भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 MCQs (हिंदी माध्यम)

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भारतीय न्याय संहिता, 2023

BHARATIYA NYAYA SANHITA, 2023

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1. भारतीय न्याय संहिता 2023 के लागू होने की तिथि क्या है?

a. 1 जनवरी 2024

b. भारत के राष्ट्रपति द्वारा घोषित दिन

c. 1 जुलाई 2024

d. भारत की संसद में पारित होने के दिन

 

2. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कौन सी धारा के सिवाय पूरी संहिता 1 जुलाई, 2024 को लागू की गयी है?                              

a. धारा106(1)

b. धारा106(2)

c. धारा106(3)

d. धारा106(4)

 

3. भारतीय न्याय संहिता का अधिनियम क्रमांक (Act no.) क्या है?

a. 2023 का 43

b. 2023 का 44

c. 2023 का 45

d. 2023 का 46

 

4. भारतीय न्याय संहिता, 2023 विधेयक लोकसभा में कब पारित किया गया?

a. 20 दिसंबर 2023

b. 21 दिसंबर 2023

c. 19 दिसंबर 2023

d. 19 दिसंबर 2023

 

5. भारतीय न्याय संहिता, 2023 विधेयक राज्यसभा में कब पारित किया गया?

a. 20 दिसंबर 2023

b. 19 दिसंबर 2023

c. 19 दिसंबर 2023

d. 21 दिसंबर 2023

 

6. गृह मामलों संबंधी स्थायी समिति (अध्यक्ष:श्री बृजलाल) ने किस तिथि को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की? 

a. 10 नवंबर, 2023 को

b. 10 नवंबर, 2023 को

c. 10 नवंबर, 2023 को

d. 10 नवंबर, 2023 को

 

7. भारतीय न्याय संहिता में कितनी धाराएं और कितने अध्याय है?

a. 358 धाराएं, 20 अध्याय

b. 511 धाराएं, 23 अध्याय

c. 351 धाराएं, 21 अध्याय

d. 510 धाराएं, 22 अध्याय

 

8. भारतीय न्याय संहिता 2023 द्वारा किस पुराने अधिनियम को प्रतिस्थापित किया गया है?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860

b. भारतीय न्याय संहिता 1860

c. और दोनों को

d. दोनों में से किसी को नहीं

 

9. अपराध एक ऐसा दोष है जिसकी अनुशास्ति दंड है और किसी सामान्य व्यक्ति द्वारा क्षम्य नहीं है यदि वह क्षम्य है तो केवल सम्राट द्वारा, किसका कथन है?

a. केनी

b. स्टीफेन

c. बेन्टिक

d. मॅकाले

 

10. प्राचीन समाज में दंड विधि अपराध नहीं है बल्कि यह दोष विधि है | यह किसका कथन है?

a. विलियम ब्लैकस्टोन

b. स्टीफेन

c. बेन्टिक

d. मॅकाले

 

11. विधि द्वारा निषिद्ध कोई कार्य जो उसी समय समाज की नैतिक भावनाओं से विद्रोह करने वाला हो, को अपराध कहा जाता है', यह कथन है-

a. कीटन

b. आस्टिन

c. स्टीफेन

d. पेटॉन

 

12. एक कार्य को दण्डनीय होने के लिये इसे नैतिक रूप से दोषपूर्ण होना चाहिये। इसे अवश्य ही एक पाप होना चाहिए। यह कथन निम्नलिखित में से किसके द्वारा दिया गया है-

a. सालमंड

b. न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर

c. लार्ड डेनिंग

d. स्टीफेन

 

13. विधि द्वारा निषिद्ध कोई कार्य जो उसी समय समाज की नैतिक भावनाओं से विद्रोह करने वाला हो, को अपराध कहा जाता है, यह कथन है-

a. कीटन

b. आस्टिन

c. स्टीफेन

d. पेटॉन

 

14. एक कार्य को दण्डनीय होने के लिये इसे नैतिक रूप से दोषपूर्ण होना चाहिये। इसे अवश्य ही एक पाप होना चाहिए। यह कथन निम्नलिखित में से किसके द्वारा दिया गया है-

a. सालमंड

b. न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर

c. लार्ड डेनिंग

d. स्टीफेन

 

15. अपराध के आवश्यक तत्व होते हैं-

a. आपराधिक कार्य तथा दुराशय

b. आपराधिक कार्य, दुराशय एवं आशय

c. आपराधिक कार्य, दुराशय एवं ज्ञान

d. ज्ञान, आशय तथा कार्यवाही

 

16. निम्न में से अपराध हेतु क्या आवश्यक नहीं है-

a. आशय

b. हेतु

c. निषिद्ध कार्य

d. कार्यवाही हेतु न्याय

 

17. निम्नलिखित में से अपराध का सामान्यतः एक आवश्यक तत्व क्या है-

a. उल्लंघन

b. आपराधिक कृत्य

c. हेतु

d. इच्छा

 

18. 'केवल कार्य किसी को अपराधी नहीं बनाता यदि उसका मन भी अपराधी हो' (ऐक्टस नॉन फेसिट रियम निसी मेन्स् सिट रिया) के सिद्धांत से क्या आशय है-

a. सामान्य आशय

b. सामूहिक दायित्व

c. अपराध में मन की दोषी स्थिति

d. गलत उद्देश्य

 

19. निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत आपराधिक मनःस्थिति (मेन्स् रिया) से सम्बन्धित है-

a. प्राग दोषमुक्ति तथा पूर्वदोषसिद्धि

b. केवल कार्य किसी को अपराधी नहीं बनाता यदि उसका मन भी अपराधी हो

c. कानून के बिना कोई अपराध, कानून के बिना कोई सजा

d. एक अपराध के लिए दो बार न्याय नहीं दिया जा सकता

 

20. 'मेरी इच्छा के विरूद्ध मेरे द्वारा किया गया कार्य मेरा कार्य नहीं है' (ऐक्टस मी इन्वाइटो फेक्टस नॉन ऐस्ट मेन्स् ऐक्टस) का अर्थ है-

a. कार्य स्वयं ही किसी व्यक्ति को तबतक दोषी नहीं बनाता जबतक उसकी ऐसा करने की मंशा रही हो

b. मेरे द्वारा मेरी इच्छा के विरूद्ध किया गया कार्य किसी भी तरह से मेरा कार्य नहीं है

c. अपराध का गठन करने हेतु मंशा तथा कार्य दोनों को अवश्य मेल खाना चाहिए

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

21. आपराधिक विधि के आधारभूत सिद्धांत 'बिना विधि के कोई अपराध अथवा सजा नहीं' (नल्लम क्रीमन नल्ला पोइना साइन लेगे) का अर्थ है-

a. पूर्वगामी न्यायात्मक विधि के बिना किसी भी अपराध अथवा न्याय का अस्तित्व नहीं हो सकता।

b. जब तक दोषी सिद्ध हो जाए व्यक्ति निरपराध माना जाता है।

c. विधि की अनभिज्ञता कोई बहाना नहीं होता।

d. किसी अपराध के गठन के लिए किसी कार्यवाही के साथ आपराधिक मंशा का होना आवश्यक होता है।

 

22. आपराधिक कानून के मूल सिद्धांतों में क्या शामिल है?

a. एक दोषी कृत्य (एक्टस रीउस)

b. दोषी मन (मेन्स् रिया)

c. केवल

d. (a) और (b) दोनों

 

23. ऐक्टस नान फेसिट रियम मेन्स् सिट रिया (actus non facit reum nisi means sit rea) का अर्थ है कि-

a. कोई भी कार्य अपने आप में आपराधिक नहीं होता जब तक दोषी मन से जुड़ा हो

b. बिना कानून के कोई दंड नहीं।

c. कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं है।

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

24. "प्रत्येक संविधि में जब तक प्रतिकूल रूप से प्रदर्शित किया गया हो 'दुराशय' निहित होती है।" यह विचार किस वाद में व्यक्त किया गया है-

a. शेरास बनाम डि-रट्जेन

b. आर. बनाम डुडले एवं स्टीफेन

c. हार्डिंग बनाम प्राइस

d. आर. बनाम प्रिंस

 

25. "यह इंग्लैंड के विधि के मुकाबले पुराना सिद्धांत है कि कोई भी व्यक्ति तब तक दोषी नहीं होता जब तक उसका मस्तिष्क दोषी हो।" लार्ड आर्जिंगर द्वारा यह किस वाद में प्रेक्षित किया गया था-

a. हार्डिंग बनाम प्राइस

b. आर. बनाम ऑलडे

c. आर. बनाम फावलर

d. ब्रेड बनाम वुड

 

26. निम्नलिखित में से कौन सा वाद दुराशय से सम्बन्धित नहीं है?

a. आर. बनाम प्रिंस

b. क्वीन बनाम टोलसन

c. शेरास बनाम डि-रट्जेन

d. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम एम्परर

 

27. निम्नलिखित में से किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि गैरकानूनी कार्यवाही को वैध बनाने के लिए समानता सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता है?

a. यू.पी. स्टेट शुगर कार्पोरेशन लि. बनाम संत राज सिंह

b. विशाल प्रॉपर्टीज प्रा. लि. बनाम स्टेट ऑफ यू.पी.

c. एकता शक्ति फाउंडेशन बनाम एन.सी.टी. दिल्ली सरकार

d. भगवान दास बनाम पंजाब राज्य बिजली बोर्ड

 

28. भारतीय न्याय संहिता, 2023 कौन सी धारा संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ और लागू होना से संबंधित है?

a. धारा 1

b. धारा 2

c. धारा 3

d. धारा 4

 

29. भारत से बाहर किया गया ऐसा कार्य जो यदि भारत में किया गया होता तो दंडनीय होता, उसे संहिता के अंतर्गत क्या माना जाएगा?

a. उसे अनदेखा किया जाएगा

b. उसे विदेशी कानून के अंतर्गत माना जाएगा

c. उसे भारत के भीतर किया गया अपराध माना जाएगा

d. उसे केवल चेतावनी दी जाएगी

 

30. निम्न में से किस परिस्थिति में यह संहिता भारत से बाहर किए गए अपराधों पर लागू होती है?

a. जब अपराधी विदेशी हो

b. जब अपराध भारत में रजिस्ट्रीकृत पोत या वायुयान पर हो

c. जब अपराध केवल भारत में हो

d. जब अपराध किसी अन्य देश की संहिता के अधीन हो

 

31. भारत में अवस्थित किसी कंप्यूटर संसाधन को लक्ष्य बनाकर भारत के बाहर से अपराध करने वाले व्यक्ति पर क्या यह संहिता लागू होती है?

a. नहीं, क्योंकि वह भारत में नहीं है

b. केवल तब, जब वह भारतीय नागरिक हो

c. हां, यह संहिता लागू होती है

d. केवल साइबर पुलिस देखेगी

 

32. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

a. इस संहिता के उपबंध सैनिकों पर भी सदा लागू होते हैं

b. यह संहिता विशेष या स्थानीय विधियों को निरस्त करती है

c. यह संहिता उन पर लागू नहीं होती जो किसी विशेष अधिनियम के अधीन दंडनीय हैं

d. यह संहिता केवल भारतीय भूमि तक सीमित है

 

33. , जो भारत का नागरिक है, विदेश में हत्या करता है। वह भारत में कहां विचारित किया जा सकता है?

a. केवल दिल्ली में

b. केवल उच्चतम न्यायालय में

c. भारत में जहां वह पाया जाए

d. उसे भारत में सजा नहीं दी जा सकती

 

34. 'जो भारत का नागरिक है, युगांडा में हत्या कर देता है। उसे दिल्ली में गिरफ्तार किया जाता है। उस पर हत्या के लिए विचारण किया जा सकता है और दोषी ठहराया जा सकता है-

a. दिल्ली में

b. केवल युगांडा में

c. केवल उस देश में जिसका मृतक नागरिक रहा हो

d. उपरोक्त में से किसी भी स्थान पर

 

35. 'जो भारत का नागरिक है, इंग्लैंड में हत्या कर देता है। उसे इंदौर में पाया और गिरफ्तार किया जाता है। उसपर कहाँ विचारण किया जा सकता है-

a. भारत की राजधानी नई दिल्ली में

b. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में

c. इंदौर में, जहाँ उसे पाया गया

d. भारत में किसी भी स्थान पर

 

36. ', जो एक स्पेनी नागरिक है, पेरिस में निवास कर रहा था। उसने एक अपराध किए जाने को उकसाया और परिणामस्वरूप अपराध भारत में किया गया। वह-

a. उत्तरदायी है क्योंकि अपराध भारत में किया गया था

b. उत्तरदायी है क्योंकि भारतीय दण्ड संहिता क्षेत्रातीत कार्यवाहियों पर भी लागू होती है।

c. उत्तरदायी ठहराया जा सकता है क्योंकि अपराध भारत में किया जाना था

d. उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उकसावा भारतीय क्षेत्र में नहीं किया गया था

 

37. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(1) के अनुसार "कार्य" का क्या अर्थ है?

a. केवल एक क्रिया

b. केवल सरकारी कार्य

c. कार्यों की आवलि का उसी प्रकार द्योतक है, जिस प्रकार एक कार्य का

d. केवल आपराधिक कृत्य

 

38. धारा 2(1) में "कार्य" की परिभाषा का आशय क्या है?

a. केवल भौतिक गतिविधियाँ

b. किसी भी प्रकार की गतिविधियों की श्रृंखला को भी शामिल करना

c. केवल मानसिक गतिविधियाँ

d. केवल कानूनी कार्यवाही

 

39. "कार्य" शब्द का प्रयोग भारतीय न्याय संहिता में किस रूप में किया गया है?

a. संकीर्ण अर्थ में

b. केवल एक घटना के लिए

c. विस्तृत अर्थ में, जिसमें कार्यों की श्रृंखला भी आती है

d. विदेशी विधियों के समान

 

40. धारा 2 के अनुसार, यदि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित हो, तो परिभाषाएँ कैसे लागू होती हैं?

a. न्यायालय की मर्जी के अनुसार

b. जैसा कि सामान्य व्यवहार में होता है

c. संहिता में दी गई परिभाषा के अनुसार

d. आरोपी की सहमति से

 

41. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(2) के अनुसार "जीवजंतु" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल पालतू जानवर

b. मानव सहित सभी जीवित प्राणी

c. केवल जंगली जानवर

d. मानव से भिन्न कोई भी जीवित प्राणी

 

42. क्या "जीवजंतु" की परिभाषा में मनुष्य भी शामिल है?

a. हाँ, क्योंकि मनुष्य भी जीव है

b. नहीं, क्योंकि परिभाषा में स्पष्ट रूप से मानव से भिन्न कहा गया है

c. केवल शिशु मनुष्य शामिल होते हैं

d. केवल मृत मनुष्य शामिल होते हैं

 

43. "जीवजंतु" शब्द का प्रयोग किन मामलों में महत्वपूर्ण हो सकता है?

a. केवल राजनीतिक मामलों में

b. जब किसी अपराध में जानवर शामिल हो

c. केवल संपत्ति विवाद में

d. जब कोई मानवीय अधिकार का मामला हो

 

44. निम्न में से कौन "जीवजंतु" की परिभाषा के अंतर्गत आता है?

a. मानव

b. रोबोट

c. गाय

d. मृत व्यक्ति

 

45. "जीवजंतु" की परिभाषा के अनुसार, इसमें कौन शामिल नहीं है?

a. कुत्ता

b. हाथी

c. मानव

d. बिल्ली

 

46. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(3) के अनुसार "शिशु" किसे कहा गया है?

a. 12 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को

b. केवल नवजात शिशु को

c. 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को

d. 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को

 

47. यदि कोई व्यक्ति 17 वर्ष 11 माह का है, तो उसे इस संहिता के अनुसार क्या माना जाएगा?

a. वयस्क

b. किशोर

c. शिशु

d. आरोपी

 

48. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(4) के अनुसार "कूटकरण" का क्या अर्थ है?

a. किसी दस्तावेज़ को गलत भाषा में लिखना

b. एक वस्तु को दूसरी वस्तु के सदृश इस आशय से बनाना कि उससे प्रवंचना हो

c. कंप्यूटर की नकल करना

d. किसी वस्तु को जलाना

 

49. "कूटकरण" की स्थिति कब मानी जाएगी?

a. जब कोई वस्तु दूसरी वस्तु की हूबहू नकल हो

b. जब कोई वस्तु जानबूझकर इस प्रकार बनाई जाए कि वह दूसरी वस्तु से भ्रम उत्पन्न करे और प्रवंचना हो सकती हो

c. जब दो वस्तुएँ समान रंग की हों

d. जब वस्तु पुरानी हो जाए

 

50. क्या "कूटकरण" के लिए यह आवश्यक है कि नकल बिल्कुल वैसी ही हो?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल सरकारी मामलों में

d. जब तक अदालत कहे

 

51. यदि कोई व्यक्ति एक चीज को इस प्रकार दूसरी चीज के सदृश बनाता है कि उससे प्रवंचना हो सकती है, तो कानून क्या मानता है?

a. उसे चेतावनी दी जाती है

b. यह उपधारणा की जाती है कि उसका आशय प्रवंचना का था या वह यह संभाव्य जानता था

c. उसे निर्दोष माना जाता है

d. उसे केवल आर्थिक दंड दिया जाता है

 

52. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(5) के अनुसार "न्यायालय" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल उच्च न्यायालय

b. कोई भी सरकारी कार्यालय

c. वह न्यायाधीश या न्यायाधीशों का निकाय, जिसे विधि द्वारा न्यायिक रूप से कार्य करने हेतु सशक्त किया गया है

d. केवल जिला कलेक्टर का कार्यालय

 

53. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(6) के अनुसार "मृत्यु" से क्या अभिप्रेत है?

a. किसी जानवर की मृत्यु

b. पेड़-पौधों का नष्ट होना

c. जब तक कि संदर्भ से प्रतिकूल प्रतीत हो मानव की मृत्यु

d. आत्मा का शरीर छोड़ना

 

54. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(7) के अनुसार "बेईमानी से" का क्या तात्पर्य है?

a. गलती से कोई काम करना

b. कानून का पालन करना

c. ऐसा कार्य करना जिससे किसी व्यक्ति को जानबूझकर सदोष लाभ या किसी अन्य को सदोष हानि पहुँचे

d. अपने लाभ के लिए कठिन परिश्रम करना

 

55. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(8) के अनुसार "दस्तावेज़" किसे कहा जाता है?

a. केवल मुद्रित पुस्तकें

b. केवल कागज पर लिखी गई सामग्री

c. कोई भी विषय जो अक्षरों, अंकों या चिन्हों के माध्यम से व्यक्त किया गया हो और जिसे साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सके

d. केवल अदालत द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट

 

56. क्या डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दस्तावेज़ की श्रेणी में आते हैं?

a. नहीं, वे केवल डेटा कहलाते हैं

b. केवल अदालत में प्रमाणित होने पर

c. हाँ, यदि उन्हें साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया जा सकता है या उनका उद्देश्य साक्ष्य के रूप में है

d. केवल सरकारी रिकॉर्ड होने पर

 

57. निम्न में से कौन-सा "दस्तावेज़" माना जाएगा?

a. कागज़ पर बना चित्र

b. ऐसा मानचित्र जिसे साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सके

c. अखबार की कटिंग

d. फोटो फ्रेम

 

58. यदि कोई व्यक्ति एक विनिमयपत्र (Bill of Exchange) की पीठ पर केवल हस्ताक्षर करता है, तो यह किस रूप में माना जाएगा?

a. अनुबंध

b. पावती

c. पृष्ठांकन (endorsement) जो दस्तावेज़ है

d. निजी नोट

 

59. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(9) के अनुसार "कपटपूर्वक" से क्या तात्पर्य है?

a. गलती से किया गया कार्य

b. कानून की अनभिज्ञता में किया गया कार्य

c. ऐसा कार्य जो कपट करने के आशय से किया गया हो

d. संयोगवश हुआ कार्य

 

60. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(10) के अनुसार "लिंग" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल पुरुष

b. केवल महिला

c. पुरुष, महिला और उभयलिंगी

d. केवल उभयलिंगी

 

61. पुल्लिंग वाचक शब्द "वह" का प्रयोग किसके लिए किया जाता है?

a. केवल पुरुषों के लिए

b. केवल महिलाओं के लिए

c. पुरुष, महिला या उभयलिंगी किसी भी व्यक्ति के लिए

d. केवल कानूनी व्यक्तियों के लिए

 

62. उभयलिंगी शब्द का अर्थ किस अधिनियम में परिभाषित है?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860

b. उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019

c. संविधान का अनुच्छेद 14

d. महिला कल्याण अधिनियम, 2005

 

63. "सद्भावपूर्वक" बात या विश्वास कब नहीं मानी जाती?

a. जब वह सम्यक सतर्कता और ध्यान के बिना की गई हो

b. जब वह सच्चाई पर आधारित हो

c. जब वह किसी न्यायालय में दी गई हो

d. जब वह प्रमाणित हो

 

64. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 2(11) के अनुसार "सद्भावपूर्वक" विश्वास करने के लिए आवश्यक है:

a. सम्यक सतर्कता और ध्यान

b. भाग्य का साथ

c. दूसरों की सलाह

d. कानूनी आदेश

 

65. निम्न में से कौन-सी बात "सद्भावपूर्वक" मानी जाएगी?

a. बिना सोचे-समझे की गई किसी बात पर विश्वास

b. सोच-समझकर और सतर्कता से की गई कोई बात

c. धोखा देने की नीयत से किया गया कार्य

d. अनजाने में की गई गलती

 

66. धारा 2(11) के अनुसार, क्या कोई बात "सद्भावपूर्वक" मानी जाएगी यदि वह बिना सतर्कता और ध्यान के कही या विश्वास की गई हो?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल अदालत के आदेश से

d. केवल सरकारी अधिकारी के आदेश से

 

67. धारा 2(12) के अनुसार "सरकार" से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल केन्द्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. केन्द्रीय सरकार या कोई राज्य सरकार

d. केवल स्थानीय प्रशासन

 

68. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में संश्रय परिभाषित है?

a. धारा 2(10)

b. धारा 2(11)

c. धारा 2(12)

d. धारा 2(13)

 

69. धारा 2(13) के अनुसार "संश्रय" में क्या-क्या शामिल है?

a. केवल भोजन और पेय देना

b. केवल धन और वस्त्र देना

c. आश्रय, भोजन, पेय, धन, वस्त्र, आयुध, गोलाबारूद या वाहन के साधन देना और पकड़े जाने से बचाने में सहायता करना

d. केवल वाहन प्रदान करना

 

70. संश्रय का अर्थ क्या है?

a. केवल आर्थिक सहायता देना

b. किसी व्यक्ति को पकड़े जाने से बचाने के लिए सहायता देना

c. किसी को नौकरी देना

d. केवल घर प्रदान करना

 

71. क्या किसी व्यक्ति को वाहन के साधन देना "संश्रय" माना जाएगा?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल सरकारी वाहन हो तो

d. केवल जब वे साधन भोजन के साथ हों

 

72. धारा 2(14) के अनुसार "क्षति" से क्या अभिप्रेत है?

a. कोई आर्थिक लाभ

b. कोई अपहानि जो व्यक्ति के शरीर, मन, ख्याति या सम्पत्ति को अवैध रूप से हुई हो

c. केवल शारीरिक चोट

d. केवल मानसिक संतोष

 

73. "क्षति" किस-किस प्रकार की हो सकती है?

a. केवल शारीरिक

b. केवल मानसिक

c. शारीरिक, मानसिक, ख्याति या सम्पत्ति को होने वाली अवैध अपहानि

d. केवल आर्थिक

 

74. क्या "क्षति" में ख्याति को होने वाली हानि भी शामिल है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल शारीरिक हानि शामिल है

d. केवल संपत्ति की हानि शामिल है

 

75. धारा 2(15) के अनुसार "अवैध" शब्द का अर्थ क्या है?

a. कोई कार्य जो कानून द्वारा अनुमत हो

b. कोई कार्य जो अपराध हो, या विधि द्वारा प्रतिबंधित हो, या सिविल कार्यवाही का आधार हो

c. केवल शारीरिक अपराध

d. केवल सरकारी आदेश

 

76. धारा 2(15) के अनुसार, "अवैध" कार्यों के संबंध में कौन-सी बात सही है?

a. केवल सिविल कार्यवाही के लिए आधार उत्पन्न करता है

b. अपराध, विधि द्वारा प्रतिषिद्ध या सिविल कार्यवाही के लिए आधार हो सकता है

c. केवल अनौपचारिक कार्यों को संदर्भित करता है

d. केवल सरकारी अनुमति प्राप्त कार्य हैं

 

77. क्या कोई व्यक्ति उस कार्य को करने के लिए वैध रूप से आबद्ध हो सकता है जिसका लोप करना उसके लिए अवैध हो?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल सरकारी अधिकारियों के लिए

 

78. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में न्यायाधीश परिभाषित है?

a. धारा 2(10)

b. धारा 2(11)

c. धारा 2(15)

d. धारा 2(16)

 

79. धारा 2(16) के अनुसार से क्या अभिप्रेत है?

a. केवल वह व्यक्ति जो सरकार में काम करता हो

b. वह व्यक्ति जिसे विधि द्वारा शासकीय न्यायाधीश के रूप में सशक्त किया गया हो

c. केवल पुलिस अधिकारी

d. कोई भी व्यक्ति जो कानून का अध्ययन करता हो

 

80. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में जीवन परिभाषित है?

a. धारा 2(16)

b. धारा 2(18)

c. धारा 2(19)

d. धारा 2(17)

 

81. धारा 2(17) के अनुसार "जीवन" से क्या अभिप्रेत है?

a. किसी भी जीवित प्राणी का जीवन

b. केवल मानव का जीवन, जब तक संदर्भ से प्रतिकूल हो

c. केवल पशुओं का जीवन

d. केवल पेड़-पौधों का जीवन

 

82. क्या धारा 2(17) के तहत जीवन का अर्थ मानव जीवन के अलावा भी माना जा सकता है?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, कभी भी नहीं

c. केवल जब संदर्भ से प्रतिकूल प्रतीत हो

d. केवल जब अदालत आदेश दे

 

83. धारा 2(17) के अनुसार "जीवन" का सामान्य अर्थ क्या है?

a. किसी भी जीवित प्राणी की मौजूदगी

b. किसी मानव का जीवन, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा हो

c. केवल शारीरिक अस्तित्व

d. केवल मानसिक अस्तित्व

 

84. "जीवन" शब्द के संदर्भ में धारा 2(17) क्या बताती है?

a. यह हमेशा मानव जीवन ही है

b. संदर्भ के अनुसार मानव जीवन के अलावा भी हो सकता है

c. वल पशु जीवन ही है

d. केवल आध्यात्मिक जीवन है

 

85. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "स्थानीय विधि" परिभाषित है?

a. धारा 2(17)

b. धारा 2(16)

c. धारा 2(18)

d. धारा 2(19)

 

86. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "पुरुष" परिभाषित है?

a. धारा 2(17)

b. धारा 2(16)

c. धारा 2(18)

d. धारा 2(19)

 

87. धारा 2(19) के अनुसार "पुरुष" से क्या अभिप्रेत है?

a. किसी भी आयु का मानव नर

b. केवल वयस्क मानव नर

c. केवल बच्चे

d. केवल 18 वर्ष से ऊपर के पुरुष

 

88. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "मास" और "वर्ष" परिभाषित है?

a. धारा 2(20)

b. धारा 2(16)

c. धारा 2(18)

d. धारा 2(19)

 

89. धारा 2(20) के अनुसार "मास" और "वर्ष" की गणना किस कैलेंडर के अनुसार की जाती है?

a. हिन्दू पंचांग

b. इस्लामी कैलेंडर

c. ग्रिगोरियन कैलेंडर

d. चीनी कैलेंडर

 

90. धारा 2(21) के अनुसार "चल सम्पत्ति" में क्या आता है?

a. केवल भूमि

b. भूमि और उससे स्थायी रूप से जुड़ी चीजें

c. भूमि और उससे जुड़ी सभी वस्तुएं

d. भूमि के अलावा हर प्रकार की सम्पत्ति

 

91. धारा 2(22) के अनुसार "वचन" का क्या अर्थ है?

a. केवल एकवचन शब्द

b. केवल बहुवचन शब्द

c. एकवचन शब्दों के अंतर्गत बहुवचन भी और बहुवचन शब्दों के अंतर्गत एकवचन भी आते हैं

d. शब्दों का कोई संबंध नहीं

 

92. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "शपथ" परिभाषित है?

a. धारा 2(20)

b. धारा 2(21)

c. धारा 2(22)

d. धारा 2(23)

 

93. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "अपराध" परिभाषित है?

a. धारा 2(20)

b. धारा 2(24)

c. धारा 2(22)

d. धारा 2(23)

 

94. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "लोप" परिभाषित है?

a. धारा 2(21)

b. धारा 2(24)

c. धारा 2(25)

d. धारा 2(23)

 

95. धारा 2(25) के अनुसार "लोप" का क्या अर्थ है?

a. केवल एकल लोप

b. लोपों की किसी आवली का उसी प्रकार द्योतक होना जैसे एकल लोप का होता है

c. केवल एक लोप जो अपराध से जुड़ा हो

d. केवल धन की हानि

 

96. "लोप" शब्द का उपयोग किस संदर्भ में किया जाता है?

a. केवल एकल घटना के लिए

b. लोप की आवलि या श्रृंखला के लिए भी

c. केवल चोरी के लिए

d. केवल मारपीट के लिए

 

97. धारा 2(25) के अनुसार, क्या "लोप" में बहुवचन भी शामिल है?

a. हाँ, लोपों की आवलि भी शामिल है

b. नहीं, केवल एकल लोप ही शामिल है

c. केवल दो लोप शामिल हैं

d. केवल तीन या उससे अधिक लोप शामिल हैं

 

98. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "व्यक्ति" परिभाषित है?

a. धारा 2(26)

b. धारा 2(24)

c. धारा 2(25)

d. धारा 2(23)

 

99. धारा 2(26) के अनुसार "व्यक्ति" में क्या शामिल है?

a. केवल मानव व्यक्ति

b. केवल सरकारी अधिकारी

c. कोई भी कंपनी, संगम या व्यक्ति निकाय, चाहे निगमित हो या नहीं

d. केवल निगमित कंपनियाँ

 

100. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में लोक परिभाषित है?

a. धारा 2(27)

b. धारा 2(24)

c. धारा 2(25)

d. धारा 2(23)

 

101. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "लोक सेवक" परिभाषित है?

a. धारा 2(26)

b. धारा 2(27)

c. धारा 2(28)

d. धारा 2(25)

 

102. निम्नलिखित में से कौन "लोक सेवक" के अंतर्गत आता हैं?

a. आयुक्त

b. न्यायालय का प्रत्येक अधिकारी जिसके अंतर्गत परिसमापक

c. रिसीवर

d. उपर्युक्त सभी

 

103. निम्नलिखित में से कौन "लोक सेवक" के अंतर्गत आता हैं?

a. सेना, नौसेना या वायु सेना में प्रत्येक कमीशन प्राप्त अधिकारी

b. विश्वविद्यालय परीक्षक

c. बीमा कंपनी के सर्वेयर

d. पदस्थापन पर नियुक्त सरकारी कर्मचारी

 

104. निम्नलिखित में से कौन "लोक सेवक" के अंतर्गत आता हैं?

a. हर न्यायाधीश

b. न्यायालय या लोक सेवक की सहायता करने वाला हर व्यक्ति

c. मध्यस्थ या अन्य व्यक्ति

d. उपर्युक्त सभी

 

105. निम्नलिखित में से कौन "लोक सेवक" के अंतर्गत आता हैं?

a. प्रत्येक व्यक्ति जो किसी भी पद पर है जिसके आधार पर उसे किसी भी व्यक्ति को कारावास में रखने या रखने का अधिकार है

b. नगर आयुक्त

c. विश्वविद्यालय का परीक्षक

d. (a) और (b) दोनों

 

106. निम्न में से कौन लोक सेवक नहीं है?

a. राज्य का मुख्यमंत्री

b. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सेंसर का सभापति

c. बीमा कंपनी का बीमा सर्वेक्षक

d. राष्ट्रीयकृत बैंक का कर्मचारी

 

107. निम्न में से कौन लोक सेवक नहीं है?

a. मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री

b. न्यायाधीश मजिस्ट्रेट

c. पदस्थापन पर नियुक्त सरकारी कर्मचारी

d. राजकीय महाविद्यालय का प्राचार्य

 

108. निम्न में से कौन लोक सेवक नहीं है?

a. भारतीय थल, जल एवं वायु सेवा में कमीशन प्राप्त अधिकारी

b. एक मध्यस्थ, जिसको किसी न्यायालय द्वारा कोई विवाद विनिश्चय हेतु निर्दिष्ट किया गया हो

c. जो व्यक्ति किसी ऐसे पद को धारण करता हो, जिसके आधार पर वह किसी व्यक्ति को परिरोध में करने या रखने के लिए सशक्त हो

d. एक अधिवक्ता जो न्यायालय के सम्मुख विधि का व्यवसाय करता हो

 

109. निम्न में से कौन 'लोक-सेवककी परिभाषा में नहीं आता है?

a. इंडियन एयरलाइन्स का पायलट

b. सरकारी विद्यालय का शिक्षक

c. सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश

d. कोऑपरेटिव सोसायटी का प्रमुख

 

110. निम्नलिखित में से कौन एक लोक सेवक नहीं है-

a. किसी राज्य का मुख्यंमंत्री

b. केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का चेयरमैन

c. बीमा कंपनी का सर्वेक्षक

d. 'राष्ट्रीयकृत बैंकका कर्मचारी

 

111. निम्नलिखित में कौन एक "लोक सेवक" नहीं है-

a. मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री

b. न्यायाधीश एवं मजिस्ट्रेट

c. प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त सरकारी कर्मचारी

d. सरकारी कॉलेज का प्रधानाचार्य

 

112. निम्नलिखित में से कौन-सा लोक सेवक नहीं है?

a. नगर निगम आयुक्त

b. विधायक

c. संसद सदस्य

d. विश्वविद्यालय का परीक्षक

 

113. निम्नलिखित में से कौन "लोक सेवक" के अंतर्गत नहीं आता?

a. सेना, नौसेना या वायु सेना के अधिकारी

b. न्यायालय का अधिकारी जैसे रिसीवर या कमिश्नर

c. कोई निजी कंपनी का कर्मचारी

d. पंचायत का सदस्य

 

114. "लोक सेवक" में कौन शामिल हैं?

a. सेना के अधिकारी, न्यायाधीश, सरकार के अधिकारी, पंचायत सदस्य आदि

b. केवल पुलिस कर्मी

c. केवल निजी क्षेत्र के कर्मचारी

d. केवल विधायक और सांसद

 

115. यह धारित किया गया था कि एक मुख्यमंत्री अथवा एक मंत्री सरकार से वेतन प्राप्त करता है, अतः भारतीय दंड संहिता की धारा 21(12) {अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 2(28)(k)} के अर्थ के अंतर्गत वह एक लोकसेवक होता है-

a. करुणानिधि बनाम भारत सरकार

b. केशवानंद बनाम केरल राज्य

c. कल्याण सिंह बनाम भारत सरकार

d. जयललिता बनाम तमिलनाडु राज्य

 

116. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "विश्वास करने का कारण" परिभाषित है?

a. धारा 2(27)

b. धारा 2(28)

c. धारा 2(29)

d. धारा 2(30)

 

117. "विश्वास करने का कारण" का अर्थ क्या है?

a. कोई व्यक्ति बिना किसी आधार के विश्वास करता है

b. कोई व्यक्ति विश्वास करने के लिए पर्याप्त आधार या कारण रखता है

c. कोई व्यक्ति दूसरों को धोखा देता है

d. कोई व्यक्ति केवल अफवाहों पर विश्वास करता है

 

118. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "विशेष विधि" परिभाषित है?

a. धारा 2(27)

b. धारा 2(28)

c. धारा 2(29)

d. धारा 2(30)

 

119. "विशेष विधि" से क्या अभिप्रेत है?

a. ऐसी विधि जो सभी विषयों पर लागू होती है

b. ऐसी विधि जो किसी विशिष्ट विषय पर लागू होती है

c. ऐसी विधि जो केवल स्थानीय क्षेत्रों में लागू होती है

d. ऐसी विधि जो केवल केन्द्रीय सरकार द्वारा लागू होती है

 

120. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "मूल्यवान प्रतिभूति" परिभाषित है?

a. धारा 2(33)

b. धारा 2(32)

c. धारा 2(31)

d. धारा 2(30)

 

121. "मूल्यवान प्रतिभूति" से क्या अभिप्रेत है?

a. ऐसा दस्तावेज जो केवल व्यक्तिगत पहचान के लिए होता है

b. ऐसा दस्तावेज जिसके द्वारा कोई विधिक अधिकार सृजित, विस्तृत, अन्तरित, निर्बन्धित, निर्वापित या छोड़ा जाए

c. केवल नकली दस्तावेज

d. वह दस्तावेज जो केवल वित्तीय लेन-देन के लिए उपयोग होता है

 

122. निम्नलिखित में से कौन सा उदाहरण "मूल्यवान प्रतिभूति" का है?

a. किसी पुस्तक का पन्ना

b. एक विनिमयपत्र की पीठ पर नाम लिखना जिससे अधिकार अन्तरित हो

c. किसी समाचार पत्र का लेख

d. केवल एक साधारण नोट

 

123. "मूल्यवान प्रतिभूति" का उद्देश्य क्या हो सकता है?

a. केवल सामाजिक सम्मान बढ़ाना

b. विधिक अधिकारों और दायित्वों को सृजित या बदलना

c. केवल धार्मिक कार्यों के लिए

d. केवल सांस्कृतिक दस्तावेज के रूप में

 

124. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "स्वेच्छया" परिभाषित है?

a. धारा 2(33)

b. धारा 2(32)

c. धारा 2(31)

d. धारा 2(30)

 

125. "स्वेच्छया" कारित करना कब कहा जाता है?

a. जब कोई व्यक्ति बिना किसी आशय के परिणाम को कारित करता है

b. जब कोई व्यक्ति परिणाम को उन्हीं साधनों द्वारा कारित करता है, जिनसे उसका आशय था या जिनसे परिणाम सम्भाव्य था और उसे इसका विश्वास था

c. जब कोई व्यक्ति दुर्घटना से परिणाम कारित करता है

d. जब परिणाम का कारण कोई तीसरा व्यक्ति हो

 

126. निम्नलिखित में से कौन "स्वेच्छया" कारित करने का उदाहरण है?

a. कोई व्यक्ति बिना सोच-समझे गलती से किसी को चोट पहुँचाए

b. कोई व्यक्ति जान-बूझकर ऐसी क्रिया करता है जिससे परिणाम सम्भाव्य हो और उसे इसके होने का विश्वास हो

c. कोई व्यक्ति बिना किसी कारण के निष्पक्ष रहता है

d. कोई व्यक्ति दुर्घटना में घायल हो जाता है

 

127. ने लूट को सुकर बनाने के लिए आग लगाई जिससे मृत्यु हो गई। यह किस प्रकार की कार्रवाई है?

a. अनजाने में हुई हत्या

b. स्वेच्छया मृत्यु कारित करना

c. आकस्मिक दुर्घटना

d. आत्मरक्षा

 

128. स्वेच्छया का आशय क्या है?

a. परिणाम को जानबूझकर या संभावित समझकर कारित करना

b. अनजाने में नुकसान पहुँचाना

c. बिना किसी इच्छा के कार्य करना

d. किसी और के आदेश पर कार्य करना

 

129. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "विल" परिभाषित है?

a. धारा 2(34)

b. धारा 2(33)

c. धारा 2(29)

d. धारा 2(30)

 

130. "विल" से क्या अभिप्रेत है?

a. कोई करार

b. कोई वसीयती दस्तावेज

c. कोई सरकारी आदेश

d. कोई बैंक लेन-देन

 

131. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "महिला" परिभाषित है?

a. धारा 2(34)

b. धारा 2(33)

c. धारा 2(35)

d. धारा 2(30)

 

132. "महिला" से क्या अभिप्रेत है?

a. कोई भी पुरुष

b. कोई भी मानव नारी

c. केवल 18 वर्ष से ऊपर की नारी

d. कोई भी जीवित प्राणी

 

133. धारा 2(35) के अनुसार "महिला" की आयु सीमा क्या है?

a. 18 वर्ष से ऊपर

b. 18 वर्ष से कम

c. किसी भी आयु की मानव नारी

d. 21 वर्ष से ऊपर

 

134. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "सदोष अभिलाभ" परिभाषित है?

a. धारा 2(34)

b. धारा 2(33)

c. धारा 2(36)

d. धारा 2(30)

 

135. "सदोष अभिलाभ" से क्या अभिप्रेत है?

a. वैध साधनों द्वारा सम्पत्ति प्राप्त करना

b. विधिविरुद्ध साधनों द्वारा ऐसी सम्पत्ति प्राप्त करना, जिसका हकदार हो

c. किसी से उपहार प्राप्त करना

d. बैंक से ऋण लेना

 

136. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "सदोष हानि" परिभाषित है?

a. धारा 2(34)

b. धारा 2(37)

c. धारा 2(36)

d. धारा 2(30)

 

137. "सदोष हानि" से क्या अभिप्रेत है?

a. वैध साधनों द्वारा सम्पत्ति की हानि

b. विधिविरुद्ध साधनों द्वारा ऐसी सम्पत्ति की हानि, जिसका हकदार वैध हो

c. संपत्ति का दान करना

d. किसी को नुकसान पहुँचाना

 

138. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "सदोष अभिलाभ प्राप्त करना" और "सदोष हानि उठाना" परिभाषित है?

a. धारा 2(34)

b. धारा 2(37)

c. धारा 2(36)

d. धारा 2(38)

 

139. "सदोष अभिलाभ प्राप्त करना" कब कहा जाता है?

a. जब कोई व्यक्ति वैध तरीके से सम्पत्ति प्राप्त करता है

b. जब कोई व्यक्ति सदोष रखे रखता है या सदोष अर्जन करता है

c. जब कोई व्यक्ति सम्पत्ति दान करता है

d. जब कोई व्यक्ति सम्पत्ति खो देता है

 

140. "सदोष हानि उठाना" कब होता है?

a. जब कोई व्यक्ति सम्पत्ति को बेच देता है

b. जब कोई व्यक्ति सम्पत्ति से सदोष अलग रखा जाता है या सदोष वंचित किया जाता है

c. जब कोई व्यक्ति सम्पत्ति प्राप्त करता है

d. जब कोई व्यक्ति सम्पत्ति को सुरक्षित रखता है

 

141. अगर इस संहिता में कोई शब्द या पद परिभाषित नहीं है, तो उसका अर्थ कहाँ से लिया जाएगा?

a. जनता की समझ से

b. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 से (धारा 2(38))

c. किसी भी अन्य अधिनियम से

d. न्यायालय के निर्णयों से

 

142. धारा 2(39) के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 किस प्रकार प्रयुक्त होती हैं?

a. किसी भी विवाद में वैकल्पिक नियम के रूप में

b. परिभाषाओं के लिए संदर्भ के रूप में जब इस संहिता में परिभाषित हो

c. केवल सूचना प्रौद्योगिकी मामलों के लिए

d. केवल नागरिक सुरक्षा मामलों के लिए

 

143. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में "साधारण स्पष्टीकरण" वर्णित   है?

a. धारा 3

b. धारा 4

c. धारा 5

d. धारा 6

 

144. इस संहिता में दी गई प्रत्येक अपराध की परिभाषा, दाण्डिक उपबन्ध, या दृष्टान्त किसके अधीन समझा जाएगा (धारा 3(1)?

a. न्यायालय के निर्णयों के

b. साधारण अपवादों के

c. राज्य सरकार के निर्देशों के

d. लोक प्रशासन के

 

145. साधारण अपवाद के तहत निम्नलिखित में से कौन सा उदाहरण सही है?

a. 5 वर्ष से कम आयु का बच्चा अपराध कर सकता है

b. 7 वर्ष से कम आयु का बच्चा अपराध नहीं कर सकता

c. सभी उम्र के बच्चे अपराध कर सकते हैं

d. कोई बच्चा अपराध के लिए दोषी होगा

 

146. भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत 'संयुक्त आपराधिक दायित्व' का सिद्धांत प्रयोज्य होता है-

a. धारा 3(4)

b. धारा 33

c. धारा 34

d. धारा 3(5)

 

147. भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के अंतर्गत-

a. शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है।

b. भागीदारी के लिए शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है, किन्तु सभी मामलों में नहीं

c. शारीरिक उपस्थिति आवश्यक नहीं है।

d. सामान्य जानकारी के साथ शारीरिक उपस्थिति आवश्यक है

 

148. समान आशय से आशय है-

a. एकसमान आशय से

b. एक ही आशय से

c. सभी व्यक्तियों द्वारा आशय को साझा किया जाना

d. समान योजना

 

149. जब कई व्यक्तियों द्वारा सभी की समान्य आशय को अग्रसर करने हेतु कार्य किया जाता है तो उनमें से प्रत्येक इस प्रकार उत्तरदायी होता है-

a. जैसे यह कार्य उनमें से प्रत्येक के द्वारा निजी क्षमता में किया गया हो

b. मात्र अपने द्वारा किए गए हिस्से के लिए

c. उस कार्य को करने हेतु दुष्प्रेरण के लिए

d. कार्य को करने के प्रयास हेतु

 

150. समान्य आशय का सिद्धांत केवल तब लागू होता है।जब-

a. न्यूनतम 5 व्यक्ति संलिप्त हों

b. न्यूनतम 2 व्यक्ति संलिप्त हों

c. न्यूनतम 1 व्यक्ति संलिप्त हो

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

151. भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) को स्थापित करने हेतु-

a. एक समान्य आशय सिद्ध की जानी होती है किन्तु प्रकट कार्य को सिद्ध नहीं करना होता

b. एक समान्य आशय तथा प्रकट कार्य दोनों को सिद्ध करना होता है

c. एक समान्य आशय सिद्ध किया जाना आवश्यक नहीं होता किन्तु प्रकट कार्य को सिद्ध करना होता है

d. उपरोक्त सभी

 

