साम्या विधि MCQs Set-3

साम्या विधि MCQs Set-3

साम्या विधि

PRINCIPLES OF EQUITY

 

1. "साम्य विधि का अनुसरण करता है" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. विरोध उत्पन्न करना

b. नियमों में एकरूपता बनाए रखना

c. दंड बढ़ाना

d. कर वसूली करना

 

2. साम्य और सामान्य विधि का संबंध कैसा है?

a. विरोधी

b. प्रतिस्पर्धी

c. पूरक

d. असंबंधित

 

3. यदि विधि का स्पष्ट नियम उपलब्ध है, तो साम्य क्या करेगा?

a. उसे अनदेखा करेगा

b. उसका पालन करेगा

c. उसे समाप्त करेगा

d. दंड देगा

 

4. "साम्य विधि का अनुसरण करता है" आधारसूत्र किस बात को दर्शाता है?

a. साम्य की स्वतंत्रता

b. साम्य की सीमाएँ

c. साम्य की कठोरता

d. साम्य की दंडात्मक प्रकृति

 

5. भारतीय विधि में विधिक एवं साम्यिक अधिकारों के संबंध में क्या स्थिति है?

a. दोनों में स्पष्ट अंतर है

b. केवल साम्य लागू होता है

c. कोई विभेद नहीं किया गया है

d. केवल सामान्य विधि लागू होती है

 

6. यदि सामान्य विधि स्पष्ट एवं निश्चित है, तो साम्य क्या करेगा?

a. उसका विरोध करेगा

b. उसे अनदेखा करेगा

c. उसका अनुसरण करेगा

d. उसे समाप्त करेगा

 

7. साम्य न्यायालय सामान्य विधि के नियमों का पालन कब करता है?

a. केवल जब वे लचीले हों

b. केवल जब वे न्यायपूर्ण हों

c. भले ही वे कठोर या अनुचित हों

d. केवल दंड मामलों में

 

8. क्या साम्य न्यायालय सामान्य विधि के न्यायालयों पर प्रभुत्व का दावा करते हैं?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल कुछ मामलों में

d. केवल दंड मामलों में

 

9. रजिस्ट्रेशन अधिनियम के अंतर्गत बिना रजिस्ट्रेशन वाले दस्तावेज की स्थिति क्या है?

a. पूर्णतः वैध

b. केवल प्रशासनिक रूप से वैध

c. साम्य न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं

d. केवल दंडनीय

 

10. जिन दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, उनके संबंध में सही कथन क्या है?

a. रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं

b. बिना रजिस्ट्रेशन भी मान्य

c. रजिस्ट्रेशन न होने पर वे ग्राह्य नहीं होंगे

d. केवल दंड दिया जाएगा

 

11. समयावधि समाप्त होने के बाद वाद दाखिल करने पर क्या होगा?

a. स्वीकार किया जाएगा

b. आंशिक रूप से स्वीकार होगा

c. साम्य न्यायालय द्वारा अस्वीकार किया जाएगा

d. केवल दंड दिया जाएगा

 

12. समयसीमा (Limitation) का पालन किसके लिए आवश्यक है?

a. केवल दंड मामलों में

b. केवल प्रशासनिक मामलों में

c. सभी वाद एवं आवेदन के लिए

d. केवल कर मामलों में

 

13. साम्य विधि का यह सिद्धांत किसे दर्शाता है?

a. साम्य की सर्वोच्चता

b. सामान्य विधि की उपेक्षा

c. विधि के प्रति सम्मान

d. दंड की अनिवार्यता

 

14. साम्य और सामान्य विधि के संबंध में सही कथन क्या है?

a. साम्य सामान्य विधि को समाप्त करता है

b. साम्य सामान्य विधि का अनुसरण करता है

c. दोनों असंबंधित हैं

d. केवल साम्य लागू होता है

 

