Download The Code Of Civil Procedure MCQs PDF Set-5
1. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 20 नियम 7 के अनुसार डिक्री पर किस तिथि का उल्लेख किया जाएगा?
a. वाद प्रस्तुत करने की तिथि
b. अंतिम बहस की सुनवाई की तिथि
c. निर्णय सुनाये जाने की तिथि
d. डिक्री तैयार करने की तिथि
2. एक अंतिम एक पक्षीय निर्णय किस पर बाध्यकारी नहीं है-
a. तृतीय पक्षो पर
b. किसी पक्ष के विधिक प्रतिनिधियों
c. सभी सद्भावी समनुदेशिती'
d. उपरोक्त सभी
3. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत डिक्री पारित करने के पश्चात् डिक्री की राशि के भुगतान को किश्तों में करने का निर्देश दिया जा सकता है?
a. आदेश 20, नियम 12
b. आदेश 21, नियम 10
c. आदेश 20 नियम 10
d. आदेश 20 नियम 11
4. आदेश 20 नियम 12 के अंतर्गत सिविल प्रक्रिया संहिता किस वादमें प्रारंभिक डिक्री पारित किए जाने का प्रावधान करती है-
a. कब्जा तथा अंतःकालीन लाभ
b. स्वामी एवं अभिकर्ता के बीच खाते
c. साझेदारी के विघटन में
d. अग्रक्रय
5. धन के भुगतान हेतु डिक्री पारित किए जाने के वादनिर्णीत ऋणी के आवेदन पर न्यायालय यह आदेश नहीं पारित करेगा कि डिक्री की राशि का भुगतान किश्तों में किया जाएगा-
a. निर्णीत ऋणी की वित्तीय स्थिति के सम्बन्ध में दस्तावेज प्राप्त किए बिना
b. डिक्री धारक की सहमति के बिना
c. दोनों पक्षकारों के साक्ष्य दर्ज किए बिना
d. दोनों पक्षकारों से शपथपत्र प्राप्त किए बिना
6. किसी वाद में एक प्रारंभिक डिक्री पारित की जा सकती है-
a. साझेदारी हेतु
b. कब्जे एवं अंतःकालीन लाभ हेतु
c. बँटवारे हेतु
d. उपरोक्त सभी
7. निम्नलिखित में से किस वाद में सिविल प्रकिया संहिता प्रारंभिक डिक्री पारित किए जाने का प्रावधान करती है?
a. कब्जे एवं अंतःकालीन लाभ सम्बन्धी वाद
b. प्रशासनिक वाद
c. अग्रक्रय सम्बन्धी वाद
d. उपरोक्त सभी
8. डिक्रियों एवं आदेशों के निष्पादन से सम्बन्धित सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 21 कुल कितने नियमों में निहित है-
a. 100 नियम
b. 103 नियम
c. 106 नियम
d. 102 नियम
9. सिविल प्रक्रिया संहिता का सबसे विस्तृत आदेश है-
a. आदेश 41
b. आदेश 45
c. आदेश 19
d. आदेश 21
10. जब किसी न्यायालय की इच्छा हो कि इसकी डिक्री को किसी अन्य न्यायालय द्वारा निष्पादित किया जाए तो वह दूसरे न्यायालय को प्रेषित करेगा-
a. निर्णय एवं निष्पादन याचिका
b. निष्पादन याचिका तथा अतुष्टि प्रमाणपत्र
c. एक डिक्री तथा अतुष्टि प्रमाणपत्र
d. निर्णय एवं डिक्री
11. जहाँ डिक्री से वर्षों के अंदर निष्पादन का आवेदन किया गया हो वहाँ डिक्री के निष्पादन के लिए निर्णीत ऋणी को आवेदन की नोटिस जारी किया जाना आवश्यक नहीं होता-
a. डिक्री के तीन वर्षों
b. डिक्री के पाँच वर्षों
c. डिक्री के दो वर्षों
d. डिक्री के चार वर्षों
12. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत विनिर्दिष्ट पालन अथवा दांपत्य अधिकारों के पुनःस्थापन अथवा एक व्यादेश के लिए डिक्री के निष्पादन का प्रावधान किया गया है-
a. आदेश 21 नियम 32
b. आदेश 21 नियम 34
c. आदेश 21 नियम 30
d. आदेश 21 नियम 31
13. दांपत्य अधिकारों के प्रत्यास्थापन सम्बन्धी डिक्री का निष्पादन सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 के अंतर्गत किस प्रकार किया जा सकता है-
a. सिविल कारावास में निरूद्ध करके तथा संपत्ति को कुर्क करके
b. संपत्ति को कुर्क करके
c. सिविल कारावास में निरूद्ध करके
d. सिविल कारावास में निरूद्ध करके अथवा संपत्ति को कुर्क करके किसी एक तरीके से
14. सिविल प्रक्रिया संहिता के निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान संपत्ति की कुर्की से सम्बन्धित दावों एवं आपत्तियों के न्यायनिर्णयन का प्रावधान करता है?
a. आदेश 21 नियम 57
b. आदेश 21 नियम 59
c. आदेश 21 नियम 58
d. उपरोक्त में कोई नहीं
15. नीलामी का खरीददार खरीद की कुल राशि का भुगतान कब करेगा.
a. 21 दिन के अंदर
b. 30 दिन के अंदर
c. 7 दिन के अंदर
d. 15 दिन के अंदर
16. निम्न में किसकी प्रस्तुति के लिए निर्धारित समयसीमा को परिसीमा अधिनियम की धारा 5 के प्रावधान का उपयोग करते हुए बढ़ाया अथवा माफ नहीं किया जा सकता?
a. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 115 के अंतर्गत पुनर्विचार
b. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 21 के अंतर्गत निष्पादन हेतु अर्जी
c. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96, 100 एवं 104 के अंतर्गत अपील
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 के अंतर्गत प्रतिस्थापना हेतु अर्जी
17. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन निष्पादन हेतु आवेदन नहीं प्रस्तुत कर सकता-
a. डिक्री धारक
b. निर्णीत ऋणी
c. विधिक प्रतिनिधि, यदि डिक्री धारक मर चुका हो
d. डिक्री धारक के अधीन होने का दावा करने वाला कोई व्यक्ति
18. जहाँ कोई अचल संपत्ति एक संपदा हो तथा दो अथवा अधिक न्यायालयों की स्थानीय सीमाओं में स्थित हों-
a. न्यायालय केवल अपनी अधिकारिता के अंतर्गत आने वाली संपत्ति बेच सकता है
b. कोई एक न्यायालय संपूर्ण संपदा को बेच सकता है
c. कोई भी न्यायालय संपदा के किसी भी भाग को नहीं बेच सकता
d. वह न्यायालय संपूर्ण संपदा को बेच सकता है जिसकी अधिकारिता के अंतर्गत संपदा का अधिक बड़ा भाग स्थित हो।
19. 'गारनेशी' ऐसा व्यक्ति होता है जो-
a. निर्णीत ऋणी का ऋणी हो
b. विदेशी हो
c. चूककर्ता हो
d. डिक्रीधारक हो
20. एक गारनेशी आदेश ऐसा आदेश होता है जो-
a. डिक्रीधारक को निर्णीत ऋणी के ऋणी से भुगतान प्राप्त करने का निर्देश देता है
b. निर्णीत ऋणी के ऋणी द्वारा निर्णीत ऋणी को कोई भी भुगतान किया जाना प्रतिबंधित करता है।
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
21. व्यवहार प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 नियम 90 के संबंध में क्या सही नहीं है?
a. विक्रय के प्रकाशन या संचालन में सारवान अनियमितता या कपट का होना।
b. ऐसी क्षति, अनियमितता या कपट द्वारा कारित होनी चाहिए।
c. यह मात्र विक्रय के संचालन से संबंधित होना चाहिए।
d. आवेदक को सारवान क्षति होनी चाहिए।
22. क' 'ख' के विरूद्ध एक धन सम्बन्धी डिक्री हासिल करता है। धन डिक्री के निष्पादन में 'क' 'ख' के 'ग' के पास पड़े धन को कुर्क कर लेता है। तब 'ग' को क्या कहा जाएगा-
a. गारनेशी
b. डिक्री धारक
c. निर्णीत ऋणी
d. बैंकर
23. निम्न में से कौन सुमेलित नहीं है?
a. कमीशन जारी होना - आदेश 21
b. वाद की संस्थापना - आदेश 4
c. निर्णय एवं डिक्री - आदेश 20
d. समन जारी होना- आदेश 5
24. किसी विचारण न्यायालय के समक्ष निष्पादन कार्यवाही व्यक्ति सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 एक नियम 97 के अंतर्गत इस आधार पर आवेदन प्रस्तुत करता है कि वह वाद अधीन संपत्ति का वास्तविक क्रेता है। उसकी आपत्ति-
a. पोषणीय नहीं है क्योंकि उसका विचाराधीन वाद किसी पक्षकार को ऐसी संपत्ति का सौदा करने से वर्जित करता है जो किसी वाद की विषयवस्तु हो
b. पोषणीय है क्योंकि वह वास्तविक क्रेता है।
c. पोषणीय है क्योंकि उसने एक पृथक वाद प्रस्तुत नहीं किया है
d. पक्षकारों की अनुमति मात्र से ही सुना जा सकता है
25. किसी मृतक वादी के विधिक प्रतिनिधि की प्रतिस्थापना हेतु आवेदन किसके द्वारा दी जा सकती है?
a. प्रतिवादी द्वारा
b. वादी के विधिक प्रतिनिधियों द्वारा
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों में से एक
26. किसी वादी अथवा प्रतिवादी की मृत्यु वाद को समाप्त करने का कारण नहीं होगी, यदि-
a. वाद करने का अधिकार कायम हो
b. वादहेतुक कायम हो
c. अनुतोष कायम हो
d. उपरोक्त सभी
27. उपशमन का अर्थ होता है-
a. किसी मृतक पक्षकार के विधिक प्रतिनिधियों को अभिलेख पर लाने की प्रक्रिया
b. समुचित पक्षकारों की आवश्यकतावश किसी कार्य में कार्यवाहियों का निलंबन अथवा समाप्ति
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
28. 'क' अपने पीछे अपने पुत्र 'ख' तथा विवाहित पुत्री 'च' को छोड़कर मर जाता है। 'क' के द्वारा प्रस्तुत किया गया एक बाद, उसकी मृत्यु के बाद, जारी रखा जा सकता है-
a. ख' तथा 'च' एवं 'च' के पति द्वारा विधिक प्रतिनिधियों के रूप में
b. 'ख' तथा 'च' दोनों द्वारा विधिक प्रतिनिधि के रूप में
c. अकेले 'ख' के द्वारा विधिक प्रतिनिधि के रूप में
d. अकेले 'च' के द्वारा विधिक प्रतिनिधि के रूप में
29. यदि वाद प्रस्तुत करने का अधिकार बचा रहता है तो क्या किसी पक्षकार की मृत्यवश वाद समाप्त हो जाएगा?
a. यदि विरोधी पक्ष सहमत हो
b. हाँ
c. नहीं
d. उपरोक्त में कोई नहीं
30. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 पक्षकार की मृत्यु पर एक वाद की स्थिति क्या होगी-
a. यदि वादलाने का अधिकार बचा रहता है तो वादी या प्रतिवादी की मृत्यु से वाद का उपशमन नहीं होगा
b. वादी की मृत्यु से वाद का उपशमन हो जाएगा
c. प्रतिवादी की मृत्यु से वाद का उपशमन हो जाएगा
d. उपरोक्त (a) और (b)
31. जहां आदेश 22, सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन वाद का उपशमन हो जाता है या खारिज किया जाता है, वहां उसी वादहेतुक पर-
a. नया वाद नहीं लाया जायेगा
b. पर्याप्त कारण दर्शाने पर दायर हो सकेगा
c. नया वाद पक्षकारों की रजामंदी से दायर हो जायेगा
d. न्यायालय की पूर्वानुमति से नया वाद दायर हो सकेगा
32. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 43 के अंतर्गत एक अपील निम्नलिखित में से किस आदेश से बनेगी
a. आदेश 7 नियम 11 वादको अपास्त करना
b. आदेश 8 नियम 1 प्रतिवादी को लिखित कथन प्रस्तुत करने की अनुमति न देना
c. आदेश 14 नियम 5 किसी भी पक्षकार के कहने पर किसी वादहेतुक को हटाने से इंकार करना
d. आदेश 22 नियम 9 वाद की समाप्ति को अपास्त करने अथवा खारिज करने से इंकार करना
33. जहाँ वादी वादकी सुनवाई के वादतथा निर्णय सुनाये जाने के पूर्व मर जाता है वहाँ-
a. समाप्त हो जाएगा यदि वाद प्रस्तुत करने का अधिकार सुरक्षित न रहा हो
b. वाद समाप्त नहीं होगा
c. समाप्त हो जाएगा
d. उपरोक्त में कोई नहीं
34. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 नियम 9 के अंतर्गत वाद के समाप्त हो जाने पर-
a. उसी वादहेतुक के आधार पर एक नया वाद वर्जित है।
b. उसी वादहेतुक के आधार पर अधिकार के तौर पर एक नया वाद लाया जा सकता है
c. उसी वादहेतुक के आधार पर एक नया वादमात्र न्यायालय की अनुमति से ही लाया जा सकता है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
35. एक अधिवक्ता का कर्तव्य होता है कि वह पक्षकारों की मृत्यु के सम्बन्ध में न्यायालय को सूचित करे-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 नियम 10-क के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 नियम 1 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 नियम 4 के अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 नियम 8 के अंतर्गत
36. निम्न में से किस मामले पर सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 के नियम 3 तथा 4 लागू नहीं होते?