152. निम्नलिखित में से कौन भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) का एक अनिवार्य तत्व नहीं है-

a. कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कार्य

b. किसी साझा मंशा को अग्रसर करने हेतु किया गया आपराधिक कार्य

c. आपराधिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के बीच पूर्वनियोजित योजना

d. किसी सामान्य उद्देश्य को पूरा करने हेतु किया गया कार्य

 

153. भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के अंतर्गत संयुक्त दायित्व आरोपित करने हेतु अभियोजन को क्या सिद्ध करना आवश्यक होता है-

a. आशय

b. एकसमान आशय

c. मिलता-जुलता आशय

d. सामान्य आशय

 

154. "सामान्य आशय" और "समान आशय" में स्पष्ट अंतर. निम्न मामले में किया गया था-

a. बारीन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर

b. महबूब शाह बनाम एम्परर

c. श्रीनिवास मल बनाम किंग एम्परर

d. उपर्युक्त सभी मामलों में

 

155. निम्नलिखित में से किस वाद में लार्ड समर ने कहा था "जो खड़े रहते और प्रतीक्षा करते हैं वे सेवा भी करते हैं"?

a. महबूब शाह बनाम किंग एम्परर

b. इंदर सिंह बनाम एम्परर

c. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

156. भारतीय दंड संहिता की धारा 34 तथा 149 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) तथा 190) के बीच के अंतर को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आधिकारिक तौर पर किस वाद में प्रतिपादित किया गया है?

a. महाराष्ट्र राज्य बनाम एम.एच. जॉर्ज

b. गुरुदेव सिंह बनाम पंजाब राज्य

c. राम कुमार बनाम हरियाण राज्य

d. नानक चंद बनाम पंजाब राज्य

 

157. 'जिसके पास एक भरी हुई पिस्तौल थी और '' जो खाली हाथ था, लूट की अपनी सामान्य आशय को पूरा करने के लिए '' की दुकान पर जाते हैं। 'दुकान में घुसता है और वहाँ का माल ले जाने का विरोध करने पर '' को पिस्तौल से गोली मार देता है। '' तुरंत मर जाता है। 'के किस कार्य के लिए '' उत्तरदायी है-

a. लूट के साथ हत्या

b. जबरन वसूली तथा हत्या की कोटि में आने वाला मानववध

c. लूट का प्रयास जब घातक हथियार से लैस हो

d. लूट और हत्या

 

158. तथा की हत्या करने जाते हैं। अपने हाथ में एक बल्लम के साथ रखवाली करता है किन्तु वह को जरा भी नहीं मारता को मार देता है। इस मामले में-

a. केवल ही की हत्या के लिए उत्तरदायी है।

b. तथा दोनों की हत्या के लिए उत्तरदायी हैं

c. उत्तरदायी नहीं है क्योंकि उसने कोई प्रकट कार्य नहीं किया है

d. उपरोक्त (a) तथा (c) दोनों सही है।

 

159. जब कोई कार्य कई व्यक्तियों द्वारा एक सामान्य आशय के तहत किया जाता है, तो क्या होता है?

a. केवल कार्यकर्ता जिम्मेदार होता है

b. सभी व्यक्तियों को उसी प्रकार दायित्व होता है, मानो अकेले उन्होंने किया हो

c. केवल नेता जिम्मेदार होगा

d. सभी दोषमुक्त हो जाएंगे

 

160. अगर किसी अपराध को कई कार्यों द्वारा किया जाता है और कोई व्यक्ति किसी एक कार्य में सहयोग करता है, तो वह क्या होगा?

a. दोषमुक्त

b. उस अपराध का दोषी

c. केवल साक्षी

d. आरोपी नहीं होगा

 

161. और अलग-अलग समय पर विष देकर हत्या करते हैं, दोनों दोषी क्यों हैं?

a. क्योंकि दोनों ने अलग-अलग अपराध किए हैं

b. क्योंकि दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी

c. क्योंकि दोनों ने अलग-अलग कार्य कर के एक ही परिणाम (मृत्यु) कारित किया है

d. केवल दोषी है

 

162. जब कोई व्यक्ति किसी अन्य की मृत्यु का प्रयत्न करता है, लेकिन सहयोग नहीं करता, तो वह दोषी होगा?

a. हमेशा दोषी

b. कभी भी दोषी नहीं

c. केवल प्रयत्न का दोषी

d. पूर्ण दोषी

 

163. किस परिस्थिति में कई व्यक्तियों द्वारा किये गए कार्यों के आधार पर वे विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकते हैं?

a. जब वे एक ही अपराध में सम्मिलित हों

b. जब वे अलग-अलग अपराधों में सम्मिलित हों

c. जब वे आरोपी हों

d. केवल तभी जब न्यायालय ने दोषी ठहराया हो

 

164. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के किस अध्याय मेंदण्डो के विषय मेंका प्रावधान किया गया है?

a. अध्याय-1

b. अध्याय-2

c. अध्याय-3

d. अध्याय-4

 

165. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की किस धारा में दंड का प्रावधान किया गया है?

a. धारा 3

b. धारा 4

c. धारा 5

d. धारा 6

 

166. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 4 के अनुसार अपराधी किन दण्डों के लिए दायी होता है?

a. जुर्माना/ कठिन तथा सादा कारावास

b. मृत्यु/ आजीवन कारावास

c. सामुदायिक सेवा

d. उपर्युक्त सभी

 

167. कारावास के दो प्रकार कौन-से हैं?

a. दीर्घकालीन और अल्पकालीन

b. सश्रम (कठिन) और सादा

c. न्यूनतम और अधिकतम

d. आंशिक और पूर्ण

 

168. निम्नलिखित में से कौन-सा दण्ड इस संहिता में वर्णित नहीं है?

a. सामुदायिक सेवा

b. सम्पत्ति की जब्ती

c. निर्वासन (exile)

d. मृत्यु दण्ड

 

169. क्या "सामुदायिक सेवा" भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत एक मान्य दण्ड है?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल बच्चों के लिए

d. केवल राज्य के निर्णय पर निर्भर

 

170. "सम्पत्ति की जब्ती" किस प्रकार का दण्ड है?

a. आर्थिक दण्ड

b. सामाजिक दण्ड

c. दैहिक दण्ड

d. मानसिक दण्ड

 

171. कठोर श्रम के साथ दी गई सज़ा को क्या कहा जाता है?

a. सादा कारावास

b. सामुदायिक सेवा

c. कठिन कारावास

d. अनिवार्य श्रम

 

172. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 5 के अनुसार, दण्ड को किसी अन्य दण्ड में लघुकरण कौन कर सकता है?

a. न्यायालय

b. राष्ट्रपति

c. समुचित सरकार

d. अभियुक्त स्वयं

 

173. क्या समुचित सरकार दण्ड को लघुकरण करने के लिए अपराधी की सम्मति लेना आवश्यक है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल आजीवन कारावास के मामलों में

d. केवल सामुदायिक सेवा में बदलते समय

 

174. दण्डादेश के लघुकरण के लिए किस अन्य अधिनियम की धारा 474 का उल्लेख किया गया है?

a. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

c. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

d. संविधान

 

175. मृत्यु दण्ड के मामलों में "समुचित सरकार" से क्या अभिप्रेत है?

a. राज्य सरकार

b. केंद्रीय सरकार

c. जिला प्रशासन

d. संसद

 

176. यदि अपराध किसी ऐसे विषय से संबंधित है जिस पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार है, तो "समुचित सरकार" कौन होगी?

a. केंद्रीय सरकार

b. सुप्रीम कोर्ट

c. राज्य सरकार

d. लोकसभा

 

177. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 6 के अनुसार, आजीवन कारावास को कितने वर्ष के कारावास के समतुल्य माना जाएगा?

a. 10 वर्ष

b. 14 वर्ष

c. 20 वर्ष

d. 25 वर्ष

 

178. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 7 के अनुसार, जब अपराधी को दोनों प्रकार के कारावास से दण्डनीय ठहराया गया हो, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. केवल कठिन कारावास दे सकता है

b. केवल सादा कारावास दे सकता है

c. कठिन और सादा कारावास दोनों में विभाजित कर सकता है

d. उपरोक्त सभी

 

179. यदि कानून में जुर्माने की अधिकतम राशि निर्दिष्ट नहीं की गई है, तो जुर्माने की सीमा कैसी होगी?

a. सीमित, लेकिन अधिकतम निर्धारित राशि तक

b. असीमित, लेकिन अत्यधिक नहीं होगी- धारा 8(1)

c. केवल एक वर्ष की सीमा तक

d. जुर्माने की राशि सुप्रीम कोर्ट तय करेगा

 

180. यदि अपराध जुर्माने के साथ दण्डनीय है, और जुर्माना भुगतान नहीं होता, तो न्यायालय क्या निर्देश दे सकता है?

a. जुर्माना ही बढ़ाए

b. सजा समाप्त कर दे

c. अतिरिक्त कारावास निर्दिष्ट कर सकता है

d. केवल सामुदायिक सेवा का आदेश देगा

 

181. जब जुर्माना के साथ कारावास का विकल्प हो, तो जुर्माना चुकाने पर अधिकतम अतिरिक्त कारावास अवधि कितनी होगी?

a. अधिकतम कारावास की एक चौथाई से अधिक नहीं

b. अधिकतम कारावास की आधी

c. अधिकतम कारावास के बराबर

d. अधिकतम कारावास की दो तिहाई

 

182. यदि जुर्माना या सामुदायिक सेवा का विकल्प हो, तो जुर्माना देने या सेवा करने पर कारावास किस प्रकार होगा?

a. कठोर कारावास

b. सादा कारावास

c. विशेष श्रावण कारावास

d. सामाजयित सेवा ही दी जाती होगी

 

183. यदि जुर्माना ₹5000 से अधिक नहीं है, तो जुर्माना देने पर अधिकतम कारावास अवधि क्या हो सकती है?

a. दो माह

b. चार माह

c. छह माह

d. एक वर्ष

 

184. यदि जुर्माना ₹10,000 से अधिक नहीं है, लेकिन ₹5,000 से अधिक है, तो जुर्माना देने पर अधिकतम कारावास अवधि क्या हो सकती है?

a. दो माह

b. चार माह

c. छह माह

d. एक वर्ष

 

185. इस संहिता की धारा 9 के अनुसार, यदि कोई अपराध कई हिस्सों में बँटा है जिनमें से प्रत्येक हिस्सा स्वायत्त रूप से आपराधिक है, तो अपराधी को कैसे दण्डित किया जाएगा?

a. हर एक हिस्से के लिए अलग-अलग दण्ड मिलेगा

b. एक ही दण्ड मिलेगा, केवल जब ऐसा स्पष्ट रूप से प्रावधानित हो

c. दण्ड में भारी कटौती की जाएगी

d. दण्ड नहीं मिलेगा

 

186. यदि किसी व्यक्ति को निर्णय में कई अपराधों में से किसी एक अपराध का दोषी माना जाता है, लेकिन यह संदेह है कि वह किस अपराध का दोषी है, और सभी अपराधों के लिए समान दण्ड निर्धारित नहीं है, तो वह किस अपराध के लिए दण्डित किया जाएगा?

a. वह अपराध जिसके लिए अधिकतम दण्ड है

b. वह अपराध जिसके लिए न्यूनतम दण्ड है

c. सभी अपराधों के लिए सम्मिलित दण्ड

d. उसे दण्ड नहीं दिया जाएगा

 

187. एक व्यक्ति पर चोरी, डकैती और आपराधिक विश्वासघात का आरोप है। न्यायालय यह निष्कर्ष निकालता है कि वह इन तीन में से किसी एक अपराध का दोषी है, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि किसका। यदि इन तीनों अपराधों के लिए अलग-अलग दण्ड निर्धारित हैं, तो उसे किस अपराध के अनुसार दण्डित किया जाएगा?

a. चोरी (चोरी का दण्ड सबसे कम है)

b. डकैती

c. आपराधिक विश्वासघात

d. तीनों अपराधों के औसत के आधार पर

 

188. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सी धारा एकांत परिरोध का प्रावधान करती है-

a. धारा 11

b. धारा 12

c. धारा 73

d. धारा 74

 

189. किस स्थिति में न्यायालय अपराधी को एकांत परिरोध में रखने का आदेश दे सकता है?

a. जब अपराधी को आर्थिक दंड दिया गया हो

b. जब अपराधी को मृत्युदंड दिया गया हो

c. जब अपराधी को कठिन कारावास से दंडित किया गया हो

d. जब अपराधी को माफ कर दिया गया हो

 

190. यदि कारावास की अवधि 6 मास से अधिक नहीं है, तो एकांत परिरोध की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?

a. 15 दिन

b. 2 मास

c. 1 मास

d. 3 मास

 

191. यदि कारावास की अवधि 6 मास से अधिक और 1 वर्ष से अधिक नहीं है, तो अधिकतम कितनी अवधि तक एकांत परिरोध किया जा सकता है?

a. 1 मास

b. 3 मास

c. 2 मास

d. 6 मास

 

192. एकांत परिरोध की कुल अवधि अधिकतम कितनी हो सकती है?

a. 6 मास

b. 1 वर्ष

c. 3 मास

d. 2 सप्ताह

 

193. यदि कारावास की अवधि 1 वर्ष से अधिक है, तो अधिकतम कितने समय तक एकांत परिरोध संभव है?

a. 2 मास

b. 3 मास

c. 1 मास

d. 6 मास

 

194. एक बार में एकांत परिरोध की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?

a. 7 दिन

b. 14 दिन

c. 21 दिन

d. 1 माह

 

195. एकांत परिरोध की प्रत्येक अवधि के बीच में क्या आवश्यक है?

a. लगातार निगरानी

b. न्यायिक आदेश

c. उन्हीं कालावधियों से अन्यून अंतराल

d. चिकित्सीय परीक्षण

 

196. जब कारावास तीन मास से अधिक हो, तब किसी एक माह में अधिकतम कितने दिन तक एकांत परिरोध किया जा सकता है?

a. 14 दिन

b. 10 दिन

c. 7 दिन

d. 21 दिन

 

197. धारा 13 के अंतर्गत वर्धित दण्ड की व्यवस्था किस स्थिति में लागू होती है?

a. जब कोई व्यक्ति पहली बार अपराध करता है

b. जब किसी व्यक्ति को अध्याय 10 या 17 के अपराध के लिए पहले दोषसिद्ध किया गया हो

c. जब व्यक्ति माफी माँग ले

d. जब अपराध अनजाने में हुआ हो

 

198. भारतीय न्याय संहिता का अध्याय 3 किससे सम्बन्धित है-

a. उपशमन

b. सामान्य स्पष्टीकरण

c. प्रयास

d. सामान्य अपवाद

 

199. विधि की भूल क्षम्य नहीं होती' के सिद्धांत का अर्थ है-

a. विधि की भूल माफी का आधार नहीं होता

b. तथ्य की भूल माफी का आधार नहीं होता

c. विधि की भूल माफी का आधार होता है।

d. तथ्य की भूल माफी का आधार होता है

 

200. "तथ्यों की भूल क्षम्य है" का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता सम्बन्धित है-

a. धारा 14 से

b. धारा 15 से

c. धारा 17 से

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

201. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत तथ्य की त्रुटि के बचाव के लिए-

a. वास्तविक त्रुटि पर्याप्त होती है

b. कार्य का उचित होना आवश्यक होता है

c. कार्य अवश्य ही उचित होना चाहिए तथा साथ ही सद्भावपूर्वक किया गया होना चाहिए.

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है।

 

202. ', जो न्यायालय का एक अधिकारी है, न्यायालय द्वारा '' को गिरफ्तार किए जाने के आदेश पर समुचित जाँच के बाद '' के '' होने का विश्वास करते हुए '' को गिरफ्तार कर लेता है। 'के द्वारा क्या त्रुटि की गई है-

a. तथ्यों की भूल

b. विधि की भूल

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. इनमें से कोई नहीं

 

203. "", एक पुलिस अधिकारी जो बिना वारंट के "" को पकड़ लेता है जिसने हत्या की है। "" ने कौन सा अपराध किया है-

a. सदोष परिरोध

b. सदोष अवरोध

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. कोई अपराध नहीं

 

204. धारा 14 में किस प्रकार की भूल को वैध माना गया है?

a. विधि की भूल

b. तथ्य की भूल

c. नीति की भूल

d. नैतिकता की भूल

 

205. निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टांत धारा 14 के अंतर्गत आता है?

a. कोई व्यक्ति जानबूझकर चोरी करता है

b. कोई व्यक्ति ग़लत व्यक्ति को पहचान कर गिरफ्तार करता है, यह सोचकर कि वही आरोपी है

c. कोई व्यक्ति गुस्से में आकर हमला करता है

d. कोई व्यक्ति बिना आदेश के गिरफ्तारी करता है

 

206. यदि कोई सैनिक अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर भीड़ पर गोली चलाता है, तो क्या वह अपराध करेगा?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, यदि वह आदेश विधि के अनुसार है

c. केवल यदि कोई घायल हो

d. हाँ, क्योंकि हिंसा अपराध है

 

207. क्या "विधि की भूल" (mistake of law) के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराध से छूट दी जा सकती है?

a. हाँ

b. नहीं

c. कभी-कभी

d. न्यायालय के अनुसार

 

208. धारा 15 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब कोई व्यक्ति गलती से कार्य करता है

b. जब कोई न्यायाधीश न्यायिक रूप से अपनी शक्ति का प्रयोग करता है और उसे विश्वास होता है कि उसके पास वह शक्ति है

c. जब कोई अधिकारी आदेश का उल्लंघन करता है

d. जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक भावना से कार्य करता है

 

209. भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से कौन सी धारा के अंतर्गत न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य अपराध नहीं होते-

a. धारा 14

b. धारा 15

c. धारा 16

d. धारा 17

 

210. निम्नलिखित कथन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत सही है-एक जल्लाद, जो न्यायालय के आदेश पर दोषी को फाँसी देता है, आपराधिक दायित्व से मुक्त होता है-

a. धारा 17 के अंतर्गत

b. धारा 16 के अंतर्गत

c. धारा 15 के अंतर्गत

d. धारा 14 के अंतर्गत

 

211. एक पुलिस अधिकारी है। न्यायालय उसे को गिरफ्तार करने का आदेश देता है। समुचित जाँच और के होने का विश्वास करते हुए वह को गिरफ्तार कर लेता है। इस मामले में वह-

a. सदोष परिरोध का दोषी है

b. तथ्यों की भूल को बचाव के रूप में प्रयुक्त कर सकता है

c. विधि के अधिकार को बचाव के रूप में प्रयुक्त कर सकता है

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है

 

212. 'एक मजिस्ट्रेट के समक्ष सद्भावनापूर्वक '' पर आरोप लगाता है-

a. ‘ने कोई अपराध नहीं किया है।

b. 'ने मानहानि का अपराध किया है।

c. ‘ने मानहानि का अपराध किया है किन्तु वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 93 के अंतर्गत बचाव ले सकता है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

213. ‘एक सैनिक है जो विधि के समादेशों के अनुवर्तन में अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेशों के अनुपालन में 17 एक भीड़ पर गोली चलाता है जिसके कारण कुछ लोग आहत हो जाते हैं। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. हत्या का प्रयास

b. उपहति

c. घोर उपहति

d. कोई अपराध नहीं

 

214. धारा 16 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब किसी न्यायालय के आदेश का अनुसरण करते हुए किया गया हो और कार्यकर्ता को विश्वास हो कि न्यायालय को अधिकार था

b. जब कार्यकर्ता गलती से आदेश का उल्लंघन करता है

c. जब आदेश गलत हो और कार्यकर्ता जानता हो

d. जब आदेश की अवहेलना की गई हो

 

215. यदि कोई न्यायालय आदेश देता है लेकिन उस न्यायालय को वह आदेश देने का अधिकार नहीं है, तब भी कार्यकर्ता अपराध मुक्त होगा, बशर्ते:

a. उसे आदेश का अर्थ पता हो

b. वह सद्भावपूर्वक विश्वास करता हो कि न्यायालय को अधिकार था

c. वह आदेश को चुनौती नहीं देता

d. वह आदेश का उल्लंघन करता है

 

216. धारा 17 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब कोई व्यक्ति गलती से कार्य करता है

b. जब कोई व्यक्ति विधि द्वारा न्यायानुमत है या उसे ऐसा विश्वास हो कि वह न्यायानुमत है, वह भी तथ्य की भूल के कारण

c. जब कोई व्यक्ति बिना विश्वास के कार्य करता है

d. जब कोई व्यक्ति समाज की इच्छा के अनुसार कार्य करता है

 

217. भारतीय न्याय संहिता का कौन सा प्रावधान कहता है-"कोई बात अपराध नहीं है, जो दुर्घटनावश हुई हो"-

a. धारा 19

b. धारा 18

c. धारा 20

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

218. धारा 18 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब कार्य जानबूझकर किया गया हो

b. जब कार्य दुर्घटना से और बिना आपराधिक आशय या ज्ञान के विधिपूर्ण रीति से किया गया हो

c. जब कार्य बिना सावधानी के किया गया हो

d. जब कार्य नियमों के विरुद्ध हो

 

219. धारा 18 के तहत दुर्घटना से हुए कार्य के लिए क्या आवश्यक है?

a. आपराधिक आशय होना चाहिए

b. उचित सतर्कता और सावधानी के साथ कार्य किया गया हो

c. कार्य अवैध हो

d. कार्यकर्ता ने नियम तोड़े हों

 

220. निम्न में से कौन-सा दृष्टांत धारा 18 के अंतर्गत आता है?

a. कुल्हाड़ी से काम कर रहा है, कुल्हाड़ी का फल उछल कर किसी को घायल कर देता है, जबकि ने उचित सावधानी बरती थी।

b. जानबूझकर किसी पर कुल्हाड़ी चलाता है।

c. ने किसी को चोट पहुंचाने के लिए जाल बिछाया।

d. बिना कारण सड़क पर मारपीट करता है।

 

221. निम्नलिखित में से क्या भारतीय न्याय संहिता की धारा 18 के अंतर्गत दुर्घटना के बचाव के आवश्यक घटक नहीं है-

a. कार्य अवश्य ही एक दुर्घटना अथवा दुर्भाग्य होना चाहिए

b. कार्य अवश्य ही आपराधिक मंशा से नहीं किया गया होना चाहिए

c. कार्य को समुचित सावधानी तथा सतर्कता से किए जाने की आवश्यकता नहीं होती

d. दुर्घटना अवश्य ही किसी वैध साधन द्वारा वैध तरीके से. किए गए वैध कार्य का परिणाम होना चाहिए

 

222. ‘कुल्हाड़ी से काम कर रहा है, कुल्हाड़ी का फल उसमें से निकल कर उछल जाता है और निकट खड़ा हुआ व्यक्ति उससे मारा जाता है। यहां 'की ओर से उचित सावधानी का अभाव नहीं था, तो उसका कार्य-

a. हत्या है

b. हत्या की श्रेणी में आने वाला मानववध है

c. क्षम्य कार्य है, एक अपराध नहीं है

d. लापरवाहीवश मृत्यु का कारण है

 

223. परीक्षा के दौरान एक पुरुष शिक्षक ने तलाशी लेने के दौरान एक महिला अभ्यर्थी को पुरुष समझकर उसके पैंट की जेब पर अपना हाथ रख दिया। यहाँ भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत शिक्षक ने किस धारा में अपराध किया है-

a. धारा 354

b. धारा 323

c.  धारा 509

d. कोई अपराध नहीं

 

224. एक श्रमिक छत पर से चेतावनी देने के साथ बर्फ राहगीर बर्फ के आघात से मर जाता है। श्रमिक-

a. हत्या का दोषी है

b. हत्या की श्रेणी में आने वाले मानववध का दोषी है

c. लापरवाहीवश मौत का कारण बनने का दोषी है।

d. दोषी नहीं है क्योंकि मौत दुर्घटनावश थी

 

225. भारतीय न्याय संहिता का कौन सा प्रावधान कहता है-"कोई बात अपराध नहीं है, जो कार्य जिससे अपहानि कारित होना संभाव्य हैं, किंतु जो आपराधिक आशय के दिना और अन्य अपहानि निवारण लिए किया गया है "-

a. धारा 19

b. धारा 18

c. धारा 20

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

226. निम्नलिखित में से किस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 19 के अंतर्गत 'आवश्यकता' की दलील बचाव के रूप में नहीं दी जा सकती-

a. आत्मरक्षा तथा हिंसा को रोकना

b. किसी निर्दोष व्यक्ति की लागत पर आरोपी को क्षति से बचाना

c. आत्मसंरक्षण एक संपूर्ण आवश्यकता होती है

d. आरोपी के अलावा अन्य वाली बुराईयों का चयन

 

227. "किसी के जीवन की रक्षा सामान्यतौर पर एक कर्तव्य कहा जाता है, किन्तु इसका बलिदान सर्वोपरि कर्तव्य हो सकता है। "क्वीन बनाम डुडले एवं स्टीफेन्स में यह प्रेक्षण किसके द्वारा किया गया था-

a. लार्ड डेनमैन

b. लार्ड कोलेरिज

c. लार्ड एक्टन

d. न्यायमूर्ति पोलॉक

 

228. बचाव के रूप में "आवश्यकता" का दावा उस समय नहीं किया जा सकता जब कार्य किया गया हो-

a. सद्भावपूर्वक

b. बिना आपराधिक मंशा के

c. क्षति पहुँचाने के अंतर्निहित जोखिम के साथ

d. अन्य बड़ी क्षतियों से बचने के लिए

 

229. '' को एक बाघ उठा ले जाता है जानते हुये कि सम्भाव्य है कि गोली लगने से '' मर जाये किन्तु '' का वध करने का आशय रखते हुये और सद्भावपूर्वक '' के फायदे के आशय से '‘उस बाघ पर गोली चलाता है। 'की गोली से '' की मृत्यु हो जाती है।

a. 'ने हत्या का अपराध किया है क्योंकि दुर्भाव गोली के साथ जुड़ा है

b. 'ने '' तथा वन्यजीव बाध की हत्या का प्रयास किया है।

c. 'ने कोई अपराध नहीं किया है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

230. तथा एक जलयान के टूट जाने के बाद समुद्र में तैरते समय एक तख्ते को पकड़ लेते हैं। तख्ता इतना बड़ा नहीं है कि वह दोनों का संभाल सके। कोई विकल्प होने के कारण को धक्का दे देता है 30 जो डूब जाता है। ने क्या अपराध किया है-

a. आपराधिक मानववध

b. हत्या

c. लापरवाहीवश हत्या का अपराध

d. कोई अपराध नहीं

 

231. निम्नलिखित में से कौन सा वाद आवश्यकता के आधार पर बचाव से संबंधित है?

a. शकीर खान बनाम क्राउन

b. आर. बनाम अर्नाल्ड परीक्षा मंथन

c. आर. बनाम डुडले एण्ड स्टीफेन क्षति से

d. सुधीर चन्द्र विश्वास बनाम राज्य

 

232. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व इस धारा के अंतर्गत महत्वपूर्ण है?

a. कार्यकर्ता का आपराधिक आशय होना

b. कार्यकर्ता का सद्भावपूर्वक कार्य करना और अपहानि के निवारण का उद्देश्य होना

c. कार्यकर्ता की गलत नियत

d. कार्यकर्ता का अनियंत्रित व्यवहार

 

233. धारा 19 के स्पष्टीकरण के अनुसार, किस बात का निर्धारण तथ्यात्मक रूप से किया जाता है?

a. कार्यकर्ता का व्यक्तित्व

b. कार्यकर्ता की उम्र

c. निवारण की जाने वाली अपहानि की प्रकृति और उसकी आसन्नता तथा जोखिम उठाना न्यायानुमत था या नहीं

d. कार्यकर्ता के आर्थिक स्थिति

 

234. आर. बनाम डुडले एवं स्टीफेन का वाद किस रक्षा से सम्बन्धित है-

a. उन्मत्तता

b. मत्तता

c. तथ्य की भूल

d. आवश्यकता

 

235. निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टांत धारा 19 के अंतर्गत आता है?

a. , एक जलयान का कप्तान, अपने मार्ग को बदलकर संभवतः एक छोटी नाव को डुबाने की जोखिम उठाता है, लेकिन बड़ी नाव और यात्रियों को बचाता है।

b. जानबूझकर आग लगाता है।

c. बिना कारण किसी की संपत्ति नष्ट करता है।

d. अवैध तरीके से किसी को चोट पहुँचाता है।

 

236. शिशु के कार्य जो भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत साधारण अपवाद होते हैं, का उल्लेख किन धाराओं में किया गया है-

a. धारा 20-21

b. धारा 21-22

c. धारा 22-23

d. धारा 23-24

 

237. कोई बात अपराध नहीं है, जो सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा की जाती है यह कथन किस विधिक सिद्धांत पर आधारित है-

a. अपराध करने में समर्थ (डोली केपेक्स)

b. अपराध करने में असमर्थ (डोली इन केपेक्स)

c. देवता कानून के बारे में परवाह नहीं करते (डीमिनिकिस नॉन क्यूरेट लेक्स)

d. इनमें से कोई नहीं

 

238. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 'अपराध करने में अक्षम' (डोली इनकेपेक्स) का सिद्धांत निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत आपराधिक दायित्व का एक अपवाद है-

a. धारा 20

b. धारा 21

c. धारा 22

d. धारा 23

 

239. किस आयु तक के शिशु द्वारा किया गया कोई भी कार्य अपराध नहीं होता-

a. आठ वर्ष

b. दस वर्ष

c. सात वर्ष

d. बारह वर्ष

 

240. निम्नलिखित में से किसे विधि के अंतर्गत 'अपराध करने में अक्षम' माना जाता है-

a. 7 वर्ष से कम आयु का बच्चा

b. 10 वर्ष से कम आयु का बच्चा

c. 7 वर्ष से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु का बच्चा

d. 10 से 14 वर्ष के बीच आयु का बच्चा

 

241. भारतीय न्याय संहिता की धारा 20 निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है-

a. संपूर्ण उन्मुक्ति

b. सशर्त उन्मुक्ति

c. सीमित उन्मुक्ति

d. आकस्मिक उन्मुक्ति

 

242. कोई भी कार्य अपराध नहीं होता यदि उसे किया गया हो-

a. 6 वर्ष के शिशु द्वारा जिसके पास अपने आचरण की प्रकृति एवं परिणाम को समझने सम्बन्धी पर्याप्त परिपक्वता मौजूद हो

b. 12 वर्ष से कम आयु की बालिका द्वारा जिसके पास अपने आचरण की प्रकृति एवं परिणाम को समझने सम्बन्धी पर्याप्त परिपक्वता मौजूद हो

c. एक पुरुष जिसकी आयु 100 वर्ष हो

d. उपरोक्त सभी

 

243. निम्न में से कौन सी स्थितियों में विधि का उल्लंघन करने वाले बालक के निर्दोष होने की उपधारणा का सामान्य सिद्धान्त लागू नहीं होगा?

a. जब बालक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अंतर्गत दण्डनीय हत्या के अपराध का आरोप है।

b. जब बालक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के अंतर्गत दण्डनीय सामूहिक बलात्संग के अपराध का आरोप है।

c. जब किशोर न्याय बोर्ड द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम की धारा 15 सपठित धारा 18(3) के अंतर्गत आदेश पारित किया गया है कि बालक का विचारण एक वयस्क की तरह किया जाए।

d. उपरोक्त में से कोई नहीं।

 

244. भारतीय दंड संहिता की धारा 20 के अनुसार, सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा किए गए कार्य को क्यों अपराध नहीं माना जाता?

a. क्योंकि शिशु को विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं

b. क्योंकि शिशु को सजा देने का प्रावधान नहीं है

c. क्योंकि शिशु को सही और गलत का ज्ञान नहीं होता

d. उपरोक्त सभी

 

245. भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के अंतर्गत एक बालक को 'अपराध करने में सक्षम' माना जाता है जब वह-

a. सात वर्ष से अधिक किन्तु 14 वर्ष से कम आयु का हो

b. सात वर्ष से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु का हो

c. सात वर्ष की आयु का हो

d. आठ वर्ष से अधिक किन्तु

 

246. 9 वर्ष आयु का एक बालक एक सोने का हार चुराता है और उसके तुरंत बाद इसे अभियुक्त को बेच देता है। क्या वह चोरी का दोषी है-

a. बालक दोषी नहीं है क्योंकि उसमें समझने की पर्याप्त परिपक्वता का अभाव है।

b. बालक दोषी है क्योंकि वह यह समझने की पर्याप्त परिपक्वता की आयु पूरी कर चुका है कि उस अवसर पर उसके आचरण की प्रकृति तथा परिणाम क्या होंगे

c. बालक दोषी नहीं है क्योंकि वह 12 वर्ष से कम आयु का है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

247. भारतीय दंड संहिता की धारा 83 पर एक प्रमुख वाद है- (भारतीय न्याय संहिता की धारा -21)

a. विशम्भर बनाम रूमल

b. देव नारायण बनाम राज्य

c. उल्ला बनाम किंग

d. दयाभाई छगनभाई ठक्कर बनाम गुजरात राज्य

 

248. भारतीय दंड संहिता की धारा 21 के अनुसार, 7 से अधिक किन्तु 12 वर्ष से कम आयु के शिशु को कब अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता?

a. जब वह जानबूझकर अपराध करता है

b. जब उसे सही और गलत का ज्ञान होता है

c. जब उसकी समझ इतनी परिपक्व नहीं होती कि वह अपने आचरण की प्रकृति और परिणामों को समझ सके

d. जब वह माता-पिता की आज्ञा का पालन नहीं करता

 

249. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत किसी विकृतचित्त व्यक्ति का कार्य एक अपराध नहीं होता-

a. धारा 20

b. धारा 23

c. धारा 25

d. धारा 22

 

250. "चित्त विकृति" शब्द-

a. भारतीय न्याय संहिता में परिभाषित नहीं है

b. भारतीय न्याय संहिता में परिभाषित है।

c. को पागलपन के बराबर नहीं माना जाता

d. भारतीय न्याय संहिता में साधारण अपवाद नहीं है

 

251. चित्त विकृति अभिव्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता में परिभाषित नहीं है और मुख्यतः इसे पागलपन के समान्तर माना जाता है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 84 के अन्तर्गत किसी कृत्य के दायित्व से छूट भागने वाले अभियुक्त को विधिक पागलपन और कि चिकित्सकीय पागलपन सिद्ध करना होता है। यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निम्न बाद में धारित किया गया है- (भारतीय न्याय संहिता की धारा-22)

a. अबरार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

b. सुरेन्द्र मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य

c. सी. एम. शर्मा बनाम . पी. राज्य

d. गीता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

 

252. पागलपन होता है-

a. स्वतंत्र इच्छा का अभाव

b. नशे के कारण उत्पन्न अक्षमता

c. किए गए कार्य की प्रकृति को जानने की असमर्थता

d. रोगी मस्तिष्क

 

253. "विकृत मस्तिष्कसिद्धांत का अर्थ है-

a. दस वर्ष का बच्चा

b. असहयोगपूर्ण

c. विकृत मस्तिष्क होना

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

254. पागलपन के निम्नलिखित आधारों में से कौन सा आधार आपराधिक उत्तरदायित्व से छूट का आधार है-

a. चिकित्सीय पागलपन

b. विक्षिप्तता

c. विधिक पागलपन

d. नैतिक पागलपन

 

255. निम्नलिखित में से किस बाद में चित्तविकृतता के आधार पर प्रतिरक्षा के संबंध में कतिपय महत्त्वपूर्ण सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया था?

a. मैकनाटेन का वाद

b. आर. बनाम प्रिंस

c. आर. बनाम डडले एण्ड स्टीफेन

d. रेग बनाम गोविन्दा

 

256. , पागलपन के प्रभाव में को मारने का प्रयास करता है। इस मामले में निम्नलिखित में से क्या सही है-

a. हत्या के प्रयास का दोषी है, किन्तु को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार है

b. किसी अपराध का दोषी नहीं है, किन्तु को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार है

c. किसी अपराध का दोषी नहीं है, किन्तु को निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं है

d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है

 

257. चित्तविकृति के कारण ''' की हत्या का प्रयास करता है। अपनी रक्षा के प्रयास में '' 'को घोर उपहति कारित कर देता है। यहाँ-

a. 'हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है तथा '' उपहति पहुँचाने का उत्तरदायी है

b. 'ने कोई अपराध नहीं किया है तथा '' घोर उपहति पहुँचाने का उत्तरदायी है।

c. '' ने कोई अपराध नहीं किया है तथा '‘हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है

d. 'तथा '' दोनों उत्तरदायित्व से मुक्त हैं।

 

258. मैकनॉटन का वाद भारतीय दंड संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा से सम्बन्धित है? (भारतीय न्याय संहिता की धारा -22)

a. धारा 83

b. धारा 84

c. धारा 85

d. धारा 86

 

259. डरहम बनाम संयुक्त राज्य का वाद सम्बन्धित है-

a. पागलपन से

b. नशे की स्थिति से

c. आवश्यकता से

d. दुर्घटना से

 

260. भारतीय दंड संहिता की धारा 22 के अनुसार, विकृतचित्त (अस्पष्ट मानसिक स्थिति) वाला व्यक्ति कब अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाता?

a. जब वह नशे में हो

b. जब वह जानबूझकर अपराध करता है

c. जब वह मानसिक विकृति के कारण यह नहीं समझ पाता कि वह क्या कर रहा है या वह कार्य विधि के प्रतिकूल है

d. जब वह अकेले अपराध करता है

 

261. भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा अनैच्छिक मत्तता के बचाव से सम्बन्धित है-

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 25

 

262. धारा 23 के अनुसार, ऐसा व्यक्ति जिसका निर्णय मत्तता (नशे या बाहरी प्रभाव) के कारण प्रभावित होता है, कब अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं होता?

a. जब उसने मत्तता अपने ज्ञान और इच्छा से प्राप्त की हो

b. जब उसने मत्तता अपनी इच्छा के विरुद्ध या बिना ज्ञान के प्राप्त की हो और इस कारण वह अपने कार्य की प्रकृति या दोष को समझ सके

c. जब वह जानबूझकर अपराध करता है

d. जब वह सार्वजनिक स्थान पर अपराध करता है

 

263. निम्नलिखित में से कौन सा वाद नशे की स्थिति से सम्बन्धित एक प्रमुख वाद है?

a. नाथूलाल बनाम मध्यप्रदेश राज्य

b. डायरेक्टर पब्लिक प्रॉसीक्यूशन बनाम बियर्ड

c. बारो बनाम इसॉक

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

264. निम्नलिखित में से किस वाद में 'वाइल्ड बीस्ट टेस्ट' का प्रतिपादन किया गया था?

a. हैडफील्ड का वाद

b. बाउलर का वाद

c. फेरर का वाद

d. आर. बनाम अरनॉल्ड

 

265. भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा स्वैच्छिक मत्तता से सम्बन्धित है-

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 25

 

266. धारा 24 के अनुसार, मत्तता में कोई व्यक्ति ऐसा अपराध कब करेगा जिसे विशिष्ट ज्ञान या आशय की आवश्यकता होती है?

a. जब वह मत्तता अपने ज्ञान और इच्छा से प्राप्त करता है

b. जब वह मत्तता की स्थिति में ऐसा कार्य करता है, तब उसे उसी ज्ञान और आशय के साथ माना जाएगा जो उसके पास होता यदि वह मत्तता में होता

c. जब वह मत्तता के कारण अपराध करता है, उसे दोषमुक्त कर दिया जाएगा

d. जब वह मत्तता की स्थिति में केवल आत्मरक्षा करता है

 

267. निम्नलिखित में से कौन सा वाद मत्तता से सम्बन्धित नहीं है?

a. डी.पी.पी. बनाम बियर्ड

b. बासुदेव बनाम पेपसू राज्य

c. आर. बनाम मैकनॉटन

d. आर. बनाम टैंडी

 

268. बासुदेव बनाम पेप्सू राज्य में सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा का वास्तविक क्षेत्र स्पष्ट किया है-

a. धारा 84/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-22)

b. धारा 85/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-23)

c. धारा 86/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-24)

d. धारा 34/ (भारतीय न्याय संहिता की धारा-3(5)

 

269. सहमति से कारित क्षति को क्षति नहीं कहते हैं का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में शामिल किया गया है-

a. धारा 24

b. धारा 25

c. धारा 26

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

270. धारा 25 के अनुसार, किस स्थिति में सहमति से किया गया कार्य अपराध नहीं माना जाता?

a. जब उस कार्य से मृत्यु या घोर उपहति का आशय हो

b. जब कर्ता को मृत्यु या घोर उपहति की सम्भाव्यता ज्ञात हो

c. जब उस कार्य से मृत्यु या घोर उपहति का आशय हो और कर्ता को इसकी सम्भाव्यता का ज्ञान हो

d. जब वह कार्य बिना किसी सहमति के किया गया हो

 

271. धारा 25 के अनुसार, किसी अपहानि के कारण अपराध नहीं होगा यदि वह अपहानि किसके द्वारा सहन की गई हो?

a. अठारह वर्ष से कम आयु के व्यक्ति द्वारा

b. कर्ता द्वारा आशयित व्यक्ति द्वारा

c. अठारह वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति द्वारा, जिसने अभिव्यक्त या विवक्षित सम्मति दी हो

d. किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना सम्मति के

 

272. धारा 25 के दृष्टांत के अनुसार, और के बीच पट्टेबाजी के दौरान यदि नियमानुसार उपहति होती है तो क्या होगा?

a. अपराधी माना जाएगा

b. अपराधी माना जाएगा

c. कोई अपराध नहीं होगा क्योंकि दोनों ने सहमति दी है

d. पुलिस को मामला दर्ज करना होगा

 

273. धारा 25 के अनुसार, कर्ता कब अपराधी होगा?

a. जब वह अपहानि करने का आशय रखता हो

b. जब उसे अपहानि की सम्भावना ज्ञात हो

c. जब वह जानबूझकर बिना सहमति के अपहानि करता हो

d. जब वह उपहति के दौरान नियमों का पालन करता हो

 

274. धारा 25 में उल्लेखित "अठारह वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति की सम्मति" का क्या अर्थ है?

a. व्यक्ति की मौखिक अनुमति

b. व्यक्ति की लिखित अनुमति

c. व्यक्ति की स्पष्ट या निहित सहमति

d. माता-पिता की अनुमति

 

275. 'एक शल्य चिकित्सक है जो '' की सहमति से 14 वर्षीय भिखारी '' के दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली इस सद्भाव से काट देता है कि इससे '' को और अधिक भीख मिलने में सहायता मिलेगी

a. 'कोई अपराध नहीं करता क्योंकि यह कार्य '' की सहमति से किया गया था

b. 'एक अपराध करता है क्योंकि 14 वर्षीय बच्चे की सहमति का कोई महत्व नहीं होता

c. ‘कोई अपराध नहीं करता क्योंकि यह कार्य सद्भावपूर्वक तथा '' की सहमति से किया गया था

d. 'को इस कार्य के आपराधिक दायित्व से छूट नहीं प्राप्त है क्योंकि यह कार्य भारतीय न्याय संहिता के अर्थ के अंतर्गत सद्भावपूर्वक नहीं किया गया था।

 

276. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 87 के अधीन मृत्यु तथा घोर उपहति के अतिरिक्त, अन्य कोई क्षति भले ही आशययुक्त रही हो अथवा उसके कारित किये जाने की संभावना का ज्ञान कर्ता को रहा हो, अपराध नहीं होगा, यदि -

a. क्षति व्यक्ति को उसकी सहमति से कारित की गयी है

b. सहमति देने वाला व्यक्ति 18 वर्ष की आयु से अधिक का है

c. सहमति देने वाला व्यक्ति 16 वर्ष से अधिक की आयु

d. सहमति स्पष्ट या विवक्षित हो सकती है।

 

277. धारा 26 के अनुसार, किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य कब अपराध नहीं माना जाता?

a. जब उस कार्य से मृत्यु कारित करने का आशय हो

b. जब उस कार्य से अपहानि होती है और उस व्यक्ति ने सहमति दी हो

c. जब कार्य बिना किसी की सहमति के किया गया हो

d. जब कार्य केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाता हो

 

278. धारा 26 के अनुसार, यदि कार्य में मृत्यु होने की सम्भावना हो लेकिन आशय हो, तब क्या होगा?

a. कार्य अपराध होगा

b. कार्य अपराध नहीं होगा यदि वह सद्भावपूर्वक उस व्यक्ति के फायदे के लिए किया गया हो और सहमति प्राप्त हो

c. कार्य अपराध होगा यदि मृत्यु हुई हो

d. कार्य हमेशा अपराध माना जाएगा

 

279. धारा 26 के दृष्टांत के अनुसार, शल्यचिकित्सक ने पर शल्यक्रिया की जिसमें मृत्यु की सम्भावना थी, किन्तु आशय नहीं था, तो क्या हुआ?

a. ने अपराध किया

b. ने कोई अपराध नहीं किया क्योंकि की सहमति थी और कार्य सद्भावपूर्वक किया गया था

c. को दंडित किया जाएगा

d. ने जानबूझकर मृत्यु की

 

280. धारा 26 के अनुसार, किन परिस्थितियों में किसी अपहानि के कारण अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब अपहानि के लिए व्यक्ति की सहमति हो और कार्य उसके फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया हो

b. जब अपहानि बिना सहमति के की गई हो

c. जब अपहानि जानबूझकर की गई हो

d. जब अपहानि केवल संपत्ति को हुई हो

 

281. धारा 26 में 'सहमति' का अर्थ क्या है?

a. केवल मौखिक सहमति

b. अभिव्यक्त या विवक्षित सहमति

c. केवल लिखित सहमति

d. बिना जानने की सहमति

 

