हिन्दू विधि (Hindu Law) MCQs (हिंदी माध्यम)

हिन्दू विधि (Hindu Law) MCQs (हिंदी माध्यम)

हिन्दू विधि

(THE HINDU LAW)

हिन्दू विधि के स्त्रोत

(SOURCES OF HINDU LAW)

 

Download PDF With Solution 

1. हिन्दू विधि की शाखा को कितने भागों में विभाजित किया गया है -

a. दो

b. चार

c. तीन

d. पाँच

 

2.  जो दो बार जन्म लेता है, उसे कहा जाता है-

a. एकल

b. सहोदर

c. द्विज

d. एकोदर

 

3. हिन्दू विधि के आधुनिक स्रोत के अन्तर्गत आता है-

a. विधायन

b. प्रथाएँ

c. विबन्ध

d. भाष्य

 

4. हिन्दू विधि के आधुनिक स्त्रोत नहीं हैं-

a. स्मृति

b. न्यायिक निर्णय

c. विधायन 

d. न्याय, साम्या

 

5. मनुस्मृति के रचयिता हैं -

a. नारद

b. बृहस्पति

c. याज्ञवल्क्य

d. मनु

 

6.  स्मृतियों के अन्तर्गत आता है-

a. केवल धर्मसूत्र

b. केवल धर्मशास्त्र

c. धर्मशास्त्र एवं धर्मसूत्र

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

7. जो स्मृतियां गद्य में लिखी गयी हैं उसे कहा जाता हैं-

a. धर्मसूत्र 

b. धर्मशास्त्र

c. उपरोक्त दोनों

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

8. जो स्मृतियाँ पद्य में लिखी गयी हैं, उसे कहा जाता है-

a. धर्मसूत्र 

b. धर्मशास्त्र

c. विधायन 

d. भाष्य

 

9. धर्मसूत्र के अन्तर्गत किया गया है-

a. दाय, विभाजन

b. दत्तकग्रहण

c. विवाह तथा ऋण

d. उपरोक्त सभी

 

10. हिन्दू शब्द की व्याख्या से सम्बन्धित वाद हैं-

a. यज्ञ पुरुष दास जी बनाम मूलदास

b. मोहनदास बनाम देवसोम बोर्ड

c. अब्राहम बनाम अब्राहम

d. उपरोक्त सभी

 

11. 'हिन्दू' शब्द की परिभाषा का प्रयास उच्चतम न्यायालय ने सर्वप्रथम किस वाद में किया था-

a. यज्ञ पुरुष दास जी बनाम मूलदास

b. मोपाना बाई बनाम ओटाराम

c. चन्द्रशेखर बनाम कुनन्देवलू

d. उपरोक्त सभी

 

12. किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि हिन्दू जन्म से होता है तथा बनाया भी जाता है-

a. पेरूमल बनाम पोन्नस्वामी (ए० आई० आर० 1917 एस० सी०)

b. यज्ञपुरुषदास जी बनाम मूलदास, (ए० आई० आर० 1966 एस० सी०)

c. अब्राहम बनाम अब्राहम

d. मोहनदास बनाम देवसोम बोर्ड

 

13. निम्न में कौन हिन्दू है-

a. जो धर्म से बौध है

b. जो धर्म से जैन है

c. जो धर्म से सिक्ख हैं

d. उपरोक्त सभी

 

14. 'हिन्दू' शब्द की परिभाषा हिन्दू विवाह अधिनियम किस धारा में दिया गया है-

a. धारा 5

b. धारा 4

c. धारा 3

d. धारा 2

 

15. हिन्दू विधि को कितने भागों में बांटा गया है-

a. दाय भाग

b. मिताक्षरा

c. उक्त दोनों

d. उक्त में से कोई नहीं

 

16.  'दाय भाग' के लेखक हैं-

a. जीमूतवाहन

b. रघुनन्दन

c. विज्ञानेश्वर

d. वाचस्पति

 

17.  'दायभाग' से सम्बन्धित हैं-

a. दाय

b. स्त्रीधन

c. विभाजन

d. उक्त सभी

 

18 '.दाय भाग' प्रचलित हैं-

a. मिथिला

b. आन्ध्र प्रदेश

c. बनारस

d. बंगाल तथा असम

 

19. 'दायभाग' तथा 'मिताक्षरा' है-

a. मनु

b. निबन्ध

c. स्मृति

d. भाष्य

 

20. 'मिताक्षरा' के रचयिता हैं. -

a. जीमूतवाहन

b. विज्ञानेश्वर

c. नारद

d. श्रुति

 

21. 'मिताक्षरा' भाष्य किस स्मृति पर आधारित है-

a. नारद स्मृति

b. दायत्व

c. मनुस्मृति

d. याज्ञवल्क्य

 

22.  'मिताक्षरा' प्रचलित है-

a. बंगाल में

b. असम में

c. बंगाल के छोड़कर शेष भारत में

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

23. दत्तक विधि पर प्रमुख ग्रन्थ हैं-

a. दत्तक चन्द्रिका

b. दत्तक मीमांसा

c. उपरोक्त दोनों

d. उक्त में से कोई नहीं

 

24. 'दत्तक चन्द्रिका' के रचयिता हैं-

a. कुबेर

b. रघुनन्दन

c. वाचस्पति

d. माधवाचार्य

 

25. दत्तकमीमांसा के रचयिता हैं

a. कुबेर

b. रघुनन्दन

c. मनु

d. नन्द पंडित

 

26. 'मिताक्षरा' विधि में 'दाय' का सिद्धान्त आधारित है-

a. पिण्डदान पर

b. रक्त सम्बन्ध पर

c. उक्त दोनों पर

d. उक्त में से कोई नहीं

 

27. दाय भाग में दाय का सिद्धान्त आधारित हैं-

a. रक्त सम्बन्ध पर

b. पिण्डदान पर

c. उपरोक्त में से दोनों

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

28. निम्न में क्या गलत हैं-

a. हिन्दू वह है जो हिन्दू माता-पिता से जन्मा हो,  

b. हिन्दू वह है जो हिन्दू धर्म अपना लेता है।

c. हिन्दू वह है जिसके माता पिता हिन्दू हो

d. हिन्दू वह है जो चारों वेदों को जानता हो

 

29. विज्ञानेश्वर सम्बन्धित हैं-

a. मिताक्षरा से

b. स्मृति से

c. श्रुति

d. दाय भाग से

 

30. जीमूतवाहन सम्बन्धित हैं-

a. वेद

b. मिताक्षरा

c. स्मृति

d. दायभाग

 

31. निम्न में से कौन-सा हिन्दू विधि का आधुनिक स्रोत नहीं है-

a. साम्य, न्याय एवं सद्विवेक

b. रूड़ियां

c. विधायन

d. पूर्व निर्णय

 

हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955

(THE HINDU MARRIAGE ACT, 1955)

 

32. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 कब से लागू हुआ है-

a. 18 जून, 1955

b. 18 जून, 1956 

c. 18 मई, 1955

d. 18 अप्रैल, 1959

 

33. वैध विवाह की आवश्यक शर्तें हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की किस धारा में उपबन्धित हैं?

a. धारा 5

b. धारा 7

c. धारा 11

d. धारा 10

 

34. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 में वैध विवाह के लिए कितनी आवश्यक शर्तें उपबन्धित हैं?

a. साव

b. तीन

c. नौ

d. पाँच

 

35. वैध विवाह की आवश्यक शर्त नहीं हैं-

a. गोत्रज

b. पक्षकार सपिण्ड नहीं

c. प्रतिषिद्ध नातेदारी

d. द्विविवाह

 

36. दो सपिण्डों के बीच सम्पादित विवाह होता है-

a. शून्य विवाह

b. शून्यकरणीय विवाह

c. मान्य विवाह

d. पक्षकारों पर लागू रूविजन्य विधि के सिवाय शून्य विवाह

 

37. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 के अन्तर्गत विवाह के समय पक्षकारों की आयु कितनी होनी चाहिए 

a. वर 21 वर्ष, कन्या 18 वर्ष

b. वर 18 वर्ष, कन्या 18 वर्ष

c. वर 18 वर्ष, कन्या 16 वर्ष

d. वर 21 वर्ष, कन्या 20 वर्ष

 

38. यदि हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 5 में उपबन्धित आयु से कम आयु में विवाह सम्पन्न किया जाता है, तो ऐसे विवाह की प्रकृति होगी

a. शून्य विवाह 

b. शून्यकरणीय विवाह

c. अवैध विवाह 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं 

 

39. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 सम्बन्धित

a. शून्य विवाह से

b. विवाह विच्छेद से

c. न्यायिक पृथक्करण से

d. सप्तपदी से

 

40. उच्चतम न्यायालय ने किस मामले में यह धारित किया था कि हिन्दू पिता एवं ईसाई महिला से जन्मा पुत्र जबकि विवाह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत हुआ हो, हिन्दू माना जायेगा -

a. चन्द्रशेखर बनाम कुनुन्दूवेल

b. मोपाना बाई बनाम कोटाराम

c. ज्वाला बनाम धरम

d. कमिश्नर ऑफ सेल्स टैक्स बनाम आर० श्रीधरन

 

41. निम्न में से कौन सा तत्व हिन्दू विवाह को संविदात्मक प्रकृत्ति को नकारता है-

a. सप्तपदी

b. पारस्परिक तलाकं

c. विवाह विच्छेद

d. न्यायिक पृथक्करण

 

42. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 में प्रयुक्त 'हिन्दू' शब्द में निम्नांकित में से कौन सम्मिलित नहीं है-

a. सिख

b. जैन

c. पारसी 

d. बौद्ध

 

43. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अन्तर्गत प्रतिषिद्ध नातेदारी के व्यक्तियों का विवाह-

a. विधिमान्य है

b. शून्य है

c. शून्यकरणीय है

d. अनियमित है

 

44. सूची को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए-

                 सूची I                                                             सूची II

a. प्रतिषिद्ध डिग्री वाले पक्षकारों का विवाह                        1. शून्यकरणीय

b. नपुंसकता                                                                2. शून्य

c. दो सपिंडों का विवाह                                                 3. शून्यकरणीय

d. विवाह के समय पत्नी का पिटीशनर के

    अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गर्भिणी होना                  4. शून्य

कूट :

     A     B        D

a.  2     1     4      

b.  2     3     1      4             

c.  2     1     3      4 

d.  2     4     1      3

 

45. एक 17 वर्ष का लड़का 17 वर्ष की लड़की से विवाह करता है। यह विवाह-

a. शून्य है

b. शून्यकरणीय है

c. विधिमान्य और दण्डनीय नहीं है।

d. विधिमान्य और दण्डनीय है

 

46. '' अपने बड़े भाई की विधवा '' से विवाह करता है। यह विवाह-

a. विधिमान्य है 

b. शून्य है

c. शून्यकरणीय है

d. इनमें से कोई नहीं

 

47. '' एवं '' के मध्य विवाह विच्छेद की डिक्री पास हो गई है '' इस डिक्री के छः माह के अन्दर '' से दूसरा विवाह करता है। यह विवाह-

a. विधिमान्य है

b. शून्य है

c. अवैध है

d. शून्यकरणीय है

 

48. सपिण्ड नातेदारी लागू होती है-

a. माँ की तरफ से चार पीढ़ी तक

b. माँ की तरफ से पाँच पीढ़ी तक

c. माँ की तरफ से तीन पीढ़ी तक

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

49. क्या कोई हिन्दू प्रथम पत्नी की लिखित सहमति से दूसरा विवाह कर सकता है-

a. हाँ

b. नहीं

c. हाँ, यदि पति की उम्र 21 वर्ष से अधिक हो

d. हाँ, यदि पत्नी के विगत 10 वर्ष में कोई सन्तान नहीं हुई है

 

50. एक नपुंसक की शादी की प्रकृति है-

a. शून्य

b. शून्यकरणीय

c. अवैध

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

51. दाम्पत्य अधिकारों की पुनस्थापना की याचिका हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की किस धारा में और किस न्यायालय में दाखिल किया जा सकता है?

a. धारा 10 के अधीन जिला न्यायालय में

b. धारा 9 के अधीन जिला न्यायालय में जहाँ पारिवारिक न्यायालय गठित है वहाँ परिवार न्यायालय में

c. धारा 11 के अधीन जिला न्यायालय में

d. धारा 12 के अधीन जिला न्यायालय में

 

52. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 10 सम्बन्धित है-

a. विवाह विच्छेद

b. शून्य विवाह

c. शून्यकरणीय विवाह

d. न्यायिक पृथक्करण

 

53. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अन्तर्गत विवाह के प्रकार हैं-

a. शून्य विवाह 

b. शून्यकरणीय विवाह 

c. वैध विवाह

d. उपरोक्त सभी

 

54. शून्य विवाह की अकृतता से सम्बन्धित धारा है-

a. धारा 11

b. धारा

c. धारा 10

d. धारा 12

 

55. शून्यकरणीय विवाह की अकृतता से सम्बन्धित धारा है

a. धारा 12

b. धारा 13

c. धारा 18

d. धारा 10

 

