Hindi Medium One Liner Notes · भारतीय संविदा अधिनियम (Contract -II) वन-लाइनर नोट्स
भारतीय संविदा अधिनियम (Contract -II) वन-लाइनर नोट्स
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भारतीयसंविदाअधिनियम, 1872 | |
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अध्याय8 | |
क्षतिपूर्तिऔरप्रत्याभूतिकेविषयमें (Of Indemnity and Guarantee) | |
"क्षतिपूर्तिकीसंविदाकीपरिभाषा, (“Contract of Indemnity” Defined) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 124 |
क्षतिपूर्ति की संविदा से क्या तात्पर्य है? | वहसंविदा, जिसकेद्वाराएकपक्षकारदूसरेपक्षकारकोस्वयंवचनदाताकेआचरणसेयाकिसीअन्यव्यक्तिकेआचरणसेउसदूसरेपक्षकारकोहुईहानिसेबचानेकावचनदेताहैI |
क ऐसी कार्यवाहियों के परिणामों के लिये जो ग 200 रुपये की अमुक राशि के सम्बन्ध में ख के विरुद्ध चलाये, ख की क्षतिपूर्ति करने की संविदा करता है, यह- | क्षतिपूर्तिकीसंविदाहै। |
क्षतिपूर्ति" का सामान्य अर्थ भारतीय कानून के संदर्भ में क्या है? | हानिसेबचाव |
धारा 124 में क्षतिपूर्ति अनुबंध किस प्रकार की हानि के लिए होता है? | किसीअन्यव्यक्तिद्वाराउत्पन्नहानि |
कौन-सा केस भारतीयक्षतिपूर्तिकानूनकेअंतर्गतमहत्वपूर्णमानाजाताहै? | उस्मानजमालएंडसंसबनामगोपालपुरषोत्तम |
क्षतिपूर्तिधारीकेअधिकारजबकिउसपरवादलायाजाए, (Rights Of Indemnity-Holder When Sued) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 125 |
धारा 125 किससे संबंधित है? | क्षतिपूर्तिधारीकेअधिकार |
क्षतिपूर्ति की संविदा का वचनगृहीता, अपने प्राधिकार के क्षेत्र के भीतर कार्य करता हुआ, वचनदाता से कब वसूल करने का हकदार है- | वहसबनुकसानी, जिसकेसंदायकेलियेवहऐसेकिसीवादमेंविवशकियाजायेजोकिसीऐसीबातकेबारेमेंहो; जिसेक्षतिपूरीकरनेकावहवचनलागूहो; |
क्षतिपूर्ति की संविदा का वचनगृहीता, अपने प्राधिकार के क्षेत्र के भीतर कार्य करता हुआ, वचनदाता से कब वसूल करने का हकदार है- | सबखर्चे, जिनकोदेनेकेलिये, वहऐसेकिसीबादमेंविवशकियाजाये; यदिवहवादलानेयाप्रतिरक्षाकरनेमेंउसनेवचनदाताकेआदेशोंकाउल्लंघननकियाहो |
धारा 125 के अंतर्गत क्षतिपूर्तिधारी किस बात के लिए हकदार होता है? | खर्च, नुकसान, औरदंडकीवसूली |
यदि किसी क्षतिपूर्तिधारी पर वाद लाया जाता है, और वह उसे निपटाता है, तो वह क्या वसूल सकता है? | सभीउचितव्ययजोउसनेनिपटारेकेलिएकिए |
किस केस में न्यायालय ने क्षतिपूर्तिदायित्वकीसीमाविषय पर टिप्पणी की? | गजाननमोरेश्वरबनाममोरेश्वरमदन |
क्षतिपूर्तिदेनेवाले (indemnifier) की जिम्मेदारी कब शुरू होती है? | जबहानिहोजाएयानिपटानकरलियाजाए |
"प्रत्याभूतिकीसंविदा", "प्रतिभू", "मूलऋणी" और "लेनदार, (“Contract of Guarantee”, “Surety”, “Principal Debtor” and “Creditor”) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 126 |
धारा 126 किस विषय को परिभाषित करती है? | गारंटी (प्रत्याभूति) अनुबंध |
प्रत्याभूति की संविदा से क्या तात्पर्य है? | प्रत्याभूतिकीसंविदा" किसीपरव्यक्तिद्वाराव्यतिक्रमकीदशामेंउसकेवचनकापालनयाउसकेदायित्वकानिर्वहनकरनेकीसंविदाहै। |
वह व्यक्ति जो प्रत्याभूति देता है, क्या कहलाता है? | "प्रतिभू" |
वह व्यक्ति, जिसके व्यतिक्रम के बारे में प्रत्याभूति दी जाती है, क्या कहलाता है? | 'मूलऋणी' |
वह व्यक्ति जिसको प्रत्याभूति दी जाती है, क्या कहलाता है। | "लेनदार" |
प्रत्याभूति कैसी हो सकेगी। | मौखिकयालिखित |
गारंटी अनुबंध में कितने पक्ष होते हैं? | तीन |
“प्रतिभू” (Surety) कौन होता है? | जोप्रत्याभूतिदेताहै |
“मूलऋणी” (Principal Debtor) का कार्य क्या होता है? | मुख्यरूपसेदायित्ववहनकरना |
प्रत्याभूति अनुबंध की एक आवश्यक शर्त क्या है? | किसीमौजूदाऋणयादायित्वकीउपस्थिति |
किस केस में गारंटीकीसंपूर्णपरिभाषास्पष्टकीगईथी? | स्टेटबैंकऑफइंडियाबनामप्रेमकोसॉमिल |
गारंटी अनुबंध में किसका उत्तरदायित्व प्राथमिक होता है? | मूलऋणीका |
यदि मूल ऋणी भुगतान नहीं करता है, तो लेनदार किससे वसूली कर सकता है? | प्रतिभूयामूलऋणी, दोनोंमेंसेकिसीसे |
धारा 126 के अंतर्गत गारंटी की संविदा किसके बीच होती है? | मूलऋणी, प्रतिभूऔरलेनदार |
प्रत्याभूतिकेलिएप्रतिफल, (Consideration For Guarantee) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 127 |
मूलऋणी के फायदे के लिये की गयी कोई भी बात या दिया गया कोई वचन - | प्रतिभूद्वाराप्रत्याभूतिदियेजानेकापर्याप्तप्रतिफलहोसकेगा। |
क से ख माल उधार बेचने और परिदत्त करने की प्रार्थना करता है क वैसा करने को इस शर्त पर रजामन्द हो जाता है कि ग माल की कीमत के संदाय की प्रत्याभूति दे। के के इस वचन के प्रतिफलस्वरूप कि वह माल परिदान करेगा ग संदाय की प्रत्याभूति देता है। यह ग के वचन के लिये- | पर्याप्तप्रतिफलहै। |
ख को क माल बेचता है और परिदत्त करता है। ग तत्पश्चात् प्रतिफल के बिना करार करता है कि ख द्वारा व्यतिक्रम होने पर वह माल के लिये संदाय करेगा, करार कैसा है? | करारशून्यहै। |
गारंटी अनुबंध को वैध बनाने के लिए कौन-सा प्रतिफल पर्याप्त माना जाता है? | लेनदारद्वारामूलऋणीकोदियागयालाभ |
किस केस में यह सिद्ध किया कि “पूर्ववर्तीप्रतिफल” (past consideration) भीप्रत्याभूतिकेलिएपर्याप्तहै? | भारतीयस्टेटबैंकबनामप्रेमकोसॉमिल |
प्रतिभूकादायित्व, (Surety’s Liability) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 128 |
प्रतिभू का दायित्व मूलॠणी के दायित्व के समविस्तीर्ण है जब तक कि - | संविदाद्वाराअन्यथाउपबन्धितनहो। |
"चलतप्रत्याभूति" (“Continuing Guarantee”) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 129 |
चलत प्रत्याभूति क्या है? | वहप्रत्याभूतिजिसकाविस्तारसंव्यवहारोंकीकिसीआवलीपरहो "चलतप्रत्याभूति" कहलातीहै। |
क इस बात के प्रतिफलस्वरूप कि ख अपनी जमींदारी के भाटकों का संग्रह करने के लिये ग को नौकर रखेगा ग द्वारा उन भाटकों के सम्यक् संग्रह और संदाय के लिये 5,000 रुपये की रकम तक उत्तरदायी होने का ख को वचन देता है। यह क्या है। | चलतप्रत्याभूति |
कौन-सा निर्णय "चलतप्रत्याभूति" केसिद्धांत को स्पष्ट करता है? | बैंकऑफबिहारबनामदामोदरप्रसाद |
चलतप्रत्याभूतिकाप्रतिसंहरण, (Revocation Of Continuing Guarantee) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 130 |
चलत प्रत्याभूति का भावी संव्यवहारों के बारे में प्रतिसंहरण लेनदार को सूचना द्वारा - | किसीसमयभीप्रतिभूकरसकेगा |
ख को क, 1,000 रुपये तक की यह प्रत्याभूति देता है कि ग उन सब विनिमयपत्रों का, जो ख उसके नाम लिखेगा, संदाय करेगा। ग के नाम ख विनिमयपुत्र लिखता है। ग उस विनिमयपत्र को प्रतिगृहीत करता है । क प्रतिसंहरण की सूचना देता है। ग उस विनिमयपत्र को उसके परिपक्व होने पर अनादृत कर देता है क - | अपनीप्रत्याभूतिकेअनुसारदायीहै। |
यदि एक प्रतिभू अपनी चलत प्रत्याभूति को समाप्त करना चाहता है, तो वह किन पक्षों को इसकी सूचना देना अनिवार्य है? | केवललेनदारको |
प्रत्याभूति के प्रतिसंहरण के बावजूद, प्रतिभू किसके लिए अभी भी उत्तरदायी रहता है? | प्रतिसंहरणसेपूर्वकेलेन-देन |