a. प्रथम अपील
b. द्वितीय अपील
c. वाद
d. निष्पादन सम्बन्धी कार्यवाहियों
37. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 23 निम्नलिखित में से किसपर लागू होता है-
a. अपीलों पर
b. निष्पादन कार्यवाहियों पर
c. वादों के प्रत्याहरणं पर
d. उपरोक्त सभी पर
38. "विधि किसी व्यक्ति को ऐसा अधिकार अथवा लाभ नहीं देता जिसकी उसे इच्छा न हो" का यह सिद्धांत सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के किस प्रावधान से सम्बन्धित है?
a. धारा 148 क
b. आदेश 23 नियम 1
c. धारा 26
d. आदेश 6 नियम 1
39. वाद प्रत्याहरण का अधिकार होता है-
a. वादी का एक सीमित अधिकार
b. कतिपय शर्तों के अधीन
c. पूर्णतः वादी का अधिकार
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
40. जहाँ न्यायालय द्वारा प्रदान की गई अनुमति के आधार पर आदेश 23, नियम (1) के अंतर्गत एक नया वाद संस्थापित किया गया हो-
a. वादी परिसीमा के विधि से उसी प्रकार बाध्य होगा जैसे कि पहला वादसंस्थापित ही न किया गया हो
b. ऐसा वाद अवश्य विफल हो जाएगा यदि एक वर्ष के अंदर संस्थापित न किया गया हो
c. वादी परिसीमा विधि से बाध्य नहीं होता
d. ऐसी अनुमति प्राप्त होने के आदेश की तिथि से परिसीमा की एक नयी अवधि प्रारंभ हो जाती है।
41. निम्नलिखित में से कौन सा तथ्य सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23 के नियम 1(3) के अंतर्गत वाद के प्रत्याहरण हेतु "प्रारुपिक त्रुटि" की परिधि में आता है?
a. वाद संपत्ति की पहचान सम्बन्धी भ्रम
b. वाद का अनुचित मूल्यांकन
c. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 80 के अंतर्गत नोटिस की आवश्यकता
d. उपरोक्त सभी
42. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश 23 के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से गलत कथन को चिन्हित करें-
a. वादसंस्थित किए जाने के वादकिसी भी समय वादी अपने वाद का प्रत्याहरण कर सकता है अथवा अपने दावे के किसी भाग त्याग सकता है।
b. जब वादियों की संख्या अधिक हो तो न्यायालय उनमें से किसी एक को अलग होने की अनुमति दे सकता है, भले ही अन्य सहवादी ऐसे अलगाव से सहमत न हों
c. यदि एक वादी न्यायालय की अनुमति के बिना वाद से अलग होता है तो वह उसी विषयवस्तु के सम्बन्ध में उसी प्रतिवादी के विरूद्ध एक नया वादसंस्थित करने से वर्जित हो जाता है।
d. यदि न्यायालय संतुष्ट हो कि वादकिसी प्रारूपिक त्रुटि के कारण वाद अवश्य विफल होना चाहिए अथवा कोई अन्य समुचित आधार उपलब्ध हो तो यह वाद के प्रत्याहरण की अनुमति दे सकता है
43. वाद के प्रत्याहरण के वाद वादी-
a. उसी विषयवस्तु के सम्बन्ध में एक नया वादतब तक संस्थित नहीं कर सकता जब तक वाद के प्रत्याहरण के समय ऐसी स्वतंत्रता न प्रदान की गई हो।
b. उसी विषयवस्तु के सम्बन्ध में एक नया वादसंस्थित कर सकता है।
c. केवल न्यायालय की अनुमति से ही उसी विषयवस्तु के सम्बन्ध में एक नया वादसंस्थित कर सकता है
d. केवल उच्च न्यायालय की अनुमति से ही उसी विषयवस्तु के सम्बन्ध में एक नया वादसंस्थित कर सकता है
44. क्या कोई वादप्रत्याहरण के वादरखा जा सकता है?