56. अधिनियम की धारा 11 के अन्तर्गत दो हिन्दुओं के बीच अनुष्ठित किया गया कोई विवाह शून्य नहीं माना जायेगा यदि -

a. एक पक्षकार का पति या पत्नी विवाह के समय जीवित है

b. पक्षकार प्रतिषिद्ध नातेदारी की डिग्रियों के भीतर है

c. पक्षकार एक-दूसरे के सपिण्ड हो

d. कोई पक्षकार वित्तविकृति के परिणामस्वरूप विधिमान्य सम्मति देने में असमर्थ हो

 

57. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 9 की संवैधानिकता निम्नलिखित में जाँची गई थी-

a. शकुन्तलाबाई बनाम कुलकर्णी, ए० आई० आर० 1989 एस० सी० 1309

b. सरोज रानी बनाम सुदर्शन, ए० आई० आर० 1984 एस० सी० 1562

c. सुरेष्ठा देवी बनाम ओम प्रकाश, ए० आई० आर० 1992 एस० सी० 1904

d. नन्दा बनाम वीना नन्दा, ए० आई० आर० 1988 एस० सी० 407

 

58. निम्न में से किस वाद में यह निर्धारित किया गया है कि दाम्पत्य अधिकार संविधान के अनु० 14 तथा 21 का उल्लंघन नहीं करते हैं-

a. टी० सरिया बनाम बी० सुबिया

b. हरजिन्दर बनाम हरविन्दर

c. सरोज बनाम सुदर्शन

d. स्वराज बनाम के० एम० गर्ग

 

59. निम्न कथनों में असत्य कथन है 

a. शून्य विवाह प्रारम्भतः शुन्य होता है।

b. शून्य विवाह की पत्नी पति से भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती

c. शून्य विवाह से उत्पन्न संतान अधर्मज होते हैं

d. शून्य विवाह से उत्पन्न संतान पिता की सम्पत्ति में हक की मांग कर सकते हैं

 

60. निम्नलिखित कथनों में असत्य कथन है- -

a. शून्य विवाह जब तक न्यायालय शून्य एवं अकृत घोषित न कर दे तब तक वैध बना रहता है

b. शून्य विवाह मान्य लेकिन दण्डनीय है

c. अवयस्कों के बीच सम्पन्न विवाह कानून की दृष्टि से अवैध एवं दण्डनीय है

d. उपर्युक्त सभी

 

61. निम्न कथनों में असत्य कथन है 

a. शून्यकरणीय विवाह वैध विवाह है जब तक पक्षकारों में से कोई विखण्डित न करा दे 

b. शून्यकरणीय विवाह के संतान धर्मज होते हैं 

c. शून्यकरणीय विवाह के संतान संयुक्त परिवार की सम्पत्ति में स्वत्व प्राप्त करने के हकदार होते हैं

d. शून्यकरणीय विवाह की पत्नी पति से भरणं- पोषण की मांग कर सकती है

 

62. निम्न कथनों में सत्य कथन है/है-

a. द्विविवाह भारतीय दण्ड संहिता की धारा 494 एवं 495 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है

b. प्रतिषिद्ध नातेदारों के बीच विवाह शून्य एवं हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 17 के अन्तर्गत दण्डनीय है

c. विवाह के रजिस्ट्रेशन अनिवार्य बनाये जाने पर रजिस्ट्रेशन न कराये जाने का प्रभाव विवाह की वैधता पर नहीं पड़ता है

d. उपर्युक्त सभी

 

63. सही सुमेलित युग्म नहीं है 

a. शून्य विवाह                                              धारा 11

b. शून्यकरणीय विवाह                                   धारा 12

c. विवाह का रजिस्ट्रीकरण                              धारा 8

d. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद             धारा 13

 

64. सत्य विकल्प बताइए :

एक पुरुष '' की पत्नी '' जीवित है। '' तथा '' के बीच विधिमान्य विवाह हुआ था '' एक अन्य स्त्री '' से विवाह सम्पन्न कराने वाला है; '' को क्या उपचार है-

a. हिन्दू विवाह अधिनियम के अन्तर्गत शाश्वत व्यादेश हेतु बाद ला सकती है।

b. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम के अन्तर्गत निषेधाज्ञा का वाद ला सकती है

c. विवाह को शून्य घोषित कराने हेतु बाद ला सकती है

d. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों

 

65. दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यस्थापना की डिक्री पारित होने पर डिक्री का निष्पादन की प्रक्रिया दी गई है-

a. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 15 में

b. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 20 में

c. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 23 में 

d. सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 21 नियम 32 एवं 33 में

 

66. पति के विरुद्ध पारित दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यस्थापन की डिक्री के निष्पादन में निष्पादन न्यायालय क्या आदेश पारित कर सकेगा?

a. सिविल कारागार में निरुद्धि का

b. कुर्की का

c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों का

d. केवल गिरफ्तारी का

 

67. दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यस्थापना हेतु आवेदन कौन दाखिल करता है 

a. केवल पति

b. केवल पत्नी

c. पत्नी, जो युक्तियुक्त कारण के बिना पति के साथ रहना छोड़ दी है

d. पति या पत्नी एक दूसरे के विरुद्ध जब प्रत्युत्तरदाता या प्रत्युत्तरदात्री ने युक्तियुक्त प्रतिहेतु के बिना साथ रहना छोड़ दिया है।

 

68. निम्न कथनों में असत्य कथन है-

a. न्यायिक पृथक्करण की डिक्री पारित होने के बाद पति का पत्नी के साथ सहवास करने का अधिकार समाप्त हो जाता है

b. न्यायिक पृथक्करण में विवाह सम्बन्ध स्थगित रहता है

c. न्यायिक पृथक्करण की डिक्री पक्षकारों के सहवास द्वारा समाप्त हो जाती है।

d. न्यायिक पृथक्करण की डिक्री पारित होने के पश्चात् पक्षकार विवाह करने के लिए स्वतन्त्र होते

 

69. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 में अधित्याग के आधार पर न्यायिक पृथक्करण के आवेदन हेतु न्यूनतम कितना समय है?

a. तीन साल

b. दो साल

c. पाँच साल

d. सात साल

 

70. न्यायिक पृथक्करण तथा विवाह विच्छेद का आधार एक समान हो गये हैं-

a. विवाह विधि अधिनियम, 1955 के द्वारा

b. विवाह विधि (संशोधन) अधिनियम, 1976 के द्वारा

c. विवाह विधि अधिनियम, 1956 के द्वारा

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

71. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 सम्बन्धित है 

a. विवाह विच्छेद से

b. न्यायिक पृथक्करण से

c. दाम्पत्य अधिकारों के पुनर्स्थापन से

d. सप्तपदी से

 

72. विवाह विच्छेद (तलाक) से सम्बन्धित उपबन्ध है-

a. धारा 10 में 

b. धारा 11 में

c. धारा 13 में

d. धारा 15 में

 

73. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 के अन्तर्गत पत्नी को विवाह विच्छेद की डिक्री प्राप्त करने के लिए कुल कितने अतिरिक्त आधार दिये गये हैं?

a. चार 

b. पाँच

c. आठ

d. तीन

 

74. न्यायिक पृथक्करण का प्रभाव क्या होता है?

a. पति-पत्नी पृथक् पृथक् रहने के लिए स्वतन्त्र हैं

b. पक्षकारों को आपस में सहवास करने का अधिकार समाप्त

c. निर्वाह धन प्राप्त करने का अधिकार

d. उपरोक्त सभी

 

75. यदि न्यायिक पृथक्करण की डिक्री पारित होने के एक वर्ष तक सहवास नहीं होता है, तो आधार उत्पन्न हो जायेगा --

a. तलाक

b. न्यायिक पृथक्करण

c. दाम्पत्य अधिकारों का पुनर्स्थापन

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

76. दो हिजड़ों के बीच किया गया विवाह होता है- 

a. शून्य 

b. शून्यकरणीय 

c. अवैध

d. वैध

 

77. अधिनियम की धारा 13 के अन्तर्गत तलाक के लिये निम्नलिखित में से कौन-सा एक वैध आधार नहीं है

a. मानसिक क्रूरता

b. दूसरा पक्षकार किसी धार्मिक आश्रम में प्रवेश करने के लिए संसार का परित्याग कर चुका है

c. दूसरे पक्षकार के बारे में पाँच वर्ष में उन लोगों के द्वारा जिन्होंने दूसरे पक्षकार के बारे में, यदि वह जीवित होता तो स्वभावतः सुना होता, नहीं सुना गया है कि जीवित है

d. अभित्यजन

 

78. निम्नांकित में से कौन-सा कथन सही है-

a. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद का उपबन्ध हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 में आरम्भ से था 

b. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद हिन्दू विवाह (संशोधन) अधिनियम, 1976 के द्वारा पुनः स्थापित किया गया

c. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद का उपबन्ध हिन्दू विधि के अधिनियम धारा 13-क में हैं। 

d. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद का प्रार्थना- पत्र विवाह के एक वर्ष के भीतर अवश्य दिया जाना चाहिए

 

79. कौन मामला अभित्यजन से सम्बन्धित है-

a. लक्ष्मण बनाम मीना

b. वीर राघवन बनाम पार्वती.

c. सुशीला बनाम नानावती

d. विपिन चन्द्र बनाम वसन्ता

 

80. निम्न में से कौन वाद क्रूरता से सम्बन्धित है

a. पी० एल० सन्याल बनाम सरला रानी

b. श्रीमती अलोक डे बनाम मृणाल कांति डे 

c. दास्ताना बनाम दास्ताना

d. उपरोक्त सभी

 

81. आन्वयिक अभित्याग से सम्बन्धित वाद है-

a. ज्योति चन्द्र बनाम मीना

b. दास्ताना बनाम दास्ताना

c. पी० एल० सन्याल बनाम सरला रानी

d. महेन्द्र बनाम सुशीला

 

82. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 () सम्बन्धित है-

a. विवाह विच्छेद

b. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद

c. न्यायिक पृथक्करण से

d. शून्य विवाह

 

83. कोई भी गुलाब काँटों के बिना नहीं है, परन्तु अपने हाथ में जो है उसमें यदि कांटे ही है और गुलाब नहीं है, तो उसे फेंकना ही उचित है। इस कथन का सम्बन्ध है

a. तलाक से

b. पारस्परिक सहमति पर विवाह विच्छेद से 

c. न्यायिक पृथक्करण से

d. दाम्पत्य अधिकारों के पुनर्स्थापन से

 

84. सामान्यतया विवाह विच्छेद की कोई अर्जी विवाह सम्पन्न होने के कितने दिन के भीतर नहीं लायी जा सकती है?

a. दो वर्ष

b. तीन वर्ष

c. छः मास

d. एक वर्ष

 

85. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अन्तर्गत पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद के लिए याचिका लाई जा सकती है-

a. तीन वर्ष बाद 

b. एक वर्ष बाद

c. दो वर्ष बाद

d. छः माह बाद

 

86. पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद की याचिका में पक्षकारों के बीच पारस्परिक सहमति डिक्री पारित करने के समय तक होनी चाहिए। पक्षकारों को इसके लिए 6 माह से 18 महीने की अवधि प्राप्त है, किस बाद में उच्चतम न्यायालय ने धारित किया-

a. हितेष नरेन्द्र दोषी बनाम जेसल हितेष

b. श्री राम बनाम मनसू

c. अशोक हुर्रा बनाम रुपा विपिन जावरी

d. सुरेष्ठा देवी बनाम ओम प्रकाश

 

87. धारा 15 के अन्तर्गत तलाकशुदा व्यक्ति पुनः विवाह नहीं कर सकेंगे यदि विवाह, तलाक की आज्ञप्ति द्वारा भंग कर दिया गया है-

a. आज्ञप्ति के विरुद्ध अपील करने की समयावधि अपील पेश किये जाने के बिना समाप्त हो गई है

b. अपील जो तलाक की आज्ञप्ति के विरुद्ध पेश की गई थी, खारिज कर दी गई है

c. तलाक की आज्ञप्ति के विरुद्ध पेश की गई अपील लम्बित है

d. तलाक की आज्ञप्ति के विरुद्ध अपील का कोई अधिकार नहीं रह गया है।

 

88. धारा 15 के उपबन्धों का उल्लंघन करके किया गया विवाह होगा-

a. मान्य

b. शून्यकरणीय

c. अवैध 

d. शून्य

 

89. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 16 बच्चों की धर्मजता से सम्बन्धित है-

a. शून्य विवाह

b. शून्यकरणीय विवाह

c. वैध विवाह

d. शून्य एवं शून्यकरणीय विवाह दोनों

 

90. यदि कोई हिन्दू, हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 के खण्ड (3) के उल्लंघन में अपना विवाह सम्पन्न करवाता है, तो वह दण्डित किया जा सकेगा

a. पन्द्रह दिन के सादे कारावास या 500 रुपये जुर्माने से

b. पन्द्रह दिन के सादे कारावास या 1000 रुपये जुर्माने से

c. तीन दिन से सादे कारावास या 500 रुपये जुम्मने से 

d. दो वर्ष तक के कठोर कारावास या एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से

 

