माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 MCQs SET-5

माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 MCQs SET-5

माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996

ARBITRATION AND CONCILIATION ACT, 1996

 

1. धारा 44 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. विदेशी पंचाट की परिभाषा

d. दंड 

 

2. धारा 44 के अनुसार “विदेशी पंचाट” किससे संबंधित है?

a. घरेलू विवाद

b. अंतरराष्ट्रीय/विदेशी विवाद

c. केवल साक्ष्य

d. केवल अपील

 

3. विदेशी पंचाट किन संबंधों से उत्पन्न होता है?

a. केवल संविदात्मक

b. केवल गैर-संविदात्मक

c. संविदात्मक या गैर-संविदात्मक दोनों

d. केवल आपराधिक

 

4. संबंध किस प्रकार के होने चाहिए?

a. पारिवारिक

b. वाणिज्यिक

c. आपराधिक

d. प्रशासनिक

 

5. विदेशी पंचाट किस तारीख के बाद का होना चाहिए?

a. 1 जनवरी 1950

b. 11 अक्तूबर 1960

c. 26 जनवरी 1950

d. 15 अगस्त 1947

 

6. विदेशी पंचाट किसके अनुसरण में होना चाहिए?

a. लिखित करार

b. मौखिक करार

c. न्यायालय आदेश

d. सरकारी आदेश

 

7. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

a. यह लिखित करार के अनुसरण में होना चाहिए

b. यह अधिसूचित राज्यक्षेत्र में किया गया होना चाहिए

c. A और B दोनों

d. कोई नहीं

 

8. धारा 45 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. पक्षकारों को माध्यस्थम् के लिए निर्दिष्ट करने की शक्ति

d. दंड

 

9. धारा 45 किस भाग से संबंधित है?

a. भाग I

b. भाग II

c. भाग III

d. भाग IV

 

10. न्यायिक प्राधिकारी कब हस्तक्षेप करता है?

a. जब मामला उसके समक्ष आता है

b. केवल अपील में

c. केवल साक्ष्य में

d. कभी नहीं

 

11. धारा 45 किन मामलों में लागू होती है?

a. घरेलू पंचाट

b. विदेशी पंचाट (धारा 44)

c. आपराधिक मामले

d. पारिवारिक विवाद

 

12. न्यायालय किसके आवेदन पर पक्षकारों को माध्यस्थम् में भेज सकता है?

a. केवल वादी

b. केवल प्रतिवादी

c. किसी भी पक्षकार या उसके माध्यम से दावा करने वाला

d. केवल सरकार

 

13. न्यायालय किस स्तर पर जांच करता है?

a. अंतिम निर्णय

b. विस्तृत परीक्षण

c. कोई जांच नहीं

d. प्रथमदृष्ट्या (prima facie)

 

14. धारा 46 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. विदेशी पंचाट कब आबद्धकर होंगे

d. दंड

 

15. क्या विदेशी पंचाट को भारत में प्रयोग किया जा सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल अपील में

d. केवल साक्ष्य में

 

16. विदेशी पंचाट का उपयोग किस रूप में किया जा सकता है?

a. केवल साक्ष्य

b. प्रतिरक्षा के रूप में

c. केवल अपील

d. केवल दंड

 

17. धारा 47 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. दंड

c. अपील

d. मध्यस्थता

 

18. विदेशी पंचाट के प्रवर्तन हेतु आवेदन करते समय क्या प्रस्तुत करना आवश्यक है?

a. मूल पंचाट या प्रमाणित प्रति

b. मूल करार या प्रमाणित प्रति

c. यह साबित करने का साक्ष्य कि पंचाट विदेशी है

d. उपर्युक्त सभी

 

19. यदि पंचाट विदेशी भाषा में हो तो क्या करना होगा?

a. अनुवाद की आवश्यकता नहीं

b. अंग्रेजी में अनुवाद प्रस्तुत करना होगा

c. केवल मौखिक अनुवाद

d. केवल साक्ष्य

 

20. अनुवाद किसके द्वारा प्रमाणित होना चाहिए?

a. राजनयिक या कौंसलीय अभिकर्ता

b. वकील

c. न्यायालय

d. पुलिस अधिकारी

 

21. क्या अन्य विधि के अनुसार भी अनुवाद प्रमाणित हो सकता है?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल न्यायालय में

d. केवल अपील में

 

22. धारा 47 के अनुसार “न्यायालय” का क्या अर्थ है?