a. हाँ, यदि वाद प्रत्याहरण के समय एक नया वाद प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता के साथ न्यायालय से अनुमति हासिल की गई हो
b. हाँ, इस शर्त के साथ कि दोनों ही मामलों में वादहेतुक एक समान हो
c. नहीं
d. हाँ
45. किसी वाद के पक्षकार वादमें समझौता कर सकते हैं-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23 नियम 1 के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23, नियम 4 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23, नियम 3क के अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23, नियम 3 के
अंतर्गत
46. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23, नियम 3 के अंतर्गत किया गया समझौता-
a. अवश्य ही लिखित में होना चाहिए किन्तु इसका पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षरित होना आवश्यक नहीं है।
b. अवश्य ही लिखित में होना चाहिए किन्तु इसका वैध 'होना आवश्यक नहीं है।
c. अवश्य ही लिखित में होना चाहिए तथा पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए
d. उपरोक्त में कोई नहीं
47. जब समझौते की एक डिक्री, जो अवैध रही हो, तब-
a. उच्च न्यायालय के समक्ष शिकायत की जानी होती है।
b. ऐसी डिक्री को अपास्त करने का कोई वाद नहीं बनेगा
c. ऐसी डिक्री को अपास्त करने का वाद बनेगा
d. जिला न्यायाधीश की अनुमति से ऐसी डिक्री को अपास्त करने का वाद बन सकता है
48. प्रतिनिधिक क्षमता में प्रस्तुत एक वाद वादी द्वारा वापस लिया जा सकता है, समझौता किया जा सकता है, त्यागा जा सकता है-
a. सभी हितधारक व्यक्तियों को सूचना के बिना
b. सभी हितधारक व्यक्तियों को सूचना के साथ
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों में से कोई एक
49. किसी 'प्रतिनिधि वाद' में न्यायालय की अनुमति के बिना किया गया कोई अनुबंध अथवा समझौता-
a. वैध होता है।
b. वैध अथवा शून्य होने योग्य में से कोई एक होता है
c. शून्य होता है।
d. शून्य होने के योग्य होता है।
50. निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
a. वाद संस्थित करने वाला / वाले व्यक्ति अथवा जो पक्षकार के रूप में शामिल हुए हों, को प्रतिवादी के साथ समझौता करने का अधिकार होता है
b. न्यायालय की अनुमति से एक प्रतिनिधि वादकिसी एक अथवा अधिक व्यक्तियों द्वारा सभी हितधारक व्यक्तियों के लाभ के लिए संस्थित किया जा सकता है।
c. प्रतिनिधि वाद की संस्थापना की नोटिस वादी के खर्चे 'पर समस्त हितधारकों को सार्वजनिक विज्ञापन के माध्यम से अवश्य दी जानी चाहिए जो उनकी संख्या, व्यक्तिगत तामील आदि कारणवश व्यवहारिक न हो
d. कोई भी व्यक्ति, जिसके लाभ के लिए एक प्रतिनिधि वाद संस्थापित किया गया हो, उसके एक पक्ष के रूप में शामिल होने हेतु आवेदन दे सकता है।
51. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23 नियम 3 के अंतर्गत समझौते के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
a. यह आवश्यक होता है कि समझौते की विषयवस्तु वही हो जो वादकी विषयवस्तु हो
b. एक समझौता, जो भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्यकरणीय हो, इस नियम के अर्थों में भी शून्यकरणीय होगा
c. इसका लिखित में होना तथा पक्षकारों द्वारा
हस्ताक्षरित होना आवश्यक होता है
d. वैध अनुबंध होने के लिए इसे आवश्यकतौर पर लिखित में होना तथा पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए
52. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के निम्नलिखित आदेशों में से कौन सा आदेश कमीशन निकाले जाने से सम्बन्धित है?
a. आदेश 25
b. आदेश 27
c. आदेश 24
d. आदेश 26
53. निम्नलिखित में से किस मामले में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 26 के अंतर्गत कमीशन नहीं निकाला जा सकता?
a. साक्षी के परीक्षण हेतु
b. रिसीवर की नियुक्ति हेतु
c. स्थानीय अन्वेषण हेतु
d. वैज्ञानिक अन्वेषण हेतु
54. एक न्यायालय कमीशन निकाल सकता है-
a. बँटवारा करने हेतु
b. खाते समायोजित करने हेतु
c. स्थानीय अन्वेषण करने हेतु
d. उपरोक्त सभी
55. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 26 नियम 4क न्यायालय को किसी वाद में किसी ऐसे व्यक्ति के परीक्षण के लिए कमीशन निकालने का अधिकार प्रदान करता है जो-
a. उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमा के बाहर का निवासी हो
b. उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमा को छोड़ने वाला
हो
c. उसकी अधिकारिता की स्थानीय सीमा के अंतर्गत निवासी हो
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
56. न्यायालय सिविल प्रक्रिया संहिता के किस आदेश के अंतर्गत वैज्ञानिक अन्वेषण हेतु कमीशन निकाल सकता है-
a. आदेश 26 नियम 10ख
b. आदेश 26, नियम 10क
c. आदेश 26, नियम 10ग
d. आदेश 26, नियम 11
57. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत न्यायालय कमीशन नहीं निकाल सकता-
a. किसी अंतःकालीन लाभ अथवा क्षति की राशि के निर्धारण हेतु
b. विवाद्यकों की विरचना हेतु
c. किसी विवादग्रस्त मामले को स्पष्ट करने हेतु
d. किसी संपत्ति के बाजार मूल्य के आकलन हेतु
58. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32 नियम 1 के अंतर्गत एक अव्यस्क का अर्थ होता है ऐसा व्यक्ति जो निम्नलिखित में से हुआ हो-
a. भारतीय वयस्कता अधिनियम
b. हिन्दू वयस्कता एवं अभिभावकता
c. किशोर न्याय अधिनियम
d. सिविल प्रक्रिया संहिता
59. क्या वयस्क होने के वादएक अवयस्क, यदि वह इकलौता वादी हो, यह आवेदन कर सकता है कि वादमित्र द्वारा उसके नाम से संस्थित कोई वादइस आधार पर खारिज कर दिया जाए कि यह अनुचित 4. अथवा अनुपयुक्त था-
a. नहीं
b. हाँ
c. वादमित्र की सहमति से
d. वादमित्र के साथ संयुक्त आवेदन से
60. राज्य सरकार के विरूद्ध किसी वाद में सरकार की ओर से वादपत्र पर कौन हस्ताक्षर कर सकता है?
a. राज्य का राज्यपाल
b. राज्य का मुख्यमंत्री
c. राज्य का मुख्यसचिव
d. ऐसा व्यक्ति जिसे सामान्य अथवा विशिष्ट आदेश द्वारा इस मामले के लिए सरकार द्वारा नियुक्त किया गया हो
61. किसी अवयस्क से सम्बन्धित किसी वाद में कार्यवाही को रोका नहीं जाएगा-
a. अवयस्क के वादमित्र की सेवानिवृत्ति पर
b. अवयस्क के वयस्क होने पर
c. अवयस्क के वादमित्र को हटाए जाने पर
d. अवयस्क के वादमित्र की मृत्यु होने पर
62. 'वादमित्र' के माध्यम से एक वादकिसके द्वारा संस्थित किया जा सकता है-
a. विक्षिप्त
b. अवयस्क
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
63. एक अवयस्क द्वारा एक वाद. संस्थित किया जासकता है?
