अपकृत्य कानून Paper-1 MCQs

अपकृत्य कानून Paper-1 MCQs

अपकृत्य कानून

(LAW OF TORTS)

 

1. अपकृत्य विधि की एक विशिष्ट शाखा है जिसकी उत्पत्ति हुई थी-

a. फ्रांस में

b. भारत में

c. इंग्लैंड में

d. अमेरिका में

 

2. अपकृत्य' की परिभाषा निहित है-

a. साधारण खंड अधिनियम, 1897 में

b. परिसीमा अधिनियम, 1963 में

c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 में

d. भारतीय दंड संहिता 1860 में

 

3. "अपकृत्य" को परिसीमा अधिनियम, 1963 की. किस धारा में परिभाषित किया गया है?

a. धारा 2(ड)

b. धारा 2(ठ)

c. धारा 2(ट)

d. धारा 2(ढ)

 

4. 'अपकृत्य' शब्द को किस भाषा के टॉरटम शब्द से व्युत्पन्न किया गया है जिसका अर्थ घुमाव होता है-

a. अंग्रेजी

b. फ्रेंच

c. ग्रीक

d. लैटिन

 

5. अपकृत्य का अर्थ है एक अऋिजुपूर्ण-

a. निवारण

b. सहमति

c. आचरण

d. उल्लंघन

 

6. अपकृत्य विधितः मुख्यतः किसके द्वारा विकसित हुआ है-

a. रूढ़ियों एवं पूर्व निर्णयं

b. न्यायिक निर्णयों

c. अधिनियमनों

d. उपरोक्त सभी

 

7. भारत का अपकृत्य विधि आधारित है

a. फ्रांस के ड्रोएट एडमिनिस्ट्रेटिर्फ पर

b. इंग्लैंड के कामन लॉ पर

c. भारत के संविधान पर

d. अमेरिका के अधिकार विधेयक पर

 

8. बुनियादी तौर पर, अपकृत्य एक प्रजाति है-

a. आपराधिक क्षति अथवा दोष की

b. सिविल क्षति अथवा दोष की

c. पर्याप्त क्षति अथवा दोष की

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

9. क्या एक दोष के लिए अपकृत्यात्मकं दायित्व एवं आपराधिक दायित्व दोनों उत्पन्न हो सकते हैं?.

a. केवल अपकृत्यात्मक दायित्व ही उत्पन्न हो सकता है

b. केवल आपराधिक दायित्व ही उत्पन्न हो सकता है।

c. दोनों दायित्व उत्पन्न हो सकते हैं।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

10. अपकृत्य विधि के अंतर्गत कर्तव्य किसके प्रति होता है-

a. सम्पूर्ण विश्व

b. किसी व्यक्ति विशेष

c. व्यक्तियों के किसी समूह

d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

 

11. अपकृत्य उल्लंघन होता है-

a. सर्वबंधी अधिकार का

b. व्यक्तिबंधी तथा सर्वबंधी अधिकार दोनों का

c. व्यक्तिबंधी अधिकार का

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

12. किसी कृत्य के

a. प्रतिवादी द्वारा एक कृत्य अथवा भूल किया जाना आवश्यक होता है

b. कार्य अथवा भूल का परिणाम वादी में निहित विधिक अधिकार का उल्लंघन होना चाहिए

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. दोनों में से कोई एक

 

13. एक अपकृत्य कर्तव्य भंग होता है, जो

a. पक्षकारों द्वारा आरोपित किया जाता है।

b. दांडिक विधि द्वारा आरोपित किया जाता है

c. विधि द्वारा आरोपित किया जाता है।

d. समाज द्वारा आरोपित किया जाता है

 

14. किसी अपकृत्य कार्य के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

a. यह एक सिविल दोष होता है।

b. सभी सिविल दोष अपकृत्य नहीं होते.

c. यह सर्वबंधी अधिकार प्रदान करता है

d. उपरोक्त सभी

 

15. अपकृत्य दायित्व प्राथमिक तौर पर विधि द्वारा निर्धारित कर्तव्यभंग से उत्पन्न होता है। यह कर्तव्य सामान्यतः व्यक्तियों के प्रति होता है तथा इसके भंग का निवारण अपरिनिर्धारित क्षतियों के लिए किए गए एक कार्य द्वारा किया जा सकता है।" उपरोक्त परिभाषा किसके द्वारा दी गई है-

a. पोलॉक

b. सामंड

c. विनफील्ड

d. इनमें से कोई नहीं

 

16. डैमनम साइन इंजूरिया (बिना क्षति के हानि) एक लैटिन सिद्धांत है जिसका अर्थ होता है-

a. वादी को बिना विधिक हानि पहुँचाए क्षति पहुंचाना

b. वादी को विधिक हानि के साथ क्षति पहुंचाना

c. क्षति, जो कार्यवाही योग्य हो

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

17. 'जहाँ अधिकार है वहाँ उपचार भी है' का आशय है-

a. जहाँ अधिकार है वहाँ कोई उपचार नहीं होता

b. बिना किसी गोष के कोई उपचार नहीं होता

c. बिना किसी उपचार के कोई अधिकार नहीं होता

d. ऐसा कोई दोष नहीं है जिसका उपचार न हो

 

18. Ubi Jus Ibi remedium के प्रिंसिपल को मान्यता दी गई थी-

a. रायलैड्स बनाम फ्लेचर

b. एशबी बनाम व्हाइट

c. पास्ली बनाम फ्रीमैन

d. लुमली बनाम में

 

19. पिजन-होल सिद्धांत के प्रतिपादक हैं-

a. आस्टिन

b. सामंड

c. विनफील्ड

d. उपरीक्त में कोई नहीं

 

20. निम्नलिखित में से किसकी धारणा है कि 'अपकृत्य का कोई कानून नहीं होता, किन्तु अपकृत्यों के कानून होते हैं'-

a. विनफील्ड

b. सामंड

c. सामंड तथा विनफील्ड दोनों

d. न सामंड न ही विनफील्ड

 

21. अपकृत्य कानून के अंतर्गत क्षतियाँ-

a. परिनिर्धारित होती हैं

b. सीमित होती हैं।

c. अपरिनिर्धारित होती हैं

d. अपरिनिर्धारित किन्तु सीमित होती हैं

 

22. अपरिनिर्धारित क्षतियों में क्षति होती है-

a. पूर्व-निर्धारित नहीं

b. पूर्व-निर्धारित

c. पक्षकारों द्वारा हाथों-हाथ निर्धारित

d. कोई विधिक कार्यवाही संलिप्त नहीं होती

 

23. विधि में दुर्भावना का अर्थ होता है-

a. जानबूझकर किया गया दोष कार्य किन्तु बिना किसी कारण अथवा बहाने के

b. जानबूझकर किया गया कार्यबिना किसी चिकारण अथवा बहाने के

c. अच्छे उद्देश्य के साथ जानबूझकर किया गया दोष कार्य

d. बुरे उद्देश्य के साथ जानबूझकर किया गया सदोष कार्य

 

24. 'तथ्यात्मक दुर्भावना' का अर्थ होता है-

a. बुरे उद्देश्य के साथ जानबूझकर किया गया सदोष कार्य

b. बुरे उद्देश्य के बिना जानबूझकर किया गया सदोष कार्य

c. न्यायोचित कारण के बिना किया गया सदोष कार्य

d. अच्छे उद्देश्य के साथ किया गया सदोष कार्य

 

