भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 MCQs Set-1

भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 MCQs Set-1

भारतीय न्यास अधिनियम, 1882

THE INDIAN TRUSTS ACT, 1882

 

1. “प्राइवेट न्यासों और न्यासियों से संबंधित विधि को परिभाषित और संशोधित करने” के उद्देश्य से कौन-सा अधिनियम बनाया गया है?

a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

b. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882

c. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

 

2. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 कब से प्रवृत्त हुआ?

a. 1 जनवरी 1882

b. 1 मार्च 1882

c. 15 अगस्त 1882

d. 1 जुलाई 1882

 

3. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 का सामान्य क्षेत्रीय विस्तार क्या है?

a. केवल राज्यों पर

b. सम्पूर्ण भारत

c. सम्पूर्ण भारत, अंडमान और निकोबार द्वीपों को छोड़कर

d. केवल केन्द्रशासित प्रदेशों पर

 

4. अंडमान और निकोबार द्वीपों पर इस अधिनियम का विस्तार कौन कर सकता है?

a. सर्वोच्च न्यायालय

b. संसद

c. केन्द्रीय सरकार

d. राज्य सरकार

 

5. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 किस धार्मिक विधि के नियमों को प्रभावित नहीं करता?

a. हिंदू विधि

b. मुस्लिम विधि के वक्फ संबंधी नियम

c. ईसाई विधि

d. पारसी विधि

 

6. निम्न में से किस प्रकार के विन्यासों पर भारतीय न्यास अधिनियम लागू नहीं होता?

a. निजी न्यास

b. धार्मिक या खैराती विन्यास

c. निजी संपत्ति का प्रबंधन

d. निजी न्यासी

 

7. अविभक्त कुटुम्ब के सदस्यों के पारस्परिक संबंध किसके द्वारा नियंत्रित होते हैं?

a. भारतीय न्यास अधिनियम

b. रूडिजन्य या स्वीय विधि

c. दंड संहिता

d. सिविल प्रक्रिया संहिता

 

8. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 का द्वितीय अध्याय किन न्यासों पर लागू नहीं होता?

a. अधिनियम के बाद बनाए गए न्यास

b. अधिनियम के प्रवृत्त होने के बाद बने न्यास

c. अधिनियम के प्रवृत्त होने से पूर्व सृष्ट न्यास

d. निजी न्यास

 

9. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 मुख्य रूप से किस प्रकार के न्यासों को विनियमित करता है?

a. सार्वजनिक न्यास

b. निजी न्यास

c. धार्मिक न्यास

d. सरकारी न्यास

 

10. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की उद्देशिका किस बात को व्यक्त करती है?

a. केवल दान संबंधी नियम

b. निजी न्यासों और न्यासियों की विधि को परिभाषित और संशोधित करना

c. धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन

d. सरकारी संपत्ति का नियंत्रण

 

11. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 2 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यास की परिभाषा

b. अधिनियमितियों का निरसन

c. न्यासी की नियुक्ति

d. न्यास संपत्ति

 

12. धारा 2 के अनुसार कौन-से कानून निरस्त हो जाते हैं?

a. सभी प्रचलित कानून

b. अनुसूची में वर्णित कानून और अधिनियम

c. केवल संविदा अधिनियम

d. केवल धार्मिक कानून

 

13. धारा 2 के अनुसार कानूनों का निरसन किस सीमा तक होता है?

a. सम्पूर्ण भारत में पूर्ण रूप से

b. केवल न्यायालय के आदेश से

c. अनुसूची में वर्णित विस्तार तक

d. केवल राज्यों की सहमति से

 

14. धारा 2 के अनुसार निरसन किन राज्यक्षेत्रों में प्रभावी होगा?

a. सम्पूर्ण विश्व में

b. केवल राज्यों में

c. उन राज्यक्षेत्रों में जहाँ इस अधिनियम का उस समय विस्तार है

d. केवल केन्द्रशासित प्रदेशों में

 

15. धारा 2 के अनुसार कानूनों का निरसन कब प्रभावी होता है?

a. संसद के आदेश से

b. अधिनियम के प्रवृत्त होने पर

c. न्यायालय की अनुमति से

d. राज्य सरकार की अधिसूचना से

 

16. धारा 2 में “अनुसूची” का महत्व क्या है?

a. यह न्यास की परिभाषा बताती है

b. यह निरस्त होने वाले कानूनों की सूची प्रदान करती है

c. यह न्यासी के कर्तव्य बताती है

d. यह न्यायालय की शक्तियाँ बताती है

 

17. धारा 2 के अनुसार निरसन की सीमा किसके अनुसार निर्धारित होती है?

a. न्यायालय के विवेक से

b. अनुसूची में वर्णित विस्तार के अनुसार

c. संसद की अनुमति से

d. राज्य सरकार के नियमों से

 

18. धारा 2 का संबंध मुख्यतः किस विधिक सिद्धांत से है?

a. विधि निर्माण

b. विधि निरसन

c. न्यायिक पुनरावलोकन

d. संवैधानिक संशोधन

 

19. धारा 2 के अनुसार निरसन किन कानूनों पर लागू होता है?

a. केवल धार्मिक कानूनों पर

b. केवल आपराधिक कानूनों पर

c. अनुसूची में उल्लिखित कानूनों और अधिनियमों पर

d. सभी दीवानी कानूनों पर

 

20. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 3 मुख्यतः किससे संबंधित है?

a. न्यासी के कर्तव्य

b. परिभाषाएँ

c. न्यास का पंजीकरण

d. न्यास का समाप्ति

 

21. “न्यास” किससे उत्पन्न होने वाली बाध्यता है?

a. केवल अनुबंध से

b. विश्वास से उत्पन्न बाध्यता

c. न्यायालय के आदेश से

d. केवल वसीयत से

 

22. “न्यास” किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 3

b. धारा 3 पैरा 2

c. धारा 3 पैरा 1

d. धारा 3 पैरा 4

 

23. न्यास किससे संबंधित बाध्यता है?

a. व्यक्ति की स्वतंत्रता से

b. संपत्ति के स्वामित्व से

c. दंड प्रक्रिया से

d. विवाह से

 

24. न्यासकर्ता किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 3

b. धारा 3 पैरा 1

c. धारा 3 पैरा 2

d. धारा 3 पैरा 4

 

25. “न्यासकर्ता” किसे कहा जाता है?

a. जो विश्वास प्रतिगृहीत करता है

b. जो विश्वास रखता है या उसे घोषित करता है

c. जो लाभ प्राप्त करता है

d. जो संपत्ति का क्रेता है

 

26. “न्यासी” किसे कहा जाता है?

a. जो न्यास बनाता है

b. जो न्यास का लाभ प्राप्त करता है

c. जो विश्वास को प्रतिगृहीत करता है

d. जो न्यायालय में वाद दायर करता है

 

27. “हिताधिकारी” किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 3

b. धारा 3 पैरा 4

c. धारा 3 पैरा 2

d. धारा 3 पैरा 1

 

28. “हिताधिकारी” कौन होता है?

a. जो न्यास संपत्ति का विक्रेता है

b. जिसके फायदे के लिए विश्वास प्रतिगृहीत किया जाता है

c. जो न्यायालय का अधिकारी है

d. जो न्यास का प्रबंधक है

 

29. न्यास की विषय-वस्तु को क्या कहा जाता है?

a. न्यासकर्ता

b. न्यासी

c. न्यास-सम्पत्ति या न्यास-धन

d. हिताधिकारी

 

30. हिताधिकारी का “फायदाप्रद हित” क्या होता है?

a. न्यासकर्ता के विरुद्ध अधिकार

b. राज्य के विरुद्ध अधिकार

c. न्यास-सम्पत्ति के स्वामी के रूप में न्यासी के विरुद्ध अधिकार

d. न्यायालय के विरुद्ध अधिकार

 

31. न्यास-सम्पत्ति किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 3

b. धारा 3 पैरा 1

c. धारा 3 पैरा 4

d. धारा 3 पैरा 2

 

32. वह लिखित दस्तावेज जिसके द्वारा न्यास घोषित किया जाता है, क्या कहलाता है?

a. न्यास अनुबंध

b. न्यास की लिखत

c. न्यास पंजीकरण पत्र

d. न्यास प्रमाण पत्र

 

33. “न्यास-भंग” किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 1

b. धारा 3 पैरा 2

c. धारा 3 पैरा 6

d. धारा 3 पैरा 5

 

34. “न्यास-भंग” किसे कहा जाता है?

a. न्यास का निर्माण

b. न्यास का पंजीकरण

c. न्यासी पर अधिरोपित किसी कर्तव्य का भंग

d. न्यास का अंत

 

35. “रजिस्ट्रीकृत” किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 1

b. धारा 3 पैरा 2

c. धारा 3 पैरा 4

d. धारा 3 पैरा 3

 

36. “रजिस्ट्रीकृत” शब्द से क्या अभिप्राय है?

a. न्यायालय द्वारा प्रमाणित

b. दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण के लिए तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन पंजीकृत

c. मौखिक घोषणा

d. केवल सरकारी आदेश

 

37. “सूचना” किस धारा में परिभाषित है?

a. धारा 3 पैरा 1

b. धारा 3 पैरा 2

c. धारा 3 पैरा 3

d. धारा 3 पैरा 4

 

38. किसी व्यक्ति को किसी तथ्य की “सूचना” कब मानी जाती है?

a. जब उसे संदेह हो

b. जब वह वास्तव में उस तथ्य को जानता हो

c. जब वह केवल अनुमान लगाए

d. जब कोई अन्य व्यक्ति बताए

 

39. “सूचना” का ज्ञान कब माना जाएगा, भले ही व्यक्ति वास्तव में न जानता हो?

a. जब वह जांच करने से जानबूझकर बचता है या घोर उपेक्षा करता है

b. जब वह मित्र से पूछता है

c. जब वह न्यायालय जाता है

d. जब वह दस्तावेज लिखता है

 

40. किसी तथ्य की सूचना कब मानी जाएगी यदि वह अभिकर्ता को प्राप्त हो?

a. जब न्यायालय आदेश दे

b. जब अभिकर्ता को धारा 229 भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत उस तथ्य की जानकारी दी गई हो या उसने प्राप्त की हो

c. जब मित्र बताए

d. जब पुलिस सूचित करे

 