चलत प्रत्याभूति को प्रतिसंहरित करने का सबसे प्रभावी माध्यम कौन-सा है? | लेनदारकोलिखितसूचनादेना |
चलतप्रत्याभूतिकाप्रतिभूकीमृत्युद्वाराप्रतिसंहरण, (Revocation Of Continuing Guarantee By Surety’s Death) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 131 |
चलत प्रत्याभूति को, जहां तक कि उसका भावी संव्यवहारों से सम्बन्ध है, प्रतिभू की मृत्यु | तत्प्रतिकूलसंविदाकेअभावमेंप्रतिसंहृतकरदेतीहै। |
किस निर्णय के अनुसार, चलतप्रत्याभूतिकबतकप्रभावीमानीजातीहै, जबतकप्रतिभूजीवितहैयाप्रतिसंहरणनहो? | ऑफॉर्डबनामडेविस (1862) |
प्रथमतःदायीदोव्यक्तियोंकेदायित्वपरउनकेबीचकेइसठहरावकाप्रभावनहींपड़ताकिउनमेंसेएककेव्यतिक्रमपरदूसराप्रतिभूहोगा, (Liability Of Two Persons, Primarily Liable, Not Affected By Arrangement Between Them That One Shall Be Surety On Other’s Default) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 132 |
संविदाकेनिबंधनोंमेंफेरफारसेप्रतिभूकाउन्मोचन, (Discharge Of Surety By Variance In Terms Of Contract) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 133 |
जो भी फेरफार मूल ऋणी और लेनदार के बीच की संविदा के निबन्धनों में प्रतिभू की सम्मति के बिना किया जाये, वह - | उसफेरफारकेपश्चात्वर्तीसंव्यवहारोंकेबारेमेंप्रतिभूकाउन्मोचनकरदेताहै। |
ख को पहली मार्च को 5,000 रुपये उधार देने की संविदा ग करता है। क उस ऋण के प्रतिसंदाय की प्रत्याभूति करता है। ग 5,000 रुपये ख को पहली जनवरी को दे देता है। क अपने दायित्व से उन्मोचित हो जाता है, क्योंकि- | संविदामेंयहफेरफारहोगयीहैकिगरुपयोंकेलियेखपरपहलीमार्चसेपूर्ववादलासकताहै। |
ग द्वारा ख को उधार प्रदाय किये जाने वाले तेल के लिये क 3,000 रुपये तक की चलत प्रत्याभूति ग को देता है। तत्पश्चात् ख संकट में पड़ जाता है और क के ज्ञान के बिना ख और ग संविदा करते हैं कि ख को ग नकद धन पर तेल प्रदाय करता रहेगा और वे संदाय, जो किये जायें, ख और ग के उस समय वर्तमान ऋणों के लिये उपयोजित किये जायेंगे। क- | इसनयेठहरावकेपश्चात्दियेगयेकिसीभीमालकेलियेअपनीप्रत्याभूतिकेअधीनसंदायकादायीनहींहै। |
ग अपना माल बेचने के लिये वार्षिक सम्बलम् पर ख को अपना लिनिक नियुक्त करने का करार इस बात पर करता है कि ऐसे लिपिक के नाते ख द्वारा प्राप्त धन का उसके द्वारा सम्यक् हिसाब किये जाने के लिये ग के प्रति क प्रतिभू हो जाये। तत्पश्चात् क के ज्ञान या सम्मति के बिना ग और ख करार करते हैं कि ख को पारिश्रमिक उसके द्वारा बेचे गये माल पर कमीशन के रूप में न कि नियत सम्बलम् के रूप में, दिया जायेगा। ख के - | पश्चातवर्तीअवचारकेलियेकदायीनहींहै। |
धारा 133 के अंतर्गत, किस परिस्थिति में प्रतिभू दायित्व से मुक्त हो सकता है? | जबप्रधानदेनदारऔरलेनदारसंविदामेंबदलावकरेंबिनाप्रतिभूकीसहमतिके |
किस मामले में सुप्रीमकोर्टनेव्याख्यादी, प्रतिभूकोबदलावकीजानकारीहोनीचाहिए? | एम.एस. अनिरुद्धनबनामथॉम्सबैंकलिमिटेड (1963) |
मूलऋणीकीनिर्मुक्तियाउन्मोचनसेप्रतिभूकाउन्मोचन, (Discharge Of Surety By Release Or Discharge Of Principal Debtor) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 134 |
लेनदार और मूलऋणी के बीच किसी ऐसी संविदा से, जिसके द्वारा मूल ऋणी निर्मुक्त हो जाये या लेनदार के किसी ऐसे कार्य या लोप से, जिसका विधिक परिणाम मूलऋणी का उन्मोचन हो, प्रतिभू - | उन्मोचितहोजाताहै। |
धारा 134 के अनुसार, जब प्रधान देनदार को लेनदार द्वारा मुक्त कर दिया जाता है, तब— | प्रतिभूस्वतःमुक्तहोजाताहै |
ख के लिए एक गृह अनुबद्ध समय के भीतर और नियत कीमत पर बनाने की संविदा ख से क करता है, जिसके लिये आवश्यक काष्ठ ख द्वारा दिया जायेगा। ग इस संविदा के के द्वारा पालन किये जाने की प्रत्याभूति देता है। ख काष्ठ देने का लोप करता है ग- | अपनेप्रतिभूत्वसेउन्मोचितहोजाताहै। |
क्या प्रधान देनदार को क्षमादान (Pardon) देने से प्रतिभू दायित्व से मुक्त होता है? | हाँ |
यदि लेनदार प्रधान देनदार से संविदा तोड़ देता है और उसे मुक्त कर देता है, तो क्या प्रतिभू पर कोई असर होता है? | हाँ, वहभीस्वतःमुक्तहोताहै |
धारा 134 का उद्देश्य क्या है? | प्रतिभूकोप्रधानदेनदारकीमुक्तिसेसुरक्षादेना |
क्या लेनदार किसी समझौते द्वारा केवल प्रधान देनदार को मुक्त कर सकता है और प्रतिभू को दायित्व में रख सकता है? | हाँ, यदिप्रतिभूसहमतहो |
प्रतिभूकाउन्मोचनजबकिलेनदारमूलऋणीकेसाथप्रशमनकरताहै, उसेसमयदेताहैयाउसपरवादनलानेकाकरारकरताहै, (Discharge Of Surety When Creditor Compounds With, Gives Time To, Or Agrees Not To Sue, Principal Debtor) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 135 |
जबकिमूलऋणीकोसमयदेनेकाकरारपर-व्यक्तिसेकियाजाताहैतबप्रतिभूउन्मोचितनहींहोता, (Surety Not Discharged When Agreement Made With Third Person To Give Time To Principal Debtor) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 136 |
लेनदारकावादलानेसेप्रविरतरहनाप्रतिभूकोउन्मोचितनहींकरता, (Creditor’s Forbearance To Sue Does Not Discharge Surety) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 137 |
मूलऋणी पर वाद लाने से या उसके विरुद्ध किसी अन्य उपचार को प्रवर्तित करने से लेनदार का प्रविरत रहना मात्र, प्रत्याभूति में तत्प्रतिकूल उपबन्ध के अभाव में, प्रतिभू को- | उन्मोचितनहींकरता। |
ख एक ऋण का, जिसकी प्रत्याभूति क ने दी है, ग को देनदार है। ऋण देय हो जाता है। ऋण के देय हो जाने के पश्चात् एक वर्ष तक ख पर ग वाद नहीं लाता क - | अपनेप्रतिभूत्वसेउन्मोचितनहींहोता। |
एकसह-प्रतिभूकीनिर्मुक्तिअन्योंकोउन्मोचितनहींकरती, (Release Of One Co-Surety Does Not Discharge Others) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 138 |
जहां कि सहप्रतिभू हो वहां लेनदार द्वारा उनमें से एक की निर्मुक्ति अन्यों को उन्मोचित नहीं करती और न यह ऐसे निर्मुक्त प्रतिभू को- | अन्यप्रतिभुओंकेप्रतिअपनेदायित्वसेमुक्तकरतीहै। |
धारा 138 किन सिद्धांतों पर आधारित है? | न्यायसंगतयोगदान |
लेनदारकेऐसेकार्ययालोपसे, जिससेप्रतिभूकेपारिणामिकउपचारकाह्रासहोताहै. प्रतिभूकाउन्मोचन, (Discharge Of Surety Of Creditor’s Act Or Omission Impairing Surety’s Eventual Remedy) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 139 |
संदाययापालनहोनेपरप्रतिभूकेअधिकार, (Rights Of Surety On Payment Or Performance) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 140 |
लेनदारकीप्रतिभूतियोंकाफायदाउठानेकाप्रतिभूकाअधिका,(Surety’s right to benefit of creditor’s securities) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 141 |
प्रतिभू हर ऐसी प्रतिभूति के फायदे का हकदार है जो उस समय, जब प्रतिभूत्व की संविदा की जाये, लेनदार को मूलऋणी के विरुद्ध प्राप्त हो, चाहे- | प्रतिभूउसप्रतिभूतिकेअस्तित्वकोजानताहोयानहीं, |
