धारा 121 से 123 अध्याय 8 भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

अध्याय 8

विबन्ध

121. विबंध-

जब एक व्यक्ति ने अपनी घोषणा, कार्य या लोप द्वारा अन्य व्यक्ति को विश्वास साशय कराया है या कर लेने दिया है कि कोई बात सत्य है और ऐसे विश्वास पर कार्य कराया या करने दिया है, तब न तो उसे और न उसके प्रतिनिधि को अपने और ऐसे व्यक्ति के या उसके प्रतिनिधि के बीच किसी वाद या कार्यवाही में उस वाद की सत्यता को इंकार करने दिया जाएगा।

दृष्टांत

क साशय और मिथ्या रूप से ख को यह विश्वास करने के लिए प्रेरित करता है कि अमुक भूमि क की है, और उसके द्वारा ख को उसे क्रय करने और उसका मूल्य चुकाने के लिए उत्प्रेरित करता है। तत्पश्चात् भूमि क की सम्पत्ति हो जाती है, और क इस आधार पर कि विक्रय के समय उसका उसमें हक नहीं था विक्रय अपास्त करने की वांछा करता है। उसे अपने हक का अभाव साबित नहीं करने दिया जाएगा।

122. किराएदार का और कब्जाघारी व्यक्ति के अनुज्ञप्तिधारी का विबन्ध-

अचल सम्पत्ति के किसी भी किराएदार को या ऐसे किराएदार से व्युत्पन्न अधिकार से दावा करने वाले व्यक्ति को, ऐसी किराएदारी के चालू रहते हुए या उसके पश्चात् किसी भी समय इसका इंकार न करने दिया जाएगा कि ऐसे किराएदार के भूस्वामी का ऐसी अचल सम्पत्ति पर, उस किराएदारी के आरम्भ पर हक था तथा किसी भी व्यक्ति को, जो किसी अचल सम्पत्ति पर उस पर कब्जाधारी व्यक्ति की अनुज्ञप्ति द्वारा आया है, इसका इंकार नहीं करने दिया जाएगा कि ऐसे व्यक्ति को उस समय, जब ऐसी अनुज्ञप्ति दी गई थी, ऐसे कब्जे का हक था।

123. विनिमय-पत्र के प्रतिगृहीता, उपनिहिती या अनुज्ञप्तिधारी का विवन्ध-

किसी विनिमय-पत्र के प्रतिगृहीता को इसका इंकार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी कि लेखीवाल को ऐसा विनिमयपत्र लिखने या उसे पृष्ठांकित करने का प्राधिकार था, और न किसी उपनिहिती या अनुज्ञप्तिधारी को इसका इंकार करने दिया जाएगा कि उपनिधाता या अनुज्ञापक को उस समय, जब ऐसा उपनिधान या अनुज्ञप्ति आरम्भ हुई, ऐसे उपनिधान करने या अनुज्ञप्ति अनुदान करने का प्राधिकार था।

स्पष्टीकरण 1-

किसी विनिमयपत्र का प्रतिगृहीता इसका इंकार कर सकेगा कि विनिमयपत्र वास्तव में उस व्यक्ति द्वारा लिखा गया था जिसके द्वारा लिखा गया वह तात्पर्यित है।

स्पष्टीकरण 2-

यदि कोई उपनिहिती उपनिहित माल उपनिधाता से अन्य किसी व्यक्ति को परिदत्त करता है, तो वह साबित कर सकेगा कि ऐसे व्यक्ति का उस पर उपनिधाता के विरुद्ध अधिकार था।

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