91. यदि कोई हिन्दू अपना विवाह, हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 5 के खण्ड (4) एवं (5) के उल्लंघन में करता है, तो वह दण्डित किया जा सकेगा-

a. एक मास तक के सादे कारावास से या 1000 रुपये जुर्माने से या दोनों से 

b. तीन मास तक के कारावास या 1000 रुपये जुर्माने से

c. दो मास के कारावास या जुर्माने से

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

92. हिन्दू विवाह अधिनियम के अधीन हर अर्जी उस जिला न्यायालय में उपस्थापित की जायेगी जिसकी साधारण सिविल अधिकारिता की स्थानीय सीमाओं के अन्दर विवाह अनुष्ठापित हुआ था, यह उपबन्ध है-

a. धारा 18 में

b. धारा 19 में

c. धारा 20 में 

d. धारा 21 में

 

93. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के अधीन अर्जी की सुनवाई (विचारण) कितने दिन के भीतर समाप्त करने का प्रयास किया जायेगा?

a. प्रत्यर्थी पर अर्जी की सूचना तामील होने के 6 मास के भीतर

b. प्रत्यर्थी पर अर्जी की सूचना तामील होने के 3 मास के भीतर

c. प्रत्यर्थी पर अर्जी की सूचना तामील होने के 5 मास के भीतर

d. प्रत्यर्थी पर अर्जी की सूचना तामील होने के 2 मास के भीतर

 

94. हिन्दू विवाह अधिनियम के अधीन अपील की सुनवाई कितने दिन के भीतर समाप्त करने का प्रयास किया जायेगा ?

a. प्रत्यर्थी पर अपील की सूचना तामील होने की तारीख से 2 मास के भीतर

b. प्रत्यर्थी पर अपील की सूचना तामील होने की तारीख से 4 मास के भीतर

c. प्रत्यर्थी पर अपील की सूचना तामील होने की तारीख से 3 मास के भीतर

d. प्रत्यर्थी पर अपील की सूचना तामील होने की तारीख से 6 मास के भीतर

 

95. धारा 22 के उपबन्धों का उल्लंघन करके वैवाहिक कार्यवाहियों का प्रकाशन किये जाने पर ऐसा करने वाला दण्डनीय होगा-

a. ऐसे जुर्माने से जो तीन हजार रुपये तक हो सकेगा 

b. ऐसे जुर्माने से जो दो हजार रुपये तक हो सकेगा 

c. ऐसे जुर्माने से जो एक हजार रुपये तक हो सकेगा 

d. एक मास के कारावास और एक हजार रुपये तक के जुर्माने से हो सकेगा

 

96. सही सुमेलित युग्म है-

a. धारा 22 -     कार्यवाहियाँ बन्द कमरे में होना

b. धारा 27 -     सम्पत्ति का व्ययन

c. धारा 24 -     वादकालीन भरण-पोषण

d. धारा 25 -     स्थायी निर्वाह व्यय

e. उपर्युक्त सभी

 

97. इस अधिनियम की धारा 24 के अधीन वादकालीन भरण-पोषण और कार्यवाहियों के व्यय के लिए न्यायालय में उपस्थापित अर्जी का निस्तारण हो जाना चाहिए-

a. पति या पत्नी को नोटिस की तामील के 15 दिन के भीतर

b. पति या पत्नी को नोटिस की तामील के 30 दिन के भीतर

c. पति या पत्नी को नोटिस की तामील के 45 दिन के भीतर

d. पति या पत्नी को नोटिस की तामील के 60 दिन के भीतर

 

98. सन्तति (अवयस्क बच्चे) की अभिरक्षा से सम्बन्धित उपबन्ध करती है

a. धारा 23

b. धारा 27

c. धारा 26

d. धारा 29

 

99. आरम्भिक अधिकारिता के प्रयोग में दो गयी डिक्री की अपील की परिसीमा - काल है-

a. 30 दिन

b. 60 दिन

c. 90 दिन

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

100. आरम्भिक अधिकारिता के प्रयोग में दी गयी डिक्री की अपील कहाँ होगी-

a. जिला न्यायालय में 

b. उस न्यायालय में जिसमें आरम्भिक सिविल अधिकारिता के प्रयोग में उस न्यायालय के विनिश्चयों की अपीलें साधारणतया होती हैं 

c. उच्च न्यायालय में

d. उपर्युक्त (a) एवं (b)

 

101. कुटुम्ब न्यायालय द्वारा पारित डिक्री / आदेश की अपील होगी-

a. उच्च न्यायालय में

b. जिला न्यायालय में

c. उच्चतम न्यायालय में 

d. कोई अपील नहीं होगी

 

102. निम्न कथनों में सत्य कथन बताइए-

a. हिन्दू विवाह अधिनियम विशेष विवाह अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावित नहीं करेगा 

b. जहाँ विवाह विच्छेद के सम्बन्ध में रुड़ि विद्यमान है वहाँ ऐसी रूढ़ि के अन्तर्गत प्राप्त अधिकार को हिन्दू विवाह अधिनियम प्रभावित नहीं करेगा

c. अन्तर्जातीय एवं अन्तर्धर्मीय विवाह को अधिनियम मान्यता देता है

d. उपर्युक्त सभी

 

103. फैक्टम वैलट का सिद्धान्त सम्बन्धित है-

a. भरण-पोषण से

b. विवाह से

c. उत्तराधिकार से

d. दत्तक से

 

104. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 के पूर्व सम्पन्न अन्तर्जातीय विवाह को वैध विवाह की मान्यता, हिन्दू विवाह अधिनियम की किस धारा में दिया गया है?

a. धारा 27

b. धारा 29

c. धारा 30

d. धारा 26

 

105. अधिनियम की धारा 27 आकर्षित होती है जबकि विवाह में या विवाह के समय भेंट की गई सम्पत्ति अभिकथित रूप से होती है-

a. पति की

b. पत्नी की

c. संयुक्त रूप से दोनों की

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

106. निम्नलिखित में से कौन सा तलाक का आधार नहीं है?

a. विवाह का असाध्य विखंडन

b. मानसिक क्रूरता

c. व्यभिचार

d. अभित्यजन

 

107. दस्ताने बनाम दस्ताने किस बिंदु पर सर्वोच्च न्यायालय का अग्र निर्णय  

a. क्रूरता

b. अभित्यजन

c. पागलपन

d. व्यभिचार

 

108. एक हिन्दू स्त्री किसी पुरुष बालक को गोद ले सकती है, अगर वह उस बालक से कम से कम बड़ी है 

a. 12 साल

b. 21 साल

c. 18 साल

d. 14 साल

 

109. निम्न में से कौन से मामलों में हिन्दू विधि लागू नहीं होती है- 

a. अनुसूचित जनजाति जो अनुच्छेद 366 (संविधान) के व क्लाज (25) के अन्तर्गत सदस्य हो 

b. कोई ऐसा व्यक्ति जिसका जन्म हिन्दू माता व पिता से हो

c. कोई ऐसा व्यक्ति जो मुस्लिम, क्रिश्चन, पारसी व यहूदी न हो

d. कोई भी ऐसा व्यक्ति जो हिन्दू, जैन, सिख अथवा बुद्धीष्ट धर्म से हो

 

110. हिजड़े के साथ शादी को माना जाता है-- 

a. अवैध

b. वैध 

c. शून्यीकरण

d. शून्य

 

111. निम्न में से कौन सी शादी शून्य नहीं है-

a. शादी के समय किसी एक पक्षकार के पति / पत्नी थी

b. एक पक्षकार का खराब चरित्र का होना

c. पक्षकारों के मध्य वर्जित रिश्तेदारी थी

d. पक्षकारों के मध्य सपिंड रिश्ता था

 

112. हिन्दू विवाह के रजिस्ट्रेशन कराने पर हिन्दू विवाह की धारा 8 के अन्तर्गत कितने जुर्माने का प्रावधान है?

a. 50 रुपये तक

b. 75 रुपये तक

c. 25 रुपये तक

d. 100 रुपये तक

 

113. पत्नी अपने मायके चली गयी और पति के बार-बार बुलाने पर ससुराल नहीं आयी। पति को उपचार है- 

a. दाम्पत्य अधिकारों का प्रत्यस्थापन का

b. न्यायिक पृथक्करण का

c. या तो (a) या तो (b)

d. तलाक

 

114. पत्नी पति के व्यवहार से तंग आकर मायके चली गयी। पति के बुलाने पर वह उसके साथ रहने से इन्कार कर देती है। पति धारा 9 के अन्तर्गत दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यस्थापन के लिए न्यायालय में याचिका दाखिल करता है। न्यायालय क्या आदेश पारित करेगा

a. दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यस्थापन का 

b. न्यायिक पृथक्करण का

c. याचिका नामंजूर करने का

d. तलाक का

 

115. हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत युक्तियुक्त प्रतिहेतु साबित करने का भार किस पर होता है?

a. जिस पक्षकार ने साहचर्य से प्रत्याहरण किया है 

b. जो याचिका दाखिल किया है। 

c. या तो (a) पर या (b) पर

d. (a) एवं (b) दोनों पर

 

116. पति पत्नी के साथ क्रूरता करता है पत्नी को उपलब्ध उपचार के सम्बन्ध में निम्न कथनों में असत्य कथन है

a. पत्नी धारा 13 के अन्तर्गत तलाक के लिए अर्जी देगी

b. पत्नी पहले धारा 10 के अन्तर्गत न्यायिक पृथक्करण के लिए अर्जी देगी

c. पत्नी धारा 10 के अधीन न्यायिक पृथक्करण या धारा 13 के अन्तर्गत तलाक की अर्जी देगी 

d. पत्नी धारा 9 के अन्तर्गत अर्जी देगी

 

117. पति की पहली पत्नी जीवित है। पति दूसरा विवाह कर लेता है, पहली पत्नी को क्या उपचार है?

a. तलाक ले सकती है

b. द्विविवाह के लिए अभियोजित कर सकती है

c. (a) एवं (b) दोनों

d. व्यादेश की

 

118. पत्नी के जीवित रहते हुए पति दूसरा विवाह करना चाहता है क्योंकि पत्नी की कोई संतान नहीं थी। पत्नी ने पति को दूसरा विवाह करने की सहमति पति को दे दी। पति ने दूसरा विवाह कर लिया। पति-

a. द्विविवाह का दोषी है

b. द्विविवाह का दोषी नहीं है

c. या तो (a) या (b)

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं 

 

119. पति ने '' नामक लड़की से विवाह चन्द्रमा को साक्षी मानकर खुले स्थान पर किया तत्पश्चात् पति ने '' नामक लड़की से विवाह किया। पहली पत्नी को उपचार प्राप्त है— 

a. तलाक का

b. न्यायिक पृथक्करण का

c. पति को द्विविवाह के लिए अभियोजित कराने का 

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

120. एक हिन्दू पति पत्नी के जीवित रहते हुए मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लेता है और पुनः विवाह कर लेता है। पति द्विविवाह के लिए अभियोजित किया जाता है। पति बचाव में कहता है कि मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लेने से उसका प्रथम विवाह विघटित हो गया और इस्लाम के अन्तर्गत वह दूसरा विवाह कर सकता है। उक्त तथ्यों के सम्बन्ध में निम्न कथन सत्य है-

a. इस्लाम स्वीकार कर लेने से पहला विवाह विघटित (भंग) नहीं हो जाता

b. दूसरा विवाह हिन्दू विवाह अधिनियम का अतिलंघन माना जायेगा

c. दूसरा विवाह शून्य है

d. उपर्युक्त सभी

 

121. पति-पत्नी का विवाह एक जनवरी 2008 में सम्पन्न हुआ। पति एक जनवरी 2009 को लापता 'गया। पत्नी फरवरी 2017 में एक अन्य पुरुष से विवाह कर लिया। पत्नी इसकी सूचना अन्य पुरुष को भी दे दी पत्नी- 

a. द्विविवाह की दोषी नहीं होगी

b. द्विविवाह की दोषी होगी

c. या तो (a) या (b)

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

122. पति-पत्नी दोनों विधितः विवाहित है। पति का शारीरिक सम्बन्ध किसी अन्य वैवाहिक स्त्री से है, पति किसके विरुद्ध अपराध किया है?

a. पत्नी के विरुद्ध

b. दूसरी स्त्री के पति के विरुद्ध 

c. दूसरे पति के पत्नी के विरुद्ध

d. किसी के विरुद्ध नहीं

 

123. किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने धारित किया कि जहाँ एक स्त्री तथा एक पुरुष के बीच धार्मिक अनुष्ठानों अथवा वैवाहिक रीति-रिवाजों के माध्यम से विवाह सम्पन्न हुआ साबित नहीं किया जाता किन्तु समाज उन्हें पति-पत्नी के रूप में मानता है वहाँ पर विधि की दृष्टि में उन्हें पति-पत्नी नहीं समझा जायेगा

a. सरोजरानी बनाम सुदर्शन कुमार, ए० आई० आर० 1984 एस० सी० 1562

b. सुरजीत सिंह बनाम गरजा सिंह, ए० आई० आर० 1994 एस० सी० 135

c. गुरुनाम कौर बनाम पुरन सिंह, (1996) 1 एच० एल० आर० 446 (एस० सी०)

d. लक्ष्मन बनाम मीना, ए० आई० आर० 1964 एस० सी० 40

 

