Download The Code Of Civil Procedure MCQs PDF Set-4
1. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6 नियम 16 के अंतर्गत अभिवचन को इस आधार पर काटा जा सकता है-
a. अनावश्यक
b. तंग करने वाला
c. कलंकात्मक'
d. उपरोक्त सभी
2. न्यायालय किसी भी अभिवचन में किसी भी मामले को काट सकता है-
a. जो प्रतिकूल प्रभाव डालने, परेशान करने अथवा वाद के निष्पक्ष विचारण में बिलंब करने हेतु प्रवृत्त हो
b. जो न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग हो
c. जो अनावश्यक, कलंकात्मक, व्यर्थ अथवा तंग करने वाला प्रतीत हो
d. उपरोक्त सभी
3. 'अभिवचन' को परिवर्तित अथवा संशोधित किया
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6 नियम 9 के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6 नियम 16 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6, नियम 17 के अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6 नियम 10 के अंतर्गत
4. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत किसी पक्षकार के लिए यह साबित करना आवश्यक है कि समस्त आवश्यक प्रयासों के वादभी विषय विचारण के प्रारंभ होने के पूर्व नहीं उठाया जा सका-
a. आदेश 6, नियम 16
b. आदेश 6, नियम 16
c. आदेश 11, नियम 12
d. आदेश 6 नियम 17
5. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6 नियम 17 के अंतर्गत न्यायालय कार्यवाहियों को परिवर्तित या संशोधित करने की अनुमति दे सकता है अथवा कार्यवाही संशोधित कर सकता है-
a. केवल प्रतिवादी को
b. केवल एक प्रतिवादी को, यदि प्रतिवादी एक से अधिक हों
c. किसी भी पक्षकार को
d. केवल वादी को
6. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अन्तर्गत अभिवचन को संशोधित किया जा सकता है-
a. विचारण न्यायालय के समक्ष
b. द्वितीय अपीलीय न्यायालय के समक्ष
c. प्रथम अपीलीय न्यायालय के समक्ष
d. केवल (a) तथा (c) के समक्ष
7. न्यायालय-
a. कार्यवाही की किसी भी अवस्था पर अभिवचन के संशोधन की अनुमति दे सकता है।
b. एक पक्षकार अपने अभिवचन में किसी भी अवस्था पर संशोधन कर सकता है
c. अभिवचनों में संशोधन की अनुमति नहीं दे सकता
d. केवल लिखित कथन में संशोधन की अनुमति दे सकता है
8. स्वैच्छिक संशोधन का प्रावधान किया गया है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता, आदेश 6 नियम 7
b. सिविल प्रक्रिया संहिता, आदेश 6 नियम 19
c. सिविल प्रक्रिया संहिता, आदेश 6 नियम 15
d. सिविल प्रक्रिया संहिता, आदेश 6 नियम 17
9. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 6, नियम 17 के अंतर्गत अभिवचनों में संशोधन की आवेदन को अनुमति दी जा सकती है-
a. विचारण प्रारंभ होने के पूर्व
b. विचारण प्रारंभ होने के पूर्व अथवा वादमें से किसी एक
c. विचारण प्रारंभ होने के बाद
d. उपरोक्त में कोई नहीं
10. यदि एक पक्षकार, जिसने सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत अभिवचनों के संशोधन का आदेश हासिल कर लिया है, यदि संशोधन नहीं करता, तब कितने दिनों की अवधि के वादउसे उसमें न्यायालय की अनुमति के बिना संशोधन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी?
a. 14 दिन
b. 30 दिन
c. 15 दिन
d. 90 दिन
11. सिविल प्रकिया संहिता, 1908 के आदेश 7,1 का सम्बन्ध है-
a. वादपत्र में अन्तर्विष्ट की जाने वाली विशिष्टियाँ
b. अभिवचन के अर्थ से
c. लिखित कथन से
d. उपरोक्त में कोई नहीं
12. "यह दावे का एक कथन होता है, एक दस्तावेज जिसकी प्रस्तुति द्वारा वादसंस्थित किया जाता है"। इसे क्या कहा जाता है-
a. प्रतिदावा
b. वादपत्र
c. शपथपत्र
d. लिखित कथन
13. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 7, नियम 10 किस हेतु प्रावधान करता है-
a. वादपत्र खारिज करने हेतु
b. वादपत्र स्वीकृत करने हेतु
c. वादपत्र लौटाने हेतु
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
14. एक वादपत्र वापस किए जाने योग्य होता है, जब-
a. वादपत्र में अनुतोष का कम मूल्यांकन किया गया हो
b. वादपत्र अधिकारिता विहीन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया हो
c. वादपत्र अपर्याप्त राशि के स्टैम्पपत्र पर हो
d. वादपत्र दो प्रतियों में न प्रस्तुत किया गया हो
15. एक न्यायालय वादपत्र को ऐसे न्यायालय में प्रस्तुति हेतु वापस कर सकता है जिसमें वादसंस्थित कियाजाना चाहिए था?