15. "साम्य चाहने वाले को साम्य का पालन करना चाहिए" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. साम्य विधि

c. कर विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

16. "साम्य चाहने वाले को साम्य का पालन करना चाहिए" आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. केवल अधिकार मांगना

b. केवल दंड देना

c. अधिकार के साथ दायित्व का पालन करना

d. केवल प्रशासनिक आदेश

 

17. "साम्य चाहने वाले को साम्य का पालन करना चाहिए" सिद्धांत किस पर आधारित है?

a. दंड सिद्धांत

b. कर सिद्धांत

c. पारस्परिकता का सिद्धांत

d. प्रशासनिक सिद्धांत

 

18. पारस्परिकता सिद्धांत का क्या अर्थ है?

a. केवल अपना अधिकार लेना

b. केवल दूसरों को देना

c. अपना अधिकार मांगना और दूसरों का देना

d. केवल दंड देना

 

19. साम्य न्यायालय वादी से क्या अपेक्षा करता है?

a. केवल वाद दायर करना

b. दंड देना

c. अपने दायित्वों का पालन करने के लिए तैयार रहना

d. प्रशासनिक आदेश मानना

 

20. "साम्य चाहने वाले को साम्य का पालन करना चाहिए" सिद्धांत मुख्यतः किस वाद में लागू होता है?

a. दंड वाद

b. कर वाद

c. संविदा के विनिर्दिष्ट पालन का वाद

d. प्रशासनिक वाद

 

21. न्यायालय विशिष्ट पालन की डिक्री कब देता है?

a. जब वादी तैयार न हो

b. जब वादी अपने दायित्व का पालन करने को तैयार हो

c. केवल दंड मामलों में

d. जब प्रशासन आदेश दे

 

22. शून्यकरणीय संविदा के विखंडन में क्या आवश्यक है?

a. केवल वाद दायर करना

b. लाभ वापस करना

c. दंड देना

d. प्रशासनिक अनुमति

 

23. यदि पक्षकार लाभ वापस नहीं करता तो क्या होगा?

a. संविदा स्वतः समाप्त

b. न्यायालय शून्य घोषित कर देगा

c. न्यायालय राहत नहीं देगा

d. दंड दिया जाएगा

 

24. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम 1882 की धारा 35 किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. निर्वाचन का सिद्धांत

d. प्रशासन

 

25. निर्वाचन के सिद्धांत का क्या अर्थ है?

a. केवल लाभ लेना

b. केवल त्याग करना

c. लाभ के साथ दायित्व स्वीकार करना

d. केवल दंड देना

 

26. विलेख से लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति को क्या करना होगा?

a. केवल लाभ लेना

b. केवल दायित्व लेना

c. लाभ और दायित्व दोनों स्वीकार करना

d. कुछ नहीं करना

 

27. यदि व्यक्ति विलेख को स्वीकार करता है, तो क्या होगा?

a. केवल लाभ मिलेगा

b. केवल दंड मिलेगा

c. लाभ और दायित्व दोनों स्वीकार करने होंगे

d. कुछ नहीं होगा

 

28. "साम्य चाहने वाले को साम्य का पालन करना चाहिए" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. प्रशासनिक नियंत्रण

c. न्याय में संतुलन एवं निष्पक्षता बनाए रखना

d. कर वसूली

 

29. "साम्य की शरण में आने वाले को स्वच्छ हाथों से आना चाहिए" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. कर विधि

c. साम्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

30. "साम्य की शरण में आने वाले को स्वच्छ हाथों से आना चाहिए" आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. केवल अधिकार होना चाहिए

b. वादी का आचरण निष्पक्ष एवं दोषरहित होना चाहिए

c. केवल दंड देना चाहिए

d. केवल प्रशासनिक आदेश

 

31. साम्य न्यायालय किसे उपचार देने से इंकार करता है?

a. निर्धन व्यक्ति को

b. दोषपूर्ण आचरण वाले व्यक्ति को

c. प्रशासन को

d. केवल अपराधी को

 

32. वादी को क्या सिद्ध करना आवश्यक है?

a. केवल अधिकार

b. केवल दंड

c. उसका आचरण न्यायसंगत एवं निष्पक्ष है

d. केवल प्रशासनिक अनुमति

 