यदि लेनदार उस प्रतिभूति को खो दे या प्रतिभू की सम्मति के बिना उस प्रतिभूति को विलग कर दे तो- | प्रतिभूउसप्रतिभूतिकेमूल्यकेपरिमाणतकउन्मोचितहोजायेगा। |
किस मामले में कहा गया कि प्रतिभूकोलेनदारकीप्रतिभूतियोंकालाभमिलनाचाहिए? | स्टेटबैंकऑफइंडियाबनामनेशनलइंश्योरेंसकंपनीलिमिटेड (2001) |
यदि लेनदार अपनी गलती से प्रतिभूति खो देता है, तो— | प्रतिभूउसप्रतिभूतिकेमूल्यकेपरिमाणतकउन्मोचितहोजायेगा। |
क्या लेनदार को प्रतिभूतियों की रक्षा करनी चाहिए? | हाँ, अन्यथाप्रतिभूप्रभावितहोसकताहै |
किस मामले में कोर्ट ने निर्णय दिया कि, प्रतिभूलेनदारकीसंपार्श्विकसंपत्तिकालाभपानेकाअधिकारीहै? | पंजाबनेशनलबैंकबनामसुरेन्द्रप्रसादसिन्हा (1993) |
किस मामले में कहा गया कि प्रतिभूकोप्रतिभूतियोंकालाभमिलनाचाहिए? | नारायणबनामआधिकारिकअसाइनी, मद्रास (1941) |
क की प्रत्याभूति पर ग अपने अभिधारी ख को 2,000 रुपये उधार देता है ग के पास उन 2,000 रुपयों के लिए ख के फर्नीचर के बन्धक के रूप में एक और प्रतिभूति है। ग उस बन्धक को रद्द कर देता है। ख दिवालिया हो जाता है और ख की प्रत्याभूति के आधार पर क के विरुद्ध ग बाद लाता है। क - | उसफर्नीचरकेमूल्यकीरकमतकदायित्वसेउन्मोचितहोगयाहै। |
एक लेनदार ग को, जिसका ख को दिया हुआ उधार डिक्री द्वारा प्रतिभूत है, उस उधार के लिये क से भी प्रत्याभूति मिलती है। तत्पश्चात् ग उस डिक्री के निष्पादन में ख के माल को कुर्क करा लेता है, और तब क को जानकारी के बिना उस निष्पादन का प्रत्याहरण कर लेता है। क- | उन्मोचितहोजाताहै। |
दुर्व्यपदेशनद्वाराअभिप्राप्तप्रत्याभूतिअविधिमान्यहोगी, (Guarantee Obtained By Misrepresentation Invalid) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 142 |
कोई भी प्रत्याभूति, जो लेनदार द्वारा या उसके ज्ञान और अनुमति से संव्यवहार के तात्विक भाग के बारे में दुर्व्यपदेशन से अभिप्राप्त की गई है क्या वह विधिमान्य होगी? | नहीं, अविधिमान्यहोगी
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धारा 142 के अनुसार यदि प्रत्याभूति दुर्व्यपदेशन द्वारा प्राप्त की गई हो, तो क्या वह अविधिमान्यहोगी? | हां |
छिपावद्वाराअभिप्राप्तप्रत्याभूतिअविधिमान्यहोगी, (Guarantee obtained by concealment invalid) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 143 |
यदि लेनदार जानबूझकर यह छुपा ले कि प्रधान देनदार पूर्व में धोखाधड़ी में संलिप्त रहा है, और प्रतिभू इस तथ्य से अनजान है, तो ऐसी गारंटी: | धारा 143 केअंतर्गतअविधिमान्यहोगी |
ग द्वारा ख को 2,000 टन परिमाण तक प्रदाय किये जाने वाले लोहे के लिये संदाय की प्रत्याभूति ग को क देता है। ख और ग ने प्राइवेट तौर पर करार कर लिया है कि ख बाजार दाम से पांच रुपया प्रति टन अधिक देगा जो अधिक रकम एक पुराने ऋण के समापन में उपयोजित की जायेगी। यह करार क से छिपाया गया है। क- | प्रतिभूकेतौरपरदायीनहींहै। |
इससंविदापरप्रत्याभूतिदेनाकिलेनदारउसपरतबतककार्यनहींकरेगाजबतकसह-प्रतिभूसम्मिलितनहींहोजाता, (Guarantee On Contract That Creditor Shall Not Act On It Until Co-Surety Joins) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 144 |
प्रतिभूकीक्षतिपूर्तिकरनेकाविवक्षितवचन, (Implied Promise To Indemnify Surety) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 145 |
धारा 145 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का वचन किस प्रकार होता है? | विवक्षित (Implied) |
सह-प्रतिभूसमानतःअभिदायकरनेकेदायीहोतेहैं, (Co-Sureties Liable To Contribute Equally) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 146 |
ङको उधार दिये गये 3,000 रुपये के लिये घ के क, ख और ग प्रतिभू हैं। ङ संदाय में व्यतिक्रम करता है। क, ख और ग जहां तक उनके बीच का सम्बन्ध है, हर एक- | 1,000 रुपयेसंदत्तकरनेकादायीहै। |
धारा 146 के अनुसार, जब दो या दो से अधिक सह-प्रतिभू एक ही ऋण की गारंटी देते हैं, तो वे: | समानरूपसेदायित्ववहनकरतेहैं |
यदि तीन सह-प्रतिभूओं में से एक ₹90,000 चुकाता है, और बाकी ने कुछ नहीं दिया, तो वह अन्य दो से कितना वसूल सकता है? | ₹30,000 प्रत्येकसे |
विभिन्नराशियोंकेलिएआबद्धसह-प्रतिभुओंकादायित्व, (Liability Of Co-Sureties Bound In Different Sums) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 147 |
धारा 147 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | प्रतिभुओंकोउनकीअधिकतमदायित्वसीमातकसीमितकरना |
सह प्रतिभू, जो विभिन्न राशियों के लिये आबद्ध हैं, अपनी-अपनी बाध्यताओं की परिसीमाओं तक- | समानतःसंदायकरनेकेदायीहैं। |
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अध्याय9 | |
उपनिधानकेविषयमें (Of Bailment) | |
"उपनिधान", "उपनिधाता" और "उपनिहिती" कीपरिभाषा, (“Bailment”, “Bailor” And “Bailee” Defined) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 148 |
"उपनिधान"(Bailment) किसे कहते हैं? | एकव्यक्तिद्वारादूसरेव्यक्तिकोकिसीप्रयोजनकेलियेइससंविदापरमालकापरिदानकरनाहैकिजबवहप्रयोजनपूराहोजायेतबवहलौटादियाजायेगा; याउसेपरिदानकरनेवालेव्यक्तिकेनिदेशोंकेअनुसारअन्यथाव्ययनितकरदियाजायेगा। |
" उपनिधाता" (Bailor) किसे कहते हैं? | मालकापरिदानकरनेवालाव्यक्ति "उपनिधाता" कहलाताहै। |
" उपनिहिती" (Bailee) किसे कहते हैं? | वहव्यक्ति, जिसकोवहपरिदत्तकियाजाताहै "उपनिहिती" कहलाताहै। |
उपनिहितीकोपरिदानकिसप्रकारकियाजाए, (Delivery to Bailee How Made) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 149 |
उपनिहिती को परिदान किस प्रकार किया जाता हैं? | उपनिहितीकोपरिदानऐसाकुछकरनेद्वारा, कियाजासकेगाजिसकाप्रभावउसमालकोआशयितउपनिहितीकेयाउसकीओरसेउसेधारणकरनेकेलियेप्राधिकृतकिसीव्यक्तिकेकब्जेमेंरखदेनाहो। |
धारा 149 के अनुसार उपनिधान में वस्तु की सुपुर्दगी कैसे की जा सकती है? | प्रत्यक्षयापरोक्षमाध्यमसे |
"उपनिहिती को परिदान" का क्या अर्थ है? | वस्तुकोविशेषप्रयोजनहेतुअस्थायीरूपसेदेना |
उपनिहितमालकीत्रुटियोंकोप्रकटकरनेकाउपनिधाताकाकर्तव्य, (Bailor’s Duty To Disclose Faults In Goods Bailed) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 150 |
उपनिधाता, उपनिहित माल की उन त्रुटियों को उपनिहिती से प्रकट करने के लिये आबद्ध है जिनकी जानकारी उपनिधाता को हो और जो उसके उपयोग में तत्वतः विघ्न डालती हो या उपनिहिती को साधारण जोखिम में डालती हो और यदि वह ऐसा प्रकटीकरण नहीं करता है तो वह उपनिहिती को- | ऐसीत्रुटियोंसेप्रत्यक्षतःउद्भूतनुकसानकेलियेउत्तरदायीहै। |
यदि माल भाड़े पर उपनिहित किया गया है तो उपनिधाता- | ऐसेनुकसानकेलियेउत्तरदायीहैचाहेउपनिहितमालकीऐसीत्रुटियोंकेअस्तित्वसेवहपरिचितथायानहीं। |
क एक घोड़ा ख को उधार देता है जिसका दुष्ट होना वह जानता है। वह यह तथ्य प्रकट नहीं करता कि घोड़ा दुष्ट है। घोड़ा भाग खड़ा होता है, ख को गिरा देता है और ख क्षत हो जाता है। हुये नुकसान के लिये- | खकेप्रतिकउत्तरदायीहै। |
ख की एक गाड़ी क भाड़े पर लेता है। गाड़ी अक्षेमकर है, यद्यपि ख को यह मालूम नहीं है और कक्षत हो जाता है। क्षति के लिये के प्रति कौन उत्तरदायी है? | खउत्तरदायीहै। |