a. उच्च न्यायालय

b. जिला न्यायालय

c. सर्वोच्च न्यायालय

d. कोई भी न्यायालय

 

23. उच्च न्यायालय की कौन-सी अधिकारिता आवश्यक है?

a. आपराधिक

b. अपीलीय

c. केवल साक्ष्य

d. आरंभिक सिविल अधिकारिता

 

24. धारा 48 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. विदेशी पंचाट के प्रवर्तन के लिए शर्तें

d. दंड

 

25. विदेशी पंचाट के प्रवर्तन से इंकार कब किया जा सकता है?

a. हमेशा

b. केवल सरकार के आदेश से

c. कभी नहीं

d. केवल विशेष परिस्थितियों में

 

26. प्रवर्तन से इंकार किसके आवेदन पर किया जा सकता है?

a. न्यायालय

b. सरकार

c. जिस पक्षकार के विरुद्ध पंचाट लागू किया जा रहा है

d. गवाह

 

27. यदि पक्षकार असमर्थ (incapacity) हो, तो क्या होगा?

a. प्रवर्तन से इंकार किया जा सकता है

b. कोई प्रभाव नहीं

c. दंड होगा

d. अपील होगी

 

28. यदि करार विधिमान्य नहीं है, तो क्या होगा?

a. प्रवर्तन होगा

b. प्रवर्तन से इंकार हो सकता है

c. अपील होगी

d. साक्ष्य लिया जाएगा

 

29. यदि उचित सूचना नहीं दी गई, तो क्या होगा?

a. कोई प्रभाव नहीं

b. अपील होगी

c. दंड होगा

d. प्रवर्तन से इंकार किया जा सकता है

 

30. यदि पक्षकार अपना मामला प्रस्तुत नहीं कर पाया, तो क्या होगा?

a. कोई प्रभाव नहीं

b. प्रवर्तन से इंकार किया जा सकता है

c. दंड होगा

d. अपील होगी

 

31. यदि पंचाट विषय क्षेत्र से बाहर है, तो क्या होगा?

a. केवल वैध भाग लागू होगा

b. पूरा पंचाट लागू होगा

c. पूरा पंचाट रद्द

d. कोई प्रभाव नहीं

 

32. यदि मध्यस्थता प्रक्रिया करार के अनुसार नहीं है, तो क्या होगा?

a. कोई प्रभाव नहीं

b. प्रवर्तन से इंकार किया जा सकता है

c. दंड होगा

d. अपील होगी

 

33. यदि पंचाट अभी बाध्यकारी नहीं है, तो क्या होगा?

a. लागू नहीं होगा

b. लागू होगा

c. अपील होगी

d. साक्ष्य लिया जाएगा

 

34. यदि पंचाट अपास्त (set aside) हो चुका है, तो क्या होगा?

a. लागू होगा

b. लागू नहीं होगा

c. केवल अपील में

d. केवल साक्ष्य में

 

35. न्यायालय स्वयं किस आधार पर जांच कर सकता है?

a. करार

b. अपील

c. साक्ष्य

d. लोक नीति

 

36. यदि विवाद माध्यस्थम् योग्य नहीं है, तो क्या होगा?

a. लागू होगा

b. लागू नहीं होगा

c. अपील होगी

d. साक्ष्य लिया जाएगा

 

37. लोक नीति के उल्लंघन में क्या शामिल है?

a. कपट या भ्रष्टाचार

b. मूलभूत विधि का उल्लंघन

c. न्याय/नैतिकता के विरुद्ध

d. उपरोक्त सभी

 

38. क्या न्यायालय merits (गुणागुण) की पुनः जांच कर सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल अपील में

d. केवल साक्ष्य में

 

39. यदि अपास्त करने का आवेदन लंबित है, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. प्रवर्तन स्थगित कर सकता है

b. तुरंत प्रवर्तन

c. दंड देगा

d. अपील करेगा

 

40. न्यायालय क्या आदेश दे सकता है?

a. दंड

b. प्रतिभूति (security)

c. अपील

d. साक्ष्य

 

41. धारा 49 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. दंड

d. विदेशी पंचाटों को प्रवर्तित करना

 

42. धारा 49 के अनुसार प्रवर्तनीय होने पर पंचाट को क्या माना जाएगा?

a. न्यायालय की डिक्री

b. अपील

c. साक्ष्य

d. दंड

 