25. निम्नलिखित में से क्या अपकृत्य विधि का एक उद्देश्य नहीं है?

a. निवारण

b. नैतिक आरोप को आरोपित किया जाना

c. प्रतिकर

d. सुधारात्मक न्याय

 

26. एक्स तुर्पी काउसा नॉन ओरिटर एक्सियो (एक अधम कार्य से कार्यवाही उत्पन्न नहीं होती) का अर्थ होता है-

a. एक अनैतिक कारण से कोई कार्यवाही उत्पन्न होती है।

b. एक अनैतिक कारण से कोई कार्यवाही उत्पन्न नहीं होती

c. एक अनैतिक कारण से कार्यवाही उत्पन्न हो अथवा नहीं हो सकती है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

27. वोलेन्टी नॉन फिट इन्जूरिया (ऐच्छिक कार्य दुष्कृति नहीं होता) होता है-

a. अपकृत्य के लिए कार्यवाही प्रारंभ करने का एक आधार

b. अपकृत्य के लिए एक कार्यवाही में एक बचाव नहीं (

c. अपकृत्य पर आधारित किसी कार्यवाही में एक बचाव

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

28. साईटी नॉन फिट इन्जूरिया के सिद्धांत का अर्थ है-

a. केवल जानकारी का अर्थ जोखिम लेने की सहमति नहीं होता

b. जहाँ कोई गलती नहीं है वहाँ कोई उपचार नहीं होता

c. केवल सहमति देने का अर्थ जोखिम उठाना नहीं होता

d. चोट कारित करने के लिए वैज्ञानिक जानकारी पर्याप्त नहीं होती

 

29. 'आवश्यकता' एक बचाव के रूप में तब उपलब्ध होती है जब एक हानि कारित की गई हो-

a. एक छोटी बुराई को रोकने के लिए

b. एक बड़ी बुराई को रोकने के लिए

c. किसी बुराई को न रोकने के लिए

d. उपरोक्त सभी

 

30. एक अपरिहार्य दुर्घटना का अर्थ होता है-

a. ईश्वरीय कृत्य

b. एक अनपेक्षित क्षति जिसका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता हो और न टाला जा सकता हो

c. एक अपनेक्षित क्षति जिसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता हो और बचा जा सकता हो

d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

 

31. निम्नलिखित में से क्या एक अपकृत्य में एक सामान्य बचाव नहीं है?

a. आवश्यकता

b. आर्थिक अस्थिरता

c. व्यक्तिगत प्रतिरक्षा

d. सहमति

 

32. निम्नलिखित में से कौन सा दुष्कृति में वैध बचाव नहीं है-

a. वोलन्टी नॉन फिर इंजूरिया

b. “साइटी नॉन फिट इंजुरिया"

c. विस मेजर

d. सहमति

 

33. निम्नलिखित में से किसका उपयोग अपकृत्य के लिए एक कार्यवाही में बचाव के रूप में नहीं किया जा सकता?

a. एक करदाता

b. राज्य के कृत्य

c. न्यायिक कृत्य

d. संवैधानिक प्राधिकारी / प्राधिकार

 

34. बचाव के मामले किस सिद्धांत के अनुप्रयोजन के एक अपवाद को जन्म देते हैं-

a. आवश्यकता

b. अपरिहार्य दुर्घटना

c. ऐच्छिक कार्य दुष्कृति नहीं होता

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

35. किसी शल्य चिकित्सा के लिए दी गई सहमति बाद में एक शल्य चिकित्सक पर किस बचाव से वाद नहीं ला सकती है-

a. बिना क्षति के हानि (डेमनम साइन इन्जूरिया)

b. ऐच्छिक कार्य दुष्कृति नहीं होता (वोलेन्टी नॉन फिट इन्जूरिया)

c. बिना हानि के क्षति (इन्जूरिया साइन डेमनम)

d. जहाँ अधिकार है वहाँ उपचार भी है (यूबी जस इबी रेमेडियम)

 

36. संयुक्त अपकृत्यकारियों का दायित्व होता है-

a. केवल संयुक्त

b. संयुक्त तथा पृथक-पृथक

c. केवल पृथक-पृथक

d. न संयुक्त न ही पृथक-पृथक

 

37. कठोर दायित्व का नियम किसके द्वारा प्रतिपादित किया गया था-

a. लॉर्ड देवलिन

b. न्यायमूर्ति ब्लैकबर्न

c. लॉर्ड एटकिन

d. जस्टिस होल्ड

 

38. नोवस एक्टस इंटरवेनियन्स (मध्यवर्ती नवीन कार्य) शब्द का अर्थ होता है-

a. क्षति की दूरस्थता

b. क्षति की प्रत्यक्षता

c. प्रत्यक्ष अथवा दूरस्थ क्षति

d. पूर्वानुमानयोग्य क्षतियाँ

 

39. क्षति की दूरस्थता का निर्धारण किया जा सकता है-

a. समीपता के परीक्षण द्वारा

b. प्रत्यक्षता के परीक्षण द्वारा

c. सापेक्षता के परीक्षण द्वारा

d. दूरस्थता के परीक्षण द्वारा

 

40. प्रतिनिधिक दायित्व का सिद्धांत उस समय लागू होता है जब-

a. मालिक एवं अभिकर्ता का सम्बन्ध मौजूद हो

b. साझेदारी के सम्बन्ध मौजूद हों

c. मालिक एवं सेवक के सम्बन्ध मौजूद हों

d. उपरोक्त सभी

 

41. मालिक अपने सेवक द्वारा किए गए कृत्यों के लिए उत्तरदायी होता है-

a. अपने नियोजन के अनुक्रम के बाहर

b. अपने नियोजन के अनुक्रम के दौरान

c. अपने रोजगार के कामकाज के दौरान अथवा उसके बाहर

d. यदि कार्य मालिक के लाभार्थ किया गया हो

 

42. प्रतिनिधिक दायित्व के सिद्धांत के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा तथ्य सही है?

a. मालिक अपने अभिकर्ता के सदोष कार्य के लिए उत्तरदायी होता है

b. मालिक अपने सेवक के अपकृत्यों के लिए उत्तरदायी होता है

c. साझेदार एक-दूसरे के सदोष कार्यों के लिए उत्तरदायी होते हैं

d. उपरोक्त सभी सही हैं।

 

43. प्रतिनिधिक दायित्व के मामले में, दायित्व होता है-

a. संयुक्त तथा पृथक-पृथक

b. केवल संयुक्त

c. केवल पृथक-पृथक

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

44. अपकृत्य विधि के अंतर्गत एक सेवक द्वारा किए गए कार्य के लिए उसके मालिक के दायित्व को क्या कहा जाता है?

a. प्रतिनिधिक दायित्व

b. संपूर्ण दायित्व

c. अपकृत्यात्मक दायित्व

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

45. 'क्विी फेसिट पर एल्यूइम फेसिट पर से' का अर्थ होता है-

a. वह जो पृथक होने की शक्ति नहीं रखता, सेवक रखने की आवश्यकता के अधीन होता है

b. वह जो दूसरों के माध्यम से कार्य करता है स्वयं कार्य करता है

c. वह, जो निषेध करने में समर्थ होने पर निषेध नहीं करता, दोषी होता है।

d. मौन रहने वाला सहमति देता प्रतीत होता है।

 