33. यदि वादी का आचरण प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है, तो क्या होगा?

a. उसे उपचार मिलेगा

b. आंशिक उपचार मिलेगा

c. उसे कोई उपचार नहीं मिलेगा

d. केवल दंड मिलेगा

 

34. "बटमारों का प्रकरण" किससे संबंधित है?

a. कर विवाद

b. दंड विधि

c. स्वच्छ हाथ सिद्धांत

d. प्रशासनिक कानून

 

35. बटमारों के प्रकरण में न्यायालय ने क्या किया?

a. लेखा का आदेश दिया

b. वाद स्वीकार किया

c. उपचार देने से इंकार किया

d. केवल चेतावनी दी

 

36. बटमारों के प्रकरण में न्यायालय ने क्या अतिरिक्त कार्य किया?

a. उन्हें मुक्त किया

b. उन्हें पुरस्कार दिया

c. उन्हें दंडित किया

d. वाद स्थगित किया

 

37. "साम्य की शरण में आने वाले को स्वच्छ हाथों से आना चाहिए" आधारसूत्र किस सिद्धांत को दर्शाता है?

a. दंड का सिद्धांत

b. कर का सिद्धांत

c. नैतिकता एवं न्याय का सिद्धांत

d. प्रशासनिक सिद्धांत

 

38. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 की कौन-सी धाराएँ इस सिद्धांत से संबंधित हैं?

a. धारा 1–5

b. धारा 20, 16, 17

c. धारा 50–60

d. केवल धारा 2

 

39. बेनामी लेन-देन के मामलों में यह सिद्धांत क्यों लागू होता है?

a. कर वसूली के लिए

b. दंड देने के लिए

c. दोषपूर्ण आचरण को रोकने के लिए

d. प्रशासनिक सुविधा के लिए

 

40. "मोहरी बीबी बनाम धर्मोदास घोष" वाद किससे संबंधित है?

a. कर विवाद

b. दंड

c. साम्य सिद्धांत

d. प्रशासन

 

41. "साम्य की शरण में आने वाले को स्वच्छ हाथों से आना चाहिए" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. प्रशासनिक नियंत्रण

c. न्याय में नैतिकता एवं निष्पक्षता बनाए रखना

d. कर वसूली

 

42. "विलम्ब साम्य को विफल कर देता है" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. कर विधि

c. साम्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

43. "विलम्ब साम्य को विफल कर देता है" आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. देर से न्याय भी न्याय है

b. अधिकारों के प्रति उदासीन व्यक्ति को सहायता नहीं मिलती

c. केवल दंड दिया जाता है

d. प्रशासनिक आदेश आवश्यक है

 

44. "विलम्ब साम्य को विफल कर देता है" सिद्धांत किस बात पर जोर देता है?

a. दंड

b. कर

c. अधिकारों के प्रति सजगता

d. प्रशासन

 

45. यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक विलम्ब से वाद दायर करता है, तो क्या होगा?

a. उसे पूर्ण उपचार मिलेगा

b. आंशिक उपचार मिलेगा

c. उसका उपचार अवरुद्ध हो जाएगा

d. उसे दंड मिलेगा

 

46. "विधि उसी की सहायता करती है जो जागरूक है" का संबंध किससे है?

a. कर सिद्धांत

b. दंड सिद्धांत

c. साम्य का आधारसूत्र

d. प्रशासनिक सिद्धांत

 

47. "स्मिथ बनाम क्ले" वाद किस सिद्धांत से संबंधित है?

a. स्वच्छ हाथ सिद्धांत

b. विलम्ब सिद्धांत

c. दंड सिद्धांत

d. कर सिद्धांत

 

48. स्मिथ बनाम क्ले वाद में क्या कहा गया?

a. विलम्ब का कोई प्रभाव नहीं

b. देर से भी उपचार मिलेगा

c. लम्बे समय तक उदासीन रहने पर उपचार नहीं मिलेगा

d. केवल दंड दिया जाएगा

 