41. भारतीय न्यास अधिनियम में प्रयुक्त वे शब्द जो किसी अन्य अधिनियम में परिभाषित हैं, उनका अर्थ कहाँ से लिया जाएगा?

a. भारतीय न्याय संहिता 2023

b. सिविल प्रक्रिया संहिता

c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023

 

42. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 4 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यासी के कर्तव्य

b. न्यास का पंजीकरण

c. विधिपूर्ण प्रयोजन

d. न्यास की समाप्ति

 

43. न्यास किन प्रयोजनों के लिए सृष्ट किया जा सकता है?

a. केवल धार्मिक प्रयोजन के लिए

b. केवल आर्थिक प्रयोजन के लिए

c. किसी भी विधिपूर्ण प्रयोजन के लिए

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

44. निम्न में से किस स्थिति में न्यास का प्रयोजन विधिपूर्ण नहीं माना जाएगा?

a. जब वह विधि द्वारा निषिद्ध हो

b. जब वह विधिसम्मत हो

c. जब वह सार्वजनिक हित में हो

d. जब वह अनुबंध के अनुसार हो

 

45. यदि न्यास का प्रयोजन ऐसा हो कि उसके अनुज्ञात होने से किसी विधि के उपबंधों को विफल कर दे, तो वह प्रयोजन कैसा माना जाएगा?

a. विधिपूर्ण

b. अवैध

c. अनिश्चित

d. न्यायसंगत

 

46. यदि न्यास का प्रयोजन कपटपूर्ण हो तो उसका क्या प्रभाव होगा?

a. न्यास वैध रहेगा

b. न्यास शून्य होगा

c. न्यास केवल आंशिक रूप से वैध होगा

d. न्यायालय द्वारा संशोधित किया जाएगा

 

47. यदि न्यास के प्रयोजन में किसी अन्य व्यक्ति के शरीर या संपत्ति की क्षति अन्तर्वलित हो, तो ऐसा न्यास कैसा होगा?

a. वैध

b. आंशिक रूप से वैध

c. शून्य

d. न्यायालय के विवेक पर निर्भर

 

48. यदि न्यायालय किसी न्यास के प्रयोजन को अनैतिक या लोकनीति के विरुद्ध समझे, तो उसका परिणाम क्या होगा?

a. न्यास वैध रहेगा

b. न्यास आंशिक रूप से लागू होगा

c. न्यास शून्य होगा

d. न्यास स्वतः समाप्त हो जाएगा

 

49. यदि किसी न्यास का प्रयोजन विधिविरुद्ध हो, तो उसका क्या प्रभाव होगा?

a. न्यास वैध रहेगा

b. न्यास शून्य होगा

c. न्यास स्थगित होगा

d. न्यास संशोधित किया जाएगा

 

50. यदि न्यास दो प्रयोजनों के लिए बनाया गया हो, जिनमें एक विधिपूर्ण और दूसरा विधिविरुद्ध हो तथा दोनों को पृथक न किया जा सके, तो क्या होगा?

a. केवल विधिपूर्ण भाग लागू होगा

b. केवल विधिविरुद्ध भाग निरस्त होगा

c. सम्पूर्ण न्यास शून्य होगा

d. न्यायालय नया न्यास बनाएगा

 

51. धारा 4 के स्पष्टीकरण के अनुसार “विधि” शब्द में क्या सम्मिलित हो सकता है?

a. केवल भारतीय विधि

b. केवल राज्य विधि

c. वह विदेशी विधि जहाँ न्यास-सम्पत्ति स्थित हो, यदि वह स्थावर संपत्ति हो

d. केवल अंतरराष्ट्रीय कानून

 

52. यदि स्थावर न्यास-सम्पत्ति किसी विदेशी देश में स्थित हो, तो धारा 4 के अंतर्गत “विधि” से क्या अभिप्रेत होगा?

a. केवल भारतीय विधि

b. उस विदेशी देश की विधि

c. केवल अंतरराष्ट्रीय विधि

d. केवल संवैधानिक विधि

 

53. यदि संपत्ति का न्यास इस उद्देश्य से बनाया जाए कि उसके लाभ उन बालिकाओं के पालन-पोषण में लगाए जाएँ जिन्हें वेश्या बनाने के लिए तैयार किया जाना है, तो ऐसा न्यास कैसा होगा?

a. वैध

b. अनिश्चित

c. शून्य

d. न्यायालय की अनुमति से वैध

 

54. यदि संपत्ति का न्यास तस्करी का व्यापार चलाने के उद्देश्य से बनाया जाए, तो उसका क्या परिणाम होगा?

a. न्यास वैध होगा

b. न्यास शून्य होगा

c. न्यास केवल आंशिक रूप से वैध होगा

d. न्यास केवल लाभार्थियों पर लागू होगा

 

55. यदि कोई व्यक्ति दिवालिया होने की स्थिति में अपनी संपत्ति न्यास पर हस्तांतरित कर देता है और बाद में दिवालिया घोषित हो जाता है, तो उसके लेनदारों के विरुद्ध वह न्यास कैसा होगा?

a. पूर्णतः वैध

b. आंशिक रूप से वैध

c. अविधिमान्य

d. न्यायालय द्वारा संशोधित

 

56. धारा 4 का मूल सिद्धांत क्या है?