124. '' नामक एक व्यक्ति का विवाह '' नामक लड़की से सम्पन्न हुआ। लड़की विवाह के समय गर्भवती थी लेकिन इसकी जानकारी '' को विवाह के दो माह बाद पता चला। दोनों में शारीरिक सम्बन्ध बना रहा। '' जानकारी होने के एक महिने बाद विवाह को धारा 12 के अन्तर्गत शून्यकरणीय घोषित कराने के लिए याचिका दाखिल किया। न्यायालय याचिका-

a. खारिज कर देगा क्योंकि याचिका गर्भवती होने की जानकारी के दो माह पश्चात् याचिका पेश की गयी थी

b. ग्रहण (Admit) नहीं करेगा क्योंकि गर्भवती होने की जानकारी के बाद '' ने '' से संभोग किया

c. स्वीकार कर लेगा क्योंकि याचिका गर्भवती के तथ्य की जानकारी होने के एक वर्ष के अन्दर संस्थित की गयी थी

d. उपर्युक्त (b) एवं (c) दोनों

 

125. '' जो 22 वर्ष का था उसने एक लड़की '' से जो 14 वर्ष की थी, विवाह करता है। '' एवं '' के मध्य विवाहोत्तर संभोग होता रहा। जब '' 17 वर्ष की थी तो उसने '' से विवाह का निराकरण कर दिया। पत्नी '' को निम्न में से कौन अधिकार प्राप्त है ?

a. वह विवाह भंग के लिए याचिका दाखिल कर सकती है

b. वह विवाह भंग (तलाक) के लिए याचिका दाखिल नहीं कर सकती क्योंकि विवाहोत्तर संभोग हुआ है

c. वह न्यायिक पृथक्करण के लिए अर्जी देगी

d. वह विवाह को शून्य या शून्यकरणीय (शून्य एवं अकृत) घोषित करा सकेगी

 

126. पति एवं पत्नी एक दूसरे से अलग-अलग रह रहे थे। न्यायालय ने पति के विरुद्ध भरण-पोषण का आदेश दे दिया। आदेश के एक वर्ष तक दोनों के बीच सहवास नहीं हुआ। पत्नी को क्या उपचार प्राप्त है-

a. न्यायिक पृथक्करण का

b. न्यायिक अधिकारों के प्रत्यस्थापन का

c. तलाक लेने की

d. या तो (a) या (b)

 

127. पति-पत्नी के मध्य विवाह अस्तित्व में है। पति बलात्कार के मामले में आरोपित हुआ है और उसके विरुद्ध विचारण की कार्यवाही चल रही है। क्या पत्नी बलात्कार के आरोप के आधार पर पति से विवाह विच्छेद की याचिका दाखिल कर सकती है

a. हाँ

b. नहीं क्योंकि पति बलात्कार के लिए दोषसिद्ध नहीं हुआ है

c. न तो (a) न तो (b)

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

128. '' की पहली पत्नी से एक पुत्र '' पैदा हुआ था और दूसरी पत्नी से भी एक पुत्र '' उत्पन्न हुआ था। '' एवं उसकी पत्नी दोनों एक दुर्घटना में मारे जाते हैं। '' ने अपने पीछे एक मकान छोड़ गया तथा बीमा कम्पनी की ओर से दस लाख रुपया भी मिला। मकान एवं बीमा धन किसको मिलेगा?

a. '' को मिलेगा

b. '' को मिलेगा

c. '' एवं '' दोनों को बराबर-बराबर मिलेगा

d. '' को नहीं मिलेगा क्योंकि वह शून्य विवाह का पुत्र था

 

129. '' एवं '' में विवाह सम्पन्न हुआ। '' को 'पैरानाइड सीजोफ्रेनिया' नामक बीमारी थी लेकिन विवाह से पूर्वं '' को इस बीमारी के बारे में नहीं बताया गया। '' विवाह को घोषित करा सकेगा / सकेगी-

a. शून्य

b. अवैध

c. शून्यकरणीयं

d. अनियमित

 

130. '' '' की पत्नी से '' की सहमति से संभोग करता है, '' ने क्या अपराध किया है?

a. जारता का

b. क्रूरता का

c. या तो (a) या (b)

d. न तो (a) न तो (b)

 

131. '' ने '' की पत्नी से '' की सहमति से संभोग करता है जबकि पत्नी सहमति नहीं दी थी। '' ने कौन सा अपराध किया है?

a. बलात्संग का

b. जारता का

c. क्रूरता का

d. उपर्युक्त सभी

 

132. जारता का दोषी होता है-

a. पुरुष

b. स्त्री 

c. पुरुष एवं स्त्री दोनों 

d. न तो (a) न तो (b) उत्तर (a)

 

133. सटीक उत्तर का चयन कीजिए-

पति एवं पत्नी पारस्परिक सहमति से हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा 13 के अन्तर्गत विवाह विच्छेद- के लिए याचिका प्रेषित करते हैं। न्यायालय विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर सकेगा-

a. याचिका पेश करने की तारीख से 6 महीने बाद एवं 18 महीने से पूर्व

b. याचिका पेश करने से 6 महीने के बाद भी एवं 6 महीने से पूर्व भी

c. 6 महीने के बाद और 18 महीने के बाद भी 

d. कोई समय नियत नहीं है

 

134. पति पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरा विवाह करना चाहता है। पति का विवाह की तारीख नियत हो गयी है। पत्नी को क्या उपचार उपलब्ध है?

a. निषेधात्मक व्यादेश 

b. तलाक

c. स्टे

d. कोई उपचार नहीं

 

135. किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने धारित किया कि यदि पति-पत्नी बिना वैध विवाह के लम्बे समय तक साहचर्य का जीवन व्यतीत करते हैं तो पत्नी पति से भरण-पोषण पाने की हकदार है-

a. प्रियलता बनाम सुरेश, ए० आई० आर० 1971 एस० सी० 1153

b. चनमुनिया बनाम वीरेन्द्र कुमार कुशवाहा, 2011 एस० सी० सी० 141

c. डॉ० सूरजमणि बनाम दुर्गाचरण ए० आई० आर० 2001 एस० सी० 938

d. सबिता बेन सोम भाई भाटिया बनाम गुजरात राज्य, ए० आई० आर० 2005 एस० सी० 1809

 

136. निम्नलिखित में से कौन रूढ़ि या प्रथा के अनुसार दूसरा विवाह (द्विविवाह) कर सकता है?

a. अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति

b. अनुजाति का व्यक्ति

c. उक्त (a) एवं (b) दोनों 

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

137. '' का विवाह '' नाम की स्त्री से हुआ था लेकिन '' एक अन्य स्त्री '' के साथ रह रहा है और '' से एक पुत्र भी पैदा हुआ। कुछ वर्षों के बाद '' ने '' का साथ छोड़कर पत्नी के साथ रहने लगा। '' को उपचार है-

a. वह भरण-पोषण की माँग नहीं कर सकती है

b. वह भरण-पोषण की माँग कर सकती है

c. वह भरण-पोषण एवं उत्तराधिकार दोनों की मांग कर सकती है

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

138. किस बाद में उच्चतम न्यायालय ने धारित किया कि 'लिव इन रिलेशनशिप' (सह-जीवन) उत्पन्न बच्चे दम्पत्ति के वैध सन्तान माने जायेंगे- 

a. मदन मोहन सिंह बनाम रजनीकान्त

b. उदय गुप्ता बनाम आयशा

c. नाज फाउन्डेशन बनाम एन० सी० टी०

d. सुरेश कुमार कौशल बनाम नाज फाउन्डेशन 

 

139. '' (पति) ने कुटुम्ब न्यायालय मे तलाक की याचिका दाखिल की। '' के पक्ष में तलाक की डिक्री न्यायालय ने पारित कर दी। '' (पत्नी) तलाक की डिक्री के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की जिसे उच्च न्यायालय ने स्वीकार कर ली। अपील के दौरान '' ने '' से विवाह कर लिया। '' का विवाह माना जायेगा-

a. शून्य

b. मान्य

c. शून्यकरणीय

d. अनियमित

 

140. पति पत्नी में विवाह विच्छेद हो गया है। लेकिन वे कुछ महीने के बाद साथ-साथ रहने लगते हैं उनके बीच सम्बन्ध माना जायेगा-

a. सह जीवन का (लिव इन रिलेशनशिप का)

b. पति-पत्नी का

c. अवैध

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

141. विवाह के एक वर्ष बाद पत्नी मायके चली गयी। उसके ससुराल आने पर पति दाम्पत्य अधिकारों के प्रत्यस्थापन के लिए वाद दाखिल किया। पत्नी का अभिकथन था कि वह ससुराल तभी जायेगी जब पति अपने संयुक्त परिवार को छोड़कर उसके साथ रहेंगे। पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक की याचिका दाखिल किया। क्या यह क्रूरता है?

a. नहीं

b. हाँ

c. या तो (a) वा (b) 

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

हिन्दू उत्तराधिकारी अधिनियम, 1956

(THE HINDU SUCCESSION ACT)

 

142. प्राचीन हिन्दू विधि के अन्तर्गत दाय की पद्धतियाँ प्रचलित थीं-

a. मिताक्षरा पद्धति 

b. दायभाग पद्धति 

c. उक्त दोनों

d. उपरोक्त में से कोई नहीं 

 

143. मिताक्षरा विधि में दाय प्राप्त करना आधारित है-

a. रक्त सम्बन्ध पर

b. पिण्डदान पर

c. उत्तरजीविता पर

d. गोत्रज पर

 

144. 'दायभाग' विधि में दाय प्राप्त करना आधारित है

a. पिण्डदान पर 

b. रक्त सम्बन्ध पर

c. उत्तरजीविता पर 

d. उक्त में से कोई नहीं

 

145. मिताक्षरा विधि में सम्पत्ति का न्यागमन होता है-

a. उत्तराधिकार द्वारा 

b. उत्तरजीविता द्वारा

c. उक्त दोनों द्वारा 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

146. दायभाग में सम्पत्ति का न्यागमन होता है-

a. उत्तरजीविता द्वारा 

b. उत्तराधिकार द्वारा 

c. उक्त दोनों द्वारा 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

147. वर्तमान समय में सम्पत्ति का न्यागमन होता है-

a. उत्तरजीविता द्वारा

b. मिताक्षरा के अनुसार

c. दायभाग के अनुसार

d. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 के अनुसार 

 

148. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 तभी लागू होगा जब सम्पत्ति हो -

a. निर्वसीयती

b. वसीयती

c. स्वत्वयुक्त

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

149. जब दो व्यक्ति आपस में केवल पुरुषों के माध्यम से रक्त या दत्तक द्वारा सम्बन्धित हों, तब उन्हें कहा जाता है— 

a. बंधु

b. एकोदर

c. गोत्रज

d. सहोदर

 

150. जब दो व्यक्ति किसी भी माध्यम से आपस में रक्त या दत्तक द्वारा सम्बन्धित हों, तो उसे कहा जाता है-

a. गोत्रज

b. एकोदर

c. सहोदर

d. बंधु

 

151. यदि कोई हिन्दू पुरुष मिताक्षरा सम्पत्ति में हित रखते हुए मरता है, तो उसकी सम्पत्ति का न्यागमन होगा

a. उत्तराधिकार द्वारा 

b. उत्तरजीविता द्वारा 

c. उक्त दोनों 

d. उक्त में से कोई नहीं

 

152. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 लागू नहीं होता है

a. ऐसे व्यक्तियों की सम्पत्ति पर जिनका विवाह विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत हुआ है

b. मिताक्षरा सहदायिकी सम्पत्ति पर 

c. उपरोक्त दोनों पर

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

153. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की किस धारा में मिताक्षरा विधि से सम्बन्धित उपबन्ध किया गया है-

a. धारा 7

b. धारा 6

c. धारा 8

d. धारा 9

 

154. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की निम्नलिखित में से कौन-सी धारा 'काल्पनिक विभाजन' (Notional Partition) का प्रावधान करती है-

a. धारा 14

b. धारा 10

c. धारा 6

d. धारा 18

 

155. सत्य उत्तर का चयन कीजिए:

निर्वसीयती अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री छोड़कर मर जाता है। उसने ऋण भी लिया है। निर्वसीयती की मिताक्षरा सहदायिकी सम्पत्ति में पुत्री अपने हिस्से की माँग करती है-

a. वह सम्पत्ति में अपने हिस्से की माँग कर सकती है 

b. वह ऋण के लिए पुत्र के साथ-साथ दायी होगी 

c. यदि विवाहित है न तो सम्पत्ति में के हिस्से की माँग कर सकती है और ऋणों के लिए दायी होगी 

d. उपर्युक्त सभी

 

156. एक हिन्दू मिताक्षरा सहदायिक अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री छोड़कर मरता है, उसकी सम्पत्ति में पुत्र एवं पुत्री का हिस्सा होगा-

a. 1/2, 1/4

b. 1/2, 1/2

c. 1/2, 1/3

d. 1/4, 2/3

 

157. अनुसूची के वर्ग 1 का उत्तराधिकारी नहीं है-

a. पिता

b. माता

c. पुत्री

d. विधवा

 

