Hindi Medium One Liner Notes · बीएसए (BSA) वन-लाइनर नोट्स
बीएसए (BSA) वन-लाइनर नोट्स
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भारतीयसाक्ष्यअधिनियम 2023 (Bharatiya Sakshya Adhiniyam 2023) | |
2023 काअधिनियमसंख्या 47 (Act No. 47 of 2023) | |
इस अधिनियम को क्या कहा जाता है? | भारतीयसाक्ष्यअधिनियम, 2023 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 का अधिनियम क्रमांक (Act no.) क्या है? | 2023 का 47 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 को राष्ट्रपतिकीस्वीकृतिकबप्राप्तहुई? | 25 दिसंबर, 2023 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 विधेयक लोकसभा में कब पारित किया गया? | 20 दिसंबर 2023 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 विधेयक राज्यसभा में कब पारित किया गया? | 21 दिसंबर 2023 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के लागूहोनेकीतिथि क्या है? | 1 जुलाई 2024 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 किस अधिनियम का प्रतिस्थापन है? | भारतीयसाक्ष्यअधिनियम 1872 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 में कितनी धाराएं एवं अध्याय निहित हैं? | 170 धाराएंतथा 12 अध्याय |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 को कितने भागों में विभाजित किया गया? | 4 |
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भाग 1 (Part I) | |
अध्याय 1 (Chapter 1) | |
प्रारंभिक (Preliminary) | |
भारतीय न्याय संहिता 2023 के (अध्याय-1) 'प्रारंभिक' (Preliminary) के अंतर्गत कौन- कौन सी धाराएं आती हैं? | धारा 1 से 2 तक |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 कौन सी धारा संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ और लागू होना (Short title, application and commencement) से संबंधित है ? | धारा 1 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 भारत के किन भागों पर लागू होता है? | सम्पूर्णभारत |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के अंतर्गत "लागू होना" (Application) किस पर प्रभाव डालता है? | न्यायालयोंमेंसाक्ष्यकीस्वीकार्यतापर |
किस निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि "नवीन अधिनियम लागू होने के पश्चात् पुराने अधिनियम की प्रक्रियाएं अमान्य हो जाती हैं"? | रतनलालबनामपंजाबराज्य
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जब कोई नया अधिनियम पूर्व अधिनियम का प्रतिस्थापन करता है, तो पूर्वलंबित मामलों पर उसका क्या प्रभाव होगा? | पुरानेअधिनियमकेअनुसारहीनिपटाएजाएंगे |
भारतीय न्याय संहिता, 2023 कहाँ लागू नहीं होता? | शपथपत्रोंको, मध्यस्थकेसमक्षकार्यवाहियोंको |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 क्या सेना न्यायलय पर लागू होता है? | हाँ |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की कौन सी धारा ‘न्यायालय’(Court) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(क) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 2(क) में “न्यायालय”(Court) किसे कहा गया है? | ऐसाव्यक्तियासंस्थाजोविधिकरूपसेसाक्ष्यकोग्रहणकरनेऔरनिर्णयदेनेकेलिएसक्षम |
क्या पंचायत (Panchayat) साक्ष्य अधिनियम के अधीन न्यायालय मानी जाएगी? | नहीं |
किस निर्णय में न्यायालय ने कहा कि “Investigation Officer is not a Court”? | पंजाबराज्यबनामबरकतराम |
अर्ध-न्यायिकनिकाय (Quasi-judicial body) क्या न्यायालय की श्रेणी में आती है? | हाँ, यदिवहसाक्ष्यलेतीऔरनिर्णयदेतीहै |
Tribunals” को न्यायालय (Court) की परिभाषा में शामिल करने के लिए कौन-सा केस मार्गदर्शक है? | एल. चंद्रकुमारबनामभारतसंघ
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 'न्यायालय'(Court) शब्द के अंतर्गत कौन कौन शामिल है? | सभीन्यायाधीश, सभीमजिस्ट्रेट, माध्यस्थकोछोड़करसाक्ष्यग्रहणकरनेहेतुप्राधिकृतसमस्तव्यक्ति |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा निश्चायकसबूत’ (conclusive proof) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ख) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 2(ख) में “निश्चायकसबूत”(Conclusive Proof) किसे कहा गया है? | जिसेअंतिमऔरनिर्विवादरूपसेसत्यमानाजाताहै |
क्या “निश्चायकसबूत”(Conclusive Proof) के विरुद्ध प्रतिकूल साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सकता है? | नहीं |
निश्चायकसबूत’ (Conclusive Proof) का क्या प्रभाव होता है? | न्यायालयउसतथ्यकोसिद्धमानताहै |
विवाह का पंजीकरण प्रमाण पत्र (जहाँ विधि कहे कि यह निश्चायक है) क्या माना जायेगा? | निश्चायकसबूत (Conclusive Proof) |
क्या न्यायालय “निश्चायकसबूत(Conclusive Proof) की सच्चाई की जांच कर सकता है? | नहीं |
“निश्चायकसबूत (Conclusive Proof) शब्द का उपयोग भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 में किस प्रकार के प्रावधानों में किया गया है? | जबकोईतथ्यविधिद्वारानिर्विवादरूपसेसिद्धमानागयाहो |
निश्चायकसबूत(Conclusive Proof) का तात्पर्य है कि उस तथ्य को कभी चुनौती नहीं दी जा सकती, यह किस केस में निर्णीत किया गया? | भींकाबनामचरणसिंहएआईआर 1959 एससी 960 |
निश्चायकसबूत(Conclusive Proof) का विधिक परिणाम क्या होता है कि न्यायालय केवल तथ्यों पर विचार करता है, यह किस केस में निर्णीत किया गया? | बिहारराज्यबनामराधाकृष्णसिंहएआईआर 1983 एससी 684 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा नासाबित’(disproved) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ग) |
नासाबित’(disproved) का क्या तात्पर्य है? | वहतथ्यजोसाबित नहीं कियागयाहै |
नासाबित’(disproved) का सही अर्थ क्या है? | ऐसातथ्यजिसकाअस्तित्वअसत्यप्रतीतहोताहै |
कौन-सा कथन नासाबित’(disproved) के लिए उपयुक्त है? | तथ्यजोझूठायाअविश्वसनीयप्रतीतहोताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा दस्तावेज़ (document) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(घ) |
दस्तावेज़(document) में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सम्मिलित करने का प्रावधान किस अधिनियम के तहत है? | सूचनाप्रौद्योगिकीअधिनियम, 2000 |
दस्तावेज़”(document) का क्या अभिप्राय है? | कोईभीमाध्यमजिससेविचारयाविषयसमझाजासके |
क्या मानचित्र, आरेख, और वीडियो दस्तावेज़”(document) की परिभाषा में आता है? | हाँ |
दस्तावेज़(document)” और “साक्ष्य” में प्रमुख अंतर क्या है? | दस्तावेज़साक्ष्यकाभागहोसकताहै |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड प्रमाण के रूप में मान्य हैं? | राज्य (एनसीटीदिल्ली) बनामनवजोतसंधू@ अफसानगुरु (2005) |
यदि कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग किसी आरोपी के कथन को दर्शाती है, तो क्या वह “दस्तावेज़”(document) मानी जाएगी? | हाँ, यदिवहप्रमाणिकरूपसेप्रस्तुतहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "साक्ष्य"(evidence)को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ड़) |
साक्ष्य"(evidence) की परिभाषा में कौन-कौन से प्रकार शामिल हैं? | मौखिकगवाही दस्तावेज़ इलेक्ट्रॉनिकरिकॉर्ड |
न्यायालय किसे साक्ष्य"(evidence) मान सकता है? | केवलवहीसामग्रीजोउसेतथ्यपरविश्वासदिलानेमेंसहायकहो |
मौखिक साक्ष्य और दस्तावेज़ीय साक्ष्य में क्या मुख्य अंतर है? | दस्तावेज़ीयसाक्ष्यकोलिखितरूपमेंप्रस्तुतकियाजाताहै |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य"(evidence) के बारे में कहा गया डिजिटल साक्ष्य की उपेक्षा न्यायिक चूक होगी? | टॉमसोब्रूनोबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2015) |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है जितना प्रत्यक्ष साक्ष्य? | किशनचंदबनामहरियाणाराज्य (2013) |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ईमेल और कॉल लॉग्स को साक्ष्य"(evidence) के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है? | नवजोतसंधू बनाम अफसानगुरु (2005) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा " तथ्य"(fact) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(च) |
तथ्य"(fact) जिसे साबित किया जाना हो, उसे क्या कहा जाता है? | फैक्टमप्रोबैन्डम (Factum Probandum) |
ऐसी कोई वस्तु, वस्तुओं की अवस्था या वस्तुओं का सम्बन्ध, जो इन्द्रियों द्वारा बोधगम्य हो कोई मानसिक दशा, जिसका भान किसी व्यक्ति को हो क्या कहलाता है? | तथ्य (fact) |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि, मानसिक अवस्था आचरण से साबित की जा सकती है? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुखदेवसिंह (1992) |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि, मानसिक स्थिति भी तथ्य"(fact) है? | पकालानारायणस्वामीबनामसम्राट (1939) |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि, इरादे को आचरण से जानने के सिद्धांत से सम्बंधित कौन सा केस है? | क़्वीनइम्प्रेसबनामअब्दुल्ला (1885) |
यह कि अमुक स्थान में अमुक क्रम से अमुक पदार्थ व्यवस्थित हैं, क्या एक तथ्य है | हाँ |
यह कि किसी व्यक्ति ने अमुक शब्द कहा, क्या एक तथ्य"(fact) है? | हाँ |
यह कि कोई मनुष्य अमुक राय रखता है, अमुक आशय रखता है, सद्भावपूर्वक या कपटपूर्वक कार्य करता है, या किसी विशिष्ट शब्द को विशिष्ट भाव में प्रयोग करता है, या उसे किसी विशिष्ट संवेदना का भान है या किसी विनिर्दिष्ट समय में था, क्या एक तथ्य"(fact) है? | हाँ |
यह कि किसी व्यक्ति ने कुछ सुना या देखा यह क्या है? | एकतथ्य"(fact)है |
ऐसी कोई वस्तु, वस्तुओं की अवस्था या वस्तुओं का सम्बन्ध, जो इंद्रियों द्वारा बोधगम्य हों, को क्या कहा जाता है? | तथ्य"(fact) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "विवाद्यकतथ्य "(Facts in issue) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(छ) |
तथ्य, जो स्वयं से, या अन्य तथ्यों के संसर्ग में किसी ऐसे अधिकार, दायित्व या निर्योग्यता के, जिसका किसी वाद या कार्यवाही में प्राख्यान या प्रत्याख्यान किया गया है, आता है, अस्तित्व, अनस्तित्व, प्रकृति या विस्तार की उत्पत्ति अवश्यमेव होती है, क्या कहलाता है? | "विवाद्यकतथ्य " (Facts in issue) |
'विवाद्यकतथ्य' (Facts in issue) का क्या अर्थ है? | वहतथ्यजिसेकोईपक्षप्रमाणितकरनेकाप्रयासकररहाहो, लेकिनदूसरापक्षउसकाविरोधकररहाहो। |
विवाद्यकतथ्य'(Facts in issue) को प्रमाणित करने के लिए किसे प्रस्तुत किया जाना चाहिए? | मौखिकऔरदस्तावेजीदोनोंप्रकारकेसाक्ष्य। |
किस प्रकार के साक्ष्य 'विवाद्यकतथ्य'(Facts in issue) को प्रमाणित करने के लिए प्रस्तुत किए जा सकते हैं? | मौखिक, दस्तावेजीऔरइलेक्ट्रॉनिकसाक्ष्य। |
'विवाद्यकतथ्य'(Facts in issue) के संबंध में न्यायालय के निर्णय में किसका पालन किया जाता है? | साक्ष्यऔरकानूनदोनोंका। |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "उपधारणा कर सकेगा"(may presume) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ज) |
न्यायालय या तो ऐसे तथ्य को साबित हुआ मान सकेगा, यदि और जब तक वह नासाबित नहीं किया जाता है, या उनके सबूत की मांग कर सकेगा, क्या कहलाता है? | "उपधारणाकरसकेगा" (may presume) |
न्यायालय द्वारा उपधारणा करने का आदेश देने पर, पक्षकार को क्या करना चाहिए? | साक्ष्यप्रस्तुतकरनाआवश्यकहै। |
"उपधारणाकरसकेगा"(may presume) के अंतर्गत न्यायालय द्वारा उपधारणा किए गए तथ्य को कौन चुनौती दे सकता है? | कोईभीपक्षकार। |
न्यायालय द्वारा उपधारणा किए गए तथ्य को प्रमाणित मानने के लिए क्या आवश्यक है? | साक्ष्यकाप्रस्तुतहोना। |
न्यायालय द्वारा उपधारण किए गए तथ्य को अस्वीकारित करने के लिए किसे प्रस्तुत करना आवश्यक है? | कोईभीपक्षकार। |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "साबितनहींहुआ"(not proved) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(झ) |
"साबितनहींहुआ"(not proved) का क्या अर्थ है? | वहतथ्यजिसेनतोप्रमाणितकियागयाहोऔरनअस्वीकारित। |
"साबितनहींहुआ"(not proved) स्थिति में न्यायालय का क्या कर्तव्य है? | न्यायालयउसतथ्यकेलिएसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेकाआदेशदेसकताहै। |
"साबितनहींहुआ"(not proved) स्थिति में पक्षकार को क्या करना चाहिए? | साक्ष्यप्रस्तुतकरनाआवश्यकहै। |
"साबितनहींहुआ" (not proved) स्थिति में न्यायालय के निर्णय में किसका पालन किया जाता है? | साक्ष्यऔरकानूनदोनोंका। |
किस केस में कोर्ट ने कहा कि यदि परिस्थिति साक्ष्य केवल एक निष्कर्ष की ओर न ले जाकर अन्य संभावनाएं भी खोलती है, तो मामला साबितनहींहुआ"(not proved) माना जाएगा? | शरदबिरधीचंदसारदाबनाममहाराष्ट्रराज्य (1984) |
जब वह न तो साबित किया गया हो और न नासाबित,क्या कहलाता है? | साबितनहींहुआ (not proved)
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "साबित"(proved) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ञ) |
"साबित"(proved) का क्या अर्थ है? | जबन्यायालय, साक्ष्यकेआधारपरउसतथ्यकेअस्तित्वमेंविश्वासकरताहै। |
कौन-सा विकल्प "साबित"(proved) की शर्त को पूरा करता है? | साक्ष्यकीमात्रापर्याप्तहैजिससेन्यायालयकोतथ्यकीसंभावनाप्रतीतहोतीहै। |
न्यायालय किस आधार पर किसी तथ्य को “साबित” (proved) मानता है? | प्रस्तुतसाक्ष्यकेआधारपर |
डीएनए साक्ष्य तथ्य को “साबित” (proved) करने के लिए पर्याप्त है, किस मामले में मामले कोर्ट ने कहा? | नंदलालवासुदेवबद्वाइकबनामलतानंदलालबद्वाइक (2014) |
जब कोई तथ्य "साबित"(proved) होता है, तो उसका न्यायालय पर क्या प्रभाव होता है? | वहनिर्णयकाआधारबनसकताहै। |
यदि किसी तथ्य के समर्थन में केवल अनुमान हो, साक्ष्य नहीं हो, तो क्या वह "साबित"(proved) माना जाएगा? | नहीं |
"साक्ष्य इतनी मात्रा में हो कि न्यायालय मान ले कि तथ्य का अस्तित्व संभव है", यह किस शब्द से जुड़ा है? | साबित (proved) |
क्या "साबित" (proved) होने के लिए न्यायालय का विश्वास आवश्यक है? | हाँ, साक्ष्यकेआधारपर |
यदि कोई तथ्य "साबित"(proved) नहीं होता है, तो उसे क्या माना जाएगा? | नासाबित (disproved) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "सुसंगत” (relevant) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ट) |
"सुसंगत"(relevant) का क्या अर्थ है? | एकतथ्यदूसरेतथ्यसेसंबंधितहै। |
"सुसंगत"(relevant) तथ्यों का न्यायालय में क्या महत्व है? | वेन्यायालयमेंविचारणीयहोतेहैं। |
न्यायालय में "सुसंगत"(relevant) तथ्यों के लिए क्या आवश्यक है? | उनकाएक-दूसरेसेस्पष्टसंबंधहोनाचाहिए। |
| "सुसंगत" (relevant) तथ्यों का उदाहरण क्या हो सकता है? | एकव्यक्तिकाबयानकिवहअपराधकेसमयस्थानपरथा। |
| "सुसंगत" (relevant) तथ्यों के बारे में न्यायालय का दृष्टिकोण क्या है? | वेन्यायालयमेंविचारणीयहोतेहैं। |
| "सुसंगत" (relevant) तथ्यों के लिए न्यायालय के निर्णय में क्या प्रभाव होता है? | वेनिर्णयमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभातेहैं। |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की कौन सी धारा "उपधारणाकरेगा” (Shall presume) को परिभाषित करती है? | धारा 2(1)(ठ) |
| “उपधारणा” का क्या अर्थ है? | न्यायालयऐसेतथ्यकोसाबितमानेगायदिऔरजबतकवहनासाबितनहींकियाजाताहै |
| “उपधारणा” किस प्रकार की हो सकती है? | अनिवार्य (Mandatory) विवेकाधीन (Discretionary), प्रतिवर्ती (Rebuttable) |
| किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर उपधारणा लागू की? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामकिशनपाल (2008) |
| भारतीय साक्ष्य अधिनियम में “उपधारणा कर सकेगा” और “उपधारणा करेगा” के बीच क्या अंतर है? | एकविवेकाधीनहैऔरदूसराअनिवार्य |
| “उपधारणा” का खंडन कैसे किया जा सकता है? | प्रासंगिकप्रतिवर्तीसाक्ष्यसे |
| न्यायालय किन मामलों में स्वतः उपधारणा करता है? | जबकानूनऐसाकहताहै |
| निर्दोषताकीधारणा”(Presumption of Innocence) का क्या आशय है? | आरोपीनिर्दोषमानाजाएजबतकदोषसाबितनहो |
| “उपधारणा” न्यायालय को किस प्रकार सहायता करती है? | न्यायिकप्रक्रियाकोतेजकरनेमें |
भाग 2 (Part II) | |
अध्याय 2 (Chapter 2) | |
तथ्योंकीसुसंगति (Relevancy Of Facts) | |
कौन सी धारा विवाद्यकतथ्योंऔरसुसंगततथ्योंकेसंबंधमेंसाक्ष्य (Evidence may be given of facts in issue and relevant facts) दिए जाने से संबंधित है। | धारा 3 |
| धारा 3 के अनुसार, कौन से तथ्य साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं? | विवाद्यकतथ्यऔरसुसंगततथ्यदोनों |
| "विवाद्यकतथ्य'(Facts in issue) का क्या अर्थ है? | जिसपरपक्षकारोंकेबीचविवादहोताहै |
| "सुसंगततथ्य"(relevant Facts) का क्या अर्थ है? | जोविवाद्यकतथ्यसेसंबंधितहै |
| न्यायालय में "विवाद्यक तथ्य" और "सुसंगत तथ्य" का साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति किस धारा के तहत है? | धारा 3 |
"विवाद्यक तथ्य" और "सुसंगत तथ्य" के बीच क्या अंतर है? | विवाद्यकतथ्यपरपक्षकारोंकेबीचविवादहोताहै, जबकिसुसंगततथ्यसंबंधितहोतेहैं |
न्यायालय में "विवाद्यक तथ्य" और "सुसंगत तथ्य" का साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति किस उद्देश्य से है? | ताकिन्यायालयकोमामलेकीसच्चाईकापताचलसके |
| "विवाद्यक तथ्य" और "सुसंगत तथ्य" के साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति किसे प्रभावित करती है? | दोनोंपक्षकारोंको |
कौन सी धारा एक ही संव्यवहार का भाग बनने वाले तथ्यों की प्रासंगिकता (Relevancy of facts forming part of same transaction) से संबंधित है। | धारा 4 |
'रेसजेस्टे’ (Ras Gestae) का शाब्दिक अर्थ क्या होता है? | एकहीसंव्यवहार |
| धारा 4 के अनुसार, "सुसंगत तथ्य" क्या होते हैं? | जोसीधेविवाद्यकतथ्यसेजुड़ेहोतेहैं |
| "रेसजेस्टे"(Ras Gestae) सिद्धांत किससे संबंधित है? | साक्ष्यकीप्रासंगिकता |
"रेसजेस्टे" (Ras Gestae) सिद्धांत के अनुसार, एक व्यक्ति का बयान जो घटना के तुरंत बाद दिया गया हो कथन सुसंगत माना जाएगा? | हाँ |
"रेसजेस्टे"(Ras Gestae) सिद्धांत के तहत, एक व्यक्ति का बयान जो घटना के एक सप्ताह बाद दिया गया हो क्या कथन सुसंगत माना जाएगा? | नहीं |
घटना के तुरंत बाद की गई प्रतिक्रियाएँ या बयान तभी admissible होंगे जब वे घटना से "इतनी निकटता" में हों कि घटना और बयान के बीच कोई अलगाव न हो, किस निर्णय में Res Gestae की timing और continuity को स्पष्ट किया गया? | सांवलदासबनामबिहारराज्य, एआईआर 1974 एससी 778
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Res Gestae को भारत में स्थापित करता है, किस केस से सम्बंधित है? | क्वीनएम्प्रेसबनामअब्दुल्ला (1885) आईएलआर7 ऑल385 |
एक व्यक्ति की हत्या और पीड़ित द्वारा मृत्यु से ठीक पहले किया गया बयान, किस केस से सम्बंधित है? | आरबनामफोस्टर, (1834) 6 सीएंडपी 325 (यूकेकेस - भारतमेंप्रभावशाली) |
धारा 5 भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 किससे संबंधित है? | तथ्यजोविवाद्यकतथ्योंयासुसंगततथ्योंकाप्रसंगहेतुकयापरिणामहैं। |
क ने ख की हत्या की, क्या उस स्थान पर जहां हत्या की गई थी या उसके समीप भूमि पर गुत्थमगुत्था होने से बने हुए चिह्न सुसंगत तथ्य हैं? | हाँ |
धारा 5 भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 में किस विषय से संबंधित है? | विवादयकतथ्योंयासुसंगततथ्योंकेप्रसंगहेतुकयापरिणामहैं (Facts which are occasion, cause or effect of facts in issue or relevant facts) |
कौन-सा तथ्य धारा 5 के अंतर्गत “सुसंगत” माना जाएगा? | किसीघटनाकातत्कालकारण |
धारा 5 के अनुसार, एक तथ्य सुसंगत कब माना जाएगा? | यदिवहकिसीविवाद्यकयासुसंगततथ्यकाहेतुकयापरिणाम |
क्या हत्या के समय का झगड़ा धारा 5 के तहत प्रसंग हेतुक तथ्य मानी जाएगा? | हाँ |
किस केस में कोर्ट ने हत्या से कुछ समय पूर्व हुआ झगड़ा बात को प्रासंगिक माना? | हड़मान्तसिंहबनामराज्य (AIR 2002 SC) |
“परिणामस्वरूप तथ्य” से क्या अभिप्रेत है? | जोविवाद्यकयासुसंगततथ्यकापरिणामहो |
किसी हत्या के मामले में, हत्या से ठीक पहले की धमकी को क्या माना जाएगा? | हेतुक |
यदि कोई तथ्य किसी विवाद्यक तथ्य का कारण या प्रभाव है, तो क्या वह साक्ष्य के रूप में सुसंगत माना जाएगा? | हाँ |
धारा 5 के अनुसार “अवसर या परिस्थिति के भाग” में क्या आता है? | घटनासेठीकपहलेकीघटनाएँ, घटनाकेसमयकीपृष्ठभूमि, घटनाकेबादकीपरिस्थितियाँ |
कौन सी धाराहेतुतैयारीऔरपूर्वकायापश्चात्काआचरण (Motive, preparation and previous or subsequent conduct) संबंधित है? | धारा 6 |
धारा 6 के अनुसार, "हेतु" से क्या अभिप्रेत है? | किसीघटनाकाकारण |
"तैयारी" से क्या अभिप्रेत है? | किसीघटनाकोघटितकरनेकेलिएकीगईपूर्वकीयोजना |
धारा 6 के अनुसार, "पूर्व का आचरण" से क्या अभिप्रेत है? | किसीघटनासेपहलेकाआचरण |
"पश्चात् का आचरण" से क्या अभिप्रेत है? | किसीघटनाकेबादकाआचरण |
धारा 6 के अनुसार, "आचरण" शब्द में क्या शामिल नहीं है? | किसीव्यक्तिकाकथन |
"आचरण" शब्द में कथन क्यों शामिल नहीं हैं? | क्योंकिवेअन्यकार्योंकेसाथ-साथऔरउन्हेंस्पष्टकरनेवालेनहींहोते |
यदि किसी व्यक्ति का आचरण सुसंगत है, तो उसके द्वारा किया गया कथन साक्ष्य के रूप में कब स्वीकार्य होगा? | जबवहआचरणकोस्पष्टकरताहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा किसीविवाद्यकतथ्ययाप्रासंगिकतथ्यकोस्पष्टीकरणयापुरःस्थापनकेलिएआवश्यकतथ्यों (Facts necessary to explain or introduce fact in issue or relevant facts) से संबंधित है। | धारा 7
|
धारा 7 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | तथ्योंकीव्याख्यायाखंडनहेतुआवश्यकतथ्योंकोसुसंगतमानना (Facts necessary to explain or introduce fact in issue or relevant facts) |
धारा 7 किन प्रकार के तथ्यों को प्रासंगिक मानती है? | जोविवाद्यकयासुसंगततथ्योंकेस्पष्टीकरणयापुनःस्थापनहेतुआवश्यकहों |
‘पुनःस्थापन’ (Rebuttal) का क्या अर्थ है? | खंडनकरना |
यदि कोई अभियुक्त यह कहता है कि वह घटना के समय किसी अन्य स्थान पर था, तो उस स्थान पर उसकी उपस्थिति का साक्ष्य किस अंतर्गत सुसंगत होगा | धारा 7 के |
सुप्रीम कोर्ट ने किस प्रकार के तथ्य को स्वीकार किया था, जो प्रत्यक्षतः विवाद से संबंधित न हो लेकिन उसके खंडन के लिए आवश्यक हो? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामदेवमनउपाध्याय (एआईआर 1960 एससी 1125) |
धारा 7 के तहत कौन-सा कथन सही है? | जोतथ्यकिसीविवाद्ययासुसंगततथ्यकोस्पष्टकरनेकेलिएआवश्यकहैं |
क्या अभियुक्त का घटना वाले दिन का होटल बिल धारा 7 के अंतर्गत आएगा? | हाँ |
धारा 7 के तहत कौन-सा साक्ष्य प्रासंगिक नहीं होगा? | जोतथ्यकेवलचरित्रदर्शातेहैं |
धारा 7 के तहत साक्ष्य कब सुसंगत माना जाएगा? | जबवहमुख्यविवादकोसमझनेयाउसकाखंडनकरनेमेंसहायकहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा में परीक्षण पहचान परेड (Test Identify Parade) शामिल हैं। | धारा 7
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 7 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | पहचानऔरस्पष्टीकरणमेंसहायकतथ्योंकोसुसंगतमानना |
पहचान परेड (Test Identification Parade) से संबंधित तथ्य किस धारा के अंतर्गत सुसंगत होते हैं? | धारा 7 |
धारा 7 के तहत 'पहचान' में क्या शामिल हो सकता है? | व्यक्तिकीपहचान, वस्तुकीपहचान, स्थानकीपहचान |
किस केस में पहचान परेड को गवाह की विश्वसनीयता परखने हेतु महत्वपूर्ण माना गया? | बुद्धसेनबनामउत्तरप्रदेशराज्य (एआईआर 1970 एससी 1321 |
क्या पहचान परेड कोर्ट में साक्ष्य मानी जाती है? | हाँ, यदिगवाहकोर्टमेंपुष्टिकरताहै |
धारा 7 के अंतर्गत कौन-सा कथन सही है? | जोतथ्यपहचानमेंसहायताकरेंवेसुसंगतहोतेहैं |
यदि किसी गवाह ने अपराध स्थल पर किसी व्यक्ति को देखा हो और उसे पहचान परेड में पहचान ले, तो यह— किस धारा से संबंधित है? | धारा 7 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 8 किससे संबंधित है?