a. हर न्यास वैध होता है

b. केवल धार्मिक न्यास वैध होते हैं

c. केवल विधिपूर्ण प्रयोजन के लिए बनाए गए न्यास ही वैध होते हैं

d. केवल लिखित न्यास वैध होते हैं

 

57. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 5 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यासी के कर्तव्य

b. स्थावर एवं जंगम सम्पत्ति का न्यास

c. न्यास का प्रयोजन

d. न्यास का समाप्ति

 

58. स्थावर सम्पत्ति से संबंधित न्यास कब विधिमान्य माना जाता है?

a. केवल मौखिक घोषणा से

b. लिखित, हस्ताक्षरित और रजिस्ट्रीकृत लिखत द्वारा या वसीयत द्वारा

c. केवल न्यायालय की अनुमति से

d. केवल साक्षियों की उपस्थिति में

 

59. स्थावर सम्पत्ति का न्यास किसके द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए?

a. केवल हिताधिकारी द्वारा

b. न्यासकर्ता या न्यासी द्वारा

c. केवल न्यायाधीश द्वारा

d. केवल रजिस्ट्रार द्वारा

 

60. स्थावर सम्पत्ति का न्यास किस रूप में बनाया जा सकता है?

a. केवल मौखिक रूप में

b. लिखित और रजिस्ट्रीकृत लिखत द्वारा

c. केवल अनुबंध द्वारा

d. केवल मौखिक घोषणा द्वारा

 

61. स्थावर सम्पत्ति का न्यास किस अन्य माध्यम से भी बनाया जा सकता है?

a. मौखिक अनुबंध से

b. न्यासकर्ता या न्यासी की वसीयत से

c. पुलिस रिपोर्ट से

d. पंचायत के निर्णय से

 

62. जंगम सम्पत्ति से संबंधित न्यास कब विधिमान्य माना जाएगा?

a. केवल मौखिक घोषणा से

b. जब वह लिखित रूप से घोषित हो या संपत्ति का स्वामित्व न्यासी को हस्तांतरित कर दिया गया हो

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल पंजीकरण से

 

63. जंगम सम्पत्ति के न्यास के लिए कौन-सी शर्त आवश्यक हो सकती है?

a. संपत्ति का स्वामित्व न्यासी को हस्तांतरित किया जाना

b. केवल न्यायालय का आदेश

c. केवल मौखिक घोषणा

d. केवल साक्ष्य अधिनियम का पालन

 

64. यदि जंगम संपत्ति के न्यास की विधिवत घोषणा नहीं की गई है, तो उसे वैध बनाने के लिए क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय की अनुमति

b. संपत्ति का स्वामित्व न्यासी को हस्तांतरित किया जाना

c. केवल मौखिक घोषणा

d. सरकारी अधिसूचना

 

65. धारा 5 के नियम कब लागू नहीं होते?

a. जब संपत्ति कम मूल्य की हो

b. जब उनके प्रवर्तन से कपट प्रभावी होता हो

c. जब न्यायालय आदेश दे

d. जब संपत्ति जंगम हो

 

66. स्थावर सम्पत्ति के न्यास के लिए लिखत का पंजीकरण किसके अधीन होना चाहिए?

a. केवल राज्य सरकार के नियमों के अधीन

b. दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए प्रवृत्त विधि के अधीन

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल पंचायत के नियमों से

 

67. स्थावर सम्पत्ति के न्यास के लिए कौन-सी शर्त अनिवार्य है?

a. मौखिक घोषणा

b. लिखित, हस्ताक्षरित और रजिस्ट्रीकृत लिखत या वसीयत

c. केवल साक्षियों की उपस्थिति

d. केवल न्यायालय का आदेश

 

68. जंगम संपत्ति के न्यास की वैधता के लिए क्या आवश्यक नहीं है?

a. लिखित घोषणा

b. स्वामित्व का न्यासी को हस्तांतरण

c. न्यायालय का आदेश

d. न्यास की घोषणा

 

69. स्थावर संपत्ति के न्यास के लिए आवश्यक लिखत कैसी होनी चाहिए?

a. मौखिक

b. हस्ताक्षरित, लेखबद्ध और रजिस्ट्रीकृत

c. केवल साक्षियों द्वारा प्रमाणित

d. केवल न्यायालय द्वारा लिखित

 

70. यदि धारा 5 के नियमों का कठोर अनुप्रयोग कपट को प्रभावी बना दे, तो क्या होगा?

a. न्यास स्वतः शून्य होगा

b. न्यायालय नियमों को लागू नहीं करेगा

c. केवल दंड लगाया जाएगा

d. न्यास समाप्त हो जाएगा

 

71. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 6 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यास का प्रयोजन

b. न्यास का सृजन

c. न्यासी के कर्तव्य

d. न्यास का पंजीकरण

 

72. धारा 6 के अनुसार न्यास का सृजन कब होता है?

a. जब न्यायालय आदेश दे

b. जब न्यासकर्ता शब्दों या कार्यों से अपना आशय, प्रयोजन, हिताधिकारी और न्यास-सम्पत्ति निश्चितता से प्रदर्शित करे

c. जब संपत्ति का विक्रय हो

d. जब केवल मौखिक घोषणा हो

 

73. न्यास के सृजन के लिए निम्न में से कौन-सा तत्व आवश्यक है?

