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1. धारा 54-क के अनुसार यदि किसी जानवर, गाड़ी, जलयान, बेड़ा, मोटर यान या किसी अन्य परिवहन साधन का उपयोग अपराध करने के लिए किया गया, तो उसके मालिक को दोषी माना जाएगा कब तक?
a. जब तक कि वह न्यायालय को यह संतुष्ट न कर दे कि उसे इस अपराध की कोई जानकारी नहीं थी और उसने समुचित सावधानी अपनाई थी
b. तुरंत, चाहे उसके पास कारण हो या न हो
c. केवल तब, जब उसका साधन राज्य सरकार के स्वामित्व में न हो
d. केवल अपराध के साक्ष्य मिलने पर
2. धारा 54-क के अंतर्गत किन परिस्थितियों में मालिक को अपराध करने का दोषी नहीं माना जाएगा?
a. जब उसका वाहन सरकारी या राज्य सरकार/किसी उपक्रम के स्वामित्व में हो
b. जब मालिक को विश्वास था कि अपराध हो रहा है
c. जब मालिक ने अपराध को रोकने की कोई सावधानी नहीं अपनाई
d. हमेशा दोषी माना जाएगा
3. धारा 54-क के अनुसार मालिक को दोषमुक्त करने के लिए क्या सिद्ध करना होगा?
a. कि उसके पास ऐसा विश्वास करने का कोई कारण नहीं था कि अपराध किया जा रहा है या किया जा सकता है
b. कि उसने अपराध को रोकने के लिए सम्यक सावधानी अपनाई
c. दोनों (a) और (b)
d. केवल यह कि उसने अपराध में सहयोग नहीं किया
4. धारा 54-क के अंतर्गत अपराध में प्रयुक्त वाहन का मालिक सरकारी स्वामित्व का है। इसमें परिणाम क्या होगा?
a. मालिक दोषी माना जाएगा
b. मालिक दोषमुक्त होगा
c. मालिक पर सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा
d. यह मामला न्यायालय के विवेक पर छोड़ दिया जाएगा
5. मृत्यु, इत्यादि में परिणामित अपमिश्रण के लिए शारित किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55-ख
b. धारा 54-ख
c. धारा 56-ख
d. धारा 57-ख
6. धारा 54-ख के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को शराब या नशीली औषधि में मिलाए गए पदार्थ के कारण गंभीर उपहति या अशक्तता होती है, तो दोषसिद्धि पर दंड क्या होगा?
a. कारावास कम से कम 1 वर्ष, जुर्माना 50,000–2,50,000
b. कारावास कम से कम 2 वर्ष, जुर्माना 50,000–5,00,000
c. कारावास कम से कम 2 वर्ष, जुर्माना 1,00,000–10,00,000
d. केवल कारावास, जुर्माना नहीं
7. धारा 54-ख उप-धारा (1) के अंतर्गत अन्य मामलें (मृत्यु या गंभीर उपहति नहीं) में दोषसिद्ध व्यक्ति को किस प्रकार दंडनीय ठहराया जाएगा?
a. कारावास कम से कम 1 वर्ष, जुर्माना 50,000–2,50,000
b. कारावास कम से कम 2 वर्ष, जुर्माना 1,00,000–10,00,000
c. कारावास कम से कम 6 महीने, जुर्माना 25,000–1,00,000
d. केवल जुर्माना
8. धारा 54-ख उप-धारा (2) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अनिष्टकारी पदार्थ मिलाने से रोकने के लिए सावधानी नहीं बरतता और किसी की मृत्यु होती है, तो दंड क्या है?
a. कारावास कम से कम 2 वर्ष और जुर्माना 1 लाख–10 लाख
b. कारावास कम से कम 1 वर्ष और जुर्माना 50,000–2,50,000
c. केवल जुर्माना 50,000–5,00,000
d. कोई दंड नहीं
9. धारा 54-ख उप-धारा (3) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर शराब या नशीली औषधि रखता है जिसमें अनिष्टकारी पदार्थ मिला हुआ है, तो उसे किस दंड का प्रावधान है?
a. कारावास कम से कम 2 वर्ष और जुर्माना 1 लाख–10 लाख
b. कारावास कम से कम 1 वर्ष और जुर्माना 1 लाख तक
c. कारावास कम से कम 6 महीने और जुर्माना 50,000
d. केवल चेतावनी
10. मुआवजा भुगतान करने के लिए आदेश (1) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का केन्द्रीय अधिनियम सं. 2) किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55-ख
b. धारा 54-ग
c. धारा 56-ख
d. धारा 57-ग
11. धारा 54-ग के अनुसार न्यायालय मुआवजा आदेश किस स्थिति में पारित कर सकता है?
a. जब शराब या नशीली औषधि के सेवन से मृत्यु या गंभीर उपहति हुई हो
b. जब शराब का कोई लाइसेंसधारी शराब बेचता हो
c. केवल जब अपराध का दोषसिद्धि हो
d. केवल नशेड़ी व्यक्ति की गैरकानूनी गतिविधियों पर
12. धारा 54-ग में मुआवजे की न्यूनतम राशि कितनी निर्धारित की गई है?
a. मृत्यु में 1 लाख, गंभीर उपहति में 50 हजार, अन्य दशाओं में 5 हजार
b. मृत्यु में 3 लाख, गंभीर उपहति में 2 लाख, अन्य दशाओं में 20 हजार
c. मृत्यु में 5 लाख, गंभीर उपहति में 3 लाख, अन्य दशाओं में 50 हजार
d. न्यायालय की इच्छा अनुसार कोई राशि
13. यदि शराब या नशीली औषधि अनुज्ञप्ति प्राप्त दुकान से बेची गई है, तो मुआवजा देने का दायित्व किस पर होगा?
a. शराब बेचने वाले व्यक्ति पर
b. शराब खरीदने वाले पर
c. अनुज्ञप्तिधारी पर
d. राज्य सरकार पर
14. धारा 54-ग उप-धारा (2) के अनुसार मुआवजा आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने की समय सीमा कितनी है?
a. आदेश की तिथि से 15 दिन
b. आदेश की तिथि से 30 दिन
c. आदेश की तिथि से 60 दिन
d. किसी भी समय
15. उच्च न्यायालय किस स्थिति में अपील की समय सीमा (30 दिन) के बाद भी विचार कर सकता है?
a. केवल दोषसिद्धि के मामले में
b. यदि अपीलार्थी के पास पर्याप्त कारण हो कि समय पर अपील नहीं कर सका
c. कभी नहीं
d. केवल मृत्यु के मामलों में
16. धारा 54-ग के अनुसार “गंभीर उपहति या अशक्तता” के लिए न्यूनतम मुआवजा राशि कितनी है?