158. हिन्दू पुरुष उत्तराधिकार के सम्बन्ध में किस धारा में उत्तराधिकार का साधारण नियम दिये गये हैं-

a. धारा 8 में

b. धारा 9 में

c. धारा 10 में

d. धारा 11 में

 

159. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 8 में उत्तराधिकारियों को वर्गों में विभाजित किया गया है

a. सपिण्ड, बंधु, प्रथम वर्ग एवं द्वितीय वर्ग के उत्तराधिकारी

b. बंधु, सपिण्ड, अनुसूची के प्रथम वर्ग एवं द्वितीय वर्ग के उत्तराधिकारी

c. अनुसूची के प्रथम वर्ग के उत्तराधिकारी एवं द्वितीय वर्ग के उत्तराधिकारी बंधु एवं गोत्रज

d. अनुसूची के प्रथम वर्ग के उत्तराधिकारी, अनुसूची के द्वितीय वर्ग के उत्तराधिकारी, गोत्रज एवं बंधु  

 

160. जहां एक हिन्दू पुरुष को निर्वसीयती मृत्यु हो जाने पर वह पूर्वज गोत्रज, एक वंशज, गोत्रज तथा एक संपाश्विक गोत्रज पीछे छोड़ जाता है तो उनके मध्य उत्तराधिकार के लिए वरीयता का क्रम होगा

a. वंशज, सांपाश्विक, पूर्वज

b. वंशज, पूर्वज, सांपाश्विक

c. पूर्वज वंशज, सांपाश्विक

d. पूर्वज, सांपाश्विक, वंशज

 

161. हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 द्वारा हिन्दू स्त्री को प्रदान किया है-

a. विभाजन का दावा करने का अधिकार -

b. सहदायिक के रूप में स्वामित्व का अधिकार

c. विवाह के पश्चात् भी पैत्रिक आवासीय मकान में निवास एवं विभाजन का अधिकार

d. उपर्युक्त सभी

 

162. 'A' एक हिन्दू की दो पत्नियाँ W1 और W2 हैं। पत्नी W1 से पुत्र S और पत्नी W2 से चार पुत्र S1 S2 S3 और 84 हैं। सहदायिकी सम्पत्ति का विभाजन होने पर W1 और W2 को मिलेगा-

a. कोई हिस्सा नहीं, क्योंकि उनमें से कोई भी सहदायिक नहीं है।

b. प्रत्येक को चौथाई हिस्सा 

c. प्रत्येक को पाँचवाँ हिस्सा 

d. प्रत्येक को आठवाँ हिस्सा

 

163. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 14 प्रभाव रखती हैं 

a. भूतलक्षी

b. भविष्यलक्षी

c. न भूतलक्षी न भविष्यलक्षी

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

164. सत्य कथन है :

एक निर्वसीयती स्त्री अपने पिता से दाय में सम्पत्ति प्राप्त की। उसके मरने पर सम्पत्ति मिलेगी-

a. पुत्र, पुत्री एवं पति को

b. पुत्र या पुत्री को

c. पुत्र एवं पुत्री के अभाव में पिता के दायादों को 

d. उपर्युक्त (a) एवं (b)

 

165. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की कौन सी धारा स्त्रियों के सम्बन्ध में सीमित स्वामित्व की अवधारणा को त्यागकर पूर्व-स्वामित्व की अवधारणा कायम करती है-

a. धारा 15

b. धारा 10

c. धारा 14

d. धारा 11

 

166. हिन्दू नारी की दशा में उत्तराधिकार का साधारण नियम दिये गये हैं-

a. धारा 9 में

b. धारा 10 में

c. धारा 15 में

d. धारा 11 में

 

167. निर्वसीयती नारी की सम्पत्ति न्यागत होगी-

a. पुत्र पुत्रियों और पति को एक साथ

b. केवल पति को

c. पुत्री को

d. केवल पुत्र को

 

168. यदि दो व्यक्तियों की मृत्यु ऐसी परिस्थिति में होती है जिसमें यह अभिनिश्चित किया जाना सम्भव नहीं है कि किसकी मृत्यु पहले हुई है, तो उनके सम्बन्ध में उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 21 में क्या उपधारणा की जा सकती है-

a. दोनों की मृत्यु एक साथ हुई है. 

b. ज्येष्ठ कनिष्ठ का उत्तरजीवी रहा है।

c. कोई निश्चित उपबन्ध नहीं है 

d. कनिष्ठ ज्येष्ठ का उत्तरजीवी रहा है। 

 

169. यदि कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति की सम्पत्ति उत्तराधिकार में पाने के लिए उसकी हत्या कर देता है या उसकी हत्या का दुष्प्रेरण करता है तो क्या वह हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अन्तर्गत विरासत पाने के योग्य है-

a. हाँ

b. नहीं 

c. कोई निश्चित नियम नहीं है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

170. गर्भस्थ शिशु को निर्वसीयती की सम्पत्ति में अधिकार है, कहा गया है

a. धारा 23 में

b. धारा22 में

c. धारा 21 में 

d. धारा 20 में

 

171. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की कौन-सी धारा सम्पत्ति अर्जित करने की अधिमानी अधिकार (अग्रक्रयाधिकार) के बारे में उपबन्ध करती है-

a. धारा 22

b. धारा 20

c. धारा 21

d. धारा 19

 

172. हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 द्वारा कौन-सी धारा / धाराएँ निरसित की गयी है/है-

a. धारा 23 एवं 25

b. धारा 24 एवं 27

c. धारा 27 एवं 28

d. धारा 23 एवं 24

 

173. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की कौन-सी धारा निरसित की गयी है/हैं-

a. धारा 23

b. धारा 24

c. धारा 31

d. उपर्युक्त सभी

 

174. क्या विवाहित पुत्री पिता के मकान में रहने का अधिकार रखती है-

a. नहीं

b. हाँ

c. हाँ, जब पिता इजाजत दे 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

175. क्या विवाहिता पुत्री पिता के जीवित रहते पिता की सहदायिकी सम्पत्ति के विभाजन कर सकती है-

a. हाँ

b. नहीं

c. हाँ, यदि पिता ने वसीयती अधिकार देखा है 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

176. क्या पुत्री (या पुत्र) अविभक्त संयुक्त सम्पत्ति का वसीयती व्ययन कर सकती है-

a. नहीं

b. हाँ

c. हाँ, जब विभाजन हो जाए

d. हाँ, जब पिता मर गया हो

 

177. जो व्यक्ति हत्या करता है या हत्या का दुष्प्रेरण करता है वह मृत व्यक्ति की सम्पत्ति विरासत / उत्तराधिकार में पाने से किस धारा के अन्तर्गत निरर्हित होगा-

a. धारा 24

b. धारा 27

c. धारा 26

d. धारा 25 

 

178. जब कोई हिन्दू धर्म परिवर्तन कर लेता है तो वहाँ सम्बन्धियों से सम्पत्ति दाय प्राप्त करने से निरर्हित होगा -

a. धर्मपरिवर्तित करने वाला स्वयं

b. धर्म परिवर्तित करने वाले के अपत्य

c. अपत्य के वंशज 

d. (b) एवं (c) दोनों

 

179. निरर्हित वारिस किसी सम्पत्ति को विरासत में पाने से वंचित हो जाता है-

a. धारा 27 के अन्तर्गत

b. धारा 26 के अन्तर्गत

c. धारा 25 के अन्तर्गत

d. धारा 24 के अन्तर्गत 

 

180. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अन्तर्गत एक विधवा पुनर्विवाह कर लेती है क्या वह पति की सम्पत्ति दाय में प्राप्त करेगी-

a. नहीं

b. हाँ

c. हाँ, यदि पुनर्विवाह से पहले उसमें सम्पत्ति निहित हो गयी है

d. हाँ, यदि पति ने उसके पक्ष वसीयत किया हो

 

181. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अन्तर्गत किसी व्यक्ति की सम्पत्ति दाय में प्राप्त करने हेतु निर्योग्यताएँ है/हैं-

a. हत्यारा होना 

b. धर्मपरिवर्तन करना  

c. पुनर्विवाह करना 

d. उपर्युक्त सभी

 

182. सही सुमेलित नहीं है-

a. धारा 20     -    गर्भस्थ अपत्य का अधिकार

b. धारा 21   -   समसामयिक मृत्यु के बारे में उपधारणा

c. धारा 25    -    हत्यारा निरर्हित होगा

d. धारा 28   -    राजगामित्व (वारिसों का अभाव)

 

183. यदि कोई व्यक्ति बिना उत्तराधिकारी छोड़े मर जाय तो उसकी सम्पत्ति राजसात् हो जाती है

a. धारा 29 के अन्तर्गत 

b. धारा 30 के अन्तर्गत

c. धारा 27 के अन्तर्गत 

d. धारा 28 के अन्तर्गत 

 

184. एक हिन्दू एक पुत्र तथा दो पुत्रियों को छोड़कर निर्वसीयत मरता है, क्या प्रत्येक उत्तराधिकारी उसके हिस्से का अन्य वारिसों की सम्मति के बिना अन्य- संक्रामण करने का अधिकारी होगा--

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल पुत्र ही उसके हिस्से का अन्य संक्रामण कर सकता है

d. केवल पुत्रियाँ ही उनके क्रमिक हिस्से का अन्य- संक्रामण कर सकती हैं

 

185. , का एकमात्र पुत्र और मिताक्षरा विधि से शासित एक संयुक्त हिन्दू परिवार का सहदायिक, की हत्या कर देता है। की सम्पत्ति का कौन उत्तराधिकारी होगा -

a. 

b. अ की पत्नी

c. राज्य शासन

d. आधे अंश की सीमा तक अ की पत्नी

 

186. यदि कोई व्यक्ति निर्वसीयत रूप में अपने पीछे कोई उत्तराधिकार छोड़े बिना मर जाता है, तो उसकी सम्पत्ति किसको न्यागत होगी- 

a. बन्धुओं को

b. राज्य सरकार को 

c. उक्त दोनों को

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

187. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 30 सम्बन्धित है-

a. नारी सम्पदा से

b. पुरुष उत्तराधिकार से

c. वसीयती उत्तराधिकार से

d. नारी उत्तराधिकार से

 

188. हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की निम्न किस धारा के अन्तर्गत एक हिन्दू मिताक्षरा सहदायिकी में अपना हित इच्छा पत्र के द्वारा अन्तरण कर सकता है-

a. धारा 29

b. धारा 30

c. धारा 28

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

189. यह सिद्धान्त कि धारा 14 की उपधारा (2) उसकी उपधारा (1) के परन्तुक अथवा अपवाद के रूप में अधिक है, प्रतिपादित किया गया था- 

a. करमी विरूद्ध अमरू

b. बलवंत सिंह विरूद्ध दौलत सिंह 

c. वी तुलसम्मा विरूद्ध सेषा रेड्डी 

d. नजर सिंह विरूद्ध जगजीत कौर

 

190. निम्नलिखित में से कौन सा कथन हिन्दू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 के संबंध में सही नहीं है

a. विभाजन के लिये वाद प्रस्तुत करने पर लगाया गया अवरोध हटा लिया गया है

b. नारी के पक्ष में कोई नया अधिकार सृजित नहीं किया गया है

c.  नारी एवं पुरुष वारिसों को बराबर अंश दिये गये 

d. संशोधन पूर्वेक्षण संक्रिया का है

 

191. एक हिन्दू नारी ने अपनी माता से सम्पत्ति उत्तराधिकार में प्राप्त की। उसकी मृत्यु के पश्चात् सम्पत्ति मिलेगा-

a. पति को

b. पुत्र को

c. पुत्र, पुत्री एवं पति को संयुक्ततः

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

192. हिन्दू नारी ने अपने पति से सम्पत्ति उत्तराधिकार में प्राप्त की। वह निसंतान थी। मृतक पति के माता-पिता एवं भाई जीवित थे। सम्पत्ति दाय में मिलेगी-

a. माता को

b. पिता को

c. माता एवं पिता दोनों को

d. पति के भाई को

 

193. निर्वसीयती हिन्दू पिता ने अपने पीछे पुत्र '' एवं '' को छोड़कर मर गया। एक गर्भस्थ शिशु भी अस्तित्व में था। '' एवं '' में विभाजन हो गया तत्पश्चात् पुत्र '' पैदा हुआ। इस सम्बन्ध में सही उत्तर है-

a. '' पुनः विभाजन करा सकता है

b. '' को '' एवं '' के बराबर हिस्सा मिलेगा 

c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों

d. '' को कुछ नहीं मिलेगा

 

194. समसामयिक मृत्यु के विषय में न्यायालय यह उपधारणा करने के लिए बाध्य है। कनिष्क ज्येष्ठ का उत्तराधिकारी है-

a. गलत है

b. सही है

c. अंशत: सही है

d. अंशत: सही एवं अंशतः गलत है

 