a. न्यास का आशय

b. न्यास का प्रयोजन

c. हिताधिकारी

d. उपर्युक्त सभी

 

74. धारा 6 के अनुसार न्यास-सम्पत्ति कैसी होनी चाहिए?

a. अनुमानित

b. अनिश्चित

c. युक्तियुक्त निश्चितता के साथ प्रदर्शित

d. मौखिक रूप से वर्णित

 

75. यदि न्यास वसीयत द्वारा घोषित न हो और न्यासकर्ता स्वयं न्यासी न हो, तो क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय की अनुमति

b. संपत्ति का न्यासी को अंतरण

c. पुलिस रिपोर्ट

d. पंचायत का निर्णय

 

76. यदि न्यासकर्ता यह पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए संपत्ति की वसीयत करे कि प्राप्तकर्ता उस संपत्ति का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति के लाभ के लिए करेगा, तो क्या होगा?

a. न्यास का सृजन नहीं होगा

b. न्यास का सृजन होगा

c. वसीयत शून्य होगी

d. न्यायालय की अनुमति आवश्यक होगी

 

77. यदि संपत्ति की वसीयत इस आशा से की जाए कि प्राप्तकर्ता संपत्ति को “कुटुम्ब में बनाए रखेगा”, तो क्या न्यास का सृजन होगा?

a. हाँ

b. नहीं, क्योंकि हिताधिकारी निश्चित नहीं हैं

c. आंशिक रूप से

d. न्यायालय के विवेक पर

 

78. यदि संपत्ति की वसीयत इस प्रार्थना के साथ की जाए कि वह संपत्ति किसी कुटुम्ब के पात्र सदस्यों में बाँट दी जाए, तो क्या न्यास का सृजन होगा?

a. हाँ

b. नहीं, क्योंकि हिताधिकारी निश्चित नहीं हैं

c. केवल आंशिक न्यास बनेगा

d. न्यायालय नया न्यास बनाएगा

 

79. यदि संपत्ति की वसीयत इस इच्छा के साथ की जाए कि संपत्ति का प्रपुंज किसी व्यक्ति की संतानों में बाँट दिया जाए, परन्तु संपत्ति स्पष्ट न हो, तो क्या होगा?

a. न्यास का सृजन होगा

b. न्यास का सृजन नहीं होगा क्योंकि न्यास-सम्पत्ति निश्चित नहीं है

c. केवल आंशिक न्यास होगा

d. न्यायालय द्वारा संशोधित होगा

 

80. न्यास के सृजन के लिए “हिताधिकारी” का क्या होना आवश्यक है?

a. अनुमानित

b. युक्तियुक्त निश्चितता के साथ निर्दिष्ट

c. मौखिक रूप से घोषित

d. न्यायालय द्वारा निर्धारित

 

81. यदि वसीयत में केवल यह शर्त हो कि प्राप्तकर्ता संपत्ति से किसी व्यक्ति के ऋण चुका दे और एक निश्चित राशि दे दे, तो यह क्या होगा?

a. न्यास

b. न्यास-भंग

c. केवल एक शर्त, न्यास नहीं

d. अवैध वसीयत

 

82. धारा 6 के अनुसार न्यास के सृजन के लिए न्यासकर्ता को क्या प्रदर्शित करना आवश्यक है?

a. केवल संपत्ति

b. केवल हिताधिकारी

c. न्यास का आशय

d. न्यास का आशय, प्रयोजन, हिताधिकारी और न्यास-सम्पत्ति

 

83. न्यास के सृजन में “युक्तियुक्त निश्चितता” का सिद्धांत किस पर लागू होता है?

a. केवल न्यासकर्ता पर

b. केवल हिताधिकारी पर

c. आशय, प्रयोजन, हिताधिकारी और न्यास-सम्पत्ति पर

d. केवल संपत्ति के मूल्य पर

 

84. यदि न्यासकर्ता स्वयं न्यासी हो, तो संपत्ति के अंतरण की आवश्यकता क्या होगी?

a. आवश्यक नहीं

b. आवश्यक होगी

c. न्यायालय तय करेगा

d. राज्य सरकार तय करेगी

 

85. धारा 6 का मुख्य सिद्धांत क्या है?

a. न्यास केवल लिखित होना चाहिए

b. न्यास के सृजन के लिए आशय, प्रयोजन, हिताधिकारी और संपत्ति का निश्चित होना आवश्यक है

c. न्यास केवल न्यायालय बना सकता है

d. न्यास केवल धार्मिक उद्देश्य के लिए हो सकता है

 

86. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 7 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यासी के कर्तव्य

b. न्यास का प्रयोजन

c. न्यास का सृजन कौन कर सकता है

d. न्यास का पंजीकरण

 

87. धारा 7 के अनुसार सामान्यतः न्यास का सृजन कौन कर सकता है?

a. केवल न्यायालय

b. केवल राज्य सरकार

c. संविदा करने के लिए सक्षम प्रत्येक व्यक्ति

d. केवल न्यासी

 

88. धारा 7 के अनुसार “संविदा करने के लिए सक्षम व्यक्ति” से क्या अभिप्राय है?

a. जो केवल संपत्ति का स्वामी हो

b. जो विधि के अनुसार संविदा करने की क्षमता रखता हो

c. जो न्यायालय का अधिकारी हो

d. जो केवल वसीयत कर सके

 

