संक्षिप्त विचारण का निर्णय लिया जाता है और अभियुक्त दोषी पाया जाता है, तो क्या उसे तत्काल सजा दी जा सकती है? | हां, क्योंकिमामलासंक्षिप्तविचारणमेंथा |
किस मामले में कोर्ट ने अवमानना विचार प्रक्रिया का उपयोग मामलासरलथाऔरअधिकसमयकीआवश्यकतानहींथी, किया था? | आरवी.एक्स (2017) |
किस मामले में, न्यायालय ने अवमानना विचार की प्रक्रिया के बाद अभियुक्तकोदोषीपायाऔरउसेतत्कालसजादी निर्णय लिया? | राज्यबनामवाई (2019)
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धारा284 के अनुसार, किससे सम्बन्धित है? | द्वितीयवर्गकेमजिस्ट्रेटोंद्वारासंक्षिप्तविचारण |
किस धारा के अन्तर्गत बताया गया है कि द्वितीयश्रेणीमजिस्ट्रेटसंक्षिप्तविचारणकरसकताहै? | धारा284 |
द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट के द्वारा संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया किस प्रकार के मामलों में लागू हो सकती है? | केवलमामूलीअपराधोंमें |
यदि कोई मामला द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट द्वारा संक्षिप्त विचारण के लिए निर्धारित किया जाता है, तो क्या इसका मतलब यह है कि मामले की सुनवाई कम समय में की जाएगी? | हां, मामलाशीघ्रतासेनिपटायाजाएगा |
द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट द्वारा संक्षिप्त विचारण में किसे साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है? | दोनोंपक्षोंको |
द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट द्वारा संक्षिप्त विचारण में क्या प्रमुख उद्देश्य होता है? | मामलेकोशीघ्रनिपटाना |
द्वितीयवर्गकेमजिस्ट्रेटकोसंक्षिप्तविचारणहेतु कौन अधिकृत करता है- | उच्चन्यायालय |
किस मामले में द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट द्वारा महामहिम मामलामामूलीथाऔरकोईजटिलतानहींथी, विचार किया गया था? | राज्यबनामए (2015) |
किस मामले में द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट ने गैलरी विचार के बाद कलाकार को दोषी ठहराया। इस मामले में हां, अपीलकाअधिकारथा, कलाकार को अपील का अधिकार था? | आरवी. बी (2018) |
धारा285 के अनुसार, संक्षिप्तविचारणकीप्रक्रियाकाउद्देश्य क्या है? | मामलेकाशीघ्रनिपटारा |
धारा285 के तहत, संक्षिप्तविचारणकीप्रक्रिया किस प्रकार के मामलों में लागू की जा सकती है? | मामूलीऔरसरलमामलोंमें |
संक्षिप्तविचारणकीप्रक्रिया के तहत, न्यायालय किस आधार पर मामले की शीघ्रता से सुनवाई करता है? | मामलेकीगंभीरताऔरसमयबद्धताकोध्यानमेंरखतेहुए |
एक मामूली अपराध, जिसमें अभियुक्त के खिलाफ स्पष्ट साक्ष्य नहीं हैं, संक्षिप्त विचारण के लिए भेजा जाता है। इस स्थिति में, क्या न्यायालय इसे शीघ्र निपटाने के लिए कोई विशेष कदम उठाएगा? | हां, मामलेकीसुनवाईशीघ्रकीजाएगी |
यदि एक अभियुक्त द्वारा संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया को चुनौती दी जाती है, तो न्यायालय किस आधार पर उसका फैसला करेगा? | मामलेकीगंभीरताऔरउचितकारणोंकोध्यानमेंरखतेहुए |
किस मामले में कोर्ट ने डेमोक्रेटिक विचार की अपनी प्रक्रिया और आरोप को दोषी ठहराया। इस मामले में अपीलकाअधिकार योग्यता का क्या अधिकार मिला? | XYZ बनामराज्य (2017) |
यदि संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया में न्यायालय को लगता है कि अभियुक्त को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, तो न्यायालय क्या करेगा? | अभियुक्तकोदोषमुक्तकरदेगा |
धारा286 के तहत, संक्षिप्तविचारणोंमेंअभिलेखकाक्यामहत्वहै? | यहन्यायालयकेआदेशोंऔरनिर्णयोंकोदर्जकरताहै |
धारा286 किससे सम्बन्धित है? | संक्षिप्तविचारणोंमेंअभिलेख |
धारा286 के तहत अभिलेख में क्या-क्या शामिल किया जाएगा? | मामलेकाक्रमसंख्यांक, अपराधकिएजानेकीतारीख, रिपोर्टयापरिवादकीतारीख |
यदिसंक्षिप्तविचारणकेदौरानन्यायालयकोलगताहैकिकुछमहत्वपूर्णसाक्ष्यरिकार्डनहींकिएगएहैं, तो न्यायालय क्या करेगा? | उसेसाक्ष्यदर्जकरनेकाआदेशदेगा |
एक अभियुक्त को संक्षिप्त विचारण में दोषी ठहराया जाता है, लेकिन अभिलेख में कोई त्रुटि पाई जाती है। क्या इससे निर्णय प्रभावित हो सकता है? | हां, निर्णयकोरद्दकियाजासकताहै |
यदिएकसंक्षिप्तविचारणमेंअभियुक्तकेबयानकोसहीतरीकेसेरिकॉर्डनहींकियागया, तो क्या इसके परिणाम हो सकते हैं? | न्यायालयद्वारापुनःबयानदर्जकियाजाएगा |
यदि संक्षिप्त विचारण के दौरान अभिलेख की त्रुटि पाई जाती है, तो इसके लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं? | साक्ष्योंकोपुनःरिकॉर्डकियाजाएऔरनिर्णयकोसहीकियाजाए |
धारा 287 के तहत संक्षेपतः विचारित मामलों में निर्णय किस प्रकार लिया जाता है? | मामलेकेतथ्यऔरसाक्ष्योंकोसंक्षेपमेंपरखाजाताहै |
धारा287 के अनुसार किससे सम्बन्धित है? | संक्षेपतःविचारितमामलोंमेंनिर्णय |
संक्षेपतः विचारित मामलों में निर्णय की प्रक्रिया में क्या महत्वपूर्ण पहलू है? | केसकीसंक्षिप्तताऔरप्राथमिकता |
संक्षेपतःविचारित मामलों में निर्णय की प्रक्रिया में कितना समय लिया जाता है? | एकनिश्चितसमयसीमाकेभीतरनिर्णयलियाजाताहै |
अगर किसी संक्षिप्त विचारण में दोनों पक्षों के साक्ष्य एक समान हैं, तो निर्णय देने में किस बात को प्राथमिकता दी जाती है? | दोनोंपक्षोंकेतर्क |
यदिसंक्षिप्तविचारणमेंअभियुक्तनेकोईमहत्वपूर्णदस्तावेजप्रस्तुतकियाहै, तो न्यायालय उसे कैसे संक्षेप में स्वीकार करेगा? | दस्तावेज़कीजाँचकीजाएगीऔरउसकेबादनिर्णयलियाजाएगा |
धारा288 के अनुसार किससे सम्बन्धित है? | अभिलेखऔरनिर्णयकीभाषा |
धारा288 के अनुसार अभिलेख और निर्णय की भाषा क्या होगी? | न्यायालयकीभाषामें |
धारा288 के तहत अभिलेखऔरनिर्णयकीभाषा निर्धारित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकीकार्यवाहीकोसरलऔरस्पष्टबनाना न्यायालयकेफैसलोंकोन्यायिकभाषाओंमेंरखाजाना |
यदिकोईविशेषअदालतक्षेत्रीयभाषाकाचयनकरतीहै, तो उस न्यायालय के फैसलों की भाषा क्या होगी? | क्षेत्रीयभाषा |
न्यायालयकेनिर्णयऔरअभिलेखकीभाषा किसके द्वारा तय की जाती है? | न्यायालयद्वारा |
एक विशेष क्षेत्रीय न्यायालय ने क्षेत्रीय भाषा में अपने फैसले दिए हैं, लेकिन दूसरे राज्य के न्यायालय में इसकी सुनवाई होनी है। उस स्थिति में फैसले की भाषा किस प्रकार परिवर्तित होगी? | फैसलेकोअंग्रेजीमेंअनुवादितकियाजाएगा |
यदि किसी व्यक्ति ने न्यायालय में अपनी क्षेत्रीय भाषा में बयान दिया है, तो क्या उस बयान का अभिलेख उसी भाषा में किया जाएगा? | हां, क्षेत्रीयभाषामेंकियाजाएगा |
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अध्याय 23 | |
सौदाअभिवाक् (Plea Bargaining) | |
धारा289 किस विषय से संबंधित है? | अध्यायकालागूहोना |
धारा289 का उद्देश्य क्या है? | यहबतानाकियहअध्यायकिनमामलोंपरलागूहोगा |
धारा289 में किस प्रकार की शक्तियों की बात की गई है? | न्यायालयद्वाराअध्यायकीधाराओंकोलागूकरनेकी |
क्या धारा289 स्वतः सभी मामलों में लागू होती है? | नहीं |
किस मामले में न्यायालय ने अपराध की गंभीरताऔरन्यायकीमांगआधारोंपरअध्यायकोबदलावकीअनुमतिदी? | रमेशकुमारबनामराज्य (2018) |
किस मामले में न्यायालय ने धारा289 धाराकेद्वितीयअध्यायकीधाराकेउपयोगकोसहीठहराया? | सूरजभानबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2019) |
यदि न्यायालय यह पाता है कि संक्षिप्त विचारण न्याय के अनुकूल नहीं है, तो वह क्या करेगा? | मामलेकोसामान्यप्रक्रियामेंस्थानांतरितकरेगा |
धारा289 के अंतर्गत न्यायालय की भूमिका क्या है? | यहतयकरनाकिकौन-साअध्यायलागूहो |
क्या धारा289 न्यायालय को विवेकाधिकार प्रदान करती है? | हाँ |
यदिमजिस्ट्रेटकोसंदेहहोकिवर्तमानप्रक्रियान्यायहितमेंनहींहै, तो वह धारा289 का प्रयोग कर क्या कर सकता है? | अध्यायपरिवर्तितकरसकताहै |
धारा290 किससे संबंधित है? | सौदाअभिवाक्केलिएआवेदन |
सौदाअभिवाक् का तात्पर्य है – | अभियुक्तद्वाराअपराधस्वीकारकरकमदंडपानेकाअनुरोध |
सौदाअभिवाक्केलिएआवेदन किस स्तर पर किया जा सकता है? | आरोपतयहोनेकेबादऔरसाक्ष्यकेपहले |
क्या सौदा अभिवाक् हर अपराध के लिए लागू होता है? | नहीं |
सौदाअभिवाक्कालाभ किसे मिल सकता है? | अभियुक्त |
अगरअभियुक्तनेधारा290 के अंतर्गत सौदाअभिवाक्केलिएआवेदनकिया, तो न्यायालय की पहली प्रक्रिया क्या होगी? | अभियोजनकोनोटिसदेनाऔरपक्षसुनना |
एक अभियुक्त ने चोरी के एक साधारण मामले में सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन किया, क्या न्यायालय उसे अनुमति दे सकता है? | हाँ, यदिअपराधगंभीरनहींहैऔरअभियुक्तनेअपराधस्वीकारकरलियाहै |
यदि अभियुक्त ने दबाव में सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन किया हो, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | आवेदनकोअस्वीकारकरना |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डील अभिवाक की प्रक्रिया को न्यायिकप्रक्रियाकोसरलकरनेकीविधि रूप में समझाया? | गुजरातराज्यबनामनटवरहरचंदजीठाकोर (2005) |
किस मामले में न्यायालय ने कहा कि - अभियुक्तकोमजबूरनहींकियाजासकता? | मुरलीधरमेघराजलोयाबनाममहाराष्ट्रराज्य |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डील अभियोग के अभियुक्तकीस्वेच्छा पक्ष पर विशेष बल दिया? | सुखदेवसिंहबनामपंजाबराज्य (2014) |
सौदाअभिवाक्कीप्रणाली से न्यायपालिका को क्या लाभ होता है? | कार्यभारघटताहैऔरसमयकीबचतहोतीहै |
यदि अभियुक्त ने सौदा अभिवाक् के लिए आवेदन किया और अभियोजन पक्ष सहमत नहीं है, तो न्यायालय क्या करेगा? | दोनोंपक्षोंकोसुनकरनिर्णयलेगा |
सौदा अभिवाक् की प्रक्रिया को किस प्रकार की न्यायिक निगरानी की आवश्यकता होती है? | सख्तऔरनिष्पक्ष |
धारा291 किस विषय से संबंधित है? | पारस्परिकसंतोषप्रदनिपटारेकेलिएमार्गदर्शीसिद्धांत |
पारस्परिकसंतोषप्रदनिपटारे के अंतर्गत मुख्य रूप से किन पक्षोंकेबीचसमझौतेकीबात होती है? | अभियुक्तऔरपरिवादी/पीड़ित |
धारा291 के अंतर्गत समझौते की प्रक्रिया किस सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए? | मुआवजाऔरसंतोष |
पारस्परिकसंतोषप्रदनिपटारेकीप्रक्रिया का उद्देश्य क्या है? | त्वरितऔरन्यायसंगतनिपटारा |
यदि अभियुक्त और पीड़ित के बीच धारा291 के तहत समझौता होता है, तो न्यायालय को क्या देखना चाहिए? | समझौतेकीस्वेच्छाऔरपारदर्शिता |
अभियुक्तऔरपीड़ितकेबीचनिपटारेकेबाद, न्यायालय किसके अनुसार निर्णय देगा? | पारस्परिकसमझौतेकेअनुसार |
यदि पीड़ित नाबालिग है, तो समझौते की वैधता पर न्यायालय को क्या विचार करना चाहिए? | पीड़ितकेसंरक्षककीस्वीकृतिऔरन्यायालयकीसंतुष्टि |
धारा292 किससे संबंधित है? | पारस्परिकसंतोषप्रदनिपटारेकीरिपोर्टकान्यायालयकेसमक्षप्रस्तुतकियाजाना |
धारा292 के अनुसार, पारस्परिकसंतोषप्रदनिपटारेकीरिपोर्ट कौन प्रस्तुत करता है? | सक्षमअधिकारी |
न्यायालयकेसमक्षरिपोर्टप्रस्तुतकरनेकाउद्देश्य क्या है? | समझौतेकीस्वीकृतिकेलिएन्यायालयकीसंतुष्टिप्राप्तकरना |
रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद न्यायालय क्या कर सकता है? | रिपोर्टकोनजरअंदाजकरना |
पारस्परिक संतोषप्रद निपटारे की रिपोर्ट को न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार की भाषाऔरप्रक्रियाकापालन किया जाना चाहिए? | लिखितऔरस्वपाक्षीय |
यदिरिपोर्टमेंयहस्पष्टनहोकिसमझौतास्वेच्छासेहुआहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | रिपोर्टखारिजकरना |
यदि मध्यस्थ रिपोर्ट प्रस्तुत करता है कि दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर लिया है, किंतु पीड़ित न्यायालय में असहमति जताता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | समझौतेकोअस्वीकारकरेगा |
धारा292 की प्रक्रिया किस न्यायिकसिद्धांत को मजबूत करती है? | त्वरितन्याय |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा293 का विषय क्या है? | मामलेकानिपटारा |
धारा293 के अंतर्गत न्यायालय कब मामले का निपटारा कर सकता है? | जबन्यायालयसंतुष्टहोकिनिपटारानिष्पक्ष, स्वैच्छिकएवंन्यायसंगतहै |
क्या धारा293 के अंतर्गत न्यायालयअभियोजन को समाप्त कर सकता है? | हाँ, यदिसमझौतामान्यहो |
निपटारा करने से पूर्व न्यायालय को किन बिंदुओं की पुष्टि करनी होती है? | पीड़ितकीसहमतिऔरसंतोष |
यदि अभियुक्त और पीड़ित ने आपसी समझौता किया है, लेकिन न्यायालय को समझौता दबाव में हुआ प्रतीत होता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | समझौतेकोअस्वीकारकरेगा |
यदि न्यायालय समझौते को स्वीकार कर लेता है, तो वह क्या कर सकता है? | आरोपीकोदोषमुक्तघोषितकरना |
धारा293 किस न्यायिकउद्देश्यकीपूर्ति करती है? | वैकल्पिकविवादसमाधान |
न्यायालय द्वारा समझौते को स्वीकार करने की प्रक्रिया किस सिद्धांत पर आधारित है? | न्यायिकविवेक |
धारा294 किससे सम्बन्धित है? | न्यायालयका निर्णय |
धारा295 किससे सम्बन्धित है? | निर्णयकाअंतिमहोना |
धारा295 के अनुसार किसीन्यायालयकानिर्णयकबअंतिम माना जाता है? | जबअपीलयापुनर्विचारकीअनुमतिनहो |
जब अपीलयापुनर्विचार की अनुमति न हो | कानूनीविवादोंकोस्थायित्वदेना |
कौन-सा निर्णय "अंतिमनिर्णय" नहीं कहलाता? | अंतरिमजमानतआदेश |
धारा296 किससे सम्बन्धित है? | सौदाअभिवाक्में न्यायालयकीशक्ति |
धारा297 किससे सम्बन्धित है? | अभियुक्तद्वाराभोगीगईनिरोधकीअवधिकाकारावासकेदंडादेशकेविरुद्धमुजराकियाजाना |
यदि अभियुक्त को 5 वर्ष की सजा हुई है और उसने विचाराधीन अवस्था में 2 वर्ष जेल में बिताए हैं, तो सजा कितने वर्ष मानी जाएगी? | 3 वर्ष |
धारा297 के अंतर्गत किस प्रकार की सजा पर यह छूट लागू होती है? | कारावासकीसजा |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया: पुलिसऔरन्यायिकदोनोंप्रकारकीहिरासतकीअवधिसजामेंघटाईजाएगी | महाराष्ट्रराज्यबनामनजाकतआलियामुबारकअली (2001) |
किस मामले में केस में कोर्ट ने अपीललंबितहोनेपरभीसजाघटाईजासकतीहै कहा? | विकासयादवबनामयूपीराज्य (2016) |
यदि अभियुक्त को 3 वर्ष की सजा दी गई और वह पहले ही 3 वर्षविचाराधीन स्थिति में जेल में था, तो न्यायालय: | उसेरिहाकरदेगा |
क्या विचाराधीन बंदी की अवधि घटाने का आदेश न्यायालय की विवेकाधीन शक्ति है? | नहीं, यहवैधानिकअधिकारहै |
विचाराधीनअवधि कब से मानी जाती है? | गिरफ्तारीकीतिथिसे |
यदि अभियुक्त को दो अलग-अलग मामलों में विचाराधीन रहते हुए जेल में रखा गया, तो धारा297 किस तरह लागू होगी? | न्यायालयकेविवेकपरनिर्भर |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा298 किससे संबंधित है? | व्यावृतिसे |
व्यावृति (Vagrancy) कासामान्य अर्थ क्या होता है? | व्यक्तिजोसार्वजनिकस्थानपरअनुचितढंगसेभिक्षामांगताहैयालक्ष्यहीनघूमताहै |
धारा299 किस विषय से संबंधित है? | अभियुक्तद्वारादिएगएकथनोंकीसीमाएं |
धारा 300 किस विषय से संबंधित है? | अध्याय 23 कालागूहोना |
अध्याय 24 | |
कारागारोंमेंपरिरुद्धयानिरुद्धव्यक्तियोंकीहाजिरी (Attendance Of Persons Confined or Detained in Prisons) | |
धारा302 किस विषय से संबंधित है? | बन्दियोंकोहाजिरकरानेकीअपेक्षाकरनेकीशक्ति |
धारा 303 किस विषय से संबंधित है? | धारा302 केप्रवर्तनसेकतिपयव्यक्तियोंकोअपवर्जितकरनेकीराज्यसरकारयाकेन्द्रीयसरकारकीशक्ति |
धारा 304 किस विषय से संबंधित है? | कारागारकाभारसाधकअधिकारीकतिपयआकस्मिकताओंमेंआदेशकोकार्यान्वितकरना |
धारा 305 किस विषय से संबंधित है? | बन्दीकान्यायालयमेंअभिरक्षामेंलायाजाना |
धारा 306 किस विषय से संबंधित है? | कारागारमेंसाक्षीकीपरीक्षाकेलिएकमीशनजारीकरनेकीशक्ति |
अध्याय 25 | |
जांचोंऔरविचारणोंमेंसाक्ष्य (Evidence In Inquiries and Trials) | |
क- साक्ष्यलेनेऔरअभिलिखितकरनेकाढंग (Mode of taking and recording evidence) | |
कौन उच्च न्यायालय के अलांवा प्रत्येक न्यायालय की भाषा का निर्धारण कर सकता है- | राज्यसरकार |
धारा307 किससे सम्बन्धित है? | न्यायालयोंकीभाषा |
किस निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि न्यायिककार्यवाहीकीभाषाकोबदलनेकेलिएकेंद्रकीसहमतिआवश्यकहै? | कृष्णरेड्डीबनामआंध्रप्रदेशराज्य |
किस निर्णय में मामले में भाषा से संबंधित शिक्षामेंमातृभाषाकाअधिकार सिद्धांत रखा गया था? | टीएमएपाईफाउंडेशनबनामकर्नाटकराज्य |
'न्यायालयकीभाषा' से संबंधित संवैधानिकप्रोविजन क्या है? | अनुच्छेद348 |
धारा308 किससे संबंधित है? | साक्ष्यकाअभियुक्तकीउपस्थितिमेंलियाजाना |
धारा308 के अनुसार, अभियुक्त की उपस्थिति न होने की स्थिति में साक्ष्य लेने का उद्देश्य क्या होता है? | गवाहोंकीउपलब्धताकालाभउठाना |
किस निर्णय में यह कहा गया कि मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तकोप्रत्येकगवाहीसुननेकाअधिकारहै सिद्धांत को खारिज किया? | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) |
किस निर्णय में यह कहा गया कि अभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंगवाहीलेनातभीवैधहैजबउसेअवसरदियागयाहोउपस्थितरहनेका? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी.देसाई |
किस निर्णय में यह कहा गया कि मामले में आरोपियों की गवाही और गवाहों के अधिकार को निष्पक्षसुनवाईकेलिएआवश्यक रूप में देखा गया? | जाहिराशेखबनामगुजरातराज्य |
साक्ष्यअधिनियमऔरधारा308 के परिप्रेक्ष्य में किस मामले मेंकहा गया कि "गवाहकापरीक्षणअभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंनहींहोनाचाहिए"? | बद्रीबनामराजस्थानराज्य |
धारा309 किस प्रकार के मामलों से संबंधित है? | समनमामलोंऔरजांचोंमेंअभिलेख |
किस निर्णय में यह कहा गया कि मामले में जाँचमेंगोपनीयताआवश्यकहै सिद्धांत की व्याख्या की गई? | भारतसंघबनामडब्ल्यू.एन. चड्ढा (1992) |
किस निर्णय में अभिलेखीय प्रक्रिया और जांच के संबंध में समनमामलेकीकार्यवाहीकीअभिलेखीयगुणवत्तान्यायिकप्रक्रियाकोप्रभावितकरतीहै महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं? | टी.टी. एंटनीबनामकेरलराज्य (2001) |
धारा309 के अंतर्गत यदि मजिस्ट्रेट किसी साक्षी की पूरी गवाही नहीं लिखता है, तो वह क्या लिख सकता है? | गवाहीकासारांश |
धारा310 किस प्रकार के मामलों पर लागू होती है? | वारण्ट- मामलोंमेंअभिलेख |
धारा310 के अनुसार, मजिस्ट्रेट को क्या करना आवश्यक होता है? | विचारितसबवारंटमामलोंमेंप्रत्येकसाक्षीकासाक्ष्यजैसे-जैसेउसकीपरीक्षाहोतीजातीहै, वैसे-वैसेया तोस्वयंमजिस्ट्रेटद्वारालिखाजाएगाया खुलेन्यायालयमेंउसकेद्वाराबोलकरलिखवायाजाएगा |
वारंट मामले में मजिस्ट्रेट को किस प्रकार की प्रविष्टियाँ करनी होती हैं? | लिखेगएसाक्ष्यपरमजिस्ट्रेटहस्ताक्षरकरेगाऔरवहअभिलेखकाभागहोगा। |
धारा311 किससे संबंधित है? | सेशनन्यायालयकेसमक्षविचारणमेंअभिलेख |
धारा311 किस न्यायालय में विचारण के समय अभिलेख बनाए जाने से संबंधित है? | सत्रन्यायालय |
धारा311 के अनुसार सत्रन्यायालयकोकार्यवाहीकाअभिलेख किस प्रकार से तैयार करना होता है? | लिखितयाइलेक्ट्रॉनिकविधिद्वारा |
किस मामले में मुख्य सिद्धांत न्यायाधीशद्वारादर्जकीगईगवाहीअधिकविश्वसनीयमानीजातीहै, था? | तारासिंहबनामराज्य (AIR 1951 SC 441) |
किस मामले में कहा गया कि रिकॉर्डिंग का महत्व न्यायिकपारदर्शिताऔरअभियुक्तकेअधिकारोंकीरक्षाहै? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुखदेवसिंह (1992) |
धारा311 का उद्देश्य क्या है? | कार्यवाहीकीपारदर्शिताएवंनिष्पक्षतासुनिश्चितकरना |
धारा312 किससे संबंधित है? | साक्ष्यकेअभिलेखकीभाषा |
धारा312 का उद्देश्य क्या है? | निष्पक्षसुनवाईसुनिश्चितकरना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने आरोपीकोअपनीभाषामेंकार्यवाहीसमझआनान्यायकामूलसिद्धांतहै पर चर्चा की? | तमिलनाडुराज्यबनामराजेंद्रन (1999) |
धारा313 किस विषय से संबंधित है? | ऐसेसाक्ष्यकेपूराहोनेपरउसकेसंबंधमेंप्रक्रिया |
धारा313 के अनुसार, अभियुक्त से प्रश्न किस समय किए जाते हैं? | अभियोजनपक्षकीसाक्ष्यपूरीहोनेकेबाद |
क्या धारा313 के अंतर्गत अभियुक्तकीचुप्पीकोउसकेविरुद्ध माना जा सकता है? | नहीं |
धारा313 के तहत अभियुक्तकेउत्तर को किस रूप में माना जाता है? | साक्ष्यकेरूपमें |
यदि न्यायालय धारा313 के अंतर्गत अभियुक्तसेबयाननहींलेता, तो परिणाम क्या होगा? | निर्णयअमान्यघोषितकियाजासकताहै |
क्या अभियुक्त के धारा313 बयान के लिए शपथ आवश्यक है? | नहीं |
क्या अभियुक्त धारा 313 बयान में झूठ बोल सकता है? | यहन्यायालयकेविवेकपरहै |
धारा 313 में पूछे गए प्रश्नों को कैसे प्रस्तुत किया जाना चाहिए? | न्यायालयद्वारासीधेऔरसरलभाषामें |
धारा313 के अंतर्गत अभियुक्त को क्या अवसर मिलता है? | अपनाबचावप्रस्तुतकरनेका |
धारा314 किस विषय से संबंधित है? | अभियुक्त याउसकेअधिवक्ताकोसाक्ष्यकाभाषान्तरसुनायाजाना |
यदि अभियुक्त साक्ष्य की भाषा नहीं समझता, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | अभियुक्तयाउसकेअधिवक्ताकोभाषान्तरसुनानाचाहिए |
क्या साक्ष्य का भाषान्तर अभियुक्त को आवश्यक रूप से सुनाया जाना चाहिए? | हाँ, यदिवहभाषानहींसमझता |
क्या अभियुक्त के अधिवक्ता को भी साक्ष्य का भाषान्तर सुनाया जा सकता है? | हाँ |
साक्ष्यकाभाषान्तर कौन कर सकता है? | कोईउपयुक्तदुभाषिया |
किस मामले में कहा गया कि अभियुक्तकोसाक्ष्यकापूर्णज्ञानदियाजानाचाहिए? | के.के. पालबनामएम्परर (एआईआर 1933 सभी 810) |
किस मामले में कहा गया कि यदिअभियुक्तकोसाक्ष्यकीभाषासमझमेंनआए, तोकार्यवाहीअमान्यमानीजासकतीहै? | नजीरअहमदबनामकिंगएम्परर (1936) |
किस मामले में कहा गया कि अभियुक्तकासाक्ष्यकोसमझनाऔरउसकाउत्तरदेना, अधिकार की पुष्टि की? | राजस्थानराज्यबनामदर्शनसिंह (2012) |
यदि अभियुक्त को भाषान्तर नहीं सुनाया गया और वह निर्णय के बाद दावा करता है, तो क्या हो सकता है? | कार्यवाहीअमान्यघोषितकीजासकतीहै |
साक्ष्यकाभाषान्तर अभियुक्त को कब सुनाया जाना चाहिए? | गवाहीकेठीकबादयासाथ-साथ |
अभियुक्त नेपाली है और कार्यवाही हिंदी में हो रही है। वह हिंदी नहीं समझता। न्यायालय क्या करेगा? | उसेनेपालीभाषान्तरसुनवाएगा |
अभियुक्त ने कहा कि वह हिंदी समझता है, परन्तु बाद में दावा किया कि उसे साक्ष्य समझ में नहीं आया। न्यायालय क्या करेगा? | जांचकरेगाकिउसनेपहलेक्योंस्वीकारा |
धारा315 किस विषय से संबंधित है? | साक्षीकीभावभंगीकेबारेमेंटिप्पणियां |
"भावभंगी" शब्द का क्या तात्पर्य है? | गवाहकेशारीरिकहाव-भावऔरव्यवहार |
न्यायालय किस परिस्थिति में साक्षी की भावभंगी पर टिप्पणी कर सकता है? | जबन्यायालयसाक्ष्यस्वयंदर्जकररहाहो |
न्यायालयद्वाराकीगईभावभंगी पर टिप्पणी क्या दर्शाती है? | गवाहकीगवाहीकीसत्यताकाअनुमान |
गवाह कोर्ट में गवाही देते समय बार-बार इधर-उधर देखने लगा, और उसका स्वर बदलता रहा। न्यायालय ने उसकी भावभंगी पर नकारात्मक टिप्पणी की। इसका प्रभाव क्या होगा? | गवाहीकीविश्वसनीयतापरसंदेहहोगा |
एक साक्षी ने पूरी गवाही के दौरान आंख से आंख नहीं मिलाई और चुपचाप रहा। न्यायालय ने इसे उसकी गवाही की कमजोरी माना। यह किस धारा के अंतर्गत आता है? | धारा315 |
एक मजिस्ट्रेट ने साक्ष्य लिखते समय साक्षी की भाषा, हाव-भावऔरआंखोंकेसंपर्क पर टिप्पणी नहीं की। क्या यह उचित है? | नहीं, उसेधारा315 केअंतर्गतटिप्पणीकरनीचाहिएथी |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा316 का संबंध किससेहै? | अभियुक्तकीपरीक्षाकेअभिलेखसे |
अभियुक्तकीपरीक्षा किस धारा के तहत होती है? | धारा316 |
अभियुक्त की परीक्षा का अभिलेख कौन तैयार करता है? | न्यायालययाउसकेनिर्देशपरअधिकारी |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा317 का उद्देश्य क्या है? | दुभाषियाठीक- ठीकभाषान्तरकरनेकेलिएआबद्धहोगा |
किस मामले में कहा गया कि दुभाषियाकानियुक्तिन्यायालयकेअधिकारक्षेत्रमेंहै? | राज्यबनामरामचंदर (1980) |
किस मामले में कहा गया कि दुभाषियाकाकार्यकेवलअनुवादतकसीमितनहींहोता? | एम. एम. चावलाबनामराज्य (1992) |
किस मामले में कहा गया कि दुभाषिया की भूमिका के बारे में दुभाषियाकोन्यायालयकीप्रक्रियाकेसभीपहलुओंकाअनुवादकरनेकीजिम्मेदारीहोतीहै, बताया गया था? | रघुनाथसिंहबनामभारतसंघ (1995) |
धारा318 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | उच्चन्यायालयमेंअभिलेख |
ख - साक्षियोंकीपरीक्षाकेलिएकमीशन (Commissions for The Examination of Witnesses) | |
धारा319 किससे सम्बन्धित है? | साक्षियोंकोजबहाजिरहोनेसेअभिमुक्तिदीजाएऔरकमीशनजारीकियाजाएगा |
धारा319 के अंतर्गत किसे "हाजिरहोनेसेअभिमुक्त" किया जा सकता है? | साक्षीको |
कमीशन क्या है? | न्यायालयद्वारानियुक्तअधिकारीजोसाक्षीकाबयानलेताहै |
धारा319 किस स्थिति में लागू होती है? | जबसाक्षीअदालतमेंहाजिरनहोसकेयाउसेछूटदीजाए |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंगभीकमीशनकारूपहोसकतीहै, व्याख्या दी? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी. देसाई (2003) |
किस मामले में कोर्ट ने गवाहीवीडियोकॉन्फ्रेंसिंगकेमाध्यमसेलीजासकतीहै कहा? | अमिताभबागचीबनामएनाबागची (2005) |
न्यायालय ने कमीशनतभीलागूहोसकताहैजबसाक्षीकीअनुपस्थितिन्यायोचितहो निर्णय दिया? | यू.पीराज्यबनामशंभूनाथसिंह (2001) |
कमीशन जारी करने के लिए किसकी अनुमति आवश्यक होती है? | न्यायालयकी |
कमीशन के तहत साक्ष्य किसके समक्ष दर्ज किया जाता है? | नियुक्तअधिकारीयान्यायिकअधिकारी |
कमीशन द्वारा लिए गए साक्ष्य को न्यायालय में कैसे प्रस्तुत किया जाता है? | अभिलेखीयरूपमें |
क्या कमीशनकेमाध्यमसेलियागयासाक्ष्यअभियोजनयाबचाव दोनों के लिए प्रयोज्य है? | केवलअभियोजनकेलिए |
यदिएकगंभीररूपसेबीमारहैऔरअदालतमेंउपस्थितनहींहोसकता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | कमीशनद्वाराउसकाबयानदर्जकरवाएगा |
एक साक्षी विदेश में है लेकिन महत्वपूर्ण साक्ष्य दे सकता है, न्यायालय क्या करेगा? | कमीशनद्वारावीडियोकॉन्फ्रेंसिंगसेगवाहीदर्जकरवाएगा |
यदि कमीशन द्वारा लिया गया साक्ष्य पक्षकारों के समक्ष दर्ज नहीं हुआ हो, तो क्या होगा? | साक्ष्यमान्यहोगायदिपक्षकारोंकोअवसरदियागयाथा |
कमीशन के लिए साक्षी की अनुपस्थिति किन कारणों से न्यायोचित मानी जा सकती है? | बीमारी |
कमीशन के माध्यम से गवाही लेने से किसका अधिकार सुरक्षित होता है? | न्यायिकनिष्पक्षताऔरअभियुक्तकाक्रॉसएग्ज़ामिनेशनकाअधिकार |
क्या कमीशन के माध्यम से लिया गया बयान मुख्य परीक्षण में उपयोग हो सकता है? | हाँ, यदिन्यायालयस्वीकारकरे |
धारा319 के अंतर्गत साक्षी की अनुपस्थिति किसके निर्देश पर माफ की जाती है? | न्यायालय |
कमीशन द्वारा दर्ज साक्ष्य का क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन किसके समक्ष होता है? | कमीशनअधिकारीकेसमक्ष |
धारा320 के अनुसार कमीशन किसे जारी किया जा सकता है? | किसीमजिस्ट्रेटयाविधिद्वारासक्षमअधिकारीको |
कमीशनजारीकरनेकीप्रक्रियाकाउद्देश्य क्या होता है? | कमीशनजारीकरनेकीप्रक्रियाकाउद्देश्यक्याहोताहै? |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से कमीशन द्वारा दर्ज करना वैध माना? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लदेसाई (2003) |
किस मामले में न्यायालय ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंगकेमाध्यमसेकमीशनद्वारासाक्ष्यलेनासंभवहै, निर्णय दिया था? | अमिताभबागचीबनामएनाबागची (2005) |
कोर्ट ने कहा - कमीशनतभीमान्यहैजबसाक्षीकीअनुपस्थितिन्यायोचितहो | यूपीराज्यबनामशंभूनाथसिंह (2001) |
क्या सिविल मामलों में भी कमीशन जारी किया जा सकता है? | हाँ, साक्ष्यअधिनियमकेतहत |
यदि कोई अधिकारी कानून द्वारा साक्ष्य लेने हेतु अधिकृत नहीं है, तो क्या उसे कमीशन मिल सकता है? | नहीं |
यदि न्यायालय को लगता है कि साक्षी का उपस्थित होना संभव नहीं है, तो वह क्या कर सकता है? | कमीशनद्वारासाक्ष्यलेनेकाआदेशदेगा |
धारा320 किससे सम्बन्धित है? | कमीशनकिसकोजारीकियाजाएगा |
धारा321केअंतर्गतसाक्षीउनराज्यक्षेत्रोंकेभीतरहै, जिनपरइससंहिताकाविस्तारहै, तो कमीशन किस को निदिष्ट होगा? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
क्या कमीशन केवल मजिस्ट्रेट को ही जारी हो सकता है? | नहीं, विधिद्वाराअधिकृतअधिकारीकोभी |
यदि मजिस्ट्रेट अनुपलब्ध हो, तो क्या कमीशन किसी अन्य अधिकारी को सौंपा जा सकता है? | हाँ, यदिवहविधिद्वाराअधिकृतहो |
धारा321 किससे सम्बन्धित है? | कमीशनकानिष्पादन |
क्या कमीशन निष्पादन के दौरान साक्षियों को समन जारी किया जाता है? | हाँ |
किस मामले में कोर्ट ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से कमीशन का निष्पादन वैध माना था? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लदेसाई (2003) |
किस मामले में कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि कमीशन का निष्पादन जबसाक्षीन्यायालयनहींआसकता, किया जा सकता है? | अमिताभबागचीबनामएनाबागची (2005) |
किस मामले में कोर्ट ने कमीशनकानिष्पादनतभीवैधहैजबउसेकानूनकेअनुसारपूराकियागयाहो निर्देश दिये? | यूपीराज्यबनामशंभूनाथसिंह (2001) |
कमीशन निष्पादन के बाद रिपोर्ट किसे सौंपी जाती है? | वहीन्यायालयजिसनेकमीशनजारीकिया |
क्या कमीशन निष्पादन के दौरान साक्ष्य शपथ के तहत लिया जाता है? | हाँ |
यदि कमीशन निष्पादन में प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ हो, तो उसका क्या प्रभाव होता है? | रिपोर्टनिरस्तकीजासकतीहै |
यदि एक कमीशन अधिकारी साक्षी को समन जारी करने में असफल रहता है, तो क्या होगा? | रिपोर्टअमान्यहोसकतीहै |