a. 50,000 रूपये
b. 1,00,000 रूपये
c. 2,00,000 रूपये
d. 3,00,000 रूपये
17. न्यायालय किसके विधिक उत्तराधिकारियों को मुआवजा भुगतान का आदेश दे सकता है?
a. केवल मृतक के उत्तराधिकारी
b. केवल गंभीर उपहति या अशक्तता वाले व्यक्ति के उत्तराधिकारी
c. मृतक या गंभीर उपहति/अशक्तता वाले व्यक्ति दोनों के विधिक उत्तराधिकारी
d. किसी भी व्यक्ति जिसे न्यायालय उचित समझे
18. 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को अविधिपूर्ण विक्रय करने या बालको विधिपूर्ण या महिलाओं को नियोजित करने के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 54-घ
b. धारा 55-ख
c. धारा 57-ग
d. धारा 56-घ
19. धारा 54-घ के अनुसार, जो कोई भी इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध करने के आपराधिक षडयन्त्र का पक्षकार होता है, उसे किस प्रकार दण्डित किया जाएगा?
a. उसे केवल चेतावनी दी जाएगी।
b. उसे उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने स्वयं वह अपराध किया हो।
c. उसे दण्ड नहीं दिया जाएगा।
d. उसे आधे दण्ड की अवधि दी जाएगी।
20. 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को अविधिपूर्ण विक्रय करने या बालको विधिपूर्ण या महिलाओं को नियोजित करने के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55
b. धारा 56
c. धारा 57
d. धारा 58
21. धारा 55 के अनुसार, कौन सा कार्य जुर्माने का कारण बन सकता है?
a. अनुज्ञप्तिकृत विक्रेता द्वारा 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को शराब देना
b. किसी वयस्क को शराब देने पर
c. केवल जुआ खेलने पर बिना अनुमति
d. किसी को अपने घर में शराब देने पर
22. धारा 55 के अंतर्गत, अनुज्ञप्तिकृत परिसर में किसे नियोजित करना अपराध है?
a. किसी वयस्क व्यक्ति को
b. किसी बच्चे या महिला को धारा 22 और 23 के उल्लंघन में
c. केवल पुरुष कर्मचारियों को
d. किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति
23. अनुज्ञप्तिकृत परिसर में स्वतन्त्र आचरण या जुआ खेलने की अनुमति देने पर धारा 55 के अनुसार दंड क्या है?
a. तीन महीने की जेल
b. पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना
c. कोई दंड नहीं
d. केवल चेतावनी
24. यदि कोई व्यक्ति जानता है कि किसी ने गैर-जमानतीय अपराध किया है और उसे अनुज्ञप्तिकृत परिसर में वेश्याओं के साथ घूमने की अनुमति देता है, तो धारा 55 के अनुसार वह दोषी होगा?
a. हाँ, चाहे अपराध या वेश्यावृति का प्रयोजन हो या न हो
b. केवल यदि अपराध वेश्यावृति से संबंधित हो
c. केवल यदि वेश्यावृति के प्रयोजन के लिए अनुमति दी गई हो
d. नहीं, कोई अपराध नहीं होगा
25. धारा 55 के अंतर्गत जुर्माना अधिकतम कितना हो सकता है?
a. 1000 रुपये
b. 500 रुपये
c. 2000 रुपये
d. कोई सीमा नहीं
26. मानवीय उपभोग के लिए उपयुक्त विकृतिकृत स्पिरिट बनाने के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55
b. धारा 56
c. धारा 57
d. धारा 58
27. धारा 56 के अनुसार विकृतिकृत स्पिरिट पर लगने वाला जुर्माना किस आधार पर तय किया जाता है?
a. केवल आरोपी की संपत्ति के अनुसार
b. स्पिरिट की मात्रा (बल्क लीटर) और जुर्माना पाँच हजार रुपये प्रति लीटर तक
c. अदालत के विवेक पर
d. केवल प्रारंभिक चेतावनी के रूप में
28. धारा 56 के स्पष्टीकरण के अनुसार, किसी स्पिरिट को विकृतिकृत मानने के लिए कौन सी प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जाती है?
a. उसकी रंगत देखकर
b. रासायनिक विश्लेषण द्वारा
c. बोतल के लेबल द्वारा
d. उत्पादन तारीख देखकर
29. धारा 56 में उल्लिखित दंड में उच्चतर दंड किस स्थिति में लगाया जाएगा?
a. यदि आरोपी पहली बार दोषी पाया गया
b. यदि कारावास की अवधि और जुर्माने में अंतर हो
c. जब जुर्माना और कारावास दोनों की अधिकतम सीमा का पालन किया जाता है
d. जब विकृतिकृत स्पिरिट की मात्रा अधिक हो
30. राजस्थान आबकारी (संशोधन) अधिनियम, 2007 ने धारा 56 में क्या संशोधन किया?
a. जुर्माने की सीमा को घटाया
b. स्पिरिट की परिभाषा बदल दी
c. बल्क लीटर पर जुर्माना और रासायनिक विश्लेषण का स्पष्टीकरण जोड़ा
d. केवल कारावास की अवधि तय की
31. विधि-विरुद्ध आयातित किसी आबकारी योग्य वस्तु को कब्जे में रखने के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55
b. धारा 56
c. धारा 57
d. धारा 58
32. धारा 57 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति विधि-युक्त प्राधिकरण के बिना किसी आबकारी योग्य वस्तु को रखता है, और उसे पता है कि यह वस्तु अवैध रूप से आयात, परिवहन, निर्माण या संग्रह की गई है, तो उसके लिए न्यूनतम कारावास अवधि क्या होगी?
a. 3 माह
b. 6 माह
c. 1 वर्ष
d. 3 वर्ष
33. धारा 57 के अनुसार, विधि-विरुद्ध आबकारी वस्तु के कब्जे के लिए अधिकतम कारावास अवधि क्या हो सकती है (यदि लिकर की मात्रा 50 बल्क लीटर से कम हो)?
a. 1 वर्ष
b. 2 वर्ष
c. 3 वर्ष
d. 5 वर्ष
34. यदि अपराध का समय या उसके दौरान कब्जे में पाए गए लिकर की मात्रा 50 बल्क लीटर से अधिक है, तो दोषी व्यक्ति के लिए न्यूनतम कारावास अवधि क्या होगी?