43. धारा 50 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपीलीय आदेश

c. दंड

d. प्रवर्तन

 

44. किन आदेशों के विरुद्ध अपील की जा सकती है?

a. धारा 45 के तहत संदर्भ से इंकार

b. धारा 48 के तहत प्रवर्तन से इंकार

c. दोनों

d. कोई नहीं

 

45. क्या द्वितीय अपील संभव है?

a. हाँ

b. केवल साक्ष्य में

c. केवल विशेष मामलों में

d. नहीं

 

46. क्या उच्चतम न्यायालय में अपील का अधिकार समाप्त होता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल आंशिक

d. केवल अपील में

 

47. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

a. द्वितीय अपील निषिद्ध है

b. द्वितीय अपील अनुमन्य है

c. कोई अपील नहीं होती

d. केवल सरकार अपील कर सकती है

 

48. धारा 51 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. व्यावृत्ति (Saving Clause)

d. दंड

 

49. “व्यावृत्ति” का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. सभी अधिकारों को समाप्त करना

b. नए अधिकार देना

c. केवल विदेशी पंचाट को मान्यता देना

d. मौजूदा अधिकारों को प्रभावित न करना

 

50. यदि यह प्रावधान न होता, तो व्यक्ति को क्या प्राप्त होता?

a. कोई अधिकार नहीं

b. केवल सीमित अधिकार

c. पंचाट को प्रवर्तित कराने या उसका लाभ उठाने का अधिकार

d. केवल सरकारी अनुमति

 

51. धारा 51 के अनुसार यह प्रावधान किस पर प्रभाव नहीं डालता?

a. नए कानूनों पर

b. पुराने अधिकारों पर

c. सरकारी नीतियों पर

d. न्यायालयों पर

 

52. धारा 52 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. अध्याय 2 का लागू न होना

d. दंड

 

53. धारा 52 किससे संबंधित है?

a. घरेलू पंचाट

b. विदेशी पंचाट

c. आपराधिक मामले

d. सिविल वाद

 

54. अध्याय 2 कब लागू नहीं होगा?

a. ऐसे विदेशी पंचाटों पर जिन पर यह अध्याय लागू होता है

b. हमेशा

c. केवल अपील में

d. केवल साक्ष्य में

 

55. धारा 53 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. निर्वचन

d. दंड

 

56. जेनेवा अभिसमय पंचाट किस अध्याय से संबंधित है?

a. भाग II अध्याय I

b. भाग II अध्याय II

c. भाग I अध्याय III

d. भाग I अध्याय IV

 

57. धारा 53 के अनुसार “विदेशी पंचाट” किस तारीख के बाद का होना चाहिए?

a. 11 अक्तूबर 1960

b. 28 जुलाई 1924

c. 26 जनवरी 1950

d. 15 अगस्त 1947

 

58. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

a. पंचाट प्रोटोकोल के अधीन करार के अनुसार होना चाहिए

b. पक्षकार विभिन्न अधिसूचित राज्यों के अधीन होने चाहिए

c. पंचाट अधिसूचित क्षेत्र में दिया गया होना चाहिए

d. उपर्युक्त सभी

 

59. धारा 54 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. न्यायिक प्राधिकारी की पक्षकारों को माध्यस्थम् के लिए निर्दिष्ट करने की शक्ति

d. दंड

 

60. धारा 54 किसके बावजूद लागू होती है?

a. संविधान

b. भाग I या सिविल प्रक्रिया संहिता

c. दंड संहिता

d. साक्ष्य अधिनियम

 

61. न्यायिक प्राधिकारी कब पक्षकारों को माध्यस्थम् के लिए भेजेगा?

a. अपने विवेक से

b. आवेदन होने पर

c. सरकार के आदेश पर

d. स्वतः

 

62. आवेदन कौन कर सकता है?

a. केवल वादी

b. केवल प्रतिवादी

c. कोई भी पक्षकार या उसके अधीन दावा करने वाला

d. केवल सरकार

 

63. माध्यस्थम् करार कैसा होना चाहिए?

a. मौखिक

b. अवैध

c. विधिमान्य और प्रवर्तनीय

d. अनिश्चित

 

64. धारा 54 के अंतर्गत आवश्यक शर्त क्या है?

a. करार होना चाहिए

b. करार वैध होना चाहिए

c. करार प्रवर्तनीय होना चाहिए

d. उपरोक्त सभी

 