195. '' एवं '' '' के पुत्र हैं। '' निर्वसीयत मरने के बाद '' पिता के कारोबार को '' एवं '' दाय में प्राप्त करते हैं। '' कारोबार में अपने हित को अन्तरित करना चाहता है-

a. वह किसी को भी अन्तरित कर सकता है

b. वह करारित प्रतिफल या न्यायालय द्वारा अवधारित प्रतिफल देने पर '' को अन्तरित करेगा

c. वह न्यायालय की अनुमति के बिना अन्तरण नहीं कर सकता

d. वह कारोबार का विभाजन करके '' के सिवाय किसी को भी दे सकता है।

 

196. '' के एक पुत्र एवं पुत्री जीवित है। | पुत्र 'को आशंका है कि पिता पुत्री को वसीयत कर सकते हैं क्योंकि पिता उसे पसन्द नहीं करते हैं। पुत्र पिता की हत्या करा देता है। '' की सम्पत्ति प्राप्त होगी-

a. पुत्र को

b. पुत्री को

c. पुत्र एवं पुत्री दोनों को

d. या तो (a) को या (b) को

 

197. पुत्र, पिता के जीवित रहते हुए हिन्दू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लेता है लेकिन उसकी पुत्री हिन्दू बनी रहती है। पिता के निर्वसीयत मरने के बाद सम्पत्ति उत्तराधिकार में किसे प्राप्त होगी

a. पुत्र एवं पुत्री को

b. केवल पुत्री को

c. न तो (a) को न (b) को

d. या तो (a) को या तो (b) को

 

198. पिता अपने पीछे एक पुत्र '' को जो धर्म सम्परिवर्तन के कारण हिन्दू रह गया हो और सम्परिवर्तित पुत्र के पुत्र '' को छोड़कर मर जाता है। उसकी सम्पत्ति उत्तराधिकार में मिलेगा- 

a. '' को

b. '' को

c. न तो '' को न तो '' को

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

199. '' के दो पुत्र '' एवं '' है’ '' की हत्या के दुष्प्रेरण के दोषसिद्ध हुआ है। '' की सम्पत्ति '' को उत्तराधिकार में मिलेगी क्योंकि '' निरर्हित है। यह प्रावधान सम्बन्धित है

a. धारा 25 एवं 26 से

b. धारा 26 एवं 27 से

c. धारा 25 एवं 27 से

d. धारा 27 एवं 28 से

 

200. एक निर्वसीयती हिन्दू पुरुष अपने पीछे पुत्र एवं पुत्री छोड़कर मर जाता है। पुत्री ने बिना विभाजन के सम्पत्ति में अपने अंश का वसीयत कर दिया। वसीयती व्ययन अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत वैध है?

a. 28

b. 29

c. 27

d. 30

 

हिन्दू अवयस्कता और संरक्षकता अधिनियम, 1956

(HINDU MINORITY AND GUARDIANSHIP ACT, 1956)

 

201. हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम, 1956 किन व्यक्तियों को लागू होता है--

a. जो धर्मतः हिन्दू एवं बौद्ध हो 

b. जो धर्मतः जैन हो

c. जो धर्मतः सिक्ख हो

d. उपरोक्त सभी

 

202. हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम, 1956 की धारा 6 सम्बन्धित है-

a. वसीयत संरक्षक से

b. संरक्षक से

c. नैसर्गिक संरक्षक से

d. अप्राप्तवयता से

 

203. किसी अवयस्क लड़के या अविवाहित लड़की का नैसर्गिक संरक्षक होता है-

a. पिता

b. माता

c. पिता और उसके पश्चात् माता 

d. उपरोक्त सभी

 

204. किसी अधमंज लड़के या अधर्मज अविवाहित लड़की का नैसर्गिक संरक्षक होता है-

a. माता

b. पिता

c. उपरोक्त दोनों

d. माता और तत्पश्चात् पिता

 

205. किसी विवाहित लड़की की नैसर्गिक संरक्षक होता है-

a. श्वसुर

b. पिता

c. माता

d. पति

 

206. किसी अवयस्क दत्तक पुत्र का नैसर्गिक संरक्षक कौन होता है?

a. दत्तकग्रहीता पिता और उसके बाद दत्तक माता 

b. दत्तकग्रहीता पिता

c. दत्तक माता

d. नैसर्गिक पिता एवं माता

 

207. अवयस्क अपत्य जब तक कि पाँच वर्ष तक का हो जाये सामान्यतः अभिरक्षा का हकदार कौन होता है-

a. पिता

b. माता

c. प्रपितामह

d. सौतेली माता

 

208. यदि पति संन्यासी हो गया हो या हिन्दू नहीं रह गया है, तो  क्या वह अपनी पत्नी का नैसर्गिक संरक्षक माना जायेगा-

a. हाँ

b. नहीं

c. उपरोक्त दोनों

d. उपरोक्त में कोई नहीं 

 

209. क्या किसी अवयस्क का नैसर्गिक संरक्षक, अवयस्क की अचल सम्पत्ति का विक्रय या बंधक कर सकता है

a. हाँ

b. नहीं

c. न्यायालय की पूर्व अनुज्ञा से

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

210. कोई नैसर्गिक संरक्षक किसी अवयस्क की स्थावर सम्पत्ति को कितने अवधि तक के लिए पट्टे पर रख सकता है

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन वर्ष

d. पाँच वर्ष जिस तारीख को वयस्कता में प्रवेश करेगा उस तारीख से एक वर्ष

 

211. निम्न में क्या गलत है- 

a. हिन्दू पिता अपने अवयस्क धर्मज संतान का वसीयत संयुक्त नियुक्त कर सकता।

b. हिन्दू पिता अपने अप्राप्तवय धर्मज आया अधर्मज संतानों का वसीयजर संरक्षक नियुक्त कर सकेगा

c. हिन्दू माता अपने अवयस्क अधर्मज संतान का वसीयत संरक्षक नियुक्त कर सकती है।

d. हिन्दू माता अपने अवयस्क धर्मज संतान का वसीयत संरक्षक कुछ परिस्थितियों में नियुक्त कर सकती है

 

212. क्या अवयस्क किसी अवयस्क की संरक्षक हो सकता है?

a. नहीं 

b. हाँ

c. अवयस्क, किसी अवयस्क की सम्पत्ति के संरक्षक के तौर पर कार्य करने के लिए अक्षम होता है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

213. क्या किसी अवयस्क की अविभक्त कुटुम्ब की सम्पत्ति में प्राप्त होने वाले हिस्से के लिए संरक्षक की नियुक्ति किया जा सकता है?

a. नही

b. हाँ, सिविल न्यायालय कर सकता है।

c. उच्च न्यायालय कर सकता है

d. जिला न्यायालय अवयस्क की सम्पत्ति से कर सकता है

 

214. अवयस्कता एवं संरक्षकता से सम्बन्धित बाद है

a. विश्वनाथ चरित बनाम दामोदर पात्रा

b. सुभाष चन्द्र बनाम कल्याणी देवी

c. सुरामणि देई बनाम बाबाजी

d. उपरोक्त सभी

 

215. हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम की धारा 13 सम्बन्धित है- 

a. नैसर्गिक संरक्षक से

b. वसीयत संरक्षक के

c. अवयस्क की कल्याण से

d. दत्तक पुत्र की संरक्षकता से

 

216. नैसर्गिक संरक्षक की शक्तियाँ किस धारा में दी गयी है ?

a. 8

b. 9

c. 10

d. 11

 

217. वसीयती संरक्षक की शक्तियाँ किस धारा में दी गयी है

a. 9

b. 8

c. 7

d. 6

 

218. किस धारा में कहा गया है कि अवयस्क अवयस्क की सम्पत्ति के सम्बन्ध में संरक्षक नहीं हो सकता?

a. धारा 10

b. धारा 12

c. धारा 11

d. धारा 15

 

219. अप्राप्तवय का संरक्षक नियुक्त या घोषित किये जाने में. अप्राप्तवय के कल्याण पर सर्वोपरि ध्यान रखा जायेगा-

a. धारा 13

b. धारा 12

c. धारा 11

d. धारा 10

 

220. नैसर्गिक संरक्षक न्यायालय की अनुज्ञा के बिना अवयस्क की सम्पत्ति का अन्य संक्रामण नहीं करेगा। इस नियम के उल्लंघन में किया गया अन्तरण होगा-

a. शून्य

b. अवैध

c. शून्यकरणीय

d. वैध

 

221. हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम की धारा 8 (2) के उल्लंघन में किया गया स्थावर सम्पत्ति का कोई भी व्ययन होगा-

a. शून्य 

b. वैध

c. अवैध

d. शून्यकरणीय 

 

222. '' जो कि अवयस्क है उसकी अवयस्कता 15 दिसम्बर 2017 को समाप्त हुई। '' के पिता ने उसकी स्थावर सम्पत्ति को 15 फरवरी 2019 तक के लिए पट्टे पर दे देता है। पिता द्वारा किये गये जाने के सम्बन्ध सही उत्तर का चयन कीजिए- 

a. न्यायालय की अनुमति ली गयी है तो पट्टा वैध है 

b. न्यायालय की अनुमति नहीं ली गयी है तो पट्टा, अवैध है

c. या तो (a) या तो (b)

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

223. विल द्वारा संरक्षक की नियुक्ति कौन कर सकता है 

a. पिता यदि संतान धर्मज हो

b. माता यदि संतान अधर्मज हो या पिता संरक्षक के तौर पर कार्य करने के लिए निरर्हित हो

c. हिन्दू विधवा, यदि पिता मर चुका हो

d. उपर्युक्त सभी

 

हिन्दू दत्तक ग्रहण तथा भरण-पोषण अधिनियम

(THE HINDU ADOPTIONS AND MAINTENANCE ACT)

 

224. भारत में दत्तक एवं भरण-पोषण से सम्बन्धित विधि प्रवर्तनीय है-

a. हिन्दू दत्तक अधिनियम, 1955

b. प्राचीन हिन्दू विधि

c. हिन्दू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

225. यदि कोई हिन्दू अधिनियम की प्रावधानों के विपरीत दत्तक लेता है, तो वह दत्तक होगा-

a. अवैध

b. शून्य

c. वैध

d. शून्यकरणीय

 

226. वही हिन्दू पुरुष किसी अपत्य का दत्तक ले सकता है, जो-

a. स्वस्थचित हो

b. वयस्क एवं स्वस्थचित्त हों

c. वयस्क हो

d. वयस्क या अवयस्क हो

 

227. यदि किसी पुरुष की पत्नी जीवित हो, तो दत्तक लेते समय पत्नी की सम्मति लिया जाना आवश्यक है

a. नहीं

b. हाँ

c. उपरोक्त दोनों 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं 

 

228. किसी बालक को दत्तक कौन दे सकता है- 

a. केवल माता

b. केवल पिता

c. माता या पिता को एक दूसरे के सहमत से

d. उपर्युक्त सभी

 

229. क्या किसी अपत्य का संरक्षक उस अपत्य को स्वयं दत्तक ले सकता है 

a. हाँ

b. नहीं

c. कुछ शर्तों के अधीन

d. हाँ, न्यायालय की अनुमति से

 

230. 38 वर्ष का एक हिन्दू पुरुष 15 वर्ष की लड़की का दत्तक-ग्रहण करता है। यह दत्तक ग्रहण है- 

a. वैध

b. अवैध

c. शून्यकरणीय 

d. शून्य

 

231. अपनी पत्नी की सम्मति के बिना एक हिन्दू पुरुष द्वारा गोद लिया जाना-

a. विधिमान्य है 

b. शून्यकरणीय

c. शून्य है

d. अविधिमान्य है

 

232. कोई भी दत्तक विधिमान्य होगा- 

a. जब दत्तक लेने वाला व्यक्ति दत्तक लेने की सामर्थ्य एवं अधिकार रखता हो

b. जब दत्तक देने वाला ऐसा करने की सामर्थ्य रखता हो

c. जब दत्तक व्यक्ति दत्तक लिए जाने योग्य हो

d. उपर्युक्त सभी

 

233. निम्नलिखित में से कौन दत्तक में अपत्य (पुत्री / पुत्र ) ले सकता है- 

a. अविवाहित पुरुष 

b. विवाहित स्त्री

c. विधवा

d. तलाकशुदा पत्नी

e. उपर्युक्त सभी

 

234. दत्तक नहीं ले सकता/सकती-

a. कोई विवाहिता पत्नी

b. जो तलाकशुदा पत्नी जैसा ही जीवन व्यतीत कर रही है 

c. अप्राप्तवय व्यक्ति

d. उपर्युक्त सभी

 

235. पुत्र के दत्तक ग्रहण के लिए कौन व्यक्ति उपयुक्त है

a. जिसका कोई पुत्र नहीं है

b. जिसने एक पुत्र पहले से गोद ले रखा है।

c. जिसका अपना एक पुत्र है

d. उपर्युक्त सभी

 

236. निम्न हिन्दू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की किस धारा के अन्तर्गत हिन्दू महिला को दत्तक ग्रहण की शक्ति प्राप्त है-

a. धारा 8 में 

b. धारा 7 में

c. धारा 6 में

d. धारा 5 में

 

237. पुत्री या पुत्र का संरक्षक पुत्र या पुत्री को दत्तक में दे सकता है- 

a. जब माता-पिता मर चुके हों

b. जब न्यायालय अनुमति दे

c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों

d. दत्तक नहीं दे सकता

 