282. धारा 27 के अनुसार, बारह वर्ष से कम आयु के शिशु या विकृतचित्त व्यक्ति के फायदे के लिए किया गया कार्य कब अपराध नहीं माना जाता?

a. जब वह कार्य बिना संरक्षक की सहमति के किया जाए

b. जब वह कार्य संरक्षक या विधिपूर्ण भारसाधक की अभिव्यक्त या विवक्षित सहमति से सद्भावपूर्वक किया जाए

c. जब वह कार्य जानबूझकर किया जाए

d. जब उस कार्य से मृत्यु या घोर उपहति का आशय हो

 

283. धारा 27 के अपवादों में से कौन सा सही है?

a. मृत्यु कारित करने या प्रयास करने पर यह अपवाद लागू होगा

b. मृत्यु या घोर उपहति के निवारण के लिए की गई कार्यवाही इस अपवाद के अंतर्गत आती है

c. स्वेच्छया घोर उपहति करने पर भी अपवाद लागू होगा

d. किसी भी अपराध के लिए अपवाद लागू होगा

 

284. धारा 27 के अनुसार, शिशु की शल्यक्रिया करवाने वाला व्यक्ति कब अपराधी नहीं माना जाएगा?

a. जब उसे मृत्यु की सम्भावना का ज्ञान हो

b. जब उसका उद्देश्य शिशु को रोगमुक्त कराना हो और उसने संरक्षक की सहमति ली हो

c. जब शिशु की सहमति हो

d. जब शिशु की मौत हो जाए

 

285. धारा 27 के अनुसार, कब अपराध होगा?

a. जब कार्य गंभीर रोग या अंगशैथिल्य से मुक्त करने के लिए हो

b. जब कार्य स्वेच्छया घोर उपहति करने का प्रयत्न हो और वह मृत्यु या घोर उपहति के निवारण के प्रयोजन से किया गया हो

c. जब कार्य संरक्षक की सहमति से किया गया हो

d. जब कार्य सद्भावपूर्वक किया गया हो

 

286. धारा 27 के दृष्टांत में, शल्यचिकित्सक द्वारा शिशु की शल्यक्रिया करवाने का कार्य क्यों अपराध नहीं माना गया?

a. क्योंकि मृत्यु का आशय था

b. क्योंकि उद्देश्य रोगमुक्ति था और संरक्षक की सहमति थी

c. क्योंकि शिशु की सहमति थी

d. क्योंकि शल्यक्रिया नियमों के विरुद्ध थी

 

287. धारा 28 के अनुसार, कौन सी सम्मति मान्य नहीं होती?

a. जो बिना किसी दबाव के दी गई हो

b. जो क्षति के भय या भ्रम के अधीन दी गई हो और कार्यकर्ता को इसका ज्ञान हो या विश्वास करने का कारण हो

c. जो पूरी जानकारी के साथ दी गई हो

d. जो बारह वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति द्वारा दी गई हो

 

288. धारा 28 के अनुसार, ऐसी सम्मति मान्य नहीं होगी जो किस कारण दी गई हो?

a. जो चित्त-विकृति या मत्तता के कारण व्यक्ति को कार्य की प्रकृति और परिणाम समझ में आए

b. जो स्पष्ट और स्वतंत्र हो

c. जो लिखित रूप में हो

d. जो अभिव्यक्त हो

 

289. धारा 28 के अनुसार, क्या बारह वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की सम्मति मान्य होगी?

a. हाँ, हमेशा मान्य होती है

b. नहीं, जब तक संदर्भ से प्रतिकूल प्रतीत हो

c. हाँ, अगर वह अभिव्यक्त हो

d. नहीं, कभी भी मान्य नहीं होती

 

290. धारा 28 के अनुसार, किस स्थिति में कार्यकर्ता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है?

a. जब कार्यकर्ता को ज्ञात हो कि सम्मति भय या भ्रम के कारण दी गई है

b. जब कार्यकर्ता को सम्मति का पता हो

c. जब कार्यकर्ता को विश्वास हो कि सम्मति स्वतंत्र है

d. जब कार्यकर्ता कार्य करे

 

291. धारा 28 के अनुसार, सम्मति का क्या महत्व है?

a. सभी सम्मतियों को स्वीकार किया जाएगा

b. सम्मति तभी मान्य होती है जब वह स्वतंत्र, सचेत और बिना भय या भ्रम के दी गई हो

c. केवल लिखित सम्मति को मान्यता मिलेगी

d. सम्मति की कोई आवश्यकता नहीं होती

 

292. धारा 29 के अनुसार, कौन से कार्य स्वतः अपराध हैं, भले ही उनसे कोई अपहानि हुई हो?

a. वे कार्य जिनसे अपहानि हो लेकिन सहमति हो

b. वे कार्य जिनसे अपहानि होने पर भी अपराध माने जाते हैं और जिनका आशय सम्भाव्यता ज्ञात हो

c. वे कार्य जो सद्भावपूर्वक किए गए हों

d. वे कार्य जो केवल संपत्ति से संबंधित हों

 

293. धारा 29 के दृष्टांत के अनुसार, गर्भपात कब अपराध माना जाएगा?

a. जब वह महिला के जीवन की रक्षा के लिए किया गया हो

b. जब वह महिला की सहमति से किया गया हो

c. जब वह महिला के जीवन की रक्षा के लिए किया गया हो

d. हमेशा गर्भपात अपराध है

 

294. धारा 29 के अनुसार, क्या गर्भपात कराने के लिए महिला या उसके संरक्षक की सहमति उस कार्य को न्यायसंगत बनाएगी?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, जब तक वह जीवन रक्षक हो

c. केवल जब डॉक्टर सहमत हो

d. केवल तब जब कानूनी अनुमति हो

 

295. धारा 29 के अनुसार, धारा 25, 26, और 27 के अपवाद किन कार्यों पर लागू नहीं होते?

a. उन कार्यों पर जो केवल संपत्ति से संबंधित हों

b. उन कार्यों पर जो किसी अपहानि के बिना भी स्वतः अपराध हैं

c. उन कार्यों पर जो बिना सहमति के किए गए हों

d. उन कार्यों पर जो चिकित्सा के लिए किए गए हों

 

296. धारा 29 के अनुसार, क्या ऐसी सम्मति जो किसी स्वाभाविक अपराध को न्यायसंगत बनाएगी?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, जब तक कि कार्य किसी अपवर्जित अपराध से संबंधित हो

c. हाँ, यदि वह अभिव्यक्त हो

d. नहीं, कभी नहीं

 

297. धारा 30 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब कार्य किसी के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया जाए, यद्यपि उसकी सम्मति हो, और वह अपनी सम्मति प्रकट कर सके या असमर्थ हो

b. जब कार्य बिना किसी कारण के किया जाए

c. जब कार्य किसी की हानि के लिए किया जाए

d. जब कार्य सदैव बिना किसी लाभ के किया जाए

 

298. धारा 30 के दृष्टांत के अनुसार, यदि कोई शल्यचिकित्सक मूर्छित व्यक्ति पर बिना उसकी अनुमति के शल्यक्रिया करता है, तो वह कब अपराधी नहीं माना जाएगा?

a. जब उसका उद्देश्य उस व्यक्ति के फायदे के लिए हो और समय रहते संरक्षक से अनुमति मिल सके

b. जब वह जानबूझकर चोट पहुंचाना चाहता हो

c. जब वह मृत्यु की इच्छा रखता हो

d. कभी भी

 

299. धारा 30 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी को बचाने के लिए ऐसा कार्य करता है जिससे मृत्यु या उपहति हो सकती है, तो वह कब अपराधी नहीं होगा?

a. जब उसकी मंशा उस व्यक्ति को बचाने की हो और वह कार्य सद्भावपूर्वक किया गया हो

b. जब उसकी मंशा नुकसान पहुंचाने की हो

c.जब कार्य बिना किसी कारण के किया गया हो

d. जब कार्यकर्ता को पता हो कि इससे मौत हो सकती है

 

300. धारा 31 के अनुसार, कब सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना अपराध नहीं मानी जाएगी?

a. जब वह किसी व्यक्ति के फायदे के लिए दी गई हो, भले ही उससे अपहानि हुई हो

b. जब वह किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए दी गई हो

c. जब वह झूठी हो

d. जब वह बिना कारण दी गई हो

 

301. धारा 31 के दृष्टांत के अनुसार, यदि एक शल्यचिकित्सक रोगी को उसकी मृत्यु होने की संभावना बताता है और उस सूचना से रोगी की मृत्यु हो जाती है, तो क्या शल्यचिकित्सक अपराधी होगा?

a. हाँ, हमेशा अपराधी होगा

b. नहीं, यदि सूचना रोगी के फायदे के लिए दी गई हो

c. हाँ, यदि सूचना सच हो

d. नहीं, यदि सूचना झूठी हो

 

302. धारा 31 के अनुसार, संसूचना किस प्रकार दी जानी चाहिए?

a. सद्भावपूर्वक और लाभ के उद्देश्य से

b. हानिकारक उद्देश्य से

c. अनजान लोगों को भ्रमित करने के लिए

d. बिना किसी उद्देश्य के

 

303. धारा 31 के अनुसार, क्या सद्भावपूर्वक दी गई संसूचना से हुई मृत्यु को अपराध माना जाएगा?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, जब तक कि वह लाभ के लिए दी गई हो

c. हाँ, यदि मृत्यु की संभावना हो

d. कभी नहीं

 

304. धारा 31 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. गलत सूचना देना

b. लाभ के लिए सही और सद्भावपूर्वक सूचना देना

c. किसी को डराना

d. अपराध करना

 

305. धारा 32 के अनुसार, कब कोई व्यक्ति किए गए कार्य के लिए दोषी नहीं होगा?

a. जब उसे धमकियों से विवश किया गया हो और उसे युक्तियुक्त रूप से आशंका हो कि अन्यथा उसकी तत्काल मृत्यु हो जाएगी

b. जब वह स्वेच्छा से अपराध करता हो

c. जब वह किसी को नुकसान पहुंचाना चाहे

d. हमेशा दोषी होगा

 

306. धारा 32 में कौन से अपराध इस अपवाद के अंतर्गत नहीं आते?

a. हत्या और मृत्यु से दंडनीय राज्य के विरुद्ध अपराध

b. चोरी के अपराध

c. धोखाधड़ी के अपराध

d. सभी अपराध

 

307. धारा 32 के अनुसार, कौन व्यक्ति इस अपवाद का लाभ नहीं उठा सकता?

a. जो स्वयं अपनी इच्छा से डाकुओं की टोली में शामिल हो गया हो

b. जो धमकियों से विवश हो

c. जो अपनी जान बचाने के लिए कार्य करता हो

d. जो मजबूरी में हो

 

308. धारा 32 के स्पष्टीकरण के अनुसार, कौन व्यक्ति इस अपवाद का लाभ उठा सकता है?

a. कोई व्यक्ति जिसे डाकुओं ने पकड़ कर तत्काल मृत्यु की धमकी दी हो और किसी अपराध को करने के लिए विवश किया हो

b. कोई व्यक्ति जो स्वयं अपराध करता है

c. कोई व्यक्ति जो जानबूझकर अपराध करता है

d. कोई व्यक्ति जो धमकियों से प्रभावित नहीं है

 

309. 'विधि तुच्छ बातों पर ध्यान नहीं देती' का सिद्धांत भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बन्धित है-

a. धारा 32

b. धारा 33

c. धारा 34

d. धारा 35

 

310. धारा 33 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब अपहानि इतनी तुच्छ हो कि मामूली समझ और स्वभाव वाला व्यक्ति उसकी शिकायत करे

b. जब अपहानि गंभीर हो

c. जब अपहानि जानबूझकर की गई हो

d. जब अपहानि की संभावना हो

 

311. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किसकी नैसर्गिक प्रवृत्ति पर आधारित है-

a. आत्मसम्मान

b. आत्मरक्षा

c. स्वावलंबन

d. आत्मनिर्भरता

 

312. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार-

a. रक्षा का अधिकार है

b. रक्षा का नहीं बल्कि बदले का अधिकार है

c. रक्षा के साथ-साथ बदले का भी अधिकार है

d. तो रक्षा और ही बदले का अधिकार है

 

313. भारतीय न्याय संहिता की धारा 34 स्पष्ट उल्लेख करती है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कुछ प्रतिबंधों के अधीन होता है जो उल्लिखित हैं-

a. भारतीय न्याय संहिता की धारा 35 में

b. भारतीय न्याय संहिता की धारा 36 में

c. भारतीय न्याय संहिता की धारा 37 में

d. भारतीय न्याय संहिता की धारा 38 में

 

314. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध है-

a. केवल व्यस्कों को

b. केवल वैध तरीके से अपराध करने में समर्थ लोगों को

c. केवल लोक सेवकों को

d. सभी को, चाहे उनकी आयु अथवा क्षमता कुछ भी हो

 

315. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है-

a. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार ऐसे कार्य के विरूद्ध भी उपलब्ध है जो संहिता के अंतर्गत अपराध हो

b. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का उपयोग गैरकानूनी आक्रमण के निरसन तथा जवाबी कार्यवाही हेतु भी किया जा सकता है

c. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार केवल स्वयं तथा अपनी संपत्ति की रक्षा लिए उपलब्ध होता है

d. शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक हो सकता है यदि इस आशय से किया गया हमला कि, किसी व्यक्ति का ऐसी परिस्थितियों में सदोष परिरोध किया जाये

 

316. धारा 34 के अनुसार, कब कोई कार्य अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब वह प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार के प्रयोग में किया गया हो

b. जब वह जानबूझकर किया गया हो

c. जब वह किसी का नुकसान करे

d. जब वह बिना अनुमति किया गया हो

 

317. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग किसके खिलाफ किया जाता है?

a. स्वयं के विरुद्ध खतरे या अपराध के खिलाफ

b. बिना किसी कारण के

c. दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए

d. केवल संपत्ति की रक्षा के लिए

 

318. धारा 34 में प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस प्रकार की कार्रवाईयों को कवर करता है?

a. केवल शारीरिक हमले को

b. केवल संपत्ति की रक्षा को

c. किसी भी प्रकार की उचित बचाव कार्रवाई को

d. केवल पुलिस की कार्रवाई को

 

319. प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रयोग करने पर किया गया कार्य अपराध होगा या नहीं?

a. हमेशा अपराध होगा

b. कभी अपराध नहीं होगा

c. अपराध नहीं होगा जब तक वह उचित और आवश्यक हो

d. केवल संपत्ति की रक्षा में अपराध नहीं होगा

 

320. धारा 35 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को क्या अधिकार प्राप्त है?

a. केवल अपनी सम्पत्ति की रक्षा करने का अधिकार

b. केवल अपने शरीर की रक्षा करने का अधिकार

c. अपने और अन्य के शरीर और सम्पत्ति की प्रतिरक्षा करने का अधिकार

d. केवल पुलिस से सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार

 

321. धारा 35 के अनुसार, प्रतिरक्षा किस प्रकार की सम्पत्ति के लिए हो सकती है?

a. केवल अचल सम्पत्ति के लिए

b. केवल चालू सम्पत्ति के लिए

c. चालू और अचल दोनों प्रकार की सम्पत्ति के लिए

d. केवल धन के लिए

 

322. धारा 35 में उल्लिखित अधिकार किस धारा के अंतर्गत निर्बन्धों के अधीन है?

a. धारा 34

b. धारा 36

c. धारा 37

d. धारा 38

 

323. धारा 35 के अनुसार, प्रतिरक्षा करने का प्रयोजन क्या होना चाहिए?

a. केवल अपने फायदे के लिए

b. चोरी, लूट, रिश्वत या आपराधिक अतिचार को रोकने के लिए

c. बदला लेने के लिए

d. किसी भी गैरकानूनी उद्देश्य के लिए

 

324. धारा 36 के अनुसार, जब कोई व्यक्ति विकृतचित्त या मत्तता के कारण कोई अपराध नहीं करता, तब दूसरे व्यक्ति को क्या अधिकार प्राप्त होता है?

a. कोई अधिकार नहीं होता

b. केवल पुलिस की सहायता लेने का अधिकार होता है

c. उस कार्य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का वही अधिकार जो अपराध की दशा में होता

d. केवल कानूनी कार्रवाई का अधिकार

 

325. धारा 36 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस प्रकार के कार्यों के विरुद्ध लागू होता है?

a. केवल शारीरिक चोट पहुँचाने वाले कार्यों के विरुद्ध

b. विकृतचित्त, बालकपन या मत्तता के कारण किए गए कार्यों के विरुद्ध भी

c. केवल चोरी के विरुद्ध

d. केवल संपत्ति के विरुद्ध

 

326. प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उपलब्ध नहीं है-

a. किसी पागल के विरूद्ध

b. किसी शिशु के विरूद्ध

c. जब लोक अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का समय उपलब्ध हो

d. उपरोक्त

 

327. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब नहीं होता?

a. जब कार्य किसी लोक सेवक द्वारा अपने पदाभास में किया जाता है, जिसमें मृत्यु या घोर उपहति की आशंका नहीं होती

b. जब कार्य चोरी का हो

c. जब कार्य व्यक्तिगत संपत्ति के विरुद्ध हो

d. जब कार्य एक आम व्यक्ति द्वारा किया गया हो

 

328. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस स्थिति में नहीं होता?

a. जब लोक सेवक के निदेश से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य हो, जिसमें मृत्यु या घोर उपहति की आशंका हो

b. जब कार्य किसी मानसिक विकृत व्यक्ति द्वारा किया गया हो

c. जब कार्य संपत्ति की चोरी हो

d. जब कार्य किसी अपरिपक्व बच्चे द्वारा किया गया हो

 

329. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किन मामलों में नहीं होता?

a. जब लोक प्राधिकरण की सहायता प्राप्त करने के लिए समय हो

b. जब तत्काल मृत्यु का खतरा हो

c. जब शारीरिक चोट की आशंका हो

d. जब संपत्ति की रक्षा के लिए किया गया कार्य हो

 

330. धारा 37 के स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब तक नहीं छिनता?

a. जब तक व्यक्ति यह जानता हो कि कार्य करने वाला लोक सेवक है

b. जब तक व्यक्ति को चोट पहुँची हो

c. जब तक व्यक्ति को आर्थिक नुकसान हुआ हो

d. जब तक कार्य विधि सम्मत हो

 

331. धारा 37 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार किस सीमा तक है?

a. जितनी अपहानि आवश्यक हो प्रतिरक्षा के प्रयोजन से

b. अधिकतम शारीरिक चोट तक

c. केवल संपत्ति की रक्षा तक

d. केवल लोक सेवक के विरुद्ध

 

332. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा में किसी की हत्या कर देने का प्रावधान है-

a. धारा 37

b. धारा 38

c. धारा 39

d. धारा 40

 

333. धारा 38 के तहत, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किन हमलों के खिलाफ लागू होता है?

a. ऐसे हमले जिनसे मृत्यु की युक्तियुक्त आशंका हो

b. ऐसे हमले जो केवल आर्थिक नुकसान करें

c. केवल verbal abuse (मौखिक अपमान)

d. केवल चोरी के मामलों में

 

334. निम्नलिखित में से किस मामले में शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार मौत कारित करने की अनुमति नहीं देता-

a. व्यपहरण करने की मंशा के साथ किया गया हमला

b. अप्राकृतिक यौन संतुष्टि हासिल करने की मंशा से किया गया हमला

c. सदोष अवरोध

d. अपहरण करने की मंशा के साथ किया गया हमला

 

335. धारा 38 में किस प्रकार के हमले प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार करते हैं?

a. बलात्कार के आशय से किया गया हमला

b. केवल हाथापाई

c. केवल संपत्ति का नुकसान

d. केवल बिना हिंसा के अपमान

 

336. धारा 38 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार निम्नलिखित में से किस पर लागू नहीं होता?

a. व्यपहरण या अपहरण करने के आशय से किया गया हमला

b. किसी व्यक्ति को डराने-धमकाने के लिए किया गया हल्का विवाद

c. अम्ल फेंकने या देने का कृत्य जिससे घोर उपहति की आशंका हो

d. ऐसे हमले जिनसे लोक प्राधिकारियों की सहायता प्राप्त करना संभव हो

 

337. धारा 38 में उल्लेखित है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार अम्ल फेंकने के किस प्रकार के कृत्य के खिलाफ लागू होता है?

a. अम्ल फेंकने या देने का कृत्य, जिससे घोर उपहति होने की युक्तियुक्त आशंका हो

b. केवल अम्ल फेंकने का प्रयास, बिना किसी चोट के

c. किसी की वस्तु पर अम्ल डालना

d. केवल verbal धमकी देना

 

338. धारा 39 के अनुसार, यदि अपराध धारा 38 में वर्णित नहीं है, तो प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस सीमा तक होता है?

a. हमलावर की मृत्यु तक

b. हमलावर द्वारा मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि स्वेच्छया कारित करने तक

c. केवल मामूली चोट तक

d. कोई अधिकार नहीं

 

339. धारा 40 के अनुसार, शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब प्रारम्भ होता है?

a. जब अपराध किया जाता है

b. जब अपराध के प्रयास या धमकी से शरीर के संकट की युक्तियुक्त आशंका उत्पन्न होती है

c. जब अपराधी पकड़ लिया जाता है

d. केवल जब शरीर को चोट पहुँचती है

 

340. धारा 41 के अनुसार, सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब तक विस्तारित होता है?

a. केवल मामूली चोट तक

b. दोषकर्ता की मृत्यु या अन्य अपहानि स्वेच्छया कारित करने तक

c. केवल चोरी को रोकने तक

d. केवल जब पुलिस नहीं आती

 

341. धारा 41 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किन परिस्थितियों में दोषकर्ता की मृत्यु तक विस्तारित हो सकता है?

a. जब अपराध लूट हो

b. जब अपराध केवल मामूली चोरी हो

c. जब अपराध यातायात नियम उल्लंघन हो

d. जब कोई अपराध हो

 

342. धारा 41 में उल्लिखित निम्नलिखित में से कौन सा अपराध सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु तक करने का कारण बनता है?

a. गृहभेदन सूर्यास्त के पश्चात् और सूर्योदय के पूर्व

b. सार्वजनिक जगह पर शोर करना

c. मामूली मारपीट

d. चालान भरना

 

343. धारा 41 के अनुसार, किस प्रकार के रिष्टि (हिंसा) के कारण प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार मृत्यु तक का विस्तार पा सकता है?

a. रिष्टि किसी ऐसे भवन, तम्बू या जलयान के विरुद्ध जो मानव आवास या सम्पत्ति की अभिरक्षा के लिए उपयोग होता है

b. केवल सार्वजनिक पार्क में रिष्टि

c. सिर्फ़ व्यक्तिगत झगड़े में रिष्टि

d. कोई भी रिष्टि

 

344. धारा 41 के अनुसार, प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब तक लागू नहीं होता?

a. जब अपराध की आशंका मृत्यु या घोर उपहति की हो

b. जब अपराध लूट या चोरी हो

c. जब अपराध गृहभेदन हो

d. जब अपराध विस्फोटक से किया गया हो

 

345. धारा 42 के अनुसार, यदि अपराध धारा 41 में वर्णित नहीं है, तो प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार किस सीमा तक होता है?

a. दोषकर्ता की स्वेच्छया मृत्यु तक

b. दोषकर्ता की मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि तक

c. किसी भी अपहानि तक नहीं

d. केवल verbal abuse तक

 

346. सम्पत्ति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार कब प्रारम्भ होता है?

a. जब अपराधी पकड़ा जाता है

b. जब सम्पत्ति के संकट की युक्तियुक्त आशंका प्रारम्भ होती है

c. जब लोक प्राधिकारी आते हैं

d. जब चोरी हो जाती है

 

347. धारा 44 के अनुसार, घातक हमले के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार कब तक होता है?

a. जब तक कोई निर्दोष व्यक्ति घायल हो

b. जब तक निर्दोष व्यक्ति की अपहानि की जोखिम उठाने के बिना अधिकार का प्रभावी प्रयोग हो सके

c. केवल जब कोई घायल हो

d. बिना किसी जोखिम के

 

348. यदि किसी भीड़ पर हमला हो रहा हो और प्राइवेट प्रतिरक्षा के लिए गोली चलाना आवश्यक हो, पर उस भीड़ में निर्दोष शिशु हों, तो क्या होगा?

a. गोली चलाना अपराध होगा

b. गोली चलाना अपराध नहीं होगा यदि वह कार्यसाधक हो और जोखिम आवश्यक हो

c. किसी भी स्थिति में गोली नहीं चलानी चाहिए

d. निर्दोष शिशु की सुरक्षा प्राथमिक है

 

349. धारा 44 के दृष्टांत में ने भीड़ में मौजूद शिशु को अपहानि पहुंचा दी। क्या का कार्य अपराध होगा?

a. हाँ, क्योंकि निर्दोष को नुकसान पहुंचा

b. नहीं, क्योंकि यह प्राइवेट प्रतिरक्षा का वैध प्रयोग था और जोखिम आवश्यक था

c. हाँ, अगर शिशु घायल हो गए

d. नहीं, अगर पुलिस ने अनुमति दी हो

 

350. निम्नलिखित में से किस वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रेक्षित किया है कि प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार के विरूद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार मौजूद नहीं होता?

a. पंजाब राज्य बनाम सोहन सिंह

b. सुरजीत सिंह बनाम पंजाब राज्य

c. उत्तर प्रदेश राज्य बनाम रामस्वरूप

d. एम.आर. सिंह बनाम गुजरात राज्य

 

351. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में "दुष्प्रेरण" का प्रावधान है-

a. धारा 44

b. धारा 45

c. धारा 46

d. धारा 47

 

352. निम्नलिखित में से क्या भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दुष्प्रेरण का एक साधन नहीं है-

a. प्रयास

b. उकसाना

c. सहायता

d. षड़यंत्र

 

353. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने हेतु उकसाता है, साशय सहायता करता है अथवा उसे संलिप्त करता है तो उसे क्या कहा जाता है-

a. ऐसे दूसरे व्यक्ति को दुष्प्रेरित करना

b. उस व्यक्ति के साथ षड़यंत्र करना

c. विधि विरुद्ध जमाव का सदस्य बनना

d. अपराध किए जाने की डिजाइन तैयार करना

 

354. किन अपराधों के दायित्व का निर्णय करने के दौरान आपराधिक विधि के अंतर्गत अपराध की निकटता का सिद्धांत सुसंगत होता है-

a. चोरी और लूट

b. आपराधिक मानववध एवं हत्या

c. अपहरण

d. उकसाने तथा षड़यंत्र

 

355. निम्नलिखित में से क्या आवश्यक तौर पर षडयंत्र द्वारा दुष्प्रेरण नहीं है-

a. दो अथवा अधिक व्यक्तियों के बीच षडयंत्र

b. षडयंत्र को पूरा किए जाने में कोई कार्य अथवा अवैध लोप अवश्य होना चाहिए

c. ऐसा कोई भी कार्य अथवा अवैध लोप षडयंत्र किए गए कार्य हेतु अवश्य किया गया होना चाहिए

d. दुष्प्रेरक द्वारा उस व्यक्ति के साथ अपराध में भागीदारी अवश्य की गई होनी चाहिए

 

356. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है-

a. दुष्प्रेरक का दायित्व मुख्य अपराधी के दायित्व पर आधारित है।

b. दुष्प्रेरक निर्दोष हो तो मुख्य अपराधी भी दोषी नहीं होगा

c. दुष्प्रेरक और मुख्य अपराधी अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग दोषी हो सकते हैं।

d. मुख्य अपराधी की यही आपराधिक मनःस्थिति होनी चाहिए जो दुष्प्रेरक की है।

 

357. दुष्प्रेरण के लिए-

a. यह आवश्यक है कि दुष्प्रेरित व्यक्ति विधि के अंतर्गत किसी अपराध को करने में सक्षम हो

b. यह आवश्यक है कि दुष्प्रेरित व्यक्ति की इच्छा भी उसी समान दोषयुक्त हो

c. यह आवश्यक नहीं है कि दुष्प्रेरित व्यक्ति विधि के अंतर्गत अपराध करने में सक्षम हो अथवा उसकी आशय वैसी ही दोषयुक्त हो

d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

 

358. ', '' को '' की हत्या करने के लिये उकसाता है '' वैसा करने से इंकार कर देता है, 'दोषी है-

a. आपराधिक षड़यंत्र का

b. हत्या के प्रयास हेतु दुष्प्रेरणा का

c. हत्या करने हेतु दुष्प्रेरण का

d. कोई अपराध नहीं

 

359. दुष्प्रेरक ऐसा व्यक्ति होता है जो-

a. अपराध करता है

b. अपराध करने हेतु उकसाता है

c. जिसके विरूद्ध अपराध किया गया हो

d. जो निर्दोष हो

 

360. '' 'बी' को 'जेड' के लड़के का व्यपहरण करने के लिए उकसाता है। 'बी, 'सी' को ऐसा करने के लिए उकसाता है एवं 'सी' 'जेड' के लड़के का व्यपहरण कर लेता है तब-

a. सिर्फ 'बी' ही 'सी' को उकसाने का अपराधी है

b. सिर्फ '' ही उकसाने का अपराधी है।

c. '' और 'बी' दोनों ही उकसाने के अपराधी हैं

d. इनमें से कोई नहीं

 

361. धारा 45 के अनुसार, निम्न में से कौन-सा कृत्य "दुष्प्रेरण" माना जाता है?

a. किसी कार्य को चुपचाप देखना

b. किसी को कार्य करने से रोकना

c. किसी व्यक्ति को उस कार्य को करने के लिए उकसाना

d. कार्य करने के बाद सहायता देना

 

362. यदि कोई व्यक्ति षड्यंत्र करता है और उसके फलस्वरूप कोई कार्य घटित होता है, तो वह क्या कहलाएगा?

a. अपराधी नहीं

b. केवल साक्षी

c. दुष्प्रेरक

d. आरोपी नहीं

 

363. जानबूझकर मिथ्या निरूपण द्वारा किसी बात को करवाना क्या कहलाता है?

a. धोखाधड़ी

b. अपराध

c. दुष्प्रेरण

d. षड्यंत्र

 

364. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के कार्य को सुकर (आसान) बनाता है और उसके द्वारा वह कार्य हो जाता है, तो वह क्या कहा जाएगा?

a. साक्षी

b. उकसाने वाला

c. सहायक

d. निरीक्षक

 

365. , को यह झूठ बताता है कि ही वांछित अपराधी है, और से को पकड़वाता है। का यह कृत्य क्या है?

a. झूठा साक्ष्य देना

b. पुलिस कार्य में हस्तक्षेप

c. दुष्प्रेरण

d. अवैध गिरफ्तारी

 

366. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 45 की परिभाषा में "दुष्प्रेरण" नहीं मानी जाएगी?

a. जानबूझकर सहायता करना

b. कार्य के उद्देश्य से षड्यंत्र करना

c. कार्य के बारे में किसी को सच बताना

d. किसी को कार्य करने के लिए उकसाना

 

367. धारा 46 के अनुसार "दुष्प्रेरक" कौन होता है?

a. वह जो स्वयं अपराध करता है

b. वह जो अपराध को देखता है

c. वह जो अपराध के लिए उकसाता है या षड्यंत्र करता है या सहायता करता है

d. वह जो पुलिस को सूचना देता है

 

368. क्या दुष्प्रेरण का अपराध तभी माना जाएगा जब दुष्प्रेरित कार्य वास्तव में किया जाए?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल गंभीर अपराधों में

d. केवल यदि हानि हो

 

369. यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करने के लिए दुष्प्रेरित किया जाता है जो वह कानूनतः कर नहीं सकता (जैसे शिशु), तो दुष्प्रेरक का क्या दायित्व होता है?

a. कोई दायित्व नहीं

b. केवल चेतावनी मिलती है

c. वह वैसे ही दण्डनीय है जैसे वह कार्य स्वयं करता

d. वह निर्दोष माना जाएगा

 

370. यदि कोई व्यक्ति किसी और को अपराध का दुष्प्रेरण करने के लिए उकसाता है, तो क्या वह भी अपराधी है?

a. नहीं, जब तक वह स्वयं कार्य करे

b. केवल यदि वह जानता हो

c. हाँ, क्योंकि दुष्प्रेरण का दुष्प्रेरण भी अपराध है

d. नहीं, जब तक कोई हानि हो

 

371. यदि को हत्या करने के लिए उकसाता है, और इन्कार कर देता है, तो का क्या दायित्व है?

a. कोई नहीं

b. केवल मानसिक उत्पीड़न

c. हत्या के दुष्प्रेरण का दोषी

d. सिर्फ चेतावनी

 

372. क्या दुष्प्रेरण करने वाला व्यक्ति तब भी दोषी होगा यदि कार्य किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया हो जो विकृतचित्त या शिशु हो?

a. नहीं

b. केवल विकृतचित्त व्यक्ति पर निर्भर है

c. हाँ

d. केवल यदि हानि हुई हो

 

373.षड्यंत्र द्वारा दुष्प्रेरण के लिए क्या आवश्यक है?

a. अपराध स्वयं करना

b. पुलिस को सूचना देना

c. अपराध करने वाले के साथ योजना बनाना

d. उस षड्यंत्र में सम्मिलित होना जिसके अनुसरण में अपराध किया गया हो

 

374. धारा 47 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारत में रहते हुए किसी अन्य देश में अपराध करने के लिए किसी को उकसाता है, तो क्या वह दोषी माना जाएगा?

a. नहीं, क्योंकि अपराध भारत में नहीं हुआ

b. हाँ, यदि वह कार्य भारत में अपराध होता

c. केवल यदि वह विदेशी व्यक्ति हो

d. नहीं, जब तक वह कार्य वास्तव में हो

 

375. धारा 47 किस प्रकार के अपराधों को कवर करती है?

a. केवल भारत में किए गए अपराध

b. केवल विदेशों में किए गए अपराध

c. भारत में दुष्प्रेरण और विदेश में किए गए कार्य जो भारत में अपराध होते

d. केवल अंतर्राष्ट्रीय अपराध

 

376. निम्न में से कौन सा उदाहरण धारा 47 का सही दृष्टांत है?

a. भारत में किसी विदेशी को भारत में चोरी करने के लिए उकसाना

b. भारत में एक भारतीय को भारत में ही मारने के लिए उकसाना

c. भारत में कोई व्यक्ति किसी को विदेश में हत्या करने के लिए उकसाता है

d. विदेश में कोई व्यक्ति भारत में अपराध करता है

 

377. यदि भारत में 'ने '' को अमेरिका में हत्या करने के लिए उकसाया, तो किस आधार पर 'को सजा दी जा सकती है?

a. क्योंकि अमेरिका में अपराध हुआ

b. क्योंकि ने भारत लौटकर अपराध बताया

c. क्योंकि ने भारत में रहते हुए दुष्प्रेरण किया

d. कोई सजा नहीं हो सकती

 

378. धारा 48 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारत से बाहर रहकर भारत में अपराध करने के लिए किसी को उकसाता है, तो वह

a. केवल तभी दोषी होगा जब वह भारतीय नागरिक हो

b. दोषी नहीं माना जाएगा क्योंकि वह भारत में नहीं है

c. दुष्प्रेरण का दोषी होगा

d. केवल तभी दोषी होगा जब अपराध किया जाए

 

379.  धारा 49 के अनुसार, जब किसी अपराध का दुष्प्रेरण किया गया हो और वह अपराध दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया हो, परन्तु उस दुष्प्रेरण के लिए कोई स्पष्ट दण्ड नहीं हो, तो

a. दुष्प्रेरक को कोई दण्ड नहीं मिलेगा

b. दुष्प्रेरक को अपराधी से कम दण्ड मिलेगा

c. दुष्प्रेरक को उसी दण्ड से दण्डित किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है

d. न्यायालय स्वयं दण्ड निर्धारित करेगा

 

380. दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया कार्य कब माना जाता है?

a. जब दुष्प्रेरण के तुरंत बाद कार्य हो

b. जब कार्य दुष्प्रेरक की उपस्थिति में हो

c. जब कार्य उस उकसाहट, षड्यंत्र या सहायता के कारण किया गया हो

d. जब कार्य जानबूझकर किया गया हो

 

381. यदि और षड्यंत्र करते हैं कि को विष दिया जाए और , की अनुपस्थिति में को विष दे देता है जिससे की मृत्यु हो जाती है, तो

a. केवल दोषी है

b. कोई दोषी नहीं है

c. केवल षड्यंत्र का दोषी है, हत्या का नहीं

d. और दोनों दोषी हैं; हत्या के दुष्प्रेरण का और हत्या का दोषी है

 

382. धारा 50 के अनुसार, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति ने कार्य दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से किया हो, तो दुष्प्रेरक

a. दोषी नहीं होगा

b. उस अपराध के लिए दण्डनीय होगा, जो उसके आशय से किया गया होता

c. केवल दुष्प्रेरण का दोषी होगा

d. उस दण्ड से दण्डित होगा जो दुष्प्रेरित व्यक्ति के आशय से जुड़ा है

 

383. यदि को चोरी करने के लिए उकसाता है लेकिन लूट कर बैठता है, तो किस अपराध के लिए दण्डनीय होगा?

a. लूट के लिए

b. चोरी के लिए

c. कोई अपराध नहीं

d. केवल षड्यंत्र के लिए

 

384. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत दुष्प्रेरक का दायित्व, जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है का प्रावधान है -

a. धारा 50

b. धारा 51

c. धारा 52

d. धारा 53

 

385. यदि ने को का घर जलाने के लिए उकसाया, और ने चोरी भी की, तो का दायित्व क्या होगा?

a. केवल चोरी के लिए दण्डनीय है

b. दोनों अपराधों के लिए दण्डनीय है

c. केवल घर जलाने के लिए दण्डनीय है

d. निर्दोष है

 

386. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति का प्रावधान है -

a. धारा 51

b. धारा 52

c. धारा 53

d. धारा 54

 

387. धारा 54 के अनुसार, यदि दुष्प्रेरक अपराध किए जाने के समय अनुपस्थित होता है, तो उसे कैसे माना जाएगा?

a. केवल सह-आरोपी

b. दर्शक मात्र

c. ऐसा माना जायेगा की अपराध उसने भी किया है

d. दोषमुक्त

 

388. निम्नलिखित में से कौन सा वाद पोस्टमास्टर मामला कहा जाता  है?

a. के. एम. नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य

b. निहारेन्दु दत्ता बनाम किंग एम्परर

c. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम किंग एम्परर

d. केदार नाथ बनाम पश्चिम बंगाल राज्य

 

389. यदि कोई व्यक्ति मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध के दुष्प्रेरण में शामिल होता है, लेकिन अपराध नहीं होता, तो उसे किस प्रकार दण्डित किया जाएगा?

a. कोई दण्ड नहीं मिलेगा

b. अधिकतम 7 वर्ष तक कारावास और जुर्माना

c. आजीवन कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

390. यदि दुष्प्रेरण के कारण कोई व्यक्ति उपहति (गंभीर चोट) का शिकार होता है, तो दुष्प्रेरक को क्या दण्ड मिलेगा?

a. जुर्माना मात्र

b. अधिकतम 7 वर्ष तक कारावास

c. अधिकतम 14 वर्ष तक कारावास और जुर्माना

d. मृत्युदण्ड

 

391. यदि कोई व्यक्ति कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण करता है और अपराध नहीं होता, तो उसे अधिकतम कितनी अवधि तक कारावास दिया जा सकता है?

a. अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की पूरी अवधि तक

b. अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि का आधा

c. अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि का एक चौथाई

d. केवल जुर्माना

 

392. यदि दुष्प्रेरक एक लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य अपराध को निवारित करना है, तो दुष्प्रेरण के लिए उसे कितनी अधिकतम कारावास की सजा दी जा सकती है?

a. दीर्घतम अवधि का एक चौथाई

b. दीर्घतम अवधि का आधा

c. पूरी अवधि तक

d. कोई सजा नहीं

 

393. धारा 57 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा अपराध किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, तो उसे किस प्रकार की सजा दी जा सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. सात वर्ष तक की कारावास या जुर्माना या दोनों

c. आजीवन कारावास

d. कोई सजा नहीं

 

394. धारा 58 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध के किए जाने की परिकल्पना को जान-बूझकर छिपाता है, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष तक की कैद हो सकती है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

395. यदि अपराध किया जाए, फिर भी किसी ने उस अपराध की परिकल्पना को छिपाया, तो धारा 58 के अनुसार दंड क्या होगा?

a. जुर्माना ही होगा

b. तीन वर्ष तक की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं

c. आजीवन कारावास

d. कोई दंड नहीं होगा

 

396. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत 'आपराधिक षड्यंत्र' की परिभाषा दी गई है-

a. धारा 61

b. धारा 62

c. धारा 63

d. धारा 64

 

397. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत आपराधिक षड्यंत्र का एक अपराध गठित करने हेतु किस शर्त की पूर्ति को साबित किया जाना आवश्यक होता है-

a. दो अथवा अधिक व्यक्तियों की एक पूर्व सभा अवश्य की गई होनी चाहिए

b. दो अथवा अधिक व्यक्तियों के बीच एक अवैध कार्य करने अथवा अवैध साधनों से कानूनी कार्य करने का समझौता अवश्य मौजूद होना चाहिए

c. एक व्यक्ति दो अथवा अधिक व्यक्तियों की सहायता से एक अवैध कार्य करता है

d. दो अथवा अधिक व्यक्ति दोषी मस्तिष्क के साथ अचानक के उकसावे पर एक अपराध करते हैं।

 

398. किसी समझौते को आपराधिक षड्यंत्र का नाम दिया जाता है यदि-

a. दो अथवा अधिक व्यक्ति किसी अवैध कार्य करने को सहमत होते हैं

b. ऐसे समझौते के अनुपालन में सभी पक्षों के द्वारा कोई अवैध कार्य किया जाता हैं

c. ऐसे समझौते के अनुपालन में न्यूनतम एक पक्ष द्वारा कोई अवैध कार्य किया जाता है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

399. निम्नलिखित में से किस वाद को लैमिंग्टन रोड शूटिंग षडयन्त्र वाद के नाम से जाना जाता है?

a. आर. बनाम ब्लेक एंड टाई

b. इन रे एन. रामारत्नम

c. एम्परर बनाम वैशम्पायन

d. मिर्जा अकबर बनाम किंग एम्परर

 

400. निम्नलिखित में से किसे नासिक षडयंत्र वाद के नाम से जाना जाता है?

a. विनायक दामोदर सावरकर का वाद

b. बाल गंगाधर तिलक का वाद

c. मधु लिमये का वाद

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

401. आपराधिक षड़यंत्र के लिए न्यूनतम कितने व्यक्तियों की आवश्यकता होती है-

a. सात

b. दो

c. पाँच

d. तीन

 

402. आपराधिक षड़यंत्र के अपराध का गठन करने हेतु क्या आवश्यक नहीं होता-

a. दो अथवा अधिक व्यक्ति

b. पाँच अथवा अधिक व्यक्ति अनुपालन

c. अवैध कार्य कारित करने का समझौता

d. यदि कार्य अपराध हो तो समझौते के कोई करना

 

403. जबकि दो या अधिक व्यक्ति कोई अवैध कार्य अथवा कोई ऐसा कार्य जो अवैध नहीं है, अवैध साधनों द्वारा करने या करवाने को सहमत होते हैं, तब ऐसी सहमति को-

a. एक आपराधिक षड़यंत्र कहा जाता है।

b. आपराधिक दुष्प्रेरण कहा जाता है।

c. आपराधिक षड़यंत्र तथा दुष्प्रेरण दोनों कहा जाता है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

404. ‘तथा '' '' के घर में चोरी करने को सहमत चोरी नहीं की जाती। वे दोषी हैं-

a. कोई अपराध नहीं

b. आपराधिक षड़यंत्र के

c. षड़यंत्र द्वारा दुष्प्रेरणा के

d. उकसावे द्वारा दुष्प्रेरणा के

 

405. 'तथा '' अगले दिन '' की हत्या की योजना बनाते हैं। वे दोषी हैं-

a. योजना बनाने के अपराध के

b. आपराधिक षड़यंत्र के अपराध के

c. हत्या के प्रयास के अपराध

d. किसी अपराध के नहीं

 

406. ''' से सहमत होता है कि वह परीक्षा में नकल कराने में '' की सहायता करेगा। यह कैसा कार्य है-

a. आपराधिक षड़यंत्र का

b. दुष्प्रेरण का

c. सामान्य मंशा का

d. सामान्य उद्देश्य का

 

407. "" और "" विष द्वारा "" की हत्या करने के लिये सहमत होते हैं और "" द्वारा विष लाया जाना था, जिसे "" नहीं लाया। "" और "" दोषी हैं-

a. दुष्प्रेरण द्वारा हत्या के षड्यंत्र के लिये

b. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34 की सहायता से हत्या के प्रयत्न के लिये

c. किसी अपराध के लिये नहीं

d. "" की हत्या के आपराधिक षड्यंत्र के लिये

 

408. आपराधिक षड्यन्त्र कब उत्पन्न होता है?

a. जब दो या अधिक व्यक्ति किसी अवैध कार्य के लिए सहमत होते हैं।

b. जब कोई व्यक्ति अकेले अपराध करने का विचार करता है।

c. जब कोई व्यक्ति वैध कार्य करता है।

d. जब दो व्यक्ति कानूनी कार्य करते हैं।

 

409. यदि कोई व्यक्ति उन षड्यंत्रों में शामिल होता है जो मृत्यु, आजीवन कारावास या दो वर्ष से अधिक कठिन कारावास वाले अपराध से सम्बंधित होता है तो उसे अधिकतम कितना दंड मिल सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. तो वह उसी प्रकार दंडित किया जाएगा, मानो उसने ऐसे अपराध का दुष्प्रेरण किया था

c. जुर्माना मात्र

d. सात साल का कारावास

 

