
भारतीय न्यास अधिनियम, 1882
THE INDIAN TRUSTS ACT, 1882
1. धारा 58 के अनुसार यदि सम्पत्ति किसी विवाहित स्त्री के लाभ के लिए इस शर्त के साथ दी गई हो कि वह अपने हित से स्वयं को वंचित नहीं कर सकती, तो वह—
a. अपने हित का अन्तरण कर सकती है
b. न्यायालय की अनुमति से अन्तरण कर सकती है
c. अपनी वैवाहिक स्थिति कायम रहने तक अन्तरण नहीं कर सकती
d. न्यासी की अनुमति से अन्तरण कर सकती है
2. धारा 58 में विवाहित स्त्री के संबंध में दिया गया प्रतिबंध कब तक लागू रहता है?
a. जब तक वह सम्पत्ति का उपयोग कर रही हो
b. जब तक न्यासी अनुमति न दे
c. जब तक उसकी वैवाहिक स्थिति कायम रहे
d. केवल पाँच वर्ष तक
3. धारा 58 के अनुसार फायदाप्रद हित का अन्तरण करने का अधिकार किसे प्राप्त है?
a. न्यासी
b. हिताधिकारी
c. न्यासकर्ता
d. न्यायालय
4. धारा 59 के अनुसार न्यास के निष्पादन के लिए वाद कौन संस्थित कर सकता है?
a. न्यासी
b. हिताधिकारी
c. न्यासकर्ता
d. राज्य सरकार
5. धारा 59 के अनुसार हिताधिकारी न्यास के निष्पादन के लिए वाद कब ला सकता है?
a. जब न्यासकर्ता अनुमति दे
b. जब कोई न्यासी नियुक्त न किया गया हो
c. जब लाभार्थी अधिक हों
d. जब न्यास-सम्पत्ति अधिक हो
6. धारा 59 के अनुसार यदि सभी न्यासी मर जाएं या इन्कार कर दें, तो—
a. न्यास समाप्त हो जाएगा
b. हिताधिकारी न्यास के निष्पादन के लिए वाद ला सकता है
c. न्यासकर्ता सम्पत्ति वापस ले लेगा
d. सम्पत्ति सरकार को चली जाएगी
7. धारा 59 के अनुसार यदि न्यासी उन्मोचित कर दिए जाएं और न्यास का निष्पादन असाध्य हो जाए, तो—
a. न्यास समाप्त हो जाएगा
b. हिताधिकारी वाद संस्थित कर सकता है
c. न्यासी पुनः नियुक्त होगा
d. लाभार्थी सम्पत्ति बेच देगा
8. धारा 59 के अनुसार जब तक नया न्यासी नियुक्त न हो जाए, तब तक न्यास का निष्पादन—
a. न्यासकर्ता द्वारा किया जाएगा
b. लाभार्थी द्वारा किया जाएगा
c. न्यायालय द्वारा यथासंभव किया जाएगा
d. सरकार द्वारा किया जाएगा
9. धारा 59 के अनुसार न्यायालय न्यास का निष्पादन कब तक करेगा?
a. जब तक लाभार्थी अनुमति दे
b. जब तक नया न्यासी नियुक्त न हो जाए
c. केवल एक वर्ष तक
d. जब तक सम्पत्ति समाप्त न हो जाए
10. धारा 60 के अनुसार हिताधिकारी का क्या अधिकार है?
a. न्यास-सम्पत्ति का विक्रय कराने का
b. न्यास-सम्पत्ति का प्रशासन उचित व्यक्तियों द्वारा कराया जाए
c. न्यास को समाप्त करने का
d. न्यास-सम्पत्ति को अपने नाम कराने का
11. धारा 60 के अनुसार निम्न में से कौन “उचित व्यक्ति” नहीं माना जाएगा?
a. हिताधिकारी के हित से असंगत हित रखने वाला व्यक्ति
b. न्यासी
c. न्यायालय
d. न्यासकर्ता
12. धारा 60 के अनुसार निम्न में से कौन उचित व्यक्ति नहीं माना जाएगा?
a. दिवाले की परिस्थितियों वाला व्यक्ति
b. सक्षम व्यक्ति
c. न्यायालय द्वारा नियुक्त व्यक्ति
d. न्यासकर्ता
13. धारा 60 के स्पष्टीकरण के अनुसार निम्न में से कौन उचित व्यक्ति नहीं माना जाता?
a. विदेश में अधिवासी व्यक्ति
b. न्यासी
c. लाभार्थी
d. न्यायालय
14. धारा 60 के अनुसार जब न्यास के प्रशासन में धन की प्राप्ति और अभिरक्षा सम्मिलित हो, तब न्यासियों की संख्या कम से कम—
a. एक होनी चाहिए
b. दो होनी चाहिए
c. तीन होनी चाहिए
d. चार होनी चाहिए
15. यदि न्यासियों में से अधिकांश मर जाएँ, तो हिताधिकारी—
a. न्यास समाप्त कर सकता है
b. नए न्यासियों की नियुक्ति के लिए वाद संस्थित कर सकता है
c. सम्पत्ति का विभाजन कर सकता है
d. न्यासकर्ता से अनुमति लेगा
16. यदि सभी न्यासी न्यास का कार्य करने से इन्कार कर दें, तो हिताधिकारी—
a. न्यास समाप्त कर देगा
b. नए न्यासियों की नियुक्ति के लिए वाद संस्थित कर सकता है
c. सम्पत्ति का विक्रय कर देगा
d. न्यायालय से अनुमति नहीं ले सकता
17. यदि न्यासी भारत के बाहर स्थायी रूप से निवास करने चला जाए या दिवालिया घोषित हो जाए, तो हिताधिकारी—
a. उसे पद पर बनाए रखेगा
b. उसे हटवाकर नए न्यासी की नियुक्ति के लिए वाद संस्थित कर सकता है
c. न्यास समाप्त कर देगा
d. सम्पत्ति अपने नाम करा लेगा
18. कोई कर्तव्य कार्य करने को विवश करने का अधिकार, किस धारा से संबंधित है?