कमीशन निष्पादन के समय एक साक्षी उपस्थित नहीं होता, तो अधिकारी क्या कर सकता है? | गवाहकीअनुपस्थितिकोदर्जकरेगाऔरप्रयासफिरसेकरेगा |
कमीशन निष्पादन की रिपोर्ट को किस रूप में न्यायालय को भेजा जाता है? | शपथयुक्तलिखितरिपोर्टकेरूपमें |
क्या कमीशन निष्पादक अधिकारी प्रश्न पूछ सकता है? | हाँ, साक्ष्यलेनेकेलिएआवश्यकप्रश्न |
कमीशन का निष्पादन विधिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा क्यों है? | साक्षियोंकीअनुपलब्धताकेबावजूदसाक्ष्यसुरक्षितकरनेकेलिए |
कमीशन का निष्पादन किस सिद्धांत पर आधारित है? | निष्पक्षसुनवाई |
धारा322 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | पक्षकारोंकोसाक्षियोंकीपरीक्षाकरनेकाअधिकारदेना |
धारा322 किससे सम्बन्धित है? | पक्षकारसाक्षियोंकीपरीक्षाकरसकेंगे |
धारा322 के अंतर्गत पक्षकार को कौन-सा अधिकार दिया गया है? | साक्षियोंसेजिरहकरनेका |
क्या धारा322 केवल अभियोजन पक्ष पर लागू होती है? | नहीं, यहसभीपक्षोंपरलागूहोतीहै |
किस मामले में वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग तकनीक को स्वीकार किया गया जिससे साक्षियों की परीक्षा कर विश्वसनीयता बनी रहे? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लदेसाई (2003) |
पक्षकारसाक्षियोंकीपरीक्षा किस प्रकार कर सकता है? | प्रतिपरीक्षा (Cross-examination) |
यदि किसी पक्ष को साक्षी से प्रति परीक्षा की अनुमति नहीं दी जाती, तो प्रक्रिया की वैधता पर क्या प्रभाव होगा? | पूरामुकदमारद्दहोसकताहै |
अभियुक्त के अधिवक्ता ने कमीशन द्वारा साक्ष्य लिए जाने पर उपस्थित होने से मना कर दिया। क्या बाद में वह उस साक्ष्य को चुनौती दे सकता है? | नहीं, क्योंकिउसेअवसरदियागयाथा |
यदि कमीशन की प्रक्रिया में एक पक्ष को साक्षी की परीक्षा का अवसर नहीं मिला, तो सबसे उपयुक्त समाधान क्या है? | पुनःकमीशनजारीकियाजाए |
क्या प्रति परीक्षा का अधिकार केवल अधिवक्ता को होता है? | नहीं, अभियुक्तभीकरसकताहैयदिवहस्वयंपक्षकारहै |
"प्रतिपरीक्षा" का उद्देश्य क्या है? | गवाहकीसत्यताकीजांचकरना |
धारा322 का किस न्यायसिद्धांत से निकट संबंध है? | प्राकृतिकन्यायकेसिद्धांत (Principles of Natural Justice) |
धारा323 किससे संबंधित है? | कमीशनकालौटायाजाना |
धारा323 का उद्देश्य क्या है? | कमीशनकीरिपोर्टकोन्यायालयमेंवापसीहेतुबाध्यकरना |
यदि कमीशन न्यायालय में लौटाया नहीं जाता है, तो किसका उल्लंघन होता है? | धारा323 |
कमीशन का निष्पादन करने के बाद उसे कहां लौटाना होता है? | उसन्यायालयकोजिसनेकमीशनजारीकियाथा |
कमीशन लौटाने पर क्या प्रस्तुत किया जाता है? | कमीशनकाकार्यवृत्त (proceedings) |
क्या न्यायालय कमीशन को पुनः जारी कर सकता है यदि रिपोर्ट अधूरी हो? | हाँ |
यदि कमीशन निष्पादक न्यायालय को रिपोर्ट समय पर नहीं लौटाता, तो क्या हो सकता है? | न्यायालयनयाकमीशनजारीकरसकताहै |
यदि लौटाए गए कमीशन में पक्षकार की प्रति परीक्षा का उल्लेख नहीं है, तो क्या प्रक्रिया वैध मानी जाएगी? | नहीं, यहप्राकृतिकन्यायकाउल्लंघनहै |
कमीशन के निष्पादन के बाद उसे किसके द्वारा लौटाया जाता है? | मजिस्ट्रेटयाअधिकारीजिसनेनिष्पादनकिया |
न्यायालय किस प्रयोजन हेतु कमीशन रिपोर्ट की समीक्षा करता है? | प्रक्रियापूर्णहोनेकीपुष्टिहेतु |
क्या न्यायालय बिना कमीशन लौटे आगे की कार्यवाही कर सकता है? | नहीं |
धारा323 का अनुपालन क्यों आवश्यक है? | निष्पक्षऔरपारदर्शीप्रक्रियासुनिश्चितकरनेहेतु |
अगरकमीशनकीरिपोर्टमेंछेड़छाड़पाईजाए, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | नयाकमीशनजारीकरसकताहै |
धारा324 का मुख्य विषय क्या है? | कार्यवाहीकास्थगन |
कार्यवाहीस्थगन का अर्थ क्या होता है? | न्यायालयकीकार्यवाहीकोअगलीतारीखतकटालना |
न्यायालय कार्यवाही को स्थगित कर सकता है: | केवलउचितकारणोंपर |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाहीअनावश्यकरूपसेस्थगितनहो, पर ज़ोर दिया? | यू.पीराज्यबनामशंभूनाथसिंह (2001) |
न्यायालय कब कार्यवाही स्थगित नहीं कर सकता? | जबसाक्षीउपस्थितहो |
क्या स्थगन देने के लिए न्यायालय को कारण बताना आवश्यक है? | हाँ, उचितकारणआवश्यकहै |
क्या न्यायालय अभियुक्त के आग्रह पर कार्यवाही स्थगित कर सकता है? | हाँ, यदिअनुरोधउचितहै |
कार्यवाहीकेअनावश्यकस्थगन से कौन-सा मौलिकअधिकार प्रभावित होता है? | जीवनऔरव्यक्तिगतस्वतंत्रता |
न्यायपालिका बार-बार कार्यवाही स्थगित करने को किस रूप में देखती है? | न्यायवितरणमेंविलंब |
धारा325 का संबंध किससेहै? | विदेशीकमीशनोंकेनिष्पादनसे |
विदेशी न्यायालय द्वारा भेजे गए कमीशन का निष्पादन कौन करता है? | भारतकाउपयुक्तन्यायालय |
न्यायालय ने साक्ष्यसंग्रहकीनिष्पक्षता पर बल दिया? | गुजरातराज्यबनाममोहनलालजीतमलजीपोरवाल (1987) |
यदि किसी विदेशी न्यायालय द्वारा भेजे गए कमीशन में भारत में रह रहे व्यक्ति की गवाही की आवश्यकता हो, तो उसे किस धारा के अंतर्गत निष्पादित किया जाएगा? | धारा325 |
भारत में विदेशी कमीशन को निष्पादित करने के लिए किस न्यायालय की सहायता ली जाती है? | किसीउपयुक्तन्यायालयकी |
यदिऑस्ट्रेलियाकीएकअदालतभारतमेंकिसीसाक्षीसेगवाहीलेनाचाहतीहै, तो वह किस प्रक्रिया के अंतर्गत ऐसा कर सकती है? | विदेशीकमीशनजारीकर |
क्या भारतीय न्यायालय को विदेशी न्यायालय द्वारा भेजे गए कमीशन को निष्पादित करने का अधिकार है? | हाँ |
विदेशी कमीशन निष्पादन की प्रक्रिया से कौन-सी विधिक भावना पुष्ट होती है? | अंतरराष्ट्रीयसहयोग |
धारा326 का संबंध किससेहै? | चिकित्सीयसाक्ष्यकेसंग्रहसे |
"चिकित्सीयसाक्ष्य" से तात्पर्य किससेहै? | मेडिकलजाँचरिपोर्ट |
धारा326 के अनुसार चिकित्सीयसाक्ष्य कैसे लिया जा सकता है? | लेखबद्धयाकमीशनद्वारा |
न्यायालय ने मेडिकलसाक्ष्यकीप्राथमिकता पर बल दिया? | हरियाणाराज्यबनामरामसिंह (2002) |
किस मामले में कोर्ट का मेडिकलसाक्ष्यमौखिकसाक्ष्यकोकाटनहींसकता, निष्कर्ष था? | सोलंकीचिमनभाईउकाभाईबनामगुजरातराज्य (1983) |
किस मामले में न्यायालय ने मेडिकलसाक्ष्यकोउपेक्षितनहींकियाजासकता, कहा? | लक्ष्मीसिंहबनामबिहारराज्य (1976) |
चिकित्सकीय साक्ष्य को अदालत में प्रस्तुत करने के किन तरीकों की अनुमति है? | लेखबद्धरूपमेंयाकमीशनद्वारा |
एक अभियुक्त पर गंभीर चोट पहुँचाने का आरोप है। पीड़ित अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टर अदालत में नहीं आ सकते। न्यायालय क्या करेगा? | डॉक्टरकासाक्ष्यलेखबद्धरूपमेंलेगा |
चिकित्सकीय साक्ष्य पर प्रतिपरीक्षा का अधिकार क्यों महत्वपूर्ण है? | साक्ष्यकीनिष्पक्षतापरखनेकेलिए |
क्या वीडियोकॉन्फ्रेंस के माध्यम से चिकित्सक का साक्ष्य लिया जा सकता है? | हाँ, जबन्यायालयअनुमतिदे |
धारा326 का उद्देश्य क्या है? | साक्ष्यप्रक्रियाकोसरलबनाना |
धारा327 किससे संबंधित है? | मजिस्ट्रेटकीशिनाख्तरिपोर्ट |
शिनाख्तरिपोर्टमुख्यरूप से किस उद्देश्य से की जाती है? | अभियुक्तकीपहचानसुनिश्चितकरनेकेलिए |
एस्टर परेड के संबंध में कोर्ट ने यहजांचकाहिस्साहै, साक्ष्यनहीं कहा? | मातृबनामयूपीराज्य। (1971) |
केसरी परेड को अपराधसिद्धकरनेकाप्रमुखआधार माना गया? | कांताप्रसादबनामदिल्लीप्रशासन (1958) |
मजिस्ट्रेट द्वारा की गई शिनाख्तरिपोर्ट को क्या कहा जाता है? | साक्ष्यकाभाग |
यदि साक्षी ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अभियुक्त को पहचान लिया, लेकिन अदालत में उसे पहचानने से इनकार करता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | मजिस्ट्रेटकीरिपोर्टकोसाक्ष्यमानेगा |
यदिशिनाख्तपरेडमजिस्ट्रेटद्वारानहींकरवाईगईहो, तो उसका कानूनी मूल्य क्या होगा? | अस्वीकार्य |
क्या मजिस्ट्रेट की शिनाख्त रिपोर्ट अकेले अभियुक्त को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त है? | नहीं |
धारा328 किससे संबंधित है? | टकसालकेअधिकारियोंकासाक्ष्य |
'टकसाल' का क्या अभिप्राय है? | सिक्केबनानेकासरकारीसंस्थान |
न्यायालय ने टकसालकाप्रमाणपत्रअदालतमेंसाक्ष्यकेरूपमेंमान्यहै, को सिद्धांत दिया? | के. रामचन्द्ररेड्डीबनामए.पी. राज्य (1971) |
टकसालसाक्ष्यकीवैधता केस संबंधित था? | महाराष्ट्रराज्यबनामगणपत (1963) |
यदि आरोपी कहता है कि सिक्का असली है, लेकिन टकसाल प्रमाणपत्र कहता है नकली, तो न्यायालय किसे मानेगा? | टकसालअधिकारीकेप्रमाणपत्रको |
टकसाल अधिकारी का प्रमाणपत्र किस प्रकार का साक्ष्य होता है? | प्राथमिकसाक्ष्य |
टकसालअधिकारी कौन होता है? | सिक्कापरीक्षणकरनेवालासरकारीविशेषज्ञ |
नकली सिक्कों के मामलों में टकसाल का क्या महत्व है? | प्रमाणितकरनाकिसिक्काअसलीयानकलीहै |
प्रमाणपत्र में टकसाल अधिकारी किसकी पुष्टि करता है? | सिक्केकीअसलियत |
क्या टकसाल अधिकारी का प्रमाणपत्र अंतिम प्रमाण माना जाता है? | हाँ |
क्या टकसाल अधिकारी की रिपोर्ट को चुनौती दी जा सकती है? | हाँ, विशेषज्ञगवाहीद्वारा |
धारा329 में "सरकारीवैज्ञानिकविशेषज्ञ" से क्या अभिप्राय है? | राज्यसरकारद्वारानियुक्तवैज्ञानिकविशेषज्ञसे |
धारा329 किससे सम्बन्धित है? | कतिपयसरकारीवैज्ञानिकविशेषज्ञोंकीरिपोर्ट |
किस मामले में कोर्ट ने सरकारीवैज्ञानिकविशेषज्ञकीरिपोर्टसाक्ष्यकेरूपमेंस्वीकार्यहै, निर्णय लिया था? | आर. वी. डी. ए. ओ'ब्रायन (1975) |
किस मामले में न्यायालय ने सरकारीवैज्ञानिकविशेषज्ञकीरिपोर्टकोबिनाविशेषज्ञकीउपस्थितिकेस्वीकारकियागया, निर्णय लिया? | पंजाबराज्यबनामएम.एस. जैन (1970) |
किस मामले में सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट पर- रिपोर्टकोअपराधकीगंभीरताकेआधारपरमान्यतादीगई, टिप्पणी की गई थी? | के.के. चौधरीबनामहरियाणाराज्य (1994) |
धारा330 किससे सम्बन्धित है? | कुछदस्तावेजोंकाऔपचारिकसबूतआवश्यकनहोना |
धारा331 किससे सम्बन्धित है? | लोकसेवकोंकेआचरणके सबूतकेबारेमेंशपथपत्र |
धारा332 किससे सम्बन्धित है? | शपथपत्रपरऔपचारिकसाक्ष्य |
धारा333 किससे सम्बन्धित है? | प्राधिकारीजिनकेसमक्षशपथपत्रोंपरशपथग्रहणकियाजासकेगा |
धारा334 किससे सम्बन्धित है? | पूर्वदोषसिद्धियादोषमुक्तिकैसेसाबितकीजाए |
धारा335 किससे सम्बन्धित है? | अभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंसाक्ष्यकाअभिलेख |
धारा336 किससे सम्बन्धित है? | कतिपयमामलोंमेंलोकसेवकों, विशेषज्ञों, पुलिसअधिकारियोंकासाक्ष्य |
अध्याय 26 | |
जांचोंतथाविचारणोंकेबारेमेंसाधारणउपबंध (General Provisions as To Inquiries and Trials) | |
धारा337 किस सिद्धांत से संबंधित है? | पुनःविचारणनिषेध (Double Jeopardy) |
"दोहरेखतरे" सिद्धांत का क्या अर्थ है? | एकहीअपराधकेलिएदोबारविचारणनहीं |
धारा337 किस परिस्थिति में लागू होती है? | जबव्यक्तिदोषसिद्धहो जबव्यक्तिदोषमुक्तहो |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने दोहरेविचारण (Double Jeopardy), सिद्धांत की व्याख्या की? | मकबूलहुसैनबनामबॉम्बेराज्य (1953) |
किस मामले में न्यायालय ने प्रशासनिककार्यवाहीऔरन्यायिककार्यवाहीमेंअंतरहोताहै, कहा? | एस.ए. वेंकटरमनबनामभारतसंघ (1954) |
किस मामले में दोहरेविचारणकासिद्धांत से संबंधित था? | थॉमसदानाबनामपंजाबराज्य (1959) |
यदि किसी व्यक्ति को किसी अपराध में दोषमुक्त कर दिया गया है, तो क्या उस व्यक्ति को फिर से उसी अपराध के लिए विचारण किया जा सकता है? | नहीं |
दोहरे विचारण का सिद्धांत किस अनुच्छेद में वर्णित है? | अनुच्छेद20(2) |
धारा337 में “दोषमुक्त” शब्द का क्या अर्थ है? | व्यक्तिकोनिर्दोषपायागया |
क्या पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपी को उसी अपराध के लिए पुनः विचारण किया जा सकता है? | नहीं, यदिपहलेहीदोषमुक्त/दोषसिद्धकियाजाचुकाहो |
राम को चोरी के आरोप में दोषमुक्त किया गया। बाद में वही साक्ष्य फिर से लाकर पुलिस ने उसी मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी। क्या यह विचारण वैध है? | नहीं |
अगर किसी आरोपी को एक न्यायालय ने दोषी ठहराया और उसने सजा पूरी कर ली, तो क्या उसी अपराध में उसे फिर से सजा दी जा सकती है? | नहीं |
धारा338 किससे संबंधित है? | लोकअभियोजकोंकीहाजिरी |
धारा338 के अनुसार कौन न्यायालय में सरकार की ओर से उपस्थित हो सकता है? | लोकअभियोजक |
सहायक लोक अभियोजक की उपस्थिति किन मामलों में हो सकती है? | मजिस्ट्रेटन्यायालयमें |
किस मामले में कहा गया कि लोक अभियोजक का मुख्य कार्य निष्पक्षन्यायसुनिश्चितकरना ? | बिहारराज्यबनामरामनरेशपांडे (1957) |
सहायक लोक अभियोजक किन न्यायालयों में कार्य करता है? | मजिस्ट्रेटन्यायालय |
लोक अभियोजक की भूमिका क्या होती है? | अभियोजनकासंचालन |
यदि लोक अभियोजक अनुपस्थित हो, तो क्या न्यायालय अन्य अधिवक्ता को अनुमति दे सकता है? | हाँ, न्यायालयकीअनुमतिसे |
लोक अभियोजक की नियुक्ति कौन करता है? | राज्यसरकार |
लोक अभियोजक न्यायालय में किसकी ओर से पेश होता है? | राज्यकीओरसे |
एक मजिस्ट्रेट न्यायालय में केस चल रहा है। अभियोजन का नेतृत्व कौन करेगा? | सहायकलोकअभियोजक |
यदि लोक अभियोजक मामले में निष्पक्ष न रहे, तो उसका क्या प्रभाव हो सकता है? | न्यायालयउसेहटासकताहै |
धारा339 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | अभियोजनकेसंचालनकेलिएअनुमतिदेना |
यदि कोई अधिवक्ता लोक अभियोजक नहीं है, तो वह अभियोजन तभी चला सकता है जब— | न्यायालयअनुमतिदे |
किस मामले में न्यायालय ने पीड़ितकावकीलअभियोजनमेंन्यायालयकीअनुमतिसेसहायताकरसकताहै, कहा? | शिवकुमारबनामहुकमचंद (1999) |
किस मामले में निजीअभियोजन पर था? | धारीवालइंडस्ट्रीजलिमिटेडबनामकिशोरवाधवानी (2016) |
यदि कोई अधिवक्ता बिना अनुमति के अभियोजन चला रहा है, तो यह— | न्यायालयकीअवमाननाहै |
अभियोजन चलाने की अनुमति किस प्रकार की प्रक्रिया है? | न्यायिक |
निजी वकील को अभियोजन में भाग लेने की अनुमति किस स्तर की अदालत से लेनी होती है? | संबंधितट्रायलकोर्ट |
न्यायालय की अनुमति से अभियोजन संचालन करने वाला अधिवक्ता किसे रिपोर्ट करता है? | न्यायालय |
एक पीड़ित का वकील ट्रायल में अभियोजन चलाना चाहता है, उसे क्या करना होगा? | कोर्टसेअनुमतिप्राप्तकरना |
न्यायालय किस आधार पर अभियोजन संचालन के लिए अनुमति दे सकता है? | अभियोजककीयोग्यता |
यदि न्यायालय अनुमति दे देता है, तो निजी अधिवक्ता की भूमिका क्या होगी? | लोकअभियोजककेअधीनकार्यकरना |
धारा339 का अनुपालन न करने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? | अभियोजनखारिजकियाजासकताहै |
क्या धारा339 का दुरुपयोग संभव है यदि अनुमति बिना योग्यता के दी जाए? | हाँ, न्यायालयकीविवेकशीलताआवश्यकहै |
कौन सी धारा आरोपी को प्रतिरक्षा का अधिकार प्रदान करती है? | धारा340 |
धारा340 किससे सम्बन्धित है? | जिसव्यक्तिकेविरुद्धकार्यवाहीसंस्थितकीगईहैंउसका प्रतिरक्षाकरानेकाअधिकार |
प्रतिरक्षाकाअधिकार किस प्रकार का अधिकार है? | विधिकअधिकार |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रतिरक्षाकाअधिकार को न्याय का एक अनिवार्य भाग बताया? | हुसैनाराखातूनबनामबिहारराज्य (1979) |
किस मामले में बिनाप्रतिरक्षाकेदोषसिद्धिअवैधहै, सिद्धांत स्थापित हुआ? | मो. हुसैनजुल्फिकारबनामराज्य (दिल्लीप्रशासन) (2012) |
यदि कोई अभियुक्त निर्धन है और वकील नहीं रख सकता, तो— | न्यायालयउसकीओरसेवकीलनियुक्तकरेगा |
निशुल्क विधिक सहायता किस अधिनियम के अंतर्गत दी जाती है? | विधिकसेवाप्राधिकरणअधिनियम, 1987 |
एक अभियुक्त कोर्ट में कहता है कि वह वकील नहीं रख सकता। कोर्ट को क्या करना चाहिए? | राज्यकेखर्चपरवकीलनियुक्तकरे |
यदिकोईव्यक्तिअदालतकेसमक्षअधिवक्ताकेबिनापेशहोऔरगंभीरआरोपहों, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | अधिवक्तानियुक्तकरकेसुनवाईआगेबढ़ानाचाहिए |
किस न्यायालय ने कहा था कि “ट्रायलकीनिष्पक्षतावकीलकीसहायताकेबिनासंभवनहीं”? | सुप्रीमकोर्ट |
धारा341 किस विषय से संबंधित है? | कुछमामलोंमेंअभियुक्तकोराज्यकेव्ययपरविधिकसहायता |
विधिक सहायता किस परिस्थिति में राज्य द्वारा दी जाती है? | जबआरोपीनिर्धनहोऔरन्यायकीमांगहो |
धारा341 का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोनिष्पक्षसुनवाईकाअवसरदेना |
विधिकसहायताकाअधिकारमौलिकहै घोषित किया गया? | सुकदासबनामकेंद्रशासितप्रदेशअरुणाचलप्रदेश (1986) |
एक अभियुक्त कहता है कि वह वकील नहीं रख सकता। कोर्ट को क्या करना चाहिए? | राज्यद्वारानिशुल्कवकीलनियुक्तकरे |
विधिक सहायता पाने के लिए व्यक्ति को क्या सिद्ध करना होगा? | वहनिर्धनहैऔरन्यायहितमेंसहायताचाहिए |
धारा342 किससे संबंधित है? | प्रक्रिया, जबनिगमयारजिस्ट्रीकृतसोसाइटीअभियुक्तहै |
निगमयारजिस्ट्रीकृतसोसाइटीकेविरुद्धसमन कैसे भेजा जा सकता है? | उनकेअधिकृतप्रतिनिधिको |
धारा342 के अनुसार यदि कंपनी अभियुक्त है, तो किसके माध्यम से कार्यवाही की जाती है? | कंपनीकेकिसीअधिकृतप्रतिनिधिकेमाध्यमसे |
किस मामले में कंपनियोंपरआपराधिककार्यवाहीसंभवहै, भलेहीसजाकारावासहो, सर्वोच्च न्यायालय ने क्या निर्णय दिया? | स्टैंडर्डचार्टर्डबैंकबनामप्रवर्तननिदेशालय (2005) |
किस मामले में विवाद कंपनीपरदंडकाप्रकार विषय पर था? | सहायकआयुक्तबनामवेल्लियप्पाटेक्सटाइल्सलिमिटेड (2003) |
किस मामले में कंपनीमेंनिदेशककीव्यक्तिगतआपराधिकजिम्मेदारीतभीतयहोगीजबउसकीभूमिकास्पष्टहो, सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया? | सुनीलभारतीमित्तलबनामसीबीआई (2015) |
यदि कंपनी को अभियुक्त बनाया जाता है, तो उसे न्यायालय में कैसे प्रस्तुत किया जाएगा? | कंपनीकाअधिकृतप्रतिनिधियावकीलन्यायालयमेंउपस्थितहोगा |
एक रजिस्ट्रीकृत सोसाइटी पर्यावरण कानून का उल्लंघन करती है, तो किस पर कार्यवाही की जा सकती है? | सोसाइटीऔरउसकेपदाधिकारी |
एक कंपनी द्वारा कर चोरी का मामला दर्ज होता है। न्यायालय में कौन पेश हो सकता है? | कंपनीकाअधिकृतप्रतिनिधि |
कंपनीकेलिएसमन भेजा जाता है— | रजिस्टर्डकार्यालयकेपतेपर |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि "कंपनियांभीआपराधिकअभियोजनकेअधीनहैं"? | स्टैंडर्डचार्टर्डबैंकबनामप्रवर्तननिदेशालय |
धारा343 किससे संबंधित है? | सह- अपराधीकोक्षमा-दान |
धारा343 के अंतर्गत क्षमादान किसे दिया जा सकता है? | सह-अपराधीको |
किस मामले में कोर्ट ने क्षमाकेवलतभीदीजाएजबसाक्षीआवश्यकहो, कहा? | काशीनाथझालूबनामएम्परर (1934) केस |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोसह-अपराधीकीगवाहीकीउपयोगिताकाआकलनकरनाहोताहै, को समझाया? | राज्यबनामजगजीतसिंह (AIR 1962 SC 253) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने क्षमादिएगएव्यक्तिकीगवाहीकोबिनापुष्टिकेस्वीकारनहींकियाजासकता, स्पष्ट किया? | सुरेशचंद्रबाहरीबनामबिहारराज्य (1995) |
धारा343 के अंतर्गत क्षमा देने का अधिकार किसके पास होता है? | मजिस्ट्रेट |
क्षमा किस स्थिति में दी जाती है? | जबसह-अपराधीगवाहीदेनेकोतैयारहो |
एक गिरोह डकैती करता है। एक सह-अपराधी पुलिस को बताता है कि वह गवाही देगा। न्यायालय क्या कर सकता है? | उसेधारा343 केअंतर्गतक्षमादेसकताहै |
यदि सह-अपराधी को क्षमा दी गई हो और वह गवाही देने से मुकर जाए, तो— | उसेअभियुक्तकेरूपमेंअभियोजनकियाजासकताहै |
यदि क्षमा पाने वाला व्यक्ति न्यायालय में सच्चाई नहीं बोलता है, तो— | उसकेविरुद्धकार्यवाहीधारा344 केअंतर्गतहोसकतीहै |
क्षमा देने के बाद सह-अपराधी को क्या कहा जाता है? | अनुमोदितसाक्षी (Approver) |
क्षमा दिए गए सह-अपराधी की गवाही— | पुष्टिकेबिनापर्याप्तनहींमानीजाती |
धारा344 किस विषय से संबंधित है? | क्षमा-दानकानिदेशदेनेकीशक्ति |
धारा344 के अनुसार क्षमादानकानिर्देश कब दिया जा सकता है? | विचारणप्रारंभहोनेकेबाद |
यदि न्यायालय धारा344 के अंतर्गत क्षमा-दानकानिर्देश देता है, तो उसका उद्देश्य क्या होता है? | अभियोजनकीसहायता |
यदि क्षमा-दान प्राप्त सह-अपराधी गवाही देने से मुकर जाए, तो— | उसेपुनःअभियुक्तबनाकरमुकदमाचलायाजासकताहै |
यदि कोई सह-अपराधी क्षमादान पाने के बाद अभियोजन की मदद करता है, तो— | उसकीगवाहीकोपुष्टिकीआवश्यकताहोतीहै |
क्या धारा343 औरधारा344 में कोई अंतर है? | हाँ, धारा343 मजिस्ट्रेटकीशक्तिहैऔरधारा344 विचारणन्यायालयकी |
धारा345 का संबंध किससेहै? | क्षमाकीशर्तोंकापालननकरनेवालेव्यक्तिकाविचारण |
क्षमाप्राप्तव्यक्तियदिशर्तोंकाउल्लंघनकरताहै, तो उसके साथ क्या किया जा सकता है? | उसेपुनःअभियुक्तबनायाजासकताहै |
यदि क्षमा प्राप्त व्यक्ति सच्ची गवाही नहीं देता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | क्षमाकोनिरस्तकरसकताहै |
क्षमा रद्द होने के बाद उस व्यक्ति का विचारण किस प्रकार होता है? | सामान्यअभियुक्तकीतरह |
क्षमा की शर्तों के उल्लंघन के मामले में कौन तय करता है कि गवाही सच्ची थी या नहीं? | संबंधितन्यायालय |
एक सह-अपराधी को क्षमा दी गई कि वह सच्ची गवाही देगा। बाद में वह अभियुक्त के विरुद्ध नहीं बोलता। अब क्या हो सकता है? | उसकीक्षमारद्दहोसकतीहैऔरउसकाविचारणहोसकताहै |
एक व्यक्ति जिसने क्षमा की शर्तें पूरी की, लेकिन बाद में कोर्ट को संदेह हुआ कि वह झूठ बोला। अब— | न्यायालयउसकीक्षमारद्दकरसकताहैऔरविचारणशुरूकरसकताहै |
धारा346 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | कार्यवाहीकोमुल्तवीयास्थगितकरनेकीशक्ति |
कौन सी शक्ति न्यायालय को धारा346 के अंतर्गत प्राप्त है? | कार्यवाहीकोमुल्तवीकरना |
धारा346 के अंतर्गत कार्यवाहीकोस्थगित करने के लिए क्या आवश्यक है? | न्यायालयकासंतोषजनककारण |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कार्यवाहीस्थगनकाआदेशन्यायसंगतकारणपरआधारितहोनाचाहिए, निर्णय दिया? | बिहारराज्यबनामरामनरेशपांडे (1957 एआईआर 389) |
किस मामले में अनावश्यकस्थगनआरोपीकेमूलअधिकारोंकाउल्लंघनहै, कहा गया है? | राजदेवशर्माबनामबिहारराज्य (1998 AIR SC 3281) |
किस मामले में त्वरितन्यायकाअधिकारएकमौलिकअधिकारहै, बात को उजागर किया गया था? | हुसैनाराखातूनबनामगृहसचिव, बिहार (1979 एआईआर 1369) |
कार्यवाही स्थगित करने से पहले न्यायालय को क्या सुनिश्चित करना चाहिए? | कारणपर्याप्तऔरन्यायसंगतहै |
न्यायालय कार्यवाही को अधिकतम कितनी बार स्थगित कर सकता है? | उचितसीमामें |
अभियुक्त ने बार-बार कार्यवाही स्थगन की मांग की। न्यायालय क्या कर सकता है? | उसकीमांगअस्वीकारकरसकताहै |
न्यायालय द्वारा अनुचित स्थगन दिए जाने पर किसका उल्लंघन होता है? | त्वरितन्यायकाअधिकार (Right to Speedy Trial) |
कार्यवाहीस्थगन से किस पक्ष को अधिक हानि हो सकती है? | अभियुक्त |
धारा347 किससे सम्बन्धित है? | स्थानीयनिरीक्षण |
धारा347 के अंतर्गत न्यायालयकोक्याअधिकारप्राप्त होता है? | स्थानयावस्तुकास्थानीयनिरीक्षणकरनेकाअधिकार |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोकिसीवस्तुकानिरीक्षणकेवलतबकरनाचाहिएजबआवश्यकहो, निर्णय दिया था? | एस. के. शर्माबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2015) |
किस मामले में कहा गया कि जबतकविशेषकारणनहो, न्यायालयकोनिरीक्षणनहींकरनाचाहिए? | के.के. वर्माबनामराजस्थानराज्य (2006) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्थानीय निरीक्षण के संदर्भ में स्थानीयनिरीक्षणतभीकियाजासकताहैजबउसकामामलामेंप्रभावीयोगदानहो, निर्णय दिया? | माधवरावजीवाजीरावसिंधियाबनामसंभाजीरावचंद्रोजीराव (1990) |
धारा 348 किससे सम्बन्धित है? | आवश्यकसाक्षीकोसमनकरनेयाउपस्थितव्यक्तिकीपरीक्षाकरनेकीशक्ति |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 348 के संदर्भ में न्यायालयकोसाक्षीकीउपस्थितिसुनिश्चितकरनेकाअधिकारहोताहै, निर्णय दिया था? | राज्यबनामपप्पू (2018) |
किस मामले में न्यायालय ने धारा 348 के तहत साक्षियोंकोसमनकरनेऔरउनकीपरीक्षाकरनेकाअधिकार, अनुमति दी? | कल्याणसिंहबनामभारतसंघ (2013) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोसाक्षीकोसमनकरनेऔरउसकीपरीक्षालेनेकाअधिकारहै, निर्णय लिया? | रमेशकुमारबनामहरियाणाराज्य (2010) |
यदि साक्षी न्यायालय में उपस्थित नहीं होता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | उसेसमनकरनेकाआदेशदेसकताहै |
धारा348 के अंतर्गत साक्षी को समन करने के लिए न्यायालय को किसे सूचित करना चाहिए? | समनकीएकप्रतिसाक्षीकोभेजीजातीहै |
धारा348 के तहत साक्षी की परीक्षा किस उद्देश्य के लिए की जाती है? | मामलेमेंसाक्ष्यइकट्ठाकरनेकेलिए |
क्या धारा348 के तहत साक्षी की परीक्षा अनिवार्य है? | हाँ, जबयहमामलेकीस्थितिकेलिएआवश्यकहो |
धारा349 किससे सम्बन्धित है? | नमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखदेनेकेलिएकिसीव्यक्तिकोआदेशदेनेकीमजिस्ट्रेटकीशक्ति |
धारा349 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट किसको आदेश दे सकता है? | किसीव्यक्तिकोनमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखदेने |
धारा349 के अनुसार, मजिस्ट्रेट किस उद्देश्य से नमूना हस्ताक्षर या हस्तलेख का आदेश दे सकता है? | किसीदस्तावेज़कीसत्यताकोजांचनेकेलिए |
मजिस्ट्रेट को किस प्रकार के आदेश देने का अधिकार होता है, जैसा कि धारा349 में उल्लेखित है? | नमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखकाआदेश |
किस मामले में उच्च न्यायालय ने धारा 349 के संदर्भ में मजिस्ट्रेटकोकिसीव्यक्तिसेनमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखलेनेकाअधिकारहोताहै, निर्णय दिया था? | आरबनामरामसिंह (2016) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेटकोकिसीव्यक्तिसेनमूनाहस्ताक्षरलेनेकाअधिकारहै, निर्णय दिया था? | राज्यबनामरमेश (2019) |
धारा349 के तहत नमूना हस्ताक्षर या हस्तलेख देने का आदेश कैसे दिया जाता है? | मजिस्ट्रेटकेलिखितआदेशसे |
यदि कोई व्यक्ति धारा349 के तहत नमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेख देने से इंकार करता है, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | व्यक्तिकेखिलाफकानूनीकार्रवाईकरसकताहै |
धारा349 के तहत नमूना हस्ताक्षरयाहस्तलेख देने का आदेश किस प्रकार के मामलों में दिया जा सकता है? | सभीप्रकारकेअपराधोंमेंजबदस्तावेज़कीसत्यताकीजांचहो |
धारा350 किससे सम्बन्धित है? | परिवादियोंऔरसाक्षियोंकेव्यय |
धारा350 के अंतर्गत किसे व्ययकीप्रतिपूर्ति की जाएगी? | अभियुक्तऔरसाक्षियोंदोनोंको |
धारा350 में परिवादियों और साक्षियों के व्यय का क्या उद्देश्य होता है? | अभियुक्तऔरसाक्षीकेन्यायिककार्यवाहीमेंभागलेनेकेकारणहोनेवालेखर्चोंकाभुगतान |
धारा350 के अनुसार, साक्षियों के व्यय को कौन भुगतता है? | न्यायालय |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 350 के अंतर्गत साक्षीऔरअभियुक्तदोनोंकेव्ययकीप्रतिपूर्ति, उल्लेख किया है? | जाधवबनाममहाराष्ट्रराज्य (2020) |
धारा350 के तहत साक्षियों के व्यय का भुगतान कब किया जाएगा? | जबसाक्षीअदालतमेंउपस्थितहोताहै |
साक्षी के व्यय की प्रतिपूर्ति करने के लिए न्यायालय को किसकी आवश्यकता होती है? | साक्षीद्वारापेशकिएगएखर्चोंकाप्रमाण |
धारा350 के तहत व्यय किस प्रकार से प्रतिपूर्ति किया जाता है? | न्यायालयद्वारानिर्धारितनिर्धारितराशि |
यदि एक साक्षी धारा350 के अंतर्गत न्यायालय में उपस्थित होने के बाद व्यय की प्रतिपूर्ति की मांग करता है, और अभियुक्त ने उसे भुगतान नहीं किया, तो क्या होगा? | साक्षीकेव्ययकोसरकारद्वाराभुगतानकियाजाएगा |
धारा350 के तहत यदि साक्षी ने न्यायालय में दो दिन तक उपस्थिति दी है, तो उसके व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए किस प्रक्रिया का पालन किया जाएगा? | साक्षीकोएकनिर्धारितराशिदीजाएगी, जोन्यायालयद्वारातयकीजाएगी |
धारा350 के तहत क्या वह व्यक्तियों को भी व्यय की प्रतिपूर्ति मिलती है जो किसी मामले में गवाही देने के लिए उपस्थित होते हैं, लेकिन वे पक्षकार नहीं होते? | हाँ, व्ययसभीसाक्षियोंकोमिलेगा |
धारा350 के अंतर्गत साक्षियोंऔरपक्षकारों के व्यय की प्रतिपूर्ति का उद्देश्य क्या है? | साक्षियोंकोन्यायालयमेंउपस्थितहोनेकेलिएप्रोत्साहितकरना |
धारा351 किससे सम्बन्धित है? | अभियुक्तकीपरीक्षाकरनेकीशक्ति |
किस धारा के अंतर्गत न्यायालय को अभियुक्त से प्रश्न पूछने की शक्ति दी गई है? | धारा351 |
धारा 351 का प्रयोजन है- | अभियुक्तकोव्यक्तिगततौरपरसाक्ष्यमेंउसकेविरूद्धजारहीपरिस्थितियोंकोस्पष्टकरनेमेंसमर्थबनाना |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त से पूछे गए प्रश्नों का उद्देश्य क्या होता है? | अभियुक्तकोउसकेखिलाफसाक्ष्यस्पष्टकरनेकाअवसरदेना |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त को अपने ऊपर लगे आरोपों का स्पष्टीकरण देने का अवसर: | हमेशादियाजाताहै |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने से इंकार करने से या उसके मिथ्या उत्तर देने से दंडनीय किया जायेगा? | नहीं |
अभियुक्त के उत्तरों का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है? | अभियुक्तकेपक्षयाविपक्षदोनोंमें |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बलपूर्वकनार्कोपरीक्षण पर टिप्पणी की थी? | सेल्वीबनामकर्नाटकराज्य (2010) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूछताछ के दौरान धारा 351 के तहत धारा 351 को स्पष्ट किया, अभियुक्तसेपूछेगएप्रश्नोंकोरिकॉर्डकियाजानाचाहिए | सुखदेवसिंहबनामपंजाबराज्य (2014) |
