संविधान- निर्वाचन भाग 15

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

भाग 15

निर्वाचन

 

324. निर्वाचनों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना –

1. इस संविधान के अधीन संसद् और प्रत्येक राज्य के विधान-मंडल के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराने का और उन सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण, 1[***] एक आयोग में निहित होगा (जिसे इस संविधान में निर्वाचन आयोग कहा गया है) । (1. संविधान (उन्नीसवां संशोधन) अधिनियम, 1966 की धारा 2 द्वारा (11-12-1965 से) जिसके अंतर्गत संसद् के और राज्य के विधान-मंडलों के निर्वाचनों से उद्भूत या संसक्त संदेहों और विवाद के निर्णय के लिए निर्वाचन न्यायाधिकरण की नियुक्ति भी है शब्दों का लोप किया गया ।)

2.  निर्वाचन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने अन्य निर्वाचन आयुक्तों से, यदि कोई हों, जितने राष्ट्रपति समय-समय पर नियत करे, मिलकर बनेगा तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, संसद् द्वारा इस निमित्त बनाई गई विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी ।

3. जब कोई अन्य निर्वाचन आयुक्त इस प्रकार नियुक्त किया जाता है तब निर्वाचन आयुक् निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेगा ।

4.  लोक सभा के और प्रत्येक राज्य की विधान सभा के प्रत्येक साधारण निर्वाचन से पहले तथा विधान परिषद् वाले प्रत्येक राज्य की विधान परिषद् के लिए प्रथम साधारण निर्वाचन से पहले और उसके पश्चात् प्रत्येक द्विवार्षिक निर्वाचन से पहले, राष्ट्रपति निर्वाचन आयोग से परामर्श करने के पश्चात्, खंड ( 1 ) द्वारा निर्वाचन आयोग को सौंपे गए कृत्यों के पालन में आयोग की सहायता के लिए उतने प्रादेशिक आयुक्तों की भी नियुक्ति कर सकेगा जितने वह आवश्यक समझे ।

5.  संसद् द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते निर्वाचन हुए, आयुक्तों और प्रादेशिक आयुक्तों की सेवा की शर्तें और पदावधि ऐसी होंगी जो राष्ट्रपति नियम द्वारा अवधारित करे

परन्तु मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर ही हटाया जाएगा, जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है अन्यथा नहीं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सेवा की शर्तों में उसकी नियुक्ति के पश्चात् उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा:

परन्तु यह और कि किसी अन्य निर्वाचन आयुक्त या प्रादेशिक आयुक्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश पर ही पद से हटाया जाएगा, अन्यथा नहीं ।

6. जब निर्वाचन आयोग ऐसा अनुरोध करे तब राष्ट्रपति या किसी राज्य का राज्यपाल 1[***] निर्वाचन आयोग या प्रादेशिक आयुक्त को उतने कर्मचारिवृन्द उपलब्ध कराएगा जितने खंड (1) द्वारा निर्वाचन आयोग को सौंपे गए कृत्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक हो । (1. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (1-11-1956 से) "या राजप्रमुख" शब्दों का लोप किया गया ।)

325. धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति का निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिए अपात्र न होना और उसके द्वारा किसी विशेष निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने का दावा न किया जाना -

संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए निर्वाचन के लिए प्रत्येक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक साधारण निर्वाचक नामावली होगी और केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या इनमें से किसी के आधार पर कोई व्यक्ति ऐसी किसी नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिए अपात्र नहीं होगा या ऐसे किसी निर्वाचन क्षेत्र के लिए किसी विशेष निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने का दावा नहीं करेगा ।

326. लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना –

लोक सभा और प्रत्येक राज्य की विधान सभा के लिए निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर होंगे अर्थात् प्रत्येक व्यक्ति, जो भारत का नागरिक है और ऐसी तारीख को, जो समुचित विधान मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस निमित नियत की जाए, कम से कम 1[ अठारह वर्ष की आयु का है और इस संविधान या समुचित विधान मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन अनिवास, चितविकृति, अपराध या भ्रष्ट या अवैध आचरण के आधार पर अन्यथा निरर्हित नहीं कर दिया जाता है, ऐसे किसी निर्वाचन में मतदाता के रूप में रजिस्ट्रीकृत होने का हकदार होगा । (1. संविधान (इकसठवां संशोधन) अधिनियम, 1988 की धारा 2 द्वारा (28-3-1989 से इक्कीस वर्ष के स्थान पर प्रतिस्थापित ।)

327. विधान-मंडलों के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति-

इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद् समय-समय पर विधि द्वारा, संसद के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए निर्वाचनों से संबंधित या संसक्त सभी विषयों के संबंध में, जिनके अंतर्गत निर्वाचक नामावली तैयार कराना, निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और ऐसे सदन या सदनों का सम्यक् गठन सुनिश्चित करने के लिए अन्य सभी आवश्यक विषय हैं, उपबंध कर सकेगी ।

328. किसी राज्य के विधान-मंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस विधान-मंडल की शक्ति –

इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए और जहां तक संसद् इस निमित्त उपबंध नहीं करती है वहां तक किसी राज्य का विधान-मंडल समय-समय पर, विधि द्वारा उस राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए निर्वाचनों से संबंधित या संसक्त सभी विषयों के संबंध में, जिनके अंतर्गत निर्वाचक नामावली तैयार कराना और ऐसे सदन या सदनों का सम्यक् गठन सुनिश्चित करने के लिए अन्य सभी आवश्यक विषय हैं, उपबंध कर सकेगा ।

329. निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन-

2[ इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी 3[***] (2. संविधान (उनतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 की धारा 3 द्वारा (10-8-1975 से) कुछ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।) (3. संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 35 द्वारा (20-6-1979 से) परन्तु अनुच्छेद 329क के उपबंधों के अधीन रहते हुए शब्दों, अंकों और अक्षर का लोप किया गया ।)

क. अनुच्छेद 327 या अनुच्छेद 328 के अधीन बनाई गई या बनाई जाने के लिए तात्पर्यित किसी ऐसी विधि की विधिमान्यता, जो निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन या ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों को स्थानों के आबंटन से संबंधित है, किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं की जाएगी;

ख. संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए कोई निर्वाचन ऐसी निर्वाचन अर्जी पर ही प्रश्नगत किया जाएगा, जो ऐसे प्राधिकारी को और ऐसी रीति से प्रस्तुत की गई है जिसका समुचित विधान-मंडल द्वारा बनाई गई विधि द्वारा या उसके अधीन उपबंध किया जाए, अन्यथा नहीं ।

1329 क. प्रधान मंत्री और अध्यक्ष के मामले में संसद् के लिए निर्वाचनों के बारे में विशेष उपबंध-

संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 की धारा 36 द्वारा (206-1979 से) निरसित । (1. संविधान (उनतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 की धारा 4 द्वारा (10-8-1975 से) अंतःस्थापित ।)

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