65. धारा 54 का संबंध किस धारा से है?

a. धारा 44

b. धारा 53

c. धारा 34

d. धारा 37

 

66. यदि करार अप्रवर्तनीय हो जाए, तो क्या होगा?

a. न्यायालय की शक्ति समाप्त हो जाएगी

b. न्यायालय की शक्ति बनी रहेगी

c. अपील होगी

d. साक्ष्य लिया जाएगा

 

67. कौन-सा कथन सही है?

a. न्यायालय हमेशा मामला सुनेगा

b. न्यायालय पक्षकारों को भेज सकता है

c. न्यायालय पक्षकारों को भेजेगा

d. न्यायालय को कोई शक्ति नहीं

 

68. यह धारा किस सिद्धांत को दर्शाती है?

a. न्यायालय हस्तक्षेप

b. मध्यस्थता वरीयता

c. दंड

d. साक्ष्य

 

69. धारा 55 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. दंड

d. विदेशी पंचाट कब आबद्धकर होंगे

 

70. “विदेशी पंचाट” के आबद्धकारी (binding) होने की शर्त क्या है?

a. केवल न्यायालय द्वारा अनुमोदन

b. केंद्र सरकार की अधिसूचना

c. भाग II अध्याय II के अधीन प्रवर्तनीय होना

d. पक्षकारों की मौखिक सहमति

 

71. विदेशी पंचाट किनके बीच आबद्धकारी माना जाएगा?

a. केवल सरकार और व्यक्ति

b. केवल कंपनियाँ

c. जिन व्यक्तियों के बीच किया गया है और जो प्रवर्तनीय है

d. केवल अंतरराष्ट्रीय संगठन

 

72. विदेशी पंचाट का उपयोग भारत में किस रूप में किया जा सकता है?

a. केवल साक्ष्य

b. केवल अपील

c. केवल मध्यस्थता

d. प्रतिरक्षा (defence), मुजराई (set-off) या अन्यथा

 

73. “विदेशी पंचाट के प्रवर्तन” के निर्देशों का अर्थ क्या होगा?

a. केवल प्रवर्तन तक सीमित

b. निरस्त माना जाएगा

c. पंचाट पर निर्भर करने के निर्देश भी शामिल होंगे

d. केवल न्यायालय की अनुमति

 

74. धारा 56 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपील

b. साक्ष्य

c. दंड

d. प्रवर्तन

 

75. विदेशी पंचाट के प्रवर्तन हेतु आवेदन कौन करता है?

a. न्यायालय

b. सरकार

c. संबंधित पक्षकार

d. गवाह

 

76. कौन सा दस्तावेज आवश्यक है?

a. मूल पंचाट या प्रमाणित प्रति

b. केवल मौखिक साक्ष्य

c. केवल आवेदन

d. केवल अपील

 

77. पंचाट की प्रति कैसी होनी चाहिए?

a. अप्रमाणित

b. मौखिक

c. विधि अनुसार अधिप्रमाणित

d. अनौपचारिक

 

78. क्या सिद्ध करना आवश्यक है?

a. पंचाट अंतिम हो गया है

b. पंचाट लंबित है

c. पंचाट अपील में है

d. कोई नहीं

 

79. धारा 56(1)(ग) के अंतर्गत क्या सिद्ध करना होता है?

a. दंड

b. साक्ष्य अधिनियम

c. धारा 57 की शर्तों की पूर्ति

d. अपील

 

80. विदेशी भाषा में दस्तावेज होने पर क्या करना होगा?

a. अनुवाद प्रस्तुत करना

b. अस्वीकार

c. मौखिक साक्ष्य

d. अपील

 

81. अनुवाद किस भाषा में होगा?

a. हिंदी

b. अंग्रेजी

c. फ्रेंच

d. कोई भी

 

82. अनुवाद किसके द्वारा प्रमाणित होगा?

a. वकील

b. न्यायालय

c. राजनयिक/कौंसलीय अभिकर्ता

d. गवाह

 

83. क्या अन्य विधिक तरीके से प्रमाणन संभव है?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल न्यायालय

d. केवल सरकार

 

84. “न्यायालय” का अर्थ क्या है?

a. उच्च न्यायालय

b. जिला न्यायालय

c. सर्वोच्च न्यायालय

d. कोई भी न्यायालय

 

85. धारा 57 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. विदेशी पंचाट के प्रवर्तन के लिए शर्तें

d. दंड

 