46. क्विी फेसिट पर एल्यूइम फेसिट पर से' का अपकृत्य विधि का एक सिद्धांत है। यह अपकृत्य के किस कार्य से सम्बन्धित है?

a. वाद लाने की योग्यता

b. उपेक्षा

c. मानहानि

d. प्रतिनिधिक दायित्व

 

47. मेक्सिम रेस्पोन्डेट सुपीरियर के सिद्धांत का अर्थ होता है-

a. सेवक को उत्तरदायी ठहराया जाए

b. पड़ोसी को उत्तरदायी ठहराया जाए

c. मालिक को उत्तरदायी ठहराया जाए

d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

 

48. कठोर दायित्व का नियम उस समय लागू नहीं होता करता, दोषी होता है।

a. भूल के कारण

b. ईश्वरीय कृत्य के कारण

c. उपेक्षा के कारण

d. अपरिहार्य दुर्घटना के कारण

 

49. किसी व्यक्ति के साथ अतिचार के तीन प्रमुख स्वरूप हैं-

a. हमला, संप्रहार तथा मिथ्या कारावास

b. हमला, संप्रहार तथा मानहानि

c. हमला, संप्रहार तथा सदोष अवरोध कारित करना

d. हमला, संप्रहार तथा सदोष परिरोध

 

50. हमला-

a. एक अपराध होता है

b. अपराध के साथ-साथ अपकृत्य होता है।

c. सिविल दोष का एक अपकृत्य होता है।

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

51. किसी व्यक्ति पर जानबूझकर थूकना किस अपकृत्य के समान कार्यवाही योग्य होता है-

a. संप्रहार

b. हमला

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों

d. न तो (a) न ही (b)

 

52. मिथ्या कारावास के अपकृत्य के लिए क्या होना आवश्यक होता है-

a. किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता पर संपूर्ण अवरोध

b. किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता पर आंशिक अवरोध

c. बच निकलने के साधन

d. उपरोक्त सभी

 

53. मिथ्या कारावास' का अर्थ है-

a. विधिपूर्ण औचित्य के बिना किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को पूर्णरूपेण अवरुद्ध करना

b. विधिपूर्ण औचित्य के बिना किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को अवरूद्ध करना

c. विधिपूर्ण औचित्य के बिना किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को आंशिकतौर पर अवरूद्ध करना

d. किसी व्यक्ति को झूठे आरोप में अपकृत्य के लिए कारावास में डालना

 

54. एक अपकृत्य के रूप में 'उपताप' को "किसी व्यक्ति के भूमि, अथवा उस पर किसी अधिकार, अथवा उससे सम्बन्धित किसी उपयोग में विधिविरूद्ध हस्तक्षेप करना" के रूप में किसके द्वारा परिभाषित किया गया है-

a. सामंड

b. पोलॉक

c. विनफील्ड

d. अंडरहिल

 

55. "किसी व्यक्ति के भूमि, अथवा उसपर किसी अधिकार, अथवा उससे सम्बन्धित किसी उपयोग में विधिविरूद्ध हस्तक्षेप करना" को किस प्रकार का अपकृत्य के रूप में जाना जाता है-

a. अतिचार

b. उपताप

c. उपेक्षा

d. संपरिवर्तन

 

56. उपताप होता है-

a. ऐसा कपटपूर्ण मिथ्या व्यपदेशन जो किसी अन्य को एक शून्य संविदा में प्रवेश हेतु प्रेरित करे

b. सुरक्षा कर्मी द्वारा विधिविरूद्ध निरोध अथवा शारीरिक परिरोध

c. किसी अन्य की वस्तु अथवा सेवा को अपनी निजी संपत्ति के रूप में हस्तांतरित करना

d. किसी कब्जेदार की संपत्ति पर ऐसी कोई भी गतिविधि जो पड़ोसी के अपनी निजी संपत्ति के अधिकार के उपयोग में हस्तक्षेप करती हो

 

57. उपताप हो सकता है-

a. केवल लोक

b. केवल व्यक्तिगत

c. लोक तथा व्यक्तिगत दोनों

d. न तो लोक न ही व्यक्तिगत

 

58. यदि एक व्यक्ति लोक उपताप के अपकृत्य के लिए अपकृत्य विधि के अधीन कार्यवाही करना चाहता है तो उसे यह अवश्य सिद्ध करना होगा कि-

a. क्षति व्यापक जनसामान्य को प्रभावित करती है।

b. क्षति प्रत्यक्ष थी और उसके लिए भारी थी

c. क्षति आपराधिक प्रकृति की थी

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

59. उपताप के अपकृत्य की अनिवार्यताएं हैं-

a. अनुचित हस्तक्षेप

b. भूमि के उपयोग के साथ हस्तक्षेप

c. क्षति

d. उपरोक्त सभी

 

60. निम्नलिखित में से कौन उपताप के अपकृत्य का बचाव है-

a. चिरभोग

b. सांविधिक प्राधिकार

c. दोनों (a) और (b)

d. इनमें से कोई नहीं

 

61. उपेक्षा के दोष में किसका भंग होता है-

a. प्रतिवादी के विधिक कर्तव्य का

b. प्रतिवादी के विधिक अधिकार का

c. सद्भावना का

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

62. उपेक्षा के दुष्कृत्य के लिए एक कार्रवाई में सफल होने के लिए क्या साबित करना आवश्यक है-

a. निरंतर क्षति

b. किसी व्यक्ति के प्रति कर्तव्य का उल्लंघन

c. वादी के प्रति कर्त्तव्य का उल्लंघन

d. इनमें से कोई नहीं

 

63. " उपेक्षा दोषपूर्ण असावधानी होती है।" यह दृष्टिकोण किसके द्वारा व्यक्त किया गया था-

a. पोलॉक

b. हॉल्सबरी

c. सामंड

d. विनफील्ड

 

64. उपेक्षा' के अपकृत्य में प्रतिवादी की ओर से वांछित 'देखभाल का स्तर होता है-

a. अत्यधिक कुशल व्यक्ति का

b. न्यूनतम समझ रखने वाले किसी व्यक्ति का

c. एक युक्तियुक्त प्रज्ञावान व्यक्ति का

d. विधिक समझ रखने वाले व्यक्ति का

 

65. मानहानि योग्य मामला लिखे जाने पर मानहानि के लिए कोई कार्रवाई नहीं होती है-

a. टेलीग्राम में

b. नोटिस बोर्ड पर

c. एक पत्र में लेकिन पोस्ट नहीं किया गया और खुद कीअभिरक्षा में रखा गया

d. पोस्टकार्ड में

 

66. रेस इप्सा लोकिटर का सिद्धांत होता है-

a. साक्ष्य का नियम

b. विधि का नियम

c. प्रक्रिया का नियम

d. उपेक्षा का नियम

 

67. 'तथ्य स्वयं बोलते हैं' को किस सिद्धांत द्वारा व्यक्त किया जाता है-

a. रेस इप्सा लाक्विटर

b. यूबी जस इबी रिमेडियम

c. नोवस एक्टस इंटरवेनियन्स

d. काजा काजान्स

 

68. अंतिम अवसर का नियम किससे सम्बन्धित है-

a. संपूर्ण दायित्व

b. योगदायी उपेक्षा

c. कठोर दायित्व

d. ऐच्छिक कार्य दुष्कृति नहीं होता

 

69. 'मानहानि' करने वाले दो अपकृत्य हैं-

a. हमला एवं संप्रहार

b. अपमान लेख तथा अपमान वचन

c. पूर्ण दायित्व

d. उपेक्षा

 