a. अपने नाम से
b. अवयस्क के अभिभावक द्वारा अपने नाम से
c. अवयस्क के नातेदार द्वारा अपने नाम से
d. वादमित्र द्वारा उसके नाम से
64. एक व्यक्ति 'वादमित्र' के रूप में कार्य कर सकता है यदि वह-
a. स्वस्थ चित्त हो
b. वयस्क हो
c. भारत में रहने वाले किसी अवयस्क अथवा विक्षिप्त के विरूद्ध हितधारी न हो
d. उपरोक्त तीनों आवश्यकताओं की पूर्ति करता हो
65. न्यायालय की अनुमति के बिना अवयस्क की ओर से एक अनुबंध अथवा समझौता कर लिया गया है। सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32 नियम 7 के अंतर्गत ऐसा अनुबंध अथवा समझौता होगा-
a. अव्यस्क को छोड़कर अन्य समस्त पक्षकारों के विरूद्ध शून्यकरणीय
b. वैध
c. शून्य
d. अवयस्क सहित अन्य समस्त पक्षकारों के विरूद्ध शून्यकरणीय
66. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32 नियम 9 के अंतर्गत किसी अवयस्क के वादमित्र को हटाया जा सकता है-
a. जहाँ उसका हित अवयस्क के विपरीत हो रहा हो
b. जहाँ वह अपने कर्तव्य का पालन न कर रहा हो
c. यदि वह वाद के लंबित रहने के दौरान भारत में निवास करना छोड़ दे
d. उपरोक्त में से किसी भी कारणवश
67. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32, नियम 10 अंतर्गत 'वादमित्र' की मृत्यु होने पर वाद -
a. खारिज हो जाएगा
b. अस्वीकृत कर दिया जाएगा
c. रोक दिया जाएगा
d. खारिज अथवा अस्वीकृत कर दिया जाएगा
68. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32, नियम 4 के अंतर्गत किसी व्यक्ति को संरक्षक के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है-
a. उसकी लिखित सहमति पर
b. उसकी मौखिक सहमति पर
c. न तो (a) न ही (b)
d. (a) अथवा (b) दोनों नहीं
69. वादार्थ संरक्षक कौन होता है?
a. बच्चे का संरक्षक
b. बच्चे का सौतेला पिता
c. अवयस्क की ओर से कानूनी कार्यवाही करने हेतु न्यायालय द्वारा नियुक्त व्यक्ति
d. उपरोक्त में कोई नहीं
70. न्यायालय को वादार्थ संरक्षक नियुक्त करने की आवश्यकता होती है-
a. केवल अवयस्क वादी हेतु
b. वादी तथा प्रतिवादी दोनों हेतु
c. केवल अवयस्क प्रतिवादी हेतु
d. इनमें से कोई नहीं
71. सिविल प्रक्रिया संहिता में निर्धन व्यक्तियों के मामलों से सम्बन्धित प्रावधान कहाँ किए गए हैं?
a. आदेश 55 में
b. आदेश 89 में
c. आदेश 33 में
d. आदेश 32 में
72. एक व्यक्ति सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 33, नियम के अर्थों के अनुसार एक निर्धन व्यक्ति होता है यदि-
a. वाद पर देय शुल्क का भुगतान करने का कोई साधन हो
b. उसकी आजीविका के लिए पर्याप्त साधन हों
c. उसके पास वाद पर देय शुल्क के भुगतान हेतु पर्याप्त साधन न उपलब्ध हों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
73. किसी निर्धन व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत वादके सम्बन्ध में वाद को किस तिथि पर संस्थापित समझा जाता है-
a. जब ऐसी आवेदन स्वीकार कर ली गई हो
b. जब ऐसी आवेदन अस्वीकार कर दी गई हो
c. जब एक अकिंचन के रूप में वाद करने की अनुमति माँगने की आवेदन प्रस्तुत की गई हो
d. उपरोक्त में कोई नहीं
74. जहाँ कोई निर्धन व्यक्ति सफल हो जाता है तो न्यायालय
a. प्रतिवादी से
b. वादी से
c. राज्य सरकार से
d. वसूली योग्य नहीं होता
75. जब अकिंचन के रूप में वाद की अनुमति की आवेदन अस्वीकृत कर दी गई हो तो सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 33, नियम 15क के अंतर्गत वाद को संस्थापित समझा जाता है-
a. उस तिथि पर जिसपर अकिंचन के रूप में वाद प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी गई थी
b. उस तिथि पर जब न्यायालय शुल्क भुगतान किया गया हो
c. उस तिथि पर जिसपर अकिंचन के रूप में वाद प्रस्तुत करने की आवेदन प्रस्तुत की गई थी
d. उपरोक्त में से कोई एक जैसा न्यायालय निर्देश दे
76. सिविलं प्रक्रिया संहिता की किस धारा / आदेश के अंतर्गत "निर्धन व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सेवाएं" प्रदान करने का प्रावधान किया गया है?
a. आदेश 33, नियम 18
b. आदेश 39, नियम 2
c. धारा 151
d. धारा 115
77. अकिंचन वाद' का क्या अर्थ होता है?
a. निर्धन व्यक्ति द्वारा बाद
b. विधिक प्रतिनिधि द्वारा बाद
c. तीसरे पक्ष द्वारा वाद
d. लोकसेवक द्वारा वाद
78. अंतराभिवाची वाद से सम्बन्धित प्रावधान कहाँ निहित हैं-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 34 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 35 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 36 में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 22 में
79. एक 'अंतराभिवाची वाद' के लिए निम्नलिखित में से कौन सी शर्त आवश्यक नहीं होती?