a. धारा 64
b. धारा 63
c. धारा 62
d. धारा 61
19. धारा 61 के अनुसार हिताधिकारी को क्या अधिकार प्राप्त है?
a. न्यास-सम्पत्ति का विक्रय कराने का
b. न्यासी को उसके कर्तव्य का विशिष्ट कार्य करने के लिए विवश कराने का
c. न्यास समाप्त करने का
d. सम्पत्ति अपने नाम कराने का
20. धारा 61 के अनुसार हिताधिकारी न्यासी को किससे अवरुद्ध करा सकता है?
a. न्यास-सम्पत्ति के प्रशासन से
b. अनुध्यात या अधिसम्भाव्य न्यास-भंग से
c. सम्पत्ति के उपयोग से
d. न्यायालय में जाने से
21. धारा 61 के अनुसार यदि न्यासी ऐसा कार्य करने वाला हो जिससे न्यास-भंग की सम्भावना हो, तो हिताधिकारी—
a. न्यास समाप्त कर सकता है
b. न्यायालय से उसे रोकने के लिए व्यादेश प्राप्त कर सकता है
c. सम्पत्ति का विक्रय कर सकता है
d. न्यासी को दण्डित कर सकता है
22. धारा 61 के दृष्टांत के अनुसार यदि न्यासी भूमि का अदूरदर्शी विक्रय करने वाला हो, तो हिताधिकारी—
a. विक्रय को स्वीकार करेगा
b. विक्रय को रोकने के लिए वाद ला सकता है
c. सम्पत्ति अपने नाम करा सकता है
d. न्यास समाप्त कर सकता है
23. धारा 61 के अनुसार हिताधिकारी न्यासी को किस प्रकार के कर्तव्य के पालन के लिए विवश करा सकता है?
a. किसी विशिष्ट कर्तव्य के पालन के लिए
b. केवल आर्थिक कर्तव्य के लिए
c. केवल न्यायालय के आदेश पर
d. किसी भी निजी कार्य के लिए
24. धारा 61 के दृष्टांत के अनुसार यदि संविदा के अनुसार धन का संदाय नहीं किया जाए, तो हिताधिकारी—
a. स्वयं संविदा समाप्त कर सकता है
b. न्यासी को वाद लाने की अनुमति देने के लिए विवश कर सकता है
c. सम्पत्ति जब्त कर सकता है
d. न्यायालय से अनुमति नहीं ले सकता
25. न्यासी द्वारा सदोष क्रय, किस धारा से संबंधित है?
a. धारा 62
b. धारा 63
c. धारा 64
d. धारा 65
26. धारा 62 के अनुसार यदि न्यासी ने न्यास-सम्पत्ति का सदोष क्रय किया हो, तो हिताधिकारी को क्या अधिकार है?
a. न्यास समाप्त कराने का
b. सम्पत्ति को न्यास के अधीन घोषित कराने का
c. न्यासी को दण्डित कराने का
d. सम्पत्ति को सरकार को देने का
27. धारा 62 के अनुसार यदि न्यासी द्वारा खरीदी गई सम्पत्ति उसके पास अविक्रीत हो, तो हिताधिकारी—
a. सम्पत्ति को जब्त कर सकता है
b. न्यासी से उसे प्रति-अन्तरित कराने का अधिकार रखता है
c. न्यास समाप्त कर सकता है
d. न्यायालय की अनुमति के बिना कुछ नहीं कर सकता
28. यदि न्यासी से वह सम्पत्ति किसी ऐसे व्यक्ति ने खरीद ली हो जिसे न्यास की सूचना थी, तो हिताधिकारी—
a. उस व्यक्ति से सम्पत्ति प्रति-अन्तरित करा सकता है
b. केवल न्यासी से वाद कर सकता है
c. सम्पत्ति वापस नहीं ले सकता
d. केवल क्षतिपूर्ति मांग सकता है
29. धारा 62 के अनुसार यदि सम्पत्ति प्रति-अन्तरित कराई जाती है, तो हिताधिकारी को न्यासी को क्या देना होगा?
a. केवल क्रय-धन
b. क्रय-धन ब्याज सहित तथा सम्पत्ति के संरक्षण में किए गए उचित व्यय
c. केवल ब्याज
d. केवल संरक्षण व्यय
30. धारा 62 के अनुसार न्यासी या क्रेता को किसका लेखा देना होगा?
a. सम्पत्ति के शुद्ध लाभों का
b. सम्पत्ति के मूल्य का
c. सम्पत्ति के पंजीकरण का
d. सम्पत्ति के कर का
31. धारा 62 के अनुसार यदि न्यासी या क्रेता के पास सम्पत्ति का वास्तविक कब्जा रहा हो, तो उसे—
a. कर देना होगा
b. अधिभोग-भाटक से भारित किया जाएगा
c. सम्पत्ति लौटानी होगी
d. सम्पत्ति बेचनी होगी
32. धारा 62 के अनुसार यदि न्यासी या क्रेता के कार्यों या लोपों से सम्पत्ति का क्षय हुआ हो, तो—
a. सम्पत्ति जब्त कर ली जाएगी
b. हिताधिकारी क्रय-धन का आनुपातिक भाग काट सकता है
c. न्यासी को दण्डित किया जाएगा
d. सम्पत्ति सरकार को दी जाएगी
33. धारा 62 के अनुसार निम्न में से किसके अधिकार प्रभावित नहीं होते?