89. क्या अप्राप्तवय (Minor) भी न्यास का सृजन कर सकता है?

a. कभी नहीं

b. हाँ, परन्तु आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय की अनुमति से

c. केवल मौखिक रूप से

d. केवल राज्य सरकार की अनुमति से

 

90. अप्राप्तवय की ओर से न्यास का सृजन किसकी अनुमति से किया जा सकता है?

a. पुलिस अधिकारी

b. जिला मजिस्ट्रेट

c. आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय

d. राज्य सरकार

 

91. धारा 7 के अनुसार अप्राप्तवय द्वारा न्यास का सृजन किस प्रकार संभव है?

a. स्वयं या उसकी ओर से न्यायालय की अनुमति से

b. केवल स्वयं

c. केवल अभिभावक द्वारा बिना अनुमति

d. केवल राज्य सरकार के आदेश से

 

92. न्यास का सृजन किन परिस्थितियों के अधीन होता है?

a. केवल न्यायालय की इच्छा पर

b. उस समय प्रवृत्त विधि के अधीन, जो न्यासकर्ता को संपत्ति के व्ययन की अनुमति देती है

c. केवल मौखिक सहमति पर

d. केवल पारिवारिक निर्णय पर

 

93. न्यासकर्ता की संपत्ति के व्ययन की सीमा किससे निर्धारित होती है?

a. पंचायत के नियमों से

b. तत्समय प्रवृत्त विधि से

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. पुलिस की अनुमति से

 

94. धारा 7 के अनुसार न्यास का सृजन करने की क्षमता किस सिद्धांत पर आधारित है?

a. दंड विधि

b. संविदा करने की क्षमता

c. साक्ष्य विधि

d. प्रशासनिक विधि

 

95. यदि कोई व्यक्ति संविदा करने के लिए सक्षम नहीं है, तो सामान्यतः वह क्या नहीं कर सकता?

a. न्यास का सृजन

b. संपत्ति का उपयोग

c. वसीयत करना

d. संपत्ति खरीदना

 

96. धारा 7 के अनुसार न्यास का सृजन करते समय न्यासकर्ता को किस विधि के अधीन रहना होता है?

a. दंड संहिता

b. तत्समय प्रवृत्त विधि

c. सिविल प्रक्रिया संहिता

d. साक्ष्य अधिनियम

 

97. धारा 7 के अनुसार अप्राप्तवय द्वारा न्यास का सृजन किस प्रकार किया जा सकता है?

a. केवल मौखिक घोषणा से

b. न्यायालय की अनुमति से

c. केवल अभिभावक के आदेश से

d. केवल वसीयत से

 

98. धारा 7 के अनुसार न्यास का सृजन करने की क्षमता किन पर निर्भर करती है?

a. व्यक्ति की संपत्ति की मात्रा पर

b. व्यक्ति की संविदा करने की क्षमता पर

c. व्यक्ति की आयु पर ही

d. व्यक्ति के धर्म पर

 

99. धारा 7 का मूल सिद्धांत क्या है?

a. हर व्यक्ति न्यास बना सकता है

b. केवल न्यायालय न्यास बना सकता है

c. संविदा करने के लिए सक्षम व्यक्ति ही न्यास बना सकता है, और अप्राप्तवय न्यायालय की अनुमति से

d. केवल सरकार न्यास बना सकती है

 

100. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 8 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यास का सृजन

b. न्यास का विषय

c. न्यासी के कर्तव्य

d. न्यास का पंजीकरण

 

101. धारा 8 के अनुसार न्यास की विषय-वस्तु क्या होनी चाहिए?

a. कोई भी वस्तु

b. हिताधिकारी को अंतरणीय संपत्ति

c. केवल स्थावर संपत्ति

d. केवल धन

 

102. धारा 8 के अनुसार न्यास की विषय-वस्तु किस प्रकार की संपत्ति होनी चाहिए?

a. जो अंतरणीय न हो

b. जो हिताधिकारी को अंतरणीय हो

c. जो केवल राज्य को हस्तांतरित हो सके

d. जो केवल मौखिक रूप से दी जा सके

 

103. न्यास की विषय-वस्तु के संबंध में धारा 8 का मुख्य सिद्धांत क्या है?

a. न्यास किसी भी वस्तु पर बनाया जा सकता है

b. न्यास केवल अंतरणीय संपत्ति पर ही बनाया जा सकता है

c. न्यास केवल भूमि पर बनाया जा सकता है

d. न्यास केवल धन पर बनाया जा सकता है

 

104. धारा 8 के अनुसार न्यास की विषय-वस्तु क्या नहीं हो सकती?

a. अंतरणीय संपत्ति

b. संपत्ति में अधिकार

c. किसी विद्यमान न्यास के अधीन फायदाप्रद हित

d. जंगम संपत्ति

 

105. धारा 8 के अनुसार “फायदाप्रद हित” किस स्थिति में न्यास का विषय नहीं हो सकता?

a. जब वह किसी अस्तित्वशील न्यास के अधीन हो

b. जब वह भूमि से संबंधित हो

c. जब वह जंगम संपत्ति हो

d. जब वह धन हो

 

106. यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसे हित को न्यास का विषय बनाना चाहे जो पहले से ही किसी अन्य न्यास के अधीन हो, तो क्या होगा?

a. न्यास वैध होगा

b. न्यास अवैध होगा

c. न्यास आंशिक रूप से वैध होगा

d. न्यायालय नया न्यास बनाएगा

 

107. धारा 8 के अनुसार न्यास की विषय-वस्तु किसे हस्तांतरित की जा सकने वाली होनी चाहिए?

a. राज्य सरकार को

b. न्यायालय को

c. हिताधिकारी को

d. न्यासी को

 

108. यदि कोई संपत्ति हिताधिकारी को अंतरणीय नहीं है, तो क्या वह न्यास का विषय बन सकती है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल न्यायालय की अनुमति से

d. केवल वसीयत द्वारा

 

109. धारा 8 के अनुसार न्यास की विषय-वस्तु किस प्रकार की संपत्ति हो सकती है?

a. केवल स्थावर संपत्ति

b. केवल जंगम संपत्ति

c. कोई भी संपत्ति जो हिताधिकारी को अंतरणीय हो

d. केवल सरकारी संपत्ति

 

110. धारा 8 का मूल सिद्धांत क्या है?

a. न्यास का विषय कोई भी अधिकार हो सकता है

b. न्यास का विषय अंतरणीय संपत्ति होना चाहिए

c. न्यास का विषय केवल भूमि होना चाहिए

d. न्यास का विषय केवल धन होना चाहिए

 

111. धारा 8 के अनुसार न्यास की विषय-वस्तु का संबंध किससे होता है?

a. न्यासकर्ता से

b. हिताधिकारी से

c. न्यायालय से

d. राज्य सरकार से

 

112. धारा 8 किस सिद्धांत को स्थापित करती है?

a. संपत्ति का पंजीकरण

b. न्यास का विषय अंतरणीय संपत्ति होना चाहिए और वह किसी अन्य न्यास के अधीन फायदाप्रद हित नहीं होना चाहिए

c. न्यासी के अधिकार

d. न्यास का विघटन

 

113. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 9 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यासी की नियुक्ति

b. हिताधिकारी कौन हो सकेगा

c. न्यास का विषय

d. न्यास का सृजन

 

114. धारा 9 के अनुसार कौन व्यक्ति हिताधिकारी हो सकता है?

a. केवल न्यासकर्ता

b. केवल न्यायालय

c. संपत्ति धारण करने के लिए समर्थ हर व्यक्ति

d. केवल वयस्क व्यक्ति

 

115. धारा 9 के अनुसार हिताधिकारी बनने की मुख्य शर्त क्या है?

a. संविदा करने की क्षमता

b. संपत्ति धारण करने की क्षमता

c. न्यायालय की अनुमति

d. पंजीकरण

 

116. क्या एक अप्राप्तवय (Minor) हिताधिकारी हो सकता है?

a. नहीं

b. हाँ, यदि वह संपत्ति धारण कर सकता हो

c. केवल न्यायालय की अनुमति से

d. केवल अभिभावक की अनुमति से

 

117. धारा 9 के अनुसार हिताधिकारी अपने हित का त्याग किस प्रकार कर सकता है?

a. केवल मौखिक रूप से

b. न्यायालय में वाद दायर करके

c. न्यासी को संबोधित दावा-त्याग द्वारा

d. केवल सरकारी अनुमति से

 

118. हिताधिकारी अपने हित का त्याग और किस प्रकार कर सकता है?

a. संपत्ति बेचकर

b. न्यास की सूचना होते हुए उससे असंगत दावा खड़ा करके

c. न्यायालय में अपील करके

d. राज्य सरकार को आवेदन देकर

 

119. धारा 9 के अनुसार हित का त्याग किसके प्रति किया जाता है?

a. न्यायालय के प्रति

b. न्यासकर्ता के प्रति

c. न्यासी के प्रति

d. राज्य सरकार के प्रति

 

120. यदि हिताधिकारी न्यास की जानकारी होने के बावजूद उसके विपरीत दावा करता है, तो उसका क्या प्रभाव होगा?

a. न्यास समाप्त हो जाएगा

b. हिताधिकारी का हित त्याग माना जाएगा

c. न्यास अवैध हो जाएगा

d. न्यायालय नया न्यास बनाएगा

 

121. धारा 9 के अनुसार हिताधिकारी के हित के त्याग के लिए क्या आवश्यक है?

a. न्यायालय की अनुमति

b. न्यास की सूचना का ज्ञान

c. राज्य सरकार की अनुमति

d. केवल मौखिक घोषणा

 

122. धारा 9 के अनुसार हिताधिकारी बनने की क्षमता किससे निर्धारित होती है?

a. व्यक्ति की आयु से

b. व्यक्ति की संपत्ति से

c. संपत्ति धारण करने की क्षमता से

d. न्यायालय के आदेश से

 

123. यदि कोई व्यक्ति संपत्ति धारण करने के लिए सक्षम नहीं है, तो क्या वह हिताधिकारी बन सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल न्यायालय की अनुमति से

d. केवल न्यासकर्ता की अनुमति से

 

124. धारा 9 के अनुसार हिताधिकारी के अधिकार का त्याग किस प्रकार के कार्य से भी माना जा सकता है?