49. परिसीमा अधिनियम 1963 किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. वाद दायर करने की समय-सीमा

d. प्रशासन

 

50. भारतीय विधि में "विधि उसी की सहायता करती है जो जागरूक है" सिद्धांत का महत्व क्यों कम हुआ?

a. दंड बढ़ गया

b. कर प्रणाली बदल गई

c. परिसीमा अधिनियम द्वारा समय-सीमा निर्धारित हो गई

d. प्रशासनिक सुधार हुआ

 

51. "विधि उसी की सहायता करती है जो जागरूक है" सिद्धांत अब कब लागू होता है?

a. हर मामले में

b. केवल दंड मामलों में

c. जहाँ परिसीमा काल निर्धारित नहीं है

d. केवल कर मामलों में

 

52. साम्य किसकी सहायता करता है?

a. उदासीन व्यक्ति की

b. केवल अपराधी की

c. जागरूक एवं सतर्क व्यक्ति की

d. केवल प्रशासन की

 

53. यदि व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति उदासीन रहता है, तो क्या होगा?

a. उसे अधिक लाभ मिलेगा

b. उसे दंड मिलेगा

c. उसे साम्य से सहायता नहीं मिलेगी

d. उसे कर छूट मिलेगी

 

54. "विधि उसी की सहायता करती है जो जागरूक है" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. प्रशासनिक नियंत्रण

c. न्याय में समयबद्धता सुनिश्चित करना

d. कर वसूली

 

55. "साम्य प्रारूप पर नहीं, आशय पर विचार करता है" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. कर विधि

c. साम्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

56. "साम्य प्रारूप पर नहीं, आशय पर विचार करता है" आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. शब्दों का पालन करना

b. केवल दस्तावेज़ देखना

c. वास्तविक आशय को महत्व देना

d. केवल दंड देना

 

57. साम्य किस पर अधिक ध्यान देता है?

a. विधिगत प्रारूप

b. शाब्दिक अर्थ

c. पक्षकारों का वास्तविक आशय

d. प्रशासनिक आदेश

 

58. किसी संव्यवहार में अधिक महत्व किसका होता है?

a. प्रारूप

b. भाषा

c. पक्षकारों का आशय

d. दंड

 

59. साम्य किस प्रकार निर्णय करता है?

a. केवल शब्दों के आधार पर

b. केवल दस्तावेज़ देखकर

c. सार एवं आशय को ध्यान में रखकर

d. केवल प्रशासनिक आदेश से

 

60. साम्य क्या खोजने का प्रयास करता है?

a. दंड

b. कर

c. वास्तविक आशय

d. प्रशासनिक आदेश

 

61. यदि आशय किसी आवरण में छुपा हो तो साम्य क्या करेगा?

a. उसे अनदेखा करेगा

b. केवल शब्दों पर निर्भर करेगा

c. उसे खोजकर लागू करेगा

d. दंड देगा

 

62. साम्य आशय को कब लागू नहीं करेगा?

a. जब वह स्पष्ट हो

b. जब वह विधि के किसी नियम के विरुद्ध हो

c. जब पक्षकार सहमत हों

d. जब दंड हो

 

63. साक्ष्य के संबंध में साम्य किसे महत्व देता है?

a. शाब्दिक अर्थ

b. केवल लिखित दस्तावेज़

c. भाव एवं आशय

d. प्रशासनिक आदेश

 

64. संविदा में किसका अधिक महत्व होता है?

a. प्रयुक्त शब्द

b. दस्तावेज़ का प्रारूप

c. पक्षकारों का वास्तविक आशय

d. दंड

 

65. "साम्य प्रारूप पर नहीं, आशय पर विचार करता है" आधारसूत्र किन विवादों में लागू होता है?

a. केवल दंड मामलों में

b. कर मामलों में

c. संव्यवहार की प्रकृति निर्धारण में

d. प्रशासनिक मामलों में

 

66. "विक्रय या बंधक" का निर्धारण किसके आधार पर होता है?