a. 6 माह
b. 1 वर्ष
c. 3 वर्ष
d. 5 वर्ष
35. धारा 57 के अनुसार, जब अपराध में लिकर की मात्रा 50 बल्क लीटर से अधिक हो, तो अधिकतम जुर्माना क्या हो सकता है?
a. बीस हजार रूपये
b. आबकारी शुल्क की हानि का पांच गुना
c. आबकारी शुल्क की हानि का दस गुना या बीस हजार रूपये, जो अधिक हो
d. कोई जुर्माना नहीं
36. धारा 57 में उल्लिखित कारावास और जुर्माने का उद्देश्य क्या है?
a. केवल आबकारी उत्पादन को नियंत्रित करना
b. विधि-विरुद्ध आयात, निर्माण या संग्रह की गई आबकारी वस्तुओं को रखने पर रोक लगाना
c. शराब के क़ानूनी आयात को बढ़ावा देना
d. आबकारी वस्तुओं की बिक्री को प्रोत्साहित करना
37. धारा 57 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने बिना प्राधिकरण किसी आबकारी योग्य वस्तु को रख लिया और उसकी मात्रा 30 बल्क लीटर है, तो कारावास और जुर्माना किस सीमा तक हो सकते हैं?
a. 6 माह से 3 वर्ष तक का कारावास और 20,000 या आबकारी शुल्क हानि का पांच गुना
b. 3 वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास और 20,000 या आबकारी शुल्क हानि का दस गुना
c. केवल जुर्माना
d. केवल कारावास
38. धारा 57 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है?
a. राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950
b. राजस्थान वित्त अधिनियम 2011, अध्याय 6, धारा 27
c. भारतीय दंड संहिता
d. कोई प्रतिस्थापन नहीं हुआ
39. अनुज्ञप्तिधारी या उसके सेवकों द्वारा कतिपय कार्यों के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55
b. धारा 56
c. धारा 57
d. धारा 58
40. धारा 58(ख) के अंतर्गत कौन सा कार्य दण्डनीय है?
a. धारा 41 या 42 के अधीन बनाए गए नियमों का उल्लंघन करना।
b. धारा 54 में उपबंधित मामलों का पालन करना।
c. केवल निजी अनुज्ञप्ति का उपयोग करना।
d. बिना किसी आदेश के शराब बेचने का प्रयास।
41. धारा 58(ग) के अंतर्गत किस प्रकार का उल्लंघन शामिल है?
a. किसी नियम का अनजाने में उल्लंघन करना।
b. अनुज्ञप्ति, परमिट या पास की शर्तों का उल्लंघन करके कार्य करना।
c. केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए शराब लेना।
d. आबकारी अधिकारी को जानकारी देना।
42. धारा 58 के अंतर्गत जुर्माने की राशि कितनी है (राजस्थान आबकारी संशोधन अधिनियम, 2007 के अनुसार)?
a. 500 रुपये
b. 3,000 रुपये
c. 5,000 रुपये
d. 10,000 रुपये
43. अनुज्ञप्तिकृत विक्रेता या विनिर्माता द्वारा उपमिश्रण, इत्यादि के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55 क
b. धारा 56 क
c. धारा 57 क
d. धारा 58 क
44. धारा 58-क के अनुसार, पहली बार दोषसिद्धि पर अधिकतम कारावास और जुर्माना क्या हो सकता है?
a. 1 वर्ष कारावास और ₹10,000 जुर्माना
b. 3 वर्ष कारावास और ₹3,00,000 जुर्माना
c. 5 वर्ष कारावास और ₹5,00,000 जुर्माना
d. 2 वर्ष कारावास और ₹50,000 जुर्माना
45. यदि धारा 58-क का अपराध दूसरी या अनुगामी बार किया जाता है तो दोषसिद्धि पर दंड क्या होगा?
a. 1 से 3 वर्ष कारावास और ₹10,000 से ₹3,00,000 जुर्माना
b. 1 से 5 वर्ष कारावास और ₹50,000 से ₹5,00,000 जुर्माना
c. 3 से 7 वर्ष कारावास और ₹1,00,000 से ₹5,00,000 जुर्माना
d. केवल जुर्माना, कारावास नहीं
46. धारा 58-क के तहत किसी बोतल, केस, पैकेज या अन्य बर्तन पर विदेशी शराब होने का विश्वास उत्पन्न करने के उद्देश्य से चिन्ह लगाना किस प्रकार अपराध नहीं होगा?
a. यदि इसमें धोखाधड़ी या नुकसान पहुंचाने की भावना न हो
b. यदि चिन्ह सही रूप से भारतीय निर्मित शराब को दर्शाता हो
c. यदि शराब भारतीय निर्मित विदेशी शराब है और चिन्ह सही हो
d. उपरोक्त सभी
47. धारा 58-क के अनुसार, अनुज्ञप्ति धारक किसी अन्य व्यक्ति के नियोजन में होते हुए किसी अपराध को अंजाम देता है तो उसे दंडित किया जाएगा। इस स्थिति में अपराध की प्रकृति किस प्रकार की होगी?
a. केवल नियोजनकर्ता का अपराध
b. केवल धारक का अपराध
c. नियोजनकर्ता और धारक दोनों का अपराध
d. अपराध नहीं होगा
48. औषधि विक्रेता की दुकान इत्यादि में उपभोग के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55
b. धारा 56
c. धारा 57
d. धारा 59
49. धारा 59 के अनुसार, यदि कोई औषधि विक्रेता, औषधि द्रव्य विक्रेता, भैषजिक या औषधालय का कीपर किसी आबकारी योग्य वस्तु को स्वीकार करता है, जो उसके कारोबार के लिए नियोजित नहीं है और चिकित्सीय प्रयोजनों हेतु भी अधिकृत नहीं है, तो उसे किस प्रकार दंडित किया जा सकता है?
a. केवल जुर्माने से, जो 1000 रुपये तक हो सकता है
b. कारावास से, जो 3 माह तक हो सकता है, और जुर्माने से, जो 1000 रुपये तक हो सकता है
c. केवल कारावास से, जो 6 माह तक हो सकता है
d. न तो कारावास और न ही जुर्माना
50. धारा 59(2) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी औषधि विक्रेता के परिसर में नियोजित नहीं किसी आबकारी योग्य वस्तु का उपभोग करता है, तो उसे किस प्रकार दंडित किया जाएगा?
a. कारावास से, जो 3 माह तक हो सकता है
b. जुर्माने से, जो 200 रुपये तक हो सकता है
c. जुर्माने से, जो 1000 रुपये तक हो सकता है
d. कारावास और जुर्माना दोनों
51. धारा 59 के अनुसार निम्न में से कौन सा कथन सही है?