किस मामले में कहा गया कि दोषकेकारणहानिहोनेपरउपनिधातादायित्वसेबचनहींसकता? | मार्टिनबनामलंदनकाउंटीकाउंसिल (1947) |
उपनिहितीद्वाराबरतीजानेवालीसतर्कता, (Care To Be Taken By Bailee) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 151 |
उपनिहितचीजकीहानिआदिकेलिएउपनिहितीकबदायीनहींहै, (Bailee When Not Liable For Loss, Etc., Of Thing Bailed) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 152 |
उपनिहिती विशेष संविदा के अभाव में उपनिहित चीज की हानि, नाश या क्षय के लिये उत्तरदायी नहीं है, यदि- | उसनेधारा 151 मेंवर्णितपरिमाणमेंउसकीदेखरेखकीहो। |
उपनिहितीकेऐसेकार्यद्वारा, जोशर्तोंसेअसंगतहोउपनिधानकापर्यवसान, (Termination Of Bailment By Bailee’s Act Inconsistent With Conditions) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 153 |
ख को एक घोड़ा उसकी अपनी सवारी के लिये क भाड़े पर देता है। ख उस घोड़े को अपनी गाड़ी में चलाता है। यह क के विकल्प पर- | उपनिधानकापर्यवसानहै। |
उपनिहितमालकाअप्राधिकृतउपयोगकरनेवालेउपनिहितीकादायित्व, (Liability Of Bailee Making Unauthorized Use Of Goods Bailed) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 154 |
यदि उपनिहिती उपनिहित माल का कोई ऐसा उपयोग करे जो उपनिधान की शर्तों के अनुसार न हो तो- | वहउसकेऐसेउपयोगसेयाऐसेउपयोगकेदौरानमेंमालकोहुएनुकसानकेलियेउपनिधाताकोप्रतिकरदेनेकादायीहै। |
ख को एक घोड़ा केवल उसकी अपनी सवारी के लिये क उधार देता है। ख अपने कुटुम्ब के एक सदस्य ग को उस घोड़े पर सवारी करने देता है। ग सावधानी से सवारी करता है किन्तु अकस्मात् घोड़ा गिर पड़ता है और क्षत हो जाता है। ख घोड़े को हुई क्षति के लिये- | ककोप्रतिकरदेनेकादायीहै। |
क कलकत्ते में ख से एक घोड़ा यह कहकर भाड़े पर लेता है कि वह वाराणसी जायेगा। क सम्यक् सावधानी से सवारी करता है किन्तु वाराणसी न जाकर कटक जाता है। अकस्मात् घोड़ा गिर पड़ता है और क्षत हो जाता है। क घोड़े को हुई क्षति के लिये- | खकोप्रतिकरदेनेकादायीहै। |
उपनिहितीकेमालकेसाथउपनिधाताकीसम्मतिसेउसकेमालकेमिश्रणकाप्रभाव, (Effect Of Mixture, With Bailor’s Consent, Of His Goods With Bailee’s) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 155 |
उपनिहिती के माल के साथ उपनिधाता की सम्मति से उसके माल के मिश्रण का प्रभाव क्या होगा? | यदिउपनिहितीउपनिधाताकीसम्मतिसेउपनिधाताकेमालकोअपनेमालकेसाथमिश्रितकरदेतोउपनिधाताऔरउपनिहितीइसप्रकारउत्पादितमिश्रणमेंअपने-अपनेअंशकेअनुपातसेहितरखेंगे। |
जबकिमालपृथक्किएजासकतेहोंतबउपनिधाताकीसम्मतिकेबिनाकिएगएमिश्रणकाप्रभाव, (Effect Of Mixture, Without Bailor’s Consent, When The Goods Can Be Separated) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 156 |
यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति के बिना उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित कर दे और माल पृथक् या विभाजित किये जा सकते हों तो माल में सम्पत्ति पक्षकारों की अपनी- अपनी रहती है किन्तु उपनिहिती- | पृथक्करणयाविभाजनकेव्ययकोऔरमिश्रणसेहुयेकिसीभीनुकसानकोसहनकरनेकेलियेआबद्धहै। |
धारा 156 कब लागू होती है? | जबमिश्रणबिनाअनुमतिहोऔरवस्तुएँपृथककीजासकें |
धारा 156 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | उपनिहितीकोमनमानीकरनेसेरोकना |
क एक विशिष्ट चिह्न से चिह्नित रुई की 10 गांठें ख के पास उपनिहित करता है। क की सम्मति के बिना ख उन 100 गांठों को एक अलग चिह्न धारण करने वाली अपनी अन्य गांठों से मिश्रित करता है। क को हक है कि वह अपनी 10 गांठों को वापस करा ले, और गांठों के पृथक् करने में हुआ सारा व्यय और अन्य आनुषंगिक नुकसान सहन करने के लिये- | खआबद्धहै। |
जबकिमालपृथक्नकिएजासकतेहोंतबउपनिहितीकीसम्मतिकेबिनाकिएगएमिश्रणकाप्रभाव, (Effect Of Mixture, Without Bailor’s Consent, When The Goods Cannot Be Separated) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 157 |
यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति के बिना उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ ऐसे प्रकार से मिश्रित कर दे कि उपनिहित माल को अन्य माल से पृथक् करना और उसे वापस परिदत्त करना असम्भव हो तो उपनिधाता- | उसमालकीहानिकेलियेउपनिहितीसेप्रतिकरपानेकाहकदारहै। |
क 45 रुपये कीमत के केप के आटे का बैरल ख के पास उपनिहित करता है। क की सम्मति के बिना ख उंस आटे को केवल 25 रुपये प्रति बैरल के अपने देशी आटे के साथ मिश्रित करता है। क को- | उसकेआटेकीहानिकेलियेखप्रतिकरदेगा। |
धारा 157 का उद्देश्य क्या है? | उपनिधाताकेस्वामित्वऔरहानिकीसुरक्षाकरना |
आवश्यकव्ययोंकाउपनिधाताद्वाराप्रतिसंदाय, (Repayment, By Bailor, Of Necessary Expenses) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 158 |
धारा 159 किससे सम्बंधित है? | आनुग्रहिकरूपसेउधारदिएगएमालकाप्रत्यावर्तन (Restoration Of Goods Lent Gratuitously) |
समयकेअवसानपरयाप्रयोजनपूराहोनेपरउपनिहितमालकीवापसी, (Return Of Goods Bailed On Expiration Of Time Or Accomplishment Of Purpose) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 160 |
धारा 161 किससे सम्बंधित है? | जबमालसम्यक्रूपसेवापसनकियाजाएतबउपनिहितीकाउत्तरदायित्व (Bailee’s Responsibility When Goo ds Are Not Duly Returned) |
आनुग्रहिकउपनिधानकामृत्युसेपर्यवसान, (Termination Of Gratuitous Bailment By Death) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 162 |
आनुग्रहिक उपनिधान उपनिधाता या उपनिहिती की मृत्यु से- | पर्यवसितहोजाताहै। |
उपनिधाताउपनिहितमालमेंहुईवृद्धियाउससेहुएलाभकाहकदार, (Bailor Entitled To Increase Or Profit From Goods Bailed) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 163 |
क एक गौ को देखभाल के लिये ख की अभिरक्षा में छोड़ता है। गौ के बछड़ा पैदा होता है। ख- | वहगौऔरबछड़ाककोपरिदत्तकरनेकेलियेआबद्धहै। |
उपनिहितीकेप्रतिउपनिधाताकाउत्तरदायित्व, (Bailor’s Responsibility To Bailee) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 164 |
धारा 165 किससे सम्बंधित है? | कईसंयुक्तस्वामियोंद्वाराउपनिधान, (Bailment By Several Joint Owners) |
बिनाहकवालेउपनिधाताकोवापसपरिदानकरनेपरउपनिहितीउत्तरदायीनहोगा, (Bailee Not Responsible On Re-Delivery To Bailor Without Title) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 166 |
धारा 167 किससे सम्बंधित है? | उपनिहितमालपरदावाकरनेवालेपरव्यक्तिकाअधिकार (Right Of Third Person Claiming Goods Bailed) |
मालपड़ापानेवालेकाअधिकार, वहप्रस्थापितविनिर्दिष्टपुरस्कारकेलिएवादलासकेगा, (Right Of Finder Of Goods, May Sue For Specific Reward Offered) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 168 |