किस मामले में कोर्ट ने अभियुक्तकाउत्तररिकॉर्डहोनाअनिवार्यहै, पर बल दिया? | राजकुमारबनामराजस्थानराज्य |
यदि अभियुक्त न्यायालय में मौन रहता है, तो क्या यह धारा351 का उल्लंघन माना जाएगा? | नहीं |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त से पूछे गए प्रश्नों की रिकॉर्डिंग किस रूप में होती है? | लिखितरूपमेंन्यायालयद्वारा |
कौन-सा अधिकार अभियुक्त को धारा351 के तहत प्राप्त नहीं है? | कौन-साअधिकारअभियुक्तकोधारा351 केतहतप्राप्तनहींहै? |
धारा 313 के अंतर्गत अभियुक्त का कथन- | बिनाशपथदर्जकियाजाएगा |
न्यायालय किसी अभियुक्त से उसके विरूद्ध साक्ष्य में प्रकट हो रही परिस्थितियों को स्पष्ट करने हेतु प्रश्न पूछ सकता है- | किसीभीचरणमें |
यदि अभियुक्त से धारा351 के अंतर्गत प्रश्न नहीं पूछे जाते, तो क्या उसकी सजा वैध होगी? | नहीं, यहकार्यवाहीदोषपूर्णहोगी |
धारा352 का संबंध किससेहै? | मौखिकबहसऔरबहसकाज्ञापनसे |
धारा352 के अनुसार, बहस का ज्ञापन प्रस्तुत किया जा सकता है — | साक्ष्यकीसमाप्तिकेपश्चात्यथाशक्यशीघ्र मौखिकबहसपूरीकरनेकेपूर्व |
क्या न्यायालय को मौखिकबहस को सुनना आवश्यक होता है? | यहन्यायालयकेविवेकपरनिर्भरकरताहै |
बहस का ज्ञापन प्रस्तुत करने की अनुमति किसे है? | दोनोंपक्षोंको |
धारा352 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | निष्पक्षन्यायसुनिश्चितकरना |
यदि न्यायालय मौखिकबहस को छोड़कर केवल बहस का ज्ञापन स्वीकार करता है, तो क्या यह अवैध होगा? | नहीं |
बहस का ज्ञापन प्रस्तुत करने के बाद मौखिक बहस की क्या स्थिति होती है? | न्यायालयपरनिर्भर |
बहसकाज्ञापन किस रूप में होना चाहिए? | लिखित |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्षसुनवाईऔरबहसकामहत्व पर बल दिया था? | जाहिराहबीबुल्लाहशेखबनामगुजरातराज्य (2006) |
किस मामले में यह स्थापित किया गया कि— बहसकाज्ञापनन्यायालयकोप्रस्तुतकियाजासकताहै | अजयकुमारबनाममध्यप्रदेशराज्य |
किस मामले में बहसदोनोंपक्षोंसेसुननाअनिवार्यहै, सिद्धांत निकला? | पंजाबराज्यबनामजागीरसिंह (1974) |
बहस का ज्ञापन न्यायालय द्वारा क्यों स्वीकार किया जाता है? | समयबचानेहेतु |
यदि कोई पक्ष बहस नहीं करता और बहस का ज्ञापन भी नहीं देता, तो — | न्यायालयउपलब्धसाक्ष्योंकेआधारपरनिर्णयदेगा |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा353 किससे संबंधित है? | अभियुक्तव्यक्तिकासक्षमसाक्षीहोना |
धारा 353 के अंतर्गत किसीअभियुक्तको - | केवलउसकीलिखितप्रार्थनापरसाक्षीकेरूपमेंबुलायाजासकताहै। |
क्या कोई अभियुक्त स्वयं अपने बचाव में साक्षी बन सकता है? | हाँ, यदिवहस्वयंऐसाचाहताहो |
क्या अभियुक्त को ज़बरदस्ती गवाही देने के लिए बाध्य किया जा सकता है? | नहीं |
यदि अभियुक्त स्वयं गवाही देता है, तो क्या वह प्रतिपरीक्षा(cross-examination) के लिए प्रस्तुत होगा? | हाँ |
क्या अभियुक्त की गवाही को अन्य गवाहों की तरह ही मूल्यांकन किया जाएगा? | हाँ, सामान्यसाक्षीकीतरह |
अभियुक्त की गवाही किस रूप में दी जा सकती है? | मौखिकयालिखित, न्यायालयकीअनुमतिसे |
क्या अभियुक्त की गवाही अन्य साक्ष्यों के साथ परखी जाएगी? | हाँ, अन्यसाक्ष्योंकेसाथसमेकितहोकर |
अभियुक्त को अपनी गवाही में क्या बताना आवश्यक है? | यहउसकीइच्छापरनिर्भरकरताहै |
धारा 354 का किससे संबंधित है? | प्रकटनउत्प्रेरितकरनेकेलिएकिसीप्रभावकाकाममेंनलायाजाना |
कौन सी बात धारा 354 के अंतर्गत निषिद्ध है? | प्रकटनकेलिएकिसीप्रकारकाप्रभावडालना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धमकीयाप्रलोभनसेलियागयाप्रकटनमान्यनहींहै अधिकार की पुष्टि की? | पंजाबराज्यबनामबलदेवसिंह (1999) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तसेकिसीभीप्रभावसेप्रकटनलेनाअनुचितहै बिंदु को विभाजित किया? | नंदिनीसत्पथीबनामपी.एल. दानी (1978) |
किस मामले में अभियुक्तकाप्रकटनस्वतंत्रहोनाचाहिए सिद्धांत को बल मिला? | के. वीरास्वामीबनामभारतसंघ (1991) |
धारा355 किससे संबंधित है? | कुछमामलोंमेंअभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंजांचऔरविचारणकिएजानेकेलिएउपबंध |
किन मामलों में धारा355 के अंतर्गत अभियुक्तकीअनुपस्थितिमें विचारण हो सकता है? | केवलजबअभियुक्तजानबूझकरगैरहाजिरहो |
धारा355 के तहत अभियुक्त की अनुपस्थिति में विचारण के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है? | अभियुक्तकावकीलउपस्थितहोना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तकीजानबूझकरअनुपस्थितिमेंकार्यवाहीन्यायसंगतहै निर्णय दिया? | यूसुफबनामबॉम्बेराज्य (AIR 1954 SC 321) |
यदि विचारण अभियुक्त की अनुपस्थिति में हुआ और बाद में वह हाजिर होता है, तो — | उसकीउपस्थितिपरविचारणआगेबढ़ेगा |
क्या अभियुक्त की अनुपस्थिति में दोष सिद्ध किया जा सकता है? | हाँ, यदिन्यायालयसंतुष्टहो |
धारा356 किस विषय से संबंधित है? | उद्घोषितअपराधीकीअनुपस्थितिमेंजांच, विचारणऔरनिर्णय |
उद्घोषितअपराधी से क्या अभिप्राय है? | जिसेअदालतउद्घोषितअपराधीघोषितकरदे |
क्या उद्घोषितअपराधी की अनुपस्थिति में विचारणऔरनिर्णय दिया जा सकता है? | हाँ, यदिकानूनीप्रक्रियापूरीकीगईहो |
क्या धारा356 में आरोपी के खिलाफ निर्णय अनुपस्थिति में हो सकता है? | हाँ, यदिवहउद्घोषितअपराधीहै |
क्या उद्घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में दोष सिद्ध किया जा सकता है? | हाँ, यदिपर्याप्तसाक्ष्यउपलब्धहों |
धारा356 के अंतर्गत कार्यवाही किस प्रकार की होती है? | निष्पक्ष |
किस मामले में उद्घोषितअपराधीकीअनुपस्थितिमेंविचारणसंभवहै, निर्णय दिया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान (2004) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने निष्पक्षसुनवाईमौलिकअधिकारहै, सिद्धांत पर बल दिया? | बचनसिंहबनामपंजाबराज्य (1980) |
अध्याय 26 में जांच और विचारण के बारे में साधारण उपबंधों क अधीन कौन सी नयी धारा जोड़ी गयी है? | धारा 356-उद्घोषितअपराधीकीअनुपस्थितिमेंजांच, विचारणऔरनिर्णय |
न्यायालयधारा 356(1) केअनुपालनमें केअनुपालनमें कितनेगिरफ़्तारीवारंटजारीकरेगा? | दोगिरफ्तारीवारंट |
न्यायालयधारा 356(1) केअनुपालनमें कितने दिन के अंतरालपर गिरफ़्तारी वारंट जारी करेगा? | कमसेकमतीसदिनकेअंतरालपर |
धारा357 किस विषय से संबंधित है? | प्रक्रियाजहांअभियुक्तकार्यवाहियोंकोनहींसमझताहै |
यदि अभियुक्त न्यायालय की कार्यवाही को नहीं समझता है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | अभियुक्तकीसहायताहेतुउपयुक्तव्यवस्थाकरे |
क्या मानसिक रूप से विक्षिप्त अभियुक्त पर भी धारा357 लागू होती है? | हाँ, उसेअनुवादकीसुविधादीजातीहै |
यदि अभियुक्त कार्यवाही की भाषा नहीं समझता, तो न्यायालय क्या करेगा? | अनुवादककीव्यवस्थाकरेगा |
न्यायालय को कैसे संतुष्ट होना होता है कि अभियुक्त कार्यवाही नहीं समझता है? | साक्ष्ययाआचरणकेमाध्यमसे |
यदिअभियुक्तबधिर (deaf) है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | संकेतोंयालिखितमाध्यमसेकार्यवाहीसमझाए |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तकीसमझकीपुष्टिआवश्यकहै, कहा? | रणजीतसिंहबनामपंजाबराज्य (AIR 1998 SC 3148) |
किस मामले में अनुवादउपलब्धनकरानाप्राकृतिकन्यायकाउल्लंघनहै, महत्वपूर्ण बात कही गई? | राजस्थानराज्यबनामदर्शनसिंह (1997) |
किस मामले में कहा गया कि कानूनजोविशेषरूपसेनिर्देशदेताहै, उसीतरीकेसेकार्यकियाजानाचाहिए? | नजीरअहमदबनामकिंगएम्परर (1936) |
यदिअभियुक्तकोकोईविकलांगताहै (जैसेदृष्टिहीनता), तो न्यायालय क्या करेगा? | विशेषसहायकप्रदानकरेगा |
धारा357 के अंतर्गत कार्यवाही में अभियुक्त की समझ सुनिश्चित करना किसका दायित्व है? | न्यायालयका |
धारा358 किससे सम्बन्धित है? | अपराधकेदोषीप्रतीतहोनेवालेअन्यव्यक्तियोंकेविरुद्धकार्यवाहीकरनेकीशक्ति |
किसी व्यक्ति को एक अतिरिक्त सह अभियुक्त के रूप में जोड़ा जा सकता है- | अन्वेषणअधिकारीकीपूरकरिपोर्टकेआधारपर |
आपराधिक न्यायालय की किसी आपराधिक मामले में अतिरिक्त अभियुक्त को जोड़ने की शक्ति के विषय में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा अपने पूर्व के निर्णय की मत भिन्नता का निराकरण..........में किया। | हरदीपसिंहबनामपंजाबराज्यवअन्य |
धारा358 किस स्थिति में लागू होती है? | जबसाक्ष्यसेकिसीनएव्यक्तिकाअपराधमेंलिप्तहोनाप्रकटहो |
क्या न्यायालय स्वयं भी किसी अन्य व्यक्ति को अभियुक्त बना सकता है, भले ही उसका नाम प्राथमिकी में न हो? | हाँ, यदिसाक्ष्यऐसासंकेतदेतेहैं |
धारा358 में शक्ति किस न्यायालय को प्राप्त है? | वहन्यायालयजोविचारणकररहाहै |
धारा358 के अंतर्गत न्यायालय किस प्रक्रिया के तहत नए व्यक्ति को सम्मनित कर सकता है? | स्वप्रेरणासे, यदिसाक्ष्यउपलब्धहों |
क्या धारा358 के तहत नया अभियुक्त उसी मुकदमे में सम्मिलित किया जा सकता है? | हाँ, उसीविचारणमेंसम्मिलितकियाजासकताहै |
यदि न्यायालय धारा358 के तहत किसी व्यक्ति को अभियुक्त बनाता है, तो क्या उसे पुनःआरोप समझाए जाते हैं? | हाँ |
क्या न्यायालय धारा358 के तहत संज्ञान लेने के बाद उस व्यक्ति को जमानत दे सकता है? | हाँ, विधिकप्रक्रियाकेअनुसार |
किस मामले के अनुसार न्यायालयकाकर्तव्ययदिअपराधमेंअन्यव्यक्तिसम्मिलितप्रतीतहोतोउनकेविरुद्धकार्यवाहीकरना है? | रघुबंसदुबेबनामबिहारराज्य (AIR 1967 SC 1167) |
किस मामले के अनुसार न्यायालयस्वतंत्ररूपसेकिसीअन्यकोअभियुक्तबनासकताहै? | राजकिशोरप्रसादबनामबिहारराज्य, AIR 1996 SC 1931 |
क्या धारा358 में यह आवश्यक है कि नया अभियुक्त प्रारंभिक अन्वेषण में नामित हो? | नहीं |
यदि न्यायालय ने किसी व्यक्ति को धारा358 के तहत अभियुक्त बनाया है, तो क्या उसके लिए पुनःअन्वेषण आवश्यक है? | नहीं |
धारा358 में जोड़ा गया नया अभियुक्त क्या पहले से चल रहे विचारण में अपनी गवाही दे सकता है? | हाँ, उसेपूराअवसरमिलेगा |
धारा359 किससे सम्बन्धित है? | अपराधोंकाशमन |
किस स्थिति में धारा359 का प्रयोग किया जा सकता है? | जबआरोपीपहलेसेदोषीहो |
धारा 359 के अंतर्गत किसी अपराध के शमन का परिणाम होता है- | दोषमुक्ति |
जब कोई व्यक्ति जो अन्यथा तरीके से धारा 359 के अंतर्गत किसी अपराध के शमन में सक्षम था, हो जाती है, तब- | ऐसेव्यक्तिकाविधिकप्रतिनिधिन्यायालयकीसहमतिसेअपराधकाशमनकरसकताहै |
जब एक व्यक्ति जो अन्यथा धारा 359 के अंतर्गत अपराध शमन करने के लिए सक्षम होता, की मृत्यु हो जाती है तो- | सिविलप्रक्रियासंहिता 1908 केअंतर्गतपरिभाषितउक्तव्यक्तिकेविधिकप्रतिनिधिन्यायालयकीसम्मतिसेअपराधशमनकरसकतेहैं। |
धारा359 के तहत अपराधकाशमन क्या न्यायालय की स्वीकृति के बिना किया जा सकता है? | नहीं, न्यायालयकीस्वीकृतिआवश्यकहै |
क्या न्यायालय धारा359 के तहत अपराधकाशमन करते हुए अभियुक्त को सजा देने का निर्णय ले सकता है? | हाँ, यदिशमनप्रक्रियामेंआरोपीनेसहयोगकियाहो |
किस मामले के अनुसार धारा 359 के अंतर्गत शमन प्रक्रिया को शमनएकसमझौतेकेरूपमेंहोताहै, जिसमेंआरोपीऔरअभियोजनदोनोंकीसहमतिहोतीहै समझाया गया है? | एस. के. गुप्ताबनामराजस्थानराज्य (2005) 6 एससीसी 233 |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 359 के तहत शमनएकवैकल्पिकउपायहैजोअभियुक्तऔरन्यायालयकीसहमतिसेकियाजाताहै स्पष्ट किया? | राज्यबनामपी.के. थॉमस (2010) 2 एससीसी 295 |
किस मामले में शमनमेंआरोपीकेअपराधकोसमाप्तकरनासंभवहै निर्णय हुआ था? | मनोजकुमारबनामपंजाबराज्य (2013) 4 एससीसी 212 |
धारा359 के तहत शमन की प्रक्रिया किस प्रकार के अपराधों के लिए लागू होती है? | जघन्यऔरहल्केदोनोंप्रकारकेअपराधोंकेलिए |
क्या शमन प्रक्रिया में आरोपी को उसके अपराध के लिए माफी दी जा सकती है? | हाँ, यदिआरोपीनेपूरीतरहसेअपराधस्वीकारकियाहो |
क्या शमन प्रक्रिया के दौरान आरोपी को पुनःअपराध करने से रोकने के लिए सुधारात्मकउपायोंकीसिफारिश की जा सकती है? | हाँ |
क्या न्यायालय शमन प्रक्रिया के दौरान आरोपी के लिए कोई दिशा-निर्देश जारी कर सकता है? | हाँ, ताकिवहभविष्यमेंअपराधोंसेबचे |
धारा360 किससे सम्बन्धित है? | अभियोजन वापसलेना |
धारा 360 के अंतर्गत अभियोजन से वाद वापस ले सकता है- | न्यायालयकीअनुमतिसेकिसीवादकाप्रभारीलोकअभियोजक |
किसमें भारत के उच्चतम न्यायालय ने आदेशित किया कि किसी वर्तमानयाभूतपूर्वएम.पी./एम.एल.ए. के विरुद्ध किसी भी अभियोजन को उच्च न्यायालय की अनुमति बिना दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 360 के अंतर्गत वापस नहीं लिया जाएगा- | अश्विनीउपाध्यायबनामभारतसंघएवंअन्य |
किस स्थिति में अभियोजन को धारा360 के तहत वापस लिया जा सकता है? | अभियोजनपक्षकाविचारहोकिमामलेकीआवश्यकतानहींहै |
क्या अभियोजन वापस लेने के बाद फिर से शुरू किया जा सकता है? | हाँ, यदिनईसाक्ष्यउपलब्धहो |
धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने के लिए क्या प्रक्रिया होती है? | अभियोजनपक्षकोलिखितमेंआवेदनकरनापड़ताहै |
क्या धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने का निर्णयअपीलयोग्य होता है? | हाँ |
यदि अभियोजन वापस ले लिया जाता है तो अभियुक्त के अधिकारों का क्या होगा? | अभियुक्तकोरिहाकरदियाजाताहै |
धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने के बाद क्या अभियुक्त को तुरंत रिहा किया जा सकता है? | हाँ, यदिवहजमानतपरहो |
क्या अभियोजन वापस लेने का निर्णय अभियुक्त को सूचित किया जाता है? | हाँ |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियोजनपक्षकोअभियोजनवापसलेनेकापूराअधिकारहै निर्णय दिया था? | राजस्थानराज्यबनामअजीतसिंह (2009) 4 एससीसी 563 |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 360 के तहत अभियोजन वापसी के संबंध में अभियोजनकेवलन्यायालयकेआदेशसेवापसलियाजासकताहै निर्णय लिया था? | उमेशकुमारबनाममहाराष्ट्रराज्य (2014) 6 एससीसी 758 |
यदि न्यायालय धारा344 के अंतर्गत क्षमा-दानकानिर्देश देता है, तो उसका उद्देश्य क्या होता है? | अभियोजनकीसहायता |
यदि क्षमा-दान प्राप्त सह-अपराधी गवाही देने से मुकर जाए, तो— | उसेपुनःअभियुक्तबनाकरमुकदमाचलायाजासकताहै |
यदि कोई सह-अपराधी क्षमादान पाने के बाद अभियोजन की मदद करता है, तो— | उसकीगवाहीकोपुष्टिकीआवश्यकताहोतीहै |
क्या धारा343 औरधारा344 में कोई अंतर है? | हाँ, धारा343 मजिस्ट्रेटकीशक्तिहैऔरधारा344 विचारणन्यायालयकी |
धारा345 का संबंध किससेहै? | क्षमाकीशर्तोंकापालननकरनेवालेव्यक्तिकाविचारण |
क्षमाप्राप्तव्यक्तियदिशर्तोंकाउल्लंघनकरताहै, तो उसके साथ क्या किया जा सकता है? | उसेपुनःअभियुक्तबनायाजासकताहै |
यदि क्षमा प्राप्त व्यक्ति सच्ची गवाही नहीं देता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | क्षमाकोनिरस्तकरसकताहै |
क्षमा रद्द होने के बाद उस व्यक्ति का विचारण किस प्रकार होता है? | सामान्यअभियुक्तकीतरह |
क्षमा की शर्तों के उल्लंघन के मामले में कौन तय करता है कि गवाही सच्ची थी या नहीं? | संबंधितन्यायालय |
एक सह-अपराधी को क्षमा दी गई कि वह सच्ची गवाही देगा। बाद में वह अभियुक्त के विरुद्ध नहीं बोलता। अब क्या हो सकता है? | उसकीक्षमारद्दहोसकतीहैऔरउसकाविचारणहोसकताहै |
एक व्यक्ति जिसने क्षमा की शर्तें पूरी की, लेकिन बाद में कोर्ट को संदेह हुआ कि वह झूठ बोला। अब— | न्यायालयउसकीक्षमारद्दकरसकताहैऔरविचारणशुरूकरसकताहै |
धारा346 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | कार्यवाहीकोमुल्तवीयास्थगितकरनेकीशक्ति |
कौन सी शक्ति न्यायालय को धारा346 के अंतर्गत प्राप्त है? | कार्यवाहीकोमुल्तवीकरना |
धारा346 के अंतर्गत कार्यवाहीकोस्थगित करने के लिए क्या आवश्यक है? | न्यायालयकासंतोषजनककारण |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कार्यवाहीस्थगनकाआदेशन्यायसंगतकारणपरआधारितहोनाचाहिए, निर्णय दिया? | बिहारराज्यबनामरामनरेशपांडे (1957 एआईआर 389) |
किस मामले में अनावश्यकस्थगनआरोपीकेमूलअधिकारोंकाउल्लंघनहै, कहा गया है? | राजदेवशर्माबनामबिहारराज्य (1998 AIR SC 3281) |
किस मामले में त्वरितन्यायकाअधिकारएकमौलिकअधिकारहै, बात को उजागर किया गया था? | हुसैनाराखातूनबनामगृहसचिव, बिहार (1979 एआईआर 1369) |
कार्यवाही स्थगित करने से पहले न्यायालय को क्या सुनिश्चित करना चाहिए? | कारणपर्याप्तऔरन्यायसंगतहै |
न्यायालय कार्यवाही को अधिकतम कितनी बार स्थगित कर सकता है? | उचितसीमामें |
अभियुक्त ने बार-बार कार्यवाही स्थगन की मांग की। न्यायालय क्या कर सकता है? | उसकीमांगअस्वीकारकरसकताहै |
न्यायालय द्वारा अनुचित स्थगन दिए जाने पर किसका उल्लंघन होता है? | त्वरितन्यायकाअधिकार (Right to Speedy Trial) |
कार्यवाहीस्थगन से किस पक्ष को अधिक हानि हो सकती है? | अभियुक्त |
धारा347 किससे सम्बन्धित है? | स्थानीयनिरीक्षण |
धारा347 के अंतर्गत न्यायालयकोक्याअधिकारप्राप्त होता है? | स्थानयावस्तुकास्थानीयनिरीक्षणकरनेकाअधिकार |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोकिसीवस्तुकानिरीक्षणकेवलतबकरनाचाहिएजबआवश्यकहो, निर्णय दिया था? | एस. के. शर्माबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2015) |
किस मामले में कहा गया कि जबतकविशेषकारणनहो, न्यायालयकोनिरीक्षणनहींकरनाचाहिए? | के.के. वर्माबनामराजस्थानराज्य (2006) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्थानीय निरीक्षण के संदर्भ में स्थानीयनिरीक्षणतभीकियाजासकताहैजबउसकामामलामेंप्रभावीयोगदानहो, निर्णय दिया? | माधवरावजीवाजीरावसिंधियाबनामसंभाजीरावचंद्रोजीराव (1990) |
धारा 348 किससे सम्बन्धित है? | आवश्यकसाक्षीकोसमनकरनेयाउपस्थितव्यक्तिकीपरीक्षाकरनेकीशक्ति |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 348 के संदर्भ में न्यायालयकोसाक्षीकीउपस्थितिसुनिश्चितकरनेकाअधिकारहोताहै, निर्णय दिया था? | राज्यबनामपप्पू (2018) |
किस मामले में न्यायालय ने धारा 348 के तहत साक्षियोंकोसमनकरनेऔरउनकीपरीक्षाकरनेकाअधिकार, अनुमति दी? | कल्याणसिंहबनामभारतसंघ (2013) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोसाक्षीकोसमनकरनेऔरउसकीपरीक्षालेनेकाअधिकारहै, निर्णय लिया? | रमेशकुमारबनामहरियाणाराज्य (2010) |
यदि साक्षी न्यायालय में उपस्थित नहीं होता, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | उसेसमनकरनेकाआदेशदेसकताहै |
धारा348 के अंतर्गत साक्षी को समन करने के लिए न्यायालय को किसे सूचित करना चाहिए? | समनकीएकप्रतिसाक्षीकोभेजीजातीहै |
धारा348 के तहत साक्षी की परीक्षा किस उद्देश्य के लिए की जाती है? | मामलेमेंसाक्ष्यइकट्ठाकरनेकेलिए |
क्या धारा348 के तहत साक्षी की परीक्षा अनिवार्य है? | हाँ, जबयहमामलेकीस्थितिकेलिएआवश्यकहो |
धारा349 किससे सम्बन्धित है? | नमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखदेनेकेलिएकिसीव्यक्तिकोआदेशदेनेकीमजिस्ट्रेटकीशक्ति |
धारा349 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट किसको आदेश दे सकता है? | किसीव्यक्तिकोनमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखदेने |
धारा349 के अनुसार, मजिस्ट्रेट किस उद्देश्य से नमूना हस्ताक्षर या हस्तलेख का आदेश दे सकता है? | किसीदस्तावेज़कीसत्यताकोजांचनेकेलिए |
मजिस्ट्रेट को किस प्रकार के आदेश देने का अधिकार होता है, जैसा कि धारा349 में उल्लेखित है? | नमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखकाआदेश |
किस मामले में उच्च न्यायालय ने धारा 349 के संदर्भ में मजिस्ट्रेटकोकिसीव्यक्तिसेनमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेखलेनेकाअधिकारहोताहै, निर्णय दिया था? | आरबनामरामसिंह (2016) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेटकोकिसीव्यक्तिसेनमूनाहस्ताक्षरलेनेकाअधिकारहै, निर्णय दिया था? | राज्यबनामरमेश (2019) |
धारा349 के तहत नमूना हस्ताक्षर या हस्तलेख देने का आदेश कैसे दिया जाता है? | मजिस्ट्रेटकेलिखितआदेशसे |
यदि कोई व्यक्ति धारा349 के तहत नमूनाहस्ताक्षरयाहस्तलेख देने से इंकार करता है, तो मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है? | व्यक्तिकेखिलाफकानूनीकार्रवाईकरसकताहै |
धारा349 के तहत नमूना हस्ताक्षरयाहस्तलेख देने का आदेश किस प्रकार के मामलों में दिया जा सकता है? | सभीप्रकारकेअपराधोंमेंजबदस्तावेज़कीसत्यताकीजांचहो |
धारा350 किससे सम्बन्धित है? | परिवादियोंऔरसाक्षियोंकेव्यय |
धारा350 के अंतर्गत किसे व्ययकीप्रतिपूर्ति की जाएगी? | अभियुक्तऔरसाक्षियोंदोनोंको |
धारा350 में परिवादियों और साक्षियों के व्यय का क्या उद्देश्य होता है? | अभियुक्तऔरसाक्षीकेन्यायिककार्यवाहीमेंभागलेनेकेकारणहोनेवालेखर्चोंकाभुगतान |
धारा350 के अनुसार, साक्षियों के व्यय को कौन भुगतता है? | न्यायालय |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 350 के अंतर्गत साक्षीऔरअभियुक्तदोनोंकेव्ययकीप्रतिपूर्ति, उल्लेख किया है? | जाधवबनाममहाराष्ट्रराज्य (2020) |
धारा350 के तहत साक्षियों के व्यय का भुगतान कब किया जाएगा? | जबसाक्षीअदालतमेंउपस्थितहोताहै |
साक्षी के व्यय की प्रतिपूर्ति करने के लिए न्यायालय को किसकी आवश्यकता होती है? | साक्षीद्वारापेशकिएगएखर्चोंकाप्रमाण |
धारा350 के तहत व्यय किस प्रकार से प्रतिपूर्ति किया जाता है? | न्यायालयद्वारानिर्धारितनिर्धारितराशि |
यदि एक साक्षी धारा350 के अंतर्गत न्यायालय में उपस्थित होने के बाद व्यय की प्रतिपूर्ति की मांग करता है, और अभियुक्त ने उसे भुगतान नहीं किया, तो क्या होगा? | साक्षीकेव्ययकोसरकारद्वाराभुगतानकियाजाएगा |
धारा350 के तहत यदि साक्षी ने न्यायालय में दो दिन तक उपस्थिति दी है, तो उसके व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए किस प्रक्रिया का पालन किया जाएगा? | साक्षीकोएकनिर्धारितराशिदीजाएगी, जोन्यायालयद्वारातयकीजाएगी |
धारा350 के तहत क्या वह व्यक्तियों को भी व्यय की प्रतिपूर्ति मिलती है जो किसी मामले में गवाही देने के लिए उपस्थित होते हैं, लेकिन वे पक्षकार नहीं होते? | हाँ, व्ययसभीसाक्षियोंकोमिलेगा |
धारा350 के अंतर्गत साक्षियोंऔरपक्षकारों के व्यय की प्रतिपूर्ति का उद्देश्य क्या है? | साक्षियोंकोन्यायालयमेंउपस्थितहोनेकेलिएप्रोत्साहितकरना |
धारा351 किससे सम्बन्धित है? | अभियुक्तकीपरीक्षाकरनेकीशक्ति |
किस धारा के अंतर्गत न्यायालय को अभियुक्त से प्रश्न पूछने की शक्ति दी गई है? | धारा351 |
धारा 351 का प्रयोजन है- | अभियुक्तकोव्यक्तिगततौरपरसाक्ष्यमेंउसकेविरूद्धजारहीपरिस्थितियोंकोस्पष्टकरनेमेंसमर्थबनाना |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त से पूछे गए प्रश्नों का उद्देश्य क्या होता है? | अभियुक्तकोउसकेखिलाफसाक्ष्यस्पष्टकरनेकाअवसरदेना |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त को अपने ऊपर लगे आरोपों का स्पष्टीकरण देने का अवसर: | हमेशादियाजाताहै |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने से इंकार करने से या उसके मिथ्या उत्तर देने से दंडनीय किया जायेगा? | नहीं |
अभियुक्त के उत्तरों का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है? | अभियुक्तकेपक्षयाविपक्षदोनोंमें |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बलपूर्वकनार्कोपरीक्षण पर टिप्पणी की थी? | सेल्वीबनामकर्नाटकराज्य (2010) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूछताछ के दौरान धारा 351 के तहत धारा 351 को स्पष्ट किया, अभियुक्तसेपूछेगएप्रश्नोंकोरिकॉर्डकियाजानाचाहिए | सुखदेवसिंहबनामपंजाबराज्य (2014) |
किस मामले में कोर्ट ने अभियुक्तकाउत्तररिकॉर्डहोनाअनिवार्यहै, पर बल दिया? | राजकुमारबनामराजस्थानराज्य |
यदि अभियुक्त न्यायालय में मौन रहता है, तो क्या यह धारा351 का उल्लंघन माना जाएगा? | नहीं |
धारा351 के अंतर्गत अभियुक्त से पूछे गए प्रश्नों की रिकॉर्डिंग किस रूप में होती है? | लिखितरूपमेंन्यायालयद्वारा |
कौन-सा अधिकार अभियुक्त को धारा351 के तहत प्राप्त नहीं है? | कौन-साअधिकारअभियुक्तकोधारा351 केतहतप्राप्तनहींहै? |
धारा 313 के अंतर्गत अभियुक्त का कथन- | बिनाशपथदर्जकियाजाएगा |
न्यायालय किसी अभियुक्त से उसके विरूद्ध साक्ष्य में प्रकट हो रही परिस्थितियों को स्पष्ट करने हेतु प्रश्न पूछ सकता है- | किसीभीचरणमें |
यदि अभियुक्त से धारा351 के अंतर्गत प्रश्न नहीं पूछे जाते, तो क्या उसकी सजा वैध होगी? | नहीं, यहकार्यवाहीदोषपूर्णहोगी |
धारा352 का संबंध किससेहै? | मौखिकबहसऔरबहसकाज्ञापनसे |
धारा352 के अनुसार, बहस का ज्ञापन प्रस्तुत किया जा सकता है — | साक्ष्यकीसमाप्तिकेपश्चात्यथाशक्यशीघ्र मौखिकबहसपूरीकरनेकेपूर्व |
क्या न्यायालय को मौखिकबहस को सुनना आवश्यक होता है? | यहन्यायालयकेविवेकपरनिर्भरकरताहै |
बहस का ज्ञापन प्रस्तुत करने की अनुमति किसे है? | दोनोंपक्षोंको |
धारा352 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | निष्पक्षन्यायसुनिश्चितकरना |
यदि न्यायालय मौखिकबहस को छोड़कर केवल बहस का ज्ञापन स्वीकार करता है, तो क्या यह अवैध होगा? | नहीं |
बहस का ज्ञापन प्रस्तुत करने के बाद मौखिक बहस की क्या स्थिति होती है? | न्यायालयपरनिर्भर |
बहसकाज्ञापन किस रूप में होना चाहिए? | लिखित |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्षसुनवाईऔरबहसकामहत्व पर बल दिया था? | जाहिराहबीबुल्लाहशेखबनामगुजरातराज्य (2006) |
किस मामले में यह स्थापित किया गया कि— बहसकाज्ञापनन्यायालयकोप्रस्तुतकियाजासकताहै | अजयकुमारबनाममध्यप्रदेशराज्य |
किस मामले में बहसदोनोंपक्षोंसेसुननाअनिवार्यहै, सिद्धांत निकला? | पंजाबराज्यबनामजागीरसिंह (1974) |
बहस का ज्ञापन न्यायालय द्वारा क्यों स्वीकार किया जाता है? | समयबचानेहेतु |
यदि कोई पक्ष बहस नहीं करता और बहस का ज्ञापन भी नहीं देता, तो — | न्यायालयउपलब्धसाक्ष्योंकेआधारपरनिर्णयदेगा |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा353 किससे संबंधित है? | अभियुक्तव्यक्तिकासक्षमसाक्षीहोना |
धारा 353 के अंतर्गत किसीअभियुक्तको - | केवलउसकीलिखितप्रार्थनापरसाक्षीकेरूपमेंबुलायाजासकताहै। |
क्या कोई अभियुक्त स्वयं अपने बचाव में साक्षी बन सकता है? | हाँ, यदिवहस्वयंऐसाचाहताहो |
क्या अभियुक्त को ज़बरदस्ती गवाही देने के लिए बाध्य किया जा सकता है? | नहीं |
यदि अभियुक्त स्वयं गवाही देता है, तो क्या वह प्रतिपरीक्षा(cross-examination) के लिए प्रस्तुत होगा? | हाँ |
क्या अभियुक्त की गवाही को अन्य गवाहों की तरह ही मूल्यांकन किया जाएगा? | हाँ, सामान्यसाक्षीकीतरह |
अभियुक्त की गवाही किस रूप में दी जा सकती है? | मौखिकयालिखित, न्यायालयकीअनुमतिसे |
क्या अभियुक्त की गवाही अन्य साक्ष्यों के साथ परखी जाएगी? | हाँ, अन्यसाक्ष्योंकेसाथसमेकितहोकर |
अभियुक्त को अपनी गवाही में क्या बताना आवश्यक है? | यहउसकीइच्छापरनिर्भरकरताहै |
धारा 354 का किससे संबंधित है? | प्रकटनउत्प्रेरितकरनेकेलिएकिसीप्रभावकाकाममेंनलायाजाना |
कौन सी बात धारा 354 के अंतर्गत निषिद्ध है? | प्रकटनकेलिएकिसीप्रकारकाप्रभावडालना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धमकीयाप्रलोभनसेलियागयाप्रकटनमान्यनहींहै अधिकार की पुष्टि की? | पंजाबराज्यबनामबलदेवसिंह (1999) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तसेकिसीभीप्रभावसेप्रकटनलेनाअनुचितहै बिंदु को विभाजित किया? | नंदिनीसत्पथीबनामपी.एल. दानी (1978) |
किस मामले में अभियुक्तकाप्रकटनस्वतंत्रहोनाचाहिए सिद्धांत को बल मिला? | के. वीरास्वामीबनामभारतसंघ (1991) |
धारा355 किससे संबंधित है? | कुछमामलोंमेंअभियुक्तकीअनुपस्थितिमेंजांचऔरविचारणकिएजानेकेलिएउपबंध |
किन मामलों में धारा355 के अंतर्गत अभियुक्तकीअनुपस्थितिमें विचारण हो सकता है? | केवलजबअभियुक्तजानबूझकरगैरहाजिरहो |
धारा355 के तहत अभियुक्त की अनुपस्थिति में विचारण के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है? | अभियुक्तकावकीलउपस्थितहोना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तकीजानबूझकरअनुपस्थितिमेंकार्यवाहीन्यायसंगतहै निर्णय दिया? | यूसुफबनामबॉम्बेराज्य (AIR 1954 SC 321) |
यदि विचारण अभियुक्त की अनुपस्थिति में हुआ और बाद में वह हाजिर होता है, तो — | उसकीउपस्थितिपरविचारणआगेबढ़ेगा |
क्या अभियुक्त की अनुपस्थिति में दोष सिद्ध किया जा सकता है? | हाँ, यदिन्यायालयसंतुष्टहो |
धारा356 किस विषय से संबंधित है? | उद्घोषितअपराधीकीअनुपस्थितिमेंजांच, विचारणऔरनिर्णय |
उद्घोषितअपराधी से क्या अभिप्राय है? | जिसेअदालतउद्घोषितअपराधीघोषितकरदे |
क्या उद्घोषितअपराधी की अनुपस्थिति में विचारणऔरनिर्णय दिया जा सकता है? | हाँ, यदिकानूनीप्रक्रियापूरीकीगईहो |
क्या धारा356 में आरोपी के खिलाफ निर्णय अनुपस्थिति में हो सकता है? | हाँ, यदिवहउद्घोषितअपराधीहै |
क्या उद्घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में दोष सिद्ध किया जा सकता है? | हाँ, यदिपर्याप्तसाक्ष्यउपलब्धहों |
धारा356 के अंतर्गत कार्यवाही किस प्रकार की होती है? | निष्पक्ष |
किस मामले में उद्घोषितअपराधीकीअनुपस्थितिमेंविचारणसंभवहै, निर्णय दिया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामसलमानसलीमखान (2004) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने निष्पक्षसुनवाईमौलिकअधिकारहै, सिद्धांत पर बल दिया? | बचनसिंहबनामपंजाबराज्य (1980) |