a. औषधालय के कीपर द्वारा आबकारी योग्य वस्तु का स्वीकार करना केवल जुर्माने के योग्य है
b. उपभोग करने वाले व्यक्ति के लिए जुर्माना 200 रुपये तक निर्धारित है
c. उपभोग करने वाले व्यक्ति को कारावास हो सकता है
d. औषधालय के कीपर को केवल चेतावनी दी जाएगी
52. धारा 59 के तहत "आबकारी योग्य वस्तु" के संबंध में कौन सा दंड सबसे अधिक हो सकता है यदि वह औषधि विक्रेता द्वारा स्वीकार की जाए?
a. 3 महीने का कारावास और 1000 रुपये का जुर्माना
b. केवल 200 रुपये का जुर्माना
c. 6 महीने का कारावास
d. कोई दंड नहीं
53. धारा 59 के अंतर्गत, औषधालय में नियोजित नहीं किसी आबकारी योग्य वस्तु का चिकित्सीय प्रयोजन के लिए उपभोग करने की अनुमति किसे है?
a. औषधालय के कीपर को
b. किसी सामान्य व्यक्ति को
c. केवल अधिकृत चिकित्सक द्वारा
d. उपरोक्त सभी
54. कर्त्तव्य करने से मना करने वाले आबकारी अधिकारी के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 55
b. धारा 60
c. धारा 57
d. धारा 59
55. राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 की धारा 60 के अनुसार, यदि कोई आबकारी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से विधिपूर्ण कारण के बिना मना करता है, तो वह किस दंड का पात्र हो सकता है?
a. तीन माह तक कारावास या 500 रूपये तक जुर्माना
b. छः माह तक कारावास या 1000 रूपये तक जुर्माना
c. केवल जुर्माना, कारावास नहीं
d. केवल चेतावनी
56. धारा 60 के अनुसार, आबकारी अधिकारी को अपने कर्तव्य से मना करने पर कारावास या जुर्माने से बचने के लिए क्या करना आवश्यक है?
a. तत्काल अपने आशय की मौखिक सूचना देना
b. आबकारी आयुक्त की लिखित स्वीकृति प्राप्त करना या वरिष्ट अधिकारी को दो माह पूर्व लिखित में सूचना देना
c. केवल आयुक्त से मौखिक अनुमति लेना
d. स्वयं निर्णय लेना
57. धारा 60 के अनुसार, आबकारी अधिकारी को कर्तव्य से मना करने के लिए लिखित सूचना कितने समय पहले देनी होगी?
a. एक माह
b. दो माह
c. तीन माह
d. कोई समय सीमा नहीं
58. राजस्थान आबकारी अधिनियम 1950 की धारा 60 में “विधिपूर्ण कारण” का क्या महत्व है?
a. किसी भी कारण से अधिकारी मना कर सकता है
b. केवल वैध और कानूनी कारण होने पर ही अधिकारी कर्तव्य से मना कर सकता है
c. कारण आवश्यक नहीं है
d. आयुक्त की मौखिक अनुमति पर्याप्त है
59. धारा 60 के अनुसार दंड की अधिकतम सीमा क्या है?
a. कारावास 6 माह या जुर्माना 1000 रूपये
b. कारावास 3 माह या जुर्माना 500 रूपये
c. कारावास 1 वर्ष या जुर्माना 2000 रूपये
d. कारावास 2 माह या जुर्माना 250 रूपये
60. परेशान करने वाली तलाशी आदि करने वाले आबकारी अधिकारी के लिए दंड किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63
b. धारा 61
c. धारा 62
d. धारा 64
61. धारा 61 के अनुसार आबकारी अधिकारी किस स्थिति में दंडनीय होता है?
a. यदि वह सन्देह के बिना किसी स्थान में प्रवेश करता है
b. यदि वह किसी व्यक्ति की सम्पत्ति को अनावश्यक रूप से अभिग्रहीत करता है
c. यदि वह किसी व्यक्ति को तंग करने के उद्देश्य से निरूद्ध या तलाशी करता है
d. उपरोक्त सभी
62. धारा 61 के अंतर्गत आबकारी अधिकारी के द्वारा किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से निरूद्ध करने या तलाशी लेने पर दंड की अधिकतम अवधि कितनी है?
a. 1 महीना
b. 3 महीने
c. 6 महीने
d. 12 महीने
63. धारा 61 के अनुसार यदि आबकारी अधिकारी किसी व्यक्ति की संपत्ति को अनावश्यक रूप से कुर्क करता है, तो अधिकतम जुर्माना कितना हो सकता है?
a. 100 रुपये
b. 500 रुपये
c. 1000 रुपये
d. 2000 रुपये
64. निम्न में से कौन-सा कथन धारा 61 के प्रावधान के अनुसार सही नहीं है?
a. आबकारी अधिकारी बिना आधार के तलाशी करता है तो दंडनीय है
b. केवल निरीक्षण करना दंडनीय नहीं है
c. किसी व्यक्ति को तंग करने हेतु निरूद्ध करना दंडनीय है
d. संपत्ति अनावश्यक रूप से कुर्क करना दंडनीय है
65. आबकारी अधिकारियों द्वारा अमुक कार्यों और लोपों के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63 क
b. धारा 60 क
c. धारा 61-क
d. धारा 64 क
66. धारा 61-क के अनुसार यदि कोई आबकारी अधिकारी कानून के विरुद्ध गिरफ्तार व्यक्ति को मुक्त कर देता है या भागने के लिए प्रेरित करता है, तो वह किस दंड का अधिकारी होगा?
a. तीन माह तक का कारावास
b. एक वर्ष तक का कारावास
c. तीन माह से एक वर्ष तक का कारावास
d. दो वर्ष तक का कारावास
67. राजस्थान आबकारी (संशोधन) अधिनियम 2007 के अंतर्गत धारा 61-क कब अंतःस्थापित की गई?
a. 1950
b. 2000
c. 2007
d. 2010
68. धारा 61-क के अनुसार दंड का अधिकतम अवधि क्या है?
a. 6 माह
b. 1 वर्ष
c. 2 वर्ष
d. 3 वर्ष
69. अन्यथा उपबंधित नहीं अपराधों के लिए शास्तियां किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63
b. धारा 61
c. धारा 62
d. धारा 64
70. धारा 62 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम या इसके नियमों/आदेशों का उल्लंघन करता है, और वह अन्यथा किसी विशेष अपराध में उपबंधित नहीं है, तो उसे किस प्रकार दंडित किया जा सकता है?