| सामान्यपरिकल्पनाकेबारेमेषड्यंत्रकारीद्वाराकहीगईयाकीगईबातें (Things said or done by conspirator in reference to common design) |
धारा 8 का विषय क्या है? | षड्यंत्रकेबारेमेंकथनयाकार्य |
धारा 8 के अनुसार षड्यंत्र के दौरान किया गया कौन-सा कार्य सुसंगत होगा? | षड्यंत्रकेउद्देश्यकीपूर्तिहेतुकियागयाकार्य |
षड्यंत्र में शामिल व्यक्तियों के कार्य और कथन कब तक प्रासंगिक होते हैं? | जबतकषड्यंत्रजारीहै |
धारा 8 का सिद्धांत किस केस में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट किया गया था? | केहरसिंहबनामराज्य (इंदिरागांधीहत्यामामला) |
यदि षड्यंत्रकारी घटना से पहले किसी को धमकी देता है, तो क्या वह कथन धारा 8 के अंतर्गत आएगा? | हाँ, यदिवहषड्यंत्रकेउद्देश्यसेहै |
धारा 8 का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता है? | षड्यंत्रकीप्रकृतिऔरविस्तारसमझनेहेतु |
क्या षड्यंत्र समाप्त हो जाने के बाद किया गया कोई कथन सुसंगत होता? | नहीं |
यदि एक षड्यंत्रकारी व्हाट्सएप पर दूसरे को संदेश भेजता है "काम रात 10 बजे करना है", तो क्या यह धारा 8 के अंतर्गत सुसंगत है? | हाँ |
षड्यंत्र के विषय में किया गया कथन कब साक्ष्य के रूप में माना जाएगा? | जबवहषड्यंत्रकेसमयकेकियागयाहो |
वेतथ्यजोअन्यथासुसंगतनहींहैंकबसुसंगतहै(When facts not otherwise relevant become relevant) वे भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की किस धारा के अंतर्गत आते हैं? | धारा 9 |
दूधनाथपण्डेबनामउत्तरप्रदेशराज्य किस धारा से सम्बंधित केस है? | धारा 9 |
कौन सी धारा अन्यत्र उपस्थिति को भी मान्यता देती है, जो आपराधिक मामलों में एक महत्वपूर्ण बचाव है। | धारा 9 |
तथ्य जो सुसंगत नहीं होते, परंतु संभाव्यता को प्रभावित करते हैं किस धारा से संबंधित है? | धारा9 |
तथ्य जो अन्यथा सुसंगत नहीं हैं, परंतु किसी तथ्य को अत्यधिक संभाव्य बनाते हैं, वे सुसंगत हो सकते हैं किस धारा से संबंधित है? | धारा9 |
किसी अपराध के समय आरोपी का किसी अन्य स्थान पर मौजूद होना (प्ली ऑफ़ एलीबाई) किस धारा के अंतर्गत सुसंगत बनता है? | धारा9 |
"अन्यत्र उपस्थिति" (Alibi) का क्या तात्पर्य है? | आरोपीकाअपराधकेसमयकिसीऔरस्थानपरहोना |
कौन-सा निर्णय धारा 9 के संदर्भ में “ एलीबाई” (Alibi) के सिद्धांत को स्पष्ट करता है? | बिनयकुमारसिंहबनामबिहारराज्य
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एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप है। वह यह साबित करता है कि घटना के समय वह किसी दूसरे शहर में एक सम्मेलन में भाग ले रहा था। यह किस धारा के अंतर्गत सुसंगत होगा? | धारा9 |
एक अभियुक्त यह साबित करता है कि जिस समय चोरी हुई, वह अस्पताल में भर्ती था। यह किस धारा के अंतर्गत सुसंगत होगा? | धारा9 केअंतर्गतसुसंगतहै |
यदि एक तथ्य यह दिखाता है कि किसी अन्य व्यक्ति के पास भी हत्या करने की मंशा और अवसर था, तो यह तथ्य किस धारा के अंतर्गत सुसंगत होगा? | धारा9 |
क्या धारा 9 के तहत आरोपी को Alibi सिद्ध करने के लिए साक्ष्य देना होता है? | हां, ठोसऔरविश्वसनीयसाक्ष्यआवश्यकहै |
रकमअवधारितकरनेकेलिएन्यायालयकोसमर्थकरनेकीप्रवृत्तिरखनेवालेतथ्यनुकसानीकेलिएवादोंमेंसुसंगतहैं,(Facts tending to enable Court to determine amount are relevant in suits for damages) भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की किस धारा के अंतर्गत आते हैं? | धारा 10 |
कौन सी धारा उन तथ्यों से संबंधित है जोउससमयप्रासंगिकहोतेहैंजबअधिकारयाप्रथाप्रश्नगत(Facts relevant when right or custom is in question) होती है। | धारा 11 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 11 का उद्देश्य क्या है? | किसीव्यक्तिकीआदतयाअधिकारसेसंबंधिततथ्यनिर्धारितकरना |
"रूढ़ि" (Custom) का तात्पर्य किससे है? | लगातारऔरनियमितरूपसेकियागयाकार्य |
किसी व्यक्ति ने लगातार एक कार्य किया हो और उस कार्य से संबंधित कोई विवाद उत्पन्न हो, तो क्या वह कार्य धारा 11 के तहत सुसंगत माना जाएगा? | यदिप्रथाकेअनुसारलगातारऔरनियमितरूपसेकियागयाहो |
धारा 11 का किस प्रकार के मामलों में अधिक उपयोग किया जाता है? | दीवानीमामले, जैसेकिसंपत्तिविवादऔरकानूनीअधिकार |
सुप्रीम कोर्ट ने "रूढ़ि" से संबंधित सिद्धांत को किस मामले में स्पष्ट किया था? | बलराजबनामहरियाणाराज्य |
किस स्थिति में धारा 11 के तहत आदत या अधिकार का प्रमाण प्रस्तुत किया जा सकता है? | जबव्यक्तिनेपूर्वमेंएकसमानकार्यकियाहोऔरवहविवादसेसंबंधितहो |
मरूढ़ि के आधार पर व्यक्ति के दोष को सिद्ध किया जा सकता है, किस मामले में स्पष्ट किया? | के.के. वर्माबनामउत्तरप्रदेशराज्य (2012) 4 एससीसी 548 |
धारा 12 किस प्रकार के तथ्यों से संबंधित है? | मानसिकऔरशारीरिकदशायासंवेदनासेसंबंधिततथ्योंसे (Facts showing existence of state of mind, or of body or bodily feeling) |
धारा 12 के अंतर्गत कौन-सा मानसिक तत्व सुसंगत हो सकता है? | दुर्भावना, सद्भावना, भय |
यदि कोई अभियुक्त कहे कि उसने आत्मरक्षा में कार्य किया क्योंकि उसे डर था, तो "भय" किस धारा के अंतर्गत सुसंगत होगा? | धारा 12 |
अपराध करने का इरादा और ज्ञान से सम्बंधित कौन सा केस है? | महाराष्ट्रराज्यबनामएम.एच. जॉर्ज (1965 एआईआर 722) |
यदि किसी आरोपी का दावा है कि वह पागल था और उसे समझ नहीं थी, तो यह तथ्य— | धारा 12 केतहतसुसंगतहोगा |
धारा 12 का प्रयोग किन मामलों में मुख्यतः होता है? | आपराधिकमामलोंमेंजहाँमानसिकदशामहत्वपूर्णहो |
ख के कुत्ते द्वारा, जिसका हिंस्र होना ख जानता था, किए गए नुकसान के लिए ख पर क वाद लाता है । ये तथ्य कि कुत्ते ने पहले, भ, म और य को काटा था और यह कि उन्होंने ख से शिकायतें की थीं, किस धारा के अंतर्गत सुसंगत हैं । | धारा 12 |
प्रश्न यह है कि क्या क की मृत्यु विष से कारित की गई थी। अपनी रुग्णावस्था में क द्वारा अपने लक्षणों के बारे में किए हुए कथन किस धारा के अंतर्गत सुसंगत तथ्य हैं ? | धारा 12 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस प्रश्न से संबंधित तथ्यों से संबंधित है कि क्या कार्यआकस्मिकथायाजानबूझकरकियागया (Facts bearing on question whether act was accidental or intentional) था। | धारा 13
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 13 किन तथ्यों को सुसंगत मानती है? | यहसाबितकरनेवालेतथ्यकिकार्यआकस्मिकथायाजानबूझकर |
धारा 13 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकोयहसमझनेमेंमददकरनाकिकार्यआकस्मिकथायाजानबूझकर |
यदि किसी व्यक्ति पर आरोप है कि उसने जानबूझकर आग लगाई, तो उसके द्वारा पूर्व में की गई आगज़नी की घटनाएँ किस धारा के अंतर्गत सुसंगत तथ्य हैं? | धारा 13 केअंतर्गतसुसंगतहोंगी |
'दुर्घटनावश हुआ कार्य' बनाम 'जानबूझकर किया गया कार्य' में अंतर स्थापित करने हेतु किन तथ्यों की प्रासंगिकता होती है? | पूर्वआचरण, समानप्रकारकीपूर्वघटनाएँ, अभियुक्तकीमंशा |
जानबूझकर कार्य को साबित करने के लिए प्रवृत्ति (tendency) महत्वपूर्ण है, किस केस से सम्बंधित है? | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) 12 एससीसी 254 |
धारा 13 के अंतर्गत समान घटनाओं का क्या महत्व है? | वेआरोपीकीप्रवृत्तिकोउजागरकरतीहैं |
“जानबूझकर किया गया कार्य" को सिद्ध करने के लिए कौन-से तथ्य धारा 13 के अंतर्गत लाए जा सकते हैं? | आरोपीकीपिछलीआपराधिकघटनाएँ, समानपरिस्थितियोंमेंकिएगएकृत्य, आरोपीद्वाराकीगईपूर्वधमकियाँ |
यदि कोई व्यक्ति दावा करता है कि दुर्घटना 'सहज भूल' से हुई, तो किस प्रकार का साक्ष्य उसका दावा कमजोर कर सकता है? | उसकीपूर्वकीएकजैसीघटनाएँ |
क्या धारा 13 के तहत आरोपी के पिछले व्यवहार को प्रस्तुत किया जा सकता है? | हाँ, अगरवहदिखाताहैकिकार्यजानबूझकरथा |
यदि किसी डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप है, तो धारा 13 के अंतर्गत कौन-सा तथ्य सुसंगत होगा? | उसकेद्वारापहलेकीगईऐसीहीलापरवाहियाँ |
जब यह प्रश्न हो कि क्या कोई विशिष्ट कार्य किया गया था, तो कारबारकेकिसीअनुक्रमकाअस्तित्व (Existence of course of business when relevant), जिसके अनुसार वह कार्य स्वाभाविक रूप से किया गया होता, किस धारा के अंतर्गत सुसंगत तथ्य हैं? | धारा 14
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स्वीकृतियां (Admissions) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 किस धारा के अंतर्गत स्वीकृतिकोपरिभाषित (Admission defined) किया गया है? | धारा 15 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 15 किस विषय से संबंधित है? | स्वीकृतिकीपरिभाषा |
क्या स्वीकृति में न्यायाधीश की राय शामिल होती है? | नहीं |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि स्वीकृति मौखिक, लिखित या आचरण से हो सकती है? | नारायणबनाममहाराष्ट्रराज्य (एआईआर 1967 एससी 1) |
स्वीकृति का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा सकता है? | किसीतथ्यकोसाबितकरनेहेतु |
क्या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गई बात को स्वीकृति माना जा सकता है? | हाँ, यदिवहव्यक्तिअधिकृतथायाउससेसंबंधितथा |
धारा 15 के अंतर्गत स्वीकृति किस प्रकार का साक्ष्य है? | प्रासंगिकसाक्ष्य |
स्वीकृति को कब अस्वीकार्य माना जा सकता है? | जबवहबलपूर्वकलीगईहो, जबवहमजिस्ट्रेटकेसमक्षनहो, जबवहअनधिकृतव्यक्तिद्वाराकीगईहो |
क्या अभियुक्त द्वारा पुलिस के सामने की गई स्वीकृति साक्ष्य मानी जाती है? | नहीं, जबतकमजिस्ट्रेटकेसामनेनहो |
स्वीकृतिमें 'स्वेच्छा' (Voluntariness) का क्या महत्व है? | महत्वपूर्णहै– जबरनदीगईस्वीकृतिअस्वीकार्यहोतीहै |
यदि एक व्यक्ति अपने वकील को कोई तथ्य स्वीकार करता है, तो वह— | न्यायालयकेसमक्षसुसंगतहोसकतीहै |
कौन सी धारा कार्यवाही में पक्षकार या उसके एजेंट द्वारा स्वीकृति से संबंधित है। | धारा 16 |
| भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 16 किस विषय से संबंधित है? | पक्षकारयाअभिकर्ताद्वारादीगईस्वीकृति |
| धारा 16 के अनुसार, स्वीकृति किसके द्वारा की गई होनी चाहिए जिससे वह साक्ष्य मानी जा सके? | पक्षकारयाउसकेअभिकर्ताद्वारा (Admission by party to proceeding or his agent) |
यदि कोई व्यक्ति अपने वकील के माध्यम से कोई तथ्य स्वीकार करता है, तो क्या वह सुसंगत होगा यदि वकील अधिकृत अभिकर्ता है | हाँ |
धारा 16 के अंतर्गत कौन-से व्यक्ति की स्वीकृति सुसंगत मानी जाएगी? | वादमेंपक्षकार, अभिकर्ता (authorized agent) |
अभिकर्ता द्वारा की गई स्वीकृति भी पक्षकार के विरुद्ध प्रासंगिक होती है, किस मामले में सिद्ध किया गया? | के.एम. सिंहबनामबिहारराज्य (एआईआर 1982 एससी 1230) |
पक्षकार के कौन-से संबंधी द्वारा की गई स्वीकृति साक्ष्य मानी जा सकती है? | जोउसकेअधिकारमेंहै |
क्या धारा 16 के अंतर्गत दी गई स्वीकृति वाद के निपटारे में निर्णायक भूमिका निभा सकती है? | हाँ, यदिवहस्पष्टऔरस्वैच्छिकहो |
किस स्थिति में किसी अभिकर्ता की स्वीकृति पक्षकार के विरुद्ध मान्य नहीं होगी? | जबअभिकर्ताअधिकृतनहो |
अगर किसी कंपनी का अधिकारी कंपनी के नाम पर कोई तथ्य स्वीकार करता है, तो यह स्वीकृति कैसी होगी? | कंपनीकेविरुद्धसाक्ष्यमानीजाएगी |
क्या धारा 16 की स्वीकृति गवाह की गवाही को कमजोर कर सकती है? | हाँ, यदिवहप्रत्यक्षतथ्योंकेविरुद्धहो |
क्या धारा 16 के तहत दी गई स्वीकृति को न्यायालय स्वतः संज्ञान में ले सकता है? | हाँ, यदिवहस्पष्टरूपसेरिकॉर्डमेंहो |
ऐसे व्यक्तियों की स्वीकृतिजिनकीस्थितिवादकेपक्षकारकेविरुद्धसाबितकीजानीआवश्यकहै (Admissions by persons whose position must be proved as against party to suit) किस धारा से संबंधित है? | धारा 17 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 17 किस विषय से संबंधित है? | उनव्यक्तियोंकीस्वीकृति, जिनकीस्थितिवादमेंचुनौतीपूर्णहै |
| धारा 17 की स्वीकृति किनके द्वारा की गई होनी चाहिए? | ऐसाव्यक्तिजिसकीस्थितियादावावादमेंसवालकेघेरेमेंहो |
धारा 17 के अनुसार कोई स्वीकृति कब सुसंगत होगी? | जबवहउसव्यक्तिद्वाराकीगईहोजिसकीकानूनीस्थितिविवादितहै |
यदि किसी व्यक्ति का वाद में दावा यह है कि वह संपत्ति का स्वामी है, और उसने पहले किसी अन्य को स्वामित्व सौंपने की बात मानी हो, तो क्या यह धारा 17 के अंतर्गत सुसंगत होगा? | हाँ, |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि साजिशकर्ता द्वारा की गई बातें व अन्य के विरुद्ध सुसंगत हो सकती हैं? | केहरसिंहबनामराज्य (एआईआर 1988 एससी 1883) |
क्या धारा 17 के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति की स्वीकृति प्रासंगिक होगी जो वाद में प्रत्यक्ष पक्षकार नहीं है? | हाँ, यदिउसकीस्थितिवादमेंसवालमेंहो |
धारा 17 की स्वीकृति का सबसे उपयुक्त उदाहरण क्या हो सकता है? | कोईव्यक्तिजिसकीसंपत्तिपरअधिकारदावाकियाजारहाहो, वहकहेकिवहउसकानहींहै |
यदि कोई व्यक्ति कहे कि वह मालिक नहीं है, जबकि मुकदमे में वह मालिक होने का दावा कर रहा है, तो क्या यह कथन धारा 17 के अंतर्गत सुसंगत है? | हाँ, औरस्वीकृतिमानाजाएगा |
क्या धारा 17 के अंतर्गत किए गए स्वीकृति बयान की आवश्यकता होती है कि वह न्यायालय के समक्ष ही दिया गया हो? | नहीं, अन्यत्रभीकियागयाकथनसुसंगतहोसकताहै |
ख के लिए भाटक-संग्रह का दायित्व क लेता है। ग द्वारा ख को शोध्य भाटक- संग्रह न करने के लिए क पर ख वाद लाता है क इस बात का प्रत्याख्यान करता है कि ग से ख को भाटक देय था । ग द्वारा यह कथन कि उस पर ख को भाटक देय है स्वीकृति है, और यदि क इस बात से इन्कार करता है कि ग द्वारा ख को भाटक देय था तो क्या वह क के विरुद्ध सुसंगत तथ्य है ? | हाँ |
धारा 18 किस प्रकार की स्वीकृति से संबंधित है? | वादकेपक्षकारद्वाराअभिव्यक्तरूपसेनिर्दिष्टव्यक्तिद्वारास्वीकृतियां (Admissions by persons expressly referred to by party to suit) |
धारा 18 के अनुसार स्वीकृति किसके द्वारा की जानी चाहिए ताकि वह प्रासंगिक मानी जाए? | वादकेपक्षकारद्वाराअभिव्यक्तरूपसेअधिकृतव्यक्तिद्वारा |
क्या धारा 18 के अंतर्गत स्वीकृति मौखिक भी हो सकती है? | हाँ, मौखिक, लिखितयाआचरणद्वारा |
यदि किसी वादी ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को कर संबंधी बातें स्वीकार करनेकी अनुमति दी है, और वह कोई तथ्य स्वीकार करता है, तो यह किस प्रकार का साक्ष्य माना जायेगा? | धारा 18 केअंतर्गतप्रासंगिकसाक्ष्यहोसकताहै |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, अधिकृत व्यक्ति द्वारा की गई स्वीकृति पक्षकार पर बाध्यकारी हो सकती है? | रामसिंहबनामकर्नलरामसिंह (एआईआर 1986 एससी 3) |
“अभिव्यक्त रूप से अधिकृत” शब्द का क्या तात्पर्य है? | पक्षकारनेस्पष्टरूपसेकिसीकोउसकीओरसेबोलनेकाअधिकारदियाहो |
क्या धारा 18 के तहत दी गई स्वीकृति अदालत में साक्ष्य के रूप में स्वीकार की जा सकती है? | हाँ, यदिपक्षकारनेउसव्यक्तिकोअधिकृतकियाहो |
धारा 18 के तहत क्या वह स्वीकृति साक्ष्य मानी जाएगी जो वाद के पक्षकार की जानकारी के बिना की गई हो? | नहीं, जबतकअधिकृतनकियागयाहो |
क्या किस परिस्थिति में अधिकृत व्यक्ति की स्वीकृति पक्षकार के विरुद्ध उपयोग की जा सकती है? | जबवहपक्षकारद्वाराअभिव्यक्तरूपसेअधिकृतकियागयाहो |
किसी कंपनी द्वारा नियुक्त अधिकृत प्रतिनिधि की स्वीकृति कंपनी के विरुद्ध प्रासंगिक साक्ष्य मानी जा सकती है? | हाँ,
|
यह प्रश्न है कि क्या क द्वारा ख को बेचा हुआ घोड़ा अच्छा है, ख से क कहता है कि "जा कर ग से पूछ लो, ग इस बारे में सब कुछ जानता है" क्या ग का कथन स्वीकृति है? | हाँ,
|
धारा 19 किस विषय से सम्बंधित है? | स्वीकृतियोंकाउन्हेंकरनेवालेव्यक्तियोंकेविरुद्धऔरउनकेद्वारायाउनकीओरसेसाबितकियाजाना (Proof of admissions against persons making them, and by or on their behalf) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 19 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | यहनिर्धारितकरनाकिस्वीकृतिकिसकेविरुद्धऔरकिसकेद्वारासाबितकीजानीचाहिए |
धारा 19 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति कोई तथ्य स्वीकार करता है, तो वह स्वीकृति किसके विरुद्ध साक्ष्य मानी जाएगी? | उसीव्यक्तिकेविरुद्धजिसनेउसेकिया |
धारा 19 के अनुसार स्वीकृति को किसके द्वारा साबित किया जाना आवश्यक है? | उसीव्यक्तिद्वारायाउसकीओरसे |
यदि कोई अभियुक्त गिरफ्तारी से पहले कहता है कि उसने अपराध किया, तो वह कथन किसके विरुद्ध साक्ष्य मानी जाएगी? | अभियुक्तकेविरुद्धसुसंगतसाक्ष्यमानाजाएगा |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, स्वीकृति करने वाले के विरुद्ध उसका ही कथन सुसंगत हो सकता है? | महाराष्ट्रराज्यबनामकमालअहमदमोहम्मदवकीलअंसारी (एआईआर 2013 एससी 1441) |
धारा 19 की दृष्टि से “स्वीकृति” को कौन साबित कर सकता है? | वहीव्यक्तिजिसनेउसेकियायाउसकेपक्षसेकार्यरतव्यक्ति |
क्या धारा 19 के अंतर्गत अभियुक्त की पूर्व में दी गई स्वीकृति का उपयोग सह-अभियुक्त के विरुद्ध किया जा सकता है? | नहीं, केवलउसकेस्वयंकेविरुद्ध |
न्यायालय कब धारा 19 के अंतर्गत किसी स्वीकृति को साक्ष्य मानेगा? | जबवहप्रासंगिकहोऔरउसीव्यक्तिकेविरुद्धहो |
क्या कोई अभियुक्त स्वयं अपनी स्वीकृति को साबित कर सकता है? | हाँ, धारा 19 इसेअनुमतिदेतीहै |
स्वीकृति का क्या प्रभाव होता है जब उसे करने वाला व्यक्ति उसे न्यायालय में नकारता है? | उसेअन्यसाक्ष्योंद्वारासाबितकियाजासकताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 कौन सी धारा जबदस्तावेजोंकीअन्तर्वस्तुकेबारेमेंमौखिकस्वीकृतिसुसंगतहोतीहै (When oral admissions as to contents of documents are relevant), से संबंधित है? | धारा 20 |
धारा 20 का संबंध किससे है? | मौखिकस्वीकृतिद्वारादस्तावेज़कीअन्तर्वस्तुकोसाबितकरनेसे |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 20 के अनुसार, मौखिक स्वीकृति दस्तावेज की अन्तर्वस्तु के संबंध में कब सुसंगत मानी जाती है? | जबवहस्वीकृतिउसव्यक्तिद्वाराकीगईहोजोदस्तावेज़केलिएबाध्यहैयाउसपरअधिकारजताताहै |
मौखिक स्वीकृति किसी दस्तावेज की अन्तर्वस्तु के बारे में कब प्रासंगिक नहीं होगी? | जबवहकिसीअसंबंधितव्यक्तिद्वाराकीगईहो |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, मौखिक स्वीकृति दस्तावेज के स्थान पर तब सुसंगत हो सकती है, जब लिखित दस्तावेज़ खो गया हो? | केसलॉ: भींकाबनामचरणसिंह (एआईआर 1959 एससी 960) |
क्या दस्तावेज़ की अन्तर्वस्तु का प्रमाण मौखिक स्वीकृति से सामान्यतः दिया जा सकता है? | नहीं, जबतककिधारा 20 केअपवादनलागूहों |
यदि कोई व्यक्ति किसी संपत्ति के विक्रय-पत्र की मौखिक स्वीकृति करता है, परन्तु वह दस्तावेज न्यायालय में पेश नहीं होता, तो क्या स्वीकृति सुसंगत है? | सुसंगतनहींहै |
धारा 20 के तहत कौन-सी स्थिति मौखिक स्वीकृति को वैध बनाती है? | स्वीकृतिउसव्यक्तिद्वाराकीगईहोजोदस्तावेजसेबाध्यहै |
कौन-सी धारणा धारा 20 में अंतर्निहित है? | मौखिकसाक्ष्यकेवलतभीमान्यहैजबवहप्रासंगिकव्यक्तिद्वाराकियागयाहो |
क्या कोई तीसरा व्यक्ति किसी दस्तावेज़ की मौखिक स्वीकृति कर सकता है जिससे वह बाध्य नहीं है? | नहीं, उसकीस्वीकृतिसुसंगतनहींहोगी |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 कौन सी धारा सुसंगतहोनेपरसिविलमामलोंमेंस्वीकृति (Admissions in civil cases when relevant) से संबंधित है। | धारा 21 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 21 किस प्रकार के मामलों से संबंधित है? | केवलसिविल |
सिविल मामलों में, एक पक्षकार द्वारा स्वीकृति सुसंगत मानी कब जाएगी? | जबवहविरोधीपक्षकेविरुद्धहो |
सिविल वाद में स्वीकृति किस परिस्थिति में अपने पक्ष में होते हुए भी सुसंगत हो सकती है? | जबवहअन्यपक्षकीप्रतिक्रियामेंहो |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, स्वीकृति सिविल मामलों में तब सुसंगत होती है, जब वह पक्षकार द्वारा की गई हो और विरोधी पक्ष के विरुद्ध हो? | बिहारराज्यबनामराधाकृष्णसिंह (एआईआर 1983 एससी 684) |
धारा 21 के अंतर्गत, क्या एक पक्षकार की स्वीकृति जो केवल उसके ही पक्ष में है, सामान्यतः सुसंगत होगी? | नहीं, जबतकविशिष्टशर्तेंपूरीनहों |
क्या विरोधी पक्ष की मौन प्रतिक्रिया किसी स्वीकृति को सुसंगत बना सकती है? | हाँ, यदिमौनस्वीकारकरनेकेबराबरहो |
यदि एक पक्षकार दस्तावेज़ में कुछ स्वीकार करता है, तो वह सिविल मामले में किसके विरुद्ध सुसंगत हो सकता है? | विरोधीपक्षकेविरुद्ध |
न्यायालय किस परिस्थिति में स्वीकृति को सुसंगत नहीं मानेगा? | जबवहकेवलअपनेपक्षमेंहोऔरकोईप्रतिक्रियानहो |
धारा 21 के अंतर्गत स्वीकृति का प्रभाव किस पर अधिक होता है? | विरोधीपक्षकेविरुद्धसाक्ष्यकेरूपमें |
सिविल मामले में एक वादी कहता है – "उत्तरदाता ने जमीन मुझे बेच दी थी" यदि उत्तरदाता इसका विरोध नहीं करता, तो क्या यह मौनस्वीकृतिमानीजासकतीहै? | हाँ |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 22 किससे संबंधित है?
| उत्प्रेरणा, धमकी, प्रपीड़न यावचनद्वाराकराईगईसंस्वीकृतिदाण्डिककार्यवाहीमेंकबविसंगतहोतीहै (Confession caused by inducement, threat, coercion or promise, when irrelevant in criminal proceeding) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 22 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | यहसुनिश्चितकरनाकिसंस्वीकृतिस्वतंत्रहो, उत्प्रेरणायादबावसेनहीं |
किस स्थिति में अभियुक्त की संस्वीकृति असंगत मानी जाएगी? | जबवहधमकीयालाभकेवचनसेलीगईहो |
‘उत्प्रेरणा’ शब्द का अर्थ क्या है धारा 22 के संदर्भ में? | किसीलाभकासंकेतदेनाजिससेअभियुक्तसच्चाईनबोले |
धारा 22 के अंतर्गत, किसके द्वारा की गई उत्प्रेरणा या धमकी को असंगत माना जाता है? | किसीभीव्यक्तिद्वाराजिसेअभियुक्तअधिकारमानताहो |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, धमकी या उत्प्रेरणा द्वारा ली गई संस्वीकृति असंगत है? | पकालानारायणस्वामीबनामसम्राट (एआईआर 1939 पीसी 47) |
यदि अभियुक्त पुलिस हिरासत में कहता है "मैंने अपराध किया", और उसे यह विश्वास दिलाया गया हो कि इससे उसकी सजा कम हो सकती है यह संस्वीकृति कैसी होगी? | धारा 22 केतहतअसंगतहोगी |
धारा 22 के अनुसार, कौन-सी शर्त संस्वीकृति को सुसंगत बना सकती है, भले ही उत्प्रेरणा मौजूद हो? | अभियुक्तनेस्वतन्त्ररूपसेदीहो |
यदि अभियुक्त को यह आश्वासन दिया गया कि यदि वह अपराध स्वीकार करेगा तो उसे रिहा कर दिया जाएगा यह संस्वीकृति कैसी होगी? | स्वीकृतिधारा 22 केतहतअसंगतमानीजाएगी |
धारा 22 का संबंध किस कानूनी सिद्धांत से है? | आत्म-अभिस्वीकृतिकेविरुद्धसंरक्षण |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, उत्प्रेरणा, धमकी से की गई संस्वीकृति निष्प्रभावी है? | पंजाबराज्यबनामहरजगदेवसिंह (एआईआर 2009 एससी 152) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 23(I) किससे संबंधित है? | पुलिसअधिकारीकेसमक्षसंस्वीकृति (Confession to police officer) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 23 किस विषय से संबंधित है? | पुलिसअधिकारीकेसमक्षकीगईसंस्वीकृति |
धारा 23 के अनुसार, अभियुक्त द्वारा पुलिस अधिकारी के समक्ष की गई संस्वीकृति किस मामले में न्यायालय ने माना कि, कब तक अस्वीकार्य होती है | जबतकमजिस्ट्रेटकेसमक्षनहो |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, पुलिस के समक्ष की गई संस्वीकृति— सुसंगत हो सकती है यदि उससे कोई तथ्य बरामद हुआ हो? | केसलॉ: उत्तरप्रदेशराज्यबनामदेवमनउपाध्याय (एआईआर 1960 एससी 1125) |
धारा 23 में 'पुलिस अधिकारी' का क्या महत्व है? | उसकेसमक्षकियागयाकथनसामान्यतःसाक्ष्यनहींमानाजाएगा |
यदि अभियुक्त पुलिस के सामने स्वीकार करता है – "मैंने हत्या की और चाकू झाड़ियों में छुपाया" – और पुलिस उस चाकू को बरामद करती है, तो क्या यह सुसंगत है? | केवलचाकूकीबरामदगीसुसंगतहै |
धारा 23 के अंतर्गत कौन-सा भाग साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | केवलवहभागजिससेकोईठोसवस्तुप्राप्तहो |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, पुलिस के समक्ष की गई संस्वीकृति में केवल ‘खोज से संबंधित’ तथ्य सुसंगत होते हैं? | पुलुकुरीकोट्टायाबनामएम्परर (एआईआर 1947 पीसी 67) |
किस धारा में पुलिस के समक्ष की गई संस्वीकृति को सीमित रूप से सुसंगत माना गया है? | धारा 27 |
क्या पुलिस द्वारा गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई संस्वीकृति सुसंगत होती है? | नहीं, जबतकवहमजिस्ट्रेटद्वाराप्रमाणितनहो |
न्यायिक दृष्टिकोण से, पुलिस के समक्ष की गई संस्वीकृति को अस्वीकार करने का क्या उद्देश्य है? | अभियुक्तकोउत्पीड़नसेबचाना |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 कौन सी धारा साबित संस्वीकृति को, जो उसे करने वाले व्यक्ति और एक ही अपराध के लिए संयुक्त रूप से विचारित अन्य को प्रभावित करती है विचार में लेना से संबंधित है | धारा 24
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 24 किस विषय से संबंधित है? | संयुक्तअभियुक्तोंकेविरुद्धसंस्वीकृतिकाप्रयोग (Consideration of proved confession affecting person making it and others jointly under trial for same offence) |
संयुक्त अभियुक्तों के संदर्भ में, एक अभियुक्त की संस्वीकृति दूसरे अभियुक्त के विरुद्ध कब सुसंगत होती है? | जबदोनोंपरएकहीअपराधकेलिएसंयुक्तरूपसेविचारहोरहाहो |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, केवल पुष्टि के लिए उपयोगी होती है? | केसलॉ: कश्मीरासिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य (एआईआर 1952 एससी 159) |
धारा 24 के तहत किन शर्तों में संस्वीकृति सह-अभियुक्त के विरुद्ध उपयोग की जा सकती है? | जबदोनोंपरएकहीअपराधकेलिएसंयुक्तरूपसेविचारहोरहाहोऔरसंस्वीकृतिअपराधसेसंबंधितहो |
संस्वीकृति को अन्य सह-अभियुक्त के विरुद्ध प्रयोज्य बनाने हेतु सबसे महत्वपूर्ण शर्त कौन-सी है? | सह-अभियुक्तोंपरएकसाथविचारकियाजाना |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, केवल सहायक साक्ष्य मानी जाती है? | हरिचरणकुर्मीबनामबिहारराज्य (एआईआर 1964 एससी 1184) |
संयुक्त अभियुक्तों के संदर्भ में, क्या सही है? | यहीकि एककीसंस्वीकृतिदूसरेकेलिएबिनाअन्यप्रमाणकेपर्याप्तनहींहोती |
यदि एक अभियुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष अपराध स्वीकार करता है और उस संस्वीकृति में सह-अभियुक्त का नाम भी आता है, तो सह-अभियुक्त के विरुद्ध कब ही प्रयोग होगी? | सह-अभियुक्तकेविरुद्धतबहीप्रयोगहोगीजबदोनोंसंयुक्तरूपसेविचारितहोरहेहों |
क्या सह-अभियुक्त की संस्वीकृति को मुख्य साक्ष्य के रूप में उपयोग करने की अनुमति दी गयी है? | नहीं अधिनियमद्वारास्पष्टरूपसेनिषेधकीगईहै |
संस्वीकृति कब विचारणीय होती है | जबवहमजिस्ट्रेटकेसमक्षहोऔरअपराधकीसच्चाईकोउजागरकरे |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 कौन सी धारा स्वीकृतियांनिश्चायकसबूतनहींहैकिंतुविबंधकरसकती (Admissions not conclusive proof, but may estop) हैं, से संबंधित है | धारा 25
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 25 का उद्देश्य क्या है? | स्वीकृतिकोसहायकसाक्ष्यकेरूपमेंमान्यतादेना |
स्वीकृति को न्यायालय द्वारा निश्चायक साक्ष्य न माने जाने का क्या तात्पर्य है? | उसेअन्यसाक्ष्यद्वारापुष्टिकरनीहोगी |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, संस्वीकृति को अकेले दोष सिद्ध करने हेतु प्रयुक्त नहीं किया जा सकता? | कश्मीरासिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य (एआईआर 1952 एससी 159) |
“विबंध कर सकती है” शब्द का सही अर्थ क्या है? | संस्वीकृतिन्यायालयकोबाध्यकरेगीयदिपुष्टहो |
धारा 25 के अनुसार, संस्वीकृति किस रूप में प्रयुक्त नहीं हो सकती? | मुख्यसाक्ष्यकेरूपमें |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, संस्वीकृति अकेले दोष सिद्ध करने हेतु पर्याप्त नहीं? | सहदेवनबनामतमिलनाडुराज्य (2012) |
क्या संस्वीकृति न्यायालय के निर्णय को प्रभावित कर सकती है यदि वह पुष्ट हो? | हाँ, वहन्यायालयकोदोषसिद्धकरनेहेतुप्रेरितकरसकतीहै |
“निश्चायक साक्ष्य” का क्या अर्थ है? | ऐसासाक्ष्यजोन्यायालयकोबाध्यकरदे |
धारा 25 के तहत स्वीकृति किस स्थिति में अदालत को अभियुक्त के विरुद्ध राय बनाने के लिए बाध्य कर सकती है? | जबसंस्वीकृतिपुष्टहोऔरपरिस्थितियाँसमर्थनकरें |
क्या एकमात्र संस्वीकृति पर दोष सिद्धि संभव है? | नहीं, उसेअन्यसाक्ष्यद्वारापुष्टकरनाआवश्यकहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 26 किससे संबंधित है?