410. यदि कोई व्यक्ति उन षड्यंत्रों में शामिल होता है जो पूर्वोक्त दंडनीय अपराधों से भिन्न होते हैं, तो उसे अधिकतम कितना दंड मिल सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. जुर्माना मात्र

c. छह माह से अधिक कारावास नहीं, जुर्माना, या दोनों

d. सात साल का कारावास

 

411. निम्नलिखित में से किस अध्याय में महिला और बालक के विरुद्ध अपराधों के विषय में का प्रावधान दिया गया है 

a. अध्याय 4

b. अध्याय 5

c. अध्याय 6

d. अध्याय 7

 

412. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत बलात्संग की परिभाषा दी गई है-

a. धारा 61

b. धारा 62

c. धारा 63

d. धारा 64

 

413. धारा 63 के अनुसार बलात्संग किसके द्वारा किया जाता है?

a. कोई महिला अपनी इच्छा के विरुद्ध लैंगिक कृत्य करती है।

b. कोई पुरुष किसी महिला की योनि, मुंह, मूत्रमार्ग या गुदा में अपने लिंग का किसी भी सीमा तक प्रवेशन करता है।

c. कोई पुरुष किसी पुरुष की सहमति से लैंगिक कृत्य करता है।

d. कोई महिला अपने पति के साथ मैथुन करती है।

 

414. बलात्संग की कौन-सी परिस्थिति इस धारा के अंतर्गत आती है?

a. महिला की स्पष्ट और स्वैच्छिक सहमति से।

b. महिला की इच्छा के विरुद्ध या उसकी सम्मति के बिना।

c. पति-पत्नी के बीच सहमति से।

d. चिकित्सीय प्रक्रिया के दौरान।

 

415. निम्न में से कौन सा बलात्संग का अपवाद है?

a. पति-पत्नी का सहमति से मैथुन, जब पत्नी अठारह वर्ष से कम आयु की नहीं है।

b. किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया गया कृत्य।

c. किसी महिला की सम्मति से जब वह मत्तता के कारण असमर्थ हो।

d. किसी पुरुष द्वारा बिना महिला की सहमति के किया गया कृत्य।

 

416. निम्न में से कौन सी स्थिति बलात्संग नहीं मानी जाएगी?

a. महिला की सम्मति के बिना किया गया कोई भी लैंगिक कृत्य।

b. चिकित्सीय प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया अंतःप्रवेशन।

c. महिला की सम्मति से, जब वह किसी भय के कारण सहमत हुई हो।

d. महिला की इच्छा के विरुद्ध किया गया लैंगिक कृत्य।

 

417. धारा 63 के अनुसार, "सम्मति" का क्या अर्थ है?

a. केवल मौखिक सहमति।

b. महिला के द्वारा स्पष्ट, स्वैच्छिक सहमति, जो शब्दों, संकेतों या मौखिक/अमौखिक संसूचना द्वारा व्यक्त हो।

c. महिला का शारीरिक विरोध करना।

d. पति का सहमति देना।

 

418. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत बलात्संग के लिए दंड का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 61

b. धारा 62

c. धारा 63

d. धारा 64

 

419. धारा 64 के अनुसार, सामान्य बलात्संग के लिए दंड क्या है?

a. तीन वर्ष का कारावास और जुर्माना

b. दस वर्ष से कम का कठिन कारावास और जुर्माना

c. आजीवन कारावास बिना जुर्माने के

d. छः महीने का कारावास और जुर्माना

 

420. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत पुलिस अधिकारी होते हुए सीमाओं के भीतर, किसी भी थाने के परिसर में या पुलिस अधिकारी की अभिरक्षा में किसी महिला से बलात्संग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 64(2)

b. धारा 64(3)

c. धारा 64(4)

d. धारा 64(2-)

 

421. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत लोक सेवक की अभिरक्षा में बलात्संग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 64(3)

b. धारा 64(4)

c. धारा 64(2-)

d. धारा 64(2-)

 

422. धारा 65 के अनुसार, 16 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से बलात्संग करने पर न्यूनतम दंड क्या है?

a. 10 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना

b. 20 वर्ष से कम होने वाला कठोर कारावास और जुर्माना

c. 5 वर्ष का कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

423. 12 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से बलात्संग करने पर धारा 65 के अनुसार किस दंड का प्रावधान है?

a. आजीवन कारावास या मृत्युदंड, साथ में जुर्माना

b. 5 वर्ष का कारावास और जुर्माना

c. केवल आजीवन कारावास बिना जुर्माने के

d. 3 वर्ष का कारावास

 

424. धारा 65 के तहत, बलात्संग के जुर्माने की राशि किसके लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगी?

a. सरकारी कोष के लिए

b. आरोपी के लिए

c. पीड़िता के चिकित्सीय व्ययों और पुनर्वास के लिए

d. पुलिस विभाग के लिए

 

425. धारा 65 के अनुसार, बलात्संग के जुर्माने का संदाय किसे दिया जाएगा?

a. सरकार को

b. आरोपी को

c. पीड़िता को

d. पुलिस विभाग को

 

426. धारा 66 के अनुसार, यदि बलात्संग के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो जाती है तो आरोपी को किस दंड का प्रावधान है?

a. 5 वर्ष का कारावास

b. 10 वर्ष का कारावास

c. कम से कम 20 वर्ष का कठिन कारावास या आजीवन कारावास, या मृत्युदंड

d. केवल जुर्माना

 

427. धारा 66 के अनुसार, यदि बलात्संग के दौरान पीड़िता की दशा सतत् विकृतशील हो जाती है तो आरोपी को क्या दंड मिलेगा?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. जुर्माना

c. कम से कम 20 वर्ष का कठिन कारावास या आजीवन कारावास, या मृत्युदंड

d. केवल जुर्माना

 

428. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ पृथक्करण के दौरान मैथुन का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 64

b. धारा 65

c. धारा 66

d. धारा 67

 

429. धारा 67 के अनुसार, यदि पति अपनी पत्नी के साथ उसकी अनुमति के बिना मैथुन करता है, जबकि वे पृथक्करण की डिक्री के अधीन या पृथक् रह रहे हों, तो उसे किस दंड का प्रावधान है?

a. 6 महीने का कारावास

b. 2 वर्ष से कम लेकिन 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

c. केवल जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

430. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत प्राधिकार में किसी व्यक्ति द्वारा मैथुन का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 65

b. धारा 66

c. धारा 67

d. धारा 68

 

431. धारा 68 के अनुसार, प्राधिकार की स्थिति या वैश्वासिक संबंध का दुरुपयोग करके मैथुन के लिए उत्प्रेरित करने वाला व्यक्ति किस प्रकार दंडित होगा?

a. 1 से 3 वर्ष का कारावास और जुर्माना

b. 5 से 10 वर्ष का कठिन कारावास और जुर्माना

c. 10 से 15 वर्ष का कठिन कारावास और जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

432. निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति धारा 68 के तहत दंडनीय हो सकता है?

a. कोई सामान्य नागरिक जो महिला से मैथुन करता है

b. अस्पताल का कर्मचारी जो महिला की अभिरक्षा में रहते हुए मैथुन के लिए उत्प्रेरित करता है

c. पति जो अपनी पत्नी के साथ पृथक्करण के दौरान मैथुन करता है

d. कोई व्यक्ति जो अनजान महिला से बलात्कार करता है

 

433. धारा 68 के अनुसार, कौन सा स्थान इस धारा के अंतर्गत आता है?

a. कोई निजी घर

b. अस्पताल, कारागार या महिलाओं/शिशुओं की संस्था

c. कोई सार्वजनिक पार्क

d. कोई व्यावसायिक कार्यालय

 

434. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत प्रवंचनापूर्ण साधनों, आदि का प्रयोग करके मैथुन का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 69

b. धारा 70

c. धारा 71

d. धारा 72

 

435. धारा 69 के अंतर्गत दंड की अवधि क्या है?

a. 3 वर्ष

b. दस वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

436. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत सामूहिक बलात्संग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 69

b. धारा 70

c. धारा 71

d. धारा 72

 

437. यदि किसी महिला के साथ एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा सामूहिक बलात्कार किया जाता है, तो उन सभी व्यक्तियों को किस प्रकार की सजा दी जाएगी?

a. 7 वर्ष का कारावास

b. 10 वर्ष का कारावास

c. न्यूनतम 20 वर्ष का कठिन कारावास, अधिकतम आजीवन कारावास

d. 5 वर्ष का कारावास

 

438. सामूहिक बलात्कार के मामलों में पीड़िता को जुर्माने की राशि किस उद्देश्य से प्रदान की जाती है?

a. सरकारी सहायता हेतु

b. अभियुक्त की कानूनी सहायता हेतु

c. पीड़िता की चिकित्सीय व्ययों और पुनर्वास हेतु

d. पुलिस अनुसंधान के लिए

 

439. यदि पीड़िता की आयु 18 वर्ष से कम है, तो सामूहिक बलात्कार के अपराधियों को क्या दण्ड दिया जा सकता है?

a. केवल 10 वर्ष का कारावास

b. आजीवन कारावास या मृत्युदण्ड

c. जुर्माना मात्र

d. कोई दण्ड नहीं

 

440. क्या सामूहिक बलात्कार की स्थिति में सभी अभियुक्तों को समान रूप से दोषी माना जाएगा?

a. नहीं, केवल मुख्य अपराधी दोषी होगा

b. हां, समूह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति दोषी माना जाएगा

c. केवल दो लोग दोषी माने जाएंगे

d. न्यायालय निर्णय करेगा

 

441. धारा 70 के अनुसार, यदि सामूहिक बलात्कार में लगाए गए जुर्माने की वसूली होती है, तो इसका भुगतान किसे किया जाएगा?

a. सरकार को

b. आरोपी के परिवार को

c. पीड़िता को

d. अदालत को

 

442. धारा 71 किस प्रकार के अपराधियों से संबंधित है?

a. पहली बार अपराध करने वाले

b. मानसिक रूप से अस्वस्थ अपराधी

c. पुनरावृत्तिकर्ता (Repeat Offenders) अपराधी

d. नाबालिग अपराधी

 

443. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत कतिपय अपराधों आदि से पीड़ित व्यक्ति की पहचान का प्रकटीकरण का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 69

b. धारा 70

c. धारा 71

d. धारा 72

 

444. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत अनुज्ञा के बिना न्यायालय की कार्यवाहियों से संबंधित किसी मामले का मुद्रण या प्रकाशन करना का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 70

b. धारा 71

c. धारा 72

d. धारा 73

 

445. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 71

b. धारा 72

c. धारा 73

d. धारा 74

 

446. धारा 74 किस प्रकार की स्थिति से संबंधित है?

a. चोरी

b. हत्या

c. महिला की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. जबरन निकाह

 

447. धारा 74 के अंतर्गत अपराधी को कितने समय का कारावास हो सकता है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष से 5 वर्ष तक और जुर्माना

d. 2 वर्ष

 

448. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत लैंगिक उत्पीड़न का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 73

b. धारा 74

c. धारा 75

d. धारा 76

 

449. धारा 75 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य लैंगिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है?

a. महिला से सामाजिक बातचीत

b. शारीरिक स्पर्श और अवांछनीय अग्रक्रियाएं

c. महिला को नौकरी का प्रस्ताव देना

d. सामान्य मजाक करना

 

450. यदि कोई पुरुष किसी महिला से लैंगिक स्वीकृति के लिए मांग या अनुरोध करता है, तो वह किस अपराध का दोषी होगा?

a. अवमानना

b. चोरी

c. लैंगिक उत्पीड़न

d. बलात्कार

 

451. धारा 75 की उपधारा (1)(iii) के अंतर्गत, किस प्रकार का कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है?

a. महिला को कोई फिल्म दिखाना

b. महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध अश्लील साहित्य दिखाना

c. महिला को मजेदार कहानी सुनाना

d. महिला से शादी का प्रस्ताव रखना

 

452. यदि कोई पुरुष किसी महिला पर लैंगिक आभासी टिप्पणी (sexually coloured remarks) करता है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. 5 वर्ष का कारावास

c. 1 वर्ष का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल जुर्माना

 

453. धारा 75 की उपधारा (1)(i), (ii), या (iii) के तहत अपराध करने पर अधिकतम दंड क्या है?

a. 2 वर्ष का साधारण कारावास

b. 3 वर्ष तक का कठिन कारावास, या जुर्माना, या दोनों

c. केवल जुर्माना

d. मृत्युदंड

 

454. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत महिला को विवस्त्र करने के आशय से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 73

b. धारा 74

c. धारा 75

d. धारा 76

 

455. धारा 76 के अंतर्गत वह व्यक्ति दोषी माना जाएगा जो महिला को विवस्त्र करने के आशय से क्या करता है?

a. उसे शादी का प्रस्ताव देता है

b. उस पर हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है

c. उसका पीछा करता है

d. केवल देखता है

 

456. धारा 76 के तहत न्यूनतम कारावास की अवधि कितनी निर्धारित की गई है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष से 7 वर्ष तक और जुर्माना

d. 5 वर्ष

 

457. धारा 77 किस अपराध से संबंधित है?

a. चोरी

b. बलात्कार

c. दृश्यरतिकता (Voyeurism)

d. मानहानि

 

458. दृश्यरतिकता के अंतर्गत दंड तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति

a. किसी महिला से झूठ बोलता है

b. महिला के साथ बलपूर्वक संबंध बनाता है

c. किसी महिला को उसकी अनुमति के बिना निजी अवस्था में देखता, उसका चित्र खींचता या प्रसारित करता है

d. महिला को नौकरी से निकाल देता है

 

459. धारा 77 के तहत प्रथम दोषसिद्धि पर सजा क्या है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष से 3 वर्ष तक और जुर्माना

d. 3 वर्ष

 

459. द्वितीय दोषसिद्धि पर सजा क्या होगी?

a. 1 वर्ष और 3 वर्ष

b. 2 वर्ष और 5 वर्ष

c. 3 वर्ष से 7 वर्ष तक और जुर्माना

d. 5 वर्ष और 10 वर्ष

 

460. “निजी कार्यके अंतर्गत कौन-सा कृत्य शामिल है?

a. सड़क पर चलना

b. सार्वजनिक भाषण देना

c. शौच करना या लैंगिक कृत्य करना

d. फोन पर बात करना

 

461. धारा 78 किस अपराध से संबंधित है?

a. चोरी

b. बलात्कार

c. पीछा करना

d. दृश्यरतिकता (Voyeurism)

 

462. धारा 78 के अनुसार, "पीछा करना" का अर्थ क्या है?

a. महिला से बातचीत करना

b. महिला का बारंबार पीछा करना या उसकी इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों की निगरानी करना

c. महिला को उपहार देना

d. महिला से विवाह का प्रस्ताव देना

 

463. यदि कोई पुरुष, किसी महिला की ईमेल या इंटरनेट गतिविधियों की निगरानी करता है, तो यह किस अपराध की श्रेणी में आता है?

a. धोखाधड़ी

b. मानहानि

c. पीछा करना

d. निजता का उल्लंघन

 

464. प्रथम दोषसिद्धि पर, पीछा करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्ष तक की कारावास हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष से और जुर्माना

d. 5 वर्ष

 

465. धारा 78 की उपधारा 2 के अनुसार, द्वितीय दोषसिद्धि पर पीछा करने वाले व्यक्ति को कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष से और जुर्माना

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

466. धारा 79 का उद्देश्य किस प्रकार के कृत्यों को दंडित करना है?

a. चोरी और डकैती

b. महिला की लज्जा का अनादर करने हेतु किए गए शब्द, ध्वनि, अंगविक्षेप या कार्य

c. हत्या और हत्या का प्रयास

d. रिश्वत लेना

 

467. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत दहेज मृत्यु का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 80

b. धारा 81

c. धारा 82

d. धारा 83

 

468. धारा 80 के अनुसार दहेज मृत्यु किस समयावधि के भीतर महिला की मृत्यु पर लागू होती है?

a. विवाह के 3 वर्ष के भीतर

b. विवाह के 5 वर्ष के भीतर

c. विवाह के 7 वर्ष के भीतर

d. विवाह के 10 वर्ष के भीतर

 

469. धारा 80 के अंतर्गत "दहेज" की परिभाषा कहाँ से ली गई है?

a. भारतीय दंड संहिता से

b. संविधान से

c. दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 2 से

d. महिला सुरक्षा अधिनियम से

 

470. धारा 80 के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति को न्यूनतम कितने वर्ष का कारावास हो सकता है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. सात वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो आजीवन कारावास की हो सकेगी

d. 10 वर्ष

 

471. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत किसी महिला को यह विश्वास दिलाना कि वे विधिपूर्वक विवाहित हैं, जबकि वे विवाहित नहीं हैं, और उस विश्वास में सहवास करना का प्रावधान दिया गया है-

a. धारा 80

b. धारा 81

c. धारा 82

d. धारा 83

 

472. धारा 81 के अंतर्गत अधिकतम दंड की अवधि क्या है?

a. 5 वर्ष तक का कारावास

b. 7 वर्ष तक का कारावास

c. 10 वर्ष तक का कारावास

d. आजीवन कारावास

 

473. यदि कोई व्यक्ति अपने पति या पत्नी के जीवित रहते हुए पुनः विवाह करता है, तो भारतीय दंड संहिता की किस धारा के अंतर्गत उसे दण्डित किया जा सकता है?

a. धारा 81

b. धारा 82

c. धारा 83

d. धारा 84

 

474. धारा 82 के अंतर्गत, पति या पत्नी के जीवनकाल में पुनः विवाह करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों का कारावास हो सकता है?

a. पाँच वर्ष

b. छह वर्ष

c. सात वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा

d. दस वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा

 

475.भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 83 किस अपराध से संबंधित है?

a. बाल विवाह

b. जबरन विवाह

c. विधिपूर्ण विवाह के बिना कपटपूर्वक विवाह कर्म पूरा करना

d. तलाक के बाद पुनः विवाह

 

476. धारा 83 के अंतर्गत अपराध करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों तक का कारावास हो सकता है?

a. पाँच वर्ष

b. छह वर्ष

c. सात वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा

d. दस वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा

 

477. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 84 किस अपराध से संबंधित है?

a. बलपूर्वक विवाह

b. विवाहित महिला को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना या निरुद्ध करना

c. नाबालिग से विवाह करना

d. महिला के साथ धोखाधड़ी करना

 

478. धारा 84 के अंतर्गत दंड की अधिकतम अवधि क्या है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

c. पाँच वर्ष

d. सात वर्ष, या जुर्माने से, या दोनों

 

479. धारा 84 के अंतर्गत "फुसलाकर ले जाना" या "निरुद्ध करना" किस उद्देश्य से होना चाहिए जिससे अपराध सिद्ध हो?

a. महिला की सुरक्षा के लिए

b. महिला को उसके परिवार से मिलाने के लिए

c. महिला को किसी व्यक्ति के साथ अनुचित संभोग कराने के आशय से

d. महिला को नौकरी दिलाने के लिए

 

480. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 85 किस अपराध से संबंधित है?

a. विवाह के समय धोखाधड़ी

b. स्त्रीधन की चोरी

c. किसी महिला के पति या उसके नातेदार द्वारा क्रूरता करना

d. विवाह का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाना

 

481. धारा 85 के अंतर्गत क्रूरता करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों का कारावास हो सकता है?

a.एक वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी

b. दो वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी

c. तीन वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी

d. पाँच वर्ष कारावास से, और जुर्माने का भी

 

482. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 86 किस विषय से संबंधित है?

a. विवाह की शर्तें

b. महिला पर अत्याचार की सजा

c. क्रूरता की परिभाषा

d. तलाक की प्रक्रिया

 

483. धारा 86 के अनुसार "क्रूरता" का कौन-सा कृत्य इसमें शामिल है?

a.महिला को घर के काम में व्यस्त रखना

b.  महिला के आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की सम्भावना वाला जानबूझकर किया गया आचरण

c. महिला को शिक्षित करना

d. महिला को बाहर काम करने से रोकना

 

484. धारा 86 की परिभाषा के अनुसार मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को क्षति पहुँचाना क्रूरता की श्रेणी में आता है यदि:

a. महिला बीमार हो

b. यह जानबूझकर किया गया हो और इससे गंभीर क्षति या खतरे की सम्भावना हो

c. पति पत्नी से नाराज़ हो

d. पत्नी स्वयं शिकायत करे

 

485. धारा 86 के अंतर्गत जब किसी महिला को इस उद्देश्य से तंग किया जाए कि वह या उससे संबंधित कोई व्यक्ति किसी संपत्ति या मूल्यवान वस्तु की अवैध मांग पूरी करे, तो यह क्या कहलाता है?

a. घरेलू विवाद

b. पारिवारिक कलह

c. क्रूरता

d. वैवाहिक असहमति

 

486. क्या यह क्रूरता मानी जाएगी यदि महिला को इसलिए तंग किया जा रहा है क्योंकि वह दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाई?

a. नहीं, क्योंकि यह पारिवारिक मामला है

b. हाँ, क्योंकि यह अवैध मांग से संबंधित है

c. नहीं, जब तक कोई शारीरिक हिंसा हो

d. केवल तब, जब महिला ने पुलिस शिकायत की हो

 

487. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 87 मुख्य रूप से किस अपराध से संबंधित है?

a. बाल विवाह

b. महिला के साथ धोखा

c. महिला का अपहरण/व्यपहरण और उसे विवाह या अनुचित संबंध के लिए विवश करना

d. महिला की संपत्ति पर अधिकार जमाना

 

488. धारा 87 के अंतर्गत दोषी व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्षों तक की कारावास की सजा दी जा सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

489. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 88 किस अपराध से संबंधित है?

a.नाबालिग से यौन संबंध

b.  स्त्रीधन की हानि

c. गर्भपात कारित करना

d. महिला से धोखाधड़ी

 

490. यदि कोई व्यक्ति गर्भवती महिला का गर्भपात स्वेच्छया करता है, और वह महिला का जीवन बचाने के प्रयोजन से नहीं किया गया है, तो उसे अधिकतम कितने वर्षों का कारावास हो सकता है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन वर्ष

d. सात वर्ष

 

491. यदि गर्भवती महिला स्पन्दनगर्भा (quick with child) हो, और गर्भपात किया जाता है, तो दोषी को अधिकतम कितने वर्षों की सजा हो सकती है?

a. तीन वर्ष

b. पाँच वर्ष

c. सात वर्ष

d. दस वर्ष

 

492. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 89 के अंतर्गत दण्ड कब लागू होता है?

a. जब महिला की सहमति से गर्भपात किया जाए

b. जब महिला की सहमति के बिना गर्भपात किया जाए

c. जब गर्भपात डॉक्टर द्वारा किया जाए

d. जब महिला विवाहित हो

 

493. धारा 89 के तहत अपराध करने पर निम्न में से कौन-सी सजा दी जा सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. केवल कारावास

c. दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. केवल चेतावनी

 

494. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 90 किससे संबंधित है?

a. अवैध विवाह

b. बलात्कार

c. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु

d. दहेज मृत्यु

 

495. यदि कोई व्यक्ति गर्भवती महिला का गर्भपात कराने के उद्देश्य से कोई कार्य करता है और उससे महिला की मृत्यु हो जाती है, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष तक की सजा हो सकती है?

a. पाँच वर्ष

b. सात वर्ष

c. दस वर्ष

d. बीस वर्ष

 

496. धारा 90(2) के अनुसार, यदि गर्भपात संबंधित कार्य महिला की सहमति के बिना किया गया हो, और उससे उसकी मृत्यु हो जाए, तो अपराधी को क्या सजा हो सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. अधिकतम दस वर्ष का कारावास

c. आजीवन कारावास

d. मृत्युदण्ड

 

497. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 91 किससे संबंधित है?

a. अवैध विवाह

b. बलात्कार

c. शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य

d. दहेज मृत्यु

 

498. शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य यदि माता के जीवन को बचाने के उद्देश्य से नहीं किया गया, तो उस कार्य के लिए किस प्रकार का दण्ड हो सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. दस वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. आजीवन कारावास

d. कोई दण्ड नहीं

 

499. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 92 किससे संबंधित है?

a. अवैध विवाह

b. बलात्कार

c. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु

d. किसी सजीव अजात शिशु की मृत्यु कारित करना

 

500. धारा 92 के अनुसार, किस स्थिति में किसी सजीव अजात शिशु की मृत्यु कारित करना दंडनीय होगा?

a. जब कार्य किसी दुर्घटना में होता है

b. जब कार्य ऐसी परिस्थिति में होता है कि यदि वही मृत्यु किसी वयस्क की होती तो आपराधिक मानव वध माना जाता

c. जब कार्य माता की अनुमति से किया गया हो

d. जब कार्य चिकित्सकीय सलाह के बिना किया गया हो

 

501. धारा 92 के तहत सजीव अजात शिशु की मृत्यु कराने वाले को किस प्रकार का दंड हो सकता है?

a. तीन वर्ष तक का कारावास

b. दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

c. आजीवन कारावास

d. केवल जुर्माना

 

502. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 93 किससे संबंधित है?

a. अवैध विवाह

b. बलात्कार

c. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु

d. बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डालने या परित्याग

 

503. धारा 93 के अनुसार, कौन व्यक्ति बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डालने या परित्याग करने का दोषी हो सकता है?

a. केवल शिशु के पिता या माता

b. केवल शिशु की देखरेख करने वाला व्यक्ति

c. शिशु के पिता, माता या उसकी देखरेख करने वाला व्यक्ति

d. कोई भी व्यक्ति

 

504. धारा 93 के अनुसार, बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डालने या छोड़ने पर किस प्रकार का दंड हो सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. सात वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. आजीवन कारावास

d. कोई दंड नहीं

 

505. धारा 94 के अनुसार, किस कार्य को दंडनीय माना गया है?

a. शिशु का अस्पताल में इलाज कराना

b. मृत शिशु के शरीर को गुप्त रूप से गाड़ना या अन्यथा उसका व्ययन करना

c. शिशु का उचित अंतिम संस्कार करना

d. शिशु का जन्म पंजीकृत कराना

 

506. धारा 94 के अनुसार, मृत शिशु के शरीर को गुप्त रूप से दफनाने या नष्ट करने का उद्देश्य क्या हो सकता है?

a. शिशु के जन्म को छिपाना या छिपाने का प्रयास करना

b. शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना

c. शिशु का उचित सम्मान करना

d. शिशु का नामकरण करना

 

507. धारा 94 के अंतर्गत मृत शरीर के गुप्त व्ययन के लिए अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. पांच वर्ष

d. सात वर्ष

 

508. धारा 95 के अनुसार, किसी अपराध को अंजाम देने के लिए शिशु को भाड़े पर लेने, नियोजित करने या नियुक्त करने पर कितनी सजा दी जाएगी?

a. एक वर्ष का कारावास

b. तीन वर्ष से दस वर्ष तक का कारावास

c. पाँच वर्ष का कारावास

d. कोई न्यूनतम सजा नहीं

 

509. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 96 किससे संबंधित है?

a. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु

b. बलात्कार

c. अवैध विवाह

d. बालक का उपापन

 

510. धारा 96 के तहत, शिशु को अनुचित संभोग के लिए उत्प्रेरित करने वाला व्यक्ति किस प्रकार दंडनीय होगा?

a. केवल जुर्माना

b. दस वर्ष तक कारावास और जुर्माना दोनों से दंडनीय

c. केवल कारावास

d. कोई दंड नहीं

 

511. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 97 किससे संबंधित है?

a. गर्भपात के कारण महिला की मृत्यु

b. बलात्कार

c. अवैध विवाह

d. दस वर्ष से कम आयु के बालक का अपहरण या व्यपहरण चोरी के आशय से

 

512. धारा 97 के तहत दंड में क्या सम्मिलित हो सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. केवल कारावास

c. सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. सामाजिक सेवा

 

513. धारा 98 के अंतर्गत कौन-सा कार्य दंडनीय है?

a. शिशु को स्कूल भेजना

b. शिशु को चिकित्सीय उपचार हेतु भेजना

c. शिशु को वेश्यावृत्ति, अनुचित संभोग या विधिविरुद्ध प्रयोजन के लिए बेचना या व्ययनित करना

d. शिशु को खेल प्रतियोगिता में भाग लेने भेजना

 

514. धारा 98 के तहत अपराध करने वाले व्यक्ति को अधिकतम कितने वर्ष तक का कारावास हो सकता है?

a. पाँच वर्ष

b. सात वर्ष

c. दस वर्ष

d. बारह वर्ष

 

515. धारा 99 के अनुसार, कौन-से कृत्य दंडनीय हैं?

a. शिशु को पढ़ाई के लिए भेजना

b. शिशु को दत्तक लेना

c. शिशु को वेश्यावृत्ति या अनैतिक प्रयोजन के लिए खरीदना, किराए पर लेना, या कब्जा लेना

d. शिशु को अस्पताल में भर्ती कराना

 

516. धारा 99 के अनुसार, दोषी व्यक्ति को क्या सजा दी जा सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. सात से चौदह वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

c. केवल सामाजिक सेवा

d. एक वर्ष का कारावास

 

517. भारतीय न्याय संहिता के निम्नलिखित प्रावधानों में से कौन आपराधिक मानव वध को परिभाषित करता है-

a. धारा 299

b. धारा 300

c. धारा 101

d. धारा 100

 

518. यदि एक व्यक्ति, लोगों के एक समूह की भावनाओं को आघात पहुंचने का ज्ञान होते के लिए पृथक रखे गए स्थान पर अतिचार करता है तो वह अपराध कारित करता है जो वर्णित है-

a. धारा 100 भारतीय न्याय संहिता

b. धारा 101 भारतीय न्याय संहिता

c. धारा 102 भारतीय न्याय संहिता

d. धारा 103 भारतीय न्याय संहिता

 

519. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही नहीं है-

a. सभी हत्याएं आपराधिक मानववध होती हैं किन्तु विलोमतः ऐसा नहीं होता

b. सभी आपराधिक मानववध हत्या होती है।

c. हत्या करने का आशय सदैव ही हत्या करना नहीं होता

d. धारा 299 का खंड() की माँग है कि मृत्यु की संभावना की जानकारी होनी चाहिए

 

520. भारतीय न्याय संहिता की धारा 100 के अंतर्गत वांछित आपराधिक मनःस्थिति क्या होती है-.

a. आशय अथवा जानकारी

b. आशय अथवा असावधानी

c. आशय अथवा लापरवाही

d. असावधानी अथवा विद्वेष

 

521. 'लूट को सुविधाजनक बनाने के लिए रात्रि में एक रिहाइशी घर में आग लगा देता है और इस आग के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु कारित करता है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. केवल घर में आग लगाने का

b. आपराधिक मानव वध

c. जानबूझकर मृत्यु कारित करना

d. दुर्घटनावश मृत्यु कारित करना

 

522. 'X' एवं 'Y' झगड़ा कर रहे हैं। झगड़ा लड़ाई में बदल जाता है जिसमें दोनों को शारीरिक चोट लगती है। 'Y' को अधिक घोर उपहति होती है और तीन दिन बाद अस्पताल में उसकी मृत्यु हो जाती है।X' दायी होगा -

a. घोर उपहति कारित करने के लिए

b. हत्या के लिए

c. सदोष मानव वध के लिए

d. कोई अपराध नहीं

 

523. ‘मृत्यु कारित करने के आशय के साथ एक गड्ढे को लकड़ियों तथा घास से ढँकता है। उसे ज्ञान है कि इससे मौत की संभावना हो सकती है। '' उस भूमि को सुदृढ़ मानते हुए उसपर चलता है, गड्ढे में गिरता है और मर जाता है। 'दोषी है-

a. हत्या का

b. हत्या की कोटि में आने वाले मानव वध का

c. जानबूझकर गंभीर चोट पहुँचाने का

d. कोई अपराध नहीं क्योंकि '' गड्ढे में दुर्घटनावश गिरा था

 

524. 'को ज्ञान है कि '' झाड़ियों के पीछे है। '' को इसके बारे में ज्ञात नहीं है। ''' की हत्या कारित करने अथवा संभावित मृत्यु की जानकारी रखते हुए '' को झाड़ी में आग लगाने के लिए उकसाता है और '' को मार देता है। 'तथा '' का अपराध क्या है-

a. तथा दोनों ही आपराधिक मानववध के दोषी हैं

b. तथा ग़ दोनों हत्या के दोषी हैं।

c. आपराधिक मानववध का दोषी है किन्तु किसी भी अपराध का दोषी नहीं है

d. हत्या करने का दोषी है किन्तु किसी अपराध का दोषी नहीं है।

 

525. 'एक पुरोहित है जो भूतप्रेत झाड़ने के लिए एक बालक की पिटाई करता है। बालक मर जाता है। '’-

a. किसी अपराध का उत्तरदायी नहीं है।

b. आपराधिक मानववध का उत्तरदायी है

c. सद्भाव के बचाव का अधिकारी है।

d. हत्या के प्रयास का उत्तरदायी है।

 

526. 'झाड़ी पर गोली चलाता है जहाँ उससे अपरिचित "" 'कुछ काम कर रहा था। गोली से '' मर जाता है। 'हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि उसने जानबूझकर '' पर गोली नहीं चलाई थी-

a. सत्य है

b. आंशिक सत्य है

c. झूठ है

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

527. भारतीय न्याय संहिता 2023 के निम्नलिखित में से किस प्रावधान के अंतर्गत माँ के गर्भ में किसी संतान की मृत्यु कारित करना मानववध नहीं होता-

a. धारा 100 स्पष्टीकरण-1 के अंतर्गत

b. धारा 100 स्पष्टीकरण-2 के अंतर्गत

c. धारा 100 के स्पष्टीकरण 3 के अंतर्गत

d. धारा 100 के स्पष्टीकरण-4 के अंतर्गत

 

528. धारा 100 के अनुसार आपराधिक मानव वध तब होता है जब:

a. कोई व्यक्ति अनजाने में किसी की मृत्यु कर देता है

b. कोई व्यक्ति केवल चोट पहुँचाने का इरादा रखता है

c. कोई व्यक्ति मृत्यु कारित करने के आशय से या मृत्यु होना सम्भाव्य जानकर कार्य करता है

d. कोई दुर्घटना होती है जिससे मृत्यु हो जाती है

 

529. ने गड्ढे पर लकड़ियाँ और घास बिछाईं और की मृत्यु हो गई। किस अपराध का दोषी है?

a. दुर्घटना

b. साधारण लापरवाही

c. आपराधिक मानव वध

d. हत्या

 

530. ने मुर्गे को मारने के लिए गोली चलाई, लेकिन मारा गया। क्या आपराधिक मानव वध का दोषी है?

a. हाँ

b. नहीं, क्योंकि उसका आशय को मारने का नहीं था और उसे के वहाँ होने का ज्ञान नहीं था

c. हाँ, क्योंकि मारा गया

d. हाँ, क्योंकि उसने गैरकानूनी कार्य किया

 

531. स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, यदि कोई विकलांग व्यक्ति किसी चोट के कारण जल्दी मर जाता है, तो क्या वह मृत्यु कारित मानी जाएगी?

a. नहीं, क्योंकि व्यक्ति पहले से बीमार था

b. हाँ, यदि क्षति उस मृत्यु का कारण बनी

c. नहीं, क्योंकि यह प्राकृतिक मृत्यु है

d. हाँ, यदि मृत्यु तुरंत हुई हो

 

532. स्पष्टीकरण 3 के अनुसार, क्या मां के गर्भ में स्थित शिशु की मृत्यु आपराधिक मानव वध मानी जाएगी?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, यदि शिशु ने श्वास नहीं ली हो

c. नहीं, गर्भस्थ शिशु की मृत्यु को आपराधिक मानव वध नहीं माना जाता

d. हाँ, यदि गर्भवती महिला जीवित है

 

533. स्पष्टीकरण 2 के अनुसार, यदि चिकित्सा द्वारा मृत्यु रोकी जा सकती थी, तो क्या व्यक्ति फिर भी आपराधिक मानव वध का दोषी होगा?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल यदि चिकित्सा उपलब्ध हो

d. केवल अगर मृत्यु तुरंत हो

 

534.हत्या को भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा में परिभाषित किया गया है-

a. धारा 100

b. धारा 101

c. धारा 300

d. धारा 301

 

535. जब चोट जानबूझकर पहुँचाई गई हो तथा प्रकृति के सामान्य नियम के अंतर्गत मृत्यु कारित करने हेतु पर्याप्त हो, तो अपराध होता है-

a. हत्या का प्रयास

b. हत्या की कोटि में आने वाला आपराधिक मानववध

c. हत्या

d. गंभीर शारीरिक क्षति

 

536. भारतीय न्याय संहिता 'को '' से गंभीर और अचानक प्रकोपन मिला और उसने साशय '' की मृत्यु कारित कर दी। '', '' का भाई है। 'ने अपराध किया है-

a. हत्या का

b. आपराधिक मानव वध का जो हत्या नहीं है।

c. घोर उपहति का

d. हत्या के प्रयत्न का

 

537. भारतीय न्याय संहिता, 1860 की धारा 300 अपवाद (1) के अंतर्गत "अचानक तथा गंभीर प्रकोपन" की दलील क्या होती है-

a. विधि का प्रश्न

b. तथ्य का प्रश्न

c. विधि तथा तथ्य के प्रश्न का मिश्रण

d. विधि के अंतर्गत उपधारणा

 

538. गंभीर एवं अचानक प्रकोपन के अपवाद के संदर्भ में निम्नलिखित में से क्या सही है-

a. प्रकोपन अपराधी के द्वारा स्वेच्छा से जानबूझकर प्रकोपित नहीं होना चाहिए

b. निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का विधि उपयोग प्रकोपन नहीं प्रदान करता

c.  किसी लोक सेवक द्वारा विधि के आज्ञापालन में अधिकार का विधिक उपयोग करना प्रकोपन नहीं होता

d. उपरोक्त सभी

 

539. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 300 के अन्तर्गत कितनी परिस्थितियां गिनाई गई हैं जिनके अन्तर्गत सदोष मानव वध हत्या है?

a. 2

b. 3

c. 4

d. 5

 

540. आपराधिक मानववध हत्या नहीं होती यदि उसे-

a. नशे में किया गया हो

b. अचानक तथा गंभीर प्रकोपनवश किया गया हो

c. अप्रतिरोध्य आवेग में किया गया हो

d. उपरोक्त सभी

 

541. 'एक मजिस्ट्रेट '' के समक्ष एक साक्षी के रूप में प्रस्तुत होता है। '' कहता है कि वह 'के कंथन पर विश्वास नहीं करता, और यह कि 'ने झूठी शपथ ली है। इन शब्दों से 'को अचानक क्रोध आता है और वह '' की हत्या कर देता है यह-

a. गंभीर एवं अचानक प्रकोपन है

b. हत्या है

c. हत्या की कोटि में आने वाला मानववध है

d. उपरोक्त सभी

 

542. 'हत्या के इरादे से '' को जहर की एक घातक खुराक देता है और तब जबकि '' जीवित था, एक अजनबी '' ने 'की जानकारी के बिना ही '' पर हमला कर दिया और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

a. 'तथा '' दोनों हत्या के दोषी हैं।

b. ‘आपराधिक मानववध का दोषी होगा जबकि '' हत्या का

c. 'हत्या के प्रयास का दोषी होगा जबकि '' हत्या का दोषी होगा

d. ''' को हत्या करने के लिए उकसाने का दोषी होगा और '' हत्या का दोषी होगा

 

543. ‘'' की हत्या के इरादे से एक सात वर्षीय शिशु '' को उकसाता है ताकि वह '' की हत्या कारित करने वाला एक कार्य कर दे। उकसावे के परिणामस्वरूप '' 'की अनुपस्थिति में वह कार्य कर देता है जिससे '' की मौत हो जाती है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. कोई अपराध नहीं, क्योंकि '‘हत्या के समय मौजूद नहीं था

b. साधारण उपहति पहुँचाने का अपराध करता है

c. हत्या के प्रयास का अपराध करता है

d. हत्या करता है।

 

544. एक संपेरा 'अपना खेल दिखाते समय साँप काटे का इलाज करने का दावा करता है। मृतक उसकी बात पर विश्वास करते हुए स्वयं को साँप से कटवाता है और मर जाता है किन्तु संपेरा उसे ठीक नहीं कर पाता। संपेरा किस अपराध का उत्तरदायी है-

a. हत्या

b. धोखा देना

c. आपराधिक मानववध का हो सकता है

d. किसी बात का नहीं

 

545. 'को ज्ञात है कि '' को एक दिमागी रोग है और यह भी ज्ञात है कि यदि उसके सिर को एक आघात दिया जाए तो वह मर सकता है। ''' के सिर पर आघात पहुँचाता है। '' मर जाता है। 'है-

a. हत्या की कोटि में आने वाले मानववध का

b. हत्या का दोषी

c. शारीरिक क्षति पहुँचाने का

d. किसी अपराध को दोषी नहीं

 

546. 'तथा '' दोनों '' की हत्या करने जाते हैं। 'हाथ में एक बल्लम के साथ पहरा देता है किन्तु '' को चोट नहीं पहुँचाता। '' '' की हत्या कर देता है।

a. केवल '' ही '' की हत्या का उत्तरदायी है।

b. 'तथा '' दोनों 'गं' की हत्या के उत्तरदायी हैं

c. 'उत्तरदायी नहीं है क्योंकि उसने कोई प्रकट कार्य नहीं किया है

d. उपरोक्त (a) तथा (c) दोनों

 

547. 'दवा की दुकान में एक बम रख देता है और अंदर मौजूद लोगों को बम फटने से पहले बाहर निकलने के लिए तीन मिनट का समय देता है। '' जो हड्डियों का रोगी है, नहीं भाग पाता और मारा जाता है। 'उत्तरदायी है-

a. हत्या का

b. आपराधिक मानववध का

c. लापरवाहीवश मौत का

d. सकल लापरवाहीवंश मौत कारित करना

 

548. '' 'द्वारा दिए गए प्रकोपन से उत्तेजित जुनून के प्रभाव में जानबूझकर 'के बच्चे '' की हत्या कर देता है। '' ने क्या अपराध किया है-

a. हत्या

b. हत्या की कोटि में आने वाले मानववध का

c.  कोई अपराध नहीं किया क्योंकि उसने '' को प्रकोपन के कारण मारा था

d.उसने '' की हत्या आवेश अथवा लापरवाहीपूर्वक कार्य करने के द्वारा कारित की थी जो आपराधिक मानववध नहीं होता

 

549. 'अकारण लोगों की एक भीड़ पर एक भरी हुई तोप चला देता है और उसमें से एक व्यक्ति मर जाता है। यद्यपि उसने किसी व्यक्ति विशेष की हत्या करने की कोई पूर्वयोजना नहीं बनाई हुई थी, तथापि उसने भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत अपराध किया है-

a. धारा 100

b. धारा 101

c. धारा 300

d. धारा 102

 

550. 'जानबूझकर '' को आंशिकतौर पर अवैध तरीके से खाना देकर और आंशिकतौर पर उसकी पिटाई करके उसकी मृत्यु कारित करता है। 'ने क्या अपराध किया है-

a. हत्या की कोटि में आने वाले मानववध

b. हत्या

c. घोर उपहति

d. उपहति

 

551. "सभी हत्याएं आपराधिक मानववध होती हैं किन्तु सभी आपराधिक मानववध हत्या नहीं होते" यह कथन किसका है-

a. न्यायमूर्ति माधवन नायर

b. न्यायमूर्ति मेलविन

c. न्यायमूर्ति शर्फुद्दीन

d. न्यायमूर्ति सुलेमान

 

552. अपवाद 5 के अनुसार, हत्या नहीं मानी जाएगी यदि:

a. मृत व्यक्ति आत्महत्या करने जा रहा हो

b. मृत व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से कम हो

c. मृत व्यक्ति, 18 वर्ष से अधिक का हो और स्वेच्छा से मृत्यु को सहन करता हो

d. मृत व्यक्ति का मानसिक संतुलन ठीक हो

 

553. प्रतिनिधिक दायित्व के सिद्धांत पर सर्वप्रथम निर्णय किस वाद में किया गया था?

a. आर. बनाम हग्गिन्स

b. आर. बनाम स्टीफेन्सन

c. आर. बनाम टॉल्सन

d. आर. बनाम प्रिंस

 

554. निम्नलिखित में से कौन सा वाद सामान्य आशय पर आधारित संयुक्त दायित्व के सिद्धांत से सम्बन्धित नहीं है?

a. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम एम्परर

b. महबूब शाह बनाम एम्परर

c. आई.एम. देसाई बनाम बॉम्बे राज्य

d. रेज बनाम गोविन्दा

 

555. के.एम. नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य का मामला सम्बन्धित है-

a. चोरी से

b. डकैती से

c. दुष्प्रेरण से

d. गंभीर एवं अचानक प्रकोपन से

 

556. सूची-1 को सूची-2 से सुमेलित करें तथा सूचियों के नीचे दी गई कूट संख्याओं का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें-

               सूची-1                                                 सूची-2

A. तुकाराम बनाम महाराष्ट्र                      1. जनरल .एस. वैद्य राज्य का मामला

B. नालिनी बनाम तमिलनाडु                    2. मथुरा रेप कांड राज्य

C. बारेन्द्र कुमार घोष बनाम एम्परर           3. पोस्टमास्टर हत्याकांड

D. महाराष्ट्र राज्य बनाम सुखदेव सिंह         4. राजीव गाँधी हत्याकांड

कूटः

   A B C D

a. 2 4 3 1

b. 1 4 23

c. 4 3 2 1

d. 3 1 2 4

 

557. निम्नलिखित में से किस वाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को भारतीय दंड संहिता की धारा 300(3) (भारतीय न्याय संहिता की धारा 101-3) के अनुप्रयोजनार्थ सही परीक्षण सामने लाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय का स्थान प्राप्त हुआ है?

a. कपूर सिंह बनाम पेप्सू का राज्य

b. विरसा सिंह बनाम पंजाब राज्य

c. के. एम. नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य

d. रावल पेंटा वेंकालू बनाम हैदराबाद राज्य

 