a. केवल दस्तावेज़ के शब्द

b. केवल दंड

c. वास्तविक आशय

d. प्रशासनिक आदेश

 

67. निम्न में से कौन "साम्य प्रारूप पर नहीं, आशय पर विचार करता है" सिद्धांत का उदाहरण है?

a. कर निर्धारण

b. शास्ति एवं जब्ती

c. दंड

d. चुनाव

 

68. "साम्य प्रारूप पर नहीं, आशय पर विचार करता है" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. प्रशासनिक नियंत्रण

c. न्याय को वास्तविकता के अनुरूप बनाना

d. कर वसूली

 

69. "साम्य की क्रिया व्यक्ति से सम्बन्ध रखती है" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. कर विधि

c. साम्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

70. "साम्य की क्रिया व्यक्ति से सम्बन्ध रखती है" आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. संपत्ति पर सीधा अधिकार

b. व्यक्ति के विरुद्ध आदेश

c. केवल दंड देना

d. प्रशासनिक आदेश

 

71. साम्य अपने आदेशों का प्रवर्तन किस पर करता है?

a. संपत्ति पर

b. प्रशासन पर

c. व्यक्ति के अन्तःकरण पर

d. केवल दंड पर

 

72. सामान्य विधि के न्यायालय अपने निर्णय का प्रवर्तन कैसे करते थे?

a. व्यक्ति के अंतःकरण से

b. संपत्ति पर बलपूर्वक अधिकार देकर

c. केवल दंड देकर

d. प्रशासनिक आदेश द्वारा

 

73. साम्य न्यायालय प्रतिवादी के विरुद्ध क्या करता है?

a. संपत्ति जब्त करता है

b. आदेश पारित करता है

c. केवल दंड देता है

d. कर लगाता है

 

74. यदि प्रतिवादी आदेश का पालन नहीं करता, तो क्या होता है?

a. कुछ नहीं होता

b. उसे पुरस्कार मिलता है

c. उसे कारावास या दंड दिया जा सकता है

d. केवल चेतावनी दी जाती है

 

75. साम्य न्यायालय संपत्ति में सीधे हस्तक्षेप क्यों नहीं करता?

a. अधिकार नहीं होता

b. प्रशासनिक कारण

c. वह व्यक्ति के विरुद्ध कार्य करता है

d. दंड प्रणाली के कारण

 

76. "साम्य की क्रिया व्यक्ति से सम्बन्ध रखती है" आधारसूत्र की प्रकृति कैसी है?

a. सीमित

b. अत्यंत व्यापक

c. दंडात्मक

d. प्रशासनिक

 

77. भारत में "साम्य की क्रिया व्यक्ति से सम्बन्ध रखती है" सिद्धांत का प्रयोग कैसा है?

a. बहुत व्यापक

b. पूर्णतः समाप्त

c. सीमित

d. केवल दंडात्मक

 

78. सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 की धारा 16 किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. अचल संपत्ति से संबंधित वाद

d. प्रशासन

 

79. सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 की धारा 16 के परन्तुक का संबंध किससे है?

a. दंड

b. कर

c. व्यक्ति पर आधारित अधिकार

d. प्रशासन

 

80. यदि अचल संपत्ति से संबंधित वाद में प्रतिवादी का व्यक्तिगत पालन आवश्यक हो, तो वाद कहाँ दायर किया जा सकता है?

a. केवल सर्वोच्च न्यायालय में

b. जहाँ संपत्ति स्थित है

c. जहाँ प्रतिवादी निवास या व्यापार करता है

d. कहीं भी

 

81. साम्य का "साम्य की क्रिया व्यक्ति से सम्बन्ध रखती है" सिद्धांत किस प्रकार के आदेशों को दर्शाता है?

a. संपत्ति आधारित

b. व्यक्ति आधारित

c. दंड आधारित

d. कर आधारित

 

82. "साम्य की क्रिया व्यक्ति से सम्बन्ध रखती है" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. संपत्ति पर नियंत्रण

b. व्यक्ति के माध्यम से न्याय लागू करना

c. दंड देना

d. कर वसूली

 