| वेदशाएंजिनमेंउसव्यक्तिद्वारासुसंगततथ्यकाकियागयाकथनसुसंगतहैजोमरगयाहैयामिलनहींसकता, प्रासंगिकहै (Cases in which statement of relevant fact by person who is dead or cannot be found, etc., is relevant) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 26 किस विषय से संबंधित है? | मृतव्यक्तिकेकथनकीसुसंगति |
कौन-सी स्थिति धारा 26 के अंतर्गत आती है? | जबव्यक्तिमरगयाहै |
मृत्युपूर्व घोषणा किस धारा में आता है? | धारा 26 |
| किस मामले में न्यायालय ने माना कि, मृत्युपूर्व घोषणा मृत्यु की आशंका के कारण किया गया कथन हो सकता है? | पकालानारायणस्वामीबनामसम्राट (एआईआर 1939 पीसी 47) |
क्या मृत्यु-पूर्व कथन न्यायालय में साक्ष्य के रूप में मान्य है? | हाँ, यदिवहमृत्युकेकारणोंसेसंबंधितहै |
किस मामले में न्यायालय ने माना कि, मृत्युपूर्व घोषणा को मंडन की आवश्यकता नहीं? | शरदबिरधीचंदसारडाबनाममहाराष्ट्रराज्य (एआईआर 1984 एससी 1622) |
धारा 26 के अंतर्गत, व्यक्ति का कौन सा कथन सुसंगत होगा जो? | मरनेसेपहलेमृत्युकेकारणोंकेबारेमेंकियागयाहो |
क्या धारा 26 के अंतर्गत मौखिक मृत्युपूर्व कथन मान्य होती है? | हाँ, यदिउसेविश्वसनीयव्यक्तिनेसुनाहो |
मृत्युपूर्व घोषणा के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व कौन-सा होता है? | कथनकीस्वेच्छाऔरसत्यता |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा किसीसाक्ष्यमेंकथिततथ्योंकीसत्यताकोपश्चातवर्तीकार्यवाहीमेंसाबितकरनेकेलिएउससाक्ष्यकीसुसंगति (Relevancy of certain evidence for proving, in subsequent proceeding, truth of facts therein stated) से संबंधित है? | धारा 27
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| धारा 27 के अनुसार, किस परिस्थिति में एक गवाह का पूर्व में दिया गया बयान बाद की न्यायिक कार्यवाही में प्रासंगिक होता है | जबगवाहमृतहोयाअनुपलब्धहो |
| धारा 27 के तहत, पूर्व में दिए गए बयान की सुसंगति को साबित करने के लिए कौन सा तत्व आवश्यक है? | बयानकाप्रमाणिकहोना, बयानकान्यायिककार्यवाहीमेंहोना, बयानकागवाहद्वारादियाजाना |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा लेखा-पुस्तकोंकीप्रविष्टियांकबसुसंगत (Entries in books of account when relevan) हैं से संबंधित है। | धारा 28 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा कर्तव्यपालनमें कीगईलोकअभिलेखयाइलैक्ट्रॉनिकीअभिलेखकीप्रविष्टियाँकीसुसंगति(Relevancy of entry in public record or an electronic record made in performance of duty) से संबंधित है। | धारा 29
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा मानचित्रों, चार्टोंऔररेखांकोंकेकथनोंकीसुसंगति(Relevancy of statements in maps, charts and plans) से संबंधित है। | धारा 30 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा किन्हीअधिनियमोंयाअधिसूचनाओंमेंअन्तर्निविष्टसार्वजनिकप्रकृतिकेतथ्यकेरूपमेंकथनकीसुसंगति (Relevancy of statement as to fact of public nature contained in certain Acts or notification) से संबंधित है। | धारा 31 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा विधिकीपुस्तकोमेंअन्तर्निविष्टकिसीविधिकेकथनोकीसुसंगति (Relevancy of statements as to any law contained in law books including electronic or digital form) से संबंधित है। | धारा 32
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की भारतीय संविधान की धारा 33 किससे संबंधित है? | कथनकिसीबातचीत, दस्तावेज, इलैक्ट्रानिकअभिलेख, पुस्तकयापत्रोंयाकागज-पत्रोंकीआवलीकाभागहोतबक्यासाक्ष्यदियाजाए (What evidence to be given when statement forms part of a conversation, document, electronic record, book or series of letters or papers) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा द्वितीयवादयाविचारणकेवारणार्थपूर्वनिर्णयसुसंगत (Previous judgments relevant to bar a second suit or trial) से संबंधित है। | धारा 34
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धारा 34 का उद्देश्य क्या है? | एकहीविवादपरपुनःमुकदमाचलानेसेरोकना |
धारा 34 के अनुसार, किस स्थिति में पूर्व निर्णय प्रासंगिक होता है? | जबवहीपक्षऔरवहीविवादहो |
धारा 34 के तहत, किसे 'संबंधित तथ्य' माना जाता है? | न्यायालयकाआदेश, निर्णययाडिक्री |
धारा 34 के अनुसार, पुनः मुकदमा चलाने से रोकने के लिए निर्णय की क्या स्थिति होनी चाहिए? | निर्णयअंतिमऔरनिर्विवादहोनाचाहिए |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा प्रोबेटइत्यादिविषयकअधिकारिताकेकिन्हींनिर्णयोंकीसुसंगति(Relevancy of certain judgments in probate, etc., jurisdiction) से संबंधित है। | धारा 35
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 35 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | विशेषन्यायक्षेत्रकेनिर्णयोंकीसुसंगतितयकरना |
धारा 35 के तहत दिए गए निर्णय कब प्रासंगिक माने जाते हैं? | जबवेनिष्पक्षऔरअंतिमनिर्णयहों |
धारा 35 के अंतर्गत प्रोबेट से क्या तात्पर्य है? | संपत्तिकेउत्तराधिकारकाप्रमाणपत्र |
कौन-सा केस धारा 35 के सिद्धांत से जुड़ा हुआ माना जाता है? | एमएसटी. जागीरकौरबनामजसवन्तसिंह (पुनःविवाहकीवैधता) |
धारा 35 के अंतर्गत “अंतिम निर्णय" का तात्पर्य क्या है? | अपीलीयप्रक्रियासेरहितनिर्णायकआदेश |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “धारा35 मेंवर्णितसेभिन्ननिर्णयोंआदेशयाडिकियोंकीसुसंगतिऔरप्रभावों (Relevancy and effect of judgments, orders or decrees, other than those mentioned in section 35) से संबंधित है। | धारा 36
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धारा 36 के अंतर्गत, किन निर्णयों की सुसंगति पर विचार किया जाता है? | धारा 35 केअतिरिक्तअन्यसभीन्यायिकनिर्णय, आदेशयाडिक्री |
धारा 36 के अनुसार, क्या कोई पूर्व न्यायिक निर्णय स्वतः ही सभी अन्य कार्यवाहियों में बाध्यकारी होता है? | नहीं, सुसंगतिन्यायालयद्वारातयकीजातीहै |
कौन-सा निर्णय धारा 36 के अंतर्गत आता है? | किसीदीवानीन्यायालयकीअंतरिमडिक्री |
किस धारा के अनुसार निर्णयों की सुसंगति परिस्थितियों और विवाद के प्रकृति पर निर्भर करती है, कथन सही है? | धारा 36 |
धारा 36 के अनुसार, यदि कोई निर्णय पूर्व में अन्य पक्षों के संबंध में दिया गया था, तो उसकी सुसंगति कब हो सकती है? | जबवहपूर्वगामीऔरसमानतथ्यात्मकपृष्ठभूमिपरआधारितहो |
किस न्यायिक निर्णय में "पूर्ववर्ती निर्णय की सुसंगति" के सिद्धांत को दोहराया गया? | सत्यध्यानघोषालबनामदेवराजिनदेबी |
"रेसजुडिकाटा” सिद्धांत किस धारा से सबसे अधिक मेल खाता है? | धारा 36 |
क्या धारा 36 के अंतर्गत दिए गए आदेश भविष्य की कार्यवाहियों में निर्णायक माने जाते हैं? | नहीं, वेकेवलपरिस्थितिजन्यसाक्ष्यहैं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 37 किससे संबंधित है?
| धारा34 धारा35 औरधारा36 मेंवर्णितसेभिन्ननिर्णयआदिकासुसंगतहैं (Judgments, etc., other than those mentioned in sections 34, 35 and 36 when relevant) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 37 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | ऐसेनिर्णयोंकीसुसंगतिकोतयकरनाजोधारा 34, 35 या 36 मेंकवरनहींहैं |
धारा 37 के अंतर्गत निर्णय कब प्रासंगिक माने जाते हैं? | जबवेअन्यधाराओंमेंउल्लिखितनहों, फिरभीकिसीतथ्यकीसुसंगतिसिद्धकरें |
क्या धारा 37 के अंतर्गत आने वाले निर्णय बाध्यकारी होते हैं? | नहीं, वेकेवलसुसंगतिकेरूपमेंदेखेजातेहैं |
धारा 37 में जिस प्रकार के निर्णयों की बात की गई है, वे किस प्रकार के साक्ष्य होते हैं? | अनुमेयपरिस्थितिजन्यसाक्ष्य |
कौन-सा केस धारा 37 में वर्णित सिद्धांत के निकटतम माना जा सकता है? | राजलक्ष्मीदासीबनामबनमालीसेन– पूर्वनिर्णयकीसुसंगति |
धारा 37 के अंतर्गत जो निर्णय सुसंगत माने जाते हैं, उनका प्रभाव मुख्यतः क्या होता है? | न्यायालयसुसंगतिकेरूपमेंविचारकरसकताहै |
किस स्थिति में धारा 37 लागू नहीं होगी? | जबनिर्णयधारा 35 मेंकवरहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “निर्णयअभिप्राप्तकरनेमेंकपटयादुस्संधियान्यायालयकीअक्षमतासबितकीजासकेगी”(Fraud or collusion in obtaining judgment, or incompetency of Court, may be proved)से संबंधित है? | धारा 38
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| धारा 38 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | निर्णयकीसुसंगतिकोचुनौतीदेनेहेतुकपट, धोखायान्यायालयकीअक्षमताकोप्रमाणितकरनेकीअनुमतिदेना |
यदि कोई पक्ष यह प्रमाणित करता है कि निर्णय कपट से प्राप्त किया गया था, तो क्या न्यायालय उस निर्णय को स्वीकार करेगा? | नहीं, कपटसाबितहोनेपरनिर्णयसुसंगतनहींरहेगा |
धारा 38 के अनुसार, किन स्थितियों में किसी निर्णय की सुसंगति को चुनौती दी जा सकती है? | कपट, दुस्संधियान्यायालयकीअधिकारकीकमीपर |
“धोखाधड़ी सब कुछ बिगाड़ देती है” इस सिद्धांत को भारतीय न्यायपालिका ने किस केस में अपनाया? | एस.पी. चेंगलवरायनायडूबनामजगन्नाथ |
यदि किसी निर्णय में न्यायालय की क्षेत्राधिकार नहीं थी, तो धारा 38 के अंतर्गत उसका क्या प्रभाव होगा? | वहनिर्णयसुसंगतनहींमानाजाएगा |
“रेस जुडिकाटा”का अपवाद धारा 38 में कब लागू होता है? | जबपहलेनिर्णयमेंधोखायाकपटसाबितहो |
क्या धारा 38 केवल दीवानी मामलों पर लागू होती है? | नहीं, यहदीवानीवआपराधिकदोनोंप्रकारकेमामलोंमेंलागूहोसकतीहै |
धारा 38 के अंतर्गत क्या धोखे से प्राप्त निर्णय को वैध माना जाएगा? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “विशेषज्ञोंकीराय(Opinions of experts)” से संबंधित है? | धारा 39 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 39 के अंतर्गत विशेषज्ञ से क्या अभिप्राय है? | ऐसाव्यक्तिजोविज्ञान, कलायाकानूनआदिमेंविशेषज्ञानरखताहो |
क्या विशेषज्ञ की राय न्यायालय को बाध्य करती है? | नहीं, न्यायालयउसपरविचारकरताहैपरबाध्यनहींहोता |
क्या मजिस्ट्रेट विशेषज्ञ माना जाएगा? | नहीं |
विशेषज्ञ की राय किस परिस्थिति में प्रासंगिक होती है? | जबविषयतकनीकीहोऔरन्यायालयस्वयंनिर्णयनहींलेसकता |
विशेषज्ञ की राय को साक्ष्य के रूप में कब तक उपयोग किया जा सकता है? | जबतकवहविशेषज्ञकेक्षेत्रसेसंबंधितहोऔरतार्किकरूपसेप्रस्तुतकीगईहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेषज्ञ की राय "सहायक साक्ष्य" है, न कि निर्णायक? | हिमाचलप्रदेशराज्यबनामजयलालएवंअन्य (1999) |
धारा 39 के अंतर्गत विशेषज्ञ की राय में कौन-सी राय शामिल नहीं है? | मजिस्ट्रेटद्वाराघटनाकाअवलोकन |
किसी दस्तावेज़ की हैंडराइटिंग की पहचान करने हेतु किसकी राय विशेषज्ञ राय मानी जाएगी? | ग्राफोलॉजिस्ट |
क्या न्यायालय विशेषज्ञ की राय पर पूर्णतः निर्भर रहता है? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “विशेषज्ञोंकीरायपरआधारिततथ्यों” (Facts bearing upon opinions of experts) से संबंधित है। | धारा 40 |
विशेषज्ञ की राय को समर्थन देने वाले तथ्यों की प्रासंगिकता किस धारा के अंतर्गत आती है? | धारा 40 |
यदि एक मेडिकल एक्सपर्ट कहता है कि जहर देने से शरीर में विशेष प्रकार के फोड़े उभरते हैं, और मृत शरीर पर वही फोड़े पाए जाते हैं, तो यह तथ्य किस प्रकार का होगा? | रायकासमर्थनकरनेवालातथ्य |
किस केस में न्यायालय ने माना कि विशेषज्ञ की राय अंतिम नहीं होती, बल्कि उसे समर्थन देने वाले तथ्यों की आवश्यकता होती है? | रमेशचंद्रअग्रवालबनामरीजेंसीहॉस्पिटललिमिटेड। |
| धारा 40 के अंतर्गत किन तथ्यों को स्वीकार किया जाता है? | जोविशेषज्ञकीरायकोसमर्थनयाखंडनकरतेहों |
किस मामले में न्यायलय ने कहा कि, विशेषज्ञ की राय तभी स्वीकार्य होती है जब उसका तर्कसंगत आधार हो? | हिमाचलप्रदेशराज्यबनामजयलाल |
किसी तथ्य को विशेषज्ञ की राय से जोड़ने के लिए उसे कैसा होना चाहिए? | रायकोप्रभावितकरनेवाला |
यदि किसी विशेषज्ञ की राय के खिलाफ कोई तथ्य प्रस्तुत किया जाता है जो उसके निष्कर्ष को गलत साबित करता है, तो यह कैसा साक्ष्य होगा? | खंडनकारीसाक्ष्य |
न्यायालय विशेषज्ञ की राय को स्वीकारने से पहले किन बातों का मूल्यांकन करता है? | रायकाआधारऔरउसेसमर्थनदेनेवालेतथ्य |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 41 किससे संबंधित है? | हस्तलेखऔरहस्ताक्षरकेसंबंधमेंराय, कबसुसंगतहै (Opinion as to handwriting and signature, when relevant) |
धारा 41 के अनुसार, हस्तलेख पर राय किस स्थिति में प्रासंगिक मानी जाती है? | जबरायदेनेवालाव्यक्तिउसहस्तलेखकोसामान्यतःपहचानताहो |
किस प्रकार का साक्ष्य धारा 41 के अंतर्गत हस्ताक्षर की पहचान के लिए उपयुक्त है? | उसव्यक्तिकीरायजोहस्ताक्षरकोअक्सरदेखाकरताथा |
धारा 41 के अंतर्गत किसकी राय न्यायालय में सुसंगत नहीं मानी जाएगी? | अजनबीजिसनेहस्तलेखकभीनहींदेखा |
किस केस में न्यायालय ने हस्ताक्षर की राय को महत्व दिया, जब विशेषज्ञ की राय को समर्थन करने वाले अन्य तथ्य मौजूद थे? | मोहनसिंहबनामपंजाबराज्य |
| हस्तलेख विशेषज्ञ की राय को न्यायालय कब विशेष महत्व देता है? | जबरायस्पष्ट, तकनीकीरूपसेविश्लेषितऔरतर्कसंगतहो |
यदि कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि वह नियमित रूप से किसी के हस्ताक्षर देखता था, तो उसकी राय किस श्रेणी में आएगी? | साक्ष्यकीश्रेणी |
| न्यायालय किस स्थिति में हस्तलेख विशेषज्ञ की राय को ठुकरा सकता है? | यदिरायकेवलअनुमानपरआधारितहो |
धारा 41 के अनुसार, क्या केवल राय से किसी दस्तावेज़ की प्रमाणिकता तय की जा सकती है? | नहीं, रायकोसमर्थनकरनेवालेतथ्योंकीभीआवश्यकताहोतीहै |
किस परिस्थिति में सामान्य व्यक्ति की राय भी हस्तलेख की पहचान में सुसंगत मानी जा सकती है? | जबवहव्यक्तिनियमितरूपसेउसहस्तलेखकोदेखताहो |
क्या बैंक कर्मचारी द्वारा चेक पर हस्ताक्षर की पुष्टि धारा 41 के अंतर्गत राय साक्ष्य मानी जा सकती है? | हां, यदिवहकर्मचारीनियमितरूपसेसिग्नेचरवेरीफाईकरताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “साधारणरुढ़ियाअधिकारकबअस्तित्वकेबारेमेंरायेकबसुसंगतहै”(Opinion as to existence of general custom or right, when relevant) से संबंधित है? | धारा 42
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की धारा 42 के अंतर्गत "साधारण रुदि" शब्द से क्या तात्पर्य है? | कोईस्थानीयमान्यताजोसमयकेसाथस्थापितहोगईहो |
किस प्रकार के व्यक्ति की राय "साधारण रुदि या अधिकार" के अस्तित्व पर प्रासंगिक नहीं मानी जाएगी? | जिसनेकेवलअफवाहोंसेसुनाहो |
किस मामले में न्यायलय ने कहा कि सामान्य रुदि के अस्तित्व को जानने वाले व्यक्ति की राय सुसंगत मानी जा सकती है? | मदुराकेकलेक्टरबनाममूटूरामालिंगासेतुपति (1868) |
न्यायालय किस आधार पर रिवाज तय करता? | यदिवहलंबेसमयतकलगातारअभ्यासमेंरहाहो |
क्या किसी बाहरी पर्यटक की राय किसी गांव की पारंपरिक जल उपयोग की रीतियों पर सुसंगत मानी जाएगी? | नहीं, क्योंकिवहउससमुदायकाहिस्सानहींहै |
| 'अधिकार के अस्तित्व' से धारा 42 में क्या आशय है? | ऐसाअधिकारजोकिसीसमूहकोसामूहिकरूपसेलागूहोताहो |
क्या एक विशेष जाति द्वारा अंतिम संस्कार की एक विशेष विधि अपनाना साधारण रुदि का उदाहरण है जो धारा 42 के तहत विचारणीय हो सकता है? | हाँ |
साधारण रुदि या अधिकार से संबंधित साक्ष्य न्यायालय में क्यों महत्वपूर्ण होते हैं? | क्योंकिन्यायालयकोकानूनीदृष्टिसेसहारामिलताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा प्रथाओं, सिद्धान्तोंआदिकेबारेमेंरायेंकबसुसंगतहैं(Opinion as to usages, tenets, etc., when relevant), से संबंधित है। | धारा 43 |
क्या किसी वैज्ञानिक विषय पर सामान्य ज्ञान रखने वाला व्यक्ति धारा 43 के अंतर्गत विशेषज्ञ माना जाएगा? | नहीं, केवलप्रमाणितयोग्यताऔरअनुभवरखनेवालाव्यक्तिहीविशेषज्ञहोताहै |
किस मामले में न्यायलय ने कहा कि विशेषज्ञ की राय अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि एक सहायक उपकरण है? | नारंगबनामपंजाबराज्य |
यदि एक विदेशी निवेश विवाद में जापानी कॉर्पोरेट कानून का प्रश्न उठता है, तो भारतीय न्यायालय किसकी राय पर भरोसा करेगा? | जापानीकानूनविशेषज्ञयाजापानीवकीलकीराय |
धारा 43 के तहत, ‘कला’ (art) शब्द की व्याख्या किस रूप में होती है? | प्रदर्शन, स्थापत्य, मूर्तिकला, संगीतआदिसहितकोईभीअभ्यासितरचनात्मकक्षेत्र |
एक जासूसी मामले में डीएनए विश्लेषण से मिली पहचान पर न्यायालय किसकी राय को अधिक मान्यता देगा? | फोरेंसिकडीएनएविशेषज्ञ |
विशेषज्ञ राय को धारा 43 के अंतर्गत कब "असंगत" माना जा सकता है? | जबवहरायउसकेक्षेत्रकेबाहरकीहो |
"विदेशी कानून" से संबंधित राय भारतीय न्यायालय कब स्वीकार करता है? | जबविशेषज्ञसंबंधितविदेशीकानूनकाविद्वानहो |
| क्या किसी इमारत के स्ट्रक्चरल विफलता के केस में आर्किटेक्ट की राय धारा 43 के अंतर्गत सुसंगत मानी जा सकती है? | हाँ, अगरवहस्ट्रक्चरलडिज़ाइनमेंविशेषज्ञहो |
| क्या केवल विशेषज्ञ की राय से दोष सिद्ध किया जा सकता है? | नहीं, रायकेसाथअन्यस्वतंत्रसाक्ष्यहोनाभीआवश्यकहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा नातेदारीकेबारेमेंरायकबसुसंगतहै (Opinion on relationship, when relevant) से संबंधित है, | धारा 44 |
धारा 44 के अनुसार नातेदारी के संबंध में कौन-सी राय सुसंगत मानी जाती है? | उसव्यक्तिकीराय, जोउसपरिवारकेसदस्योंमेंसेहैयारहाहै |
यदि कोई व्यक्ति कहता है कि उसने किसी रिश्ते के बारे में दूसरों से सुना है, तो उसकी राय कब सुसंगत मानी जा सकती है? | जबवहव्यक्तिपरिवारमेंशामिलरहाहोऔरप्रत्यक्षअनुभवहो |
| नातेदारी में "रक्त संबंध" की सुसंगतता तय करने में कौन सी राय अधिक मान्य है? | परिवारकेवृद्धसदस्यकीजोपीढ़ियोंसेउससंबंधकोजानताहै |
किस मामले में न्यायलय ने कहा कि पारिवारिक सदस्य द्वारा दी गई राय तथा नातेदारी के स्रोत को महत्वपूर्ण माना? | कल्याणसिंहबनामश्रीमती. छोटी |
किसी परिवार के सदस्य की राय नातेदारी से संबंधित कब असंगत मानी जाएगी? | जबवहस्वयंसंबंधमेंनहो, जबवहसंबंधकोनजदीकसेनहींजानताहो, जबउसकीरायकेवलअनुमानपरआधारितहो |
नातेदारी से संबंधित राय धारा 44 के अंतर्गत कब निर्णायक नहीं मानी जाती? | जबरायविरोधाभासीहोऔरप्रमाणितसाक्ष्यमौजूदहो |
क्या कोई व्यक्ति जो विवाह द्वारा परिवार में शामिल हुआ हो, उसकी राय नातेदारी के संबंध में प्रासंगिक मानी जाएगी? | हाँ, यदिवहलंबेसमयसेपरिवारकाहिस्साहैऔरसंबंधकोजानताहै |
क्या डीएनए रिपोर्ट नातेदारी से संबंधित राय के लिए आवश्यक शर्त है? | नहीं, यदिपारिवारिकरायऔरसामाजिकपहचानप्रबलहो |
| भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 45 साक्षी अधिनियम 2023 किससे संबंधित है? | रायकेआधारकबसुसंगतहैं (Grounds of opinion, when relevant) |
| भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 45 के अंतर्गत राय के आधार कब सुसंगत हैं? | जबकभीकिसीजीवितव्यक्तिकीरायसुसंगतहै, तबवेआधारभी, जिनपरवहआधारितहै, सुसंगतहैं |
एक विशेषज्ञ यदि केवल निष्कर्ष दे, लेकिन यह न बताए कि वह निष्कर्ष किस विधि से निकाला गया है, तो क्या होगा? | न्यायालयरायकोठुकरासकताहै |
क्या न्यायालय राय के आधार को स्वतंत्र रूप से जाँचने का अधिकार रखता है? | हाँ, न्यायालयविशेषज्ञकेआधारोंकीसमीक्षाकरसकताहै |
विशेषज्ञ द्वारा दी गई वैज्ञानिक राय में कौन-सी चीज़ सबसे आवश्यक मानी जाती है? | परीक्षणविधियाँऔरउसकापरिणाम |
यदि एक विशेषज्ञ ने अपने राय के समर्थन में प्रयोगशाला रिपोर्ट प्रस्तुत की है, तो न्यायालय को क्या करना चाहिए? | रिपोर्टकेतथ्योंऔरपरीक्षणप्रक्रियाकीविश्वसनीयताकापरीक्षणकरना |
क्या कोई विशेषज्ञ अपनी राय बनाने के प्रयोजनार्थ किए हुए प्रयोगों का विवरण दे सकता है? | हाँ, |
विशेषज्ञ की राय कब न्यायालय में अविश्वसनीय मानी जाती है? | जबउसकेआधारस्पष्टऔरप्रमाणिकनहों |
विशेषज्ञ यदि निष्कर्ष देता है, "यह दस्तावेज़ नकली है"—लेकिन प्रमाण नहीं देता — क्या यह स्वीकार्य है? | नहीं, जबतकवहअपनेनिष्कर्षकाआधारनहींबताए |
क्या न्यायालय को यह अधिकार है कि वह विशेषज्ञ की राय को नकार दे, भले ही उसके पास तकनीकी ज्ञान न हो? | हाँ, यदिरायअवैज्ञानिकहोयाअस्पष्टहो |
| क्या दो विशेषज्ञों की विपरीत राय की स्थिति में न्यायालय स्वयं तथ्यों का विश्लेषण कर सकता है? | हाँ, न्यायालयकोस्वतंत्रविवेककाअधिकारहै |
"विशेषज्ञ की राय तभी प्रासंगिक मानी जाती है, जब वह अपने निष्कर्ष की व्याख्या और उसके पीछे के कारण भी प्रस्तुत करे" यह सिद्धांत किस केस में स्थापित हुआ? | मोहम्मदअमनबनामराजस्थानराज्य |
यदि एक विशेषज्ञ गवाही देता है और उसके आधार तकनीकी भाषा में होते हैं, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | विशेषज्ञसेसरलभाषामेंव्याख्यामांगना |
कौन-सी स्थिति में न्यायालय विशेषज्ञ की राय को पूर्णतः अस्वीकार कर सकता है? | जबवहन्यायालयकोसंदेहजनकलगेऔरआधारहीनहो |
विशेषज्ञ की राय न्यायालय को किस रूप में दी जाती है? | सहायकसाक्ष्यकेरूपमें |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “सिविलमामलोंमेंअध्यारोपितआचरणसाबितकरनेकेलिएविसंगतहै”(In civil cases character to prove conduct imputed, irrelevant) से संबंधित है। | धारा 46
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धारा 46 के अंतर्गत, सिविल मामले में किसी व्यक्ति के चरित्र को किस स्थिति में स्वीकार किया जा सकता है? | जबउसकाचरित्रसीधेविवादिततथ्यसेसंबंधितहो |
कौन-से मामलों में धारा 46 की सीमा सबसे अधिक लागू होती है? | सिविलमुकदमे, जैसेमानहानियापरिवारिकविवाद |
किस केस में यह निर्णय दिया गया कि सिविल मामलों में चरित्र का प्रमाण केवल तब प्रासंगिक होता है जब वह विवाद के विषय से जुड़ा हो? | गुमानसिंहबनामराजस्थानराज्य |
सिविल मामले में यदि एक पक्ष दूसरे पक्ष के चरित्र पर बिना सुसंगतता के टिप्पणी करता है, तो न्यायालय: | उसेअस्वीकारकरेगा |
धारा 46 के अनुसार "अध्यारोपित आचरण" से क्या तात्पर्य है? | पहलेसेलगायागयानैतिकयासामाजिकव्यवहार |
क्या एक व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को सिविल विवाद में न्यायालय स्वीकार करेगा? | केवलतबजबप्रतिष्ठास्वयंविवादकाहिस्साहो |
यदि एक पक्ष यह कहता है कि "वादी स्वभाव से धोखेबाज़ है" — क्या यह सिविल केस में सुसंगत साक्ष्य होगा? | नहीं, जबतकयहसीधाविवादकाहिस्सानहो |
सिविल मुकदमे में "चरित्र प्रमाण" कब स्वीकार्य है? | जबवहकिसीआरोपकोसिद्धकरनेहेतुआवश्यकहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “दाण्डिकमामलोंमेंपूर्वतनअच्छाशीलसुसंगतहै”(In criminal cases previous good character relevant) से संबंधित है? | धारा 47
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| धारा 47 के अंतर्गत “पूर्वतन अच्छा शील” किसका संकेत देता है? | आरोपीकीपिछलीजीवनशैलीऔरप्रतिष्ठा |
| किस परिस्थिति में आरोपी अपने “अच्छे शील” को साक्ष्य में प्रस्तुत कर सकता है? | जबउसकेचरित्रकीप्रतिष्ठाअभियोजनद्वाराप्रश्नमेंलाईगईहो |
| किस केस में यह निर्णय दिया गया कि, अच्छे शील का प्रमाण केवल आम धारणा से मान्य है? | आरबनामरोटन (1865) |
| अभियोजन पक्ष किस स्थिति में आरोपी का "बुरा शील" प्रस्तुत कर सकता है? | जबआरोपीनेस्वयंअच्छाशीलप्रस्तुतकियाहो |
| क्या आरोपी के “पूर्व अच्छा शील” का साक्ष्य एकमात्र आधार पर बरी करने के लिए पर्याप्त है? | नहीं, अन्यसाक्ष्यभीआवश्यकहैं |
| धारा 47 के संदर्भ में "शील" शब्द का विधिक अर्थ क्या है? | सामाजिकप्रतिष्ठाकेबारेमेंसामान्यधारणा |
| किस केस में यह निर्णय दिया गया कि, आरोपी की चरित्र-संबंधी साक्ष्य की सीमा? | सरकारबनामबिहारराज्य (2020) |
| किस केस में यह निर्णय दिया गया कि , अच्छा शील अपराध सिद्धि को रोक नहीं सकता? | महाराष्ट्रराज्यबनामराकेश (2022) |
| धारा 47 में किस शब्द के आधार पर आरोपी का पूर्व आचरण न्यायिक रूप से स्वीकार किया जाता है? | प्रतिष्ठा |
| अगर आरोपी पहले कभी दोषमुक्त हुआ है, तो क्या वह “अच्छे शील” का प्रमाण प्रस्तुत कर सकता है? | हां, यदिउसकासामाजिकचरित्रअबभीअच्छाहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 48 किससे संबंधित है?