धारा 169 किससे सम्बंधित है? | सामान्यतयाविक्रयहोनेवालीचीजकोपड़ीपानेवालाउसेकबबेचसकेगा (When Finder of Thing Commonly On Sale May Sell It) |
कोई चीज, जो सामान्यतया विक्रय का विषय हो, खो जाये तब यदि स्वामी का युक्तियुक्त तत्परता से पता नहीं लगाया जा सके या यदि वह पड़ा पाने वाले के विधिपूर्ण प्रभारों का मांगे जाने पर संदाय करने से इन्कार करे तो पड़ा पाने वाला उसको बेच सकेगा- | जबकिउसचीजकेनष्टहोजानेयाउसकेमूल्यकाअधिकांशजातेरहनेकाखतराहो, अथवा जबकिपाईगईचीजकेबारेमेंपड़ेपानेवालेकेविधिपूर्णप्रभारउसकेमूल्यकीदो-तिहाईतकपहुंचजाये |
भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 169 का विषय क्या है? | पायागयामालऔरउसेबेचनेकीअनुमति |
उपनिहितीकाविशिष्टधारणाधिकार, (Bailee’s Particular Lien) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 170 |
जहां कि उपनिहिती ने, उपनिहित माल के बारे में उपनिधान के प्रयोजन के अनुसार कोई ऐसी सेवा की हो, जिसमें श्रम या कौशल का प्रयोग अन्तर्वलित हो, वहां तत्प्रतिकूल संविदा के अभाव में, उसे ऐसे माल के तब तक प्रतिधारण का अधिकार है जब तक वह- | उनसेवाओंकेलिएजोउसनेउसकेबारेमेंकीहों, सम्यक्पारिश्रमिकनहींपालेता I |
क एक जौहरी ख को अनगढ़ हीरा काटने और पालिश किये जाने के लिये परिदत्त करता है। तदनुसार वैसा कर दिया जाता है। ख उस हीरे के तब तक प्रतिधारण का हकदार है जब तक उसे उन सेवाओं के लिये- | जोउसनेकीहैं, संदायनकरदियाजाये। |
क एक दर्जी ख को कोट बनाने के लिये कपड़ा देता है। ख यह वचन देता है कि कोट ज्यों ही पूरा हो जायेगा वह उसे क को परिदत्त कर देगा और पारिश्रमिक के लिये तीन मास का प्रत्यय देगा। कोट के लिये संदाय किये जाने तक ख- | उसेप्रतिधृतरखनेकाहकदारनहींहै। |
भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 170 किस विषय से संबंधित है? | उपनिहितीकाअधिकारवस्तुपरकब्जाबनाएरखनेका |
बैंकारों, फैक्टरों, घाटवालों, अटर्नियोंऔरबीमादलालोंकासाधारणधारणाधिकार, (General Lien Of Bankers, Factors, Wharfingers, Attorneys And Policy-Brokers) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 171 |
भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 171 किस विषय से संबंधित है? | विशिष्टपेशेवरोंकासाधारणधारणाधिकार |
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गिरवीरूपीउपनिधान (Bailments Of Pledges) | |
"गिरवी", "पणयमकार" और "पणयमदार" कीपरिभाषा, (“Pledge”, “Pawnor” And “Pawnee” Defined) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 172 |
भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 172 किससे संबंधित है? | गिरवीकागठनऔरउसकीपरिभाषा |
‘गिरवी’ (Pledge) क्या है? | किसीऋणकेसंदायकेलियेयाकिसीवचनकेपालनकेलियेप्रतिभूतिकेतौरपरमालकाउपनिधान 'गिरवी' कहलाताहै। |
गिरवी के अंतर्गत वस्तु किसे सुपुर्द की जाती है? | पणयमदार (Pawnee) |
'पणयमकार' (Pawnor) कौन होता है? | वहजोगिरवीरखताहै |
किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सिद्धांत स्थापित किया- पणयमदारकोवस्तुतबतकरोकेरखनेकाअधिकारहैजबतकऋणनचुकायाजाए? | लल्लनप्रसादबनामरहमतअली (1967 एआईआर 1322) |
पणयमदारकाप्रतिधारणकाअधिकार, (Pawnee’s Right Of Retainer) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 173 |
पणयमदार गिरवी माल का प्रतिधारण किसके लिये कर सकेगा? | नकेवलऋणकेसंदायकेलियेयावचनकेपालनकेलिये |
जिसऋणयावचनकेलिएमालगिरवीरखागयाहै, पणयमदारउससेभिन्नऋणयावचनकेलिएउसकाप्रतिधारणनहींकरेगा।पश्चात्वर्तीउधारोंकेबारेमेंउपधारणा, (Pawnee Not To Retain For Debt Or Promise Other Than That For Which Goods Pledged. Presumption In Case of Subsequent Advances) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 174 |
धारा 175 किससे सम्बंधित है? | उपगतगैर-मामूलीव्ययोंकेबारेमेंपणयमदारकाअधिकार (Pawnee’s Right as to Extraordinary Expenses Incurred) |
पणयमदारकाअधिकारजहाँकिपणयमकारव्यतिक्रमकरताहै, (Pawnee’s Right Where Pawnor Makes Default) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 176 |
धारा 177 किससे सम्बंधित है? | व्यतिक्रमकरनेवालेपणयमकारकामोचनाधिकार (Defaulting Pawnor’s Right to Redeem) |
वाणिज्यिकअभिकर्ताद्वारागिरवी, (Pledge By Mercantile Agent) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 178 |
कोई वाणिज्यिक अभिकर्ता स्वामी की सम्मति से माल पर या माल के हक की दस्तावेजों पर कब्जा रखता है वहां वाणिज्यिक अभिकर्ता के कारबार के मामूली अनुक्रम में कार्य करते हुए उसके द्वारा की गयी गिरवी किस प्रकार विधिमान्य होगी? | मानोवहमालकेस्वामीद्वाराउसेकरनेकेलियेअभिव्यक्तरूपसेप्राधिकृतहो, परन्तुयहतबजबकिपणयमदारसद्भावपूर्वककार्यकरेऔर गिरवीकेसमयउसेवहसूचनानहोकिपणयमकारगिरवीकरनेकाप्राधिकारनहींरखता। |
शून्यकरणीयसंविदाकेअधीनकब्जारखनेवालेव्यक्तिद्वारागिरवी, (Pledge By Person In Possession Under Voidable Contract) किस धारा मैं परिभाषित है? | धारा 178(क) |
जब पणयमकार ने अपने द्वारा गिरवीकृत माल का कब्जा धारा 19 या 19- क के अधीन शून्यकरणीय किसी संविदा के अधीन अभिप्राप्त किया हो, किन्तु संविदा गिरवी के समय विखंडित न हो चुकी हो, तो पणयमदार माल पर कैसा हक अर्जित करेगा? | पणयमदारउसमालपरअच्छाहकअर्जितकरलेताहै, परन्तुयहतबजबकिवहसद्भावपूर्वकऔरपणयमकारकेहककीत्रुटिकीसूचनाकेबिनाकार्यकरे। |
गिरवीजहाँकिपणयमकारकेवलपरिसीमितहितरखताहैउपनिहितियोंयाउपनिधाताओंद्वारादोषकर्ताओंकेविरुद्धवाद, (Pledge Where Pawnor Has Only A Limited Interest) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 179 |
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उपनिहितियोयाउपनिधताओद्वारादोषकर्ताओंकेविरुद्धवाद (Suits By Bailees or Bailors Against Wrong-Doers) | |
धारा 180 किससे सम्बंधित है? | उपनिधातायाउपनिहितीद्वारादोषकर्ताकेविरुद्धवाद (Suit By Bailor or Bailee Against Wrong-Doer) |
ऐसेवादोंसेअभिप्राप्तअनुतोषयाप्रतिकरकाप्रभाजन, (Apportionment Of Relief Or Compensation Obtained By Such Suits) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 181 |
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अध्याय10 | |
अभिकरण (Agency) | |
अभिकर्ताओंकीनियुक्तिऔरप्राधिकार (Appointment And Authority of Agents) | |
“अभिकर्ता”और“मालिक”कीपरिभाषा, (“Agent” And “Principal” Defined) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 182 |
धारा 182 के अनुसार "अभिकर्ता" का अर्थ क्या है? | जोकिसीअन्यकीओरसेकोईकार्यकरनेकेलियेयापरव्यक्तियोंसेव्यवहारोंमेंकिसीअन्यकाप्रतिनिधित्वकरनेकेलियेनियोजितहै। |
धारा 182 के अनुसार "मालिक" की परिभाषा क्या है? | वहव्यक्तिजिसकेलियेऐसाकार्यकियाजाताहैयाजिसकाइसप्रकारप्रतिनिधित्वकियाजाताहै, "मालिक" कहलाताहै। |
"मालिक" का अधिकार क्या होता है? | मालपरपूर्णनियंत्रणऔरस्वामित्वकाअधिकार |
"अभिकर्ता" और "मालिक" के बीच किस प्रकार का विवाद सामान्य होता है? | मालकेउपयोगऔरकब्जेका |