86. धारा 57(1) की शर्त क्या है?

a. पंचाट वैध करार के अनुसार होना चाहिए

b. पंचाट वाणिज्यिक होना चाहिए

c. पंचाट अंतिम होना चाहिए

d. उपरोक्त सभी

 

87. पंचाट की विषयवस्तु कैसी होनी चाहिए?

a. आपराधिक

b. सिविल

c. भारत की विधि के अनुसार मध्यस्थता योग्य

d. कोई भी

 

88. पंचाट किसके द्वारा दिया जाना चाहिए?

a. किसी भी व्यक्ति द्वारा

b. विधिवत गठित अधिकरण द्वारा

c. न्यायालय द्वारा

d. सरकार द्वारा

 

89. “पंचाट अंतिम होना चाहिए” का क्या अर्थ है?

a. अपील लंबित हो

b. चुनौती लंबित हो

c. पुनर्विचार संभव न हो

d. साक्ष्य लंबित हो

 

90. यदि पंचाट को चुनौती देने की कार्यवाही लंबित है, तो क्या होगा?

a. अंतिम माना जाएगा

b. दंड होगा

c. अपील होगी

d. अंतिम नहीं माना जाएगा

 

91. “लोक नीति” के विरुद्ध होने पर क्या होगा?

a. पंचाट स्वतः लागू होगा

b. पंचाट प्रवर्तनीय नहीं होगा

c. अपील होगी

d. साक्ष्य लिया जाएगा

 

92. लोक नीति में क्या शामिल है?

a. कपट या भ्रष्टाचार

b. मूलभूत नीति का उल्लंघन

c. न्याय/नैतिकता के विरुद्ध

d. उपरोक्त सभी

 

93. क्या merits (गुणागुण) का पुनर्विलोकन आवश्यक है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल विशेष मामलों में

d. न्यायालय तय करेगा

 

94. प्रवर्तन से इंकार का आधार क्या है?

a. पंचाट रद्द हो चुका हो

b. उचित सूचना न दी गई हो

c. अधिकरण की सीमा से बाहर निर्णय

d. उपरोक्त सभी

 

95. यदि पक्षकार को उचित सूचना नहीं दी गई, तो क्या होगा?

a. प्रवर्तन से इंकार किया जा सकता है

b. पंचाट निरस्त होगा

c. पंचाट लागू होगा

d. अपील होगी

 

96. यदि पंचाट विषय क्षेत्र से बाहर है, तो क्या होगा?

a. पूरा पंचाट निरस्त

b. आंशिक प्रवर्तन संभव

c. कोई प्रभाव नहीं

d. दंड होगा

 

97. यदि सभी विवाद शामिल नहीं हैं, तो न्यायालय क्या कर सकता है?

a. स्थगन या प्रतिभूति के साथ प्रवर्तन

b. पूरा अस्वीकार

c. दंड

d. साक्ष्य

 

98. धारा 58 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. विदेशी पंचाटों को प्रवर्तित करना

d. दंड

 

99. न्यायालय कब पंचाट को डिक्री मानेगा?

a. जब आवेदन किया जाए

b. जब पंचाट दिया जाए

c. जब न्यायालय संतुष्ट हो कि वह प्रवर्तनीय है

d. हमेशा

 

100. विदेशी पंचाट को किसके समान माना जाता है?

a. डिक्री

b. आदेश

c. साक्ष्य

d. अपील

 

101. धारा 59 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपीलनीय आदेश

c. प्रवर्तन

d. दंड

 

102. किन आदेशों के विरुद्ध अपील की जा सकती है?

a. धारा 54 के अधीन पक्षकारों को माध्यस्थम् के लिए भेजने से इंकार

b. धारा 57 के अधीन विदेशी पंचाट को प्रवर्तित करने से इंकार

c. दोनों में से कोई नहीं

d. A और B दोनों

 

103. धारा 59(2) के अनुसार क्या द्वितीय अपील संभव है?

a. नहीं

b. हाँ

c. केवल विशेष मामलों में

d. केवल साक्ष्य में

 

104. क्या सुप्रीम कोर्ट में अपील का अधिकार समाप्त होता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. आंशिक रूप से

d. केवल विदेशी मामलों में

 

105. धारा 60 का मुख्य विषय क्या है?

a. व्यावृत्ति (Saving Clause)

b. अपील

c. साक्ष्य

d. दंड

 