| कतिपयमामलों में शीलयापूर्वलैंगिकअनुभवकेसाक्ष्यकासुसंगतनहोना (Evidence of character or previous sexual experience not relevant in certain cases) |
| धारा 48 का उद्देश्य मुख्य रूप से क्या सुनिश्चित करना है? | पीड़िताकेसम्मानऔरनिजताकीरक्षाकरना |
| किस प्रकार के अपराध में धारा 48 का विशेष रूप से अधिक महत्व है? | बलात्कारऔरयौनउत्पीड़नसेसंबंधितअपराध |
किस केस में यह निर्णय दिया गया कि, पीड़िता के पूर्व संबंध को अप्रासंगिक माना गया? | पंजाबराज्यबनामगुरमीतसिंह (1996) |
धारा 48 किस सिद्धांत पर आधारित है? | पीड़िताकीपूर्वलैंगिकप्रवृत्तियोंसेसहमतिअनुमानितनहींकीजासकती |
किस स्थिति में न्यायालय धारा 48 के अंतर्गत साक्ष्य को अस्वीकार करेगा? | जबसाक्ष्यपीड़िताकेयौनइतिहाससेजुड़ाहो |
किस केस में, चरित्र हनन को अनुचित ठहराया गया? | आर. बनामसीबॉयर (1991, कनाडा) |
क्या अभियोजन पक्ष पीड़िता के चरित्र के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है? | नहीं, धारा48 ऐसासाक्ष्यप्रतिबंधितकरतीहै |
धारा 48 के प्रावधान किस प्रकार की मानसिकता का विरोध करते हैं? | विक्टिमब्लेमिंग (पीड़िताकोदोषदेना) |
क्या पीड़िता का "अश्लील पहनावा" धारा 48 के अंतर्गत सहमति सिद्ध करने के लिए सुसंगत साक्ष्य है? | नहीं, यहअसंगतहै |
पीड़िता के पूर्व संबंध अप्रासंगिक विधिक विचारधारा को बल किस केस में मिला? | तुकारामबनाममहाराष्ट्रराज्य (मथुराकेस, 1979) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “उत्तरमेंहोनेकेसिवायपूर्वतनबुराशीलसुसंगतनहींहै(Previous bad character not relevant, except in reply), किससे संबंधित है? | धारा 49
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धारा 49 के अंतर्गत "पूर्वतन बुरा शील" का साक्ष्य किस स्थिति में प्रस्तुत किया जा सकता है? | जबअभियुक्तनेअपनीअच्छाईकाप्रमाणप्रस्तुतकियाहो |
धारा 49 के अनुसार, किसी अभियुक्त का बुरा आचरण किस स्थिति में प्रासंगिक हो सकता है? | जबअभियुक्तस्वयंअपनेअच्छेचरित्रकाप्रमाणप्रस्तुतकरताहै |
किस प्रकार के मामलों में धारा 49 का पालन करना अनिवार्य होता है? | आपराधिकमामलोंमें |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “नुकसानीपरप्रभावडालनेवालाशील”(Character as affecting damages) से संबंधित है? | धारा 50 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 50 के अंतर्गत किस प्रकार का आचरण प्रासंगिक होता है? | कोईजानबूझकरकियागयाआचरण, जोनुकसानकाकारणबने |
धारा 50 के तहत, एक व्यक्ति के आचरण से अगर दूसरे को नुकसानी होती है, तो उसे कैसे स्वीकार किया जाएगा? | केवलगवाहकेबयानसे |
धारा 50 के अंतर्गत “नुकसानी पर प्रभाव डालने वाला शील” का संबंध किससे है? | किसीव्यक्तिकेव्यक्तिगतआचरणसेजोनुकसानकाकारणबनसकताहै |
“नुकसानी पर प्रभाव डालने वाला शील” को किसी प्रकार से प्रमाणित किया जा सकता है? | गवाहोंकेबयानद्वारा |
यदि किसी व्यक्ति का आचरण दूसरे व्यक्ति के लिए हानि का कारण बनता है, तो क्या यह धारा 50 के तहत स्वीकार्य होगा? | हां, यदिइसेप्रमाणितकियाजाए |
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भाग 3 सबूतकेविषय | |
अध्याय 3 तथ्यजिनकासाबितकियाजानाआवश्यकनहींहै | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस बात से संबंधित है कि न्यायिकरूपसेअवेक्षणीयतथ्यसाबितकरनाआवश्यकनहींहै(Fact judicially noticeable need not be proved) | धारा 51 |
जब न्यायालय किसी तथ्य को "न्यायिक रूप से ज्ञात" मानता है, तो उसका प्रभाव क्या होता है? | उसेसाक्ष्यकीआवश्यकतानहींहोती |
यदि कोई पक्ष न्यायालय से किसी तथ्य को न्यायिक रूप से अवेक्षणीय मानने का आग्रह करता है, और न्यायालय अनिश्चित है, तो वह क्या कर सकता है? | पक्षकोविश्वसनीयपुस्तक, अधिनियमयासरकारीदस्तावेज़प्रस्तुतकरनेकाअवसरदेसकताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा वेतथ्य, जिनकीन्यायिकअवेक्षा न्यायालयकरेगा (Facts of which Court shall take judicial notice) से संबंधित है? | धारा 52 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 52 के अंतर्गत न्यायालय किन तथ्यों की न्यायिक अवेक्षा कर सकता है? | ऐसेतथ्यजिन्हेंकानूनकेअनुसारसिद्धकरनेकीआवश्यकतानहींहोती |
धारा 52 के अनुसार, क्या न्यायालय किसी कानून की प्रामाणिकता को सिद्ध करने की अपेक्षा करता है? | नहीं, यदिवहभारतमेंलागूहै |
क्या न्यायालय को "भारत का राष्ट्रीय अवकाश 26 जनवरी" को सिद्ध करने की आवश्यकता है? | नहीं, क्योंकियहसामान्यज्ञाततथ्यहै |
किस केस में न्यायालय सामान्य रूप से ज्ञात तथ्यों की अवेक्षा कर सकता है सिद्धांत को दोहराया जो धारा 52 से जुड़ा है? | केसरसिंहबनामहरियाणाराज्य |
क्या न्यायालय को यह सिद्ध करने की आवश्यकता होती है कि "लोकसभा भारत की संसद का एक अंग है"? | नहीं, यहन्यायिकरूपसेअवेक्षणीयहै |
धारा 52 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | अदालतकासमयबचानाऔरसार्वजनिकज्ञाततथ्योंकोपुनःप्रमाणितकरनेकीआवश्यकताकोसमाप्तकरना |
क्या "भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है" — यह धारा 52 के अंतर्गत न्यायिक अवेक्षणीय तथ्य है? | हां, क्योंकियहसामान्यजानकारीहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 53 किससे संबंधित है?
| स्वीकृततथ्योंकोसाबितकरनाआवश्यकनहींहै (Facts admitted need not be proved) |
धारा 53 के अंतर्गत “स्वीकृत तथ्य” से क्या तात्पर्य है? | वहतथ्यजिसेदोनोंपक्षोंनेस्वीकारकरलियाहो |
दूसरेपक्षनेउसतथ्यकाखंडनकियाहै क्या धारा 53 लागू होगी? | नहीं |
क्या धारा 53 केवल सिविल वादों पर लागू होती है? | नहीं, यहसभीप्रकारकेवादोंपरलागूहोतीहै |
जब कोई तथ्य अदालत की कार्यवाही में प्रतिवादी द्वारा स्वीकार कर लिया जाए, तो उसका क्या परिणाम होता है? | उसेन्यायालयबिनाप्रमाणकेमानसकताहै |
क्या मौखिक रूप से दी गई स्वीकृति को भी धारा 53 के अंतर्गत माना जाता है? | हां, अगरवहस्पष्टऔरविवादरहितहो |
क्या कोर्ट स्वीकृत तथ्यों पर साक्ष्य की मांग कर सकता है? | हां, अगरवहतथ्यसंदेहास्पदप्रतीतहो |
क्या न्यायालय एक ऐसे तथ्य को बिना साक्ष्य के स्वीकार सकता है जिसे दोनों पक्षों ने रिकॉर्ड पर स्वीकार किया हो? | हां, धारा53 केअंतर्गत |
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अध्याय 4 (Chapter IV) | |
मौखिकसाक्ष्यकेविषयमें (Of Oral Evidence) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा मौखिकसाक्ष्यद्वारातथ्योंकासाबितकियाजाना(Proof of facts by oral evidence) से संबंधित है? | धारा 54 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के अनुसार, "मौखिक साक्ष्य" किसे कहते हैं? | कोईभीऐसीजानकारीजोप्रत्यक्षरूपसेकिसीव्यक्तिसेप्राप्तकीगईहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के अनुसार, किस स्थिति में मौखिक साक्ष्य का उपयोग नहीं किया जा सकता? | जबतथ्यकिसीदस्तावेज़केरूपमेंउपलब्धहों |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के तहत, क्या एक व्यक्ति का कहना कि "मैंने उस घटना को देखा" एक स्वीकार्य मौखिक साक्ष्य होगा? | हाँ, यदिवहव्यक्तिघटनाकाप्रत्यक्षगवाहहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के तहत, यदि कोई व्यक्ति दृश्य या श्रव्य साक्ष्य देने का दावा करता है, तो यह किस आधार पर स्वीकार किया जाएगा? | यदिव्यक्तिद्वारादीगईजानकारीप्रत्यक्षरूपसेघटनाओंकेआधारपरहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के अनुसार, क्या मौखिक साक्ष्य किसी स्थान या वस्तु के बारे में जानकारी देने में सहायक हो सकता है? | हाँ, यदिव्यक्तिनेइसेप्रत्यक्षरूपसेदेखाहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के तहत, मौखिक साक्ष्य का कोई प्रमाण देने से पहले न्यायालय क्या करेगा? | यहसुनिश्चितकरेगाकिसाक्ष्यप्रत्यक्षरूपसेप्राप्तकियागयाहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के तहत, कौन सा प्रकार का साक्ष्य अधिक विश्वसनीय माना जाता है? | मौखिकसाक्ष्य, जबयहस्पष्टरूपसेदेखाऔर सुनागयाहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के तहत, यदि एक व्यक्ति घटनास्थल पर नहीं था, तो क्या वह मौखिक साक्ष्य के रूप में किसी अन्य व्यक्ति के बयान को स्वीकार कर सकता है? | नहीं, क्योंकिवहस्वयंघटनास्थलपरनहींथा |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 54 के तहत, एक विशेषज्ञ द्वारा दी गई मौखिक राय किस प्रकार के मामलों में स्वीकार्य हो सकती है? | जबविशेषज्ञकीरायतकनीकीऔरविशेषरूपसेप्रशिक्षितहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा मौखिकसाक्ष्यकाप्रत्यक्षहोना(Oral evidence to be direct) से संबंधित है ? | धारा 55 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 55 के अनुसार, "मौखिक साक्ष्य का प्रत्यक्ष होना" का क्या अर्थ है? | गवाहकावहबयानजिसेउसनेघटनाकोप्रत्यक्षरूपसेदेखायासुनाहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 55 के तहत, "प्रत्यक्ष साक्ष्य" के बारे में क्या माना जाएगा? | गवाहकाअनुभव, जबउसनेघटनाकोदेखाऔरसुना |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 55 के तहत, यदि एक गवाह ने घटना को केवल सुना है, तो यह किस प्रकार का साक्ष्य माना जाएगा? | प्रत्यक्षसाक्ष्य |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 55 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति घटना को केवल परोक्ष रूप से जानता है, तो क्या उसकी गवाही प्रत्यक्ष साक्ष्य मानी जाएगी? | नहीं, यहअप्रत्यक्षसाक्ष्यहोगा |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 55 के तहत, कौन सा कथन सही है? | प्रत्यक्षसाक्ष्यकेवलउन्हींघटनाओंकेबारेमेंहोसकताहैजिन्हेंगवाहनेप्रत्यक्षरूपसेदेखाऔरसुनाहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 55 के तहत, यदि कोई व्यक्ति केवल किसी घटना का अनुमान लगाता है, तो क्या उसकी गवाही प्रत्यक्ष साक्ष्य मानी जाएगी? | नहीं, क्योंकियहप्रत्यक्षअनुभवपरआधारितनहींहै
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अध्याय 5 (Chapter V) | |
दस्तावेजीसाक्ष्यकेविषयमें (Of Documentary Evidence) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा 56 किससे संबंधित है? | दस्तावेजोंकीअन्तर्वस्तुकासबूत (Proof of contents of documents) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 56 के अनुसार, किसी दस्तावेज़ की अन्तर्वस्तु को सिद्ध करने का सर्वोत्तम तरीका क्या है? | प्राथमिकसाक्ष्य |
धारा 56 के अंतर्गत, द्वितीयक साक्ष्य का प्रयोग कब किया जा सकता है? | जबदस्तावेज़मूलरूपमेंकोर्टमेंप्रस्तुतनकियाजासके |
कौन सा केस भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 56 की व्याख्या में प्रमुख माना गया है? | यूपीराज्यबनामराजनारायण
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किसी लिखित अनुबंध की सामग्री को प्रमाणित करने के लिए, कौन सा साक्ष्य स्वीकार्य नहीं होगा? | मौखिकगवाही |
धारा 56 के अनुसार, यदि एक दस्तावेज़ को विवादित किया गया है, तो कोर्ट किस प्रकार का साक्ष्य सबसे पहले स्वीकार करेगी? | प्राथमिक |
न्यायालय के अनुसार, “दस्तावेज़ की अन्तर्वस्तु को प्रमाणित करने का सर्वोत्तम तरीका” कौन सा है? | मूलदस्तावेज़ |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, दस्तावेज़ों को दिखाना गोपनीयता का उल्लंघन नहीं है? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामराजनारायण |
यदि मूल दस्तावेज़ गुम हो गया है, कौन सा साक्ष्य स्वीकार्य होगा? | द्वितीयकसाक्ष्य |
धारा 56 के अनुसार, जब दस्तावेज़ विवाद का मुख्य बिंदु हो, तब उसका प्रमाण कैसे दिया जाना चाहिए? | मूलदस्तावेज़द्वारा |
धारा 56 के अधीन, जब दस्तावेज़ की विषयवस्तु को ही चुनौती दी जाती है, तो सबसे पहले क्या किया जाना चाहिए? | दस्तावेज़कीमूलप्रतिपेशकीजाए |
धारा 56 के अंतर्गत, यदि मूल दस्तावेज़ जल गया हो, तो क्या विकल्प उपलब्ध है? | द्वितीयकसाक्ष्यकीअनुमतिदीजासकतीहै |
न्यायालय को किस परिस्थिति में द्वितीयक साक्ष्य की अनुमति देनी चाहिए? | जबमूलदस्तावेज़कीउपलब्धताअसंभवहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence) से संबंधित है? | धारा 57 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 57 के अनुसार, "प्राथमिकसाक्ष्य"(Primary evidence) का क्या तात्पर्य है? | दस्तावेज़कीमूलप्रति |
प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence)से अभिप्राय किस प्रकार के दस्तावेज़ से है? | जोप्रत्यक्षरूपसेदस्तावेज़कीमौलिकतादर्शाए |
प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence)के सिद्धांत को सर्वोच्च न्यायालय ने किस केस में प्रमुखता से दोहराया? | बिहारराज्यबनामराधाकृष्णसिंह |
किस स्थिति में न्यायालय द्वितीयक साक्ष्य की अनुमति देगा, बजाय प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence) के? | जबप्राथमिकसाक्ष्यउपलब्धनहोयाखोगयाहो |
प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence)किसे माना जाएगा? | मूलअनुबंधपत्र |
धारा 57 के अंतर्गत, कौन प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence) नहीं है? | मूलकीप्रमाणितप्रति |
प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence)के उपयोग में, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का प्रमाणन किस अधिनियम के तहत होता है? | आई. टी. अधिनियम, 2000 |
प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence)की वैधता को परखने के लिए न्यायालय सबसे पहले क्या देखता है? | दस्तावेज़कीमौलिकता |
किस केस में यह निर्णय दिया गया कि, केवल प्राथमिकसाक्ष्य(Primary evidence)द्वारा ही दस्तावेज़ सिद्ध किया जा सकता है? | बिहारराज्यबनामराधाकृष्णसिंह |
धारा 57 के अनुसार, क्या प्राथमिक साक्ष्य के अंतर्गत गवाहकाहलफनामा आता है? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा द्वितीयकसाक्ष्य(Secondary evidence) से संबंधित है? | धारा 58 |
धारा 58 के अनुसार, द्वितीयक साक्ष्य का प्रयोग कब तब किया जा सकता है? | जबमूलदस्तावेज़खोगयाहोयानष्टहोगयाहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "द्वितीयक साक्ष्य केवल तभी स्वीकार्य है जब उसके उपयोग की स्पष्ट आधार हो"? | बिहारराज्यबनामराधाकृष्णसिंह
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द्वितीयक साक्ष्य में कौन शामिल नहीं होता? | मूलदस्तावेज़ |
किस स्थिति में द्वितीयक साक्ष्य अनुचित माना जाएगा? | जबप्राथमिकसाक्ष्यआसानीसेउपलब्धहो |
यदि कोई व्यक्ति मूल दस्तावेज़ को जानबूझकर पेश नहीं करता, तो क्या न्यायालय द्वितीयक साक्ष्य को स्वीकार करेगा? | नहीं |
द्वितीयक साक्ष्य को मान्यता कब दी जाती है? | जबदस्तावेज़कीमौलिकताप्रमाणितकीगईहो |
कौन-सा कथन द्वितीयक साक्ष्य के बारे में गलत है? | इसकीवैधताकेलिएकारणदिखानाआवश्यकनहीं |
किस केस में न्यायालय ने कहा – "द्वितीयक साक्ष्य को तभी स्वीकार किया जाएगा जब इसका उपयोग उचित रूप से सिद्ध किया गया हो"? | राधाकृष्णसिंहबनामबिहारराज्य
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द्वितीयक साक्ष्य किस प्रकार की न्यायिक प्रणाली में विशेष महत्व रखता है? | सभीप्रकारकीन्यायिकप्रक्रियामें |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा दस्तावेजोंकाप्राथमिकसाक्ष्यद्वारासाबितकियाजाना(Proof of documents by primary evidence) से संबंधित है। | धारा 59 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 59 के अनुसार, दस्तावेज़ को सिद्ध करने के लिए किस प्रकार का साक्ष्य प्राथमिक रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए? | दस्तावेज़कीमूलप्रति |
धारा 59 के अनुसार, यदि मूल दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं है, तो किस प्रकार का साक्ष्य द्वितीयक साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | दस्तावेज़कीप्रमाणितप्रति |
धारा 59 में उल्लेखित "प्राथमिक साक्ष्य" का क्या तात्पर्य है? | दस्तावेज़कीमूलप्रति |
द्वितीयक साक्ष्य को स्वीकार करने के लिए न्यायालय को किस बात का संतोष होना चाहिए? | दस्तावेज़कीअसलियतसिद्धकीजाए |
किस स्थिति में प्राथमिक साक्ष्य को स्वीकार नहीं किया जाता है? | दस्तावेज़विवादितहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी अवस्थाएंजिनमेंदस्तावेजोंकेसम्बन्धमेंद्वितीयकसाक्ष्यदियाजासकेगा(Cases in which secondary evidence relating to documents may be given) से संबंधित हैं। | धारा 60
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धारा 60 के तहत, द्वितीयक साक्ष्य कब स्वीकार किया जा सकता है? | जबदस्तावेज़खोजाएयानष्टहोजाए, जबदस्तावेज़कीप्रमाणिकताविवादितहो, जबगवाहदस्तावेज़केविषयमेंकुछयादनकरसके |
यदि मूल दस्तावेज़ नष्ट हो गया है, तो द्वितीयक साक्ष्य किस रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | दस्तावेज़कीप्रमाणितप्रति |
धारा 60 के अनुसार, जब दस्तावेज़ गुम हो गया है, तब कौन सा साक्ष्य स्वीकार किया जाएगा? | द्वितीयकसाक्ष्य |
| धारा 60 के तहत, द्वितीयक साक्ष्य के रूप में किसे स्वीकार किया जा सकता है यदि मूल दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं है? | दस्तावेज़कीगवाहसेप्रमाणितप्रति |
यदि मूल दस्तावेज़ गुम हो गया है, तो न्यायालय किसे स्वीकार करेगा? | द्वितीयकसाक्ष्य |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 61 किससे संबंधित है? | इलेक्ट्रॉनिकयाडिजिटलरिकॉर्ड (Electronic or digital record) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 61 के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की प्रमाणिकता को सिद्ध करने के लिए किसका प्रमाण प्रस्तुत किया जाता है? | डिजिटलसिग्नेचरप्रमाणपत्र |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इलैक्ट्रानिकअभिलेखसेसंबंधितसाक्ष्यकेबारेमेंविशेषउपबंध(Special provisions as to evidence relating to electronic record) से संबंधित है। | धारा 62 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इलैक्ट्रानिकअभिलेखोंकीग्राहयता(Admissibility of electronic records) से संबंधित है। | धारा 63 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है? | प्रमाणिकताप्रमाणपत्रप्रस्तुतकरना |
धारा 63(4) के तहत, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के साथ प्रस्तुत किया जाने वाला प्रमाणिकता प्रमाणपत्र किसे हस्ताक्षरित करना चाहिए? | कंप्यूटरयासंचारउपकरणकेप्रभारीव्यक्ति |
धारा 63(3) के अनुसार, यदि एक अवधि के दौरान एक से अधिक कंप्यूटर या संचार उपकरणों का उपयोग किया गया है, तो उन्हें किस रूप में माना जाएगा? | एकलउपकरण |
धारा 63(2) के तहत, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की प्रमाणिकता के लिए कौन सी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है? | कंप्यूटरयासंचारउपकरणकानियमितउपयोग, जानकारीकानियमितरूपसेकंप्यूटरमेंप्रवेशउपकरणकासहीसंचालन |
धारा 63(5) के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की उत्पत्ति के लिए कौन सा तरीका स्वीकार्य है? | मानवहस्तक्षेपकेसाथयाबिना |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा पेशकरनेकीसूचनाकेबारेमेंनियम(Rules as to notice to produce) संबंधित है। | धारा 64 |
धारा 64 के तहत सूचना देने की आवश्यकता किस स्थिति में नहीं होती? | जबसूचनापहलेसेनोटिसमेंहो |
"सूचना देने की कोई आवश्यकता नहीं है" — यह वाक्य किन परिस्थितियों पर लागू होता है? | जबदस्तावेज़कोर्टरिकॉर्डकाहिस्साहै |
द्वितीयक साक्ष्य की स्वीकृति से पूर्व सूचना देने का क्या प्रभाव होता है? | विपक्षीपक्षकोप्रमाणिकताचुनौतीदेनेकाअवसरमिलताहै |
न्यायिक दृष्टिकोण से, धारा 64 में सूचना किस रूप में दी जा सकती है? | मौखिकयालिखितदोनों |
धारा 64 की भावना के अनुसार, "सूचना" किस सिद्धांत पर आधारित है? | पारदर्शिताऔरअवसरकासिद्धांत |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 65 किससे संबंधित है?
| जिसव्यक्तिकेबारेमेंअभिकथितहैकिउसनेपेशकीगईदस्तावेजकोहस्ताक्षरितकियाथायालिखाथाउसव्यक्तिकेहस्ताक्षरयाहस्तलेखकासाबितकियाजाना (Proof of signature and handwriting of person alleged to have signed or written document produced) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 66 किससे संबंधित है? | इलैक्ट्रानिकहस्ताक्षरकेबारेमेंसबूत (Proof as to electronic signature) |
धारा 66 के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की वैधता सिद्ध करने के लिए कौन-सा माध्यम उपयुक्त माना गया है? | प्रमाणीकृतइलेक्ट्रॉनिकहस्ताक्षरप्रमाणपत्र |
इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के प्रमाणीकरण के लिए किस प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र का उल्लेख धारा 66 में किया गया है? | लाइसेंसप्राप्तसर्टिफाइंगअथॉरिटी |
धारा 66 में ‘सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर’ की अवधारणा किस अधिनियम के तहत निर्धारित की गई है? | सूचनाप्रौद्योगिकीअधिनियम, 2000 |
न्यायिक दृष्टांत का धारा 66 से क्या संबंध है, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को साक्ष्य मानने की वैधता? | महाराष्ट्रराज्यबनामडॉ. प्रफुल्लबी.देसाई (2003) |
इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की पुष्टि के लिए किस प्रकार की विशेषज्ञ राय ली जा सकती है? | फॉरेंसिककंप्यूटरविशेषज्ञकी |
क्या "डिजिटल हस्ताक्षर" और "इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर" समानार्थी शब्द हैं, जब बात धारा 66 की हो? | तकनीकीरूपसेभिन्न |
किस विधिक धारणा के तहत सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर को वास्तविक माना जाता है? | विधिकनिष्कर्ष |
किस स्थिति में धारा 66 के तहत इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर को साक्ष्य के रूप में खारिज किया जा सकता है? | जबहस्ताक्षरकाक्रिप्टोग्राफिकप्रमाणनहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 67 किससे संबंधित है?
| ऐसेदस्तावेजकेनिष्पादनकासाबितकियाजाना, जिसकाअनुप्रमाणितहोनाविधिद्वाराअपेक्षितहै (Proof of execution of document required by law to be attested) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 68 किससे संबंधित है? | जबकिसीभीअनुप्रमाणकसाक्षीकापतानचले, तबसबूत (Proof where no attesting witness found) |
अनुप्रमाणक साक्षी की अनुपस्थिति में निष्पादन प्रमाणित नहीं किया जा सकता, से सम्बंधित केस कौन सा है? | गिरजादत्तसिंहबनामगंगोत्रीदत्तसिंह (1955) |
निष्पादन के लिए साक्ष्य देने वाले को सब कुछ जानना आवश्यक नहीं, से सम्बंधित केस कौन सा है | जानकीवशदेवभोजवानीबनामइंडसइंडबैंकलिमिटेड (2005) |
दस्तावेज के निष्पादन का साबित किये जाने के लिए कितने अनुप्रमाणित साक्षी होना आवश्यक है? | कमसेकमएकसाक्षी |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा अनुप्रमाणितदस्तावेजकेपक्षकारद्वारानिष्पादनकीस्वीकृति(Admission of execution by party to attested document) से संबंधित है। | धारा 69 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा जबकिअनुप्रमाणकसाक्षीनिष्पादनकाप्रत्याख्यानकरताहै, तबसबूत(Proof when attesting witness denies execution) से संबंधित है। | धारा 70 |
धारा 70 के अनुसार यदि अनुप्रमाणक साक्षी यह कहता है कि उसने दस्तावेज़ निष्पादित होते नहीं देखा, तो क्या यह निष्पादन को खारिज करने के लिए पर्याप्त है? | नहीं, निष्पादनकोअन्यप्रमाणोंसेसिद्धकियाजासकताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा उसदस्तावेजकासाबितकियाजानाजिसकाअनुप्रमाणितहोनाविधिद्वाराअपेक्षितनहींहै(Proof of document not required by law to be attested), से संबंधित है। | धारा 71
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा हस्ताक्षर, लेखयामुद्राकीतुलनाअन्योंसेजोस्वीकृतयासाबितहैं(Comparison of signature, writing or seal with others admitted or proved) से संबंधित है। | धारा 72
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 73 किससे संबंधित है?
| डिजिटलहस्ताक्षरकेसत्यापनकेबारेमेंसबूत (Proof as to verification of digital signature) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 74 किससे संबंधित है? | सार्वजनिकऔरनिजीदस्तावेज़ (Public and private documents) |
पंजीकृतविक्रयविलेख" कौन से दस्तावेज की श्रेणी में आता है? | लोकदस्तावेज़" (Public Document) |
अप्रकाशितकरारनामा कौन से दस्तावेज की श्रेणी में आता है? | निजीदस्तावेज़ (Private Document) |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लोक दस्तावेज़ों के संबंध में क्या कहा, कि सर्टिफाइड कॉपी साक्ष्य के रूप में मान्य होती है? | सतीशबनाममहाराष्ट्रराज्य (2019) |
क्या निजी दस्तावेज़ की एक अनाधिकारिक प्रति न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की जा सकती है? | नहीं, जबतकउसकाप्रमाणननहो |
लोक दस्तावेज़ों का मुख्य लक्षण क्या है? | वेसार्वजनिकअभिलेखागारमेंदर्जहोतेहैंऔरजनताकोउपलब्धहोतेहैं |
धारा 74 के अनुसार निजी दस्तावेज़ की सत्यता किस प्रकार सिद्ध की जाती है? | मूलदस्तावेज़याप्रमाणीकृतप्रतिलिपिसे |
न्यायालय का आदेश जो किसी विवाद का निर्णय करता है, वह कौन सा दस्तावेज माना जाएगा? | न्यायिकलोकदस्तावेज़ |
किस मामले में कहा गया लोक दस्तावेज़ जब उसमें छेड़छाड़ के प्रमाण हों अस्वीकार्य हो सकता है? | बिहारराज्यबनामराधाकृष्णसिंह (1983) |
यदि कोई निजी दस्तावेज़ बाद में पंजीकरण कार्यालय में पंजीकृत करवा दिया जाए, तो वह दस्तावेज़ किस श्रेणी में आएगा? | लोकदस्तावेज़बनजाएगा |
क्या लोक दस्तावेज़ की प्रमाणिकता सिद्ध करने के लिए सर्टिफाइडकॉपी पर्याप्त है? | हाँ |
कोई ईमेल कब लोक दस्तावेज़ हो सकता है? | जबवहसरकारीविभागद्वाराजारीकियागयाहो |
क्या निजी संस्था का आंतरिक ज्ञापन दस्तावेज़ लोक दस्तावेज़ है? | नहीं |
क्या पंजीकृत वसीयतनामा (Registered Will) को लोक दस्तावेज़ माना जाता है? | हाँ |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “लोकदस्तावेजोंकीप्रमाणितप्रतियां”(Certified copies of public documents) से संबंधित है | धारा 75 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “प्रमाणितप्रतियोंकेपेशकरनेद्वारादस्तावेजोंकासबूत”(Proof of documents by production of certified copies) से संबंधित है। | धारा 76
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “अन्यशासकीयदस्तावेजोंकासबूत”(Proof of other official documents) से संबंधित है? | धारा 77 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “प्रमाणितप्रतियोंकेअसलीहोनेकेबारेमेंउपधारणा(Presumption as to genuineness of certified copies)” से संबंधित है। | धारा 78 |
धारा 78 के अंतर्गत न्यायालय किस बात की उपधारणा करता है? | किप्रमाणितप्रतियांअसलीमूलदस्तावेज़सेबनीहैं |
"प्रमाणित प्रति" (Certified Copy) का क्या अर्थ है? | जिसेसंबंधितअधिकारीनेविधिसम्मततरीकेसेप्रमाणितकियाहो |
किसी दस्तावेज़ की प्रमाणित प्रति के असली होने की उपधारणा किस प्रकार की उपधारणा है? | प्रतिवर्तीउपधारणा |
किस केस में प्रमाणित प्रतियों के बारे में क्या टिप्पणी दी गई थी, जब तक कोई विपरीत साक्ष्य न हो, अदालत उनकी वास्तविकता मान सकती है ? | नारायणदत्ततिवारीबनामरोहितशेखर (2012) |
प्रमाणित प्रति की सत्यता को नकारने के लिए किस प्रकार का साक्ष्य आवश्यक है? | प्रत्यक्षयाठोसविपरीतसाक्ष्य |
यदि प्रमाणित प्रति सरकारी अधिकारी द्वारा जारी की गई हो, तो उसकी वैधता की उपधारणा कब तक मानी जाती है? | जबतकउसकीअसत्यतासिद्धनहो |
क्या अदालत बिना मूल दस्तावेज़ के केवल प्रमाणित प्रति के आधार पर निर्णय ले सकती है? | हाँ, यदिधारा 78 लागूहो |
प्रमाणित प्रति की उपधारणा को न्यायालय क्यों मानता है? | प्रमाणिकताकेवैधानिकसिद्धांतकेआधारपर |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमाणित प्रतियों के साक्ष्य के बारे में निर्देश दिया कि जब तक उसका खंडन न किया जाए, अदालत उन्हें स्वीकार कर सकती है? | भारतसंघबनाममेसर्सइब्राहिमउद्दीन (2012) |
प्रमाणित प्रति किस कानून के अंतर्गत वैध प्रमाण मानी जाती है? | पंजीकरणअधिनियम, 1908 भारतीयसाक्ष्यअधिनियम |
प्रमाणित प्रति पर मुहर एवं अधिकारी के हस्ताक्षर का क्या महत्व है? | दस्तावेज़कीवैधताऔरप्रमाणिकतासिद्धकरनेहेतुअनिवार्यहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “साक्ष्य, आदिकेअभिलेखकेतौरपरपेशकीगईदस्तावेजोंकेबारेमेंउपधारणा” (Presumption as to documents produced as record of evidence, etc) से संबंधित है? | धारा 79
|
धारा 79 के अनुसार यदि कोई दस्तावेज़ न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा प्रमाणित है, तो न्यायालय किस बात की उपधारणा करता है? | दस्तावेज़वैधऔरअधिकारिकअभिलेखहै |
धारा 79 के अंतर्गत “साक्ष्य का अभिलेख" का क्या तात्पर्य है? | न्यायालयद्वारालिएगएगवाहोंकेबयान, निर्णययाप्रक्रियासेसंबंधितदस्तावेज़ |
किस केस में न्यायालय ने न्यायालय में प्रस्तुत अभिलेखों की स्वाभाविक सत्यता की उपधारणा बात पर बल दिया? | सम्राटबनामरामदयाल (1915) |
किस प्रकार के दस्तावेज़ों के लिए धारा 79 उपधारणा प्रदान करती है? | न्यायालयद्वारातैयारयाप्रमाणितदस्तावेज़ |
धारा 79 की उपधारणा का प्रकार क्या है? | प्रतिवर्तीउपधारणा |
क्या धारा 79 के अंतर्गत न्यायालय निर्णयों की प्रमाणित प्रतियों की वैधता पर उपधारणा मानता है? | हाँ |
किस केस में न्यायालय ने, न्यायालय से प्रमाणित दस्तावेज़ों की विश्वसनीयता को महत्व दिया? | राजस्थानराज्यबनामकाशीराम (2006) |
धारा 79 के अनुसार, न्यायालय किस प्रकार के दस्तावेज़ों के संबंध मे उपधारणा बनाता है? | जोन्यायालयकेअधीनबनाएगए, यान्यायालयकेरजिस्ट्रारद्वाराप्रमाणितहों |
यदि कोई व्यक्ति न्यायालय में रिकॉर्ड किए गए साक्ष्य को चुनौती देता है, तो उसे क्या करना होगा? | दस्तावेज़कीअसलियतकेविरुद्धठोससाक्ष्यदेनाहोगा |
धारा 79 का उद्देश्य क्या है? | न्यायालयद्वाराप्रमाणितदस्तावेज़ोंकीवैधतामेंविश्वासस्थापितकरना |
क्या न्यायालय में दायर कोई फ़रियादी पत्र धारा 79 के अंतर्गत आता है? | हाँ, यदिउसपरकोर्टकीसीलहो |
किस केस में कोर्ट द्वारा प्रमाणित अभियोजन गवाहों की सूची को वैध माना गया? | हरिरामबनामराज्य (दिल्लीप्रशासन) |
धारा 79 के अंतर्गत कोर्ट किन दस्तावेज़ों को 'स्व-प्रमाणित' मान सकता है? | न्यायालयीयआदेशोंकीप्रमाणितप्रतियां |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 कौन सी धारा राजपत्रों, समाचारपत्रों, औरअन्यदस्तावेजोंकेबारेमेंउपधारणा(Presumption as to Gazettes, newspapers, and other documents) से संबंधित है। | धारा 80
|
धारा 80 के अनुसार भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किसी अधिसूचना के बारे में न्यायालय किस प्रकार की उपधारणा बनाता है? | किवहवैधएवंप्रामाणिकहै |
किस केस में सर्वोच्च न्यायालय ने क्या स्पष्ट किया कि, राजपत्र की प्रमाणिकता पर उपधारणा की जा सकती है? | शिवराजपाटिलबनामभारतसंघ |
समाचार पत्र में प्रकाशित सूचना की वैधता पर न्यायालय क्या मानता है? | उपधारणाकरताहैकियहकेवलसूचनामात्रहै, पूर्णप्रमाणनहीं |
किस केस में कहा गया कि, अधिसूचना तब तक मान्य नहीं जब तक वह राजपत्र में प्रकाशित न हो? | बी. रामनाथनबनामतमिलनाडुराज्य |
राजपत्र में प्रकाशित सूचना का खंडन कैसे किया जा सकता है? | सक्षमप्राधिकारीसेप्रमाणितदस्तावेज़द्वारा |
धारा 80 के अनुसार समाचार पत्र में प्रकाशित अधिसूचना किस स्थिति में साक्ष्य मानी जाती है? | जबउसकास्रोतस्पष्टऔरप्रमाणितहो
|
समाचार पत्र किस प्रकार का साक्ष्य माना जाता है? | माध्यमिकसाक्ष्य |
क्या न्यायालय को अधिसूचना के मूल दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है यदि वह राजपत्र में प्रकाशित हो? | नहीं, राजपत्रकीप्रतिपर्याप्तहै |
धारा 80 में “अन्य दस्तावेज़” शब्द किसे सम्मिलित करता है? | सरकारीअधिसूचनाएं, परिपत्र, और अधिसंख्यविभागीयआदेश |
समाचार पत्र में छपी सूचना को कौन चुनौती दे सकता है? | कोईभीव्यक्ति |
क्या किसी अधिसूचना की सत्यता पर अदालत स्वतः संदेह कर सकती है? | केवलतब, जबअधिसूचनाकास्रोतअप्रमाणितहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 81 किससे संबंधित है? | इलैक्ट्रानिकयाडिजिटलअभिलेखमेंराजपत्रकेबारेमेंउपधारणा (Presumption as to Gazettes in electronic or digital record) |
धारा 81 के अंतर्गत, यदि कोई राजपत्र भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट पर प्रकाशित होता है, तो न्यायालय क्या उपधारणा करता है? | किवहअभिलेखप्रमाणिकहै |
धारा 81 किस प्रकार की उपधारणा को मान्यता देती है? | प्रतिवर्तीउपधारणा |
डिजिटल राजपत्र की प्रमाणिकता किस बात पर निर्भर करती है? | सरकारीवेबसाइटपरप्रकाशितहोनेपर |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटलरूपमेंप्रकाशितराजपत्रसरकारीअधिसूचनाकावैधप्रमाणहै, को मान्यता दी? | भारतसंघबनामलोकनाथप्रसाद |
क्या डिजिटल राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना को न्यायालय स्वतः साक्ष्य के रूप में मानेगा? | हाँ, यदिवहअधिकृतस्रोतसेहै |
धारा 81 की उपधारणा को कौन चुनौती दे सकता है? | संबंधितपक्ष |
किस केस में डिजिटल अधिसूचना को प्रमाणिक माना गया? | राकेशकुमारपॉलबनामअसमराज्य (2017) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 82 किससे संबंधित है?