a. सद्भावपूर्वक संविदा करने वाले पट्टेदार या अन्य व्यक्ति
b. न्यासी
c. लाभार्थी
d. न्यायालय
34. धारा 62 के अनुसार यदि हिताधिकारी ने न्यासी के विक्रय का पूर्ण ज्ञान के साथ अनुसमर्थन कर दिया हो, तो—
a. वह सम्पत्ति को न्यास के अधीन घोषित कराने का दावा नहीं कर सकता
b. वह सम्पत्ति तुरंत वापस ले सकता है
c. न्यासी को दण्डित करा सकता है
d. न्यायालय स्वतः हस्तक्षेप करेगा
35. न्यास-सम्पत्ति का पीछा परव्यक्तियों के हाथों तक किया जाना, किस धारा से संबंधित है?
a. धारा 61
b. धारा 63
c. धारा 65
d. धारा 64
36. धारा 63 के अनुसार यदि न्यास-सम्पत्ति न्यास से असंगत रूप में किसी परव्यक्ति के हाथ में आ जाए, तो हिताधिकारी—
a. सम्पत्ति वापस नहीं ले सकता
b. उस व्यक्ति से यह स्वीकार कराने की अपेक्षा कर सकता है कि वह सम्पत्ति न्यास में समाविष्ट है
c. सम्पत्ति सरकार को दे सकता है
d. न्यास समाप्त कर सकता है
37. धारा 63 के अनुसार यदि न्यास-सम्पत्ति किसी परव्यक्ति के हाथ में चली जाए, तो हिताधिकारी—
a. केवल क्षतिपूर्ति मांग सकता है
b. घोषणा के लिए वाद संस्थित कर सकता है
c. सम्पत्ति का विक्रय कर सकता है
d. न्यास समाप्त कर सकता है
38. धारा 63 के अनुसार यदि न्यासी न्यास-सम्पत्ति का व्ययन कर दे और उसके बदले प्राप्त धन या सम्पत्ति उसके या उसके विधिक प्रतिनिधि के हाथों में हो, तो हिताधिकारी—
a. कोई दावा नहीं कर सकता
b. उस पर वही अधिकार रखेगा जो मूल न्यास-सम्पत्ति पर था
c. केवल ब्याज मांग सकता है
d. सम्पत्ति को सरकार को दे सकता है
39. धारा 63 के अनुसार यदि न्यासी ने न्यास-सम्पत्ति का उपयोग कर भूमि खरीद ली हो, तो हिताधिकारी—
a. उस भूमि पर कोई अधिकार नहीं रखेगा
b. उस भूमि का हकदार होगा
c. केवल क्षतिपूर्ति प्राप्त करेगा
d. भूमि को बेचने का आदेश देगा
40. यदि न्यासी ने अपने धन और न्यास-धन दोनों से भूमि खरीदी हो, तो हिताधिकारी—
a. सम्पत्ति पर कोई अधिकार नहीं रखेगा
b. केवल न्यासी के धन का दावा करेगा
c. दुरुपयोजित न्यास-धन की रकम का भार उस भूमि पर डालने का हकदार होगा
d. सम्पत्ति का विक्रय कर देगा
41. धारा 63 में “न्यास-सम्पत्ति का पीछा” (Tracing) का अर्थ है—
a. न्यास समाप्त करना
b. न्यास-सम्पत्ति को जहाँ भी हो, पहचानकर उस पर अधिकार स्थापित करना
c. सम्पत्ति का विभाजन करना
d. न्यासी को दण्डित करना
42. कुछ अन्तरितियों के अधिकारों की व्यावृत्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?
a. धारा 64
b. धारा 65
c. धारा 66
d. धारा 67
43. धारा 64 के अनुसार हिताधिकारी को उस सम्पत्ति पर अधिकार नहीं होगा जो—
a. न्यासी के पास हो
b. सद्भावपूर्वक सप्रतिफल अन्तरिती के हाथों में हो जिसे न्यास की सूचना न हो
c. न्यायालय के पास हो
d. लाभार्थी के पास हो
44. धारा 64 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने सम्पत्ति सद्भावपूर्वक और प्रतिफल देकर प्राप्त की हो तथा उसे न्यास की सूचना न हो, तो—
a. हिताधिकारी उस सम्पत्ति का दावा कर सकता है
b. हिताधिकारी उस सम्पत्ति का दावा नहीं कर सकता
c. सम्पत्ति सरकार को चली जाएगी
d. न्यायालय सम्पत्ति जब्त कर लेगा
45. धारा 64 के अनुसार यदि सम्पत्ति किसी ऐसे व्यक्ति से सप्रतिफल अन्तरिती को हस्तांतरित हो जाए, तो—
a. हिताधिकारी उस पर दावा कर सकता है
b. हिताधिकारी उस पर दावा नहीं कर सकता
c. न्यायालय सम्पत्ति जब्त कर लेगा
d. न्यासी दण्डित होगा
46. धारा 64 के अनुसार न्यासी का निर्णीत-लेनदार जिसने न्यास-सम्पत्ति कुर्क कर खरीद ली हो—
a. सप्रतिफल अन्तरिती माना जाएगा
b. सप्रतिफल अन्तरिती नहीं माना जाएगा
c. लाभार्थी माना जाएगा
d. न्यायालय का प्रतिनिधि माना जाएगा
47. धारा 64 के अनुसार निम्न में से किस पर धारा 63 का नियम लागू नहीं होता?
a. भूमि
b. भवन
c. धन, करेंसी नोट और परक्राम्य लिखतें जो सद्भावपूर्वक धारक के हाथों में हों
d. कृषि भूमि
48. धारा 64 के अनुसार यदि धन, करेंसी नोट या परक्राम्य लिखतें किसी सद्भावपूर्वक धारक के हाथों में परिचलन में आ जाएँ, तो—
a. हिताधिकारी उन्हें वापस ले सकता है
b. धारा 63 लागू नहीं होगी
c. न्यायालय उन्हें जब्त कर सकता है
d. न्यासी को दण्ड मिलेगा
49. धारा 64 के अनुसार यह प्रावधान किस अधिनियम की धारा 108 को प्रभावित नहीं करता?