83. "जहाँ साम्य समान हो, वहाँ विधि अभिभावी होगी" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. कर विधि

c. साम्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

84. जहाँ साम्य समान हो, वहाँ विधि अभिभावी होगी" आधारसूत्र किस सिद्धांत पर आधारित है?

a. दंड सिद्धांत

b. कर सिद्धांत

c. पूर्वता का सिद्धांत

d. प्रशासनिक सिद्धांत

 

85. जहाँ साम्य समान हो, वहाँ विधि अभिभावी होगी" आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. साम्य हमेशा विजयी होता है

b. विधि हमेशा विजयी होती है

c. समान साम्य होने पर विधि को प्राथमिकता मिलेगी

d. दंड दिया जाएगा

 

86. यदि दो व्यक्तियों के समान साम्यिक हित हों और एक के पास विधिक हित भी हो, तो कौन जीतेगा?

a. केवल साम्यिक हित वाला

b. केवल दंड पाने वाला

c. विधिक एवं साम्यिक हित वाला

d. दोनों समान रूप से

 

87. विधिक हित का साम्यिक हित पर क्या प्रभाव होता है?

a. कोई प्रभाव नहीं

b. साम्यिक हित को समाप्त करता है

c. उस पर अभिभावी होता है

d. दंड देता है

 

88. जहाँ साम्य समान हो, वहाँ विधि अभिभावी होगी" आधारसूत्र किस सिद्धांत से जुड़ा है?

a. साम्य विधि का विरोध

b. साम्य विधि का अनुसरण

c. दंड विधि

d. कर विधि

 

89. यदि कोई व्यक्ति विधिक संपदा का कब्जा रखता है, तो उसकी स्थिति कैसी होगी?

a. कमजोर

b. असमान

c. प्राथमिकता प्राप्त

d. दंडनीय

 

90. केवल साम्यिक हित रखने वाले व्यक्ति की स्थिति कैसी होगी?

a. प्राथमिक

b. समान

c. कमजोर

d. सर्वोच्च

 

91. एक मकान को क एवं ख दोनों ही अपना बताते हैं। क साम्यिक हित के आधार पर दावा करता है, जबकि ख, साम्यिक हित एवं विधिक हित दोनों के आधार पर दावा करता है। क और ख में कौन संपत्ति प्राप्त करेगा?

a. क

b. ख

c. दोनों

d. कोई नहीं

 

92. एक मकान को क एवं ख दोनों ही अपना बताते हैं। क साम्यिक हित के आधार पर दावा करता है, जबकि ख, साम्यिक हित एवं विधिक हित दोनों के आधार पर दावा करता है। यहाँ ख मकान प्राप्त करेगा ख को प्राथमिकता क्यों मिली?

a. उसके पास केवल साम्यिक हित था

b. उसके पास विधिक एवं साम्यिक दोनों हित थे

c. वह दंडित था

d. प्रशासनिक कारण

 

93. जहाँ साम्य समान हो, वहाँ विधि अभिभावी होगी" सिद्धांत मुख्यतः किन मामलों में लागू होता है?

a. दंड मामलों में

b. कर मामलों में

c. सद्‌भावनापूर्वक बिना सूचना के एवं प्रतिफल देकर क्रय के मामले में लागू होता है।

d. प्रशासनिक मामलों में

 

94. "बिना सूचना के क्रेता" का क्या अर्थ है?

a. जानबूझकर खरीदना

b. बिना जानकारी के खरीदना

c. दंड देकर खरीदना

d. प्रशासनिक आदेश से खरीदना

 

95. "बिना सूचना के क्रेता" आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. कर वसूली

c. विधिक निश्चितता एवं प्राथमिकता सुनिश्चित करना

d. प्रशासनिक नियंत्रण

 

96. मूल्यवान प्रतिफल देकर संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति को क्या कहा जाता है?

a. दंडित व्यक्ति

b. साधारण क्रेता

c. सद्भावनापूर्वक क्रेता

d. प्रशासनिक अधिकारी

 