558. भारतीय दंड संहिता की धारा 299 तथा 300 के बीच के अंतर पर पहली बार निम्नलिखित में से किस वाद में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई थी-(भारतीय न्याय संहिता की धारा 100 तथा 101)

a. वासुदेव बनाम उत्तर प्रदेश

b. दाउ दयाल बनाम राज्य

c. ओम प्रकाश बनाम पंजाब राज्य

d. आर. बनाम गोविन्दा

 

559. निम्नलिखित प्रमुख वादों में से किसके अंतर्गत न्यायमूर्ति विवियन बोस ने आपराधिक मानव वध तथा हत्या के बीच अंतर किया था?

a. विरसा सिंह बनाम पंजाब राज्य, एआईआर 1958 एससी 465

b. शिवाजी साहबराव बोबोडे बनाम महाराष्ट्र राज्य, एआईआर 1973 एससी 2622

c. रुदुल शाह बनाम बिहार राज्य, एआईआर 1983 एससी 1086

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

560. आंध्र प्रदेश राज्य बनाम आर. पुन्नय्या का वाद भारतीय दंड संहिता की निम्नलिखित धाराओं में से किसके बीच अंतर से सम्बन्धित है?

a. धारा 501 तथा 502

b. धारा 299 तथा 300 (धारा 100 तथा 101 भारतीय न्याय संहिता)

c. धारा 304 तथा 304

d. धारा 305 तथा 306

 

561. "मृत्यु दंड दुर्लभतम में से दुर्लभ मामलों में ही दिया जाना चाहिए" किस वाद में धारित किया गया था-

a. बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य

b. रामेश्वर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

c. टी.वी. वाथीस्वरन बनाम तमिलनाडु राज्य

d. उत्तर प्रदेश राज्य बनाम एम. के. एंथोनी

 

562. धारा 102 के अंतर्गत, आपराधिक मानव वध किस स्थिति में भी लागू होता है?

a. जब कोई व्यक्ति आत्मरक्षा में कार्य करता है

b. जब किसी व्यक्ति की मृत्यु अनजाने में हो

c. जब किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, जबकि आशय किसी और को मारने का था

d. जब कोई मृत्यु दुर्घटनावश हो

 

563. यह अंग्रेज लेखकों द्वारा हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत कही गई बात को साकार करती है-

a. धारा 102

b. धारा 34

c. धारा 3(5)

d. धारा 301

 

564. 'का आशय '' को मारने का था किन्तु उसकी जगह उसने '' को मार दिया जिसे मारने का उसका कोई आशय नहीं था। किस सिद्धांत के अंतर्गत '‘'' की हत्या का उत्तरदायी है-

a. विस्तारित विद्वेष का सिद्धांत

b. आपराधिक मनःस्थिति का सिद्धांत

c. कम उत्तरदायित्व का सिद्धांत

d. हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत

 

565. 'जानबूझकर अपनी पिस्टल से '' पर चलाता है किन्तु यह '' को लग जाती है और वह मर जाता है। 'का अपराध है-'

a. हत्या का प्रयास

b. आपराधिक मानववध

c. धारा 101 के अंतर्गत हत्या

d. धारा 102 के अंतर्गत हत्या

 

566. 'का इरादा '' को मारने का था किन्तु उसने '' को मार दिया, जिसे मारने का उसका कोई इरादा नहीं था। किस सिद्धांत के अंतर्गत ''' की हत्या के लिए उत्तरदायी है-

a. आपराधिक मनःस्थिति का सिद्धांत

b. हस्तांतरित विद्वेष का सिद्धांत

c. विस्तारित विद्वेष का सिद्धांत

d. अभिकरण का सिद्धांत

 

567. 'ने हत्या के इरादे से जहर मिला "हलवा" '' को खिला दिया '' ने एक चम्मच हलवा खाया और उसे किनारे रख दिया। वहाँ बैठे '' ने इसे उठा लिया और पूरा खा लिया और मर गया। 'किस अपराध का दोषी हैं-

a. हत्या की कोटि में आने वाले मानववध का

b. '' की हत्या के अपराध का

c. यहाँ '‘हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि वह कभी भी '' की हत्या नहीं करना चाहता था.

d. गंभीर शारीरिक क्षति कारित करने का

 

568. यदि कोई व्यक्ति '' को मारने के इरादे से गोली चलाता है लेकिन गोली '' को लग जाती है और '' की मृत्यु हो जाती है, तो यह अपराध किस श्रेणी में आएगा?

a. दुर्घटनावश मृत्यु

b. हत्या नहीं मानी जाएगी

c. धारा 102 के अंतर्गत आपराधिक मानव वध

d. केवल चोट पहुंचाना

 

569. धारा 102 के अनुसार, दोषी को किस व्यक्ति की मृत्यु के आधार पर दंडित किया जाएगा?

a. जिसे उसने गलती से मारा

b. जिसे मारने का उसका कोई इरादा नहीं था

c. उस व्यक्ति के समान अपराध के लिए, जिसे मारने का आशय था

d. मृत व्यक्ति के रिश्तेदारों की शिकायत पर

 

570. धारा 103 के अनुसार, हत्या करने वाले व्यक्ति को क्या दण्ड दिया जा सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. केवल आजीवन कारावास

c. मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास और जुर्माना

d. एक वर्ष का साधारण कारावास

 

571. धारा 103 की उपधारा (2) के अंतर्गत, जब हत्या पाँच या अधिक व्यक्तियों के समूह द्वारा की जाती है, तो उस स्थिति में क्या माना जाएगा?

a. केवल वही व्यक्ति दोषी होगा जिसने हत्या की

b. केवल समूह का नेता दोषी होगा

c. समूह के प्रत्येक सदस्य को समान रूप से दण्डित किया जाएगा

d. समूह को रियायत मिलेगी

 

572. धारा 103 की उपधारा (2) में किस आधार पर हत्या को विशेष रूप से दण्डनीय माना गया है?

a. निजी दुश्मनी

b. राजनीतिक कारण

c. जाति, धर्म, लिंग, भाषा, आदि के आधार पर

d. संपत्ति विवाद

 

573. धारा 104 के अंतर्गत किस व्यक्ति पर यह विशेष दण्ड लागू होता है?

a. कोई भी व्यक्ति जो हत्या करता है

b. केवल सरकारी कर्मचारी

c. जो पहले से आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा हो और फिर हत्या करे

d. कोई नाबालिग

 

574. धारा 104 के अंतर्गत दोषी को क्या दण्ड दिया जा सकता है?

a. केवल आजीवन कारावास

b. केवल जुर्माना

c. मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास, जो शेष जीवनकाल तक चले

d. एक वर्ष की कैद

 

575. धारा 105 का संबंध किस अपराध से है?

a. चोरी

b. हत्या

c. हत्या की कोटि में आने वाला आपराधिक मानव वध के लिए दण्ड

d. आत्महत्या

 

576. यदि आपराधिक मानव वध किसी को मृत्यु या ऐसी शारीरिक क्षति पहुँचाने के आशय से किया गया हो जिससे मृत्यु होना सम्भाव्य हो, तो सजा क्या है?

a. दो वर्ष

b. दस वर्ष तक और जुर्माने से

c. सात वर्ष

d. दस वर्ष

 

577. धारा 105 के अनुसार, कारावास की अवधि क्या हो सकती है?

a. 10 वर्ष या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी

b. 7 वर्ष या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 3 वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी

c. आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी

d. 14 वर्ष के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी

 

578. उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 105

b. धारा 108

c. धारा 107

d. धारा 106

 

579. धारा 106 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी की मृत्यु करता है, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष का कारावास हो सकता है?

a. 2 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

580. भारतीय न्याय संहिता, की धारा 106 के अंतर्गत प्रत्येक चिकित्सक किसी व्यक्ति के आपरेशन में उपेक्षावश होने वाली मौत का तबतक उत्तरदायी नहीं होगा जबतक उसका इरादा आपराधिक रहा हो-

a. ज्ञानेन्द्र बनाम राज्य, 1972 एससी

b. सर्वेश्वर प्रसाद शर्मा बनाम राज्य, 1978 एससी

c. जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य, 2005 एससी

d. मुन्ना बनाम राज्य, 2005 एससी

 

581. 'ऐसे स्थान पर कुल्हाड़ी से लकड़ी काट रहा है। जहाँ बच्चे खेल रहे हैं। कुल्हाड़ी छिटक जाती है और उससे पास खड़ा एक बच्चा मर जाता है। '‘उत्तरदायी है-

a. कोई अपराध नहीं

b. हत्या का

c. आपराधिक मानववध का

d. उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना

 

582. धारा 106 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति वाहन को उतावलेपन या उपेक्षा से चलाते हुए किसी की मृत्यु करता है और फिर बिना रिपोर्ट किए भाग जाता है, तो उसे अधिकतम कितनी सजा हो सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. 14 वर्ष

 

583. बालक या विकृत चित व्यक्ति की आत्महत्या दुष्प्रेरण किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 105

b. धारा 108

c. धारा 107

d. धारा 106

 

584. धारा 107 के अंतर्गत आत्महत्या का दुष्प्रेरण करने पर अधिकतम दण्ड क्या हो सकता है?

a. 7 वर्ष कारावास

b. 10 वर्ष कारावास

c. आजीवन कारावास या मृत्यु दण्ड

d. मृत्यु या आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक कारावास और जुर्माना

 

585. आत्महत्या का दुष्प्रेरण किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 105

b. धारा 108

c. धारा 107

d. धारा 106

 

586. यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है और कोई अन्य व्यक्ति उसे इसके लिए दुष्प्रेरित करता है, तो दुष्प्रेरक को अधिकतम कितनी सजा हो सकती है?

a. 7 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 10 वर्ष और जुर्माने से

d. आजीवन कारावास

 

587. निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत हत्या करने का प्रयत्न दंडनीय है?

a. धारा 100

b. धारा 106

c. धारा 109

d. धारा 110

 

588. यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है कि यदि उसके द्वारा मृत्यु हो जाती, तो वह हत्या का दोषी होता, परंतु मृत्यु नहीं होती, तो अधिकतम सजा क्या है?

a. 5 वर्ष का कारावास

b. 7 वर्ष का कारावास

c. 10 वर्ष का कारावास और जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

589. यदि धारा 109 के तहत किए गए प्रयास से किसी व्यक्ति को चोट (उपहति) पहुँचती है, तो अपराधी को क्या सजा दी जा सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. केवल 10 वर्ष कारावास

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. मृत्युदण्ड

 

590. यदि हत्या के प्रयास का अपराध एक आजीवन कारावास की सजा काट रहा व्यक्ति करता है और उपहति होती है, तो उसे क्या सजा दी जा सकती है?

a. 10 वर्ष का कारावास

b. मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास (जीवन पर्यन्त)

c. केवल जुर्माना

d. सश्रम कारावास 5 वर्ष

 

591. निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत आपराधिक मानव वध दंडनीय है?

a. धारा 100

b. धारा 106

c. धारा 109

d. धारा 110

 

592. यदि कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है जिससे यदि मृत्यु हो जाती तो वह हत्या का दोषी होता, लेकिन मृत्यु नहीं होती, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष का कारावास हो सकता है?

a. पाँच वर्ष

b. सात वर्ष

c. तीन वर्ष, या जुर्माने से

d. पंद्रह वर्ष

 

593. भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत किन धाराओ को जोड़ा गया है, जो भारतीय दंड संहिता 1860 में अपराध के तौर पर परिभाषित नहीं थे?

a. धारा 101, 102, 103

b. धारा 115, 116, 177

c. धारा 111, 112, 113

d. धारा 114, 116, 117

 

594. संगठित अपराध भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 108

b. धारा 112

c. धारा 109

d. धारा 111

 

595. "संगठित अपराध सिंडिकेट" में न्यूनतम कितने व्यक्तियों का समूह होना चाहिए?

a. एक

b. दो

c. पाँच

d. दस

 

596. किस सजा से कम की सजा वाला अपराध "सतत् विधिविरुद्ध क्रियाकलाप" नहीं माना जाता है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन वर्ष

d. पाँच वर्ष

 

597. यदि संगठित अपराध के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो अपराधी को कितना दंड देना होगा?

a. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा जो दस लाख रुपए से कम नहीं होगा

b. आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा

c. चार वर्ष से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा

d. पांच वर्ष से कम नहीं होगा किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगी जो पांच लाख रुपए से कम नहीं होगा

 

598. यदि संगठित अपराध के परिणामस्वरूप किसी अन्य मामले में अपराधी को कितना दंड देना होगा?

a. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा जो दस लाख रुपए से कम नहीं होगा

b. आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा

c. चार वर्ष से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा

d. पांच वर्ष से कम नहीं होगा किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगी जो पांच लाख रुपए से कम नहीं होगा

 

599. संगठित अपराध का प्रयास, षड्यंत्र या दुष्प्रेरण करने वाले को न्यूनतम कितने वर्ष की सजा दी जा सकती है?

a. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा जो दस लाख रुपए से कम नहीं होगा

b. आजीवन कारावास से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा

c. चार वर्ष से दंडित होगा और ऐसे जुर्माने के लिए जो ₹2 लाख रुपए से कम नहीं होगा

d. पांच वर्ष से कम नहीं होगा किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगी जो पांच लाख रुपए से कम नहीं होगा

 

600. यदि कोई व्यक्ति, संगठित अपराध सिंडिकेट का सदस्य है, तो न्यूनतम सजा क्या है?

a. आजीवन कारावास

b. सात वर्ष

c. पाँच वर्ष

d. दस वर्ष

 

601. किस परिस्थिति में संगठित अपराधी को संश्रय देना अपराध नहीं माना जाएगा?

a. जब वह परिवार का सदस्य हो

b. जब संश्रय माता द्वारा किया गया हो

c. जब अपराधी का पति या पत्नी संश्रय करे

d. जब संश्रय बिना लाभ के किया गया हो

 

602. संगठित अपराध से प्राप्त संपत्ति को रखने पर न्यूनतम कितने वर्षों की सजा हो सकती है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो दस वर्ष तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा, जो दो लाख रुपए से कम नहीं होगा

d. पाँच वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो दस वर्ष तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा, जो एक लाख रुपए से कम नहीं होगा

 

603. यदि कोई व्यक्ति अवैध संपत्ति को कब्जे में रखता है और समाधानप्रद लेखा नहीं दे पाता है, तो अधिकतम सजा कितनी हो सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो दस वर्ष तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा, जो एक लाख रुपए से कम नहीं होगा

c. तीन वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु जो दस वर्ष तक हो सकेगी और ऐसे जुर्माने के लिए भी दायी होगा, जो एक लाख रुपए से कम नहीं होगा

d. आजीवन कारावास

 

604. "आर्थिक अपराध" की परिभाषा में निम्न में से क्या शामिल नहीं है?

a. कूटरचना

b. हवाला

c. सरकारी स्टाम्पों का कूटकरण

d. व्यक्तिगत हिंसा

 

605. छोटा संगठित अपराध भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 305

b. धारा 307

c. धारा 112

d. धारा 111

 

606. निम्नलिखित में से कौन-सा अपराध "छोटा संगठित अपराध" माना जाता है?

a. हत्या

b. लूट

c. झपटमारी

d. अपहरण

 

607. छोटा संगठित अपराध किसके द्वारा किया जाता है?

a. कोई अकेला व्यक्ति ही

b. सार्वजनिक अधिकारी

c. समूह या टोली का सदस्य, अकेले या संयुक्त रूप से

d. केवल पुलिस अधिकारी

 

608. निम्न में से कौन "चोरी" की परिभाषा में शामिल नहीं है जैसा कि धारा 112 में वर्णित है?

a. चालाकी से चोरी

b. कार्ड स्किमिंग

c. भीड़ में गाली देना

d. एटीएम से चोरी

 

609. छोटा संगठित अपराध करने पर न्यूनतम सजा क्या है?

a. 6 माह

b. 1 वर्ष

c. 2 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

610. छोटे संगठित अपराध के लिए अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. आजीवन

 

611. निम्न में से कौन "छोटा संगठित अपराध" नहीं है?

a. जुआ खेलना

b. अप्राधिकृत शर्त लगाना

c. दंगे करना

d. लोक परीक्षा प्रश्नपत्र का विक्रय

 

612. “टिकटों का अप्राधिकृत विक्रयकिस अपराध की श्रेणी में आता है?

a. संगठित अपराध

b. सामान्य अपराध

c. छोटा संगठित अपराध

d. साइबर अपराध

 

613. आतंकवादी कृत्य भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 110

b. धारा 113

c. धारा 112

d. धारा 111

 

614. धारा 113 के अनुसारआतंकवादी कृत्यकब माना जाएगा?

a. सार्वजनिक शौचालय की गंदगी फैलाने पर

b. रिपोर्ट लिखने के दौरान

c. बम, विस्फोटक या विष आदि से जनता या सरकार को डराने के उद्देश्य से कार्रवाई करने पर

d. किसी पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने के प्रयास में

 

615. निम्न में से किस कार्य को "लोक कृत्यकारी" द्वारा किए गए कृत्य के तहत आतंकवादी माना जा सकता है?

a. शिक्षक द्वारा परीक्षा लेना

b. सेवक द्वारा खाना परोसना

c. राजपत्र में अधिसूचित कोई लोक कृत्यकारी को धमकी देना या उस पर हमला करना

d. किसी बच्चा द्वारा स्कूल जाना

 

616. आतंकवादी कृत्य का परिणामस्वरूप किसी की मृत्यु हो जाने पर सजा क्या हो सकती है?

a. एक वर्ष कारावास

b. पाँच वर्ष कारावास

c. मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडित होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

d. कोई सजा नहीं

 

617. यदि आतंकवादी कृत्य में मृत्यु हो, तो अपराधी को कितने वर्ष की कैद दी जा सकती है?

a. 1 वर्ष और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

b. 3 वर्ष जुर्माने के लिए भी दायी होगा

c. पांच वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

d. 10 वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

 

618. धारा 113 उपधारा 3 के अनुसार, सभी अपराधजैसे षड्यंत्र, दुष्प्रेरण, तैयारीकी सजा कितनी होती है?

a. तीन वर्ष तक कारावास

b. पांच वर्ष से कम नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

c. मृत्युदण्ड

d. जुर्माना मात्र

 

619. आतंकवादी कृत्य की तैयारी, प्रशिक्षण या भर्ती कराने पर न्यूनतम कितना कारावास हो सकता है?

a. 2 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

620. यदि कोई व्यक्तिआतंकवादी संगठनका सदस्य है, तो उसके लिए न्यूनतम दण्ड क्या है?

a. 2 वर्ष कारावास

b. 4 वर्ष कारावास

c. 5 वर्ष कारावास

d. आजीवन कारावास तक हो सकेगी और जुर्माने के लिए

 

621. यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसे व्यक्ति को छिपाता है जिसने आतंकवादी कृत्य किया है, तो सज़ा क्या होगी?

a. कोई सजा नहीं

b. तीन वर्ष से कम नहीं होगी किन्तु आजीवन कारावास तक हो सकेगी और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

c. पाँच वर्ष कारावास

d. दस वर्ष कारावास

 

622. यदि कोई व्यक्ति आतंकवादी कृत्य से प्राप्त संपत्ति जानबूझकर रखता है, तो उसे किस दण्ड का सामना करना पड़ेगा?

a. जुर्माना मात्र

b. छह महीने का कारावास

c. आजीवन कारावास और जुर्माना

d. केवल चेतावनी

 

623. उपहति को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में  परिभाषित किया गया है-

a. धारा 114

b. धारा 115

c. धारा 116

d. धारा 117

 

624. भारतीय दंड संहिता की धारा 114 मेंउपहतिका क्या अर्थ है?

a. मानसिक तनाव देना

b. शारीरिक पीड़ा, रोग या अंग-शैथिल्य कारित करना

c. संपत्ति को नुकसान पहुँचाना

d. किसी की भावनाओं को आहत करना

 

625. स्वेच्छया उपहति कारित करना को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में  परिभाषित किया गया है-

a. धारा 114

b. धारा 115

c. धारा 116

d. धारा 117

 

626. "स्वेच्छया उपहति कारित करना" का अर्थ है:

a. बिना किसी उद्देश्य के किसी को चोट पहुँचाना

b. भूलवश किसी को हानि पहुँचाना

c. जानबूझकर या जानकारी के साथ किसी व्यक्ति को शारीरिक हानि पहुँचाना

d. केवल मानसिक कष्ट देना

 

627. धारा 115 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. 6 महीने

b. 1 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

628. स्वेच्छया उपहति कारित करने के लिए अधिकतम जुर्माना क्या हो सकता है?

a. ₹5,000

b. ₹7,000

c. ₹10,000

d. ₹15,000

 

629. घोर उपहति को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में  परिभाषित किया गया है-

a. धारा 114

b. धारा 115

c. धारा 116

d. धारा 117

 

630. भारतीय न्याय संहिता की धारा 116 के अंतर्गत कितने प्रकार की उपहति को घोर उपहति में शामिल किया गया है-

a. 5

b. 6

c. 7

d. 8

 

631. कोई भी उपहति 'घोर' होती है यदि यह शरीर में भीषण दर्द उत्पन्न करे अथवा व्यक्ति निम्न में से कितने दिनों के लिए अपनी सामान्य दिनचर्या पालन करने में अयोग्य हो जाए-

a.15 दिन

b. 20 दिन

c. 25 दिन

d. 30 दिन

 

632. ‘ने '' के चार दाँत तोड़ दिए। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. उपहति कारित करने का प्रयत्न

b. उपहति कारित करना

c. घोर उपहति कारित करना

d. हत्या का प्रयास

 

633. 'को '' पीटता है, इस कृत्य में 'के कंधे का विसंधान (अस्थि भंग नहीं) हो जाता है।'' उत्तरदायी है।

a. साधारण उपहति

b. गंभीर उपहति

c. हमला

d. बलवा

 

634. किस प्रकार की उपहति गंभीर नहीं होती-

a. कोई भी चोट जो जीवन को खतरे में डाले

b. कोई भी चोट जो पीड़ित को 10 दिनों के लिए गंभीर शारीरिक पीड़ा से ग्रसित कर दे

c. दोनों में से किसी भी आँख से स्थाईतौर पर वंचित कर दे

d. किसी अंग अथवा जोड़ से वंचित कर दे

 

635. निम्नलिखित में से कौन-सी उपहति "घोर उपहति" की श्रेणी में आती है?

a. मामूली खरोंच

b. सिर या चेहरे का स्थायी विद्रूपीकरण

c. त्वचा पर जलन

d. एक दिन की बुखार

 

636. किसी व्यक्ति की दृष्टि का स्थायी रूप से चला जाना "घोर उपहति" माना जाएगा जब:

a. केवल एक आँख की रोशनी अस्थायी रूप से जाए

b. दोनों आंखों में धुंध दिखे

c. किसी एक नेत्र की दृष्टि का स्थायी विच्छेद हो

d. सिर्फ चश्मा लगाना पड़े

 

637. अस्थि का भंग या विसंधान निम्न में से किस धारा के अंतर्गत "घोर उपहति" में आता है?

a. धारा 114

b. धारा 115

c. धारा 116

d. धारा 117

 

638. यदि उपहत व्यक्ति 15 दिनों तक तीव्र शारीरिक पीड़ा में रहता है, तो यह किस प्रकार की उपहति मानी जाती है?

a. सामान्य उपहति

b. संयोगवश उपहति

c. घोर उपहति

d. मानसिक पीड़ा

 

639. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

a. किसी भी अंग की शक्ति का स्थायी ह्रास "घोर उपहति" है

b. केवल चेहरे पर चोट आना घोर उपहति है

c. पंद्रह दिन तक सामान्य कार्य कर पाना घोर उपहति है

d. दांत का टूटना भी घोर उपहति है

 

640. स्वेच्छया घोर उपहति को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित किया गया है-

a. धारा 114

b. धारा 115

c. धारा 116

d. धारा 117

 

641. "स्वेच्छया घोर उपहति" तब मानी जाती है जब:

a. उपहति आकस्मिक रूप से हो

b. उपहति मामूली हो

c. कारित की गई उपहति "घोर उपहति" हो और उसका आशय या ज्ञान भी हो

d. कोई मानसिक आघात पहुँचे

 

642. अगर किसी व्यक्ति को यह आशय है कि वह चेहरे को स्थायी रूप से विद्रूपित करेगा, लेकिन परिणामस्वरूप उसे 15 दिन तक तीव्र पीड़ा होती है, तो यह माने जाएगा:

a. आकस्मिक चोट

b. सामान्य उपहति

c. जान से मारने का प्रयास

d. स्वेच्छया घोर उपहत

 

643. यदि किसी व्यक्ति को ऐसी उपहति होती है जिससे वह स्थायी दिव्यांगता का शिकार हो जाता है, तो अपराधी को क्या दंड दिया जा सकता है?

a. एक वर्ष की सजा

b. केवल जुर्माना

c. दस वर्ष से कम नहीं, किन्तु आजीवन कारावास तक

d. तीन वर्ष की सजा

 

644. यदि 5 या अधिक व्यक्ति सामान्य मति से कार्य करते हुए किसी व्यक्ति को उसकी जाति, भाषा या मूलवंश के आधार पर घोर उपहति करते हैं, तो:

a. केवल मुख्य अपराधी दोषी होगा

b. केवल मानसिक पीड़ा मानी जाएगी

c. समूह के प्रत्येक सदस्य को दोषी माना जाएगा

d. अपराध नहीं माना जाएगा

 

645. खतरनाक साधनों द्वारा उपहति को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित किया गया है-

a. धारा 116

b. धारा 115

c. धारा 118

d. धारा 117

 

646. दो व्यक्ति 'तथा '' आपस में लड़ 'जाते हैं। 'के पास एक ब्लेड था जिससे वह '' के चेहरे पर चोट पहुँचाता है जिससे '' के चेहरे पर एक स्थाई दाग पड़ जाता है। 'किस अपराध को कारित करने का दोषी है-

a. तीखे धारदार हथियार से घोर उपहति पहुंचाने का

b. जल्दबाजी अथवा लापरवाहीपूर्ण कार्य द्वारा गंभीर चोट पहुँचाने का

c. तीखे धारदार हथियार से साधारण चोट पहुँचाने का

d. जल्दबाजी अथवा लापरवाहीपूर्ण कार्य द्वारा साधारण चोट पहुँचाने का

 

647. निम्न में से कौन सा उपकरण खतरनाक आयुध की श्रेणी में आता है यदि उससे उपहति की जाए?

a. लाठी

b. रबर की वस्तु

c. गोली मारने, वेधने या काटने वाला उपकरण

d. तकिया

 

648. धारा 118 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छया खतरनाक साधनों द्वारा उपहति करता है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 1 वर्ष का कारावास

b. केवल जुर्माना

c. 3 वर्ष का कारावास या ₹20,000 तक जुर्माना या दोनों

d. मृत्युदंड

 

649. निम्न में से कौन सा कथन सही है?

a. खतरनाक साधनों से उपहति केवल तभी अपराध है जब मृत्यु हो

b. जानबूझकर खतरनाक साधनों से उपहति करना धारा 118 के अंतर्गत अपराध है

c. विष का प्रयोग अपराध की श्रेणी में नहीं आता

d. केवल शारीरिक चोट को ही घोर उपहति माना जाता है

 

650. धारा 119 के अंतर्गत, उपहति का उद्देश्य क्या होता है?

a. सिर्फ चोट पहुँचाना

b. मनोरंजन के लिए डराना

c. सम्पत्ति उद्दापित करना या अवैध कार्य के लिए मजबूर करना

d. आत्मरक्षा करना

 

651. यदि कोई व्यक्ति, किसी को अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने हेतु स्वेच्छया उपहति करता है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 5 वर्ष का कारावास

b. 7 वर्ष का कारावास

c. 10 वर्ष का कारावास + जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

652. निम्न में से किस प्रकार की उपहति पर आजीवन कारावास तक की सजा संभव है?

a. आकस्मिक चोट

b. स्वेच्छया घोर उपहति, यदि उसका उद्देश्य अवैध कार्य कराना हो

c. भावनात्मक ठेस

d. उपहति जो खेल के दौरान हुई हो

 

653. धारा 119 के तहत अपराध कब माना जाता है?

a. जब चोट बिना किसी उद्देश्य के दी गई हो

b. जब केवल मौखिक धमकी दी गई हो

c. जब उपहति का उद्देश्य संपत्ति उद्दापित करना हो

d. जब केवल मानसिक पीड़ा दी गई हो

 

654. धारा 120 के अंतर्गत उपहति का उद्देश्य क्या होता है?

a. सिर्फ मानसिक तनाव देना

b. संस्वीकृति या जानकारी प्राप्त करना अथवा सम्पत्ति वापस कराना

c. चिकित्सा परीक्षण करना

d. डराने के लिए चोट पहुँचाना

 

655. धारा 120 की उपधारा (1) के अंतर्गत अधिकतम सजा क्या है?

a. 3 वर्ष तक का कारावास

b. 5 वर्ष तक का कारावास

c. 7 वर्ष तक का कारावास + जुर्माना

d.केवल जुर्माना

 

656. यदि कोई राजस्व अधिकारी, बकाया वसूलने हेतु यातना देता है, तो वह किस धारा के अंतर्गत दोषी होगा?

a. धारा 117

b. धारा 119

c. धारा 120

d. धारा 118

 

657. धारा 121 का मुख्य उद्देश्य किसकी सुरक्षा करना है?

a. आम नागरिक

b. निजी कर्मचारियों

c. लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन की

d. अपराधियों की

 

658. यदि कोई व्यक्ति लोक सेवक को अपने वैधानिक कर्तव्यों से भयभीत करने के लिए स्वेच्छया उपहति करता है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

659. घोर उपहति कारित करने पर न्यूनतम सजा क्या निर्धारित है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष

d. 2 वर्ष

 

660. यदि किसी लोक सेवक को अपने कर्तव्य से निवारित करने हेतु घोर उपहति कारित की जाती है, तो अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

661. यदि कोई व्यक्ति गंभीर और अचानक प्रकोपन में किसी को स्वेच्छया उपहति करता है, तो सजा क्या हो सकती है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 महीना या ₹5,000 जुर्माना या दोनों से

d. 1 वर्ष या ₹5,000 जुर्माना

 

662. स्वेच्छया घोर उपहति के मामलों में सजा क्या है जब कृत्य गंभीर और अचानक प्रकोपन में किया गया हो?

a. 3 वर्ष या ₹10,000 जुर्माना

b. 5 वर्ष या ₹10,000 जुर्माना या दोनों से

c. 7 वर्ष या ₹10,000 जुर्माना या दोनों से

d. 10 वर्ष या ₹10,000 जुर्माना

 

663. यदि उपहति उस व्यक्ति के अतिरिक्त किसी अन्य को कारित हो, जिसने प्रकोपन दिया, तो आरोपी पर धारा 122 कब लागू नहीं होगी?

a. जब जानबूझकर किया गया हो

b. जब आरोपी का आशय किसी अन्य को चोट पहुँचाने का हो

c. जब आरोपी यह सम्भाव्य जानता हो कि कोई और घायल हो सकता है

d. उपर्युक्त सभी

 

664. धारा 122 किस धारा के अपवादों के अधीन है?

a. धारा 96

b. धारा 101 के अपवाद 1

c. धारा 124

d. धारा 117

 

665. धारा 124 के तहत किस प्रकार की कार्रवाई "स्वेच्छया घोर उपहति" मानी जाती है?

a. केवल चोट पहुँचाना

b. किसी व्यक्ति पर अम्ल फेंकना या अम्ल देना जिससे स्थायी या आंशिक नुकसान हो

c. केवल मारपीट करना

d. केवल धमकी देना

 

666. धारा 124 के अनुसार, स्वेच्छया घोर उपहति करने पर सजा की न्यूनतम अवधि क्या है?

a. 1 वर्ष और जुर्माने से

b. 5 वर्ष और जुर्माने से

c. 7 वर्ष और जुर्माने से

d. दस वर्ष से आजीवन कारावास और जुर्माने से भी दंडनीय होगा

 

667. धारा 124 के अनुसार, पीड़ित के उपचार के खर्चे के लिए जुर्माना किसे दिया जाएगा?

a. सरकार को

b. अभियुक्त को

c. पीड़ित को

d. अदालत को

 

668. यदि कोई व्यक्ति अम्ल फेंकने का प्रयास करता है, पर सफल नहीं होता, तो क्या धारा 124 लागू होगी?

a. हाँ, क्योंकि प्रयास भी दण्डनीय है

b. नहीं, क्योंकि प्रयास असफल रहा

c. केवल जुर्माना लगेगा

d. केवल चेतावनी दी जाएगी

 

669. धारा 124 के तहत अम्ल फेंकने का क्या दंड है यदि स्थायी या आंशिक नुकसान नहीं होता?

a. न्यूनतम 1 वर्ष कारावास और जुर्माने का भी दायी होगा

b. 3 वर्ष कारावास और जुर्माने का भी दायी होगा

c. पांच वर्ष से सात वर्ष तक, और जुर्माने का भी दायी होगा

d. केवल जुर्माना

 

670. कार्य, जिससे मानव जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न होती है,  भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है-

a. धारा 126

b. धारा 125

c. धारा 118

d. धारा 117

 

671. धारा 125 के अनुसार, जो कोई ऐसे कार्य करता है जिससे मानव जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न होती है, वह किस प्रकार की सजा का पात्र होगा?

a. 3 माह तक कारावास या जुर्माना 2,500 रुपये तक या दोनों

b. 6 माह तक कारावास या जुर्माना 5,000 रुपये तक या दोनों

c. 1 वर्ष तक कारावास या जुर्माना 10,000 रुपये तक या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

672. यदि उपहति कारित की जाती है, तो धारा 125 के अनुसार अधिकतम सजा क्या होगी?

a. 3 माह तक कारावास या जुर्माना 2,500 रुपये तक या दोनों

b. 6 माह तक कारावास या जुर्माना 5,000 रुपये तक या दोनों

c. 1 वर्ष तक कारावास या जुर्माना 10,000 रुपये तक या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

673. यदि घोर उपहति कारित की जाती है, तो धारा 125 के अनुसार अधिकतम सजा क्या होगी?

a. 6 माह तक कारावास या जुर्माना 5,000 रुपये तक या दोनों

b. 1 वर्ष तक कारावास या जुर्माना 10,000 रुपये तक या दोनों

c. 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना 10,000 रुपये तक या दोनों

d. 5 वर्ष तक कारावास

 

674. सदोष अवरोध भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है-

a. धारा 116

b. धारा 125

c. धारा 126

d. धारा 117

 

675. सदोष अवरोध का अर्थ क्या है?

a. किसी व्यक्ति को गलत सूचना देना

b. किसी व्यक्ति को उसकी अनुमति के बिना बाधा डालना जिससे वह जाने से रोका जाए

c. किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करना

d. किसी व्यक्ति का सामान चुराना

 

676. निम्न में से कौन सा उदाहरण सदोष अवरोध नहीं माना जाएगा?

a. किसी सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करना

b. किसी प्राइवेट मार्ग में बाधा डालना, जहाँ बाधा डालने का विधिपूर्ण अधिकार है

c. किसी व्यक्ति को रास्ते से रोकना बिना किसी अधिकार के

d. किसी व्यक्ति के घर के बाहर खड़ा होकर उसे जाने से रोकना

 

677. सदोष अवरोध का दंड क्या है?

a. आजीवन कारावास

b. एक माह तक का साधारण कारावास या जुर्माना 5,000 रुपये तक या दोनों

c. 3 वर्ष का कारावास

d. जुर्माना 20,000 रुपये

 

678. यदि कोई व्यक्ति बिना अधिकार के दूसरे को उस दिशा में जाने से रोकता है जहाँ उसका जाने का अधिकार है, तो वह क्या करता है?

a. हत्या

b. सदोष अवरोध

c. घोर उपहति

d. चोरी

 

679. सदोष परिरोध भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित है-

a. धारा 116

b. धारा 125

c. धारा 126

d. धारा 127

 

680. सदोष परिरोध क्या है?

a. किसी व्यक्ति को जान से मारना

b. किसी व्यक्ति को निश्चित परिसीमा से परे जाने से रोकना

c. किसी व्यक्ति के सामान को छीन लेना

d. किसी व्यक्ति को धमकाना

 

681. निम्न में से कौन सा उदाहरण सदोष परिरोध का उदाहरण है?

a. किसी व्यक्ति के चेहरे पर चोट करना

b. किसी व्यक्ति को बंद कमरे में बंद करके बाहर जाने से रोकना

c. किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन छीनना

d. किसी व्यक्ति को झूठी गवाही देना

 

682. सदोष परिरोध के लिए दंड क्या हो सकता है?

a. पाँच वर्ष तक का कारावास और जुर्माना कम से कम दस हजार रुपए

b. तीन माह का कारावास

c. 1 वर्ष तक का कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना

d. कोई दंड नहीं

 

683. सदोष परिरोध के लिए दंड क्या हो सकता है यदि व्यक्ति को दस या अधिक दिनों के लिए परिरोधित किया जाए?

a. पाँच वर्ष तक का कारावास और जुर्माना कम से कम दस हजार रुपए

b. तीन माह का कारावास

c. एक वर्ष का जुर्माना

d. कोई दंड नहीं

 

684. यदि कोई व्यक्ति तीन या अधिक दिनों तक किसी का सदोष परिरोध करता है, तो उसका दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना 10,000 रुपये तक या दोनों

b. छह माह का कारावास

c. जुर्माना 5000 रुपये

d. कोई दंड नहीं

 

685. भारतीय न्याय सहिता की धारा 127 के अंतर्गत एक लोकसेवक को उसके कर्तव्य पालन से रोकने के लिए जानबुझकर उपहति पहुँचाने के अपराध लिए क्या न्याय दिया जा सकता है-

a. तीन वर्ष तक का कारावास और जुर्माना 

b. पाँच वर्ष तक का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों

c. सात वर्ष तक का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों

d. दस वर्ष तक का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों

 

686. ''' को एक चाहरदिवारी के अंदर जाने को बाध्य करता है और उसे बंद कर देता है। '' इस प्रकार से किसी भी दिशा में जाने से रोक दिया जाता है। 'के द्वारा निम्नलिखित में से कौन सा अपराध किया गया है?

a. अपहरण

b. सदोष अवरोध

c. सदोष परिरोध

d. व्यपहरण

 

687. जेल का एक डाक्टर किसी कैदी को उसकी इच्छा के विरूद्ध एनिमा देने हेतु एक कोठरी में परिरूद्ध कर देता है। वह दोषी हैं-

a. किसी अपराध का नहीं

b. व्यपहरण का

c. सदोष परिरोध का

d. सदोष अवरोध का

 

688. "" एक भवन के बाहर जाने के द्वारों पर बंदूकधारी मनुष्यों को बैठा देता है और "" से कह देता है कि यदि "" भवन के बाहर जाने का प्रयास करेगा, तो वे "" को गोली मार देंगे-

a. "", "" का सदोष अवरोध करता है।

b. "", "" को सदोष बाधा डालता है।

c. "", "" का सदोष परिरोध करता है

d. "‘’ "", "" का सदोष अवरोध देता है।

 

689. 'अपनी कार से दिल्ली से आगरा जा रहा था। मार्ग में उसे '' मिला और उसने मथुरा तक की लिफ्ट माँगी जो अगला शहर था। 'ने उसका निवेदन स्वीकार कर लिया किन्तु मथुरा पहुँचने पर उसने '' के बारबार निवेदन करने पर भी उसे वहाँ नहीं उतारा और उसे उसकी इच्छा के विरूद्ध आगरा ले गया।

a. 'किसी अपराध का दोषी नहीं है।

b. 'अपहरण के अपराध का दोषी है।

c. 'सदोष परिरोधं के अपराध का दोषी है।

d. 'आपराधिक बलप्रयोग के अपराध का दोषी है।

 

690. भारतीय न्याय संहिता की निम्न में से कौन-सी धारा बल से संबंधित है?

a. धारा 128

b. धारा 129

c. धारा 127

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

691. धारा 128 के अनुसार, किसी व्यक्ति पर बल प्रयोग तब कहा जाता है जब:

a. केवल जब उसे धक्का दिया जाए

b. जब कोई व्यक्ति किसी अन्य में गति, गति-परिवर्तन या गतिहीनता कारित करता है

c. जब कोई व्यक्ति केवल चिल्लाता है

d. जब कोई जानबूझकर दूसरे का अपमान करता है

 

692. बल प्रयोग की शर्तों में कौन-सा विकल्प शामिल नहीं है?

a. अपनी निजी शारीरिक शक्ति द्वारा

b. पदार्थ के व्ययन द्वारा

c. मानसिक दबाव द्वारा

d. किसी जीव-जन्तु को उत्प्रेरित कर

 

693. यदि कोई व्यक्ति किसी वस्तु को इस प्रकार फेंकता है जिससे वह वस्तु दूसरे व्यक्ति को छूती है, यह क्या कहलाएगा?

a. शोरगुल

b. बल प्रयोग

c. गाली-गलौच

d. धमकी

 

694. निम्न में से कौन-सा बल प्रयोग का वैध तरीका है जैसा कि धारा 128 में बताया गया है?

a. धमकाना

b. गाली देना

c. किसी पदार्थ का उपयोग इस तरह करना कि वह किसी को स्पर्श करे

d. कानूनी आदेश देना

 

695. क्या कोई व्यक्ति बल प्रयोग करता है यदि वह किसी वस्तु को इस तरह से गति देता है कि वह किसी व्यक्ति की कपड़ों या सामान को स्पर्श करे?

a. नहीं, जब तक चोट पहुंचे

b. हाँ, क्योंकि वस्तु व्यक्ति के साथ संपर्क में आई

c. नहीं, यदि इरादा नहीं था

d. केवल जब वह जानबूझकर किया गया हो

 

696. भारतीय न्याय संहिता की निम्न में से कौन-सी धारा आपराधिक बल से संबंधित है?

a. धारा 128

b. धारा 129

c. धारा 127

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

697. "आपराधिक बल" किस स्थिति में कहा जाता है?

a. जब कोई व्यक्ति किसी पर मज़ाक करता है

b. जब कोई व्यक्ति दूसरे को जान-बूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए बल प्रयोग करता है

c. जब कोई व्यक्ति खेल में किसी से टकराता है

d. जब कोई बिना कारण चिल्लाता है

 

698. निम्न में से कौन-सा उदाहरण "आपराधिक बल" है?

a. सहमति से किसी का हाथ पकड़ना

b. पानी में पत्थर फेंकना जो व्यक्ति के वस्त्रों पर उछलकर गिरता है

c. किसी को नमस्कार करना

d. व्यक्ति के कहने पर उसके पीछे चलना

 

699. यदि कोई व्यक्ति किसी महिला का घूंघट जानबूझकर हटा देता है, तो यह क्या कहलाएगा?

a. धारण शिष्टाचार

b. सामाजिक अपराध

c. आपराधिक बल

d. अनुशासनहीनता

 

700. ने की सम्मति के बिना की नाव को खोल कर बहा दिया। यदि का आशय को क्षति या भय पहुंचाना था, तो यह क्या होगा?

a. सिविल विवाद

b. साधारण बल

c. आपराधिक बल

d. आत्मरक्षा

 

701. एक कुत्ते को पर झपटने के लिए भड़काता है, इसका अर्थ है:

a. जानवर को शरारती बनाना

b. आपराधिक बल का प्रयोग

c. स्वतः रक्षा

d. मज़ाक

 

702. बल के प्रयोग में व्यक्ति द्वारा गति उत्पन्न की जा सकती है:

a. केवल बोलकर

b. शारीरिक शक्ति द्वारा, पदार्थ के व्ययन से या जीव-जन्तु को उत्प्रेरित करके

c. मानसिक दबाव से

d. मौन रहकर

 

703. भारतीय न्याय संहिता की निम्न में से कौन-सी धारा हमला" से संबंधित है?

a. धारा 128

b. धारा 129

c. धारा 130

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

704. "हमला" (Assault) का अभिप्राय क्या है?

a. किसी को गाली देना

b. बिना स्पर्श किए आपराधिक बल के प्रयोग की आशंका उत्पन्न करना

c. चोरी करना

d. मारपीट करना

 

705. क्या केवल शब्द "हमला" की श्रेणी में आते हैं?

a. हाँ, शब्द ही काफी हैं

b. नहीं, शब्द कभी हमला नहीं होते

c. नहीं, लेकिन शब्दों के साथ किए गए अंगविक्षेप या तैयारी हमला हो सकते हैं

d. शब्द और विचार दोनों हमला हैं

 

706. निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण 'हमला' माना जाएगा?

a. कोई व्यक्ति क्रोध में चिल्लाता है

b. कोई व्यक्ति दूर से देखकर चुप रहता है

c. कोई व्यक्ति इस आशय से मुक्का हिलाता है कि सामने वाले को लगे कि वह मारने वाला है

d. कोई व्यक्ति किसी को देखकर मुस्कुराता है

 

707. , से कहता है – "मैं तुम्हें पीटूंगा" और एक छड़ी उठा लेता है। यह क्या है?

a. सिर्फ धमकी

b. केवल बात करने का तरीका

c. हमला

d. उपेक्षा योग्य व्यवहार

 

708. हमला करने के लिए क्या आवश्यक है?

a. शारीरिक चोट

b. शारीरिक स्पर्

c. आपराधिक बल की आशंका उत्पन्न करने का आशय या ज्ञान

d. पुलिस रिपोर्ट

 

709. हमला की श्रेणी में कौन-सा कार्य आता है?

a. किसी को थप्पड़ मारना

b. केवल आँख मारना

c. छड़ी उठाकर लहराना इस आशय से कि सामने वाले को लगे कि मारने वाला है

d. पीछे से हमला करना

 