a. भारतीय दण्ड संहिता
b. भारतीय साक्ष्य अधिनियम
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
d. सम्पत्ति अंतरण अधिनियम
50. सदोष संपरिवर्तित न्यास-सम्पत्ति का न्यासी द्वारा अर्जन, किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 63
b. धारा 64
c. धारा 65
d. धारा 66
51. धारा 65 के अनुसार यदि न्यासी न्यास-सम्पत्ति को सदोष बेच देता है और बाद में स्वयं उस सम्पत्ति का स्वामी बन जाता है, तो—
a. सम्पत्ति न्यासी की निजी सम्पत्ति बन जाती है
b. सम्पत्ति पुनः न्यास के अधीन हो जाती है
c. सम्पत्ति सरकार के अधीन हो जाती है
d. सम्पत्ति हिताधिकारी को स्वतः मिल जाती है
52. धारा 65 का प्रावधान कब लागू होता है?
a. जब न्यासी ने सम्पत्ति को वैध रूप से बेचा हो
b. जब न्यासी ने न्यास-सम्पत्ति को सदोष रूप से बेचा या अन्तरित किया हो और बाद में वही सम्पत्ति स्वयं प्राप्त कर ली हो
c. जब हिताधिकारी सम्पत्ति बेच दे
d. जब न्यायालय सम्पत्ति बेच दे
53. धारा 65 के अनुसार यदि न्यासी द्वारा बेची गई सम्पत्ति बाद में उसी न्यासी के पास आ जाए, तो—
a. वह सम्पत्ति व्यक्तिगत मानी जाएगी
b. वह सम्पत्ति पुनः न्यास-सम्पत्ति मानी जाएगी
c. वह सम्पत्ति सरकार को दी जाएगी
d. वह सम्पत्ति न्यायालय को दे दी जाएगी
54. धारा 65 के अनुसार यदि मध्यवर्ती अन्तरिती सद्भावपूर्वक और प्रतिफल देकर सम्पत्ति प्राप्त करें, तब भी—
a. सम्पत्ति न्यासी की निजी रहेगी
b. सम्पत्ति पर न्यास समाप्त हो जाएगा
c. यदि सम्पत्ति पुनः न्यासी के पास आ जाए तो वह पुनः न्यास के अधीन हो जाएगी
d. सम्पत्ति सरकार को चली जाएगी
55. धारा 65 के अनुसार न्यासी द्वारा पुनः प्राप्त की गई ऐसी सम्पत्ति—
a. न्यासी के व्यक्तिगत अधिकार में रहती है
b. पुनः न्यास के अधीन मानी जाती है
c. लाभार्थियों में विभाजित हो जाती है
d. न्यायालय के अधीन हो जाती है
56. मिला ली गई सम्पत्ति की दशा में अधिकार, किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 65
b. धारा 63
c. धारा 66
d. धारा 67
57. धारा 66 के अनुसार यदि न्यासी न्यास-सम्पत्ति को अपनी सम्पत्ति के साथ सदोष मिला दे, तो—
a. न्यास समाप्त हो जाएगा
b. हिताधिकारी शोध्य रकम का भार सम्पूर्ण निधि पर डाल सकता है
c. सम्पत्ति सरकार को चली जाएगी
d. न्यासी सम्पत्ति का स्वामी बन जाएगा
58. धारा 66 किस स्थिति से संबंधित है?
a. न्यास-सम्पत्ति का विक्रय
b. न्यास-सम्पत्ति का हस्तांतरण
c. न्यास-सम्पत्ति का न्यासी की निजी सम्पत्ति के साथ मिश्रण
d. न्यास-सम्पत्ति का दान
59. धारा 66 के अनुसार यदि न्यासी ने न्यास-सम्पत्ति को अपनी सम्पत्ति के साथ मिला दिया हो, तो हिताधिकारी—
a. केवल क्षतिपूर्ति मांग सकता है
b. सम्पूर्ण मिश्रित निधि पर दावा कर सकता है
c. कोई दावा नहीं कर सकता
d. केवल ब्याज मांग सकता है
60. धारा 66 के अनुसार “शोध्य रकम का भार” किस पर डाला जा सकता है?
a. केवल न्यासी की निजी सम्पत्ति पर
b. सम्पूर्ण मिली हुई निधि पर
c. केवल लाभार्थी की सम्पत्ति पर
d. केवल न्यायालय की सम्पत्ति पर
61. धारा 66 का मुख्य नियम क्या है?
a. न्यासी सम्पत्ति का स्वामी बन जाता है
b. न्यासी की निजी सम्पत्ति सुरक्षित रहती है
c. मिश्रित निधि पर हिताधिकारी अपना दावा कर सकता है
d. न्यास स्वतः समाप्त हो जाता है
62. भागीदार-न्यासी द्वारा भागीदारी के प्रयोजनों के लिए न्यास-सम्पत्ति का सदोष नियोजन, किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 65
b. धारा 66
c. धारा 67
d. धारा 68
63. धारा 67 के अनुसार यदि कोई भागीदार, जो न्यासी भी है, न्यास-सम्पत्ति को भागीदारी के कारबार में सदोष रूप से नियोजित करे, तो अन्य भागीदार—
a. सदैव दायी होंगे
b. दायी नहीं होंगे जब तक उन्हें न्यास-भंग की सूचना न हो
c. हमेशा संयुक्त रूप से दायी होंगे
d. केवल आंशिक रूप से दायी होंगे
64. धारा 67 के अनुसार यदि अन्य भागीदारों को न्यास-भंग की सूचना हो, तो वे—
a. दायी नहीं होंगे
b. केवल आंशिक रूप से दायी होंगे
c. संयुक्ततः और पृथक्तः दायी होंगे
d. केवल न्यासी दायी होगा
65. धारा 67 किस स्थिति से संबंधित है?