अभिकरण किस प्रकार की संविदा हैं | जिसकेअन्तर्गतमालिककिसीऐसेव्यक्तिकोनियुक्तकरताहैंजोउसकातीसरेपक्षकारकेसाथसंविदात्मकसम्बन्धस्थापितकरसके। |
अभिकर्ताकौननियोजितकरसकेगा, (Who May Employ Agent) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 183 |
अभिकर्ता कौन नियोजित कर सकेगा? | वहव्यक्ति, जोविधिकेअनुसारप्राप्तवयहोऔरस्वस्थचित्तहो |
अभिकर्ताकौनहोसकेगा, (Who May Be An Agent)किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 184 |
कौन अभिकर्ता नहीं हो सकता? | जोप्राप्तवयऔरस्वस्थचित्तनहो |
प्रतिफलआवश्यकनहींहै, (Consideration Not Necessary) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 185 |
क्या अभिकरण के सर्जन के लिये कोई प्रतिफल आवश्यक है। | नहीं |
अभिकर्ताकाप्राधिकारअभिव्यक्तयाविवक्षितहोसकेगा, (Agent’s Authority May Be Expressed Or Implied) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 186 |
अभिकर्ता का प्राधिकार कैसा हो सकेगा? | अभिव्यक्तयाविवक्षित |
अभिव्यक्तऔरविवक्षितप्राधिकारकीपरिभाषाएँ, (Definitions Of Express And Implied Authority) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 187 |
अभिव्यक्त प्राधिकार क्या है? | जबवहमौखिकयालिखितशब्दोंद्वारादियाजाये। |
विवक्षित प्राधिकार क्या है? | जबउसकाअनुमानमामलेकीपरिस्थितियोंसेकरनाहोऔर मौखिकयालिखितबातोंया व्यवहारकेमामूलीअनुक्रमकीमामलेकीपरिस्थितियोंमेंगणनाकीजासकेगी। |
अभिकर्ताकेप्राधिकारकाविस्तार, (Extent Of Agent’s Authority) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 188 |
अभिकर्ता के प्राधिकार का विस्तार कहा तक होगा? | किसीकार्यकोकरनेकाप्राधिकाररखनेवालाअभिकर्ताहरऐसीविधिपूर्णबातकरनेकाप्राधिकाररखताहैजोऐसाकार्यकरनेकेलियेआवश्यकहो। |
आपातमेंअभिकर्ताकाप्राधिकार, (Agent’s Authority In An Emergency) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 189 |
अभिकर्ता को आपात में क्या प्राधिकार है? | हानिसेअपनेमालिककीसंरक्षाकरनेकेप्रयोजनसेसारेऐसेकार्यकरेजैसेमामूलीप्रज्ञावालाव्यक्तिअपनेमामलेमेंवैसेहीपरिस्थितियोंमेंकरता। |
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उपाभिकर्ता (Sub-agents) | |
अभिकर्ताकबप्रत्यायोजननहींकरसकता, (When Agent Cannot Delegate) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 190 |
कोई अभिकर्ता उन कार्यों के पालन के लिये, जिनका स्वयं अपने द्वारा पालन किये जाने का भार उसने अभिव्यक्त या विवक्षित रूप से लिया हो किसी अन्य व्यक्ति का विधिपूर्वक नियोजन कब कर सकेगा? | जबउपाभिकर्ताकानियोजनव्यापारकीमामूलीरूढ़िकेअनुसारकियाजासकताहोयाअभिकरणकीप्रकृतिकेअनुसारकरनाआवश्यकहो। |
"उपाभिकर्ता" कीपरिभाषा, (“Sub-Agent” Defined) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 191 |
उपाभिकर्ता कौन हैं? | वहव्यक्तिहैजोअभिकरणकेकारबारमेंमूलअभिकर्ताद्वारानियोजितहोऔरउनकेनियन्त्रणकेअधीनकार्यकरताहो। |
उचिततौरपरनियुक्तउपाभिकर्ताद्वारामालिककाप्रतिनिधित्व,उपाभिकर्ताकेलिएअभिकर्ताकाउत्तरदायित्व, उपाभिकर्ताकाउत्तरदायित्व, (Representation of principal by sub-agent properly appointed, Agent’s responsibility for sub-agent, Sub-agent’s responsibility) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 192 |
उपाभिकर्ता किस प्रकार उत्तरदायी है? | मालिकउसकेकार्योंसेऐसेहीआबद्धऔरउसकेलिएऐसेहीउत्तरदायीहैमानोवहमालिकद्वारामूलत: नियुक्तअभिकर्ताहो। |
क्या अभिकर्ता उपाभिकर्ता के कार्यों के लिये मालिक के प्रति उत्तरदायी है? | हां |
प्राधिकारकेबिनानियुक्तउपाभिकर्ताकेलिएअभिकर्ताकाउत्तरदायित्व, (Agent’s Responsibility For Sub-Agent Appointed Without Authority) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 193 |
प्राधिकार के बिना नियुक्त उपाभिकर्ता के लिए अभिकर्ता का उत्तरदायित्व क्या है? | भिकर्ताकीउसव्यक्तिकेप्रतिहैसियतवैसीहैजैसीअभिकर्ताकेप्रतिमालिककीहोतीहैऔरवहउसकेकार्योंकेलियेमालिकऔरपरव्यक्तियोंदोनोंकेप्रतिउत्तरदायीहै |
अभिकर्ताद्वाराअभिकरणकेकारबारमेंकार्यकरनेकेलिएसम्यक्रूपसेनियुक्तव्यक्तिऔरमालिककेबीचकासंबंध, (Relation Between Principal And Person Duly Appointed By Agent To Act In Business Of Agency) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 194 |
जो अधिकरण के कारबार में मालिक की ओर से कार्य करने के लिये किसी अन्य व्यक्ति को नामित करने का अभिव्यक्त या विवक्षित प्राधिकार रखता है, किसी अन्य व्यक्ति को तदनुसार नामित कर देता है वहां ऐसा व्यक्ति उपाभिकर्ता नहीं है वरन् वह अभिकरण के कारबार के ऐसे भाग के लिये, जो उसे सौंपा गया हो, कौन व्यक्ति होता है | मालिककाअभिकर्ताहै।
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क अपने सालिसिटर ख को अपनी सम्पदा नीलाम द्वारा बेचने और उस प्रयोजन के लिए एक नीलामकर्ता नियोजित करने का निदेश देता है। ख विक्रय संचालन के लिए एक नीलामकर्ता ग को नामित करता है। ग उपाभिकर्ता नहीं है वरन् विक्रय संचालन के लिये क का कौन है? | ककाअभिकर्ताहै। |
ऐसेव्यक्तिकोनामितकरनेमेंअभिकर्ताकाकर्तव्य, (Agent’s Duty In Naming Such Person) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 195 |
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अनुसमर्थन (Ratification) | |
धारा 196 किससे सम्बंधित है? | किसीव्यक्तिकेलिएउसकेप्राधिकारकेबिनाकिएगएकार्योंकेबारेमेंउसकाअधिकारःअनुसमर्थनकाप्रभाव (Right of person as to acts done for him without his authority, Effect of ratification) |
जहां कार्य एक व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के निमित्त किन्तु उसके ज्ञान या प्राधिकार के बिना किये जाते हैं, वहां अपेक्षा की जाएगी? | वहनिर्वाचितकरसकेगाकिऐसेकार्योंकाअनुसमर्थनकरेयाअनंगीकरणकरे। |
अनुसमर्थन किये गये कार्यों के कैसे परिणाम होंगे? | मानोंवेउसकेप्राधिकारसेकियेगयेथे। |
अनुसमर्थनअभिव्यक्तयाविवक्षितहोसकेगा, (Ratification May Be Expressed Or Implied) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 197 |
अनुसमर्थन कैसा होगा? | अभिव्यक्तयाविवक्षित |
क प्राधिकार के बिना ख के लिये माल खरीदता है। तत्पश्चात् ख उन्हें ग़ को अपने लेखे बेच देता है, ख आचरण कैसा है? | खकेआचरणसेविवक्षितहैकिउसनेकद्वाराउसकेलियेकियेगयेक्रयकाअनुसमर्थनकियाहै। |
विधिमान्यअनुसमर्थनकेलिएज्ञानअपेक्षितहै, (Knowledge Requisite For Valid Ratification) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 198 |
कोई भी विधिमान्य अनुसमर्थन कैसे व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता? | जिसकामामलेकेतथ्योंकाज्ञानतत्वतःत्रुटियुक्तहो। |
जोअप्राधिकृतकार्यकिसीसंव्यवहारकाभागहोउसकेअनुसमर्थनकाप्रभाव, (Effect Of Ratifying Unauthorized Act Forming Part Of A Transaction) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 199 |