a. तीन सौ रूपये तक का जुर्माना
b. दो सौ रूपये तक का जुर्माना
c. छह महीने तक कारावास
d. कोई दंड नहीं
71. धारा 62 के अंतर्गत अधिकतम दंड कितना है?
a. 100 रूपये
b. 200 रूपये
c. 500 रूपये
d. 1000 रूपये
72. कम्पनी द्वारा अपराध किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63 क
b. धारा 61 क
c. धारा 62 क
d. धारा 64 क
73. धारा 62-क (1) के अनुसार, जब कोई कंपनी अपराध करती है, तो कौन दोषी माना जाएगा?
a. केवल कंपनी का प्रबंधक
b. केवल कंपनी का निदेशक
c. कंपनी और वह प्रत्येक व्यक्ति जो उस अपराध के समय कंपनी के संचालन का भारसाधक था और उसके प्रति उत्तरदायी था
d. केवल कंपनी के कर्मचारी
74. यदि कंपनी की अलग-अलग शाखाएँ या यूनिटें हैं, तो किसी शाखा में अपराध होने पर किसे दोषी माना जाएगा?
a. पूरे कंपनी को
b. केवल उस शाखा का भारसाधक व्यक्ति जिसे आबकारी योग्य वस्तुओं के लिए नामनिर्देशित किया गया है
c. कंपनी का सभी निदेशक
d. केवल कंपनी का सचिव
75. धारा 62-क(1) में किसी व्यक्ति को दंड से मुक्त करने की स्थिति क्या है?
a. यदि उसने अपराध की जानकारी नहीं थी और उसने निवारण के लिए पूरी तत्परता दिखाई
b. यदि उसने अपराध में भाग लिया
c. यदि वह कंपनी का शेयरहोल्डर है
d. कोई भी व्यक्ति दंड से मुक्त नहीं हो सकता
76. धारा 62-क(2) के अनुसार, यदि कोई अपराध कंपनी के निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति/उपेक्षा के कारण हुआ, तो कौन दोषी होगा?
a. केवल कंपनी
b. केवल वह शाखा जिसका भारसाधक व्यक्ति दोषी है
c. वह निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी, साथ ही कंपनी
d. केवल कर्मचारी
77. धारा 62-क के स्पष्टीकरण के अनुसार, 'निदेशक' का अर्थ किसी फर्म के संबंध में क्या है?
a. कंपनी का भागीदार
b. कंपनी का कर्मचारी
c. केवल कंपनी का प्रबंधक
d. कोई भी अधिकारी
78. अनुज्ञप्तिकृत विनिर्माता या विक्रेता या उसके सेवक द्वारा कपट के लिए शास्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63
b. धारा 61
c. धारा 62
d. धारा 64
79. धारा 63 के अनुसार, कौन दोषी माना जाएगा?
a. केवल कंपनी
b. केवल अनुज्ञप्तिकृत विक्रेता
c. अनुज्ञप्तिकृत विनिर्माता, अनुज्ञप्तिकृत विक्रेता, या उसके नियोजन में/उसकी तरफ से कार्यरत कोई व्यक्ति
d. केवल ग्राहक
80. धारा 63(क) के अनुसार, किस कार्य को दंडनीय माना गया है?
a. किसी शराब को विदेशी शराब के रूप में विक्रय करना या रखने के लिए प्रदर्शित करना, जब विश्वास करने का कारण हो कि वह देशी शराब या परिशोधित स्पिरिट से बनी है
b. शराब का उत्पादन करना
c. शराब का आयात करना
d. शराब के पैकेजिंग पर ध्यान न देना
81. धारा 63(ख) के अनुसार, किसी बोतल, केस या पैकेज पर क्या करना अपराध है?
a. उसे सही तरीके से बंद करना
b. उसे इस तरह चिन्हित करना कि ऐसा विश्वास हो कि उसमें विदेशी शराब है, जबकि वह देशी शराब या परिशोधित स्पिरिट से बनी हो
c. उस पर उत्पादन तिथि लिखना
d. उसे स्टोर में रखना
82. धारा 63 के तहत अधिकतम कारावास की अवधि कितनी है?
a. 1 माह
b. 3 माह
c. 6 माह
d. 1 वर्ष
83. धारा 63 के तहत अधिकतम जुर्माने की राशि कितनी है?
a. 100 रुपये
b. 500 रुपये
c. 1000 रुपये
d. 5000 रुपये
84. यदि कोई अनुज्ञप्तिकृत विक्रेता किसी बोतल पर गलत लेबलिंग करता है कि वह विदेशी शराब है, जबकि वह देशी शराब है, तो क्या दंडनीय है?
a. नहीं
b. हाँ, केवल जुर्माना
c. हाँ, तीन माह तक कारावास या 500 रुपये तक जुर्माना
d. हाँ, एक साल तक कारावास
85. एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के लिए विनिर्माण, विक्रय या आधिपत्य किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63
b. धारा 61
c. धारा 62
d. धारा 64
86. धारा 64(1) के अनुसार, यदि किसी आबकारी योग्य वस्तु का विनिर्माण या विक्रय किसी अन्य व्यक्ति के लिए किया गया और वह अन्य व्यक्ति जानता है या विश्वास करने का कारण है कि यह उसके लिए किया गया है, तो उस वस्तु को किसके अधिपत्य में माना जाएगा?
a. केवल विनिर्माता/विक्रेता के अधिपत्य में
b. केवल अन्य व्यक्ति के अधिपत्य में
c. विनिर्माता/विक्रेता और अन्य व्यक्ति दोनों के अधिपत्य में
d. राज्य सरकार के अधिपत्य में
87. धारा 64(2) के अनुसार, जो व्यक्ति किसी अन्य के लिए आबकारी योग्य वस्तु का विनिर्माण, विक्रय या आधिपत्य रखता है, वह किस स्थिति में दंड से मुक्त होगा?
a. यदि उसने केवल अन्य व्यक्ति की आज्ञा पर किया
b. यदि अन्य व्यक्ति को इसकी जानकारी थी
c. वह किसी भी स्थिति में दंड से मुक्त नहीं होगा
d. यदि उसने शासन को सूचित किया
88. धारा 64 के अनुसार, 'वस्तु को अन्य व्यक्ति द्वारा विनिर्मित या विक्रय किया हुआ माना जाना' किस स्थिति में लागू होगा?
a. केवल जब वह वस्तु चोरी की हो
b. जब अन्य व्यक्ति जानता हो या विश्वास करने का कारण हो कि वस्तु उसके लिए है
c. केवल यदि वह वस्तु सरकार द्वारा अप्रूव्ड हो
d. केवल यदि वस्तु बिक्री के लिए थी
89. धारा 64(1) में किस तत्व पर ध्यान दिया गया है?