710. , एक उग्र कुत्ते की मुखबन्धनी इस आशय से खोलता है कि को लगे वह उस पर हमला करवाने वाला है। यह क्या है?

a. कुत्ते की देखभाल

b. साधारण हरकत

c. हमला

d. धमकी

 

711. भारतीय न्याय संहिता की निम्न में से कौन-सी धारा गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड " से संबंधित है?

a. धारा 128

b. धारा 129

c. धारा 131

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

712. धारा 131 के अंतर्गत दण्ड कब दिया जाता है?

a. जब कोई व्यक्ति गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर हमला करता है

b. जब कोई व्यक्ति बिना किसी गम्भीर और अचानक प्रकोपन के हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है

c. जब कोई लोक सेवक अपने कर्तव्य का पालन करता है

d. जब कोई व्यक्ति आत्मरक्षा करता है

 

713. धारा 131 के तहत क्या दण्ड है?

a. एक वर्ष

b. छह माह या जुर्माने जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों

c. तीन मास या जुर्माने जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों

d. दो वर्ष

 

714. निम्न में से कौन-सी स्थिति में प्रकोपन को अपराध के दण्ड में कमी का आधार नहीं माना जाएगा?

a. जब प्रकोपन स्वेच्छया अपराधी द्वारा उत्पन्न किया गया हो

b. जब प्रकोपन आत्मरक्षा में किया गया हो

c. जब प्रकोपन विधि के पालन में हो

d. उपरोक्त सभी

 

715. धारा 132 के अंतर्गत दण्ड कब लागू होता है?

a. जब कोई व्यक्ति आत्मरक्षा में हमला करता है

b. जब कोई व्यक्ति लोक सेवक के आदेश का पालन करता है

c. जब कोई व्यक्ति किसी लोक सेवक पर कर्त्तव्य के निर्वहन से रोके या भयभीत करने हेतु हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है

d. जब कोई व्यक्ति केवल गाली देता है

 

716. धारा 132 के तहत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी हो सकती है?

a. 6 माह और जुर्माना

b. 1 वर्ष और जुर्माना

c. 2 वर्ष और जुर्माना

d. 3 वर्ष और जुर्माना

 

717. धारा 133 के अनुसार अपराध किस आशय से किया जाता है?

a. किसी को घायल करने के लिए

b. चोरी के लिए

c. किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से

d. आत्मरक्षा में हमला करने के लिए

 

718. धारा 133 के तहत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. 6 माह और जुर्माना

b. 1 वर्ष और जुर्माना

c. 2 वर्ष और जुर्माना

d. 3 वर्ष और जुर्माना

 

719. धारा 134 किस अपराध से संबंधित है?

a. धोखाधड़ी

b. हत्या

c. चोरी के प्रयत्न में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. रिश्वत देना

 

720. धारा 135 किस अपराध से संबंधित है?

a. हत्या का प्रयास

b. धोखाधड़ी

c. किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करने के प्रयत्न में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. महिला पर हमला

 

721. धारा 135 किस अपराध से संबंधित है?

a. धोखाधड़ी

b. हत्या

c. गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. रिश्वत देना

 

722. धारा 137 किस अपराध से संबंधित है?

a. धोखाधड़ी

b. हत्या

c. गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. व्यपहरण

 

723. व्यपहरण की कितनी किस्में हैं?

a. एक

b. दो

c. तीन

d. चार

 

724. भारत में से व्यपहरण क्या है?

a. किसी व्यक्ति को उसकी सहमति से भारत के बाहर ले जाना

b. किसी व्यक्ति को उसकी या वैध प्राधिकृत व्यक्ति की सहमति के बिना भारत की सीमाओं से बाहर ले जाना

c. किसी बच्चे को स्कूल भेजना

d. किसी व्यक्ति को भारत में कहीं भी ले जाना

 

725. विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण किसे कहते हैं?

a. शिशु या विकृतचित्त व्यक्ति को उनके संरक्षक की सहमति के बिना ले जाना या बहकाना

b. किसी को भारत के अंदर से बाहर ले जाना

c. किसी बच्चे को स्कूल भेजना

d. किसी व्यक्ति का अपहरण

 

726. "विधिपूर्ण संरक्षक" किसे कहा जाता है?

a. जो किसी बच्चे का पिता हो

b. जो बच्चे या विकृतचित्त व्यक्ति की देख-रेख या अभिरक्षा का विधिपूर्वक भार ग्रहण करता है

c. कोई भी व्यक्ति

d. कोई शिक्षक

 

727. व्यपहरण का दंड क्या है?

a. कारावास अधिकतम 1 वर्ष

b. कारावास अधिकतम 3 वर्ष और जुर्माना

c. कारावास अधिकतम 7 वर्ष और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

728. व्यपहरण की इस धारा का अपवाद किस स्थिति में लागू होता है?

a. जब कोई व्यक्ति बच्चों को स्कूल भेजे

b. जब कोई सद्भावपूर्वक यह विश्वास करता है कि वह शिशु का पिता या विधिपूर्ण संरक्षक है, जब तक कि उद्देश्य अनैतिक हो

c. जब कोई व्यक्ति विदेश यात्रा करता है

d. जब कोई व्यक्ति बिना अनुमति के घर से बाहर निकलता है

 

729. व्यपहरण में शिशु की सहमति-

a. पूर्णतः महत्वहीन होती है।

b. आंशिकतौर पर महत्वहीन होती है

c. पूर्णतः महत्वपूर्ण होती है

d. आंशिकतौर पर महत्त्वपूर्ण होती है

 

730. व्यपहरण के अपराध के लिए शिशु की आयु क्या होनी चाहिए?

a. यदि पुरुष है तो तो 21 वर्ष से कम तथा महिला हो तो 18 वर्ष से कम

b. अठ्ठारह वर्ष

c. यदि पुरुष है तो तो 16 वर्ष से कम तथा महिला हो तो 18 वर्ष से कम

d. भारतीय न्याय संहिता की धारा 2(3) के अनुसार शिशु की आयु (18 वर्ष से कम का कोई भी बालक पुरुष हो या महिला)

 

731. धारा 138 किस अपराध से संबंधित है?

a. धोखाधड़ी

b. हत्या

c. गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. अपहरण

 

732. अपहरण का क्या अर्थ है?

a. किसी व्यक्ति को बिना अनुमति के उसके घर भेजना

b. किसी व्यक्ति को किसी स्थान से जाने के लिए बल या छल से विवश करना

c. किसी व्यक्ति को उसके घर में रखना

d. किसी व्यक्ति को उसके काम पर भेजना

 

733. अपहरण में किसका प्रयोग किया जाता है?

a. केवल बल का

b. केवल छल का

c. बल या छल दोनों में से कोई भी

d. किसी भी प्रकार का दंड

 

734. किस अपराध के लिए धारा 139 लागू होती है?

a. शिशु का अपहरण शिक्षा के लिए

b. शिशु का व्यपहरण या विकलांग करना भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए

c. शिशु को खेल के लिए ले जाना

d. शिशु को चिकित्सकीय इलाज के लिए रखना

 

735. शिशु का भीख मांगने के लिए व्यपहरण करने पर दंड क्या है?

a. सजा नहीं है

b. 10 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना जो आजीवन कारावास तक हो सकता है, और जुर्माना

c. 6 महीने की जेल

d. केवल जुर्माना

 

736. शिशु को भीख मांगने के लिए विकलांग बनाने पर दंड क्या है?

a. 6 महीने का कारावास

b. 1 साल का जुर्माना

c. कम से कम 20 वर्ष का कारावास, जो आजीवन कारावास तक हो सकता है, और जुर्माना

d. कोई दंड नहीं

 

737. यदि कोई व्यक्ति शिशु का विधिपूर्ण संरक्षक नहीं है और भीख मांगने के लिए शिशु का उपयोग करता है, तो क्या माना जाएगा?

a. वह निर्दोष है

b. उसने व्यपहरण किया है या अभिरक्षा गैरकानूनी रूप से प्राप्त की है

c. वह संरक्षक है

d. यह मामला पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता

 

738. भीख मांगने में निम्नलिखित में से कौन शामिल है?

a. लोक स्थान पर याचना, चाहे गाना, नाचना, या वस्तुएं बेचना

b. निजी परिसर में भीख मांगना

c. जख्म, घाव या विकलांगता दिखाकर भीख मांगना

d. उपरोक्त सभी

 

739. भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए शिशु का प्रदर्शन करने का अर्थ क्या है?

a. शिशु का खेलने के लिए उपयोग

b. शिशु का रोग या विकलांगता दिखाकर भीख मांगना

c. शिशु का पढ़ाई के लिए स्कूल भेजना

d. शिशु का किसी खेल में भाग लेना

 

740. किस परिस्थिति में धारा 140 के तहत अपराध माना जाएगा?

a. किसी व्यक्ति का व्यपहरण शिक्षा के लिए

b. किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण इसलिए कि उसकी हत्या की जाए या उसे खतरे में डाला जाए

c. किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता के लिए ले जाना

d. किसी व्यक्ति को रोजगार दिलाने के लिए ले जाना

 

741. धारा 140 के अनुसार व्यपहरण या अपहरण की सजा क्या हो सकती है?

a. आजीवन कारावास या दस वर्ष तक कठिन कारावास और जुर्माना

b. केवल जुर्माना

c. छह महीने का कारावास

d. कोई दंड नहीं

 

742. यदि कोई व्यक्ति व्यपहरण करता है ताकि वह फिरौती के लिए मजबूर हो, तो धारा 140 के तहत उसका दंड क्या होगा?

a. एक साल कारावास

b. मृत्यु या आजीवन कारावास और जुर्माना

c. कोई दंड नहीं

d. केवल जुर्माना

 

743. धारा 140 के अंतर्गत, व्यपहरण या अपहरण करने वाले को किस प्रकार का दंड मिल सकता है यदि उसका उद्देश्य गुप्त सदोष परिरोध करना हो?

a. सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

b. आजीवन कारावास

c. केवल जुर्माना

d. कोई दंड नहीं

 

744. धारा 140 के अंतर्गत, व्यपहरण या अपहरण करने वाले को किस प्रकार का दंड मिल सकता है यदि उसका उद्देश्य व्यक्ति को दासत्व, उपहति या प्रकृति विरुद्ध काम के लिए बनाना हो?

a. सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

b. आजीवन कारावास

c. केवल जुर्माना

d. दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

 

745. धारा 141 किस अपराध से संबंधित है?

a. धोखाधड़ी

b. अपहरण

c. गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

d. विदेश से बालिका या बालक का का आयत करना

 

746. धारा 141 के अनुसार कौन से बालक या बालिका का आयात अपराध माना जाएगा?

a. 21 वर्ष से कम आयु की बालिका या 18 वर्ष से कम आयु का बालक

b. 18 वर्ष से अधिक आयु की बालिका या बालक

c. किसी भी उम्र के बालक या बालिका

d. केवल 16 वर्ष से कम आयु के बालक या बालिका

 

747. धारा 141 के तहत बालक या बालिका को भारत में आयात करने का उद्देश्य क्या होना चाहिए?

a. शिक्षा के लिए

b. अनुचित संभोग के लिए विवश या विलुब्ध करना

c. स्वास्थ्य सेवा के लिए

d. रोजगार के लिए

 

748. धारा 141 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा क्या होगी?

a. 6 महीने का कारावास और जुर्माना

b. 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

c. केवल जुर्माना

d. 3 वर्ष तक कारावास

 

749. धारा 142 किस अपराध से संबंधित है?

a. व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखना

b. केवल व्यपहृत व्यक्ति को बचाना

c. केवल अपहृत व्यक्ति को खोजवाना

d. किसी व्यक्ति को अपहरण करना

 

750. धारा 143 किस अपराध से संबंधित है?

a. व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखना

b. केवल व्यपहृत व्यक्ति को बचाना

c. व्यक्ति का दुर्व्यापार

d. किसी व्यक्ति को अपहरण करना

 

751. व्यक्ति का दुर्व्यापार करने के लिए कौन-से तरीके शामिल हैं?

a. धमकियों का प्रयोग

b. बल या अन्य प्रकार के प्रपीड़न का प्रयोग

c. अपहरण द्वारा

d. उपरोक्त सभी

 

752. दुर्व्यापार में पीड़ित की सम्मति का क्या महत्व है?

a. अत्यंत महत्वपूर्ण है

b. मामूली महत्व है

c. सम्मति महत्वहीन है

d. केवल किशोरों की सम्मति मायने रखती है

 

753. व्यक्ति के दुर्व्यापार के अपराध की सजा क्या हो सकती है?

a. सजा नहीं होती

b. तीन वर्ष तक की जेल

c. सात से दस वर्ष तक का कठिन कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

754. जब अपराध में एक से अधिक व्यक्तियों का दुर्व्यापार होता है, तो सजा क्या होती है?

a. पांच वर्ष की जेल

b. दस वर्ष से कम नहीं, आजीवन कारावास तक की सजा

c. केवल जुर्माना

d. तीन महीने की जेल

 

755. जब अपराध में एक से अधिक शिशुओं का दुर्व्यापार होता है, तो सजा क्या होगी?

a. पाँच वर्ष जेल

b. चौदह वर्ष से कम नहीं, आजीवन कारावास तक की सजा

c. कोई सजा नहीं

d. जुर्माना केवल

 

756. यदि कोई व्यक्ति किसी शिशु का बार-बार दुर्व्यापार करता है, तो उसे क्या दण्ड मिलेगा?

a. सात वर्ष जेल

b. आजीवन कारावास और जुर्माना

c. केवल जुर्माना

d. चेतावनी

 

757. धारा 145 किस अपराध से संबंधित है?

a. व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखना

b. केवल व्यपहृत व्यक्ति को बचाना

c. दासों का आभ्यासिक व्यौहार करना

d. किसी व्यक्ति को अपहरण करना

 

758. धारा 145 के अनुसार, दासों को आयात, निर्यात, अपसारित, खरीद या बेचने या उनके दुर्व्यापार का आभ्यासिक व्यौहार करने पर किस प्रकार की सजा होती है?

a. आजीवन कारावास या दस वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

b. केवल जुर्माना

c. तीन वर्ष तक का कारावास

d. कोई दंड नहीं

 

759. धारा 145 के अनुसार, दासों के व्यौहार में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कितनी अधिकतम कैद हो सकती है?

a. पांच वर्ष

b. सात वर्ष

c. दस वर्ष

d. पंद्रह वर्ष

 

760. धारा 146 के अंतर्गत, कोई व्यक्ति अपराध तब करता है जब वह किसी को ___________ के लिए विवश करता है।

a. शिक्षित होने

b. विधिविरुद्ध अनिवार्य श्रम करने

c. मौन रहने

d. लिखित उत्तर देने

 

761. धारा 146 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर अधिकतम कारावास की अवधि क्या हो सकती है?

a. 6 माह

b. 1 वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

c. 2 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

762. धारा 147 किस अपराध से संबंधित है?

a. व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को सदोष छिपाना या परिरोध में रखना

b. केवल व्यपहृत व्यक्ति को बचाना

c. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना

d. सरकार का समर्थन करना

 

763. धारा 147 के अनुसार भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने पर क्या सजा हो सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. आजीवन कारावास या मृत्युदंड और जुर्माना

c. 7 वर्ष का कारावास

d. 3 वर्ष का कारावास

 

764. धारा 148 के अनुसार कौन सा कृत्य दंडनीय है?

a. धारा 147 के अपराध को अंजाम देना

b. धारा 147 के अपराध के लिए षड्यंत्र करना या सरकार को आतंकित करने का षड्यंत्र करना

c. धारा 147 के अपराध की सूचना देना

d. सरकार का समर्थन करना

 

765. धारा 148 के तहत सजा का अधिकतम काल कितना है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c.  10 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

766. धारा 149 के अनुसार किस कृत्य को दंडनीय माना गया है?

a. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के लिए आयुध या गोलाबारूद का संग्रह करना

b. सामान्य घरेलू वस्तुएं संग्रह करना

c. केवल युद्ध करने की योजना बनाना, पर संग्रह नहीं करना

d. भारत सरकार का समर्थन करना

 

767. भारतीय न्याय संहिता 2023 का अध्याय 8 किससे सम्बंधित है?

a. सेना, नौसेना और वायुसेना से सम्बन्धित अपराधों के विषय में

b. निर्वाचन सम्बन्धी अपराधों के विषय में

c. राज्य के विरुद्ध अपराधों के विषय में

d. सिक्कों, करेंसी नोटों, बैंक नोटों और सरकारी स्टाम्पों से संबंधित अपरार्थों के विषय में

 

768. सेना, नौसेना और वायुसेना से सम्बन्धित अपराधों का वर्णन किन धाराओं में दिया है?

a. धारा 159-168

b. धारा 169-177

c. धारा 178-188

d. धारा 159-162

 

769. भारतीय दंड संहिता की धारा 169 के अनुसार "अभ्यर्थी" किसे कहा गया है?

a. वह व्यक्ति जो मतदान करता है

b. वह व्यक्ति जो मतगणना करता है

c. वह व्यक्ति जिसे किसी निर्वाचन में अभ्यर्थी के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है

d. वह व्यक्ति जो निर्वाचन प्रक्रिया में कर्मचारी होता है

 

770. धारा 169 के अनुसार "निर्वाचन अधिकार" का क्या अर्थ है?

a. केवल मतदान करने का अधिकार

b. केवल अभ्यर्थी बनने का अधिकार

c. निर्वाचन में खड़े होने, नाम वापस लेने, मत देने या देने का अधिकार

d. केवल निर्वाचन आयोग में नामांकन करने का अधिकार

 

771. "रिश्वत" को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित किया गया है-

a. धारा 170

b. धारा 171

c. धारा 172

d. धारा 173

 

772. निर्वाचनों में असम्यक् असर डालना" को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित किया गया है-

a. धारा 170

b. धारा 171

c. धारा 172

d. धारा 173

 

773. धारा 171 के अनुसार "निर्वाचनों में असम्यक् असर डालना" का क्या अर्थ है?

a. मतदान केंद्र पर देरी से पहुँचना

b. किसी निर्वाचन अधिकार के निर्बाध प्रयोग में स्वेच्छया हस्तक्षेप करना या उसका प्रयत्न करना

c. प्रत्याशी द्वारा रैली निकालना

d. चुनाव प्रचार के दौरान भाषण देना

 

774. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 171 के अंतर्गत असम्यक् असर डालने के उदाहरण के रूप में मानी जाएगी?

a. चुनावी घोषणा पत्र जारी करना

b. मतदाता को दैवी अप्रसाद की धमकी देना

c. मतदान दिवस की घोषणा करना

d. चुनाव की निगरानी करना

 

775. निर्वाचन में प्रतिरूपण को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में वर्णित किया गया है-

a. धारा 170

b. धारा 171

c. धारा 172

d. धारा 173

 

776. धारा 172 के अनुसार "निर्वाचन में प्रतिरूपण" का क्या तात्पर्य है?

a. मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुँचाना

b. किसी अन्य व्यक्ति के नाम से मतदान करना या मतपत्र के लिए आवेदन करना

c. मतदान केंद्र पर नियम बताना

d. प्रत्याशी द्वारा भाषण देना

 

777. निम्न में से कौन-सी स्थिति "निर्वाचन में प्रतिरूपण" के अंतर्गत आती है?

a. किसी मतदाता को सही जानकारी देना

b. मृत व्यक्ति के नाम से मत देना

c. मतों की गिनती करना

d. प्रत्याशी बनना

 

778. धारा 173 के अंतर्गत, सामान्य रिश्वत के लिए दण्ड क्या हो सकता है?

a. केवल चेतावनी

b. एक वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

c. केवल आर्थिक जुर्माना

d. पाँच वर्ष का सश्रम कारावास

 

779. धारा 174 के अंतर्गत किस प्रकार के अपराधों के लिए दण्ड का प्रावधान है?

a. केवल हिंसा के लिए

b. केवल मतगणना में त्रुटि के लिए

c. असम्यक् असर डालना या प्रतिरूपण करना

d. निर्वाचन प्रचार करने के लिए

 

780. धारा 174 के अनुसार, "निर्वाचनों में असम्यक् असर" डालने या "प्रतिरूपण" करने पर अधिकतम दण्ड क्या है?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. आजीवन कारावास

c. 1 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल चेतावनी

 

781. धारा 178 के अनुसार, किस क्रिया के लिए दंडित किया जाएगा?

a. किसी सिक्के, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का कूटकरण करना

b. किसी नोट का उपयोग करना

c. किसी नोट को जमा करना

d. किसी बैंक से ऋण लेना

 

782. धारा 178 के तहत दंड क्या हो सकता है?

a. 3 वर्ष तक का कारावास

b. 5 वर्ष तक का कारावास

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास साथ में जुर्माना

d. जुर्माना मात्र

 

783. "सरकारी स्टाम्प कूटकरण" का अपराध कब माना जाएगा?

a. जब असली स्टाम्प को भिन्न अंकित मूल्य का असली स्टाम्प दिखाया जाए

b. जब कोई स्टाम्प खरीदे

c. जब कोई स्टाम्प सही तरीके से उपयोग करे

d. जब कोई स्टाम्प खो जाए

 

784. "बैंक-नोट" का अर्थ क्या है?

a. केवल सरकार द्वारा जारी किया गया कागज

b. वह वचन-पत्र जो धारक की मांग पर धन के संदाय हेतु जारी होता है और जो बैंकिंग कारोबार में प्रयोग होता है

c. सिक्के का एक रूप

d. किसी भी कागज का टुकड़ा

 

785.धारा 179 के तहत किस प्रकार के कृत्यों के लिए दंडनीय किया जाता है?

a.  किसी कूटरचित या कूटकृत सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट का असली समझकर उपयोग करना

b. केवल नोट का दुरुपयोग

c. बैंकिंग सेवाओं का सही प्रयोग

d. किसी नोट का खो जाना

 

786. धारा 179 के अनुसार अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. 5 वर्ष का कारावास

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास साथ में जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

787. विधिविरूद्ध जमाव को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है-

a. धारा 179

b. धारा 169

c. धारा 189

d. धारा 159

 

788. किसी विधिविरूद्ध जमाव के लिए न्यूनतम कितने लोगों का होना आवश्यक होता है-

a. दस

b. पाँच

c. सात

d. तीन

 

789. निम्नलिखित में से क्या विधिविरूद्ध जमाव का एक अनिवार्य तत्व नहीं है-

a. पाँच अथवा अधिक व्यक्ति

b. सामान्य उद्देश्य

c. सामान्य आशय

d. किसी विधि अथवा किसी वैध आदेशिका के निष्पादन का विरोध करना

 

790. किसी जमाव के विधिविरूद्ध होने के लिए किस धारा के अंतर्गत विनिर्दिष्ट प्रकार का सामान्य उद्देश्य अवश्य मौजूद होना चाहिए-

a. भारतीय न्याय संहिता की धारा 188

b. भारतीय न्याय संहिता की धारा 190

c. भारतीय न्याय संहिता की धारा 184

d. भारतीय न्याय संहिता की धारा 149

 

791. घातक आयुधों से सज्जित विधिविरूद्ध जमाव में सम्मिलित होने पर भारतीय न्याय संहिता किस धारा के अंतर्गत चर्चा की गई है-

a. धारा 186(1)

b. धारा 149(4)

c. धारा 149(3)

d. धारा 189(4)

 

792. विधिविरुद्ध जमाव के सदस्य को कितने समय तक कारावास हो सकता है?

a. 3 महीने

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष

d. 2 वर्ष

 

793. यदि कोई व्यक्ति विधिविरुद्ध जमाव में शामिल है जबकि उसे उस जमाव को बिखरने का आदेश दिया गया है, तो उसे अधिकतम कितने समय तक कारावास हो सकता है?

a. 6 महीने

b. 1 वर्ष

c. 2 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

794. विधिविरुद्ध जमाव में घातक आयुध लेकर चलने पर अधिकतम दण्ड क्या हो सकता है?

a. 6 महीने का कारावास

b. 1 वर्ष का कारावास

c. 2 वर्ष का कारावास

d. आजीवन कारावास

 

795. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 149-

a. एक घोषणात्मक प्रावधान है

b. एक विशिष्ट अपराध उत्पन्न करती है

c. साक्ष्य का नियम है

d. उपरोक्त सभी

 

796. भारतीय न्याय संहिता की धारा 190 के अनुप्रयोजन हेतु-

a. अपराधी का एक विधिविरुद्ध जमाव का सदस्य अवश्य होना चाहिए

b. अपराध अवश्य ही किसी सामान्य उद्देश्य के लिए किया गया होना चाहिए

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. (a) अथवा (b) में से कोई एक

 

797. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सामान्य आशय तथा सामान्य उद्देश्य के बीच के अंतर को सहीतौर पर स्पष्ट करता है-

a. सामान्य आशय एक विशिष्ट अपराध को जन्म देता है जबकि सामान्य उद्देश्य ऐसा नहीं करता

b. सामान्य आशय के साथ-साथ सामान्य उद्देश्य विशिष्ट अपराध को जन्म देता है

c. सामान्य उद्देश्य विशिष्ट अपराध को जन्म देता है जबकि सामान्य आशय ऐसा नहीं करता

d. सामान्य उद्देश्य तथा सामान्य आशय दोनों ही विशिष्ट अपराध को जन्म नहीं देते

 

798. धारा 190 के अनुसार, यदि विधिविरुद्ध जमाव के किसी सदस्य द्वारा जमाव के सामान्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपराध किया जाता है, तो उस अपराध के लिए कौन दोषी होगा?

a. केवल वह सदस्य जिसने अपराध किया

b. केवल जमाव के नेता

c. जमाव के सभी सदस्य जो अपराध के समय वहां मौजूद थे

d. कोई भी दोषी नहीं होगा

 

799. बल्वा का अर्थ है किसी विधिविरूद्ध जमाव, या उसके किसी सदस्य द्वारा बल अथवा हिंसा का प्रयोग, जो ऐसे जमाव के सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया हो-

a. भारतीय न्याय संहिता की धारा 191 के अनुसार

b. भारतीय न्याय संहिता की धारा 190 के अनुसार

c. भारतीय न्याय संहिता की के अनुसार धारा 192

d. भारतीय न्याय संहिता की धारा 189 के अनुसार

 

800. किसी सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए पाँच अथवा अधिक व्यक्तियों के जमाव द्वारा हिंसा का उपयोग गठित करेगा-

a. दंगा

b. हमला

c. बल्वा

d. विधिविरूद्ध जमाव

 

801. बल्वा भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में दण्डनीय है -

a. धारा 190

b. धारा 191(2)

c. धारा 192

d. धारा 193

 

802. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत बल्वे के लिए दण्ड है-

a. दो वर्ष

b. तीन वर्ष

c. दो वर्ष तथा जुर्माना अथवा दोनों

d. तीन वर्ष तथा जुर्माना अथवा दोनों

 

803. घातक आयुधों से सज्जित होकर बल्वा करना भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में दण्डनीय है-

a. धारा 191(3)

b. धारा 191(2)

c. धारा 193

d. धारा 192

 

804. धारा 191 के अनुसार, जब विधिविरुद्ध जमाव या उसके सदस्य जमाव के सामान्य उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए बल या हिंसा का प्रयोग करते हैं, तो उस जमाव का प्रत्येक सदस्य किस अपराध का दोषी होगा?

a. चोरी का

b. बल्वा करने का

c. धोखाधड़ी का

d. अपहरण का

 

805. यदि बल्वा करने वाला व्यक्ति घातक आयुध से सज्जित होता है, तो उसकी सजा कितनी हो सकती है?

a. 2 वर्ष तक का कारावा

b. 3 वर्ष तक का कारावास

c. 5 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. 10 वर्ष तक का कारावास

 

806. भारतीय न्याय संहिता, 1860 की निम्नलिखित में से कौन सी धारा 'स्वैरिता' शब्द का उपयोग करती है-

a. धारा 193

b. धारा 192

c. धारा 194

d. धारा 195

 

807. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत दंगे का अपराध किस धारा में परिभाषित किया गया है-

a. धारा 192

b. धारा 193

c. धारा 194

d. धारा 191

 

808. धारा 194 के अनुसार, दंगा कब होता है?

a. जब कोई व्यक्ति अकेले शोर करता है

b. जब दो या अधिक व्यक्ति लोकस्थान में लड़कर लोक शांति में विघ्न डालते हैं

c. जब कोई व्यक्ति अपने घर में विवाद करता है

d. जब कोई व्यक्ति किसी अन्य को धमकाता है

 

809. किस अपराध के लिए न्यूनतम 5 लोगों का होना आवश्यक नहीं है-

a. बलवा

b. दंगा

c. लूट

d. इनमें से कोई नहीं

 

810. जब दो अथवा अधिक व्यक्ति किसी लोक स्थान पर लड़ते हैं और लोक शांति में विघ्न डालते हैं तो वे कौन सा अपराध करते हैं-

a. बलवा

b. लूट

c. दंगा

d. कोई अपराध नहीं

 

811. दंगे' के अपराध के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक है-

a. कम से कम पाँच व्यक्तियों का लड़ना

b. लोक स्थान पर लड़ना

c. किसी बाजार में लड़ना

d. हथियारों का उपयोग

 

812. भारतीय न्याय संहिता की धारा 159 के अंतर्गत दंगे के लिए न्यूनतम कितने व्यक्तियों की आवश्यकता होती है-

a. पाँच

b. दो

c. चार

d. सात

 

813. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है-

a. बलवा तथा दंगा भारतीय न्याय संहिता की क्रमशः 191 एवं 194 धाराओं में परिभाषित किए गए हैं।

b. बलवा किसी लोक स्थान पर किया जाना आवश्यक होता है, जबकि दंगा किसी भी स्थान पर किया जा सकता है

c. बलवा दो वर्ष तक के कारावास से न्यायनीय होता है जबकि दंगा एक माह के कारावास से न्यायनीय होता है

d. बलवा 5 अथवा अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। जबकि दंगा 2 अथवा अधिक व्यक्तियों द्वारा

 

814. दंगा करने पर किस प्रकार की सजा हो सकती है?

a. कारावास एक वर्ष तक

b. कारावास एक माह तक या जुर्माना एक हजार रुपए तक, या दोनों

c. केवल जुर्माना

d. कोई सजा नहीं होती

 

815. धारा 195 के अनुसार, किसी लोक सेवक पर हमला करने या उसके काम में बाधा डालने पर अधिकतम सजा क्या है?

a. तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माना 25,000 रुपए से कम नहीं

b. एक वर्ष तक कारावास और जुर्माना 10,000 रुपए तक

c. केवल जुर्माना

d. कोई सजा नहीं

 

816. धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का सम्प्रवर्तन करना भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत न्यायनीय होता है-

a. धारा 194

b. धारा 195

c. धारा 196

d. धारा 197

 

817. भारतीय न्याय संहिता, 1860 के अंतर्गत धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवासस्थान, भाषा इत्यादि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का सम्प्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य किस धारा के अंतर्गत दिया गया है-

a. धारा 195

b. धारा 196

c. धारा 197

d. धारा 198

 

818. धर्म, मूलवंश, जन्मस्थान, निवासस्थान, भाषा इत्यादि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का सम्प्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य के लिए किस क्या सजा हो सकती है?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. आजीवन कारावास

c. एक वर्ष का सादा कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल चेतावनी

 

819. धारा 196 उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट कोई अपराध, किसी पूजा के स्थान में या किसी जमात में, जो धार्मिक पूजा या धार्मिक कर्म करने में लगा हुआ हो, पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य कारित करता है, वह कारादास से, जो-

a. पांच वर्ष तक का हो सकेगा, और जुर्माने का भी दायी होगा।

b. एक वर्ष का सादा कारावास या जुर्माना या दोनों का भी दायी होगा।

c. आजीवन कारावास

d. तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माना 50,000 रुपए से कम नहीं का भी दायी होगा।

 

820. लांछन, राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले प्राख्यान का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत किया गया है

a. धारा 195

b. धारा 196

c. धारा 197

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

821. धारा 198 के अंतर्गत कौन व्यक्ति दोषी ठहराया जा सकता है?

a. कोई भी नागरिक

b. केवल न्यायाधीश

c. लोक सेवक जो विधि का जानबूझकर उल्लंघन करता है जिससे किसी को क्षति हो सकती है

d. शिक्षक

 

822. धारा 198 के तहत अधिकतम सजा क्या है?

a. एक वर्ष का सश्रम कारावास

b. आजीवन कारावास

c. एक वर्ष का सादा कारावास या जुर्माना या दोनों

d. केवल चेतावनी

 

823. धारा 199 के अंतर्गत कौन दोषी माना जाएगा?

a. कोई भी नागरिक

b. वह लोक सेवक जो किसी विधिक निदेश की जानबूझकर अवज्ञा करता है

c. केवल न्यायाधीश

d. कोई अभियुक्त

 

824. धारा 200 का संबंध किससे है?

a. अवैध जमाव से

b. चिकित्सीय लापरवाही से

c. पीड़ित व्यक्ति का उपचार करने से

d. रिश्वत लेने से

 

825. धारा 204 के अंतर्गत अपराध करने वाला व्यक्ति क्या करता है?

a. लोक सेवक की सेवा से इस्तीफा देता है

b. लोक सेवक के रूप में कार्य करने से इनकार करता है

c. लोक सेवक का प्रतिरूपण

d. सरकारी संपत्ति का नष्ट करता है

 

826. धारा 204 में उल्लिखित अपराध के लिए कारावास की अवधि क्या है?

a. एक वर्ष

b. छह मास से तीन वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

c. तीन वर्ष

d. कोई न्यूनतम सीमा नहीं है

 

827. धारा 205 के अंतर्गत अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति:

a. लोक सेवक की मदद करता है

b. लोक सेवक की वर्दी धोता है

c. लोक सेवकों के वर्ग का होते हुए, उनकी पोशाक या टोकन कपटपूर्वक धारण करता है

d. किसी लोक सेवक की वर्दी पहनने से मना करता है

 

828. धारा 205 के अनुसार दोषी व्यक्ति को अधिकतम कितने मास की कारावास की सजा हो सकती है?

a. 6 मास या जुर्माने से जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा

b. 1 वर्ष या जुर्माने से जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा

c. तीन मास, या जुर्माने से जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा

d. 2 वर्ष या जुर्माने से जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा

 

829. मिथ्या सूचना देना भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में दण्डनीय है-

a. धारा 212

b. धारा 211

c. धारा 213

d. धारा 214

 

830. धारा 212 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लोक सेवक को जानबूझकर मिथ्या सूचना देता है, तो उसे अधिकतम कितना कारावास हो सकता है?

a. 6 महीने का कारावास. या 5,000 रुपए जुर्माना, या दोनों

b. 1 वर्ष का कारावास या जुर्माना, या दोनों

c. 2 वर्ष का कारावास या जुर्माना, या दोनों

d. 3 वर्ष का कारावास या जुर्माना, या दोनों

 

831. यदि दी गई मिथ्या सूचना किसी अपराध से संबंधित हो या अपराध के निवारण के प्रयोजन से हो, तो धारा 212 के अनुसार अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. 6 महीने का कारावास या जुर्माना, या दोनों

b. 1 वर्ष का कारावास या जुर्माना, या दोनों

c. 2 वर्ष का कारावास या जुर्माना, या दोनों

d. 3 वर्ष का कारावास या जुर्माना, या दोनों

 

832. धारा 221 के अनुसार, लोक सेवक के लोक कृत्यों के निर्वहन में स्वेच्छया बाधा डालने पर अधिकतम कितने मास तक कारावास हो सकता है?

a. 1 मास

b. 3 मास

c. 6 मास

d. 1 वर्ष

 

833. धारा 221 के अनुसार, लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने पर अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

a. 1,000 रुपए

b. 2,000 रुपए

c. 2,500 रुपए

d. 5,000 रुपए

 

834. धारा 223 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ऐसे आदेश की अवज्ञा करता है जो विधिपूर्वक सशक्त लोक सेवक द्वारा प्रख्यापित है, और जिससे बाधा, क्षोभ या क्षति होती है, तो अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. कारावास 3 मास तक या जुर्माना 1,000 रुपए तक या दोनों

b. कारावास 6 मास तक या जुर्माना 2,500 रुपए तक या दोनों

c. कारावास 1 वर्ष तक या जुर्माना 5,000 रुपए तक या दोनों

d. कारावास 2 वर्ष तक या जुर्माना 10,000 रुपए तक या दोनों

 

835. धारा 223 के अनुसार, यदि अवज्ञा मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को संकटकारित करती है, तो अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. कारावास 3 मास तक या जुर्माना 1,000 रुपए तक या दोनों

b. कारावास 6 मास तक या जुर्माना 2,500 रुपए तक या दोनों

c. कारावास 1 वर्ष तक या जुर्माना 5,000 रुपए तक या दोनों

d. कारावास 2 वर्ष तक या जुर्माना 10,000 रुपए तक या दोनों

 

836. धारा 226 के अनुसार, किसके खिलाफ आत्महत्या का प्रयत्न किया जाता है?

a. किसी आम व्यक्ति के विरुद्ध

b. किसी लोक सेवक के विरुद्ध

c. किसी निजी संस्था के अधिकारी के विरुद्ध

d. किसी न्यायाधीश के विरुद्ध

 

837. धारा 226 के अंतर्गत आत्महत्या का प्रयत्न किस उद्देश्य से किया जाता है?

a. धन वसूलने के लिए

b. लोक सेवक को अपने शासकीय कर्तव्य करने या विरत रहने के लिए बाध्य करने के लिए

c. किसी निजी विवाद के कारण

d. किसी अनुचित कार्य को रोकने के लिए

 

838. धारा 226 के तहत दंड क्या है?

a. 6 महीने

b. 1 वर्ष कारावास, जुर्माना, दोनों या सामुदायिक सेवा

c. 2 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

839. मिथ्या साक्ष्य देना भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बंधित है

a. धारा 212

b. धारा 227

c. धारा 228

d. धारा 230

 

840. कौन सा कथन मिथ्या साक्ष्य के अंतर्गत आता है?

a. सत्य कथन को बार-बार दोहराना

b. ऐसा कथन करना जिसे वह सत्य मानता है

c. ऐसा कथन करना जिसका मिथ्या होना वह जानता है या विश्वास करता है

d. किसी दस्तावेज़ को प्रस्तुत करना

 

841. मिथ्या साक्ष्य देने वाला व्यक्ति किस स्थिति में दोषी होगा?

a. केवल जब उसका कथन लिखित हो

b. केवल जब वह मौखिक गवाही दे

c. जब वह शपथ या विधि द्वारा सत्य कथन के लिए आबद्ध होते हुए मिथ्या कथन करता है

d. जब वह झूठ बोलने की कोशिश करे लेकिन पकड़ा जाए

 

842. धारा 227 के अनुसार, मिथ्या साक्ष्य में क्या शामिल होता है?

a. केवल न्यायालय में दिया गया बयान

b. केवल लिखित कथन

c. मौखिक या अन्यथा किया गया कोई भी कथन

d. केवल पुलिस स्टेशन में दिया गया बयान

 

843. दुभाषिया या अनुवादक द्वारा जानबूझकर गलत अनुवाद प्रस्तुत करना किस धारा के अंतर्गत अपराध है?

a. धारा 225

b. धारा 227

c. धारा 229

d. धारा 232

 

844. मिथ्या साक्ष्य गढ़ना भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बंधित है

a. धारा 212

b. धारा 227

c. धारा 228

d. धारा 230

 

845. धारा 228 के अनुसार "मिथ्या साक्ष्य गढ़ना" का क्या तात्पर्य है?

a. न्यायालय में झूठ बोलना

b. पुलिस को गलत सूचना देना

c. ऐसी परिस्थिति, प्रविष्टि या दस्तावेज तैयार करना जिससे न्यायिक कार्यवाही में किसी को भ्रमित किया जा सके

d. न्यायालय में गवाही देने से मना करना

 

846. निम्न में से कौन सा कार्य "मिथ्या साक्ष्य गढ़ना" नहीं माना जाएगा?

a. किसी दस्तावेज़ में जानबूझकर झूठी प्रविष्टि करना

b. पुलिस से जानकारी छिपाना

c. किसी व्यक्ति के विरुद्ध झूठे प्रमाण तैयार करना

d. न्यायालय में साक्ष्य के रूप में उपयोग के लिए झूठा दस्तावेज़ बनाना

 

847. यदि कोई व्यक्ति अपनी दुकान की बही में जानबूझकर झूठी प्रविष्टि करता है ताकि उसे न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके, तो वह किस अपराध का दोषी होगा?

a. दस्तावेज़ में धोखाधड़ी

b. न्यायालय की अवमानना

c. मिथ्या साक्ष्य गढ़ना

d. मिथ्या साक्ष्य देना

 

848. किस दृष्टांत में "मिथ्या साक्ष्य गढ़ने" का अपराध सिद्ध होता है?

a. न्यायालय में भूलवश गलत गवाही देना

b. किसी दस्तावेज़ में गलती से नाम गलत लिखना

c. किसी के सामान में जानबूझकर झूठे प्रमाण रखना ताकि वह दोषी ठहराया जा सके

d. पुलिस रिपोर्ट में तिथि गलत भरना

 

849. यदि कोई व्यक्ति के हस्ताक्षर की नकल करके एक झूठा पत्र तैयार करता है ताकि उसे साजिश में दोषी ठहराया जाए, तो यह क्या अपराध है?

a. जालसाजी

b. धोखाधड़ी

c. मिथ्या साक्ष्य देना

d. मिथ्या साक्ष्य गढ़ना

 

850. यदि कोई व्यक्ति किसी न्यायिक कार्यवाही के किसी प्रक्रम में मिथ्या साक्ष्य देता है, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. तीन वर्ष और 2,500 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

b. पाँच वर्ष और 5,000 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

c. सात वर्ष और 10,000 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

d. दस वर्ष और 25,000 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

 

851. न्यायिक कार्यवाही से भिन्न अन्य मामलों में मिथ्या साक्ष्य देने या गढ़ने पर अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. एक वर्ष और 3,000 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

b. दो वर्ष और 15,000 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

c. तीन वर्ष और 5,000 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

d. सात वर्ष और 2,500 जुर्माने से, दंडित किया जाएगा

 

852. निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति में मिथ्या साक्ष्य देना माना जाएगा?

a. अनजाने में गलत गवाही देना

b. जानबूझकर झूठी जानकारी देना जिससे न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो

c. केस की जानकारी होना

d. किसी अपराध को देखना

 

853. यदि कोई व्यक्ति मृत्यु से दण्डनीय अपराध के लिए किसी निर्दोष को दोषसिद्ध कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देता है, तो उसे अधिकतम दण्ड क्या है?

a. 3 वर्ष का कारावास

b. 7 वर्ष का कारावास

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कठोर कारावास, और ₹50,000 जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

854. भारतीय न्याय संहिता की धारा 231 आजीवन कारावास या कारावास से दण्डनीय अपराध के लिए किसी निर्दोष को दोषसिद्ध कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देता है, तो अधिकतम दण्ड क्या है?

a. पुलिस को गुमराह करने से

b. मृत्यु दण्ड के मामलों में मिथ्या साक्ष्य से

c. आजीवन कारावास या 7 वर्ष या अधिक की सजा वाले अपराध में मिथ्या साक्ष्य देने से

d. सामुदायिक सेवा से संबंधित अपराध से

 

855. भारतीय न्याय संहिता की धारा 246 का उद्देश्य किस प्रकार के कार्य को दण्डनीय बनाना है?

a. न्यायालय के आदेश की अवहेलना

b. बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करना

c. पुलिस को गुमराह करना

d. दस्तावेज़ छिपाना

 

856. धारा 246 के अंतर्गत अधिकतम दण्ड क्या है?

a. तीन वर्ष तक का कारावास

b. एक वर्ष तक का सादा कारावास

c. दो वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

857. भारतीय न्याय संहिता की धारा 249 का उद्देश्य किस प्रकार के कार्य को दण्डनीय बनाना है?

a. न्यायालय के आदेश की अवहेलना

b. अपराधी को संश्रय देना

c. पुलिस को गुमराह करना

d. दस्तावेज़ छिपाना

 

858. सामान्य प्रकार के लोक न्यूसेंस के लिए न्याय का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 270

b. धारा 269

c. धारा 268

d. धारा 272

 

859. भारतीय न्याय संहिता की धारा 270 के अंतर्गत "लोक न्यूसेन्स" किसे कहा जाता है?

a. सरकारी संपत्ति की चोरी

b. किसी सार्वजनिक अधिकार के प्रयोग में बाधा उत्पन्न करना

c. कोई ऐसा कार्य या अवैध लोप जिससे जनसाधारण को सामान्य क्षति, संकट या क्षोभ होता है

d. व्यक्तिगत संपत्ति का नुकसान

 

860. लोक न्यूसेन्स से किसे प्रभावित होना आवश्यक होता है?

a. केवल सरकारी अधिकारी

b. केवल पीड़ित पक्ष

c. जनसाधारण या पास-पड़ोस के निवासी

d. अपराधी स्वयं

 

861. धारा 270 के तहत कौन-सी स्थिति लोक न्यूसेन्स की श्रेणी में नहीं आती है?

a. सार्वजनिक नाली को अवरुद्ध करना जिससे गंदा पानी फैलता है

b. सार्वजनिक मार्ग पर कूड़ा डालना जिससे राहगीरों को कठिनाई होती है

c. निजी बगीचे में फूल लगाना

d. सड़क के बीचोंबीच निर्माण सामग्री डालना

 

862. यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर सार्वजनिक स्थान पर ध्वनि प्रदूषण करता है जिससे आसपास के लोग परेशान होते हैं, तो वह किस धारा के तहत दोषी हो सकता है?

a. धारा 265

b. धारा 275

c. धारा 270

d. धारा 250

 

863. भारतीय न्याय संहिता की धारा 271 किस प्रकार के कार्य से संबंधित है?