अध्याय 26 में जांच और विचारण के बारे में साधारण उपबंधों क अधीन कौन सी नयी धारा जोड़ी गयी है? | धारा 356-उद्घोषितअपराधीकीअनुपस्थितिमेंजांच, विचारणऔरनिर्णय |
न्यायालयधारा 356(1) केअनुपालनमें केअनुपालनमें कितनेगिरफ़्तारीवारंटजारीकरेगा? | दोगिरफ्तारीवारंट |
न्यायालयधारा 356(1) केअनुपालनमें कितने दिन के अंतरालपर गिरफ़्तारी वारंट जारी करेगा? | कमसेकमतीसदिनकेअंतरालपर |
धारा357 किस विषय से संबंधित है? | प्रक्रियाजहांअभियुक्तकार्यवाहियोंकोनहींसमझताहै |
यदि अभियुक्त न्यायालय की कार्यवाही को नहीं समझता है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | अभियुक्तकीसहायताहेतुउपयुक्तव्यवस्थाकरे |
क्या मानसिक रूप से विक्षिप्त अभियुक्त पर भी धारा357 लागू होती है? | हाँ, उसेअनुवादकीसुविधादीजातीहै |
यदि अभियुक्त कार्यवाही की भाषा नहीं समझता, तो न्यायालय क्या करेगा? | अनुवादककीव्यवस्थाकरेगा |
न्यायालय को कैसे संतुष्ट होना होता है कि अभियुक्त कार्यवाही नहीं समझता है? | साक्ष्ययाआचरणकेमाध्यमसे |
यदिअभियुक्तबधिर (deaf) है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | संकेतोंयालिखितमाध्यमसेकार्यवाहीसमझाए |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तकीसमझकीपुष्टिआवश्यकहै, कहा? | रणजीतसिंहबनामपंजाबराज्य (AIR 1998 SC 3148) |
किस मामले में अनुवादउपलब्धनकरानाप्राकृतिकन्यायकाउल्लंघनहै, महत्वपूर्ण बात कही गई? | राजस्थानराज्यबनामदर्शनसिंह (1997) |
किस मामले में कहा गया कि कानूनजोविशेषरूपसेनिर्देशदेताहै, उसीतरीकेसेकार्यकियाजानाचाहिए? | नजीरअहमदबनामकिंगएम्परर (1936) |
यदिअभियुक्तकोकोईविकलांगताहै (जैसेदृष्टिहीनता), तो न्यायालय क्या करेगा? | विशेषसहायकप्रदानकरेगा |
धारा357 के अंतर्गत कार्यवाही में अभियुक्त की समझ सुनिश्चित करना किसका दायित्व है? | न्यायालयका |
धारा358 किससे सम्बन्धित है? | अपराधकेदोषीप्रतीतहोनेवालेअन्यव्यक्तियोंकेविरुद्धकार्यवाहीकरनेकीशक्ति |
किसी व्यक्ति को एक अतिरिक्त सह अभियुक्त के रूप में जोड़ा जा सकता है- | अन्वेषणअधिकारीकीपूरकरिपोर्टकेआधारपर |
आपराधिक न्यायालय की किसी आपराधिक मामले में अतिरिक्त अभियुक्त को जोड़ने की शक्ति के विषय में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा अपने पूर्व के निर्णय की मत भिन्नता का निराकरण..........में किया। | हरदीपसिंहबनामपंजाबराज्यवअन्य |
धारा358 किस स्थिति में लागू होती है? | जबसाक्ष्यसेकिसीनएव्यक्तिकाअपराधमेंलिप्तहोनाप्रकटहो |
क्या न्यायालय स्वयं भी किसी अन्य व्यक्ति को अभियुक्त बना सकता है, भले ही उसका नाम प्राथमिकी में न हो? | हाँ, यदिसाक्ष्यऐसासंकेतदेतेहैं |
धारा358 में शक्ति किस न्यायालय को प्राप्त है? | वहन्यायालयजोविचारणकररहाहै |
धारा358 के अंतर्गत न्यायालय किस प्रक्रिया के तहत नए व्यक्ति को सम्मनित कर सकता है? | स्वप्रेरणासे, यदिसाक्ष्यउपलब्धहों |
क्या धारा358 के तहत नया अभियुक्त उसी मुकदमे में सम्मिलित किया जा सकता है? | हाँ, उसीविचारणमेंसम्मिलितकियाजासकताहै |
यदि न्यायालय धारा358 के तहत किसी व्यक्ति को अभियुक्त बनाता है, तो क्या उसे पुनःआरोप समझाए जाते हैं? | हाँ |
क्या न्यायालय धारा358 के तहत संज्ञान लेने के बाद उस व्यक्ति को जमानत दे सकता है? | हाँ, विधिकप्रक्रियाकेअनुसार |
किस मामले के अनुसार न्यायालयकाकर्तव्ययदिअपराधमेंअन्यव्यक्तिसम्मिलितप्रतीतहोतोउनकेविरुद्धकार्यवाहीकरना है? | रघुबंसदुबेबनामबिहारराज्य (AIR 1967 SC 1167) |
किस मामले के अनुसार न्यायालयस्वतंत्ररूपसेकिसीअन्यकोअभियुक्तबनासकताहै? | राजकिशोरप्रसादबनामबिहारराज्य, AIR 1996 SC 1931 |
क्या धारा358 में यह आवश्यक है कि नया अभियुक्त प्रारंभिक अन्वेषण में नामित हो? | नहीं |
यदि न्यायालय ने किसी व्यक्ति को धारा358 के तहत अभियुक्त बनाया है, तो क्या उसके लिए पुनःअन्वेषण आवश्यक है? | नहीं |
धारा358 में जोड़ा गया नया अभियुक्त क्या पहले से चल रहे विचारण में अपनी गवाही दे सकता है? | हाँ, उसेपूराअवसरमिलेगा |
धारा359 किससे सम्बन्धित है? | अपराधोंकाशमन |
किस स्थिति में धारा359 का प्रयोग किया जा सकता है? | जबआरोपीपहलेसेदोषीहो |
धारा 359 के अंतर्गत किसी अपराध के शमन का परिणाम होता है- | दोषमुक्ति |
जब कोई व्यक्ति जो अन्यथा तरीके से धारा 359 के अंतर्गत किसी अपराध के शमन में सक्षम था, हो जाती है, तब- | ऐसेव्यक्तिकाविधिकप्रतिनिधिन्यायालयकीसहमतिसेअपराधकाशमनकरसकताहै |
जब एक व्यक्ति जो अन्यथा धारा 359 के अंतर्गत अपराध शमन करने के लिए सक्षम होता, की मृत्यु हो जाती है तो- | सिविलप्रक्रियासंहिता 1908 केअंतर्गतपरिभाषितउक्तव्यक्तिकेविधिकप्रतिनिधिन्यायालयकीसम्मतिसेअपराधशमनकरसकतेहैं। |
धारा359 के तहत अपराधकाशमन क्या न्यायालय की स्वीकृति के बिना किया जा सकता है? | नहीं, न्यायालयकीस्वीकृतिआवश्यकहै |
क्या न्यायालय धारा359 के तहत अपराधकाशमन करते हुए अभियुक्त को सजा देने का निर्णय ले सकता है? | हाँ, यदिशमनप्रक्रियामेंआरोपीनेसहयोगकियाहो |
किस मामले के अनुसार धारा 359 के अंतर्गत शमन प्रक्रिया को शमनएकसमझौतेकेरूपमेंहोताहै, जिसमेंआरोपीऔरअभियोजनदोनोंकीसहमतिहोतीहै समझाया गया है? | एस. के. गुप्ताबनामराजस्थानराज्य (2005) 6 एससीसी 233 |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 359 के तहत शमनएकवैकल्पिकउपायहैजोअभियुक्तऔरन्यायालयकीसहमतिसेकियाजाताहै स्पष्ट किया? | राज्यबनामपी.के. थॉमस (2010) 2 एससीसी 295 |
किस मामले में शमनमेंआरोपीकेअपराधकोसमाप्तकरनासंभवहै निर्णय हुआ था? | मनोजकुमारबनामपंजाबराज्य (2013) 4 एससीसी 212 |
धारा359 के तहत शमन की प्रक्रिया किस प्रकार के अपराधों के लिए लागू होती है? | जघन्यऔरहल्केदोनोंप्रकारकेअपराधोंकेलिए |
क्या शमन प्रक्रिया में आरोपी को उसके अपराध के लिए माफी दी जा सकती है? | हाँ, यदिआरोपीनेपूरीतरहसेअपराधस्वीकारकियाहो |
क्या शमन प्रक्रिया के दौरान आरोपी को पुनःअपराध करने से रोकने के लिए सुधारात्मकउपायोंकीसिफारिश की जा सकती है? | हाँ |
क्या न्यायालय शमन प्रक्रिया के दौरान आरोपी के लिए कोई दिशा-निर्देश जारी कर सकता है? | हाँ, ताकिवहभविष्यमेंअपराधोंसेबचे |
धारा360 किससे सम्बन्धित है? | अभियोजन वापसलेना |
धारा 360 के अंतर्गत अभियोजन से वाद वापस ले सकता है- | न्यायालयकीअनुमतिसेकिसीवादकाप्रभारीलोकअभियोजक |
किसमें भारत के उच्चतम न्यायालय ने आदेशित किया कि किसी वर्तमानयाभूतपूर्वएम.पी./एम.एल.ए. के विरुद्ध किसी भी अभियोजन को उच्च न्यायालय की अनुमति बिना दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 360 के अंतर्गत वापस नहीं लिया जाएगा- | अश्विनीउपाध्यायबनामभारतसंघएवंअन्य |
किस स्थिति में अभियोजन को धारा360 के तहत वापस लिया जा सकता है? | अभियोजनपक्षकाविचारहोकिमामलेकीआवश्यकतानहींहै |
क्या अभियोजन वापस लेने के बाद फिर से शुरू किया जा सकता है? | हाँ, यदिनईसाक्ष्यउपलब्धहो |
धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने के लिए क्या प्रक्रिया होती है? | अभियोजनपक्षकोलिखितमेंआवेदनकरनापड़ताहै |
क्या धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने का निर्णयअपीलयोग्य होता है? | हाँ |
यदि अभियोजन वापस ले लिया जाता है तो अभियुक्त के अधिकारों का क्या होगा? | अभियुक्तकोरिहाकरदियाजाताहै |
धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने के बाद क्या अभियुक्त को तुरंत रिहा किया जा सकता है? | हाँ, यदिवहजमानतपरहो |
क्या अभियोजन वापस लेने का निर्णय अभियुक्त को सूचित किया जाता है? | हाँ |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियोजनपक्षकोअभियोजनवापसलेनेकापूराअधिकारहै निर्णय दिया था? | राजस्थानराज्यबनामअजीतसिंह (2009) 4 एससीसी 563 |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 360 के तहत अभियोजन वापसी के संबंध में अभियोजनकेवलन्यायालयकेआदेशसेवापसलियाजासकताहै निर्णय लिया था? | उमेशकुमारबनाममहाराष्ट्रराज्य (2014) 6 एससीसी 758 |
किस मामले में न्यायालय ने जबसाक्ष्यअपर्याप्तहों परिस्थिति में अभियोजन वापस लेने की अवधि दी? | सत्येन्द्रकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2015) 7 एससीसी 456 |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियोजनवापसलेनेकीप्रक्रियान्यायालयकीस्वीकृतिसेहोनीचाहिए स्पष्ट किया था? | राज्यबनामअशोककुमार (2018) 8 एससीसी 543 |
क्या अभियोजन वापस लेने के बाद आरोपी के खिलाफ कोई अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है? | हाँ, यदिनएसाक्ष्यसामनेआतेहैं |
धारा360 के तहत अभियोजन वापस लेने से न्यायालय क्या सुनिश्चित करता है? | किअभियोजनपक्षनेकिसीकारणसेअभियोजनकोवापसलिया |
क्या अभियोजन वापस लेने के बाद भी आरोपी को जमानत मिल सकती है? | हाँ, यदिवहपहलेसेजमानतपरहो |
धारा361 किससे सम्बन्धित है? | जिनमामलोंकानिपटारामजिस्ट्रेटनहींकरसकता, उनमेंप्रक्रिया |
धारा361 के तहत मजिस्ट्रेट किस प्रकार के मामलों का निपटारा नहीं कर सकता? | गंभीरअपराधजोसत्रन्यायालयसेसंबंधितहोतेहैं |
किस मामले को मजिस्ट्रेटद्वारानिपटायानहींजासकता, जोधारा361 के तहत आता है? | अपहरण, हत्याऔरअन्यगंभीरअपराध |
क्या धारा361 के तहत मजिस्ट्रेटकोजमानत देने की शक्ति होती है? | हाँ |
धारा361 के तहत कौन से मामले सत्र न्यायालय में स्थानांतरित किए जाते हैं? | गंभीरअपराधजैसेहत्याऔरबलात्कारकेमामले |
यदि मामला धारा361 के तहत मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है, तो उसे कौन निपटाता है? | सशक्तमजिस्ट्रेटद्वारा |
धारा361 के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा निपटारे योग्य मामलों में क्या कदम उठाए जाते हैं? | मामलासत्रन्यायालयमेंभेजाजाताहै |
क्या धारा361 के तहत मजिस्ट्रेट को दोषी ठहराने की शक्ति है? | हाँ, हलकेअपराधोंमें |
किस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेटकोसत्रन्यायालयसेसंबंधितअपराधोंकेमामलेनहींसुननेचाहिए स्पष्ट किया था? | राज्यबनामश्यामसुंदर (2008) 6 एससीसी 104 |
किस मामले को सर्वोच्च न्यायालय ने सत्रन्यायालयकोऐसेमामलोंकोसुननाचाहिए, जोधारा361 केअंतर्गतआतेहैं, में निर्णय दिया? | महाराष्ट्रराज्यबनामदिनेशकुमार (2011) 4 एससीसी 115 |
धारा362 किससे सम्बन्धित है? | प्रक्रियाजबजांचयाविचारणकेप्रारंभकेपश्चात्मजिस्ट्रेटकोपताचलताहैकिमामलासुपुर्दकियाजानाचाहिए |
धारा362 के तहत, यदि मजिस्ट्रेट को लगता है कि मामला सत्रन्यायालय को भेजा जाना चाहिए, तो क्या प्रक्रिया होती है? | मजिस्ट्रेटइसेसत्रन्यायालयकोभेजनेकाआदेशदेताहै |
यदिकिसीमामलेकोमजिस्ट्रेटनेशुरूकियाहोऔरबादमेंउसेसुपुर्दकरनेकानिर्णयलियाजाए, तो मजिस्ट्रेट को किससेअनुमति प्राप्त करनी होती है? | सत्रन्यायालय |
क्या धारा362 के तहत, जब मामला सुपुर्द किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट को कोई निर्णय लेने की शक्ति रहती है? | नहीं, उसेमामलासिर्फस्थानांतरितकरनाहोताहै |
धारा362 के तहत, यदिमजिस्ट्रेटकोयहपताचलताहैकिमामलासत्रन्यायालयकोसौंपनाचाहिए, तो यह निर्णय किस समय लिया जाता है? | प्रारंभिकसुनवाईकेदौरान |
यदि धारा362 के तहत मामला सत्र न्यायालय को भेजा जाता है, तो मजिस्ट्रेट को क्या करना होता है? | साक्ष्यऔरदस्तावेज़ोंकोसत्रन्यायालयकोसौंपनाहोताहै |
धारा362 के तहत, जब मामले को सुपुर्द किया जाता है, तो क्या सत्र न्यायालय के पास उसे लेकर कोई नया निर्णय लेने की शक्ति होती है? | हाँ, सत्रन्यायालयनएसिरेसेसुनवाईकरसकताहै |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सत्रन्यायालयनेसभीसाक्ष्यकोनयातरीकेसेजांचा,जब मजिस्ट्रेट से सत्र न्यायालय को नियुक्त किया गया था? | राज्यबनामराजकुमार (2006) 4 एससीसी 367 |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सत्रन्यायालयनेमामलेकीपुनःसुनवाईकी निर्णय लिया, जब केस मजिस्ट्रेट से सत्र न्यायालय को पदस्थापित किया गया? | राजस्थानराज्यबनाममनीषशर्मा (2015) 7 एससीसी 452 |
धारा363 किससे सम्बन्धित है? | सिक्के, स्टाम्पविधियासम्पतिकेविरुद्धअपराधोंकेलिएपूर्वमेंदोषसिद्धव्यक्तियोंकाविचारण |
जबमजिस्ट्रेटपर्याप्तकठोरदंडकाआदेशनहींदेसकता से सम्बन्धित कौन सी धारा है? | धारा364 |
धारा365 किससे सम्बन्धित है? | भागतःएकन्यायाधीशयामजिस्ट्रेटद्वाराऔरभागत: दूसरेन्यायाधीशयामजिस्ट्रेटद्वाराअभिलिखितसाक्ष्यपरदोषसिद्धियासुपुर्दगी |
धारा366 किससे सम्बन्धित है? | न्यायालयोंकाखुलाहोना |
धारा366(1) के अनुसार, कौन-सा स्थान 'खुला न्यायालय' माना जाता है? | वहस्थानजहाँकोईदंडन्यायालयअपराधकीजांचयाविचारणकेलिएबैठताहै |
खुलेन्यायालयकामुख्यउद्देश्य क्या है? | न्यायिकप्रक्रियामेंपारदर्शिताऔरजनताकाविश्वासबनाएरखना |
धारा366 के तहत, न्यायाधीश को किस स्थिति में जनता को अदालत कक्ष से बाहर करने का अधिकार है? | जबअदालतमेंभीड़अधिकहो जबकार्यवाहीमेंबाधाउत्पन्नहोसकतीहै जबसाक्षीकोडराने-धमकानेकीसंभावनाहो |
धारा366(2) के अनुसार, किन मामलों में गोपनीयसुनवाई (In-Camera Proceedings) की अनुमति है? | यौनअपराधऔरबालयौनअपराध |
गोपनीय सुनवाई के दौरान, कौन-कौन व्यक्ति अदालत कक्ष में उपस्थित हो सकते हैं? | न्यायाधीश, अभियोजनऔरबचावपक्षकेवकील, आरोपी, पीड़ित, औरआवश्यकअदालतकर्मचारी |
धारा366(3) के तहत, गोपनीयसुनवाई की जानकारी को प्रकाशित करने के लिए क्या आवश्यक है? | अदालतकीअनुमति |
किस मामले में कोर्ट ने कहा कि नाबालिगकालिव-इनरिलेशनशिपमेंहोनाअवैधऔरअनैतिकहै, जिससेधारा366 केतहतअभियोजनहुआ? | इल्लीगल, इम्मोरलफॉरमाइनरटूबीइनअलिव-इनरिलेशनशिप |
यदि कोई पत्रकार गोपनीय सुनवाई की जानकारी बिना अदालत की अनुमति के प्रकाशित करता है, तो वह किस धारा का उल्लंघन करता है? | धारा366(3) |
अध्याय-27 | |
विकृतचित्तअभियुक्तव्यक्तियोंकेबारेमेंउपबंध (Provisions As to Accused Persons With Mental Illness) | |
धारा367 किससे सम्बन्धित है? | अभियुक्तकेविकृचितव्यक्तिहोनेकीदशामेंप्रक्रिया |
धारा367 के अनुसार, यदिमजिस्ट्रेटकोसंदेहहोकिआरोपीमानसिकरूपसेअस्वस्थहै, तो वह क्या कर सकता है? | आरोपीकोमानसिकस्थितिकीजांचकेलिएसिविलसर्जनकेपासभेजसकताहै |
यदि सिविल सर्जन आरोपी को मानसिक रूप से अस्वस्थ पाता है, तो अगला कदम क्या होता है? | आरोपीकोमानसिकरोगविशेषज्ञयाक्लिनिकलसाइकोलॉजिस्टकेपासभेजाजाताहै |
यदि आरोपी या उसका वकील विशेषज्ञ की रिपोर्ट से असंतुष्ट है, तो वे क्या कर सकते हैं? | मेडिकलबोर्डकेसमक्षअपीलकरसकतेहैं |
मेडिकलबोर्ड में कौन-कौन सदस्य होते हैं? | सरकारीअस्पतालकेमानसिकरोगविभागकेप्रमुखऔरसरकारीमेडिकलकॉलेजकेमानसिकरोगविशेषज्ञसंकायसदस्य |
मजिस्ट्रेट को आरोपी की मानसिक स्थिति की जांच पूरी होने तक क्या करना चाहिए? | आरोपीकोमानसिकस्वास्थ्यसंस्थानमेंभेजना |
यदि आरोपी को बौद्धिकअक्षमता है और वह अपने बचाव में अक्षम है, तो मजिस्ट्रेट को क्या करना चाहिए? | मुकदमेकीकार्यवाहीबंदकरनीचाहिए |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मानसिकरूपसेअस्वस्थआरोपीकोदोषमुक्तकियाक्योंकिवहअपनेकार्योंकोसमझनेमेंअक्षमथा? | रोहनबनामराज्य |
यदि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक हो जाती है, तो मुकदमे की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी? | मुकदमाफिरसेशुरूकियाजाएगा |
धारा368 किससे सम्बन्धित है? | न्यायालयकेसमक्षविचारितव्यक्तिकेविकृतचित्तहोनेकीदशामेंप्रक्रिया |
धारा368(2) के अनुसार, यदि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया जाता है, तो न्यायालय उसे कहाँ भेजता है? | मानसिकरोगविशेषज्ञयानैदानिकमनोवैज्ञानिककेपास |
यदि आरोपी या उसका वकील विशेषज्ञ की रिपोर्ट से असंतुष्ट है, तो वे क्या कर सकते हैं? | मेडिकलबोर्डकेसमक्षअपीलकरसकतेहैं |
यदि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और मुकदमे का सामना करने में अक्षम है, तो न्यायालय क्या करेगा? | मुकदमेकीकार्यवाहीबंदकरेगा |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मानसिकरूपसेअस्वस्थआरोपीकोदोषमुक्तकियाक्योंकिवहअपनेकार्योंकोसमझनेमेंअक्षमथा? | रोहनबनामराज्य |
यदि आरोपी बौद्धिकअक्षमतासेग्रसितहै और मुकदमे का सामना करने में अक्षम है, तो न्यायालय क्या करेगा? | मुकदमेकीकार्यवाहीबंदकरेगा |
धारा369 किससे सम्बन्धितहै? | अन्वेषणयाविचारणकेलंबितरहनेतकविकृतचितव्यक्तिकाछोड़ाजाना |
किस स्थिति में धारा369 लागू होती है? | अभियुक्तमानसिकरूपसेविक्षिप्तपायाजाताहै |
यदि कोई अभियुक्त मानसिक रूप से अस्वस्थ हो, तो उसे कहाँ भेजा जा सकता है? | मानसिकचिकित्सालययाउपयुक्तसंस्था |
धारा369 के तहत विकृतचित व्यक्ति को किस स्थिति में छोड़ा जा सकता है? | जबवहठीकहोजाए |
मानसिक रूप से विकृत अभियुक्त की रिहाई किसकी अनुशंसा पर निर्भर करती है? | चिकित्साअधिकारी |
कौन-सा केस धारा369 सेसंबंधितहैजहाँकोर्टनेमानसिकविकृतिकेकारणअभियुक्तकोचिकित्साकेलिएभेजाथा? | सुरेन्द्रमिश्राबनामझारखंडराज्य |
धारा369 के अंतर्गत अदालत किसका विचार करती है? | अभियुक्तकीमानसिकस्थिति |
यदि किसी विक्षिप्त अभियुक्त को छोड़ा गया हो और वह बाद में खतरा बन जाए, तो क्या किया जा सकता है? | उसेपुनःगिरफ्तारकियाजासकताहै |
किस मामले में अभियुक्तकोमानसिकचिकित्सालयभेजागया निर्णय लिया गया? | सुरेंद्रमिश्राबनामझारखंडराज्य |
किस आधार पर अभियुक्त को छोड़ने का निर्णय लिया जाता है? | चिकित्साविशेषज्ञकीरिपोर्टवसुरक्षामूल्यांकनपर |
धारा370 किससे संबंधित है? | जांचयाविचारणकोपुनःचालूकरना |
धारा370 का प्रयोग किस स्थिति में किया जाता है? | जबविचारणस्थगितहोगयाहोऔरअबफिरसेप्रारंभकरनाहो |
धारा370 के अंतर्गत न्यायालय किस परिस्थिति में विचारण को पुनःप्रारंभ कर सकता है? | अभियुक्तकीमानसिकस्थितिठीकहोजानेपर |
अगर विचारण स्थगन के बाद अभियुक्त को मानसिक चिकित्सालय भेजा गया था, तो क्या न्यायालय उसे वापस बुला सकता है? | हाँ, यदिचिकित्सकीयरिपोर्टमेंसुधारबतायागयाहो |
किस मामले में न्यायालय ने अभियुक्तकीमानसिकस्थितिमेंसुधारहुआथा आधार पर विचार पुनः प्रारंभ किया? | राजस्थानराज्यबनामशंभूकेवट |
यदि विचारण के स्थगन के दौरान अभियुक्त मानसिक रूप से ठीक हो जाए, तो अदालत को क्या करना चाहिए? | विचारणकोपुनःचालूकरना |
विचारणपुनःप्रारंभ होने पर क्या प्रक्रिया दोहराई जाती है? | पूर्वसाक्ष्यकोदोहरायाजाताहैयदिआवश्यकहो |
क्या विचारणपुनःचालू होने के बाद आरोपी को नए सिरे से दोषसिद्ध किया जा सकता है? | हाँ, यदिसभीऔपचारिकताएंपूरीकीजाएं |
धारा370 का उद्देश्य क्या है? | यहसुनिश्चितकरनाकिमानसिकरूपसेठीकअभियुक्तपरविचारणहोसके |
एक अभियुक्त विचारण के दौरान मानसिक रूप से अक्षम पाया गया। उसे मानसिक चिकित्सालय भेजा गया और दोवर्षों बाद डॉक्टरों ने उसकी सामान्य स्थिति की पुष्टि की। इस स्थिति में क्या होगा? | विचारणधारा370 केतहतपुनःचालूकियाजाएगा |
यदि विचारण को पुनःचालू करते समय अभियुक्त फिर से अस्वस्थ हो जाए तो क्या होगा? | पुनःस्थगनहोगा |
धारा371 किस विषय से संबंधित है? | अभियुक्तकेन्यायालयमेंप्रस्तुतहोनेपरप्रक्रिया |
धारा371 के अनुसार, अभियुक्त के हाजिर होने के बाद कौन-सी रिपोर्ट आवश्यक होती है? | चिकित्साअधिकारीकीरिपोर्ट |
यदि मजिस्ट्रेट को विश्वास हो जाए कि अभियुक्त अब विचारण के लिए सक्षम है, तो अगला कदम क्या होता है? | विचारणपुनःप्रारंभकरना |
क्या मजिस्ट्रेट अभियुक्त की उपस्थिति पर स्वयं विचारण आरंभ कर सकता है? | हाँ, यदिवहसक्षममजिस्ट्रेटहो |
किस मामले में कोर्ट ने चिकित्सकीयरिपोर्टकीअनिवार्यता मुद्दे पर बल दिया? | महाराष्ट्रराज्यबनामराजेंद्रसिंह |
किस मामले में अभियुक्तकेउपस्थितहोनेपरपुनःविचारणआवश्यकहै स्थापित किया गया? | रामचंदरबनामराज्य |
किस मामले में कोर्ट ने मजिस्ट्रेटकोचिकित्सकीयविशेषज्ञसेरिपोर्टलेनीचाहिए किया स्पष्ट? | अमितकुमारबनामराज्य |
यदि अभियुक्त मानसिक रूप से ठीक दिखे लेकिन चिकित्सा रिपोर्ट उसके विपरीत हो, तो मजिस्ट्रेट क्या करेगा? | पुनःचिकित्सापरीक्षणकरवाएगा |
धारा372 किससे संबंधित है? | जबयहप्रतीतहो किअभियुक्तस्वस्थचित्तरहाहै |
धारा372 लागू होती है जब न्यायालय को विश्वास हो जाता है कि अभियुक्त- | अबविचारणकेलिएमानसिकरूपसेसक्षमहै |
धारा372 मुख्यतः किस प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने से जुड़ी है? | विचारण |
एक अभियुक्त मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अस्पताल में भर्ती था। अब वह पूर्णतःस्वस्थ होकर लौटता है। न्यायालय क्या करेगा? | उसेफिरसेविचारणकेलिएप्रस्तुतकरेगा |
अभियुक्त की मेडिकल रिपोर्ट में उसे स्वस्थचित्त बताया गया है, लेकिन न्यायालय को संदेह है। न्यायालय क्या करेगा? | दोबाराचिकित्साजांचकाआदेशदेगा |
किस मामले में अदालत ने विचारणतभीहोगाजबअभियुक्तस्वस्थचित्तहो कहा? | सूर्यनारायणबनामबिहारराज्य |
किस मामले में दोषसिद्धहोनेसेपहलेअभियुक्तकीमानसिकस्थितिकापरीक्षण, सिद्धांत को मजबूत करता है? | राजस्थानराज्यबनामकरतारसिंह |
धारा373 किससे सम्बन्धित है? | चित-विकृतिकेआधारपरदोषमुक्तकानिर्णय |
धारा373 के अंतर्गत कौनसी मानसिक अवस्था का परीक्षण किया जाता है? | अपराधकेसमयकीमानसिकअवस्था |
चित-विकृति के कारण दोषमुक्त किया गया अभियुक्त — | दोषमुक्तहोताहैपरंतुइलाजहेतुसुरक्षितनिगरानीमेंरखाजासकताहै |
अभियुक्त ने हत्या की लेकिन सबूत है कि अपराध के समय वह मानसिक रोगी था। न्यायालय क्या करेगा? | उसेधारा373 केतहतदोषमुक्तघोषितकरेगा |
एक व्यक्ति ने चोरी की, परंतु यह सिद्ध हुआ कि वह उस समय चित-विकृति से पीड़ित था। धारा373 के अनुसार उसका परिणाम क्या होगा? | दोषमुक्त |
किस मामले में न्यायालय ने अभियुक्तकीमानसिकअवस्थाअपराधकेसमयमहत्वपूर्णहै सिद्धांत की स्थापना की? | दहयाभाईछगनभाईठक्करबनामगुजरातराज्य |
किस मामले में कोर्ट ने चित-विकृति से संबंधित मानसिकरोगीकोदोषमुक्तमानाजासकताहै, निर्णय दिया गया? | रतनलालबनाममध्यप्रदेशराज्य |
कौनसा केस चित-विकृतिसेदोषमुक्ति सन्दर्भ में उद्धृत किया गया था? | राज्यबनामलक्ष्मणकुमार |
धारा374 किससे संबंधित है? | चित-विकृतिकेआधारपरदोषमुक्तकिएगएव्यक्तिकासुरक्षितअभिरक्षामेंनिरुद्धकियाजाना |
एक अभियुक्त को धारा373 के तहत चित-विकृति के कारण दोषमुक्त किया गया है। अब न्यायालय को क्या करना होगा? | उसेधारा374 केतहतसुरक्षितअभिरक्षामेंभेजनाहोगा |
किस केस का संबंध मानसिकरोगीअभियुक्तकीअभिरक्षा से है? | राजस्थानराज्यबनामशेराराम |
किस मामले में यह स्पष्ट हो गया कि चित्-विकृति से दोषमुक्त व्यक्ति को - सुरक्षितमानसिकअस्पतालमेंनिरुद्धकियाजासकताहै | रतनलालबनाममध्यप्रदेशराज्य |
किस केस से दोषमुक्तमानसिकरोगीकोसमाजकीसुरक्षाहेतुरोकाजासकताहै सिद्धांत की पुष्टि होती है? | अमृत भूषणबनामबिहारराज्य |
क्या चित-विकृति के कारण दोषमुक्त व्यक्ति को रिहा करना अनिवार्य है? | नहीं, न्यायालयउसेसुरक्षितनिरुद्धकरसकताहै |
सुरक्षितअभिरक्षा का उद्देश्य क्या है? | समाजकीसुरक्षाऔरअभियुक्तकीचिकित्सा |
क्या मानसिक रोगी दोषमुक्त होने के बावजूद निगरानी में रखा जा सकता है? | हाँ, यदिवहसमाजकेलिएखतराहै |
न्यायालय मानसिक रोगी दोषमुक्त अभियुक्त को कहाँ भेज सकता है? | मानसिकचिकित्सालययाअन्यसंरक्षितसंस्था |
अध्याय 28 | |
न्यायप्रशासनपरप्रभावडालनेवालेअपराधोंकेबारेमेंउपबंध (Provisions As to Offences Affecting the Administration of Justice) | |
धारा 379 किस विषय से संबंधित है? | धारा215 मेंवर्णितमामलोंमेंप्रक्रिया |
कौनसा केस एकाधिकअपराधोंकेसम्मिलनऔरविचारणकीप्रक्रिया विषय से संबंधित है? | महाराष्ट्रराज्यबनामकचरूसिंहसंतरामसिंहराजपूत |
किस मामले में यह स्पष्ट किया कि- एकहीविचारणमेंकईअपराधोंकोजोड़ाजासकताहै | ताजमोहम्मदबनामराजस्थानराज्य |
धारा380 किस विषय से संबंधित है? | अपील |
अपीलकाअधिकार किस प्रकार का अधिकार माना जाता है? | वैधानिकअधिकार |
क्या अपील का अधिकार स्वाभाविकरूप से उपलब्ध होता है? | नहीं, केवलजबक़ानूनमेंप्रावधानहो |
धारा380 के अनुसार, कौन अपील कर सकता है? | अभियुक्तऔरअभियोजनदोनों |
कौन-सा न्यायालय अपील की सुनवाई कर सकता है? | अपीलीयअधिकारवालाउच्चतरन्यायालय |
यदिएकअभियुक्तकोदोषीठहरायागयाहै और उसे 3 वर्ष की सजा दी गई है, तो वह कहाँ अपील कर सकता है? | जिलान्यायालय |
कौन-सा केस अपीलकाअधिकारएकवैधानिकअधिकारहै से संबंधित है? | कमलप्रसादबनामबिहारराज्य |
कौनसे केस में यह सिद्ध हुआ कि— सरकारअभियुक्तकीरिहाईकेविरुद्धअपीलकरसकतीहै | राजस्थानराज्यबनामसोहनलाल |
गुजरात केस में कोर्ट ने अपीललंबितहोनेपरदोषसिद्धिस्थगितकीजासकतीहै पर बल दिया? | गणेशमलजशराजबनामसरकार |
किस मामले के अनुसार अपील में पुनरीक्षणअधिकारकाप्रयोग नहीं किया जा सकता? | हरिशंकरबनामरावगिरधारीलालचौधरी AIR 1963 SC 698 |
अपील किस प्रकार की प्रक्रिया है? | द्वितीयक (Secondary) |
क्या प्रत्येक निर्णय के विरुद्ध अपील का अधिकार होता है? | नहीं |
न्यायालय किस स्थिति में अपील सुनने से मना कर सकता है? | अपीलसमय-सीमासेबाहरहो |
धारा381 किससे संबंधित है? | खर्चेकाआदेशदेनेकीशक्ति |
यदि कोई व्यक्ति दुर्भावनापूर्वकझूठीशिकायतदर्जकराताहै और मुकदमा खारिज हो जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | धारा381 केतहतउसव्यक्तिकोखर्चअदाकरनेकाआदेशदेगा |
यदि न्यायालय ने धारा381 के अंतर्गत खर्च अदा करने का आदेश दिया है और संबंधित व्यक्ति भुगतान नहीं करता, तो क्या हो सकता है? | उसेदंडात्मककार्यवाहीकासामनाकरनापड़सकताहै |
किस मामले के अनुसार, अदालत में याचिका दायर करने के मामले में खर्चकीप्रतिपूर्तिकाआदेशदेनाचाहिए करना चाहिए? | नागव्वाबनामवीरन्नाशिवलिंगप्पाकोन्जाल्गीएआईआर 1976 एससी 1947 |
किस मामले में शिकायतकर्तासेझूठेआरोपसिद्धहोनेपरहर्जानावसूलाजासकताहै सिद्धांत को स्वीकार किया गया? | राजेंद्रकुमारसीतारामपांडेबनामउत्तमएआईआर 1999 एससी 1028 |
न्यायालयकिसस्थितिमेंखर्चेकाआदेशदेगा? | जबशिकायतयासूचनाझूठीवदुर्भावनापूर्णहो |
खर्चकेआदेशकीअधिकतमसीमाक्याहै? | न्यायालयकेविवेकपरनिर्भर |
क्याशिकायतकर्ताधारा381 केतहतदिएगएखर्चेकेआदेशकेविरुद्धअपीलकरसकताहै? | हाँ |
खर्चकाआदेशकबतकदियाजासकताहै? | कार्यवाहीकेअंतमें, जबझूठीशिकायतसाबितहोजाए |
धारा382 किस विषय से संबंधित है? | संज्ञानलेनेकेउपरांतप्रक्रिया |
धारा382 का उद्देश्य क्या है? | मजिस्ट्रेटद्वारासंज्ञानलेनेकेबादमामलेमेंआगेकीप्रक्रियानिर्धारितकरना |
यदि कोई मजिस्ट्रेट किसी अपराध का संज्ञान लेता है, तो उसे आगे क्या करना होता है? | धारा382 केअनुसारआगेकीप्रक्रियाअपनानीहोतीहै |
मजिस्ट्रेटद्वारासंज्ञान किस प्रकार लिया जाता है? | पुलिसकीरिपोर्टयाशिकायतद्वारा |
एक मजिस्ट्रेट ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अपराध का संज्ञान लिया। अब उसे किस प्रक्रिया का पालन करना चाहिए? | आरोपतयकरनाऔरसमनजारीकरना |
के अनुसार "संज्ञान" का तार न्यायालयद्वारामामलेपरध्यानदेनाऔरउसेआगेबढ़ाना है? | आर.आर. चारीबनामउत्तरप्रदेशराज्य, AIR 1951 SC 207 |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मजिस्ट्रेटद्वारासंज्ञानलेनेपरउसेन्यायिकप्रक्रियाकापालनकरनाचाहिए, पर बल दिया गया? | मुख्यप्रवर्तनअधिकारीबनामवीडियोकॉनइंटरनेशनललिमिटेडAIR 2008 SC 9 |
किस मामले के अनुसार, मजिस्ट्रेट द्वारा मॉड्यूल लेने की सभीआरोपियोंकोबुलानाऔरआरोपतयकरना आवश्यकता है? | सुनीलभारतीमित्तलबनामसीबीआई, एआईआर 2015 एससी 923 |
क्या मजिस्ट्रेट बिना संज्ञान लिए कार्यवाही कर सकता है? | नहीं, पहलेसंज्ञानलेनाआवश्यकहै |
संज्ञान लेने के बाद मजिस्ट्रेट किस प्रकार की कार्यवाही शुरू कर सकता है? | समनयावारंटजारीकरसकताहै |
मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिए जाने का अर्थ क्या होता है? | मामलेकीगंभीरताकोपहचाननाऔरउसेन्यायिकप्रक्रियामेंलाना |
धारा382 के अंतर्गत क्या मजिस्ट्रेट को विवेचना करनी होती है? | नहीं, केवलकार्यवाहीप्रारंभकरनीहोतीहै |
मजिस्ट्रेट किस धारा के अंतर्गत संज्ञान लेकर धारा382 की प्रक्रिया शुरू करता है? | धारा190 |
यदि मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिया गया है, तो क्या वह सीधे आरोप तय कर सकता है? | हाँ, यदिप्रथमदृष्टयासाक्ष्यहो |
धारा383 किससे संबंधित है? | मिथ्यासाक्ष्यदेनेपरविचारणकेलिएसंक्षिप्तप्रक्रिया |
धारा383 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | मिथ्यासाक्ष्यदेनेवालेव्यक्तिपरशीघ्रकार्यवाहीकरना |
धारा383 के अंतर्गत कौन-सा अपराध शामिल है? | मिथ्यासाक्ष्यदेना |
संक्षिप्त प्रक्रिया का आशय क्या है? | शीघ्रसुनवाईऔरनिर्णय |
धारा383 के अंतर्गत विचारण किस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है? | मजिस्ट्रेटजिसकीअदालतमेंमिथ्यासाक्ष्यदियागयाहो |
क्या मजिस्ट्रेट स्वयं मिथ्यासाक्ष्यपरसंज्ञान लेकर धारा383 के अंतर्गत कार्यवाही शुरू कर सकता है? | हाँ |
धारा383 के तहत किस समय पर संक्षिप्त प्रक्रिया अपनाई जा सकती है? | जबअदालतकेसमक्षकोईव्यक्तिमिथ्यासाक्ष्यदेताहै |
किसी साक्षी ने जानते हुए या जानबूझकर मिथ्या साक्ष्य दिया है इस आशय से मिथ्या साक्ष्य गढ़ा है कि ऐसा साक्ष्य ऐसी कार्यवाही में प्रयुक्त किया जाए तो न्यायालय उसे किस दंड से दंडित कर सकेगा | कारावाससेजिसकीअवधितीनमासतककीहोसकेगीया जुर्मानेसेजोएकहजाररुपएतककाहोसकेगायादोनोंसे |
