धारा 159 से 168 अध्याय 8 भारतीय न्याय संहिता , 2023

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Bihar Judiciary (PCS-J) Preparation Bihar Assistant Prosecution Officer (APO) Preparation

अध्याय 8

सेना, नौसेना और वायुसेना से सम्बन्धित अपराधों के विषय में 

159. विद्रोह का दुष्प्रेरण या किसी सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को कर्त्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करना -

जो कोई, भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, या किसी ऐसे अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को उसकी निष्ठा या उसके कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करता है, वह आजीवन कारावास से या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

160. विद्रोह का दुष्प्रेरण, यदि उसके परिणामस्वरूप विद्रोह किया जाए-

जो कोई, भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा विद्रोह किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, यदि उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप विद्रोह हो जाए, तो वह मृत्यु से या आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

161. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी पर, जब वह अधिकारी अपने पद-निष्पादन में हो, हमले का दुष्प्रेरण-

जो कोई, भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा किसी वरिष्ठ अधिकारी पर, जब वह अधिकारी अपने पद-निष्पादन में हो, हमले का दुष्प्रेरण करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसको अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी दायी होगा।

162. ऐसे हमले का दुष्प्रेरण, यदि हमला किया जाए-

जो कोई, भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा किसी वरिष्ठ अधिकारी पर, जब वह अधिकारी अपने पद-निष्पादन में हो, हमले का दुष्प्रेरण करता है, यदि ऐसा हमला उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

163. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अभित्यजन का दुष्प्रेरण -

जो कोई, भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अभित्यजन किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

164. अभित्याजक को संश्रय देना-

जो कोई, इसमें इसके पश्चात् यथा अपवादित के सिवाय, यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए कि भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक ने अभित्यजन किया है, ऐसे अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को संश्रय देता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

अपवाद

इस उपबन्ध का विस्तार उस मामले पर नहीं है, जिसमें अभित्याजक के पति या पत्नी द्वारा संश्रय दिया जाता है।

165. मास्टर की उपेक्षा से किसी वाणिज्यिक जलयान पर छिपा हुआ अभित्याजक -

किसी ऐसे वाणिज्यिक जलयान का, जिस पर भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना का कोई अभित्याजक छिपा हुआ है, मास्टर या भारसाधक व्यक्ति, यद्यपि वह ऐसे छिपने के सम्बन्ध में अनभिज्ञ हो, ऐसी शास्ति से दण्डित किया जाएगा, जो तीन हजार रुपए से अधिक नहीं होगी, यदि उसे ऐसे छिपने का ज्ञान हो सकता था किन्तु केवल इस कारण नहीं हुआ कि ऐसे मास्टर या भारसाधक व्यक्ति के नाते उसके कर्त्तव्य में कुछ उपेक्षा हुई, या उस जलयान पर अनुशासन का कुछ अभाव था।

166. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अनधीनता के कार्य का दुष्प्रेरण-

जो कोई, ऐसी बात का दुष्प्रेरण करता है जिसे वह भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अनधीनता का कार्य जानता हो, यदि अनधीनता का ऐसा कार्य उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

167. कतिपय अधिनियमों के अध्यधीन व्यक्ति -

वायुसेना अधिनियम, 1950 (1950 का 45), सेना अधिनियम, 1950 (1950 का 46) या नौसेना अधिनियम, 1957 (1957 का 62) के अध्यधीन कोई व्यक्ति, इस अध्याय में परिभाषित अपराधों में से किसी के लिए, इस संहिता के अधीन दण्डनीय नहीं होगा।

168. सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक पहनना या टोकन धारण करना -

जो कोई, भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायुसेना का सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक न होते हुए, इस आशय से कि यह विश्वास किया जाए कि वह ऐसा सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक है, ऐसी कोई पोशाक पहनता है या ऐसा टोकन धारण करता है जो ऐसे सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली पोशाक या टोकन के सदृश है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

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