a. धोखाधड़ी से धन प्राप्त करना

b. घातक शस्त्रों का प्रयोग

c. उपेक्षापूर्ण कार्य जिससे गंभीर रोग का संक्रमण फैलने की संभावना हो

d. अवैध निर्माण करना

 

864. धारा 271 के तहत अपराध कब माना जाता है?

a. जब कोई जानबूझकर कर चोरी करता है

b. जब कोई रोगी आत्महत्या करता है

c. जब कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है जिससे गंभीर रोग का संक्रमण फैल सकता है

d. जब कोई डॉक्टर इलाज करने से मना करता है

 

865. यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए कि उसे एक संक्रमणकारी रोग है, फिर भी सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करता है, तो वह किस धारा के अंतर्गत दोषी हो सकता है?

a. धारा 270

b. धारा 271

c. धारा 265

d. धारा 250

 

866. धारा 271 के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या है?

a. एक वर्ष

b. छह माह का कारावास, या जुर्माना या दोनों

c. दो वर्ष

d. सात वर्ष

 

867. भारतीय न्याय संहिता की धारा 272 किस प्रकार के कार्य से संबंधित है?

a. चोरी से संबंधित

b. परिद्वेषपूर्ण कार्य जिससे गंभीर रोग फैल सकता है

c. नकली दस्तावेज तैयार करना

d. लोक सेवक को धमकाना

 

868. भारतीय न्याय संहिता की धारा 273 किससे संबंधित है?

a. चिकित्सा लापरवाही

b. संगरोधन नियमों की अवज्ञा

c. अस्पताल से भागना

d. सरकारी आदेश की आलोचना

 

869. धारा 279 के अनुसार, किस प्रकार का कार्य अपराध माना गया है?

a. लोक जल-स्त्रोत या जलाशय का जल स्वेच्छा से भ्रष्ट या गंदा करना ताकि वह उपयोगी रहे

b. किसी जलाशय को साफ रखना

c. जलाशय में पौधे लगाना

d. जल स्रोत का संरक्षण करना

 

870. धारा 279 के तहत जल को भ्रष्ट या गंदा करने पर कारावास अवधि क्या हो सकती है?

a. तीन महीने कारावास या जुर्माना, या दोनों

b. छह महीने कारावास या 5,000 रुपए जुर्माना, या दोनों

c. एक वर्ष कारावास या जुर्माना, या दोनों

d. दो वर्ष कारावास या जुर्माना, या दोनों

 

871. भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 किस प्रकार के कार्य से संबंधित है?

a. चोरी से संबंधित

b. लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाना

c. नकली दस्तावेज तैयार करना

d. लोक सेवक को धमकाना

 

872. धारा 281 के अनुसार, लोक मार्ग पर उतावलेपन से वाहन चलाने का अर्थ क्या है?

a. सावधानीपूर्वक वाहन चलाना

b. ऐसा वाहन चलाना जिससे मानव जीवन संकट में पड़ जाए या किसी अन्य को चोट या क्षति हो सके

c. केवल ट्रक चलाना

d. वाहन का समय पर सर्विस कराना

 

873. धारा 281 के अनुसार, ऐसी स्थिति में दंड का क्या प्रावधान है?

a. मृत्युदंड

b. छह माह तक का कारावास या एक हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों

c. केवल जुर्माना

d. तीन साल का कारावास

 

874. धारा 282 के अनुसार, जलयान को उतावलेपन या उपेक्षा से चलाने का क्या परिणाम हो सकता है?

a. जलयान का समय पर सफाई होना

b. मानव जीवन संकट में पड़ना या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या क्षति होना संभव होना

c. जलयान का ईंधन खत्म होना

d. जलयान की गति धीमी होना

 

875. धारा 282 के तहत दंड का क्या प्रावधान है?

a. तीन महीने कारावास या जुर्माना या दोनों

b. छह महीने कारावास या 10,000 रुपए जुर्माना या दोनों

c. एक साल कारावास या जुर्माना या दोनों

d. दो साल कारावास या जुर्माना या दोनों

 

876. धारा 283 के अनुसार, भ्रामक प्रकाश, चिह्न या बोये का प्रदर्शन किस उद्देश्य से किया जाता है?

a. नौपरिवाहक को मार्ग सही दिखाने के लिए

b. ऐसा प्रदर्शन जिससे नौपरिवाहक का मार्ग भ्रष्ट हो सके या ऐसा होना सम्भाव्य हो

c. मनोरंजन के लिए

d. जलयान की गति बढ़ाने के लिए

 

877. धारा 283 के तहत भ्रामक प्रकाश, चिन्ह या बोये का प्रदर्शन का अधिकतम दंड क्या है?

a. दो वर्ष

b. पांच वर्ष

c. सात वर्ष

d. दस वर्ष

 

878. धारा 283 के अनुसार, जुर्माने की न्यूनतम राशि क्या है?

a. 5,000 रुपए

b. 10,000 रुपए

c. 15,000 रुपए

d. कोई जुर्माना नहीं

 

879. धारा 283 के अनुसार, किसे दंडित किया जाएगा?

a. जो भ्रामक प्रकाश, चिह्न या बोया प्रदर्शित करता है और जानता है कि इससे नौपरिवाहक का मार्ग भ्रष्ट होगा

b. जो नौपरिवाहक को सही मार्ग दिखाता है

c. जो जलयान चलाता है

d. जो जलयान का निरीक्षण करता है

 

880. धारा 286 के अनुसार, किस कृत्य के लिए दंडनीय हैं?

a. विषैले पदार्थ के साथ सावधानीपूर्वक व्यवहार करना

b. विषैले पदार्थ से ऐसा कार्य करना जिससे मानव जीवन संकटापन्न हो या उपेक्षा करना जो खतरा पैदा करे

c. विषैले पदार्थ को सुरक्षित रखना

d. केवल विषैले पदार्थ का व्यापार करना

 

881. धारा 287 के अनुसार, किस प्रकार के कृत्य दंडनीय हैं?

a. अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ का सुरक्षित प्रयोग करना

b. अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के साथ ऐसा कार्य करना जिससे मानव जीवन संकटापन्न हो या उपेक्षा करना जो खतरा पैदा करे

c. अग्नि का केवल उपयोग करना

d. ज्वलनशील पदार्थ का केवल व्यापार करना

 

882. धारा 288 के अनुसार, किस प्रकार का आचरण दंडनीय है?

a. विस्फोटक पदार्थ का सुरक्षित भंडारण

b. विस्फोटक पदार्थ से ऐसा कार्य करना या उपेक्षा करना जिससे मानव जीवन संकट में पड़े या क्षति हो सकती हो

c. विस्फोटक पदार्थ का केवल व्यापार करना

d. विस्फोटक पदार्थ का केवल परिवहन करना

 

883. धारा 291 के अनुसार, किस प्रकार का आचरण दंडनीय है?

a. जीव-जन्तु की देखभाल करना

b. ऐसे उपाय करने से उपेक्षा करना जो जीव-जन्तु से मानव जीवन को संकट से बचाने के लिए पर्याप्त हों

c. जीव-जन्तु को पालना और संरक्षण करना

d. जीव-जन्तु का वैध व्यापार करना

 

884. धारा 291 के अंतर्गत जीव जंतु के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण का दंड क्या है?

a. 3 महीने कारावास या जुर्माना या दोनों

b. 6 महीने कारावास या 5,000 रुपए जुर्माना या दोनों

c. 1 वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

d. 2 वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

 

885. धारा 293 के अंतर्गत अपराध किस स्थिति में होता है?

a. जब कोई व्यक्ति अपने घर में शोर करता है

b. जब कोई लोक न्यूसेन्स करता है

c. जब लोक सेवक के आदेश के बावजूद कोई व्यक्ति लोक न्यूसेन्स को चालू रखता है

d. जब कोई सार्वजनिक स्थान पर भाषण देता है

 

886. धारा 293 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. तीन महीने सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों

b. छह महीने सादा कारावास, या ₹5,000 जुर्माना, या दोनों

c. एक वर्ष सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों

d. दो वर्ष सादा कारावास, या जुर्माना, या दोनों

 

887. अश्लील पुस्तकों, आदि का विक्रय आदि भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बंधित है-

a. धारा 280

b. धारा 285

c. धारा 292

d. धारा 294

 

888. भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा के साथ हिकलिन नियम जुड़ा है-

a. धारा 292

b. धारा 291

c. धारा 290

d. धारा 294

 

889. धारा 294 के अनुसार, प्रथम दोषसिद्धि पर अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. 6 माह

b. 1 वर्ष

c. 2 वर्ष और जुर्माना

d. 5 वर्ष

 

890. धारा 294 के अनुसार पुनः अपराध करने पर अधिकतम दण्ड क्या हो सकता है?

a. 2 वर्ष का कारावास

b. 5 वर्ष का कारावास और ₹10,000 जुर्माना

c. केवल ₹1,000 का जुर्माना

d. मृत्युदण्ड

 

891. धारा 294 में कौन-सा कार्य निषिद्ध है?

a. विज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विक्रय

b. धार्मिक मूर्तियों का चित्रण

c. अश्लील वस्तु का जानबूझकर आयात या निर्यात

d. पुरातात्विक स्थल पर चित्रकारी

 

892. धारा 294 के अंतर्गत अश्लील सामग्री को प्रचारित करने वाला कौन-सा कृत्य अपराध नहीं है?

a. लोकहित में कला-संबंधी पुस्तक प्रकाशित करना

b. अश्लील वीडियो साझा करना

c. अश्लील वस्तु का विक्रय

d. अश्लील विज्ञापन देना

 

893. शिशु को अश्लील वस्तु बेचना भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बंधित है-

a. धारा 280

b. धारा 285

c. धारा 295

d. धारा 294

 

894. एक 19 वर्षीय तरूण व्यक्ति '' को कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) का वितरण करता है, ताकि वह मनोरंजन के लिए अश्लील फिल्में देख सके। 'ने भारतीय न्याय संहिता की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत अपराध किया है-

a. धारा 292

b. धारा 293

c. धारा 294

d. धारा 295

 

895. शिशु को अश्लील वस्तु बेचने पर प्रथम दोषसिद्धि की अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 1 वर्ष कारावास

b. 2 वर्ष कारावास और ₹1,000 जुर्माना

c. 3 वर्ष कारावास और ₹2,000 जुर्माना

d. 5 वर्ष कारावास और ₹5,000 जुर्माना

 

896. धारा 295 के अंतर्गत दूसरी या पश्चातवर्ती दोषसिद्धि पर अधिकतम कारावास कितना हो सकता है?

a. 3 वर्ष वर्ष कारावास और ₹2,000 जुर्माना

b. 5 वर्ष वर्ष कारावास और ₹10,000 जुर्माना

c. 7 वर्ष वर्ष कारावास और ₹5,000 जुर्माना

d. 10 वर्ष वर्ष कारावास और ₹5,000 जुर्माना

 

897. धारा 296 के अंतर्गत कौन-सा कार्य दण्डनीय है?

a. पुस्तक पढ़ना

b. लोक स्थान में अश्लील कार्य करना

c. धार्मिक उपदेश देना

d. सड़क पर भाषण देना

 

898. यदि कोई व्यक्ति लोक स्थान के पास अश्लील गाना गाता है जिससे लोगों को क्षोभ होता है, तो वह किस धारा के अंतर्गत दोषी है?

a. धारा 294

b. धारा 295

c. धारा 296

d. धारा 298

 

899. 'A' महिला महाविद्यालय के गेट के पास खड़ा होकर अश्लील गाने गाता है, उसने कौन सा अपराध किया है?

a. हमला

b. स्त्री की लज्जा का अनादरकरना

c. आपराधिक अभित्रात

d. अश्लील कार्य

 

900. धारा 296 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?

a. एक वर्ष

b. छह महीने

c. तीन महीने

d. दो वर्ष

 

901. धारा 296 के अनुसार, अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?

a. ₹500

b. ₹1,000

c. ₹2,000

d. ₹5,000

 

902. धारा 297 के अंतर्गत कौन-सा कार्य दण्डनीय है?

a. पुस्तक पढ़ना

b. लोक स्थान में अश्लील कार्य करना

c. धार्मिक उपदेश देना

d. लाटरी कार्यालय रखना

 

903. धारा 297 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राज्य द्वारा अप्राधिकृत लाटरी निकालने के लिए कार्यालय या स्थान रखता है, तो वह कैसे दण्डित किया जा सकता है?

a. केवल चेतावनी

b. केवल जुर्माना

c. छह माह तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

904. धारा 298 के अंतर्गत कौन-सा कार्य दण्डनीय है?

a. पुस्तक पढ़ना

b. लोक स्थान में अश्लील कार्य करना

c. विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किए गए हों

d. किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान को क्षति करना या अपवित्र करना

 

905. धारा 298 के अनुसार, अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी उपासना स्थान को नष्ट करता है या अपवित्र करता है:

a. मनोरंजन के उद्देश्य से

b. बिना किसी इरादे के

c. इस आशय से कि किसी वर्ग के धर्म का अपमान हो

d. अनजाने में

 

906. धारा 298 के तहत अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 6 माह का कारावास

b. 1 वर्ष का कारावास

c. 2 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों

d. 7 वर्ष का कारावास

 

907. धारा 298 किस प्रकार की वस्तुओं पर लागू होती है?

a. केवल मंदिरों पर

b. केवल मूर्तियों पर

c.  उपासना स्थल या किसी वर्ग द्वारा पवित्र मानी गई वस्तुओं पर

d.धार्मिक पुस्तकें ही शामिल हैं

 

908. धारा 299 के अनुसार, कोई व्यक्ति तब दोषी माना जाएगा जब वह किसी धार्मिक वर्ग की भावनाओं को आहत करता है:

a. अनजाने में

b. जानकारी के बिना

c. विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से

d. हास्य के उद्देश्य से

 

909. धारा 299 के अंतर्गत दण्ड क्या हो सकता है?

a. 1 वर्ष तक का कारावास

b. केवल जुर्माना

c. 3 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों

d. 10 वर्ष का कारावास

 

910. धारा 299 के तहत अपराध करने के कौन-कौन से माध्यम शामिल हैं?

a. केवल लिखित शब्द

b. केवल दृश्य

c. उच्चारित, लिखित, संकेत, दृश्यरूपण, इलैक्ट्रानिक साधन या अन्य

d. केवल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया

 

911. धारा 300 के अंतर्गत किस प्रकार की धार्मिक गतिविधि में विघ्न डालना दंडनीय है?

a. गैरकानूनी सभा में

b. धार्मिक उपासना या धार्मिक संस्कारों में वैध रूप से लगे जमाव में

c. राजनीतिक सभा में

d. केवल जुलूस में

 

912. धारा 300 के तहत यदि कोई व्यक्ति धार्मिक सभा में स्वेच्छा से विघ्न डालता है, तो उस पर अधिकतम क्या दंड हो सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. 6 महीने का कारावास

c. 1 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों

d. मृत्यु दण्ड

 

913. कब्रिस्तान या उपासना स्थान में अतिचार भारतीय न्याय संहिता की किस धारा से सम्बंधित है-

a. धारा 280

b. धारा 300

c. धारा 301

d. धारा 294

 

914. धारा 301 के अनुसार, कब्रिस्तान या उपासना स्थान में अतिचार करने का मतलब क्या है?

a. अवैध प्रवेश करना

b. मानव शव की अवहेलना या अन्त्येष्टि संस्कारों के लिए एकत्रित व्यक्तियों को विघ्न कारित करना

c. स्थायी निर्माण करना

d. धार्मिक पूजा करना

 

915. धारा 301 के तहत अधिकतम दंड की अवधि क्या है?

a. 6 महीने तक का कारावास

b. 1 वर्ष तक का कारावास, कारावास, जुर्माना, या दोनों

c. 3 वर्ष तक का कारावास, कारावास, जुर्माना, या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

916. धारा 301 के अंतर्गत किस स्थान पर अतिचार करने पर दंडनीय है?

a. केवल मंदिरों में

b. कब्रिस्तान, उपासना स्थान, या मृतकों के अवशेषों के लिए पृथक् रखे गए स्थानों में

c. केवल सार्वजनिक स्थानों में

d. केवल निजी घरों में

 

917. चोरी को किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है?

a. धारा 303

b. धारा 304

c. धारा 381

d. धारा 378

 

918. चोरी का क्या अर्थ है?

a. किसी की चल सम्पत्ति को उसकी अनुमति से लेना।

b. किसी की चल सम्पत्ति को उसके कब्जे से बिना अनुमति के बेईमानी से लेना।

c. किसी की जमीन पर चलना।

d. किसी वस्तु को जमीन से जोड़ना।

 

919. जब कोई वस्तु भूमि से पृथक की जाती है, तब क्या होता है?

a. वह अब भी चोरी का विषय नहीं हो सकती।

b. वह चोरी का विषय बनने योग्य हो जाती है।

c. वह स्थिर सम्पत्ति बन जाती है।

d. वह फालतू हो जाती है।

 

920. चोरी की विषयवस्तु-

a. जंगम संपत्ति हो सकती है।

b. स्थावर संपत्ति हो सकती है

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. उपरोक्त (a) तथा (b) में से एक

 

921. निम्नलिखित में से क्या सही नहीं है?

a. चोरी के लिए संपत्ति का जंगम संपत्ति होना आवश्यक है

b. चोरी के लिए संपत्ति को उसके स्वामी के कब्जे से बाहर निकाला गया होना आवश्यक है।

c. चोरी के लिए संपत्ति को दूर ले जाने के लिए हटाया गया होना चाहिए

d. चोरी के लिए संपत्ति को बेईमानीपूर्वक हटाया गया होना चाहिए

 

922. चोरी की योजना बनाना-

a. एक संज्ञेय अपराध है

b. अपने आप में कोई अपराध नहीं है।

c. कठोर आपराधिक दायित्व है।

d. षड़यंत्र है

 

923. चोरी किसके विरूद्ध अपराध होता है-

a. किसी व्यक्ति

b. स्थावर संपत्ति

c. जंगम संपत्ति

d. जंगम तथा स्थावर दोनों संपत्तियों

 

924. निम्न में से किस कार्य के पीछे बेईमानीपूर्ण आशय अवश्य मौजूद होना चाहिए-

a. लूट

b. आपराधिक दुर्विनियोग

c. चोरी

d. आपराधिक न्यासभंग

 

925. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत चोरी के गठन के लिए निम्नलिखित में से क्या एक तत्व नहीं होता?

a. बेईमानीपूर्ण आशय

b. संपत्ति को हटाया जाना

c. सामान्य आशय

d. जंगम संपत्ति

 

926. निम्नलिखित में से क्या चोरी का एक अनिवार्य तत्व नहीं है?

a. बेईमानीपूर्ण आशय

b. कब्जे से हटाया जाना न्याय

c. स्थावर संपत्ति

d. बिना सहमति के

 

927. निम्नलिखित में से क्या चोरी के अपराध की एक विशिष्टता नहीं है?

a. संपत्ति ले जाने का बेईमानीपूर्ण आशय

b. संपत्ति जंगम संपत्ति अवश्य होनी चाहिए

c. इसे किसी अन्य व्यक्ति के कब्जे से हटाया गया होना चाहिए

d. संपत्ति का गतिशील होना आवश्यक नहीं है।

 

928. निम्नलिखित में से क्या चोरी के अपराध का एक आवश्यक तत्व नहीं है?

a. संपत्ति को हटाए जाने का बेईमानीपूर्ण आशय

b. संपत्ति जंगम संपत्ति अवश्य होनी चाहिए

c. संपत्ति को अवश्य ही उस व्यक्ति की सहमति से हटाया गया होना चाहिए जिसके यह कब्जे में हो

d. संपत्ति को अवश्य ही संपत्ति के स्वामी की सहमति के बिना हटाया गया होना चाहिए

 

929. ''' के कब्जे से उसके कुछ आभूषण उसकी सहमति के बिना हटा देता है। उसका इरादा इसे तब तक अपने पास रखने का है जबतक वह इसे वापस पाने हेतु '' से कुछ पारितोषिक प्राप्त कर ले। 'दोषी है-

a. आपराधिक दुर्विनियोग का

b. उद्दापन का

c. चोरी अथवा जबरन वसूल का दोषी नहीं है।

d. चोरी का दोषी

 

930. ''' की जेब में अपना हाथ घुसाकर उसकी जेब काटने का प्रयास करता है। 'अपने प्रयास में असफल हो जाता है क्योंकि 'की जेब खाली थी। 'दोषी है-

a. कोई अपराध नहीं

b. चोरी का

c. चोरी के प्रयत्न का

d. आपराधिक बलप्रयोग का

 

931. ‘अपने पड़ोसी के खेत से उसकी अनुमति के बिना दो पेड़ काट लेता है और उसे पड़ोसी की जानकारी के बिना वहाँ से हटा देता है।

a. यह एक उद्दापन है

b. चोरी है।

c. आपराधिक अतिचार है

d. बेईमानीपूर्ण दुर्विनियोग है

 

932. '' पर '‘की कुछ धनराशि बकाया थी। 'ने एक नदी के किनारे चर रहे '' के बैल को पकड़ लिया और उसे अपने घर में बाँध लिया। जब '' ने उससे बैल को छोड़ने के लिए कहा तो 'ने कहा कि वह धन के भुगतान के बाद ही उसे छोड़ेगा। 'दोषी है-

a. आपराधिक न्यासभंग का

b. आपराधिक दुर्विनियोग का

c. उद्दापन का

d. चोरी का

 

933. 'को '' की अंगूठी '' के घर में एक मेज पर रखी हुई दिखाई देती है। 'बेईमानीपूर्वक अंगूठी हटा देता है। 'ने निम्नलिखित में से कौन सा अपराध किया है?

a. आपराधिक न्यासभंग

b. संपत्ति का आपराधिक दुर्विनियोग

c. चोरी

d. चुराई गई संपत्ति को बेईमानीपूर्वक प्राप्त करना

 

934. ''' के घर से उसकी सहमति के बिना एक किताब इस इरादे से ले जाता है कि वह इसे वापस कर देगा यदि एक मित्र के रूप में '' उसे वापसी के लिए पुरस्कृत करे 'दोषी है-

a. चोरी का

b. चोरी के प्रयास का

c. आपराधिक न्यासभंग का

d. आपराधिक न्यासभंग के प्रयास का

 

935. 'ने '' की पत्नी के साथ सहमतिपूर्ण यौनसम्बन्ध स्थापित किए थे। महिला 'को ऐसी संपत्ति देती है जिसे वह जानता है कि उसके पति '' की है और उसे इसे देने के लिए '' से अनुमति प्राप्त नहीं है। 'संपत्ति को बेईमानीपूर्वक ग्रहण करता है। 'ने निम्नलिखित में से कौन सा अपराध किया है

a. आपराधिक न्यासभंग एवं आपराधिक दुर्विनियोग

b. चोरी एवं आपराधिक न्यासभंग

c. चोरी

d. आपराधिक न्यासभंग

 

936. 'तथा '' जो भारतीय वायुसेना में कैडेट हैं, अपने कमांडर की अनुमति के बिना जोधपुर हवाईअड्डे से एक वायुयान लेते हैं और इसे पाकिस्तान की तरफ उड़ा ले जाते हैं। उन्होंने कौन सा अपराध किया है-

a. चोरी

b. आपराधिक न्यासभंग

c. आपराधिक दुर्विनियोग

d. राजद्रोह

 

937. 'को '' से चाय का निमंत्रण प्राप्त होता है। जब '' रसोई में चाय तैयार कर रहा होता है तो 'को मेज पर सोने की एक अंगूठी दिखाई देती है। वह इसे उठाकर उसी कमरे में इस इरादे के साथ छिपा देता है कि वह बाद में किसी समय इसे ले जाएगा। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. कोई अपराध नहीं

b. उद्दापन

c. चोरी का प्रयास

d. चोरी

 

938. 'ने अपनी घड़ी मरम्मत के लिए एक घड़ीसाज को दी। मरम्मत खर्च का भुगतान करना पड़े इसलिए 'ने दुकान से अपनी घड़ी उस समय उठा ली जब दुकानदार उसे नहीं देख रहा था। इस मामले में '’-

a. आपराधिक न्यासभंग का दोषी है।

b. धोखाधड़ी का दोषी है

c. चोरी का दोषी है

d. किसी अपराध का दोषी नहीं है क्योंकि उठाई गई घड़ी उसकी अपनी थी। हालांकि, उसे घड़ीसाज को मरम्मत खर्च का भुगतान करना चाहिए

 

939. ', जिसने अपनी सोने का हार '' के पास गिरवीं रखा था, हार को '' के कब्जे से उसकी सहमति के बिना हटा लेता है जबकि उसने हार के बदले उधार लिए गए धन का भुगतान नहीं किया है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. कोई अपराध नहीं

b. भारतीय न्याय संहिता की धारा 403 के अंतर्गत अपराध

c. भारतीय न्याय संहिता की धारा 405 के अंतर्गत अपराध

d. भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 के अंतर्गत अपराध

 

940. चोरी के लिए दंड की अधिकतम अवधि क्या हो सकती है?

a. 6 महीने

b. 1 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

941. चोरी की पहली बार दोषसिद्धि में और चोरी की गई संपत्ति का मूल्य पांच हजार रुपये से कम हो, तो क्या दंड हो सकता है?

a. कारावास 3 वर्ष तक

b. जुर्माना 10,000 रुपए तक

c. सामुदायिक सेवा

d. कोई दंड नहीं

 

942. निम्नलिखित में से कौन सा चोरी नहीं माना जाएगा?

a. किसी की अनुमति के बिना उसकी वस्तु लेना।

b. जमीन से पृथक की गई वस्तु को बेईमानी से लेना।

c. किसी वस्तु को पढ़ने के लिए अभिव्यक्त अनुमति के बिना लेना।

d. किसी की वस्तु को बिना अनुमति के बेच देना।

 

943. चोरी मेंहटानाका अर्थ क्या है?

a. केवल वस्तु को उठाना।

b. वस्तु को किसी दूसरी वस्तु से पृथक करना और वास्तव में हटाना।

c. वस्तु को देखना।

d. वस्तु को बनाना।

 

944. झपटमारी को किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है?

a. धारा 303

b. धारा 304

c. धारा 381

d. धारा 378

 

945. निम्न में से किस स्थिति कोझपटमारीकहा जाता है?

a. चोरी के दौरान अचानक या शीघ्रता या बलपूर्वक संपत्ति लेना

b. धीरे-धीरे किसी की संपत्ति चुराना

c. संपत्ति को गलती से उठाना

d. चोरी के बाद माफी माँग लेना

 

946. झपटमारी का संबंध किस प्रकार की संपत्ति से होता है?

a. अचल संपत्ति

b. सरकारी संपत्ति

c. जंगम संपत्ति

d. सांस्कृतिक संपत्ति

 

947. झपटमारी में अपराधी संपत्ति कैसे प्राप्त करता है?

a. चुपचाप छुपाकर

b. कागज़ी कार्यवाही के द्वारा

c. अचानक, शीघ्रता से या बलपूर्वक

d. न्यायालय के आदेश से

 

948. 'ने एक महिला के कान से बाली खींच ली और इससे उसका कान कट और जख्मी हो गया। दोषी है-

a. उद्घापन

b. रिष्टि का

c. दुर्विनियोग का

d. झपटमारी का

 

949. धारा 304 के अंतर्गत झपटमारी के लिए अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. 1 वर्ष का कारावास

b. 2 वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों

c. 3 वर्ष का कारावास और जुर्माना दोनों

d. 5 वर्ष

 

950. धारा 305 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसे निर्माण में चोरी करता है जो मानव निवास के रूप में उपयोग होता है, तो वह क्या अपराध करता है?

a. सामान्य चोरी

b. घर में घुसपैठ

c. चोरी

d. डकैती

 

951. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत किसी दुकान से कंप्यूटर की चोरी करना दंडनीय है?

a. धारा 303

b. धारा 305

c. धारा 383

d. धारा 384

 

952. धारा 305 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पूजा स्थल से मूर्ति या प्रतीक चुराता है, तो उसे किस प्रकार दंडित किया जा सकता है?

a. केवल जुर्माना

b. तीन वर्ष का कारावास

c. सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. मृत्युदंड

 

953. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में संपति की चोरी करना दंडनीय है?

a. धारा 303

b. धारा 305

c. धारा 306

d. धारा 384

 

954. धारा 306 के अंतर्गत कितना दंड निर्धारित है?

a. केवल जुर्माना

b. तीन वर्ष का कारावास

c. सात वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. मृत्युदंड

 

955. भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत चोरी करने के लिए मृत्यु, उपहति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी करना दंडनीय है?

a. धारा 303

b. धारा 307

c. धारा 306

d. धारा 308

 

956. ‘'' के कब्जे वाली संपत्ति की चोरी करता है। और चोरी करते समय उसके पास कपड़ों के नीचे छिपी हुई एक भरी हुई पिस्तौल मौजूद होती है ताकि '' के विरोध करने पर वह उसे आहत कर सके। 'द्वारा किए गए अपराध को भारतीय न्याय संहिता, की किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 306

b. धारा 308

c. धारा 307

d. धारा 305

 

957. धारा 307 के अंतर्गत कितना दंड निर्धारित है?

a. 3 वर्ष तक का कारावास

b. 5 वर्ष तक का कारावास

c. 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

 

958. धारा 308 के अंतर्गत, "उद्दापन" तब होता है जब कोई व्यक्ति:

a. चोरी करता है

b. किसी को धोखा देता है

c. किसी व्यक्ति को भय में डालकर उससे संपत्ति प्राप्त करता है

d. हमला करता है

 

959. धारा 308 के अंतर्गत कौन-सा उदाहरण उद्दापन है?

a. किसी व्यक्ति की जेब से बटुआ चुराना

b. किसी को धमकी देना कि वह यदि धन दे तो उसकी मानहानि कर दी जाएगी

c. घर में घुसकर चोरी करना

d. सड़क पर किसी का पीछा करना

 

960. उद्दापन को भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है-

a. धारा 305

b. धारा 306

c. धारा 307

d. धारा 308

 

961. ‘उद्दापन' का अपराध निम्नलिखित में से किसके विरूद्ध नहीं किया जा सकता-

a. जंगम संपत्ति

b. स्थावर संपत्ति

c. मूल्यवान प्रतिभूति

d. कोई नहीं

 

962. ‘टेलीफोन पर '' को 20,000 रुपए देने पर एक अपमानजनक कथन प्रकाशित करने की धमकी देता है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. चोरी

b. आपराधिक धमकी

c. उद्दापन

d. लूट

 

963. 'गंभीर चोट पहुँचाने का भय दिखाकर '' से एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करने और इसे 'को देने हेतु बेईमानीपूर्वक उत्प्रेरित करता है। '' कागज पर हस्ताक्षर करने के बाद इसे 'के सुपुर्द कर देता है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. चोरी

b. डकैती

c. लूट

d. उद्दापन

 

964. ''' से यह कहते हुए संपत्ति हासिल करता है कि "तुम्हारा बच्चा मेरे गिरोह के कब्जे में है और यदि तुम दस लाख रुपए नहीं देते तो हम उसे मार देंगे" 'कौन सा अपराध कर रहा है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. लूट

c. उद्दापन

d. चोरी

 

965. बेईमानी की नीयत से किसी व्यक्ति को शारीरिक क्षति का भय दिखाकर उसे उसकी संपत्ति से बेदखल करना कैसा अपराध होता है-

a. आपराधिक अभित्रास

b. उद्दापन

c. आपराधिक दुर्विनियोग

d. चोरी

 

966. 'गंभीर चोट पहुँचाने का भय दिखाकर '' से एक कागज पर अपनी मोहर लगाने और इस कागज को 'को देने हेतु बेईमानी से उत्प्रेरित करता है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. लूट

b. डकैती

c. चोरी

d. उद्दापन

 

967. "" यह धमकी देता है कि यदि "" ने उसको धन नहीं दिया, तो वह "" के बारे में मानहानि का एक लेख प्रकाशित करेगा। इस प्रकार "", "" को उसे धन देने के लिए उत्प्रेरित करता है। "" ने निम्नलिखित में से कौन सा अपराध किया है?

a. छल

b. अपराधिक न्यास भंग

c. उद्दापन

d. इनमें से कोई नहीं

 

968. ', जो एक पुलिस अधिकारी है, '' को यह भय दिखाकर 10,000 रुपए ले लेता है कि उसे तुरंत कारावास में बंद कर दिया जाएगा और कई माह तक नहीं रिहा किया जाएगा। पुलिस अधिकारी दोषी है-

a. चोरी के लिये

b. लूट के लिये

c. उद्दापन के लिये

d. रिष्टि के लिये

 

969. यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी को घोर उपहति के भय में डालकर मूल्यवान दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाता है, तो वह क्या करता है?

a. ठगी

b. आपराधिक बल

c. उद्दापन

d. धोखाधड़ी

 

970. उद्दापन करने के लिए यदि कोई व्यक्ति किसी को मृत्यु या घोर उपहति के भय में डालता है, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष के कारावास की सजा हो सकती है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

971. यदि उद्दापन के लिए किसी व्यक्ति को केवल सामान्य क्षति पहुँचाने के भय में डाला जाता है, तो अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

972. यदि कोई व्यक्ति इलैक्ट्रॉनिक माध्यम से धमकी देकर पैसे लेने का प्रयास करता है, तो वह किस अपराध का दोषी है?

a. सायबर क्राइम

b. धोखाधड़ी

c. उद्दापन

d. धमकी देना

 

973. यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य पर ऐसा अभियोग लगाने का भय दिखाता है जो मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय हो, तो अधिकतम दंड क्या है?

a. 7 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. 3 वर्ष

 

974. भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा "लूट" को परिभाषित करती है?

a. धारा 309

b. धारा 310

c. धारा 308

d. धारा 311

 

975. भारतीय दंड संहिता की धारा 309 के अनुसार, लूट में निम्नलिखित में से कौन-सा अपराध सम्मिलित होता है?

a. केवल चोरी

b. केवल उद्दापन

c. चोरी या उद्दापन, जिसमें बल या भय का प्रयोग हो

d. केवल आपराधिक बल

 

976. "लूट" का अपराध गठित करने हेतु निम्न में से क्या आवश्यक होता है?

a. चोरी

b. उद्घापन

c. धोखाधड़ी

d. चोरी अथवा उद्दापन में से कोई एक

977. ''' को गिराकर पकड़ लेता है और धोखे से '' की सहमति के बिना उसका धन और आभूषण उसके वस्त्र से निकाल लेता है। 'किस अपराध का दोषी है-

a. चोरी

b. उद्दापन

c. लूट

d. डकैती

 

978. 'की मुलाकात '' तथा उसके बच्चे से जंगल में होती है। 'उसके बच्चे को हटा ले जाता है और '' को धमकी देता है कि यदि वह अपना पर्स नहीं देता तो वह बच्चे को मार देगा। 'का अपराध है-

a. जबरन वसूली

b. चोरी

c. लूट

d. डकैती

 

979. एक उप निरीक्षक के नेतृत्व वाला एक पुलिस दल रात्रिकालीन गश्त पर था। उनपर दो अपराधियों द्वारा हमला किया गया जिसमें एक आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गया और अपराधी उसकी संपत्ति के साथ भाग गए। यहाँ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत किस अपराध का मामला पंजीकृत किया जा सकता है-

a. चोरी

b. डकैती

c. लूट

d. रिष्टि

 

980. "", जिसने एक आभूषण की दुकान से आभूषणों की चोरी की है, "", जिसने उसे चोरी की घड़ी ले जाते समय रोकने का प्रयास किया, को शारीरिक क्षति पहुँचाने की धमकी देता है। यहाँ "" किस अपराध का दोषी माना जा सकता है-

a. उद्दापन

b. लूट

c. चोरी

d. डकैती

 

981. भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत लूट के अपराध के लिए न्यूनतम कितने व्यक्तियों का होना आवश्यक होता है-

a. एक

b. दो

c. पाँच

d. तीन

 

982. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

a. प्रत्येक लूट में कम से कम दो व्यक्ति शामिल होते हैं

b. प्रत्येक लूट में हिंसा का भय मौजूद होता है

c. प्रत्येक लूट में चोरी अथवा उद्दापन में से एक संलिप्त होता है

d. प्रत्येक डकैती में लूट अवश्य शामिल होती है

 

983. निम्नलिखित मैं से कौन सा कारक 'लूट' को 'डकैती से पृथक करता है?

a. समयावधि

b. संपत्ति

c. अपराधियों की संख्या

d. अपराधस्थल

 

984. यदि कोई अपराधी चोरी करते समय व्यक्ति को स्वेच्छा से उपहति पहुँचाता है, तो वह अपराध किस श्रेणी में आता है?

a. चोरी

b. हमला

c. लूट

d. उद्दापन

 

985. उद्दापन "लूट" बन जाता है जब अपराधी:

a. अकेला हो

b. चोरी करता हो

c. डराकर उद्दापन करता हो और भय में डाले गए व्यक्ति की उपस्थिति में होता है

d. केवल धमकी देता हो

 

986. यदि कोई व्यक्ति लूट का प्रयत्न करता है, लेकिन संपत्ति नहीं प्राप्त कर पाता, तो उसे अधिकतम कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. 14 वर्ष

 

987. यदि लूट राजमार्ग पर सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच होती है, तो अधिकतम कारावास की अवधि क्या हो सकती है?

a. 7 वर्ष

b. 10 वर्ष

c. 12 वर्ष

d. 14 वर्ष

 

988. यदि कोई व्यक्ति लूट करते समय जानबूझकर उपहति पहुँचाता है, तो अधिकतम दंड क्या है?

a. 10 वर्ष कारावास

b. 14 वर्ष कारावास

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कठिन कारावास और जुर्माना

d. 3 वर्ष कारावास

 

989. निम्न में से कौन-सा दृष्टांत लूट का स्पष्ट उदाहरण है?

a. चोरी करने वाला रात में खाली मकान में घुसता है

b. अपराधी व्यक्ति की अनुपस्थिति में संपत्ति चुरा लेता है

c. अपराधी पिस्तौल दिखाकर किसी से थैली ले लेता है

d. कोई व्यक्ति दोस्त से झूठ बोलकर पैसे ले लेता है

 

990. धारा 309 के स्पष्टीकरण के अनुसार, अपराधी काउपस्थित होनाकब माना जाता है?

a. जब वह पीड़ित को देख सके

b. जब वह पीड़ित के निकट हो और डर उत्पन्न कर सके

c. जब वह पीड़ित को धमकी दे चुका हो

d. जब वह संपत्ति उठा चुका हो

 

991. निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति लूट नहीं मानी जाएगी, भले ही उद्दापन हुआ हो?

a. उद्दापन करते समय अपराधी पीड़ित की उपस्थिति में हो

b. उद्दापन करते समय धमकी दी जाए

c. चोरी करते समय हल्की मारपीट हो

d. पिस्तौल दिखाकर पैसे लिए जाएं

 

992. भारतीय न्याय संहिता की कौन सी धारा डकैती को परिभाषित करती है?

a. धारा 309

b. धारा 310

c. धारा 308

d. धारा 311

 

993. डकैती मानी जाती है जब लूट में भाग लेने वाले व्यक्तियों की संख्या कम से कम कितनी हो?

a. 3

b. 4

c. 5

d. 6

 

994. धारा 310 के अनुसार, यदि पाँच या अधिक व्यक्ति लूट का प्रयत्न करते हैं, तो वह अपराध क्या कहलाता है?

a. चोरी

b. उद्दापन

c. लूट

d. डकैती

 

995. निम्नलिखित अपराधों में से किसकी तैयारी दंडनीय है-

a. लूट

b. उद्दापन

c. बलवा

d. डकैती

 

996. ‘तथा उसके चार सहयोगियों ने '' के घर पर चोरी का प्रयास किया तथा '' को शारीरिक क्षति पहुँचाई। उन्हें अंतः वासियों के कठोर प्रतिरोध के कारण वहाँ से लूट का माल लिए बिना ही भागना पड़ा। वे किस अपराध के दोषी हैं-

a. चोरी

b. लूट

c. आपराधिक दुर्विनियोग

d. डकैती

 

997. लूट डकैती होती है यदि वह संयुक्त रूप से की गई हो-

a. दो अथवा अधिक किन्तु पाँच से कम व्यक्तियों द्वारा

b. पाँच अथवा पाँच से अधिक व्यक्तियों द्वारा

c. न्यूनतम सात व्यक्तियों द्वारा

d. न्यूनतम दस व्यक्तियों द्वारा

 

998. डकैती की तैयारी करना भारतीय न्याय संहिता, की किस धारा के अंतर्गत न्यायनीय है-

a. धारा 310(4)

b. धारा 311(4)

c. धारा 312(4)

d. धारा 313(4)

 

999. डकैती करने पर अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 7 वर्ष का कारावास

b. 10 वर्ष का कारावास

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कठिन कारावास और जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

1000. यदि डकैती करने वाले पाँच या अधिक व्यक्तियों में से एक हत्या कर देता है, तो बाकी सभी की सजा क्या होगी?

a. केवल जुर्माना

b. केवल 5 वर्ष कारावास

c. मृत्यु दंड, आजीवन कारावास या न्यूनतम 10 वर्ष का कठिन कारावास और जुर्माना

d. कोई सजा नहीं

 

1001. डकैती करने की तैयारी करने वाले को अधिकतम कितनी सजा हो सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष और जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

1002. डकैती करने के लिए एकत्रित पांच या अधिक व्यक्तियों में से एक को क्या सजा दी जा सकती है?

a. कोई सजा नहीं

b. अधिकतम 7 वर्ष कठिन कारावास और जुर्माना

c. केवल जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

1003. निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति धारा 310 के अंतर्गत डकैती नहीं मानी जाएगी?

a. चार लोग लूट करते हैं

b. पाँच लोग लूट करते हैं

c. पाँच लोग लूट का प्रयत्न करते हैं

d. छह लोग लूट की योजना बनाते हैं

 

1004. धारा 311 के अंतर्गत कौन-सी स्थिति दंडनीय है?

a. चोरी के बाद सम्पत्ति को छिपाना

b. केवल डकैती की योजना बनाना

c. लूट/डकैती करते समय घोर उपहति का प्रयत्न

d. किसी का पीछा करना

 

1005. यदि कोई व्यक्ति लूट या डकैती करते समय घातक आयुध का प्रयोग करता है, तो उसे कम से कम कितने वर्ष का कारावास होगा?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

1006. भारतीय न्याय संहिता की धारा 312 किससे संबंधित है?

a. चोरी करने की योजना बनाना

b. घातक आयुध के साथ लूट/डकैती का प्रयास

c. हत्या का प्रयास

d. सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव

 

1007. धारा 312 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लूट या डकैती करते समय घातक आयुध से सज्जित होता है, तो न्यूनतम सजा क्या होगी?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

1008. भारतीय न्याय संहिता की धारा 313 किस अपराध से संबंधित है?

a. हत्या करना

b. झपटमारी करना

c. चोरी या लूट करने वाली टोली का सदस्य होना

d. बलात्कार करना

 

1009. धारा 313 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लुटेरों की टोली का सदस्य पाया जाता है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 3 वर्ष का साधारण कारावास

b. 5 वर्ष का कारावास

c. 7 वर्ष का कठिन कारावास

d. 10 वर्ष का आजीवन कारावास

 

1010. संपत्ति के आपराधिक दुर्विनियोग का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 312

b. धारा 313

c. धारा 315

d. धारा 314

 

1011. आपराधिक दुर्विनियोग के मामले में अनुवर्ती आशय अवश्य होना चाहिए-

a. कपटपूर्ण

b. बेईमानीपूर्ण

c. निर्दोष

d. अवैध

 

1012. 'को '' का एक सरकारी वचनपत्र मिल जाता है। जिसमें निरंक बेचान किया गया है। यह जानते हुए भी कि यह वचन पत्र '' का है, 'इसे बैंकर के पास एक ऋण की प्रतिभूति के रूप में गिरवी रख देता है। उसका इरादा भविष्य में इसे '' को वापस कर देने का है। 'ने कौन सा अपराध किया है-

a. धोखाधड़ी

b. आपराधिक न्यासभंग

c. संपत्ति का आपराधिक दुर्विनियोग

d. रिष्टि

 

1013. 'को एक मूल्यवान हीरा मिलता है। हीरा किसकी संपत्ति है यह जानते हुए वह इसके मालिक की खोज का प्रयास किए बिना तुरंत इसे बेच देता है। 'दोषी है-

a. री का क्योंकि इससे उसे सदोष लाभ प्राप्त हुआ है

b. आपराधिक न्यासभंग का

c. उद्दापन का

d. संपत्ति के आपराधिक दुर्विनियोग का

 

1014. को राजमार्ग पर एक रुपया पड़ा मिलता है जिसका मालिक अज्ञात है। रुपया उठा लेता है ने कौन सा अपराध किया है-

a. संपत्ति के बेईमानीपूर्ण दुर्विनियोग का

b. चोरी

c. बेईमानीपूर्वक चोरी की संपत्ति प्राप्त करना

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

1015. का बटुआ उसकी जानकारी के बगैर उसकी जेब से गिर जाता है। उसका मित्र , जो इसे देखता है, उठा लेता है और यह देखने पर कि इसमें 2,000 रुपए हैं, उस धन का अपने लिए उपयोग कर लेता है। 6 घंटे बाद वह 2,000 रुपया वापस बटुए में रखता है और को वापस लौटा देता है। '' किस अपराध का दोषी है-

a. कोई अपराध नहीं

b. चोरी, क्योंकि ने को 6 घंटे की सदोष क्षति कारित की है

c. संपत्ति के आपराधिक दुर्विनियोग का

d. धोखाधड़ी का क्योंकि उसने को धोखा दिया है।

 