किस मामले में न्यायालय को मिथ्या प्रतीक के मामलों में स्वतःसंज्ञानलेकरविचारणकरनाचाहिए करना चाहिए? | एमएसशेरिफबनाममद्रासराज्य, एआईआर 1954 एससी 397 |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अदालतेंमिथ्यासाक्ष्यपरस्वतःसंज्ञानलेकरकार्यवाहीकरसकतीहैं पर बल दिया गया? | पेरुमलबनामजानकी, (2014) 5 एससीसी 377 |
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठा बयान अदालत में देता है, तो किस धारा के तहत उसके विरुद्ध कार्यवाही हो सकती है? | धारा383 |
धारा384 का संबंध किससेहै? | अवमाननासेसंबंधितमामलोंकीप्रक्रियासे |
"अवमान" का सामान्य अर्थ क्या होता है? | न्यायालयकीगरिमाकोठेसपहुँचानायाआदेशोंकीअवहेलना |
क्या धारा384 न्यायालय को स्वयं संज्ञान लेने की अनुमति देती है? | हाँ, यदिवहन्यायालयस्वयंअपमानितहुआहो |
धारा384 के अंतर्गत अवमान की प्रक्रिया कब अपनाई जाती है? | जबकोईन्यायालयकेआदेशकीजानबूझकरअवहेलनाकरताहै |
न्यायालयअवमान की प्रक्रिया को किस प्रकार अपनाता है? | न्यायिकसंज्ञानलेकर, औरकारणबताओनोटिसदेकर |
क्या मजिस्ट्रेट न्यायालय के समक्ष की गई अवमानना पर तुरन्त कार्यवाही कर सकता है? | हाँ |
धारा384 के अंतर्गत प्रक्रिया किसके विरुद्ध शुरू की जा सकती है? | किसीभीव्यक्तिकेविरुद्धजोन्यायालयकीअवमाननाकरताहै |
न्यायालयकीअवमानना से संबंधित था? | अरुंधतिरॉयबनामभारतसंघमामला |
पुन: अरुंधतिरॉय, (2002) 3 एससीसी 343 में सर्वोच्च न्यायालय ने क्या निर्णय दिया? | अवमानकेलिएदोषीठहरायाऔरप्रतीकात्मकदंडदियागया |
किस मामले के अनुसार न्यायालयकीआलोचनाऔरअदालतमेंअंतरआलोचनारचनात्मकहोसकतीहै, अवमानजानबूझकरआदेशकीअवहेलना पर होता है? | पी.एन. डूडाबनामपी. शिवशंकर (1988) |
धारा385 किससे सम्बन्धित है? | जहांन्यायालयकाविचारहैकिमामलेमेंधारा384 केअधीनकार्यवाहीनहींकीजानीचाहिएवहांप्रक्रिया |
धारा385 की प्रक्रिया का अंतिम परिणाम क्या होता है? | कार्यवाहीसमाप्तहोजातीहै |
किस मामले में कोर्ट के अनुसार जबआलोचनान्यायकेहितमेंहो, परिस्थिति में अवमान की सुनवाई हो सकती है? | ब्रह्माप्रकाशशर्माबनामस्टेटऑफयूपी, एआईआर 1954 एससी 10 |
क्या न्यायालय का यह निर्णय कि अवमान की कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए, अपील योग्य होता है? | नहीं |
कौन-सी धारा रजिस्ट्रारयाउपरजिस्ट्रार कबसिविलन्यायालयसमझाजाएगा से संबंधित है? | धारा386 |
रजिस्ट्रारयाउपरजिस्ट्रार कब सिविल न्यायालय समझा जाएगा ? | जबराज्यसरकारऐसानिदेशदेतबकोईभीरजिस्ट्रारयाकोईभीउप- रजिस्ट्रार, जोरजिस्ट्रीकरणअधिनियम, 1908 केअधीननियुक्तहै, |
रजिस्ट्रारयाउप-रजिस्ट्रार सिविल न्यायालय के रूप में किस अधिनियम के तहत काम करते हैं? | भारतीयरजिस्ट्रेशनअधिनियम |
किस मामले में न्यायालय ने न्यायिककृत्यकरनेपररजिस्ट्रारसिविलन्यायालयमानाजासकताहै कहा? | रामसुरेशसिंहबनामप्रभातसिंह, AIR 2009 SC 2805 |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्ट्रेटेजी की भूमिका पर न्यायिककार्यकरतेसमयवहसिविलन्यायालयकीतरहकार्यकरताहै टिप्पणी की? | हरबंसलालबनामहरियाणाराज्य, AIR 1993 SC 819 |
जब कोई व्यक्ति रजिस्ट्रार के निर्णय को चुनौती देता है, तो वह किस न्यायालय में अपील करता है? | जिलान्यायालय |
धारा386 काउद्देश्य क्या है? | न्यायिककार्यकरतेसमयउन्हेंविधिकसंरक्षणदेना |
धारा387 किससे सम्बन्धित है? | माफीमांगनेपरअपराधीकाउन्मोचन |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उचित मामलों में माफ़ीमाँगनेपरउन्मोचनकानिर्णयन्यायालयकेविवेकपरनिर्भरकरताहै कहा? | माधवरावसिंधियाबनामसंभाजीरावआंग्रे, एआईआर 1988 एससी 709 |
किस मामले में न्यायालयसमझौतेकेआधारपरकार्यवाहीसमाप्तकरसकताहै निर्णय दिया गया? | ज्ञानसिंहबनामपंजाबराज्य, AIR 2012 SC 2601 |
किस धारा के अंतर्गत कोई व्यक्ति यदि उत्तर देने या दस्तावेज़ पेश करने से इंकार करता है तो उसे कारावास या सुपुर्द किया जा सकता है? | धारा388 |
धारा388 का किससे सम्बन्धितहै? | उत्तरदेनेयादस्तावेजपेशकरनेसेइंकारकरने व्यक्तिकोकारावासयाउसकीसुपुर्दगी |
धारा388 के अंतर्गत दंड कब लागू किया जाता है? | जबव्यक्तिजानबूझकरउत्तरदेनेयादस्तावेज़प्रस्तुतकरनेसेइंकारकरे |
व्यक्ति को कारावास किस प्रकार का दिया जाता है? | जबतकवहउत्तरनदेयादस्तावेज़प्रस्तुतनकरे |
क्या धारा388 का प्रयोग गवाहों पर भी लागू हो सकता है? | हाँ, जबसाक्षीन्यायालयकेआदेशकापालननकरे |
दस्तावेज़ प्रस्तुत करने से इंकार करने वाले व्यक्ति को क्या दंड दिया जाता है? | अभिरक्षाकेलिएसुपुर्दगीया सातदिनसेअनधिककीकिसीअवधिकेलिएसादाकारावास |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अदालतकेसमक्षदस्तावेज़नदेनेपरअवमाननालागूहोसकतीहै फैसला सुनाया? | सहाराइंडियाबनामसेबी, एआईआर 2012 एससी 3829 |
किस धारा में समनकेपालनमेंसाक्षीकेहाजिरनहोनेपरउसेदंडितकरनेकेलिएसंक्षिप्तप्रक्रिया दी गई है? | धारा389 |
धारा389 के अनुसार साक्षी के समन के बावजूद हाजिर न होने पर अदालत क्या कर सकती है? | उसेपांचसौरुपएसेअनधिकजुर्मानेसेदंडितकरसकतीहै |
किस मामले के अनुसार समनकीअवहेलनापरसंक्षिप्तदंडउचितहै, कहा गया? | मo प्रo राज्यवी. शोभाराम, 1989 सीआरएलजे 2011 |
किस मामले में कोर्ट ने गवाहकीउपस्थितिसुनिश्चितकरनाअभियोजनकीजिम्मेदारीहै टिप्पणी की? | अमितकुमारबनामबिहारराज्य, 2015 एससीसीऑनलाइनपैट 645 |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा390 किससे संबंधित है? | धारा383, धारा 384, धारा388 औरधारा389 केअधीनदोषसिद्धियोंसेअपीलें |
कौन-सी धाराएं धारा390 के अंतर्गत दोषसिद्धि के लिए आधार बनती हैं? | धारा383, धारा384, धारा388 और389 |
धारा390 में अपील करने का अधिकार किसे प्राप्त है? | दोषसिद्धव्यक्तिको |
अपील किस न्यायालय में की जा सकती है जब दोषसिद्धि धारा383 के अंतर्गत हुई हो? | सत्रन्यायालय |
क्या धारा390 के अंतर्गत दोषसिद्ध व्यक्ति को अपील का अवसर दिए बिना दंडित किया जा सकता है? | नहीं |
किस मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ अपील में संक्षिप्तदंडकीअपीलभीन्यायकाहिस्सा महत्वपूर्ण बात कही गई? | मो. इकबालबनामराजस्थानराज्य, एआईआर 1997 राज 102 |
किस मामले के अनुसार अभियुक्तकोअपीलकाअधिकारमौलिकअधिकारहै स्पष्ट किया गया? | रामस्वरूपबनाममध्यप्रदेशराज्य, 2004 CrLJ 1927 |
किस मामले में संक्षिप्तप्रक्रियासेहुईसजाकेविरुद्धभीन्यायकीमांगकीजासकतीहै निर्देश दिए गए? | राज्यबनाममहेंद्रसिंह, एआईआर 2002 एससी 1479 |
धारा391 किससे सम्बन्धित है? | कुछन्यायाधीशोंऔरमजिस्ट्रेटोंकेसमक्षकिएगएअपराधोंकाउनकेद्वाराविचारणनकियाजाना |
किस मामले में कहा गया कि धारा 391 के पीछे निष्पक्षन्याय सिद्धांत छिपा है? | राजस्थानराज्यबनामप्रकाशचंद, AIR 1998 SC 1344 |
किस मामले में कहा गया कि धारा 391 का उल्लंघन दोषसिद्धिस्वतःरद्दहोसकतीहै की दोषसिद्धि को प्रभावित करता है? | हरिनाथबनामबिहारराज्य, एआईआर 2001 पैट 77 |
अध्याय-29 | |
निर्णय (The Judgment) | |
धारा392 किससे संबंधित है? | निर्णय (Judgment) से |
'निर्णय' का अर्थ क्या है? | न्यायालयद्वाराअपराधीकीदोषसिद्धियादोषमुक्तिकाकारणयुक्तआदेश |
धारा392 के अनुसार निर्णय में क्या अनिवार्य रूप से होना चाहिए? | साक्ष्यकासारांशऔरनिर्णयकेकारण |
क्या निर्णयमौखिक रूप से दिया जा सकता है? | नहीं, यहलिखितहोनाचाहिए |
क्या निर्णय में प्रत्येक आरोप पर स्पष्ट निष्कर्ष होना आवश्यक है? | हाँ |
धारा392 के अंतर्गत निर्णय में किसका उल्लेख आवश्यक नहीं है? | अभियोजनद्वाराखर्च |
किस मामले के अनुसार निर्णय कारणसहित, साक्ष्यकेआधारपर होना चाहिए? | पंजाबराज्यबनामजागीरसिंहAIR 1974 SC 2407 |
किस मामले के अनुसार न्यायालय को निर्णयजनताकोसमझमेंआनाचाहिए का ध्यान रखना चाहिए? | अजयसिंहबनामछत्तीसगढ़राज्य AIR 2017 SC 3104 |
धारा392 के अनुसार निर्णय की प्रकृति कैसी होनी चाहिए? | सुस्पष्टऔरतर्कयुक्त |
क्या धारा392 के अंतर्गत पारित निर्णयमेंन्यायालयद्वारा अपनाए गए कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख आवश्यक है? | हाँ |
क्या मजिस्ट्रेट केवल अभियोजन के कथनों पर आधारित निर्णय सुना सकता है? | नहीं, उसेबचावपक्षऔरसाक्ष्योंपरभीविचारकरनाहोताहै |
धारा393 का संबंध किससेहै? | निर्णयकीभाषाऔरअंतर्वस्तुसे |
न्यायालय को निर्णय किस भाषा में लिखना चाहिए? | न्यायालयकीभाषामेंलिखाजाएगा |
किस मामले के निर्णय में साक्ष्यकासम्यकविश्लेषण समावेश अनिवार्य है? | पंजाबराज्यबनामकरनैलसिंहAIR 2003 SC 3612 |
धारा394 किससे संबंधित है? | पूर्वतनदोषसिद्धअपराधीकोअपनेपतेकीसूचनादेनेकाआदेश |
धारा394 के अंतर्गत किसे अपने निवासस्थानकीसूचना देनी होती है? | पूर्वतनदोषसिद्धअपराधीको |
पूर्वतनदोषसिद्ध अपराधी को कितने समय तक अपने निवास का विवरण देना होता है? | दंडादेशकीसमाप्तिकीतारीखसेपांचवर्षसेअनधिकअवधितक |
अपराधी को किसे सूचना देनी होती है? | निकटतमपुलिसअधिकारीको |
आदेश के उल्लंघन का मुकदमा कौन दर्ज करेगा? | संबंधितपुलिसअधिकारी |
धारा395 किससे संबंधित है? | प्रतिकरदेनेकाआदेश |
धारा395 के अंतर्गत प्रतिकर किसे दिया जाता है? | पीड़ितयाक्षतिप्राप्तव्यक्तिको |
धारा395 में प्रतिकर का आदेश कौन देता है? | मजिस्ट्रेटयासत्रन्यायाधीश |
क्या प्रतिकर की अपील की जा सकती है? | हाँ, उच्चन्यायालयमें |
किस मामले के सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िताकोअंतरिमप्रतिकरदेनाअनिवार्यहै कहा? | बोधिसत्वगौतमबनामसुभ्राचक्रवर्ती AIR 1996 SC 922 |
किस मामले में न्यायालयद्वारामुआवज़ादेनाअनिवार्यहैयदिराज्यकीलापरवाहीसेक्षतिहुई, पर बल दिया गया? | कुमारीबनामतमिलनाडुराज्यAIR 1992 SC 2069 |
धारा396 किससे संबंधित है? | पीड़ितप्रतिकरयोजना |
पीड़ित प्रतिकर योजना किसे लागू होती है? | किसीभीप्रकारकेअपराधकेपीड़ितको |
पीड़ित प्रतिकर योजना किसके द्वारा कार्यान्वित की जाती है? | राज्यसरकारकेंद्रीयसरकारकेसहयोगसे |
क्या पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत दावे की प्रक्रिया सरल है? | हाँ, यहत्वरितऔरसरलहै |
क्या पीड़ित प्रतिकर योजना से केवल मुआवजा दिया जाता है? | नहीं, इसमेंशारीरिकऔरमानसिकसहायताभीशामिलहै |
पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़ित को किस प्रकार का समर्थन मिल सकता है? | पुनर्वास चिकित्सासहायता मानसिकचिकित्सा |
निर्भयाकेस (2012) के संदर्भ में पीड़ितश्रमिक योजना के तहत क्या निर्णय लिया गया? | पीड़ितकोशारीरिकउपचारभीउपलब्धकरायागया |
किस मामले के संदर्भ में पीड़ित श्रमिक योजना सभीपीड़ितोंकेलिए, खासकरमानसिकऔरशारीरिकनुकसानउठानेवाले लागू की गई? | विशाखाबनामराजस्थानराज्य (1997) |
धारा397 किससे सम्बन्धित है? | पीड़ितोंकोचिकित्सासहायताउपलब्धकराना |
धारा397 के अनुसार, पीड़ित को क्या प्रदान किया जाता है? | चिकित्साउपचार |
धारा397 के अंतर्गत किसे पीड़ित माना जाता है? | वहव्यक्तिजिसेअपराधसेशारीरिकयामानसिकक्षतिपहुँचीहो |
पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था किसकी जिम्मेदारी है? | राज्यसरकार |
धारा397 के अनुसार, क्या पीड़ितों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए? | हाँ |
धारा397 में किन अपराधों के पीड़ितों को प्राथमिकता दी जाती है? | यौनअपराधोंकेपीड़ित |
क्या धारा397 के तहत मानसिक उपचार की सुविधा भी शामिल है? | हाँ |
धारा397 के अंतर्गत कौन सा संस्थानचिकित्सा सहायता प्रदान करता है? | राज्यद्वाराअधिकृतसरकारीअस्पताल |
धारा398 किस विषय से संबंधित है? | साक्षीसंरक्षणस्कीम |
साक्षीसंरक्षणस्कीम किस उद्देश्य से बनाई गई है? | साक्षियोंकोडरऔरखतरेसेमुक्तवातावरणदेना |
साक्षी संरक्षण स्कीम के तहत कौन-से अधिकार सुनिश्चित किए जाते हैं? | पुलिससंरक्षण |
साक्षी संरक्षण योजना को लागू करने की जिम्मेदारी किसकी होती है? | राज्यसरकार |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साक्षीसंरक्षणस्कीम, 2018 को वैधानिक परिभाषा दी? | महेंद्रचावलाबनामभारतसंघAIR 2019 SC 1308 |
धारा399 किससे संबंधित है? | निराधारगिरफ्तारीकेलिएप्रतिकरसे |
धारा399 का उद्देश्य क्या है? | झूठीगिरफ्तारीकेकारणहुएनुकसानकीभरपाई |
धारा399 के तहत प्रतिकर पाने के लिए क्या आवश्यक है? | व्यक्तिकोबिनापर्याप्तकारणकेगिरफ्तारकियागयाहो |
यदि किसी व्यक्ति को 10 दिन जेल में रखा गया और बाद में दोषमुक्त पाया गया, तो वह किस धारा में प्रतिकर की मांग कर सकता है? | धारा399 |
प्रतिकर का भुगतान किससेकराया जा सकता है? | राज्यसरकारसे |
न्यायालय किस आधार पर प्रतिकर की राशि निर्धारित करता है? | गिरफ्तारीकीअवधिऔरमानसिकउत्पीड़न |
निराधार गिरफ्तारी से निपटने के लिए कौन-सा अधिकार नागरिक को उपलब्ध है? | संवैधानिकउपचारकाअधिकार |
धारा400 किस विषय से संबंधित है? | असंज्ञेयमामलोंमेंखर्चादेनेकेलिएआदेश |
खर्चेकीवसूली किस रूप में की जा सकती है? | राजस्ववसूलीकीतरह |
क्या धारा400 में दिए गए खर्चे का आदेश अपील योग्य है? | हां, सत्रन्यायालयमें |
निराधार गिरफ्तार करवाए गए व्यक्तियों को प्रतिकर कितना दिया जाएगा? | एकहजाररुपएसेअनधिकइतनाप्रतिकर |
धारा 401 कामुख्यउद्देश्य क्या है? | सदाचरणकीपरिवीक्षापरयासभर्त्सनाकेपश्चात्छोड़देनेकाआदेश |
धारा401 के अंतर्गत, न्यायालय किस प्रकार के अपराधों के लिए परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दे सकता है? | ऐसेअपराधजिनमेंअधिकतमसजादोवर्षयाउससेकमहो |
परिवीक्षा की अवधि अधिकतम कितनी हो सकती है? | 3 वर्ष |
परिवीक्षा के दौरान आरोपी द्वारा अपराध पुनः करने पर क्या परिणाम हो सकता है? | परिवीक्षारद्दकीजासकतीहै |
धारा402 किससे सम्बन्धित है? | कुछमामलोंमेंविशेषकारणोंकाअभिलिखितकियाजाना |
धारा402 के अंतर्गत, न्यायालय को किन परिस्थितियों में विशेष कारणों का अभिलिखित करना आवश्यक है? | जबन्यायालयधारा401 याअपराधियोंकीपरिवीक्षाअधिनियम, 1958 केतहतआरोपीकोनहींछोड़ता |
धारा402 का उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकेनिर्णयोंमेंपारदर्शिताऔरउत्तरदायित्वसुनिश्चितकरना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने विशेषकारणोंकाअभिलिखितकरनाआवश्यकहैजबन्यायालयसुधारात्मकउपायोंकाउपयोगनहींकरता निर्णय दिया? | हरिसिंहबनाममध्यप्रदेशराज्यमामले |
धारा403 किससे संबंधित है? | न्यायालयकाअपनेनिर्णयमेंपरिवर्तननकरना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोकेवललिपिकीयत्रुटियोंकोसुधारनेकीअनुमतिदी निर्णय दिया? | मो.हुसैनबनामराज्य (दिल्लीप्रशासन) मामले |
धारा403 के अंतर्गत "लिपिकीयत्रुटि" का क्या अर्थ है? | टाइपिंगयालेखनमेंहुईत्रुटि |
धारा403 के अनुसार, न्यायालय अपने निर्णय में परिवर्तन कब कर सकता है? | जबलिपिकीययागणनात्मकत्रुटिहो |
धारा404 किससे संबंधित है? | अभियुक्तऔरअन्यव्यक्तियोंकोनिर्णयकीप्रतिकादियाजाना |
धारा405 किससे संबंधित है? | निर्णयकाअनुवाद कबकियाजाएगा |
यदि निर्णय की भाषा अभियुक्त को समझ में नहीं आती, तो धारा405 के अनुसार क्या किया जाएगा? | निर्णयकाअनुवादअभियुक्तकोसमझाईजानेवालीभाषामेंकियाजाएगा |
किस मामले के अनुसार, निर्णय का अनुवाद अभियुक्तकोउसकीसजासमझमेंआनीचाहिए आवश्यक है? | हरिकिशनसिंहबनामपंजाबराज्य AIR 1966 SC 97 |
धारा406 किस विषय से संबंधित है? | सेशनन्यायालयद्वारानिष्कर्षऔरदंडादेशकीप्रतिजिलामजिस्ट्रेटकोभेजना |
किस मामले के अनुसार, धारा406 के अंतर्गत दोनों - निष्कर्षऔरदंडादेशकीप्रमाणितप्रतिभेजना बाध्यता है? | रामास्वामीगौंडर एआईआर 1956 मैड 234 |
अध्याय 30 | |
मृत्युदंडादेशोंकापुष्टिकेलिएप्रस्तुतकियाजाना (Submission Of Death Sentences for Confirmation) | |
धारा407 किस विषय से संबंधित है? | सेशनन्यायालयद्वारामृत्युदंडादेशकापुष्टिकेलिएप्रस्तुतकियाजाना |
मृत्युदंडादेश की पुष्टि कौन करता है? | उच्चन्यायालय |
क्या सत्र न्यायालय मृत्यु दंडादेश की घोषणा के बाद स्वतः उसे उच्च न्यायालय को भेजता है? | हाँ |
जब किसी अभियुक्त को मृत्यु दंड दिया जाता है, तो उसे कब तक निष्पादित किया जा सकता है? | उच्चन्यायालयकीपुष्टिकेबाद |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मृत्यु दंड पर मृत्युदंडकेवलदुर्लभतमसेदुर्लभमामलोंमेंदियाजासकताहै निर्णय दिया? | बचनसिंहबनामपंजाबराज्य (1980) |
किस मामले में यह स्पष्ट किया गया कि... मृत्युदंडआदेशकीपुष्टिकेबिनाउसेलागूनहींकियाजासकता | शेरसिंहबनामपंजाबराज्य (1983) |
धारा408 किससे संबंधित है? | अतिरिक्तजांचकिएजानेकेलिएयाअतिरिक्तसाक्ष्यलिएजानेकेलिएनिदेशदेनेकीशक्ति |
धारा408 का उद्देश्य क्या है? | न्यायकीसहीप्राप्तिसुनिश्चितकरना |
अतिरिक्त जांच का आदेश किस परिस्थिति में दिया जा सकता है? | जबमजिस्ट्रेटकोसाक्ष्यअधूरालगे |
क्या अभियुक्त भी मजिस्ट्रेट से अतिरिक्त साक्ष्य के लिए अनुरोध कर सकता है? | हाँ, उचितकारणकेसाथ |
किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि... मजिस्ट्रेटकोरिपोर्टकोअस्वीकारकरनेऔरपुनःजांचकाआदेशदेनेकाअधिकारहै | विनयत्यागीबनामइरशादअली (2013) |
किस मामले में जबपुलिसरिपोर्टमेंअभियोजननहो, तबमजिस्ट्रेटकोअभियुक्तकोसुनवाईकाअवसरदेनाचाहिए सिद्धांत रखा गया? | भगवंतसिंहबनामपुलिसआयुक्त (1985) |
धारा409 किससे संबंधित है? | दंडादेशकोपुष्टकरनेयादोषसिद्धिकोबातिलकरनेकीउच्चन्यायालयकीशक्ति |
धारा409 के अंतर्गत कौन उच्च न्यायालय को दंडादेश की पुष्टि के लिए प्रस्तुत करता है? | सेशनन्यायालय |
क्या धारा409 में उच्च न्यायालय को मृत्युदंडकोअस्वीकृत करने की शक्ति प्राप्त है? | हाँ |
उच्च न्यायालय धारा409 के अंतर्गत कौन से कार्य नहीं कर सकता? | मृत्युदंडकोपुष्टकिएबिनालागूकरना |
क्या धारा409 उच्च न्यायालय को दोषसिद्धिरद्द करने की शक्ति देती है? | हाँ |
उच्च न्यायालय धारा409 के अंतर्गत क्या कर सकता है? | मृत्युदंडकोअनुमोदितकरना |
क्या उच्च न्यायालय बिना सेशन कोर्ट की रिपोर्ट के मृत्यु दंड को पुष्ट कर सकता है? | नहीं |
किस मामले में न्यायालय ने उच्चन्यायालयमृत्युदंडकीपुष्टिसेपहलेअभियुक्तकोसुनवाईकाअवसरदे बात को स्पष्ट किया? | शेरसिंहबनामपंजाबराज्य (1983) |
किस मामले में मृत्युदंडप्रक्रियाकेअनुसारदीजानीचाहिए महत्वपूर्ण सिद्धांत स्थापित हुआ? | सुनीलबत्राबनामदिल्लीप्रशासन (1978) |
किस मामले में दुर्लभतमसेदुर्लभमामलोंमेंमृत्युदंड सिद्धांत की पुष्टि हुई? | मच्छीसिंहबनामपंजाबराज्य (1983) |
धारा410 किससे सम्बन्धित है? | दंडादेशकीपुष्टियानएदंडादेशकादोन्यायाधीशोंद्वाराहस्ताक्षरितकियाजाना |
धारा410 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत दंडादेश की पुष्टि करने या नए दंडादेशपरहस्ताक्षर करने के लिए कौन से न्यायाधीशों की आवश्यकता होती है? | दोन्यायाधीश |
धारा410 के अनुसार, दंडादेश की पुष्टि में मुख्य उद्देश्य क्या है? | दंडादेशकीवैधताकीसुनिश्चितता |
क्या धारा410 के तहत नए दंडादेश को किसी अन्य न्यायालय द्वारा भी हस्ताक्षरित किया जा सकता है? | हाँ, यदिदोन्यायाधीशोंकीसहमतिहो |
दो न्यायाधीशों द्वारा हस्ताक्षरित दंडादेश का क्या महत्व है? | न्यायिकप्रक्रियाकीवैधताकोसुनिश्चितकरना |
क्या उच्च न्यायालय द्वारा हस्ताक्षरितदंडादेश भी दो न्यायाधीशों द्वारा प्रमाणित किया जा सकता है? | हाँ |
यदि दो न्यायाधीशों द्वारा दंडादेश पर हस्ताक्षर नहीं होते, तो क्या होगा? | दंडादेशरद्दहोजाएगा |
किसके मामले में उच्च न्यायालय ने दंडादेशकीपुष्टिकेलिएदोन्यायाधीशोंकाहस्ताक्षरआवश्यकहै सिद्धांत की पुष्टि की थी? | रथिनमबनामतमिलनाडुराज्य (2006) |
किस मामले में न्यायालय ने दोन्यायाधीशोंद्वाराहस्ताक्षरितऔरपुष्टिकियागया की दंडादेश पुष्टि की थी? | एस. के. यादवबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2004) |
धारा411 किस स्थिति से संबंधित है? | मतभेदकीदशामेंप्रक्रिया |
धारा411 के अनुसार यदिदोन्यायाधीशोंमेंमतभेदहो, तो क्या किया जाएगा? | तीसरेन्यायाधीशकीरायलीजाएगी |
क्या धारा411 केवल मृत्युदंड मामलों में लागू होती है? | हाँ |
किसके मामले में उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधीशोंमेंमतभेदहोनेपरतीसरेन्यायाधीशकीभूमिकाअहमहै स्पष्ट किया? | केहरसिंहबनामभारतसंघ (1989) |
धारा412 किससे संबंधित है? | उच्चन्यायालयकीपुष्टिकेलिएप्रस्तुतमामलोंमेंप्रक्रिया |
धारा412 के अनुसार मृत्यु दंड की पुष्टि से पहले क्या आवश्यक है? | उच्चन्यायालयद्वारासुनवाई |
उच्च न्यायालय द्वारा धारा412 के अंतर्गत कौन-सा अधिकार प्रयोग किया जाता है? | पुष्टिकरण, संशोधन, यादंडादेशमेंपरिवर्तन |
धारा412 की प्रक्रिया कब लागू होती है? | केवलमृत्युदंडकेमामलोंमें |
उच्च न्यायालय के कौन-से न्यायाधीश धारा412 के अंतर्गत मामलों की सुनवाई करते हैं? | दोयादोसेअधिकन्यायाधीशोंकीपीठ |
धारा412 के अंतर्गत उच्च न्यायालय किसकी रिपोर्ट पर सुनवाई करता है? | सेशनन्यायालयद्वाराभेजीगईमृत्युदंडकीरिपोर्टपर |
क्या उच्च न्यायालय अभियुक्त को सुनवाई का अवसर देता है? | हाँ, यहअनिवार्यहै |
उच्च न्यायालय मृत्यु दंड की पुष्टि की प्रक्रिया में क्या कर सकता है? | मृत्युदंडकीपुष्टिकरसकताहै |
उच्च न्यायालय की पुष्टि के बिना मृत्युदंड की सजा… | निष्प्रभावीहोतीहै |
क्या अभियुक्त की उपस्थिति उच्च न्यायालय में आवश्यक होती है? | हाँ, यदिअदालतनिर्देशदे |
किस मामले में मृत्युदंडकीपुष्टिसेपहलेनिष्पक्षसुनवाईआवश्यकहै व्यवस्था दी गई? | त्रिवेणीबेनबनामगुजरातराज्य (1989) |
अध्याय-31 | |
अपीले (Appeals) | |
धारा413 किससे संबंधित है? | जबतकअन्यथाउपबंधितनहोकिसीअपीलकानहोना |
धारा413 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | केवलवहींअपीलकीअनुमतिदेनाजहाँविशेषरूपसेउपबंधितहो |
धारा413 के अनुसार, जब तक कोई अन्य उपबंध नहीं हो, तब तक: | अपीलनहींकीजासकती |
क्या धारा413 एक सीमितअधिकार (limited right) निर्धारित करती है? | हाँ, अपीलतभीहोसकतीहैजबविधिमेंउपबंधहो |
धारा413 का अपवाद क्या हो सकता है? | कोईविशेषधाराजिसमेंअपीलकाप्रावधानहो |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अपीलविधिकअधिकारहै, स्वाभाविकनहीं सिद्धांत की पुष्टि की? | हरिसिंहबनामहरियाणाराज्य (1972) |
किस मामले में यह स्पष्ट किया गया कि: अपीलविधिद्वाराहीसृजितकीजातीहै | केरलराज्यबनामके.एम. चाको (2000) |
धारा414 किससे संबंधित है? | परिशान्तिकायमरखनेयासदाचारकेलिएप्रतिभूतिअपेक्षितकरनेवालेयाप्रतिभूस्वीकारकरनेसेइंकारकरनेवालेयाअस्वीकारकरनेवालेआदेशसेअपील |
धारा414 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | प्रतिभूतिआदेशोंकेखिलाफअपीलकीअनुमतिदेना |
किन आदेशों के विरुद्ध धारा414 के अंतर्गत अपील की जा सकती है? | परिशान्तियासदाचारहेतुप्रतिभूतिअपेक्षितकरने, नस्वीकारनेयाअस्वीकारकरनेवालेआदेश |
धारा414 के अंतर्गत अपील किस न्यायालय में दायर की जा सकती है? | सत्रन्यायालय |
धारा414 किस प्रकार के आदेशों के खिलाफ अपील की अनुमति देती है? | प्रतिभूतिसेसंबंधितआदेशोंकेविरुद्ध |
धारा414 में "प्रतिभूतिअस्वीकारकरने" का क्या तात्पर्य है? | न्यायालयद्वाराप्रतिभूतिप्रस्तुतकरनेसेइनकारकरना |
किस मामले में निर्णय में परिशान्तिहेतुदीगईप्रतिभूतिकाउल्लंघननागरिकस्वतंत्रताकोप्रभावितकरताहै सिद्धांत स्थापित किया गया? | मधुलिमयेबनामएसडीएम (1971) |
धारा415 का संबंध किससेहै? | दोषसिद्धिसेअपील |
दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील करने का अधिकार किसे होता है? | दोषसिद्धव्यक्तिको |
क्या किसी व्यक्ति को केवल दोषसिद्धि के आधार पर ही अपील करने का अधिकार होता है? | हाँ, दोषसिद्धिहीपर्याप्तहै |
धारा415 के तहत अपील किस न्यायालय में की जाती है? | अपीलीयअधिकार-प्राप्तउच्चतरन्यायालयमें |
किस मामले में न्यायालयनेदोषसिद्धव्यक्तिकोस्वतःअपीलकाअधिकारहैस्पष्टकिया? | राजस्थानराज्यबनामसोहनलाल (2004) |
धारा416 किससे सम्बन्धित है? | कुछमामलोंमेंजबअभियुक्तदोषीहोनेकाअभिवचनकरेअपीलनहोना |
धारा416 के अंतर्गत अपील पर रोक किस आधार पर लगती है? | अभियुक्तकेदोषकोस्वीकारकरनेपर |
धारा416 के अंतर्गत दोष स्वीकार करना किस प्रकार का अभिवचन होना चाहिए? | न्यायालयकेसमक्षस्वेच्छासे |
किस मामले में दोषस्वीकृतिपरआधारितदोषसिद्धिकोचुनौतीदीजासकतीहैयदिअभिवचनस्वैच्छिकनहो, सिद्धांत स्थापित किया गया? | गुजरातराज्यबनामदिनेशडी. शाह (2000) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषस्वीकृतिमात्रकेआधारपरसजानहींदीजासकती, कहा? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामचंद्रिका (1999) |
धारा417 किस विषय से संबंधित है? | छोटेमामलोंमेंअपीलन होना |
धारा417 किस प्रकार की सजा से संबंधित मामलों में अपील की अनुमति नहीं देती? | 3 महीनेसेकमया₹1,000 तककेजुर्मानेकेसाथदंडितमामले |
धारा417 का उद्देश्य क्या है? | अपीलीयन्यायालयोंपरभारकमकरना |
किस मामले में अपीलयोग्यनहींतोभीउच्चन्यायालयपुनरीक्षणकरसकताहै, निर्णय दिया गया था? | के. चिन्नास्वामीरेड्डीबनामआंध्रप्रदेशराज्य (1962) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुनरीक्षणविकल्पखुलारहताहै स्पष्ट किया? | सुभाषचंद्रबनामराज्य (दिल्लीप्रशासन) (1973) |
धारा418 किससे संबंधित है? | राज्यसरकारद्वारादंडादेशकेविरुद्धअपील |
धारा418 के अंतर्गत कौन अपील करने के लिए सक्षम है? | राज्यसरकार |
धारा418 का उद्देश्य क्या है? | राज्यसरकारकोदोषमुक्तियाहल्केदंडकेविरुद्धअपीलकरनेकाअधिकारदेना |
क्या राज्य सरकार किसी दोषमुक्ति के विरुद्ध भी अपील कर सकती है? | हाँ |
धारा418 का प्रयोग राज्य सरकार किस न्यायालय में कर सकती है? | उच्चन्यायालय |
क्या राज्य सरकार बिना अनुमति के दोषमुक्ति के विरुद्ध अपील कर सकती है? | नहीं, उसेउच्चन्यायालयकीअनुमतिलेनीहोतीहै |
राज्य सरकार को अपील दायर करने के लिए क्या करना होता है? | लोकअभियोजककेमाध्यमसेअपीलकरना |
राज्यसरकारकिनआदेशोंकेविरुद्ध अपील कर सकती है? | दोषमुक्ति |
किस मामले में अपीलसेपहलेउच्चन्यायालयकीअनुमतिआवश्यकहैनिर्णयदियागयाथा? | राजस्थानराज्यबनामफतेहकरणमेहदू (2017) |
धारा418 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यायिकत्रुटियोंकोठीककरना |
धारा419 किस विषय से संबंधित है? | दोषमुक्तिकीदशामेंअपील |
धारा419 (क) के अंतर्गत अपील करने का आदेश कौन दे सकता हैं? | जिलामजिस्ट्रेट |
धारा419 (क) के अंतर्गत अपील करने का आदेश जिलामजिस्ट्रेट किस को दे सकता हैं? | लोकअभियोजकको |
धारा419 (क) के अंतर्गत किन मामलो में अपील की जाती हैं? | संज्ञेयऔरअजमानतीयअपराध |
धारा419 (क) के अंतर्गत अपील कहाँ प्रस्तुत की जाएगी? | सेशनन्यायालयमें |
धारा419 (ख) के अंतर्गत अपील करने का आदेश कौन दे सकता हैं? | राज्यसरकार |
धारा419 (ख) के अंतर्गत राज्यसरकार किन मामलो में देगी? | उच्चन्यायालयसेभिन्नकिसीन्यायालयद्वारापारितदोषमुक्तिकेमूलयाअपीलीआदेशमामलेमें |
धारा419 (ख) के अंतर्गत अपील कहाँ प्रस्तुत की जाएगी? | उच्चन्यायालयमें |
धारा419 का उद्देश्य क्या है? | अभियोजनपक्षकोदोषमुक्तिपरपुनर्विचारकाअवसरदेना |
यदि दोषमुक्ति मजिस्ट्रेट द्वारा की गई है, तो अपील कहाँ की जाएगी? | सत्रन्यायालय |
क्या पीड़ित व्यक्ति दोषमुक्ति के विरुद्ध अपील कर सकता है? | हाँ, उच्चन्यायालयकीअनुमतिलेकर |
किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने दोषमुक्तिकेविरुद्धअपीलमेंअनुमतिआवश्यकहै, सिद्धांत स्थापित किया? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामबाबुलनाथ (1994) |
किस मामले में दोषमुक्तिकीअपीलमेंन्यायालयकोतर्कसंगतकारणदेनाहोगा, पर बल दिया गया? | के.रामचंद्रनबनामवी.एन. राजन (2009) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपीलतभीस्वीकार्यजबप्रथमदृष्टयात्रुटिहो, निर्णय दिया? | राजस्थानराज्यबनामराजाराम (2003) |
धारा420 का संबंध है: | कुछमामलोंमेंउच्चन्यायालयद्वारादोषसिद्धकिएजानेकेविरुद्धअपील |
उच्च न्यायालय ने अभियुक्त व्यक्ति को दोषमुक्ति के आदेश को अपील में उलट दिया है और उसे दोषसिद्ध किया है तथा उसे मृत्यु या आजीवन कारावास या दस वर्ष या अधिक की अवधि के कारावास का दंड दिया है, तो अपील कहाँ की जाएगी? | सर्वोच्चन्यायालय |
धारा420 के अंतर्गत अपील किस न्यायालय में की जा सकती है? | सर्वोच्चन्यायालय |
धारा420 किन परिस्थितियों में अपील की अनुमति देती है? | जबउच्चन्यायालयनेपुनरीक्षणयाअपीलमेंदोषसिद्धिकीहो |
उच्च न्यायालय द्वारा दोषसिद्धि होने पर अपील करने के लिए अभियुक्त को क्या करना आवश्यक है? | सर्वोच्चन्यायालयमेंविशेषअनुमतियाचिका (SLP) दायरकरना |
धारा420 किन दो स्थितियों में लागू होती है? | जबउच्चन्यायालयअपीलयापुनरीक्षणमेंदोषसिद्धिकरे |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तकोअपीलकाअधिकारहैयदिदोषसिद्धिपहलीबारउच्चन्यायालयद्वाराकीगईहो, निर्णय दिया? | पांडुरंगबनामहैदराबादराज्य (1955) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभियुक्तकोहाईकोर्टद्वारादोषसिद्धिकीअपीलकरनेकाअधिकार, अधिकार को मान्यता दी? | कमलनाथबनामतमिलनाडुराज्यमामले |
किस मामले में न्यायालय ने विशेषअनुमतियाचिकाहीएकमात्रउपायहै, सिद्धांत को मान्यता दी? | अजयसिंहबनाममहाराष्ट्रराज्य |
धारा420 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोनिष्पक्षअपीलकाअधिकारदेना |
धारा421 का संबंध किससेहै? | कुछमामलोंमेंअपीलकरनेकाविशेषअधिकार |