106. यदि भाग-III अध्याय-II अधिनियमित न किया गया होता, तो क्या अधिकार प्राप्त होता?

a. केवल अपील का अधिकार

b. पंचाट को प्रवर्तित कराने या उसका लाभ उठाने का अधिकार

c. केवल सरकारी अनुमति

d. कोई अधिकार नहीं

 

107. धारा 60 के अनुसार इस भाग का प्रभाव किन पर नहीं पड़ेगा?

a. भविष्य के अधिकारों पर

b. केवल विदेशी पंचाट पर

c. पहले से उपलब्ध अधिकारों पर

d. केवल न्यायालयों पर

 

108. यदि यह अध्याय न होता, तो क्या होता?

a. पूर्व अधिकार बने रहते

b. अधिकार समाप्त हो जाते

c. कोई अधिकार नहीं होता

d. केवल अपील होती

 

109. धारा 60 किन अधिकारों को सुरक्षित करती है?

a. केवल अपील

b. केवल साक्ष्य

c. प्रवर्तन या लाभ उठाने के अधिकार

d. केवल दंड

 

110. धारा 61 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. लागू होना और विस्तार

d. दंड

 

111. धारा 61 किससे संबंधित है?

a. सुलह (Conciliation)

b. मध्यस्थता

c. साक्ष्य

d. दंड

 

112. भाग-III किन विवादों पर लागू होता है?

a. केवल संविदात्मक

b. केवल असंविदात्मक

c. संविदात्मक तथा असंविदात्मक दोनों

d. केवल आपराधिक

 

113. “विधिक संबंध” का क्या अर्थ है?

a. कोई भी विधिक संबंध

b. केवल दंड

c. केवल अनुबंध

d. केवल साक्ष्य

 

114. भाग-III कब लागू नहीं होगा?

a. जब पक्षकार सहमत हों

b. जब विधि द्वारा सुलह निषिद्ध हो

c. जब न्यायालय कहे

d. जब सरकार कहे

 

115. क्या पक्षकार भाग-III के लागू होने को बदल सकते हैं?

a. नहीं

b. केवल सरकार द्वारा

c. केवल न्यायालय द्वारा

d. हाँ, करार द्वारा

 

116. धारा 61 का प्रावधान कब लागू नहीं होगा?

a. जब पक्षकार सहमत न हों

b. जब विवाद छोटा हो

c. जब न्यायालय अनुमति न दे

d. जब विधि द्वारा कुछ विवाद सुलह हेतु प्रतिबंधित हों

 

117. निम्न में से कौन से विवाद भाग-III के अंतर्गत नहीं आएंगे?

a. सभी सिविल विवाद

b. केवल वाणिज्यिक विवाद

c. वे विवाद जिन्हें कानून द्वारा सुलह हेतु प्रस्तुत नहीं किया जा सकता

d. केवल पारिवारिक विवाद

 

118. धारा 62 का मुख्य विषय क्या है?

a. सुलह कार्यवाहियों का आरंभ

b. अपील

c. साक्ष्य

d. दंड

 

119. सुलह कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए पहला कदम क्या है?

a. लिखित आमंत्रण भेजना

b. मौखिक सूचना

c. न्यायालय में आवेदन

d. मध्यस्थ नियुक्त करना

 

120. सुलह कार्यवाही कब प्रारंभ मानी जाएगी?

a. आमंत्रण भेजने पर

b. न्यायालय आदेश पर

c. मध्यस्थ नियुक्त होने पर

d. जब दूसरा पक्ष लिखित में स्वीकार करे

 

121. यदि दूसरा पक्ष आमंत्रण अस्वीकार कर दे तो क्या होगा?

a. कार्यवाही जारी रहेगी

b. न्यायालय हस्तक्षेप करेगा

c. कोई सुलह कार्यवाही नहीं होगी

d. मामला मध्यस्थता में जाएगा

 

122. यदि 30 दिनों में उत्तर नहीं मिलता, तो क्या माना जाएगा?

a. स्वीकृति

b. स्वतः प्रारंभ

c. अपील

d. अस्वीकृति

 

123. 30 दिनों की अवधि किससे संबंधित है?

a. आमंत्रण के उत्तर से

b. सुलह समाप्ति

c. मध्यस्थ नियुक्ति

d. न्यायालय सुनवाई

 

124. उत्तर न मिलने पर अस्वीकृति मानने पर क्या करना होगा?