| सरकारकेप्राधिकारद्वाराबनाएगएमानचित्रोंयारेखांकोंकेबारेमेंउपधारणा (Presumption as to maps or plans made by authority of Government) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “विधियोंकेसंग्रहऔरविनिश्चयोंकीरिपोर्टोंकेबारेमेंउपधारणा”Presumption as to collections of laws and reports of decisions) से संबंधित है। | धारा 83 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “मुख्तारनामोंकेबारेमेंउपधारणा”(Presumption as to powers-of-attorney) से संबंधित है। | धारा 84 |
धारा 84 के अंतर्गत न्यायालय किस स्थिति में मुख्तारनामे की प्रमाणिकता की उपधारणा करता है? | जबवहउचितरूपसेअभिप्रमाणितहो |
धारा 84 में “अभिप्रमाणित” मुख्तारनामे से तात्पर्य क्या है? | रजिस्टर्डनॉटरीया उपयुक्तप्राधिकारीद्वारासत्यापित |
किस केस में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, उचित प्रमाणन के साथ प्रस्तुत मुख्तारनामे की वैधता की उपधारणा की जा सकती है? | रामजसबनामसुरेन्द्रनाथ |
क्या मुख्तारनामे की प्रमाणिकता को चुनौती दी जा सकती है? | हाँ, ठोससाक्ष्यकेद्वारा |
मुख्तारनामे की प्रमाणिकता को न्यायालय किस आधार पर मान्यता देता है? | उपयुक्तप्राधिकारीकीमुहरएवंहस्ताक्षर |
धारा 84 की उपधारणा किस प्रकार की होती है? | प्रतिवर्तीउपधारणा |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने वैध रूप से प्रमाणित मुख्तारनामे की विधिक मान्यता पर जोर दिया? | रमेशचंदअरदावतियाबनामअनिलपंजवानी |
अगर मुख्तारनामा विदेश में बना है, तो उसकी प्रमाणिकता किससे प्रमाणित होनी चाहिए? | भारतकेदूतावास/राजनयिकया कौंसुलरअधिकारीसे |
क्या मुख्तारनामे को केवल फोटोकॉपी रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है? | नहीं, केवलमूलअथवाउचितरूपसेप्रमाणितप्रतिहीमान्यहोतीहै |
यदि मुख्तारनामा किसी बैंकिंग लेन-देन के लिए है, तो क्या धारा 84 लागू होगी? | हाँ, यदिवहविधिवतप्रमाणितहै |
मुख्तारनामे की वैधता को चुनौती किस रूप में दी जा सकती है? | प्रतिवादपत्रऔरठोसदस्तावेज़ीयसाक्ष्यद्वारा |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “इलैक्ट्रानिककरारोंकेबारेमेंउपधारणा”(Presumption as to electronic agreements) से संबंधित है। | धारा 85 |
धारा 85 के अंतर्गत न्यायालय किस बात की उपधारणा करता है? | किविधिसम्मतइलेक्ट्रॉनिककरारवैधऔरप्रामाणिकहै |
धारा 85 के अंतर्गत "विधिसम्मत इलेक्ट्रॉनिक करार" से क्या तात्पर्य है? | ऐसाकरारजोइलेक्ट्रॉनिकरूपमेंबनाऔरडिजिटलीहस्ताक्षरितहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्ध किया कि ईमेलऔरअन्यइलेक्ट्रॉनिकसंवादभीवैधकरारबनातेहैंयदिशर्तेंस्पष्टहों ? | ट्राइमेक्सइंटरनेशनलएफजेडईलिमिटेड बनाम वेदांताएल्युमिनियमलिमिटेड |
क्या इलेक्ट्रॉनिक करार की वैधता को चुनौती दी जा सकती है? | हाँ, यदिउसकेप्रमाणनयाप्रामाणिकतापरसंदेहहो |
न्यायालय किस स्थिति में धारा 85 के तहत इलेक्ट्रॉनिक करार की वैधता की उपधारणा नहीं करेगा? | जबइलेक्ट्रॉनिककरारपरकोईहस्ताक्षरयाप्रमाणीकरणनहो |
किस केस में ईमेलद्वाराहुएव्यापारिककरारोंकोन्यायालयद्वारावैधमानागया? | शक्तिभोगफूड्सलिमिटेड बनाम कोलाशिपिंगलिमिटेड |
किस अधिनियम के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक करारों को मान्यता दी गई है? | सूचनाप्रौद्योगिकीअधिनियम, 2000 |
यदि कोई इलेक्ट्रॉनिक करार “डिजिटल सर्टिफिकेट” के माध्यम से हस्ताक्षरित है, तो न्यायालय क्या मानता है? | कियहवैध, प्रमाणिकऔरनिष्पादितकरारहै |
क्या धारा 85 के अंतर्गत मोबाइल ऐप के नियम एवं शर्तें को करार माना जा सकता है? | हाँ, यदिउपयोगकर्ताने "सहमतहोना" परक्लिककियाहो |
धारा 85 किस प्रकार के दस्तावेज़ों पर लागू होती है? | इलेक्ट्रॉनिकरूपमेंनिष्पादितएवंडिजिटलहस्ताक्षरितकरार |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “इलैक्ट्रानिकअभिलेखोंऔरइलैक्ट्रानिकहस्ताक्षरकेबारेमेंउपधारणा”(Presumption as to electronic records and electronic signatures) से संबंधित है। | धारा 86
|
यदि एक दस्तावेज़ एक डिजिटल लॉकर से प्रस्तुत किया गया है और उस पर एक प्रमाणित डिजिटल हस्ताक्षर है, तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 86 के अनुसार न्यायालय क्या मान सकता है? | दस्तावेज़कीप्रामाणिकतास्वतःमानलीजाएगी |
सुप्रीम कोर्ट के किस निर्णय में डिजिटल साक्ष्य की स्वीकार्यता को 'प्रामाणिकता' और ‘अखंडता' के आधार पर स्वीकार किया गया, जो धारा 86 के अनुरूप है? | अनवरपी.वी. बनामपी.के. बशीर (2014) |
| धारा 86 में प्रयुक्त " सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड" की परिभाषा किस अधिनियम के अनुसार निर्धारित होती है? | सूचनाप्रौद्योगिकीअधिनियम, 2000 |
मान लीजिए अभियोजन पक्ष एक सीसीटीवी फुटेज को 'सुरक्षितइलेक्ट्रॉनिकरिकॉर्ड' के रूप में प्रस्तुत करता है। अभियुक्त कहता है कि उसे छेड़ा गया है। ऐसे में न्यायालय को किसका पालन करना होगा? | अभियुक्तकोछेड़छाड़काप्रमाणदेनाहोगा |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 86 न्यायालय को किस प्रकार की उपधारणाओं (Presumptions) की अनुमति देती है? | विवेकाधीनउपधारणा |
अगर कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि एक डिजिटल दस्तावेज़ में छेड़छाड़ हुई है, तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 86 के अनुसार किस पक्ष पर प्रमाण का भार होता है? | जोव्यक्तिछेड़छाड़कादावाकररहाहैउसपर |
न्यायालय धारा 86 के अंतर्गत किस स्थिति में यह मान सकता है कि इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर वैध है? | जबवहहस्ताक्षरएकप्रमाणितइलेक्ट्रॉनिकप्रणालीसेकियागयाहो |
सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख की परिभाषा हेतु कौन-सा तत्व आवश्यक नहीं है? | भौतिकहस्ताक्षरकीउपस्थिति |
न्यायालय किस स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को "असुरक्षित" मान सकता है, भले ही वह डिजिटल रूप में हो? | जबउसपरडिजिटलसर्टिफिकेटनहो |
धारा 86 न्यायालय को "अनुमान" के लिए किस प्रकार का कानूनी औजार प्रदान करती है? | खंडनीयअनुमान |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इलैक्ट्रानिकहस्ताक्षरप्रमाणपत्रोंकेबारेमेंउपधारणा”(Presumption as to Electronic Signature Certificates) से संबंधित है। | धारा 87
|
सुप्रीम कोर्ट के किस निर्णय में डिजिटल प्रमाण की वैधता के लिए आवश्यक तत्वों जो धारा 87 से भी मेल खाती है, प्रमाणपत्र की स्वीकारोक्ति में लागू होती है? | अनवरपी.वी. बनामपी.के. बशीर (2014) |
यदि एक अभियुक्त यह दावा करता है कि उसके नाम पर जारी डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र को उसने कभी स्वीकार नहीं किया, तो किस पक्ष पर इसका खंडन प्रमाणित करने का भार होगा? | अभियुक्तस्वयं |
एक डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र में सब्सक्राइबर की पहचान स्पष्ट रूप स दर्ज है लेकिन वह प्रमाणपत्र उपयोगकर्ता ने अस्वीकार कर दिया है। धारा 87 के अनुसार इसका क्या प्रभाव होगा? | प्रमाणपत्रकीसामग्रीस्वतःविश्वसनीयनहींमानीजाएगी |
यदि कोई प्रमाणपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है लेकिन उसमें कोई स्वीकृति (acceptance) रिकॉर्ड नहीं है, तो धारा 87 के अनुसार उसका क्या प्रभाव हो सकता है? | न्यायालयउपधारणानहींलगाएगा
|
मान लीजिए कि एक प्रमाणपत्र में सब्सक्राइबर की जानकारी सही है, परंतु प्रमाणपत्र पर स्वीकृति की मुहर नहीं है। धारा 87 के तहत न्यायालय क्या कर सकता है? | प्रमाणपत्रकीविश्वसनीयताकीउपधारणानहींलगाएगा |
न्यायालय धारा 87 के अंतर्गत किस स्थिति में यह मान सकता है कि प्रमाणपत्र में दी गई सब्सक्राइबर की जानकारी सत्य है? | जबउसेसब्सक्राइबरनेस्वीकारकरलियाहो |
धारा 87 किस अधिनियम की तकनीकी मान्यता पर आधारित उपधारणाओं को लागू करती है? | सूचनाप्रौद्योगिकीअधिनियम, 2000 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा ‘’विदेशीन्यायिकअभिलेखोंकीप्रमाणितप्रतियोंकेबारेमेंउपधारणा’’(Presumption as to certified copies of foreign judicial records) से संबंधित है। | धारा 88
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 89 किससे संबंधित है?
| पुस्तकों, मानचित्रोंऔरचार्टोंकेसंबंधमेंउपधारणा (Presumption as to books, maps and charts) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “इलैक्ट्रानिकसंदेशोंकेबारेमेंउपधारणा”(Presumption as to electronic messages) से संबंधित है। | धारा 90 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “पेशनकिएगएदस्तावेजोंकेसम्यक्निष्पादनआदिकेबारेमेंउपधारणा(Presumption as to due execution, etc., of documents not produced)” से संबंधित है। | धारा 91
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 92 किससे संबंधित है?
| तीसवर्षपुरानेदस्तावेजोंकेसंबंधमेंउपधारणा (Presumption as to documents thirty years old) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 93 किससे संबंधित है?
| पांचवर्षपुरानेइलेक्ट्रॉनिकअभिलेखोंकेसंबंधमेंउपधारणा (Presumption as to electronic records five years old) |
अध्याय 6 (Chapter VI) | |
दस्तावेजीसाक्ष्यद्वारामौखिकसाक्ष्यकेअपवर्जनकेविषयमें (Of The Exclusion Of Oral Evidence By Documentary Evidence) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 94 किससे संबंधित है?
| दस्तावेजोंकेरूपमेंलेखबद्धसंविदाओं, अनुदानोंऔरसंपत्तिकेअन्यव्ययनों केनिबन्धनोंकासाक्ष्य (Evidence of terms of contracts, grants and other dispositions of property reduced to form of document) |
यदि किसी अनुबंध, अनुदान या संपत्ति के अन्य स्वभाव की शर्तों को दस्तावेज़ के रूप में कम कर दिया गया है, तो धारा 94 के अनुसार कौन से साक्ष्य प्रस्तुत किये जा सकते है? | केवलदस्तावेज़या उसकेद्वितीयक साक्ष्य |
धारा 94 के अनुसार, यदि एक अनुबंध कई पत्रों में निहित है, तो कितने पत्रों को साबित करना आवश्यक है? | सभीको |
यदि एक विनिमय पत्र तीन के सेट में तैयार किया गया है, तो कितने सेट साबित करना पर्याप्त है? | एकको |
धारा 94 के अनुसार, यदि एक अनुबंध लिखित रूप में है और उसमें यह उल्लेख है कि एक अन्य मौखिक अनुबंध के लिए भुगतान किया गया था, तो क्या मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सकता है? | हाँ |
यदि एक व्यक्ति दूसरे को पैसे का भुगतान करता है और इसके लिए रसीद दी जाती है, तो क्या मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सकता है? | हाँ |
धारा 94 के अनुसार, यदि एक सार्वजनिक अधिकारी को लिखित रूप में नियुक्त करना आवश्यक है और यह दिखाया जाता है कि किसी विशेष व्यक्ति ने ऐसे अधिकारी के रूप में कार्य किया है, तो क्या नियुक्ति के लेखन को साबित करना आवश्यक है? | नहीं |
धारा 94 के अनुसार, यदि एक वसीयत भारत में प्रोबेट के लिए स्वीकार की गई है, तो क्या प्रोबेट द्वारा वसीयत को साबित किया जा सकता है? | हाँ |
यदि एक अनुबंध कई दस्तावेजों में निहित है, तो धारा 94 के अनुसार— | सभीदस्तावेजोंकोसाबितकरनाआवश्यकहै |
धारा 94 के अनुसार, यदि एक अनुबंध में कोई तथ्य अन्य दस्तावेज़ में उल्लिखित है, तो— | केवलदस्तावेज़प्रस्तुतकियाजासकताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “मौखिककरारकेसाक्ष्यकाअपवर्जन(Exclusion of evidence of oral agreement)”से संबंधित है। | धारा 95 |
यदि दो पक्षों के बीच एक लिखित अनुबंध है और एक पक्ष यह दावा करता है कि मौखिक रूप से कोई अन्य शर्त जोड़ी गई थी, तो धारा 95 के तहत यह दावा— | स्वीकारनहींकियाजाएगाक्योंकिलिखितअनुबंधसर्वोपरिहै |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 95 के संदर्भ में स्थापित किया, कि लिखित अनुबंध को मौखिक साक्ष्य से बदला नहीं जा सकता? | रूपकुमारबनाममोहनथेदानी (2003) |
किस स्थिति में मौखिक साक्ष्य धारा 95 के अंतर्गत स्वीकार्य नहीं होगा? | जबलिखितदस्तावेज़स्पष्टरूपसेसभीशर्तेंशामिलकरताहो |
धारा 95 किस सिद्धांत को लागू करती है? | "बोलनेवालेदस्तावेज़" कीप्रधानता |
धारा 95 का उद्देश्य क्या है? | पहलेसेतैयारलिखितदस्तावेज़कोकिसीमौखिकदावेसेबदलनेसेरोकना |
एक किरायेदार ने किरायानामा दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए जिसमें किराया ₹10,000 लिखा था। बाद में उसने कहा कि मालिक ने मौखिक रूप से ₹8,000 तय किया था। धारा 95 के तहत अदालत क्या मानेगी? | दस्तावेज़मेंलिखी₹10,000 कीराशिहीमान्यहोगी |
धारा 95 किस प्रकार के अनुबंधों पर लागू होती है? | उनअनुबंधोंपरजोलिखितरूपमेंदस्तावेज़ितहैं |
“परोलसाक्ष्यनियम” (The parol evidence rule) भारतीय कानून में किस धारा में परिलक्षित होता है? | धारा92 |
मूल दस्तावेज़ स्पष्ट और पूरी शर्तों के साथ मौजूद हो, तब मौखिक साक्ष्य का प्रयोग— | अनुमेयनहींहोगा |
धारा 95 के अंतर्गत मौखिक साक्ष्य को निषिद्ध करना किस सिद्धांत पर आधारित है? | लिखितदस्तावेजोंकीअंतिमता
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “संदिग्धार्थदस्तावेजकोस्पष्टकरनेयाउसकासंशोधनकरनेकेसाक्ष्यकाअपवर्जन’ (Exclusion of evidence to explain or amend ambiguous document) से संबंधित है। | धारा 96
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यदि एक वसीयत में यह लिखा गया है "मैं अपनी आधी संपत्ति X को देता हूँ," लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कुल संपत्ति क्या है, तो धारा 96 के अनुसार यह दर्शित करने के लिए कि कुल संपत्ति क्या है? | साक्ष्यनहींदियाजासकता |
न्यायिक दृष्टिकोण से, "जनरलियास्पेशलिबसनॉनडिरोगेंट" सिद्धांत किस प्रकार धारा 96 पर लागू होता है? | विशेषशर्तेंसामान्यकोअधिरोहितकरेंगी |
धारा 96 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | संदिग्धार्थवालेदस्तावेज़ोंकीव्याख्याकोनियंत्रितकरना |
धारा 95 और 96 के बीच मुख्य अंतर क्या है? | धारा95 स्पष्टदस्तावेज़ोंपरलागूहोतीहै, धारा96 संदिग्धार्थपर |
धारा 96 किस प्रकार के साक्ष्य को निषिद्ध करती है? | जबदस्तावेज़संदिग्धार्थयात्रुटिपूर्णहो |
किसी विलेख में रिक्त स्थान है, क्या उन तथ्यों का साक्ष्य दिया जा सकता था जो यह दर्शित करते हों कि उनकी किस प्रकार पूर्ति अभिप्रेत थी? | नहीं |
ख को क “एक लाख रुपए या एक लाख पचास हजार रुपए में एक घोड़ा बेचने का लिखित करार करता है । यह दर्शित करने के लिए कि कौन सा मूल्य दिया जाना था क्या साक्ष्य दिया जा सकता है? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “विद्यमानतथ्योंकोदस्तावेजकेलागूहोनेकेविरुद्धसाक्ष्यकाअपवर्जन” (Exclusion of evidence against application of document to existing facts) से संबंधित है। | धारा 97
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धारा 97 में किस सिद्धांत की पुष्टि की गई है? | दस्तावेज़कीअंतिमता |
ख को क "रामपुर में एक सौ बीघे वाली मेरी सम्पदा" विलेख द्वारा बेचता है । क के पास रामपुर में एक सौ बीघे वाली एक सम्पदा है, क्या इस तथ्य का साक्ष्य दिया जा सकेगा कि विक्रयार्थ अभिप्रेत सम्पदा किसी भिन्न स्थान पर स्थित और भिन्न माप की थी? | नहीं |
किस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि स्पष्ट दस्तावेज़ के विपरीत साक्ष्य देना धारा 97 के अंतर्गत अनुमेय नहीं है? | रूपकुमारबनाममोहनथेदानी |
यदि एक दस्तावेज़ ‘XYZ कंपनी’ को ज़मीन हस्तांतरित करता है, लेकिन दो ‘XYZ कंपनी’ हैं, तो, क्यामौखिकसाक्ष्यसेयहतयकियाजासकताहैकिकौनसीकंपनीकीबातहोरहीहै? | हाँ |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 98 किससे संबंधित है?
| विद्यमानतथ्योंकेसदर्भमेंअर्थहीनदस्तावेजकेबारेमेंसाक्ष्य (Evidence as to document unmeaning in reference to existing facts) |
एक वसीयत में लिखा गया है "मैं अपनी वह ज़मीन देता हूँ जो गुलाब के बाग़ के पास है", जबकि गुलाब का बाग़ अब मौजूद नहीं है। क्या ऐसी स्थिति में क्या होगा ? | साक्ष्यसेबतायाजासकताहैकिकिसज़मीनकीबातहोरहीहै |
धारा 98 किस स्थिति में मौखिक साक्ष्य को स्वीकार करती है? | जबदस्तावेज़मेंप्रयुक्तशब्दवर्तमानतथ्योंपरनिरर्थकप्रतीतहों |
एक बिक्री पत्र में लिखा है “रामलाल को वह खेत बेचा गया जो पुरानी हवेली के पीछे है”, लेकिन अब वहाँ हवेली नहीं है, क्या ऐसे में साक्ष्य दिया जा सकेगा? | साक्ष्यस्वीकारकियाजाएगायहसमझनेकेलिएकिकिसखेतकीबातहै |
किस केस में कोर्ट ने यह माना कि जब दस्तावेज़ भाषा में स्पष्ट हो पर तथ्यों पर लागू नहीं होता, तो मौखिक साक्ष्य से उद्देश्य स्पष्ट किया जा सकता है? | ईश्वरदासजैनबनामसोहनलाल |
यदि किसी दस्तावेज़ में “नीले घर वाली ज़मीन” का उल्लेख है और उस इलाके में अब कोई नीला घर नहीं है, तब क्या साक्ष्य दिया जा सकेगा? | साक्ष्यद्वाराबतायाजासकताहैकिपहलेकौन-साघरनीलाकहलाताथा |
धारा 98 के अंतर्गत मौखिक साक्ष्य किस उद्देश्य से अनुमेय होता है? | दस्तावेज़कीभाषाकेव्यावहारिकअर्थकोसमझनेकेलिए |
धारा 98 किस कानूनी सिद्धांत पर आधारित है? | उद्देश्यपूर्णव्याख्या |
एक करार में लिखा गया: “वह गोदाम बेचा गया जो स्टेशन के सामने है”, लेकिन अब स्टेशन का नया स्थान बन चुका है, ऐसी स्थिति में क्या होगा? | पक्षसाक्ष्यसेसमझासकताहैकिपुरानेस्टेशनकेसामनेकौन-सागोदामथा |
धारा 98 के तहत किस प्रकार का साक्ष्य मान्य नहीं होता? | जोदस्तावेज़कोपूरीतरहअसत्यसाबितकरे |
कौन-सा कथन धारा 98 के संदर्भ में सही है? | अर्थहीनशब्दोंकाअर्थविद्यमानतथ्योंसेसमझायाजासकताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 99 किससे संबंधित है?
| उसभाषाकेलागूहोनेकेबारेमेंसाक्ष्यजोकईव्यक्तियोंमेंसेकेवलएककोलागूहोसकतीहै (Evidence as to application of language which can apply to one only of several persons) |
यदि एक व्यक्ति लिखित रूप से "मेरे पास एक लाल कार है" कहता है, लेकिन उसके पास दो लाल कारें हैं, तो क्या होगा? | साक्ष्यसेयहदिखायाजासकताहैकिवहकिसकारकीबातकररहाहै |
धारा 99 के अनुसार, यदि दस्तावेज़ की भाषा अस्पष्ट है और कई व्यक्तियों या वस्तुओं पर लागू हो सकती है, तो क्या होगा? | साक्ष्यद्वारायहस्पष्टकियाजासकताहैकिकिसपरलागूकियागयाहै |
यदि एक व्यक्ति लिखित रूप से "मेरे पास एक सफेद घोड़ा है" कहता है, लेकिन उसके पास दो सफेद घोड़े हैं, तो क्या होगा? | साक्ष्यसेयहदिखायाजासकताहैकिवहकिसघोड़ेकीबातकररहाहै |
धारा 99 के तहत, यदि दस्तावेज़ की भाषा अस्पष्ट है और कई व्यक्तियों या वस्तुओं पर लागू हो सकती है, तो— | साक्ष्यद्वारायहस्पष्टकियाजासकताहैकिकिसपरलागूकियागयाहै |
यदि एक व्यक्ति लिखित रूप से "मेरे पास एक नीला घर है" कहता है, लेकिन उसके पास दो नीले घर हैं, तो— | साक्ष्यसेयहदिखायाजासकताहैकिवहकिसघरकीबातकररहाहै |
यदि एक व्यक्ति लिखित रूप से "मेरे पास एक काला बैग है" कहता है, लेकिन उसके पास दो काले बैग हैं, तो— | साक्ष्यसेयहदिखायाजासकताहैकिवहकिसबैगकीबातकररहाहै |
यदि एक व्यक्ति लिखित रूप से "मेरे पास एक लाल किताब है" कहता है, लेकिन उसके पास दो लाल किताबें हैं, तो— | साक्ष्यसेयहदिखायाजासकताहैकिवहकिसकिताबकीबातकररहाहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 100 किससे संबंधित है? | तथ्योंकेदोसंवर्गोंमेंसेजिनमेंसेकिसीएककोभीवहभाषापूरीकीपूरीठीक-ठीकलागूनहींहोती, उसमेंसेएककोभाषाकेलागूहोनेकेबारेमेंसाक्ष्य (Evidence as to application of language to one of two sets of facts, to neither of which the whole correctly applies) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 101 किससे संबंधित है?