a. वाद की संस्थापना के समय
b. विचारण प्रारंभ होने के पूर्व
c. वाद की किसी भी अवस्था में
d. विवाद्यकों के तय होने के पूर्व
16. एक न्यायालय वादपत्र वापस कर सकता है जब न्यायालय को-
a. आर्थिक अधिकारिता न प्राप्त हो
b. विषयवस्तु की अधिकारिता न प्राप्त हो
c. क्षेत्रीय अधिकारिता न प्राप्त हो
d. उपरोक्त में कोई भी
17. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत यदि न्यायालय किसी भी अवस्था में यह पाता है कि वाद की विषयवस्तु के मामले में उसे आर्थिक अधिकारिता प्राप्त नहीं है तो वह-
a. वाद में संशोधन करेगा
b. वाद को वापस कर देगा
c. वाद खारिज कर देगा
d. वाद को आगे बढ़ाएगा
18. यदि किसी क्षेत्रीय अथवा आर्थिक अधिकारिताविहीन न्यायालय में कोई वादसंस्थित हो चुका हो तो बादपत्र किस योग्य होगा-
a. वापसी
b. अस्वीकृति
c. उपरोक्त में (a) अथवा (b)
d. उपरोक्त में कोई नहीं
19. आदेश 7 नियम 10 से 10ख किस सम्बन्ध में प्रावधान करते हैं-
a. वादपत्र को खारिज किया जाना
b. वादपत्र में विश्वास किए गए दस्तावेज
c. वादपत्र की वापसी
d. वादपत्र की स्वीकृति
20. सी.पी.सी. के तहत वादपत्र के किसी प्रक्रम में न्यायालय यह पाता है कि उसे संबंधित मामले के संबंध में आर्थिक क्षेत्राधिकार नहीं है-
a. वाद में आगे की कार्यवाही करेगा।
b. वाद में संशोधन करेगा।
c. वाद वापिस करेगा।
d. वाद को निरस्त करेगा।
21. क्या किसी डिक्री को रद्द करने के वादकोई अपीली अथवा पुनरीक्षण न्यायालय सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 10 के अंतर्गत वादपत्र को वापस कर सकता है-
a. पक्षकारों की सहमति से
b. हाँ
c. नहीं
d. तकनीकी आधार पर
22. किसी वादपत्र को खारिज किया जा सकता है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7, नियम 10 के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 10क के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के अंतर्गत
d. उपरोक्त सभी
23. न्यायालय सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7, नियम 11(ङ) के अंतर्गत वादपत्र अस्वीकृत कर सकता है यदि फाइल न किया गया हो-
a. तीन प्रतियों में
b. दो प्रतियों में
c. चार प्रतियों में
d. केवल (c) न कि (a) अथवा (b)
24. "वादपत्र " को दो प्रतियों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इस नियम को अंतर्विष्ट किया गया था-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 1976
b. सिविल प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2002
c. सिविल प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2000
d. उपरोक्त में कोई नहीं
25. एक वाद 20.11.2012 को प्रस्तुत किया गया था और यह दलील दी गई थी कि वादकारण 06.10.2012 को उत्पन्न हुआ था। प्रतिवादी प्रस्तुत हुआ और बिना लिखित कथन दाखिल किए उसने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के अंतर्गत इस आधार पर एक आवेदन प्रस्तुत किया कि वाद परिसीमा द्वारा बाधित है। सही विधिक स्थिति का उल्लेख कीजिए-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के अंतर्गत आवेदन पोषणीय नहीं होती क्योंकि लिखित कथन पहले प्रस्तुत किया जाना चाहिए
b. वादपत्र को खारिज कर दिया जाएगा क्योंकि वादपरिसीमा विधि से बाधित है
c. आवेदन को खारिज किया जाना उचित होगा। पक्षकारों के साक्ष्य दर्ज किए बिना आपत्ति पर निर्णय नहीं किया जा सकता
d. आवेदन स्वीकार की जानी चाहिए क्योंकि वादपत्र में सही वाद हेतुक का उल्लेख नहीं है
26. गलत कथन को चिन्हित कीजिए-
a. वाद की प्रस्तुति के समय न्यायालय को वाद पर विचारण में अवश्य सक्षम होना चाहिए। वादमें मूल्य में होने वाला परिवर्तन अधिकारिता को प्रभावित नहीं करता
b. वादपत्र में यह वादी का मूल्यांकन होता है जो न्यायालय की अधिकारिता का निर्धारण करता है न कि वह राशि जिसके लिए न्यायालय द्वारा अंततः डिक्री पारित की जा सकती है
c. यदि न्यायालय की आर्थिक अधिकारिता 10,000 रुपए है तथा बादी इस राशि हेतु एक वाद प्रस्तुत करता है और अंततः न्यायालय पाता है कि 15,000 रुपए बकाया हैं तो उस राशि के लिए डिक्री पारित करने हेतु न्यायालय अपनी अधिकारिता से वंचित नहीं किया जाएगा
d. यदि वादी न्यायालय के चयन के प्रयोजन से दावे का अधिक मूल्यांकन अथवा कम मूल्यांकन करता है तो यह न्यायालय का कर्तव्य नहीं है कि वह इसे समुचित न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने हेतु वापस करे
27. जहाँ वादपत्र दो प्रतियों में न प्रस्तुत किया गया हो, वहाँ वादपत्र-
a. न्यायालय द्वारा खारिज किया जा सकता है
b. न्यायालय द्वारा स्वीकृत किया जा सकता है
c. न्यायालय द्वारा वापस किया जा सकता है
d. न्यायालय द्वारा अस्वीकृत किया जा सकता है
28. एक वादपत्र को खारिज कर दिया जाएगा यदि-
a. यह गलत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया हो
b. समुचित पक्षकारों को शामिल न किया गया हो
c. यह वाद हेतुको का उल्लेख नहीं करता
d. उपरोक्त में कोई नहीं
29. सिविल प्रक्रिया संहिता के किस प्रावधान के अंतर्गत वादहेतुक के अभाव में न्यायालय द्वारा एक वादपत्र को खारिज किया जाता है-
a. आदेश 7, नियम 11(घ)
b. आदेश 7, नियम 11(ग)
c. आदेश 7 नियम 11(क)
d. आदेश 7, नियम 11(ख)
30. एक न्यायालय किसी वादपत्र को कब अस्वीकृत कर सकता है-
a. जहाँ वाद विधि द्वारा बाधित हो
b. जहाँ वादपत्र दो प्रतियों में न रहा हो
c. जब वादी नियम 9 का पालन करने में विफल रहा हो
d. उपरोक्त सभी
31. वादपत्र के अस्वीकृत हो जाने के वादक्या वादी उसी वादकारण पर एक नवीन वाद संस्थित कर सकता है-
a. उच्च न्यायालय की अनुमति से एक अन्य वाद संस्थित कर सकता है.
b. एक अन्य वाद संस्थापित कर सकता है
c. एक अन्य वाद संस्थित नहीं कर सकता
d. उपरोक्त में कोई नहीं
32. एक ही वादकारण के आधार पर एक नवीन वाद27 बाधित नहीं होता जब-
a. इसे सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9, नियम 2 के अंतर्गत खारिज किया गया हो
b. इसे सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9, अंतर्गत खारिज किया गया हो
c. इसे सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के अंतर्गत नामंजूर किया गया हो
d. उपरोक्त तीनों में कोई एक
33. निम्नलिखित में से किस आधार पर एक वादपत्र को नामंजूर नहीं किया जाएगा-
a. जहाँ इसमें वादहेतुक का उल्लेख न किया गया हो
b. जहाँ वाद वादपत्र में उल्लिखित किसी कथन से किसी विधि द्वारा बाधित होने वाला प्रतीत होता हो
c. जहाँ दावा किए गए अनुतोष का कम मूल्यांकन किया गया हो, तथा न्यायालय द्वारा वादी से एक निश्चित समय में इसे सही करने की माँग किए जाने पर वादी ऐसा करने में विफल रहा हो
d. जहाँ इसे किसी अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत न किया गया हो
34. निम्नलिखित में से किसे वादपत्र की नामंजूरी के नए आधार के रूप में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7, नियम 11 में जोड़ा गया है?