a. दूसरे पक्ष को लिखित सूचना

b. न्यायालय सूचना

c. मौखिक सूचना

d. मध्यस्थ नियुक्ति

 

125. सुलह कार्यवाही के आरंभ में क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय की अनुमति

b. दोनों पक्षों की लिखित सहमति

c. एक पक्ष की इच्छा

d. सरकारी आदेश

 

126. Assertion (A): सुलह कार्यवाही केवल एक पक्ष के आमंत्रण से प्रारंभ हो जाती है।

 Reason (R): सुलह में दूसरे पक्ष की सहमति आवश्यक नहीं होती।

a. दोनों सही

b. दोनों गलत

c. A सही, R गलत

d. A गलत, R सही

 

127. “लिखित आमंत्रण” में क्या होना चाहिए?

a. केवल नाम

b. केवल हस्ताक्षर

c. न्यायालय आदेश

d. विवाद का संक्षिप्त विवरण

 

128. यदि आमंत्रण में विशेष समयावधि दी गई है, तो क्या होगा?

a. 30 दिन ही लागू

b. अप्रासंगिक

c. वही निर्धारित समय लागू होगा

d. न्यायालय तय करेगा

 

129. धारा 63 का मुख्य विषय क्या है?

a. सुलहकर्ताओं की संख्या

b. अपील

c. साक्ष्य

d. दंड

 

130. सामान्यतः कितने सुलहकर्ता होते हैं?

a. दो

b. तीन

c. एक

d. चार

 

131. सुलहकर्ताओं की संख्या कौन निर्धारित करता है?

a. न्यायालय

b. सरकार

c. साक्ष्य अधिनियम

d. पक्षकारों का करार

 

132. यदि पक्षकार सहमत हों, तो कितने सुलहकर्ता हो सकते हैं?

a. केवल एक

b. दो या तीन

c. चार

d. कोई भी संख्या

 

133. यदि एक से अधिक सुलहकर्ता हों, तो वे कैसे कार्य करेंगे?

a. अलग-अलग

b. स्वतंत्र रूप से

c. संयुक्त रूप से

d. न्यायालय के आदेश से

 

134. धारा 64 का मुख्य विषय क्या है?

a. साक्ष्य

b. अपील

c. सुलहकर्ताओं की नियुक्ति

d. दंड

 

135. एक सुलहकर्ता की स्थिति में नियुक्ति कैसे होगी?

a. पक्षकार आपसी सहमति से करेंगे

b. सरकार करेगी

c. न्यायालय करेगा

d. साक्ष्य अधिनियम करेगा

 

136. दो सुलहकर्ताओं की स्थिति में क्या व्यवस्था है?

a. दोनों न्यायालय नियुक्त करेगा

b. एक सरकार नियुक्त करेगी

c. प्रत्येक पक्षकार एक सुलहकर्ता नियुक्त करेगा

d. कोई नियुक्ति नहीं होगी

 

137. तीन सुलहकर्ताओं की स्थिति में तीसरा सुलहकर्ता कौन नियुक्त करेगा?

a. न्यायालय

b. सरकार

c. गवाह

d. पक्षकार आपसी सहमति से

 

138. तीन सुलहकर्ताओं में तीसरे सुलहकर्ता की भूमिका क्या होती है?

a. साधारण सदस्य

b. गवाह

c. पीठासीन सुलहकर्ता

d. न्यायाधीश

 

139. पक्षकार किसकी सहायता ले सकते हैं?

a. केवल न्यायालय

b. केवल सरकार

c. संस्था या व्यक्ति

d. गवाह

 

140. संस्था या व्यक्ति क्या कर सकता है?

a. नामों की सिफारिश या नियुक्ति करना

b. साक्ष्य लेना

c. दंड देना

d. अपील करना

 

141. क्या पक्षकार संस्था को सीधे नियुक्ति का अधिकार दे सकते हैं?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल न्यायालय की अनुमति से

d. केवल सरकार की अनुमति से

 

142. सुलहकर्ता नियुक्त करते समय कौन सा तत्व महत्वपूर्ण है?

a. दंड

b. साक्ष्य

c. स्वतंत्रता और निष्पक्षता

d. अपील

 

143. निम्न में से कौन सा सही है?

a. पक्षकार प्रमुख भूमिका निभाते हैं

b. केवल सरकार नियुक्ति करती है

c. केवल न्यायालय नियुक्ति करता है

d. गवाह नियुक्त करते हैं