70. निम्नलिखित में से क्या अपमान लेख के एक मामले को स्थापित करने का तत्व नहीं होता?

a. प्रकाशन

b. अपमानजनक कथन

c. वादी का संदर्भ

d. जनता का एक वर्ग जो वादी के बारे में कम जानकारी रखता है

 

71. मानहानि को अपमान लेख एवं अपमान वचन के अंतर्गत कहाँ विभाजित किया गया है?

a. केवल आंग्ल विधि में

b. केवल भारतीय विधि में

c. ब्रिटिश तथा भारतीय दोनों विधियों में

d. उपरोक्त में किसी में नहीं

 

72. मानहानि का अपकृत्य किससे सम्बन्धित हो सकता है-

a. केवल जीवित व्यक्तियों से

b. मृत व्यक्तियों से

c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों से

d. (a) अथवा (b) में से एक से

 

73. निम्नलिखित में से किस स्थिति के अंतर्गत संपूर्ण विशेषाधिकार लागू होता है?

a. विधि समिति के समक्ष किसी अधिवक्ता के सम्बन्ध में प्रस्तुत शिकायत

b. किसी प्रेस वार्ता में किया गया कथन

c. संसद में किया गया कथन

d. समाचारपत्र में कार्टून

 

74. निम्नलिखित में से किसे विद्वेषपूर्ण अभियोजन के तौर पर वर्णित किया जा सकता है

a. धन वसूली की कार्यवाही

b. आपराधिक कार्यवाही

c. दीवालियापन की कार्यवाही

d. विघटन की कार्यवाही

 

75. विद्वेषपूर्ण अभियोजन में शामिल होता है-

a. विद्वेषपूर्वक तथा बिना समुचित एवं संभाव्य कारण के असफल सिविल कार्यवाही प्रारंभ करना

b. विद्वेषपूर्वक तथा बिना समुचित एवं संभाव्य कारण के असफल आपराधिक कार्यवाही प्रारंभ करना

c. (a) तथा (b) दोनों

d. न (a) न ही (b)

 

76. विद्वेषपूर्ण अभियोजन के आधार पर क्षतिपूर्ति के एक वाद में वादी द्वारा क्या सिद्ध किया जाना आवश्यक होता है?

a. यह कि उसे प्रतिवादी द्वारा अभियोजित किया गया था

b. यह कि अभियोजन बिना समुचित एवं संभाव्य कारण के था

c. विद्वेषपूर्ण अभियोजन की कार्यवाही वादी के हक में समाप्त हुई थी

d. उपरोक्त सभी

 

77. संपत्ति के अतिचार के सिद्धांत में शामिल होते हैं-

a. एक अजन्में शिशु को चोट

b. किसी व्यक्ति की भूमि पर अनुचित भौतिक अतिक्रमण

c. अपदूषण

d. अप्रत्यक्ष परिणाम

 

78. अतिचार के लिए कार्यवाही किस व्यक्ति द्वारा प्रारंभ की जा सकती है-

a. कब्जेदार द्वारा जो स्वामी भी हो

b. कब्जेदार द्वारा, भले ही वह स्वामी न भी हो

c. कब्जाहीन व्यक्ति द्वारा

d. (a) तथा (b) दोनों

 

79. भूमि पर अतिचार सदोष होता है-

a. स्वामित्व के विरूद्ध

b. कब्जे के विरूद्ध

c. स्वामित्वं तथा कब्जे दोनों के विरूद्ध

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

80. निम्नलिखित में से क्या भूमि पर अतिचार के लिए उपचार है?

a. पुनः प्रवेश

b. बेदखली हेतु कार्यवाही

c. अंतःकालीन लाभ हेतु कार्यवाही

d. उपरोक्त सभी

 

81. स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया बनाम श्यामा देवी का वाद सम्बन्धित है-

a. उपेक्षा से

b. प्रतिनिधिक दायित्व से

c. सामान्य बचाव से

d. आत्यन्तिक दायित्व से

 

82. निम्नलिखित स्थिति में से किसमें 'प' और 'स' संयुक्त अपकृत्यकर्ता हैं?

a. 'प', 'द' की मानहानि वाला एक लेख प्रकाशित करता है तथा बाद में 'स' भी 'द' की मानहानि वाला एक पत्र प्रकाशित करता है

b. दो मोटर चालक 'प' और 'स' उपेक्षा के कारण टकरा जाते हैं जिसमें एक पैदल चलने वाले व्यक्ति 'द' को क्षति पहुँचाते हैं

c. 'प' और 'स' मिलकर कार्य करते हुए 'द' को क्षति पहुँचाते हैं

d. 'प' जो 'स' का सेवक हैं अपने कार्यस्थल पर 'द' पर इसलिए प्रहार करता है कि उसने 'प' का ऋण नहीं चुकाया था

 

83. "संयुक्त अपकृत्यकर्ताओं द्वारा आपस में अंशदान नहीं होगा" नियम की समाप्ति कैसे हुई?

a. न्यायिक निर्णयों से

b. राजाज्ञा से

c. विधायी अधिनियम से

d. यूरोपीय कन्वेन्शन से

 

84. संयुक्त अपकृत्यकर्ताओं के मामले में निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम सही है?

a. उनमें से एक के विरुद्ध निर्णय अन्य के विरुद्ध वाद लाने का अपवर्जन करता है यद्यपि निर्णय की तुष्टि नहीं हो सकी है

b. एक अपकृत्यकर्ता के विरुद्ध ऐसा निर्णय जिंसकों तुष्टि नहीं हुई है, अन्य के विरुद्ध कार्रवाई का वर्जन नहीं करता

c. एक की निर्मुक्ति से सभी की निर्मुक्ति हो जाती है

d. एक अपकृत्यकर्ता जो पूर्ण रूप से क्षतिपूर्ति का पालन कर चुका है अन्य अपकृत्यकर्ताओं से. क्षतिपूर्ति या अंशदान प्राप्त नहीं कर सकता है

 

85. मर्सी डाक्स एण्ड हार्बर बोर्ड बनाम कागिन्स एण्ड ग्रिफिथस, (1946) 2 आल० आई० आर० 345 (एच० एल०) निम्नलिखित एक वाद है-

a. सेवाकाल के दौरान

b. अभिकर्ता प्रधान सम्बन्ध

c. सेवक द्वारा किया गया कपट

d. मालिक और सेवक सम्बन्ध

 

86. सही उत्तर इंगित कीजिए-

सेवक के दोषपूर्ण कार्य के लिए मालिक के दायित्व का कारण है-

a. मालिक और सेवक का सम्बन्ध

b. आदेश

c. विवक्षित प्राधिकार

d. अनुसमर्थन

 

87. एक स्वतन्त्र ठेकेदार के अपकृत्यों के लिए-

a. नियोजक साधारणतया प्रतिनिधिक रूप से उत्तरदायी होता है

b. सिद्धान्ततः नियोजक प्रतिनिधिक रूप में उत्तरदायी नहीं होता है

c. नियोजक किन्हीं भी परिस्थितियों में उत्तरदायी नहीं बनाया जा सकता है

d. नियोजक

 

88. सम्पूर्ण दायित्व का तर्काधार यह है कि परिसंकटमय कार्य करने वाले व्यक्ति-

a. दायी हैं चाहे उन्होंने कोई दोष न भी किया हो

b. दायी हैं यदि वे दोषी हैं

c. भागतः दायी हैं चाहे वे दोषी ने भी हों

d. दायी हैं यदि उन्होंने युक्तियुक्त सावधानी न बरती हो

 