a. वादहेतुक घोषित न किया जाना
b. वादपत्र दो प्रतियों में प्रस्तुत न किया जाना
c. दावा किए गए अनुतोष का कम मूल्यांकन
d. किसी विधि द्वारा बाधित
35. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7, नियम 11 के अंतर्गत वादपत्र को नामंजूर करने का आदेश-
a. एक डीम्ड डिक्री होता है
b. एक अंतरिम आदेश होता है।
c. एक डिक्री होता है
d. एक अंतरिम आदेश होता है।
36. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश 7 नियम 11 के अंतर्गत वादपत्र नामंजूर नहीं किया जाएगा-
a. जहाँ वादी नियम 9 का पालन करने में विफल रहा हो
b. जहाँ इसे दो प्रतियों में न प्रस्तुत किया गया हो
c. जहाँ यह वादहेतुक को घोषित करता हो
d. जहाँ वादपत्र में कथनं से वाद किसी विधि द्वारा बाधित हो सकने वाला प्रतीत होता हो
37. अपने दावे के समर्थन में वादी जिस दस्तावेज पर विश्वास करता है उसे उसके द्वारा न्यायालय में किसके साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए-
a. न्यायालय द्वारा निर्धारित विवाद्यकों को तय करने की तिथि पर
b. वाद की सुनवाई के पूर्व अथवा उसके दौरान
c. वादपत्र के साथ
d. समन जारी करने के न्यायालय के आदेश की तिथि से 7 दिनों के अंदर
38. जहाँ वादी अपने अधिकार अथवा कब्जे के किसी दस्तावेज के आधार पर वादप्रस्तुत करता है वहाँ उसे इसे अथवा इसकी एक प्रतिलिपि को प्रस्तुत करना चाहिए
a. विवाद्यकों के निर्धारण के समय
b. न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशानुसार समय
c. वादपत्र के साथ
d. साक्ष्य देते समय
39. आदेश VII नियम 11 व्यवहार प्रक्रिया संहिता, 1908 के प्रावधानों के अन्तर्गत वादपत्र के नामंजूर किए जाने पर उसी वाद हेतुक के बारे में नया वादपत्र प्रस्तुत करना-
a. प्राङ्न्याय के सिद्धान्तों द्वारा वर्जित है।
b. केवल नामंजूरी के कारण ही, वादी नया वादपत्र प्रस्तुत करने से प्रवारित नहीं हो जाएगा।
c. आदेश XXIII के अन्तर्गत वर्जित ।
d. उपरोक्त में से कोई नहीं।
40. लिखित कथन तथा प्रतिदावे से सम्बन्धित प्रावधान किए गए हैं-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 10 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 11 में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 में
41. लिखित कथन का अर्थ है-
a. वादी का वाद
b. प्रतिवादी का वाद
c. वादी के वाद के प्रति प्रतिवादी का उत्तर
d. वादी द्वारा प्रतिवादी के वाद का उत्तर
42. परिसीमा की अवधि, जिसके अंदर प्रतिवादी अपना लिखित कथन प्रस्तुत करेगा, सामान्यतः होती है-
a. समन तामील होने के 60 दिनों के अंदर
b. समन तामील होने के 30 दिनों के अंदर अथवा यदि न्यायालय द्वारा अनुमति दी गई हो तो 90 दिनों के अंदर
c. समन तामील होने के 15 दिनों के अंदर
d. सदैव समन तामील होने के 90 दिनों के अंदर
43. एक प्रतिवादी को अपने बचाव में लिखित कथन स्वयं को समन तामील किए जाने की तिथि से तीस दिनों के अंदर प्रस्तुत कर देना चाहिए। इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है-
a. 90 दिनों तक
b. 100 दिनों तक
c. 30 दिनों तक
d. 60 दिनों तक
44. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत समन तामील होने की तिथि के वादलिखित कथन प्रस्तुत करने हेतु औपचारिकतौर पर किस अवधि का प्रावधान किया गया है?
a. 45 दिन
b. 60 दिन
c. 30 दिन
d. उपरोक्त में कोई नहीं
45. वादपत्र में तथ्यों का प्रत्येक आरोप, यदि किसी असमर्थ व्यक्ति के विरूद्ध छोड़कर, से यदि विशिष्टतौर पर इंकार न किया गया हो तो उसे समझा जाएगा-
a. स्वीकृत
b. प्रमाणित
c. खंडन न किया गया
d. उपरोक्त में कोई नहीं
46. विनिर्दिष्टतः प्रत्याख्यान का प्रावधान किया गया है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 3 तथा 5 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 7 तथा 8 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 2 तथा 9 में
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 1 तथा 12 6 में
47. मुजरा तथा प्रतिदावों सम्बन्धी प्रावधान सिविल प्रक्रिया संहिता में कहाँ निहित हैं-
a. आदेश 8
b. आदेश 9
c. आदेश 6
d. आदेश 7
48. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान मुजरा से सम्बन्धित है?
a. आदेश 8 नियम 5
b. आदेश 7 नियम 5
c. आदेश 7 नियम 6
d. आदेश 8 नियम 6
49. क ने 500 रुपए के एक विनिमयपत्र पर ख पर वाद प्रस्तुत कर दिया। ख के पास क के विरूद्ध 1,000 रुपए का एक निर्णय मौजूद है। दोनों दावे, जो निश्चित धन- सम्बन्धी माँगें हैं, का मुजरा किया जा सकता है। यह उदाहरण कहाँ दिया गया है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 5 में
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 7 में
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 6 में
d. इनमें से कोई
50. मुजरा हो सकता है-
a. साम्यिक मुजरा
b. विधिक मुजरा
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
51. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 के नियम 6 में मुजरा की अनुमति दी जा सकती है यदि-
a. वाद संपत्ति की वसूली का हो
b. वसूल की जाने वाली संपत्ति का मूल्य दो लाख रुपयों से कम हो
c. प्रतिवादी वाद का एक लिखित कथन प्रस्तुत करता हो
d. प्रतिवादी द्वारा दावा किया गया मुजरा किसी निश्चित धनराशि का हो
52. निम्नलिखित में से किस मामले में ग दावे का मुजरा कर सकता है?