238. अनाथ बच्चे को दत्तक दे सकता है- 

a. संरक्षक, न्यायालय की अनुमति से

b. संरक्षक

c. न्यायालय

d. जिला मजिस्ट्रेट

 

239. कोई व्यक्ति दत्तक लिया जा सकता है जब वह- 

a. हिन्दू हो

b. पहले से दत्तक में न लिया गया हो

c. उसका विवाह न हुआ हो

d. उसने 15 वर्ष की आयु पूरी न की हो

e.  उपर्युक्त सभी

 

240. यदि दत्तक ग्रहण पुत्र का किया जा रहा हो तो दत्तकग्रहीता पिता या माता का जीवित नहीं होना चाहिए-

a. पुत्र

b. पौत्र (पुत्र का पुत्र)

c. प्रपौत्र (पुत्र के पुत्र का पुत्र)

d. उपर्युक्त सभी

 

241. यदि पुत्री का दत्तक लिया जाना है तो दत्तक लेने वाला पिता या माता का कोई जीवित हो-

a. पुत्री

b. पुत्र की पुत्री

c. उपर्युक्त (a) एवं (b)

d. पुत्र

 

242. यदि दत्तक किसी पुरुष द्वारा नारी का लिया जाता है, तो दत्तकग्रहीता और दत्तक नारी की उम्र में कितने वर्ष का अंतराल होना चाहिए- 

a. 21 वर्ष

b. 18 वर्ष

c. 20 वर्ष

d. 25 वर्ष

 

243. यदि किसी नारी द्वारा किसी पुत्र का दत्तक लिया जाता है, तो दत्तकग्रहीता नारी और दत्तक पुत्र की उम्र के बीच कितने का अन्तराल होना चाहिए-

a. 15 वर्ष

b. 18 वर्ष

c. 20 वर्ष

d. 21 वर्ष

 

244. दत्तक में लिया जा सकता है- 

a. पुत्र

b. पुत्री

c. पुत्र एवं पुत्री 

d. केवल पुत्र

 

245. कोई भी व्यक्ति दत्तक लिये जाने के योग्य होगा, यदि उसके आयु पूरी नहीं की है- 

a. 16 वर्ष की

b. 18 वर्ष की

c. 15 वर्ष की, तब के सिवाय जब कि पक्षकारों को लागू होने वाली कोई ऐसी रूढ़ि या प्रथा हो जो ऐसे व्यक्तियों का, जिन्होंने 15 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो, दत्तक लिया जाना अनुज्ञात करती हो

d. 21 वर्ष की

 

246. निम्न कथनों में असत्य कथन है-

a. दत्तक सन्तान दत्तकग्रहीता माता-पिता को सम्पत्ति के व्ययन करने से रोक सकता है

b. यदि कोई सम्पत्ति जिस पर नातेदारों का भरण- पोषण की बाध्यता है उसमें दत्तकग्रहण के बाद उसमें निहित बनी रहेगी

c. दत्तक पुत्र दत्तक ग्रहण की तिथि से समस्त प्रयोजनों के लिए पिता या माता का अपत्य समझा जायेगा

d. मान्य दत्तक ग्रहण के बाद उसे रद्द नहीं किया जा सकता

 

247. हिन्दू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 11 सम्बन्धित है-

a. दत्तक लेने के सामर्थ्य से

b. विधिमान्य दत्तक की शर्तों से

c. भरण-पोषण से

d. दत्तक पंजीकरण से

 

248. क्या एक विवाहित हिन्दू नारी, जो तलाकशुदा नहीं है, किन्तु तलाकशुदा की भांति जीवन व्यतीत कर रही है, एक पुत्र या पुत्री को वैध रूप से दत्तक ले सकती है 

a. हाँ, उसके पति की सम्मति के बिना ही 

b. नहीं

c. हाँ, पति का सम्मति से एक पुत्र की ले सकती है 

d. हाँ, पति का सम्मति से एक पुत्री को दत्तक ले सकती है

 

249. एक हिन्दू स्त्री दत्तक ले सकती है जब वह

a. अविवाहिता हो 

b. तलाकशुदा हो

c. विधवा हो

d. उसका विवाह शून्य हो

e. उपर्युक्त सभी

 

250. दत्तक में अपत्य (पुत्र या पुत्री) दे सकती है- 

a. माता

b. सौतेली माता 

c. (a) एवं (b) दोनों

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

251. दत्तक में लिया जा सकता है-

a. पागल व्यक्ति

b. एकलौता पुत्र

c. 15 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति यदि रूढ़ि विद्यमान हो 

d. उपर्युक्त सभी.

 

252. निम्न कथनों में असत्य कथन है-

a. दत्तकग्रहण से पूर्व दत्तक अपत्य में संयुक्त परिवार की सम्पत्ति में निहित हित, निहित बनी रहेगी 

b. दत्तक से पूर्व जो सम्पत्ति किसी व्यक्ति में निहित हो गयी थी दत्तकग्रहण के बाद दत्तक अपत्य उससे अनिहित नहीं करेगा

c. दत्तकग्रहण के बाद दत्तकग्रहीता माता-पिता सम्पत्ति का व्ययन नहीं कर सकते 

d. उपर्युक्त सभी

 

253. निम्न कथनों में असत्य कथन है- 

a. दत्तकग्रहण के बाद दत्तकग्रहीता पिता अपनी सम्पत्ति का व्ययन नहीं कर सकता यदि दत्तक से पूर्व ऐसा करार हुआ हो

b. विधिमान्य दत्तक रद्द नहीं किया जा सकता 

c. दत्तक पुत्र ऐसे व्यक्ति से विवाह नहीं कर सकता जब वह जन्म के परिवार में रहता तो विवाह न कर सकता था

d. माढा दत्तक देने में सदैवं सक्षम होती है

 

254. सही सुमेलित युग्म नहीं है- 

a. दत्तकग्रहण के परिणाम                                                     - धारा 12

b. दत्तक के बदले संदाय का प्रतिषेध                                       - धारा 17

c. मान्य दत्तक रद्द न किया जाना                                            - धारा 15

d. दत्तक जनक का अपनी सम्पत्ति व्ययन का अधिकार               - धारा 14

 

255. भूत तिथि से सम्बन्ध का सिद्धान्त सम्बन्धित है-

a. दत्तकग्रहण से 

b. भरण-पोषण से

c. विवाह से 

d. उत्तराधिकार से

 

256. दत्तक ग्रहण की रजिस्ट्री- 

a. अनिवार्य है

b. वैकल्पिक है

c. न अनिवार्य है न ही वैकल्पिक है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

257. दत्तक ग्रहण की धारा 16 सम्बन्धित है- 

a. अधिनियम के अनुकूल मान्य दत्तक की उपधारणा से

b. दत्तक के रजिस्ट्रीकरण की उपधारणा से

c. दस्तावेज के असलीपन की उपधारणा से 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

258. यदि कोई व्यक्ति दत्तक के प्रतिफलस्वरूप कोई संदाय देने या लेने का करार करता है तो वह दण्डनीय होगा 

a. ऐसे कारावास से जो 6 माह तक हो सकेगा

b. जुर्माने से

c. (a) या (b) या दोनों से

d. एक हजार रुपये के जुर्माने से

 

259. पूर्व सम्बन्ध के सिद्धान्त से सम्बन्धित वाद नहीं है-

a. अमरेन्द्र मान सिंह बनाम सनातन सिंह

b. सावनराम बनाम कलावती 

c. बीना जी बनाम दादी

d. हनुमान प्रसाद पाण्डेय बनाम मु० बबुई

 

260. 'विधवा द्वारा दत्तक लिया गया पुत्र पति की मृत्यु की तिथि से लिया माना जाता है' किस सिद्धान्त से सम्बन्ध है- 

a. फैक्टम वैलट का सिद्धान्त

b. पूर्वसम्बन्ध का सिद्धान्त 

c. पवित्र दायित्व का सिद्धान्त

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

261. इस अधिनियम के अधीन पत्नी को भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार किन परिस्थितियों में है- 

a. जब पत्नी पति के साथ रहती है

b. जब पत्नी औचित्यपूर्ण कारण से पति से पृथक् रहती हो

c. जब पत्नी किसी वैवाहिक अनुतोष की डिक्री के अन्तर्गत पृथक् हो गई हो

d. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों

 

262. पत्नी भरण-पोषण की माँग किस धारा के प्रावधान के अधीन कर सकती है- 

a. धारा 19

b. धारा 25

c. धारा 21

d. धारा 18

 

263. पत्नी पति से किन आधारों पर पृथक् निवास कर सकती है और भरण पोषण की माँग कर सकती है-

a. अभित्यजन कर दिये जाने पर

b. क्रूरता का व्यवहार किये जाने पर 

c. रखेल रखने पर

d. धर्म परिवर्तन करने पर 

e. उपर्युक्त सभी

 

264. पत्नी का भरण-पोषण का अधिकार समाप्त हो जाता है-

a. पति के शील भ्रष्टा होने पर

b. पत्नी के धर्मपरिवर्तन द्वारा अहिन्दू होने पर

c. पति के साथ पुनः दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने पर 

d. उपर्युक्त सभी 

 

265. विधवा पुत्र- वधू भरण-पोषण प्राप्त कर सकती है- 

a. श्वसूर से, जब पति से उत्तराधिकार में सम्पत्ति प्राप्त किया हो

b. सास से

c. पति के भाई से

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

266. अधिनियम की धारा 19 के अन्तर्गत पुत्रवधु भरण-पोषण अभिप्राप्त करने की हकदार होगी-

a. अपने पति की संपदा से

b. उसके माता-पिता की सम्पदा से

c. उसके श्वसुर की सम्पदा से

d. उसकी सास की सम्पदा से

 

267. हिन्दू विधि में एक ससुर अपनी विधवा बहू को भरण-पोषण देने के लिए बाध्य है- 

a. अपने स्वयं के संसाधनों से

b. सहदायिकी सम्पत्ति में से, यदि उसके पास है

c. यदि बहू का पुनर्विवाह न हुआ हो

d. वह अपने पिता से भरण-पोषण नहीं ले पा रही हो 

 

268. हिन्दू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम की धारा 19 सम्बन्धित है- 

a. पत्नी के भरण-पोषण से

b. पुत्रों के भरण-पोषण से

c. विधवा पुत्र-वधू के भरण-पोषण से

d. अविवाहित पुत्रियों की भरण-पोषण से

 

269. आश्रित भरण-पोषण किससे प्राप्त कर सकते हैं- 

a. पिता से

b. पति से

c. जो मृत व्यक्ति की सम्पत्ति उत्तराधिकार में प्राप्त किये हैं

d. संयुक्त परिवार के कर्ता से

 

270. आश्रितों के भरण-पोषण के सम्बन्ध में उत्तराधिकारियों का दायित्व है-

a. संयुक्त

b. पृथक्

c. संयुक्तत एवं पृथक्तः

d. संयुक्त एवं पृथक् लेकिन उत्तराधिकार में प्राप्त सम्पत्ति की सीमा तक

 

271. आश्रित तभी भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं जब उन्हें मृत व्यक्ति की सम्पत्ति-

a. उत्तराधिकार में प्राप्त न हुई हो

b. जब अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हो

c. उत्तराधिकार में प्राप्त हुई हो

d. विल द्वारा प्राप्त हुई हो

 

272. 'आश्रित' को परिभाषित किया गया है--

a. धारा 21में

b. धारा 20 में

c. धारा 22 में

d. धारा 33 में

 

273. भरण-पोषण का दावेदार होना चाहिए- 

a. अहिन्दू

b. हिन्दू

c. कोई भी नातेदार

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

274. एक व्यक्ति एक सम्पदा छोड़कर मर जाता है उस सम्पदा से आश्रितों द्वारा भरण-पोषण का दावा किया जाता है। मृतक ने ऋण (कर्ज) भी लिया है। इस सम्बन्ध में सत्य कथन क्या है- 

a. भरण-पोषण एवं ऋण दोनों का साथ संदाय किया जायेगा

b. न्यायालय जो आदेश दे

c. पहले ऋणों का संदाय किया जायेगा

d. उपर्युक्त सभी

 

275. इस अधिनियम के अधीन आश्रित का भरण-पोषण का दावा मृतक की सम्पदा पर-

a. भार होगा

b. भार नहीं होगा

c. भार होगा जब मृतक की विल द्वारा भार सृष्ट किया गया हो

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

276. ऐसी सम्पदा अन्तरित कर दी जाती है जिसे आश्रित को भरण-पोषण का भार है, इस सम्बन्ध में क्या सत्य है 

a. यदि अन्तरिती को इस भार की सूचना है तो उससे भरण-पोषण की मांग कर सकता है

b. यदि अन्तरिती को सूचना नहीं है और सम्पदा को मूल्य देकर खरीदा है तो उससे भरण-पोषण की मांग आश्रित नहीं कर सकता है

c. यदि बिना प्रतिफल का अन्तरिती है तो उससे भरण-पोषण की मांग कर सकता है

d. उपर्युक्त सभी

 