जो व्यक्ति अपनी ओर से किये गये किसी अप्राधिकृत कार्य का अनुसमर्थन करता है, क्या समझा जाएगा? | वहउससम्पूर्णसंव्यवहारकाअनुसमर्थनकरताहैजिसकाऐसाकार्यभागहो |
अप्राधिकृतकार्यकाअनुसमर्थनपर-व्यक्तिकोक्षतिनहींपहुँचासकता, (Ratification Of Unauthorized Act Cannot Injure Third Person) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 200 |
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प्राधिकारकाप्रतिसंहरण (Revocation of Authority) | |
अभिकरणकापर्यवसान, (Termination Of Agency) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 201 |
अभिकरण का पर्यवसान किस कारण से हो सकता है? | मालिकद्वाराअभिकरणसमाप्तकरना, अभिकर्ताद्वारात्यागपत्रदेना, अभिकरणकेकारबारकेपूरेहोजानेसे, मालिकयाअभिकर्ताकीमृत्यु, विकृतचित्तहोजानेसे |
जहाँकिअभिकर्ताकाविषय-वस्तुमेंकोईहितहोवहाँअभिकरणकापर्यवसान, (Termination Of Agency, Where Agent Has An Interest In Subject-Matter) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 202 |
अभिकरणकापर्यवसान कैसे नहीं किया जा सकता? | जहांउससम्पत्तिमें, जोअभिकरणकीविषयवस्तुहो, अभिकर्ताकाकोईहितहोवहांअभिव्यक्तसंविदाकेअभावमेंअभिकरणकापर्यवसानऐसेनहींकियाजासकताकिउसहितपरप्रतिकूलप्रभावपड़े। |
ख को क यह प्राधिकार देता है कि वह क की भूमि बेच दे और उस विक्रय के आगमों में से उन ऋणों का संदाय कर ले जो उसे क द्वारा शोध्य है। क्या क इस प्राधिकार का प्रतिसंहरण कर सकता है? | कइसप्राधिकारकाप्रतिसंहरणनहींकरसकताऔरनककीउन्मत्ततायामृत्युसेउसप्राधिकारकापर्यवसानहोसकताहै। |
मालिकअभिकर्ताकेप्राधिकारकाप्रतिसंहरणकबकरसकेगा, (When Principal May Revoke Agent’s Authority) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 203 |
धारा 204 किससे सम्बंधित है? | प्रतिसंहरणजहाँकिप्राधिकारकाभागतःप्रयोगकरलियागयाहै (Revocation Where Authority Has Been Partly Exercised) |
मालिकद्वाराप्रतिसंहरणयाअभिकर्ताद्वारात्यजनकेलिएप्रतिकर, (Compensation For Revocation By Principal, Or Renunciation By Agent) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 205 |
प्रतिसंहरणयात्यजनकीसूचना, (Notice Of Revocation Or Renunciation ) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 206 |
प्रतिसंहरण या त्यजन की कैसी सूचना देनी होगी? | युक्तियुक्त |
नुकसान की प्रतिपूर्ति कौन करेगा? | एककोदूसराकरेगा। |
प्रतिसंहरणऔरत्यजनअभिव्यक्तयाविवक्षितहोसकेगा..,(Revocation And Renunciation May Be Expressed or Implied) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 207 |
प्रतिसंहरण और त्यजन कैसा होगा? | अभिव्यक्तहोसकेगाअथवा विवक्षितहोसकेगा। |
अभिकर्ताकेप्राधिकारकापर्यवसानकबअभिकर्ताकेसंबंधमेंऔरकबपर-व्यक्तियोंकेसंबंधमेंप्रभावीहोताहै, (When Termination Of Agent’s Authority Takes Effect As To Agent, And As To Third Persons) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 208 |
अभिकर्ता के प्राधिकार का पर्यवसान कब अभिकर्ता के संबंध में प्रभावी होता है? | उसेउसकाज्ञानहोनेसेपूर्व
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अभिकर्ता के प्राधिकार का पर्यवसान कब पर-व्यक्तियों के सम्बन्ध में प्रभावी होता है? | उन्हेंउसकाज्ञानहोनेसेपूर्व, प्रभावीनहींहोता। |
मालिककीमृत्युयाउन्मत्तताकेद्वाराअभिकरणकेपर्यवसानपरअभिकर्ताकाकर्तव्य, (Agent’s Duty On Termination Of Agency By Principal’s Death Or Insanity) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 209 |
क अपने अभिकर्ता ख को अमुक धनराशि ग को देने का निर्देश देता है। क मर जाता है और घ उसकी बिल का प्रोबेट लेता है। क की मृत्यु के पश्चात् किन्तु मृत्यु की खबर सुनने से पूर्व ग को ख रुपये संदत्त कर देता है, किसके विरुद्ध प्रभावी होगी? | निष्पादकघकेविरुद्धयहसंदायप्रभावीहै। |
उपाभिकर्ताकेप्राधिकारकापर्यवसान, (Termination Of Sub-Agent’s Authority) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 210 |
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मालिककेप्रतिअभिकर्ताकाकर्तव्य (Agent’s Duty to Principal) | |
मालिककेकारबारकेसंचालनमेंअभिकर्ताकाकर्तव्य, (Agent’s Duty In Conducting Principal’s Business) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 211 |
मालिक के कारबार के संचालन में अभिकर्ता का कर्तव्य क्या है? | मालिककेकारबारकासंचालनआबद्धहै जोउसस्थानपर, जहांअभिकर्ताऐसेकारबारकासंचालनकरताहै, उसीकिस्मकाकारबारकरनेमेंप्रचलितहो।जबकिअभिकर्ताअन्यथाकार्यकरेतबयदिकोईहानिहोतोउसेउसकेलियेअपनेमालिककीप्रतिपूर्तिकरनीहोगीऔर यदिकोईलाभहोतोउसेउसकालेखादेनाहोगा। |
एक दलाल, ख, जिसके कारबार में उधार बेचने की रूढ़ि नहीं है, क का माल ग को जिसका प्रत्यय उस समय बहुत ऊंचा है, उधार बेचता है ग संदाय करने से पूर्व दिवालिया हो जाता है, ख कर्तव्यक्या है? | ककीइसहानिकीप्रतिपूर्तिखकोकरनीहोगी। |
अभिकर्तासेअपेक्षितकौशलऔरतत्परता, (Skill And Diligence Required From Agent) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 212 |
धारा 213 किस से सम्बंधित है? | अभिकर्ताकेलेखा (Agent’s accounts) |
मालिकसेसम्पर्करखनेकाअभिकर्ताकाकर्तव्य, (Agent’s Duty To Communicate With Principal) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 214 |
धारा 214 किस विषय से संबंधित है? | एजेंटद्वारामालिकसेसंपर्कबनाएरखना |
मालिककाअधिकारजबकिअभिकर्ताअधिकरणकेकारबारमेंमालिककीसम्पत्तिकेबिनाअपनेहीलेखेव्यवहारकरताहै,(Right Of Principal When Agent Deals, On His Own Account, In Business Of Agency Without Principal’s Consent) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 215 |
धारा 216 किससे सम्बंधित है? | अभिकरणकेकारबारमेंअभिकर्ताकोअपनेलेखाव्यवहारकोकरनेसेप्राप्तफायदेपरमालिककाअधिकार (Principal’s Right to Benefit Gained by Agent Dealing on His Own Account in Business of Agency) |
अभिकर्ताकामालिककेलेखेप्राप्तराशियोंमेंसेप्रतिधारणकाअधिकार, (Agent’s Right Of Retainer Out Of Sums Received On Principal’s Account) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 217 |
धारा 218 किससे सम्बंधित है? | मालिककेनिमित्तप्राप्तराशियोंकेसंदायकाअभिकर्ताकाकर्तव्य (Agent’s Duty to Pay Sums Received for Principal) |
अभिकर्ताकापारिश्रमिककबशोध्यहोजाताहै, (When Agent’s Remuneration Becomes Due ) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 219 |
किसी विशेष संविदा के अभाव में, किसी कार्य के पालन के लिये संदाय अभिकर्ता को कब शोध्य होता है? | तबतकशोध्यनहींहोताजबतकवहकार्यपूरानहोजाये |
अवचारितकारबारकेलिएअभिकर्तापारिश्रमिककाहकदारनहींहै, (Agent Not Entitled To Remuneration For Business Misconducted) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 220 |