a. क एक विनिमयपत्र पर ग पर वाद लाता है। ग का आरोप है कि क ने ग के माल का बीमा कराने की सदोष लापरवाही की है और वह क्षतिपूर्ति देने का उत्तरदायी है।
b. क 500 रुपए के विनिमयपत्र के लिए ग पर वादलाता है ग के पास क से 1,000 रुपए ऋण वसूली का एक निर्णय उपलब्ध है
c. क 1,000 रुपए के लिए ख तथा ग पर वादलाता है, जबकि ऋण अकेले क द्वारा ग के प्रति देय है।
d. क 1,000 रुपए के लिए ख तथा ग पर वाद लाता है, जबकि ऋण अकेले ख द्वारा ग के प्रति देय है।
53. क 1,000 रुपए के विनिमयपत्र के लिए ख पर वाद लाता है। ख के पास क से 2,000 रुपए ऋण वसूली का एक निर्णय उपलब्ध है-
a. दावे का मुजरा नहीं किया जा सकता क्योंकि विवाद्यक अलग-अलग हैं
b. आर्थिक माँग का मुजरा किया जा सकता है क्योंकि दोनों दावे निश्चित है।
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों सही हैं:
d. उपरोक्त में कोई नहीं
54. क तथा ख 1,000 रुपए की वसूली के लिए ग पर वादलाते हैं। ग पर मात्र क का ऋण बकाया है। यहाँ ग क्या कर सकता है-
a. ख के विरुद्ध ऋण मुजरा कर सकता है
b. अकेले क से बकाया ऋण का मुजरा नहीं कर सकता
c. क के विरूद्ध ऋण मुजरा कर सकता है
d. क तथा ख दोनों के विरूद्ध ऋण मुजरा कर सकता है
55. यदि किसी ऐसे मामले, जिसमें प्रतिवादी ने प्रतिदावा स्थापित किया हो तो वादी का वाद रोक दिया जाता है, बंद अथवा खारिज कर दिया जाता है, तब प्रतिदावा-
a. उच्च न्यायालय की अनुमति से जारी रखा जा सकता है
b. कोई सुस्पष्ट प्रावधान नहीं है
c. रोक दिया जाएगा
d. इसके बावजूद आगे बढ़ाया जाएगा
56. ऐसा कौन सा प्रावधान है जो जब प्रतिवादी के लिखित कथन अथवा अनुक्रमिक अभिवचन प्रस्तुत करने में विफल रहने पर न्यायालय को निर्णय घोषित करने के योग्य बना देता है?
a. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 10 नियम 8
b. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश18 नियम 8
c. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 18 नियम 10
d. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 8 नियम 10
57. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 8 नियम 10 के अंतर्गत लिखित कथन प्रस्तुत करने में विफल रहने पर न्यायालय-
a. आगे कोई अन्य आदेश जारी कर सकता है
b. तुरंत निर्णय घोषित कर सकता है
c. बचाव पक्ष को हटाए जाने का आदेश दे सकता है
d. (a), (b) अथवा (c) में से कोई एक
58. यदि प्रतिवादी लिखित कथन प्रस्तुत करने में विफल रहता है तो-
a. न्यायालय नोटिस जारी करेगा
b. न्यायालय वाद की एकपक्षीय सुनवाई करेगा
c. न्यायालय उसके विरूद्ध निर्णय पारित कर सकता है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
59. आदेश 8 के अंतर्गत लिखित कथन प्रस्तुत करने में हुई चूक पर निर्णय की घोषणा-
a. आज्ञापक है।
b. विवेकाधीन है।
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के नियम 10 के अनुसार निर्देशात्मक है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
60. वाद की सुनवाई हेतु बुलाने पर दोनों पक्षकारों के उपसंजात न होने पर न्यायालय क्या कर सकता है?
a. सुलह हेतु निर्देशित कर सकता है।
b. वाद खारिज कर सकता है।
c. एकपक्षीय आदेश पारित कर सकता है।
d. माध्यस्थता हेतु निर्देशित कर सकता है
61. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 के नियम 3 के अंतर्गत वाद को खारिज किया जाना
a. उसी वादकारण के सम्बन्ध में एक नवीन वाद को वर्जित करता है।
b. उच्च न्यायालय की अनुमति से एक नवीन वाद प्रस्तुत किया जा सकता है।
c. जिला न्यायालय की अनुमति से एक नवीन वाद प्रस्तुत किया जा सकता है।
d. उसी वादकारण के सम्बन्ध में एक नवीन वाद को वर्जित नहीं करता
62. जहाँ किसी वाद को सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9,
नियम 3 अथवा नियम 2 के अंतर्गत खारिज किया गया हो-
a. वादी (परिसीमा विधि अंधीन) एक नवीन वाद ला सकता है अथवा खारिज किए जाने को निरस्त किए जाने का आदेश दिए जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकता है
b. वादी का नवीन वाद लाना वर्जित हो जाता है
c. वादी के पास उपलब्ध एकमात्र उपाय है ऐसे आदेश को निरस्त किए जाने की मांग करना
d. एकमात्र उपलब्ध उपाय है नवीन वाद लाना
63. किसी वाद को चूक में खारिज किया जा सकता है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 9, नियम 3
b. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 9, नियम 8
c. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 9, नियम 2
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
64. समान वादहेतुक के सम्बन्ध में एक नवीन वाद अनुज्ञेय है-
a. जहाँ किसी वाद को आदेश 22 नियम 3 (2) के अंतर्गत खारिज किया गया हो
b. जहाँ वादी आदेश 23, नियम 1 (1) के अंतर्गत वाद को त्याग देता है।
c. जहाँ किसी वाद को आदेश 9 नियम 8 के अंतर्गत खारिज किया गया हो
d. जहाँ किसी वाद को आदेश 9 नियम 3 के अंतर्गत खारिज किया गया हो
65. एक ऐसे वाद, जिसमें न तो वादी न ही प्रतिवादी नियत दिवस पर सुनवाई के लिए उपस्थित होते हैं, एक न्यायालय सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 नियम 3 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा आदेश पारित कर सकता है?