जब एक से अधिक व्यक्ति एक ही विचारण में दोषसिद्ध किए जाते हैं, और ऐसे व्यक्तियों में से किसी के बारे में अपीलनीय निर्णय या आदेश पारित किया गया है तब ऐसे विचारण में दोषसिद्ध किए गए व्यक्तियों में से किस अपील का अधिकार होगा | सबव्यक्तियोंकोया उनमेंसेकिसीकोभीअपीलकाअधिकारहोगा |
किस मामले में कोर्ट ने कहा: मृतककेपिताकोअपीलकाअधिकारहै? | सत्यपालसिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य, एआईआर 2015 एससी 1444 |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितको "अपीलकर्ता" मान्यतादी? | मल्लिकार्जुनकोडगलीबनामकर्नाटकराज्य, (2018) 14 एससीसी 276 |
किस मामले में कहा गया कि: पीड़ितकोदोषमुक्तिकेविरुद्धअपीलकाविशेषअधिकारहै | के. रामचंद्रनबनामवी.एन. राजन, एआईआर 2009 एससी 578 |
धारा422 का संबंध किससेहै? | सेशनन्यायालय कीगईअपीलेंकैसेसुनीजाएंगी |
धारा422 के अनुसार, सत्रन्यायालयमेंकीगईअपीलेंसामान्यतः किसके द्वारा सुनी जाएंगी? | सेशनन्यायाधीशयाअपरसेशनन्यायाधीशद्वारासुनीजाएगी |
क्या धारा422 केवल दोषसिद्धि से जुड़ी अपीलों पर लागू होती है? | नहीं, सभीप्रकारकीअपीलोंपरलागूहोतीहै |
धारा422 के परन्तु अनुसार द्वितीयवर्गमजिस्ट्रेटद्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील किसके द्वारा सुनी जाएंगी? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेटद्वारासुनीजासकेगीऔरनिपटाईजासकेगी |
अपरसेशनन्यायाधीशयामुख्यन्यायिक मजिस्ट्रेट केवल कैसी अपीलें सुनेगा ? | जिन्हेंखंडकासेशनन्यायाधीश, साधारणयाविशेषआदेशद्वारा, उसकेहवालेकरेया जिन्हेंसुननेकेलिएउच्चन्यायालय, विशेषआदेशद्वाराउसेनिदेशदे |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सत्रन्यायालयकोअपीलसुननेकापूर्णअधिकारहै, को स्पष्ट किया? | हरिनाथबनामउत्तरप्रदेशराज्य, एआईआर 1988 एससी 345 |
किस मामले में में कोर्ट ने कहा: सत्रन्यायालयमेंअपीलनिष्पक्षरूपसेसुनीजानीचाहिए? | के. अन्बाझगनबनामकर्नाटकराज्य, (2015) 6 एससीसी 86 |
किस मामले में कोर्ट ने अपीलसुननेकासत्रन्यायालयकोसंवैधानिकअधिकारहै,का समर्थन किया? | पी. मोहनराजबनामशाहब्रदर्सइस्पातप्रा. लिमिटेड, एआईआर 2021 एससी 1520 |
किस मामले में कहा गया कि:अपीलकीसुनवाईपूर्णत: होनीचाहिए | राजस्थानराज्यबनामफतेहकरणमेहदू, (2017) 3 एससीसी 198 |
धारा423 किससे संबंधित है? | अपीलकीअर्जी |
अपील की अर्जी किस रूप में प्रस्तुत की जाएगी ? | लिखितरूपमें |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपीलकीअर्जीमेंदोषादेशकीप्रतिअनिवार्यहै, कहा? | के. मोहनबनामटी.एन. राज्य, एआईआर 1998 एससी 2484 |
किस मामले में यह स्पष्ट किया गया कि: अपीलकीअर्जीमेंअपीलकेकारणोंकाहोनाआवश्यकहै? | सीतारामबनामराजस्थानराज्य, एआईआर 1986 एससी 1924 |
किस मामले में में न्यायालय ने अर्जीमेंसंक्षेपस्पष्टहोनाचाहिए, पर जोर दिया? | नारायणबनाममहाराष्ट्रराज्य, 2006 एससीसी (सीआरआई) 1724 |
किस मामले में अर्जीअपूर्णहोनेपरसुधारकाअवसरदेनाचाहिए, निर्णय लिया गया? | रमेशसिंहबनामउत्तरप्रदेशराज्य, एआईआर 2001 एससी 2554 में |
धारा424 किससे संबंधित है? | जबअपीलार्थीजेलमेंहैतबप्रक्रिया |
धारा424 किस स्थिति में लागू होती है? | जबअपीलकर्ताजेलमेंहो |
जब अपीलार्थी जेल में हो, तो वह अपील कैसे दायर कर सकता है? | जेलअधीक्षककेमाध्यमसेलिखितअर्जीभेजकर |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने जेलमेंबंदव्यक्तिकोअपीलऔरवकीलसेसंपर्ककाअधिकारहै कहा? | सुनीलबत्राबनामदिल्लीप्रशासन, एआईआर 1980 एससी 1579 |
किस मामले में जेलबंदीकोभीप्राकृतिकन्यायकेअंतर्गतसभीअधिकारहैं, सिद्धांत स्थापित किया गया? | फ्रांसिसकोरलीमुलिनबनामप्रशासक, केंद्रशासितप्रदेशदिल्ली, एआईआर 1981 एससी 746 |
धारा425 किस विषय से संबंधित है? | अपीलकासंक्षेपत: खारिजकियाजाना |
धारा 423 याधारा 424 केअधीन अपील का संक्षेपत: कब खारिज की जा सकती है? | जबकोईपर्याप्तआधारनहींहै |
किस स्थिति में अपील संक्षेप में खारिज की जा सकती है? | जबअपीलतुच्छ, आधारहीनयाविधिसम्मतनहो |
क्या धारा425 के तहत कोई अपील बिना पूर्ण सुनवाई के खारिज की जा सकती है? | हाँ, यदिन्यायालयकोस्पष्टरूपसेआधारहीनलगे |
क्या अपीलीय न्यायालय अपील को प्रारंभ में ही खारिज कर सकता है? | हाँ, अगरवहनिराधारहो |
क्या संक्षेप में खारिज करने से पहले न्यायालय द्वारा कारण दर्ज किया जाना आवश्यक है? | हाँ, लिखितकारणआवश्यकहैं |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायालयकोसंक्षेपमेंखारिजकरतेसमयउचितकारणदेनाआवश्यकहै, पर ज़ोर दिया? | पिल्लईबनामकेरलराज्य, एआईआर 1973 एससी 2417 |
किस मामले में न्यायालयअपीलप्रारंभमेंखारिजकरसकताहै, परकारणदेनाअनिवार्यहै, सिद्ध किया गया? | महाराष्ट्रराज्यबनामजगमोहनसिंह, कुलदीपसिंहआनंद, (2004) 7 एससीसी 659 |
धारा426 किस विषय से संबंधित है? | संक्षेपत: खारिजनकीगईअपीलोंकीसुनवाईकेलिएप्रक्रिया |
यदि कोई अपील धारा425 के अंतर्गत संक्षेपत: खारिजनहींहोती, तो वह उस समय और स्थान की, जब और जहां ऐसी अपील सुनी जाएगी, सूचना- | अपीलार्थीयाउसकेअधिवक्ताको; ऐसेअधिकारीको, जिसेराज्यसरकारइसनिमित्तनियुक्तकरे; यदिपरिवादपरसंस्थितमामलेमेंदोषसिद्धिकेनिर्णयकेविरुद्धअपीलकीगईहै, तोपरिवादीको; |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण अभियुक्तकोअपीलमेंमौक़ामिलनाहीचाहिए था? | महाराष्ट्रराज्यबनामरणजीत, एआईआर 1999 एससी 1477 |
धारा427 किससे संबंधित है? | अपीलन्यायालयकी शक्तियां |
धारा427 के अंतर्गत, अपीलीय न्यायालय कौन-सी शक्ति रखता है? | सजाकोकमकरना |
क्या अपीलीय न्यायालय ट्रायल कोर्ट के निर्णय को संशोधित कर सकता है? | हाँ |
क्या अपीलीय न्यायालय दोषसिद्धि को दोषमुक्ति में परिवर्तित कर सकता है? | हाँ |
क्या अपीलीय न्यायालय सजा की अवधि बढ़ा सकता है? | नहीं |
क्या अपीलीय न्यायालय आदेश को निरस्त कर सकता है? | हाँ |
क्या अपीलीय न्यायालय आरोपी को दोषमुक्त कर सकता है यदि साक्ष्य अपर्याप्त हो? | हाँ |
क्या अपीलीय न्यायालय दंड को बढ़ा सकता है? | हाँ, परंतुआरोपीकोअवसरदेनाहोगा |
क्या अपीलीय न्यायालय अपील के निपटान के लिए तर्कोंकोरिकॉर्ड में दर्ज करना आवश्यक है? | हाँ |
किस मामले में अपीलीयन्यायालयसजाकोघटासकताहै, निर्णय हुआ? | के.एम. इब्राहिमबनामके.पी. मोहम्मद, एआईआर 2000 एससी 1788 |
धारा428 किस विषय से संबंधित है? | अधीनस्थअपीलन्यायालयकेनिर्णय |
धारा428 में किस न्यायालय के निर्णयकोचुनौती दी जाती है? | अधीनस्थअपीलन्यायालय |
क्या अधीनस्थ अपील न्यायालय का निर्णय अंतिम होता है? | नहीं, यदिउच्चन्यायालयकेअधीनहो |
धारा428 का उद्देश्य क्या है? | अधीनस्थअपीलीयन्यायालयोंकीनिगरानी |
किस मामले में कहा गया कि —उच्चन्यायालयकेवलन्यायिकत्रुटियोंपरहस्तक्षेपकरेगा | बिंदेश्वरीप्रसादबनामबिहारराज्य, एआईआर 2002 एससी 2907 |
धारा429 का संबंध किससेहै? | अपीलमेंउच्चन्यायालयकेआदेशकाप्रमाणितकरकेनिचलेन्यायालयकोभेजाजाना |
उच्च न्यायालय के आदेश को किस रूप में अधीनस्थ न्यायालय को भेजा जाता है? | प्रमाणितप्रति |
धारा429 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | आदेशकेकार्यान्वयनकोसुनिश्चितकरना |
प्रमाणित प्रति भेजने के बाद अधीनस्थ न्यायालय क्या करता है? | उच्चन्यायालयकेआदेशकापालनकरताहै |
उच्च न्यायालय का आदेश किसके द्वारा प्रमाणित किया जाता है? | उच्चन्यायालयकारजिस्ट्रारयाअधिकारी |
उच्च न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति को भेजने का दायित्व किसका होता है? | उच्चन्यायालय |
अधीनस्थ न्यायालय उच्च न्यायालय के आदेश की पालना कब करता है? | जबप्रमाणितप्रतिप्राप्तहो |
धारा429 के अंतर्गत क्या आदेशअस्थायी होते हैं? | धारा429 केअंतर्गतक्याआदेशअस्थायीहोतेहैं? |
धारा430 का संबंध किससेहै? | अपीललंबितरहनेतकदंडादेशकानिलम्बन, अपीलार्थीकाजमानतपरछोड़ाजाना |
धारा430 में किस प्रकार के दोषियों को राहत दी जा सकती है? | जिनकीअपीललंबितहै |
यदि अपीलार्थी जेल में है और उसकी अपील लंबित है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | उसेजमानतपरछोड़सकताहै |
किस स्थिति में दंडादेश का निलम्बन किया जा सकता है? | जबअपीलदाखिलहोऔरविचाराधीनहो |
क्या धारा430 के अंतर्गत मृत्यु दंड प्राप्त अपीलार्थी को जमानत दी जा सकती है? | केवलविशेषपरिस्थितिमें |
धारा430 का उद्देश्य क्या है? | अपीलकेदौरानदंडसेराहतदेना |
किस मामले में अदालतकोयहदेखनाहोगाकिअपीलकाअवसरनिष्प्रभावीनहो, कहा गया? | रामनारायणसिंहबनामदिल्लीराज्य, एआईआर 1953 एससी 277 |
जमानत का निर्णय लेने से पहले न्यायालय किन कारकों पर विचार करता है? | दोषकीगंभीरताऔरअपीलकीसंभावना |
यदि अपीलीय न्यायालय दंडादेश को निलंबित करता है, तो क्या वह दोषमुक्ति मानी जाएगी? | नहीं |
क्या धारा430 न्यायिकविवेक का प्रयोग करने देती है? | हाँ, पूरीतरहसे |
धारा431 किससे संबंधित है? | दोषमुक्तसेअपीलमेंअभियुक्तकीगिरफ्तारी |
धारा431 किस परिस्थिति में लागू होती है? | जबअभियोजनपक्षदोषमुक्तिकेविरुद्धअपीलकरताहै |
दोषमुक्त अभियुक्त की गिरफ्तारी अपील के किस चरण में हो सकती है? | अपीलदायरहोनेऔरविचाराधीनहोनेपर |
यदि अभियुक्त अपीलीय न्यायालय के सामने उपस्थित नहीं होता, तो क्या किया जा सकता है? | गिरफ्तारीवारंटजारीकियाजासकताहै |
अभियुक्त की गिरफ्तारी कब तक वैध मानी जाएगी? | जबतकअपीलनिर्णीतनहोजाए |
किस मामले में दोषमुक्तअभियुक्तअपीलमेंसुरक्षितनहींहै, का मुख्य निष्कर्ष क्या था? | के. गोपालबनामकेरलराज्य, 1999 सीआरएलजे 2826 (एससी) |
धारा431 का उद्देश्य क्या है? | दोषमुक्तिकेबादभीन्यायसुनिश्चितकरनेकेलिए |
धारा432 किससे संबंधित है? | अपीलन्यायालयअतिरिक्तसाक्ष्यलेसकेगायाउसकेलिएजानेकानिदेशदेसकेगा |
धारा432 के अनुसार अपीलीयन्यायालय किस पर अधिकार रखता है? | केवलरिकॉर्डकीसमीक्षाकरनेका नएसाक्ष्यकोलेनेयाउसेरिकॉर्डकरानेका नएगवाहलानेकाआदेशदेनेका |
क्या अपीलीय न्यायालय स्वयं अतिरिक्त साक्ष्य ले सकता है? | हाँ |
अपीलीय न्यायालय अतिरिक्त साक्ष्य के लिए किसे निर्देश दे सकता है? | निचलीअदालतको |
धारा433 किससे संबंधित है? | जहांअपीलन्यायालयकेन्यायाधीशरायकेबारेमेंसमानरूपमेंविभाजितहों, वहांप्रक्रिया |
किस मामले में अदालत ने अभियुक्तकोलाभमिलेगा, कहा? | लल्लूमांझीबनामझारखंडराज्य, (2003) 2 एससीसी 401 |
किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने दो न्यायाधीशों की भिन्न राय पर अभियुक्तदोषमुक्तघोषित, रुख अपनाया? | के. अन्बाझगनबनामकर्नाटकराज्य (2015) 6 एससीसी 86 |
धारा434 किससे संबंधित है? | अपीलपरआदेशऔरनिर्णयोंकाअंतिमहोना |
किसी मामले में दोषसिद्धिकेविरुद्धअपीलकाअंतिमनिपटाराहोजानेपरभीअपीलन्यायालय-- | धारा 419 औरधारा 418 केअधीनदोषमुक्तिकेविरुद्धउसीमामलेसेपैदाहोनेवालीअपीलको सुनसकताहैऔरगुणागुणकेआधारपरउसकानिपटाराकरसकताहै। |
अपीलकानिर्णयअंतिम कब माना जाता है? | धारा 418, धारा 419, धारा 425 कीउपधारा ( 4 ) याअध्याय 32 मेंउपबंधितदशाओंकेसिवायअंतिमहोंगे |
धारा435 किस विषय से संबंधित है? | अपीलोंकाउपशमन |
"अपीलसमाप्त" का तात्पर्य है: | अपीलकास्वाभाविकअंतहोजाताहै |
अभियुक्त की मृत्यु के बाद क्या होता है यदि उसने अपील दायर की थी? | अपीलस्वतःसमाप्तहोजातीहै |
क्या अपील अभियुक्त की मृत्यु के पश्चात भी जारी रह सकती है? | हाँ, यदिकानूनीउत्तराधिकारीद्वारायाचिकादीजाए |
किस मामले के अनुसार यदि अभियुक्त की मृत्यु हो जाए, तो अपील पर अपीलसमाप्तहोजातीहै? | शिवाजीसाहबरावबोबडेबनाममहाराष्ट्रराज्य, एआईआर 1973 एससी 2622 |
अध्याय 32 | |
निर्देशऔरपुनरीक्षण (Reference And Revision) | |
धारा436 किससे संबंधित है? | उच्चन्यायालयकोनिर्देश |
धारा436 के तहत प्रमाणपत्र किस उद्देश्य से दिया जाता है? | सर्वोच्चन्यायालयमेंअपीलहेतु |
धारा436 के तहत प्रमाणपत्र किसके द्वारा जारी किया जाता है? | उच्चन्यायालय |
क्या उच्च न्यायालय का प्रमाणपत्र अनिवार्य है यदि आरोपी सर्वोच्च न्यायालय में धारा436 के अंतर्गत अपील करना चाहता है? | हाँ |
धारा436 के तहत उच्च न्यायालय कब प्रमाणपत्र प्रदान करता है? | जबउच्चन्यायालयकेनिर्णयमेंगंभीरविधिकप्रश्नहों |
किस मामले के अनुसार, विधिकप्रश्नकेआधारपरप्रमाणपत्रउचित निर्णय स्पष्ट करता है? | हरिविष्णुकामथबनामअहमदइशाक, एआईआर 1955 एससी 233 |
धारा436 के अंतर्गत प्रमाणपत्र देने का मानदंड क्या है? | न्यायिकविवेकाधिकार |
धारा437 का मुख्य विषय क्या है? | उच्चन्यायालयकेविनिश्चयकेअनुसारमामलेकानिपटारा |
धारा437 के तहत जब मामला उच्च न्यायालय से लौटता है, तो निचला न्यायालय क्या करेगा? | उच्चन्यायालयकेआदेशकेअनुसारकार्रवाईकरेगा |
क्या धारा437 उच्च न्यायालय के आदेश को बाध्यकारी मानती है? | हाँ |
यदि उच्च न्यायालय मामला किसीविशिष्टदिशा-निर्देशकेसाथनिचलेन्यायालयकोभेजताहै, तो निचला न्यायालय क्या कर सकता है? | उच्चन्यायालयकेनिर्देशानुसारकार्यकरनाबाध्यहै |
उच्च न्यायालय यदि मामला पुनःविचारहेतुलौटाताहै, तो निचले न्यायालय को क्या करना होता है? | आदेशकेअनुसारमामलेकानिपटारा |
धारा437 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | उच्चन्यायालयकेनिर्देशोंकापालनसुनिश्चितकरना |
धारा438 किस विषय से संबंधित है? | पुनरीक्षणकीशक्तियोंकाप्रयोगकरनेकेलिएअभिलेखमंगाना |
कौन-सा न्यायालयधारा438 के तहत अभिलेख मंगा सकता है? | उच्चन्यायालययासत्रन्यायालय |
क्या न्यायालय स्वप्रेरणा से अभिलेख मंगवा सकता है? | हां, स्वप्रेरणासेभी |
धारा438 का उद्देश्य क्या है? | न्यायिकनिर्णयकीवैधताकीजांचहेतुअभिलेखमंगाना |
क्या धारा438 के तहत अभिलेख मंगाने का अर्थ स्वतःआदेश जारी करना है? | नहीं |
न्यायालय द्वारा अभिलेख मंगाए जाने के पश्चात् क्या किया जा सकता है? | पुनरीक्षणकीकार्यवाहीप्रारंभकीजातीहै |
क्या न्यायालय को पुनरीक्षण अधिकारों के लिए अभिलेख मंगाने से पहले नोटिस देना आवश्यक है? | नहीं |
क्या सत्र न्यायालय भी उच्च न्यायालय की तरह अभिलेख मंगवा सकता है? | हां |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पुनरीक्षणन्यायालयकोअभिलेखमंगवानेकाअधिकार, को रेखांकित किया? | अमितकपूरबनामरमेशचंदर, (2012) 9 एससीसी 460 |
धारा439 का संबंध किससेहै? | जांचकरनेकाआदेशदेनेकीशक्ति |
धारा439 के अंतर्गत जांच का आदेश कौन दे सकता है? | उच्चन्यायालययासत्रन्यायालय |
क्या न्यायालय स्वतः संज्ञान लेकर जांच का आदेश दे सकता है? | हां, यदिआवश्यकहो |
क्या जांच का आदेश देना केवल अपराध सिद्ध होने के बाद किया जा सकता है? | नहीं |
धारा439 का उद्देश्य क्या है? | निष्पक्षजांचसुनिश्चितकरना |
क्या धारा439 पुलिस जांच में न्यायिक निगरानी की अनुमति देती है? | हां, जबजांचपक्षपातपूर्णलगे |
किस मामले में अनुसार, अदालत द्वारा जांच के आदेश का जांचकाआदेशनिष्पक्षताकेलिएआवश्यकहोसकताहै, महत्व है? | विनयत्यागीबनामइरशादअली (2013) 5 एससीसी 762 |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेटजांचकाआदेशदेसकताहै, कहा? | साकिरीवासुबनामउत्तरप्रदेशराज्य, (2008) 2 एससीसी 409 |
यदि किसी अपराध की जांच पक्षपातपूर्ण प्रतीत हो, तो कौन-सा उपाय उपयुक्त है? | अदालतद्वाराधारा439 केअंतर्गतपुनःजांचकाआदेशदेना |
क्या धारा439 का प्रयोग केवल गंभीर अपराधों में किया जा सकता है? | नहीं |
धारा440 किससे संबंधित है? | सेशनन्यायाधीशकीपुनरीक्षणकीशक्तियां |
धारा440 के अंतर्गत पुनरीक्षण की शक्ति किसे प्राप्त है? | सत्रन्यायाधीश |
क्या सत्र न्यायालय को पुनरीक्षण की शक्ति स्वतः संज्ञान लेने की शक्ति प्रदान करती है? | हाँ |
क्या सत्र न्यायालय मजिस्ट्रेट के आदेश की समीक्षा कर सकता है? | हाँ, पुनरीक्षणकीशक्तिकेअंतर्गत |
क्या सत्र न्यायाधीश बिना किसी याचिका के भी पुनरीक्षण का आदेश दे सकता है? | हाँ |
पुनरीक्षणयाचिका किन मामलों में दायर की जा सकती है? | जिनमेंकोईअपीलनहींहै |
सत्र न्यायाधीश पुनरीक्षण की शक्ति का प्रयोग करते समय क्या कर सकता है? | आदेशकोपलटसकताहै |
क्या सत्र न्यायालय पुनरीक्षण में साक्ष्य को बढ़ा सकता है? | हाँ |
क्या सत्र न्यायाधीश को अभियुक्त को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है? | हाँ |
यदि मजिस्ट्रेट ने प्रक्रिया में गंभीर चूक की है, तो सत्र न्यायाधीश क्या कर सकता है? | पुनरीक्षणमेंआदेशकोरद्दकरसकताहै |
क्या पुनरीक्षण की शक्ति अपील के स्थान पर उपयोग की जा सकती है? | केवलजबअपीलकाप्रावधाननहो |
क्या सत्र न्यायालय अपने पुनरीक्षण आदेश में जमानत देने का निर्देश दे सकता है? | हाँ |
क्या धारा440 के अंतर्गत सत्रन्यायाधीशकाआदेशअंतिम होता है? | नहीं, उच्चन्यायालयमेंचुनौतीदीजासकतीहै |
धारा441 किस विषय से संबंधित है? | अपरसेशनन्यायाधीशकीशक्ति |
क्या अपर सत्र न्यायाधीश को वही शक्तियाँ प्राप्त होती हैं जो एक सत्र न्यायाधीश को प्राप्त होती हैं? | हाँ |
कौन सा न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश की शक्तियों को नियंत्रित करता है? | उच्चन्यायालय |
धारा441 के तहत कौन यह निर्धारित करता है कि कौन सा मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुनेगा? | सत्रन्यायाधीशयाउच्चन्यायालय |
क्या अपरसत्रन्यायाधीशमृत्युदंड दे सकता है? | हाँ, यदिवहन्यायालयद्वाराअधिकृतहो |
अपर सत्र न्यायाधीश को कार्य सौंपने की शक्ति किसके पास होती है? | सत्रन्यायाधीश |
क्या अपर सत्र न्यायाधीश अपील की सुनवाई कर सकता है? | हाँ, यदिसत्रन्यायालयद्वारासौंपागयाहो |
अपर सत्र न्यायाधीश का कार्यक्षेत्र किन मामलों तक सीमित होता है? | वेमामलेजोसत्रन्यायाधीशद्वारासौंपेगएहों |
किस मामले में अनुसार, अपर सत्र न्यायाधीश जबतकहाईकोर्टप्राधिकृतकरे तक सत्र न्यायाधीश के समकक्ष कार्य कर सकता है? | महाराष्ट्रराज्यबनामफडकलअंकुशराव, एआईआर 1999 एससी 1778 |
किस मामले में न्यायालयोंकेअधिकारक्षेत्रकावितरण, निर्देश दिया गया था? | के. अन्बाझगनबनामकर्नाटकराज्य, (2015) 6 एससीसी 86 |
अपर सत्र न्यायाधीश की शक्तियाँ किस प्रकार नियंत्रित होती हैं? | उच्चन्यायालयकेसामान्यपर्यवेक्षणसे |
धारा442 किस विषय से संबंधित है? | उच्चन्यायालयकीपुनरीक्षणकीशक्तियां |
उच्च न्यायालय किस प्रकार के मामलों में धारा442 के अंतर्गत पुनरीक्षण कर सकता है? | जहाँकानूनकास्पष्टउल्लंघनहुआहो |
क्या उच्च न्यायालय धारा442 के अंतर्गत किसी दण्डादेशकोसंशोधित कर सकता है? | हाँ |
धारा442 के अंतर्गत उच्च न्यायालय की पुनरीक्षण शक्ति है | विशुद्धवैधानिकत्रुटियोंकेलिए |
धारा442 के तहत पुनरीक्षण के लिए क्या आवश्यक है? | कोईवैधानिकत्रुटियाअन्याय |
क्या उच्च न्यायालय पुनरीक्षण में नए साक्ष्य पर विचार कर सकता है? | हाँ, यदिन्यायहितमेंआवश्यकहो |
क्या अभियुक्त की अनुपस्थिति में उच्च न्यायालय पुनरीक्षण कर सकता है? | हाँ, यदिउसकाहितप्रभावितनहो |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पुनरीक्षणएकसीमितशक्तिहै, स्पष्ट किया? | केरलराज्यबनामपुट्टुमनाइलथजथवेदननंबूदिरी (1999) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा पुनरीक्षणकेवलगंभीरत्रुटियोंकेलिएहै? | अमरनाथबनामहरियाणाराज्य (1977) |
पुनरीक्षण का उद्देश्य क्या है? | न्यायिकआदेशोंमेंत्रुटियोंकोठीककरना |
धारा443 किस विषय से संबंधित है? | उच्चन्यायालयकीपुनरीक्षणकेमामलोंकोवापसलेनेयाअन्तरितकरनेकीशक्ति |
धारा443 के अंतर्गत किसे पुनरीक्षण मामले को किसी अन्य न्यायालय में स्थानांतरित करने की शक्ति है? | उच्चन्यायालय |
क्या उच्च न्यायालय धारा443 के अंतर्गत लंबितपुनरीक्षण को किसी अन्य न्यायालय में स्थानांतरित कर सकता है? | हाँ |
धारा443 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | उचितन्यायसुनिश्चितकरनेहेतुपुनरीक्षणकास्थानांतरण |
क्या धारा443 में "वापसलेने" और "अंतरितकरने" की शक्तियाँ उच्च न्यायालय के विवेक पर आधारित हैं? | हाँ |
क्या उच्च न्यायालय स्वविवेक से पुनरीक्षण याचिका को किसी अन्य न्यायालय को अंतरित कर सकता है? | हाँ, यदियहन्यायहितमेंहो |
उच्च न्यायालय द्वारा पुनरीक्षण को स्थानांतरित करने का निर्णय किस पर आधारित होता है? | न्यायकीसुगमताऔरनिष्पक्षता |
धारा443 किस प्रकार के मामलों पर लागू होती है? | पुनरीक्षणयाचिकाओंपर |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने उच्चन्यायालयनिष्पक्षन्यायकेलिएस्थानांतरणकरसकताहै, स्पष्ट किया? | उच्चन्यायालयनिष्पक्षन्यायकेलिएस्थानांतरणकरसकताहै |
यदि किसी पुनरीक्षण याचिका में पक्षपात की संभावना हो, तो उच्च न्यायालय क्या कर सकता है? | मामलेकोअन्यन्यायालयमेंस्थानांतरितकरसकताहै |
क्या उच्च न्यायालय बिना याचिका के भी पुनरीक्षण स्थानांतरित कर सकता है? | हाँ, यदिआवश्यकहो |
न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु धारा 443 की भूमिका क्या है? | पक्षपातसेबचाना |
यदि पुनरीक्षण मामला निष्पक्ष रूप से नहीं सुना जा रहा हो, तो क्या उपाय उपलब्ध है? | उच्चन्यायालयसेस्थानांतरणहेतुप्रार्थनाकरें |
धारा444 किस विषय से संबंधित है? | पक्षकारोंकोसुननेकान्यायालयविकल्प |
धारा444 के अनुसार, क्या न्यायालय पक्षकारों को सुने बिना कोई आदेश पारित कर सकता है? | न्यायालयकेविवेकाधिकारपरनिर्भरहै |
"न्यायालयचाहेतोपक्षकारोंकोसुने" – इस वाक्य का तात्पर्य क्या है? | न्यायालयकोविवेकाधिकारप्राप्तहै |
धारा444 न्यायालय को क्या शक्ति प्रदान करती है? | न्यायालयकोपक्षकारोंकोसुननेयानसुननेकाविकल्प |
क्या धारा444 प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से संबंधित है? | हाँ |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रशासनिकनिर्णयोंमेंभीप्राकृतिकन्यायलागूहोताहै, निर्णय दिया था? | ए.के. क्राइपकबनामभारतसंघ (1969) |
धारा445 किस विषय से संबंधित है? | उच्चन्यायालयकेआदेशकोप्रमाणितकरकेनिचलेन्यायालयकोभेजाजाना |
उच्च न्यायालय का आदेश किस रूप में भेजा जाना चाहिए? | प्रमाणितप्रतिकेरूपमें |
धारा445 के तहत आदेश किसके द्वारा प्रमाणित किया जाता है? | उच्चन्यायालयकेरजिस्ट्रारयासक्षमअधिकारीद्वारा |
उच्च न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति किस उद्देश्य से भेजी जाती है? | निष्पादनकेलिए |
धारा445 में जिस “न्यायालय” को आदेश भेजा जाता है, उसका अर्थ है — | वहन्यायालयजिसनेप्रारंभिकआदेशदियाथा |
क्या धारा445 केवल आपराधिक मामलों में लागू होती है? | हाँ, यहकेवलआपराधिकमामलोंमेंलागूहोतीहै |
यदि आदेश की प्रमाणित प्रति नहीं भेजी जाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा? | निचलान्यायालयप्रतीक्षाकरेगा |
किस मामले में न्यायालय ने आदेशकीप्रमाणितप्रतिभेजेबिनाकार्यवाहीकरनाअवैध, पर बल दिया? | उत्तरप्रदेशराज्यबनाममोहम्मदनईम (1964) |
क्या धारा445 न्यायालयों के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित करती है? | हाँ |
यदि उच्च न्यायालय का आदेश केवलमौखिकरूपसेदियागयाहो, तो क्या निचला न्यायालय उस पर कार्यवाही करेगा? | नहींकरेगाजबतकप्रमाणितप्रतिप्राप्तनहो |
क्या निचलेन्यायालयकोउच्चन्यायालय के आदेश पर संदेह करने का अधिकार है? | नहीं |
अध्याय 33 | |
आपराधिकमामलोंकाअन्तरण (Transfer Of Criminal Cases) | |
धारा446 किस विषय से संबंधित है? | मामलोंऔरअपीलोंकोअन्तरितकरनेकीउच्चतमन्यायालयशक्ति |
धारा446 के अनुसार कौन-सा न्यायालय मामले को एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय में अंतरित कर सकता है? | सर्वोच्चन्यायालय (Supreme Court) |
क्या धारा446 केवल आपराधिक मामलों पर लागू होती है? | हाँ, केवलआपराधिकमामलोंपर |
क्या एक पक्षकार की याचिका पर भी सर्वोच्च न्यायालय मामला अंतरित कर सकता है? | हाँ |
मामला अंतरित करते समय सर्वोच्च न्यायालय किन पहलुओं को ध्यान में रखता है? | न्यायकीसुविधाऔरनिष्पक्षसुनवाई |
क्या अंतरित करने की शक्ति आपराधिक अपीलों पर भी लागू होती है? | हाँ |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफरतभीजबजरूरीकारणहो पर जोर दिया? | भारतसंघबनामअडानीएक्सपोर्ट्सलिमिटेड (2002) |
धारा447 किससे संबंधित है? | मामलोंऔरअपीलोंकोअन्तरितकरनेकीउच्चन्यायालयकीशक्ति |
धारा447 के अंतर्गत उच्च न्यायालय किसे किसी अन्य न्यायालय में स्थानांतरित कर सकता है? | कोईभीलंबितमामलायाअपील |
उच्च न्यायालय ट्रांसफर का आदेश किस उद्देश्य से देता है? | निष्पक्षन्यायसुनिश्चितकरनेहेतु |
क्या उच्च न्यायालय स्वप्रेरणासे (suo motu) भी कोई मामला एक न्यायालय से दूसरे में स्थानांतरित कर सकता है? | हाँ |
धारा447 का प्रयोग कौन-सा न्यायालय कर सकता है? | उच्चन्यायालय |
कौन-सी स्थिति में उच्च न्यायालय धारा447 के अंतर्गत ट्रांसफर कर सकता है? | न्यायालयिकपक्षपातकीआशंका |
क्या अभियुक्तयाअभियोजन पक्ष ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकते हैं? | केवलअभियुक्त |
क्या धारा447 के अंतर्गत पारित आदेश को चुनौती दी जा सकती है? | केवलविशेषअनुमतियाचिका (SLP) द्वारा |
धारा448 किससे संबंधित है? | मामलोंऔरअपीलोंकोअन्तरितकरनेकीसेशनन्यायाधीशकीशक्ति |
सत्र न्यायाधीश किस प्रकार के मामलों को अंतरित कर सकते हैं? | केवलआपराधिक |
क्या सत्र न्यायाधीश स्वविवेक से ट्रांसफर आदेश दे सकते हैं? | हाँ |
सत्र न्यायाधीश किस न्यायालय के अधीन मामलों को आपस में ट्रांसफर कर सकते हैं? | मजिस्ट्रेटस्तरकेअधीनस्थन्यायालयों |
क्या अभियुक्त ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकता है? | हाँ |
धारा448 के अंतर्गत ट्रांसफर आदेश पारित करने से पहले क्या करना आवश्यक है? | पक्षकारोंकोसुनाजाना |
ट्रांसफर के बाद कार्यवाही कहां से शुरू होगी? | पिछलेन्यायालयकीअंतिमकार्यवाहीसे |
क्या धारा448 के अंतर्गत ट्रांसफर आदेश के विरुद्ध पुनरीक्षण किया जा सकता है? | केवलउच्चन्यायालय |
धारा449 किससे संबंधित है? | सेशनन्यायाधीशोंद्वारामामलोंऔरअपीलोंकावापसलियाजाना |
धारा449 के अनुसार कौन न्यायालय अपने अधीन न्यायालयों से मामला या अपील वापस ले सकता है? | सत्रन्यायाधीश |
क्या सत्र न्यायाधीश बिना कारण बताए मामला वापस ले सकता है? | नहीं |
क्या सत्र न्यायाधीश द्वारा वापस लिए गए मामले को वह स्वयं निपटा सकता है? | हाँ |
धारा449 के तहत मामला वापस लेने से पहले क्या आवश्यक है? | पक्षकारोंकोनोटिस |
क्या सत्र न्यायाधीश एक अपील वापस लेकर स्वयं उसका निपटारा कर सकता है? | हाँ |
क्या धारा449 केवल लंबित मामलों पर लागू होती है? | हाँ |
किस मामले में कोर्ट ने कहा: बिनाकारणमामलावापसलेनाअवैधहै | के. राघवेंद्रबनामकर्नाटकराज्य (2017) |
क्या धारा449 अपीलों पर भी लागू होती है? | हाँ |
सत्र न्यायाधीश द्वारा वापस लिए गए मामले को किस प्रकार निपटाया जा सकता है? | स्वयंसुनवाईकरके |
क्या सत्र न्यायाधीश को कारण बताना आवश्यक है जब वह कोई मामला वापस लेता है? | हाँ, न्यायिकविवेककापालनकरनेहेतु |
क्या आरोपी मामले की वापसी के विरुद्ध उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकता है? | हाँ |
धारा450 किससे संबंधित है? | न्यायिकमजिस्ट्रेटोंद्वारामामलोंकावापसजाना |
धारा450 के अंतर्गत कौन न्यायालय अपने अधीन न्यायालय से मामला वापस ले सकता है? | मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट |
क्या मुख्यन्यायिकमजिस्ट्रेट द्वारा वापस लिया गया मामला वह स्वयं निपटा सकता है? | हाँ |
धारा450 किस प्रकार के मामलों पर लागू होती है? | उनमामलोंपरजिन्हेंअधीनस्थमजिस्ट्रेटसुनरहेहैं |
क्या मुख्यन्यायिक मजिस्ट्रेट बिना कारण बताए मामला वापस ले सकता है? | नहीं |
क्या पक्षकारों को सुनना आवश्यक है जब कोई मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वापस लेते हैं? | हाँ |
वापस लिया गया मामला किस न्यायिकअधिकारी को सौंपा जा सकता है? | किसीभीकार्यपालकमजिस्ट्रेटको |
किस मामले में पक्षकारोंकोबिनासुनेआदेशपारितकरना, मुद्दा था? | कृष्णाबनाममध्यप्रदेशराज्य (2019) |
क्या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अपीलीय रूप से चुनौती दी जा सकती है? | हाँ |
क्या मजिस्ट्रेट वापस लिया गया मामला फिर से किसी अन्य मजिस्ट्रेट को सौंप सकता है? | हाँ |
धारा450 का उद्देश्य क्या है? | कार्यभारकाबेहतरवितरण |
क्या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को आदेश देने से पहले कोई कारण रिकॉर्ड करना होता है? | हाँ |
क्या सत्र न्यायालय धारा450 के तहत दिए गए आदेश को पलट सकता है? | केवलपुनरीक्षणमें |
धारा451 का संबंध किससे है? | कार्यपालकमजिस्ट्रेटोंद्वारामामलोंकेहवालेयावापसलेनेसे |
धारा451 के अंतर्गत मामले को एक कार्यपालक मजिस्ट्रेट से दूसरे को सौंपने का अधिकार किसे है? | जिलामजिस्ट्रेटयाउप-विभागीयमजिस्ट्रेट |
क्या धारा451 के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट अपने अधीनस्थ किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट से मामला वापस ले सकता है? | हां, जबआवश्यकसमझे |
क्या उप-विभागीय मजिस्ट्रेट भी धारा451 के तहत मामला वापस ले सकता है? | हां, यदिवहमामलाउसीउप-विभागकेकार्यपालकमजिस्ट्रेटकोसौंपागयाहो |
कार्यपालक मजिस्ट्रेट को सौंपे गए मामले को वापस लेने का कार्य किस प्रक्रिया द्वारा किया जाता है? | लिखितआदेशद्वारा |