a. वस्तु की मात्रा
b. वस्तु के विनिर्माण या विक्रय में अन्य व्यक्ति की जानकारी या विश्वास
c. केवल विनिर्माण प्रक्रिया
d. केवल बिक्री का समय
90. अधिनियम के अधीन दण्डनीय अपराध कारित करने के लिए प्रयास किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63
b. धारा 65
c. धारा 62
d. धारा 64
91. धारा 65 के अनुसार, अपराध करने का प्रयास करने वाला व्यक्ति क्या होगा?
a. केवल अपराध का गवाह
b. अपराध के लिए उपबंधित दण्ड का दायी
c. केवल दोषी नहीं माना जाएगा
d. केवल कंपनी के अधिकारी
92. पूर्व दोषसिद्वी के पश्चात् बढ़ाया गया दण्ड किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63
b. धारा 65
c. धारा 66
d. धारा 64
93. धारा 66 के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को पहले इस अधिनियम के तहत अपराध का दोषसिद्ध किया गया हो और फिर वही व्यक्ति अपराध करता है, तो दंड किस प्रकार होगा?
a. सामान्य दंड
b. दंड दो बार लगाया जाएगा, जैसा कि प्रथम दोषसिद्धि पर लगाया जा सकता था
c. दंड कम किया जाएगा
d. कोई दंड नहीं लगाया जाएगा
94. धारा 66 के अनुसार बढ़ाया गया दण्ड किसे प्रभावित नहीं करता?
a. उस अपराध के न्यूनतम दंडादेश को
b. कंपनी को
c. आरोपी के परिवार को
d. आरोपी के वारिस को
95. धारा 66 के अनुसार ‘पूर्व दोषसिद्धि’ का अर्थ क्या है?
a. व्यक्ति का पहले किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध होना, चाहे किसी भी अधिनियम के तहत हुआ हो
b. केवल इसी अधिनियम के तहत पहले दोषसिद्ध होना
c. केवल कंपनी के अधिकारियों के लिए
d. केवल आबकारी योग्य वस्तुओं के अपराध के लिए
96. अपराध करने से प्रविरत रहने के लिए प्रतिभूति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 63 क
b. धारा 65 क
c. धारा 66 क
d. धारा 64 क
97. धारा 66-क (1) के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को अपराध का दोषसिद्ध किया जाता है और न्यायालय सोचता है कि भविष्य में अपराध से रोकना आवश्यक है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?
a. केवल जुर्माना लगाना
b. तीन वर्षों तक या न्यायालय द्वारा तय अवधि तक प्रतिभूति के बंध-पत्र निष्पादित करने का आदेश देना
c. केवल कारावास की सजा देना
d. केवल अपराधी को चेतावनी देना
98. धारा 66-क(1) के अनुसार, बंध-पत्र निष्पादित करते समय न्यायालय किन आधारों पर प्रतिभूति की राशि तय कर सकता है?
a. केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर
b. अपराधी की हैसीयत (संपत्ति) की आनुपातिक राशि के आधार पर
c. केवल राज्य सरकार के सुझाव पर
d. अपराध के समय की सामाजिक स्थिति पर
99. धारा 66-क(2) के अनुसार, बंध-पत्र किस प्ररूप में होगा?
a. अनुसूची 1 के प्ररूप में
b. अनुसूची 2 के प्ररूप में
c. केवल मौखिक आदेश के रूप में
d. न्यायालय के discretion पर निर्भर
100. धारा 66-क(2) में बंध-पत्र पर किन प्रावधानों को लागू किया जाएगा?
a. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के प्रावधान
b. दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के प्रावधान, जहाँ तक लागू हो
c. केवल राजस्थान आबकारी अधिनियम के प्रावधान
d. केवल राज्य सरकार के निर्देश
101. धारा 66-क(3) के अनुसार, यदि दोषसिद्धि अपील या पुनरीक्षण में अपास्त हो जाती है, तो बंध-पत्र का क्या होगा?
a. उसे जारी रखा जाएगा
b. उसे संशोधित किया जाएगा
c. वह व्यर्थ हो जाएगा
d. केवल आधी राशि वापस की जाएगी
102. धारा 66-क(4) के अनुसार, इस धारा के अंतर्गत आदेश किस न्यायालय द्वारा किया जा सकता है?
a. जिला न्यायालय
b. अपीलीय न्यायालय या उच्च न्यायालय जब पुनरीक्षण की शक्तियाँ प्रयुक्त कर रहे हों
c. केवल सुप्रीम कोर्ट
d. केवल राज्य सरकार
103. धारा 66-क(1) के अनुसार, बंध-पत्र की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है?
a. 1 वर्ष
b. 2 वर्ष
c. 3 वर्ष या न्यायालय द्वारा उचित समझी गई अवधि
d. 5 वर्ष
104. अपराधों का प्रसंज्ञान और आबकारी विभाग के जुर्माना का क्रेडिट किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 67
b. धारा 65
c. धारा 66
d. धारा 64
105. धारा 67(1)(क) के अनुसार, कोई मजिस्ट्रेट किन अपराधों का प्रसंज्ञान बिना शिकायत या रिपोर्ट के नहीं ले सकता?
a. धारा 54, 54ख, 54घ, 57, 59, 62क, 63 के अधीन अपराध
b. धारा 55, 56, 58, 60, 61, 62 के अधीन अपराध
c. केवल धारा 62क के अधीन अपराध
d. सभी अपराधों का प्रसंज्ञान बिना रिपोर्ट के लिया जा सकता है
106. धारा 67(1)(ख) के अनुसार, किन अपराधों का प्रसंज्ञान केवल आबकारी आयुक्त या सम्यक रूप से सशक्त अधिकारी की रिपोर्ट पर लिया जा सकता है?
a. धारा 54, 54ख, 54घ के अधीन अपराध
b. धारा 55, 56, 58, 60, 61, 62 के अधीन अपराध
c. केवल धारा 57 और 59 के अधीन अपराध
d. सभी अपराध
107. धारा 67(2) के अनुसार, किसी मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध का प्रसंज्ञान कब तक नहीं लिया जाएगा?
a. बिना आबकारी अधिकारी की रिपोर्ट के
b. राज्य सरकार की विशेष संस्वीकृति के बिना और अपराध होने के एक वर्ष के भीतर अभियोजन न होने पर
c. केवल धारा 62क के अपराधों के लिए
d. मजिस्ट्रेट कभी भी प्रसंज्ञान ले सकता है
108. धारा 67(3) के अनुसार, आबकारी विभाग की प्राप्तियों में जुर्माना किस प्रकार क्रेडिट किया जाएगा?