a. खर्चे आरोपित किया जाना
b. अनिश्चितकालीन स्थगन
c. सामान्य स्थगन
d. वाद को खारिज किया जाना
66. एक वाद खारिज किया जा सकता है जहाँ प्रतिवादी को समन जारी किए गए हों और वे तामील के बिना वापस आ गए हों, तथा वादी एक निश्चित अवधि में नवीन / नया वाद लाने में विफल रहा हो। यह अवधि क्या है
a. सात दिन
b. ऐसी वापसी से दो महीने
c. तीस दिन
d. साठ दिन
67. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 नियम 7 के अंतर्गत आवेदन कितने दिनों के अंदर संस्थित किया जा सकता है-
a. आदेश से 60 दिनों के अंदर
b. वादलंबित रहने के दौरान किसी भी समय
c. आदेश से 30 दिनों के अंदर
d. किसी भी समय अथवा सुनवाई की अगली तिथि के पूर्व
68. वाद में सुनवाई के दिन पर जहाँ प्रतिवादी उपस्थित और वादी अनुपस्थित तथा जहाँ दावे के किसी भाग को स्वीकार किया जा चुका हो न्यायालय-
a. सम्पूर्ण वाद को खारिज कर देगा
b. सम्पूर्ण दावे के लिए डिक्री पारित कर देगा
c. शेष से सम्बन्धित वाद को खारिज कर देगा
d. प्रतिवादी के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही करेगा
69. वादी के उपस्थित न होने के कारण सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9, नियम 8 के अंतर्गत खारिज किए गए वाद को किस प्रावधान के अंतर्गत पुनर्बहाल किया जा सकता है-
a. आदेश 9, नियम 11
b. आदेश 9, नियम 9
c. आदेश 9, नियम 10
d. उपरोक्त में कोई नहीं
70. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9, नियम 8 के अंतर्गत किसी वादके खारिज हो जाने पर उसी वादहेतुक के लिए एक नया वादसिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 नियम 9 के अंतर्गत लाया जाना-
a. परिसीमा के कानून के अधीन वर्जित नहीं है.
b. वर्जित है
c. किसी भी परिस्थिति में वर्जित नहीं
d. उपरोक्त में कोई नहीं
71. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत किसी एकपक्षीय डिक्री को रद्द किया जा सकता है-
a. आदेश 9, नियम 13 के अंतर्गत किया
b. आदेश 9, नियम 11 के अंतर्गत
c. आदेश 9, नियम 5 के अंतर्गत
d. आदेश 9, नियम 10 के अंतर्गत
72. किसी एकपक्षीय डिक्री किस आधार पर अपास्त की जा सकती है-
a. समुचित रूप से समन तामील न किए जाने पर
b. किसी पर्याप्त कारणवश उपस्थित न होने पर
c. मात्र (a) सही है
d. (a) तथा (b) दोनों
73. बँटवारे के एक वादमें तीन प्रतिवादियों को एकपक्षीय निर्धारित किया गया। प्रारंभिक डिक्री पारित कर दी गई। तीनों प्रतिवादियों में से एक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर न्यायालय ने सभी प्रतिवादियों के विरूद्ध डिक्री को अपास्त कर दिया। न्यायालय का आदेश- क्रिया
a. वैध है
b. अवैध है
c. अनियमित है
d. अन्यायपूर्ण है
74. जहाँ किसी एकपक्षीय डिक्री के विरूद्ध किसी अपील को अपीलकर्ता द्वारा वापस ले लिया गया हो, वहाँ सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9, नियम 13 के अंतर्गत आवेदन-
a. पोषणीय होगा
b. अस्वीकार कर दिया जाएगा
c. वापस कर दिया जाएगा
d. अपीली न्यायालय को राय हेतु निर्देशित किया जाएगा
75. किसी एकपक्षीय डिक्री के विरूद्ध उपलब्ध उपचारों में शामिल हैं-
a. डिक्री को अपास्त करने हेतु अर्जी
b. अपील
c. पुनर्विचार
d. उपरोक्त सभी
76. एक सिविल वाद को प्रतिवादी के साक्षी के परीक्षण हेतु विचारण न्यायालय द्वारा बार-बार निर्धारित किया गया था किन्तु प्रतिवादी द्वारा इस अवसर का उपयोग नहीं किया गया। अतः 18.11.2016 को जब न तो प्रतिवादी और न ही उसके अधिवक्ता प्रस्तुत हुए तो विचारण न्यायालय ने एकपक्षीय कार्यवाही की और अंतिम तर्कों को सुना तथा वाद को निर्णय हेतु 21 सुरक्षित कर लिया। 28.11.2016 को प्रतिवादी ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9, नियम 7 सहपठित धारा 151 के अंतर्गत एक आवेदन प्रस्तुत कर दी जो-
a. पोषणीय है
b. अपोषणीय है
c. स्वीकार करना अथवा न करना न्यायालय का विवेकाधीन मामला है
d. स्वीकार करना अथवा न करना न्यायालय के अंतर्निहित शक्तियों का मामला है
77. जब कोई एकपक्षीय डिक्री पारित की गई हो तो प्रतिवादी-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 नियम 13 के अंतर्गत एक आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
b. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96 के अंतर्गत एक अपील प्रस्तुत कर सकता है।
c. उपरोक्त (a) अथवा (b) में से एक अपना सकता है।
d. यदि उपरोक्त (b) में आवेदन खारिज हो जाती है तो वह पारित आदेश की शुद्धता को विवादित करने हेतु अपील कर सकता है
78. एक एकपक्षीय डिक्री इस आधार अपास्त की जा सकती है कि-
a. एकपक्षीय डिक्री किसी भी परिस्थिति में अपास्त नहीं 'की जा सकती
b. समन समुचित तौर पर तामील नहीं हुए थे
c. प्रतिवादी अनुपस्थिति था, क्योंकि प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की प्रतियाँ प्रतिवादी द्वारा वादपत्र के साथ प्रस्तुत नहीं 23 की गई थीं
d. प्रतिवादी ने समन लेने से इंकार किया हो तथा उसके वादउसे कोई नया समन जारी न किए गए हों
79. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के निम्नलिखित प्रावधानों में से किसके अंतर्गत एकपक्षीय आदेश तथा एकपक्षीय डिक्री को अपास्त किया जा सकता है-
a. आदेश 9, नियम 11 तथा आदेश 9 नियम 12
b. आदेश 9 नियम 7 तथा आदेश 9 नियम 10
c. आदेश 9, नियम 4 तथा आदेश 9 नियम 5
d. आदेश 9, नियम 7 तथा आदेश 9, नियम 13
80. साक्ष्य की अवस्था में वादी के अधिवक्ता ने स्थगन हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जिसे खारिज कर दिया गया और वाद को साक्ष्य के अभाव में खारिज कर दिया गया। वादी के पास उपलब्ध उपचार है-
a. पुनर्विचार
b. नवीन वाद
c. प्रथम अपील
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 के नियम 9 के अंतर्गत आवेदन
81. एकपक्षीय के विरूद्ध कार्यवाही करने के वादप्रतिवादी को-
a. वाद में किसी कार्यवाही में भाग लेने से पूर्णतः रोक
b. यदि उसके विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जा चुकी हो तो एकपक्षीय आदेश को अपास्त करवाए बिना ही कार्यवाही में प्रवेश करने तथा जो कुछ भी वह कर सका होता उसे करने की स्वतंत्रता होती है