a. ऐसा वाद अवश्य मौजूद होना चाहिए जिसमें ऋण अथवा संपत्ति के परस्पर विरोधी दावेदारों के अधिकारों का समुचित न्यायनिर्णयन किया जा सके
b. कोई ऋण अथवा संपत्ति विवादग्रस्त अवश्य होनी चाहिए
c. ॠण अथवा संपत्ति पर दावा करने वाले दो अथवा अधिक व्यक्तियों को एक दूसरे के विरूद्ध होना चाहिए
d. उपरोक्त सभी
80. एक अंतराभिवाची वादमें वादी दावा करता है-
a. वाद में न तो विषयवस्तु में हित का न ही प्रभारों एवं खर्चे का
b. वाद की विषयवस्तु में हित का
c. केवल प्रभारों अथवा खर्चों को छोड़कर वाद की विषयवस्तु में किसी भी हित का नहीं
d. उपरोक्त सभी
81. एक अंतराभिवाची वाद में वादी दावा कर सकता है-
a. खर्चों अथवा प्रभारों का
b. स्वामित्व का
c. संपत्ति में हिस्से का
d. अग्रक्रय के अधिकार का
82. अंतराभिवाची वाद एक वादहोता है-
a. ऐसे व्यक्ति द्वारा संस्थित जिसका विषयवस्तु में कोई हित न हो
b. ऐसे व्यक्ति द्वारा संस्थित जिसका विषयवस्तु में कोई हित हो
c. दो अधिवक्ताओं के बीच
d. केंन्द्र सरकार के प्लीडर तथा राज्य सरकार के प्लीडर के बीच
83. अंतराभिवाची वादसंस्थित नहीं किया जा सकता-
a. किसी ऐसी संपत्ति, जो उसके द्वारा धारित नहीं है, को रखने के उत्तरदायित्व से स्वयं को निर्मुक्त करने के लिए
b. जहाँ वाद लंबित हो जिसमें सभी पक्षकारों के अधिकारों का समुचित निर्णय किया जा सके
c. ऐसी किसी भी संपत्ति के लिए जो दो व्यक्तियों से सम्बन्धित हो किन्तु तत्समय किसी तीसरे व्यक्ति के पास हो
d. किसी संपत्ति तथा उसका दावा करने वाले व्यक्ति के बीच के सम्बन्ध के अवधारण हेतु
84. भावी ब्याज प्रदान किया जाना-
a. विवेकाधीन होता है
b. उपरोक्त में कोई नहीं
c. आज्ञापक होता है
d. निर्देशात्मक होता है
85. 'मित्रतापूर्ण वाद' का प्रावधान निहित है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 34 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 33 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 90, आदेश 36 में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 88 आदेश 35 में
86. संक्षिप्त वाद' सम्बन्धी प्रावधान निहित हैं-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 28 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 30 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32 में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 37 में
87. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 37 के अधीन प्रस्तुत एक संक्षिप्त वादमें प्रतिवादी के लिए यह आवश्यक है कि वह हाजिरी के समन की तामील होने के वादनियत अवधि में न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो। यह अवधि क्या है-
a. दो महीने उत्तर
b. 10 दिन
c. 15 दिन
d. 30 दिन
88. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश 37 के अधीन एक वाद को किस आधार पर संस्थित किया जा सकता है-
a. केवल हुंडी के आधार पर
b. केवल वचनपत्र के आधार पर
c. केवल विनिमय पत्र के आधार पर
d. उपरोक्त सभी
89. सिविल वादके लिए संक्षिप्त प्रक्रिया के संदर्भ में निम्न में से कौन सा कथन सही है?
a. किसी लिखित अनुबंध से उत्पन्न प्रतिवादी द्वारा देय धन में परिनिर्धारित माँग की वसूली के लिए लागू किया जा सकता है
b. किसी भी सिविल न्यायालय द्वारा शीघ्र न्यायनिर्णयन के हित में स्वप्रेरणा से अपने विवेकानुसार लागू किया जा सकता है
c. प्रतिवादी को प्रतिवाद की अनुमति लेने की आवश्यकता होती है, जो यदि प्राप्त हो जाए, तो शर्तहीन अवश्य होनी चाहिए
d. उपरोक्त सभी कथन सही नहीं हैं
90. वचन-पत्र में धन की वसूली का सूट फाइल किया जा सकता है-
a. सामान्य प्रक्रिया के तहत
b. उच्च न्यायालय में
c. रिट याचिका के तौर पर
d. सारांश प्रक्रिया के तहत जैसा कि Order, 37, CPC में निर्धारित है।
91. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 38 सम्बन्धित है-
a. निर्णय पूर्व गिरफ्तारी एवं कुर्की से
b. अस्थाई व्यादेश से
c. अंतराभिवाची से
d. संक्षिप्त प्रक्रिया से
92. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत निर्णय के पूर्व कुर्की का प्रावधान किया गया है-
a. धारा 96
b. आदेश 38 नियम 5-13
c. आदेश 29 नियम 1
d. आदेश 40 नियम 3
93. सिविल प्रक्रिया संहिता में एक सिविल न्यायालय अपने समक्ष लंबित प्रक्रिया में किसी संपत्ति के सम्बन्ध में निर्णय के पूर्व कुर्की का निर्देश दे सकता है। ऐसे प्रावधान कहाँ निहित हैं-
a. आदेश 39
b. आदेश 40
c. आदेश 37
d. आदेश 38
94. चूकवश खारिज किसी वादमें निर्णय के पूर्व कुर्की?
a. वाद की पुनर्बहाली पर स्वयं ही पुनर्जीवित नही होती
b. पुनर्जीवित होना या न होना वाद के तथ्यों तथा परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
c. वाद की पुनर्वहाली पर स्वयं ही पुनर्जीवित हो जाती है।
d. उपरोक्त (a) तथा (b) में कोई नहीं
95. व्यादेश सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के किस 5 सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत प्रतिवादी वादी के प्रावधान के अंतर्गत मंजूर किया जाता है-
a. धारा 115
b. धारा 96
c. उपरोक्त में कोई नहीं
d. आदेश 39 नियम 1
96. सिविल न्यायालय द्वारा अंतवर्ती आदेश पारित किया जाता है-
a. डिक्री के निष्पादन हेतु
b. संपत्ति की कुर्की हेतु
c. सिविल प्रक्रिया के लंबित रहने के दौरान
d. किसी व्यक्ति को समन करने हेतु
97. अस्थायी व्यादेश दिया जा सकता है-
a. किसी चुनाव को रोकने हेतु
b. लोकसेवक के विरूद्ध की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकने हेतु
c. लोकसेवक के विरूद्ध किसी विपरीत प्रविष्टि के परिणाम को रोकने हेतु
d. संपत्ति से निष्कासन को रोकने हेतु
98. निम्नलिखित में से कौन सा आधार अस्थाई व्यादेश हेतु एक उचित आधार सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन नहीं है?