277. मृतक की सम्पदा पर किसी आश्रित का भरण-पोषण भार (Charge) होगा जबकि - 

a. मृतक की विल द्वारा भार सृष्ट किया गया हो

b. न्यायालय की डिक्री द्वारा भार सृष्ट किया गया हो

c. आश्रित और सम्पदा के स्वामी के बीच करार द्वारा या अन्यथा भार सृष्ट किया गया हो

d. उपर्युक्त सभी

 

278. किसी ऐसी सम्पदा को अन्तरित कर दी जाती है जिस पर आश्रित का भरण-पोषण का भार है आश्रित कब अन्तरिती (क्रेता) से भरण-पोषण मांग सकता है 

a. जब वह बिना प्रतिफल के सम्पत्ति क्रय किया है 

b. जब उसे ऐसे भार की सूचना हैं

c. उपर्युक्त दोनों स्थितियों में

d. जब सप्रतिफल और बिना सूचना  के अन्तरिती हैं 

 

279. सही सुमेलित युग्म नहीं है- 

a. धारा 26 - ऋणों को भरण-पोषण पर पूर्विकता

b. धारा 25 -  भरण-पोषण के दावेदार को हिन्दू होना चाहिए

c. धारा 28 - आश्रित को अन्तरिती के विरुद्ध भरण-पोषण के अधिकार को प्रवर्तित कराने का अधिकार

d. धारा 27 - मृत की सम्पदा पर आश्रित के भरण-पोषण का भार

 

280. अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन भरण पोषण का हकदार नहीं है-

a. नि: संतान सौतेली माता

b. वयस्क पुत्र

c. वयस्क अविवाहित पुत्री

d. अधर्मज अप्रात्यवय अपत्य

 

281. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है-

a. दस्तक जनकों को अपनी संपत्तियों के व्ययन के अधिकार से वंचित नहीं करता

b. एक विधिमान्य दत्तक रद्द नहीं किया जा सकता है

c. दत्तक से संबंधित रजिस्ट्रीकृत दस्तावेजों के संबंध में यह उपधारणा है कि वह दत्तक इस अधिनियम के अनुपालन में किया गया

d. दत्तक पिता दत्तक में लिये जाने वाली नारी से आयु में कम से कम से 20 बड़ा हो

 

282. एक हिन्दू स्त्री किसी पुरुष बालक को गोद ले सकती. है, अगर वह उस बालक से कम से कम बड़ी है-

a. 21 साल

b. 14 साल

c. 18 साल

d. 22 साल

 

283. निम्न में से कौन-सा आधार किसी संरक्षक को किसी बच्चे को गोद देने के आधारों में नहीं आता है- 

a. अगर माता एवं पिता दोनों की मृत्यु हो गई है

b. अगर माता एवं पिता ने अंतिम तौर पर जगत से सन्यास लिया है

c. अगर माता व पिता को न्यायालय द्वारा पागल करार कर दिया गया हो

d. अगर माता व पिता अशिक्षित हैं

 

संयुक्त हिन्दू परिवार 

(JOINT HINDU FAMILY)

 

284. सहदायिकी की विशेषताएं हैं-

a. हक की सामूहिकता 

b. अंशों की अनिर्धारणीयता 

c. उत्तरजीविता से न्यागमन 

d. उपर्युक्त सभी

 

285. सहदायिकी का निर्माण करते हैं- 

a. तीन पीढ़ी तक के पुरुष सदस्य एवं पुत्री 

b. चार पीढ़ी तक पुरुष सदस्य

c. दो पीढ़ी तक के पुरुष सदस्य

d. पाँच पीढ़ी तक के पुरुष सदस्य

 

286. सहदायिकी का अस्तित्व समाप्त हो सकता है 

a. विभाजन द्वारा

b. अंतिम उत्तरजीवी सहदायिकी की मृत्यु द्वारा 

c. उक्त दोनों

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

287. संयुक्त परिवार का निर्माण होता है- 

a. पुरुष सदस्यों से

b. स्त्री सदस्यों से

c. उक्त दोनों से

d. उक्त में से कोई नहीं

 

288. सहदायिक सम्पत्ति से सम्बन्धित वाद है- 

a. भगवन्त पी सुलाखे बनाम दिगम्बर गोपाल सुलाखे

b. शेर सिंह बनाम गन्दूर सिंह

c. कमिश्नर इन्कम टैक्स बनाम पी० चेट्टियार

d. उपरोक्त सभी

 

289. एक हिन्दू की सहदायिक सम्पत्ति है- 

a. उत्तराधिकार से न्यायगत होती है।

b. उत्तरजीविता से न्यागत होती है 

c. विभाजित की जा सकती है। 

d. अ एवं व सत्य है

 

290. हनुमान प्रसाद बनाम मुसम्मात बबूई का वाद सम्बन्धित है -

a. हिन्दू संयुक्त परिवार के कर्ता की शक्ति एवं पूर्णवर्ती ऋण से

b. अव्यावहारिक ऋण से

c. विधवा की दत्तक करने की शक्ति से

d. नारी सम्पदा से

 

291. क्या मिताक्षरा विधि में पत्नी सहदायिक हो सकती है- 

a. नहीं

b. हाँ

c. कुछ परिस्थितियों में हो सकती है। 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

कर्ता की शक्तियाँ तथा कर्तव्य

(POWER AND DUTY OF THE KARTA)

 

292. कर्ता संयुक्त परिवार की सम्पत्ति को अन्य संक्रामित कर सकता है-    

a. सहदायिकों की स्वीकृति से

b. विधिक आवश्यकता के लिए

c. सम्पदा के प्रलाभ के लिए

d. उपर्युक्त सभी स्थितियों में

 

293. कर्ता द्वारा संयुक्त परिवार की सम्पत्ति के अन्य संक्रामण से सम्बन्धित वाद नहीं है

a. पवित्री देवी बनाम दरबारी सिंह 

b. सुनील कुमार बनाम रामप्रसाद

c. हनुमान प्रसाद पांडे बनाम मु० बबुई 

d. दस्ताने बनाम दस्ताने

 

294. कर्ता के अधिकार हैं- 

a. संयुक्त परिवार की सम्पत्ति को अन्य संक्रामण का अधिकार

b. ऋण अभिस्वीकृति का अधिकार

c. समझौता करने का अधिकार

d. उपर्युक्त सभी

 

295. संयुक्त परिवार के कर्ता के कर्तव्य एवं दायित्व हैं

a. परिवार के ऋणों को वसूल करने का अधिकार 

b. विधिक आवश्यकता या सम्पदा की प्रलाभ को छोड़कर अन्य स्थिति में अन्य संक्रामण न करने का कर्तव्य

c. हिसाब देने का कर्तव्य

d. उपर्युक्त सभी

 

296. निम्न में से कौन सा शास्त्रिक हिन्दू विधि के अनुसार स्त्रीधन नहीं है-

a. रिश्तेदारों से प्राप्त भेंट

b. स्त्रीधन से खरीदी हुई सम्पत्ति

c. भरणपोषण के एवज में मिली सम्पत्ति

d. पति से अचल सम्पत्ति की भेंट

 

297. स्त्री पूर्ण स्वामिनी होती है-

a. स्त्री धन की

b. नारी सम्पदा की

c. उक्त (a) एवं (b) दोनों की

d. उपर्युक्त में से किसी की नहीं

 

स्त्रीधन

(STRIDHAN)

298. निम्न में से कौन सा अव्यावहारिक ऋण की परिधि में नहीं आता है-

a. एक अनैतिक ऋण

b. एक अवैध ऋण

c. एक ऋण अपकृत्य दायित्व पर आधारित है 

d. जमानतीदार ऋण

 

299. पूर्ववर्ती ऋण से तात्पर्य है- 

a. तथ्यतः पूर्व

b. समय से पूर्व

c. यथार्थत: एवं समय से पूर्व

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

300. किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने धारित किया कि पिता के ऋणों को अदा करने का पुत्र का दायित्व धार्मिक एवं विधिक दोनों है-

a. अन्थोनी स्वामी मामले में

b. हनुमान प्रसाद पाण्डे के मामले में

c. ब्रिजनारायन के मामले में

d. पुत्रगन्ना के मामले में

 

विभाजन 

(PRATITION)

 

301. मिताक्षरा विधि में सहदायिक सम्पत्ति का विभाजन करा सकता है-

a. पुत्र

b. पत्नी

c. पुत्र, पौत्र, प्रपौत्र एवं अन्य सहदायिक वयस्क पुरुष सदस्य

d. पौत्र

 

302. क्या एक अवैध पुत्र विभाजन का दावा कर सकता है- 

a. नहीं

b. हाँ

c. नहीं किन्तु पिता की सम्पत्ति से भरण-पोषण पा सकता है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

303. विभाजन एक बार होता है, पुत्री एक बार विवाह में दी जाती है तथा 'मैं देता हूँ' मनुष्य एक बार कहता है यह कथन है-

a. मनु का

b. बृहस्पति का

c. नारद का

d. रघुनन्दन का

 

304. आंशिक विभाजन होता है-

a. केवल सम्पत्ति के सम्बन्ध में

b. केवल पृथक् होने वाले व्यक्तियों के संम्बन्ध में

c. उपरोक्त दोनों के सम्बन्ध में

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

305. विभाजन से सम्बन्धित प्रमुख वाद है-- 

a. राघवम्मा बनाम चेन्चेम्मा 

b. हनुमन्त बनाम हनुमन्त 

c. दास्ताना बनाम दास्ताना

d. अब्राहम बनाम अब्राहम

 

306. पिता-पुत्रों में विभाजन के पश्चात् गर्भस्थ शिशु पैदा होता है। वह-

a. पुनः विभाजन करा सकता है

b. विभाजन नहीं करा सकता है।

c. अंश आरक्षित नहीं किया गया है तो वह सम्पत्ति में हकदार नहीं है

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

307. एक हिन्दू पुरुष ने एक पुत्र दत्तक लिया। दत्तक पुत्र के पश्चात् औरस पुत्र भी उत्पन्न हो जाता है। बंटवारे में दत्तक पुत्र और औरस पुत्र को मिलेगा-

a. बराबर-बराबर अंश

b. दत्तक पुत्र को औरस पुत्र के अंश का आधा

c. दत्तक पुत्र को औरस पुत्र के अंश का एक चौथाई

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

308. विभाजन का कौन-सा ढंग मान्य है/हैं- 

a. वाद द्वारा विभाजन

b. मौखिक विभाजन

c. करार द्वारा विभाजन

d. उपर्युक्त सभी

 

दान 

(GIFT)

 

309. हिन्दू विधि निम्न प्रकार के दानों पर लागू नहीं होती

a. चल सम्पत्ति के दान

b. अचल सम्पत्ति के दान 

c. (a) एवं (b) दोनों

d. आसन्नमरण दान

 

310. हिन्दू चल एवं अचल दानों पर लागू होती है- 

a. हिन्दू विधि

b. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम

c. (a) एवं (b) दोनों

d. या तो (a) या (b)

 

इच्छा-पत्र 

(WILL)

 

311. वह प्राधिकार पत्र जो लिखने वाले के मृत्यु के बाद प्रभावी होता है, उसे कहा जाता है-.

a. दान

b. वसीयत

c. हिबा

d. उक्त में से कोई नहीं

 

312. इच्छा-पत्र निष्पादित कर सकता है

a. कोई भी व्यक्ति

b. स्वस्थचित्त मस्तिष्क वाला व्यक्ति 

c. स्वस्थचित्त एवं वयस्क व्यक्ति 

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

313. टैगोर बनाम टैगोर का वाद सम्बन्धित है-

a. इच्छापत्र से

b. विवाह से 

c. उत्तराधिकार से 

d. धर्मदाय से

 

314. यदि इच्छा पत्र, बल या छल से सम्पन्न किया गया है,

a. वैध

b. शून्य 

c. अवैध

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

धर्मदाय 

(ENDOWMENT)

 

315. धार्मिक तथा परोपकारी उद्देश्यों के लिए सम्पत्ति का समर्पण कहलाता है--

a. धर्मदाय

b. अंतरण

c. विभाजन

d. दान

 

316. धर्मदाय का प्रकार है- 

a. सार्वजनिक तथा व्यक्तिगत धर्मदाय

b. वास्तविक तथा आभासी धर्मदाय

c. आंशिक तथा पूर्ण धर्मदाय 

d. उपरोक्त सभी

 

317. किसी मठ की सम्पत्ति के प्रबन्धक को कहा जाता है 

a. मुतवल्ली

b. महन्त

c. प्रबन्धक

d. कर्ता

 

318. महन्त के पद की समाप्ति हो जाती है- 

a. महन्त की मृत्यु पर

b. महन्त द्वारा पद त्यागने पर

c. किसी असमर्थता पर 

d. उपरोक्त सभी

 

319. महन्त या शिवायत मूर्ति को समर्पित सम्पत्ति का अन्यसंक्रामण- 

a. सामान्य नियम के अनुसार नहीं कर सकता

b. विशेष परिस्थितियों में अन्यसंक्रामण कर सकता हैं

c. उपर्युक्त दोनों कथन सत्य हैं

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

320. किसी मठ के महन्त की कानूनी स्थिति है- 

a. एक ट्रस्टी

b. एकल निगम

c. मठ का स्वामी

d. मठ का मैनेजर

 

Download PDF With Solution