a. न्यास-सम्पत्ति का विक्रय
b. न्यास-सम्पत्ति का भागीदारी के कारबार में सदोष नियोजन
c. न्यास-सम्पत्ति का दान
d. न्यास-सम्पत्ति का पंजीकरण
66. धारा 67 के अनुसार अन्य भागीदार की देयता कब उत्पन्न होती है?
a. जब वह भागीदारी में हो
b. जब उसे न्यास-भंग की सूचना हो
c. जब न्यायालय आदेश दे
d. जब लाभार्थी अनुमति दे
67. धारा 67 के अनुसार यदि भागीदार न्यास-भंग में जानते हुए पक्षकार हो, तो—
a. वह दायी नहीं होगा
b. वह केवल आंशिक रूप से दायी होगा
c. वह न्यासी के साथ संयुक्त रूप से दायी होगा
d. केवल न्यासी दायी होगा
68. धारा 67 के दृष्टांत के अनुसार यदि न्यासी भागीदारी के कारबार में न्यास-सम्पत्ति का अनुचित उपयोग करे, तो लाभार्थी—
a. कोई दावा नहीं कर सकता
b. उससे लाभों का लेखा मांग सकता है
c. केवल न्यायालय की अनुमति से दावा कर सकता है
d. सम्पत्ति का विक्रय कर सकता है
69. न्यास-भंग में सम्मिलित होने वाले हिताधिकारी का दायित्व, किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 69
b. धारा 68
c. धारा 67
d. धारा 66
70. धारा 68 के अनुसार यदि कई हिताधिकारियों में से कोई एक न्यास-भंग में सम्मिलित हो जाए, तो—
a. वह किसी प्रकार से दायी नहीं होगा
b. अन्य हिताधिकारी उसके फायदाप्रद हित को परिबद्ध करा सकते हैं
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. न्यायालय स्वतः सम्पत्ति जब्त कर लेगा
71. धारा 68 के अनुसार यदि कोई हिताधिकारी अन्य हिताधिकारियों की सम्मति के बिना न्यास-भंग से लाभ प्राप्त कर ले, तो—
a. वह लाभ रख सकता है
b. अन्य हिताधिकारी उसके हित को परिबद्ध करा सकते हैं
c. न्यासी दायी होगा
d. न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा
72. धारा 68 के अनुसार यदि कोई हिताधिकारी न्यास-भंग की जानकारी होने पर भी उसे छिपा ले या अन्य हिताधिकारियों की सुरक्षा के लिए उचित कदम न उठाए, तो—
a. वह दायी नहीं होगा
b. उसके फायदाप्रद हित को परिबद्ध किया जा सकता है
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. केवल न्यासी दायी होगा
73. धारा 68 के अनुसार यदि कोई हिताधिकारी न्यासी को धोखा देकर उसे न्यास-भंग करने के लिए प्रेरित करे, तो—
a. वह दायी नहीं होगा
b. अन्य हिताधिकारी उसके फायदाप्रद हित को परिबद्ध करा सकते हैं
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. न्यायालय सम्पत्ति सरकार को दे देगा
74. धारा 68 के अनुसार अन्य हिताधिकारी दोषी हिताधिकारी के फायदाप्रद हित को कब तक परिबद्ध करा सकते हैं?
a. स्थायी रूप से
b. जब तक न्यास समाप्त न हो जाए
c. जब तक न्यास-भंग से हुई हानि का प्रतिकर न मिल जाए
d. केवल एक वर्ष तक
75. धारा 68 के अनुसार यदि सम्पत्ति विवाहिता स्त्री के लाभ के लिए इस शर्त के साथ दी गई हो कि वह अपने हित से स्वयं को वंचित नहीं कर सकती, तो—
a. यह प्रावधान तुरंत लागू होगा
b. उसकी वैवाहिक स्थिति कायम रहने तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा
c. न्यायालय की अनुमति से लागू होगा
d. केवल आंशिक रूप से लागू होगा
76. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 69 किससे संबंधित है?
a. न्यासी के अधिकार
b. हिताधिकारी के अन्तरिती के अधिकार और दायित्व
c. न्यास की समाप्ति
d. न्यास संपत्ति का निवेश
77. धारा 69 के अनुसार जब हिताधिकारी अपना हित किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित करता है, तो अन्तरिती—
a. केवल अधिकार प्राप्त करता है
b. केवल दायित्वों के अधीन होता है
c. अधिकारों से युक्त और दायित्वों के अधीन दोनों होता है
d. कोई अधिकार प्राप्त नहीं करता
78. धारा 69 के अनुसार अन्तरिती को अधिकार और दायित्व किस समय से प्राप्त होते हैं?
a. न्यासी की अनुमति से
b. न्यायालय के आदेश से
c. अन्तरण की तारीख से
d. पंजीकरण की तारीख से
79. धारा 69 के अनुसार अन्तरिती किन अधिकारों से युक्त होता है?
a. न्यासी के अधिकार
b. उस हित से संबंधित अधिकार जो हिताधिकारी के पास थे
c. केवल संपत्ति के कब्जे का अधिकार
d. न्यायालय द्वारा दिए गए अधिकार
80. धारा 69 के अनुसार अन्तरिती किन दायित्वों के अधीन होता है?
a. केवल न्यासी के दायित्वों के
b. राज्य के दायित्वों के
c. उस हित से संबंधित दायित्वों के जो हिताधिकारी पर थे
d. कोई दायित्व नहीं
81. धारा 69 के अनुसार अन्तरिती की स्थिति किसके समान मानी जाती है?
a. न्यासी के समान
b. मूल हिताधिकारी के समान
c. न्यायालय के समान
d. दाता के समान
82. धारा 69 के अंतर्गत यदि हिताधिकारी अपना हित अंतरित करता है, तो अन्तरिती—
a. न्यास से पूर्णतः स्वतंत्र हो जाता है
b. न्यास के नियमों से बंधा रहता है
c. न्यासी को नियंत्रित कर सकता है
d. न्यास को समाप्त कर सकता है
83. निम्न में से कौन सा कथन धारा 69 के संदर्भ में सही है?