a. यह कि प्रतिवादी अपनी सम्पत्ति को व्ययनित करने की धमकी देता है।
b. यह कि विवाद ग्रस्त सम्पत्ति की सरकार द्वारा अधिग्रहण की संभावना है।
c. यह कि विवादग्रस्त किसी सम्पत्ति के बारे में खतरा है उसका दुर्व्ययन हो सकता है।
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
99. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत प्रतिवादी वादी के प्रावधान के विरूद्ध अस्थायी व्यादेश माँग सकता है यदि-
a. वादी अपने लेनदारों को धोखा देने के विचार से संपत्ति को बेचने की धमकी दे रहा हो
b. वाद प्रतिवादी को वाद संपत्ति से निकाल देने की धमकी, दे रहा है
c. यह खतरा प्रतीत हो रहा हो कि वादी वाद संपति का अपव्यय अथवा अंतरण कर देगा
d. उपरोक्त सभी
100. सिविल प्रक्रिया संहिता किस व्यादेश हेतु प्रावधान करती है-
a. आज्ञापक व्यादेश
b. अस्थायी व्यादेश
c. स्थायी व्यादेश
d. इनमें से कोई नहीं
101. एक अस्थायी व्यादेश के सम्बन्ध में क्या गलत है-
a. वाद के निस्तारण तक विवाद अधीन संपत्ति को यथावत् संरक्षित रखता है.
b. यदि कोई विशिष्ट समय न दिया गया हो तो सदैव जारी रहता है
c. यह पक्षकारों के साझा अधिकारों को अंतिमतौर पर स्थापित कर देता है तथा पक्षकारों को हमेशा के लिए कुछ कार्य करने अथवा न करने का निर्देश देता है
d. एकपक्षीय तौर पर मंजूर किया जा सकता है
102. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के निम्नलिखित प्रावधानों में से किस प्रावधान के अंतर्गत व्यादेश की अवज्ञा अथवा व्यादेश को भंग करने के परिणामों का वर्णन किया गया है?
a. आदेश 32
b. आदेश 39 नियम 2क
c. आदेश 33
d. उपरोक्त में कोई नहीं
103. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 39 नियम 2 सम्बन्धित है-
a. अस्थायी व्यादेश से
b. निर्णय पूर्व कुर्की से
c. डिक्री के निष्पादन से
d. रिसीवर की नियुक्ति से
104. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत प्रदान किए गए व्यादेश की शर्तों के उल्लंघन के मामले में न्यायालय कैसा आदेश पारित कर सकता है-
a. संपत्ति की कुर्की एवं बिक्री का
b. गिरफ्तारी एवं सिविल कारावास में 3 महीने की निरुद्धि का
c. संपत्ति की कुर्की एवं सिविल कारावास में निरुद्धि का
d. उपरोक्त (क) तथा (ग) दोनों
105. अस्थायी व्यादेश की शर्तों के उल्लंघन के मामले में न्यायालय क्या आदेश पारित कर सकता है-
a. उल्लंघनकर्ता को उल्लंघन की समाप्ति तक अनिश्चितकाल के लिए सिविल कारावास में निरूद्ध कर दिया जाए
b. यदि उल्लंघन 1 वर्ष से अधिक जारी रहे तो उल्लंघनकर्ता की संपत्ति की कुर्की, बिक्री तथा संपूर्ण बिक्री राशि को 1 क्षतिपूर्ति के तौर पर आहत पक्षकार को दिया जाना
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों गलत हैं
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों सही हैं
106. कुर्क की गई संपत्ति की कुर्की के आदेश 39 नियम 2क के अंतर्गत कब तक प्रभावी रहेगी-
a. तीन माह
b. एक वर्ष
c. छह माह
d. सात वर्ष
107. व्यादेश की अवज्ञा अथवा भंग के परिणामस्वरूप सिविल कारावास में निरोध की अवधि किससे अधिक नहीं होगी-
a. छह माह
b. एक वर्ष
c. एक माह
d. तीन माह
108. जहाँ विरोधी पक्ष को कोई नोटिस दिए बिना एक व्यादेश पारित किया गया हो वहाँ न्यायालय आवेदन पर कितने दिन के अंदर निर्णय पारित करने का प्रयास करेगा-
a. 21 दिन
b. 30 दिन
c. 7 दिन
d. 15 दिन
109. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 39 के नियम 6 से 10 किससे सम्बन्धित हैं-
a. वादपत्र
b. अंतवर्ती आदेश
c. संपत्ति की कुर्की
d. व्यक्तियों की गिरफ्तारी
110. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत अस्थाई व्यादेश का कोई रद्द किया जा सकता है?
a. आदेश 39 नियम 9
b. आदेश 39 नियम 4
c. आदेश 39 नियम 7
d. आदेश 39 नियम 2क
111. संहिता के आदेश 39 का कौन सा नियम प्रावधान करता है कि किसी निगम को निर्देशित एक व्यादेश न केवल निगम पर बाध्यकारी होता है बल्कि इसके सभी ऐसे सदस्यों और अधिकारियों पर भी बाध्यकारी होता है जिनके व्यक्तिगत कार्यों पर रोक लगाने की मांग इसके द्वारा की गई हो-
a. नियम 3
b. नियम 5
c. नियम 3क
d. नियम 4
112. यदि एक पक्षकार अस्थायी व्यादेश को भंग करता है। तो-
a. उसे न्यायालय की अवमानना हेतु दंडित किया जाएगा
b. उसपर अर्थदंड लगाया जाएगा
c. उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
113. निम्न में से क्या स्थापित करने वाले पक्षकार के पक्ष में एक अस्थायी व्यादेश मंजूर किया जा सकता है-
a. उसके पक्ष में एक प्रथमदृष्टया मामला
b. व्यादेश न मंजूर किए जाने की स्थिति में उसे होने वाली अपूर्णीय क्षति
c. उसके पक्ष में सुविधा का संतुलन
d. उपरोक्त सभी
114. व्यादेश की डिक्री का आज्ञानुवर्तन नहीं किया गया है तब-
a. निष्पादनीय नहीं है
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 39 नियम 2(ए) के तहत याचिका प्रस्तुत कर निष्पादनीय है
c. नया वाद प्रस्तुत कर निष्पादनीय हैं।
d. निर्णीतऋऋणी के सिविल कारावास एवं उसकी संपत्ति
की कुर्की द्वारा निष्पादनीय है
115. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत " रिसीवरों की नियुक्ति" का प्रावधान किया गया है?