अभिकर्ता पारिश्रमिक का हकदार कब नहीं होगा? | अभिकर्ता, जबअभिकरणकेकारबारमेंअवचारकादोषीहै, कारबारकेउसभागकेबारेमें, जिसेउसनेअवचारितकियाहै, किसीपारिश्रमिककाहकदारनहींहै। |
ग से 1,000 रुपये वसूल करने के लिये ख को क नियोजित करता है। ख के अवचार से वह धन वसूल नहीं होता, क्या ख पारिश्रमिक हकदार है? | नहीं, खअपनीसेवाओंकेलियेकिसीभीपारिश्रमिककाहकदारनहींहैऔरउसेहानिकीप्रतिपूर्तिकरनीहोगी। |
मालिककीसम्पत्तिपरअभिकर्ताकाधारणाधिकार, (Agent’s Lien On Principal’s Property) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 221 |
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अभिकर्ताकेप्रतिमालिककाकर्तव्य (Principal’s Duty to Agent) |
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विधिपूर्णकार्योंकेपरिणामोंकेलिएअभिकर्ताकीक्षतिपूर्तिकीजाएगी, (Agent To Be Indemnified Against Consequences Of Lawful Acts) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 222 |
कलकत्ते का एक दलाल ख वहां के एक वणिक् कके आदेशों के अनुसार ग से क के लिये दस पीपे तेल खरीदने की संविदा करता है। तत्पश्चात् क वह तेल लेने से इन्कार कर देता है और ख पर ग वाद लाता है। क को ख इत्तिला देता है। क संविदा का पूर्णतः निराकरण कर देता है। ख प्रतिरक्षा करता है किन्तु असफल रहता है और उसे नुकसानी और खर्चे देने पड़ते हैं और व्यय उठाने पड़ते हैं; क्या क दायी है? | हाँ, कऐसीनुकसानी, खर्चोंऔरव्ययोंकेलियेखकेप्रतिदायीहै। |
धारा 223 किससे सम्बंधित है? | सद्भावसेकिएगएकार्योंकेपरिणामोंकेलिएअभिकर्ताकीक्षतिपूर्तिकीजाएगी(Agent To Be Indemnified Against Consequences Of Acts Done In Good Faith) |
आपराधिककार्यकरनेकेलिएअभिकर्ताकेनियोजककाअदायित्व, (Non-Liability Of Employer Of Agent To Do A Criminal Act) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 224 |
धारा 225 किससे सम्बंधित है? | मालिककीउपेक्षासेकारितक्षतिकेलिएअभिकर्ताकोप्रतिकर, पर-व्यक्तियोंसेकीगईसंविदाओंपरअभिकरणकाप्रभाव (Compensation To Agent For Injury Caused By Principal’s Neglect) |
मालिक की उपेक्षा से या कौशल के अभाव से उसके अभिकर्ता को कारित क्षति के लिये प्रतिकर कौन देगा? | मालिकअभिकर्ताकोप्रतिकरदेगा। |
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पर-व्यक्तियोंसेकीगयीसंविदाओंपरअभिकरणकाप्रभाव (Effect Of Agency on Contracts with Third Persons) | |
अभिकर्ताकीसंविदाओंकाप्रवर्तनऔरउनकेपरिणाम, (Enforcement and consequences of agent’s contracts) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 226 |
अभिकर्ता के माध्यम से की गई संविदाओं और अभिकर्ता द्वारा किये गये कार्यों से उद्भूत बाध्यतायें किस प्रकार प्रवर्तित कराई जा सकेंगी? | उसीप्रकारप्रवर्तितकराईजासकेंगीऔर उनकेवेहीविधिकपरिणामहोंगेमानोंवेसंविदायेंऔर कार्यमालिकद्वाराकियेगयेहों |
ख से माल क यह जानते हुए कि ख उनके विक्रय के लिये अभिकर्ता है, किन्तु यह न जानते हुए कि मालिक कौन है, खरीदता है। ख का मालिक क से उस माल की कीमत का दावा करने का हकदार है, और मालिक द्वारा लाये गये वाद में मालिक के दावे के विरुद्ध क वह ऋण जो उसे ख से शोध्य हो, क्या क मुजरा करा सकता है? | मुजरानहींकरासकता। |
मालिककहाँतकआबद्धहैजबकिअभिकर्ताप्राधिकारसेआगेबढजाता, (Principal How Far Bound, When Agent Exceeds Authority) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 227 |
क, जो एक पोत और स्थोरा का स्वामी है, ख को उस पोत का 4,000 रुपये का बीमा उपाप्त करने के लिये प्राधिकृत करता है ख पोत का 4,000 रुपये का एक बीमा और स्थोरा का समान राशि का दूसरा बीमा उपास करता है। क्या क स्थोरा के बीमे के लिये प्रीमियम देने को आबद्ध है? | कपोतकेबीमेकेलियेप्रीमियमदेनेकोआबद्धहै, किन्तुस्थोराकेबीमेकेलियेप्रीमियमदेनेकोनहीं। |
धारा 228 किससे सम्बंधित है? | मालिकआबद्धनहोगाजहाँकिअभिकर्ताकेप्राधिकारसेपरेकियागयाकार्यपृथक्नहींकियाजासकता(Principal Not Bound When Excess Of Agent’s Authority Is Not Separable) |
क, अपने लिये 500 भेड़ें खरीदने के लिये ख को प्राधिकृत करता है। ख 6,000 रुपये की एक राशि में 500 भेड़ें और 200 मेमने खरीद लेता है क कितने भाग का निराकरण कर सकेगा? | कसम्पूर्णसंव्यवहारकानिराकरणकरसकेगा |
मालिककीओरसेकीगईसंविदाओंकोअभिकर्तावैयक्तिकरूपसेनतोप्रवर्तितकरासकताहैऔरनउनसेआबद्धहीहोताहै, (Agent Cannot Personally Enforce, Nor Be Bound By, Contracts On Behalf Of Principal. Presumption Of Contract to Contrary) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 230 |
धारा 231 किससे सम्बंधित है? | अप्रकटितअभिकर्ताद्वाराकीगईसंविदाकेपक्षकारोंकेअधिकार (Rights Of Parties to A Contract Made by Agent Not Disclosed) |
वैयक्तिकरूपसेदायीअभिकर्तासेव्यवहारकरनेवालेव्यक्तिकाअधिकार, (Right Of Person Dealing With Agent Personally Liable) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 233 |
अभिकर्तायामालिककोइसविश्वासपरकार्यकरनेकेलिएउत्प्रेरितकरनेकापरिणामकिकेवलमालिकयाकेवलअभिकर्तादायीठहरायाजाएगा, (Consequence Of Inducing Agent Or Principal To Act On Belief That Principal Or Agent Will Be Held Exclusively Liable) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 234 |
धारा 235 किससे सम्बंधित है? | अपदेशीअभिकर्ताकादायित्व (Liability Of Pretended Agent) |
मिथ्यारूपसेअभिकर्ताकेतौरपरसंविदाकरनेवालाव्यक्तिपालनकरानेकाहकदारनहींहै, (Person Falsely Contracting As Agent Not Entitled To Performance) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 236 |
धारा 237 किससे सम्बंधित है? | यहविश्वासउत्प्रेरितकरनेवालेमालिककादायित्वकिअभिकर्ताकेअप्राधिकृतकार्यप्राधिकृतथे (Liability Of Principal Inducing Belief That Agent’s Unauthorized Acts Were Authorized) |
क विक्रय के लिये माल ख को प्रेषित करता है और उसे अनुदेश देता है कि वह उसे नियत कीमत से कम पर न बेचे। ख को दिये गये अनुदेशों को न जानते हुये ग आरक्षित कीमत से कम कीमत पर उस माल को खरीदने की ख से संविदा करता है। क्या क उस संविदा से आबद्ध है? | हाँ |
अभिकर्ताद्वारादुर्व्यपदेशनयाकपटकाकरारपरप्रभाव..,(Effect, On Agreement, Of Misrepresentation or Fraud by Agent) किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 238 |
अपने कारबार के अनुक्रम में अपने मालिकों की ओर से कार्य करते हुए अभिकर्ताओं द्वारा किये गये दुर्व्यपदेशन या कपट ऐसे अभिकर्ताओं द्वारा किये गये करारों पर क्या प्रभाव रखते हैं? | मानोंऐसेदुर्व्यपदेशनयाकपटउनमालिकोंद्वाराकियेगयेहों |
अभिकर्ताओं द्वारा किये गये दुर्व्यपदेशन या कपट का प्रभाव कब मालिकों पर नहीं पड़ता? | अभिकर्ताओंद्वाराऐसेविषयोंमें, जोउनकेप्राधिकारकेभीतरनहींआते, |
ख के पोत का कप्तान क, वहनपत्रों पर उनमें वर्णित माल को पोत पर प्राप्त किये बिना ही, हस्ताक्षर करता है। जहां तक ख और अपदेशी परेषक का सम्बन्ध है, वहनपत्र- | शून्यहैं। |