a. संपत्ति का पंजीकरण

b. न्यास से असंगत दावा प्रस्तुत करना

c. न्यायालय में अपील करना

d. संपत्ति का दान देना

 

125. हिताधिकारी द्वारा किया गया “दावा-त्याग” किसे संबोधित होता है?

a. न्यायालय को

b. न्यासी को

c. राज्य सरकार को

d. पंचायत को

 

126. धारा 9 का मूल सिद्धांत क्या है?

a. केवल वयस्क व्यक्ति ही हिताधिकारी हो सकते हैं

b. केवल न्यासी ही हिताधिकारी हो सकता है

c. संपत्ति धारण करने के लिए समर्थ हर व्यक्ति हिताधिकारी हो सकता है और वह अपना हित त्याग भी कर सकता है

d. केवल सरकार ही हिताधिकारी हो सकती है

 

127. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 10 किस विषय से संबंधित है?

a. न्यास का सृजन

b. न्यास का विषय

c. कौन न्यासी हो सकेगा

d. न्यास का पंजीकरण

 

128. धारा 10 के अनुसार सामान्यतः कौन व्यक्ति न्यासी हो सकता है?

a. केवल न्यायालय

b. केवल वयस्क व्यक्ति

c. संपत्ति धारण करने के लिए समर्थ हर व्यक्ति

d. केवल न्यासकर्ता

 

129. यदि न्यास में स्वविवेक (discretion) का प्रयोग आवश्यक हो, तो न्यासी के लिए क्या आवश्यक है?

a. केवल संपत्ति का स्वामी होना

b. संविदा करने के लिए सक्षम होना

c. न्यायालय की अनुमति होना

d. राज्य सरकार की अनुमति होना

 

130. क्या किसी व्यक्ति को न्यास स्वीकार करने के लिए बाध्य किया जा सकता है?

a. हाँ

b. नहीं

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल राज्य सरकार के आदेश से

 

131. न्यास का प्रतिग्रहण (Acceptance) किस प्रकार होता है?

a. केवल लिखित अनुबंध से

b. केवल न्यायालय के आदेश से

c. ऐसे शब्दों या कार्यों से जो प्रतिग्रहण को युक्तियुक्त निश्चितता से प्रदर्शित करें

d. केवल पंजीकरण से

 

132. यदि आशयित न्यासी न्यास स्वीकार नहीं करना चाहता, तो वह क्या कर सकता है?

a. न्यायालय में वाद दायर कर सकता है

b. न्यास से इन्कार कर सकता है

c. संपत्ति बेच सकता है

d. न्यास समाप्त कर सकता है

 

133. आशयित न्यासी न्यास से इन्कार कब तक कर सकता है?

a. किसी भी समय

b. युक्तियुक्त कालावधि के भीतर

c. केवल एक वर्ष के भीतर

d. केवल न्यायालय की अनुमति से

 

134. यदि आशयित न्यासी न्यास से इन्कार कर देता है, तो उसका क्या प्रभाव होता है?

a. न्यास समाप्त हो जाता है

b. न्यास-सम्पत्ति उस न्यासी में निहित नहीं होती

c. संपत्ति राज्य के पास चली जाती है

d. न्यायालय नया न्यासी नियुक्त करता है

 

135. यदि दो या अधिक सहन्यासियों में से एक न्यास से इन्कार कर दे, तो न्यास-सम्पत्ति किसमें निहित होगी?

a. न्यायालय में

b. राज्य सरकार में

c. अन्य न्यासी या न्यासियों में

d. न्यासकर्ता में

 

136. यदि सहन्यासियों में से एक इन्कार कर दे, तो शेष न्यासी कब से एकमात्र न्यासी माने जाएंगे?

a. न्यायालय के आदेश की तिथि से

b. न्यास के सृजन की तारीख से

c. इन्कार की तारीख से

d. पंजीकरण की तारीख से

 

137. यदि निष्पादक वसीयत को स्वीकार कर लें और संपत्ति को न्यास के रूप में धारण करें, तो इसका क्या प्रभाव होगा?

a. न्यास समाप्त हो जाएगा

b. यह न्यास का प्रतिग्रहण माना जाएगा

c. संपत्ति राज्य को चली जाएगी

d. न्यायालय नया न्यासी नियुक्त करेगा

 

138. यदि कोई व्यक्ति न्यास स्वीकार कर संपत्ति बेच देता है और उससे प्राप्त धन से ऋण चुकाता है, तो इसका क्या अर्थ होगा?

a. न्यास समाप्त हो गया

b. न्यास का प्रतिग्रहण हो गया

c. संपत्ति अवैध हो गई

d. नया न्यास बना

 

139. यदि निष्पादक साधारण आस्तियों में से धन अलग करके उसे निर्दिष्ट प्रयोजन के लिए विनियोजित कर दे, तो क्या माना जाएगा?

a. न्यास का सृजन

b. न्यास का प्रतिग्रहण

c. न्यास का समाप्ति

d. न्यास का निरसन

 

140. धारा 10 के अनुसार न्यासी बनने की मूल योग्यता क्या है?

a. केवल वयस्क होना

b. केवल न्यायालय का अधिकारी होना

c. संपत्ति धारण करने की क्षमता

d. केवल न्यासकर्ता होना