97. यदि क्रेता को पूर्व साम्यिक हित की जानकारी नहीं है, तो उसकी स्थिति क्या होगी?

a. वह अधिकार खो देगा

b. उसे केवल साम्यिक हित मिलेगा

c. उसे विधिक एवं साम्यिक दोनों हित प्राप्त होंगे

d. उसे दंड मिलेगा

 

98. सद्भावनापूर्वक क्रेता को प्राथमिकता क्यों दी जाती है?

a. वह निर्धन होता है

b. उसने दंड दिया होता है

c. उसने बिना सूचना के प्रतिफल देकर क्रय किया होता है

d. प्रशासनिक आदेश से

 

99. "बिना सूचना के क्रेता" सिद्धांत के अनुसार कौन संपत्ति का स्वामी माना जाएगा?

a. केवल साम्यिक हित वाला

b. केवल दंडित व्यक्ति

c. विधिक एवं साम्यिक हित वाला

d. प्रशासन

 

100. यदि किसी के पास केवल साम्यिक हित है, तो उसकी स्थिति क्या होगी?

a. प्राथमिक

b. सर्वोच्च

c. कमजोर

d. समान

 

101. "बिना सूचना के क्रेता" सिद्धांत किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. विधिक एवं साम्यिक हितों की प्राथमिकता

d. प्रशासन

 

102. "साम्य विधि का अनुसरण करती है" का इस संदर्भ में क्या अर्थ है?

a. साम्य विधि से ऊपर है

b. साम्य विधि का विरोध करती है

c. विधिक हित को प्राथमिकता देती है

d. दंड देती है

 

103. यदि कोई व्यक्ति विधिक संपत्ति का कब्जा रखता है, तो क्या होगा?

a. उसे अधिकार नहीं मिलेगा

b. उसे दंड मिलेगा

c. उसे प्राथमिकता मिलेगी

d. उसे कर देना होगा

 

104. "साम्य विधि का अनुसरण करती है" सिद्धांत भारतीय विधि में किन क्षेत्रों में लागू होता है?

a. दंड कानून

b. कर कानून

c. निर्वाचन, क्रमबन्धन एवं प्रतिसादन

d. प्रशासनिक कानून

 

105. "बिना सूचना के क्रय" का क्या महत्व है?

a. कोई महत्व नहीं

b. दंड बढ़ता है

c. क्रेता को संरक्षण मिलता है

d. प्रशासनिक आदेश लागू होता है

 

106. यदि क्रेता को पूर्व अधिकार की जानकारी हो, तो क्या होगा?

a. उसे पूर्ण संरक्षण मिलेगा

b. उसे कोई प्रभाव नहीं होगा

c. उसे प्राथमिकता नहीं मिलेगी

d. उसे दंड मिलेगा

 

107. "बिना सूचना के क्रय" सिद्धांत का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. कर वसूली

c. सद्भावनापूर्वक क्रेताओं की रक्षा करना

d. प्रशासनिक नियंत्रण

 

108. "साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए" किसका आधारसूत्र है?

a. दंड विधि

b. कर विधि

c. साम्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

109. "साम्य उसी को किया गया मानता है, आधारसूत्र का मुख्य अर्थ क्या है?

a. केवल वास्तविक कार्य को मान्यता देना

b. दायित्व के पालन को कल्पित रूप से पूर्ण मानना

c. केवल दंड देना

d. प्रशासनिक आदेश लागू करना

 

110. साम्य किसे किया हुआ मानता है?

a. जो किया गया है

b. जो किया जाना चाहिए

c. जो दंडित है

d. जो प्रशासनिक है

 

111. "साम्य उसी को किया गया मानता है, सिद्धांत के अनुसार क्या माना जाता है?

a. केवल वास्तविक घटनाएँ

b. केवल दस्तावेज़

c. दायित्व के परिणाम को पूर्ण मानना

d. केवल दंड

 

112. यदि भूमि के विक्रय की संविदा हो, तो साम्य क्या मानेगा?