a. अन्तरिती को केवल लाभ मिलता है
b. अन्तरिती पर कोई दायित्व नहीं होता
c. अन्तरिती मूल हिताधिकारी के अधिकारों और दायित्वों दोनों का उत्तराधिकारी होता है
d. अन्तरिती न्यासी बन जाता है
84. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 70 किससे संबंधित है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. न्यासी का पारिश्रमिक
c. पद किस प्रकार रिक्त होता है
d. न्यास की समाप्ति
85. धारा 70 के अनुसार न्यासी का पद कब रिक्त हो जाता है?
a. केवल त्यागपत्र देने से
b. मृत्यु या पद से उन्मोचन से
c. न्यास संपत्ति के नष्ट होने से
d. न्यायालय की अनुमति से ही
86. धारा 70 के अनुसार यदि न्यासी की मृत्यु हो जाती है, तो—
a. न्यास स्वतः समाप्त हो जाता है
b. न्यासी का पद रिक्त हो जाता है
c. संपत्ति राज्य को चली जाती है
d. हिताधिकारी न्यासी बन जाता है
87. धारा 70 में ‘उन्मोचन’ (Discharge) का अर्थ क्या है?
a. न्यासी को दंडित करना
b. न्यासी को उसके पद से मुक्त करना
c. न्यासी को संपत्ति देना
d. न्यासी का स्थानांतरण
88. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 71 किससे संबंधित है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. न्यासी का उन्मोचन
c. न्यास संपत्ति का निवेश
d. न्यास का पंजीकरण
89. धारा 71 के अनुसार न्यासी का उन्मोचन निम्न में से किस स्थिति में हो सकता है?
a. न्यास के निर्वापन से
b. कर्तव्यों की पूर्ति से
c. न्यायालय के आदेश से
d. उपरोक्त सभी
90. धारा 71 के अनुसार यदि न्यास का निर्वापन हो जाता है, तो—
a. न्यासी का पद स्वतः समाप्त हो जाता है
b. न्यासी को दंडित किया जाता है
c. न्यासी को वेतन दिया जाता है
d. नया न्यासी नियुक्त होता है
91. धारा 71 के अनुसार न्यासी अपने पद से कब मुक्त हो सकता है?
a. जब वह स्वयं चाहे
b. केवल न्यायालय की अनुमति से
c. जब उसके कर्तव्यों की पूर्ति हो जाए
d. जब हिताधिकारी बदल जाए
92. धारा 71 के अनुसार न्यासी का उन्मोचन किसके द्वारा विहित साधनों से भी हो सकता है?
a. संविधान
b. न्यास की लिखत
c. दंड संहिता
d. न्यायालय की प्रक्रिया
93. धारा 71 के अनुसार न्यासी का उन्मोचन किनकी सम्मति से हो सकता है?
a. केवल न्यायालय
b. केवल न्यासी
c. न्यासी और हिताधिकारी
d. केवल सरकार
94. धारा 71 के अनुसार यदि एक से अधिक हिताधिकारी हों, तो न्यासी का उन्मोचन—
a. केवल एक हिताधिकारी की सहमति से
b. सभी हिताधिकारियों की सहमति से
c. केवल न्यायालय से
d. संभव नहीं है
95. धारा 71 के अनुसार हिताधिकारियों की सहमति से उन्मोचन के लिए आवश्यक शर्त क्या है?
a. हिताधिकारी अल्पवयस्क हों
b. हिताधिकारी संविदा करने के लिए सक्षम हों
c. हिताधिकारी सरकारी कर्मचारी हों
d. हिताधिकारी न्यासी हों
96. धारा 71 के अनुसार न्यासी का उन्मोचन किसके द्वारा भी किया जा सकता है?
a. पुलिस अधिकारी द्वारा
b. जिला कलेक्टर द्वारा
c. न्यायालय द्वारा
d. पंचायत द्वारा
97. निम्न में से कौन सा धारा 71 के अंतर्गत न्यासी के उन्मोचन का आधार नहीं है?
a. न्यास का निर्वापन
b. कर्तव्यों की पूर्ति
c. हिताधिकारी की असहमति
d. न्यायालय का आदेश
98. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 72 किससे संबंधित है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. न्यासी का पारिश्रमिक
c. न्यासी से उन्मोचन के लिए अर्जी
d. न्यास संपत्ति का हस्तांतरण
99. धारा 72 के अनुसार न्यासी अपने पद से उन्मोचन के लिए किस न्यायालय में आवेदन कर सकता है?
a. उच्च न्यायालय
b. सर्वोच्च न्यायालय
c. आरम्भिक अधिकारिता वाला प्रधान सिविल न्यायालय
d. दंड न्यायालय
100. धारा 72 के अनुसार न्यासी उन्मोचन के लिए किस माध्यम से आवेदन कर सकता है?
a. मौखिक निवेदन
b. अर्जी द्वारा
c. पुलिस रिपोर्ट
d. हलफनामे द्वारा
101. धारा 72 के अनुसार न्यायालय न्यासी को कब उन्मोचित कर सकता है?
a. जब न्यासी स्वयं चाहे
b. जब न्यायालय को पर्याप्त कारण प्रतीत हो
c. जब हिताधिकारी अनुमति दे
d. जब न्यास समाप्त हो जाए
102. धारा 72 के अनुसार न्यायालय न्यासी के किस व्यय के भुगतान का आदेश दे सकता है?
a. निजी खर्च
b. न्यास-सम्पत्ति में से उसके खर्चों का भुगतान
c. सरकार द्वारा भुगतान
d. हिताधिकारी द्वारा भुगतान
103. धारा 72 के अनुसार यदि उन्मोचन के लिए पर्याप्त कारण न हो तो—
a. न्यायालय अनिवार्य रूप से उन्मोचन करेगा
b. न्यायालय उन्मोचन नहीं करेगा
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. हिताधिकारी निर्णय करेगा
104. धारा 72 के अनुसार न्यासी द्वारा उन्मोचन की अर्जी किस धारा के उपबंधों के होते हुए भी की जा सकती है?