| नपढ़ीजासकनेवालीलिपिआदिकेअर्थकेबारेमेंसाक्ष्य (Evidence as to meaning of illegible characters, etc) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस बात से संबंधित है कि दस्तावेजकेनिबन्धनोंमेंफेर-फारकरनेवालेकरार(Who may give evidence of agreement varying terms of document) का साक्ष्य कौन दे सकेगा? | धारा 102 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “भारतीयउत्तराधिकारअधिनियमकेविलसम्बन्धीउपबन्धोंकीव्यावृत्ति”(Saving of provisions of Indian Succession Act relating to wills) से संबंधित है? | धारा 103
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भाग 4 (Part IV) | |
साक्ष्यकापेशकियाजानाऔरप्रभाव (Production And Effect Of Evidence) | |
अध्याय 7 (Chapter VII) | |
सबूतकेभारकेविषयमें (Of The Burden Of Proof) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “सबूतकाभार” (Burden of proof) से संबंधित है? | धारा 104 |
"सबूत का भार उस पर होता है जो यह चाहता है कि न्यायालय किसी तथ्य को उसके पक्ष में स्वीकार करे यह सिध्दांत किस धारा में वर्णित है? | धारा104 |
यदि कोई वादी दावा करता है कि प्रतिवादी ने अनुबंध का उल्लंघन किया, तो साक्ष्य का भार किस पर होगा? | वादीपर |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोप सिद्ध करने का भार अभियोजन पर होता है, सिद्धांत पर जोर दिया? | के.एम. नानावटीबनाममहाराष्ट्रराज्य (1962 एआईआर605) |
साक्ष्य बोझ का अनुसरण करता है" का क्या अर्थ है? | जिसपरभारहै, वहीसाक्ष्यदेगा |
धारा 104 का सिद्धांत मुख्यतः किस प्रकार के मुकदमों में लागू होता है? | दोनोंदीवानीऔरआपराधिक |
यदि अभियुक्त "न्यायोचित अपवाद" का दावा करता है (जैसे आत्मरक्षा), तो उस दावे को सिद्ध करने का भार किस पर होता है? | अभियुक्तपर |
दीवानी मामलों में साक्ष्य का प्रारंभिक भार किस पर होता है? | वादी |
“मुद्दे पर सकारात्मक” सिद्धांत किससे जुड़ा है? | जिसपक्षकोकिसीमुद्देपरसकारात्मकरूपसेलाभचाहिए, उसेसाक्ष्यदेनाहोताहै |
कोई वादी दावा करता है कि उसने प्रतिवादी को ₹50,000 उधार दिया था। प्रतिवादी इसका खंडन करता है। ऐसे में सबूत का भार किस पर है? | वादीपर |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस बात से संबंधित है कि “सबूतकाभारकिसपरहोताहै (On whom burden of proof lies)”? | धारा 105 |
धारा 105 के अनुसार, यदि कोई अभियुक्त यह कहता है कि वह किसी अपवाद के अंतर्गत आता है, तो साक्ष्य का भार किस पर होता है? | अभियुक्तपर |
धारा 105 किस प्रकार के प्रावधानों से संबंधित है? | किसीवादयाकार्यवाहीमेंसबूतकाभारउसव्यक्तिपरहोताहैजोअसफलहोजाएगा, यदिदोनोंमेंसेकिसीभीओरसेकोईभीसाक्ष्यनदियाजाए |
धारा 105 के अंतर्गत अभियुक्त को सिद्ध करना आवश्यक है, कि अपराध होते हुए भी वह किसी वैध अपवाद में आता है किस केस से सम्बंधित है? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामरामस्वरूप (एआईआर1974 एससी1570) |
यदि कोई अभियुक्त आत्मरक्षा का दावा करता है, तो धारा 105 के अनुसार क्या सिद्ध करना होगा? | अभियुक्तकोयहसिद्धकरनाहोगाकिआत्मरक्षाथी |
धारा 105 किस सिद्धांत पर आधारित है? | “जोदावाकरताहैउसेसाबितकरनाहोगा” |
एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप है, लेकिन वह कहता है कि उसने आत्मरक्षा में काम किया। ऐसे में किसके ऊपर साक्ष्य का भार होगा? | अभियुक्त |
यदि कोई व्यक्ति धारा 84 (पागलपन) का लाभ लेना चाहता है, तो उसे क्या करना होगा? | यहसाबितकरनाकिअपराधकरतेसमयवहमानसिकरूपसेअस्वस्थथा |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “विशिष्टतथ्यकेबारेमेंसबूतकाभार”(Burden of proof as to particular fact) से संबंधित है। | धारा 106 |
धारा 106 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | जिनतथ्योंकीजानकारीकेवलएकपक्षकोहो, उनपरसाक्ष्यकाभारउसीपरडालना |
किस मामले में में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 106 के संदर्भ में निर्णय दिया कि जब तथ्य आरोपी के विशेष ज्ञान में हो, तो उसे साक्ष्य देना होगा? | शंभूनाथमेहराबनामअजमेरराज्य (1956) |
यदि कोई व्यक्ति कहता है कि वह घटना के समय होटल में था, और केवल वही इस बात को जानता है, तो साक्ष्य का भार किस पर होगा? | उसव्यक्तिपर |
धारा 106 किस प्रकार के तथ्यों पर लागू होती है? | विशिष्टज्ञानवालेतथ्य |
एक महिला अपने पति की हत्या के मामले में अंतिम बार उसके साथ देखी गई थी। धारा 106 के अनुसार, साक्ष्य का प्रारंभिक भार किस पर होगा? | पत्नीपर |
धारा 106 में "विशिष्ट तथ्य" से तात्पर्य किससे है? | जोकेवलसंबंधितव्यक्तिकेपासजानकारीहो |
धारा 106 का प्रयोग किस परिस्थिति में नहीं होगा? | जबतथ्यसार्वजनिकहो |
किस मामले में तय किया कि अंतिम बार साथ देखे जाने की स्थिति में अभियुक्त को सफाई देनी चाहिए? | त्रिमुखमारोतीकिरकनबनाममहाराष्ट्रराज्य (2006) |
यदि कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते की संदिग्ध निकासी के लिए जवाब देता है, "मुझे नहीं पता किसने निकाला", तो धारा 106 के अनुसार— | उसेसाबितकरनाहोगाकिनिकासीउसनेनहींकी |
धारा 106 किस सामान्य सिद्धांत का अपवाद मानी जाती है? | अभियोजनकोदोषसिद्धकरनाहोताहै |
जब कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि वह दुर्घटना के समय "अन्य स्थान" पर था, तो इस तथ्य को सिद्ध करने की जिम्मेदारी किस पर होगी? | वहव्यक्तिस्वयं |
धारा 106 के सिद्धांत का पालन किस आधार पर किया जाता है? | तर्कऔरसामान्यअनुभव |
“जिस किसी को किसी तथ्य का विशेष ज्ञान है, उसे उसे सिद्ध करना होगा"— यह नियम किस धारा में है? | धारा106 |
क्या धारा 106 अभियुक्त को दोष सिद्ध करने के लिए बाध्य करती है? | नहीं, केवलस्पष्टीकरणकेस्तरपर |
एक व्यक्ति पर चोरी का आरोप है और चोरी के समय वह अस्पताल में भर्ती था। साक्ष्य किसे देना होगा? | वहव्यक्तिस्वयं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 107 किससे संबंधित है?
| साक्ष्यकोग्राह्यबनानेकेलिएजोतथ्यसाबितकियाजानाहो, उसेसाबितकरनेकाभार (Burden of proving fact to be proved to make evidence admissible) |
धारा 107 किस स्थिति में लागू होती है? | जबकोईसाक्ष्यतभीमान्यहोजबउससेजुड़ाकोईअन्यतथ्यपहलेसिद्धकियाजाए |
ख द्वारा किए गए मृत्युकालिक कथन को क साबित करना चाहता है , मृत्यु साबित करने का भार किस पर होगा? | कपरहोगा |
यदि कोई दस्तावेज़ केवल तभी ग्राह्य है जब यह साबित किया जाए कि वह हस्ताक्षरित है, तो हस्ताक्षर साबित करने का भार किस पर होगा? | दस्तावेज़प्रस्तुतकरनेवालेपक्षपर |
धारा 107 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | साक्ष्यकोग्राह्यबनानेकेलिएआवश्यकशर्तकोसाबितकरना |
किस मामले में कोर्ट ने कहा कि मृत्युपूर्व कथन ग्राह्य तभी है जब यह साबित हो कि बयान मरने से पहले का है? | पकालानारायणस्वामीबनामसम्राट (1939 |
कोई व्यक्ति CCTV फुटेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करता है। उसे ग्राह्य बनाने के लिए किस तथ्य को पहले सिद्ध करना होगा? | फुटेजकीप्रामाणिकताऔरनिरंतरता |
कौन-सी स्थिति धारा 107 के अंतर्गत नहीं आती? | गवाहकाचरित्र |
यदि कोई व्यक्ति एक निजी पत्र को प्रमाण के रूप में पेश करता है, तो कौन-सा तथ्य पहले साबित करना आवश्यक है? | कियहमूलप्रतिहै
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धारा 107 किस सिद्धांत पर आधारित है? | जिसपरसाक्ष्यकीवैधतानिर्भरहो, वहउसेसिद्धकरे |
यदि कोई पक्ष कहता है कि उसके पास एक मूल ऑडियो रिकॉर्डिंग है, परन्तु वह केवल ट्रांसक्रिप्ट देता है, तो साक्ष्य ग्राह्य कब बनेगा? | जबमूलरिकॉर्डिंगप्रस्तुतकीजाएयाउसकीवैधतासाबितहो |
धारा 107 में जिस व्यक्ति के ऊपर तथ्यों को सिद्ध करने का भार होता है, वह कौन होता है? | वहव्यक्तिजोसाक्ष्यसेलाभचाहताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 108 किससे संबंधित है?
| यहसाबितकरनेकाभारकिअभियुक्तकामामलाअपवादोंकेअन्तर्गतआताहै (Burden of proving that case of accused comes within exceptions) |
धारा 108 के अंतर्गत, यदि अभियुक्त यह कहता है कि उसका कृत्य "आवश्यक रक्षा" (self-defense) के अंतर्गत था, तो यह सिद्ध करने का भार किस पर होगा? | अभियुक्तपर |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, अभियुक्त को अपवाद सिद्ध करना होगा? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामरामस्वरूप (1974) |
धारा 108 मुख्यतः किस प्रकार के मामलों में उपयोगी होती है? | जहांअभियुक्तअपवादयाछूटकादावाकरताहै |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त को केवल प्रत्याशितसाक्ष्य (preponderance of probabilities) स्तर तक अपवाद सिद्ध करना होता है? | शंभूनाथमेहराबनामअजमेरराज्य |
धारा 108 के अंतर्गत अभियुक्त को किस स्तर का साक्ष्य देना होता है? | संभावनाओंकीअधिकता |
अपराध में अपवाद को सिद्ध करने की ज़िम्मेदारी किसके ऊपर है? | अभियुक्त |
कौन-सी धारा अभियुक्त को सामान्य अपवाद सिद्ध करने की अनुमति देती है? | धारा105 |
क्या अभियुक्त को अपवाद सिद्ध करने के लिए प्रत्यक्ष प्रमाण देना आवश्यक है? | नहीं, परिस्थितिजन्यसाक्ष्यपर्याप्तहै |
अभियुक्त द्वारा अपवाद सिद्ध करने के लिए साक्ष्य का मानक क्या होता है? | संभावनाओंकीअधिकता
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एक महिला ने अपने पति की हत्या की और दावा किया कि वह वर्षों से घरेलू हिंसा का शिकार थी और उसने आत्मरक्षा में यह किया। धारा 108 के अंतर्गत क्या अपेक्षित है? | अभियुक्तकोआत्मरक्षाकासाक्ष्यदेनाहोगा |
धारा 108 भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के किस मूल सिद्धांत पर आधारित है? | जोव्यक्तिअपवादकालाभचाहताहै, उसेउसेसिद्धकरनाहोताहै |
अगर कोई कहे कि उसने चोरी इसलिए की क्योंकि उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी, तो उसे किस अपवाद का हवाला देना होगा और क्या करना होगा? | उसेसिद्धकरनाहोगा |
"धारा 108 केवल तभी लागू होती है जब अभियुक्त अपवाद का दावा करता है" क्या यह कथन सत्य है? | हाँ |
नकारात्मक सबूत का बोझ" का सिद्धांत किस धारा से संबंधित है? | धारा108 |
धारा 108 का प्रयोग मुख्यतः किन मामलों में होता है? | अपवादोंसेयुक्तअपराध |
किस मामले में धारा 108 के अनुसार, अभियुक्त को उकसावे (provocation) का दावा सिद्ध करना पड़ा? | नानावटीकेस (1962 एआईआर605) |
धारा 108 में किस प्रकार के साक्ष्य की आवश्यकता होती है? | कोईभीसाक्ष्यजोअपवादकोसिद्धकरे–प्रत्यक्षयापरोक्ष |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 109 किससे संबंधित है?
| विशेषत: ज्ञाततथ्यकोसाबितकरनेकाभार (Burden of proving fact especially within knowledge) |
धारा 109 के अनुसार, यदि कोई तथ्य किसी व्यक्ति के विशेष ज्ञान में है, तो— | उसेसिद्धकरनाउसव्यक्तिकीजिम्मेदारीहै |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धांत स्पष्ट किया, कि विशेष ज्ञान वाले तथ्य सिद्ध करने का भार अभियुक्त पर होता है? | शंभूनाथमेहराबनामअजमेरराज्य (1956) |
धारा 109 का कौन-सा उदाहरण उपयुक्त है? | कोईव्यक्तिकहताहैकिअपराधकेसमयवहघरमेंअकेलाथा |
धारा 109 में "विशेषज्ञान" का तात्पर्य किससे है? | जोकेवलसंबंधितव्यक्तिकोज्ञातहो |
एक व्यक्ति कहता है कि चोरी के समय वह ट्रेन में यात्रा कर रहा था, और कोई गवाह नहीं है। धारा 109 के अनुसार— | उसेट्रेनटिकटयाअन्यसाक्ष्यप्रस्तुतकरनेहोंगे |
धारा 109 का उद्देश्य क्या है? | जिसव्यक्तिकेपासविशेषज्ञानहो, उसेउत्तरदायीबनाना |
किस सिद्धांत का पालन धारा 109 करती है? | विशेषज्ञानकेलिएविशेषजिम्मेदारीकीआवश्यकताहोतीहै |
किस मामले में कोर्ट ने क्या माना, कि अभियुक्त को स्पष्टीकरण देना होगा जब वह अंतिम बार मृतक के साथ देखा गया? | त्रिमुखमारोतीकिरकनबनाममहाराष्ट्रराज्य (2006) |
यदि कोई व्यक्ति अकेले कमरे में किसी की हत्या के समय मौजूद था, तो साक्ष्य देने का भार किस पर होगा? | उसव्यक्तिपर |
न्यायालय धारा 109 के अंतर्गत किसी व्यक्ति पर विशेष ज्ञान सिद्ध करने का भार तभी डालेगा जब— | तथ्यसामान्यरूपसेज्ञातनहो
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"यदि कोई विशेष जानकारी केवल आरोपी को है, तो उसे ही उसका स्पष्टीकरण देना होगा" — यह कथन किस धारा पर आधारित है? | धारा109
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 110 किससे संबंधित है?
| उसव्यक्तिकीमृत्युसाबितकरनेकाभारजिसकातीसवर्षकेभीतरजीवितहोनाज्ञातहै (Burden of proving death of person known to have been alive within thirty years) |
धारा 110 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | 30 वर्षोंकेभीतरजीवितरहेव्यक्तिकीमृत्युकोसिद्धकरनेकाभारउसपरडालनाजोमृत्युकादावाकरताहै |
धारा 110 का उपयोग मुख्यतः किस प्रकार के मामलों में किया जाता है? | जमीनकीउत्तराधिकारसंबंधीविवाद |
किस मामले में कि कोर्ट ने सिद्धांत अपनाया, जीवित रहने का अनुमान तब तक माना जाएगा जब तक मृत्यु साबित न हो? | लालचंदमारवाड़ीबनाममहंतरामरूपगिर (1926) |
यदि कोई व्यक्ति अंतिम बार 25 वर्ष पहले देखा गया था, और उसकी मृत्यु पर विवाद है, तो धारा 110 के अनुसार क्या होगा? | व्यक्तिकोजीवितमानाजाएगा
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धारा 110 कब लागू नहीं होती? | जबमृत्युकास्पष्टप्रमाणहो |
यदि कोई व्यक्ति 10 वर्ष पहले जीवित देखा गया हो, और अब उत्तराधिकार का दावा हो, तो मृत्यु साबित करने का भार किस पर होगा? | विरोधीपक्ष |
धारा 110 किस सिद्धांत पर आधारित है? | जीवनकीनिरंतरताकीकानूनीधारणा |
कोई व्यक्ति 15 वर्षों से लापता है, और उसकी जमीन पर उत्तराधिकार का विवाद है। अंतिम बार वह 20 वर्ष पहले जीवित देखा गया था। क्या होगा? | उसेजीवितमानाजाएगाजबतकमृत्युसिद्धनहो |
एक व्यक्ति 1999 में जीवित देखा गया था और अब 2025 में उस पर वसीयत लागू करने का दावा है। क्या धारा 110 लागू होगी? | हाँ |
मृत्यु का दावा करने वाले को क्या सिद्ध करना होता है? | व्यक्तिअबजीवितनहींहै |
किस मामले में धारा 110 से संबंधित बात कही गई, कि जीवन का अनुमान तभी लगेगा जब अंतिम बार 30 वर्ष के भीतर देखा गया हो? | भगवानसिंहबनामपंजाबराज्य (1952) |
धारा 110 का उपयोग किस प्रकार के प्रमाण के लिए किया जाता है? | विधिकअनुमान |
यदि व्यक्ति को अंतिम बार 1990 में देखा गया था, तो 2025 में उसे लेकर क्या मान लिया जाएगा? | मृत |
किस परिस्थिति में धारा 110 नहीं लागू होगी? | जबकोईमृत्युप्रमाणपत्रउपलब्धहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 111 किससे संबंधित है?
| यहसाबितकरनेकाभारकिवहव्यक्ति, जिसकेबारेमेंसातवर्षसेकुछसुनानहींगयाहै, जीवितहै (Burden of proving that person is alive who has not been heard of for seven years) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 111 किस अनुमान से संबंधित है? | मृत्युकाअनुमान |
कोई व्यक्ति सात वर्षों से लापता है और उसके बारे में कोई समाचार नहीं है। धारा 111 के अनुसार उसे क्या मृत माना जा सकता है? | हाँ |
मृत्यु का अनुमान कब नहीं लगाया जाएगा? | जबउसकेबारेमेंजानकारीमिलतीरहीहो |
धारा 111 का सबसे बड़ा व्यावहारिक उपयोग किसमें होता है? | उत्तराधिकारऔरसंपत्तिविवाद |
एक व्यक्ति 10 वर्षों से लापता है और कोई भी उससे संबंधित नहीं जानता। उसकी जमीन पर दावा करने के लिए किसे मृत्यु सिद्ध करनी होगी? | दावाकरनेवालेको |
सात वर्षों की अनुपस्थिति में किस प्रकार का अनुमान लगता है? | विधिकअनुमान |
यदि कोई व्यक्ति 7 वर्ष से अधिक समय से लापता है, तो उसकी मृत्यु की तिथि को लेकर क्या नियम लागू होता है? | मृत्यु7 सालपूरेहोनेकेबादमानीजाएगी |
किस केस में धारा 111 से जुड़ा कौन-सा सिद्धांत माना गया, सात वर्षों की अनुपस्थिति मृत्यु का मजबूत अनुमान है? | फेनकेट्रस्ट (1870) |
यदि मृत घोषित व्यक्ति जीवित लौट आए, तो उसकी संपत्ति को लेकर क्या होगा? | संपत्तिवापसमिलजाएगी |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा भागीदारों, भूस्वामीऔरअभिधारी, मालिकऔरअभिकर्ताकेमामलोंमेंसबूतकाभार(Burden of proof as to relationship in the cases of partners, landlord and tenant, principal and agen) से संबंधित है। | धारा 112
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “स्वामित्वकेबारेमेंसबूतकाभार”(Burden of proof as to ownership) से संबंधित है। | धारा 113 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “उनसंव्यवहारोंमेंसद्भावकासाबितकियाजानाजिनमेंएकपक्षकारकासम्बन्धसक्रियविश्वासकाहै”(Proof of good faith in transactions where one party is in relation of active confidence) से संबंधित है | धारा 114
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 115 किससे संबंधित है? | कतिपयअपराधोंकेबारे मेंउपधारणा (Presumption as to certain offences) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 116 किससे संबंधित है?
| विवाहितस्थितिकेदौरानजन्महोनाधर्मत्वकानिश्चायकसबूतहै (Birth during marriage, conclusive proof of legitimacy) |
धारा 116 के अनुसार, वैध विवाह के दौरान जन्मे बच्चे को कब वैध माना जाएगा? | यदिवहविवाहकेदौरानयाविघटनके280 दिनकेभीतरजन्माहो |
धारा 116 में किस परिस्थिति में यह उपधारणा लागू नहीं होती? | जबयहसाबितहोजाएकिपतिकोउससमयबच्चेकीउत्पत्तिसंभवनहींथी |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि वैवाहिक स्थिति के दौरान उत्पन्न संतान को अवैध ठहराना तभी संभव है जब “बिल्कुल असंभव” हो कि पति उसका जनक हो? | कामतीदेवीबनामपोशीराम
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धारा 116 किस प्रकार की धारणा (presumption) को जन्म देती है? | कानूनीधारणाजोसाक्ष्यसेपलटीजासकतीहै |
यदि विवाह विच्छेद के 250 दिन बाद संतान जन्म लेती है, तो धारा 116 लागू होगी? | हाँ |
"कानून मातृत्व से अधिक पितृत्व की रक्षा करता है" यह सिद्धांत धारा 116 में किस रूप में झलकता है? | पिताद्वारानकारकीसीमितता |
यदि पति पत्नी से लंबे समय से अलग रह रहा है और उसका दावा है कि वह संतान का पिता नहीं हो सकता, तो उसे क्या साबित करना होगा? | सहवासकीपूर्णअसंभवता |
धारा 116 में प्रयुक्त “निर्णायक प्रमाण”का क्या तात्पर्य है? | यहमान्यसबूतहैलेकिनप्रतिवादसंभवहै |
यदि पत्नी IVF प्रक्रिया द्वारा गर्भवती हुई और बच्चा विवाह के दौरान पैदा हुआ, तो क्या धारा 116 लागू होगी? | हाँ |
किस विधिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए धारा 116 लाई गई है? | बच्चाअवैधघोषितहोनेसेबचे |
क्या पति केवल संदेह के आधार पर बच्चे की वैधता को चुनौती दे सकता है? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 117 किससे संबंधित है?
| किसीविवाहितस्त्रीद्वाराआत्महत्याकेदुष्प्रेरणकेबारेमेंउपधारणा (Presumption as to abetment of suicide by a married woman) |
धारा 117 के तहत, यदि किसी विवाहित स्त्री की आत्महत्या के समय उसके पति या उसके रिश्तेदार द्वारा क्रूरता का आरोप लगाया जाता है, तो उपधारणा किसके द्वारा लागू की जा सकती है? | न्यायालयद्वारा |
किस मामले में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना था कि यदि किसी महिला की आत्महत्या के समय उसके पति या उसके परिवार ने उसे उत्पीड़ित किया हो, तो इस स्थिति में धारा 117 की उपधारणा लागू की जा सकती है? | के.एम. नानावटीबनाममहाराष्ट्रराज्य |
धारा 117 के तहत, यदि महिला द्वारा आत्महत्या की तारीख से सात वर्ष के भीतर उसकी मृत्यु हो जाती है, तो क्या यह उपधारणा स्वतः लागू होगी? | नहीं, इसेसाबितकरनेकेलिएअन्यपरिस्थितियाँहोनीचाहिए |
धारा 117 के तहत, जब किसी स्त्री की आत्महत्या होती है और यह साबित किया जाता है कि उसके पति ने उसे शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था, तो उपधारणा किसे स्वीकार किया जाएगा? | पत्नीकेपक्षमें |
धारा 117 के तहत, यदि किसी महिला ने आत्महत्या के दौरान कोई सुसाइड नोट छोड़ा हो, तो क्या न्यायालय उसे क्रूरता के प्रमाण के रूप में स्वीकार कर सकता है? | हाँ, यहक्रूरताकेप्रमाणकेरूपमेंस्वीकारकियाजासकताहै
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धारा 117 के तहत यदि महिला की आत्महत्या के समय उसके पति और उसके रिश्तेदार दोनों विदेश में थे, तो क्या उपधारणा लागू होगी? | हाँ, यदिअन्यपरिस्थितियाँपूरीहोतीहैं |
धारा 117 में "क्रूरता" का क्या मतलब है? | मानसिकउत्पीड़नऔरशारीरिकहिंसा |
धारा 117 के अनुसार, यदि पति द्वारा की गई क्रूरता का कारण पत्नी के आत्महत्या करने का एकमात्र कारण हो, तो यह किस रूप में न्यायालय द्वारा माना जा सकता है? | यहकानूनीदृष्टिकोणसेस्वीकार्यहै |
धारा 117 के तहत, यदि किसी महिला की आत्महत्या के कारण उसके पति और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज होता है, तो न्यायालय क्या कदम उठाता है? | आत्महत्याकेकारणोंकीजांचकीजातीहै
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धारा 117 के तहत, न्यायालय द्वारा उपधारणा को चुनौती देने का अवसर किसे मिलेगा? | सभीपक्षोंको |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा दहेजमृत्युकेबारेमेंउपधारणा (Presumption as to dowry death) से संबंधित है। | धारा 118 |
धारा 118 के अनुसार, अगर किसी महिला की मृत्यु विवाह के 7 साल के भीतर होती है, तो न्यायालय दहेज हत्या की उपधारणा कैसे लागू कर सकता है? | जबयहसाबितहोकिउसकीमृत्युदहेजउत्पीड़नयादहेजहत्याकेकारणहुईहो |
धारा 118 में यह उपधारणा लागू होने के लिए कौन सी परिस्थितियाँ अनिवार्य हैं? | मृत्युके7 सालकेभीतरदहेजउत्पीड़नकाप्रमाणहोना |
सुप्रीम कोर्ट के किस मामले में यह निर्णय लिया गया कि यदि महिला की मृत्यु दहेज उत्पीड़न के कारण हुई है, तो यह दहेज हत्या की उपधारणा के तहत माना जा सकता है? | सतवंतीबनामहरियाणाराज्य |
धारा 118 के अनुसार, दहेज हत्या के आरोपों को लागू करने के लिए किस प्रकार के साक्ष्य की आवश्यकता होती है? | दहेजउत्पीड़नकेमामलेमेंएकत्रितसभीप्रमाणऔरपरिस्थितियाँ |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि विवाह के बाद 7 साल के भीतर महिला की मृत्यु होने पर यदि दहेज उत्पीड़न का प्रमाण मिले, तो दहेज हत्या की उपधारणा लागू हो सकती है? | कर्नाटकराज्यबनामचन्नबसप्पा
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धारा 118 के तहत दहेज हत्या की उपधारणा को चुनौती कब दी जा सकती है? | जबमहिलाकीमृत्युकेकारणोंकोस्पष्टरूपसेसाबितनहींकियाजासकता |
धारा 118 में, यदि महिला की मृत्यु विवाह के 7 साल के भीतर होती है और यह साबित हो जाता है कि यह दहेज हत्या के कारण हुई थी, तो यह उपधारणा किसके पक्ष में काम करती है? | महिलाकेपरिवारकेपक्षमें |
धारा 118 के तहत, यदि मृत महिला के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप नहीं लगाया, तो क्या उपधारणा लागू होगी? | हाँ, यदिअन्यप्रमाणहैं |
धारा 118 के तहत, जब किसी महिला की मृत्यु के बाद उसके परिवार ने आरोप लगाया कि यह दहेज हत्या थी, तो न्यायालय के लिए कौन सा सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है? | दहेजउत्पीड़नकेसंदर्भमेंएकत्रितसाक्ष्यऔरपरिस्थितियाँ
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धारा 118 में अगर किसी महिला की मृत्यु के बाद उसके पति या रिश्तेदार द्वारा दहेज हत्या के आरोपों को खारिज किया जाता है, तो क्या यह उपधारणा अदालत द्वारा पलटी जा सकती है? | हाँ, यदिअन्यसाक्ष्यमिले |
यदि महिला की मृत्यु के बाद दहेज उत्पीड़न के सबूत मिले हैं, तो क्या दहेज हत्या की उपधारणा को लागू किया जा सकता है, भले ही मृतिका का परिवार साक्ष्य प्रस्तुत न कर सके? | हाँ, यदियहअन्यप्रमाणोंसेस्थापितहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा न्यायालयकिन्हींतथ्योंकाअस्तित्वउपधारितकरसकेगा (Court may presume existence of certain facts) से संबंधित है। | धारा 119 |
न्यायालय ऐसे किसी तथ्य का अस्तित्व उपधारित कर सकेगा जिसका घटित होना उस विशिष्ट मामले के तथ्यों के सम्बन्ध में प्राकृतिक घटनाओं, मानवीय आचरण तथा लोक और प्राइवेट कारबार के सामान्य अनुक्रम को ध्यान में रखते हुए वह सम्भाव्य समझता है, किस धारा से सम्बंधित है? | धारा 119 |
धारा 119 के तहत न्यायालय किसी तथ्य का अस्तित्व किस स्थिति में उपधारित कर सकता है? | जबउसतथ्यकाअस्तित्वअन्यप्रमाणोंसेप्रमाणितकियाजाए |
सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में यह निर्णय लिया था कि न्यायालय किसी तथ्यों का अस्तित्व उपधारित कर सकता है जब संबंधित साक्ष्य और परिस्थितियाँ मौजूद हों? | रमेशकुमारबनामपंजाबराज्य |
धारा 119 के तहत, जब न्यायालय किसी तथ्य का अस्तित्व उपधारित करता है, तो क्या उसे उन तथ्यों से संबंधित अन्य साक्ष्य की भी आवश्यकता होती है? | हाँ, न्यायालयकोसभीप्रमाणोंकीसमीक्षाकरनीहोतीहै
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किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह कहा था कि न्यायालय को अपनी उपधारणा के आधार पर तथ्यों का अस्तित्व स्थापित करने का अधिकार है, यदि परिस्थितियाँ उपयुक्त हों? | तमिलनाडुराज्यबनामके. सरवनन |
धारा 119 के तहत, न्यायालय को किसी तथ्य के अस्तित्व का उपधारण करते समय किस प्रकार के प्रमाणों को प्राथमिकता मिलती है? | तथ्यसेसंबंधितपरिस्थितियोंऔरसाक्ष्यकीकुलमात्रा |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “बलात्संगकेलिएकतिपयअभियोजनमेंसम्मतिकेनहोनेकीउपधारणा” (Presumption as to absence of consent in certain prosecution for rape) से संबंधित है। | धारा 120 |
धारा 120 के तहत बलात्संग के अभियोजन में सम्मति के न होने की उपधारणा किस आधार पर की जाती है? | महिलाकीशारीरिकस्थितिऔरउसकीस्पष्टसहमतिकाअभाव |
यदि कोई महिला बलात्कार के बाद आरोप लगाती है, तो धारा 120 के तहत क्या माना जाता है? | महिलानेबलात्कारकेलिएसहमतिनहींदीथी |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बलात्कार के अभियोजन में सम्मति के अभाव की उपधारणा लागू होती है? | महाराष्ट्रराज्यबनाममधुकरनारायणमार्डीकर
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किस मामले में यह निर्णय लिया गया था कि बलात्कार के मामलों में महिला की सहमति के अभाव को ध्यान में रखते हुए उपधारणा की जाती है? | यू.पी. राज्यबनामनरेश |
धारा 120 के तहत, जब तक आरोपी महिला की सहमति का स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं करता, तब तक क्या माना जाएगा? | महिलानेबलात्कारकेलिएसहमतिनहींदीथी |
यदि महिला ने किसी बलात्कार के मामले में सहमति दी है, तो क्या धारा 120 लागू होगी? | नहीं, धारा 120 केवलतबलागूहोतीहैजबसहमतिकाअभावहो |
धारा 120 के तहत, बलात्कार के मामले में सम्मति की उपधारणा का उद्देश्य क्या है? | महिलाकेअधिकारोंकीसुरक्षाकरना |
किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि बलात्कार के लिए महिला की सहमति के अभाव को ध्यान में रखते हुए उपधारणा लागू होती है? | सोमैयाबनामआंध्रप्रदेशराज्य
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अध्याय 8 (Chapter VIII) | |
विबन्ध (Estoppel) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 121 किससे संबंधित है? | विबंधन (Estoppel) |
धारा 121 के तहत, विबंध को किस स्थिति में अदालत स्वीकार करती है? | जबविबंधस्वतंत्ररूपसेऔरबिनादबावकेदियागयाहो |
किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया था कि विबंध केवल तभी मान्य होगा जब वह बिना दबाव के दिया गया हो? | महाराष्ट्रराज्यबनामसुरेशकुमार
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धारा 121 के अनुसार, क्या विबंध एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हो सकता है? | हाँ, अगरवहविबंधस्वतंत्रऔरबिनादबावकेहो |
किस मामले में न्यायालय ने कहा था कि विबंध को केवल एकतरफा बयान मानकर अदालत उसे खारिज नहीं कर सकती? | के.एम. नानावटीबनाममहाराष्ट्रराज्य |
धारा 121 के अनुसार, क्या किसी विबंध का स्वीकार होने पर आरोपी को अदालत में दिए गए बयान को चुनौती देने का अधिकार होता है? | हाँ, आरोपीहमेशाअपनेविबंधकोचुनौतीदेसकताहै |
धारा 121 में विबंध की पहचान क्या होती है? | केवलवहबयानजिसेआरोपीअपनेअपराधकेलिएदेताहै |
सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में यह कहा था कि विबंध की कोई सटीक पहचान नहीं होती और उसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, जब तक कि यह वैध हो? | पंजाबराज्यबनामसतनामसिंह |
धारा 121 के तहत विबंध किस प्रकार की अदालतों में स्वीकार किया जा सकता है? | सभीप्रकारकीअदालतोंमें |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 122 किससे संबंधित है?
| अभिधारीकाऔरकब्जाधारीव्यक्तिअनुज्ञप्तिधारीकाविबन्ध (stoppel of tenant and of licensee of person in possession) |
धारा 122 किस प्रकार के न्यायिक सिद्धांत से प्रेरित है? | एस्टोपेल |
धारा 122 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | संपत्तिकेवास्तविकस्वामीकीरक्षाकरना |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 123 किससे संबंधित है?