a. जुर्माना सीधे राज्य खजाने में जाएगा
b. जुर्माना वसूली पर हुए व्यय की कटौती के पश्चात आबकारी विभाग के लेखा खाते में क्रेडिट होगा
c. जुर्माना कंपनी के प्रबंधक को दिया जाएगा
d. जुर्माना केवल मजिस्ट्रेट के व्यक्तिगत खाते में जाएगा
109. धारा 67(1) के स्पष्टीकरण के अनुसार, आबकारी अधिकारी की रिपोर्ट का महत्व क्या है?
a. यह रिपोर्ट अपराध की सूचना के रूप में मजिस्ट्रेट के लिए मान्य होगी
b. यह रिपोर्ट केवल आंतरिक कार्यवाही के लिए है
c. यह रिपोर्ट मजिस्ट्रेट को दंड लगाने की आवश्यकता नहीं देती
d. इसका कोई कानूनी महत्व नहीं
110. कतिपय मामलों में अपराध कारित होने की उपधारणा किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 67
b. धारा 65
c. धारा 66
d. धारा 68
111. धारा 68 के अनुसार, किस स्थिति में अभियुक्त के खिलाफ यह उपधारणा की जाएगी कि उसने अपराध किया है?
a. केवल जब अतिरिक्त साक्ष्य हों
b. अतिरिक्त साक्ष्य के बिना, जब तक प्रतिकूलता साबित न हो
c. केवल जब वास्तविक अपराधी गिरफ्तार हो
d. केवल यदि अभियुक्त स्वीकार करता हो
112. निम्न में से कौन सी वस्तु धारा 68 के तहत अपराध के संबंध में आती है?
a. किसी आबकारी योग्य वस्तु
b. किसी भभके, बर्तन, उपकरण या औजार जो विनिर्माण में साधारणतया प्रयुक्त होते हैं
c. कोई सामग्री, जो आबकारी योग्य वस्तु के विनिर्माण में प्रयुक्त हो या उसका विनिर्माण किया गया हो, जिसका मालिक ज्ञात न हो
d. उपरोक्त सभी
113. धारा 68 के अनुसार, यदि कोई अनुज्ञप्ति, परमिट या पास धारक की ओर से कोई व्यक्ति अपराध करता है, तो क्या प्रभाव पड़ेगा?
a. केवल वास्तविक अपराधी दंडित होगा
b. पास धारक या अनुज्ञप्ति धारक भी दंडित होगा मानो उसने स्वयं अपराध किया हो, जब तक कि वह साबित करे कि उसने अपराध रोकने के लिए सभी उचित उपाय किए
c. केवल पास धारक जुर्माने के लिए जिम्मेदार होगा
d. कोई भी व्यक्ति दंडित नहीं होगा
114. धारा 68 के अनुसार, वास्तविक अपराधी के अलावा अन्य व्यक्ति पर क्या दंड लगाया जा सकता है?
a. जुर्माना और कारावास दोनों
b. केवल कारावास
c. केवल जुर्माना; कारावास नहीं
d. कोई दंड नहीं
115. अधिहरण के लिए दायी वस्तुएं क्या है, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 67
b. धारा 69
c. धारा 66
d. धारा 68
116. धारा 69(1) के अनुसार, जब किसी अपराध के समय आबकारी योग्य वस्तु का उपयोग किया गया, तो अधिहरण के लिए कौन-कौन सी वस्तुएँ दायी होंगी?
a. केवल अपराध में प्रयुक्त आबकारी योग्य वस्तु
b. अपराध में प्रयुक्त बर्तन, उपकरण या औजार
c. विधिपूर्ण आयातित, परिवहित, विनिर्मित या विक्रय की गई आबकारी योग्य वस्तु
d. उपरोक्त सभी
117. धारा 69(1)(ङ) के अनुसार, अपराध में प्रयुक्त प्रवहण के साधन में कौन-कौन शामिल है?
a. केवल गाड़ी
b. केवल पशु या जलयान
c. गाड़ी, जलयान, पशु, बेड़ा या अन्य प्रवहण साधन
d. केवल जलयान
118. धारा 69(2) के अनुसार, मजिस्ट्रेट क्या कर सकता है जब वह अपराध से संबंधित किसी वस्तु को अधिहरण योग्य मानता है?
a. केवल जब्त करने का आदेश
b. जब्त के बजाय जुर्माने का विकल्प भी दे सकता है
c. केवल नष्ट करने का आदेश
d. दोनों a और b
119. यदि आबकारी योग्य वस्तु जब्त की जाती है, तो उसका निस्तारण किसके आदेश से होगा?
a. जिला आबकारी अधिकारी
b. राज्य सरकार
c. आबकारी आयुक्त या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
d. संबंधित न्यायालय
120. धारा 69(3) के अनुसार, यदि अपराधी अपरिचित है या पता नहीं चल पा रहा है, तो अधिहरण का आदेश कौन दे सकता है?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. आबकारी आयुक्त
c. राज्य सरकार
d. पुलिस अधीक्षक
121. अधिहरण का आदेश देने से पहले, प्रवहण के साधन के स्वामी को क्या अधिकार दिया जाएगा?
a. कोई अधिकार नहीं
b. सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर और जुर्माने का विकल्प
c. केवल जुर्माने का भुगतान
d. केवल संपत्ति के विक्रय का अधिकार
122. यदि अधिहरण के लिए प्रवहण का साधन केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व में है, तो आदेश कौन देगा?
a. आबकारी आयुक्त
b. राज्य सरकार को निर्दिष्ट किया जाएगा
c. जिला आबकारी अधिकारी
d. न्यायालय
123. धारा 69(9) के अनुसार, अधिहरण का आदेश किसी भी व्यक्ति के प्रति दंडनीयता को कैसे प्रभावित करता है?
a. दंडनीयता समाप्त हो जाती है
b. किसी भी दंड का प्रभाव नहीं रोकता
c. जुर्माना घटाया जा सकता है
d. अदालत को निर्णय बदलने का अधिकार मिलता है
124. अपराधों को शमनित करने की आबकारी अधिकारियों की शक्ति किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 67
b. धारा 69
c. धारा 70
d. धारा 68
125. धारा 70(1) के अनुसार, आबकारी अधिकारी किन परिस्थितियों में अपराध को शमनित कर सकते हैं?