89. एक स्वतन्त्र ठेकेदार द्वारा किये अपकृत्य के लिये -

a. नियोजक सिद्धान्ततः प्रतिनिधिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता है

b. नियोजक सामान्यतया प्रतिनिधिक रूप से उत्तरदायी होता है

c. नियोजक उत्तरदायी होगा यद्यपि उसने वादी के प्रति अपने किसी कर्तव्य को भंग नहीं किया है

d. नियोजक किसी भी परिस्थिति में उत्तरदायी नहीं हो सकता है

 

90. निम्न वक्तव्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-

कथन (A): A एक संयुक्त अपकृत्यकर्ता B के उस नुकसानी का दावा नहीं करता जो A को इसलिए देनी पड़ी कि उन दोनों ने संयुक्त रूप से Y को हानि कारित थी।

कारण (R): मेरीवेदर बनाम निक्सन में यह नियम अभिकथित है कि संयुक्त अपकृत्यकर्ताओं के बीच कोई अंशदान नहीं हो सकता।

कूट:

a. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है

b. A और दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही स्पष्टीकरण नहीं है

c. A सही है परन्तु R गलत है

d. A गलत है परन्तु R सही है

 

91. प्रतिवादी की जमीन पर उगे एक वृक्ष की शाखा राजमार्ग के ऊपर जमीन से 10 मीटर की ऊँचाई पर लटकी है। जब वादी की गाड़ी राजमार्ग पर जा रही थी तब वृक्ष की एक शाखा अचानक बादी की गाड़ी पर गिर पड़ी यदि वादी न्यूसेन्स के आधार पर गाड़ी को नुकसान पहुँचाने के लिए प्रतिवादी के विरुद्ध वाद लाता है तब उपरोक्त वाद में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सही है-

a. प्रतिवादी कठोर दायित्व के सिद्धान्त के अधीन दायी है

b. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी है

c. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी नहीं है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

92. निम्नलिखित में उस परिस्थिति की पहचान कीजिए जिसमें प्रतिवादी का वादी के प्रति सावधानी बरतने का कर्तव्य नहीं है?

a. जहाँ वादी और प्रतिवादी पड़ोसी हैं

b. जहाँ वादी और प्रतिवादी कारोबार में भागीदार हैं

c. जहाँ प्रतिवादी ने एक घर वादी को बेचा है

d. जहाँ स्वयं वादी का प्रतिवादी के प्रति कोई विधिक कर्तव्य नहीं है

 

93. "कॉमन लॉ के अन्तर्गत यह नियम था कि यदि संयुक्त क्षतिकर्ताओं के प्रति वाद लाया गया है और उनमें से एक क्षतिकर्ता ने सम्पूर्ण क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान किया है, तो वह दूसरे संयुक्त क्षतिकर्ताओं से अंशदान नहीं प्राप्त कर सकता था"। इस नियम को प्रतिपादित किया गया-

a. मैरीवेदर बनाम निक्सन में

b. निक्सन बनाम हेण्डन में

c. मैन्चेस्टर कार्पोरेशन बनाम मार्कलेण्ड में

d. किंग बनाम लिवरपुल सिटी काउन्सिल में

 

94. दोषपूर्ण कृत्य कारित करने में संयुक्त दुष्कृतिकर्ता वे व्यक्ति होते हैं जो -

a. सहायता करते हैं

b. निदेश देते हैं

c. दोषपूर्ण अवैध षड्यन्त्र को अग्रसर करने में कारित करते हैं

d. उपरोक्त सभी

 

95. संयुक्त अपकृत्यकर्ता संयुक्त और पृथक् रूप से दायी हैं, इसका अर्थ है-

a. एक दायी नहीं होगा जब तक कि दूसरा दायी नहीं

b. प्रत्येक दायी है मानो वह कार्य प्रत्येक ने अकेले किया है

c. केवल एक दायी है दूसरा नहीं

d. वाद सबके विरुद्ध संस्थित किया जाना चाहिए

 

96. संयुक्त अपकर्ता के आपस में दायित्व के सम्बन्ध में मैरीवेदर बनाम निक्सन के वाद में प्रतिपादित सिद्धान्त को निम्न में से किस उच्च न्यायालय में लागू किया है?

a. मद्रास

b. नागपुर

c. कलकत्ता

d. इलाहाबाद

 

97. मेरीवेदर बनाम निक्सन का वाद सम्बन्धित है-

a. जहाँ अधिकार है वहाँ उपाय है

b. किसी दोषपूर्ण कार्य से कार्यवाही का अधिकार उत्पन्न नहीं होता

c. स्वेच्छा से सही गयी हानि दावा योग्य नहीं होती

d. बिना क्षति के हानि

 

98. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?

सभी व्यक्ति संयुक्त अपकृत्यकर्ता हैं-

a. जिनके कार्यों का परिणाम एक नुकसान है

b. जिन्होंने दोषपूर्ण कार्य किया है या उसमें संयुक्त हुए हैं

c. जिन्होंने वही एक कार्य किया है

d. जिन्होंने दूसरों को दोषपूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया है

 

99. निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही नहीं है?

a. अपकृत्य के परिणामस्वरूप होने वाले पूर्ण नुकसान के लिए संयुक्त अपकृत्यकर्ता, संयुक्त रूप और पृथक् पृथक् रूप से दायी होते हैं

b. संयुक्त दायित्व बनाने के लिए, शिकायत वाला कृत्य, संयुक्त या पृथक् में से कोई भी नहीं हो सकता

c. यदि संयुक्त वाद लाया गया हो, तो नुकसान सभी से या किसी से उद्‌गृहीत किया जा सकता है

d. संयुक्त दायित्व तब उत्पन्न होता है, जब एक व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा कार्य करने के लिए लगाता है जो एक कृत्य हो जाता है

 

100. निम्नलिखित स्थितियों में से संयुक्त दायित्व से कौन-सी सम्बन्धित है?

1. जब कोई व्यक्ति किसी को कोई कार्य करने के लिए नियुक्त करता है जो अपकृत्य बन जाए।

2. सेवक को स्वामी कोई कार्य करने के लिए नियुक्त करता है जो अपकृत्य हो।

3. दो या अधिक व्यक्ति अपकृत्य कारित करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करे।

4. दो या अधिक व्यक्ति दोषपूर्ण कार्य करें जिससे एक की नुकसान कारित हो।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

a. 1 तथा 2

b. 1, 2 तथा 3

c. 2, 3 तथा 4

d. 1, 3 तथा 4

 

101. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. एक 'स्वतन्त्र ठेकेदार' वह व्यक्ति है जो नियोजक के साथ सेवा की संविदा के अन्तर्गत कार्य करता है

b. एक 'स्वतन्त्र ठेकेदार' वह व्यक्ति है जो नियोजक के नियन्त्रण में न होते हुए भी किसी विशिष्ट कार्य का एक निश्चित परिणाम देने के लिए वचनबद्ध होता है

c. प्रतिनिधिक दायित्व के प्रयोजनों के लिए 'सेवक' तथा 'स्वतन्त्र ठेकेदार' में कोई भेद नहीं है

d. एक 'स्वतन्त्र ठेकेदार' लोक सेवक होता है

 