| विनिमय-पत्रकेप्रतिगृहीताका, उपनिहितीकायाअनुज्ञप्तिधारीकाविबन्ध (Estoppel of acceptor of bill of exchange, bailee or licensee) |
न्यायालय द्वारा किस केस में यह निर्णय दिया गया कि दस्तावेज़ का धारक, जब तक वह उसके पास है, उसके विरुद्ध बयान नहीं दे सकता? | लूनकरणसेठिया बनाम इवानई. जॉन |
यदि कोई उपनिहिती अपने दस्तावेज़ के वैध होने से इनकार करता है, तो यह किस साक्ष्य सिद्धांत का उल्लंघन होगा? | एस्टोपेल (Estoppel)
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क्या धारा 123 केवल बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर लागू होती है? | नहीं |
यदि कोई व्यक्ति दस्तावेज़ को धारण कर रहा है लेकिन उसके विरुद्ध बयान दे रहा है, तो न्यायालय इसे कैसे देखेगा? | विबंधकानिषेध |
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अध्याय 9 (Chapter IX) | |
साक्षियोंकेविषयमें (Of Witnesses) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस बात से संबंधित है कि “कौनसाक्ष्यदेसकेगा”(Who may testify) | धारा 124 |
धारा 124 के अनुसार, कौन साक्ष्य देने के लिए अयोग्य होता है? | मानसिकरूपसेअसमर्थव्यक्ति |
यदि कोई बच्चा इतना परिपक्व है कि वह सत्य और असत्य में अंतर समझ सकता है, तो वह साक्ष्य दे सकता है या नहीं? | हाँ |
किस केस में यह निर्णय दिया गया कि बाल साक्ष्य यदि विश्वसनीय है तो दोषसिद्धि का आधार बन सकता है? | पंछीबनामयूपीराज्य। |
धारा 124 में साक्ष्य देने की क्षमता किस पर निर्भर करती है? | इसबातपरकिवहव्यक्तिसमझसकताहैकिवहक्याकहरहाहै |
यदि कोई गूंगा व्यक्ति इशारों द्वारा साक्ष्य दे सकता है, तो क्या वह साक्ष्य देने में सक्षम है? | हाँ |
क्या कोई आरोपी व्यक्ति अपने ही मुकदमे में साक्ष्य दे सकता है? | हाँ, यदिवहस्वयंचाहे |
कौन-सा कथन सत्य है? | एकव्यक्तिसाक्ष्यदेसकताहैयदिवहसत्यऔरअसत्यमेंअंतरकरसके |
‘गवाह की योग्यता’का निर्णय किसका दायित्व है? | न्यायालयका |
किस स्थिति में न्यायालय गवाह को साक्ष्य देने से रोक सकता है? | जबगवाहबयानदेनेमेंअसमर्थहो |
क्या कोई पक्षपाती साक्षी साक्ष्य देने के योग्य होता है? | हाँ |
बाल साक्ष्य, यदि विश्वसनीय है, दोषसिद्धि का आधार हो सकता है,किस केस से सम्बंधित है? | पंछीबनामयूपीराज्य' |
यदि कोई व्यक्ति न तो सुन सकता है और न ही बोल सकता है, तो क्या वह न्यायालय में साक्ष्य दे सकता है? | हाँ, यदिवहलिखकरयासंकेतोंसेसाक्ष्यदेसके |
कौन साक्ष्य देने के लिए पूर्ण रूप से अयोग्य होता है? | मानसिकरूपसेपूर्णत: असमर्थव्यक्ति |
एक गवाह को अयोग्य ठहराने का आधार क्या हो सकता है? | उसकीसाक्ष्यदेनेकीअसमर्थता |
क्या कोई अंधा व्यक्ति साक्ष्य दे सकता है? | हाँ, यदिउसकेपासउसघटनाकीजानकारीहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा साक्षी कामौखिकरूपसेसंसूचितकरनेमेंअसमर्थहोना (Witness unable to communicate verbally) से संबंधित है? | धारा 125 |
धारा 125 का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | संप्रेषणकीअक्षमताकेबावजूदसाक्ष्यकीस्वीकृति |
यदि कोई गूंगा व्यक्ति इशारों से या लिखकर बयान दे सकता है, तो क्या वह साक्ष्य दे सकता है? | हाँ |
न्यायालय द्वारा यह कैसे निर्धारित किया जाता है कि असक्षम साक्षी सक्षम है या नहीं? | न्यायालयकीसंतुष्टिसे |
किस केस में यह माना गया कि मूक (गूंगा) व्यक्ति साक्ष्य देने में सक्षम हो सकता है यदि वह समझदारी से संवाद कर सके? | केरलराज्यबनामकुरियनराफेल
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यदि कोई गवाह बोल नहीं सकता परंतु संकेतों द्वारा उत्तर देता है, तो इसे क्या माना जाएगा? | संकेतसाक्ष्यजोमौखिकसाक्ष्यकेबराबरहै |
न्यायालय साक्षी के संकेतों या लिखे गए बयान को किस रूप में दर्ज करता है? | न्यायालयद्वाराव्याख्यायितमौखिकसाक्ष्यकेरूपमें |
क्या धारा 125 के अंतर्गत वीडियो या तकनीकी माध्यम से गवाही दी जा सकती है? | हाँ, यदिन्यायालयसंतुष्टहो |
न्यायालय किस माध्यम से यह सत्यापित करता है कि साक्षी संवाद करने में सक्षम है? | परीक्षणकरकेखुदसे |
गूंगे व्यक्ति की गवाही को किस स्थिति में अपूरक माना जाएगा? | जबवहसंकेतोंसेसंवादनहींकरसकता |
मूक साक्षी की गवाही दर्ज करते समय कौन-सा मुख्य सिद्धांत लागू होता है? | गवाहकीयोग्यता |
क्या धारा 125 के तहत दृष्टिहीन व्यक्ति की गवाही मानी जा सकती है? | हाँ, यदिवहघटनाकाज्ञानरखताहो |
क्या न्यायालय को संकेत भाषा में गवाही समझने के लिए दुभाषिए का प्रयोग करना चाहिए? | हाँ, यदिआवश्यकहो |
मूक साक्षी की गवाही किस अधिनियम की धारा 125 के अंतर्गत दर्ज की जाती है? | भारतीयसाक्ष्यअधिनियम, 2023 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “कतिपयमामलोंपतिऔरपत्नीकीसाक्षीकेरूपमेंसक्षमता” (Competency of husband and wife as witnesses in certain cases) से संबंधित है। | धारा 126
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धारा 126 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | सीमितपरिस्थितियोंमेंपति-पत्नीकोसाक्ष्यकेयोग्यबनाना |
धारा 126 के तहत पति-पत्नी एक-दूसरे के विरुद्ध कब गवाही दे सकते हैं? | जबगवाहीकिसीगोपनीयसंप्रेषणसेसंबंधितनहो |
'गोपनीय संप्रेषण' (Confidential Communication) का क्या अर्थ है? | विवाहकेदौरानव्यक्तिगतसंवाद |
धारा 126 किस सिद्धांत को संतुलित करती है? | विवाहकीगोपनीयताबनामन्यायहित |
किस केस में यह माना गया कि पति-पत्नी की गोपनीय बातचीत को न्यायालय में साक्ष्य के रूप में नहीं लिया जा सकता? | एम.सी.वर्गीसबनामटी.जे. पूनन |
गोपनीय संप्रेषण की रक्षा करने वाली कानूनी अवधारणा को क्या कहा जाता है? | विशेषाधिकारप्राप्तसंचार |
क्या कोई पति अपनी पत्नी के खिलाफ विवाह के दौरान की व्यक्तिगत बातचीत को अदालत में उजागर कर सकता है? | नहीं, धारा126 केअंतर्गतनिषिद्धहै |
किस केस में पति-पत्नीकेबीचविशेषाधिकारप्राप्तसंचार सिद्धांत को सर्वोच्च न्यायालय ने लागू किया था? | "एम.सी. वर्गीसबनामटी.जे. पूनन" |
क्या पति-पत्नी में से कोई एक जबरन साक्ष्य के लिए बाध्य किया जा सकता है? | नहीं, यदिवहगोपनीयबातचीतसेसंबंधितहो |
किस परिस्थिति में पति या पत्नी को गवाही देने से छूट मिल सकती है? | यदिगवाहीगोपनीयसंप्रेषणपरआधारितहो |
क्या विवाह की समाप्ति के बाद गोपनीय संप्रेषण की रक्षा समाप्त हो जाती है? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 127 किससे संबंधित है? | न्यायाधीशऔरमजिस्ट्रेट (Judges and Magistrates) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 127 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यायाधीशोंकोउनकीन्यायिककार्यवाहीकेलिएसंरक्षणदेना |
क्या धारा 127 के अंतर्गत कोई न्यायाधीश अपनी न्यायिक प्रक्रिया के संबंध में साक्ष्य देने को बाध्य किया जा सकता है? | नहीं, जबतककिउच्चअधिकारनदे |
किस केस में यह सिद्धांत स्थापित हुआ कि न्यायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को साक्ष्य के रूप में जांच के लिए नहीं लाया जा सकता? | आर. बनामलेवेलिन-जोन्स |
धारा 127 का किस मूलभूत सिद्धांत से संबंध है? | न्यायिकस्वतंत्रता |
क्या मजिस्ट्रेट, जिसने कोई आदेश पारित किया है, उस आदेश के औचित्य पर गवाही दे सकता है? | नहीं |
न्यायाधीशों की न्यायिक गतिविधियों को चुनौती देने के लिए कौन-सा विधिक मार्ग उपयुक्त होता है? | अपील |
क्या न्यायालय के निर्णय को गलत ठहराने हेतु न्यायाधीश की मानसिक प्रक्रिया को गवाही में लिया जा सकता है? | नहीं |
न्यायिक स्वतंत्रता को सुरक्षित करने के लिए न्यायाधीशों को किस प्रकार की कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है? | वेअपनेनिर्णयपरगवाहीनहींदेसकते |
धारा 127 में उल्लिखित अपवादों को लागू करने का अधिकार किसके पास होता है? | संबंधितउच्चन्यायालययाप्राधिकृतअधिकारीकेपास |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 128 किससे संबंधित है?
| विवाहितस्थितिकेदौरानमेंकीगईसूचनाएं (Communications during marriage) |
धारा 128 के अनुसार, पति-पत्नी के बीच वैवाहिक जीवन के दौरान किए गए संप्रेषण को क्या माना जाता है? | गोपनीयसंप्रेषण |
किस स्थिति में विवाह के दौरान किया गया संप्रेषण साक्ष्य के रूप में मान्य होगा? | जबदोनोंपक्षसहमतिदें |
एम.सी.वर्गीसबनामटी.जे. पूनन केस किस धारा से संबंधित है? | धारा128 – वैवाहिकगोपनीयता |
यदि कोई पत्नी पति के विरुद्ध वैवाहिक काल की निजी बातचीत को उजागर करती है, तो क्या यह स्वीकार्य होगा? | नहीं, जबतकपतिसहमतिनदे |
धारा 128 के तहत किस बात पर विशेष बल दिया गया है? | पति-पत्नीकेबीचविश्वासऔरगोपनीयता |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 129 किससे संबंधित है? | राज्यकेकार्यकलापोंकेबारेमेंसाक्ष्य (Evidence as to affairs of State) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 130 किससे संबंधित है? | शासकीयसंसूचनाएं (Official communications) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 131 किससे संबंधित है? | अपराधोंकेकरनेकेबारेमेंजानकारी (Information as to commission of offences) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “वृतिकसंसूचनाएं”(Professional communications) से संबंधित है? | धारा 132 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “साक्ष्यदेनेकेलिएस्वयमेवउद्यतहोनेसेविशेषाधिकारअभित्यक्तनहींहोजाता”(Privilege not waived by volunteering evidence) से संबंधित है? | धारा 133 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा विधिसलाहकारोंसेगोपनीयसंसूचना(Confidential communication with legal advisers) से संबंधित है। | धारा 134 |
क्या कोई व्यक्ति अपने विधिक सलाहकार से प्राप्त गोपनीय सूचना को न्यायालय में बिना अनुमति के प्रकट कर सकता है? | नहीं, जबतककिव्यक्तिस्वयंइसकीअनुमतिनदे |
धारा 134 के अनुसार गोपनीयता की यह सुरक्षा किसके बीच होती है? | ग्राहकऔरवकील |
क्या अपराध की योजना बनाने हेतु दी गई सलाह गोपनीय सूचना मानी जाएगी? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 135 किससे संबंधित है?
| जोसाक्षीपक्षकारनहींहैउसकेहकविलेखोंकापेशकियाजाना (Production of title-deeds of witness not a party) |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “ऐसेदस्तावेजोंयाइलैक्ट्रानिकअभिलेखोंकापेशकियाजाना, जिन्हेंकोईदूसराव्यक्ति, जिसकाउनपरकब्जाहै, पेशकरनेसेइंकारकरसकताथा”(Production of documents or electronic records which another person, having possession, could refuse to produce) से संबंधित है। | धारा 136 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस बात से संबंधित है कि इसआधारपरकिउत्तरउसेअपराधमेंफंसाएगा, साक्षीउत्तरदेनेसेक्षम्यनहोगा(itness not excused from answering on ground that answer will criminate)? | धारा 137
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यदि कोई साक्षी कहता है कि उसका उत्तर उसे अपराध में फंसा सकता है, तो क्या उसे उत्तर देने से छूट मिलेगी? | नहीं |
धारा 137 में साक्षी को क्या गारंटी दी जाती है? | किउसकाउत्तरअभियोजनमेंप्रयोगनहींहोगा |
कौन-सा केस आत्मदोष से संबंधित संवैधानिक संरक्षण पर आधारित है? | सेल्वीबनामकर्नाटकराज्य |
क्या साक्षी का बयान जो कि अदालत में बाध्य होकर दिया गया हो, उसे अभियुक्त के विरुद्ध प्रयोग किया जा सकता है? | नहीं |
क्या अभियोजन, साक्षी के दिए गए बयान को बाद में उपयोग कर सकता है? | नहीं, जबतकसाक्षीअभियुक्तनबनजाए |
किस केस में यह स्पष्ट किया गया कि किसी साक्षी का बाध्य बयान आत्मदोषरहितता के तहत सुरक्षित होता है? | सेल्वीबनामकर्नाटकराज्य |
धारा 137 का क्या प्रभाव है? | यहसाक्षीकीसुरक्षाकरताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 138 किससे संबंधित है? | सहअपराधी (Accomplice) |
धारा 138 के अनुसार, सह-अपराधी की गवाही को कैसे माना जाता है? | अनुमेय, लेकिनपुष्टिकीआवश्यकताहोतीहै |
किस केस में यह सिद्ध किया गया कि सह-अपराधी की गवाही पुष्टिकरण के बिना भी दोषसिद्धि का आधार बन सकती है? | कश्मीरासिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य |
सह-अपराधी की गवाही की पुष्टि (corroboration) क्यों आवश्यक मानी जाती है? | क्योंकिवहपक्षपातकरसकताहै |
सह-अपराधी की गवाही की पुष्टि किस प्रकार के साक्ष्य से हो सकती है? | प्रत्यक्षसाक्ष्य, परिस्थितिजन्यसाक्ष्य, अन्यस्वतंत्रसाक्षीकीगवाही |
धारा 138 के अंतर्गत सह-अपराधी की गवाही किस श्रेणी में आती है? | सक्षमसाक्ष्य |
कौन-सा केस सह-अपराधी की गवाही के उपयोग के संदर्भ में एक प्रमुख उदाहरण है? | कश्मीरासिंहबनाममध्यप्रदेशराज्य |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “साक्षियोंकीसंख्या”(Number of witnesses) से संबंधित है? | धारा 139 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 139 का मूल सिद्धांत क्या है? | साक्षियोंकीसंख्याअनिवार्यनहीं |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि "गुणवत्ता" साक्ष्य की "संख्या" से अधिक महत्वपूर्ण है? | वडिवेलुथेवरबनाममद्रासराज्य |
धारा 139 के तहत दोषसिद्धि किस बात पर निर्भर करती है? | गवाहीकीसत्यताऔरविश्वसनीयतापर |
साक्षी की संख्या नहीं, बल्कि उसकी क्या महत्वपूर्ण होती है? | विश्वसनीयता |
यदि पाँच साक्षी मौजूद हैं परन्तु केवल एक विश्वसनीय है, तो न्यायालय किस गवाही को मान्यता देगा? | केवलविश्वसनीयसाक्षीको |
सिर्फ एक साक्षी पर आधारित निर्णय किस प्रकार का होता है? | न्यायसंगतयदिसाक्ष्यमजबूतहो |
किसी अपराध की पुष्टि के लिए क्या 'एकमात्र गवाह' भी पर्याप्त हो सकता है? | हाँ |
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अध्याय 10 (Chapter X) | |
साक्षियोंकीपरीक्षाकेविषयमें (Of Examination Of Witnesses) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “साक्षियोंकेपेशकरणऔरउनकीपरीक्षाकाक्रम”(Order of production and examination of witnesses) से संबंधित है। | धारा 140
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भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 140 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकोसाक्षियोंकीपरीक्षाकेक्रमकोनियंत्रितकरनेकीशक्तिदेना |
साक्षी को बुलाने और परीक्षा करने का क्रम कौन तय करता है? | न्यायालय |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने साक्षी के परीक्षण के दौरान न्यायालय के विवेकाधिकार को मान्यता दी? | गुजरातराज्यबनामअनिरुद्धसिंह |
क्या अदालत अभियोजन साक्षियों की क्रम बदल सकती है? | हाँ, यदिन्यायोचितकारणहो |
क्या न्यायालय यह निर्देश दे सकता है कि कौन-सा साक्षी पहले या बाद में प्रस्तुत हो? | हाँ, न्यायालयकाअधिकारहै |
न्यायालय किस परिस्थिति में साक्षी के पेश करने के क्रम में हस्तक्षेप कर सकता है? | जबन्यायकीआवश्यकताहो,जबअभियोजनपक्षअसहयोगकरे,जबगवाहअनुपलब्धहो |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “न्यायाधीशसाक्ष्यकीग्राहयताकेबारेमेंनिश्चयकरेगा”(Judge to decide as to admissibility of evidence) से संबंधित है। | धारा 141 |
धारा 141 के अंतर्गत साक्ष्य की ग्राह्यता का निर्धारण कौन करता है? | न्यायाधीश |
"साक्ष्य की स्वीकार्यता" से क्या तात्पर्य है? | क्यासाक्ष्यन्यायालयमेंस्वीकारकियाजासकताहैयानहीं |
न्यायाधीश साक्ष्य की ग्राह्यता का निर्धारण कब करता है? | जबसाक्ष्यप्रस्तुतकियाजाताहै |
न्यायाधीश द्वारा साक्ष्य की ग्राह्यता के निर्धारण का क्या उद्देश्य है? | केवलवैधऔरप्रासंगिकसाक्ष्यकोमान्यतादेना |
किस केस में यह कहा गया कि "स्वीकार्यता कानून और न्यायाधीश का प्रश्न है"? | पकलानारायणस्वामीबनामसम्राट |
क्या न्यायाधीश की अनुमति के बिना कोई साक्ष्य रिकॉर्ड किया जा सकता है? | नहीं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा साक्षियोंकीपरीक्षा(Examination of witnesses) से संबंधित है? | धारा 142 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 142 के अंतर्गत साक्ष्य की प्रस्तुति का कौन-सा क्रम उचित माना गया है? | मुख्यपरीक्षा → प्रतिपरीक्षा → पुनःपरीक्षा |
मुख्य परीक्षा किस पक्ष द्वारा की जाती है? | जिसनेसाक्षीकोबुलायाहै |
प्रतिपरीक्षा (Cross-Examination) का उद्देश्य क्या होता है? | गवाहीकीविश्वसनीयताकीजांच |
पुनः परीक्षा का उद्देश्य क्या होता है? | जिरहकेदौरानउठेविषयोंकोस्पष्टकरना |
क्या पुनः परीक्षा के दौरान नई बातें पूछी जा सकती हैं? | केवलन्यायालयकीअनुमतिसे |
कौन-सा केस साक्षियों की परीक्षा के क्रम पर महत्वपूर्ण है? | रामेश्वरबनामराजस्थानराज्य |
प्रतिपरीक्षा करने का अधिकार किसे होता है? | विपक्षको |
न्यायालय किस परिस्थिति में साक्षी को सीधे सवाल पूछ सकता है? | न्याय हित में |
यदि कोई पक्ष जिरह नहीं करता, तो क्या मुख्य परीक्षा की गवाही मान्य रहेगी? | हाँ |
पुनः परीक्षा में नया विषय उठाना किस स्थिति में वैध है? | केवल न्यायालय की अनुमति से |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा परीक्षाओंकेक्रम (Order of examinations) से संबंधित है? | धारा 143 |
"रानीमहारानीबनामबेनी" केस का साक्ष्य अधिनियम की किस धारा से विशेष संबंध है? | धारा 143 |
यदि गवाह मुख्य परीक्षण में किसी तथ्य पर बयान देता है और प्रतिपरीक्षा में उस पर भ्रम पैदा हो जाता है, तो पुनः परीक्षा का उपयोग किसलिए किया जा सकता है? | उस भ्रम को स्पष्ट करने के लिए |
एक अभियोजन गवाह के पुनः परीक्षण में, यदि कोई ऐसा प्रश्न पूछा जाता है जो प्रतिपरीक्षा में नहीं पूछा गया था, तो वह— | केवल न्यायालय की अनुमति से ही पूछा जा सकता है |
न्यायालय के समक्ष गवाही देते समय गवाह की मुख्य परीक्षा में यदि कोई महत्वपूर्ण तथ्य छूट गया हो, तो क्या वह पुनः परीक्षा में लाया जा सकता है? | हां, यदि न्यायालय अनुमति दे |
किस मामले में कहा गया कि, पुनः परीक्षा का उद्देश्य प्रतिपरीक्षा में उत्पन्न अस्पष्टताओं को दूर करना है? | "सत पॉल बनाम दिल्ली प्रशासन (1976)" |
एक गवाह जो मुख्य परीक्षण में अभियोजन पक्ष का समर्थन करता है, लेकिन प्रतिपरीक्षा में विपरीत बयान देता है — ऐसी स्थिति में पुनः परीक्षा का प्रयोग कैसे किया जा सकता है? | प्रतिपरीक्षा में दिए गए बयान की व्याख्या करने के लिए |
न्यायिक निर्णय के अनुसार, "पुनः परीक्षा" के दौरान पूछे गए प्रश्न: | मुख्य रूप से स्पष्टीकरण हेतु होते हैं |
क्या न्यायालय, पुनः परीक्षा के दौरान प्रतिपक्ष को प्रतिपरीक्षा करने की अनुमति दे सकता है यदि नए तथ्य सामने आए हों? | हां, यह प्रतिवादी का अधिकार है |
पुनः परीक्षा में यदि प्रश्न प्रतिपरीक्षा में दिए गए किसी नए मुद्दे पर आधारित है, तो क्या वह मान्य होगा? | हां, यदि प्रश्न अस्पष्टता को दूर करता है |
किस केस में यह स्पष्ट किया गया कि पुनः परीक्षा का दायरा सीमित है और न्यायालय की अनुमति आवश्यक है? | राम चंद्र बनाम उत्तर प्रदेश राज्य |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 144 किससे संबंधित है? | किसी दस्तावेज को पेश करने के लिए समनित व्यक्ति की प्रतिपरीक्षा (Cross-examination of person called to produce a document) |
धारा 144 के अंतर्गत दस्तावेज़ प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति को प्रतिपरीक्षा का सामना तब करना होगा जब — | वह दस्तावेज़ की सत्यता पर बयान देता हो |
यदि कोई गवाह केवल रिकॉर्ड से दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है और उसे गवाही के लिए नहीं बुलाया गया है, तो क्या प्रतिपरीक्षा संभव है? | नहीं, जब तक कोर्ट उसे गवाह न माने |
किस मामले में कहा गया कि, दस्तावेज़ पेश करने वाला गवाह नहीं माना जाएगा जब तक उसे गवाही के लिए न बुलाया जाए? | राम ज्वाला प्रसाद बनाम बिहार राज्य (AIR 1970) |
यदि दस्तावेज़ प्रस्तुतकर्ता को गवाही के लिए बुलाया गया हो, तो किस स्थिति में प्रतिपरीक्षा का अधिकार मिल सकता है? | जब वह दस्तावेज़ की उत्पत्ति की जानकारी देता है |
धारा 144 में "प्रतिपरीक्षा" की अनुमति क्यों दी जाती है? | जब दस्तावेज़ पेश करने वाला उसकी वैधता की पुष्टि करता है |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 145 किससे संबंधित है? | शील का साक्ष्य देने वाले साक्षी (Witnesses to character) |
सुप्रीम कोर्ट किस मामले में कहा गया कि, सहमति के मामलों में पीड़िता का शील निर्णायक नहीं होता? | पंजाब राज्य बनाम गुरमित सिंह (1996) |
क्या शील का साक्ष्य देने वाले व्यक्ति की प्रतिपरीक्षा की जा सकती है? | हाँ |
क्या शील का साक्ष्य देने वाले व्यक्ति की पुनःपरीक्षा की जा सकती है? | हाँ |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 146 किससे संबंधित है? | सूचक प्रश्न (Leading questions) |
धारा 146(1) के अनुसार, "सूचकप्रश्न" (Leading Question) क्या होता है? | कोई प्रश्न, जो उस उत्तर को सुझाता है, जिसे पूछने वाला व्यक्ति पाना चाहता है या पाने की आशा करता है| |
धारा 146(2) के तहत, सूचकप्रश्न किस स्थिति में मुख्यपरीक्षा (Examination-in-Chief) यापुनःपरीक्षा (Re-examination) में पूछे जा सकते हैं? | जब न्यायालय अनुमति दे |
धारा 146(4) के अनुसार, सूचकप्रश्न किस स्थिति में प्रतिपरीक्षा (Cross-Examination) में पूछे जा सकते हैं? | हमेशा |
धारा 146 के अनुसार, न्यायालय सूचक प्रश्नों की अनुमति किस आधार पर दे सकता है?
| यदि प्रश्न पुनःस्थापना के रूप में या निर्विवाद है |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 धारा 147 किससे संबंधित है? | लेखबद् विषयो के बारे में साक्ष्य (Evidence as to matters in writing) |
धारा 147 के अनुसार, जब कोई तथ्य किसी दस्तावेज़ में लिखा गया हो, तो उसका साक्ष्य कैसे दिया जाना चाहिए? | स्वयं दस्तावेज़ के माध्यम से |
किस केस में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि “जब दस्तावेज़ मौजूद है, तो उसकी सामग्री मौखिक रूप से सिद्ध नहीं की जा सकती”? | रूप कुमार बनाम मोहन थेदानी |
धारा 147 के अंतर्गत मौखिक साक्ष्य कब स्वीकार किया जाता है? | जब मूल दस्तावेज़ मौजूद न हो और वैध कारण हो |
“सर्वोत्तमसाक्ष्यनियम” किस धारा में अंतर्निहित है? | धारा 147 |
यदि पक्षकार दस्तावेज़ की सामग्री को मौखिक रूप से सिद्ध करने का प्रयास करता है, तो— | धारा 147 के तहत स्वीकार नहीं किया जाएगा |
“दस्तावेज स्वयं बोलता है” सिद्धांत किस कानूनी सिद्धांत से संबंधित है? | सर्वश्रेष्ठ साक्ष्य नियम |
कौन सी धारा पूर्वतनलेखबद्कथनोकेबारेमेंप्रतिपरीक्षा (Cross-examination as to previous statements in writing) से संबंधित है। | धारा 148
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धारा 148 के अनुसार, किसी गवाह द्वारा पहले दिए गए लेखबद्ध बयान को प्रतिपरीक्षा में किस स्थिति में प्रस्तुत किया जा सकता है? | जब गवाह अपनी गवाही से मुकर जाए |
"पूर्वतन लेखबद्ध कथन" का क्या मतलब है, जैसा कि धारा 148 में उल्लेखित है? | गवाह द्वारा पहले दिया गया बयान, जो अब दस्तावेज़ में है |
यदि गवाह अपनी गवाही से मुकरता है, तो धारा 148 के तहत क्या किया जा सकता है? | उसके द्वारा पहले दिए गए बयान को प्रतिपरीक्षा में पेश किया जा सकता है |
किस मामले में न्यायालय ने धारा 148 का पालन करते हुए गवाह के पहले दिए गए बयान को स्वीकार किया था? | महेंद्र बनाम उत्तर प्रदेश राज्य |
कौन सी धारा प्रतिपरीक्षामेंविधिपूर्णप्रश्न (Questions lawful in cross-examination) से संबंधित है? | धारा 149 |
धारा 149 के अंतर्गत प्रतिपरीक्षा में गवाह से ऐसा प्रश्न जो उसकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता हो, कब अनुमन्य है? | जब सवाल गवाह की साख पर असर डालता हो |
क्या धारा 149 के अंतर्गत प्रतिपरीक्षा में गवाह से ऐसा प्रश्न जो उसकी सत्यवादिता परखता हो पूछे जा सकते हैं? | हां |
क्या धारा 149 के अंतर्गत प्रतिपरीक्षा में गवाह से ऐसा प्रश्न जो यह पता चलाने कि वह कौन है और जीवन में उसकी स्थिति क्या है, पूछे जा सकते हैं? | हां |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि क्रॉस-एग्जामिनेशन में केवल प्रासंगिक चरित्र संबंधी प्रश्न ही पूछे जा सकते हैं? | महाराष्ट्र राज्य बनाम मधुकर नारायण मार्डीकर |
यदि कोई प्रश्न गवाह को स्वयं को दोषी साबित करने के खतरे में डालता है, तो क्या वह धारा 149 के अंतर्गत अनुमन्य है? | हाँ, यदि वह गवाह की साख को प्रभावित करता हो |
धारा 149 के अनुसार, किन परिस्थितियों में यौन पीड़िता से उसके यौन इतिहास पर प्रश्न पूछना वर्जित है? | जब अपराध धारा 64–71 (यौन अपराध) के अंतर्गत हो |
धारा 149 के अनुसार, "गवाह का श्रेय" का अर्थ क्या है? | गवाह की साख या विश्वसनीयता |
क्या गवाह से उसकी व्यक्तिगत आदतों (जैसे शराब पीना) पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं? | हाँ, यदि यह उसकी साख को प्रभावित करता हो |
किस केस में कोर्ट ने कहा कि "क्रॉस-एग्जामिनेशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सच्चाई खोजने का अहम हथियार है"? | आर. वी. बास्करविले |
क्या गवाह को क्रॉस-एग्जामिनेशन में उसके जीवन-स्तर के बारे में सवाल पूछे जा सकते हैं? | हाँ, यदि सवाल साख को प्रभावित करें |
यदि क्रॉस-एग्जामिनेशन का कोई प्रश्न केवल अपमान करने की नीयत से पूछा गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | उसे रोक सकता है और आपत्ति स्वीकार करेगा |
कौन सी धारा इस बात से संबंधित है कि साक्षीकोउत्तरदेनेकेलिएकबविवशकियाजाए (Questions lawful in cross-examination) | धारा 150 |
धारा 150 के अनुसार, यदि ऐसा कोई प्रश्न उस वाद या कार्यवाही से सुसंगत किसी बात से संबंधित है, तो किस धारा के उपबन्ध उसको लागू होंगे? | धारा 137 |
धारा 150 के अनुसार, साक्षी को उत्तर देने के लिए बाध्य कब किया जा सकता है? | जब प्रश्न न्यायालय द्वारा प्रासंगिक और आवश्यक माना जाए |
धारा 150 के अंतर्गत न्यायालय किस आधार पर साक्षी को उत्तर देने के लिए बाध्य करता है? | सवाल का न्यायिक उद्देश्य और प्रासंगिकता |
यदि साक्षी को लगता है कि उत्तर देने से वह स्वयं को दोषी ठहरा सकता है, तो— | केवल न्यायालय के आदेश से ही वह उत्तर देने को बाध्य होगा |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गवाह को आत्म-अपराधीकरण से बचाने का अधिकार है, लेकिन यह निरपेक्ष नहीं है? | नंदिनी सत्पथी बनाम पी.एल. दानी |
यदि किसी प्रश्न से साक्षी को शर्मिंदगी या सामाजिक अपमान हो सकता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | प्रश्नकीन्यायिकप्रासंगिकतादेखेगा |
साक्षी को कब उत्तर देने से मना करने का अधिकार नहीं होता? | जबप्रश्नन्यायालयद्वाराअनुमन्यऔरप्रासंगिकहो |
क्या गवाह आत्म-अपराधी बयान से बचने के लिए उत्तर देने से इनकार कर सकता है? | नहीं, अगरन्यायालयआदेशदे |
यदि कोई प्रश्न केवल गवाह को बदनाम करने की मंशा से पूछा गया हो, तो— | न्यायालयउसप्रश्नकोरोकसकताहै |
किस अनुच्छेद के तहत गवाह को आत्म-अपराधी उत्तर देने से सुरक्षा प्राप्त है? | अनुच्छेद 20(3) |
कौन सी धारा न्यायालयविनिश्चितकरेगाकिकबप्रश्नपूछाजाएगाऔरसाक्षीकोउत्तरदेनेकेलिएकबविवशकियाजाएगा(Court to decide when question shall be asked and when witness compelled to answer), से संबंधित है? | धारा 151 |
धारा 151 के अनुसार, न्यायालय साक्षी को उत्तर देने के लिए कब विवश करेगा? | जबप्रश्नसाक्षीकीसाखकोप्रभावितकरताहो |
यदि कोई प्रश्न साक्षी की साख को प्रभावित करता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | साक्षीकोउत्तरदेनेकेलिएविवशकरेगा |
धारा 151 के अनुसार, यदि प्रश्न साक्षी की साख को प्रभावित नहीं करता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | न्यायालयविनिश्चितकरेगाकिसाक्षीकोउत्तरदेनेकेलिएविवशकियाजाएयानहीं |
जहां तक कि वह साक्षी के शील को दोष लगाकर उसकी विश्वसनीयता पर प्रभाव डालती है, सुसंगत नहीं है, तो न्यायालय क्या करेगा? | साक्षीकोसचेतकरसकेगाकिवहउसकाउत्तरदेनेकेलिएआबद्धनहींहै |
धारा 151 के अनुसार, यदि साक्षी उत्तर देने से इनकार करता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | साक्षीकीसाखपरविचारकरेगा |
धारा 151 के अनुसार, न्यायालय साक्षी की साख पर विचार करते समय किन बातों का ध्यान रखेगा? | प्रश्नकीप्रासंगिकताऔरसमय , प्रश्नकाउद्देश्यऔरउसकीगंभीरता, प्रश्नकासाक्षीकीसाखपरप्रभाव |
धारा 151 के अनुसार, यदि प्रश्न साक्षी की साख को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | साक्षीकोउत्तरदेनेकेलिएविवशकरेगा |
धारा 151 के अनुसार, यदि प्रश्न साक्षी की साख को हल्के रूप से प्रभावित करता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | प्रश्नकोअस्वीकारकरेगा |
धारा 151 के अनुसार, यदि प्रश्न का उद्देश्य केवल साक्षी को अपमानित करना है, तो न्यायालय क्या करेगा? | प्रश्नकोअस्वीकारकरेगा |
कौन सी धारा युक्तियुक्तआधारोंकेबिनाप्रश्ननपूछाजाएगा(Question not to be asked without reasonable grounds), से संबंधित है? | धारा 152
|
धारा 152 का उद्देश्य क्या है? | न्यायिककार्यवाहीकोअपमानजनकयानिराधारप्रश्नोंसेबचाना |
यदि एक वकील को केवल "संदेह" है कि गवाह अपराधी है, पर कोई सबूत नहीं है, तो क्या वह धारा 152 के तहत सवाल पूछ सकता है? | नहीं, उसेस्पष्टयुक्तियुक्तआधारचाहिए |
अगर वकील को कोई गोपनीयस्रोत यह बताता है कि गवाह डकैत है, और वकील को यह बात विश्वसनीय लगती है — तो क्या यह प्रश्न पूछना युक्तियुक्त है? | हाँ, यदिसूचनाविश्वसनीयहै |
राज्यबनामएक्स में कोर्ट ने कहा – "गवाह से उसके चरित्र पर बिना आधार के प्रश्न पूछना प्रक्रियात्मक शोषण है।" यह किस धारा का समर्थन करता है? | धारा 152 |
यदि गवाह से यह प्रश्न पूछा जाए: “क्या आप वेश्या रहे हैं?”, लेकिन ऐसा पूछने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं है — यह धारा 152 के अंतर्गत क्या होगा? | प्रश्नकोअस्वीकारकियाजाएगा |
यदि वकील गवाह से यह पूछे: “क्या आप पहले कभी जेल गए हैं, तो न्यायालय किन बातों की जांच करेगा? | क्याकोईयुक्तियुक्तआधारमौजूदहै |
कौन सी युक्तियुक्तआधारोंकेबिनाप्रश्नपूछेजानेकीअवस्थामेंन्यायालयकीप्रक्रिया(Procedure of Court in case of question being asked without reasonable grounds) से संबंधित है। | धारा 153
|
धारा 153 के अंतर्गत न्यायालय वकील के खिलाफ किस स्थिति में अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू कर सकता है? | जबवकीलबिनायुक्तियुक्तआधारकेआपत्तिजनकप्रश्नपूछे |
यदि वकील बार-बार बिना उचित आधार के व्यक्तिगत आरोप लगाता है, तो न्यायालय क्या कर सकता है? | उसकीरिपोर्टच्चन्यायालयकोयाअन्यप्राधिकारीकोकोभेजसकताहै |
धारा 153 किस प्रकार का अधिकार अभ्यास न्यायालय को देती है? | न्यायालयकोवकीलकीपेशेवरअनुशासनकीनिगरानीकरनेका |
कौन-सा केस न्यायिक व्यवस्था में क्रॉस एग्जामिनेशन के दुरुपयोग पर न्यायालय की शक्ति को स्थापित करता है? | मधुकरनारायणमर्दीकरबनाममहाराष्ट्रराज्य |
यदि वकील ने साक्षी को झूठा, चोर या बेईमान कह दिया बिना किसी रिकॉर्ड या सबूत के, तो अदालत क्या कर सकती है? | वकीलकेखिलाफअनुशासनात्मकरिपोर्टबनाएगी |
न्यायालय किसके समक्ष अनुशासनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है? | बारकाउंसिल / उच्चन्यायालय |
धारा 153 का मुख्य उद्देश्य क्या है? | न्यायिकगरिमाबनाएरखना |
धारा 153 के अनुसार, क्या यह आवश्यक है कि प्रश्न जानबूझकर आपत्तिजनक हो? | नहीं, केवलबिनाआधारहोनेपरभीकार्रवाईसंभवहै |
यदि वकील गवाह से पूछे: "क्या आप शराबी हैं?" — और इसका कोई आधार न हो, तो न्यायालय क्या मान सकता है? | सवालअनुचितऔरधारा 153 केविरुद्धहै |
किस न्यायिक सिद्धांत को धारा 153 मज़बूत करता है? | निष्पक्षसुनवाईऔरकानूनीशिष्टाचार |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 154 किससे संबंधित है?