a. केवल यदि व्यक्ति ने आबकारी योग्य वस्तु चोरी की हो
b. यदि व्यक्ति की अनुज्ञप्ति, परमिट या पास रद्द/निलम्बित करने योग्य हो या उस पर दण्डनीय अपराध का युक्तियुक्त संदेह हो
c. केवल अगर व्यक्ति किसी दुकान का मालिक हो
d. किसी भी व्यक्ति पर
126. शमनित करने की अधिकतम राशि किसके लिए निर्धारित है?
a. हमेशा 5,000/- रुपए
b. निर्माण इकाई/बंधकों/थोक विक्रेता के लिए वार्षिक अनुज्ञप्ति शुल्क का दस गुणा
c. मदिरा और बीयर की दुकानों के लिए अनन्य विशेषाधिकार राशि का दो गुणा
d. b और c दोनों
127. धारा 70(1) के अनुसार, जब किसी संपत्ति को अधिहारित किया गया हो, तो उसे कैसे मुक्त किया जा सकता है?
a. केवल अदालत के आदेश पर
b. आबकारी अधिकारी द्वारा अनुमानित मूल्य का भुगतान करने पर
c. मालिक की स्वीकृति पर
d. कोई विकल्प नहीं
128. निम्न में से कौन सा अपराध धारा 70 के अंतर्गत शमनित नहीं किया जा सकता?
a. किसी व्यक्ति द्वारा अनुज्ञप्ति रद्द होने योग्य अपराध
b. धारा 54 के अधीन दण्डनीय आबकारी योग्य वस्तु का निर्माण या विक्रय के लिए कब्जा
c. थोक विक्रेता का गलत लाइसेंस उपयोग
d. शराब की दुकानों में मामूली उल्लंघन
129. धारा 70(2) के अनुसार, अगर अभियुक्त ने शमन राशि का भुगतान कर दिया तो क्या होगा?
a. व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा
b. जब्त संपत्ति को मुक्त किया जाएगा और कोई अन्य कार्यवाही नहीं की जाएगी
c. केवल संपत्ति मुक्त होगी, व्यक्ति को नहीं
d. मामले की जांच जारी रहेगी
130. धारा 70 के अनुसार शमन राशि की न्यूनतम सीमा क्या है?
a. 1,000/- रुपए
b. 2,500/- रुपए
c. 5,000/- रुपए
d. कोई न्यूनतम सीमा नहीं
131. छूटें किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 67
b. धारा 69
c. धारा 70
d. धारा 71
132. धारा 71(1) के अनुसार, किन व्यक्तियों या संस्थाओं पर इस अधिनियम के पूर्ववर्ती प्रावधान सामान्यतः लागू नहीं होते?
a. शराब के खुदरा विक्रेता
b. चिकित्सा व्यवसायी, औषधि विक्रेता, भेषजिक या औषधालय कीपर, जब वस्तु चिकित्सीय प्रयोजन हेतु हो
c. केवल सरकारी अधिकारी
d. किसी भी निजी व्यक्ति
133. धारा 71(2) के अनुसार, राज्य सरकार किन परिस्थितियों में छूट प्रदान कर सकती है?
a. जब राज्य सरकार की राय में युक्तियुक्त आधार विद्यमान हो
b. जब सभी कर्मचारी सहमत हों
c. जब न्यायालय आदेश दे
d. जब कंपनी का भारसाधक व्यक्ति मना करे
134. राज्य सरकार द्वारा छूट अधिसूचना जारी करने के बाद उसे कहाँ प्रस्तुत करना अनिवार्य है?
a. केवल राज्य सचिवालय में
b. तुरंत आगामी विधानमंडल सत्र में
c. केवल उच्च न्यायालय में
d. केंद्र सरकार को
135. धारा 71(2)(i) के अनुसार, खुदरा अनुज्ञप्तिधारी को किस सीमा तक छूट मिल सकती है?
a. 0.25 रुपये प्रति लीटर
b. 0.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक शुल्क का भुगतान न करने की छूट
c. कोई सीमा नहीं
d. केवल 1 रुपये प्रति लीटर
136. धारा 71(2)(ii) के अनुसार, थोक विक्रेता अनुज्ञप्तिधारी को किस वस्तु पर छूट मिलती है?
a. केवल देशी शराब
b. IMFL और बीयर, जो राजस्थान से बाहर निर्मित की जाती है
c. सभी प्रकार की शराब
d. केवल विदेशी शराब
137. धारा 71(3) के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को किस प्रकार संशोधित या समाप्त किया जा सकता है?
a. केवल न्यायालय आदेश से
b. विधानमंडल के सदन के प्रस्ताव द्वारा
c. केंद्रीय सरकार के आदेश से
d. स्वचालित रूप से 1 साल के बाद समाप्त
138. नियमो और अधिसूचना का प्रकाशन किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 67
b. धारा 69
c. धारा 70
d. धारा 71
139. धारा 72 के अनुसार, नियम और अधिसूचनाओं का प्रभाव कब से माना जाएगा?
a. जब इसे राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया
b. प्रकाशन की तिथि से या जो अन्य तिथि उस हेतु निर्दिष्ट की गई हो
c. जब इसे न्यायालय द्वारा अनुमोदित किया गया
d. जब जनता को सूचना दी गई
140. धारा 72 के अनुसार, यदि किसी अधिसूचना की प्रभावी तिथि प्रकाशन की तिथि से अलग निर्दिष्ट की गई है, तो प्रभाव किस तिथि से माना जाएगा?
a. प्रकाशन की तिथि से
b. निर्दिष्ट की गई तिथि से
c. किसी भी अनिश्चित तिथि से
d. केवल न्यायालय के आदेश से
141. कतिपय वादों का वर्णन किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 73
b. धारा 69
c. धारा 70
d. धारा 71
142. धारा 73 के अनुसार, किन वादों या अभियोजनों को इस अधिनियम के तहत कार्रवाई के रूप में नहीं माना जाएगा?
a. केवल निजी व्यक्तियों द्वारा दायर वाद
b. राज्य सरकार के विरुद्ध सद्भाव में किये गये वाद या अभियोजन
c. केवल कंपनी के विरुद्ध वाद
d. किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सामान्य अभियोजन
143. समय-समय पर प्रयुक्तनीय शक्तियां किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 74
b. धारा 69
c. धारा 70
d. धारा 71
144. धारा 74 के अनुसार आबकारी आयुक्त को कौन-सी शक्ति प्राप्त है?
a. केवल स्थायी रूप से शक्ति का प्रयोग करना
b. समय-समय पर किसी भी शक्ति का प्रयोग करना, जैसा अवसर अपेक्षित हो
c. केवल न्यायालय के आदेश पर शक्ति का प्रयोग करना
d. केवल अधिकारियों को निर्देश देने की शक्ति