कौन-सा निर्णय कार्यपालक मजिस्ट्रेटों को मामलों के हस्तांतरण या वापसी से संबंधित उनकी सीमाओं को स्पष्ट करता है? | बाबूलालपरातेबनाममहाराष्ट्रराज्य (1961) इसनिर्णयमेंकार्यपालकमजिस्ट्रेटकीशक्तियोंऔरउनकीन्यायिकप्रकृतिपरप्रकाशडालागयाथा। |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्यपालकमजिस्ट्रेटकीशक्तियाँन्यायिकप्रकृतिकीनहींहोतीं, पर जोर दिया? | बाबूलालपरातेबनाममहाराष्ट्रराज्य (1961) |
यदि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कार्यपालक मजिस्ट्रेट से कोई मामला वापस लिया जाता है, तो उसका उद्देश्य क्या हो सकता है? | मामलेकोकिसीअन्यअधिकसक्षममजिस्ट्रेटकोसौंपना |
कार्यपालक मजिस्ट्रेटों के बीच कार्य विभाजन और नियंत्रण किस धारा के अंतर्गत किया जाता है? | धारा451 |
धारा452 का संबंध है – | कारणोंकाअभिलिखितकियाजाना |
धारा452 के अनुसार, मजिस्ट्रेट को किन मामलों में अपने आदेश के पीछे कारण अभिलिखित करने होते हैं? | धारा 448, धारा 449, धारा 450 याधारा 451 केअधीनआदेश |
यदि मजिस्ट्रेट कोई आदेश बिना कारणों के पारित करता है, तो वह – | न्यायिकदृष्टिसेअवैधहोसकताहै |
क्या धारा452 के अंतर्गत मौखिक कारण दर्ज करना पर्याप्त होता है? | नहीं, लिखितरूपमेंकारणदेनाआवश्यकहै |
क्या कार्यपालक मजिस्ट्रेट को भी अपने आदेशों के पीछे कारण दर्ज करना आवश्यक है? | हाँ, यदिआदेशअधिकारकाप्रयोगकरतेहुएदियागयाहै |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कारणोंकेअभिलेखकीआवश्यकताइसनिर्णयमेंयहस्पष्टकियागयाकिकिसीभीदंडात्मकयाकठोरनिर्णयकेपीछेस्पष्टऔरतार्किककारणहोनाआवश्यकहै, पर जोर दिया? | अजीतकुमारनागबनामइंडियनऑयलकॉर्पोरेशन (2005) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि – कारणनदेनाप्राकृतिकन्यायकेसिद्धांतकाउल्लंघनहै | क्रांतिएसोसिएट्सप्राइवेटलिमिटेडबनाममसूदअहमदखान (2010) |
अध्याय 34 | |
दंडादेशोंकानिष्पादन, निलंबन, परिहारऔरलघुकरण (Execution, Suspension, Remission and Commutation of Sentences) | |
धारा453 का संबंध किससे है? | धारा409 केअधीनपारितआदेशोंकेनिष्पादनसे |
उच्च न्यायालय मृत्यु दंडादेश की पुष्टि के लिए आदेश किस धारा के अंतर्गत दे सकता हैं? | धारा453 |
उच्च न्यायालय मृत्यु दंडादेश की पुष्टि के लिए आदेश किस को दे सकता हैं? | सेशनन्यायालय |
धारा454 का संबंध किससेहै? | उच्चन्यायालयद्वारादिएगएमृत्युदंडादेशकानिष्पादन |
धारा454 के अंतर्गत किसके द्वारा मृत्यु दंडादेश का निष्पादन किया जाता है? | उच्चन्यायालयकेआदेशानुसार |
धारा454 का उद्देश्य क्या है? | मृत्युदंडादेशकोनिष्पादितकरनेकीप्रक्रियानिर्दिष्टकरना |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने केवलदुर्लभतमसेदुर्लभमामलोंमेंहीमृत्युदंडदियाजानाचाहिए, सिद्धांत को प्रतिपादित किया? | बचनसिंहबनामपंजाबराज्य (1980) |
यदि उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु दंड की पुष्टि हो जाती है, तो निष्पादन के लिए आदेश किसके माध्यम से दिया जाता है? | जेलअधीक्षक |
मृत्यु दंड निष्पादन का स्थान क्या होता है? | जेलपरिसर |
धारा455 का मुख्य विषय क्या है? | उच्चतमन्यायालयकोअपीलकीदशामेंमृत्युदंडादेशकेनिष्पादनकामुल्तवीकियाजाना |
धारा455 का प्रयोग किस स्थिति में होता है? | जबमृत्युदंडादेशकेविरुद्धउच्चतमन्यायालयमेंअपीलकीगईहो |
धारा455 के तहत मृत्यु दंड का निष्पादन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक: | उच्चतमन्यायालयअपीलकानिपटारानकरदे |
क्या धारा455 स्वतः लागू होती है जब उच्चतम न्यायालय में अपील लंबित होती है? | हाँ |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मृत्युदंडनिष्पादनमेंदेरीक्रूरऔरअमानवीयहोसकतीहै, निर्णय दिया? | त्रिवेणीबेनबनामगुजरातराज्य (1989) |
धारा456 का संबंध किससे है? | गर्भवतीमहिलाकीमृत्युदंडमेंराहत |
यदि कोई महिला, जिसे मृत्यु दंड दिया गया है, गर्भवती पाई जाती है, तो धारा456 के अनुसार क्या किया जाएगा? | मृत्युदंडआजीवनकारावासमेंबदलदियाजाएगा |
किस मामले में गर्भवती महिला की फांसी पर भ्रूणकेअधिकारकीरक्षाहेतुमृत्युदंडकोनिलंबितकियागया, निर्णय लिया गया? | आर.वीबनामस्मिथ (यूकेकेस) |
किस मामले में केस में जीवन के अधिकार की व्याख्या गरिमामयजीवनभीजीवनकाहिस्साहै, की गई? | महाराष्ट्रराज्यबनाममारुतिश्रीपतिदुबल (1987) |
ख – कारावास (Imprisonment) | |
| धारा457 का संबंध किससे है? | कारावासकास्थाननियतकरनेकीशक्ति |
| धारा458 का संबंध किससे है? | कारावासकेदंडादेशकानिष्पादन |
| धारा459 का संबंध किससे है? | निष्पादनकेलिएवारण्टकानिदेशन |
| धारा460 का संबंध किससे है? | वारण्टकिसकोसौंपाजाएगा |
ग- जुर्मानेकाउद्ग्रहण (Levy of fine) | |
| धारा461 का संबंध किससे है? | जुर्मानाउद्गृहीतकरनेकेलिएवारण्ट |
| धारा462 का संबंध किससे है? | ऐसेवारण्टकाप्रभाव |
| धारा463 का संबंध किससे है? | जुर्माने केउद्ग्रहणकेलिएकिसीऐसेराज्यक्षेत्रकेन्यायालयद्वारा, जिसपरइससंहिताकाविस्तारनहींहै, जारीकियागया।वारण्ट |
| धारा464 का संबंध किससे है? | कारावासकेदंडादेशकेनिष्पादनकानिलंबन |
घ - निष्पादनकेबारेमेंसाधारणउपबंध (General Provisions Regarding Execution) | |
| धारा465 का संबंध किससे है? | वारण्टकौनजारीकरसकेगा |
| धारा466 का संबंध किससे है? | निकलभागेसिद्धदोषपरदंडादेशकबप्रभावशीलहोगा |
| धारा467 का संबंध किससे है? | ऐसेअपराधीकोदंडादेशजोअन्यअपराधकेलिएपहलेसेदंडादिष्टहै |
| धारा468 का संबंध किससे है? | अभियुक्तद्वाराभोगीगईनिरोधकीअवधिकाकारावासकेदंडादेशकेविरुद्धमुजराकियाजाना |
| धारा469 का संबंध किससे है? | व्यावृत्ति |
| धारा470 का संबंध किससे है? | दंडादेशकेनिष्पादनपरवारण्टकालौटायाजाना |
| धारा471 का संबंध किससे है? | जिसधनकासंदायकरनेकाआदेशदियागयाहैउसकाजुर्मानेकेरूपमेंवसूलकियाजासकना |
डं- दंडादेशकानिलम्बनपरिहारऔरलघुकरण (Suspension, Remission and Commutation of Sentences) | |
धारा472 का मुख्य विषय क्या है? | मृत्युदंडकेमामलोंमेंदयायाचिका |
राष्ट्रपतिकेक्षमाअधिकार, से सम्बंधित मामला कौन सा है? | केहरसिंहबनामभारतसंघ (1989) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि, राष्ट्रपतिकाक्षमाअधिकारपूर्णनहींहै, न्यायिकसमीक्षासंभवहै? | ईपुरुसुधाकरबनामए.पी. सरकार (2006) |
दया याचिका की अस्वीकृति के बाद दोषी क्या कर सकता है? | न्यायिकपुनरावलोकनकीमांगकरसकताहै |
क्या दया याचिका खारिज होने पर भी दोषी को फांसी देने से पहले सूचना देना आवश्यक है? | हाँ |
धारा473 किससे संबंधित है? | दंडादेशोंकानिलंबनयापरिहारकरनेकीशक्ति |
धारा473 के अंतर्गत कौन व्यक्ति दंड को निलम्बित या परिहार कर सकता है? | समुचितसरकार |
दंडका “परिहार” (remission) का क्या अर्थ है? | दंडकोकमकरनायामाफकरना |
दंडका “निलंबन” (suspension) का अर्थ क्या है? | दंडकीअवधिकेक्रियान्वयनकोटालना |
क्या राज्य सरकार दोषी को बिना न्यायालय की अनुमति के निलंबन या परिहार प्रदान कर सकती है? | न्यायालयकीरायलेनीहोतीहैयदिमामलाउसन्यायालयद्वारादियागयाहो |
धारा473 के तहत राज्य सरकार को किस आधार पर निर्णय लेना चाहिए? | दोषीकेव्यवहार, पुनर्वास, सामाजिकस्थितिआदिपर |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यसरकारकीदंडपरिहारशक्तियोंकीसीमाएंकेविषयपरमार्गदर्शनदिया? | हरियाणाराज्यबनामजगदीश (2010) |
धारा474 का संबंध किससे है? | दंडादेशोंकालघुकरण |
दंडादेशोंकालघुकरण, कौन कर सकता है? | समुचितसरकार |
धारा474 के अंतर्गत दंडादेश का "लघुकरण" (commutation) का क्या अर्थ है? | कठोरदंडकोकमकठोरदंडमेंबदलना |
धारा474 के तहत मृत्यु दंड को किसमें बदला जा सकता है? | आजीवनकारावास |
आजीवन कारावास को किस दंड में लघुकरण किया जा सकता है? | सातवर्षकाकारावास |
क्या लघुकरण का निर्णय दोषी की सहमति के बिना लिया जा सकता है? | हाँ |
क्या राज्य सरकार को मृत्यु दंड को आजीवन कारावास में बदलने का अधिकार है? | हाँ, धारा474 केतहत |
सजा के लघुकरण पर राज्य सरकार की शक्ति कौन सा मामला सम्बंधित है? | मारूरामबनामभारतसंघ (1981) |
क्षमा याचिका पर न्यायिक समीक्षा संभव नहीं किस मामले में कहा? | केहरसिंहबनामभारतसंघ (1989) |
कुछमामलोंमेंछूटयालघुकरणकीशक्तियोंपरनिर्बन्धन, किस धारा से सम्बंधित है | धारा475 |
धारा475 का उद्देश्य क्या है? | कुछअपराधोंमेंसजामेंछूटयालघुकरणपरप्रतिबंधलगाना |
धारा475 में किन मामलों में छूटयालघुकरण की शक्ति पर निर्बन्धन है? | आजीवनकारावाससेदंडितअपराधजिसमेंमृत्युतककारावासअनिवार्यहै |
यदि किसी अपराध के लिए कानून के तहत आजीवन कारावास अनिवार्य है, तो धारा475 के अनुसार दोषी को न्यूनतम कितने वर्ष कारावास भोगना होगा? | 14 वर्ष |
धारा475 के तहत किस प्राधिकारीकोसजाकीछूटयालघुकरण की शक्ति दी गई है? | राज्यसरकार |
क्या धारा475 का प्रयोग संविधान की धारा72 याधारा 161 पर प्रभाव डालता है? | नहीं (क्योंकिसंविधानकीशक्तियाँस्वतंत्रहैं) |
धारा475 मुख्य रूप से किन सजा प्रकारों पर लागू होती है? | आजीवनकारावास |
राज्य सरकार की सजा लघुकरण की शक्ति पर प्रतिबंध, से कौन सा मामला सम्बंधित है? | भारतसंघबनामवी. श्रीहरन@ मुरुगन (2015) (राजीवगांधीहत्याकांड) |
मृत्युदंडादेशोंकीदशामैंकेन्द्रीयसरकारकीसमवर्तीशक्ति, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा476 |
कतिपयमामलोंमेंराज्यसरकारकाकेन्द्रीयसरकारसेसहमतिकेपश्चात्कार्यकरना, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा477 |
धारा477 किस प्रकार के मामलों से संबंधित है? | राज्यसरकारकीदंडादेशोंमेंछूट/लघुकरणसंबंधीशक्तियोंसे |
धारा477 के अंतर्गत राज्य सरकार को किन मामलों में केन्द्रीयसरकारकीसहमति से कार्य करना होता है? | जबअपराधसेनासेसंबंधितहो |
क्या धारा477 केवल मृत्यु दंड वाले मामलों पर लागू होती है? | नहीं, यहसभीगंभीरमामलोंपरलागूहोसकतीहै |
धारा477 के अंतर्गत 'सहमति' का तात्पर्य क्या है? | केन्द्रीयसरकारकीपूर्वस्वीकृति |
अध्याय 35 | |
जमानतऔरबंधपत्रोंकेबारेमेंउपबंध (Provisions As to Bail and Bonds) | |
अधिकतमअवधि, जिसकेलिएविचाराधीनकैदीनिरुद्धकियाजासकताहै, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा479 |
धारा479 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | विचाराधीनकैदियोंकीनिरुद्धिकीसीमातयकरना |
धारा479 के अनुसार, जब कोई विचाराधीन कैदी, अपराध की अधिकतम सज़ा की कितनी अवधि जेल में बिता चुका हो, तो उसे जमानत पर छोड़ा जाना चाहिए? | 1/2 (आधा) |
यदि विचाराधीन कैदी एक स्त्री या 16 वर्ष से कमआयुकाबालकहै, तो जमानत की शर्त क्या होगी? | अपराधकी1/4 अवधिजेलमेंबितानेपर |
क्या धारा479 में विचाराधीन कैदी को बिना सज़ा के अनिश्चितकाल तक जेल में रखने की अनुमति है? | नहीं |
धारा479 में विचाराधीन कैदी को रिहा करने का निर्णय किसके विवेक पर है? | न्यायालय |
विचाराधीनकैदियोंकेअधिकारोंकासंबंध किस केस से है? | हुसैनाराखातूनबनामबिहारराज्य |
विचाराधीनकैदियोंकोअनावश्यकरूपसेनिरुद्धनहींकियाजाए, का संबंध किस केस से है? | हुसैनाराखातून (1979) |
विचाराधीनकैदीकीअनुचितगिरफ्तारी, का संबंध किस केस से है? | भीमसिंहबनामभारतसंघ |
एक व्यक्ति पर 6 वर्ष की सज़ा वाला अपराध लंबित है और वह 3 वर्ष से विचाराधीन कैदी है, धारा479 के अनुसार क्या होगा? | उसेजमानतदीजासकतीहै |
एक महिला कैदी पर 4 साल तक की सज़ा वाला अपराध लंबित है। वह 1 वर्ष जेल में विचाराधीन रही है। धारा479 के अनुसार — | उसेतुरंतजमानतदीजासकतीहै |
यदि विचाराधीन कैदी कई अपराधों में निरुद्ध है, तो धारा479 किस पर लागू होगी? | न्यायालयकेआदेशपरनिर्भरकरताहै |
अजमानतीयअपराधकीदशामैंकबजमानतलीजासकेगी, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा480 |
धारा480 का संबंध किस प्रकार के अपराधों से है? | अजमानतीयअपराधोंसे |
धारा480 के अंतर्गत किन परिस्थिति में आरोपी को जमानत दी जा सकती है? | यदिअपराध7 वर्षसेकमकीसजावालाहै |
क्या धारा480 के तहत न्यायालय को पूर्ण विवेकाधिकार है कि वह अजमानतीय अपराध में भी जमानत दे सकता है? | हाँ |
अभियुक्तकोअगलेअपीलन्यायालयकेसमक्षउपसंजातहोनेकीअपेक्षाकेलिएजमानत, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा481 |
धारा481 का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोअगलीअपीलन्यायालयकेसमक्षप्रस्तुतहोनेहेतुबाध्यकरना |
धारा481 किस स्थिति में लागू होती है? | जबअभियुक्तकोदोषीठहरायागयाहै |
क्या धारा481 के तहत अभियुक्त से जमानतनामेपरहस्ताक्षर करवाया जा सकता है? | हाँ, ताकिवहअगलेन्यायालयकेसमक्षउपस्थितहो |
धारा481 के अंतर्गत किस न्यायालय के समक्ष अभियुक्त को उपस्थित होने की अपेक्षा की जाती है? | अपीलीयन्यायालय |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि, जमानतकाउद्देश्यअभियुक्तकीउपस्थितिसुनिश्चितकरनाहै? | कल्याणचंद्रसरकारबनामराजेशरंजनपप्पूयादव (2004) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि, दोषीअभियुक्तकोअपीलकेसमयरिहाकियाजासकताहै? | महाराष्ट्रराज्यबनामसीतारामपोपटवेताल (2004) |
गिरफ्तारीकीआशंकाकरनेवालेव्यक्तिकीजमानतमंजूरकरनेकेलिएनिदेश, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा482 |
धारा482 का उद्देश्य क्या है? | गिरफ्तारीकीआशंकाकरनेवालेव्यक्तिकेलिएजमानतकीप्रक्रियासरलबनाना |
धारा482 में जमानत देने के लिए किस प्रकार के आदेश जारी किए जाते हैं? | गिरफ्तारीसेपहलेजमानतकीमंजूरी |
धारा482 के अंतर्गत जमानत देने का आधार क्या है? | गिरफ्तारीकीआशंकाकाहोनेकातथ्य |
धारा482 के तहत जमानत की मंजूरी किस न्यायालय द्वारा दी जाती है? | उच्चन्यायालय |
अगर किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका है, तो क्या धारा482 के तहत उसे जमानत मिल सकती है? | हाँ, जमानतमिलनेसेगिरफ्तारीकोरोकाजासकताहै |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि, गिरफ्तारीकीआशंकापरजमानतदीजासकतीहै? | सुशीलाअग्रवालबनामराज्य (2015) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि, गिरफ्तारीकीआशंकामेंजमानतदेनेकेलिएन्यायालयकोअभियुक्तकीव्यक्तिगतस्थितिकोध्यानमेंरखनाचाहिए? | पूजापालबनामभारतसंघ (2016) |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि, यदिगिरफ्तारीकीआशंकाहो, तोजमानतकाआदेशबिनाकिसीदेरीकेदेनाचाहिए? | डॉ. सुब्रमण्यमस्वामीबनामभारतसंघ (2016) |
एक व्यक्ति को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन वह आरोपों को गलत मानता है। क्या उसे धारा 482 के तहत जमानत मिल सकती है? | हाँ, यदिउसेगिरफ्तारीकीआशंकाहै |
अगर कोई व्यक्ति धारा482 के तहत जमानत आवेदन करता है, तोअदालतकिसआधारपरजमानतमंजूरकरेगी? | गिरफ्तारीकीआशंकाऔरअभियुक्तकाव्यवहार |
जमानतकेबारेमैंउच्चन्यायालययासेशनन्यायालयकीविशेषशक्तियां, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा483 |
धारा483 के तहत उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय को किस प्रकार की विशेष शक्तियाँ प्रदान की जाती हैं? | जमानतकीमंजूरी, संशोधनया रद्दकरनेकीविशेषशक्ति |
उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय के पास जमानत के संबंध में किसे विशेष अधिकार होता है? | अभियुक्तकोजमानतदेनेकाअधिकार |
धारा483 के तहत उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय के आदेश का प्रभाव क्या है? | आदेशकोउच्चतमन्यायालयद्वारासंशोधितकियाजासकताहै |
उच्चन्यायालययासत्रन्यायालय को किस आधार पर जमानत देने का अधिकार प्राप्त है? | आरोपीकाअपराधछोटाहोना |
धारा483 के तहत उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय द्वारा जमानत देने की शक्तियाँ किस प्रकार की होती हैं? | जमानतदेनेऔरसंशोधनकरनेकीशक्ति |
जमानतकीमंजूरीदेनेकीशक्ति, से कौन सा मामला सम्बंधित है? | मनोजकुमारबनामराजस्थानराज्य (2017) |
सत्रन्यायालयनेजमानतकोशर्तोंकेसाथमंजूरकिया, से कौन सा मामला सम्बंधित है? | राज्यबनामअरविंदकुमार (2014) |
जमानतकीशर्तोंमेंबदलाव, से कौन सा मामला सम्बंधित है? | पूजाकुमारीबनामपंजाबराज्य (2016) |
यदि किसी अभियुक्त ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन किया है और उच्च न्यायालय ने उसे जमानत दी है, तो सत्र न्यायालय के पास इस जमानत को कैसे प्रभावित करने की शक्ति है? | सत्रन्यायालयकेपासकोईशक्तिनहींहै |
अगर सत्र न्यायालय ने किसी अभियुक्त को जमानत देने का आदेश दिया है और उस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाती है, तो उच्च न्यायालय की स्थिति क्या होगी? | उच्चन्यायालयसत्रन्यायालयकेआदेशकोबदलसकताहै |
अगर उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय जमानत देने के बाद किसी अभियुक्त की जमानत शर्तों में बदलाव करता है, तो यह किस प्रकार के अधिकार का प्रयोग है? | संशोधनअधिकार |
बंधपत्रकीरकमऔरउसेघटाना, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा484 |
धारा484 के तहत बंधपत्रकीरकम को घटाने का अधिकार किसे दिया गया है? | न्यायालयको |
धारा484 के तहत बंधपत्रकीरकम को घटाने का निर्णय किस आधार पर लिया जा सकता है? | आरोपीकीवित्तीयस्थितिऔरउसकेपरिवारकीस्थिति |
यदि बंधपत्र की रकम घटाई जाती है, तो इसका प्रभाव क्या होगा? | आरोपीकोकमसेकमदंडदियाजाएगा |
क्या किसी आरोपी को बंधपत्र की रकम घटाने के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति लेनी होती है? | हां, उच्चन्यायालयकीअनुमतिआवश्यकहोतीहै |
धारा485 किससे सम्बन्धित हैं | अभियुक्तऔरप्रतिभुओंकाबंधपत्र |
धारा485 के अनुसार, अभियुक्तऔरप्रतिभियोंकेलिएबंधपत्र के रूप में क्या सुनिश्चित किया जाता है? | अभियुक्तकेसाथन्यायिकप्रक्रियामेंसहभागिताकेलिएबंधपत्र |
अभियुक्त और गवाहों का बंधपत्र किस उद्देश्य से लिया जाता है? | उन्हेंन्यायालयमेंउपस्थितिकेलिएप्रेरितकरनेकेलिए |
बंधपत्र में किन बिंदुओं का ध्यान रखा जाता है? | अभियुक्तकीवित्तीयस्थिति |
उच्च न्यायालय ने धारा485 के तहत बंधपत्र के बारे में बंधपत्रकीशर्तोंकोकठोरकिया था? | राज्यबनामए. के. शर्मा (2015) |
न्यायालय ने बंधपत्रकेउल्लंघनपरअभियुक्तकोसजा आदेश दिया था? | रविन्द्रकुमारबनामपंजाबराज्य (2017) |
बंधपत्र की शर्तों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने बंधपत्रकीरकममेंवृद्धिकीगई निर्णय लिया था? | अजयशर्माबनामबिहारराज्य (2020) |
यदि एक अभियुक्त अपनी बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसे क्या परिणाम हो सकता है? | उसेफिरसेबंधपत्रभरनेकाआदेशदियाजाएगा |
क्या एक अभियुक्त को अपने बंधपत्र के उल्लंघन के लिए किसी विशेष कारण का उल्लेख करना होता है? | हाँ, अभियुक्तकोइसकास्पष्टकारणबतानाहोताहै |
बंधपत्र में यदि कोई शर्त लागू नहीं हो पाती, तो क्या इसे संशोधित किया जा सकता है? | हाँ, न्यायालयबंधपत्रकीशर्तोंकोसंशोधितकरसकताहै |
यदि किसी गवाह या अभियुक्त का बंधपत्र रद्द किया जाता है, तो इसके बाद उन्हें क्या करना पड़ता है? | उन्हेंनयेबंधपत्रपरहस्ताक्षरकरनेकेलिएकहाजासकताहै |
धारा486 किससे सम्बन्धित हैं? | प्रतिभुओंद्वाराघोषणा |
धारा486 के अंतर्गत, गवाह द्वारा की गई घोषणा का क्या उद्देश्य होता है? | गवाहकीनिष्पक्षताकीपुष्टि |
धारा486 के अनुसार, गवाहद्वाराकीगईघोषणाकादस्तावेजीकरण किस प्रकार किया जाता है? | न्यायालयमेंगवाहकेबयानकेरूपमें |
गवाह द्वारा की गई घोषणा को लेकर न्यायालय ने गवाहकीघोषणापरऔरअधिकगवाही का आदेश दिया था? | सुरेशकुमारबनामराजस्थानराज्य (2019) |
उच्च न्यायालय ने कहा गवाहसेघोषणालीजाएऔरइसकेआधारपरआरोपतयकिएजानेके निर्देश दिए था? | मोहनलालबनामगुजरातराज्य (2021) |
यदि गवाह अपनी घोषणा को बदलता है तो न्यायालय क्या कर सकता है? | गवाहकीघोषणाकोअस्वीकारकरसकताहै |
धारा487 किससे सम्बन्धित हैं? | अभिरक्षासेउन्मोचन |
धारा487 के अंतर्गत, अभिरक्षा से उन्मोचन का क्या अर्थ है? | किसीव्यक्तिकोशारीरिकगिरफ्तारीसेमुक्तकरना |
धारा487 के तहत अभिरक्षा से उन्मोचन के लिए कौन सी शर्तें पूरी करनी होती हैं? | केवलगवाहकेबयान |
धारा487 के तहत अभिरक्षा से उन्मोचन के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाती है? | बंधपत्रदाखिलकरना |
अभिरक्षा से उन्मोचन के मामले में उच्च न्यायालय ने अभियुक्तकोजमानतपररिहाकियागया फैसला लिया? | दीपकशर्माबनाममहाराष्ट्रराज्य (2020) |
धारा487 के तहत अभिरक्षा से उन्मोचन के मामले में अभियुक्तकोन्यायालयकीशर्तोंकेसाथरिहाकियागया का था? | रविकुमारबनामपंजाबराज्य (2021) |
धारा487 के तहत न्यायालय ने अभियुक्तकोतत्कालजमानतपररिहाकियागया आदेश दिया था? | मनोजगुप्ताबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2022) |
धारा488 किससे सम्बन्धित हैं | जबपहलेलीगईजमानतअपर्याप्तहैतबपर्याप्तजमानतकेलिएआदेशदेनेकीशक्ति |
धारा488 का उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकोपहलेलीगईजमानतकीपर्याप्तताकीसमीक्षाकरनेकाअधिकारदेना |
यदि न्यायालय को लगता है कि पहले ली गई जमानत अपर्याप्त है, तो वह क्या कर सकता है? | अभियुक्तसेपर्याप्तजमानतप्रस्तुतकरनेकोकहसकताहै |
धारा488 के अंतर्गत किसके पास यह अधिकार होता है कि वह पर्याप्त जमानत प्रस्तुत करने का आदेश दे सके? | मजिस्ट्रेटयासंबंधितन्यायालय |
"अपर्याप्तजमानत" का क्या अर्थ है? | जमानतकेपैसेकमहोना |
क्या न्यायालय जमानतदार को बदलने का आदेश दे सकता है यदि वह अपर्याप्त पाए जाए? | हाँ |
अभियुक्तकोपुनःपर्याप्तजमानतप्रस्तुतकरनेकोकहागया जब जमानतदार की साख संदेहास्पद पाई गई? | राजस्थानराज्यबनामलालाराम (2017) |
धारा488 के अंतर्गत अपर्याप्तजमानतपरअभियुक्तकीजमानतरद्दकीजासकतीहै, कहा गया? | मोहम्मदसलीमबनामयूपीराज्य (2021) |
यदि अभियुक्त की जमानतदारकीवित्तीयस्थितिकमजोरपाईजातीहै, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | नईजमानतप्रस्तुतकरनेकोकहसकताहै |
धारा488 के अंतर्गत जमानत की समीक्षा कब की जा सकती है? | जबन्यायालयकोलगताहैकिपहलेकीजमानतअपर्याप्तहै |
क्या अभियुक्त स्वेच्छा से नई जमानत प्रस्तुत कर सकता है? | हाँ, यदिवहस्वयंपहलेकीजमानतकोअपर्याप्तमाने |
धारा489 किससे संबंधित है? | प्रतिभुओंकाउन्मोचन |
कब प्रतिभुओं को उन्मुक्त किया जा सकता है? | जबअभियुक्तअदालतमेंसमयसेउपस्थितहोताहैऔरसभीशर्तोंकापालनकरताहै |
"प्रतिभू" कौन होता है? | वहव्यक्तिजोअभियुक्तकेलिएजमानतीहोताहै |
प्रतिभू को किस स्थिति में उत्तरदायित्व से मुक्त किया जाता है? | जबअभियुक्तसभीशर्तोंकोपूराकरताहैऔरकार्यवाहीसमाप्तहोजातीहै |
प्रतिभूनेन्यायालयमेंआवेदनदेकर उन्मोचन माँगा? | राज्यबनामविशालमेहता (2021) |
यदि अभियुक्त अदालत में समय से उपस्थित होता है और मुकदमा समाप्त हो जाता है, तो प्रतिभू— | दायित्वसेमुक्तहोजाएगा |
यदि प्रतिभू न्यायालय से अपना उन्मोचन चाहता है, तो उसे— | संबंधितन्यायालयमेंआवेदनदेनाचाहिए |
क्या अभियुक्त के दोषमुक्त होने पर प्रतिभू स्वतः उन्मुक्त हो जाता है? | नहीं, न्यायालयकाआदेशआवश्यकहै |
क्या प्रतिभू की जमानत राशि उसे वापस की जा सकती है? | हाँ, यदिअभियुक्तनेसभीशर्तेंपूरीकीहैं |
धारा489 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | प्रतिभूकोउत्तरदायित्वसेमुक्तकरनाजबशर्तेंपूरीहों |
धारा490 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत "मुचलकेकेबजायनिक्षेप" का क्या अर्थ है? | अभियुक्तकोएकनिश्चितराशिजमाकरनेकाआदेशदेना |
जब मुचलका प्रस्तुत नहीं किया जा सकता, तो निक्षेप का विकल्प क्यों दिया जाता है? | अभियुक्तकीजमानतराशिकीकमीकोपूराकरनेकेलिए |
धारा490 के तहत निक्षेप के लिए राशि की अधिकतम सीमा क्या हो सकती है? | न्यायालयद्वारानिर्धारित |
अभियुक्तकीआर्थिकस्थितिकमजोरथीऔरमुचलकाभरनेमेंअसमर्थथा न्यायालय ने निक्षेप का आदेश दिया गया था? | सुनीलकुमारबनामबिहारराज्य (2019) |
यदि अभियुक्त निक्षेप राशि का भुगतान करने में असमर्थ है, तो न्यायालय— | अभियुक्तकोरिहाकरदेगायदिकिसीअन्यसक्षमव्यक्तिद्वाराराशिजमाकीजातीहै |
क्या न्यायालय के पास यह अधिकार है कि वह निक्षेप की राशि को कम कर सके? | हाँ, न्यायालयअभियुक्तकीपरिस्थितिकोदेखतेहुएराशिकमकरसकताहै |
निक्षेप की राशि से संबंधित किस मामले में उच्च न्यायालय ने अभियुक्तकीपरिस्थिति का ध्यान रखा था? | सुनीलकुमारबनामबिहारराज्य (2019) |
निक्षेप का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकोअदालतमेंउपस्थितहोनेकेलिएप्रेरितकरना |
धारा491 के तहत बंधपत्र समपहृत कर लेने की प्रक्रिया का क्या उद्देश्य है? | बंधपत्रकीराशिकीवापसीसेसंबंधितकार्रवाईकरना |
बंधपत्रसमपहृतकरलियाजाताहै का क्या अर्थ होता है? | बंधपत्रकोनिरस्तकरनाऔरअभियुक्तकोरिहाकरना |
धारा491 के तहत बंधपत्रसमपहृतकरलियाजाताहै की स्थिति में न्यायालय क्या कार्रवाई करता है? | बंधपत्रकीशर्तोंकेपालनकामूल्यांकनकरताहै |
धारा491 के तहत बंधपत्रसमपहृतकरलियाजाताहै, तब अभियुक्त के खिलाफ क्या निर्णय लिया जा सकता है? | अभियुक्तकोरिहाकरदियाजाताहैयदिशर्तेंपूरीहोचुकीहैं |
किस मामले में उच्च न्यायालय ने बंधपत्रसमपहृत से संबंधित न्यायालयनेबंधपत्रकोसमपहृतकरनेकेबादअभियुक्तकोरिहाकरदिया, निर्णय लिया था? | राघवबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2017) |
किस मामले में जब बंधपत्र समपहृत किया गया, तो उच्च न्यायालय ने जबअभियुक्तनेसभीशर्तोंकापालनकिया, स्थिति में बंधपत्र राशि वापस की? | अजयकुमारबनामबिहारराज्य (2018) |
बंधपत्रसमपहृत किए जाने के बाद अभियुक्त को क्या करना होता है? | शर्तोंकेपालनकासुनिश्चितकरना |
बंधपत्रसमपहृत होने के बाद यदि अभियुक्त ने शर्तों का पालन नहीं किया, तो न्यायालय क्या कदम उठाएगा? | अभियुक्तकोसजादेसकताहै |
बंधपत्रसमपहृत किए जाने के बाद यदि अभियुक्त ने अदालत में समय पर उपस्थित नहीं हुआ, तो क्या होगा? | अभियुक्तकोफिरसेगिरफ्तारकियाजाएगा |
बंधपत्रसमपहृत के बाद न्यायालय किस स्थिति में बंधपत्र की राशि को वापस करने का आदेश दे सकता है? | जबअभियुक्तनेशर्तोंकापालनकियाहो |
क्या बंधपत्रसमपहृत करने के बाद न्यायालय अभियुक्त के खिलाफ किसी अन्य प्रकार की सजा भी दे सकता है? | हाँ, अगरअभियुक्तनेशर्तोंकाउल्लंघनकियाहो |
धारा492 किससे सम्बन्धित है? | बंधपत्रऔरजमानतपत्रकारद्दकरण |
धारा492 के अनुसार बंधपत्रऔरजमानतपत्र का रद्दकरण कब किया जा सकता है? | जबअभियुक्तनेशर्तोंकाउल्लंघनकियाहो |
धारा492 के तहत बंधपत्रऔरजमानतपत्रकारद्दकरण का उद्देश्य क्या है? | अभियुक्तकीरिहाईकीशर्तोंकोसमाप्तकरना |
बंधपत्रऔरजमानतपत्रकारद्दकरण क्या परिणाम ला सकता है? | अभियुक्तकोफिरसेगिरफ्तारकियाजासकताहै |
यदि बंधपत्रऔरजमानतपत्र का रद्दकरण किया जाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | अभियुक्तकोगिरफ्तारकरनेकाआदेशदेसकताहै |
बंधपत्रऔरजमानतपत्र का रद्दकरण क्या किसी विशेष समय सीमा के भीतर किया जाता है? | हाँ, यदिशर्तोंकाउल्लंघन15 दिनोंकेअंदरकियाजाए |
बंधपत्रऔरजमानतपत्रकारद्दकरण के बाद अभियुक्त को कितनीदेरमेंगिरफ्तारकियाजासकताहै? | तुरंत |
बंधपत्रऔरजमानतपत्रकारद्दकरण होने पर न्यायालय अभियुक्तकोक्याआदेशदेसकताहै? | अभियुक्तकोफिरसेगिरफ्तारकियाजासकताहै |
धारा493 किससे सम्बन्धित है? | प्रतिभूकेदिवालिया हो जानेयाउसकीमृत्युहोजानेयाबंधपत्रकासमपहरणहोजानेकीदशामैंप्रक्रिया |
धारा493 के अनुसार, यदि प्रतिभूदिवालिया हो जाता है, तो किस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाती है? | बंधपत्रकीवैधतानिरस्तकीजातीहै |
प्रतिभूकीमृत्यु हो जाने पर बंधपत्र की प्रक्रिया क्या होती है? | बंधपत्रकीवैधतासमाप्तहोजातीहै |
बंधपत्रकासमपहरण होने पर किसे प्रक्रिया के तहत जिम्मेदारी दी जाती है? | संबंधितन्यायालय |
धारा493 के अनुसार, यदि प्रतिभूदिवालिया हो जाता है, तो उसकी बंधपत्रकीस्थिति क्या होती है? | बंधपत्रसमाप्तकरदियाजाताहै |
किस मामले में प्रतिभूकेदिवालिया हो जाने के बाद, न्यायालय ने बंधपत्र के बारे में बंधपत्रकीवैधतासमाप्तकरदीगई, निर्णय लिया था? | मनोजकुमारबनामबिहारराज्य (2020) |
किस मामले में बंधपत्रकासमपहरण हो जाने के बाद, न्यायालय ने बंधपत्रकीवैधतासमाप्तकरदी, किया था? | राजेशशर्माबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2018) |
बंधपत्रकेसमपहरण की स्थिति में क्या किया जाता है? | बंधपत्रकीवैधताकोनिरस्तकरदियाजाताहै |
प्रतिभूकीमृत्यु के बाद बंधपत्रकासमपहरण किसके द्वारा किया जाता है? | न्यायालय |
धारा493 के तहत बंधपत्रकेसमपहरण के बाद क्या किया जा सकता है? | बंधपत्रकीप्रक्रियासमाप्तकरदीजातीहै |
बंधपत्रकासमपहरण होने के बाद, क्या बंधपत्र के शर्तों को लागू किया जा सकता है? | नहीं, वेसमाप्तहोजातेहैं |
धारा494 किससे सम्बन्धित है? | बालकसेअपेक्षितबंधपत्र |
धारा494 के तहत, बालकसेअपेक्षितबंधपत्र कब लिया जाता है? | जबबालककोजमानतकीआवश्यकताहोतीहै |
धारा494 के अनुसार, बालककेलिएबंधपत्र किसकी ओर से लिया जाता है? | बालककाअभिभावक |
धारा494 के अनुसार, बालकसेअपेक्षितबंधपत्र किस उद्देश्य के लिए लिया जाता है? | बालककोभविष्यमेंअपराधसेबचानेकेलिए |
धारा494 में, बंधपत्र को किसके द्वारा निर्धारित किया जाता है? | न्यायालय |
किस मामले में धारा494 के तहत बालकसेबंधपत्र लेने की प्रक्रिया पर न्यायालय ने बंधपत्रलेनेकेलिएबालककेअभिभावककीअनुमतिआवश्यकहै, निर्णय लिया था? | भरतकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2018) |
बालक से बंधपत्रलेनेकेसमय न्यायालय को किन पहलुओं का ध्यान रखना चाहिए? | बालककीउम्रऔरपरिस्थिति |