c. कार्यवाही लंबित रहने की अवस्था में कार्यवाही में प्रवेश करने की स्वतंत्रता होती है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
82. किसी वाद को खारिज किया जा सकता है जहाँ-
a. वादी द्वारा समुचित कदम, जैसे न्यायालय शुल्क, डाक खर्च अथवा वाद की प्रतियों की आवश्यक संख्या न जमा करने के परिणामस्वरूप प्रतिवादी पर समन तामील न किए जा सके हों
b. कोई भी पक्ष वाद की सुनवाई के समय उपस्थित न हुआ
c. वादी, प्रतिवादी पर समन की तामील हुए बिना वापस हो जाने पर, 7 दिनों में नवीन समन के लिए आवेदन देने में विफल रहा हो
d. उपरोक्त सभी
83. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के किस प्रावधान के 4 अंतर्गत न्यायालय पक्षकारों को किसी वैकल्पिक विवाद समाधान की विधि का निर्देश दे सकता है-
a. आदेश 10 नियम 1-ख
b. आदेश 10, नियम 1-ग
c. आदेश 10 नियम 1-क
d. आदेश 11 नियम 1
84. सिविल प्रक्रिया संहिता के अनुसार वाद की प्रथम सुनवाई के समय न्यायालय को-
a. निश्चित करना चाहिए कि आवेदन में आरोपों को स्वीकार अथवा अस्वीकार किया गया है
b. विवाद्यकों को अवश्य तय एवं दर्ज करना चाहिए
c. वादी के साक्ष्य को दर्ज करना चाहिए
d. उपरोक्त सभी
85. आदेश X नियम 2 सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन मौखिक परीक्षा का उद्देश्य है-
a. साक्ष्य अभिलिखित करना
b. स्वीकृति सुनिश्चित करना
c. दोनों (a) और (b)
d. वाद में विवादित विषय का विशदीकरण करना
86. सिविल प्रकिया संहिता के आदेश 10 नियम 2 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा किसी पक्षकार के मौखिक परीक्षा के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है-
a. न्यायालय किसी दस्तावेज के संदर्भ में किसी भी पक्षकार का प्रति परीक्षण कर सकता है
b. दूसरे पक्षकारों के अभिवचनों में परीक्षा का आरोपों तक सीमित होना आवश्यक नहीं है किन्तु यह वाद में विवादास्पद किसी भी विषय को स्पष्ट करने से सम्बन्धित हो सकता है।
c. न्यायालय न केवल पक्षकारों बल्कि वाद के किसी भी पक्ष का साथ रहने वाले व्यक्ति का भी परीक्षण कर सकता है
d. परीक्षण के दौरान दिया गया कथन शपथ पर नहीं होता
87. सिविल प्रकिया संहिता के आदेश 10 नियम 2 के अंतर्गत मौखिक परीक्षा का अर्थ है-
a. स्वीकृति हासिल करना
b. वाद में विवादास्पद विषयों को स्पष्ट करना
c. साक्ष्य दर्ज करना
d. उपरोक्त में कोई नहीं
88. किसी भी परिप्रश्न के प्रति इस आधार पर आपत्ति की जा सकती है कि यह-
a. अप्रासंगिक है
b. कलंकात्मक है
c. सद्भावपूर्ण प्रतीत नहीं होती
d. उपरोक्त सभी अथवा उनमें से कोई एक
89. परिप्रश्न का उत्तर सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 11, नियम 8 के अंतर्गत किस प्रकार दिया जाएगा-
a. एक सामान्य अर्जी पर
b. दस्तावेज प्रस्तुत करने पर
c. एक शपथपत्र पर
d. उपरोक्त सभी
90. परिप्रश्नों के उत्तर देने अथवा प्रकटीकरण हेतु अथवा दस्तावेजों के निरीक्षण हेतु दिए गए आदेश के अनुपालन न किए जाने के परिणामों का उल्लेख किया गया है
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 11, अंतर्गत नियम 21 के
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 2 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 11, नियम 12 अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12, नियम 12 अंतर्गत
91. सिविल न्यायालय द्वारा परिप्रश्न सुपुर्द किए जाने हेतु अनुमति प्रदान की जा सकती है-
a. विरोधी पक्ष द्वारा उठाई गई आपत्ति के बावजूद
b. यदि न्यायालय वाद के निष्पक्ष निपटारे हेतु ऐसा आवश्यक समझता हो
c. केवल प्रतिवादी को क्योंकि वादी वाद का स्वामी होता है
d. भले ही वे वाद प्रश्नगत मामलों से सम्बन्धित न हों
92. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत परिप्रश्नों का उत्तर एक शपथपत्र द्वारा दिया जाएगा जिसे... दिनों अथवा ऐसे समय के अंदर प्रस्तुत करना होगा जैसा न्यायालय अनुमति दे
a. 10
b. 45
c. 30
d. 20
93. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 2 के अंतर्गत नोटिस द्वारा आह्वान करने हेतु दिया जाने वाला समय होता है-
a. नोटिस तामील होने की तिथि से 7 दिन
b. नोटिस तामील होने की तिथि से 21 दिन
c. नोटिस तामील होने की तिथि से 15 दिन
d. नोटिस तामील होने की तिथि से 10 दिन
94. जब सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12, नियम 4 के अधीन किसी पक्षकार को दूसरे पक्षकार द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को स्वीकार करने हेतु नोटिस द्वारा आह्वान किया गया हो तो नोटिस तामील किए गए पक्षकार को कितने दिनों के अंदर तथ्यों को स्वीकार करना होता है-
a. नोटिस तामील होने की तिथि से 9 दिन
b. नोटिस तामील होने की तिथि से 7 दिन
c. नोटिस तामील होने की तिथि से 6 दिन
d. नोटिस तामील होने की तिथि से 21 दिन
95. स्वीकृतियों के आधार पर निर्णय दिया जा सकता है
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 6 के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 8 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 2 के अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 4 के अंतर्गत
96. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 12 नियम 8 सम्बन्धित है-
a. दस्तावेजों को पेश करने हेतु सूचना से
b. तथ्यों को स्वीकार करने हेतु सूचना से
c. दस्तावेजों को स्वीकार करने हेतु सूचना से
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
97. जहाँ एक वादी अपने अधिकार अथवा कब्जे के किसी दस्तावेज के आधार पर वादप्रस्तुत करता है वहाँ उसे उसकी एक प्रतिलिपि अवश्य प्रस्तुत करनी चाहिए-
a. विवाद्यकों की विरचना के समय
b. न्यायालय के आदेश पर
c. वादपत्र के साथ
d. साक्ष्य प्रस्तुत करते समय
98. सिविल प्रक्रिया संहिता का कौन सा प्रावधान दस्तावेजों की प्रस्तुति, परिबद्धता एवं वापसी से सम्बन्धित है?
a. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 17
b. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 24
c. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 13
d. सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 5
99. "विवाद्यकों की विरचना" का प्रावधान सिविल प्रक्रिया संहिता के किस नियम के अंतर्गत किया गया है?
a. आदेश 16, नियम 1
b. आदेश 13, नियम 1
c. आदेश 15 नियम 1
d. आदेश 14, नियम 1
100. न्यायालय पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत आरोपों / विषयवस्तुओं के आधार पर विवाद्यकों की विरचना नहीं कर सकता है-
a. आवेदन में
b. दस्तावेजों में
c. अभिवचनों में
d. शपथपत्र में
101. सिविल प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत किसी वाद में किस सम्बन्ध में विवाद्यकों की विरचना की जाती है-
a. तथ्यों के प्रश्न पर
b. तथ्यों एवं विधि के मिलेजुले प्रश्नों पर
c. विधि के प्रश्न पर
d. उपरोक्त सभी
102. व्यवहार प्रक्रिया संहिता, 1908 के किस प्रावधान के आधार पर डिक्री पारित करने से पूर्व विवाद्यक को संशोधित करने अथवा अतिरिक्त विवाद्यकों को विरचित करने की शक्ति न्यायालय में निहित है?
a. आदेश XIV नियम 6
b. धारा 151
c. आदेश XIV नियम 1
d. आदेश XIV नियम 5
103. निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
a. जहाँ किसी वाद को प्रारंभिक विवाद्यक पर निपटाया जा सकता है वहाँ न्यायालय को वाद में स्थिरीकृत अन्य विवाद्यकों पर निर्णय घोषित करने की आवश्यकता नहीं रहती।
b. जहाँ विधि एवं तथ्य दोनों के विवाद्यक उत्पन्न हों और यदि न्यायालय का मत हो कि वाद को अधिकारिता से सम्बन्धित किसी विवाद्यक के आधार पर निपटाया जा सकता है, वहाँ यह अन्य विवाद्यकों के स्थिरीकरण को अधिकारिता के विवाद्यक की अवधारणा किए जाने तक स्थगित कर सकता है।
c. प्रारंभिक विवाद्यक किसी उत्पन्न वाद तथा तत्समय प्रवर्तित विधि से बाधित होने से सम्बन्धित हो सकते हैं।
d. इनमें से कोई नहीं
104. सिविल प्रक्रिया संहिता का आदेश 15 चर्चा करता है-
a. साक्षी की हाजिरी पर
b. नोटिसों पर
c. प्रथम सुनवाई में वाद के निपटारे पर
d. विवाद्यकों के स्थिरीकरण पर
105. सिविल प्रक्रिया संहिता का कौन सा प्रावधान समन तथा साक्षियों की हाजिरी से सम्बन्धित है?
a. आदेश 5
b. आदेश 16
c. आदेश 21
d. आदेश 10
106. न्यायालय को ऐसे व्यक्ति को समन करने का अधिकार है जिसे किसी पक्षकार के द्वारा साक्षी के तौर पर न बुलाया गया हो-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 16, नियम 12 के अंतर्गत
b. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 16 नियम 10 के अंतर्गत
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 16, नियम 18 अंतर्गत
d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 16 नियम 14 के अंतर्गत
107. विवाद्यकों के स्थिरीकरण के वादकितने दिनों के अंदर साक्षियों की सूची प्रस्तुत कर दी जानी चाहिए-
a. 45 दिन
b. 60 दिन
c. 15 दिन
d. 30 दिन
108. किसी भी वादमें पक्षकारों के द्वारा साक्षियों की सूची प्रस्तुत की जानी होती है-
a. विवाद्यकों के स्थिरीकरण के पश्चात्
b. किसी भी समय
c. विवाद्यकों के स्थिरीकरण के पूर्व
d. उपरोक्त सभी
109. कारागार, जैसा कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश 16क में परिभाषित है, में शामिल हैं-
a. कोई सुधारालय, बोर्स्टल संस्था या इसी प्रकार की कोई और संस्था
b. कोई भी स्थान जिसे सरकार द्वारा, साधारण अथवा विशेष आदेश द्वारा एक अतिरिक्त जेल होना घोषित किया गया हो
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. केवल (a) सही है।
110. किस स्थिति में कारागार का प्रभारी अधिकारी न्यायालय के आदेश के बावजूद साक्ष्य के लिए बंदी को प्रस्तुत करने से इंकार कर सकता है-
a. जहाँ कैदी सत्ताधारी दल से सम्बद्ध हो
b. जहाँ कैदी भूतपूर्व मंत्री हो
c. जहाँ कैदी एक सरकारी नौकर हो
d. जहाँ चिकित्सा अधिकारी ने प्रमाणित किया हो कि कैदी कारावास से हटाए जाने योग्य नहीं है।
111. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 17 के उप-नियम (1) के परंतुक के अंतर्गत अधिकतम कितने स्थगन दिए जा सकते हैं-
a. तीन
b. दो
c. पाँच
d. चार
112. निम्नलिखित में से क्या स्थगन मंजूर करने का पर्याप्त कारण नहीं है?