102. निम्नलिखित में से किस वाद में पूर्ण दायित्व का सिद्धान्त प्रतिपादित किया गया है?

a. रायलैण्ड्स बनाम फ्लेचर

b. एम० सी० मेहता बनाम भारत संघ

c. डेरी बनाम पीक

d. दोनोघ बनाम स्टीवेन्सन

 

103. ओलियम गैस रिसाव वाद के विधायी परिणामस्वरूप भारतीय संसद ने एक विधि का अधिनियमन किया था। निम्नलिखित में से वह कौन-सा विधान था?

a. लोक दायित्व बीमा अधिनियम, 1991

b. राष्ट्रीय पर्यावरण अधिकरण अधिनियम, 1995

c. परिसंकटमय अपशिष्ट (प्रबन्धन एवं हथालन) अधिनियम, 1989

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

104. पूर्ण दायित्व के सिद्धान्त को औद्योगिक क्षतियों तक विस्तृत किया गया-

a. न्यायमूर्ति पी० एन० भगवती द्वारा

b. न्यायमूर्ति ब्लैकबर्न द्वारा

c. न्यायमूर्ति वी० आर० कृष्ण अय्यर द्वारा

d. लॉर्ड इटकिन द्वारा

 

105. कठोर दायित्व का नियम वहाँ लागू होता है जहाँ क्षति कारित होती हैं-

a. अपरिचित के कृत्य से

b. खतरनाक वस्तुओं के पलायन से

c. दैवी कृत्य से

d. भूमि के प्राकृतिक उपयोग से

 

106. कठोर दायित्व के अपकृत्य हैं, जिनमें-

a. प्रतिवादी को आशय या उपेक्षा को सिद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है

b. दायित्व प्रतिवादी के दोष पर आधारित होता है

c. न्यायालय किसी भी प्रतिवाद की अनुमति नहीं देता है

d. प्रतिवादी के अमकार से सम्पूर्ण समाज विपरीत रूप से प्रमाणित होता है

 

107. रायलैण्ड्स बनाम फ्लैचर के नियम में उत्तरदायित्व के आधार के रूप में निम्नलिखित में से किसको धारित किया गया है?

a. सशर्त दायित्व

b. कठोर दायित्व

c. दोष दायित्व

d. बीमा दायित्व

 

108. रायलैण्ड्स बनाम फ्लैचर का नियम उस समय लागू नहीं होता जब बच निकलने का कारक है-

a. अपरिहार्य दुर्घटना

b. प्रतिवादी की उपेक्षा

c. दैवकृत

d. भूल

 

109. कठोर दायित्व के सिद्धान्त पर प्रमुख वाद है?

a. डेरी बनाम पीक

b. बटरफील्ड बनाम फोरेस्टर

c. रायलैण्ड्स बनाम फ्लेचर

d. एशबी बनाम ह्वाइट

 

110. राइलैण्ड्स बनाम फ्लेचर का निर्णय दायित्व का निम्नलिखित सिद्धान्त निर्धारित करता है-

a. कठोर दायित्व का सिद्धान्त

b. दोष पर आधारित दायित्व

c. पूर्ण दायित्व का सिद्धान्त

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

111. अन्तर्निहितः खतरनाक अथवा अत्यन्त जोखिम वाले उद्यमों में उत्पन्न क्षति के मामलों में दायित्व-

a. आत्यान्तिक होता है

b. कठोर होता है।

c. प्रतिवादी की उपेक्षा पर आधारित होता है

d. प्रतिवादी के आशय पर आधारित होता है

 

112. कथन (A): जो हिंसक पशु को अपने साथ रखता है वह जोखिम उठाता है।

कारण (R): हिंसक पशु को अपने साथ रखना दोषपूर्ण नहीं है, दोष है उसे अपने नियन्त्रण से बाहर निकल जाने देना जिसके परिणामस्वरूप हानि उत्पन्न हो।

a. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है

b. A और दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही स्पष्टीकरण नहीं है

c. A सही है परन्तु R गलत है

d. A गलत है परन्तु R सही है

 

113. निम्नलिखित न्यायाधीशों में से कौन अपकृत्य में पूर्ण दायित्व के सिद्धान्त के विकास का प्रतीक माना जाता है?

a. ब्लैकबर्न जे०

b. लॉर्ड डैनिग एम० आर०

c. लॉर्ड हैल्सबरी

d. न्यायमूर्ति पी० एन० भगवती

 

114. दोषरहित दायित्व का सिद्धान्त उच्चतम न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया है-

a. एम० सी० मेहता बनाम कमलनाथ के बाद में

b. एम० सी० मेहता बनाम सुमन मोटल्स के वाद में

c. एम० सी० मेहता बनाम भारत संघ के बाद में

d. पंजाब राज्य बनाम मेसर्स मॉडर्न कल्टीवेटर्स के वाद में

 

115. जिस न्यायाधीश ने एक्सर्चकर चैम्बर न्यायालय में "रायलैण्ड बनाम फ्लैचर का नियम" प्रतिपादित किया था, उसका नाम है-

a. लार्ड कैयरन्स

b. लॉर्ड पोर्टर

c. लॉर्ड रसेल

d. न्यायमूर्ति ब्लैकबर्न

 

116. निम्नलिखित में से किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने यह अभिनिर्धारित किया कि जहाँ कोई उद्योग किसी संकटपूर्ण या अत्यन्त खतरनाक कार्य में लिप्त हो और दुर्घटना के कारण किसी को कोई नुकसान कारित हो तो उद्योग उन सभी के नुकसानी की भरपाई करेगा जो इस दुर्घटना से प्रभावित हुए हों?

a. यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन बनाम भारत संघ

b. चरण लाल साहू बनाम भारत संघ

c. एम० सी० मेहता बनाम भारत संघ

d. पोण्डयाल बनाम भारत संघ

 

117. निम्नलिखित में से कौन-सा अपकृत्य कठोर दायित्व का अपकृत्य है?

a. एक अपकृत्य जिसमें दायित्व प्रतिवादी के दोष पर आधारित है

b. एक अपकृत्य जिसमें न्यायालय द्वारा कोई प्रतिवाद अनुज्ञात नहीं है

c. एक अपकृत्य जिसमें प्रतिवादी के आशय या उपेक्षा को सिद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं है

d. एक अपकृत्य जिसमें प्रतिवादी के दोष से सम्पूर्ण समाज प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है

 

118. रायलैण्ड बनाम फ्लैचर वाद में प्रतिपादित कठोर दायित्व के सिद्धान्त को उच्चतम न्यायालय ने किस वाद में स्वीकारा है?

a. कस्तुरी लाल रलिया राम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

b. विरदीचन्द शर्मा बनाम प्रथम दीवानी न्यायाधीश

c. एस० सी० मेहता बनाम भारत संघ

d. पुष्पा बाई पुरुषोत्तम उदैशी बनाम मेसर्स रणजीत गिनिंग एवं प्रेसिंग कम्पनी

 

119. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

किसी भूमि के अधिभोगी या स्वामी को कठोर दायित्व के आधार पर दायी ठहराने के लिए कतिपय आवश्यक शर्तें हैं-

1. अपनी भूति पर खतरनाक बस्तु रखना

2. भूमि का अस्वाभाविक उपयोग

3. सामान्य हित में वस्तु का उपयोग

4. वस्तु का उसके नियन्त्रण से बाहर हो जाना

उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही है?