a. कोई प्रभाव नहीं

b. संविदा अमान्य है

c. मानो संविदा का निष्पादन हो चुका है

d. केवल दंड लागू होगा

 

113. "साम्य उसी को किया गया मानता है, आधारसूत्र किस प्रकार के मामलों में लागू होता है?

a. दंड मामलों में

b. कर मामलों में

c. संविदात्मक दायित्वों में

d. प्रशासनिक मामलों में

 

114. साम्य किस पर आधारित होता है?

a. केवल शब्द

b. केवल दस्तावेज़

c. दायित्व एवं आशय

d. दंड

 

115. "साम्य उसी को किया गया मानता है, सिद्धांत का उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. प्रशासनिक नियंत्रण

c. न्यायसंगत परिणाम सुनिश्चित करना

d. कर वसूली

 

116. " साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए " किसका रूप है?

a. दंड सिद्धांत

b. कर सिद्धांत

c. इसी आधारसूत्र का अन्य रूप

d. प्रशासनिक सिद्धांत

 

117. " साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए आधारसूत्र का संबंध किससे है?

a. दंड

b. कर

c. न्याय एवं अन्तःकरण

d. प्रशासन

 

118. यदि दायित्व का पालन नहीं हुआ हो, तो साम्य क्या करेगा?

a. उसे अनदेखा करेगा

b. दंड देगा

c. उसे पूर्ण हुआ मान लेगा (उचित परिस्थितियों में)

d. प्रशासनिक आदेश देगा

 

119. " साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए सिद्धांत का मुख्य आधार क्या है?

a. दंड

b. कर

c. निष्पक्षता एवं न्याय

d. प्रशासन

 

120. साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए आधारसूत्र मुख्यतः किन मामलों में लागू होता है?

a. दंड मामलों में

b. कर मामलों में

c. संविदा संबंधी मामलों में

d. प्रशासनिक मामलों में

 

121. यदि किसी व्यक्ति ने प्रतिफल लेकर प्रतिज्ञा की है, तो साम्य क्या मानेगा?

a. उसने कुछ नहीं किया

b. उसने दंड दिया

c. उसने अपनी प्रतिज्ञा का पालन कर लिया

d. वह दोषी है

 

122. साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए सिद्धांत के अनुसार दायित्व का क्या माना जाता है?

a. अधूरा

b. शून्य

c. पूर्ण

d. दंडनीय

 

123. साम्य किस बात पर विचार नहीं करता है?

a. दंड

b. कर

c. कार्य वास्तव में किया गया या नहीं

d. प्रशासन

 

124. साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए, आधारसूत्र का संबंध किससे है?

a. दंड

b. कर

c. संविदा एवं दायित्व

d. प्रशासन

 

125. सम्पत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 40 किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. इस आधारसूत्र के प्रयोग से

d. प्रशासन

 

126. सम्पत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 53(क) किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. साम्य सिद्धांत के प्रयोग से

d. प्रशासन

 

127. भारतीय न्यास अधिनियम 1882 की धारा 91 किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. साम्य सिद्धांत

d. प्रशासन

 

128. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम 1963 किससे संबंधित है?

a. दंड

b. कर

c. साम्य आधारित उपचार

d. प्रशासन

 

129. साम्य उसी को किया गया मानता है, जो किया जाना चाहिए आधारसूत्र का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. कर वसूली

c. न्यायसंगत परिणाम सुनिश्चित करना

d. प्रशासनिक नियंत्रण

 

130. यदि संविदा का पालन वास्तव में न हुआ हो, तो भी साम्य क्या मान सकता है?

a. संविदा अमान्य है

b. दंड दिया जाएगा

c. संविदा का पालन हो चुका है (उचित स्थिति में)

d. प्रशासनिक आदेश

 

131. यह सिद्धांत किस प्रकार के न्याय को बढ़ावा देता है?

a. दंडात्मक

b. कर आधारित

c. नैसर्गिक एवं निष्पक्ष न्याय

d. प्रशासनिक