a. समन तामील न होना
b. वाद की तैयारी हेतु समुचित समय
c. किसी पक्षकार, उसके साक्षी अथवा अधिवक्ता की बीमारी
d. न्यायालय में हाजिर साक्षी का परीक्षण न किया जाना
113. निम्न में से किस आधार पर स्थगन नहीं प्रदान किया जाएगा-
a. जहाँ परिस्थितियाँ पक्षकार के नियंत्रण से परे रही हों
b. दोनों जहाँ परिस्थितियाँ पक्षकार के नियंत्रण से परे हों तथा वकील बीमार हो और पक्षकार समय रहते किसी अन्य वकील को न नियुक्त कर सका हो
c. जहाँ वकील बीमार हो तथा पक्षकार समय रहते किसी अन्य वकील को न नियुक्त कर सका हो
d. जहाँ पक्षकार का वकील किसी अन्य न्यायालय में व्यस्त हो
114. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 17 नियम 3 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा वाद खारिज किए जाने पर बादी के पास उपलब्ध एकमात्र उपचार है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के अंतर्गत आवेदन देना
b. एक अपील प्रस्तुत करना
c. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 9 नियम 9 के अंतर्गत आवेदन देना
d. उपरोक्त सभी
115. वाद की सुनवाई तथा साक्षियों की परीक्षा सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के किस आदेश के अंतर्गत निहित है-
a. आदेश 20
b. आदेश 16
c. आदेश 18
d. उपरोक्त में कोई नहीं
116. प्रत्येक मामले में मुख्य परीक्षा किया जाएगा-
a. मौखिक
b. इस न्यायालय में टाइप करके
c. शपथपत्र पर
d. जैसा न्यायालय उचित समझे
117. सिविल प्रक्रिया संहिता के निम्नलिखित आदेशों में से कौन सा आदेश यह प्रावधान करता है कि प्रत्येक मामले में किसी साक्षी की मुख्य परीक्षा शपथपत्र पर किया जाएगा?
a. आदेश 18 नियम 2
b. आदेश 18, नियम 1
c. आदेश 18 नियम 4(1)
d. आदेश 18 नियम 3
118. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 18 नियम 4(1) के अंतर्गत किसी गवाह का मुख्य परीक्षण किसके द्वारा दर्ज किया जाएगा-
a. न्यायालय द्वारा नियुक्त आयुक्त
b. शपथपत्र
c. न्यायाधीश द्वारा
d. उपरोक्त सभी
119. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 18 नियम 4 के अंतर्गत साक्ष्य दर्ज करने के सम्बन्ध में निम्न में से क्या सही नहीं है?
a. साक्षी की मुख्य परीक्षा शपथपत्र पर होगा
b. शपथपत्र के साथ प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की ग्राह्यता का अवधारण आयुक्त द्वारा किया जाएगा
c. प्रति परीक्षा के लिए आयुक्त नियुक्त किया जाएगा
d. जिला न्यायाधीश साक्ष्य दर्ज करने के लिए आयुक्तों का एक दल तैयार करेगा
120. एक साक्षी, जिसकी परीक्षा पहले ही किया जा चुका हो, को सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 18 नियम 17 के अंतर्गत पुनः बुलाया जा सकता है-
a. विरोधी पक्ष द्वारा
b. न्यायालय द्वारा
c. साक्षी को बुलाने वाले पक्षकार द्वारा
d. उपरोक्त में कोई नहीं
121. जहाँ अंग्रेजी न्यायालय की भाषा न हो, साक्ष्य अंग्रेजी में ग्रहण किए जा सकते हैं यदि-
a. सभी पक्षों को कोई आपत्ति न हो
b. न्यायालय इसे आवश्यक समझे
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
122. साक्ष्य दर्ज करने के प्रयोजन से सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 18 के प्रावधानों के अंतर्गत नियुक्त आयुक्त-
a. साक्ष्य दर्ज करने के दौरान उठाई गई आपत्तियों पर निर्णय नहीं ले सकता
b. उपरोक्त में कोई नहीं
c. साक्षी का पुनर्परीक्षा नहीं कर सकता
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
123. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के निम्नलिखित में से किस प्रावधान का सम्बन्ध शपथपत्र से है-
a. आदेश 39
b. आदेश 17
c. आदेश 19
d. आदेश 26
124. निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. शपथपत्र केवल विश्वासों के कथन तक सीमित हो सकते हैं।
b. शपथपत्र केवल वादकालीन अनुप्रयोगों पर विश्वास के कथन तक सीमित नहीं हो सकते
c. शपथपत्र केवल जानकारी के कथन तक सीमित हो सकते हैं।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
125. निर्णय एवं डिक्री के प्रावधान सिविल प्रक्रिया संहिता के किस आदेश के अंतर्गत किए गए हैं?
a. आदेश 20क के अंतर्गत
b. आदेश 21 के अंतर्गत
c. आदेश 20 के अंतर्गत
d. आदेश 19 के अंतर्गत
126. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 20, नियम 1(2) के अधीन पक्षकारों को निर्णय की प्रति कब उपलब्ध कराई जाएगी-
a. निर्णय सुनाये जाने के 14 दिन के बाद
b. निर्णय सुनाये जाने के 21 दिन के बाद
c. निर्णय सुनाये जाने के तुरंत बाद
d. निर्णय सुनाये जाने के 7 दिन के बाद
127. किसी प्रकरण की सुनवाई पूर्ण कर लेने पर कितने समय में न्यायालय को निर्णय सुना देना चाहिए?
a. दस दिन से पच्चीस दिन के बीच
b. पन्द्रह दिन
c. तुरंत
d. इनमें से कोई नहीं
128. विचारण पूर्ण होने के वादन्यायाधीश ने निर्णय सुना दिया किन्तु डिक्री पर हस्ताक्षर नहीं किए और उसका स्थानान्तरण हो गया। तब?
a. डिक्री को हस्ताक्षर के लिए उस न्यायालय को भेजा जाता है जिसका विचारण न्यायालय अधीनस्थ हो
b. नए न्यायाधीश को वादमें बहस की पुनः सुनवाई करनी होती है
c. तैयार डिक्री पर नए न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षर किए जा सकते हैं
d. तैयार डिक्री को स्वीकृति के लिए उच्च न्यायालय भेजा जाता है।
129. निर्णय सुनाये जाने के वादडिक्री तैयार किए जाने हेतु सिविल प्रक्रिया संहिता द्वारा अधिकतम कितना समय मंजूर किया गया है?
a. 45 दिन
b. 60 दिन
c. 15 दिन
d. 30 दिन
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