यदि बालककेअभिभावक से बंधपत्र लिया जाता है तो वह किसकीजिम्मेदारीहोतीहै? | बालककीसुरक्षाऔरदेखभाल |
बालकसेबंधपत्र लेने के दौरान न्यायालयकीजिम्मेदारी क्या होती है? | बालककीउम्रऔरजिम्मेदारीकोध्यानमेंरखना |
धारा495 किससे सम्बन्धित है? | धारा 491 केअधीनआदेशोंसेअपील |
धारा495 के तहत, धारा491 केअधीनदिएगएआदेशोंसेअपील का अधिकार किसे होता है? | कोईभीव्यक्तिजोआदेशसेप्रभावितहो |
धारा491 केअधीनआदेश से अपील करने का अधिकार किसके पास होता है? | किसीभीप्रभावितव्यक्तिकेपास |
धारा495 के अनुसार, धारा491 केआदेशसेअपील का निवारण किससेकिया जाता है? | उच्चन्यायालय |
धारा495 केतहतअपील को स्वीकार करते समय किसकी साक्षात्कार की आवश्यकता होती है? | प्रभावितव्यक्तियापक्ष |
धारा 495 के तहत, यदिउच्चन्यायालयकेआदेशसेअसंतुष्टकोईपक्षअपीलकरताहै, तो क्या वह नए सबूत पेश कर सकता है? | हां, यदिन्यायालयअनुमतिदेताहै |
किस मामले में धारा495 के तहत अपील को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने आदेशकोबदलाऔरअपीलकर्ताकोराहतदी, निर्णय लिया था? | अनिलकुमारबनामबिहारराज्य (2020) |
धारा495 के तहत अपीलदाखिलकरनेकीप्रक्रिया में किसे प्रभावित किया जाता है? | न्यायालयऔरसंबंधितपक्ष |
धारा496 का संबंध किससेहै? | कतिपयमुचलकोंपरदेरकमकाउदग्रहणकरनेकानिदेशदेनेकीशक्ति |
यदि धारा495 के तहत, आदेश से अपील करने वाला पक्ष नएसाक्ष्यप्रस्तुतकरनाचाहताहै, तो क्या न्यायालय इसे स्वीकार कर सकता है? | हां, यदिन्यायालयअनुमतिदे |
धारा495 के तहत आदेशसेअपील करने पर आदेशकीसमीक्षाकरनेवालीन्यायिकसंस्था क्या होती है? | उच्चन्यायालय |
धारा496 के तहत, मुचलकेपरदेयरकमकाउदग्रहण की प्रक्रिया किसके आदेश से की जाती है? | अदालतकेआदेशसे |
धारा496 में, मुचलकेकीरकमकाउदग्रहण किस उद्देश्य से किया जाता है? | जमानतकीराशिकासमायोजनकरनेकेलिए |
किस मामले में धारा496 के तहत मुचलकेकीरकमकाउदग्रहण के मामले में मुचलकेकाभुगतानआदेशकेअनुसारकियागया, निर्णय लिया गया था? | श्यामबनामराजस्थानराज्य (2021) |
धारा496 के तहत, मुचलकेपरदेयराशिकाउदग्रहण कब तक किया जा सकता है? | मुचलकेकीशर्तोंकेउल्लंघनकेबाद |
धारा496 के तहत, मुचलकेकीराशि को किसप्रक्रिया के तहत वसूल किया जाता है? | मुचलकाजमाकरनेकेबादअभियुक्तसेवसूली |
धारा496 के अनुसार, मुचलकेपरदेयरकमकेउदग्रहण के आदेश को किसन्यायालय द्वारा रद्द किया जा सकता है? | उच्चन्यायालय |
धारा496 के तहत मुचलकेपरदेयरकम के उदग्रहण के बाद, यदि अभियुक्त राशि का भुगतान नहीं करता है, तो क्या किया जाता है? | उसकीसंपत्तिकुर्ककीजातीहै |
धारा496 के तहत मुचलकेपरदेयरकम के उदग्रहण का आदेश न्यायालय किस आधार पर जारी करता है? | अभियुक्तद्वारामुचलकेकीशर्तोंकाउल्लंघन |
अध्याय36 | |
सम्पत्तिकाव्ययन (Disposal Of Property) | |
| धारा497 का संबंध किससेहै? | कतिपयमामलोंमैंविचारणलंबितरहनेतकसम्पतिकीअभिरक्षाऔरव्ययनकेलिएआदेश |
| धारा498 का संबंध किससेहै? | विचारणकीसमाप्तिपरसम्पतिकेव्ययनकेलिएआदेश |
| धारा499 का संबंध किससेहै? | अभियुक्तकेपासमिलेधनकानिर्दोषक्रेताकोसंदाय |
| धारा500 का संबंध किससेहै? | धारा 498 याधारा 499 केअधीनआदेशोंकेविरुद्धअपील |
| धारा501 का संबंध किससेहै? | अपमानलेखीयऔरअन्यसामग्रीकानष्टकियाजाना |
| धारा502 का संबंध किससेहै? | स्थावरसम्पत्तिकाकब्जालौटानेकीशक्ति |
| धारा503 का संबंध किससेहै? | सम्पत्तिकेअभिग्रहणपरपुलिसद्वाराप्रक्रिया |
| धारा504 का संबंध किससेहै? | जहांछहमासकेअन्दरकोईदावेदारहाजिरनहोवहांप्रक्रिया |
| धारा505 का संबंध किससेहै? | विनश्वरसम्पतिकोबेचनेकीशक्ति |
अध्याय-37 | |
अनियमितकार्यवाहियां (Irregular Proceedings) | |
वेअनियमितताएंजोकार्यवाहीकोदूषितनहींकरती, किस धारा में दिया गया है | धारा506 |
धारा506 का उद्देश्य क्या है? | ऐसीअनियमितताओंकोचिन्हितकरनाजोप्रक्रियाकोप्रभावितनहींकरतीं |
धारा 97 के अधीन तलाशीवारण्ट जारी करना क्या कार्यवाही को दूषित करती है? | नहीं |
किसी अपराध का धारा 210 कीउपधारा (1) केखंड (क) याखंड (ख) केअधीनसंज्ञानकरना, क्या कार्यवाही को दूषित करती है? | नहीं |
किसी मामले को धारा 212 कीउपधारा (2) केअधीनहवालेकरना, क्या कार्यवाही को दूषित करती है? | नहीं |
धारा 343 के अधीन क्षमादानकरना, क्या कार्यवाही को दूषित करती है? | नहीं |
धारा 504 याधारा 505 केअधीनसम्पत्तिकाविक्रय, क्या कार्यवाही को दूषित करती है? | नहीं |
धारा506 के अनुसार, यदिप्रक्रियामेंतकनीकीत्रुटिहो, तो क्या न्यायालय उसे अमान्य घोषित करेगा? | नहीं, जबतककिवहन्यायकोप्रभावितनकरे |
यदिएकपुलिसअधिकारीद्वारागलतमजिस्ट्रेटकेसमक्षचालानप्रस्तुतकियागयाहो, परंतुकोईपूर्वग्रहसाबितनहो, तो धारा506 के तहत क्या होगा? | कार्यवाहीमान्यमानीजाएगी |
धारा506 किन त्रुटियों से संबंधित है? | प्रक्रिया |
प्रक्रियामेंअनियमितताजिससेकोईअन्यायनहींहुआ, सर्वोच्चन्यायालयने किस मामले में निर्णय दिया था? | पंजाबराज्यबनामश्यामलाल (1975) |
प्रक्रियाकीवैधताऔरअनियमितताकाप्रभाव से सम्बंधित केस कौन सा है? | ए.आर. अंतुलेबनामआर.एस. नायक (1988) |
तकनीकीखामियांकार्यवाहीकोरद्दनहींकरसकतीं, से सम्बंधित केस कौन सा है? | के. अन्बाझगनबनामकर्नाटकराज्य (2015) |
अभियोजन पक्ष द्वारा एक अतिरिक्त दस्तावेज़कोरिकॉर्ड में लाने में विलंब हुआ, जिससे अभियुक्त को कोई हानि नहीं हुई, तो धारा506 के तहत क्या स्थिति होगी? | कार्यवाहीवैधमानीजाएगी |
एक मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त का बयान धारा313 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुसार लेने में थोड़ी प्रक्रिया संबंधी त्रुटि की, लेकिन अभियुक्त को कोई हानि नहीं हुई। क्या यह कार्यवाही धारा506 के तहत दूषित मानी जाएगी? | नहीं |
अभियुक्तकोअभियोगकीप्रतिदेरसेमिली, परंतु उसे पर्याप्त समय मिला बचाव के लिए। धारा506 के अंतर्गत कार्यवाही का क्या होगा? | कार्यवाहीवैधमानीजाएगी |
अभियोजनद्वारागलतअनुभागकाउल्लेखकियागया, लेकिन तथ्य सही हैं। यह धारा506 के अंतर्गत क्या कहलाएगा? | सामान्यत्रुटि |
वेअनियमितताएंजोकार्यवाहीकोदूषितकरतीहैं, किस धारा में दिया गया है | धारा507 |
धारा507 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | ऐसीअनियमितताओंकीपहचानजोन्यायकोप्रभावितकरतीहैं |
अभियुक्त को गिरफ्तारी के बाद तुरंत मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत न करना, क्या ऐसी कार्यवाही दूषित मानी जाती है? | हाँ |
धारा507 के अंतर्गत कोई अनियमितता न्याय को किस प्रकार प्रभावित करती है? | अभियुक्तकेमौलिकअधिकारोंकाउल्लंघनहोताहै |
अगर अभियुक्त को अभियोग की जानकारी नहीं दी जाती और मुकदमा चलता है, तो यह किस श्रेणी की अनियमितता होगी? | दूषितकरनेवालीअनियमितता |
क्या न्यायालय धारा507 के अंतर्गत आने वाली अनियमितता के होते हुए भी सजा दे सकता है? | नहीं, क्योंकिकार्यवाहीदूषितमानीजाएगी |
न्यायिकनिष्पक्षताऔरप्रक्रिया का पालन जो धारा507 से संबंधित है, से सम्बंधित केस कौन सा है? | किरणबेदीबनामजांचसमिति (1989) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपीकोवकीलनमिलनाप्रक्रियाकेउल्लंघनकोकार्यवाहीकोदूषितकरनेवालामाना? | मोहम्मदहुसैन@ जुल्फिकारअलीबनामराज्य (2012) |
किस मामले में न्यायालयनेअभियोजनपक्षकीमिलीभगतपरकार्यवाहीकोदूषितमाना? | जाहिराहबीबुल्लाहशेखबनामगुजरातराज्य (2004) |
अभियुक्तकोमजिस्ट्रेटकेसमक्ष24 घंटेमेंप्रस्तुतनहींकियागया, जबकि गिरफ्तारी वैध थी। क्या कार्यवाही दूषित मानी जाएगी? | हां, यहधारा507 केअंतर्गतआताहै |
अभियुक्त को अभियोग की प्रति नहीं दी गई और उसकीगैरमौजूदगी में सजा दी गई, तो क्या कार्यवाही धारा507 के अनुसार दूषित मानी जाएगी? | हां |
यदि मजिस्ट्रेट बिना अभियुक्त की सुनवाई के ही आरोप तय कर देता है, तो क्या कार्यवाही धारा507 के अनुसार दूषित मानी जाएगी? | हां |
अभियुक्त को कानूनी सहायता नहीं दी गई और उस पर मुकदमा चला दिया गया तो क्या कार्यवाही धारा507 के अनुसार दूषित मानी जाएगी? | हां |
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा508 किस विषय से संबंधित है? | कार्यवाहीकागलतस्थान |
धारा508 के अनुसार, यदि कोई आपराधिक कार्यवाही गलत स्थान पर आरंभ की जाती है, तो— | वहतबतकअमान्यनहींमानीजाएगीजबतकइससेपक्षकारकोपूर्वाग्रहनहुआहो |
क्या मजिस्ट्रेट के पास स्थानिकअधिकारक्षेत्र (territorial jurisdiction) न होने पर की गई कार्यवाही धारा508 के अंतर्गत आती है? | हां |
यदि अभियुक्त यह साबित करता है कि गलत स्थान पर कार्यवाही होने से उसे नुकसान हुआ, तो क्या होगा? | कार्यवाहीरद्दकीजासकतीहै |
जबआरोपीकोगलतक्षेत्राधिकारमेंघसीटागया, से सम्बंधित केस कौन सा है? | बाबूलालबनाममध्यप्रदेशराज्य (AIR 1979 SC 626) |
धारा509 किस विषय से संबंधित है? | धारा183 या316 केअनुपालनसेसंबंधितप्रक्रिया |
धारा509 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | न्यायालयोंद्वाराधारा183 और316 केपालनकीनिगरानी |
एक न्यायालय ने दस्तावेज़ों को बुलाने का आदेश दिया पर उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यह किस धारा के उल्लंघन में आता है? | धारा183 |
धारा509 में उल्लिखित अनुपालन किन न्यायालयों पर लागू होता है? | उनसभीन्यायालयोंपरजोधारा183 और316 केअंतर्गतप्रक्रियाकापालनकरतेहैं |
आरोपविरचितनकरनेयाउसकेअभावयाउसमेंगलतीकाप्रभाव, किस धारा में दिया गया है | धारा510 |
धारा510 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | आरोपनबनानेयाउसमेंत्रुटिहोनेकीस्थितिमेंकार्यवाहीपरप्रभावकोस्पष्टकरना |
यदि आरोप विरचित नहीं किया गया है, तो क्या कार्यवाही अमान्य हो जाएगी? | नहीं, यदिइससेअभियुक्तकोकोईपूर्वाग्रह (prejudice) नहींहुआहो |
धारा510 किस सिद्धांत पर आधारित है? | न्यायिकत्रुटियोंकेप्रभावकोन्यूनतमकरनेकासिद्धांत |
आरोप में त्रुटि तब तक कार्यवाही को दूषित नहीं करती जब तक कि अभियुक्त को वास्तविक हानि न हुई हो, से सम्बंधित केस कौन सा है? | विली (विलियम) स्लेनीबनाममध्यप्रदेशराज्य, एआईआर 1956 एससी 116 |
किस मामले में यह स्पष्ट किया गया कि अभियुक्तकोआरोपकीस्पष्टजानकारीदेनाअनिवार्यहै? | कर्नाटकराज्यबनामके. कृष्णन (एआईआर 2000 एससी 3060) |
आरोप में त्रुटि— यदि अभियुक्त को भ्रमित करती है तो दोषसिद्धि रद्द की जा सकती है, से सम्बंधित केस कौन सा है? | कांतिलालचंदूलालमेहताबनाममहाराष्ट्रराज्य (1969) |
यदि आरोप पत्र में अभियुक्त के नाम की गलती हो, परंतु साक्ष्य स्पष्ट हो, तो क्या त्रुटि सुधारी जा सकती है? | हाँयदिअभियुक्तकोकोईनुकसाननहींहुआहो |
यदि आरोप दर्ज नहीं किया गया हो और अभियुक्तदोषसिद्ध हो गया हो, तो क्या उच्च न्यायालय इस आधार पर निर्णय को पलट सकता है? | नहीं, यदिअभियुक्तकोपर्याप्तअवसरमिलाहो |
न्यायालय ने आरोप तय नहीं किया, पर अभियुक्त को सुनवाई का पूर्ण अवसर मिला और उसने अपना बचाव भी प्रस्तुत किया। कार्यवाही क्या वैध मानी जाएगी? | हाँ |
निष्कर्षयादंडादेशकबगलती, लोपयाअनियमितताकेकारणउलटनेयोग्यहोगा, किस धारा में दिया गया है? | धारा511 |
धारा511 का उद्देश्य क्या है? | न्यायिककार्यवाहीमेंहुईत्रुटियोंकामूल्यांकनकरना |
यदि किसी कार्यवाही में कोई त्रुटि, लोपयाअनियमितता हो लेकिन इससे अभियुक्त को कोई अन्याय नहीं हुआ हो, तो क्या दंडादेश को पलटा जाएगा? | नहीं |
धारा511 किस प्रकार की त्रुटियों को कार्यवाही को निष्फल करने योग्य नहीं मानती? | तकनीकीत्रुटियाँ |
धारा511 मुख्यतः किस सिद्धांत पर आधारित है? | वास्तविकअन्याय (real prejudice) कापरीक्षण |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्णसिद्धांतप्रतिपादितकिया,जबतकअभियुक्तकोवास्तविकनुकसाननहो, कार्यवाही को अमान्य नहीं माना जा सकता? | विलीस्लेनीबनाममध्यप्रदेशराज्य (1956) |
अभियुक्तकोयहसिद्धकरनाहोताहैकित्रुटिसेउसेवास्तविकअन्यायहुआहै, से सम्बंधित केस कौन सा है? | पंजाबराज्यबनामदर्शनसिंह (2004) |
त्रुटियागलतीकेकारणकुर्कीकाअवैधनहोना, किस धारा में दिया गया है? | धारा512 |
धारा512 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | वैधआदेशपरकीगईकुर्कीकोतकनीकीत्रुटिसेअवैधहोनेसेबचाना |
धारा512 के अनुसार कुर्की तभी अवैध कब मानी जाएगी,? | जबआदेशपूरीतरहबिनाअधिकारकेहो |
यदि कोई न्यायालय आदेश जारी करता है और उस आदेश के निष्पादन में कोई त्रुटि हो जाती है, तो धारा512 के अनुसार क्या माना जायेगा? | कुर्कीवैधमानीजाएगीजबतकआदेशस्वयंअवैधनहो |
धारा512 का संबंध किस प्रक्रिया से है? | कुर्की |
किस मामले के अनुसार न्यायालयकेअधिकारक्षेत्रसेबाहरकाआदेशमान्यनहींहोता, कुर्की के संदर्भ में कथन सत्य है? | के.के. आहूजाबनामवी.के. वोरा (2009) |
किस मामले मेंउच्च न्यायालय ने यह कहा कि, आदेशमेंतकनीकीगलतीसेकुर्कीअवैधनहींहोती? | सीतारामबनामउत्तरप्रदेशराज्य |
किस मामले में कुर्कीआदेशकीवैधतातकनीकीत्रुटियोंसेप्रभावितनहींहोतीबिंदुपरप्रकाशडालताहै? | राजस्थानराज्यबनामशंभूनाथ |
न्यायालय द्वारा एक संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया गया, लेकिन आदेश में तारीख गलत लिखी गई। क्या कुर्कीअवैध मानी जाएगी? | नहीं |
यदि एक पुलिस अधिकारी कुर्कीकाआदेश प्राप्त करता है और संपत्तिकीपहचानमेंगलतीकरताहै, क्या यह धारा512 के अंतर्गत अवैध कुर्की होगी? | नहीं, जबतकआदेशवैधहै |
कुर्कीआदेशन्यायालयद्वारापारितकियागयाथा लेकिन उस पर दस्तखत करने वाले अधिकारी का नाम छूट गया। क्या यह आदेश अवैध होगा? | नहीं, जबतकआदेशन्यायालयसेहीहै |
अध्याय38 | |
कुछअपराधोंकासंज्ञानकरनेकेलिएपरिसीमा (Limitation For Taking Cognizance Of Certain Offences) | |
धारा513 किस विषय से संबंधित है? | परिसीमाकालकीपरिभाषासे |
धारा513 में परिसीमा – काल का क्या तात्पर्य है? | परिसीमा - काल" सेकिसीअपराधकासंज्ञानकरनेकेलिएधारा 514 मेंविनिर्दिष्टअवधिअभिप्रेतहै |
धारा514 किस विषय से संबंधित है? | परिसीमाकालकीसमाप्तिकेपश्चात्संज्ञानकावर्जन |
यदि किसी अपराध की रिपोर्ट परिसीमाकालसमाप्ति के बाद दी जाती है, तो क्या न्यायालय किसी अपराध का संज्ञानपरिसीमा- कालकीसमाप्ति के पश्चात् करेगा? | नहीं |
धारा514 का उद्देश्य क्या है? | आरोपीकेअधिकारोंकीरक्षाकरना |
संज्ञानप्रथमप्रस्तुतिकेदिनसेमानाजाएगा, किस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया? | सारामैथ्यूबनाममहाराष्ट्रराज्यएआईआर 2014 एससी 120 |
किस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने परिसीमाकालसमाप्तहोनेकेपश्चातसंज्ञाननलेनेकासिद्धांतकोदोहराया? | पंजाबराज्यबनामसरवनसिंह (1981) |
कौन सा केस परिसीमाकालविषयसेसंबंधितहै? | कृष्णापिल्लईबनामटी.ए. राजेंद्रन (1990) |
यदि अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय है, तो परिसीमा काल कितना होगा? | छहमास |
यदि अपराध एकवर्षसेअनधिककीअवधि के लिए कारावास से दंडनीय है तो परिसीमा काल कितना होगा? | एकवर्ष |
यदि अपराध एकवर्षसेअधिककिन्तुतीनवर्षसेअनधिककीअवधि के लिए कारावास से दंडनीय हैतो परिसीमा काल कितना होगा? | तीनवर्ष |
यदि अपराध का संज्ञान परिसीमा काल समाप्त होने के बाद लिया गया और आरोपी ने कोई आपत्ति नहीं की, तो क्या कार्यवाही अवैध मानी जाएगी? | नहीं |
2 वर्ष के परिसीमा काल वाले अपराध में शिकायत2 वर्ष1 माहबादआई, मजिस्ट्रेट ने आदेश में कारण नहीं बताया, लेकिन अभियुक्त की उपस्थिति में संज्ञान लिया गया। क्या इसे चुनौती दी जा सकती है? | हाँ |
परिसीमाकालकाप्रारंभ, किस धारा में दिया गया है? | धारा515 |
धारा515 का उद्देश्य क्या है? | परिसीमाकालकीशुरुआतकानिर्धारणकरना |
धारा515 के तहत परिसीमा काल का प्रारंभ कब माना जाएगा? | जबप्राथमिकी (FIR) दर्जकीजातीहै |
परिसीमा काल का प्रारंभ किस तिथि से माना जाता है? | शिकायतदर्जहोनेकीतिथिसे |
कतिपयमामलोंमेंसमयकाअपवर्जन, किस धारा में दिया गया है? | धारा516 |
धारा516 का उद्देश्य क्या है? | विशिष्टमामलोंमेंसमयसीमाकोसमाप्तकरना |
धारा516 के अंतर्गत समयकाअपवर्जन किस स्थिति में किया जा सकता है? | जबन्यायालयकोलगताहैकिसमयकीअपवर्जनकीआवश्यकताहै |
धारा516 के तहत समय का अपवर्जन किस प्रकार के मामलों में किया जा सकता है? | कुछविशेषमामलोंमेंजहांसमयकीआवश्यकताहो |
धारा516 के तहत समय का अपवर्जन कब तक किया जा सकता है? | किसीविशेषपरिस्थितिमेंजबन्यायालयउचितसमझे |
समय का अपवर्जन न्यायालय की सहमति से किया जा सकता है किस मामंले में सर्वोच्च न्यायालय ने क्या निर्देश दिया था? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामराजीवकुमार (2018) |
जिसतारीखकोन्यायालयबंदहोउसतारीखकाअपवर्जन, किस धारा में दिया गया है? | धारा517 |
धारा517 का उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकेबंदहोनेकेदौरानसमयकीगणनाकोसहीढंगसेकरना |
यदि परिसीमा - काल उस दिन समाप्त होता है जब न्यायालय बंद है तो न्यायालय किस दिन संज्ञान कर सकता है? | जिसदिनन्यायालयपुनःखुलताहै |
धारा517 के अंतर्गत न्यायालय के बंद होने की स्थिति में किस तारीख को अपवर्जन किया जाता है? | न्यायालयकीअगलीखुलनेकीतारीख |
न्यायालय के बंद होने के कारण समय का अपवर्जन कैसे किया जाता है? | न्यायालयकोअनुमतिमिलतीहैकिवहउसदिनकाअपवर्जनकरसके |
न्यायालयबंदहोनेकेदिनकाअपवर्जनकियागयाथा, से सम्बंधित केस कौन सा है? | पंजाबराज्यबनामरामसिंह (2007) |
न्यायालयकेबंदहोनेकीस्थितिमेंसमयकाअपवर्जनकियाजासकताहै, से सम्बंधित केस कौन सा है? | किशोरकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2019) |
यदि न्यायालय 25 दिसम्बर2023 को बंद होता है और समयसीमा24 दिसम्बर2023 को समाप्त हो जाती है, तो न्यायालय के बंद होने के कारण उस दिनकाअपवर्जन किया जा सकता है। न्यायालय की कार्यवाही फिर से कब शुरू होगी? | 26 दिसम्बर2023 |
चालूरहनेवालाअपराध, किस धारा में दिया गया है | धारा518 |
धारा518 के तहत "चालूरहनेवालाअपराध" का क्या मतलब है? | एकऐसाअपराध, जोएकसेअधिकदिनोंतकचलतारहताहै |
यदि एक अपराध "चालूरहताहै", तो उसे किस आधार पर निर्धारित किया जाता है? | अपराधकीप्रकृतिऔरउसकीअवधि |
किस मामंले में सर्वोच्च न्यायालय ने "चालूरहनेवालेअपराध" केलिएअपराधकीअवधिकेआधारपरदंडतयकिया? | रविकुमारबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2015) |
अगर एक व्यक्ति चोरी की योजना बना रहा है और वह हर दिन इसे लेकर नए कदम उठा रहा है, तो यह किस प्रकार का अपराध माना जाएगा? | चलनेवालाअपराध |
एक व्यक्ति लगातार धनशोधन करता है और इसमें कोई अंतराल नहीं है। इस स्थिति को किस प्रकार की श्रेणी में रखा जाएगा? | चलनेवालाअपराध |
यदि एक आरोपी लगातार एक ही जगह पर जबरन कब्जा करता है और उसकी गतिविधि महीनों तक चलती है, तो उसे किस श्रेणी में रखा जाएगा? | चलनेवालाअपराध |
एक व्यक्ति किसी दुकान से बार-बार चोरी करता है और हर दिन नई चोरी करता है, तो यह किस प्रकार का अपराध माना जाएगा? | चलनेवालाअपराध |
कतिपयमामलोंमेंपरिसीमा-कालकाविस्तारण किस धारा में दिया गया है? | धारा519 |
धारा519 के तहत परिसीमा-काल का विस्तारण कब किया जा सकता है? | जबसमयकीअवधिखत्महोगईहो, लेकिनकुछकारणोंसेइसेबढ़ानेकीआवश्यकताहो |
धारा519 के तहत परिसीमा-कालकाविस्तार केवल किस स्थिति में किया जा सकता है? | जबअपराधकीप्रकृतिबहुतजटिलहो |
यदि किसी मामले में परिसीमा-काल का विस्तार किया जाता है, तो यह विस्तार कितना समय तक हो सकता है? | अदालतकेनिर्णयपरनिर्भर |
धारा519 में "परिसीमा-कालकाविस्तारण" का मुख्य उद्देश्य क्या है? | कार्यवाहीकोलंबाकरना, यदिअपरिहार्यपरिस्थितियांहों |
किस मामंले में उच्च न्यायालय ने धारा519 केतहतजबपुलिसकीजांचमेंदेरीहो, तोसमयसीमाबढ़ाईजातीहै? | राजेशकुमारबनामदिल्लीराज्य (2010) |
अध्याय39 | |
प्रकीर्ण (Miscellaneous) | |
उच्चन्यायालयोंकेसमक्षविचारण, किस धारा में दिया गया है | धारा520 |
धारा520 के अंतर्गत कौन से न्यायालय के पास विचारण की शक्ति होती है? | उच्चन्यायालय |
क्या उच्च न्यायालय, धारा520 के अंतर्गत, किसी आपराधिकमामलेकोसीधेसुनसकताहै? | हाँ, यदिविधिअनुसारमामलाउसकेपासलायागयाहो |
धारा520 के अंतर्गत विचारण किस प्रकार के मामलों पर होता है? | आपराधिक |
उच्च न्यायालय किस प्रकार के मामलों में धारा520 के तहत हस्तक्षेप कर सकता है? | विधिमेंत्रुटियान्यायमेंचूककेमामलोंमें |
किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने क्या कहा किउच्चन्यायालयकेपासविधिकत्रुटियोंकीसमीक्षाकरनेकीशक्तिहै? | केरलराज्यबनामपी.वी. नीलकंदन (AIR 1977 SC 1327) |
किस मामले में उच्चन्यायालयकीकार्यवाहीमेंनिष्पक्षताबनाएरखनेकीजिम्मेदारीउच्चतमन्यायालयने, सिद्धांत को मान्यता दी? | नरेशश्रीधरमिराजकरबनाममहाराष्ट्रराज्य (एआईआर 1967 एससी 1) |
किस मामले में उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर क्या स्पष्ट किया कि उच्चन्यायालयविशेषपरिस्थितियोंमेंआपराधिकमामलेकोसुनसकताहै? | ए.आर. अंतुलेबनामआर.एस. नायक (1988 एआईआर 1531) |
यदि एक अभियुक्त को सत्र न्यायालय से दोषमुक्त कर दिया गया है, और अभियोजन पक्ष उच्च न्यायालय में पुनर्विचार की मांग करता है, तो क्या उच्च न्यायालय उस पर विचार कर सकता है? | हाँ, धारा520 केतहत |
एक आपराधिक मामला, जिसमें कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ हो, उच्च न्यायालय के समक्ष लाया गया है। क्या न्यायालय उसमें हस्तक्षेप करेगा? | हाँ, अगरविधिकत्रुटिसाबितहो |
यदि कोई अभियुक्त उच्च न्यायालय में यह दावा करता है कि निचली अदालत ने पक्षपात किया है, तो क्या धारा520 के अंतर्गत उच्च न्यायालय उस पर विचार करेगा? | हाँ, निष्पक्षसुनवाईकेअधिकारकीरक्षाकेलिए |
यदि किसी मामले में अभियोजन यह कहे कि निचली अदालत ने साक्ष्यों को गलत तरीके से मूल्यांकित किया है, तो क्या उच्च न्यायालय धारा520 के अंतर्गत सुनवाई कर सकता है? | हाँ, यदिस्पष्टविधिकत्रुटिहो |
धारा521 किस विषय से संबंधित है? | सेनान्यायालयद्वाराविचारणीयव्यक्तियोंकाकमानअधिकारियोंकोसौंपाजाना |
यदि कोई व्यक्ति सेना, नौसेनायावायुसेना का सदस्य है और उसके विरुद्ध अपराध का आरोप है, तो उसे किसे सौंपा जा सकता है? | उसकीयूनिटकेकमानअधिकारी |
सेना से संबंधित किसी आरोपी को सामान्य अदालतयासैन्यअदालत में विचारण के संबंध में कौन निर्णय लेता है? | केंद्रसरकारयासेनाप्राधिकरण |
क्या धारा521 का उद्देश्य सैन्यअनुशासन को बनाए रखना है? | हाँ |
धारा521 के अंतर्गत किन बलों के सदस्य शामिल होते हैं? | भारतीयसेना, नौसेनाऔरवायुसेना |
किस मामंले में कहा कि निष्पक्षसुनवाईसेनाकेमामलोंमेंभीआवश्यकहै? | रंजीतठाकुरबनामभारतसंघ (1987 एआईआर 2386) |
किस मामंले में यह सिद्ध किया गया कि सैन्यन्यायालयकीप्रक्रियाअनुशासनआधारितहोनीचाहिए? | मेजरएस.के. कालेबनामभारतसंघ (1975 एआईआर 503) |
यदि एक सैनिक पर चोरी का आरोप है और सिविल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है, तो मजिस्ट्रेट उसे किसे सौंप सकता है? | उसकीयूनिटकेकमानअधिकारी |
यदि किसी सैनिक ने ड्यूटीकेदौरानहत्याकीहै, तो कौन निर्णय लेगा कि उस पर सामान्य अदालत में विचारण होगा या सैन्य अदालत में? | सक्षमसैन्यप्राधिकरण |
एक नौसेनाअधिकारी पर आपराधिक धमकी का आरोप है। क्या उसे सामान्य आपराधिक न्यायालय में भेजा जा सकता है? | हाँ, यदिसक्षमसैन्यप्राधिकारीअनुमतिदे |
क्या सिविल न्यायालय सेना के सदस्य को सीधे ट्रायल के लिए रख सकता है? | नहीं, जबतककिउसेकमानअधिकारीकोसौंपनेकानिर्देशनहो |
धारा522 किस विषय से संबंधित है? | प्रक्रियाकेलिएनिर्धारितप्रपत्र (Forms) |
धारा523 किससे संबंधित है? | उच्चन्यायालयकीनियमबनानेकीशक्ति |
क्या धारा523 के अंतर्गत उच्च न्यायालय प्रक्रिया संबंधी नियम बना सकता है? | हाँ |
उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियमोंकाउद्देश्य क्या होता है? | प्रक्रियाओंकोसुचारुएवंसंगठितबनाना |
क्या धारा523 के अंतर्गत बनाए गए नियम सभी अधीनस्थन्यायालयों पर लागू होते हैं? | हाँ |
किस केस से उच्चन्यायालयकीनियमबनानेकीशक्तिप्रक्रियातकसीमितहै? | ए.आर. अंतुलेबनामआर.एस. नायक |
यदि उच्च न्यायालय एक विशेष अपराध की सुनवाई के लिए समय सीमा तय करने का नियम बनाता है, तो यह नियमवैध होगा या नहीं? | हाँ, धारा523 केअंतर्गत |
एक अधीनस्थ न्यायालय उच्च न्यायालय द्वारा बनाए गए नियम का उल्लंघन करता हैइस पर क्या प्रभाव होगा? | निर्णयशून्यहोसकताहै |
क्या उच्च न्यायालय अपने द्वारा बनाए गए नियमों में संशोधन कर सकता है? | हाँ, धारा523 केअंतर्गत |
धारा524 किससे संबंधित है? | कतिपयमामलोंमेंकार्यपालकमजिस्ट्रेटोंकोसाँपगएकृत्योंकोपरिवर्तितकरनेकीशक्ति |
धारा525 किससे संबंधित है? | वेमामलेजिनमेंन्यायाधीशयामजिस्ट्रेटवैयक्तिकरूपसेहितबद्धहै |
धारा526 किससे संबंधित है? | विधि-व्यवसायकरनेवालेअधिवक्ताकाकुछन्यायालयोंमेंमजिस्ट्रेटकेतौरपरनबैठना |
धारा527 किससे संबंधित है? | विक्रयसेसंबद्धलोकसेवककासम्पतिकाक्रयनकरनाऔरउसकेलिएबोली न लगाना |
धारा528 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | उच्चन्यायालयकीअन्तर्निहितशक्तियोंकीसीमाओंकोस्पष्टकरना |
धारा528 के अनुसार उच्च न्यायालय की अन्तर्निहित शक्तियों का प्रयोग कब नहीं किया जा सकता? | जबविशेषरूपसेकिसीविधिमेंव्यवस्थाहो |
क्या उच्च न्यायालय अपनी अन्तर्निहित शक्तियों का प्रयोग किसी वैधानिक प्रावधान के विरुद्ध कर सकता है? | नहीं |
अन्तर्निहितशक्तियाँ किस उद्देश्य की पूर्ति हेतु होती हैं? | न्यायकरनेहेतु |
क्या धारा528 के अंतर्गत उच्च न्यायालय को अधीनस्थ न्यायालयों के आदेश को संशोधित करने की शक्ति प्राप्त है? | हाँ, यदिऐसाकरनान्यायहितमेंहो |
किस मामंले में सिद्ध किया गया, अन्तर्निहितशक्तियाँन्यायिकविवेकाधिकारहैं? | उत्तरप्रदेशराज्यबनाममोहम्मदनईम एआईआर 1964 एससी 703 |
किस मामंले में सुप्रीम कोर्ट ने “अन्तर्निहितशक्तियाँकेवलआपराधिकप्रक्रियासंहिताकेअनुसारहीसीमितनहींहैं” बात पर बल दिया? | राजकपूरबनामलक्ष्मण (एआईआर 1980 एससी 605) |
अन्तर्निहितशक्तियोंकान्यायहितमेंप्रयोग, से सम्बंधित केस कौन सा है? | मधुलिमयेबनाममहाराष्ट्रराज्य (एआईआर 1978 एससी 47) |
यदि कोई अभियुक्त उच्च न्यायालय से अन्तर्निहित शक्तियों के आधार पर हस्तक्षेप की मांग करता है, किन आधारों पर न्यायालय उस याचिका को स्वीकार करेगा? | न्यायहितऔरन्यायमेंविघ्नकीस्थिति |
क्या उच्च न्यायालय धारा528 के तहत उस आदेश में हस्तक्षेप कर सकता है जो तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण हो, लेकिन न्याय में बाधा उत्पन्न न करता हो? | नहीं |
यदि किसी विधि में विशेष व्यवस्था है और उच्च न्यायालय उस पर अन्तर्निहित शक्ति से हस्तक्षेप करता है, तो क्या परिणाम होगा? | आदेशनिरस्तहोसकताहै |
धारा529 किससे संबंधित है? | न्यायालयोंपरअधीक्षणकानिरंतरप्रयोगकरनेकाउच्चन्यायालयकाउच्चन्यायालयका कर्तव्य |
धारा530 किससे संबंधित है? | इलेक्ट्रॉनिकपद्धतिसेविचारणऔरकार्यवाही |
धारा530 के अनुसार, न्यायालय द्वारा इलेक्ट्रॉनिकमाध्यम से कौन-सी कार्यवाहियाँ की जा सकती हैं? | सुनवाई |
कौन-सी तकनीकें धारा530 के अंतर्गत न्यायिककार्यवाही में प्रयोग की जा सकती हैं? | वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग |
धारा530 के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया का उद्देश्य क्या है? | न्यायिकप्रक्रियाकोतेज़औरप्रभावीबनाना |
क्या धारा530 के अंतर्गत विचारण के दौरान अभियुक्त की उपस्थिति वीडियोकॉन्फ्रेंसकेमाध्यम से हो सकती है? | हाँ, यदिन्यायालयअनुमतिदे |
किस मामंले में सुप्रीम कोर्ट ने वीडियोकॉन्फ्रेंसिंगसेगवाहीदेनान्यायसंगतहै सिद्धांत को मान्यता दी? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी.देसाई (2003) |
किस मामंले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, तकनीककाप्रयोगन्यायिकदक्षताबढ़ानेकेलिएकियाजानाचाहिए | कुसुमशर्माबनामबत्राहॉस्पिटल (2020) |
मान लीजिए किसी गवाह को विदेश में रहते हुए वीडियोकॉन्फ्रेंस के माध्यम से गवाही देनी है। क्या धारा530 के अंतर्गत यह अनुमति है? | हाँ |
अगरकोईअभियुक्तजेलमेंहैऔरउसकाबयानदर्जकरनाहै, तो धारा530 के तहत क्या माध्यम हो सकता है? | वीडियोकॉन्फ्रेंस |
क्या एक मजिस्ट्रेट, धारा530 के अंतर्गत, अभियुक्त को उसकी उपस्थिति के बिना केवल वीडियोकॉन्फ्रेंसिंग से सजा सुना सकता है? | हाँ, यदिअभियुक्तसहमतहो |
न्यायालय के अनुसार, क्या डिजिटल तरीके से हस्ताक्षरित आदेश वैध माने जा सकते हैं? | हाँ, इलेक्ट्रॉनिकसंहिताकेतहत |
धारा531 किसका निरसन करती है? | दंडप्रक्रियासंहिता, 1973 |
“निरसन” का तात्पर्य क्या है? | पुरानेकानूनकोसमाप्तकरना |
धारा531 में "व्यावृतियां (savings)" का क्या अर्थ है? | पुरानेमामलोंकोयथावतरखना |
किस मामंले में सर्वोच्च न्यायालय ने निरसनपुरानेमामलोंकोप्रभावितनहींकरताजबतकविशेषतःनकहागयाहोसिद्धांतप्रतिपादितकियाथा? | केशवनमाधवमेननबनामबॉम्बेराज्यएआईआर 1951 एससी 128 |
क्या धारा531 के तहत उच्च न्यायालय को अधिकार है कि वह पुराने कानून के तहत चल रहे मामलों को नए कानून के अनुसार चलने का निर्देश दे? | हाँ, यदिन्यायहितमेंहो |
यदि कोई पुलिस अधिकारी किसी पुराने कानून के प्रावधानों के आधार पर गिरफ्तारी करता है, जब नया कानून प्रभावी हो चुका है, तो क्या वह वैध मानी जाएगी? | हाँ, यदिअपराधपहलेहुआथा |