a. आदेश 11, नियम 1
b. आदेश 20 नियम 1
c. आदेश 40 नियम 1
d. आदेश 41, नियम 1
116. न्यायालय आदेश द्वारा डिक्री के पूर्व किसी भी संपत्ति का रिसीवर नियुक्त कर सकता है-
a. जहाँ प्रतिवादी अपनी संपूर्ण संपत्ति अथवा उसके किसी भाग को बेचने वाला हो
b. जहाँ प्रतिवादी न्यायालय की अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं से बाहर जा चुका हो
c. जहाँ न्यायालय को ऐसा करना न्यायोचित एवं सुविधाजनक प्रतीत हो
d. जहाँ वाद संपत्ति के डिक्री के निष्पादन में गलत तरीके से बेचे जाने का खतरा हो
117. किसी विवादित संपत्ति के संरक्षण हेतु नियुक्त व्यक्ति को किस नाम से जाना जाता है-
a. निर्णीत देनदार
b. रिसीवर
c. अकिंचन
d. आयुक्त
118. एक रिसीवर क्या होता है-
a. वादी का अभिकर्ता
b. प्रतिवादी का अभिकर्ता
c. न्यायालय का अधिकारी
d. वादी तथा प्रतिवादी में से किसी एक का अभिकर्ता, यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
119. किसी संपत्ति के रिसीवर की नियुक्ति कब की जा सकती है-
a. डिक्री के पूर्व
b. जब न्यायालय को ऐसा न्यायोचित एवं सुविधाजनक प्रतीत हो; चाहे डिक्री के पूर्व अथवा पश्चात्
c. डिक्री के बाद
d. केवल अपीली न्यायालय आदेश दे सकता है
120. सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 के किसी प्रावधान के अंतर्गत कलेक्टर को रिसीवर नियुक्त किया जा सकता है?
a. आदेश 40 नियम 2
b. आदेश 41 नियम 5
c. आदेश 40 नियम 5
d. आदेश 41, नियम 1
121. प्रतिवादी अपील की सुनवाई की नोटिस तामील होने की तिथि से कितने समय के अंदर प्रति आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकता है?
a. 45 दिनों में
b. 21 दिनों में
c. 45 दिनों में
d. एक माह में
122. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 42 सम्बन्धित है-
a. सर्वोच्च न्यायालय में अपील से
b. अपीली डिक्री से उत्पन्न अपील से
c. निर्धन व्यक्ति द्वारा अपील से
d. आदेशों के विरूद्ध अपील से
123. निर्धन व्यक्तियों द्वारा अपीलों का प्रावधान किया गया है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 44 के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 42 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 43 के अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 45 के अंतर्गत
124. यदि एक न्यायालय संतुष्ट हो कि इसके समक्ष लंबित किसी वादमें किसी अधिनियम की वैधता का प्रश्न संलिप्त है तो उसे-
a. मामले को उच्च न्यायालय को निर्देशित करना चाहिए
b. अधिनियम की वैधता पर निर्णय देना चाहिए
c. उच्च न्यायालय को पुनर्विचार के अधिकार का उपयोग करना चाहिए
d. परामर्श हेतु सर्वोच्च न्यायालय को निर्देशित करना चाहिए
125. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत जब पुनर्विलोकन का एक आवेदन खारिज हो गया हो-
a. कोई अपील नहीं बनती
b. आदेश के विरूद्ध अपील की जा सकती है
c. न्यायालय की अनुमति से आदेश के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की जा सकती है।
d. इनमें से कोई नहीं
126. व्यवहार प्रक्रिया संहिता, 1908 में कौन सा प्रावधान पुनर्विलोकन के आवेदन पर किये गये आदेश के या पुनर्विलोकन में पारित डिक्री या किये गये आदेश के पुनर्विलोकन के लिये आवेदन ग्रहण करने को वर्जित करता है-
a. धारा 11
b. धारा 10
c. आदेश XLVII नियम 9
d. आदेश IX नियम 9
127. न्यायालय की अधिकारिता का निर्णय किया जाता है-
a. वाद के आर्थिक मूल्य द्वारा
b. विवाद उत्पत्ति के स्थान द्वारा
c. विवाद की विषयवस्तु द्वारा
d. उपरोक्त सभी
128. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की निम्नलिखित में से कौन सी धारा अधिकारिता' को परिभाषित करती है?
a. धारा 9
b. धारा 15
c. धारा 2(9)
d. परिभाषित नहीं है
129. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित नहीं है?
a. मैत्रीपूर्ण वाद – धारा 90 आदेश 35
b. साम्यिक मुजरा – आदेश 20
c. वादपत्र की संस्थान - धारा 26 आदेश 4
d. अंतराभिवाची वाद - धारा 88 आदेश 35
130. वैधानिक प्रलेखों की संवैधानिक वैधता से सम्बन्धित वाद का प्रावधान कहाँ किया गया है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32क, नियम 3 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 37, नियम 2 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 27 नियम 1-क में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 34 नियम 1 में
131. परिवारिक मामलों से सम्बन्धित वादके लिए प्रक्रिया दी गई है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 27क में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 30 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 32क में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 29 में
132. 1. महिलाएं, जिन्हें देश की परंपराओं तथा तौर- तरीकों के कारण सार्वजनिक तौर पर उपस्थित होने हेतु बाध्य नहीं किया जाता, को न्यायालय में निजी उपस्थिति से छूट प्राप्त है।
2. हालांकि, किसी ऐसे वाद, जिसमें किसी महिला की गिरफ्तारी को सिविल प्रक्रिया संहिता द्वारा निषिद्ध न किया गया हो, किसी सिविल प्रक्रिया में ऐसी महिलाओ को गिरफ्तारी से छूट प्राप्त होना नहीं समझा जाएगा।
a. उपरोक्त (1) तथा (2) दोनों कथन सही हैं
b. केवल कथन (1) सही है
c. केवल कथन (2) सही है
d. कथन (1) तथा (2) दोनों सही नहीं हैं
133. न्यायालय, जिसके पास अंतर्निहित अधिकारिता का अभाव हो, के द्वारा पारित निर्णय एवं डिक्री-
a. कभी भी पूर्व न्याय के रूप में लागू नहीं होगी
b. उत्तरवर्ती वाद में चुनौती दी जा सकती है
c. अवमान्यता होती है
d. उपरोक्त सभी सही हैं
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