a. धारा 10
b. धारा 11
c. धारा 12
d. धारा 13
105. धारा 72 के अंतर्गत न्यायालय किस आधार पर निर्णय करता है?
a. न्यासी की इच्छा
b. न्यायालय का संतोष कि पर्याप्त कारण है
c. केवल हिताधिकारी की सहमति
d. पुलिस रिपोर्ट
106. निम्न में से कौन सा कथन धारा 72 के संदर्भ में सही है?
a. न्यासी बिना न्यायालय की अनुमति के पद छोड़ सकता है
b. न्यासी न्यायालय में अर्जी देकर उन्मोचन मांग सकता है
c. न्यायालय कभी भी न्यासी को उन्मोचित नहीं कर सकता
d. केवल हिताधिकारी ही उन्मोचन का आवेदन कर सकता है
107. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 73 किससे संबंधित है?
a. न्यास का निर्वापन
b. न्यासी का पारिश्रमिक
c. मृत्यु आदि होने पर नए न्यासी की नियुक्ति
d. न्यास संपत्ति का निवेश
108. धारा 73 के अनुसार नया न्यासी कब नियुक्त किया जा सकता है?
a. जब न्यासी मर जाए
b. जब न्यासी नियुक्ति स्वीकार करने से इंकार कर दे
c. जब न्यासी दिवालिया घोषित हो जाए
d. उपर्युक्त सभी
109. धारा 73 के अनुसार यदि कोई न्यासी लगातार छह माह तक भारत से अनुपस्थित रहे, तो—
a. न्यास समाप्त हो जाता है
b. नया न्यासी नियुक्त किया जा सकता है
c. हिताधिकारी न्यासी बन जाता है
d. न्यायालय स्वतः न्यास समाप्त कर देता है
110. धारा 73 के अनुसार यदि न्यासी दिवालिया घोषित हो जाए, तो—
a. वह पद पर बना रहता है
b. उसे दंड दिया जाता है
c. उसके स्थान पर नया न्यासी नियुक्त किया जा सकता है
d. न्यास समाप्त हो जाता है
111. धारा 73 के अनुसार नया न्यासी सबसे पहले किसके द्वारा नियुक्त किया जा सकता है?
a. न्यायालय द्वारा
b. न्यास की लिखत द्वारा नामनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा
c. पुलिस अधिकारी द्वारा
d. जिला कलेक्टर द्वारा
112. धारा 73 के अनुसार यदि न्यास की लिखत में कोई नामनिर्दिष्ट व्यक्ति न हो, तो नया न्यासी कौन नियुक्त कर सकता है?
a. हिताधिकारी
b. न्यासकर्ता (यदि जीवित और संविदा करने में सक्षम हो)
c. सरकार
d. पुलिस
113. धारा 73 के अनुसार यदि न्यासकर्ता जीवित न हो, तो नया न्यासी कौन नियुक्त कर सकता है?
a. उत्तरजीवी या बने रहने वाले न्यासी
b. केवल न्यायालय
c. हिताधिकारी
d. पुलिस अधिकारी
114. धारा 73 के अनुसार नए न्यासी की नियुक्ति किस प्रकार की जाएगी?
a. मौखिक घोषणा से
b. न्यायालय की मौखिक अनुमति से
c. नियुक्ति करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा
d. केवल पंजीकरण द्वारा
115. धारा 73 के अनुसार नए न्यासी की नियुक्ति के समय—
a. न्यासियों की संख्या घटाई जा सकती है
b. न्यासियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है
c. न्यास समाप्त हो जाता है
d. न्यायालय की अनुमति अनिवार्य है
116. धारा 73 के अनुसार यदि केवल एक ही न्यासी नियुक्त किया जाना हो, तो—
a. हिताधिकारी को नियुक्त किया जाएगा
b. शासकीय न्यासी न्यायालय के आदेश से नियुक्त किया जा सकता है
c. पुलिस अधिकारी नियुक्त होगा
d. जिला कलेक्टर नियुक्त होगा
117. धारा 73 के अनुसार यदि वसीयत में नामित न्यासी वसीयतकर्ता से पहले मर जाए, तो—
a. न्यास समाप्त हो जाता है
b. उस स्थिति को भी नए न्यासी की नियुक्ति के अंतर्गत माना जाएगा
c. न्यायालय नया न्यास बनाएगा
d. संपत्ति राज्य को चली जाएगी
118. धारा 73 के अनुसार निम्न में से कौन सी स्थिति नए न्यासी की नियुक्ति का आधार है?
a. न्यासी का दिवालिया होना
b. न्यासी का अयोग्य होना
c. न्यासी का न्यास में कार्य करने से इंकार करना
d. उपर्युक्त सभी
119. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 74 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यायालय द्वारा नियुक्ति
c. न्यास का निर्वापन
d. न्यास संपत्ति का निवेश
120. धारा 74 के अनुसार न्यायालय द्वारा नया न्यासी कब नियुक्त किया जा सकता है?
a. जब धारा 73 के अधीन नियुक्ति संभव न हो
b. जब हिताधिकारी चाहे
c. जब न्यासकर्ता चाहे
d. जब न्यासी त्यागपत्र दे
121. धारा 74 के अनुसार नया न्यासी नियुक्त करने के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
a. न्यासी
b. पुलिस अधिकारी
c. हिताधिकारी
d. जिला कलेक्टर
122. धारा 74 के अनुसार आवेदन किस न्यायालय में किया जाएगा?
a. उच्च न्यायालय
b. सर्वोच्च न्यायालय
c. आरम्भिक अधिकारिता वाला प्रधान सिविल न्यायालय
d. दंड न्यायालय
123. धारा 74 के अनुसार हिताधिकारी द्वारा आवेदन किस माध्यम से किया जाता है?