1016. 'को राज्य परिवहन की बस की फर्श पर उस समय एक घड़ी मिलती है जब वह बस से आखिरी 'यात्री के तौर पर उतर रहा होता है। उसने इसे उठा लिया और राज्य परिवहन अधिकारियों के पास जमा कराने के बजाए अपनी जेब में रख लिया। अगले दिन उसने इसे बेच दिया। वह किस अपराध का उत्तरदायी है-

a. चोरी

b. उद्दापन

c. आपराधिक दुर्विनियोग

d. आपराधिक न्यायभंग

 

1017. 'एक गरीब विद्यार्थी है जिसे सड़क पर एक लिफाफा मिलता है जिसमें बैंक नोट तथा एक पत्र रहता है। पत्र की विषयवस्तु एवं निर्देश से उसे पता चलता है कि यह नोट किसका था। 'उस नोट का उपयोग कुछ पुस्तकें खरीदने में कर लेता है। 'ने क्या अपराध है?

a. संपत्ति के बेईमानीपूर्ण दुर्विनियोग का अपराध

b. चोरी का अपराध

c. कोई अपराध नहीं

d. आपराधिक न्यासभंग का अपराध

 

1018. धारा 314 के अंतर्गत किसी जंगम सम्पत्ति का "बेईमानी से दुर्विनियोग" करने पर सजा क्या हो सकती है?

a. केवल जुर्माना

b. 6 महीने का कारावास

c. 6 महीने से 2 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना

d. 3 वर्ष तक का कारावास

 

1019. यदि कोई व्यक्ति पड़ी हुई वस्तु को केवल अपने पास रखता है और उसके असली मालिक को खोजने का प्रयास करता है, तो क्या यह धारा 314 के अंतर्गत अपराध है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल तब, जब वस्तु मूल्यवान हो

d. केवल तब, जब व्यक्ति गरीब हो

 

1020. यदि को की सम्पत्ति उस समय मिलती है जब उसे विश्वास होता है कि वह उसकी अपनी है, परंतु बाद में जानबूझकर उसे अपने लिए रख लेता है, तो क्या यह अपराध है?

a. नहीं, क्योंकि ने वह सम्पत्ति गलती से ली थी

b. हाँ, क्योंकि बाद में उसने बेईमानी से उसका उपयोग किया

c. नहीं, जब तक शिकायत करे

d. हाँ, लेकिन केवल जुर्माना लगेगा

 

1020. यदि कोई व्यक्ति किसी वस्तु को सड़क पर पाता है और उसे तुरन्त अपने लाभ के लिए बेच देता है, तो वह इस धारा के अंतर्गत कब दोषी होगा?

a. जब वह जानता हो कि वस्तु किसकी है

b. जब उसने उसे बेचने से पहले स्वामी को खोजने का कोई प्रयास किया हो

c. जब वस्तु की कीमत 500 रुपये से अधिक हो

d. केवल तब, जब कोई गवाह हो

 

1021. संयुक्त स्वामित्व वाले घोड़े को एक स्वामी द्वारा ले जाना और बाद में बेच देना किस धारा का अपराध है?

a. धारा 379 – चोरी

b. धारा 420 – धोखाधड़ी

c. धारा 314 – सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग

d. कोई अपराध नहीं

 

1022. धारा 314 के अंतर्गत यह आवश्यक है कि अपराध किस मानसिक अवस्था के साथ किया गया हो?

a. लापरवाही से

b. बेईमानी से

c.  जानबूझकर

d. बिना इरादे के

 

1023. यदि किसी को किसी वस्तु का स्वामी ज्ञात नहीं है और फिर भी वह उसे अपने उपयोग में ले आता है, तो क्या वह दोषी है?

a. हाँ, हमेशा

b. नहीं, यदि स्वामी का पता लगाने का प्रयास किया गया हो

c. नहीं, यदि वस्तु सड़क पर मिली हो

d. केवल तब, जब वस्तु सरकारी हो

 

1024. को एक किताब के पुस्तकालय से बिना अनुमति के मिलती है। यदि वह उसे केवल पढ़ने के लिए लेता है, तो क्या वह अपराधी है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल तब, जब वह उसे लौटा दे

d. केवल तब, जब वह उसे बेच दे

 

1025. ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग, जो मृत व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके कब्जे में थी का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 312

b. धारा 313

c. धारा 315

d. धारा 411

 

1026. धारा 315 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मृतक की सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग करता है, तो उसे अधिकतम कितने वर्षों की सजा हो सकती है?

a. दो वर्ष

b. तीन वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

c. पाँच वर्ष

d. सात वर्ष

 

1027. यदि अपराधी मृतक का लिपिक या सेवक था, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. तीन वर्ष

b. पाँच वर्ष

c. सात वर्ष

d. दस वर्ष

 

1028. धारा 315 का अपराध तब होता है जब सम्पत्ति:

a. किसी जीवित व्यक्ति के कब्जे में हो

b. किसी सरकारी अधिकारी के कब्जे में हो

c. मृत व्यक्ति के कब्जे में मृत्यु के समय रही हो और अभी तक किसी वैध उत्तराधिकारी के कब्जे में गई हो

d. किसी व्यापारी के पास हो

 

1029. कौन-सा कारक सजा को बढ़ाकर 7 वर्ष तक कर सकता है?

a. सम्पत्ति का मूल्य 1 लाख से अधिक हो

b. अपराधी मृतक का रिश्तेदार हो

c. अपराधी मृतक का सेवक या लिपिक हो

d. अपराध रात्रि में किया गया हो

 

1030. दृष्टांत के अनुसार, यदि मृतक के सेवक ने उसकी मृत्यु के बाद उसके धन का बेईमानी से उपयोग कर लिया, तो कौन-से अपराध का दोषी है?

a. धारा 378 – चोरी

b. धारा 405 – आपराधिक न्यासभंग

c. धारा 315 – मृतक की सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग

d. कोई अपराध नहीं

 

1031. आपराधिक न्यासभंग' के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 315

d. धारा 316

 

1032. आपराधिक न्यासभंग सम्बन्धित होता है-

a. केवल जंगम संपत्ति से

b. केवल स्थावर संपत्ति से

c. जंगम तथा स्थावर दोनों संपत्तियों से

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

1033. आपराधिक न्यासभंग के किसी अपराध में निम्न में से क्या अनिवार्यतः संलिप्त होता है?

a. पंजीकृत समिति

b. पंजीकृत न्यास

c. पंजीकृत अथवा अपंजीकृत न्यास

d. संपत्ति

 

1034. यदि संपत्ति न्यस्त किया गया व्यक्ति बेईमानीपूर्वक इसे अपने उपयोग में ले आता है तो वह कौन सा अपराध करता है-

a. कपट

b. छल

c. आपराधिक दुर्विनियोग

d. आपराधिक न्यासभंग

 

1035. संपत्ति के विरूद्ध कोई अपराध हो सकता है-

a. सदोष परिरोध

b. केवल आपराधिक न्यासभंग

c. मानहानि

d. लोक न्यूसेंस

 

1036. 'जिसे '' ने एक कैटलॉग मुद्रण के लिए कुछ ब्लॉक सौंपे थे, उसी ब्लॉक से प्रतिस्पर्धी संस्था का कैटलॉग मुद्रित कर देता है। 'दोषी है-

a. आपराधिक न्यासभंग का

b. आपराधिक दुर्विनियोग का

c. छल का

d. चोरी का

 

1037. ‘अपने सेवक '' के मोबाइल फोन भेजता है। हाथों अपने मित्र को एक सेवक फोन अपने घर ले जाता है और काफी समय तक स्वयं उपयोग करता है।'' दोषी है-

a. चोरी का

b. संपत्ति के आपराधिक दुर्विनियोग का

c. आपराधिक न्यासभंग का

d. छल का

 

1038. ', जो एक यात्रा पर जा रहा है, अपने लौटने तक के लिए अपनी सोने की तश्तरी 'को सौंप जाता है। 'तश्तरी बाजार ले जाता है और बेच देता है। उसने क्या अपराध किया है-

a. चोरी

b. उद्दापन

c. छल

d. आपराधिक न्यासभंग

 

1039. ', जो एक परिवहनकर्ता है, को '' द्वारा कुछ संपत्ति जलमार्ग से परिवहन हेतु सौंपी जाती है। 'बेईमानी से संपत्ति का दुर्विनियोग करता है। 'ने निम्नलिखित में से क्या अपराध किया है?

a. आपराधिक न्यासभंग

b. आपराधिक दुर्विनियोग

c. आदतन चोरी की संपत्ति का व्यापार

d. छल

 

1040. 'एक भांडागारिक है। '' एक यात्रा पर जाते समय अपना घरेलू सामान 'को इस अनुबंध पर साँप जाता है कि एक निश्चित धनराशि के भुगतान के बदले में सामान लौटा दिया जाएगा। 'बेईमानीपूर्वक सामान बेच देता है। वह कौन सा अपराध करता है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. संपत्ति का आपराधिक दुर्विनियोग

c. चोरी

d. छल

 

1041. ‘एक मृत व्यक्ति की वसीयत का निष्पादक होने के नाते उस कानून की बेईमानीपूर्वक अवज्ञा करता है जो उसे वसीयत के अनुसार संपत्ति को विभाजित करने का निर्देश देता है और वह इस संपत्ति का निजी उपयोग कर लेता है। उसने कौन सा अपराधएक मृत व्यक्ति की वसीयत का निष्पादक होने के नाते उस कानून की बेईमानीपूर्वक अवज्ञा करता है जो उसे वसीयत के अनुसार संपत्ति को विभाजित करने का निर्देश देता है और वह इस संपत्ति का निजी उपयोग कर लेता है। उसने कौन सा अपराध किया है?

a. चोरी

b. आपराधिक दुर्विनियोग

c. आपराधिक न्यासभंग

d. छल

 

1042. एक महिला, जिसे एक रेलवे टिकट की आवश्यकता है, स्टेशन की खिड़की पर भीड़ देखकर खिड़की के समीप खड़े '' से अपने लिए एक टिकट लेने को कहती है और उसे इसके लिए पैसे देती है। '' पैसे लेता है और टिकट लेने के बजाए पैसे समेत वहाँ से भाग जाता है। '' ने कौन सा अपराध किया है?

a. चोरी

b. आपराधिक दुर्विनियोग

c. आपराधिक न्यासभंग

d. छल

 

1043. '' कोच्चि निवासी एक अमीर व्यक्ति है जो चेन्नई में अपने एजेंट को इस निर्देश के साथ 50,000 रुपए भेजता है कि इसे दो गरीब छात्रों में बराबर-बराबर बाँट दिया जाए। 'तथा '' वहाँ इंजीनियरिंग में अध्ययनरत् दो छात्र हैं। एजेंट ऐसा करने के बजाए दो अन्य अत्यन्त गरीब एवं सुपात्र छात्रों को यह राशि बराबर-बराबर बाँट देता है। एजेंट ने कौन सा अपराध किया है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. कोई अपराध नहीं

c. धोखाधड़ी

d. आपराधिक दुर्विनियोग

 

1044. ''' का एजेंट है। दोनों के बीच अनुबंध है कि '' द्वारा प्रेषित सभी धनराशियों को '' द्वारा '' के निर्देशानुसार निवेशित किया जाएगा। '' इस निर्देश के साथ 10 लाख रुपए '' को भेजता है कि इसे इंफ्रास्ट्रक्चर बाँड में निवेश कर दिया जाए। बेईमानीपूर्वक निर्देश की अवज्ञा करता है और अधिक लाभ अर्जित करने हेतु धन का अपने व्यवसाय में निवेश कर देता है। '' ने क्या अपराध किया है-

a. कोई अपराध नहीं

b. आपराधिक दुर्विनियोग

c. आपराधिक न्यासभंग

d. उद्दापन

 

1045. 'एक नियोक्ता है जो अपने कर्मचारियों से यह कहते हुए उनके वेतन का निश्चित प्रतिशत कटौती कर लेता है कि इसे उनके भविष्यनिधि अंशदान में जमा किया जाएगा किन्तु वह इसे निधि में जमा नहीं करता 'ने क्या अपराध किया है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. आपराधिक दुर्विनियोग

c. चोरी

d. छल

 

1046. संस्था की ओर से धन संग्रह करने और इसे संस्था के प्रयोजनों के लिए उपयोग करने का निर्देश प्राप्त करने वाला एक साझेदार धन को संस्था के बैंक खाते में जमा नहीं करता, वह उत्तरदायी है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. सिविल न्यासभंग

c. उपरोक्त में (a) अथवा (b)

d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

 

1047. क्या कोई व्यक्ति अपनी ही संपत्ति से न्यासभंग कर सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. यह मामले के तथ्यों पर निर्भर करेगा

d. यह न्यायालय के विवेक पर निर्भर करेगा।

 

1048. आरोपी को आभूषण बनाने हेत कुछ चाँदी सौंपी गई थी और उसने बेईमानीपूर्वक आभूषणों में ताँबा मिला दिया। इसमें कौन सा अपराध किया गया है-

a. कपट

b. छल

c. उद्धापन

d. आपराधिक न्यासभंग

 

1049. धारा 316 के अंतर्गत सजा क्या है?

a. 2 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

b. 5 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

c. 7 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

d. 10 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

 

1050. यदि कोई भांडागारिक उस वस्तु को बेच देता है जो उसके पास केवल सुरक्षित रखने के लिए दी गई थी, तो वह

a. कोई अपराध नहीं करता

b. आपराधिक न्यासभंग करता है

c. सिर्फ सिविल विवाद बनता है

d. चोरी करता है

 

1051. जब कोई लिपिक या सेवक आपराधिक न्यासभंग करता है, तो उसकी अधिकतम सजा क्या है?

a. 5 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

b. 7 वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा

c. 10 वर्ष या जुर्माने से, या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

1052. यदि कोई लोक सेवक, बैंकर, व्यापारी, अभिकर्ता आदि आपराधिक न्यासभंग करता है, तो उसे अधिकतम क्या सजा हो सकती है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. आजीवन कारावास या 10 वर्ष

d. केवल जुर्माना

 

1053. चुराई हुई संपत्ति के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 315

d. धारा 316

 

1054. चुराई हुई संपत्ति किसे कहा जाता है?

a. केवल वह जो चोरी से ली गई हो

b. वह संपत्ति जो जब्त की गई हो

c. वह संपत्ति जो चोरी, उद्दापन, लूट, छल, आपराधिक दुर्विनियोग या न्यासभंग से प्राप्त हो

d. केवल वह जो डकैती से ली गई हो

 

1055. जो कोई चुराई हुई संपत्ति को, यह जानते हुए या विश्वास करने का कारण रखते हुए कि वह चुराई हुई है, बेईमानी से प्राप्त करता है, उसकी अधिकतम सजा क्या है?

a. 1 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 7 वर्ष

 

1056. छल के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 315

d. धारा 316

 

1057. संपत्ति की सुपुर्दगी करने में किसी व्यक्ति को बेईमानीपूर्वक उत्प्रेरित करना क्या होता है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. छल

c. दुर्विनियोग

d. उद्धापन

 

1058. "छल" (Cheating) का अर्थ क्या है?

a. किसी को झूठ बोलना

b. किसी को हिंसा से डराना

c. किसी को बेईमानी से प्रेरित करना कि वह संपत्ति परिदत्त करे या हानि सहन करे

d. किसी संपत्ति को छुपाना

 

1059. ', '' को आशयपूर्वक यह विश्वास दिलाता है कि वह जो एक लाख रुपये 'को उधार देगा, शीघ्र ही चुका देगा। जबकि उसका आशय उक्त राशि चुकाने का नहीं है। तदनुसार वह बेईमानी से 'या' को उक्त रकम के लिए उत्प्रेरित करता है। 'के द्वारा कौन-सी धारा के अंतर्गत न्यायनीय अपराध किया गया है?

a. धारा 320 भा. दं. सं.

b. धारा 319 भा. दं. सं.

c. धारा 318 भा. दं. सं.

d. धारा 321 भा. दं. सं.

 

1060. धोखा निम्नलिखित में से किसका अनिवार्य तत्व है-

a. आपराधिक न्यासभंग

b. कूट रचना

c. छल

d. उपरोक्त सभी

 

1061. छल के अपराध के लिए-

a. धोखा दिए गए व्यक्ति को संपत्ति सुपुर्द करने हेतु कपटपूर्वक अथवा बेईमानीपूर्वक अवश्य उत्प्रेरित किया गया होना चाहिए

b. साशय उत्प्रेरण के परिणामस्वरूप धोखा खाने वाले व्यक्ति के शरीर, मस्तिष्क, ख्याति अथवा संपत्ति को क्षति अथवा हानि होती है अथवा ऐसा होने की संभावना होती है

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों सही हैं

d. इनमें से कोई नहीं

 

1062. छल के अपराध के लिए धोखा देने का इरादा कब मौजूद होना चाहिए-

a. अंततः

b. मध्य में

c. उपरोक्त दोनों

d. प्रारंभ से ही

 

1063. धारा 318 के अंतर्गत सजा क्या है यदि कोई व्यक्ति सामान्य छल करता है?

a. अधिकतम 6 माह

b. अधिकतम 1 वर्ष

c. अधिकतम 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों

d.कोई सजा नहीं है

 

1064. यदि कोई व्यक्ति ऐसे व्यक्ति को छल करता है, जिसके हित की रक्षा के लिए वह विधिक रूप से बाध्य है, तो अधिकतम सजा क्या है?

a. 2 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

1065. "तथ्यों का बेईमानी से छिपाना" किस अपराध की श्रेणी में आता है?

a. आपराधिक विश्वासभंग

b. छल

c. चोरी

d. धोखाधड़ी

 

1066. यदि कोई व्यक्ति छल के द्वारा किसी को प्रेरित करता है कि वह कोई मूल्यवान प्रतिभूति नष्ट कर दे, तो उसकी अधिकतम सजा क्या है?

a. 3 वर्ष

b. 5 वर्ष

c. 7 वर्ष + जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

1067. "प्रतिरूपण द्वारा छल" के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 318

b. धारा 317

c. धारा 319

d. धारा 316

 

1068. किसी परीक्षा में जालसाजीपूर्वक किसी और का प्रतिरूपण करते हुए बैठना तथा प्रश्नपत्र पर दूसरे के नाम से हस्ताक्षर करना कैसा अपराध होता है-

a. धोखाधड़ी के साथ-साथ जालसाजी

b. मात्र जालसाजी

c. मात्र धोखाधड़ी

d. प्रतिरूपण द्वारा छल के साथ-साथ कूट रचना

 

1069. 'आयकर विभाग का कर्मचारी नहीं है किन्तु स्वयं को आयकर अधिकारी प्रदर्शित करते हुए '' के व्यवसायिक केन्द्र पर छापा मारता है और वहाँ से मूल्यवान सामग्री ले लेता है। इस प्रकार 'कौन सा अपराध करता है-

a. छल

b. प्रतिरूपण द्वारा छल

c. लूट

d. कपटं

 

1070. "प्रतिरूपण द्वारा छल" (Cheating by personation) का क्या अर्थ है?

a. झूठ बोलकर पैसा लेना

b. किसी और व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत होकर छल करना

c. नकली दस्तावेज़ बनाना

d. किसी को धमकाकर संपत्ति लेना

 

1071. धारा 319 के अंतर्गत, प्रतिरूपण किसके रूप में किया जा सकता है?

a. केवल वास्तविक व्यक्ति के रूप में

b. केवल सरकारी अधिकारी के रूप में

c. वास्तविक या काल्पनिक किसी भी व्यक्ति के रूप में

d. केवल मृत व्यक्ति के रूप में

 

1072. प्रतिरूपण द्वारा छल करने वाले व्यक्ति को अधिकतम क्या सजा हो सकती है?

a. 2 वर्ष तक का कारावास

b. 3 वर्ष तक का कारावास

c. 5 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों

d. आजीवन कारावास

 

1073. रिष्टि के अपराध का वर्णन भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 322

b. धारा 323

c. धारा 324

d. धारा 325

 

1074. जब कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को क्षति पहुँचाने के इरादे से संपत्ति को नष्ट करता है तो उसे क्या करने वाला कहा जाता है-

a. रिष्टि

b. दंगा

c. लूट

d. न्यूसेंस

 

1075. रिष्टि के अपराध के अनिवार्य तत्व हैं-

a. किसी संपत्ति को हानि पहुँचाने का इरादा

b. किसी संपत्ति की प्रकृति को परिवर्तित करने का इरादा

c. जानबूझकर किसी अन्य की संपत्ति को नष्ट करके अथवा इसका अवमूल्यन करने के द्वारा संपत्ति को सदोष हानि अथवा क्षति पहुँचाना

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

1076. 'स्वेच्छा से नदी में '' की अंगूठी फेंक देता है। जिसके पीछे उसका इरादा '' को सदोष हानि पहुँचाना था। 'का दोष क्या है-

a. चोरी

b. रिष्टि

c. उद्दापन

d. छल

 

1077. "रिष्टि" की परिभाषा के अनुसार कोई व्यक्ति दोषी तब माना जाता है जब वह:

a. किसी संपत्ति को बिना अनुमति उपयोग करता है

b. जानबूझकर संपत्ति का नाश या उसमें क्षतिकारक तब्दीली करता है

c. संपत्ति को गिरवी रखता है

d. संपत्ति को उपहार में देता है

 

1078. धारा 324 के अंतर्गत साधारण रिष्टि के लिए अधिकतम सजा क्या है?

a. 1 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 6 महीने

d. 5 वर्ष

 

1079. यदि रिष्टि के कारण सरकारी या स्थानीय प्राधिकरण की संपत्ति को क्षति पहुँचती है, तो अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. 3 वर्ष

b. 6 महीने

c. 1 वर्ष

d. 2 वर्ष

 

1080. रिष्टि के परिणामस्वरूप यदि हानि ₹20,000 से अधिक लेकिन ₹1,00,000 से कम है, तो अपराधी को अधिकतम कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

1081. रिष्टि के परिणामस्वरूप यदि हानि ₹1,00,000 से अधिक है, तो अपराधी को अधिकतम कितने वर्ष की सजा हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

1082. धारा 325 के अंतर्गत "रिष्टि" किस प्रकार की क्रिया से संबंधित है?

a. दस्तावेज़ों की हानि

b. फसल की चोरी

c. जीव-जन्तु को वध करने या विकलांग करने द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुँचाना

d. सड़क पर दुर्घटना कराना

 

1083. 'की '' के साथ एक घोड़ेरूपी संयुक्त संपत्ति थी। '' को सदोष हानि पहुँचाने के इरादे से वह घोड़े को गोली मार देता है। भारतीय न्याय संहिता की किस धारा के अंतर्गत 'पर आरोप अभियोग लगाया जाएगा?

a. धारा 325

b. धारा 329

c. धारा 326

d. धारा 327

 

1084. ''' के साथ एक घोड़े / हाथी में संयुक्त संपत्ति रखते हुए को सदोष हानि कारित करने के लिए 'उस घोड़े को गोली मार देता है। भारतीय दण्ड संहिता की किस धारा के अधीन 'को आरोपित किया जायेगा?

a. धारा 325

b. धारा 326

c. धारा 327

d. धारा 328

 

1085. यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी जानवर को विष देकर मार देता है, तो यह किस अपराध की श्रेणी में आता है?

a. हत्या

b. पशु क्रूरता

c. रिष्टि (धारा 325 के अंतर्गत)

d. चोरी

 

1086. धारा 325 के अंतर्गत अधिकतम सजा क्या हो सकती है?

a. तीन वर्ष कारावास

b. पाँच वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों

c. एक वर्ष कारावास

d. छह महीने का कारावास

 

1087. आपराधिक अतिचार और गृह अतिचार का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 328

b. धारा 327

c. धारा 330

d. धारा 329

 

1088. आपराधिक अतिचार कब माना जाता है?

a. जब कोई बिना अनुमति के किसी वाहन में प्रवेश करता है

b. जब कोई ऐसी संपत्ति में या संपत्ति पर बिना अनुमति के अपराध करने या किसी व्यक्ति को अभित्रस्त, अपमानित या क्षुब्ध करने के आशय से प्रवेश करता है

c. जब कोई सार्वजनिक जगह पर शोर करता है

d. जब कोई दुकान पर चोरी करता है

 

1089. '' बिना अनुमति के 'के घर में प्रवेश करता है ताकि वह उसकी सफलता पर उसे बधाई दे सके। '' कौन सा अपराध करता है?

a. आपराधिक अतिचार

b. गृह अतिचार

c. रिष्टि

d. इनमें से कुछ नहीं

 

1090. आपराधिक अतिचार का अपराध तब पूरा होता है जब व्यक्ति किसी दूसरे की कब्जे वाली संपत्ति में प्रवेश करता है ताकि वह कर सके-

a. एक जमानतीय अपराध

b. कोई अपराध

c. एक गैर-जमानतीय अपराध

d. एक संज्ञेय अपराध

 

1091. गृह-अतिचार किसे कहते हैं?

a. किसी सार्वजनिक पार्क में प्रवेश

b. किसी निर्माण, तम्बू, जलयान या उपासना-स्थान में अवैध प्रवेश या वहां रहना, जिसका उपयोग मानव आवास या सुरक्षा के लिए होता है

c. सड़क पर चलना

d. व्यापारिक प्रतिष्ठान में काम करना

 

1092. आपराधिक अतिचार की सजा क्या हो सकती है?

a. 6 महीने की जेल

b. 3 महीने तक का कारावास, या 5,000 रुपए तक जुर्माना, या दोनों

c. 1 वर्ष की जेल

d. केवल जुर्माना

 

1093. गृह-अतिचार करने पर अधिकतम दंड क्या हो सकता है?

a. 3 महीने का कारावास

b. 1 वर्ष तक का कारावास, या 5,000 रुपए तक जुर्माना, या दोनों

c. 5 वर्ष का कारावास

d. केवल जुर्माना

 

1094. गृह अतिचार और गृह-भेदन का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 328

b. धारा 327

c. धारा 330

d. धारा 329

 

1095. गृह-अतिचार के बाद, यदि अतिचारी ऐसा करता है कि उसे अपवर्जित करने वाले व्यक्ति से छिपाया जाए, तो इसे क्या कहा जाता है?

a. गृह-भेदन

b. प्रच्छन्न गृह-अतिचार

c. आपराधिक प्रवेश

d. चोरी

 

1096. गृह-भेदन तब माना जाएगा जब कोई गृह-अतिचारी निम्न में से किस प्रकार प्रवेश या प्रस्थान करता है?

a. सामान्य द्वार से प्रवेश करके

b. किसी ताले को खोलकर या छेद करके प्रवेश या बाहर निकलता है

c. मकान मालिक की अनुमति से प्रवेश करता है

d. सार्वजनिक मार्ग से अंदर जाता है

 

1097. निम्नलिखित में से कौन गृह-भेदन का उदाहरण है?

a. किसी के घर की खिड़की से प्रवेश करना

b. सार्वजनिक पार्क में घूमना

c. किसी दुकान में खरीदारी करना

d. बिना अनुमति किसी गली में जाना

 

1098. गृह-भेदन के अंतर्गत प्रवेश या प्रस्थान के किन तरीकों को माना जाता है?

a. केवल द्वार से अनुमति लेकर प्रवेश

b. ताले तोड़कर, छेद करके, छिपे रास्ते से या धमकी देकर प्रवेश या प्रस्थान

c. मुख्य सड़क से प्रवेश

d. केवल दरवाजे पर दस्तक देकर प्रवेश

 

1099. गृह-अतिचार और गृह-भेदन में क्या अंतर है?

a. गृह-अतिचार बिना अनुमति घर में प्रवेश करना है, गृह-भेदन गृह-अतिचार के बाद अवैध तरीके से प्रवेश या प्रस्थान है।

b. दोनों एक समान हैं।

c. गृह-भेदन केवल चोरी से संबंधित है।

d. गृह-अतिचार सार्वजनिक जगहों के लिए है।

 

1100. प्रच्छन्न गृह-अतिचार या गृह-भेदन करने पर कितनी अवधि का कारावास हो सकता है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

1101. सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गृह-अतिचार या गृह-भेदन करने पर अधिकतम कितनी अवधि का कारावास हो सकता है?

a. 2 वर्ष

b. 3 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 10 वर्ष

 

1102. यदि कोई व्यक्ति कारावास योग्य अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार करता है, और वह अपराध चोरी है, तो अधिकतम कारावास की अवधि क्या होगी?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. 14 वर्ष

 

1103. सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले कारावास योग्य अपराध करने के लिए प्रच्छन्न गृह-अतिचार करने पर अधिकतम कारावास की अवधि क्या है, यदि अपराध चोरी है?

a. 10 वर्ष

b. 12 वर्ष

c. 14 वर्ष

d. 16 वर्ष

 

1104. मिथ्या दस्तावेज रचना का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 328

b. धारा 335

c. धारा 330

d. धारा 329

 

1105. धारा 335 के अनुसार मिथ्या दस्तावेज रचना किसे कहते हैं?

a. केवल दस्तावेज पर गलत हस्ताक्षर करना।

b. बेईमानी या कपटपूर्वक किसी दस्तावेज़ या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को रचना, हस्ताक्षरित, मुद्रांकित, निष्पादित या पारेषित करना।

c. केवल इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख पर हस्ताक्षर करना।

d. किसी भी दस्तावेज को बिना अनुमति के पढ़ना।

 

1106. धारा 335 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख पर बेईमानी से इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर करता है, तो वह क्या करता है?

a. एक कानूनी प्रक्रिया पूरी करता है।

b. मिथ्या दस्तावेज रचना का दोषी होता है।

c. केवल दस्तावेज को सुरक्षित करता है।

d. कोई अपराध नहीं करता।

 

1107. यदि कोई व्यक्ति चेक पर बिना राशि अंकित किए उसे प्राप्त कर, बाद में कपटपूर्वक राशि लिख देता है, तो वह क्या करेगा?

a. केवल दस्तावेज़ का दुरुपयोग करेगा।

b. मिथ्या दस्तावेज रचना का दोषी होगा।

c. कोई अपराध नहीं होगा।

d. केवल दस्तावेज़ को खो देगा।

 

1108. यदि कोई व्यक्ति चेक पर बिना राशि अंकित किए उसे प्राप्त कर, बाद में कपटपूर्वक राशि लिख देता है, तो वह क्या करेगा?

a. केवल दस्तावेज़ का दुरुपयोग करेगा।

b. मिथ्या दस्तावेज रचना का दोषी होगा।

c. कोई अपराध नहीं होगा।

d. केवल दस्तावेज़ को खो देगा।

 

1109. कूटरचना का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 338

b. धारा 335

c. धारा 336

d. धारा 339

 

1110. धारा 336 के अनुसार कूटरचना किसे कहते हैं?

a. केवल किसी दस्तावेज़ पर गलत हस्ताक्षर करना।

b. मिथ्या दस्तावेज़ या मिथ्या इलैक्ट्रानिक अभिलेख इस आशय से रचना कि उससे किसी को नुकसान हो, हक का समर्थन हो, या कपट किया जाए।

c. केवल इलैक्ट्रानिक अभिलेख को मिटाना।

d. केवल दस्तावेज़ की नकल करना।

 

1111. धारा 336 के अनुसार, कूटरचना करने पर कितनी कारावास हो सकती है?

a. 1 वर्ष

b. 2 वर्ष

c. 5 वर्ष

d. 7 वर्ष

 

1112. यदि कूटरचना इस आशय से की जाती है कि दस्तावेज़ छल के प्रयोजन से उपयोग किया जाएगा, तो दंड क्या होगा?

a. कारावास 2 वर्ष तक या जुर्माना।

b. कारावास 3 वर्ष तक।

c. कारावास 7 वर्ष तक और जुर्माना।

d. केवल जुर्माना।

 

1113. धारा 336 के अनुसार, यदि कूटरचना इस आशय से की जाए कि दस्तावेज़ से किसी की ख्याति को हानि पहुँचे, तो दंड क्या होगा?

a. कारावास 1 वर्ष तक।

b. कारावास 3 वर्ष तक और जुर्माना।

c. कारावास 7 वर्ष तक।

d. कोई दंड नहीं।

 

1114. 'सम्पत्ति-चिह्न' का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 348

b. धारा 345

c. धारा 340

d. धारा 349

 

1115. आपराधिक अभित्रास का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 352

b. धारा 345

c. धारा 340

d. धारा 351

 

1116. धारा 351 के अनुसार, आपराधिक अभित्रास क्या है?

a. केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना

b. किसी व्यक्ति के शरीर, ख्याति या सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने की धमकी देना ताकि वह संत्रासित हो

c. केवल शारीरिक हमले का अपराध

d. केवल अफवाह फैलाना

 

1117. धारा 351 के अनुसार, आपराधिक अभित्रास का सामान्य दंड क्या हो सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. दो वर्ष तक का कारावास, जुर्माना, या दोनों

c. केवल जुर्माना

d. तीन महीने की जेल

 

1118. धारा 351 के अनुसार, जब धमकी में मृत्यु, घोर उपहति, अग्नि से संपत्ति नाश या महिला की असतित्व का लांछन हो, तो दंड की अधिकतम अवधि क्या है?

a. दो वर्ष

b. सात वर्ष

c. एक वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

1119. धारा 351 के अंतर्गत, अनाम संसूचना देकर आपराधिक अभित्रास करने पर अतिरिक्त दंड क्या है?

a. कोई अतिरिक्त दंड नहीं

b. दो वर्ष तक का कारावास

c. जुर्माना

d. आजीवन कारावास

 

1120. धारा 351 के उदाहरण के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सिविल मुकदमा चलाने से रोकने के लिए घर जलाने की धमकी देता है, तो उसे कौन सा अपराध माना जाएगा?

a. चोरी

b. आपराधिक अभित्रास

c. धोखाधड़ी

d. अपहरण

 

1121. लोकशांति भंग कराने को प्रकोपित करने के आशय से साशय अपमान का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 349

b. धारा 350

c. धारा 351

d. धारा 352

 

1122. धारा 352 के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानता हो कि उसका साशय अपमान करने से लोकशांति भंग हो सकती है, तो वह अपराध कब बनेगा?

a. तभी जब अपमान सार्वजनिक हो

b. जब वह प्रकोपित करने का आशय रखता हो या यह संभाव्य जानता हो

c. केवल अगर कोई चोट लगे

d. केवल यदि वह पुलिस को सूचना देता हो

 

1123. धारा 352 के अनुसार, साशय अपमान करने के लिए अधिकतम दंड क्या है?

a. एक वर्ष तक का कारावास

b. दो वर्ष तक का कारावास, जुर्माना, या दोनों

c. सात वर्ष का कारावास

d. केवल जुर्माना

 

1124. लोक रिष्टिकारक वक्तव्य का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 353

b. धारा 345

c. धारा 340

d. धारा 352

 

1125. व्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा, कराया गया कार्य का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 352

b. धारा 345

c. धारा 354

d. धारा 351

 

1126. मत्त व्यक्ति द्वारा लोक स्थान में अवचार का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 355

b. धारा 345

c. धारा 353

d. धारा 343

 

1127. धारा 355 के अनुसार, मत्तता की हालत में लोक स्थान में आकर अवचार करने वाले व्यक्ति को क्या दंड मिल सकता है?

a. आजीवन कारावास

b. 24 घंटे तक का सादा कारावास, जुर्माना 1000 रुपए तक, या दोनों, या सामुदायिक सेवा

c. सात वर्ष तक का कारावास

d. कोई दंड नहीं

 

1128. मानहानि का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 352

b. धारा 353

c. धारा 355

d. धारा 356

 

1129. धारा 356 के अनुसार, मानहानि का अपराध कब होता है?

a. जब कोई व्यक्ति सचाई के आधार पर किसी की आलोचना करता है।

b. जब कोई व्यक्ति किसी के बारे में ऐसा लांछन लगाता है जिससे उसकी ख्याति को अपमानित किया जाता है।

c. जब कोई व्यक्ति अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करता है।

d. जब कोई व्यक्ति न्यायालय की सही रिपोर्ट प्रकाशित करता है।

 

1130. धारा 356 के अनुसार, किस प्रकार की मानहानि को अपवाद माना गया है?

a. कोई भी मानहानि अपवाद के अंतर्गत आती है।

b. केवल जब लांछन सत्य हो और लोक कल्याण के लिए हो।

c. जब किसी की आलोचना व्यक्तिगत द्वेष से हो।

d. केवल जब लांछन किसी न्यायाधीश द्वारा किया जाए।

 

1131. मानहानि का अपराध किसे क्षति पहुँचाए जाने से सम्बन्धित होता है-

a. व्यक्तियों के एक संघ

b. किसी व्यक्ति की संपत्ति

c. किसी व्यक्ति का परिवार

d. किसी व्यक्ति की ख्याति

 

1132. मानहानि होती है-

a. एक अनैतिक कार्य

b. मीडिया द्वारा अनैतिक व्यवहार

c. सार्वजनिकतौर पर भ्रष्ट एवं अभद्र व्यवहार

d. सिविल दोष एवं आपराधिक अपराध

 

1133. मानहानि की जा सकती है-

a. वल एक जीवित व्यक्ति की

b. जीवित के साथ-साथ मृत व्यक्ति की भी

c. एक व्यक्ति, कंपनी, संघ अथवा व्यक्तियों के समूह की

d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों

 

1134. इनमें से क्या मानहानि नहीं है-

a. कोई लांछन प्रकाशित करना

b. किसी मृत व्यक्ति पर लांछन लगाना

c. किसी कंपनी पर लांछन लगाना

d. किसी लोकसेवक के सार्वजनिक आचरण के सम्बन्ध में.

 

1135. भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के अंतर्गत मानहानि के लिए कितने अपवादों का प्रावधान किया गया है-

a. 4

b. 10

c. 6

d. 9

 

1136. एक आंदोलन के कारण अधिवक्ताओं ने न्यायालय की कार्यवाहियों में भाग लेना रोक दिया और 'सत्याग्रह' पर चले गए। समाचारपत्र में एक संपादकीय के अंतर्गत आलोचना की गई कि क्या एक वर्ग के रूप में अधिवक्ताओं को हड़ताल पर जाना चाहिए। साथ ही साथ संपादकीय में अधिवक्ताओं को 'कजिया दलाल' के रूप में वर्णित किया गया-

a. समाचारपत्र का संपादक मानहानि का दोषी है

b. समाचारपत्र का संपादक मानहानि का दोषी नहीं है

c. केवल संपादक बल्कि निदेशक मंडल के अध्यक्ष तथा इसके महाप्रबंधक भी मानहानि के दोषी हैं।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

1137. ''' के द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक के बारे में सद्भावना से कहता है कि '' की पुस्तक अश्लील है, '' अवश्य ही एक विकृत मस्तिष्क वाला व्यक्ति होना चाहिए। क्या यह मानहानि भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के अंतर्गत न्यायनीय है-

a. हाँ, क्योंकि यह राय '' के चरित्र से सम्बन्धित है

b. नहीं, क्योंकि यह राय भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के अपवादों में आती है

c. नहीं, क्योंकि यह एक अपमान वचन है।

d. नहीं, क्योंकि इसे सूचित नहीं किया गया है।

 

1138. निम्नलिखित में से क्या मानहानि का अपवाद है-

a. लोककल्याण के लिए सत्य का लांछन

b. लोकसेवकों के सार्वजनिक आचरण

c. साहित्यिक आलोचना

d. उपरोक्त सभी

 

1139. एक वैकल्पिक अथवा व्यंग्यपूर्वक अभिव्यक्त किया गया लांछन-

a. मानहानि हो सकता है

b. मानहानि नहीं हो सकता है।

c. यदि किसी महिला के प्रति हो तो लज्जाभंग हो सकता है

d. तो मानहानि ही लज्जाभंग हो सकता है

 

1140. निम्नलिखित में से क्या मानहानि है-

a. इस इरादे, कि यह विश्वास कर लिया जाए कि ने की घड़ी चुराई है, के साथ कहता है, " एक ईमानदार व्यक्ति है, उसने कभी भी की घड़ी नहीं चुराई।"

b. से पूछा जाता है कि की घड़ी किसने चुराई? की ओर इशारा करता है

c. एक चित्र बनाता है जिसमें की घड़ी के साथ भाग रहा है

d. उपरोक्त सभी

 

1141. मानहानि के आरोप का उत्तर देने हेतु निम्नलिखित में से क्या अच्छा बचाव है-

a. लांछन जो सही है, लोककल्याण के लिए प्रकाशित किया गया है.

b. एक लोकसेवक के अपने पद के कर्तव्यपालन सम्बन्धी आचरण के बारे में राय सद्भावनापूर्वक व्यक्त की गई है

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. इनमें से कोई नहीं

 

1142. 'कहता है-'' एक ईमानदार आदमी है, उसने कभी भी '' की घड़ी नहीं चुराई। उसका इरादा यह विश्वास दिलवाने का है कि '' ने '' की घड़ी चुराई थी। 'दोषी है-

a. किसी अपराध का नहीं

b. न्यासभंग का

c. मानहानि का

d. चोरी का

 

1143. भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से क्या मानहानि होता है-

a. सतर्क करना जिसका इरादा किसी ऐसे व्यक्ति की भलाई हो जिसे सतर्क किया गया हो अथवा लोक कल्याण हेतु

b. किसी कंपनी अथवा संघ अथवा व्यक्तियों के समूह के सम्बन्ध में लांछन लगानां

c. दूसरों पर विधिसम्मत अधिकार रखनेवाले व्यक्ति द्वारा सद्भाव में निंदा परित करना

d. न्यायालय की कार्यवाही की रिपोर्टों को प्रकाशन करना

 

1144. धारा 356 के अनुसार, मानहानि के लिए अधिकतम दंड क्या है?

a. आजीवन कारावास

b. दो वर्ष तक का सादा कारावास, जुर्माना, या दोनों, या सामुदायिक सेवा

c. 10 वर्ष का कारावास

d. जुर्माना नहीं

 

1145. धारा 356 में उल्लिखित कौन सा अपवाद न्यायालय की कार्यवाही की सही रिपोर्टिंग को मानहानि से बाहर रखता है?

a. अपवाद 1

b. अपवाद 4

c. अपवाद 7

d. अपवाद 10

 

1146. धारा 356 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध सद्भावपूर्वक सावधानी देता है और वह लोक कल्याण के लिए है, तो क्या यह मानहानि होगी?

a. हाँ, सदैव मानहानि होगी।

b. नहीं, यह अपवाद में आता है।

c. केवल जब वह व्यक्ति सार्वजनिक पद पर हो।

d. केवल जब उस व्यक्ति का नाम उजागर किया जाए।

 

1147. धारा 356 के अनुसार, मानहानि के लिए कौन सा माध्यम अपराध की श्रेणी में आता है?

a. केवल मौखिक शब्द

b. केवल लिखित शब्द

c. बोले गए, लिखित, संकेतों या दृश्य रूप में किसी भी माध्यम से

d. केवल सामाजिक मीडिया पर

 

1148. असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने की और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने की संविदा का भंग के विषय में का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 357

b. धारा 358

c. धारा 356

d. धारा 355

 

1149. धारा 357 के अंतर्गत किस प्रकार के व्यक्ति की देखभाल करना दंडनीय अपराध है?

a. कोई भी व्यक्ति

b. कोई धनवान व्यक्ति

c. ऐसा व्यक्ति जो किशोरावस्था, चित्त-विकृति, रोग या शारीरिक दुर्बलता के कारण असहाय हो

d. केवल बुजुर्ग व्यक्ति

 

1150. धारा 357 के अंतर्गत, अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति

a. बिना किसी संविदा के किसी की देखभाल करता है

b. संविदा से आबद्ध होते हुए जानबूझकर उस व्यक्ति की आवश्यकताओं की पूर्ति करना बंद कर देता है

c. सरकारी आदेश की अवहेलना करता है

d. किसी को रोजगार नहीं देता

 

1151. धारा 357 के अंतर्गत अपराधी को अधिकतम कितने समय तक का कारावास हो सकता है?

a. 1 वर्ष या जुर्माना

b. 6 माह या ₹1000 जुर्माना या दोनों

c. 3 माह या ₹5000 जुर्माना या दोनों

d. 2 वर्ष या ₹3000 जुर्माना या दोनों

 

1152. निरसन और व्यावृत्ति के विषय में का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता के किस अध्याय में किया गया है-

a. अध्याय 19

b. अध्याय 20

c. अध्याय 18

d. अध्याय 17

 

1153. निरसन और व्यावृत्ति का प्रावधान भारतीय न्याय संहिता की किस धारा में किया गया है-

a. धारा 357

b. धारा 358

c. धारा 356

d. धारा 355

 

1154. धारा 358 के अंतर्गत किस संहिता को निरस्त किया गया है?

a. भारतीय संविधान

b. भारतीय दण्ड संहिता, 1860

c. दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973

d. साक्ष्य अधिनियम, 1872

 

1155. भारतीय दण्ड संहिता, के निरसन के बावजूद किन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा?

a. नए अपराधों की परिभाषा

b. पुलिस की शक्तियां

c. पूर्व में उस संहिता के अधीन अर्जित अधिकार और दण्ड

d. अदालतों की संख्या

 

1156. धारा 358 के अनुसार, निरसित संहिता के अधीन की गई कोई कार्रवाई किसके अधीन मानी जाएगी?

a. अब अमान्य मानी जाएगी

b. केवल न्यायालय की अनुमति से वैध मानी जाएगी

c. इस नई संहिता के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन

d. सरकार के आदेश से

 

1157. धारा 358 की उपधारा (4) किस अधिनियम का उल्लेख करती है?

a. साक्ष्य अधिनियम, 1872

b. साधारण खण्ड अधिनियम, 1897

c. प्रशासनिक कानून अधिनियम, 1950

d. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955

 

1158. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. भारतीय दण्ड संहिता के निरसन के बाद उसके अंतर्गत की गई सभी कार्रवाइयाँ स्वतः शून्य हो जाती हैं।

b. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत दिए गए दण्ड और अन्वेषण अब वैध नहीं हैं।

c. भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत की गई कार्रवाइयाँ इस संहिता के तहत की गई मानी जाएंगी।

d. भारतीय दण्ड संहिता को निरस्त करना सभी पुराने मामलों को बंद कर देता है

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