a. 1, 2 तथा 3

b. 1, 2 तथा 4

c. 2, 3 तथा 4

d. 3 तथा 4

 

120. एम० सी० मेहता बनाम भारत संघ (श्री राम फूड्स एण्ड फर्टिलाइजर्स) सम्बन्धित है-

a. आत्यान्तिक दायित्व से

b. कठोर दायित्व से

c. प्रतिनिधिक दायित्व से

d. संविदात्मक दायित्व से

 

121. कठोर दायित्व के लिए आवश्यक है-

a. भूमि का खतरनाक वस्तु को लाना

b. खतरनाक वस्तु की भूमि की सीमा से बाहर निकलना

c. भूमि का अस्वाभाविक उपयोग

d. उपरोक्त सभी

 

122. स्नायुविक आघात से सम्बन्धित विधि को निम्नलिखित में से किस वाद में नया आयाम दिया गया है?

a. डूलियू बनाम व्हाइट एण्ड सन्स

b. हैमबुक बनाम स्टोक्स ब्रदर्स

c. मैकलाफिन बनाम ओ ब्रायन

d. बोरहिल बनाम यन्ग

 

123. एक परव्यक्ति C ने वाश बेसिन के पाइप को बन्द करके नल खोल दिया। वैसे वास बेसिन प्रतिवादी B के नियन्त्रण में था। जो पानी ऊपर से बहा उससे वादी के माल को नुकसान पहुँचा। इस पर वादी ने प्रतिवादी B के विरुद्ध नुकसानी के लिए वाद संस्थित किया। C को पक्षकार नहीं बनाया गया। पूर्ववर्ती वाद में निम्नलिखित में से कौन-सा एक निष्कर्ष सही है?

a. प्रतिवादी नुकसानी के लिए दायी नहीं है

b. प्रतिवादी कठोर दायित्व के नियम के आधार पर वादी को नुकसानी देने का दायी है

c. परव्यक्ति C नुकसानी देगा

d. वादी के वाद में उसके पक्ष में डिक्री होगी

 

124. कठोर दायित्व का सिद्धान्त यह अपेक्षा करता है कि-

a. प्रतिवादी वादी को भयोपरक क्षतिपूर्ति प्रदान करे

b. न्यायालय प्रतिवादी को दायित्व से मुक्ति प्रदान करने के लिये किसी भी प्रतिवादी को आधार बनाने की अनुमति नहीं देगा

c. प्रतिवादी को तभी उत्तरदायी माना जा सकता है जब उसने दुर्भावना से कार्य किया हो

d. प्रतिवादी के उत्तरदायी होने के लिये यह आवश्यक नहीं है कि उसने साशय या उपेक्षापूर्वक कार्य किया हो

 

125. व्यापक विनाश कारित करने वाली परमाणु त्रासदी के मामले में प्रतिवादी का दायित्व किस सिद्धान्त से शासित होगा?

a. कठोर दायित्व से

b. आत्यान्तिक दायित्व

c. लोक उपताप

d. राज्य कृत

 

126. 'कठोर दायित्व' का सिद्धान्त सर्वप्रथम निम्न वाद में प्रतिपादित किया गया-

a. डोनोघ बनाम स्टेवेन्सन

b. एम० सी० मेहता बनाम भारत संघ

c. पॉइटिंग बनाम हुक्स

d. रायलेण्ड्स बनाम फ्लेचर

 

127. 'पूर्ण दायित्व' का नियम निम्नलिखित बाद में प्रतिपादित किया गया-

a. रायलैण्ड बनाम फ्लैचर, (1868) एल० आर० 3 एच० एल०

b. रिकार्ड बनाम लोथियान, (1913) एस० सी० 263

c. एम० सी० मेहता (सी० एन० जी० फ्यूल वाद) बनाम भारत संघ, ए० आई० आर० 2001 सू० को० 1948

d. एम० सी० मेहता (श्री राम फूड एण्ड फर्टीलाइजर कं०) बनाम भारत संघ, (1987) आई० एस० सी० 395

 

128. व्यापक विनाशकारिक परमाणु त्रासदी के मामले में प्रतिवादी का दायित्व किस सिद्धान्त से शासित होगा?

a. कठोर दायित्व

b. लोक न्यूसेन्स

c. राज्य कृत

d. आत्यन्तिक दायित्व

 

129. निम्नलिखित में कौन-सा अपकृत्य कठोर दायित्व का है?

a. उपेक्षा

b. कपट

c. खतरनाक पशुओं के लिए दायित्व

d. अतिचार

 

130. रायलेण्ड्स बनाम फ्लेचर के नियम के अन्तर्गत दायित्व का वर्णन करते हुए किसने 'पूर्ण' के स्थान पर 'कठोर' शब्द को वरीयता दी है?

a. सामण्ड ने

b. पोलक ने

c. विनफील्ड ने

d. पामर ने

 

131. भारत की अपकृत्य विधि में आत्यन्तिक दायित्व का सिद्धान्त लागू होता है जब क्षति-

a. केवल परिसंकटमय सामग्री के क्रियाकलाप या छूट निकलने से होती है

b. परिसंकटमय या अन्तर्निहिततः खतरनाक सामग्री के क्रियाकलाप या छूट निकलने से होती है

c. विषैली सामग्री के क्रियाकलाप या छूट निकलने से होती है

d. केवल अन्तर्निहिततः खतरनाक सामग्री के क्रियाकलाप या छूट निकलने से होती है

 

132. अपकृत्य विधि में कठोर दायित्व का अर्थ है-

a. सामूहिक अपकृत्य के लिए दायित्व

b. दायित्व जो बहुत कड़ा है

c. किसी भी खतरनाक कार्यकलाप के लिए दायित्व

d. दायित्व जिसे स्थापित करने हेतु गलती दिखाना आवश्यक नहीं है

 

133. अपकृत्य में 'पूर्ण दायित्व' की अवधारणा का अर्थ यह है कि-

a. प्रतिवादी दायित्वाधीन होगा यदि उसने एक लोकसेवक के रूप में स्वेच्छाचारिता से कार्य करते हुए वादी के मानवाधिकारों का अतिलंघन किया था

b. प्रतिवादी के आशय को सिद्ध करने की आवश्यकता के बिना किसी अपकार के लिए उस पर दायित्त्व अधिरोपित किया जाता है

c. प्रतिवादी दायित्वाधीन होगा यदि उसका कार्य अपकृत्य होने के साथ ही अपराध भी है

d. प्रतिवादी दायित्वाधीन होगा यदि उसने दुर्भाव से कार्य किया है, यद्यपि उसका कार्य अन्यथा विधि के अनुरूप न्यायसंगत है

 

134. रायलैण्ड्स बनाम फ्लेचर का वाद किस न्यायालय द्वारा तथा किस वर्ष में निर्मित हुआ था?

a. हाउस ऑफ लॉर्डस द्वारा सन् 1868 में

b. क्वीन्स बेन्च डिवीजन द्वारा सन् 1866 में

c. कोर्ट ऑफ एक्सचेकर द्वारा सन् 1865 में

d. कोर्ट ऑफ एक्सचेकर चैम्बर द्वारा सन् 1868 में

 