| अशिष्टऔरकलंकात्मकप्रश्न (Indecent and scandalous questions) |
कौन-सा कथन धारा 154 के उद्देश्य को ठीक से परिभाषित करता है? | कार्यवाहीकोसार्वजनिकरूपसेअपमानजनकप्रश्नोंसेबचाना |
धारा 154 के अनुसार किस स्थिति में अशिष्ट प्रश्न की अनुमति दी जा सकती है? | जबवहसीधेमुकदमेकेनिर्णयसेसंबंधिततथ्यसेजुड़ाहो |
क्या न्यायालय केवल इस आधार पर प्रश्न को खारिज कर सकता है कि वह नैतिक रूप से अस्वीकार्य है? | हाँ, अगरप्रश्नसामाजिकमर्यादाकोभंगकरताहो |
यदि गवाह महिला है और उससे बार-बार विवाहपूर्व संबंधों पर प्रश्न पूछे जा रहे हैं, तो न्यायालय की क्या भूमिका हो सकती है? | प्रश्नोंकोरोकसकताहैयदिवेकेससेसीधेसंबंधितनहींहैं |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि “गवाह की गरिमा की रक्षा न्यायालय की जिम्मेदारी है”? | महाराष्ट्रराज्यबनाममधुकरनारायण |
क्या धारा 154 केवल अभियोजन पक्ष के गवाहों को सुरक्षा देती है? | नहीं, यहसभीगवाहोंपरलागूहोतीहै |
क्या "अशिष्ट" प्रश्न का मतलब केवल गाली-गलौच है? | नहीं, इसकामतलबऐसाकोईभीप्रश्नहैजोशालीनताकीसीमापारकरे |
अगर एक वकील पूछता है – “क्या आप वेश्यावृत्ति में लिप्त रही हैं?” और वह केस से संबंधित नहीं है, तो न्यायालय क्या करेगा? | प्रश्नकोअस्वीकारकरेगाऔरवकीलकोचेतावनीदेगा |
धारा 154 के तहत "कलंकात्मक प्रश्न" किससे संबंधित होते हैं? | जोव्यक्तिकीसामाजिकप्रतिष्ठाकोठेसपहुंचातेहैं |
क्या न्यायालय को किसी भी सवाल को "निंदनीय" मानकर अस्वीकार करने की शक्ति है? | हाँ, न्यायिकविवेकाधिकारकेअनुसार |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 155 किससे संबंधित है?
| अपमानितयाक्षुब्धकरनेकेलिएआशयितप्रश्न (Questions intended to insult or annoy) |
यदि कोई वकील गवाह से पूछता है: "क्या आप मानसिक रोगी रहे हैं, और प्रश्न का केस से कोई संबंध नहीं है, तो न्यायालय क्या करेगा? | प्रश्नकोअस्वीकारकरदेगा |
धारा 155 के तहत न्यायालय किस तरह के प्रश्नों को रोकेगा? | जोकेवलअपमानितयाक्षुब्धकरनेकेइरादेसेहों |
प्रश्न क्याआपकीमाँअनैतिककार्यकरतीथीं” धारा 155 के तहत रोका जा सकता है? | हाँ |
क्या न्यायालय को प्रश्न की मंशा देखने का अधिकार है? | हाँ, अगरप्रश्नकाउद्देश्यअपमानकरनाहो |
किस केस में न्यायालय ने कहा कि क्रॉस-एग्जामिनेशन का उपयोग गवाह को परेशान या अपमानित करने के लिए नहीं किया जा सकता? | रूपनदेओलबजाजबनामकेपीएसगिल (1995) |
अगर प्रश्न “क्या आप चरित्रहीन हैं?” केवल गवाह को शर्मिंदा करने के लिए पूछा गया हो, तो न्यायालय क्या करेगा? | प्रश्नकोअस्वीकारकरेगा |
गवाह के सम्मान की रक्षा के लिए न्यायालय को कौन-सा अधिकार धारा 155 देती है? | प्रश्नोंकोनियंत्रितकरनेका |
न्यायालय किस परिस्थिति में कोई सवाल भले ही केस से जुड़ा हो, फिर भी उसे अस्वीकार कर सकता है? | यदिवहअनावश्यकरूपसेआपत्तिजनकहो |
धारा 155 के अंतर्गत, “क्षुब्ध” करने वाले प्रश्न से क्या आशय है? | जोगवाहकोपरेशान, आक्रोशितयाअसहजकरे |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 156 किससे संबंधित है?
| सत्यवादितापरखनेकेप्रश्नोंकेउत्तरोंकाखंडनकरनेकेलिएसाक्ष्यकाअपवर्जन (Exclusion of evidence to contradict answers to questions testing veracity) |
किस स्थिति में धारा 156 के अंतर्गत साक्षी की उत्तरों की सत्यता को खंडित करने की अनुमति नहीं दी जाती है? | जबवहउत्तरकेवलचरित्रपरआधारितहो |
धारा 156 का सिद्धांत किस प्रसिद्ध केस में प्रतिपादित हुआ था कि "आप किसी के चरित्र पर वार करने के लिए बाहरी साक्ष्य नहीं ला सकते"? | क्वीनएम्प्रेसबनामअब्दुल्ला |
किस प्रसिद्ध केस में सुप्रीम कोर्ट ने , गवाह का क्रॉस एग्ज़ामिनेशन केवल उसकी साख तक सीमित रहेगा पर बल दिया? | उत्तरप्रदेशराज्यबनामरमेशप्रसादमिश्रा (2000) |
यदि कोई साक्षी यह कहता है कि वह कभी जेल नहीं गया, और बाद में अभियोजन पक्ष जेल रिकॉर्ड लाकर उसे झूठा सिद्ध करना चाहता है, तो धारा 156 के तहत क्या होगा? | इसेखंडनसाक्ष्यमानकरखारिजकरदियाजाएगा |
धारा 156 का मूल उद्देश्य किस न्याय सिद्धांत से जुड़ा है? | न्यायमेंपूर्वग्रहसेबचाव |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 157 किससे संबंधित है?
| पक्षकारद्वाराअपनेहीसाक्षीसेप्रश्न (Question by party to his own witness) |
धारा 157 के अंतर्गत किस परिस्थिति में न्यायालयसाक्षीको 'विरोधी' (hostile) घोषित कर पक्षकार को उससे प्रतिप्रश्न करने की अनुमति दे सकता है? | जबसाक्षीबयानसेमुकरजाएयाविरोधाभासीगवाहीदे |
धारा 157 के तहत अनुमति दिए गए प्रश्नों का उद्देश्य क्या है? | न्यायालयकोगवाहकीअसंगतिदिखाना |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शत्रुतापूर्ण घोषित किए गए गवाह की पूरी गवाही खारिज नहीं की जा सकती”? | सतपॉलबनामदिल्लीप्रशासन |
यदि अभियोजन पक्ष अपने साक्षी को शत्रुतापूर्ण घोषित करवाकर उससे प्रतिप्रश्न करता है, तो क्या अभियोजन उस गवाह के अन्य कथन पर भरोसा कर सकता है? | हाँ, यदिन्यायालयकोवोभागविश्वसनीयलगे |
धारा 157 के तहत अनुमति प्राप्त प्रश्नों को पूछने से कौन सी प्रक्रिया न्यायालय में आरंभ हो सकती है? | साक्षीकोझूठासाबितकरनेकीप्रक्रिया |
“पक्षद्रोही साक्षी” शब्द का साक्ष्य अधिनियम में प्रयोग किस अर्थ में किया गया है? | जोअपनेहीपक्षकेविरोधमेंगवाहीदे |
धारा 157 की अनुमति से पक्षकार किस प्रकार के प्रश्न पूछ सकता है? | अग्रणीप्रश्न |
एक शत्रुतापूर्ण गवाह की गवाही को पूर्णतः नकारने के स्थान पर न्यायालय को क्या करना चाहिए? | उसेपरीक्षणकरउसकेविश्वसनीयभागकोस्वीकारकरनाचाहिए |
शत्रुतापूर्ण गवाह से संबंधित साक्ष्य की पुनर्परीक्षा किस उद्देश्य से की जा सकती है? | गवाहीकेविरोधाभासस्पष्टकरनेकेलिए |
धारा 157 के अनुसार न्यायालय अपने विवेकानुसार क्या अनुज्ञा दे सकता है? | न्यायालयउसव्यक्तिको, जोसाक्षीकोबुलाताहै, उससाक्षीसेकोईऐसेप्रश्नकरनेकीअनुज्ञादेसकताहै |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 158 किससे संबंधित है? | साक्षीकीविश्वसनीयतापरअधिक्षेप (Impeaching credit of witness) |
धारा 158 के अनुसार, एक साक्षी की विश्वसनीयता पर अधिक्षेप कब किया जा सकता है? | जबसाक्षीअपनेबयानसेमुकरताहै |
किस परिस्थिति में साक्षी के बयान को चुनौती दी जा सकती है, ताकि उसकी विश्वसनीयता पर अधिक्षेप किया जा सके? | जबसाक्षीपहलेदिएगएबयानसेमुकरजाएयाउसकाबयानविरोधाभासीहो |
धारा 158 के तहत, यदि एक साक्षी का बयान विरोधाभासी हो, तो क्या उसे खारिज किया जा सकता है? | नहीं, केवलगवाहीकेकुछहिस्सेकोखारिजकियाजासकताहै |
धारा 158 के तहत, साक्षी की विश्वसनीयता को प्रभावित करने के लिए किस प्रकार के साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं? | किसीअन्यसाक्षीकाबयान, जोविरोधाभासीहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, विरोधाभासी बयान होने पर गवाह की विश्वसनीयता को आंका जा सकता है? | "राजस्थानराज्यबनामकाशीराम" (2006) |
साक्षी विश्वसनीयता पर अधिक्षेप करने की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है? | साक्षीकीविश्वसनीयताकोअदालतकेसामनेउजागरकरना |
यदि एक साक्षी अपने बयान से मुकर जाता है और प्रतिवादी पक्ष द्वारा उसे शत्रुतापूर्ण गवाह घोषित किया जाता है, तो उस साक्षी की गवाही पर किस प्रकार का प्रभाव पड़ेगा? | केवलविरोधाभासीहिस्सेकोहीखारिजकियाजाएगा |
कौन सा विकल्प साक्षी के बयान की विश्वसनीयता पर अधिक्षेप के लिए सही है? | साक्षीकेबयानकीविश्वसनीयतापरसवालउठानेकेलिएप्रतिपक्षसेप्रतिप्रश्नकरनाआवश्यकहै |
साक्षी के द्वारा गवाही से मुकरने के बाद, कौन सी प्रक्रिया का पालन किया जाता है? | साक्षीकीविश्वसनीयताकोप्रभावितकरनेकेलिएअन्यसाक्ष्यप्रस्तुतकिएजासकतेहैं |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 159 किससे संबंधित है?
| सुसंगततथ्यकेसाक्ष्यकीसम्पुष्टिकरनेकीप्रवृत्तिरखनेवालेप्रश्नग्राह्यहोंगे (Questions tending to corroborate evidence of relevant fact, admissible) |
धारा 159 के अनुसार, साक्षी की गवाही से संबंधित प्रश्न केवल किस उद्देश्य के लिए पूछे जा सकते हैं? | गवाहीकीपुष्टियासुसंगतिकोदर्शाना |
धारा 159 के तहत, यदि साक्षी से किसी गवाही के बारे में सवाल पूछा जाता है, तो वह किस प्रकार का होना चाहिए? | उनतथ्योंसेसंबंधितजोगवाहीकीसुसंगतताकोसाबितकरसकें |
धारा 159 के तहत, यदि साक्षी अपनी गवाही से मुकर जाता है तो क्या उसे अन्य साक्ष्यों से पुष्टि करने की अनुमति दी जाती है? | हाँ, उसेअन्यसाक्ष्योंसेपुष्टिकरनेकीअनुमतिदीजातीहै |
धारा 159 के तहत साक्षी से पूछे गए प्रश्नों को कितनी परिस्थितियों में स्वीकार किया जा सकता है? | जबप्रश्नसेगवाहीकीसुसंगततासिद्धहोसकतीहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, साक्षी से प्रश्न पूछने के लिए अन्य साक्ष्य का सहारा लिया जा सकता है? | जगदीपसिंहबनामहरियाणाराज्य |
धारा 159 के अंतर्गत गवाही की सुसंगतता की पुष्टि करने के लिए कौन से प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं? | वहप्रश्नजोसाक्षीकेद्वारादिएगएविवरणकोपुष्टिकरनेकेलिएहों |
क्या धारा 159 के तहत एक साक्षी से वह प्रश्न पूछे जा सकते हैं जो उसके बयान के अलावा भी अन्य साक्ष्य से संबंधित हों? | हाँ, यदिगवाहीकीसुसंगततासिद्धहोसकतीहै |
धारा 159 के तहत, क्या साक्षी से ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं जो मुख्य गवाही से अलग हो? | हाँ, यदिवेप्रश्नसाक्षीकीगवाहीकेसुसंगतहोनेकेलिएमददगारहों |
यदि कोई साक्षी अपनी गवाही में असंगति दिखाता है, तो धारा 159 के तहत उसे किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं? | केवलप्रश्नजोगवाहीकीपुष्टिकरनेमेंसहायकहों |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस विषय से संबंधित है कि उसीतथ्यकेबारेमेंपश्चात्वर्तीअभिसाक्ष्यकीसंपुष्टिकरनेकेलिएसाक्षीकेपूर्वतनकथनसाबितकिएजासकेंगे। | धारा 160
|
धारा 160 के अनुसार, यदि साक्षी अपने बयान से मुकरता है, तो उसके पूर्व बयान को कैसे उपयोग किया जा सकता है? | उसेपश्चात्वर्तीअभिसाक्ष्यकेरूपमेंप्रस्तुतकियाजासकताहै (Former statements of witness may be proved to corroborate later testimony as to same fact) |
धारा 160 के तहत, जब साक्षी पहले के बयान से मुकरता है, तो क्या न्यायालय उसके पूर्व बयान को स्वीकार करने के लिए बाध्य है? | हाँ, यदियहगवाहीकीसुसंगतिऔरसत्यताकीपुष्टिकेलिएसहायकहो |
साक्षी का पहले का बयान केवल तब स्वीकार किया जा सकता है जब वह गवाही से मुकर जाए, किस केस से सम्बंधित है? | "पंजाबराज्यबनामकरनैलसिंह" (2020) |
धारा 160 के अनुसार, पश्चात्वर्ती अभिसाक्ष्य के रूप में साक्षी के पूर्व बयान को प्रस्तुत करने के लिए क्या आवश्यक है? | साक्षीकापहलेकाबयानकिसीतात्कालिकदस्तावेज़केरूपमेंहोनाचाहिए ,साक्षीकेपहलेबयानमेंकोईविरोधाभासहोनाचाहिए ,साक्षीकेपहलेबयानकोअदालतमेंशपथपूर्वकप्रस्तुतकियागयाहो |
धारा 160 के तहत, यदि साक्षी ने अपने बयान से मुकरने के बाद अपने पहले के बयान को स्वीकार किया, तो उसे किस उद्देश्य से प्रस्तुत किया जा सकता है? | साक्षीकीगवाहीकीसुसंगतिकीपुष्टिकरनेकेलिए |
साक्षी के पहले के बयान को केवल तब स्वीकार किया जा सकता है जब वह अपने बयान से पूरी तरह मुकर जाए, किस केस से सम्बंधित है? | “आरवी. वुड" (2003) |
धारा 160 के तहत साक्षी के पूर्व कथन को पेश करने का क्या प्रभाव पड़ सकता है? | यहसाक्षीकीगवाहीकीसत्यताकीपुष्टिकरनेकेलिएसहायकहोसकताहै |
धारा 160 के अनुसार, यदि साक्षी अपने बयान से मुकर जाता है, तो उसके पहले के बयान को कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है? | यदिवहअपनीगवाहीमेंस्पष्टविरोधाभासप्रस्तुतकरताहै |
क्या धारा 160 के तहत साक्षी का पूर्व बयान उन परिस्थितियों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है जब उसे अदालत के समक्ष शपथ पर न लिया गया हो? | हाँ, यदिबयानकिसीअधिकृतप्राधिकृतप्राधिकारीकेसमक्षदियागयाहो |
धारा 160 के तहत, साक्षी के पहले बयान को फिर से प्रस्तुत करते समय न्यायालय को किस पर विचार करना चाहिए? | साक्षीकेबयानमेंसुसंगतिऔरगवाहीकेसत्यतापरप्रभाव |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा इस विषय से संबंधित है कि साबितकथनकेबारेमें, जोकथनधारा 26 याधारा 27 केअधीनससंगतहैं. कौनसीबातेंसाबितकीजासकेंगी(What matters may be proved in connection with proved statement relevant under section 26 or 27) I | धारा 161
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा स्मृतिताज़ाकरनेसे (Refreshing memory) संबंधित है? | धारा 162 |
धारा 162 के अनुसार, यदि साक्षी अपनी गवाही में किसी तथ्य को भूल जाता है, तो उसे क्या किया जा सकता है? | साक्षीकोपुरानेदस्तावेज़ोंकासहारालेनेकीअनुमतिदीजासकतीहै |
धारा 162 के तहत, यदि साक्षी अपना बयान भूल जाता है तो उसे किस प्रकार से स्मृति ताजगी का प्रयास करने का अधिकार प्राप्त होता है? | साक्षीकोकेवलअपनेपहलेकेबयानसेसंबंधितदस्तावेज़देखनेकीअनुमतिहोतीहै |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, साक्षी को पुराने बयान से स्मृति ताजगी करने का अधिकार है, यदि वह अपनी गवाही से मुकरता है? | "उत्तरप्रदेशराज्यबनामरघुराजसिंह" (2018) |
क्या धारा 162 के तहत साक्षी द्वारा याद किए गए बयान को अदालत में पूरी तरह से स्वीकार किया जा सकता है? | हाँ, अगरयहदस्तावेज़ीप्रमाणकेरूपमेंप्रस्तुतकियाजाताहै |
धारा 162 के तहत, जब साक्षी अपने बयान को पूरी तरह से याद नहीं कर पाता, तो क्या उसे अदालत द्वारा किसी दस्तावेज़ से अपनी याददाश्त ताजगी करने का अधिकार होता है? | हाँ, यदिन्यायालयइसेउचितसमझे |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, यदि साक्षी अपने पुराने बयान से मुकर जाए तो उसका बयान स्वीकार किया जा सकता है? | "हरजिंदरसिंहबनामपंजाबराज्य" (2019) |
धारा 162 के तहत, स्मृति ताजगी के लिए साक्षी को किस प्रकार की सामग्री को संदर्भित करने का अधिकार होता है? | केवलदस्तावेज़यारिकॉर्ड |
स्मृति ताजगी प्रक्रिया के अंतर्गत, साक्षी को पुराने बयान से संबंधित दस्तावेज़ को प्रस्तुत करने का क्या उद्देश्य है? | साक्षीकीगवाहीकेसुसंगतताऔरसत्यताकोपुनःप्रमाणितकरना |
धारा 162 के तहत, साक्षी के पुराने बयान को प्रस्तुत करने से पहले क्या शर्त है? | साक्षीकाबयानपहलेन्यायालयमेंदर्जहोनाचाहिए |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “धारा 162 मेंवर्णितदस्तावेजमेंकथिततथ्योंकेलिएपरिसाक्ष्य (Testimony to facts stated in document mentioned in section 162)”? | धारा 163 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “स्मृतिताजीकरनेकेलिएप्रयुक्तलेखकेबारेमेंप्रतिपक्षीकाअधिकार(Right of adverse party as to writing used to refresh memory)” से संबंधित है? | धारा 164
|
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा दस्तावेजोंकापेशकियाजाना (Production of documents) से संबंधित है? | धारा 165 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा “मँगाईगईऔरसूचनापरपेशकीगईदस्तावेजकासाक्ष्यकेरूपमेंदियाजाना (Giving, as evidence, of document called for and produced on notice)” से संबंधित है। | धारा 166
|
धारा 166 के अनुसार, जब कोई दस्तावेज़ किसी व्यक्ति से मंगवाया जाता है और वह दस्तावेज़ को पेश करने से इन्कार कर देता है, तो क्या वह तत्पश्चात् उस दस्तावेज को साक्ष्य के रूप में उपयोग में ला सकेगा? | दूसरेपक्षकारकीसम्मतिकेयान्यायालयके आदेशकेबिनानहीं |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, दस्तावेज़ को अदालत द्वारा मंगवाने के बाद उसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | आर. बनामगृहविभागकेराज्यसचिव" (2000) |
धारा 166 के तहत, मंगवाए गए दस्तावेज़ को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए क्या शर्त है? | दस्तावेज़कोकेवलतबस्वीकारकियाजासकताहैजबउसेअदालतद्वारामंगवायागयाहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, मंगवाए गए दस्तावेज़ को यदि सही रूप से पेश किया जाए, तो उसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | महाराष्ट्रराज्यबनामरणजीतसिंह" (2017) |
धारा 166 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अदालत के आदेश पर दस्तावेज़ पेश करता है, तो उस दस्तावेज़ को किस रूप में माना जाएगा? | केवलसाक्ष्यकेरूपमें |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, मंगवाए गए दस्तावेज़ को यदि अदालत द्वारा सही रूप से प्रस्तुत किया जाए, तो उसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाएगा? | मैसर्सएस.पी. आहूजाबनामदिल्लीराज्य" (2015) |
क्या धारा 166 के तहत दस्तावेज़ पेश करने के बाद उस दस्तावेज़ को किसी अन्य अदालत में प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है? | नहीं, दस्तावेज़एकबारप्रस्तुतहोजानेकेबादकिसीअन्यअदालतमेंफिरसेपेशनहींकियाजासकता |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 167 किससे संबंधित है?
| सूचनापानेपरजिसदस्तावेजकेपेशकरनेसेइन्कारकरदियागयाहै।उसकोसाक्ष्यकेरूपमेंउपयोगमेंलाना (Using, as evidence, of document production of which was refused on notice) |
धारा 167 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अदालत द्वारा मंगाए गए दस्तावेज़ को पेश करने से इंकार करता है, तो वह दस्तावेज़ किस रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है? | दस्तावेज़कोसाक्ष्यकेरूपमेंस्वीकारकियाजासकताहै, यदिवहन्यायालयकेआदेशसेप्रस्तुतकियाजाए |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, यदि दस्तावेज़ को मंगवाने के बाद पेश करने से इंकार किया जाए, तो उसे साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकता है? | आरबनामगृहविभागकेराज्यसचिव" (2000) |
धारा 167 के अंतर्गत, यदि दस्तावेज़ पेश करने से इंकार किया जाता है, तो उसका क्या परिणाम हो सकता है? | दस्तावेज़कोसाक्ष्यकेरूपमेंउपयोगकियाजासकताहैयदियहमामलेकेसंदर्भमेंप्रासंगिकहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, न्यायालय ने कहा कि यदि दस्तावेज़ किसी अपराध से संबंधित हो, तो उसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | पंजाबराज्यबनामगुरमीतसिंह" (1997) |
धारा 167 के अंतर्गत, मंगवाए गए दस्तावेज़ को जब पेश करने से इंकार किया जाता है, तो उस दस्तावेज़ का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है? | दस्तावेज़कोसाक्ष्यकेरूपमेंतबइस्तेमालकियाजासकताहैजबवहप्रासंगिकहो |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, यदि दस्तावेज़ प्रासंगिक है, तो उसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? | शिवकुमारयादवबनामराज्य" (2018) |
ख पर किसी करार के आधार पर क वाद लाता है और वह ख को उसे पेश करने की सूचना देता है । विचारण में क उस दस्तावेज की मांग करता है और ख उसे पेश करने से इंकार करता है । क उसकी अन्तर्वस्तु का द्वितीयक साक्ष्य देता है । क द्वारा दिए हुए द्वितीयक साक्ष्य का खण्डन करने के लिए या यह दर्शित करने के लिए कि वह करार स्टाम्पित नहीं है, ख दस्तावेज ही को पेश करना चाहता है, क्या ख ऐसा कर सकता? | खऐसानहींकरसकता |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 168 किससे संबंधित है?
| प्रश्नकरनेयापेशकरनेकाआदेशदेनेकीन्यायाधीशकीशक्ति (Judge’s power to put questions or order production) |
| |
अध्याय 11 (Chapter XI) | |
साक्ष्यकेअनुचितग्रहणऔरअग्रहणकेविषयमें (Of Improper Admission and Rejection of Evidence) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 169 किससे संबंधित है?
| साक्ष्यकेअनुचितग्रहणयाअग्ग्रहणकेलिएनवीनविचारणनहींहोगा (No new trial for improper admission or rejection of evidence) |
धारा 169 के अनुसार, यदि कोई साक्ष्य अनुचित रूप से ग्रहण किया जाता है, तो न्यायालय क्या करेगा? | न्यायालयकोईनयाविचारणनहींकरेगा |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, न्यायालय किसी गलत साक्ष्य को फिर से स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है? | राज्यबनामआफ़ताबअहमद" (2009) |
धारा 169 के अनुसार, यदि कोई साक्ष्य अनुचित रूप से खारिज किया जाता है, तो क्या न्यायालय उसे पुनः स्वीकार करेगा? | नहीं, न्यायालयपुनःउससाक्ष्यपरविचारनहींकरेगा |
धारा 169 के अनुसार, अनुचित तरीके से ग्रहण किए गए साक्ष्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? | साक्ष्यकानिर्णयपहलेजैसारहेगा, औरउसपरपुनःविचारनहींकियाजासकता |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, साक्ष्य को पुनः पेश नहीं किया जा सकता है यदि उसे पहले अनुचित रूप से खारिज किया गया हो? | एम.सी. मेहताबनामभारतसंघ" (1987) |
यदि कोई साक्ष्य अनुचित रूप से खारिज कर दिया जाता है तो क्या न्यायालय को पुनः उस पर विचार करने का अधिकार है? | नहीं, न्यायालयकोपुनःविचारनहींकरनाहोगा |
धारा 169 के अनुसार, न्यायालय के समक्ष पेश किए गए अनुचित साक्ष्य के लिए क्या किया जा सकता है? | उसेपूरीतरहसेखारिजकियाजासकताहै |
किस केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, अनुचित रूप से खारिज किए गए साक्ष्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता? | एन. कन्नम्मलबनामराज्य" (1992) |
| |
अध्याय 12 (Chapter XII) | |
निरसनऔरव्यावृत्ति (Repeal And Savings) | |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की कौन सी धारा निरसनऔरव्यावृत्ति(Repeal and savings) से संबंधित है? | धारा 170 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के अंतर्गत कौन सा नया अध्याय जोड़ा गया है? | अध्याय 12 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के अध्याय 12 में कौन सी नयी धारा जोड़ी गयी है? | धारा 170 |
नए अधिनियम द्वारा भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की कौन कौन सी धाराएं निरसित की गयी हैं? | धारा- 2, 82, 88, 166 और 113 |
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के अंतर्गत कौन - कौन सी नयी धाराएँ जोड़ी गयी है? | धारा- 170 और61 |