a. वाद द्वारा
b. अर्जी द्वारा
c. अपील द्वारा
d. हलफनामे द्वारा
124. धारा 74 के अनुसार नया न्यासी नियुक्त करने के लिए—
a. वाद संस्थित करना आवश्यक है
b. वाद संस्थित करना आवश्यक नहीं है
c. केवल अपील की जा सकती है
d. केवल पुनरीक्षण किया जा सकता है
125. धारा 74 के अनुसार न्यायालय नए न्यासी की नियुक्ति करते समय किसका ध्यान रखेगा?
a. न्यासकर्ता की इच्छाओं का
b. हिताधिकारियों के हितों का
c. न्यास के उचित निष्पादन का
d. उपर्युक्त सभी
126. धारा 74 के अनुसार न्यायालय किसकी इच्छाओं को ध्यान में रखेगा?
a. न्यासकर्ता की इच्छाएँ जो न्यास की लिखत में व्यक्त हों
b. पुलिस अधिकारी की इच्छा
c. जिला कलेक्टर की इच्छा
d. केवल न्यायालय की इच्छा
127. धारा 74 के अनुसार यदि नए न्यासी की नियुक्ति के लिए कोई व्यक्ति पहले से सशक्त हो, तो न्यायालय—
a. उसकी इच्छाओं को अनदेखा करेगा
b. उसकी इच्छाओं का ध्यान रखेगा
c. उसे हटाएगा
d. उसे दंडित करेगा
128. धारा 74 के अनुसार न्यायालय किस बात का भी विचार करेगा?
a. क्या नई नियुक्ति न्यास के निष्पादन को अग्रसर करेगी या बाधित करेगी
b. क्या न्यासी सरकारी कर्मचारी है
c. क्या न्यासी विवाहित है
d. क्या न्यासी भारत का नागरिक है
129. धारा 74 के अनुसार यदि एक से अधिक हिताधिकारी हों, तो न्यायालय—
a. केवल एक हिताधिकारी के हित को देखेगा
b. सभी हिताधिकारियों के हितों का ध्यान रखेगा
c. किसी का भी ध्यान नहीं रखेगा
d. केवल न्यासी का हित देखेगा
130. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 75 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का उन्मोचन
b. नए न्यासी की नियुक्ति
c. न्यास-सम्पत्ति का नए न्यासियों में निहित होना
d. न्यास का निर्वापन
131. धारा 75 के अनुसार न्यास-सम्पत्ति नए न्यासी में कब निहित होती है?
a. जब न्यायालय आदेश दे
b. जब धारा 73 या 74 के अधीन नया न्यासी नियुक्त किया जाए
c. जब न्यासकर्ता की मृत्यु हो
d. जब हिताधिकारी सहमति दें
132. धारा 75 के अनुसार नियुक्त नए न्यासी में न्यास-सम्पत्ति—
a. स्वतः निहित हो जाती है
b. न्यायालय की अनुमति से निहित होती है
c. पंजीकरण के बाद निहित होती है
d. हिताधिकारी की सहमति से निहित होती है
133. धारा 75 के अनुसार न्यास-सम्पत्ति किसके साथ संयुक्त रूप से भी निहित हो सकती है?
a. केवल हिताधिकारी
b. उत्तरजीवी या बने रहने वाले न्यासियों के साथ
c. सरकार के साथ
d. न्यायालय के साथ
134. धारा 75 के अनुसार यदि कोई नया न्यासी नियुक्त किया जाता है, तो—
a. पुरानी न्यास-सम्पत्ति समाप्त हो जाती है
b. न्यास-सम्पत्ति नए न्यासी में निहित हो जाती है
c. संपत्ति हिताधिकारी को दे दी जाती है
d. संपत्ति सरकार को चली जाती है
135. धारा 75 के अनुसार नए न्यासी को कौन-सी शक्तियां प्राप्त होती हैं?
a. सीमित शक्तियां
b. वही शक्तियां जो मूल न्यासी को प्राप्त थीं
c. केवल न्यायालय द्वारा दी गई शक्तियां
d. केवल प्रशासनिक शक्तियां
136. धारा 75 के अनुसार नए न्यासी को शक्तियां किस प्रकार प्राप्त मानी जाती हैं?
a. जैसे उसे न्यासकर्ता ने मूल रूप से न्यासी नामित किया हो
b. जैसे न्यायालय ने उसे नया अधिकार दिया हो
c. जैसे हिताधिकारी ने उसे नियुक्त किया हो
d. जैसे सरकार ने उसे नियुक्त किया हो
137. धारा 75 के अनुसार नए न्यासी को कौन-कौन से अधिकार प्राप्त होते हैं?
a. शक्तियां
b. प्राधिकार
c. विवेकाधिकार
d. उपर्युक्त सभी
138. धारा 75 के अनुसार न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यासी को—
a. कोई अधिकार प्राप्त नहीं होते
b. वही अधिकार प्राप्त होते हैं जो अन्य न्यासियों को होते हैं
c. केवल प्रशासनिक अधिकार होते हैं
d. केवल न्यायालय की अनुमति से कार्य कर सकता है
139. धारा 75 के अनुसार नए न्यासी की स्थिति किसके समान मानी जाती है?
a. न्यायालय के समान
b. मूल न्यासी के समान
c. हिताधिकारी के समान
d. सरकार के समान
140. निम्न में से कौन सा कथन धारा 75 के संदर्भ में सही है?
a. नए न्यासी को सीमित अधिकार मिलते हैं
b. नए न्यासी को वही अधिकार मिलते हैं जैसे उसे मूल रूप से नियुक्त किया गया हो
c. नए न्यासी को कोई विवेकाधिकार नहीं होता
d. न्यास-सम्पत्ति हिताधिकारी में निहित हो जाती है