135. कठोर दायित्व का सिद्धान्त यह अपेक्षा करता है कि-

a. प्रतिवादी के उत्तरदायी होने के लिए आवश्यक नहीं है कि उसने साशय या उपेक्षापूर्वक कार्य किया है

b. प्रतिवादी वादी को भयोपरक क्षति प्रदान करे

c. न्यायालय प्रतिवादी को दायित्व से मुक्ति के लिए किसी भी प्रतिवाद को आधार बनाने की अनुमति नहीं देगा

d. प्रतिवादी को तभी उत्तरदायी माना जा सकता है जब उसने दुर्भाव से काम किया है

 

136. राइलैण्ड्स बनाम फ्लेचर वाद में निम्नलिखित सिद्धान्तों में से कौन-सा एक, दायित्व के आधार के रूप में अधिकथित किया गया है?

a. कसूर दायित्व

b. नियमचद्ध दायित्व

c. आत्यन्तिक दायित्व

d. सशर्त दायित्व

 

137. राइलैण्ड्स बनाम फ्लेचर के नियम में उत्तरदायित्व के आधार में निम्नलिखित में किसको रखा गया है?

a. दोष दायित्व

b. सशर्त दायित्व

c. कठोर दायित्व

d. बीमा दायित्व

 

138. कठोर दायित्व का सिद्धान्त यह अपेक्षा करता है कि-

a. प्रतिवादी वादी को भयोपरक क्षतिपूर्ति प्रदान करे

b. न्यायालय प्रतिवादी को दायित्व से मुक्ति के लिए भी प्रतिवाद को आधार बनाने की अनुमति नहीं देगा

c. प्रतिवादी को तभी उत्तरदायी माना जा सकता है जब उसने दुर्भाव से कार्य किया हो

d. प्रतिवादी को उत्तरदायी होने के कारण यह आवश्यक नहीं है कि उसने साशय या उपेक्षापूर्ण कार्य किया हो

 

139. कठोर दायित्व के अपकृत्य वे अपकृत्य हैं, जिनमें-

a. प्रतिवादी के आशय या उपेक्षा को सिद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है

b. दायित्व प्रतिवादी के दोष पर आधारित होता है

c. न्यायालय किसी भी प्रतिवाद के अभिवचन की अनुमति नहीं देता है

d. प्रतिवादी के उपकार से सम्पूर्ण समाज विपरीत रूप से प्रभावित होता है

 

140. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?

a. सेवक के अपकृत्य के लिए स्वामी का दायित्व आत्यन्तिक है और यह तात्विक नहीं है कि अपकृत्य उसके नियोजक के दौरान किया गया है या नहीं

b. सेवक के कार्य के लिए स्वामी के दायित्व का नियम वरिष्ठ की आज्ञा के सिद्धान्त पर आधारित है

c. सेवक के कार्य के लिए स्वामी के दायित्व का नियम इस सिद्धान्त पर आधारित है कि जो कार्य दूसरे से कराया वह स्वयं ने ही किया

d. सेवक के कार्य के लिए स्वामी के दायित्व का नियम संदाय करने की सामर्थ्य पर आधारित है। अधिकांश मामलों में सेवक की वित्तीय सामर्थ्य ऐसी नहीं होती कि वह नुकसानी का संदाय करे

 

141. विद्यावती बनाम राजस्थान राज्य का वाद सम्बन्धित है-

a. मानहानि से

b. न्यूसेन्स से

c. दुर्भावना से

d. शासकीय कर्मचारियों के कृत्यों के लिए सरकार के दायित्व से

 

142. अपने कर्मचारी द्वारा किए गए कार्य के लिए अपकृत्य की कार्यवाही के लिए राज्य का प्रतिनिधिक दायित्व है यदि कार्य-

a. कार्यालय समय में किया जाता है

b. वादी के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों को प्रभावित करता है

c. अप्राधिकृत हैसियत से किया गया है

d. विधि द्वरा प्रदत्त शक्ति का जान-बूझकर या घोर उपेक्षापूर्ण दुरुपयोग है

 

143. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

प्रतिनिधिक दायित्व के लिए यह आवश्यक है कि-

1. स्वामी और सेवक का सम्बन्ध हो।

2. कार्य करने के तरीके पर स्वामी का कोई नियन्त्रण न हो।

3. नियोजक के अनुक्रम में कारित अपकृत्य।

4. कार्य करने के तरीके पर स्वामी का नियन्त्रण हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही है?

a. 1, 2 तथा 3

b. 1, 3 तथा 4

c. 2, 3 तथा 4

d. 1, 2 तथा 4

 

144. अपकृत्य विधि में निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र प्रतिनिधिक दायित्व का आधार है?

a. जहाँ अधिकार है वहाँ उपचार भी है

b. दूसरे के द्वारा कराया हुआ कार्य स्वयं किया हुआ समझा जायेगा

c. जानबूझकर खतरा मोल लेना

d. कोई प्रतिनिधि अपना प्रतिनिधि नियुक्त नहीं कर सकता

 

145. प्रतिनिधिक दायित्व के अन्तर्गत -

a. एक व्यक्ति अपने नौकर के सभी कृत्यों के लिए दायी होगा

b. एक व्यक्ति अपने अधीनस्थों के कृत्यों के लिए दायी है

c. एक व्यक्ति अपने नौकर के कृत्यों के लिए तभी दायी होगा जब वे उसके सेवाकाल के दौरान किये गये हों

d. एक व्यक्ति अपने अधीनस्थ के कृत्यों के लिए तभी दायी होगा जब वे उसे नियोजक के दौरान किए गए हों

 

146. निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में एक व्यक्ति एक सेवक नहीं माना जाएगा?

a. जब वह मालिक द्वारा नियोजित किया गया है.

b. जब वह मालिक के लिए सेवाओं के लिए संविदा के अधीन कार्य करता है

c. जब वह मालिक के नियन्त्रणाधीन कार्य करता है

d. जब वह मालिक के निर्देशों के अधीन कार्य करता

 

147. कौन-सा अभिकथन सही नहीं है?

a. सरकार अपने कर्मचारियों के उन अपकृत्यों के लिए उत्तरदायी नहीं है जो सम्प्रभु कार्यों में किए गए हैं

b. पिता अपने पुत्र द्वारा किए गए अपकृत्य के लिए सदैव उत्तरदायी होता है

c. नियोजक अपने सेवक के अपकृत्य के लिए उत्तरदायी होता है

d. एक अवयस्क को अपकृत्य के लिए वाद दायर करने का अधिकार है

 

148. सही उत्तर दीजिए-

प्रतिनिधिक दायित्व का अर्थ है-

a. संयुक्त दायित्व

b. आन्वयिक दायित्व

c. अन्य व्यक्ति के दोषपूर्ण कार्य के लिए दायित्व जिसमें स्वयं भाग न लिया गया हो

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

149. 'X' ने अन्य यात्रियों के साथ 'Y' के स्वामित्व की बस किराए पर ली जिसको 'Y' का ड्राइवर 'Z' चलाता था। बीच रास्ते में बंस पंचर हो गई। इसलिए 'Y' ने 'X' और अन्य यात्रियों को 'L' के स्वामित्व वाली बस में अन्तरित कर दिया जो 'L' का सेवक 'R' चलाता था। दूसरी बस की दुर्घटना हो गई जिससे 'X' की मृत्यु हो गई और कुछ अन्य यात्रियों को क्षति पहुँची। 'X' की विधवा 'W' ने अपने पति की मृत्यु के लिए वाद प्रस्तुत किया। इस मामले में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

a. 'X' दायी है

b. 'Z' दायी है

c. 'L' दायी है

d. 'R' दायी है